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नहीं मानूँगा राम-कृष्ण को भगवान, न पिंडदान करूँगा… दिल्ली में 10 हजार हिन्दुओं का धर्मांतरण, केजरीवाल के मंत्री ने भी मंच पर चढ़कर ली ‘हिन्दूविरोधी’ शपथ

दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) को बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को बौद्ध महासभा के कार्यक्रम में देखा गया, जहाँ 10000 हिंदुओं का बौद्ध धर्म में धर्मांतरण किया गया। बौद्ध सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित विवादास्पद कार्यक्रम नई दिल्ली के झंडेवालान में डॉ. बीआर अंबेडकर भवन में आयोजित किया गया था।

सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक गौतम ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी कुछ तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने लिखा, “आज मिशन जय भीम के तत्वाधान में अशोका विजयदशमी पर डॉ. अंबेडकर भवन रानी झाँसी रोड पर 10000 से ज्यादा बुद्धिजीवियों ने तथागत गौतम बुद्ध के धाम में घर वापसी कर जाति विहीन और छुआछूत मुक्त भारत बनाने की शपथ ली। नमो बुद्धाय, जय भीम!”

ट्वीट का आर्काइव वर्जन लिंक पर क्लिक करके देखा जा सकता है।

जय भीम मिशन कार्यक्रम में 10 हजार लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा नहीं करेंगे। इस दौरान यह कहते हुए सुना गया, “मैं हिंदू धर्म के देवी देवताओं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, श्रीराम और श्रीकृष्ण को भगवान नहीं मानूँगा, न ही उनकी पूजा करूँगा। मुझे राम और कृष्ण में कोई विश्वास नहीं होगा, जिन्हें भगवान का अवतार माना जाता है।” यह शपथ बीआर अंबेडकर की विवादास्पद 22 प्रतिज्ञाओं से काफी मिलती-जुलती थी।

इस दौरान यह भी कहते हुए सुना गया, “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

भगवा वस्त्र पहने हुए व्यक्ति ने इस शपथ को जारी रखा, “मैं ब्राह्मणों द्वारा किसी भी समारोह को करने की अनुमति नहीं दूँगा। मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ, जो मानवता के लिए हानिकारक और उनके विकास में बाधक है, क्योंकि यह असमानता पर आधारित है। मैं बौद्ध धर्म को अपना धर्म स्वीकार करता हूँ।”

कार्यक्रम के दौरान, ‘आप’ के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इन विवादास्पद लाइनों को दोहराते हुए और उस व्यक्ति के साथ मंच साझा करते हुए दिखाई दिए।

बाद में, उन्होंने अपने भाषण में हिंदुओं से अपने धर्म का त्याग करने और डॉ. अंबेडकर के मार्ग पर चलने का आग्रह किया। गौतम ने कहा, “यदि आप देशद्रोही नहीं कहलाना चाहते हैं, तो हमें बीआर अंबेडकर के इस संदेश को हर घर में फैलाने की जरूरत है। यदि जाति प्रकृति ने बनाई है, तो फ्रांस, चीन, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड में कोई जाति क्यों नहीं है? इस जाति व्यवस्था से किसे फायदा हुआ और सबसे ज्यादा नुकसान किसको हुआ? बीआर अंबेडकर को इस बीमारी की दवा मिल गई थी और अब हम इसे फैला रहे हैं।”

इस दौरान ‘आप’ नेता ने अन्य देशों में को लेकर अपनी अज्ञानता साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

राजेंद्र पाल गौतम ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि कैसे बीआर अंबेडकर की बौद्ध धर्म अपनाने के एक महीने के भीतर ही मृत्यु हो गई थी और वह पूरे देश को बदल नहीं पाए। धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के रूप में मनाए जाने वाले, 14 अक्टूबर, 1956 को अंबेडकर ने 3,80,000 अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था।

आम आदमी पार्टी का हिन्दू विरोधी चेहरा

इस साल मार्च में अरविंद केजरीवाल ने विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की आलोचना करने के बहाने दिल्ली विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान हिंदुओं के नरसंहार का मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा था कि यह कल्पनाओं पर आधारित एक झूठी फिल्म है।

