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10 साल से बंद है भारत-पाक सीरीज, फिर भी पूर्व PCB चेयरमैन की अकड़ कायम, कहा- हम भारत के पीछे क्यों भागे, वो पाकिस्तान आएँ

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व अध्यक्ष एहसान मनी (Ehsan Mani) का विवादित बयान सुर्खियों में है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को लेकर बड़ा दावा किया है। पीसीबी के पूर्व चेयरमैन का कहना है कि बीसीसीआई को बीजेपी (BJP) सरकार चला रही है। बोर्ड का नियंत्रण बीजेपी के पास है। यही वजह है कि पाकिस्तान और भारत की बात क्रिकेट को लेकर नहीं हो पाती है। एहसान मनी ने हाल ही में पीसीबी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है।

क्रिकेट पाकिस्तान के साथ बातचीत में एहसान मनी ने पाकिस्तान सुपर लीग, पाकिस्तान क्रिकेट की वर्तमान स्थिति और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ उनके संबंध सहित विभिन्न विषयों पर बात की। इस दौरान क्रिकेट पाकिस्तान द्वारा लिए गए इंटरव्यू में पूर्व अध्यक्ष से भारत के पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय टूर्नामेंट नहीं खेलने और उनके कार्यकाल के दौरान भारत और पाकिस्तान बोर्ड के बीच संबंधों के बारे में पूछा गया।

एहसान मनी ने क्रिकेट पाकिस्तान को दिए इंटरव्यू में कहा, “भले ही बीसीसीआई के पास सौरव गांगुली हैं, लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा है कि उनके बोर्ड के सचिव कौन हैं? अमित शाह के बेटे जय शाह। बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अरुण धूमल अनुराग ठाकुर के भाई हैं, जो वर्तमान में खेल और युवा मामलों के मंत्री हैं। असली कंट्रोल बीजेपी के पास है और वही बीसीसीआई को निर्देश देती है, इसलिए मैंने उनके साथ समझौता नहीं किया और ना ही बात की।”

भारत बनाम पाकिस्तान सीरीज को लेकर एहसान मनी ने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि जब भारत खेलने के लिए तैयार होगा, तो हम खेलने के लिए तैयार होंगे।” पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एहसान मनी ने यह भी खुलासा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर भारत पाकिस्तान के साथ खेलना चाहता है, तो वे बोर्ड से संपर्क करेंगे।

पूर्व PCB चैयरमैन एहसान ने आगे कहा, “हम हिन्दुस्तान के पीछे क्यों भागे, अगर वो पाकिस्तान के साथ खेलना चाहते हैं, तो यहाँ खुद आएँगे और खेलेंगे।” मालूम हो कि भारत-पाकिस्तान के बीच अंतिम बार द्विपक्षीय सीरीज साल 2012-13 में खेली गई थी। उस वक्त पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ने भारत का दौरा किया था, लेकिन उसके बाद से दोनों देशों के बीच कोई सीरीज नहीं खेली गई है। हालाँकि, आईसीसी टूर्नामेंटों में दोनों टीमों का आमना-सामना होता रहा है।

J&k में फिर कश्मीरी पंडित की हत्या: आतंकियों ने सरकारी दफ्तर में घुसकर राहुल भट को मारी गोली

जम्मू-कश्मीर से एक बार फिर आतंकी हमले की खबर सामने आई है। आतंकियों ने बडगाम ज‍िले में गुरुवार (12 मई 2022) दोपहर को राजस्व विभाग के एक कर्मचारी पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाईं। गंभीर रूप से घायल कर्मचारी को इलाज के लिए श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ थोड़ी देर बाद ही उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu & Kashmir Police) द्वारा इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह घटना मध्य कश्मीर के चदूरा में तहसीलदार कार्यालय में हुई। मृतक की पहचान कश्मीरी पंडित राहुल भट के रूप में हुई है।

कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट किया, “तहसीलदार कार्यालय चदूरा, बडगाम में आतंकवादियों ने अल्पसंख्यक समुदाय के एक कर्मचारी राहुल भट पर गोलियाँ चलाईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में शनिवार (7 मई 2022) को आतंकवादियों ने एक पुलिसकर्मी गुलाम हसन को गोली मारकर घायल कर दिया था। इसके तुरंत बाद घायल कांस्टेबल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

