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सेक्स करने पर मिलेगी 7 साल की सज़ा, सिंगल्स के लिए क़तर का शरिया कानून: FIFA वर्ल्ड कप से पहले किया ऐलान

फ़ुटबॉल प्रशंसक, सावधान! कतर में फीफा विश्व कप 2022 (FIFA World Cup 2022) के दौरान किसी भी विवाहेत्तर यौन संबंध स्थापित करते पकड़े गए तो सात साल की जेल की सजा हो सकती है। दरअसल, इस साल नवंबर में फुटबॉल वर्ल्ड कप खेला जाना है, जिसकी मेजबानी कतर कर रहा है। वहीं इस्लामिक देश क़तर ने शरिया कानून को ध्यान में रखते हुए फीफा वर्ल्ड कप के दौरान शराब और सेक्स को लेकर कई तरीके की बंदिशें लगाई हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देश क़तर में जब तक आप पति-पत्नी की टीम के रूप में नहीं आ रहे हैं, तब तक सेक्स आपको सेक्स से दूर ही रहना होगा। ऐसे में निश्चित रूप से इस टूर्नामेंट में कोई वन-नाइट स्टैंड नहीं होगा। कोई ऐसी पार्टी नहीं होगी जहाँ सिंगल्स दूसरों से मिल सकें। वर्ल्ड कप के कई महीने पहले ही क़तर ने फुटबॉल फैंस को खुली चेतावनी दे दी है कि इस साल के यदि विश्व कप में वन-नाइट स्टैंड में पकड़े गए तो आपको सात साल तक सलाखों के पीछे रहना पड़ सकता है।

असल में क़तर अपने इस्लामिक कानून और नियमों को लेकर सख्त पाबन्द है और यहाँ सेक्स को लेकर भी कई कड़े नियम लागू हैं। यहाँ पर पति-पत्नी के अलावा किसी और के साथ सेक्स करना गैर कानूनी है, चाहे वह दोनों की मर्ज़ी से ही क्यों न हुआ हो फिर भी इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान हैं। इसलिए फीफा वर्ल्ड कप के दौरान क़तर आने वाले सिंगल्स अगर किसी के साथ सेक्स करते पकड़े जाते हैं तो उन्हें पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। यदि आप होमोसेक्शुअल रिलेशनशिप में है तो भी आपके विरुद्ध शरिया कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। कुलमिलाकर, इस साल के विश्व कप में पहली बार अनिवार्य रूप से अवैध सेक्स प्रतिबंध है।

गौरतलब है कि कतर में अपने नागरिकों के लिए भी शादी के बाहर सेक्स और समलैंगिकता अवैध है। वहाँ पहले से ही अलग-अलग सरनेम वाले फैंस को होटल का कमरा तक नहीं मिल रहा। कतर में फीफा 2022 विश्व कप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नासिर अल-खतर ने कहा, “हमारे लिए हर एक फैन की सिक्योरिटी बेहद अहम है। यहाँ खुले में तो पति-पत्नी भी किसी तरह के प्यार का इजहार नहीं कर सकते क्योंकि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। कतर एक रूढ़िवादी देश है और अगर आप यहाँ आ रहे हैं तो आपको नियमों का पालन करना ही होगा।”

वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में समलैंगिकता को लेकर कतर फुटबॉल संघ के महासचिव मंसूर अल अंसारी के हवाले से कहा गया है कि क़तर में वर्ल्ड कप के दौरान इंद्रधनुषी झंडों पर भी प्रतिबंध लगाने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने अप्पने बयान में कहा, “आप एलजीबीटी के बारे में अपना विचार प्रदर्शित करना चाहते हैं, तो इसे ऐसे समाज में प्रदर्शित करें जहाँ यह स्वीकार हो। कतर में इसकी कोई जगह नहींं।”

फैजल, शोहिल और सलमान ने दलित अधेड़ को पीट-पीट कर मार डाला, छेड़खानी का किया था विरोध: छत पर चढ़ लड़कियों से करते थे छेड़छाड़

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई हैं, जहाँ एक दलित के घर पर की छत पर लड़कियों से छेड़छाड़ कर रहे मुस्लिम युवकों को रोकने गए अधेड़ उम्र के पिता की हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। इस मामले में मृतक राजू की पत्नी की शिकायत पर तीन आरोपितों बुधवार (22 जून 2022) को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों में मोहम्मद फैजान उर्फ भूरा पुत्र इमदाद हुसैन, मोहम्मद शोहिल पुत्र इमदाद हुसैन और फैय्याज हुसैन का बेटा मोहम्मद सलमान उर्फ मुन्ना शामिल है। इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 149, 302 3(2)5 SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना जिले के अमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माधौपुर की है। 16 जून को मुस्लिम आरोपित छत पर चढ़कर, लड़कियों से छेड़छाड़ कर रहे थे। लड़कियों को बचाने के लिए गए दलित जब इसका विरोध किया तो आरोपितों ने अधेड़ के साथ बुरी तरह से मारपीट की। इस मारपीट में बुरी तरह से घायल अधेड़ राजू गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसको इलाज के लिए अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहाँ 18 जून को उसकी मौत हो गई। इस मामले में बीती रात भी पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। आसपास के तीन थानों की फोर्स को मौके पर तैनात किया गया है। इस मामले में मृतक राजू की पत्नी राम बेटी ने अमरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। बहरहाल तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकियों की तलाश की जा रही है। अमरिया के थानाध्यक्ष केके वर्मा ने मामले में आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