‘आप’ सुप्रीमो ने इससे पहले खुद को ‘हनुमान भक्त’ के रूप में रीब्रांड करने की कोशिश की थी। उस समय, नेटिज़न्स ने बताया कि कैसे उन्होंने राजनीतिक बयान देने के लिए हिंदुओं का मजाक उड़ाया था। जनवरी 2020 में जब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सेमेस्टर फॉर्म को लेकर वामपंथियों ने एबीवीपी के छात्रों पर हमला किया था, तब केजरीवाल ने एक आपत्तिजनक कार्टून साझा किया था। उसमें भगवान हनुमान को विश्वविद्यालय परिसर में आग लगाते हुए दिखाया गया था।

इसी तरह 2019 के आम चुनावों से पहले केजरीवाल ने एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक व्यक्ति झाड़ू लेकर स्वस्तिक चिन्ह को मारता हुआ दिखाई दे रहा था।

अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

अगस्त 2020 में, AAP के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने सिक्किम में कंचनजंगा, कामेट पीक और उत्तराखंड में नंदा देवी पहाड़ियों की तस्वीरें साझा कीं और दिल्ली के गाजीपुर में एक विशाल लैंडफिल के साथ समानताएँ बताई। विवादित ट्वीट के साथ कैप्शन लिखा था, “भारत के सबसे ऊँचे पहाड़।”

‘आप’ के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

2018 में, AAP सुप्रीमो जानबूझकर विश्वविद्यालयों और मंदिरों के निर्माण को लेकर निम्नस्तरीय राजनीति करते हुए दिखाई दिए, ताकि लोगों में यह संदेश जा सके कि मंदिर के निर्माण से देश का विकास नहीं हो पाएगा।

2014 में भी, उन्होंने राम मंदिर को लेकर पोस्ट किया था, “मेरा राम किसी की मस्जिद तोड़कर बनाए मंदिर में नहीं बस सकता।”

‘आप’ के फेसबुक पेज का स्क्रीनशॉट

आपके सामने आम आदमी पार्टी के इतने सारे उदाहरण हैं, जब उन्होंने हिंदुओं को नीचा दिखाने की कोशिश की। ऐसे में ‘आप’ मंत्री राजेंद्र पाल गौतम का धर्मांतरण कार्यक्रम में शामिल होना कोई हैरानी की बात नहीं है।

पंजाब के ‘मोहाली ब्लास्ट’ का मुख्य आरोपित गिरफ्तार, 5 महीने बाद पकड़ में आया: खालिस्तानी आतंकी और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से निकले संबंध

मोहाली (Mohali) स्थित पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय (Punjab Police Intelligence Head Quarter) में पर रॉकेट लॉन्चर (RPG Attack) से हमला के मामले में दिल्ली पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Special Cell, Delhi Police) ने इस मामले में हमले के वांछित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर नाबालिग है और इसका पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI से संबंध है। पकड़ा गया आरोपित उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का रहने वाला है। नाबालिग आरोपित पाकिस्तान में रहने वाले खालिस्तान समर्थक लखबीर और हरविंदर सिंह रिंदा के संपर्क में था। रिंदा ने स्थानीय गैंगस्टर का इस्तेमाल कर इस हमले को अंजाम दिलवाया था।

मोहाली के हेडक्वार्टर पर हमले से पहले 2 लोगों ने रेकी की थी। इसकी तस्वीरें CCTV कैमरे में कैद हो गई थीं। इनमें से एक आरोपित दीपक झज्जर का रहने वाला है। वह पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। दीपक कई बार जेल जा चुका है। उस पर यू.पी. दिल्ली हरियाणा, राजस्थान, झज्जर आदि जेलों में  बहुत सारे मामले दर्ज है। दूसरा आरोपित उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का है, जो अब गिरफ्तार किया गया है।

कहा जा रहा है कि इनका एक और साथी है, जिसका नाम चढ़त सिंह बताया जा रहा है। वह अभी फरार है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की दबिश जारी है। चढ़त सिंह भी इस मामले अहम कड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़त सिंह शाहाबाद में 15 अगस्त को बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश कर रहा था, जो नाकाम हो गई थी। इस दौरान आरोपित नछ्तर सिंह पकड़ लिया गया था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा नाबालिग से लगातार पूछताछ जारी है। कहा जा रहा है कि उसने पूछताछ में कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जानकारी के अनुसार, यह नाबालिग ही घटना का मास्टरमाइंड है। इसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से मिली सूचना के बाद 3 से 4 बड़े मामले सुलझने के आसार हैं।

