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काबुल बम ब्लास्ट में 100+ बच्चों की मौत, ज्यादातर अल्पसंख्यक समुदाय से: जुमे के दिन हुआ स्कूल पर फिदायीन हमला, एग्जाम देने आए थे 400 छात्र

अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) के एक शैक्षणिक संस्थान में हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 100 बच्चों की मौत हो गई है। अफगानिस्तान के पत्रकार ने बिलाल सरवारी इसकी पुष्टि की है। इस घटना में मरने वाले ज्यादातर छात्र हजारा और शिया थे। हजारा अफगानिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा जातीय समूह है।

काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जादरान (Khalid Zadran) ने कहा कि यह विस्फोट दशती बारची इलाके में एक शिक्षा संस्थान के अंदर हुआ था। इसमें ज्यादातर अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक शिया समुदाय के सदस्य मारे गए हैं।

आमतौर पर शुक्रवार को अफगानिस्तान में स्कूल बंद रहते हैं, लेकिन परीक्षा की वजह से काज हायर एजुकेशनल सेंटर खोला हुआ था। सोशल मीडिया पर इस हमले के वीडियो भी खूब वायरल हो रहे हैं। मरने वालों में ज्यादातर लड़कियाँ हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह धमाका आज सुबह 7:30 बजे काज एजुकेशन सेंटर (Kaaj education center) के बाहर हुआ है। यहाँ शिया और हजारा अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं। इस इलाके में अक्सर घातक हमले होते रहते हैं। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता आने के बाद वहाँ इस तरह के एक के बाद कई हमले हुए हैं। काज एजुकेशन सेंटर के प्रबंधन के एक सदस्य ने पत्रकार को बताया कि जिस वक्त ये हमला हुआ, उस वक्त क्लास में लड़कियों और लड़कों को मिलाकर कुल 400 से अधिक छात्र मौजूद थे।

तालिबान द्वारा नियुक्त गृहमंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नाफी ताकोर ने कहा, “हमले की जगह पर सुरक्षा दल को भेज दिया गया है।” वहीं, सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे हमले में घाल लोगों को वहाँ से ले जाया जा रहा है।

बता दें कि काबुल में बीते शुक्रवार (23 सितंबर 2022) को जुमे की नमाज के बाद एक मस्जिद के बाहर बम विस्फोट हुआ था। धमाके में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत 41 लोग घायल हो गए थे। जिस जगह यह धमाका हुआ था। उसके आसपास कई देशों के दूतावास भी हैं। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनी गई थी।

‘मेरे पूर्वज हिन्दू थे, मुझे नमाज पढ़ना तक नहीं आता’ : MP में इस्लाम छोड़ मोहम्मद निसार बन गए सोनू सिंह, पत्नी से मंदिर में किया फिर विवाह

मध्य प्रदेश के मंदसौर के रहने वाले मोहम्मद निसार ने इस्लाम मजहब त्यागकर हिन्दू धर्म अपना लिया है। निसार मोहम्मद ने 8 साल पहले हिन्दू युवती से शादी की थी। वह शुक्रवार (30 सितंबर 2022) को गायत्री मंदिर में वैदिक विधि विधान से धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) कर अब सोनू सिंह बन गए हैं।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, निसार ने आठ साल से पहले हिन्दू लड़की रानी कायस्थ के साथ शादी की थी। तब से वह अपना जीवन एक हिन्दू की तरह गुजार रहे हैं। वह सनातन धर्म अपनाकर हिन्दू रीति रिवाज से एक बार फिर अपनी पत्नी के साथ विवाह करना चाहते थे। चैतन्य सिंह राजपूत ने उनसे शपथ पत्र लेकर उनकी घर वापसी करवाई और वैदिक पद्धति से उनका फिर से विवाह भी कराया।

खबर के अनुसार निसार ने कहा, “मैं बहुत पहले ही सनातन अपना लेता, लेकिन कोई हिम्मत देने वाला नहीं था। मेरे दादा का नाम चाँद सिंह था। हमारे पूर्वज हिन्दू थे, इसलिए मैंने अपना नाम सोनू सिंह रखा और हिन्दू धर्म अपनाया। मुझे नमाज पढ़ना नहीं आता और ना ही मैंने कभी कुरान पढ़ा है। मुझे हिंदुओं की तरह रहना अच्छा लगता था। इसलिए मैं तिलक लगाता था। भारत का कानून मुझे इस बात की अनुमति देता है कि मेरी आस्था जिस धर्म में हो मैं उसे अपना सकूँ।”