UP के 16461 मदरसों में क्लास से पहले ‘जन गण मन’ अनिवार्य: योगी सरकार का बड़ा फैसला, जारी हुए निर्देश

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राष्ट्रगान को लेकर बड़ा फैसला लिया है। यूपी सरकार ने आदेश जारी किया है कि प्रदेश के मान्यता प्राप्त अनुदानित और गैर अनुदानित सभी मदरसों में कक्षाएँ शुरू होने से पहले अनिवार्य तौर पर राष्ट्रगान करवाया जाए। इसको लेकर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने आदेश जारी किया है।

मदरसा शिक्षा परिषद ने ये बदलाव किए हैं, जिसके बाद जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने सभी मदरसों के मैनेजर्स को जारी किया है। उल्लेखनीय है कि रमजान के खत्म होने के बाद से 14 मई से मदरसा बोर्ड में परीक्षाएँ भी शुरू हो रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मदरसों में राष्ट्रवादी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए पिछले महीने योगी कैबिनेट में मंत्री धर्मपाल सिंह ने पहल की थी। मौजूद वक्त में उत्तर प्रदेश में 16461 मदरसे हैं। वहीं दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि वार्षिक परीक्षाएँ भी शुरू हो रही हैं। नए सत्र की शुरूआत हो रही है, जिसके चलते सभी मदरसों में लोगों ने आना शुरू कर दिया है। बोर्ड ने सभी जिला कल्याण अधिकारियों को इसके बारे में सूचित कर दिया है।

गौरतलब है कि मदरसा शिक्षा बोर्ड की 24 मार्च 2022 को उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड की बैठक के दौरान इसको लेकर फैसला लिया गया था कि सभी अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसों में नए सत्र से क्लास शुरू होने से पहले छात्रों को राष्‍ट्रगान गाना होगा। इस दौरान मदरसा के शिक्षकों की बॉयोमेट्रिक हाजिरी और नए सत्र से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू करने का भी फैसला किया गया था।

बैठक मदरसा बोर्ड के अध्‍यक्ष इफ्तिखार अहमद जावेद की अध्‍यक्षता में हुई। मदरसा बोर्ड अब परीक्षा भी बेसिक शिक्षा परिषद की तर्ज पर ही लेगा। साथ ही इस बात को लेकर फैसला लिया गया था कि मदरसे में शिक्षकों की भर्ती MTET के आधार पर होगी, जो कि TET के पैटर्न जैसा ही होगा।

नहीं खुलेंगे ताजमहल के बंद 20 कमरे, हाई कोर्ट की बेंच ने खारिज की याचिका, कहा- PIL का मजाक न बनाएँ

इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच ने गुरुवार (12 मई 2022) को ताजमहल के 20 कमरों को खोलने की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस सौरभ विद्यार्थी की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि कल को आप याचिका डालकर हमसे कहेंगे कि हमें माननीय न्यायाधीशों के चेंबर में जाना है। कृपया जनहित याचिका का मजाक मत उड़ाइए। 

दरअसल, यूथ बीजेपी के मीडिया इंचार्ज रजनीश सिंह ने कोर्ट में जनहित याचिका डाली थी। रजनीश सिंह ने कोर्ट से अपील की थी कि वो भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) को आदेश दें कि वो ताजमहल में मौजूद 20 कमरों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों की तलाश करें।

याचिकाकर्ता ने कुछ इतिहासकारों और हिंदू संगठनों के हवाले से कहा था कि ताजमहल पहले एक शिव मंदिर हुआ करता था। कोर्ट में याचिका दायर कर अनुरोध किया गया था कि इस दावे की जाँच के लिए ASI की एक टीम नियुक्त की जाए जो इस दावे की सच्चाई के बारे में पता लगाकर रिपोर्ट कोर्ट को सौंपे। इस पर कोर्ट ने कहा कि हम ड्राइंग रूम में इस विषय पर चर्चा के लिए आपका स्वागत करते हैं लेकिन कोर्ट रूम में इस मुद्दे पर बहस की कोई गुंजाइश नहीं है।

