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इंद्राणी ने सुमैया बन सैयद अली से किया निकाह… बेटी की माहवारी आते ही बेचने लगी अंडाणु, सौतेला अब्बा करता था यौन शोषण

तमिलनाडु के ईरोड में एक नाबालिग लड़की का अंडाणु खरीद-फरोख्त करवाने के आरोप में 3 आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार 3 लोगों में 2 महिला और एक पुरुष शामिल हैं। आरोपितों में लड़की की माँ और उसका प्रेमी (दूसरा पति भी) सैयद अली भी शामिल है। पीड़िता के साथ ये अत्याचार 8 बार किया गया। आरोपितों की गिरफ्तारी शुक्रवार (3 जून 2022) को की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता की उम्र 16 साल है। उसके अंडाणु को एक प्राइवेट सुधा अस्पताल में डोनेट करवाया जाता था। इसके एवज में लड़की की माँ इंद्राणी उर्फ़ सुमैया को 25000 रुपए मिलते थे। पैसे पाने के बाद आरोपिता ने अपने लालच को आदत में बदल डाला और बार-बार पीड़िता पर अंडाणु डोनेट करने के दबाव बनाया जाने लगा। आखिरकार पीड़िता अपने रिश्तेदारों के घर चली गई और अपनी आपबीती बताई।

पीड़ित लड़की के रिश्तेदार सालेम में रहते हैं। उन्होंने इस कृत्य की शिकायत पुलिस में की। पीड़ित लड़की इंद्राणी उर्फ़ सुमैया के पहले पति से पैदा हुई बेटी है। सैयद अली पीड़ित लड़की का सौतेला अब्बा है। पुलिस के अनुसार मासिक धर्म (माहवारी, पीरियड्स) आने के बाद से ही पीड़ित लड़की को अंडाणु डोनेट करने के लिए प्रताड़ित किया जाता था। सौतेला अब्बा सैयद अली ने कई बार पीड़ित लड़की का यौन शोषण भी किया है।

पुलिस ने केस दर्ज कर के पीड़िता की माँ, उसके प्रेमी सैयद अली और एक अन्य महिला मालाठी को गिरफ्तार कर लिया। हर अंडाणु डोनेट करने में सुमैया को मिलने वाले 25000 रुपए में 5000 मालाठी का हिस्सा होता था। पूछताछ में अरोपित माँ ने अपना गुनाह कबूल करते हुए ये सब पैसे के लिए करना बताया। अरोपित माँ उसी अस्पताल में पहले से दलाल का काम करती थी।

जिस अस्पताल में नाबालिग का अंडाणु डोनेट करवाया जाता था, वहाँ के मैनेजमेंट से भी सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। गिरफ्तार अन्य आरोपितों से भी इस अवैध काम में अस्पताल की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

एरोड दक्षिण के पुलिस इंस्पेक्टर पी विजय ने भी इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपित बच्ची का जबरन अंडाणु डोनेट करवा रहे थे। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में बताया कि अगर इस अपराध में प्राइवेट अस्पताल की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने हिजबुल कमांडर निसार को मार गिराया, 3 जवान भी घायल: आतंकी हमले के कारण 2 मजदूर अस्पताल में

जम्मू-कश्मीर में बदलते माहौल से घबराए पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन के इस्लामी आतंकी लगातार आम लोगों को निशाना बना रहा हैं। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शुक्रवार (3 जून 2022) की रात को गैर-स्थानीय मजदूरों पर ग्रेनेड फेंककर हत्या करने की कोशिश की। इसमें दो मजदूर घायल हो गए हैं। वहीं, सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में एक आतंकी को मार गिराया है।

दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग के ऋषिपोरा में शुक्रवार की शाम को एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया। वहीं, आतंकियों के साथ एनकाउंटर में सेना के तीन जवान और एक नागरिक घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के 92 बेस कैंप अस्पताल में ले जाया गया है।

मारा गया आतंकी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन (HM) का कमांडर है। उसकी पहचान मोहम्मद निसार खांडे के रूप में हुई हैं। मारे गए आतंकी के पास से सुरक्षाबलों ने एक AK-47 राइफल सहित अन्य हथियार, गोला-बारूद और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।

सुरक्षाबलों ने कई आतंकियों को घेर रखा है और आतंकियों को भागने का मौका नहीं मिल रहा है। दोनों ओर गोला-बारी हो रही है। कश्मीर के IGP (Inspector General of Police) ने बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है।

