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चेकिंग के दौरान UP पुलिस से भागा शूटर दानिश, रोकने पर फायरिंग की: मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, छानबीन में अवैध हथियार बरामद

नोएडा फिल्म सिटी में शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) को पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में पुलिस ने छेनू गैंग के एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। बदमाश की पहचान दानिश उर्फ सयार उर्फ चीता के रूप में हुई है। दानिश पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके पास से चोरी की बाइक, अवैध हथियार और लूट के मोबाइल बरामद किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस स्थानीय ब्रह्मपुत्र मार्केट के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान, पुलिस ने एक संदिग्ध को रुकने के लिए कहा लेकिन वह भागने लगा और इसके बाद उसने पुलिस पर फायरिंग भी कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की जिसमें दानिश घायल हो गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

इस मामले में, नोएडा एडीसीपी आशुतोष द्विवेदी ने कहा, “शुक्रवार सुबह ब्रह्मपुत्र मार्केट के पास पुलिस जाँच अभियान चला रही रही थी। इस दौरान, एक संदिग्ध को देखकर पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन वह भागने लगा। जिसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया।”

उन्होंने आगे बताया, “पुलिस ने उसका पीछा करते हुए उसे नोएडा के सेक्टर 16A फिल्म सिटी में बने बिजली घर के पास एक खाली बिल्डिंग के पास रोका। जहाँ, उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की जिसमें वह घायल हो गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से अवैध हथियार, लूटे गए 4 मोबाइल फोन व चोरी की बाइक बरामद किए हैं।”

एडीसीपी द्विवेदी ने यह भी कहा है पुलिस ने दानिश के सहयोगी का पता लगाने के लिए तलाश अभियान शुरू किया है। उसका सहयोगी शुक्रवार सुबह उसके साथ ही था, लेकिन फिर फरार हो गया है। उसे भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

एडीसीपी आशुतोष द्विवेदी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपित दानिश, छेनू गैंग का शार्प शूटर रहा है। दिल्ली-एनसीआर में उस पर 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इस अभियुक्त के पुराने सभी मामलों की भी जानकारी कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि दिल्ली एनसीआर में दर्ज मामलों के अलावा यह किन-किन मामलों में वांछित था।

छत्तीसगढ़ का कॉन्ग्रेस नेता शाहनवाज 16 साल की नाबालिग लड़की को लेकर गया होटल, 6 लोगों ने मिलकर किया गैंगरेप: 4 गिरफ्तार, 2 फरार

छत्तीसगढ़ के महेंद्रगढ़ (Mahendragarh, Chhattisgarh) जिले में 16 साल की एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) के मामले में पुलिस ने यूथ कॉन्ग्रेस (Youth Congress) के जिला अध्यक्ष मोहम्मद शाहनवाज सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

घटना महेंद्रगढ़ के चिरमिरी कस्बे की है। इस कस्बे की नाबालिग लड़की को चार महीना पहले कॉन्ग्रेस नेता शाहनवाज सहित 6 लोग लोग बिलासपुर के एक होटल में लेकर गए। वहाँ सबने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उस दौरान नाबालिग ने डर से मामला दर्ज नहीं कराया था।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर चिरमिरी पुलिस ने भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की धारा 363, 366A, 376D और पॉक्सो ऐक्ट (POCSO Act) की धारा 46 के तहत केस दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत FIR दर्ज कर पुलिस ने शाहनवाज और तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दो अपराधी अभी भी फरार है। उनकी तलाश की जा रही है।

बता दें कि इसी साल 25 मार्च को राजनांदगांव के चिखली थाने के अंतर्गत एक शादीशुदा महिला ने शहर कॉन्ग्रेस कमिटी के सचिव विकास गजभिये के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। महिला विकास की पड़ोसी है। शिकायत में महिला ने कॉन्ग्रेस नेता पर उसके पति की हत्या की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। इसके बाद बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया था।

CM केजरीवाल और AAP मंत्री कर रहे दंगा भड़काने की कोशिश: 10 हजार हिन्दुओं के धर्मांतरण की Video देख भड़की BJP, दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज

भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने शुक्रवार (7 अगस्त 2022) को आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल और राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ दंगा भड़काने की कोशिश करने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है।