इस हमले के बाद पुलिस ने फरीदकोट के रहने वाले निशान सिंह को गिरफ्तार किया था। निशान की निशानदेही पर उसके साले सोनू को भी फरीदकोट से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में निशान ने बताया था कि उसने हमलावरों को लॉजिस्टिक प्रोवाइड करवाया था। इसमें सोनू ने भी मदद की थी। निशान ने पूछताछ में बताया था कि उसे रॉकेट चालित ग्रेनेड (RPG) तरनतारन और अमृतसर के बीच तीन लोगों ने सौंपा था।

पंजाब पुलिस ने इस हमले में आतंकवादी संगठन ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की मिलीभगत बताई थी। डीजीपी ने मीडिया से कहा था कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ है।

बता दें कि मोहाली स्थित मुख्यालय पर हमले की घटना 9 मई शाम 7:30 बजे के आसपास की है। मोहाली स्थित पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर संदिग्ध रॉकेट लॉन्चर से हमला किया गया था। हमले के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। बाद में पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया। जाँच में पाया गया कि यह रॉकेट प्रोपेट ग्रेनेड है। इसे पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विभाग की हेडक्वार्टर बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर फेंका गया था।

कपड़े उतारे, चेहरा ढका, उल्टा करके मार लगाई: पाकिस्तान में अकरम से मजदूरी माँगने गई हिन्दू महिला का 7 लोगों ने किया गैंगरेप, डॉक्टर ने इलाज करने से मना किया

पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यक वर्ग खासतौर से हिन्दुओं की हालात बेहद खराब हैं। वहाँ, आए दिन मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस प्रताड़ना में, न केवल धार्मिक अधिकारों का हनन बल्कि ईशनिंदा, जबरन धर्मांतरण, हिंसा और बलात्कार किया जा रहा है। ऐसी ही एक घटना पाकिस्तान के पंजाब से सामने आई है। जहाँ, मुस्लिम जमींदार ने हिन्दू महिला के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसे जमकर पीटा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब राज्य अंतर्गत बहावलपुर में मजदूर गंगाराम की पत्नी मुस्लिम जमींदार मोहम्मद अकरम के पास अपनी मजदूरी माँगने गई थी। जहाँ, उसे धमकाकर भगा दिया गया। इसके बाद अकरम हथियार लेकर महिला के घर गया और अपहरण कर अपने एक ठिकाने पर ले गया। जहाँ, 6-7 लोगों ने मिलकर उसका बलात्कार किया। इसके बाद भी मन नहीं भरा तो उसे उल्टा लटकर पिटाई की गई है।

पीड़िता का कहना है, “वह अकरम के पास मजदूरी लेने गई थी लेकिन मजदूरी देने के बजाए उसने कहा कि अगर उसने पैसे माँगे तो मार देंगे। इसके बाद अकरम उसके घर गया और अपहरण करने के बाद एक अज्ञात जगह पर ले गया। जहाँ, उसने कपड़े निकाल दिए और चेहरा ढक दिया था। इसके बाद उल्टा लटकाकर लगातार पिटाई की है।”

कहा जा रहा है कि जो डॉक्टर पीड़िता का इलाज कर रहा है उस पर अकरम दवाब डालकर मामले को छिपाने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले जब महिला को अस्पताल ले जाया गया था तो वहाँ डॉक्टर ने उसका इलाज करने से इनकार करते हुए मेडिकल सार्टिफिकेट देने से भी मना कर दिया था।

हालाँकि, इस घटना के सामने आने के तुरंत बाद, पाकिस्तान में रहने वाला स्थानीय हिन्दू समुदाय महिला पर हुए इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए सड़कों पर उतर आया है। आंदोलन कर रहे हिन्दुओं ने इस मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए सभी आरोपितों और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने ₹513 करोड़ का दिया दिवाली पैकेज: 1.5 करोड़ राशन कार्ड धारकों को सिर्फ 100 रुपए में मिलेगा तेल, रवा, चीनी और दाल

