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सरकारी स्कूलों में धर्मांतरण: हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से पूछा- लगाम लगाने के लिए दिशा-निर्देश क्यों नहीं, ईसाई मिशनरियों को समर्थन का दावा

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने गुरुवार (5 मई 2022) को तमिलनाडु (Tamil Nadu) सरकार को सरकारी स्कूलों में बड़े पैमाने पर कराए जा रहे जबरन धर्मांतरण को लेकर लताड़ लगाई। हाईकोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए राज्य सरकार से सवाल किया, “तमिलनाडु सरकार को जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ दिशानिर्देश तैयार करने में क्या परेशानी है? राज्य के स्कूलों में धर्मांतरण रोकने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश उसे क्यों नहीं देना चाहिए?”

न्यायमूर्ति आर महादेवन और एस अनंती की खंडपीठ ने शहर के एक अधिवक्ता बी जगन्नाथ की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। अधिवक्ता ने अपनी याचिका में शिक्षा विभाग को सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए सुधारात्मक उपायों सहित सभी आवश्यक कदम उठाने का दिशानिर्देश तैयार करने का आदेश देने की माँग की थी। अदालत ने कहा कि संविधान धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, जबरन धर्म परिवर्तन का नहीं।

सुनवाई के दौरान इस मामले में सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह इस तरह के धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। हालाँकि, इस याचिका का सरकार ने यह कहते हुए विरोध किया कि यह बिना तथ्यों के आधार पर दायर की गई है, इसलिए इस पर विचार ना किया जाए।

उल्लेखनीय है कि इस याचिका में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, अन्य शैक्षणिक संस्थानों, प्राथमिक और उच्च माध्यमिक दोनों में धर्मांतरण और जबरन धर्मांतरण को रोकने और प्रतिबंधित करने के लिए सरकार को प्रभावी दिशा-निर्देश तैयार करने और सुधारात्मक उपायों सहित सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने की प्रार्थना की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, याचिकाकर्ता ने अदालत के सामने बड़े पैमाने पर जबरन धर्मांतरण रैकेट को रोकने के लिए जिला स्तर पर एक आंतरिक शिकायत समिति गठित करने का प्रस्ताव भी रखा। अधिवक्ता ने कहा कि ईसाई मिशनरियों को कथित तौर पर राज्य सरकार का समर्थन प्राप्त है और वे शिक्षण संस्थानों में हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने याचिका में साफ तौर पर लिखा, “वे हिंदू छात्रों को अपमानित करते हैं और उन्हें गाली देते हैं। वे धर्म के आधार पर भेदभाव करते हैं और हिंदू लड़कियों को दूसरे धर्म को नहीं अपनाने पर प्रताड़ित करते हैं।”

इस संबंध में याचिकाकर्ता वकील ने तंजावुर जिले की एक हालिया घटना का हवाला भी दिया है। याचिकाकर्ता वकील ने बताया कि तंजावुर में एक स्कूली छात्रा लावण्या को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए प्रताड़ित किया गया था, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली थी। कोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जाँच के आदेश दिए थे।

याचिकाकर्ता ने याचिका में यह भी दावा किया कि कन्याकुमारी जिले के एक सरकारी स्कूल में धर्मांतरण की माँग नहीं मानने पर एक छात्र को कथित तौर पर घुटने टेकने के लिए मजबूर किया गया। अधिवक्ता जगन्नाथ ने धर्मांतरण के खिलाफ कड़े कदम उठाने की माँग की है। उन्होंने कहा है कि धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए अदालत का हस्तक्षेप आवश्यक है।

बंगाल में फंदे से लटका मिल BJP कार्यकर्ता, पार्टी ने TMC पर लगाया हत्या का आरोप: अमित शाह के स्वागत समारोह के सभी कार्यक्रम रद्द

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के बीच कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ता का शव मिला है। जानकारी के मुताबिक, शव फाँसी के फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया है। मृतक की पहचान काशीपुर विधानसभा निवासी अर्जुन चौरसिया के रूप में हुई है। मृतक अर्जुन भारतीय जनता पार्टी युवा मंडल मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट थे।

बीजेपी ने टीएमसी पर हत्या का आरोप लगाया है। हालाँकि, भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए टीएमसी सांसद शांतनु सेन ने कहा, “हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। पुलिस को मामले की जाँच करने दें।” पुलिस ने कहा कि घटना की जाँच शुरू कर दी गई है।

27 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता की हत्या पर भारतीय जनता पार्टी ने शोक व्यक्त किया है। पार्टी की ओर से बयान जारी कर बताया गया है कि कोलकाता में अमित शाह के स्वागत समारोह के सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है। भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि अमित शाह यह खबर सुनकर नाराज हो गए। उन्होंने एनएससी बोस हवाई अड्डे पर अपना भव्य स्वागत रद्द करने के लिए कहा। शाह अपनी दो दिवसीय यात्रा के दूसरे चरण में उत्तर बंगाल से शहर पहुँचेंगे। बताया जा रहा है कि अमित शाह मृतक बीजेपी कार्यकर्ता के परिवार से भी मुलाकात करेंगे।