आदेश गुप्ता ने यह शिकायत धर्मांतरण कार्यक्रम के दौरान ली गई शपथ में उपयोग किए गए शब्दों के आधार पर की है। उक्त धर्मांतरण कार्यक्रम में, 10 हजार हिन्दुओं को बौद्ध धर्म में धर्मांतरित किया गया है।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में केजरीवाल और गौतम पर हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर आम जनता को भड़काने तथा बाद में अंबेडकर भवन में बयान देकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करके दंगा, हिंसा और सार्वजनिक उपद्रव भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

आदेश गुप्ता ने शिकायत में कहा है, “अरविंद केजरीवाल ने राजेन्द्र पाल गौतम और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश रचते हए धर्मांतरण के वीडियो को सोशल मीडिया में फैलाकर तनावपूर्ण स्थिति पैदा की है। यह देखा है सकता है कि वीडियो और इससे जुड़े पोस्ट आपराधिक प्रकृति के हैं। जिनका उद्देश्य धर्म के आधार पर देश को विभाजित करना है। जिसके बाद, विभाग धर्मों के बीच हिंसा, दंगे और दुश्मनी का माहौल बन गया है।”

इस शिकायत में यह भी कहा गया है, “यदि इस मामले की जाँच विशेष जाँच दल द्वारा की जाती है और इसके पीछे साजिश और मकसद का पता लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाते हैं तो मैं आपका आभारी रहूँगा।”

दरअसल, दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को दिल्ली में आयोजित एक धर्मांतरण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में 10 हजार हिंदुओं को बौद्ध धर्म मे धर्मांतरित किया गया है। इस कार्यक्रम का वीडियो दिल्ली बीजेपी ने शेयर किया था।

इस वीडियो में आप (AAP) मंत्री समेत कई अन्य लोगों को शपथ लेते हुए दिखाया गया है। “मैं हिंदू धर्म के देवी देवताओं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, श्रीराम और श्रीकृष्ण को भगवान नहीं मानूँगा, न ही उनकी पूजा करूँगा। मुझे राम और कृष्ण में कोई विश्वास नहीं होगा, जिन्हें भगवान का अवतार माना जाता है।” यह शपथ बीआर अंबेडकर की विवादास्पद 22 प्रतिज्ञाओं से काफी मिलती-जुलती थी।

इस दौरान यह भी कहते हुए सुना गया, “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

भगवा वस्त्र पहने हुए एक व्यक्ति ने इस शपथ में आगे कहा है, “मैं ब्राह्मणों द्वारा किसी भी समारोह को करने की अनुमति नहीं दूँगा। मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ, जो मानवता के लिए हानिकारक और उनके विकास में बाधक है, क्योंकि यह असमानता पर आधारित है। मैं बौद्ध धर्म को अपना धर्म स्वीकार करता हूँ।”

इससे पहले, भाजपा दिल्ली अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने ट्वीट कर कहा था, “हिंदू विरोधी दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री ने हजारों लोगों के मध्य हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है, यह क्षमा योग्य नहीं है। क्या किसी भी धर्म के प्रति ऐसे जहर उगलने की इजाजत आप के मंत्रियों को है? अरविंद केजरीवाल अगर जरा भी शर्म बची है तो ऐसे मंत्री को बर्खास्त करो।”

दुर्गा मूर्ति विसर्जित कर लौट रहा था अंकुर, बीच रास्ते में नईम ने भाइयों संग मिलकर पीटा: जातिसूचक गालियाँ देकर पैसे छीने, शिकायत पर हत्या की धमकी

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद (Firozabad, Uttar Pradesh) में नवरात्रि के बाद माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करके लौट रहे एक दलित व्यक्ति के साथ मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने मारपीट की। इतना ही नहीं, इन लोगों ने जातिसूचक गाली भी दी और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।

फिरोजाबाद जनपद के थाना टूंडला क्षेत्र के लाइनपार के नगला झम्मन निवासी अंकुर कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि वह 6 अक्टूबर 2022 (बुधवार) को माँ दुर्गा का विसर्जन करके अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान नगला मस्जिद का रहने वाला नईम पुत्र लईक ने दो भाइयों और पाँच-छह अन्य लोगों के साथ उसे रोक लिया।