बता दें कि आतंकियों ने शोपियां के जौनपोरा में मजदूरों पर हथगोले फेंके थे। इसमें दोनों मजदूर घायल हो गए हैं। पहले यह बात सामने आई कि सिलिंडर फटा है, जिसकी वजह से धमाके की आवाज आई है और मजदूर घायल हुए हैं। हालाँकि, बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह आतंकी हमला है।

बता दें कि बडगाम में गुरुवार (2 जून 2022) को ईंट भट्ठे पर काम करने वाले गैर-स्थानीय मजदूरों पर हमला किया था, जिनमें एक मजदूर की मौत हो गई थी। वहीं, दूसरा मजदूर बुरी तरह जख्मी है। मृतक मजदूर का नाम दिलखुश है और वह बिहार का रहने वाला था। वहीं, घायल व्यक्ति का नाम राजन है और वह पंजाब का रहने वाला है।

घाटी में आतंकियों के निशाने पर गैर-स्थानीय और गैर-मुस्लिम लोग हैं। पिछले कुछ दिनों में आतंकियों ने टारगेट किलिंग के तहत कई लोगों की हत्या कर दी। आतंकियों ने चेतावनी दी थी कि जो लोग बाहर से बाहर के लोग हैं, वे घाटी छोड़कर चले जाएँ, नहीं तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। हालाँकि, सुरक्षाबल आतंकियों को निपटाने में लगे हुए हैं।

Jawaan है शाहरुख की नई फिल्म, सलमान कर रहे प्रचार… हॉलीवुड की 32 साल पुरानी फिल्म Darkman की कॉपी बता लोग उड़ा रहे मजाक

बॉलीवुड में सलमान खान और शाहरुख़ खान के बीच एक बार फिर से नजदीकी देखी जा रही है। सलमान खान ने अपने इंस्टाग्राम से शाहरुख़ की फिल्म जवान (SRK film Jawaan) का टीजर शेयर किया है। इसी के साथ आने वाली फिल्म ‘टाइगर-3 में सलमान और शाहरुख़ एक साथ काम करते दिख सकते हैं।

3 जून 2022 को सलमान द्वारा शेयर किया गया टीजर इंस्टाग्राम पर अब तक लगभग 2.5 मिलियन लोग देख चुके हैं। इस वीडियो पर 13 हजार से ज्यादा लोगों ने अलग-अलग कमेंट भी किए हैं। इस शेयरिंग में सलमान ने शाहरुख खान को टैग भी किया है। इस वीडियो में उन्होंने लिखा, “मेरे जवान भाई तैयार हैं।”

कभी एक-दूसरे को फूटी आँख नहीं सुहाने वाले सलमान खान और शाहरुख़ खान के बीच इतनी जुगलबंदी क्यों? साउथ की फिल्मों से मार खाते बॉलीवुड को बचाने के लिए? इतना सब कुछ के बाद क्या दर्शकों को शाहरुख़ खान की फिल्म ‘जवान (SRK’s Jawaan)’ का टीजर पसंद आया?

सोशल मीडिया पर लोग ‘जवान (Jawaan)’ को हॉलीवुड की एक फिल्म की चोरी बता रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख़ की फिल्म जवान के कुछ अंश 1990 में बनी सैम रियानी की फिल्म डार्कमैन (Jawaan is copy of Darkman) से मिलते-जुलते हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कमेंट भी किए हैं।

शाहिद ने दोनों फिल्मों के कैरेक्टर्स के फोटो शेयर करते हुए जोर से हँसते हुए इमोजी का निशाना बनाया है।

वहीं एक अन्य यूजर ने गौरी खान की प्रोफ़ाइल पर जा कर डार्कमैन का विकिपीडिया पोस्ट शेयर किया है।

अयान बनर्जी ने भी शाहरुख़ को quote करते हुए फिल्म जवान को डार्कमैन का सीक्वेल (Jawaan is sequel of Darkman) बताया है।

लगातार फ़िल्में फ्लॉप होने के चलते शाहरुख़ कुछ समय के लिए फिल्मों से दूर थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पहले भी अपनी फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ में सलमान खान शाहरुख़ की वापसी करवाने का प्रयास कर चुके हैं।

पाकिस्तान के कराची में जल रही थी बिल्डिंग, लोग दे रहे थे अजान: सोशल मीडिया पर उड़ाया जा रहा मजाक

पाकिस्तान के कराची (Karachi, Pakistan) में एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने के दौरान लोगों द्वारा अजान देने की घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि कुछ समय बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी पहुँच गई, लेकिन लोग अजान देकर आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। यूजर इसका मजाक बना रहे हैं।