बता दें कि इससे पहले सितंबर 2022 की शुरुआत में मंदसौर में ही एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू युवक से शादी करके सनातन धर्म अपनाया था। इकरा ने इशिका बनकर 9 सितम्बर 2022 को गायत्री मंदिर में विधि-विधान से घर वापसी की थी। इस शादी को भी चैतन्य सिंह राजपूत (पूर्व जफर) ने ही सम्पन्न करवाया था।

उन्होंने इस सिलसिले में ऑपइंडिया से बात भी की थी। उन्होंने बताया था कि दूल्हे का नाम राहुल वर्मा है, जो मूल रूप से मंदसौर का रहने वाला है। राहुल अपने परिवार सहित राजस्थान के जोधपुर में रहता है और वहीं पर पढ़ाई के साथ डांस क्लास चलाता है। लड़की इकरा राहुल वर्मा की पड़ोसन थी और वहीं से दोनों का प्यार शुरू हुआ था।

जामिया के दो गुटों में भिड़ंत: जलाल ने अस्पताल में घुसकर नोमान अली को गोली मारी, छात्र अस्पताल में भर्ती

दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों के 2 गुटों में लड़ाई हो गई। जिसके बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहाँ भी एक छात्र पर गोली चलाई गई। फिलहाल पीड़ित को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया है, उसे खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुरुवार (29 सितंबर 2022) की देर शाम पुलिस को घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने बताया कि जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ। इसमें कुछ छात्र घायल हो गए। इन्हें इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया।

दिल्ली पुलिस द्वारा दी जा रही जानकारी के मुताबिक एक गुट के छात्रों का इलाज अस्पताल में चल रहा था कि यहाँ फिर से दूसरे गुट के छात्र आ पहुँचे और फिर उनके द्वारा फायरिंग शुरू कर दी गई। इसी फायरिंग के दौरान एक छात्र को एक गोली छूकर निकली गई, उसके बाद छात्र को घायल अवस्था में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

क्या है पूरा मामला

इस मामले में पुलिस ने मीडिया एजेंसी को बताया कि रात करीब 8 बजकर 30 मिनट पर जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में छात्रों के दो समूहों के बीच किसी बात को लेकर लड़ाई हुई थी। इसमें यूपी के मेरठ जिले के निवासी छात्र 26 वर्षीय नौमान चौधरी के सिर पर गंभीर चोट आ गई। उसे इलाज के लिए दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल पहुँचाया गया।

इस दौरान उसके साथ उसका दोस्त नौमान अली भी था। लेकिन, तभी अस्पताल में दूसरे गुट के छात्र भी हथियार के साथ आ पहुँचे। दूसरे समूह के छात्रों में से एक लड़का हरियाणा के मेवात का रहने वाला है और उसका नाम जलाल बताया जा रहा है। उसी ने ही अपने एक दोस्त के साथ अस्पताल में गोलीबारी की और नौमान अली को गोली मारी।

गौरतलब है कि दिल्ली के जामिया इलाके में 19 सितंबर से 17 नवंबर तक धारा 144 लगाई गई थी। इस दौरान जामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को सर्कुलर जारी कर कहा गया था कि छात्र कैंपस के अंदर या बाहर समूह में इकट्ठा ना रहें। इसमें छात्रों को यह भी कहा गया कि यदि कोई छात्र कानून तोड़ेगा तो यूनिवर्सिटी उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेगी।

SSC भर्ती घोटाले में CBI ने दाखिल की चार्जशीट: 16 आरोपितों में बंगाल के पूर्व मंत्री का भी नाम, 31 अक्टूबर तक हिरासत में रहेंगे

पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई (CBI) ने शुक्रवार (30 सितंबर 2022) को चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी समेत 16 लोगों को आरोपित बनाया है।

पार्थ के अलावा सीबीआई ने इस घोटाले में और किन-किन लोगों को आरोपित बनाया है और चार्जशीट में क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं यह सामने आना बाकी है।

बता दें, पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती को लेकर हुए घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के कई ठिकानों में छापेमारी की थी। इस छापेमारी में ईडी (ED) ने करीब 50 करोड़ रुपए बरामद किए थे। जिसके बाद, ईडी ने शिकंजा कसते हुए पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया था।