महाराष्ट्र (Maharashtra) की मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार (CM Eknath Shinde Government) ने राज्य के लोगों को 513 करोड़ रुपए के दिवाली तोहफे की घोषणा की है। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव जारी किया है।

राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 1.5 करोड़ राशन कार्ड धारकों को फायदा मिलेगा। इस स्पेशल दिवाली पैकेज के अन्‍तर्गत 100 रुपए में एक लीटर ताड़ का तेल, एक-एक किलो रवा, चीनी और चने की दाल मिलेंगे। इन चारों वस्तुओं का पैकेट केवल 100 रुपए में राशन की दुकान में मिलेगा।

इस पैकेज के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 513 करोड़ रुपए आवंटित कर दिए हैं। इस घोषणा से दो दिन पहले राज्य मंत्रिमंडल में इस प्रस्ताव को अनुमोदित किया था। सरकार के इस इस निर्णय से 1 करोड़ 70 लाख परिवारों को सीधा लाभ पहुँचेगा। इस पैकेज को महीने की किसी तारीख को खरीदा जा सकता है।  

इसके पहले शिंदे सरकार ने राज्य की जनता के लिए 700 हेल्थ क्लीनिक खोलने का ऐलान किया था। ये हेल्थ क्लीनिक शिवसेना (Shiv Sena) के संस्थापक बाल ठाकरे (Bal Thackeray) के नाम पर खोले जाएँगे। इन्हें ‘आपला दवाखाना’ के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का भी फैसला लिया गया है।

स्कूली छात्रा का अरशद के सामने अपहरण, होटल ले जाकर 2 दिन गैंगरेप: सदमे में पीड़िता ने फाँसी लगाई, सुनवाई न करने पर SI सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में एक नाबालिग गैंगरेप पीड़िता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस मामले में अंबेडकर नगर पुलिस (Ambedkar Nagar Police) आरोपितों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। इस घटना की वजह से उनकी बेटी सदमे में थी, जिसके कारण उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस मामले में एसपी अजीत कुमार सिन्हा ने एसओ को लाइन हाजिर और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है।

यह मामला अंबेडकरनगर के मालीपुर थाना क्षेत्र के एक गाँव का है। पीड़िता के माता-पिता दुर्गा पूजा में गए हुए थे तभी नाबालिग ने 4 अक्टूबर 2022 की रात फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नाबालिग की मौत के बाद से गाँव में तनाव की स्थिति है। परिवार का कहना है पुलिस की लापरवाही की वजह से उनकी बेटी की जान गई है। प्रशासन आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करे और जल्द से जल्द आरोपितों को गिरफ्तार करे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 16 सितंबर 2022 को 15 साल की छात्रा को किडनैप कर लिया गया था। परिवार के लोगों ने थाने में अपहरण का केस दर्ज करवाया था। 18 सितंबर को पीड़िता ने अपने घर पहुँचकर परिजनों को बताया कि लखनऊ के एक होटल में उसके साथ गैंगरेप किया गया। इसके बाद परिवार के लोग पीड़िता को लेकर थाने पहुँचे और उन्होंने गैंगरेप का केस दर्ज करवाया। लेकिन परिवार के मुताबिक पुलिस उनके ऊपर केस दबाने का दबाव बनाने लगी।

वहीं पीड़िता घर वापस आने के बाद से सदमे में थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया था, “16 सितंबर को मैं स्कूल से घर वापस आ रही थी। लेकिन घर से करीब 1 किलोमीटर दूर मुझे गाँव की एक महिला और अरशद नाम का शख्स दिखाई दिया। तभी मौके पर एक कार से कुछ नकाबपोश लोग उतरे और मुझे जबरदस्ती कार में बैठा लिया। घटना के समय महिला और अरशद भी मौके पर ही थे।”

पीड़िता ने आगे कहा था, “इसके बाद ये लोग मुझे लखनऊ के एक होटल लेकर गए और वहाँ मेरे साथ गंदा काम किया। वो लोग मुझसे कह रहे थे कि अगर शोर करोगी तो तुम्हें यहीं मार देंगे। उन्होंने मुझे दो दिन तक एक कमरे में बंद करके रखा था। मैं दो दिन तक भूखी-प्यासी इस कमरे में बंद थी। 18 सितंबर को किसी तरह मौका पाकर लखनऊ से घर भाग आई। घर पहुँचकर मैंने परिवार के लोगों को सारी जानकारी दी।”