घटना गुरुवार (2 जून 2022) सुबह लगभग 11 बजे की बताई जा रही है। पाकिस्तान के कराची स्थित जेल चौरंगी के नजदीक स्थित एक बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट आग गई। इसके पहली मंजिल पर एक डिपार्टमेंटल स्टोर स्थित है। धुएँ की उठता गुबार देखकर इस बिल्डिंग में रहने वाले लोग सीढ़ियों से नीचे उतर गए।

वहीं, इस इमारत में कुछ ऐसे लोग भी थे, जो खुद नहीं बाहर आ सकते थे। इनमें बूढ़े और बीमार लोग शामिल थे। ऐसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को अंदर भेजा गया। टीम ने इन लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

फायर फाइटर की लगभग ढाई घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया गया और इसे ऊपरी मंजिलों और आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोक दिया गया। इस दौरान बिल्डिंग में फँसे लोगों के परिजन बेहद परेशान नजर आए। इस दौरान का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें आग लगी बिल्डिंग के बाहर कुछ लग अजान देते नजर आ रहे हैं।

वहीं, सोशल मीडिया पर इसका मजाक उड़ाया जा रहा है। इंग्लैंड में रहने वाले पाकिस्तानी इम्तियाज महमूद ने ट्वीट कर लिखा, “कराची में कल जेल चौरंगी के पास एक सुपरमार्केट में आग लग गई। अज़ान समूह द्वारा आग बुझाने का एक प्रयोग किया गया, लेकिन यह काम नहीं आया।”

हालाँकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने अजान देने की बात का समर्थन करते हुए कहा कि बुरे समय में कोई भी ऊपर वाले दुआ करता है। आग के दौरान भी लोगों ने यही किया।

कानपुर हिंसा से पहले मौलानाओं की मीटिंग, शुक्रवार का दिन फिक्स: 1000+ पर FIR, 50 हिरासत में… CM योगी का निर्देश – लगाओ गैंगस्टर एक्ट

कानपुर के बेकनगंज इलाके में 3 जून 2022 (शुक्रवार) को भड़की हिंसा के आरोपितों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। हिंसा में अब तक कुल 3 FIR दर्ज कर के 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है। FIR 40 नामजद और लगभग 1 हजार अज्ञात लोगों पर दर्ज हुई है।

दंगाइयों पर लगाम लगाने के लिए सीएम योगी ने यूपी पुलिस के डीजीपी और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को उनके ऊपर गैंगस्टर एक्ट के साथ-साथ एनएसए लगाने का निर्देश दिया है। हिंसा के जिम्मेदारों को पकड़ने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गईं हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हिंसा में शामिल आरोपितों की सम्पत्तियों को जब्त कर के उस पर बुलडोजर चलने की भी संभावना जताई गई है। पुलिस की टीमें CCTV फुटेज और अन्य माध्यमों से दंगाइयों की पहचान करने में जुटी हुई हैं। हिंसा स्थल कानपुर के यतीमखाना में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जहाँ कई सीनियर अधिकारी स्वयं डटे हुए हैं। इस हिंसा को काबू करते हुए कुल 13 पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं।

हिंसा से ठीक पहले मौलानाओं ने की थी मीटिंग

जी न्यूज़ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कानपुर हिंसा से पहले मौलानाओं ने एक मीटिंग की थी। इस मीटिंग में कानपुर हिंसा का मुख्य आरोपित बताए जा रहे हयात जाफरी के भी शामिल होने का दावा किया गया है। पुलिस ने हयात जाफरी पर FIR दर्ज की है। चश्मदीदों के मुताबिक लगभग 2 हजार से ढाई हजार हमलावर इस उपद्रव में शामिल थे।

सूफी खानखाह एसोसिएशन ने PFI को बताया जिम्मेदार

सूफी खानखाह एसोसिएशन ने कानपुर हिंसा के लिए PFI को जिम्मेदार ठहराया है। एसोशिएशन ने बयान जारी करते हुए कहा, “ये शर्मनाक है। सभी अधिकारी इसकी उच्चस्तरीय जाँच करवाएँ। PFI के रहमानी द्वारा भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को उकसा कर बयान दिलाया गया। फिर उसी बयान के आधार पर पूरे देश भर में विरोध प्रदर्शन के लिए PFI आमंत्रित कर रही है। हमले के लिए शुक्रवार का दिन चुनना, जिस दिन मुस्लिम मस्जिदों में अधिक संख्या में जाता है। वो शहर चुनना जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति मौजूद हों। इन तमाम बातों का आपस में कनेक्शन है। कानपुर में PFI का स्थानीय गुंडों के गैंग से कनेक्शन है। अगर इस घटना में PFI का नाम जाँच में सामने आता है तो उस पर फ़ौरन बैन लगाया जाए।”