याचिकाकर्ता ने कहा था कि अगर कुछ इतिहासकारों और हिन्दू संगठनों के दावे में सच्चाई है तो वो सच्चाई जानने का हक देश के हर नागरिक को है। याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने ताजमहल की सच्चाई जानने के लिए कई बार आरटीआई लगाई लेकिन उन्हें लिखित जवाब दिया गया कि ताजमहल के भीतर मौजूद कई दरवाजों को सुरक्षा कारणों से नहीं खोला गया है। 

याचिका पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा कि क्या ऐसे मुद्दे कोर्ट में चर्चा का विषय बन सकते हैं? क्या हम जज इस तरह के मामलों पर सुनवाई के लिए तैयार हैं और क्या हमारे पास ऐसे संसाधन हैं जो इस तरह की सच्चाई को बाहर ला सकें?

ताजमहल की जमीन जयपुर राजघरानों की थी: भाजपा सांसद

इस बीच, सुनवाई से पहले भाजपा सांसद दीया कुमारी ने बुधवार (11 मई 2022) को दावा किया कि जिस जमीन पर ताजमहल खड़ा है, वह जयपुर के शासक जय सिंह की है। पूर्व जयपुर शाही परिवार की सदस्य दीया कुमारी ने कहा, “जमीन के बदले मुआवजा दिया गया था, लेकिन कितना था, स्वीकार किया या नहीं, यह मैं नहीं कह सकती, क्योंकि मैंने हमारे ‘पोथीखाना’ में मौजूद अभिलेखों का अध्ययन नहीं किया है। लेकिन जमीन हमारे परिवार की थी और शाहजहाँ ने इसे हासिल कर लिया था।”

उन्होंने आगे कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि ताजमहल के कमरों में ताला क्यों लगाया जाता है। उन्होंने कहा, “ताजमहल, शायद मंदिर से पहले कुछ भी हो सकता था। लोगों को यह जानने का अधिकार है कि मूल रूप से ‘मकबरा’ से पहले क्या था।”

दुनिया की No.1 कंपनी बनी Saudi Aramco, 3 ट्रिलियन डॉलर का आँकड़ा छू चुकी Apple भी हुई पीछे: जानें कितनी है मार्केट वैल्यू

तेल उत्पादक सऊदी अरब की कंपनी सऊदी आरामको (Saudi Aramco) बुधवार (11 मई 2022) को दुनिया की सबसे अधिक मूल्यवान कंपनी बन गई। लगातार बढ़ती तेल की कीमतों के कारण कंपनी के शेयरों में जबर्दस्त तेजी देखी गई है। बुधवार को कंपनी की मार्केट वैल्यू 2.44 ट्रिलियन डॉलर (₹18,89,30,42,00,00,000) हो गई, जबकि पिछले महीने एप्पल के शेयरों में गिरावट देखी गई, जिससे इसकी वैल्यू 2.37 ट्रिलियन डॉलर (₹18,35,17,39,50,00,000) पर रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल के शेयरों की कीमतों में अब भले ही गिरावट दिख रही हो, लेकिन इस साल के शुरुआती तीन महीनों में कंपनी का प्रॉफिट उसकी उम्मीद से भी बेहतर था। हालाँकि, ऐसी आशंका है कि चीन में कोरोना के कारण चल रहे लॉकडाउन में यह जून तिमाही के परिणामों में $ 4-8 बिलियन से कम हो जाएगा। इस मामले में एप्पल की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा गया है कि चीनी कंपनियाँ एप्पल्स के आईफोन के लिए चिप बनाती है, लेकिन कोरोना लॉकडाउन के कारण ये कंपनियाँ ठप पड़ी हैं और इसी कारण से एप्पल को चिप की आपूर्ति होने में खासी दिक्कतें हैं।

वहीं दूसरी ओर सऊदी आरामको के मुनाफे की बात करें तो पिछले साल इस कंपनी के मुनाफें में 124 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। यह 2020 में 49.0 बिलियन डॉलर से 2021 में 110.0 बिलियन डॉलर की हो गई। इसके बाद यमन के विद्रोहियों ने कंपनी पर हमला कर दिया, जिसके कारण इसके उत्पादन में अस्थायी तौर पर गिरावट दर्ज की गई थी।