उत्तर कोलकाता के भाजपा अध्यक्ष कल्याण चौबे का कहना है कि अर्जुन एकदम स्वस्थ्य थे। उन्होंने कल रात उनके नेतृत्व में 200 बाइक की रैली आयोजित करने की योजना भी बनाई थी लेकिन आज सुबह उन्हें घोष बागान रेल यार्ड में मृत पाया गया। काफी हंगामे के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओ ने डेड बॉडी को ले जाने दिया। पूरे इलाके को चितपुर थाने की पुलिस ने सील कर दिया है। लालबाजार इलाके की खुफ़िया विभाग की साइंटिफिक टीम घटनास्थल पर मौजूद है।

बंगाल बीजेपी नेता दिलीप घोष ने ट्विटर पर लिखा, “अभिजीत सरकार के बाद, एक और युवा भाजपा कार्यकर्ता, 27 वर्षीय अर्जुन चौरसिया की TMC के राजनीतिक आतंकियों ने हत्या कर दी और कोलकाता में फाँसी पर लटका दिया। टीएमसी राजनीतिक हत्याओं की घिनौनी संस्कृति को आगे बढ़ाकर लोकतंत्र का गला घोंटने पर आमादा है।”

बता दें कि अभिजीत सरकार की दो मई को उनके घर से बाहर घसीट कर हत्या कर दी गई थी। हमले से ठीक पहले वे दो बार फेसबुक पर लाइव हुए थे और टीएमसी गुंडों के हमले को लेकर बताया था। 

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता की हत्या का पहला मामला नहीं है। पिछले महीने अप्रैल में भी एक बीजेपी कार्यकर्ता का शव संदिग्ध स्थितियों में पेड़ से लटका मिला था। तब मृतक की पहचान पूर्ण चंद्र नाग के तौर पर हुई थी। वो मजदूरी कर अपना घर चलाते थे और बीरभूम जिले के मल्लारपुर कस्बे में 19 अप्रैल की सुबह अपने घर के बाहर वह पेड़ से लटके मिले थे। इससे पहले पूर्वी मिदनापुर में भी एक बीजेपी कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बीजेपी कार्यकर्ता का नाम शंभु माइती था। डेरिया दिघी क्षेत्र के नंटू प्रधान कॉलेज के पास केलेघई नदी के समीप शंभू को कुछ लोगों ने घायल हालत में देखा था। शंभू के बदन में जगह-जगह घाव के निशान थे।

दावा- बग्गा को पंजाब पुलिस ने पगड़ी भी नहीं पहनने दी: कपिल मिश्रा को भी AAP नेता ने धमकाया, कहा- अगली बारी आप की…

पंजाब पुलिस पर भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को गिरफ्तारी के दौरान पगड़ी नहीं पहनने देने का आरोप लगा है। उनके पिता के साथ मारपीट करने के आरोप में पंजाब पुलिस के खिलाफ दिल्ली के जनकपुरी थाने में तहरीर भी दी गई है। पंजाब पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ भाजपा नेताओं ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह घटनाक्रम 6 मई 2022 (शुक्रवार) का है।

दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “पुलिस मिलने के बाद केजरीवाल पागल हो गए हैं। वो तानाशाही और गुंडागर्दी दिखा रहे। पंजाब पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान बग्गा के पिता के साथ मारपीट की और कपड़ा ठूँसा। इस दौरान बग्गा को पगड़ी तक नहीं पहनने दिया गया। यह सब कुछ केजरीवाल के इशारे पर हो रहा। इसके खिलाफ हम सड़कों पर उतरेंगे और ईंट का जवाब पत्थर से देंगे।” आदेश गुप्ता ने केजरीवाल को ‘हिटलर’ की उपाधि दी है। इससे पहले ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान खुद तेजिंदर बग्गा के पिता ने अपने साथ पंजाब पुलिस पर मारपीट करने और बग्गा को पगड़ी नहीं पहनने देने का आरोप लगाया था।

तेजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा नेता जनकपुरी थाने पहुँचे। जनकपुरी थाने के बाहर भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पंजाब पुलिस और अरविंद केजरीवाल के विरोध में नारेबाजी भी हुई।

आप प्रवक्ता ने कपिल मिश्रा को धमकाया

बग्गा की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे कपिल मिश्रा को आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता घनेन्द्र भरद्वाज ने धमकी दी। उन्होंने लिखा, “मिश्रा जी आप भी बहुत जहर उगलते रहते हो, आप भी जल्द ही सुधर जाओ, नहीं तो अगली बारी आप की भी हो सकती है।” इस ट्वीट के जवाब में कपिल मिश्रा ने लिखा, “AAP की पुलिस, जेल, तानाशाही हमें ना चुप करा सकती, ना डरा सकती। सुबह से AAP के कार्यकर्ताओं की ऐसी धमकियाँ साफ करती है कि पंजाब पुलिस का इस्तेमाल अब केजरीवाल के विरोधियों को चुप कराने में किया जाएगा।”

बग्गा ने केजरीवाल के खिलाफ क्या कहा था?