बता दें कि पीड़िता के आत्महत्या करने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्थानीय जहाँ घटना से भड़के हुए थे वहीं अब पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बचाव में पुलिस ने कहा है कि उन्होंने शिकायत मिलने के बाद पीड़िता को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा था। परिवार की शिकायत पर 2 लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ था। पूरे मामले की जाँच भी की जा रही थी।

‘जब CM अस्पताल में थे तब आदित्य स्विट्जरलैंड के पब में मस्ती कर रहे थे’: ठाकरे गुट पर भड़के शिवसेना सांसद, कहा- युवराज के साथ महिला MP भी थीं

महाराष्ट्र (Maharashtra) की महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार में मंत्री रहे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के बेटे आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) को लेकर एक सांसद ने सनसनीखेज आरोप लगाया है। सांसद ने कहा कि जब उद्धव ठाकरे अस्पताल में भर्ती थे, तब आदित्य स्विट्जरलैंड (Switzerland) में एक महिला सांसद के साथ सैर कर रहे थे।

लोकसभा सांसद राहुल शेवाले (Rahul Shewale) ने आदित्य ठाकरे को ‘युवराज’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण पर बात करके आदित्य ठाकरे इंडस्ट्री संबंधी विदेश दौरा किया और वहाँ अपने साथ एक महिला सांसद को भी ले गए थे।

सांसद शेवाले ने कहा, “जब सीएम (उद्धव ठाकरे) को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब युवराज (आदित्य ठाकरे) घूम रहा था और स्विट्जरलैंड के पब में आनंद ले रहा था। उन्होंने पर्यावरण के बारे में बात की, लेकिन उनका यह विदेश दौरा उद्योग से संबंधित था।”

बता दें कि महाराष्ट्र के पूर्व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे 22 मई 2022 को विश्व आर्थिक मंच (WEF) में महाराष्ट्र पैवेलियन का उद्घाटन करने के लिए स्विट्जरलैंड गए थे। दरअसल, शिवाले का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब शिवाजी पार्क में दशहरा रैली के दौरान उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknarh Shinde) पर निशाना साधा था।

रैली में सीएम शिंदे पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा था, “मुझे केवल एक चीज पर गुस्सा आता है कि जब मुझे अस्पताल में भर्ती कराया गया तो जिन लोगों को मैंने (राज्य की) जिम्मेदारी दी, वे ‘कटप्पा’ बन गए और हमें धोखा दिया। वे सोच रहे थे कि मैं अस्पताल से कभी नहीं लौटूँगा।”

उधर खुद को कटप्पा बताए जाने पर दशहरा रैली में अपने समर्थकों को संबोधित करने वाले शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर भी पलटवार किया था। सीएम शिंदे ने कहा था, “वे मुझे कटप्पा कह रहे हैं। यहाँ तक कि कटप्पा का आत्म-सम्मान था और आपकी (उद्धव) तरह दोहरा मापदंड नहीं था।” इस रैली में बाल ठाकरे (Bal Thackeray) के बेटे जयदेव ठाकरे (Jaidev Thackeray) भी मंच पर उपस्थित थे।

गौरतलब है कि इस साल जून में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के 40 विधायक उद्धव ठाकरे से अलग हो गए थे। इसके बाद उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद से शिंदे गुट दावा करता है कि असली शिवसेना का नेतृत्व उनके पास है, जबकि उद्धव ठाकरे अपने गुट को असली शिवसेना बता रहे हैं।

‘रावण के खिलजी जैसा दिखने में बुराई नहीं, वह तिलक भी लगाता है’: मनोज मुंतशिर ने ‘आदिपुरुष’ में सैफ अली खान के लुक का किया बचाव

निर्देशक ओम राउत की फिल्म ‘आदिपुरुष’ (Adipurush) रिलीज होने से पहले ही विवादों में है। फिल्म के टीजर में भगवान राम, हनुमान और रावण के गलत चित्रण को लेकर इसका विरोध किया जा रहा है। अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी ने इस फिल्म को बैन करने की माँग की है। इस बीच ‘आदिपुरुष’ फिल्म के डायलॉग राइटर और गीतकार मनोज मुंतशिर (Manoj Muntashir) की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने आज तक को दिए इंटरव्यू में ​कहा, “हर युग की बुराई का अपना चेहरा होता है। अलाउद्दीन खिलजी इस दौर की बुराई का चेहरा है। हमने ‘आदिपुरुष’ के रावण को जानबूझकर ऐसा नहीं बनाया है।”

