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HC जज प्रतिभा सिंह ने ‘मनु स्मृति’ का किया जिक्र, कहा- हम भाग्यशाली, हमारे शास्त्रों ने हमेशा महिलाओं को दिया सम्मानः वामपंथी औरतों के क्लब को लगी मिर्ची

दिल्ली हाई कोर्ट की जज प्रतिभा एम सिंह ने बुधवार (10 अगस्त 2022 ) को कहा कि भारत महिलाओं के लिए सबसे सम्मानजनक जगह है। इसके लिए उन्होंने मनुस्मृति का हवाला दिया। हालाँकि, इसके लिए उन्हें महिला वामपंथी नेताओं के आलोचना का भी शिकार होना पड़ा।

दरअसल, हाई कोर्ट की जज प्रतिभा एम सिंह बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं। इस कॉन्फ्रेंस का विषय ‘विज्ञान, तकनीक, एंटरप्रेन्योरशिप और गणित के क्षेत्र में महिलाओं की चुनौतियाँ’ था। कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा कि भारतीय महिलाएँ भाग्यशाली हैं, क्योंकि भारतीय संस्कृति और मनुस्मृति जैसे ग्रंथों में महिलाओं का स्थान बेहद सम्मानजनक बताया गया है।

उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज अच्छी तरह जानते थे कि महिला का सम्मान कैसे किया जाता है। मनुस्मृति ही कहती है कि यदि आप महिलाओं का सम्मान नहीं करते हैं तो आपके द्वारा किए जाने वाले सभी पूजा पाठ का कोई मतलब नहीं है। एशियाई देश महिलाओं का सम्मान करना काफी अच्छी तरह से जानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व के मामले में भी भारतीय महिलाओं की भूमिका बेहद प्रगतिशील है। 

आगे उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कह रही हूँ कि हमें निचले स्तर पर महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा और गलत बर्ताव को नजरअंदाज करने की जरूरत है, लेकिन हाँ, उच्च स्तर और मध्यम स्तर पर, हम महिलाओं को आगे बढ़ते देख रहे हैं।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संयुक्त परिवारों में पुरुष महिलाओं को बढ़ावा देते हैं क्योंकि वे समझदार होती हैं।

वामपंथी महिला नेताओं ने की आलोचना

मनुस्मृति की महिमा का बखान करने के लिए वाम दलों और संगठनों से जुड़ी महिला नेताओं ने जज प्रतिभा सिंह की गुरुवार (11 अगस्त 2022) को आलोचना की। नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन वुमेन (NFIW) की महासचिव एनी राजा ने कहा कि जज प्रतिभा शायद भारतीय महिलाओं की दयनीय दशा से ठीक से परिचित नहीं हैं। उनका बयान जातिवाद के साथ-साथ वर्गवाद को भी दर्शाता है।

NFIW ने एक बयान में कहा, “उनके द्वारा मनुस्मृति का उल्लेख करना महिलाओं और उनके विचारों पर पूर्ण अनुशासन और दंड के संस्थागत तरीकों को नजरअंदाज करना है। इसमें जाति के घृणित वर्णनात्मक मानदंडों का भी उल्लेख किया गया है।”

माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने कहा कि जस्टिस प्रतिभा के निजी विचार चाहे जो हों, उन्हें हाई कोर्ट की जज होने के नाते भारतीय संविधान को सर्वोपरि रखना चाहिए। करात ने कहा, “उन्होंने जिन ग्रंथों का हवाला दिया है वे सीधे तौर पर संविधान और भारत की महिलाओं तथा विशेष रूप से दलित और आदिवासी महिलाओं को संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का घोर विरोधी बयान है।”

जुमे से भी नहीं बदली आमिर खान की किस्मत, लाल सिंह चड्ढा के 1300 शो रद्दः कई शो में एक भी दर्शक नहीं पहुँचे

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान (Bollywood Actor Aamir Khan) की फिल्म लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha) बॉक्स ऑफिस पर औधें मुँह गिर गई है। गुरुवार (11 अगस्त 2022) को रीलिज हुई यह फिल्म पहले दिन कोई कमाल नहीं दिखा पाई और दूसरे दिन के कई शो रद्द कर दिए गए।