रूस-यूक्रेन युद्ध का मिल रहा फायदा

गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन में हो रही जंग के बीच दुनियाभर के देश रूस पर बैन लगा रहे हैं। ऐसे में सउदी अरब पर तेल का उत्पादन बढ़ाने का दबाव बढ़ा है। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण और मॉस्को पर उसके बाद के प्रतिबंधों के कारण सऊदी पर उत्पादन बढ़ाने का दबाव रहा है, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को अस्थिर कर दिया। सऊदी आरामको के प्रेसीडेंड और सीईओ अमीन नासिर का कहना है कि जियो-पॉलिटिक्स के तनावों के कारण कंपनी का दृष्टिकोण अनिश्चित बना हुआ है।

हालाँकि, उनका कहना है कि आरामको लगातार कच्चे तेल का उत्पादन करना जारी रखेंगी। आशंका ये है कि जैसे-जैसे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, इससे महँगाई भी बढ़ेगी। फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

जनवरी में एप्पल बनी थी 3 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इसी साल जनवरी के महीने में एप्पल की मार्केट वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर (करीब 225 लाख करोड़ रुपए) पार कर गई थी। इस मामले में कंपनी से आगे केवल दुनिया के 4 देश थे। इन देशों के नाम अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी हैं। हालाँकि अब कंपनी की मार्केट वैल्यू गिरी है जिसकी वजह से सऊदी के कंपनी नंबर 1 हो गई।

नाबालिग के साथ रेप, अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी, दबाव डालकर निकाह: जयपुर में तीन तलाक के बाद दर्ज हुई FIR

राजस्थान की राजधानी जयपुर के शास्त्री नगर थाना इलाके में दुष्कर्म, निकाह और तीन तलाक का एक सनसनीखेज मामला (triple talaq case) सामने आया है। जिसे लेकर 21 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया कि साल 2016 में जब पीड़िता नाबालिग थी तब उसे एक युवक ने अपने प्रेम जाल में फँसाया और दुष्कर्म किया था। साथ ही अपने मोबाइल पर पीड़िता की अश्लील फोटो खींचकर उसे वायरल करने की धमकी दी थी।

कागजों पर साइन लेकर किया निकाह

इसके बाद आरोपित पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल कर यौन शोषण करता रहा और जब पीड़िता ने विरोध करते हुए आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही तो आरोपित ने पीड़िता को शादी करने का झाँसा दिया। पीड़िता जब लगातार कानूनी कार्रवाई करने की बात पर अड़ी रही तो आरोपित ने पीड़िता से कागजों पर साइन करवा कर निकाह कर लिया। इसके बाद आरोपित कुछ समय तक उसके साथ घर पर भी रहा और 11 मई की दोपहर पीड़िता को तीन बार तलाक बोलकर फरार हो गया।

इसके बाद पीड़िता ने अपने परिवार के सदस्यों को आपबीती बताई और उनके साथ बुधवार (11 मई 2022) देर रात शास्त्री नगर थाने पहुँच युवक के खिलाफ दुष्कर्म व तीन तलाक का मामला दर्ज करवाया। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच करना शुरू कर दिया है और फरार चल रहे आरोपित की तलाश की जा रही है।

बच्ची से बलात्कार करने वाले मदरसे के मौलवी अब्दुल रहीम को उम्रकैद

गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान के कोटा जिले में 6 साल की बच्ची से रेप के एक मामले में दोषी पाए गए मदरसे के मौलवी और उर्दू टीचर अब्दुल रहीम को कोर्ट ने अंतिम साँस तक जेल की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने दोषी मौलवी पर एक लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया। पीड़ित बच्ची से रेप की घटना नवंबर 2021 में घटित हुई थी।

दिव्यांग अयूब की बेटी ने सिसकते हुए बताया ‘डॉक्टर’ बनने का सपना: PM मोदी कैमरे पर हो गए भावुक, कहा- मदद की जरूरत हो तो मुझे भी बताना

गुजरात के भरूच में गुरुवार (12 मई 2022) को आयोजित ‘उत्कर्ष समारोह’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इस दौरान लाभार्थियों से बातचीत करते हुए पीएम मोदी भावुक हो गए। इस मौके पर उन्होंने लाभार्थी की बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने में मदद करने का वादा किया।