जबरन बंद करवाई जा रही थीं हिन्दुओं की दुकानें

कानपुर से भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी के मुताबिक हिंसा सुनियोजित थी।

सांसद के मुताबिक, “उन्होंने बताया कि हिन्दुओं की दुकानों को बंद करवाया। जब हिन्दुओं ने इंकार किया तब पथराव और मारपीट करने लगे। इस दौरान आगजनी भी की गई। मुख्यमंत्री ने पुलिस को प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिससे दुबारा ऐसी हिम्मत कोई न कर पाए।”

11-12वीं के लड़के-लड़कियों की पार्टी, इंस्टाग्राम पर प्लानिंग: हैदराबाद मर्सिडीज गैंगरेप में सदुद्दीन मलिक, उमैर खान गिरफ्तार

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad, Telangana) में 28 मई को एक पब में पार्टी के नाबालिग लड़की से हुए दुष्कर्म के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। इनसोम्निया एंड एम्नेशिया पब पार्टी (Insomnia & Amnesia Pub Party) की योजना इंस्टाग्राम (Instagram) पर बनाई गई थी और इस पार्टी में शहर के विभिन्न इलाकों के लगभग 200 लोगों ने भाग लिया था।

दोपहर में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए आयोजकों ने स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी में शराब और धूम्रपान (Alcohol and Smoking) की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही इस पार्टी में हिस्सा लेने वाले लोगों के लिए स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि अगर कोई शराब पीकर पार्टी में आता है तो उस पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

इस पार्टी में जिन लोगों ने लड़कों ने हिस्सा लिया था, वे सभी 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र थे। ये सभी छात्र बेहद धनाढ्य परिवारों से ताल्लुक रखते थे। इसके साथ ही इनमें से कुछ राजनेताओं और नौकरशाहों के परिवार से ताल्लुक रखने वाले छात्र भी शामिल थे।

खुद का नाम साईं बताने वाले एम्नेशिया और इनसोम्निया पब के मैनेजर का कहना है कि वह जानता था कि पार्टी स्कूली छात्रों के लिए थी। साईं ने कहा, “पहले यह 150 लोगों के लिए था, लेकिन बाद में उन्होंने लोगों की संख्या बढ़ाकर 180 कर दी। यह केवल एक लंच था और कोई शराब नहीं परोसी गई थी। मैंने इस बात का भी ध्यान रखा कि अंदर सिगरेट की भी अनुमति न हो।”

हालाँकि, हैदराबाद पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि पब में पार्टी के दौरान छात्र-छात्राओं के समूह को शराब परोसी गई थी या नहीं। इसके अलावा, पुलिस इसकी भी जाँच कर रही है कि जिस पार्टी में पीड़िता और उसके दोस्तों ने हिस्सा लिया था, उसमें किसी तरह के नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ था। इस संबंध में पुलिस ने जरूरी डिटेल जुटा ली है।

मैनेजर के अनुसार, पार्टी शाम 6 बजे तक चलती रही, लेकिन इसके खत्म होने के आधे घंटा पहले गैंगरेप पीड़िता ने वहाँ से निकलने की कोशिश की। उसके पास कोई गाड़ी नहीं थी। इसलिए उसके 8 सहपाठियों ने घर तक छोड़ने की पेशकश की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे दो कारों में रवाना हुए। उनमें से एक तेलंगाना नंबर प्लेट वाली लाल रंग की मर्सिडीज बेंज और एक बिना नंबर प्लेट वाली टोयोटा इनोवा थी।

साईं ने कहा कि 17 वर्षीय लड़की अपने एक सहपाठी के साथ मर्सिडीज में बैठ गई, जो संभवतः नाबालिग था। हालाँकि, उस पर कोई दबाव नहीं था। साईं ने बताया, “हमने देखा कि लड़की अन्य लड़कों के साथ बाहर जा रही है और उनकी कार में बैठ रही है। ऐसा कुछ नहीं दिखा, जिससे लगे की कुछ गड़बड़ हो।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज ने कहा कि लड़की और उसके साथी आधे घंटे तक सड़क संख्या 37 पर स्थित कॉनक्यू नामक एक लोकप्रिय पेटीसरी में रूके और वहाँ अधिकांश लोगों ने कॉफी पी। जब वे पेस्ट्री की दुकान से निकले तो पीड़िता फिर से मर्सिडीज में चली गई। उसके पीछे इनोवा भी थी।