लाल सिंह चड्ढा और उसी के साथ रिलीज हुई फिल्म रक्षाबंधन की खराब ओपनिंग को देखते हुए कई सिनेमा घर के मालिकों ने शो की संख्या में कटौती कर दी है। देश भर में लाल सिंह चड्ढा के 1300 शो कम कर दिए गए हैं।

बॉलीवुड हंगामा ने अपने एक सोर्स के हवाले से बताया है कि दोनों फिल्मों को 10,000 शो के साथ देश भर में रिलीज किया गया था, लेकिन फिल्में दर्शकों को सिनेमा घरों तक खिंचने में नाकाम रहीं। इनमें सबसे बुरा हाल लाल सिंह चड्ढा का है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलीज के पहले ही दिन लाल सिंह चड्ढा फिल्म के कई शो में सिर्फ 10-12 लोग ही जुटे। फिल्म की ऐसी दुर्गति को देखते हुए सिनेमा घर के मालिकों ने दूसरे दिन यानी शुक्रवार (12 अगस्त 2022) के अपने शो में भारी कटौती कर दी।

देश भर के कई सिनेमाघरों में शुक्रवार को दोपहर से पहले वाले शो में एक भी दर्शक नहीं पहुँचे और उसे रद्द करना पड़ा। फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि लाल सिंह चड्ढा की ऐसी दुर्गति की किसी को उम्मीद नहीं थी।

रिपोर्ट के अनुसार, जहाँ लाल सिंह चड्ढा फिल्म के 1300 शो में कटौती की गई है, वहीं, रक्षाबंधन फिल्म के 1000 शो को कम किया गया है। विश्लेषकों का कहना है कि चड्ढा फिल्म को इतने बड़े पैमाने पर रिलीज करने की आवश्यकता ही नहीं थी।

बता दें कि आमिर खान के पूर्व के बयानों को लेकर देश भर में उनकी फिल्मों का बहिष्कार किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर आमिर खान की फिल्म के बहिष्कार करने का ट्रेंड चल रहा है। वहीं, एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक युवक हाथ में माइक लेकर लोगों से फिल्म नहीं देखने की अपील कर रहा है।

53% भारतीय चाहते हैं फिर प्रधानमंत्री बनें नरेंद्र मोदी, केवल 9% की पसंद ही राहुल गाँधी: आज हुए आम चुनाव तो फिर सत्ता में लौटेगी NDA

राजनीति में अक्सर एंटी इनकंबेंसी फैक्टर की चर्चा होती रहती है। लेकिन 2014 से प्रधानमंत्री होने के बावजूद नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) इससे अछूते हैं। 53 फीसदी भारतीय उन्हें अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। लोकप्रियता के मोर्चे पर उनके मुकाबले में कोई भी दूसरा नेता नहीं टिकता।

यह तथ्य इंडिया टुडे और सी वोटर के हालिया सर्वे से उभरकर सामने आया है। इसके मुताबिक यदि आज लोकसभा के चुनाव हुए तो फिर से भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की ही सरकार बनेगी। विपक्षी नेताओं में सबसे आगे राहुल गाँधी हैं। उन्हें 9 फीसदी भारतीय अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 7 फीसदी लोगों की पसंद हैं।

सर्वे यह भी बताता है कि केवल 23 प्रतिशत लोगों को ही लगता है कि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस को फिर से खड़ा करने में सक्षम हैं। प्रियंका गाँधी पर इस तरह का भरोसा केवल 9 प्रतिशत लोगों को है। इस मामले में मनमोहन सिंह (16%) और सचिन पायलट (14%) भी उनसे आगे हैं। 34 प्रतिशत लोग यह भी मानते हैं कि बतौर विपक्ष कॉन्ग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा है। केवल 40 प्रतिशत लोगों ने विपक्ष के तौर पर उसकी भूमिका को सराहा है।