उन्होंने कहा, “आज का ये उत्कर्ष समारोह इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार ईमानदारी से, एक संकल्प लेकर लाभार्थी तक पहुँचती है, तो कितने सार्थक परिणाम मिलते हैं। मैं भरूच जिला प्रशासन को, गुजरात सरकार को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी 4 योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन के लिए बधाई देता हूँ।”

कार्यक्रम में पीएम से बात करते हुए अयूब पटेल नाम के व्यक्ति ने उन्हें अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के बारे में बताया। इस दौरान पीएम मोदी ने मदद की पेशकश की। उन्होंने कहा, “अपनी बेटियों के सपने को पूरा करने के लिए अगर आपको किसी मदद की जरूरत हो तो मुझे बताएँ।”

पीएमओ ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम जिले में गुजरात सरकार की चार प्रमुख योजनाओं की 100 प्रतिशत उपलब्धि को चिह्नित करेगा, जो जरूरतमंदों को समय पर वित्तीय सहायता प्रदान करने में मदद करेगा। पीएम मोदी ने इस खास मौके पर शत-प्रतिशत लाभार्थियों की कवरेज यानि हर मत, हर पंथ हर वर्ग को एक समान रूप से सबका साथ, सबका विकास। गरीब कल्याण की हर योजना से कोई छूटे ना, कोई पीछे ना रहे।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी पीएम मोदी और लाभार्थी अयूब पटेल के संवाद का वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “बेटी और पिता! बस इतना चल रहा है! और फिर बेटी माननीय प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करती है। मेरी प्रार्थना और शुभकामनाएँ हैं कि इस देश की हर बेटी, हर बच्चा, हर माँ, हर पिता अपने सपनों को साकार करे और जीवन के सुखद पलों को जिए।” साथ ही उन्होंने ट्वीट में पीएमओ को धन्यवाद भी कहा है।

इंजेक्शन, कुल्हाड़ी और तमंचा लेकर गौतस्करी करने वाले जीशान, कासिम, सद्दाम हुए गिरफ्तार: UP पुलिस से मुठभेड़ के बाद लंगड़ाते पहुँचे अस्पताल, Video

UP के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले में गौ तस्करों की पुलिस से मुठभेड़ (Encounter) हुई है। इस मुठभेड़ में जीशान, सद्दाम और कासिम नाम के 3 गौ तस्कर घायल हुए हैं। बाद में इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस का एक कांस्टेबल भी घायल हुआ है। घटना 11 – 12 मई 2022 (बुधवार) रात की है। सभी गौ तस्कर पुराने अपराधी बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आई है जिसमें घायल गौतस्करों को लंगड़ाते और कहारते हुए देखा जा सकता है।

गाजियाबाद पुलिस के SP सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया, “थाना विजयनगर की जल निगम पुलिस चौकी पर चेकिंग की जा रही थी। उसी दौरान पुलिस को सिल्वर कलर की स्कार्पिओ में एक गाय के बँधे होने की सूचना मिली। साथ ही स्कार्पिओ में गौ तस्करों की भी मौजूदगी का पता चला। पुलिस ने तस्करों का पीछा किया। इस दौरान अनियंत्रित हो कर तस्करों का वाहन एक पेड़ से टकरा गया। पुलिस ने उन सभी को घेर कर आत्मसमर्पण कर को कहा।”

SP सिटी ने आगे बताया, “पुलिस द्वारा सरेंडर के प्रस्ताव को ठुकरा कर तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस का एक कॉन्स्टेबल घायल हो गया। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई जो तीनों गौ तस्करों को लगी। गौ तस्कर जीशान मेरठ के फलावदा का रहने वाला है। जबकि बाकी 2 अन्य सद्दाम और कासिम गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन सभी पर गौ हत्या के 7 – 8 मुकदमे हैं। इनके पास से बेहोश करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला इंजेक्श, कुल्हाड़ी, तमंचे, चाकू, रस्सी के साथ एक गाय भी बरामद हुई है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

