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जिस गड्ढे में अपना दूध छलका रही थी गाय, वहीं से निकले गोरक्षनाथ: भभूत और गोबर से जुड़ी है गुरु गोरखनाथ के जन्म की रहस्यगाथा

गुरु गोरखनाथ या गोरक्षनाथ का जन्म वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन हुआ था। अंग्रेजी माह के अनुसार इस बार 16 मई, 2022 को उनका जन्मदिन या प्रकटोत्सव मनाया जा रहा है। हालाँकि, जितना उनके जन्म के समय पर मतभेद है उतना ही उनके जन्म की कहानी पर भी। पुराणों के अनुसार जहाँ गोरखनाथ को भगवान शिव का अवतार बताया जाता है, वहीं उन्हें नाथ संप्रदाय को ऊँचाई पर पहुँचाने के साथ ही योग, प्राणायाम आदि का जनक भी बताया जाता है। बता दें कि शैव संप्रदाय के अंतर्गत ही शाक्त, नाथ और संत संप्रदाय आते हैं। उन्हीं में दसनामी और 12 गोरखपंथी व नाथ संप्रदाय भी शामिल हैं।

बाबा गोरखनाथ और उनके गुरु मत्स्येंद्रनाथ के समय के बारे में भारत में अनेक विद्वानों ने अनेक प्रकार की बातें कही हैं। समय का मतभेद तो विद्वानों में है ही यदि जन्म की प्रक्रिया पर आएँ तो वह कहानी भी कम रोचक नहीं है। आइए गुरु मत्स्येन्द्रनाथ के मानस पुत्र सिद्ध योगी गुरु गोरखनाथ के जन्म की कहानी पर बात कर लेते हैं।

गुरु गोरखनाथ का जन्म

मान्यता के अनुसार, कहा जाता है कि एक बार गुरु मत्स्येन्द्रनाथ भिक्षा माँगने एक गाँव गए। एक घर में भिक्षा देते हुए उन्हें एक उदास स्त्री दिखाई दी तो गुरु ने पूछा क्या समस्या है? स्त्री ने जवाब दिया कि मेरी कोई संतान नहीं है। उस स्त्री को परेशान देख गुरु मत्स्येन्द्रनाथ ने उसे अभिमंत्रित कर एक चुटकी भभूत दी और पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद देकर चले गए।

कहते हैं कि लगभग 12 साल बाद गुरु मत्स्येन्द्रनाथ जब पुनः उसी गाँव में उस स्त्री के घर भिक्षा माँगने पहुँचे, तो दरवाजे के बाहर से ही आवाज लगाकर स्त्री को बुलाया कि अब तो तेरा बालक 12 साल का हो गया होगा।

पर वास्तिकता से अनजान वह स्त्री गुरु मत्स्येन्द्रनाथ की सिद्धियों से भी अनजान थी। इसलिए कहा जाता है कि उस महिला ने उस भभूत को खाने के बजाय गोबर में फेंक दिया था। लेकिन कहते हैं कि गुरु मत्स्येन्द्रनाथ की सिद्धि इतनी प्रबल थी भभूत बेकार नहीं जाती। वहीं स्त्री उनका तेज देखकर घबरा गई और डरते हुए सारी बात बता दी कि कहाँ गोबर में फेंक दिया है।

गुरु मत्स्येन्द्र नाथ ने कहा, दिखाओ जहाँ फेका है। गुरु जब वहाँ जाते हैं तो देखते हैं कि एक गाय गोबर से भरे गड्ढे के ऊपर खड़ी है और अपना दूध उस गड्ढे में छलका रही है। तब गुरु ने उस स्थान पर बालक को आवाज लगाई। कहा जाता है कि गुरु मत्स्येन्द्रनाथ की आवाज सुनते ही उस गोबर वाले गड्ढे से एक 12 साल का सुन्दर बालक बाहर आ जाता है। और हाथ जोड़कर गुरु के सामने खड़ा हो जाता है।

इस प्रकार कहा जाता है कि बाबा गोरखनाथ का जन्म स्त्री के गर्भ से नहीं बल्कि कुछ दूसरी प्रक्रिया से ही हुआ था। इसलिए उनका नाम गोरक्षनाथ पड़ा। साथ ही उनके जन्म की प्रक्रिया को अवतारों से भी जोड़ा जाता है। उन्हें भगवान शिव का अवतार माना जाता है। आगे कथा के अनुसार, इस 12 साल के बालक को गुरु मत्स्येन्द्रनाथ अपने साथ लेकर चले गए। और यही बालक आगे जाकर हठयोगी गुरु गोरखनाथ बना।