मनोज मुंतशिर अपने ट्विटर हैंडल पर भी इस इंटरव्यू का एक क्लिप शेयर किया है। इसमें उनके साथ फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत भी नजर आ रहे हैं। रावण की खिलजी से तुलना पर मनोज मुंतशिर ने कहा, “हमने जो 1 मिनट 35 सेकंड का टीजर देखा है, उसमें रावण ने त्रिपुंडी लगाया हुआ है। जो देखा है उतने की बात कर रहा हूँ, बाकी तो बहुत कुछ मेरे पास दिखाने को है, जो लोगों ने देखा नहीं है। बड़ी ही विनम्रता से कह रहा हूँ कि जब फिल्म आएगी तो वो सब देखेंगे। कौन सा खिलजी त्रिपुंडी लगाता है। कौन सा खिलजी तिलक धारण करता है। कौन सा खिलजी जनेऊ पहनता है और कौन सा खिलजी रुद्राक्ष धारण करता है। हमारे रावण ने ये इसी 1 मिनट 35 सेकंड के टीजर में किया हुआ है।”

उन्होंने कहा, “दूसरी बात कि हर युग की बुराई का अपना चेहरा होता है। रावण मेरे लिए बुराई का चेहरा है, अलाउद्दीन खिलजी इस दौर के बुराई का चेहरा है और अगर वो मिलता-जुलता भी है, हमने इंटेंशनली ऐसा नहीं किया है, लेकिन अगर मिल भी गया तो मुझे लगता नहीं कि कोई ऐतराज की बात है। अलाउद्दीन खिलजी तो कोई नायक ही नहीं है, वो बुरा है और अगर रावण का चेहरा उससे मिलता है और उससे इसलिए ज्यादा नफरत है, क्योंकि वो खिलजी जैसा दिखता है तो कोई बुराई नहीं है इसमें।”

बता दें कि सोशल मीडिया पर आदिपुरुष (Adipurush) का काफी विरोध हो रहा है। लोग कह रहे हैं फिल्म में ‘रामायण’ के रावण का इस्लामीकरण हो गया है। यूजर्स का यह भी कहना है कि रावण को शिव भक्त के रूप में देखा गया है, जबकि सैफ रावण के लुक में बर्बर इस्लामी शासकों से इंस्पायर्ड नजर आ रहे हैं। सैफ के लुक्स को लेकर यूजर्स औरंगजेब , तैमूर, अल्लाउद्दीन खिलजी, बाबर, मोहम्मद गजनी और कई मुस्लिम आक्रमणकारियों के नामों के टैग दे रहे हैं।

मंदिर में नमाज गंगा-जमुनी तहजीब, कर्नाटक के बीदर में पारंपरिक दशहरा पूजा मस्जिद-मुस्लिमों पर हमला: इस्लामी प्रलाप कब तक भोगते रहेंगे हिंदू

कर्नाटक के बीदर में हिंदू एक बार फिर ​इकोसिस्टम की ​दोगलई के शिकार हुए हैं। 9 लोगों पर एफआईआर हुई है। चार की गिरफ्तारी भी हो गई है। इन पर महमूद गेवान मदरसा और मस्जिद में ताला तोड़कर प्रवेश करने तथा पूजा करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि मस्जिद में प्रवेश करने के लिए ताला नहीं तोड़ा गया। साथ ही बताया है कि निजाम के जमाने से ही यहाँ दशहरा पूजा की परिपाटी रही है। फिर सवाल उठता है कि 9 लोगों पर एफआईआर क्यों हुई? उनकी गिरफ्तारी किस अपराध में की जा रही है?