30 मार्च 2022 को तेजिंदर पाल बग्गा का बयान इंडिया TV ने दिखाया था। वह बयान अरविंद केजरीवाल के घर के आगे प्रदर्शन के दौरान दिया गया था। तब बग्गा ने कहा था, “पूरे देश के सबसे बड़े नरसंहार का दिल्ली विधानसभा में मज़ाक उड़ाया गया। अरविंद केजरीवाल के मुताबिक द कश्मीर फाइल्स फिल्म में दिखाया गया कश्मीरी पंडितों का नरसंहार झूठ है। मुझे लगता है कि 100 करोड़ हिन्दू इसे कभी नहीं भूलेंगे।”

बग्गा ने आगे कहा था, “सोनिया गाँधी ने भगवान राम के अस्तित्व को नकार दिया था और आज उनकी खुद की पार्टी के अस्तित्व पर संकट है। इसलिए मैं अरविंद केजरीवाल को बता देना चाहता हूँ कि देश का हिंदू तुम्हें तुम्हारी जगह दिखाएगा। केजरीवाल को अपने बयान पर माफ़ी माँगनी चाहिए। अगर वो माफ़ी नहीं माँगते तो भाजपा कार्यकर्ता उन्हें चैन से रहने नहीं देंगे। हमारा विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।”

पंजाब पुलिस ने इस बयान के आधार पर पटियाला में FIR दर्ज की थी। अगले दिन बग्गा ने ट्वीट कर उस FIR के वापस लिए जाने की जानकारी दी थी। बाद में इस मामले में SIT का गठन किया गया था। SIT को यह तय करना था कि तेजिंदर पाल बग्गा के ट्वीट से अरविंद केजरीवाल को नुकसान या नुकसान पहुँचाने का प्रयास तो नहीं हुआ।

बुर्का उतार सेल्फी लेने पर होगी पिटाई: ‘मुस्लिम डिफेंस फोर्स’ की धमकी, कहा- मॉल में बुर्का उतार गलत काम करती हैं महिलाएँ

कर्नाटक (Karnataka) के मंगलुरु से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मुस्लिम डिफेंस फोर्स 24×7 (Muslim Defence Force) नाम के एक समूह ने बुर्का (Burqa) नहीं पहनने और सेल्फी (Selfie) लेने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का उतारने वाली मुस्लिम महिलाओं को धमकी दी है। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुस्लिम महिलाओं को धमकाते हुए ग्रुप ने लिखा, “जो मुस्लिम महिलाएँ बुर्का नहीं पहनेंगी और सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का उतारकर सेल्फी लेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर शशि कुमार के मुताबिक, यह ग्रुप खुद को मुस्लिम अधिकारों का संरक्षक बताता है और कहता है कि ये उसका कर्तव्य है कि वो मुस्लिम महिलाओं को उनकी मजहबी परंपराओं को तोड़ने से रोके। उन्होंने कहा कि इस समूह पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सीपी शशि कुमार ने टाइम्स नाउ को बताया, “ये मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम और फेसबुक के अलावा व्हाट्सएप पर भी लोगों को ये मैसेज भेजा जा रहा है। पुलिस को ये मैसेज व्हाट्सएप ग्रुप पर भी मिले हैं।” इस ग्रुप ने सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि जो महिलाएँ सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का नहीं पहनेंगी या इसे हटाकर सेल्फी लेंगी, उन्हें सबक सिखाने के लिए पीटा भी जाएगा।

मुस्लिम समूह द्वारा कन्नड़ भाषा में जारी संदेश में लिखा है, “मॉल के बेसमेंट में हमने कई महिलाओं को बुर्का उतारकर गलत कार्य करते हुए देखा। हमारे कार्यकर्ताओं ने उन्हें पहले ही चेतावनी दे दी है। अगर यह फिर से हुआ तो पीटा जाएगा।” उन्होंने अभिभावकों से भी कहा कि जब भी उनके की महिलाएँ कॉलेज और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाएँ तो उनकी निगरानी करें।

मंगलुरु पुलिस कमिश्नर ने बताया कि उनकी टीम लगातार इस ग्रुप के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये कौन लोग हैं? पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, ग्रुप के कुछ सदस्यों के बारे में उन्हें जानकारी मिली है, लेकिन इस मैसेज का मेन सोर्स क्या है, कौन इसका मास्टरमाइंड है, पुलिस इसका पता लगाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने आगे बताया कि यह सोशल मीडिया ग्रुप की तरह है, जिसमें 200 से 300 लोग जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप में जानकारी साझा करने के नाम पर लोगों को धमकाया जा रहा है। ‘मुस्लिम डिफेंस फोर्स 24×7 ग्रुप सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।