कर्नाटक में JDS विधायक की गुंडई, कॉलेज प्रिंसिपल को पीटा: वीडियो वायरल, कर्मचारी संघ नाराज़

कर्नाटक (Karnataka) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मांड्या शहर में सोमवार (20 जून 2022) को जनता दल (सेक्युलर) के विधायक एम श्रीनिवास (M Srinivas) ने एक कॉलेज के प्रिंसिपल को सार्वजनिक रूप से पीट दिया। बताया जा रहा है कि विधायक नलवाड़ी कृष्णराजा वाडियार आईटीआई कॉलेज के निरीक्षण करने के लिए गए थे। उसी दौरान उन्होंने ये हरकत की।

रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेज में बने कंप्यूटर लैब के लिए चल रहे विकास कार्यों को लेकर प्रिंसिपल से उन्होंने कुछ सवाल पूछा, जिसका उत्तर जब विधायक के मन मुताबिक नहीं मिला तो उन्होंने प्रिंसिपल को थप्पड़ जड़ दिए। पीड़ित प्रिंसिपल की पहचान नागानंद के रूप में हुई है।

जेडीएस विधायक की इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कई बार प्रिंसिपल को थप्पड़ मारते देखा गया। जेडीएस विधायक ने पहले अपने साथियों के सामने कॉलेज प्राचार्य को फटकार लगाई और फिर मारपीट करने लगे।

इस घटना के बाद प्रिंसिपल नागानंद सदमे में हैं। वही वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग विधायक को शाँत करने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में हालाँकि, कॉलेज प्राचार्य ने शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन सरकारी कर्मचारी संघ (मांड्या) के अध्यक्ष शंभू गौड़ा ने जानकारी दी है कि मामला जिला आयुक्त के समक्ष उठाया जाएगा।

सरकारी कर्मचारी संघ ने घटना की पूरी जानकारी ली और नागानंद को अपना पूरा समर्थन भी दिया। नेटिजन्स ने एक कॉलेज प्रिंसिपल के साथ मारपीट और अपमानित करने के लिए जेडीएस विधायक की भी आलोचना की है।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने किया था पुलिस पर हमला

ये कोई पहली बार नहीं है, जब नेताओं ने इस तरह की हरकतें की हों। इससे पहले हाल ही में जेडीएस की पूर्व सहयोगी कॉन्ग्रेस पार्टी ड्यूटी पर पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट करने के लिए चर्चा में रही है। हाल ही में राहुल गाँधी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन के दौरान 16 जून को तेलंगाना में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ लिया था।

इसी तरह से 21 जून को नेट्टा डिसूजा को अग्निपथ योजना के विरोध में पुलिस अधिकारियों पर थूकते देखा गया था। डिसूजा अखिल भारतीय महिला कॉन्ग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। खास बात ये है कि ये वही नेता है, जो जवानों के अधिकारों के लिए लड़ने का दावा करती हैं। बाद में वही पुलिसकर्मियों का अपमान करते देखा गया।

हाथ बाँध कर सेक्स, चाकू से वार: शाहबाज ने ‘राहुल गुर्जर’ बन हिन्दू लड़की को फाँसा, अब कह रहा – इस्लाम क़बूलो, जन्नत मिलेगी

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के हरदा जिले से लव जिहाद (Love Jihad) का चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहाँ शाहबाज शरीफ नाम के मुस्लिम युवक ने एक हिन्दू लड़की को राहुल गुर्जर बनकर अपने जाल में फँसा लिया। बाद में आरोपित ने पीड़िताके साथ रेप (Rape) किया और उस पर धर्मान्तरण (Religious Conversion) इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया। आरोपित ने पीड़िता को कहा कि अगर वो इस्लाम कबूल करती है तो उसे जन्नत मिलेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता दुर्गेश नंदिनी चौहान (24) हरदा जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्या विहार कॉलोनी की रहने वाली है। अनुसूचित समुदाय से आने वाली नंदिनी बीएससी की स्टूडेंट है। पीड़िता का कहना है कि शाहबाज सेठ (राहुल गुर्जर) कट्टरपंथी इस्लामवादी है। उसने कहा था कि जल्द हमलावर जल्द ही भारत पर कब्जा कर लेंगे। पीड़िता की शिकायत पर आरोपित खिलाफ रेप और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम समेत कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर पहली एफआईआर (नंबर 00/2022) 27 मई 2022 को हरदा जिले के टिमरनी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। बाद में अगले दिन मामले को सिराली थाने में ट्रांसफर कर दिया गया और वहाँ एक नई एफआईआर (नंबर 164/2022) दर्ज की गई थी।

नंदिनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब डेढ़ साल पहले हरदा डिग्री कॉलेज में उसकी मुलाकात आरोपित से हुई थी। शुरुआत में वो नंदिनी को पटाने के चक्कर में उसकी पढ़ाई से लेकर तमाम चीजों में बहुत ही ख्याल रखा। इस कारण दोनों करीब आ गए। वक्त के साथ प्यार हुआ और शारीरिक संबंध भी बन गए। एक दिन सरसौद स्थित पत्थर की एक छोटी से खदान के ऑफिस में जब वो थी, तो उसी दौरान उसे पहली बार उस पर शक हुआ। बाद में राहुल ने खुलासा किया कि उसका असली नाम शाहबाज सेठ है और उसने नंदिनी को फँसाने के लिए ये सब किया था।

नौकरी का झाँसा देकर वो 14 नवंबर 2021 को नंदिनी को मल्हारगंज के कन्नौद ले गया। वहीं पर दोनों साथ रहने लगे। इस दौरान उसने नंदिनी पर कड़ी नजर रखी। हर चीज मसलन फोन पर बात करते वक्त भी स्पीकर चालू करने को कहता। उसने नंदिनी के अंतरंग पलों को अपने फोन में रिकॉर्ड किया और जब वो उससे सेक्स के लिए इनकार करती तो उसे वायरल करने की धमकी देता था। एक दिन एक कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने से उसने उससे अपने माता-पिता से मिलने देने के लिए राजी किया। बाद में घर पहुँचकर जब अपनी व्यथा परिजनों को बताई तो उन्होंने केस दर्ज कराया।

‘मेरे जीवन के एक-एक इंच को कंट्रोल किया’

स्वराज्य से बात करते हुए नंदिनी ने बताया कि शाहबाज कन्नौद ले जाने के बाद शुरू में तो ठीक था, लेकिन बाद उसने अपना असली रंग दिखाया। वो उसे घर में बंद कर देता, उसका फोन ले लेता। बाद में वो नंदिनी के साथ मारपीट करने लगा। नर्सिंग में डिप्लोमा कर चुकी नंदिनी कहती हैं, “उसने मेरी लाइफ के हर इंच को नियंत्रित किया। उसकी इजाजत के बिना मैं अपने माता-पिता की कॉल का जवाब भी नहीं दे सकती थी।”

पीड़िता ने आरोपित के वहशीपने को उजागर करते हुए बताया कि वह सेक्स करते समय उसके हाथों को बाँध देता था और उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों में चाकू जैसे धारदार चीजों से कट मार देता था। नंदिनी ने कहा, “वो ऐसे पेश आता था, जैसे वो मालिक हो और मुझे उसकी हर बात माननी चाहिए।”

नंदिनी के मुताबिक, आरोपित ने कहा था कि अगर वो इस्लाम कबूलती है तो उसे (शाहबाज) जन्नत मिलेगी। शाहबाज ने ये भी कहा था कि वो निकाह करेगा। एक जो उसके धर्म से होगी और दूसरी नंदिनी। इसके अलावा उसने नंदिनी को धमकाया की सेना में आधे से अधिक मुस्लिम हैं और वो अपना काम करना बंद कर दें तो आक्रमणकारी भारत पर कब्जा कर लेंगे। मुस्लिमों से निकाह करने वाली बॉलीवुड अभिनेत्रियों का उदारण देकर वो कहता था कि केवल इस्लाम ही एक आदर्श धर्म है। उसने ये भी कहा था कि निकाह के बाद उसे ‘हिजाब’ पहनना होगा।

पीड़िता का आरोप है कि शाहबाज के परिजन अब मामले को सुलझाने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने उसके भाई का अपहरण करने की भी धमकी दी है। बहरहाल, मामले में धारा 376 (बलात्कार), 376 (2) (एन) (बलात्कार करने वाले को कठोर कारावास), 506 (आपराधिक धमकी) और रोकथाम की धारा 3 (2) (VA), मध्य प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5 के साथ अत्याचार अधिनियम, 2015 के तहत केस दर्ज किया गया है।

‘जिस्मफरोशी के लिए सप्लाई की जाती थीं नॉर्थ ईस्ट की लड़कियाँ’: भारतीय नागरिकता के जुगाड़ में था चीनी ‘जासूस’, हवाला कारोबार के लिए बनाई 8 फर्जी कंपनियाँ

उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहने वाले दो चीनी नागरिकों की नेपाल सीमा से गिरफ्तारी के बाद लगातार कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। अभी तक की पुलिस की जाँच में सामने आया है कि चीनी नागरिक सु फाई व उसकी गर्लफ्रेंड ने 8 फर्जी कम्पनियाँ खोली हुई थी। प्रत्येक कंपनी में 3 पार्टनर थे। यहाँ तक कि चीनी नागरिकों का नेटवर्क कई शहरों में फैले होने की बात भी सामने आई है। वहीं चीनी नागरिकों के फर्जी कंपनियों से हवाला के जरिए रुपए वाइट किए जा रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूरे मामले में पुलिस ने करीब 40 करोड़ के कैंसल चेक भी बरामद किए हैं। अनुमान है कि हवाला कारोबार के जरिए अरबों रुपए का लेनदेन हुआ है। इस जाँच में अब जीएसटी विभाग की भी एंट्री हो गई है। वहीं चीनी नागरिक सु फाई ओर उसकी गर्लफ्रेंड का नेटवर्क बेंगलुरु, मुंबई, के साथ ही नॉर्थ ईस्ट के 4 शहरों से जुड़े होने की बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि इन शहरों में अलग-अलग पते पर फर्जी कंपनियाँ रजिस्टर्ड की गई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, दो फर्जी कंपनियों का खुलासा पुलिस पहले ही कर चुकी है। जाँच में सामने आया है कि सभी कंपनियाँ मोबाइल पार्ट से संबंधित बनाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, अरबों रुपए के हवाला कारोबार से जुड़े इस रैकेट के तार चीन से भी जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। चीनी नागरिकों के इस नेटवर्क में 100 से अधिक लोगों के जुड़े होने की आशंका है।

वहीं मामले की छानबीन करते हुए पुलिस जाँच में चीनी नागरिक के दोस्त रवि कुमार नटवरलाल का पता चला है। जो प्रत्येक कंपनी में शेयर होल्डर है। सभी कंपनियों में पार्टनर दो से तीन लोग बनाए गए हैं। ज्यादातर कंपनियों में सु फाई और रवि नटवरलाल ही पार्टनर हैं। वहीं पुलिस नटवरलाल को ही मास्टरमाइंड बता रही है। उसने एमबीबीएस की पढाई की हुई है।

बता दें कि जहाँ करोड़ों रुपए का लेनदेन के मामले में अब जीएसटी विभाग ने भी जाँच शुरू कर दी है। वहीं जाँच में पहले ही यह बात सामने आ गई है कि फर्जी कंपनी व गेस्ट हाउस में पब और हवाला कारोबार के साथ देह व्यापार से जुड़े लोगों को करीब 15 करोड़ रुपए सु फाई और इसकी गर्लफ्रेंड ने कई बैंक अकाउंट में भेजे हैं। इनमें कई विदेशी खाते भी हैं।

गौरतलब है कि सु फाई ओर उसकी गर्लफ्रेंड की जमानत कराने के लिए चीन में बैठे माइकल नाम के व्यक्ति ने दिल्ली हाई कोर्ट की एक लॉ एजेंसी हायर की है। इसके 20 वकील जमानत कराने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। वहीं इस पूरे मामले में सु फाई समेत उसकी गर्लफ्रेंड के दो पासपोर्ट अलग-अलग नाम से पाए गए हैं। इसी पासपोर्ट से इंडिया में 15 से अधिक शहरों में हवाई यात्राएँ की गई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, जाँच अधिकारी ने यह भी बताया है कि इन लोगों का इंडिया में बसने के लिए फर्जी एड्रेस और पहचान पत्र बनवाने की पूरी योजना थी।

जो महिला बन सकतीं हैं देश की पहली ST राष्ट्रपति, जानिए कैसा है उनका गाँव: पूरी तरह डिजिटल है ऊपरबेड़ा, ग्रामीण बोले- यह द्रौपदी मुर्मू की देन

ओडिशा के मयूरभंज जिले में है रायरंगपुर। रायरंगपुर से करीब 25 किमी की दूरी पर है ऊपरबेड़ा। ऊपरबेड़ा उन द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) का गाँव हैं जो एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं। इस पद के लिए उनका निर्वाचित होना करीब-करीब तय है। ऐसा हुआ तो वे इस पद पर पहुँचने वाली दूसरी महिला और अनुसूचित जनजाति वर्ग (ST) से आने वाली पहली शख्सियत होंगी।

दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण ने इस गाँव की स्थिति पर रिपोर्ट की है। इसके अनुसार इस गाँव में 300 घर हैं। करीब 6000 की आबादी है। गाँव पूरी तरह डिजिटल है। ग्रामीणों के अनुसार यह विकास द्रौपदी मुर्मू की ही देन है।