गोरख वाणी

बता दें कि गुरु गोरखनाथ ने ही नाथ योग, आसान, प्राणायाम, षट्कर्म, मुद्रा, नादानुसंधान, कुण्डलिनी आदि योग और प्राणायाम की परम्पपराएँ शुरू की थी। ये योग साधनाएँ गुरु गोरखनाथ की ही देन हैं। जहाँ गुरु गोरखनाथ ने नाथ सम्प्प्रदाय शुरू की थी, वहीं गोरखनाथ के हठयोग की परम्परा को आगे बढ़ाने वाले सिद्ध योगियों में प्रमुख हैं- चौरंगीनाथ, गोपीनाथ, चुणकरनाथ, भर्तृहरि, जालन्ध्रीपाव आदि। 13वीं सदी में इन्होंने गोरख वाणी का प्रचार-प्रसार किया था। यह एकेश्वरवाद पर बल देते थे, ब्रह्मवादी थे तथा ईश्वर के साकार रूप शिव के अलावा कुछ भी सत्य नहीं मानते थे।

1.लूहिपा, 2.लोल्लप, 3.विरूपा, 4.डोम्भीपा, 5.शबरीपा, 6.सरहपा, 7.कंकालीपा, 8.मीनपा, 9.गोरक्षपा, 10.चोरंगीपा, 11.वीणापा, 12.शांतिपा, 13.तंतिपा, 14.चमरिपा, 15.खंड्‍पा, 16.नागार्जुन, 17.कराहपा, 18.कर्णरिया, 19.थगनपा, 20.नारोपा, 21.शलिपा, 22.तिलोपा, 23.छत्रपा, 24.भद्रपा, 25.दोखंधिपा, 26.अजोगिपा, 27.कालपा, 28.घोम्भिपा, 29.कंकणपा, 30.कमरिपा, 31.डेंगिपा, 32.भदेपा, 33.तंघेपा, 34.कुकरिपा, 35.कुसूलिपा, 36.धर्मपा, 37.महीपा, 38.अचिंतिपा, 39.भलहपा, 40.नलिनपा, 41.भुसुकपा, 42.इंद्रभूति, 43.मेकोपा, 44.कुड़ालिया, 45.कमरिपा, 46.जालंधरपा, 47.राहुलपा, 48.धर्मरिया, 49.धोकरिया, 50.मेदिनीपा, 51.पंकजपा, 52.घटापा, 53.जोगीपा, 54.चेलुकपा, 55.गुंडरिया, 56.लुचिकपा, 57.निर्गुणपा, 58.जयानंत, 59.चर्पटीपा, 60.चंपकपा, 61.भिखनपा, 62.भलिपा, 63.कुमरिया, 64.जबरिया, 65.मणिभद्रा, 66.मेखला, 67.कनखलपा, 68.कलकलपा, 69.कंतलिया, 70.धहुलिपा, 71.उधलिपा, 72.कपालपा, 73.किलपा, 74.सागरपा, 75.सर्वभक्षपा, 76.नागोबोधिपा, 77.दारिकपा, 78.पुतलिपा, 79.पनहपा, 80.कोकालिपा, 81.अनंगपा, 82.लक्ष्मीकरा, 83.समुदपा और 84.भलिपा।

इन नामों के अंत में जो ‘पा’ प्रत्यय लगा है, वह संस्कृत शब्द ‘पाद’ का लघुरूप है। नवनाथ की परंपरा के इन सिद्धों की परंपरा के कारण ही मध्यकाल में हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म के अस्तित्व की रक्षा होती रही। इन सिद्धों के कारण ही अन्य धर्म के संतों की परंपरा भी शुरू हुई थी। इसलिए आज भी इन सिद्धों के इतिहास को संरक्षित किए जाने पर जोर दिया जाता है।