इस गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें वाणिज्य और उद्योग सहित कई विभागों के प्रभारी मंत्री पद से हटाने के साथ ही तृणमूल कॉन्ग्रेस से भी निलंबित कर दिया था। गिरफ्तारी के बाद ईडी द्वारा पार्थ चटर्जी से लगातार पूछताछ की गई और कुछ समय पहले सीबीआई (CBI) ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

गौरतलब है कि बीते तीन महीनों से जेल में बंद पार्थ चटर्जी ने गत सप्ताह जमानत याचिका भी दायर की थी। लेकिन, गुरुवार (29 सितंबर 2022) को हुई सुनवाई में सीबीआई की विशेष अदालत ने उनकी इस याचिका को खारिज करते हुए 31 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

बता दें, कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश और स्कूल सेवा आयोग (SSC) की सिफारिश पर सीबीआई (CBI) पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा सहायता प्राप्त स्कूलों में ग्रुप-सी और डी स्टाफ के साथ-साथ शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जाँच कर रही है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस घोटाले में हुए पैसों के लेन-देन की जाँच कर रहा है।

‘केजरीवाल के ड्रामे की खुली पोल’ : गुजरात में जिस ऑटो वाले के घर जाकर दिल्ली CM ने खाया खाना, वो PM मोदी का फैन निकला, Video में सुनें सच

विगत सप्ताह आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को अपने घर पर खाना खाने के लिए आमंत्रित करने वाले ऑटो ड्राइवर विक्रम दंतानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रैली में भाजपा की भगवा टोपी लगाए हुए दिखाई दिए हैं। इस दौरान उन्होंने खुद को पीएम मोदी का फैन भी बताया है।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) एक रैली को संबोधित करने के लिए अहमदाबाद पहुँचे थे। जहाँ, पीएम मोदी को सुनने के लिए विक्रम दंतानी इस रैली में शामिल हुए। इस दौरान मीडिया से हुई बातचीत में दंतानी ने खुद को प्रधानमंत्री का फैन बताते हुए कहा है कि वह हमेशा से भाजपा के वोटर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह दंतानीवास इलाके से हैं, जो कि भाजपा का पारंपरिक गढ़ रहा है। 

मीडिया से बात करते हुए विक्रम दंतानी ने कहा कि आज पीएम मोदी की रैली में दंतानीनगर से लोगों से भरी एक बस आई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं थी कि केजरीवाल उनके घर आने पर राजनीति करेंगे। ऑटो ड्राइवर विक्रम दंतानी ने यह भी खुलासा किया कि अहमदाबाद में आम आदमी पार्टी की बैठक के दौरान अरविंद केजरीवाल को उनके द्वारा निमंत्रण दिया जाना पहले से निश्चित था। उन्होंने केवल वही किया है जो ऑटो-रिक्शा संघ ने उन्हें करने के लिए कहा था।

इंडिया टीवी ने इस खुलासे को शेयर करते हुए लिखा, “गुजरात में केजरीवाल के ड्रामे की खुली पोल… जिस ऑटो ड्राइवर के घर डिनर करने गए थे केजरीवाल, वो निकला बीजेपी समर्थक। बोला- अब कोई घर खाना खाने को बोलेगा, तो मना तो नहीं कर सकते।”

गौरतलब है कि इस साल के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। यानी चुनाव में कुछ ही महीनों का समय है। ऐसे में, यह लगता है कि प्लानिंग के तहत अरविंद केजरीवाल का ऑटो ड्राइवर के घर खाना खाने जाना गुजरात के लोगों की भावनाओं से जुड़ने के लिए खेला गया एक खेल था। जिसमें वह पूरी तरह सफल भी हो गए थे। लेकिन, अब उनकी सच्चाई सामने आ गई है।

यह कहना गलत नहीं होगा कि आम आदमी पार्टी और केजरीवाल ने पंजाब की नकल करते हुए गुजरात में भी ऑटो ड्राइवर के घर खाना खाया था। दरअसल, पंजाब चुनाव से पहले आयोजित मीटिंग में एक ऑटो ड्राइवर ने अरविंद केजरीवाल को अपने घर पर खाना खाने के लिए आमंत्रित किया था। जिसका वीडियो आम आदमी पार्टी ने जमकर प्रचारित किया था। हालाँकि, बाद में यह बात सामने आयी थी कि ऑटो ड्राइवर आम आदमी पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता है।