गौरतलब है कि यह धमकी उस वक्त आई है, जब राज्य में कुछ मुस्लिम लड़कियों द्वारा हिजाब के बिना स्कूलों में जाने से इनकार करने के बाद ​विवाद गहराया हुआ है। बीते कुछ महीनों से कर्नाटक (Karnataka) के उडुपी जिले के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज की कुछ मुस्लिम छात्राएँ क्लास के अंदर हिजाब (Hijab) पहनने की जिद पर अड़ी हुई हैं और इसके लिए वह लगातार प्रदर्शन करती हुई भी नजर आईं। ये छात्राएँ इस्लामीकरण के प्रतीक हिजाब को अपना मौलिक अधिकार बताती हैं।

इसके बाद कर्नाटक में हलाल मीट और लाउडस्पीकर पर अज़ान को लेकर भी विवाद हुआ। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल को पशुपालन व पशु चिकित्सा सेवाओं के उपनिदेशक ने जानवरों के प्रति क्रूरता की रोकथाम नियम 2001 का हवाला देते हुए बेंगलुरु नागरिक निकाय को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि जानवरों को मारने से पहले उन्हें बेहोश किया जाए। पत्र में यह भी कहा गया था कि उनके विभाग को जनता से शिकायतें मिली हैं कि जानवरों के वध से पहले सरकारी नियमों की अनदेखी हो रही है। इसको लेकर कॉन्ग्रेस ने कर्नाटक सरकार का विरोध किया था।

बच्चे का मजाक उड़ाने वाले कुणाल कामरा पर NCPCR सख्त, ट्विटर को वीडियो हटाने को कहा, होगी पुलिसिया कार्रवाई

गालीबाज कॉमेडियन कुणाल कामरा (Kunal Kamra) ने जर्मनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र (PM Modi) को देशभक्ति गीत सुनाने वाले बच्चे का मजाक बनाकर मुसीबत मोल ले ली है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने कुणाल कामरा द्वारा शेयर किए गए मॉर्फ्ड वीडियो पर संज्ञान लिया है। एनसीपीसीआर ने ट्विटर इंडिया को पत्र लिखकर कामरा के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की माँग करते हुए फर्जी वीडियो को तत्काल सोशल मीडिया से हटाने के लिए कहा है। इसके अलावा कामरा की शिकायत पुलिस से भी की है। एनसीपीसीआर ने कहा कि कथित कॉमेडियन ने ट्विटर पर अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए ऐसा किया है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के यूरोप दौरे के वक्‍त बर्लिन में एक बच्चे ने पीएम के सामने देशभक्ति का गीत गाया था। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हुआ था। कामरा ने इस वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था। वहीं बच्‍चे के पिता की शिकायत पर एनसीपीसीआर ने संज्ञान लिया है। एनसीपीसीआर ने कहा, “हमें कुणाल कामरा के बारे में कई शिकायतें मिली हैं कि उसने एक बच्चे की वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। कामरा ने अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए नाबालिग बच्चे की वीडियो के साथ छेड़छाड़ की है।”

एनसीपीसीआर ने आगे कहा, “आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लिया है। उनकी राय है कि राजनीतिक विचारधाराओं को आगे बढ़ाने के लिए नाबालिगों का इस्तेमाल करना किशोर न्याय अधिनियम, 2015 और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इस तरह के प्रचार वाले उद्देश्य से बच्चों का इस्तेमाल करना नुकसानदेह है। यह उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।” इस बाबत एनसीपीसीआर ने ट्विटर से 7 दिनों के भीतर कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट देने को कहा है।

गुरुवार (5 मई, 2022) को अपनी वीडियो की चौरतरफा आलोचना होने के बाद ऐसा लगता है कि विवादित छवि वाले कामरा ने इस ट्वीट को पहले से ही हटा दिया है, क्योंकि अब वह वीडियो ट्विटर पर नहीं है। हालाँकि, उसी वीडियो का एक और छेड़छाड़ वाला वीडियो उसने पोस्ट किया है, जो अभी भी उसके ट्विटर अकाउंट पर दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में उसने पत्रकार अमिश देवगन का चेहरा लगाया हुआ है।

उल्लेखनीय है कि कामरा ने गुरुवार (5 मई 2022) को बच्चे के देशभक्ति गीत ‘भारत हम तेरी आराधना करेंगे, तेरी अर्चना करेंगे, भारत हम तेरी वंदना करेंगे’ का मजाक उड़ाते हुए इसे संपादित किया था। उसके द्वारा पोस्ट किए वीडियो में अनुषा रिजवी और महमूद फारुखी के डायरेक्शन में बनने वाली फिल्म ‘पिपली लाइव’ का गाना ‘महँगाई डायन खाय जात है’ बज रहा था।

लड़के के पिता गणेश पॉल ने कामरा के घटिया ट्वीट के लिए उसे जमकर लताड़ा था। यही नहीं उन्होंने कथित कॉमेडियन को उसकी असंवेदनशीलता और गंदी राजनीति करने के लिए मासूम बच्चे का सहारा लेने पर खरी खोटी भी सुनाई थी। सात साल के बच्चे के पिता ने कहा था कि उनका बेटा अपनी मातृभूमि से प्यार करता है। इसलिए उसने यह गाना गाया। हालाँकि, वह अभी बहुत छोटा है, लेकिन कामरा से ज्यादा अपने देश से प्यार करता है। लेकिन उसके बाद भी कामरा नहीं माना और लगातार कई ट्वीट कर अपनी निम्न मानसिकता को उजागर किया।