मुठभेड़ के बाद घायल आरोपित (चित्र साभार – गाजियाबाद पुलिस)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपितों के पास से गाय को सुरक्षित बचा लिया गया है। गाय को एक स्थानीय गौशाला में भेज दिया गया है। घायल तीनों आरोपितों का इलाज करवाया जा रहा है। तस्करी में प्रयोग होने वाली स्कार्पिओ को भी जब्त कर लिया गया है। घायल कांस्टेबल का नाम दीपक कुमार है जिनकी हालात फिलहाल सामान्य है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले गाजियाबाद के ही हिंडन विहार इलाके में गौ वंश के अवशेष मिले थे। इसके बाद हिन्दू संगठनों ने हंगामा किया था। तब से पुलिस गौ तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही थी। उसी अभियान के दौरान पुलिस को ये सफलता मिली है।

मदरसे में बच्चे के पेशाब करने की अफवाह पर मुस्लिम कट्टरपंथियों ने जला दिया था मंदिर: एक साल बाद पाकिस्तानी कोर्ट ने सुनाई 22 दोषियों को सजा

पाकिस्तान (Pakistan) के पंजाब प्रान्त में कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा हिंदू मंदिर में हमला कर उसमें तोड़-फोड़ करने और उसे जलाने के मामले में एक साल के बाद इसके दोषियों को सजा सुनाई गई है। पाकिस्तान की आतंकवाद रोधी अदालत (ATC) ने बुधवार (11 मई, 2022) को 22 दोषियों को पाँच-पाँच साल जेल की सजा सुनाई।

इस मामले की सुनवाई एटीसी के जस्टिस (बहवालपुर) नासिर हुसैन ने की। इसके अलावा उन्होंने ने ही मामले में फैसला भी सुनाया। जज ने 22 लोगों को दोषी करार दिया औऱ सभी को 5-5 साल की सजा सुनाई। जबकि 62 लोगों को बरी कर दिया गया है। मामले में कोर्ट के फैसला सुनाए जाने से पहले सभी बहावलपुर जेल में बंद थे, जिन्हें बाद में कोर्ट की प्रोसीडिंग के लिए अदालत ले जाया गया।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने सभी आरोपितों से 10 लाख पाकिस्तानी रुपए की जुर्माने के तौर पर वसूली भी की थी। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने सरकार को ही मंदिर के फिर से जीर्णोद्धार का आदेश दिया था। तब पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश गुलज़ार अहमद ने कहा था, “कल्पना कीजिए कि अपवित्रता की घटना ने हिंदू समुदाय को कितनी मानसिक पीड़ा दी थी।” हालाँकि, बाद में इस घटना को पाकिस्तान की संसद में उठाते हुए इसकी निंदा भी की गई थी।

कब हुई थी ये घटना

गौरतलब है कि ये घटना पिछले साल जुलाई 2021 में घटी। जब पाकिस्तान के लाहौर से 590 किलोमीटर दूर रहीमयार खान जिले के भोंग में सैकड़ों की संख्या में कट्टरपंथी मुस्लिमों ने एक गणेश मंदिर पर हमला कर दिया था। तब आरोप ये लगाया गया था कि 8 साल के एक हिंदू बच्चे ने कथित तौर पर मदरसा में पेशाब कर दिया था। बता दें कि हमलावरों ने लाठी, डंडों से पुलिसवालों पर भी हमला कर दिया था और फिर मंदिर में तोड़-फोड़ कर उसे जला दिया था।

मुस्लिम भाई ने बहन को प्यार करने पर पीटा, वायरल वीडियो के बचाव में उतरा AltNews, ‘फैक्ट चेक’ कर कहा- यह अमेरिका का नहीं

‘उम्माह’ एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ एक राष्ट्र होता है। मुख्य रूप से यह पूरी दुनिया के मुस्लिमों का समुदाय है, जो सभी मुस्लिमों को एकजुट करता है। यहाँ ‘उम्माह’ का जिक्र फैक्ट चेक वेबसाइट AltNews के संदर्भ में किया गया है। AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) ने गुरुवार (12 मई 2022) को एक वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया। वीडियो में एक मुस्लिम पुरुष को एक लड़की की पिटाई करते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो इस दावे के साथ वायरल किया जा रहा है कि यह परिवार अमेरिका का नहीं है। मुस्लिम लड़की को उसके परिवार के सदस्य एक गैर-मुस्लिम लड़के से प्यार करने की वजह से पीट रहे हैं।

एक कथित अमेरिकी मुस्लिम परिवार पर लगाए गए आरोपों को देखकर जुबैर वायरल वीडियो के दावों का ‘फैक्ट चेक’ करने पर उतारू हो गया।