इसके बाद उसे जातिसूचक शब्द कहे। जब अंकुर ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उसके मारपीट की और उसकी जेब में रखे पैसों को दिन-दहाड़े छिन लिया। इतना ही नहीं, आरोपितों ने पीड़ित को धमकाया कि अगर उसने पुलिस में शिकायत को वह उसे जान से मार देगा।

आरोपितों ने अंकुर को धमकाते हुए कहा कि जो भी अंकुर के पक्ष में बोलने आएगा, वो भी नहीं बचेगा। अपनी जान की खतरा को देखते हुए अंकुर ने टुंडला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यूपी पुलिस ने कहा कि इस संबंध में वैधानिक कार्रवाई जारी है।

दुर्गा विसर्जन के वक्त दो पक्षों में पथराव, लाठी-डंडे भी चले: छत्तीसगढ़ पुलिस पर मौके से गायब होने के आरोप, सफाई में कहा- हमने पूरी रात ड्यूटी की

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) से दुर्गा विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच पथराव की खबर सामने आई है। पत्थरबाजी में दोनों पक्ष के कई लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान दोनों तरफ से विसर्जन में लगे वाहनों और डीजे पर जमकर तोड़फोड़ की गई। डीजे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे ये लोग लाठी, डंडे व रॉड लेकर तोड़फोड़ और पथराव कर रहे हैं। युवकों की भीड़ डीजे और गाड़ियों में भी तोड़फोड़ करती हुई दिख रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कहा रहा है कि यह पथराव काफी देर चला। उस वक्त पुलिस यहाँ से गायब रही।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर वर्ष दशहरे (Dussehra) के दूसरे दिन बिलासपुर में झाँकी निकालकर माँ दुर्गा का विसर्जन किया जाता है। गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) रात को भी शहर के गोल बाजार से लेकर पचरी घाट तक विसर्जन की तैयारियाँ की गई थी। साथ ही देवकीनंदन चौक से लेकर जूना बिलासपुर तक जगह-जगह झाँकियाँ सजाई हुई थी। झाँकी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुँचे थे। लेकिन दुर्गा विसर्जन के दौरान शनिचरी बाजार और कुदुदंड दुर्गोत्सव समिति के लोगों के बीच शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) सुबह करीब 4 बजे मामूली विवाद मारपीट बदल गया।

इसके बाद करीब 6 बजे फिर से दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया। दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी की गई। यही नहीं दोनों पक्षों ने लाठी और रॉड से भी एक-दूसरे पर हमला किया। दोनों गुटों के लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि जिस समय दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ उस वक्त पुलिस वहाँ से गायब थी। जबकि पुलिस अफसर यहाँ पूरी रात ड्यूटी करने का दावा कर रहे हैं। एडिशनल SP सिटी राजेंद्र जायसवाल ने कहा कि जब यह घटना हुई, उससे कुछ देर पहले ही वह वहाँ से निकले थे। तब सब कुछ ठीक था। जब वे थाने में आकर बैठे थे, तभी उन्हें इस घटना की सूचना मिली।

डकैती, ड्रग्स और फिर कत्ल: 11 साल की सजा काट निकला था जीसस मैनुअल, पैसों के लिए सिख परिवार को मारा, पकड़े जाने पर सुसाइड का प्रयास

अमेरिका के कैलिफोर्निया में सिख परिवार के चार सदस्यों को किडनैप करने और उनकी हत्या करने वाले को गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।

मर्सिड काउंटी शेरिफ कार्यालय (Merced County Sheriff’s Office) के प्रवक्ता एलेक्जेंड्रा ब्रिटन (Alexandra Britton) ने बताया कि जीसस मैनुअल सालगाडो को बच्ची समेत चार लोगों का अपहरण करने और उनकी हत्या करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इसकी फोटो भी जारी की है।

48 वर्षीय सालगाडो पर 8 महीने की आरोही, उसके माता-पिता जसलीन कौर, जसदीप सिंह और चाचा अमनदीप सिंह के अपहरण और हत्या का आरोप है। शेरिफ कार्यालय ने अपने बयान में कहा कि उसे मर्सिड काउंटी जेल में रखा गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वारदात को जीसस मैनुअल नामक ऐसे शख्स ने अंजाम दिया जो हथियार के दम पर लूटपाट करने के मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे 11 साल की सजा हुई थी। मर्सिड काउंटी के शेरिफ ने कहा कि अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि आरोपित ने परिवार को किडनैप क्यों किया था।