द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद से इस गाँव में खुशी का माहौल है। ग्रामीण खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कुछ लोग अपने गाँव की बेटी को अभी से राष्ट्रपति मान चुके हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिनों गाँव का बच्चा-बच्चा अलग ही रंग में दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं है। मेले जैसा नजारा है। हर चौक-चौराहे पर केवल यही चर्चा हो रही है कि अपने घर की बेटी देश की राष्ट्रपति बनेगी।

स्थानीय लोग द्रोपद्री मुर्मू से बहुत प्यार करते हैं। इसकी वजह द्रौपदी मुर्मू का हर विषम परिस्थितियों में उनके साथ खड़ा होना है। वह अपने गाँव वालों को अपना परिवार समझती हैं। अपने पति और बेटों की मौत के बाद उन्होंने कभी भी खुद को अकेला नहीं समझा। एक महिला जिसके पति और बेटे इस दुनिया में ना रहे तो वह खुद को कमजोर समझने लगती है, लेकिन उन्होंने (मुर्मू) इसे अपनी कमजोरी की जगह ता​​कत बनाया और अपने ससुराल की जमीन शिक्षण संस्थान के नाम दान कर दी। मौजूदा वक्त में इस जमीन पर छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल के साथ-साथ एसएलएस स्कूल के नाम पर शिक्षण संस्थान संचालित हो रहा है, जिसमें करीब 70 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने यहाँ अपने पति और बच्चों की याद में प्रतिमा भी स्थापित कराई है।

रेवती नंदी कहती हैं, “वह मुझे मौसी बुलाती है। अपने घर की बेटी है। जब भी आती है, हम लोगों से मिले बिना नहीं जाती। घर में बैठकर खाना भी खाती है। काफी विनम्र स्वभाव की है हमारी द्रौपदी।” 50 साल की सारोमनि कहती हैं, “मेरा गाँव तो डिजिटल है। यहाँ सबका बैंक में खाता है। खेती-बारी के लिए कर्ज घर बैठे ही मिल जाता है। हम लोगों के घर में पानी की पाइपलाइन और शौचालय भी हैं। गरीबों के लिए पीएम आवास है। यह सब द्रौपदी की ही देन है।”

वहीं सत्यजीत गिरि बताते हैं, “वर्ष 2000 के आसपास हमारे गाँव आने में काफी परेशानी होती थी। द्रौपदी मुर्मू ने 2003 में पुल बनवा दिया। अब गाँव से बाहर जाने में कोई परेशानी नहीं होती है।”

बता दें कि द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला राज्यपाल रही हैं। उनका जन्म ओडिशा के आदिवासी जिले मयूरभंज के बैदापोसी गाँव में हुआ था। 1997 में वह रायरंगपुर से बतौर पार्षद जीतीं। इसके बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी की आदिवासी मोर्चा का उपाध्यक्ष बनाया गया। साल 2000 और 2009 में वह रायरंगपुर से विधायक भी चुनी गईं।

उद्धव ठाकरे ने लाइव आकर दी बाला साहब की दुहाई, CM कुर्सी के साथ शिवसेना छिनने का भी खतरा: एकनाथ शिंदे चुने गए विधायक दल के नेता, नया चीफ व्हिप भी

शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने पार्टी द्वारा विधायकों को दी गई चेतावनी को नज़रअंदाज़ करते हुए अपना चीफ व्हिप नियुक्त कर लिया है। एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के कदम को अवैध बताते हुए कहा है कि उनके पास 46 विधायकों का समर्थन है। उधर शिवसेना के 34 विधायकों ने एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे उद्धव सरकार में मंत्री रहे अनिल देशमुख और नवाब मलिक पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर असंतोष जताया है।

उधर उद्धव ठाकरे ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा है कि वो इस पर ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहते हैं कि हिंदुत्व के लिए उनकी पार्टी ने क्या-क्या किया है। उन्होंने अपने पिता बाल ठाकरे की दुहाई दी।

14वीं महाराष्ट्र विधानसभा के इन 34 सदस्यों ने एकनाथ शिंदे को शिवसेना के विधायक दल का नेता घोषित कर दिया है। विधायकों ने अपने हस्ताक्षरित प्रस्ताव में कहा कि 2019 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी का भाजपा के साथ गठबंधन था, लेकिन उसके बाद NCP-कॉन्ग्रेस के साथ जाने के कारण और भ्रष्टाचार के तमाम मामलों के सामने आने के कारण कार्यकर्ताओं में असंतोष है। पुलिस पोस्टिंग और प्रशासन में भी भ्रष्टाचार की बात कही गई है।

साथ ही इन विधायकों ने यह भी कहा कि कॉन्ग्रेस-NCP के साथ जाने के कारण उन्हें विपक्ष के हाथों व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से प्रताड़ना का सामना भी करना पड़ा है। हालाँकि, शिवसेना के विधायकों को तोड़ने के लिए 37 के नंबर की आवश्यकता है। ये भी खबर आ रही है कि उद्धव ठाकरे कोविड-19 नेगेटिव पाए गए हैं और उन्हें कोरोना नहीं है। फ़िलहाल एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस विधायक असम के गुवाहाटी स्थित रेडिसन ब्लू होटल में रुके हुए हैं।