नाथ संप्रदाय

नाथ सम्प्रदाय गुरु गोरखनाथ से भी पुराना है। इसके प्रमाण स्वरुप में यह कहा जाता है कि भगवान शंकर को ‘भोलेनाथ’ और ‘आदिनाथ’ भी कहा जाता है। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम आदिश भी है। इस आदिश शब्द से ही आदेश शब्द बना है। जहाँ भगवान शंकर की परंपरा को उनके शिष्यों बृहस्पति, विशालाक्ष (शिव), शुक्र, सहस्राक्ष, महेन्द्र, प्राचेतस मनु, भरद्वाज, अगस्त्य मुनि, गौरशिरस मुनि, नंदी, कार्तिकेय, भैरवनाथ आदि ने आगे बढ़ाया। वहीं भगवान शंकर के बाद इस परंपरा में सबसे बड़ा नाम भगवान दत्तात्रेय का आता है। दत्तात्रेय को आदिगुरु भी माना जाता है।

भगवान दत्तात्रेय के बाद सिद्ध संत गुरु मत्स्येन्द्रनाथ ने ‘नाथ’ परंपरा को फिर से संगठित करके पुन: उसकी धारा को अबाध गति से आगे बढ़ाने का कार्य किया। वहीं गुरु मत्स्येन्द्रनाथ के बाद उनके शिष्य गुरु गोरखनाथ ने ‘नाथ’ परंपरा को एक नई बुलंदियों पपर पहुँचाया। कहा जाता है कि उनके लाखों शिष्यों में हजारों उनके जैसे ही उच्च कोटि के सिद्ध होते थे।

गोरखपंथ

गुरु गोरखनाथ के संप्रदाय की मुख्य 12 शाखाएँ हैं- 1. भुज के कंठरनाथ, 2. पागलनाथ, 3. रावल, 4. पंख या पंक, 5. वन, 6. गोपाल या राम, 7. चांदनाथ कपिलानी, 8. हेठनाथ, 9. आई पंथ, 10. वेराग पंथ, 11. जैपुर के पावनाथ और 12. घजनाथ।

गौरतलब है कि गुरु गोरखनाथ जी के नाम से ही नेपाल के गोरखाओं को गोरखा नाम मिला। नेपाल में एक जिला है गोरखा, उस जिले का नाम गोरखा भी गुरु गोरखनाथ के नाम पर ही पड़ा। ऐसी मान्यता है कि गुरु गोरखनाथ सबसे पहले यहीं दिखे थे। नेपाल के गोरखा जिला में एक गुफा है, जहाँ गोरखनाथ का पग चिन्ह है और उनकी एक मूर्ति भी है। यहाँ हर साल वैशाख पूर्णिमा को एक उत्सव मनाया जाता है जिसे ‘रोट महोत्सव’ कहते हैं और यहाँ मेला भी लगता है। गुरू गोरक्ष नाथ जी का एक स्थान उच्चे टीले गोगा मेड़ी, राजस्थान हनुमानगढ़ जिले में भी है। वहीं गोरखपुर में विशाल मठ और मंदिर तो है ही।

स्टिकी बम से वैष्णो देवी जाने वाले बस में आतंकियों ने लगाई आग, J&K फ्रीडम फाइटर्स आतंकी समूह ने ली जिम्मेदारी: रिपोर्ट

जम्मू कश्मीर में माँ वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं से भरी एक बस में 13 मई 2022 (शुक्रवार) को आग लग गई थी। इस यह बस कटरा से जम्मू की तरफ जा रही थी। इस अग्निकांड में 4 लोगों की मौत हो गई थी। 20 अन्य लोग झुलस गए थे। इस घटना को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञ रिटायर्ड ब्रिगेडियर हेमंत महाजन ने आतंकी एंगल होने का दावा किया है। इस बीच NIA की टीम ने घटनास्थल पर जा कर जाँच की है।

14 मई 2022 (शनिवार) को रिपब्लिक न्यूज़ पर उन्होंने कहा, “अगर आप अमरनाथ यात्रा या अन्य धर्मिक यात्राओं का इतिहास देखें तो पाएँगे कि आतंकियों ने अलग-अलग मौकों पर हमले के कई तरीके अपनाए हैं। आज के समय में आतंकी सीधे सेना से मुकाबला करने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए उन्होंने सॉफ्ट टारगेट तलाशने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में उन्होंने पहले राहुल भट को मारा। इसके बाद नए ज्वाइन किए पुलिस कॉन्स्टेबल को मारा।”

ब्रिगेडियर हेमंत (रिटायर्ड) ने आगे कहा, “शत-प्रतिशत सुरक्षा देना आसान काम नहीं है। बस में बारूद भरना आतंकियों के लिए कोई मुश्किल काम नहीं है। ये तो तय है कि आतंकी हमले के हर तरीके आजमाएँगे। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि इससे बचाव के लिए हमने कदम क्या उठाए हैं? ऐसे मामले में समय रहते ख़ुफ़िया जानकारियाँ जुटाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी के साथ देश भर के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले तीर्थयात्रियों को यह सिखाना होगा कि किसी आपात स्थिति में आपको क्या करना है।”

ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) महाजन ने आगे कहा, “लोगों को पता होना चहिए कि बस में आग लगने, किसी अन्य के द्वारा गोली चलाने, किसी का ब्लड प्रेशर बिगड़ने या किसी अन्य प्रकार की अनहोनी होने पर उनको क्या करना है। हर वो यात्री जो जम्मू रेलवे स्टेशन, जम्मू एयरपोर्ट या जम्मू बस अड्डे से बाहर निकल कर कहीं के लिए आगे बढ़ रहा है तो वो इन हालातों से निबटने के लिए अपनी तैयारी रखे। वो ध्यान रखे कि आगे किस प्रकार के खतरे मिल सकते हैं और उनका उपाय क्या है। सुरक्षाकर्मियों को भी चाहिए कि हर संदिग्ध पर नजर रखें और हर बस को अच्छे से चेक करें।”

NIA की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया है। इस दौरान टीम ने सैम्पल जुटाए हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो बस में आग लगाने के लिए आतंकियों ने स्टिकी बम (ऐसा बम जिसे आसानी से चिपकाया जा सकता है) का प्रयोग किया। कई सारे मीडिया ने अपने सूत्र के हवाले से यह जानकारी दी है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार “जे एंड के फ्रीडम फाइटर्स” नाम के आतंकी समूह ने इस घटना को अंजाम देने की जिम्मेदारी ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जम्मू कश्मीर पुलिस के ADG मुकेश सिंह के मुताबिक प्रारम्भिक जाँच में विस्फोटक जैसा कुछ नहीं मिला है लेकिन घटना में जीवित बचे व घटनास्थल के आस-पास रहने वाले लोगों ने बस में विस्फोट की आवाज सुनने की बात कही है।

अमेरिका के बफेलो में 10 की मौत, 3 घायल: 18 साल के लड़के ने की अंधाधुन फायरिंग

अमेरिका के न्यूयॉर्क (New York, America) स्थित बफेलो के एक सुपरमार्केट (Buffo Shooting) में शनिवार (14 मई 2022) को दोपहर एक श्वेत बंदूकधारी ने अंधाधुन फायरिंग कर 10 लोगों की हत्या कर दी। पुलिस ने हिंसा का कारण नस्लीय घृणा (Racial Hate Crime) बताया है।

बंदूकधारी 18 वर्षीय श्वेत लड़के पेटन गेंड्रोन ने मिलिट्री-स्‍टाइल में कपड़े पहन कर राइफल के साथ सुपर मार्केट में घुसा और गोलियाँ चलानी शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले में सिक्युरिटी गार्ड सहित 13 लोगों को गोली लगी, जिसमें से 10 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाका अश्वेत बहुल है और इस सुपर मार्केट में काम करने वाले लोग भी अश्वेत हैं।

लोगों की हत्या करने के बाद गेंड्रोन ने सुपर मार्केट से बाहर आकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए उस पर फर्स्ट डिग्री हत्या का आरोप लगाते हुए गैर-जमानती धाराओं में मामले दर्ज किए हैं। आरोपित ने खुद को निर्दोष बताया है।

वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, FBI के बफेलो फील्ड कार्यालय के प्रभारी स्पेशल एजेंट स्टीफन बेलोंगिया ने कहा कि कानून प्रवर्तन अधिकारी इस हत्याकांड को नस्लीय हेट क्राइम से प्रेरित हिंसा को आधार मानकर जाँच रहे थे। बफ़ेलो के पुलिस आयुक्त जोसेफ ग्रैमाग्लिया ने कहा कि जिन 13 लोगों को गोली मारी गई, उनमें से 11 अश्वेत हैं। मारे गए लोगों में चार स्टोर कर्मचारी थे और छह ग्राहक थे।

ग्रैमाग्लिया ने कहा कि भारी हथियारों से लैस आरोपित टैक्टिकल गियर पहने हुए था। उसने हमले को लाइव-स्ट्रीम करने के लिए एक कैमरे का इस्तेमाल किया और दुकान में घुसने से पहले पार्किंग में कई लोगों को गोली मार दी। उस दौरान स्टोर के सुरक्षा गार्ड ने उस पर जवाबी गोली चलाई, लेकिन बंदूकधारी बच गया। इसके बाद बंदूकधारी ने उसे गोली मार दी।