पुलिस का कहना है कि विधायक का बेटा बेकरी के पास ही इनोवा कार से उतर गया। इसलिए वह उस अपराध का हिस्सा नहीं था। बाद में शाम 7:10 बजे लड़की को टोयोटा कार से वापस पब छोड़ दिया गया। पुलिस को आशंका है कि कार जब बदली गई, इसी दौरान लड़की का गैंगरेप किया गया।

पब के पास से लड़की ने अपने पिता को फोन किया और उसे घर ले जाने के लिए कहा। उसके पिता 15 मिनट में वहाँ पहुँच गए और लड़की को घर ले गए। घर पर परिजनों ने लड़की की हालत को देखकर महसूस किया कि कुछ गड़बड़ हुआ है। वह सदमे और डर की स्थिति में थी और घरवालों से इसके बारे में एक शब्द भी नहीं कहा।

डीसीपी वेस्ट जोन जोएल डेविस का कहना है कि पीड़िता अपराध में शामिल लड़कों के बारे में कुछ बता नहीं सकी है, क्योंकि वह उन्हें पहले से नहीं जानती थी। वह पार्टी के दिन पब में ही पहली बार उनसे मिली थी। लड़की ने सिर्फ एक लड़के का नाम लिया है।

DCP डेविस ने इस आरोप का खंडन किया कि गैंगरेप के के दौरान लड़की का वीडियो भी बनाया गया था और उस वीडियो का उपयोग करके ब्लैकमेल किया गया था। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने अपने बयान में इस तरह के किसी भी बात का जिक्र नहीं किया है। उनका कहना है कि इस मामले में पुलिस आरोपियों को पकड़ने में जुटी है।

इस मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 18 साल के सदुद्दीन मलिक और 18 वर्षीय उमैर खान को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पाँच में से 3 आरोपित नाबालिग हैं। नाबालिग होने के कारण इनके नाम और पिता के नामों का खुलासा नहीं किया गया है।

DCP डेविस का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वाले एक किशोर को लेकर उन्हें लीड मिली है। रात होने के कारण वे उसे नहीं पकड़ पाए और वे शनिवार (4 जून 2022) को उसे पकड़ेंगे। वह एक VIP का बेटा है।

भाजपा (BJP) नेताओं का कहना है कि तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली के पोते ने बैचलर पार्टी (Bachelor Party) का आयोजन किया था और पार्टी में शामिल होने के बाद पीड़िता के साथ बलात्कार किया गया। वहीं, पश्चिम क्षेत्र के डीसीपी जोएल डेविस ने इस आरोप को निराधार बताया है।

वहीं, दुबक विधायक एम रघुनंदन राव ने कहा, “यह एक जघन्य अपराध है और इसमें सत्ताधारी TRS और AIMIM आरोपितों को बचाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।” उन्होंने जाँच पूरी होने तक गृहमंत्री महमूद अली को उनके पद से हटाए जाने की माँग की।

कानपुर में नमाज के बाद हिंसा को लेकर योगी सरकार सख्‍त, अब तक 18 दंगाई गिरफ्तार: लगेगा गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति होगी कुर्क या चलेगा बुलडोजर

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur, Uttar Pradesh) में जुमे की नमाज के बाद शुक्रवार (3 जून 2022) को हुई हिंसा के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) बेहद सख्त रूख अपनाया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रदेश के ADG (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि एक पक्ष द्वारा दुकानें बंद कराने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इसी बात को लेकर पत्थरबाजी हुई।

दरअसल, कट्टरपंथी मुस्लिम दिल्ली बीजेपी की प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित बयान से नाराज हैं। इसी लेकर उन्होंने शुक्रवार को बंद का आह्वान किया था। जब दूसरे पक्ष ने बंद से मना कर दिया तो मुस्लिम उपद्रवी पत्थरबाजी करने लगे। यह बवाल परेड, नई सड़क और यतीमखाना समेत कई इलाकों में फैल गया। पुलिस ने जब दंगाइयों को रोकने की कोशिश की तो उस पर भी जमकर पत्थर बरसाए गए। इस हमले में 6 हिंदू घायल हो गए हैं।

ADG प्रशांत कुमार ने कहा कि इस घटना को शासन ने बहुत गंभीरता से लिया है। उपद्रवियों पर गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, या तो उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी या फिर उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस की 12 कंपनी और एक प्लाटून PAC कानपुर के विभिन्न इलाकों में तैनात की गई है। इसके साथ ही कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को भी तैनात किया गया है।