बताया जा रहा है कि सालगाडो पेशेवर अपराधी है। उसे कई मामलों में दोषी ठहराया गया है। पिछले मामले में उसे जनवरी 2007 में डकैती मामले में 11 साल की सजा सुनाई गई थी। जून 2015 में वह पैरोल पर बाहर आया था। इसके बाद जून 2018 में उसे जेल से रिहा कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपित के ऊपर ड्रग्स आदि रखने का भी आरोप है

काउंटी के शेरिफ ने कहा कि उसका पिछला रिकॉर्ड इस बात की ओर इशारा करता है कि ये जघन्य अपराध पैसों के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) की सुबह मर्सिड काउंटी शेरिफ ऑफिस को सूचना मिली थी कि अगवा किए गए परिवार के एटीएम कार्डों में से एक का इस्तेमाल एटवाटर में एक एटीएम में किया गया है।

जाँच कर रहे अधिकारियों ने एटीएम कार्ड इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज से निकाली। वह तस्वीर अपहृतों के ऑफिस से प्राप्त अपहरणकर्ता की तस्वीर के जैसे थी। इसके बाद अन्य स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर शेरिफ कार्यालय की टीम 48 वर्षीय आरोपित को 4 अक्टूबर को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने गई। लेकिन वहाँ आरोपित ने सुसाइड का प्रयास किया। इस घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक है।

गौरतलब है कि बंदूक की नोक पर अगवा की गई एक बच्ची और परिवार के तीन अन्य सदस्य एक बगीचे में मृत पाए गए थे। सिख परिवार पंजाब के होशियारपुर के टांडा के हरसी गाँव का रहने वाला था। उनका अमेरिका में ट्रांसपोर्ट बिजनेस था। परिवार का अपहरण 3 अक्टूबर 2022 को किया गया था और इनकी गाड़ी बीच सड़क पर जली हुई मिली थी।

इस घटना का वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में एक बंदूकधारी शख्स को चारों लोगों को किडनैप करते हुए देखा गया था। वीडियो में दिख रहा था कि पहले जसदीप और अमनदीप को घर से हाथ बाँधकर बाहर निकाला गया। इसके बाद बंदूकधारी जसलीन और आठ माह की बच्ची को बाहर लाता दिखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मैनुअल ने सिख परिवार के तीन लोगों को गोली से मारा जबकि बच्ची को उसने भूख से तड़पाकर मारा।

दुमका में फिर सोती हुई 19 साल की लड़की को पेट्रोल डालकर जलाया, इलाज के दौरान मौत: मृतका से दोबारा शादी करना चाहता था शादीशुदा आरोपित

झारखंड में एक बार फिर हैवानियत का खेल खेला गया है। दुमका में एक शादीशुदा युवक ने दूसरी शादी करने से इनकार करने पर एक युवती पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर हालत में लड़की को राँची के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। आरोपित राजेश राउत को गिरफ्तार कर लिया गया है।

घटना दुमका जिले के जरमुंडी इलाके की भालकी गाँव की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) की रात 19 साल की मारुति कुमारी नाम की युवती अपनी नानी के साथ सो रही थी। उसी दौरान आरोपित राजेश घर में घुस आया और लड़की पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद परिजन लड़की को लेकर तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे, जहाँ से उसे राजधानी राँची भेज दिया गया।

लगभग 70 प्रतिशत झुलसी लड़की ने मौत से पहले अधिकारियों को बताया कि राजेश उससे जबरदस्ती शादी करना चाहता था। उसने मना किया तो गुरुवार की रात दरवाजे की कुंडी वह तोड़कर अंदर घुस आया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ के रहने वाले राजेश की इसी साल शादी हुई थी। इसके बाद भी वह पीड़िता पर शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन युवती के परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे।

लड़की अपने मामा के घर रहकर स्नातक की तैयारी कर रही थी। साल 2021 (कुछ मीडिया में साल 2019) में उसकी मुलाकात आरोपी राजेश से हुई थी और दोनों एक दूसरे से अच्छी तरह परिचित थे। इस बीच युवक की शादी हो गई। इसके बाद युवती के परिजन भी उसकी शादी के लिए लड़का तलाशने लगी।