पुलिस के अनुसार, गेंड्रोन बिंगहैमटन शहर के पास स्थिति बफ़ेलो से 200 मील से दूर न्यूयॉर्क के कोंकलिन में बड़ा हुआ है। बफेलो में पुलिस के पास उसका रिकॉर्ड नहीं है। वह खुद को श्वेत वर्चस्ववादी पोस्ट लगातार करता रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स की सड़क हादसे में मौत: तेज रफ्तार कार सड़क पर पलटी, क्रिकेट जगत में शोक

ऑस्ट्रेलिया (Australia) के पूर्व दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी 46 वर्षीय एंड्रयू साइमंड्स (Andrew Symonds) का शनिवार (15 मई 2022) की रात एक कार दुर्घटना में मौत हो गई। घटना टाउन्सविले शहर की है, जहाँ तेज रफ्तार के कारण साइमंड्स की कार पलट गई और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हालाँकि, उन्हें बचाया नहीं जा सका।

साइमंड्स के निधन पर क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। उनके प्रशंसक भी इस खबर से दुखी हैं। क्वींसलैंड पुलिस के मुताबिक, शनिवार की रात को करीब 10.30 बजे हर्वे रेंज में एलिस नदी पर बने पुल पर यह हादसा हुआ। प्राथमिक जाँच में यह बात सामने आई है कि उनकी कार बहुत तेज रफ्तार से चल रही थी और इस कारण वह सड़क पर ही पलट गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और कार में सवार साइमंड्स को एंबुलेंस के अस्पताल ले जाया गया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी हालत नाजुक थी। अस्पताल डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का काफी प्रयास किए, लेकिन वे असफल रहे। बता दें कि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटर रॉड मार्श और शेन वॉर्न का निधन हुआ था।

साइमंड्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत साल 1998 में की थी। तब उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में शामिल किया गया था। वहीं, मार्च 2004 में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया था। साइमंड्स ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय का पहला मैच फरवरी 2005 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। उन्होंने साल 2009 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

अपने 11 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में साइमंड्स ने कई मौकों पर ऑस्ट्रेलिया को मैच जिताने में मदद की। उन्हें एक आक्रामक बल्लेबाज के साथ-साथ शानदार गेंदबाज माना जाता था। उन्होंने 2003 और 2007 में ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। 

साइमंड्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में ऑस्ट्रेलिया के लिए 198 वनडे, 26 टेस्ट और 14 टी-20 मैच खेले। वनडे में उन्होंने 39.44 की औसत से 5088 रन बनाए, जबकि टेस्ट में 40.61 की औसत से 1462 रन और टी-20 में 48.14 की औसत से 337 रन बनाए हैं। साइमंड्स ने टेस्ट क्रिकेट में 24 विकेट लिए हैं। उन्होंने वनडे में 133 विकेट और टी-20 में 8 विकेट लिए।  

सरकारी शिक्षिका का रेप कर वीडियो बनाने वाले आमिर को यूपी पुलिस ने दबोचा, बना रहा था इस्लाम कबूलने का दबाव

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहाँपुर में सरकारी महिला शिक्षक का रेप (Rape) और उसका वीडियो बनाकर उस पर धर्मान्तरण (Conversion) कर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाने के आरोपित आमिर को यूपी पुलिस ने दबोच लिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपित वीडियो के बल पर ब्लैकमेल कर उससे निकाह करने के लिए दबाव बना रहा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना शाहजहाँपुर के काँठ थाना क्षेत्र की है। यहीं 28 वर्षीय हिंदू युवती एक सरकारी स्कूल टीचर है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि 4 मई का दिन था जब वो स्कूल का काम खत्म करने के बाद अपने घर की तरफ जा रही थी। उसी दौरान उसे बरेंडा गाँव का रहने वाला आरोपित आमिर मिला। पीड़िता का स्कूल भी बरेंडा गाँव में ही था, जिस कारण से वो उसे जानती थी। ऐसे में जब आमिर ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा तो जान पहचान के नाते वो तैयार हो गई।