यह सर्वे इस साल फरवरी से 10 अगस्त के बीच किया गया। इस दौरान 1,22,016 लोगों से उनकी राय पूछी गई। सर्वे के अनुसार, अगर आज चुनाव होते हैं तो एनडीए की सरकार तय है। हालाँकि बिहार में नीतीश कुमार के पाला बदलने से उसे कुछ सीटों का नुकसान हो सकता है। सर्वे के मुताबिक 1 अगस्त तक जुटाए गए आँकड़े बताते हैं कि लोकसभा चुनाव होने पर एनडीए (NDA) को 543 सीटों में से 307 सीटें मिल सकती है। यूपीए (UPA) को 125 और अन्य पार्टियों को 111 सीटें मिलने का अनुमान है।

लेकिन बिहार में सरकार बदलने के बाद एनडीए को 21 सीटों का नुकसान होने का अनुमान है। ऐसी स्थिति में एनडीए को 286 सीटें मिल सकती है। यह बहुमत से अधिक है। नीतीश के साथ आने से यूपीए का आँकड़ा 146 सीटों तक जाने का अनुमान है। बता दें कि नीतीश कुमार ने 11 अगस्त को 8वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। तेजस्वी यादव उनकी नई सरकार में डिप्टी सीएम बने हैं। जदयू ने भाजपा का साथ छोड़ते हुए राजद, कॉन्ग्रेस और वाम दलों के साथ सरकार बनाई है।

कॉन्ग्रेस विधायक के दामाद ने SUV से 6 को कुचला, रक्षाबन्धन के दिन पहले ऑटो फिर बाइक को मारी टक्कर; मृतकों में 3 महिला, गुजरात के आणंद की घटना

गुजरात के आणंद जिले में एक सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो गई है। यह टक्कर कार, ऑटो और बाईक के बीच हुई। मृतकों में 3 महिलाएँ भी हैं जो रक्षाबंधन मनाने के बाद घर के लिए निकली थीं। बताया जा रहा है कि कार गुजरात कॉन्ग्रेस विधायक पूनमभाई परमार के दामाद केतन पाढियार के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने केतन को आरोपित बनाते हुए केस दर्ज कर लिया है। घटना 11 अगस्त 2022 (गुरुवार) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सोजित्रा तालुका के पास डाली गाँव की है। यहाँ पर GJ23-CD-4404 नंबर की SUV कार ने पहले एक ऑटो वाले को टक्कर मारी। इस घटना में ऑटो सवार 4 लोगों की मौत हो गई। बाद में उसी SUV ने एक बाईक वाले को भी ठोकर मारी। इसके चलते बाईक सवार 2 अन्य लोगों की भी जान चली गई। सभी मृतक रक्षाबंधन त्यौहार मना कर लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक अब तक की जाँच में कार चलाने वाले की लापरवाही सामने आई है।

बताया जा रहा है कि कार ड्राईवर घायल है जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना शाम लगभग 7 बजे की है। SP आणंद अभिषेक गुप्ता के मुताबिक घटना के कारणों की जाँच की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 304 के तहत कार्रवाई की है। घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में आरोपित ड्राइवर की SUV सफेद रंग की गाड़ी दिखाई दे रही है। उसका अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। जबकि ऑटो और बाईक को बुरी तरह से नुकसान पहुँचा है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस घटना पर कॉन्ग्रेस को घेरा है। उन्होंने लिखा, “जहाँ कॉन्ग्रेस है वहीं मौत और विपदा है। गुजरात कॉन्ग्रेस के रिश्तेदार की कार से 6 लोगों की मौत हो गई और मीडिया खामोश है। कल्पना करो कि अगर यही कार भाजपा के किसी रिश्तेदार की होती तो अब तक हालात अलग होते।”

बिहार में फहराया चाँद-तारे वाला तिरंगा, अशोक चक्र गायब: BJP ने बताया- RJD समर्थक पूर्व मुखिया की करतूत, पुलिस बोली- नाम नहीं करेंगे उजागर

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में तिरंगे के अपमान का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिले के औराई पंचायत के पूर्व मुखिया द्वारा फहराए गए तिरंगे में अशोक चक्र के बजाए चाँद तारा छपा हुआ था। इस ध्वज के बगल में एक और झंडा फहराया गया, जो हरे रंग का है।