हालाँकि, राजेश शादी होने के बावजूद युवती पर दोबारा शादी के लिए दबाव बना रहा था। हालाँकि, युवती के परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। परिजनों के अनुसार, राजेश अक्सर मारुति से कहता था, “मैं तुमसे भी शादी करूँगा और तुम शादी नहीं करोगी तो दुमका कांड की तरह तुम्हें भी पेट्रोल डालकर जला दूँगा।”

कुछ दिन बाद उसने अपनी धमकी को सही कर दिया। आरोपित ने सोती हुई लड़की पर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया और मौके से फरार हो गया। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता को के परिवार को एक लाख रुपए की सहायता राशि दी है। 

बता दें कि इससे पहले इसी साल अगस्त में दुमका में शाहरुख नाम के लड़के ने एकतरफा प्यार में अंकिता नाम की एक लड़की को जिंदा जला दिया था। उसने सोती हुई अंकिता के कमरे में खिड़की से पेट्रोल फेंका था। कुछ दिन बाद इलाज दौरान 12वीं में पढ़ने वाली 19 साल की उस युवती की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद खूब बवाल हुआ था।

राम मंदिर 2024 तक हो जाएगा पूरा तैयार, 50% काम कंप्लीट: राजस्थान के पावनधाम में CM योगी का ऐलान, याद दिलाते हुए बोले- लोग कहते थे परिणाम नहीं आएगा…

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में बन रहे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया है। राजस्थान में आयोजित हुए एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा है कि राम मंदिर निर्माण का कार्य 50 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा है कि मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, रामलला की मूर्ति को 2024 में मकर संक्रांति के दिन मंदिर के गर्भगृह में रखे जाने की संभावना है। साथ ही, मंदिर साल 2024 के अंत तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) को राजस्थान के जयपुर में पावनधाम श्रीपंचखण्ड पीठ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे थे। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन 1949 में शुरू हुआ था। साल 1983 में राम जन्मभूमि समिति के गठन के बाद आंदोलन आगे बढ़ा। पूरे देश में इस आंदोलन को विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में संतों ने धार दी थी।

उन्होंने यह भी कहा, “बहुत सारे लोग कहते थे कि परिणाम कुछ नहीं आने वाला है। लेकिन हम तो भगवान श्रीकृष्ण के ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ के उद्देश्य में विश्वास करते हैं और पूज्य संतों ने अपने आंदोलन के माध्यम से इसे साबित किया है और परिणाम तो आना ही आना था। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का काम शुरू हो चुका है। पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम आगे बढ़ाया। अब तक निर्माण का काम 50 फीसदी से आगे बढ़ चुका है।”

राम मंदिर निर्माण के लिए गठित संस्था श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, विशेषज्ञों द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के आधार पर एक अनुमान लगाया है। जिसके अनुसार, राम मंदिर निर्माण में करीब 1800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चूँकि, इस मंदिर में 2024 की मकर संक्रांति तक रामलला की मूर्ति की स्थापना किए जाने की संभावना है। ऐसे में, इस मंदिर का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। ताकि समय रहते निर्धारित लक्ष्य तक का काम पूरा किया जा सके।

गौरतलब है, राम मंदिर का पूरा परिसर 70 एकड़ में फैला हुआ है। जिसमें से मंदिर परिसर की 50 एकड़ भूमि पर फैली हरियाली के बीच रामायण कालीन कई ऐसे वृक्ष भी दिखाई देंगे, जिनका उल्लेख वाल्मीकि रामायण में भी मिलता है। इन वृक्षों के रोपड़ के लिए शोध कार्य भी चल रहा है। दरअसल, शोध यह जानने के लिए किया जा रहा है कि उस समय के कितने पेड़-पौधों को श्री राम जन्मभूमि परिसर में लगाया जा सकता है।

ज्ञानवापी के ‘शिवलिंग’ की जाँच पर 11 अक्टूबर को फैसला: मुस्लिम पक्ष ने ‘कार्बन डेटिंग’ का विरोध किया, अगली सुनवाई में देना होगा जवाब

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) स्थित ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी (Gyanvapi Shringar Gauri) मामले में अगली सुनवाई अदालत 11 अक्तूबर को करेगी। ढाँचे के वजूखाने में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराने का फैसला भी उसी दिन हो सकता है। 