इस सवाल का जवाब वह इस्लामी प्रलाप है, जिससे हिंदू पीड़ित हैं। जब किसी मंदिर के द्वार नमाज और इफ्तार के लिए खोले जाते हैं, जब कुछ विधर्मी मंदिर में घुस नमाज पढ़ते हैं, जब विधर्मी छेड़छाड़ की नीयत से हिंदुओं के धार्मिक आयोजनों में घुसपैठ करते हैं, तो इकोसिस्टम के लिए यह गंगा-जमुनी तहजीब हो जाता है। उसे इसमें हिंदू-मुस्लिम एकता दिखती है। भारत की विविधता से उसका साक्षात्कार होता है। शिवलिंग का अपमान उसे अभिव्यक्ति की आजादी लगता है, लेकिन इसके जवाब में उनके ही मजहबी पुस्तकों का उल्लेख कर टिप्पणी करना ईशनिंदा हो जाता है। उनके लिए नारा ए तकबीर अधिकार है, लेकिन जय श्रीराम उन्माद का परिचायक है। जब हिंदू घुसपैठ करने वाले विधर्मियों के खिलाफ बोलता है तो वह भगवा गुंडई हो जाता है। जब वह सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार पूजा करता है तो वह मस्जिद और मुस्लिमों पर हमला हो जाता है। कर्नाटक के बीदर में नौ लोगों पर एफआईआर इकोसिस्टम की इसी दोगली मानसिकता से निकला है।

बीदर की मस्जिद में पूजा क्यों?

बीदर के गेवान मदरसा और मस्जिद में हिंदुओं की पूजा का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। यह घटना दशहरा के दिन 6 अक्टूबर 2022 को हुई थी। मुस्लिमों का आरोप है कि हिंदुओं ने कथित तौर पर मस्जिद के ताले तोड़े और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। मुस्लिमों ने चेताया है कि आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर वे जुमे पर प्रदर्शन (अमूमन इसकी आड़ में इस्लामवादी हिंसा करते हैं) करेंगे। रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने चार हिंदुओं को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश की जा रही है।

जिस घटना को लेकर मुस्लिम कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं, उसके बारे में पुलिस अधीक्षक डी किशोर बाबू ने बताया, “दशहरा पूजा की ये परिपाटी निजाम के दौर से चली आ रही है। मस्जिद परिसर में एक मीनार है। अमूमन 2-4 लोग इस जगह पर जाकर पूजा करते रहे हैं। इस बार यह संख्या ज्यादा थी। ताला तोड़कर कोई भी अवैध तरीके से मस्जिद में दाखिल नहीं हुआ है। हमने एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपितों की गिरफ्तारी की जा रही है।”

गुलबर्गा के पुलिस महनिरीक्षक ने भी कहा है कि हर साल विजयादशमी के मौके पर मस्जिद के पास हिंदू पूजा करते रहे हैं। यह कोई नई परंपरा नहीं है। कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र का भी कहना है कि विजयादशमी पर यहाँ सालों से पूजा होती रही है।

लेकिन इस घटना को इस तरह से पेश किया जा रहा है जैसे हिंदुओं ने मस्जिद में जबरन पूजा की एक नई परिपाटी शुरू करने का काम किया है। जाहिर है इसका मकसद मुस्लिमों को पीड़ित दिखाना है। यही कारण है कि जब पुलिस इस पूजा को पुरानी परिपाटी बता रही है, एआईएमआईएम के मुखिया सांसद असदुद्दीन ओवैसी जैसे सोशल मीडिया में इसे मस्जिद और मुस्लिमों पर हमले की तरह पेश कर रहे हैं।

बीदर पहला मामला नहीं है, जब हिंदुओं की परंपराओं को इस्लाम पर हमले की तरह पेश किया गया है। यह आखिरी मामला भी नहीं होने जा रहा है। सवाल यह है कि इस दोगलई के दबाव में सिस्टम आखिर कब तक हिंदुओं को प्रताड़ित करता रहेगा और खुद हिंदू कब तक ऐसी प्रताड़नाओं को खामोशी से सहते रहेंगे? आखिर सिस्टम कब समझेगा कि परम्पराएँ, भावनाएँ बहुसंख्यकों की भी होती है।

घर में सो रही 9 साल की बच्ची को उठा ले गया मोहम्मद सगीर, बलात्कार किया: पेड़ से बाँध ग्रामीणों ने मारा, अस्पताल के रास्ते में ही मर गया