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। इसके लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वीडियो फुटेज के आधार पर अब तक 18 लोगों की पहचान करके गिरफ्तारी की गई है। वहीं, घटना में घायल हुए लोगों का इलाज कराया जा रहा है। घायल लोगों की पहचान मुकेश बाथम, अमर बाथम, संजय शुक्ला, उत्तम गौड़, मंजीत यादव और राहुल त्रिवेदी के रूप में हुई है।

घटना परेड चौराहे की है। हालात बिगड़ते देख भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया, हालाँकि, पत्थरबाजी जारी रही। इसके बाद उन्मादी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियाँ भाँजी गई और टियर गैस के गोले दागे। बताया जाता है कि नूपुर शर्मा के बयान को लेकर जौहर फैंस एसोसिएशन और दूसरी मुस्लिम तंजीमों ने गुरुवार को ही बाजार बंद कराने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद आज जुमे की नमाज के बाद उपद्रवियों ने सड़क पर आकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया।

सुबह से ही चमनगंज, मेस्टन रोड, बाबू पुरवा, दलेल पुरवा, कर्नलगंज, हीरामन पुरवा समेत कई इलाकों में पूर्ण या आंशिक बंदी थी। पुलिस ने मुस्लिमों को किसी भी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी, लेकिन जुमे की नमाज के दौरान विभिन्न मस्जिदों से एक संदेश दिया गया कि वो पैगंबर मुहम्मद पर किसी भी तरह की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके बाद नमाजी सड़कों पर उतर आए।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और खुद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) आज कानपुर के दौरे पर थे। इनके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) भी थे। अपने इस दौरे के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति कोविंद के गाँव परौंख भी गए।

क्या है मामला

बीते दिनों फैक्ट चेक के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने बीजेपी नेता का एक ट्विस्टेड स्पीच ट्वीट कर ट्रोल्स को उकसाया था। जिसके बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने नूपुर शर्मा को गला काटने की भी धमकी दी थी। हालाँकि, ये मामला यहीं नहीं थमा, इस्लामिक कट्टरपंथियों ने बीजेपी प्रवक्ता की हत्या करने पर ईनाम रखने लगे। AIMIM (इंकलाब) ने भाजपा नेता नूपुर शर्मा की हत्या पर ₹1 Cr इनाम घोषित कर दिया।

नूपुर शर्मा पर तमाम तरह की हिंसक वारदातों में आरोपित रज़ा एकेडमी ने पहली FIR मुंबई में दर्ज करवाई थी। इसके बाद एक मदरसे के मौलवी ने दूसरा केस मुंबई के ही मुम्ब्रा थाने में दर्ज करवाया था। नूपुर पर तीसरी FIR हैदराबाद के साइबर क्राइम थाने में 31 मई 2022 दर्ज हुई थी। इसके बाद पुणे के कोंढवा थाने में भी उनके खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई गई। इस्लामिक कट्टरपंथियों को भड़काने का काम मोहम्मद जुबैर ने किया था।

21 साल की उम्र में रेप, तत्कालीन CM को धमकी और जज के सामने गवाह की हत्या: 58 मामलों के आरोपित मुख्तार की गैंगवार में मौत

मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को धमकी देने वाला भोपाल के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार मलिक (Gangstaer Mukhtar Malik) की गैंगवार में गोली लगने के बाद शुक्रवार (3 जून 2022) को मौत हो गई। 58 मुकदमों में आरोपित मुख्तार राजस्थान के झालावाड़ में एक नदी से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में घायल अवस्था में मिला था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

कहा जा रहा है कि 61 वर्षीय मुख्तार का मंगलवार-बुधवार की रात भीमासागर बाँध के कैचमेंट एरिया में मछली पकड़ने को लेकर राजस्थान के बंटी गैंग के बीच गैंगवार हुआ था। इसमें मुख्तार गैंग के कमाल की मौत हो गई थी, जबकि उसका राइट हैंड माना जाने वाला विक्की वाहिद घायल हो गया था।

पुलिस के मुताबिक, भीमसागर बाँध के नदी क्षेत्र में मछली पकड़ने का ठेका मुख्तार मलिक ने गैंगवार के एक दिन पहले ही लिया था। मंगलवार देर रात वह 11 मजदूरों के साथ कांस खेड़ली के पास नाव से पेट्रोलिंग कर रहा था। इसी दौरान गाँव के रहने वाले मछुआरों से कहासुनी हो गई और फिर दोनों ओर से फायरिंग होने लगी।