इन 34 विधायकों ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भेजे गए पत्र में एकनाथ शिंदे को अपना समर्थन दिया है। एकनाथ शिंदे ने भारत गोगावले को शिवसेना का चीफ का चीफ नियुक्त किया है। शिवसेना ने अपने पत्र में उन्हें बैठक में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। पत्र में कहा गया है कि जो भी विधायक अनुपस्थित रहेगा, ये समझा जाएगा कि उसने स्वेच्छा से शिवसेना छोड़ दी है। साथ ही बिना किसी पूर्व सूचना या वैध कारण के अनुपस्थित रहने वाले विधायकों को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कराने की धमकी भी दी गई है।

‘मुस्लिम-OBC-दलित-ST… फर्क नहीं पड़ता आप फासीवादी पार्टी से हैं’: द्रौपदी मुर्मू की राष्ट्रपति उम्मीदवारी पर शुरू हो गया लेफ्ट-लिबरल गैंग का रोना

एनडीए ने मंगलवार (21 जून 2022) को जैसे ही झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया है। तभी से उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर एक नकारात्मक माहौल बनाए जाने लगा है। जहाँ आज के मौजूदा राजनीतिक दौर में बीजेपी के इस राजनीतिक कदम की सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देने की वजह से तारीफ होनी चाहिए थी और बड़े तबके में हो भी रही है। वहीं जाति आधारित राजनीति करने वाले कुछ दल, उनके नेता और समर्थकों के साथ ही इस्लामी और वामपंथी समूह थोड़े उखड़े हुए हैं। और कहीं न कहीं इस पूरे कदम को एक निम्नतम स्तर पर पहुँचाने के लिए भाषा और लिखने-बोलने की मर्यादा को तार-तार करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।

हमने ऐसे लोगों के कुछ ट्वीट इकट्ठे किए हैं ताकि आप देख सकें कि बीजेपी के विरोध में ये सभी आदिवासी-वनवासी समाज के ही विरोध में उतर आए हैं। यहाँ तक कि अब अचानक से इनकी जनजाति पहचान को ही फासिज्म से जोड़कर हो हल्ला मचा रहे हैं।

किसी अभिषेक सिंह नाम के ट्विटर यूजर ने द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी में वनवासी या दलित समाज की उन्नति को ख़ारिज करते हुए लिखा, “आरएसएस का दलित या आदिवासी भी संघी है, इसलिए ऐसी उम्मीदवारी पर खुश होना बंद कीजिए।”

दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने पर तंज करते हुए लिखा, “एक मुस्लिम, ओबीसी, दलित, आदिवासी के रूप में आपकी पहचान से कोई फर्क नहीं पड़ता जब तक कि आप फासीवादी पार्टी के साथ हैं या काम करते हैं। आप इन समुदायों के लिए काम नहीं करते, केवल फासीवादियों को उन पर आधिपत्य जमाने में मदद करते हैं। या अपनी ऐसी एक पहचान के तौर पर आप अपनी कब्र खुद खोदते हैं।”

वहीं अपूर्वानंद के ट्वीट पर सवाल करते हुए अर्बन श्रिंक नाम के एक ट्विटर यूजर ने पूछा, “तो क्या सवर्ण हिंदुओं को फासीवादी पार्टी के लिए काम करने से छूट दी गई है, क्योंकि आपका ट्वीट केवल हाशिए की पहचान के लिए है!”

वहीं JNU की शोधछात्रा और खुद को अम्बेडकरवादी बताने वाली दीपिका सिंह ने भी अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा, “कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत को अपना पहला आदिवासी राष्ट्रपति मिलने जा रहा है, जो एक रूढ़िवादी पार्टी की पसंद है, जबकि तथाकथित प्रगतिशील दल अभी भी अपर कास्ट उम्मीदवारों को चुनने में लगे हुए हैं! क्या “प्रगतिशील” सवर्णों के लिए एक अवधारणा के स्तर पर ही प्रतिनिधित्व करना इतना कठिन है?

बाद में एक दूसरे ट्वीट में लोगों की ओर इशारा करते हुए दीपिका ने लिखा, “वह भी आरएसएस की कठपुतली होगी और आदिवासी समुदाय के लिए कुछ भी अच्छा नहीं करेगी। मुझे पता है दोस्तों। इसलिए मैंने ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ शब्द का उल्लेख किया। मेरा कहना था, एक आदिवासी को भारत का पहला आदिवासी राष्ट्रपति बनने में 70+ साल नहीं लगने चाहिए थे और वह भी भाजपा द्वारा चुना गया!”