पुलिस ने इस झंडे को उतरवा कर FIR दर्ज कर ली है। प्रशासन ने जाँच और साम्प्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने के नाम पर आरोपित का नाम अभी तक उजागर नहीं किया है। प्रशासन ने मीडियाकर्मियों से भी उसका नाम नहीं उजागर करने की अपील की है। विवादित झंडा 9-10 अगस्त की रात में लगाया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक SDM पूर्वी ज्ञान प्रकाश ने कहा, “मामले की जाँच की जा रही है। केस औराई के थाना प्रभारी को सौंपा गया है। अभी कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। साइट वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। जो दोषी पाया जाएगा उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

ऑपइंडिया ने इस घटना की जानकारी SHO औराई से ली। उन्होंने बताया, “9-10 अगस्त की रात में किसी असामाजिक तत्व ने इस झंडे को लगाया था। इसकी सूचना हमें मिलते ही हमने मौके पर जाकर झंडे को उतरवाया। घटना में स्थानीय चौकीदार की तहरीर पर 4 आरोपितों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। मामले की जाँच की जा रही है। जाँच पूरी होने तक हम नाम को सार्वजनिक नहीं कर सकते। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

भाजपा विधायक का मोहम्मद इस्रायल पर आरोप

औराई से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री रामसूरत राय ने इस घटना में मोहम्मद इस्रायल नाम के व्यक्ति को आरोपित बताया है। 10 अगस्त को इस वीडियो के साथ किए गए ट्वीट में उन्होंने लिखा, “बिहार के औराई विधानसभा अंतर्गत पाकर चौक पर राजद समर्थक पूर्व मुखिया मोहम्मद इस्रायल द्वारा तिरंगे का अपमान किया गया। तिरंगे में अशोक चक्र की जगह इस्लामिक चिह्न चाँद तारा छपा है। सरकार बदलते ही शासन का संस्कार दिखने लगा है।”

‘मुस्लिम है या हिन्दू हो गया’: सोहा अली की रक्षाबंधन वाली तस्वीर से भड़के कट्टरपंथी, कहा- मोहर्रम पर एक भी पोस्ट नहीं

रक्षाबंधन का त्योहार कई सितारों ने धूमधाम से मनाया। फिर चाहे पटौदी खानदान के छोटे नवाब सैफ अली खान (Saif Ali Khan) हों या फिर जेह और तैमूर। इस प्यार की डोरी से बँधे भाई-बहन के इस पावन दिन की कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर की है। 

सोहा अली खान ने रक्षा बंधन की कई तस्वीरें शेयर की। जिसमें सोहा, सैफ अली खान को राखी बाँधती दिखीं तो वहीं तैमूर और जेह को इनाया राखी बाँधती नजर आईं। फोटो में जेह को सैफ उसकी बहन इनाया से टीका लगवाते नजर आ रहे हैं। सभी बच्‍चों और सैफ ने ट्र‍ेडिशनल कुर्ता पायजामा पहना है। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा- “हैप्पी रक्षाबंधन ब्वॉय और गर्ल्स।”

हालाँकि, कुछ कट्टरपंथियों को इनका रक्षाबंधन का त्योहार मनाना रास नहीं आया और उन्होंने इसके लिए उन्हें जमकर गालियाँ दी। कुछ ने तो यहाँ तक कह दिया कि ये मुस्लिम तो हैं ही नहीं।

एक यूजर ने लिखा, “मोहर्रम पर तो तुम्हारा एक पोस्ट नहीं था। एक स्टोरी नहीं थी।” वहीं दूसरे ने लिखा, “तुम लोग हिंदू हो या मुस्लिम।” 

मामिर खान के यूजर ने लिखा, “नाम से कोई मुस्लिम नहीं बनता।”

इसके अलावा एक यूजर ने जब यह कह कर खुशी जताई कि ये देखकर अच्छा लगता है कि आप भारतीय परंपरा को फॉलो कर रहे हो तो एक अन्य यूजर ने बौखलाते हुए कहा, “यह हिंदू परंपरा है, न कि भारतीय परंपरा बेवकूफ। हमेशा हिंदू परंपरा को भारतीय परंपरा बुलाकर चू**पा मत फैलाया करो।” 