रिपोर्ट के अनुसार, नदी के बाँध क्षेत्र में मछली पकड़ने का ठेका पहले दिल्ली के इरशाद व अन्य व्यक्तियों को दिया गया था। उन्होंने 31 मई को ही 12 प्रतिशत बढ़ाकर इसे भोपाल के मुख्तार मलिक को बेच दिया। दरअसल, बंटी गैंग इरशाद से ढाई लाख रुपए की रंगदारी माँग रहा था। इसलिए उसने मुख्तार को ठेका बेच दिया।

मुख्तार पहली बार 1982 में 21 साल की उम्र में रेप के एक मामले में गिरफ्तार हुआ था। उसके बाद वह हत्या, रेप, अपहरण और फिरौती सहित हर तरह के अपराध को अंजाम देने लगा। साल 1990 में उसने मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा तक को धमकी दे दी थी। साल 1996 में इसने फिरौती के लिए रायसेन जिले के तीन बच्चों का अपहरण किया था।

मुख्तार का आतंक इतना था कि पुलिस भी उसे गिरफ्तार करने से घबराती थी। भोपाल के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अपने खिलाफ गवाही देने आए व्यक्ति पर मुख्तार मलिक ने जज के सामने गोली चला दी थी। मुन्ने पेंटर गैंग के साथ इस गैंगवार में 2006 में उसे फाँसी की सजा सुनाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने आजीवन कारावास में बदल दिया था।

इसके अलावा, किडनैपिंग के एक मामले में उसकी एक IPS के नेतृत्व में पुलिस दल से चिकलोद के जंगलों में मुठभेड़ भी हुई थी। इसमें उसके दो शूटर मारे गए थे, लेकिन वह बाल-बाल बच गया था। बताया जा रहा है कि वह अभी जमानत पर बाहर आया था। 

गंगा के रास्ते ज्ञानवापी जाएँगे 71 संत, शुभ पुष्य नक्षत्र में करेंगे ‘शिवलिंग’ का अभिषेक: बोले स्वामी स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द, तैयारियाँ पूरी

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के सर्वे के दौरान सामने आए ‘शिवलिंग’ की पूजा को लेकर काशी के संत अडिग हैं। वहीं जहाँ आज काशी में धर्म परिषद् का आयोजन करके 22 प्रस्ताव पास किए गए वहीं शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने अपने शिष्यों को आदेश दिया है कि 4 जून को शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाएगा। वहीं इस कार्यक्रम के ऐलान के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कम्प मचा हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इस आदेश के बाद अभिषेक की तैयारी शंकराचार्य स्वरूपानंद के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने शुरू कर दी है। कल सुबह से ही वाराणसी में गहमागहमी होगी क्योंकि संतों का काफिला 4 जून, 2022 को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर ज्ञानवापी विवादित ढाँचे की ओर बढ़ेगा।

वहीं कहा जा रहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने इस पूजन के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए शुभ पुष्य नक्षत्र में संतों का काफिला ज्ञानवापी को ओर निकालने का निर्णय लिया गया है। कल सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर ज्ञानवापी के लिए संत गंगा के रास्ते निकलेंगें। जिसमें पूरे 71 संत शामिल होंगे और 64 प्रकार की थाली सजाकर 64 तरीकों का अभिषेक किए जाने की तैयारी है।

हालाँकि, ऐसा भी खबर आ रही है कि प्रशासन ने आयोजन को कैंसिल कराने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद बातचीत करनी शुरू कर दी है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई निर्णय सामने नहीं आया है।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर अविमुक्तेश्वरा नंद ने कहा, “कार्यकम को लेकर प्रशासन उनके पास आना शुरू कर दिया है। उनका आयोजन को कैंसिल करवाने का दबाव है लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया है। उनका कहना है कि आयोजन कैंसिल नहीं हो सकता है लेकिन अगर प्रशासन संख्या पर कुछ बात करना चाहता है तो वो की जा सकती है।”

गौरतलब है कि इससे पहले कल मीडिया से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द का कहना है कि ज्ञानवापी में स्वयं विश्वेश्वर भगवान प्रकट हुए हैं और अब उनका स्नान, श्रृंगार, पूजा और राग-भोग बहुत की आवश्यक है। जो भगवान की प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति है वो तीन साल के बच्चे की तरह होती है। जिस प्रकार 3 वर्ष के बालक को बिना स्नान-भोजन आदि के अकेले नहीं छोड़ा जा सकता, उसी प्रकार ये भी हैं।