ठीक ऐसा ही, पीआर स्टंट गुजरात में आम आदमी पार्टी की बैठक में भी हुआ। जहाँ एक ऑटो ड्राइवर ने केजरीवाल को अपने घर पर खाने के लिए आमंत्रित किया था। जिसके बाद, केजरीवाल उत्साहित होकर उसके घर जाने को तैयार दिखाई दिए थे। इस पूरी बातचीत का वीडियो आम आदमी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लेकर तमाम सोशल साइट्स पर शेयर किया गया था। इस वीडियो से यह बताने का प्रयास किया जा रहा था कि आम आदमी पार्टी गुजरात की जनता के बीच लोकप्रियता हासिल कर रही है।

‘डांडिया-गरबा में लाउडस्पीकर-डीजे जरूरी नहीं’: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- देवी पूजा के लिए मन का एकाग्र होना जरूरी

हिन्दुओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक नवरात्रि के कार्यक्रमों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (30 सितंबर 2022) को कहा कि गरबा और डांडिया के लिए डीजे और लाउडस्पीकर की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि नवरात्रि महापर्व में समाज देवी ‘शक्ति’ की पूजा कर रहा है, जिसे ‘एक बिंदु पर ध्यान’ लगाने की आवश्यकता है, जो कि शोर के माहौल में नहीं किया जा सकता है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस सुनील शुक्रे और गोविंद सनप की बेंच ने कहा है, “डांडिया और गरबा एक धार्मिक उत्सव के आंतरिक अंग हैं। इसलिए, इन कार्यक्रमों को विशुद्ध रूप से पारंपरिक और धार्मिक तरीके से किया जा सकता है। इसमें संगीत प्रणाली, लाउडस्पीकर, डीजे और इस तरह के आधुनिक उपकरणों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।”

दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए एक खेल मैदान में आयोजित हो रहे नवरात्रि उत्सव कार्यक्रम में ध्वनि यंत्रों (डीजे, लाउडस्पीकर इत्यादि) पर रोक लगाने की माँग की गई थी। इस याचिका में कहा गया था कि उक्त खेल मैदान को ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के अंतर्गत ‘साइलेंट जोन’ के रूप में नामित किया गया है। यहाँ हो रहे कार्यक्रम से ‘साइलेंट जोन’ प्रभावित हो रहा है।

इस मामले की सुनवाई में बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि नवरात्रि के दौरान अगर भक्तों को कोई परेशानी होती है या भक्त स्वयं दूसरों को परेशान करता है तो इससे देवी की पूजा नहीं हो सकती है।

कोर्ट ने कहा, “नौ रातों तक जिसकी पूजा की जाती है वह ‘शक्ति’ का एक रूप है। शक्ति की देवी की पूजा तभी प्रभावी होती है जब यह पूजा बिना किसी समस्या के और आस-पास के वातावरण में रहने वालों के मन की अशांति और परेशानी पैदा किए बिना की जाती है।”

हाई कोर्ट ने इस सुनवाई में यह भी कहा है “नवरात्रि उत्सव में देवी की कठिन पूजा और भक्ति तब तक संभव नहीं है जब तक कि मन की पूर्ण एकाग्रता न हो। शरीर और मन की सभी ऊर्जाएँ देवी के अलावा और किसी और पर केंद्रित नहीं होनी चाहिए।”

कोर्ट ने आगे कहा कि अगर किसी भक्त की भक्ति के कार्य से दूसरों को जलन या अशांति होती है तो इसकी प्रतिक्रिया या दूसरों से भी अधिक व्यवधान की आशंका होती है। ‘डांडिया’ और ‘गरबा’ करना त्यौहार मनाने के पारंपरिक तरीकों में से एक है। इसे हिंदू धर्म के एक बड़े वर्ग द्वारा नवरात्रि महापर्व में देवी के प्रति अपनी भक्ति दिखाने का सबसे बड़ा साधन माना जाता है।

गौरतलब है, हाईकोर्ट के आदेश से पहले महाराष्ट्र सरकार ने नवरात्रि महापर्व पर मुंबई में 3 और 4 अक्टूबर के अलावा 1 अक्टूबर को भी मध्यरात्रि तक लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति दी थी।