एक अन्य यूजर ने तस्वीर पर कमेंट करते हुए लिखा, “तुम लोग चीज क्या हो? ना मुस्लिम ना हिंदू हो, तुम लोग हो क्या?” वहीं एक ने लिखा, मैं सोच रहा हूँ कि वह मुस्लिम है या हिंदू में परिवर्तित हो गया।”

गौरतलब है कि इससे पहले भी हिंदू त्योहार मनाने पर मुस्लिम सेलेब्रेटियों को कट्टरपंथियों की गाली का शिकार होना पड़ा है। पिछले साल फरहान अख्तर ने परिवार के साथ दीवाली की पूजा में हिस्सा लेते हुए तस्वीर पोस्ट की थी। जिसके बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने गालियों की बौछार कर दी थी। 

वहीं इससे पहले शाहरुख खान ने गणेश चतुर्थी पर बधाई दी थी और तिलक लगाया था। इसे देखकर इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए। उन्हें शाहरुख के माथे पर टीका और गणपति के प्रति इतना प्रेम नहीं पचा और वह उन्हें संप्रदाय विशेष से होने के मायने समझाने लगे। एक कामराम नाम के यूजर ने लिखा था, “मुझे लगता है कि आप ला इलाहा इल इल्लाह” का मतलब भूल गए हैं। भगवान सिर्फ़ एक है, ‘अल्लाह’। दुनिया का प्यार पाने के लिए आप क्या बन गए हैं। क्या आप अपनी अगली जिंदगी के बारे में नहीं सोचते?”

वहीं सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान को हिंदू मंदिर में जाने के कारण ट्रोल किया गया था। कट्टरपंथी उन्हें दोबारा मुसलमान होने के मायने बताने लगे। कयामत से डरने की सलाह देने लगे और लानतें भी भेजी। हिंदू धर्म के प्रति घृणा दिखाने के लिए कट्टरपंथी सारा को अपशब्द कहने लगे। एक मुस्लिम यूजर ने उन्हें लिखा, “तुम्हें मुस्लिम होने पर शर्म आनी चाहिए। शिर्क कर रही हो। अल्लाह का सामना कैसे करोगी आखिरत में।” 

पहले दिन ‘लाल सिंह चड्ढा’ फुस्स, आमिर खान की फिल्म से बेहतर था ‘बच्चन पांडे’ का हाल: पाकिस्तान में रिलीज के प्रयास, 3 साल से बैन हैं भारतीय फिल्में

आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha) पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाई। यह बीते 13 साल में आमिर खान की ओपनिंग डे पर सबसे कम कमाई करने वाली फिल्म है। रक्षाबंधन के मौके पर गुरुवार (11 अगस्त 2022) को यह फिल्म रिलीज की गई थी। अब इसे पाकिस्तान में भी रिलीज कराने के प्रयास हो रहे हैं, जिसने बीते 3 साल से भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगा रखा है।

‘लाल सिंह चड्ढा’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन करीब 10-11 करोड़ की कमाई की है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर गुरुवार की सुबह बेहद धीमी शुरुआत की। इसे देखकर ऐसा लगा कि शायद फिल्म 10 करोड़ तक का भी कलेक्शन नहीं कर पाएगी। लेकिन, दोपहर बाद फिल्म ओपनिंग डे में करीब 10-11 करोड़ का आँकड़ा छूने में कामयाब रही। कहा जा रहा है कि फिल्म दिल्ली और पंजाब में बेहतर प्रदर्शन कर रही है, लेकिन देश के बाकी हिस्सों में यह दर्शकों के लिए तरस रही है।

‘लाल सिंह चड्ढा’ की ओपनिंग डे की कमाई निर्देशक कबीर खान की फ्लॉप फिल्म ’83’ और फरहाद सामजी की फिल्म ‘बच्चन पांडे’ से भी कम रही है। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, ’83’ ने अपने ओपनिंग डे में 15 करोड़ रुपए और बच्चन पांडे ने 13.25 करोड़ रुपए कमाए थे। वहीं, यह फिल्म इस साल की सुपरहिट फिल्मों के ओपनिंग डे के करीब भी नहीं पहुँच सकी। ‘लाल सिंह चड्ढा’ ने जहाँ 10-11 करोड़ रुपए की ओपनिंग की, वहीं ‘आरआरआर’ ने पहले दिन 20.7 करोड़ रुपए और ‘केजीएफ चैप्टर 2’ ने पहले दिन 53.95 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था।