फोटो साभार: ट्विटर
फोटो साभार: ट्विटर

गौरतलब है कि बच्चे के पिता गणेश पॉल ने कामरा को ट्वीट करके नसीहत दी थी, “वह मेरा 7 साल का बेटा है, जो अपनी प्यारी मातृभूमि के लिए यह गीत गाना चाहता था। हालाँकि, वह अभी भी बहुत छोटा है, लेकिन अपने देश को आपसे ज्यादा प्यार करता है मिस्टर कामरा या कचरा, आप चाहे जो भी हों, मासूम बच्चे को अपनी गंदी राजनीति से दूर रखें और अपने घटिया जोक्स को बेहतर बनाने पर काम करें।”

प्यार में इस्लाम कबूलने को भी तैयार था नागराजू, पति की जान बचाने को अशरीन दूसरी निकाह के लिए भी थी राजी: फिर छलावा ही निकला जय भीम-जय मीम

हैदराबाद में 4 मई 2022 को 25 साल के दलित युवक नागराजू (Nagaraju) की हत्या कर दी गई। वजह उसने 23 साल की मुस्लिम युवती सैयद अशरीन सुल्ताना (Syed Ashreen Sultana) से शादी की थी। सरेआम नागराजू की हत्या करने वाले अशरीन के भाई और उसके रिश्तेदार थे। सोशल मीडिया पर भले #JusticeForNagaraju ट्रेंड कर रहा हो, लेकिन अपने राजनीतिक हितों के लिए ‘जय भीम-जय मीम’ का नारा बुलंद करने वालों ने खामोशी ओढ़ ली है।

5 साल से प्यार में थे नागराजू और अशरीन

नागराजू और अशरीन सुल्ताना 5 साल प्यार में थे। दलित समूह के माला बिरादरी से आने वाले नागराजू और मुस्लिमों की उच्च बिरादरी सैयद समुदाय से ताल्लुक रखने वाली अशरीन ने एक साथ ही स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई की थी। पुलिस के मुताबिक, “30 जनवरी 2022 को अशरीन अपना मोबाइल फोन घर में छोड़ कर चली गई थी। अगले दिन दोनों ने हैदराबाद के ही आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। 1 फरवरी को उसके परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।”

मुस्लिम बनने को तैयार था नागराजू

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नागराजू और अशरीन के रिश्ते से दोनों परिवार नाखुश थे। दोनों ने अपने परिवार वालों को शादी के लिए समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे। परिवार वालों के विरोध के बाद भी दोनों ने एक साथ जीने-मरने की कसम खाई। अशरीन सुल्ताना का कहना है कि उसने अपने घर में मिल रही धमकियों को देखते हुए नागराजू को कहीं और शादी करने की सलाह भी दी थी, लेकिन वो नहीं माना। उसने बताया, “मेरी नाराज माँ को मनाने के लिए नागराजू इस्लाम कबूलने को भी तैयार थे, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी।”

अम्मी कहती थी- तेरा भाई नागराजू को मार डालेगा

बतौर अशरीन सुल्ताना, “जब मेरे भाई मोबिन को मेरे और नागाराजू के रिश्ते की जानकारी हुई तब उसने मुझे मारने की कोशिश की। उसने 2 बार मुझे फाँसी पर लटकाने का प्रयास किया। इस दौरान मेरी माँ भी मुझसे कहती रही कि तुम्हारा भाई नागराजू को मार डालेगा।”

आर्य समाज मंदिर में शादी

अशरीन सुल्ताना के अनुसार, “जब हम घर वालों को मनाने में कामयाब नहीं हो पाए तब मैं 30 जनवरी 2022 को अपने घर से चली गई। मैं अपना सिम घर पर ही छोड़कर गई थी। बाद में हमने नई सिम ले ली जिससे हमारे परिवार वाले सम्पर्क न कर पाएँ। घर से जाने के बाद हमने 1 फरवरी को पुराने हैदराबाद के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। बाद में हम दोनों अलग घर लेकर रहने लगे थे।” शादी के बाद अशरीन सुल्ताना ने अपना नाम पल्लवी रख लिए। बताया जा रहा है कि इसके बाद से ही अशरीन के रिश्तेदार नागराजू की तलाश कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक अशरीन के घर से चले जाने के बाद उनके परिवार वालों ने बालानगर थाने में 1 फरवरी को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने बुला कर दोनों के कागजात चेक किए तो दोनों बालिग पाए गए। इसलिए इस मामले में कोई कानूनी बाधा नहीं थी। पुलिस ने दोनों परिवारों को भी समझाया था कि वो इस शादी को स्वीकार करें।