लाउडस्पीकर के लिए बनाए गए नियम के अनुसार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) संशोधित नियम, 2017 के अंतर्गत संबंधित जिलाधिकारियों को साल में कुल 15 निर्धारित दिनों में सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक लाउडस्पीकरों के प्रयोग में छूट की घोषणा करने का अधिकार दिया गया है।

नियमानुसार सामान्यतः संबंधित जिलाधिकारियों के लिए 13 दिन निर्धारित किये जाते हैं। इसके साथ ही जिले में स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब दो और अतिरिक्‍त दिन छूट के लिए आरक्षित हैं। इस तरह कुल 15 दिन दिए गए हैं।

‘हिंदू महिला से संबंध बनाने पर जन्नत मिलती है’: गर्भवती दलित महिला से मुस्लिम लड़कों ने किया गैंगरेप, लड़की गिड़गिड़ाई तो बोले- ‘हमारे समाज में सब चलता है’

लव जिहाद क्या है, जो ये सवाल पूछते रहे हैं उन्हें इन आरोपितों के बयानों को जरूर सुनना चाहिए। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक गर्भवती हिंदू महिला से चार मुस्लिमों ने मिलकर सामूहिक बलात्कार किया। जब महिला गर्भवती होने का बात कह छोड़ने के लिए गिड़गिड़ाने लगी तो आरोपितों ने कहा कि इस्लाम में सब जायज है और हिंदू महिला से सेक्स करने पर उन्हें जन्नत मिलेगी।

दरअसल, इस साल मई में 19 साल की एक शादीशुदा हिंदू दलित युवती का इंस्टाग्राम पर अरबाज नाम के एक मुस्लिम युवक से जान-पहचान हुई थी। महिला नौकरी की तलाश कर रही थी। यह बात जब अरबाज को पता चली तो उसने कहा कि उसके दोस्त प्रिंस सैयद और अफजल एडवायजरी का काम करते हैं। वह उनसे मिलवा देगा और वे उसकी नौकरी लगवा देंगे।

इंदौर के गणेश नगर की रहने वाली युवती को अरबाज ने मिलने के लिए भँवरकुंआ चौराहे पर बुलाया। वहाँ अफजल भी था। वहाँ अफजल रिज्यूमे बनाने की बात कहते हुए महिला का मोबाइल नंबर ले लिया। जब महिला घर लौटी तो अफजल ने उसे मैसेज किया कि वह उसे पसंद करता है।

उसने महिला से कहा, आप मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ। आप मेरी जरूरतें पूरी करो और मैं आपकी जरूरतें पूरा करूँगा। मैं आपकी जॉब भी लगवा दूँगा और ऊपर से आपको एकस्ट्रा पैसे भी दूँगा।” इसके बाद महिला ने अरबाज और अफजल से दूरी बना ली।

एक महीना बाद यानी अगस्त 2022 में प्रिंस सैयद का महिला के पास मैसेज आया कि एक रिक्रूटमेंट है। अगर वह नौकरी करना चाहती है तो आ जाए। सैलेरी भी अच्छी और ज्यादा भाग-दौड़ भी नहीं करनी है।

इसके बाद 14 सितंबर 2022 को प्रिंस ने युवती को रीगल स्क्वॉयर पर बुलाया। वहाँ जब पहुँची तो वह एक कार में बैठा था, जिसमें अरबाज, अफजल के अलावा सैय्यद नाम का ड्राइवर भी था। जब वह कार में बैठी तो उसे खाने के लिए समोसा और पानी दिया।

ऑपइंडिया को मिली FIR की कॉपी में युवती का कहना है कि जब वह समोसा खाकर पानी तो उसे चक्कर आने लगा और वह बेहोश हो गई। इसके बाद विजयनगर के एक कॉलोनी स्थित एक घर में लेकर गए। इसके बाद प्रिंस और अफजल उसके कमरे में आए और कहा कि उसकी माँग को पूरा करे।

इसके बाद युवती उनके गिड़गिड़ाने लगी और कहा कि उसे छोड़ दे, क्योंकि वह प्रेग्नेंट है। युवती द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता के गिड़गिड़ाने पर अफजल बोला, “हमारे समाज में सब चलता है। हम हिंदू लड़की से संबंध बनाते हैं तो हमें जन्नत मिलती है।” इसके बाद दोनों ने महिला के साथ बलात्कार किया।