बता दें कि ज्ञानवापी ढाँचे के वजूखाने में मिले शिवलिंग की प्राचीनता का पता लगाने के लिए मामले में वादी चार महिलाओं ने कार्बन डेटिंग द्वारा जाँच कराने की माँग की है। वहीं, शिवलिंग को फव्वारा बताने वाला प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष ने इसकी कार्बन डेटिंग कराने का विरोध किया है।

न्यायालय ने वादी पक्ष से पूछा कि कार्बन डेटिंग से उस स्थान का क्षरण तो नहीं होगा। इस वादी पक्ष ने वैज्ञानिक पद्धति से जाँच की माँग की। मुस्लिम पक्ष ने इस पर आपत्ति की है। इस पर अदालत ने स्पष्टीकरण माँगा तो अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने इसके लिए वक्त माँगा है।

इस मामले में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा, “हमने कोर्ट को कहा कि यह (शिवलिंग) हमारे मुकदमे की संपत्ति का हिस्सा है और सीपीसी (नागरिक प्रक्रिया संहिता) के आदेश 26 नियम 10 ए के आधार पर अदालत को वैज्ञानिक जांच को निर्देशित करने की शक्ति है।”

गौरतलब है कि श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी में वादी राखी सिंह ने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का विरोध किया था। उन्होंने कहा था, “शिवलिंग की कार्बन डेटिंग धर्म विरोधी कार्य है और सभी सनातनियों की भावनाओं और विश्वासों का मजाक है।”

उधर, वकील विष्णु जैन ने बताया कि उन्होंने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की माँग नहीं की है। जैन ने कहा कि उन्होंने इसके लिए ASI की एक विशेषज्ञ कमिटी बनाकर जाँच करने की माँग की थी। अगर शिवलिंग के आसपास कार्बन पार्टिकल्स मिलते हैं तो उसकी जाँच की जा सकती है। इससे पता चलेगा कि यह शिवलिंग कितना पुराना है।

मुस्लिम पक्ष 11 अक्तूबर को अपना जवाब कोर्ट के सामने दाखिल करेगा। इस मामले की वादी राखी सिंह द्वारा दाखिल कर्माइकल लाइब्रेरी में मिली गणेश लक्ष्मी की प्रतिमा को संरक्षित करने के आवेदन पर भी 11 अक्टूबर को ही सुनवाई होगी।

बता दें कि शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) को न्यायालय में शोक के चलते अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं करने का प्रस्ताव पास किया है। इसके चलते आज न्यायालय में इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई।

जिन वीर सावरकर को ‘देशद्रोही’ बुलाते रहे राहुल गाँधी, उनके पोस्टर ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में फिर दिखे: कॉन्ग्रेस ने पल्ला झाड़ा, अज्ञात लोगों पर शिकायत दर्ज कराई

कॉन्ग्रेस की तथाकथित ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के एक पोस्टर में वीर सावरकर के साथ राहुल गाँधी, कर्नाटक कॉन्ग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डीके शिवकुमार और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की फोटो लगाई गई है। यह पोस्टर कर्नाटक के मांड्या जिले में लगा है। गौरतलब हो कि इससे पहले कॉन्ग्रेस पार्टी बीते कुछ वर्षों में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का लगातार अपमान करती आ रही थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन पोस्टर्स पर वीर सावरकर की फोटो लगाने का श्रेय कॉन्ग्रेस के शांति नगर विधायक नलपद अहमद हारिस को दिया जा रहा है। हालाँकि, हारिस ने कहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी के सदस्यों ने ये पोस्टर नहीं लगाए हैं बल्कि किसी और ने जानबूझकर पोस्टर लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जाँच करने की माँग की जाएगी।

कॉन्ग्रेस के पोस्टर में वीर सावरकर की फोटो होने पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा है। पूनावाला ने ट्वीट कर कहा “केरल के बाद अब कर्नाटक, सावरकर जी के पोस्टर कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ में फिर से दिखाई दे रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि ‘भारत जोड़ो’ केवल वीर सावरकर की विचारधारा से ही हो सकता है। कॉन्ग्रेस इसके लिए बदमाशों को दोष दे सकती है लेकिन सच्चाई हमेशा सामने आती है।”

इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के भाजपा नेता विष्णु वर्धन रेड्डी ने भी इस पर व्यंग्यात्मक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा  “कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने वीर सावरकर के पोस्टर लगवाए हैं यह बेहद दिलचस्प है। ऐसा लगता है कि उनके कुछ कार्यकर्ताओं ने वास्तविक इतिहास पढ़ा है और गाँधी-नेहरू परिवार के बाहर भी सोचते हैं।”

गौरतलब है, इससे पहले गत 21 सितंबर को भी ऐसी ही एक घटना केरल में हुई थी। जहाँ, अलुवा में कॉन्ग्रेस नेताओं ने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के दौरान वीर सावरकर का पोस्टर लगाया था। उस बैनर में वीर सावरकर सहित कई स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें शामिल थीं।

हालाँकि, उस पोस्टर के बाद कॉन्ग्रेस ने यह कहा था कि पोस्टर में प्रिटिंग के दौरान गलती हुई है। कॉन्ग्रेस की ओर से तर्क दिया गया था कि वह स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें लगाना चाहते थे लेकिन उनसे गलती हो गई। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया था कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने इंटरनेट से तस्वीरें ली थीं और पोस्टर छापने से पहले क्रॉस-चेक नहीं किया गया था। 

केरल में वीर सावरकर की फोटो वाले पोस्टर्स पर शहजाद पूनावाला चुटकी लेते हुए कहा था “उफ्फ, ऐसा लगता है कि राहुल (गाँधी) द्वारा इतिहास को झुठलाने के प्रयास कारगर नहीं हुए हैं। जिस वीर सावरकर के खिलाफ राहुल झूठ बोल रहे हैं, उस झूठ का पर्दाफाश अलुवा और एर्नाकुलम में ‘भारत जोड़ो’ यात्रा पर लगे पोस्टर से हो चुका है। जिन्हें बाद भी छिपाने की कोशिश की गई। सावरकर जिंदाबाद।”

उन्होंने अपने अलगे ट्वीट में लिखा “राहुल जी, आप कितनी भी कोशिश कर लें। इतिहास और सच्चाई सामने आ ही जाती है। सावरकर वीर थे। छुपाने वाले ‘कायर’ हैं।”

उल्लेखनीय है कि राहुल गाँधी समेत कॉन्ग्रेस के तमाम नेताओं ने बार-बार महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी स्वातंत्र्यवीर सावरकर का अपमान किया है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने वीर सावरकर के अंडमान जेल में रहने के दौरान अंग्रेजों को दी गई ‘दया याचिकाओं’ के लिए ‘देशद्रोही’ कहा है। वीर सावरकर साल 1911 से साल 1921 तक अंडमान की सेल्युलर जेल में बंद थे। कॉन्ग्रेस नेताओं ने यह कभी माना ही नहीं कि सावरकर ने देश को स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी है बल्कि उन्होंने सावरकर को सिर्फ ‘माफी माँगने वाला’ बताया है।

कॉन्ग्रेस की तथाकथित ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के रास्ते सत्ता में वापसी का स्वप्न संजोने वाले राहुल गाँधी ने भी कई बार महान क्रांतिकारी वीर सावरकर का अपमान किया है। साल 2019 में उन्होंने नई दिल्ली में ‘भारत बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए अपने भाषण में बेवजह वीर सावरकर का नाम घसीटा था। इस भाषण के दौरान उन्होंने देश में रेप की घटनाओं के बारे में बोलते हुए कहा था कि सच्चाई को छुपाने के लिए वह राहुल गाँधी हैं न कि ‘राहुल सावरकर’।

यही नहीं, मार्च 2022 में केरल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने वीर सावरकर को ‘देशद्रोही’ करार दिया था। संसद भवन में वीर सावरकर की तस्वीर के सामने गाँधी जी की तस्वीर लगाने पर भाजपा की तीखी आलोचना करते हुए राहुल गाँधी ने कहा था कि देशद्रोही कभी देशभक्त नहीं हो सकता। “एक देशभक्त गलती करके देशद्रोही बन सकता है। लेकिन देशद्रोही कभी देशभक्त नहीं हो सकता। वही वीर सावरकर थे। बीजेपी महात्मा गांधी, सरदार पटेल, अंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस पर नाटक करती है क्योंकि उनके नेता देशद्रोही थे।