बॉलीवुड विशेषज्ञों के अनुसार, आमिर खान की फिल्म को 30 करोड़ रुपए की ओपनिंग मिलनी चाहिए थी। फिल्म का ओपनिंग डे का कलेक्शन 20 करोड़ रुपए से कम नहीं जाना चाहिए था। हालाँकि, दर्शकों ने फिल्म को सिरे से नकार दिया है।

दूसरी तरफ पाकिस्तान में इस फिल्म को को रिलीज करने के प्रयास हो रहे। सिनेपैक्स मीडिया ग्रुप के महाप्रबंधक साद बेग ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि उन्होंने सूचना मंत्रालय से पाकिस्तान में लाल सिंह चड्ढा की रिलीज की अनुमति माँगी है। साद ने बताया, “हमने सूचना मंत्रालय को एनओसी के लिए आवेदन किया है। अगर हमें एनओसी मिलती है, तो फिल्म पाकिस्तान में रिलीज होगी।” साल 2019 में पुलवामा अटैक के बाद से पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लिया गया था।

वहीं, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) और सिंध बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने पाकिस्तान में ऐसी किसी भी रिलीज से इनकार किया है। सूचना मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान में ‘लाल सिंह चड्ढा’ की रिलीज के लिए एक एनओसी जमा किया गया है। साथ ही कहा है कि हमारी नीति एक जैसी है। कोई भी भारतीय फिल्म या भारत में बना कोई भी प्रोजेक्ट पाकिस्तान में रिलीज नहीं होगा।

‘बैट-बॉल खेलो, मैं मुन्नी नहीं जो बदनाम हो जाऊँगी’: क्या ऋषभ पंत को ‘छोटू भैया’ बता रहीं उर्वशी रौतेला, क्रिकेटर ने लिखा था- मेरा पीछा छोड़ो बहन

क्या भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत और बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला के बीच पंगा चल रहा है? क्या दोनों इशारों में सोशल मीडिया पर एक दूसरे को टारगेट कर रहे हैं? यह सवाल कई दिनों से पूछा जा रहा है। उर्वशी रौतेला के ‘छोटू भैया’ वाले ट्वीट से इन कयासों को और बल मिला है। इससे पहले ऋषभ पंत ने लिखा था- मेरा पीछा छोड़ो बहन।

अपने ट्वीट में उर्वशी ने ‘छोटू भैया’ को क्रिकेट पर फोकस करने की सलाह दी है। उन्होंने लिखा है, “छोटू भैया को बैट-बॉल खेलनी चाहिए। मैं कोई मुन्नी नहीं हूँ जो बदनाम होऊँ तेरे जैसे यंग किड्डो डार्लिंग के लिए।” इसके साथ उर्वशी ने ‘रक्षाबंधन मुबारक हो’, ‘RP छोटू भैया’ जैसे हैशटैग भी लगाए हैं। इसे नेटिज्नस ऋषभ पंत की इंस्टा स्टोरी का जवाब बता रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में उर्वशी रौतेला ने एक इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने मिस्टर RP का किस्सा सुनाते हुए कहा था “मैं वाराणसी में शूटिंग कर दिल्ली आई थी, जहाँ मेरा शो होना था। मैंने पूरे दिन शूटिंग की। मिस्टर RP मेरे से मिलने आए थे और वह लॉबी में मेरा इंतजार कर रहे थे। 10 घंटे की शूटिंग के बाद जब मैं वापस आई तो थक गई थी और आकर सो गई। इतनी बार मुझे कॉल आया, मगर मुझे पता नहीं चला। जब मैं उठीं तो मैंने 16-17 मिस्ड कॉल देखी। तब मुझे बहुत बुरा लगा। फिर मैंने उनसे कहा कि जब आप मुंबई आओगे तब हम मिलेंगे और हम वहाँ मिले।”