उन्होंने कहा, “अब जब भगवान प्रकट हुए हैं तो हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी सेवा करें, अन्यथा हम पाप के भागी होंगे।” वहीं, 4 जून को पूजा को लेकर संत ने कहा कि हमारे शास्त्रों में ‘स्थाप्यं समाप्यं शनि-भौमवारे’ कहकर शनिवार को सबसे अधिक शुभ दिन माना गया है।

कश्मीर में हिंदुओं का टारगेट किलिंग: आरफा-अय्यूब जैसे लेफ्ट-लिबरल की निगाह में फिल्म सहित सभी दोषी, इस्लामी आतंकवाद पर चुप्पी

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आतंकवाद के नए रूप टारगेट किलिंग (Target Killings) के जरिए हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। अभी तक की हत्याओं में कई ऐसे लोगों की इस्लामी आतंकियों ने हत्या की जो स्थानीय नहीं थे। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, टारगेट किलिंग में अब 16 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इनमें पुलिसकर्मी से लेकर सरपंच और मजदूर तक शामिल हैं।

घाटी में लगातार हमले झेल रहा हिंदू समुदाय अब वहाँ रहने के अपने फैसले पर फिर से विचार कर रहा है। हालाँकि, सरकार आतंकियों के सफाए के अभियान को लगातार जारी रखी है, लेकिन इस समुदाय में लगातार हो रही हत्याओं से डर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस्लामी आतंकियों ने हिंदुओं पर हमलों को चेतावनी पहले ही दे रखी है।

खुफिया एजेंसियों द्वारा किए गए सुरक्षा आकलन में आने वाले दिनों में टारगेट किलिंग में वृद्धि की आशंका जताई गई है। वर्तमान समय 1990 की दशक की याद दिला रहा है, जब कश्मीरी हिंदुओं पर हमले कर उन्हें घाटी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया था। उस दौरान लाखों हिंदू घाटी से पलायन कर गए थे।

हालाँकि, घाटी की वर्तमान स्थिति ने कुछ राजनीतिक दलों के नया अवसर पैदा कर दिया है। ये लोग कश्मीर में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हमलों को अपने राजनीतिक एजेंडा के लिए कर रहे हैं और आतंकियों को दोष देने के बजाए राजनीतिक रोटी सेंकने में लगे हैं।

वामपंथी प्रोपगेंडा शुरू

प्रोपगेंडा वेब पोर्टल ‘द वायर’ की पत्रकार और घोर वामपंथी आरफा खानुम शेरवानी ने हिंदुओं के पलायन पर हाल ही में पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने पलायन के लिए सभी को जिम्मेवार ठहरा दिया, लेकिन इस्लामी चरमपंथियों को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। इस पलायन के लिए आरफा ने ‘कश्मीर फाइल्स’ फिल्म और इसके निर्माताओं को दोषी ठहराया।

आरफा खानुम शरेवानी का ट्वीट

आरफा की सहयोगी वामपंथी पत्रकार रोहिणी सिंह ने इस पलायन का मजाक उड़ाया।

रोहिणी सिंह का ट्वीट

विवादास्पद पत्रकार और चंदा-धोखाधड़ी के आरोपी राना अय्यूब भी मुस्लिम बहुल कश्मीर में अल्पसंख्यक हिंदुओं की मौजूदा दुर्दशा के लिए इस्लामी आतंकवाद को जिम्मेदार नहीं ठहराया। कश्मीर में टारगेट किलिंग के लिए उन्होंने पूरे देश को जिम्मेदार ठहरा दिया।

राना अय्यूब का ट्वीट

तीन दशकों से इस्लामी आतंकवाद की मार झेल रहे कश्मीरी हिंदू की समस्याओं के लिए इन वामपंथियों ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को चालाकी के साथ दोषी ठहरा दिया। इसका दोष प्रशासन पर डाल दिया और आतंकवाद को पूरी तरह से खारिज कर दिया। यह इस्लामी आतंकवाद के कुकर्मों का ढँकने के प्रयास के अलावा और कुछ नहीं है।

इस्लामी सर्वोच्चता के नशे में धुत आतंकवादियों और जिहादियों द्वारा हिंदुओं को घाटी छोड़ने की धमकी पर इन लोगों ने कभी कुछ खुलकर नहीं कहा। ये एक तरह से इस्लामी आतंकियों को वैचारिक कवच देने का काम करते हैं। उनके इस तरह के बयान यही कवच देने का काम करता है।