वहीं किसी दलित लेनिनवादी विचारक अपने नाम में जोड़े हुए अनुभव सिंह नामक ट्विटर यूज़र ने लिखा, “द्रौपदी मुर्मू को प्रेसिडेंट उम्मीदवार के रूप में चुनकर भाजपा ने हाशिए पर खड़े समुदाय को बिना कोई राजनीतिक शक्ति प्रदान किए बिना एक समान हिंदू पहचान को आगे बढ़ाने के अपने प्रयासों में, प्रतिनिधित्व की राजनीति में महारत हासिल की है। फिर भी यह देखा जाना है कि क्या इस तरह के झाँसे को उन लोगों द्वारा उजागर किया जाएगा जिनके निशाने पर ऐसी पार्टियाँ हैं।”

आगे एक दूसरे ट्वीट में अपनी बात आगे बढ़ाते हुए अनुभव सिंह ने लिखा, “हालाँकि, यह सिर्फ पहचान की राजनीति नहीं है। क्षेत्रीय राजनीति भी मायने रखती है। वह ओडिशा से ताल्लुक रखती हैं, जो 22.5% आदिवासी आबादी वाला राज्य है और जहाँ दशकों से उच्च जाति पटनायक परिवार का वर्चस्व है। एक ऐसा क्षेत्र जहाँ बीजेपी का सीधा मुकाबला बीजद से है।”

वहीं तीसरे ट्वीट के थ्रेड में अनुभव सिंह ने लिखा, “हिंदुत्व बहुस्तरीय है और इसे जिस तरह से कई क्षेत्रीय पहचानों और उनकी अनूठी राजनीति के साथ तालमेल बिठाता है, उससे ध्यान हटाता है। यही इसकी सफलता की कुंजी है जबकि हम बायनेरिज़ में फँसे रहते हैं जो केवल एक बाहरी परत है।”

अनुभव सिंह के ही ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए अनुराग वर्मा नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “यही कारण है कि किसी भी पहचान का व्यक्तिगत प्रतिनिधित्व ज्यादा मायने नहीं रखता। अधिक से अधिक यह व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है लेकिन समुदाय के लिए शायद ही कभी। शायद हर क्षेत्र में, केवल सांकेतिक प्रतिनिधित्व के बजाय व्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन की माँग करना महत्वपूर्ण है।”

बता दें कि ऐसे दो-चार नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर कई लोग हैं जिन्हें द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी में आदिवासी, वनवासी या जनजाति समुदाय का हित नजर नहीं आ रहा है। बल्कि ऐसे लोग कहीं न कहीं उन्हें ख़ारिज करने और आलोचना में ही लगे हैं। ऐसे लोगों के लिए अब यहाँ सामाजिक न्याय नहीं बल्कि राजनीतिक एजेंडा ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू का नाम घोषित होने के बाद मुर्मू ने आज (22 जून 2022) सुबह मंदिरों के दर्शन किए। वह ओडिशा के मयूरभंज में रायरंगपुर जगन्नाथ मंदिर गईं। फिर वहाँ से वह शिव मंदिर पहुँची और इसके बाद उन्होंने आदिवासी पूजा स्थल जहिरा जाकर भी आशीर्वाद लिया।

वहीं एनडीए द्वारा मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उनको जेड प्लस सेक्योरिटी मिल गई है। साथ ही एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो उनका नाम राष्ट्रपति पद के लिए भेजे जाने पर उनके मंदिर जाने के क्षण को गौरवान्वित करने वाला क्षण कह रहे हैं और उनकी हिन्दू छवि को देखकर अभी से उन्हें अपना राष्ट्रपति भी मान चुके हैं।

समुद्र में पेशाब किया तो देने होंगे ₹61000, साबुन-शैंपू पर भी बैन: स्पेन में Beach को बचाने के लिए प्रशासन ने लिए फैसले

स्पेन के वीगो नामक शहर में स्पेनिश रिजॉर्ट्स ने समुद्र में पेशाब करने वालों के ऊपर 645 पाउंड यानी ₹61 हजार रुपए का फाइन लगाने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तरी गैलिसिया क्षेत्र में बसे वीगो में अधिकारियों ने समुद्र को बचाने के लिहाज से ऐसा निर्णय लिया है।

अधिकारियों ने कहा है कि वह बीच के नजदीक पब्लिक टॉयलेट बनाएँगे। मगर, किसी कीमत पर बीच में पेशाब करने वालों को रियायत नहीं दी जाएगी। हालाँकि अभी ये बात साफ नहीं है कि इस बात का पता कैसे लगाया जाएगा कि किसने समुद्र में पेशाब किया है या किसने नहीं।