इसके बाद महिला और उसके पति को जान से मारने की धमकी देते हुए चारों ने उसे रीगल स्क्वॉयर पर छोड़ दिया। डरी हुई महिला ने बहुत हिम्मत करने के बाद अपने पति को सारी बात बताई और तुकोगंज थाने में मामला दर्ज कराई।

बिहार में भाजपा नेता पर दिनदहाड़े चली गोली: मॉर्निंग वॉक पर गए थे, हमलावरों ने बिलकुल करीब आकर किया हमला, इलाज के बाद हालात स्थिर

बिहार में आए दिन अपराधी गोलाबारी कर रहे हैं। इस बार आरा जिले में अपराधियों ने भाजपा नेता व ठेकेदार बबलू सिंह (BJP leader & contractor Bablu Singh) को अपनी गोली का निशाना बनाया है। यह घटना नवादा थाना क्षेत्र के फ्रेंड्स कॉलोनी की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा नेता पर शुक्रवार (30 सितंबर 2022) को अचानक हथियारबंद अपराधियों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। परिजन और स्थानीय लोगों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है।

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। परिजनों का कहना है कि शुक्रवार की सुबह घर से टहलने निकले भाजपा नेता को हथियारबंद अपराधियों ने गोली मार दी। जख्मी नेता को दाहिने साइड पीठ में गोली मारी गई है।

एसपी हिमांशु ने बताया कि वह (बीजेपी नेता) मॉर्निंग वॉक पर गए थे, जहाँ मौका पाते ही हथियारबंद अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। उन्हें काफी करीब से गोली मारी गई है। फिलहाल उनकी हालत अब स्थिर है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।

बिहार में गोलीबारी की घटनाएँ

इससे पहले, बुधवार (29 सितंबर 2022) को पटना बिहटा थाना क्षेत्र में सोन नदी से अवैध बालू निकासी को लेकर दो गुटों में जमकर गोलीबारी हुई थी। इस घटना में पाँच लोगों की गोली लगने से मौत की खबर सामने आई थी। यह गोलीबारी गुरुवार (29 सितंबर 2022) सुबह तक हुई। पुलिस ने मौके से खोखा बरामद किया था। वहीं पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। गोलीबारी की घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मनेर थाना और बिहटा थाना की पुलिस बालू माफिया से मोटी रकम वसूलने में लगी रहती है। यहाँ कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है।

बिहार के गया में भी बालू का चालान नहीं देने पर 25 सितंबर, 2022 को एक युवक को गोली मार दी गई थी। हमले का आरोप राजद विधायक अजय यादव के प्रतिनिधि बैजू यादव पर लगा था। पीड़ित के चाचा राम प्रवेश ने पुलिस को बताया गया था कि बैजू यादव ने विकास के सिर में गोली मार दी। गोली मारने के बाद वह अपने साथियों के साथ फरार हो गया। बैजू यादव ने अपनी कई तस्वीरें लालू और तेजस्वी यादव के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम माँझी के साथ भी फेसबुक पर डाल रखी हैं। 

अलवर में 8वीं क्लास की छात्रा से साहिल समेत 8 लड़कों ने किया गैंगरेप, Video वायरल करने की धमकी देकर ₹50 हजार ठगे: 9 महीने बाद शिकायत दर्ज

राजस्थान के अलवर से मानवता को शर्मसार करने वाला एक और मामले सामने आया है। खबर है कि जिले में एक 8वीं क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग के साथ 8 लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार किया गया। यही नहीं, गैंगरेप के बाद पीड़िता का अश्लील वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल कर दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला अलवर जिले के भिवाड़ी के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने बताया कि इसकी शुरुआत लगभग 9 महीने (दिसंबर) पहले हुई थी। केस के मुख्य आरोपित ने 16 वर्षीय नाबालिग को उसके प्राइवेट फोटो होने का दावा कर अपने पास बुलाया और फोटो वायरल करने की धमकी देते हुए उसके जबरन कपड़े उतरवाए।

इसके बाद उन्होंने उसकी वीडियो बना ली और उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता के मुताबिक गैंगरेप के बाद उससे रुपयों की डिमांड की गई। लेकिन, जब वह पैसे नहीं दे पाई तो उसकी वीडियो वायरल कर दी गई।