उन्होंने इंटरव्यू के दौरान मिस्टर RP का पहचान बताने से इनकार कर दिया। लेकिन सोशल मीडिया में RP को ऋषभ पंत से जोड़ा जाने लगा। इसके बाद सोशल मीडिया में पंत की इंस्टा स्टोरी बताकर एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ। इसमें लिखा था, “यह देख कर हँसी आती है कि कुछ लोग सुर्ख़ियों में आने के लिए अपने इंटरव्यू में झूठ कैसे बोलते हैं। दुःख की बात है कि कुछ लोग नाम और प्रसिद्धि पाने के कितने भूखे हैं। भगवान उनका भला करें।” ऋषभ पंत ने इस पोस्ट के साथ #merapichachorhobehen (मेरा पीछा छोड़ो बहन) और #jhutkibhilimithotihai (झूठ की भी लिमिट होती है) हैशटैग लगाया था।

पंत ने इस पोस्ट को लिखने के महज 10 मिनट बाद ही डिलीट कर दिया था। लेकिन तब तक कुछ लोगों द्वारा उसका स्क्रीनशॉट लिया जा चुका था जो बाद में वायरल हो गया। बताया गया कि वह पोस्ट बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला के लिए लिखा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जाता है कि साल 2018 में पंत और उर्वशी रौतेला रिलेशनशिप में थे। इनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। हालाँकि, कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर यह खबर उड़ी कि पंत ने उर्वशी रौतेला को व्हाट्सएप पर ब्लॉक कर दिया है। बाद में ये जानकारी निकल कर सामने आई थी कि दोनों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे को मैसेंजर एप ब्लॉक किया था।

पार्टी का इकलौता यादव MLA हूँ, मुझे मंत्री बनाइए: बिहार से सोनिया-राहुल गाँधी को चिट्ठी, नीतीश कुमार की नई सरकार में कॉन्ग्रेस भी है साझेदार

बिहार में नीतीश कुमार ने नई सरकार राजद, कॉन्ग्रेस, हम और वामपंथी दलों के साथ बनाई है। नई सरकार का मंत्रिमंडल गठन अभी शेष है। कैबिनेट में साझेदार दलों की हिस्सेदारी को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। लेकिन मंत्री पद को लेकर दावेदारी शुरू हो चुकी है।

इसी क्रम में कॉन्ग्रेस विधायक छत्रपति यादव ने खुद को मंत्री बनाने की माँग की है। इसका आधार उन्होंने अपनी जाति को बनाया है। इसको लेकर छत्रपति यादव ने कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को एक चिट्ठी लिखी है। बुधवार (10 अगस्त 2022) को लिखी गई इस चिट्ठी में कहा गया है कि वे कॉन्ग्रेस के एकमात्र यादव (पिछड़ा वर्ग) से विधायक हैं। इसलिए उन्हें महागठबंधन सरकार में मंत्री बनाया जाना चाहिए। यह चिट्ठी उसी दिन लिखी गई है जिस दिन नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

पत्र में विधायक छत्रपति यादव ने लिखा, “मैं खगड़िया विधानसभा से कॉन्ग्रेस का एकमात्र पिछड़े वर्ग यादव जाति का विधायक हूँ। गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने पर कॉन्ग्रेस के कुल 19 विधायक हैं। बिहार की नई गठबंधन सरकार में पिछड़ा वर्ग की यादव जाति को शामिल किए जाने की जरूरत है। ऐसा करने से यादव जाति का मनोबल बढ़ेगा। मैं व्यक्तिगत तौर पर कॉन्ग्रेस से यह अपील करता हूँ।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा ने कॉन्ग्रेस विधायक छत्रपति यादव की इस माँग की आलोचना की है। कॉन्ग्रेस विधायक की यह माँग ऐसे समय में सामने आई है, जब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव राजनीतिक बयानबाजी में गिरिराज सिंह की ‘चोटी’ को खींचने को लेकर सवालों के घेरे में है। दरअसल तेजस्वी यादव जिस राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी हैं, उसने कभी बिहार में ‘भूरा बाल साफ करो’ का नारा दिया गया था। इस नारे ने राज्य में जातीय कटुता पैदा की थी। इसकी वजह से कई भीषण जातीय नरसंहार हुए।