जुबैर का ‘फैक्ट चेक’ वायरल वीडियो (साभार: ट्विटर)

ऑल्टन्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने दावा किया कि यह वीडियो अमेरिका का नहीं बल्कि रूस का है। उसने यह भी दावा किया कि इस वायरल वीडियो में ‘एक मुस्लिम लड़की को उसके परिवार के सदस्यों द्वारा पीटा जा रहा है’ कि सच्चाई सबके सामने लाने के लिए उन्हें सोशल मीडिया पर कई लोगों द्वारा टैग किया गया था। इसलिए उन्होंने इसके फैक्ट चेक का जिम्मा उठाया है।

इसके बाद जुबैर वायरल दावे का फैक्ट चेक में जुट गए। ऐसा लगता है कि इस मामले पर सर्च करने के लिए उन्होंने गूगल की बजाय लगभग उसी की तरह कार्य करने वाले यैंडेक्स (Yandex) का प्रयोग ​किया है। यैंडेक्स ना केवन रूस का लोकप्रिय सर्च इंजन है, बल्कि वह कई मोर्चों पर ‘Google’ को टक्कर भी दे रहा है। जुबैर को यैंडेक्स पर सर्च के दौरान 2021 के कुछ लेख मिले, जिसमें एक इंस्टाग्राम वीडियो एम्बेड किया गया था। इसके जरिए वह उस इंस्टाग्राम यूजर्स तक पहुँचे, जो लड़की का दोस्त था। इसके बाद जुबैर को यह जानकारी मिली कि लड़की और वह लड़का, जिससे वह प्यार करती थी (जिसकी वजह से) उसे पीटा गया, दोनों ही मुस्लिम थे। उन्होंने दावा किया कि लड़की का परिवार रूस से है, जबकि लड़का यूक्रेन का है। दोनों के परिवारों में लंबे समय से झगड़ा चल रहा था। इनकी प्रेम कहानी भी एक बॉलीवुड रोमांटिक पॉटबॉयलर जैसी ही है।

मोहम्मद जुबैर का निष्कर्ष

अपने अंतिम ट्वीट थ्रैड में जुबैर ने विस्तार से मामले को समझाते हुए कहा कि कैसे मुस्लिम परिवार के कुछ लोग लड़की की पिटाई कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वह एक ऐसे मुस्लिम लड़के से प्यार करती थी, जिनसे उनके परिवार वालों की दुश्मनी थी। उन्होंने कहा कि वीडियो में किया गया दावा कि लड़की एक गैर मुस्लिम लड़के से प्यार करती थी पूरी तरह से झूठा है और यह परिवार रूसी था न कि अमेरिकी। ऑपइंडिया जुबैर के इन दावों की पुष्टि नहीं कर सकता है, लेकिन यह सच है कि एक मुस्लिम लड़की को उसके ही परिवार के सदस्यों द्वारा एक ऐसे लड़के से प्यार करने के लिए पीटा जा रहा था, जिसे वे पसंद नहीं करते थे।

यहाँ यह ध्यान देने योग्य है कि कैसे जुबैर ने इस मुद्दे को ही फैक्ट चेक के लिए चुना? इसी तरह ऑल्ट न्यूज ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के बीच में एक अप्रासंगिक वीडियो को ‘पुराना’ बताकर उसका फैक्ट चे​क किया और एक कहानी बनाने की कोशिश की कि वर्तमान में दिखाया जा रहा वीडियो फर्जी हैं। दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के दौरान, ‘फैक्टचेकर्स’ ने AAP पार्षद ताहिर हुसैन का पुरजोर तरीके से बचाव किया, जिसने उत्तरी पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में मुख्य भूमिका निभाई और अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आरोपित भी है। कुछ दिन पहले हुसैन के खिलाफ साजिश, आगजनी, दंगे के आरोप तय करते हुए दिल्ली की एक अदालत ने कहा था कि उसने ‘काफिरों को सबक सिखाने के लिए भीड़ को उकसाया’ था। आप यहाँ डिटेल में पढ़ सकते हैं कि कैसे लगातार AltNews इस्लामी प्रचारक वेबसाइट की तरह दिन प्रतिदिन दुष्प्रचार कर रही है।