पुलिस से लगाई थी सुरक्षा की गुहार

अशरीन सुल्ताना ने कहा, “शादी के बाद हम धमकियों से परेशान थे। हम सीधे जिले के पुलिस अधीक्षक के पास गए। वहाँ हमने खुद को मिल रही धमकियों के बारे में पुलिस को बताया था। हमने एक बॉन्ड पर दस्तखत भी किए थे।” पुलिस के मुताबिक आरोपित नागराजू को 1 महीने से तलाश रहे थे। घर की रेकी के दौरान उन्हें कुछ नहीं मिला तो वो सब उसके ऑफिस मारूति शो रूम तक पहुँच गए। वहाँ से उन्होंने नागराजू की जानकारियाँ जुटाईं और मौके की तलाश करने लगे। मोबिन ने इससे पहले भी 1-2 बार नागराजू को मारने का प्रयास किया था, लेकिन वो चूक गया था। इस हमले में गिरफ्तार दूसरा आरोपित मोहम्मद 29 वर्षीय मसूद अहमद रंगारेड्डी जिले के तारानगर का रहने वाला है। वह कार मकैनिक है। घटना के दिन इन्होने अपने साथियों के साथ मिल कर पहले नागाराजू के सिर पर रॉड से वार किया। बाद में धारदार हथियार से मौत हो जाने तक मृतक पर वार करते रहे।

इस घटना के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हमले के दौरान अशरीन ने अपने पति को बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नाकामयाब रही। साथ ही मदद की गुहार के बाद भी किसी ने उसकी सहायता नहीं की। अशरीन के मुताबिक, “जब मेरे पति नागाराजू को मेरी आँखों के आगे मारा जा रहा था तब मैंने हमलावरों के आगे उनकी मर्जी से निकाह करने की भी मिन्नत की। लेकिन उनकी संख्या बहुत अधिक थी। वो मेरी एक नहीं सुने और मेरे पति को पीटते रहे।”

मस्जिद में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल मौलिक अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, माइक पर अजान की इजाजत देने से इनकार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लाडस्पीकर से अजान की माँग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा है कि लाडस्पीकर से अजान देना मौलिक अधिकार नहीं है। इसको लेकर पहले ही कानून पास हो चुका है। जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस विकास बुधवार की खंडपीठ ने इरफान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के बदायूँ के रहने वाले इरफान ने एसडीएम तहसील बिसौली, जिला बदायूं द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। इसमें अजान के समय गाँव की मस्जिद में लाउडस्पीकर/माइक के इस्तेमाल की अनुमति माँगी गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अजान के लिए लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति की माँग करने वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि कोई भी धर्म पूजा या इबादत के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देता। इरफान का कहना था कि एसडीएम द्वारा पारित आदेश पूरी तरह से अवैध था और मस्जिद से लाउडस्पीकर बजाने पर रोक उसके मौलिक और कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है। 

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उसकी दलीलें खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि अब यह कानून पास हो गया है कि मस्जिद से लाउडस्पीकर का इस्तेमाल मौलिक अधिकार नहीं है। इस तरह से याचिका स्पष्ट रूप से गलत है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।

गौरतलब है कि 2020 में एक फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माना था कि लाउडस्पीकर से अजान पर प्रतिबंध वैध है, क्योंकि यह इस्लाम का हिस्सा नहीं है। हाई कोर्ट ने कहा था कि अजान इस्लाम का हिस्सा है, लेकिन लाउडस्पीकर से अजान देना इस्लाम का हिस्सा नहीं हो सकता। इसके लिए कोर्ट ने तर्क दिया था कि लाउडस्पीकर के आने से पहले मस्जिदों से मानव आवाज में अजान दी जाती थी। मानव आवाज में मस्जिदों से अजान दी जा सकती है। गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने इस संबंध में याचिका डाली थी।

तेजिंदर पाल बग्गा को पंजाब पुलिस ने किया गिरफ्तार: BJP नेता के बुजुर्ग पिता ने बताया- पुलिसकर्मी मुझे खींच कर कमरे में ले गए और हाथापाई की

भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान लगभग 50 पुलिसकर्मी मौजूद थे। वे लगभग 1 दर्जन वाहनों से आए थे। बग्गा की गिरफ्तारी दिल्ली के उनके घर से की गई। भाजपा के कई नेताओं ने इसकी जानकारी ट्विटर पर साझा की है।

इस घटनाक्रम पर तेजिंदर बग्गा के पिता ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया, “पहले मेरे घर में 2 पुलिसकर्मी घुसे। वो मुझ से सामान्य ढंग से बात कर रहे थे। उस समय घर पर तेजिंदर और उनके अलावा कोई नहीं था। उसी समय तेजिंदर कपड़े पहन कर बाहर आए। थोड़ी बातचीत के बाद कई पुलिसकर्मी मेरे घर में जबरन घुस गए। उनके इस काम की मैं वीडियो बनाने लगा। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी मुझे खींच कर कमरे की तरफ ले गया और मुझ से हाथापाई की।”