‘पागल का रोल करने के लिए सरदार बनना क्यों जरूरी था’: लाल सिंह चड्ढा वाले आमिर खान का ‘पाकिस्तान प्रेम’ KRK ने किया उजागर, करीना कपूर को बताया ‘आंटी’

कमाल आर खान (Kamaal R Khan) उर्फ केआरके ने भी आमिर खान (Amir Khan) की फिल्म ‘लाल सिंह चड्डा’ का रिव्यू कर दिया है। उन्होंने ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) का मजाक उड़ाते हुए आमिर खान को पागल, बेवकूफ और मेंटल बताया है। केआरके ने अपने यूट्यूब चैनल पर फिल्म का रिव्यू अपलोड किया है। उन्होंने फिल्म के डायलॉग्स को बेहद खराब बताया है। केआरके ने फिल्म की लीड एक्ट्रेस करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) को ‘आंटी’ बताया है।

उन्होंने कहा है, “आमिर खान को ठीक से पंजाबी भी बोलना नहीं आ रहा है। इसे एक्टिंग ही नहीं आती है, बेदम एक्टिंग वाले आमिर ने 2 घंटे 20 की फिल्म को 3 घंटे की फिल्म बना दिया है। ये फिल्म हॉलीवुड स्टार टॉम हैंक्स की फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ का हिंदी रीमेक है, जिसका रिव्यू मैं पहले ही कर चुका हूँ। अब आप खुद अंदाजा लगा सकता हैं कि जब 2 घंटे 20 मिनट की फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ इतनी बोरिंग थी, तो आमिर खान की 3 घंटे की फिल्म कितनी बोरिंग होगी।”

केआरके के मुताबिक, “उस फिल्म में हीरो-हीरोइन एक बार मिल रहे थे, तो इसमें 4 बार मिल रहे हैं। उस फिल्म में हीरो एक बार फुटबॉल लेकर भागता है, तो इस फिल्म में 5 बार लेकर भाग रहा है। ‘फॉरेस्ट गंप’ फिल्म की कहानी को जान-बूझकर चिंगम की तरह खींचा गया है, ऊपर से ‘लाल सिंह चड्ढा’ में 15 मिनट जानबूझकर बढ़ाए गए, सिर्फ ये दिखाने के लिए कि पाकिस्तान के लोग कितने अच्छे होते हैं। इसी तरह कबीर खान ने भी अपनी फिल्म ’83’ में ये दिखाने कि कोशिश की थी कि पाकिस्तान कितना अच्छा मुल्क है।”

बॉलीवुड फिल्मों के रिव्यू को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले कमाल आर खान आगे कहते हैं, “फिल्म बहुत स्लो और बोरिंग है। ट्रेन में बैठा आमिर खान पागलों जैसी हरकतें कर रहा है। मैं आमिर खान से सिर्फ इतना पूछना चाहता हूँ कि जब आपको फिल्म में पागल का ही रोल करना था फिर आपका सरदार बनना जरूरी क्यों था। क्या आप ये साबित करना चाहते हैं कि सरदार पागल होते हैं।”

वह कहते हैं, “फिल्म में एक पागल को आर्मी में भर्ती कर लिया गया, जबकि इंडियन आर्मी में पागलों को भर्ती नहीं किया जाता है। ‘लाल सिंह चड्ढा’ में आमिर मोहम्मद नाम के एक पाकिस्तानी को बचाता है। यही दोनों बाद में फिल्म में आगे चलकर चड्डी-बनियान का बिजनेस करते हैं। वहीं करीना कपूर खान फिल्म में स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस का किरदार निभा रही हैं और उनके साथ फिल्म में वही होता है जो बॉलीवुड में असलियत में नए कलाकारों के साथ किया जाता है।” इसके अलावा उन्होंने साउथ की एक्ट्रेस समांथा रूथ प्रभु को आमिर खान को थैंक्स कहने को कहा, जो उन्होंने नागा चैतन्य से उनका तलाक करवा दिया।

बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ 11 अगस्त 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को कई क्रिटिक ने सिरे से नकार दिया है।