बताया जा रहा है कि स्पेन के समुद्र को सुरक्षित रखने के लिए कुछ अन्य नियम भी बनाए गए हैं। जैसे यहाँ आने वालों के लिए अपने साबुन और शैंपू लाना सख्त मना है और बर्तन आदि धोने का सवाल तो इस बीच पर उठता ही नहीं। अगर ऐसा करता कोई पाया गया तो उसे भी 620 पाउंड यानी 59, 534 रुपए देने होंगे।

इसके अलावा अच्छे पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस बीच पर धूम्रपान को बैन किया गया है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस तरह के प्रतिबंध लगाकर वह तटीय क्षेत्र को प्रदूषण रहित रख सकेंगे। इसी तरह जो लोग बीच पर छुट्ठी मनाने आएँगे, अगर वह नंगे होकर बीच पर जाते हैं तो इसके लिए भी उन्हें फाइन देना होगा।

बता दें कि केवल बीच के नजदीक ही प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं। कई सी-साइड रेस्टोरेंट्स ने भी अपने बैन लगाए हैं। इनमें कपड़ों पर लगाया प्रतिबंध भी शामिल है। जैसे यहाँ फुटबॉल वाली जर्सी पहनकर या बिन शर्ट के आने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा तैरने के लिए कपड़े, शॉर्ट्स आदि को भी रोडसाइड विक्रेताओं से खरीदना बैन है। सामने आई जानकारी के अनुसार बार्सेलोना और मल्लोर्का में अब तक सबसे तक जुर्माना लगा है।

दुनिया का सबसे हसीन चेहरा किसका, जिसने कोर्ट से कहा था- पति ने लात-घूँसे मारे, शराब की बोतल घुसेड़ी… एम्बर हर्ड की खूबसूरती पर साइंस की मुहर

हॉलीवुड अभिनेत्री एम्बर हर्ड (Amber Heard) हाल ही में पूर्व पति जॉनी डेप के साथ विवादों को लेकर सुर्खियों में थीं। अब वे चर्चा में हैं क्योंकि एक ब्रिटिश सर्जन का दावा है कि दुनिया में सबसे खूबसूरत या यूँ कहें कि परफेक्ट चेहरा एम्बर हर्ड का ही है। सर्जन ने फेस मैपिंग तकनीक के नतीजों को इस निष्कर्ष पर पहुँचने का आधार बताया है।

साइंस के आधार पर यह दावा करने वाले ब्रिटिश कॉस्मेटिक सर्जन हैं डॉक्टर जूलियन डि सिल्वा (Julian De Silva)। रिपोर्ट के अनुसार अपने रिसर्च में उन्होंने एम्बर हर्ड का चेहरा 91.85 फीसदी एक्यूरेट पाया। डॉ. सिल्वा ने फेस मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 12 प्रमुख बिंदुओं का विश्लेषण किया। आँख, नाक, होंठ, ठुड्डी, जबड़े और चेहरे के आकार समेत विभिन्न फीचर्स का मूल्यांकन किया।

इस तकनीक के तहत चेहरे की सुंदरता का मूल्यांकन करने के लिए सबसे पहले चेहरे की लंबाई और चौड़ाई नापी जाती है। इसका आदर्श परिणाम लगभग 1.6 है। चेहरे की सुंदरता में इसकी समरूपता और अनुपात को अहम माना जाता है। चेहरे की खूबसूरती को मापने के लिए ब्यूटी ‘फी’ के ग्रीक गोल्डेन रेश्यो (Golden Ratio) का इस्तेमाल किया जाता है। हजारों सालों से इसे चेहरा मापने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। इसी तकनीक के आधार पर हर्ड को सबसे खूबसूरत महिला बताया गया है। उनका चेहरा इस तकनीक के आधार पर 91.85 सटीक बैठता है।

बता दें कि वर्जीनिया की एक अदालत ने इस महीने की शुरुआत में कभी पति-पत्नी रहे हॉलीवुड स्टार जॉनी डेप और एक्ट्रेस एम्बर हर्ड के हाई-प्रोफाइल मानहानि केस में अपना फैसला सुनाया था। जॉनी डेप के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सात सदस्यीय वर्जीनिया जूरी ने एक्ट्रेस को हर्जाने के तौर पर अपने पूर्व पति को 15 मिलियन डॉलर (1164142500 रुपए) देने का आदेश दिया था।

इस मामले की सुनवाई के दौरान एम्बर हर्ड ने जॉनी डेप पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि डेप नशीली दवाओं और शराब के नशे में उनका शारीरिक और यौन शोषण करते थे। इस दौरान वह ‘राक्षस’ बन जाते थे। दावा किया था कि 2015 में डेप ने उन्हें तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा था। इस दौरान उनको जमीन पर पटका। लात-घूँसों से मारा। उनके प्राइवेट पार्ट में शराब की बोतल घुसेड़ दी थी। एक के बाद एक कई बोतलें उनके ऊपर फेंकी और फिर फर्श पर टूटे हुए बोतलों पर उन्हें घसीटा भी था।