तेजिंदर के पिता ने आगे बताया, “इसके बाद वो तेजिंदर को खींच कर बाहर ले गए और हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मियों ने बग्गा को उनकी पगड़ी तक नहीं पहनने दी, जबकि उसने इसे पहनने की गुजारिश की। पुलिसवाले बग्गा का फोन भी अपने साथ ले गए।” बग्गा की गिरफ्तारी के बाद ट्विटर पर #IStandWithTajinderBagga और #PunjabPolice ट्रेंड कर रहा है।

1 माह पहले भी पहुँची थी पंजाब पुलिस

इससे पहले 2 अप्रैल 2022 को भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव तेजिंदर पाल बग्गा ने बताया था कि पंजाब पुलिस उनके दिल्ली स्थित घर पर गिरफ्तारी के लिए आई थी। तब बग्गा ने कहा था कि पुलिस ने यह कदम बिना किसी पूर्व सूचना के और बिना FIR की कॉपी दिए ही उठाया था जो कायदे के हिसाब से अनुचित है। तब पंजाब पुलिस की कार का नंबर स्ट करते हुए बग्गा ने लिखा था, “पंजाब पुलिस PB 65 AK 1594 नंबर की कार से मेरे घर मुझे गिरफ्तार करने पहुँची है। इन्होने स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना नहीं दी है। अब ये लोग मेरे दोस्तों और उनके घरों को तलाश रहे हैं। मुझे FIR, थाना और धाराओं की कोई जानकारी नहीं दी गई है।”

बग्गा ने केजरीवाल के खिलाफ क्या कहा था?

30 मार्च 2022 को तेजिंदर पाल बग्गा का बयान इंडिया TV ने दिखाया था। वह बयान अरविंद केजरीवाल के घर के आगे प्रदर्शन के दौरान दिया गया था। तब बग्गा ने कहा था, “पूरे देश के सबसे बड़े नरसंहार का दिल्ली विधानसभा में मज़ाक उड़ाया गया। अरविंद केजरीवाल के मुताबिक द कश्मीर फाइल्स फिल्म में दिखाया गया कश्मीरी पंडितों का नरसंहार झूठ है। मुझे लगता है कि 100 करोड़ हिन्दू इसे कभी नहीं भूलेंगे।”

बग्गा ने आगे कहा था, “सोनिया गाँधी ने भगवान राम के अस्तित्व को नकार दिया था और आज उनकी खुद की पार्टी के अस्तित्व पर संकट है। इसलिए मैं अरविंद केजरीवाल को बता देना चाहता हूँ कि देश का हिंदू तुम्हें तुम्हारी जगह दिखाएगा। केजरीवाल को अपने बयान पर माफ़ी माँगनी चाहिए। अगर वो माफ़ी नहीं माँगते तो भाजपा कार्यकर्ता उन्हें चैन से रहने नहीं देंगे। हमारा विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।”

पंजाब पुलिस ने इस बयान के आधार पर पटियाला में FIR दर्ज की थी। अगले दिन बग्गा ने ट्वीट कर उस FIR के वापस लिए जाने की जानकारी दी थी। बाद में इस मामले में SIT का गठन किया गया था। SIT को यह तय करना था कि तेजिंदर पाल बग्गा के ट्वीट से अरविंद केजरीवाल को नुकसान या नुकसान पहुँचाने का प्रयास तो नहीं हुआ।

‘पापा रोज मेरे साथ गंदी हरकतें करते’: समस्तीपुर में टीचर बाप का Video लेकर थाने पहुँची बेटी, बुलंदशहर में भी नाबालिग बेटी से रेप

बिहार के समस्तीपुर जिले और उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से कलयुगी पिता की शर्मनाक करतूत सामने आई है। समस्तीपुर में एक 18 साल की युवती से उसका पिता हर दिन दुष्कर्म करता था। मामले में आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बुलंदशहर में अपनी नाबालिग बेटी से रेप का आरोपित पिता फरार है।

जानकारी के मुताबिक समस्तीपुर में पिता द्वारा किए जाने वाले इस गंदी हरकत में युवती की माँ भी अपने पति का साथ देती थी। जब भी बेटी इसका विरोध करती थी तो दोनों डरा-धमका कर उसे चुप करा देते थे। इससे तंग आकर आखिरकार लड़की ने पिता की इस करतूत का वीडियो बनाया और थाने पहुँच गई। इसके बाद आरोपित पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पीड़िता ने बताया कि उसका पिता पेशे से शिक्षक है। 50 वर्षीय पिता हर दिन उसके साथ दुष्कर्म करता। जब वह इसकी शिकायत माँ से करती, तो वह युवती को ही दोषी बताने लगती। पीड़िता ने बताया कि जब वह अपने पिता की गंदी हरकतों से तंग आ गई तो उसने इसका वीडियो बना लिया और रोसड़ा थाने पहुँच गई। 