बिहार के कटिहार में 9 साल की बच्ची के साथ दुष्‍कर्म (Rape) के आरोपित मोहम्मद सगीर को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला। घटना हसनगंज थाना क्षेत्र के हसनगंज बाजार की है। पिटाई का वीडियो वायरल है। इसमें ग्रामीण उसे पेड़ से बाँधकर पीटते दिख रहे हैं। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने सगीर को भीड़ से छुड़ाया। इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हो वह मर गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसनगंज बाजार की एक 9 वर्षीय मासूम को उसी गाँव के रहने वाले मोहम्मद सगीर ने बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस घटना के बाद से गाँव में तनाव का माहौल है। पीड़िता की माँ ने स्थानीय थाना में मामला दर्ज कराया है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया, “बुधवार की रात बच्ची मेरे साथ घर के बरामदे में सोई थी। देर रात जब मेरी नींद खुली तो वह नहीं थी। घर के लोग उसकी तलाश करने लगे। हसनगंज बाजार में गैस गोदाम के पास मेरी बेटी और मोहम्मद सगीर हमें बिना कपड़ों के मिले।”

बच्ची ने घर पहुँचकर अपने परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों और गाँव वालों ने मोहम्मद सगीर को पकड़कर गाँव के चौराहे पर एक खजूर के पेड़ से बाँध दिया। फिर उसे पीटा। ग्रामीणों ने पिटाई का वीडियो बना उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

हसनगंज थाना प्रभारी रामचंद्र मंडल ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपित को किसी तरह ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में जो भी दोषी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। बता दें कि आरोपित मोहम्मद सगीर के खिलाफ पहले से भी बलात्कार का केस चल रहा था।

अमेरिकी यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल के छात्र वरुण की हत्या, हिरासत में कोरियाई रूममेट: घटना के समय ऑनलाइन गेम खेल रहा था मृतक, दोस्तों ने सुनी थी चीखें

अमेरिका के इंडियाना स्थित एक यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रहे भारतीय मूल के 20 वर्षीय छात्र की उसके रूममेट ने हत्या कर दी। इस मामले में कोरियाई छात्र को हिरासत में ले लिया गया है। मृतक के शरीर पर कई घातक चोट पाए गए हैं।

मृतक छात्र का नाम वरुण मनीष छेड़ा है। इंडियानापोलिस का रहने वाला वरुण परड्यू यूनिवर्सिटी (Purdue University) में डेटा साइंस (Data Science) की पढ़ाई कर रहा था और वह यूनिर्सिटी के हॉस्टल मैक्चियॉन हॉल में कोरियाई रूममेट के साथ रहता था।

परड्यू यूनिवर्सिटी की पुलिस प्रमुख लेस्ले वीटे ने बताया कि कोरियाई छात्र जी मिन ‘जिमी’ शा ने मंगलवार रात 12.45 बजे 911 सेवा पर फोन कर पुलिस को बताया कि वरुण की मौत हो गई है। यह कोरियाई छात्र यूनिवर्सिटी में साइबर सुरक्षा विषय की पढ़ाई कर रहा है।

वीटे के अनुसार, 911 सेवा पर कॉल आने के कुछ देर बाद 22 वर्षीय जिमी को हिरासत में ले लिया गया। उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। वरुण की हत्या परड्यू यूनिवर्सिटी के परिसर में बीते आठ वर्षों से भी अधिक समय में हुई पहली हत्या है। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष मिच डैनियल्स ने कहा कि वरुण की मौत परिसर में घटी एक बेहद दुखद घटना है, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती।

अमेरिकी चैनल ‘एनबीसी न्यूज’ से वरुण के दोस्त अरुणाभ सिन्हा ने बताया कि मंगलवार की रात वरुण अपने दोस्तों के साथ ऑनलाइन गेम खेल रहा था। उस उसके दोस्तों ने वरुण के चीखने की आवाज सुना था। अरुणाभ ने बताया कि अगले दिन मनीष की मौत की खबर आई।

पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में पता चला है कि वरुण की मौत ‘कई घातक चोटों’ के कारण हुई है। पुलिस ने उसकी हत्या की आशंका जाहिर की है। गेम खेलने के दौरान ऐसा क्या हुआ कि कोरियाई छात्र ने वरुण की हत्या कर दी, इसका अभी तक पता नहीं चला है। इसका खुलासा आगे की जाँच के बाद होने की संभावना है।