पीड़िता के परिजनों को जानकारी होने पर नाबालिग के भाई ने बुधवार (28 सितंबर 2022) को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि 31 दिसंबर, 2021 को साहिल नामक मुख्य आरोपित ने कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा को फोन कर गाँव के बाहर बुलाया और अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस कुकृत्य को अंजाम दिया।

पुलिस ने जानकारी दी है कि इस मामले में वीडियो वायरल कर देने की धमकी के नाम पर पीड़िता से 50 हजार रुपए भी ठगे गए हैं। वहीं इतने पैसों के बाद भी आरोपितों ने ओर पैसों की माँग की, लेकिन पीड़िता उन्हें ओर पैसे नहीं दे सकी। जिसके बाद आरोपितों ने उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

इस मामले में पुलिस पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अतुल आगरा ने बताया कि फिलहाल भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 डी और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रथम दृष्टया में आरोप सही प्रतीत होते हैं।

बता दें कि इस केस में अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं की गई है। हालाँकि पुलिस ने यह आश्वासन दिया है कि आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

CM गहलोत को देखते ही कॉन्ग्रेस मुख्यालय पर भड़क उठे पायलट समर्थक, जोर-जोर नारेबाजी: उदयपुर में दोनों के समर्थकों के बीच मारपीट

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Rajasthan CM Ashok Gehlot) और उनके घोर विरोधी सचिन पायलट (Sachin Pilot) के बीच की तल्खी का असर दिल्ली के कॉन्ग्रेस (Congress) मुख्यालय में भी देखने को मिली। यहाँ गहलोत को देख पायलट समर्थकों ने नारेबाजी की।

दिल्ली के अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर पायलट समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि सचिन पायलट को या तो पार्टी अध्यक्ष बनाया जाए या राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जाए।

दरअसल, आज शुक्रवार को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में नामांकन का आखिरी दिन है। इस दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे और थरूर ने नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर देश भर से कॉन्ग्रेस के प्रमुख नेता दिल्ली पहुँचे हैं। राजस्थान के मख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट भी आए हैं। कॉन्ग्रेस मुख्यालय में पायलट समर्थकों को जैसी ही गहलोत नजर आए, वे नारेबाजी करने लगे।

समर्थकों ने कहा कि राहुल गाँधी युवा हैं और सचिन पायलट भी युवा हैं। भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है। जब तक युवाओं को शीर्ष पद नहीं दिया जाएगा, तब तक कॉन्ग्रेस को सत्ता नहीं मिलेगी। पायलट समर्थकों का तर्क था कि उन्हें जमीनी समस्याओं और पार्टी समस्याओं के बारे में पता है। वहीं, एक अन्य पायलट समर्थक ने कहा कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। 

बता दें कि राजस्थान में राजनीतिक उठा-पटक के बाद सचिन पायलट गुरुवार (29 सितंबर 2022) को सोनिया गाँधी से मुलाकात की थी। 10 जनपथ से बाहर निकल कर उन्होंने मीडिया के सामने कहा था कि राजस्थान उनकी पहली प्राथमिकता है। वहीं, सोनिया गाँधी से मुलाकात के बाद गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष की रेस से खुद को अलग कर लिया था।

उधर राजस्थान में दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच मारपीट के बाद मामला थाने तक पहुँच गया। गुरुवार की देर रात उदयपुर में एक समारोह स्थल के बाहर सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ पोस्ट को लेकर शिक्षक नेता के पुत्र और कॉन्ग्रेस साइबर टीम के प्रभारी के बीच गाली-गलौच हुई और मारपीट हो गई। इसके बाद मामला हाथीपोल थाने तक पहुँच गया।

दरअसल, उदयपुर संभाग के साइबर प्रभारी और कॉन्ग्रेस से पार्षद विनोद जैन गहलोत के समर्थक हैं तो कॉन्ग्रेस नेता के पुत्र भरत रामानुज सचिन पायलट के समर्थक हैं। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बहस होती रही है। गुरुवार की रात लोक कला मंडल में लोक समारोह महोत्सव के समापन से पहले दोनों के बीच फोन पर विवाद हो गया। रामानुज अपने समर्थकों के साथ वहाँ पहुँचा और दोनों के बीच बहसा-बहसी के बाद मारपीट की नौबत आ गई।