युवती का आरोप है कि पहले पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की और थाने से उसे भगा दिया। लेकिन जब मामला उच्च अधिकारियों की जानकारी में आया तो युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित पिता को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में एसडीपीओ सहरियार अख्तर ने बताया कि सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें एक युवती के साथ अधेड़ के छेड़छाड़ करने का दृश्य है। उसमें दिख रहा आरोपित कथित तौर पर पीड़िता का पिता बताया जा रहा है। वायरल वीडियो पर पुलिस ने संज्ञान लेकर उसे गिरफ्तार कर लिया है। विस्तृत जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं बुलंदशहर के जहाँगीरपर थानक्षेत्र में एक पिता 15 दिनों से अपनी बेटी के साथ रेप कर रहा था। विरोध करने पर बेटी और उसकी माँ दोनों को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। दोनों को गोली मारने की धमकी देकर चुप करा देता था। एक दिन महिला मौका पाकर घर से बाहर निकली और किसान यूनियन नेताओं के साथ मिलकर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। सीओ संग्राम सिंह ने महिला की शिकायत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की जाँच की जा रही है। फिलहाल आरोपित पुलिस की गिरफ्त से दूर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। 

बुलंदशहर पुलिस ने ट्वीट कर बताया है, “इस मामले में अभियोग पंजीकृत किया गया है। हालाँकि बेटी ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है। पति-पत्नी में विवाद है। कथित पीड़िता को CWC व कोर्ट में पेश कर बयान कराया जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

मुस्लिम से शादी पर मार डाले गए नागराजू को 1 महीने से खोज रहे थे हमलावर: गिड़गिड़ाती रही अशरीन, रॉड और चाकू से वार करते रहे हत्यारे

तेलंगाना के हैदराबाद में घटना बुधवार (4 मई, 2022) को मुस्लिम लड़की से शादी करने वाले एक दलित युवक नागाराजू की हत्या कर दी गई थी। हत्या लड़की के भाई ने अपने अन्य रिश्तेदारों और साथियों के साथ मिल कर की थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक 2 आरोपित गिरफ्तार किए हैं। हमले के दौरान मृतक की पत्नी ने वहाँ मौजूद लोगों से हाथ-पैर जोड़े। हर किसी से मदद की गुहार लगाई। लेकिन कोई उसकी मदद को आगे नहीं आया। अब पीड़िता ने इस घटना का आँखों देखा हाल बताया है।

पहले से सिग्नल पर खड़े थे हमलावर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अशरीन (पीड़िता) ने कहा, “वह रात में स्कूटर से अपने पति के साथ सरूरनगर जा रही थी। तभी सिग्नल पर उसका भाई 4 और हमलावरों के साथ खड़ा था। अचानक ही उन्होंने लोहे की रॉड से मेरे पति पर हमला कर दिया। मैं लगातार उनके आगे चीखती और रहम की भीख माँगती रही। लेकिन हमलावरों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा।”

हमलावरों की मर्जी से शादी करने की भी लगाई गुहार

पीड़िता के मुताबिक, “जब मेरे पति नागाराजू को मेरी आँखों के आगे मारा जा रहा था तब मैंने हमलावरों के आगे उनकी मर्जी से निकाह करने की भी मिन्नत की। लेकिन उनकी संख्या बहुत अधिक थी। वो मेरी एक नहीं सुने और मेरे पति को पीटते रहे।”

कोई नहीं आया मदद करने

अशरीन के मुताबिक, “घटना के समय वहाँ कई लोग मौजूद थे। मैं उनसे चीख-चीख कर अपने पति को बचाने की मदद माँगती रही लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। अंत में मैंने हमलावरों के पैर पकड़ कर कहा कि अगर इसे मारा तो मैं खुद भी मर जाऊँगी। पर इस बात का भी उन पर कोई असर नहीं पड़ा। मुझे इंसाफ चाहिए और कुछ नहीं।”

हमलावर 1 महीने से खोज रहे थे नागाराजू को: पुलिस

इस मामले की जाँच कर रही पुलिस ने बताया कि अब तक मुबीन और मसूद नाम के 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, “30 जनवरी 2022 को अशरीन अपना मोबाइल फोन घर में छोड़ कर चली गई थी। अगले दिन दोनों ने हैदराबाद के ही आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। 1 फरवरी को उसके परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। हमलावर 1 महीने से नागाराजू की तलाश कर रहे थे। वो नागराजू को किसी भी हाल में मारना चाह रहे थे। हमले के बाद वो तब मौके से फरार हुए जब उन्हें नागाराजू के मरने का यकीन हो गया। हमले में प्रयोग हुई चाकू और लोहे की रॉड पुलिस ने बरामद कर ली है। आरोपितों पर धारा 302 IPC के साथ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।”

यदि हिन्दू भी ऐसा करना शुरू कर दे तो मच जाएगा कोहराम : भाजपा विधायक

हैदराबाद से भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने दोनों आरोपितों की फोटो ट्वीट की है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “हम जब लव जिहाद की बात करते है तो लोग हमें गुंडा कहते हैं। आज देश मे कई हिन्दू लड़कियों को इन मुसलमानों ने धोखे से फँसा रखा है। अगर हम हिन्दू भी इस घटना के हिसाब से काम करने लगे तो पूरे देश मे कोहराम मच जाएगा। ये वो दो इस्लामिक जिहादी हैं, जिन्होंने हिन्दू युवक नागराजू की हत्या की थी।”