पीड़िता को आमिर के इरादों के बारे में भनक तक नहीं थी। जिले के एसपी संजय कुमार के मुताबिक, आरोपित जब पीड़िता को उसके घर छोड़ने के लिए लेकर जा रहा था तो रास्ते में मौका देखकर उसने उसे कुछ नशीला पदार्थ सुँघा दिया, जिससे वो बेहोश हो गई और मौका देखकर आरोपित उसे अपने घर ले गया। वहाँ ले जाने के बाद उसने उसके साथ रेप किया और इसका वीडियो भी बना लिया।

बना रहे धर्मान्तरण का दबाव

आमिर ने रेप का वीडियो बनाकर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसके साथ ही उसके अम्मी-अब्बू, भाई और बहन समेत सभी लगातार उस पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगे। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में इसकी शिकायत की। इस मामले में पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सभी पाँचों के खिलाफ रेप औऱ विधि विरुद्ध धर्मान्तरण समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। बहरहाल सभी आरोपित फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया है। पीड़िता को मेडिकल टेस्ट के लिए भेज दिया गया है।

डेंटल सर्जन डॉ माणिक साहा को त्रिपुरा की कमान, मेडिकल कॉलेज में HOD भी रहे हैं: विप्लब देब को संगठन में मिलेगी जगह

पूर्वोत्तर भारत के राज्य त्रिपुरा में 2023 में होने वाले चुनावों से पहले भाजपा ने बड़ा फेरबदल करते हुए सीएम रहे बिप्लब देब से इस्तीफा ले लिया। इसके साथ ही पार्टी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य में पार्टी के अध्यक्ष डॉ माणिक साहा को चुना। विधायक दल की बैठक में उनके नाम का चयन किया गया।

हालाँकि, इस दौरान कई विधायकों को माणिक साहा के नाम को आगे किया जाना तनिक भी पसंद नहीं आया और उन्होंने इस पर हंगामा भी किया। वर्तमान में राज्यसभा सदस्य और त्रिपुरा के अध्यक्ष माणिक साहा रविवार को अपने पद की शपथ लेंगे। इस बीच खबर ये है कि बिप्लब देब को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इससे पहले डिप्टी सीएम जिष्णु देव शर्मा का नाम भी सीएम के तौर पर सामने आया था। हालाँकि, अंतत: साहा के नाम को ही चुना गया।

कौन हैं माणिक साहा

गौरतलब है कि 69 साल के माणिक साहा पेशे से एक डेंटल सर्जन हैं औऱ पहले वो कॉन्ग्रेस में थे औऱ बाद 2016 में कॉन्ग्रेस का हाथ छोड़ कर भाजपा का कमल पकड़ लिया था। साल 2020 में पार्टी ने उनपर भरोसा जताते हुए उन्हें त्रिपुरा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया था। इसके अलावा वो त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में पढ़ाते भी थे। वो त्रिपुरा में अगरतला मेडिकल कॉलेज और बीआर अंबेडकर मेमोरियल टीचिंग हॉस्पिटल के एचओडी और प्रोफेसर भी रहे। इसके अलावा वो त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के भी अध्यक्ष हैं।

साफ सुथरी छवि के नेता हैं साहा

इसके अलावा माणिक साहा की जनता के बीच एक साफ-सुथरी छवि है। कॉन्ग्रेस से अलग होने के बावजूद उन्हें पार्टी के रैंकों में व्यापक तौर पर स्वीकृति मिली है। वह अपने बूथ प्रबंधन कौशल के लिए जाने जाते हैं। बहरहाल नए सीएम के तौर चुने जाने के बाद पूर्व सीएम बिप्लब देब ने उन्हें बधाई भी दी।

फोन पर सॉरी बोला, फिर भी कर दी हिन्दू युवक की हत्या: घटना को याद कर रो पड़ा भाई, बोले स्थानीय लोग – राजस्थान पुलिस कुछ नहीं करती

राजस्थान के भीलवाड़ा में हिंसा की एक के बाद एक घटनाओं के पीछे किसी गहरी साजिश की बात कही जा रही है। हाल ही में वहाँ आदर्श नाम के एक हिन्दू युवक की मुस्लिम नाबालिगों ने हत्या कर दी थी। न सिर्फ सीने पर चाकू से वार किया गया, बल्कि सरिए से उसका पैर भी तोड़ डाला गया था। उसके बाद आपसी झगड़े में एक अन्य युवक को जख्मी कर दिया गया। हिन्दू नेता पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। राजस्थान सांप्रदायिक आग में झुलस रहा है। भीलवाड़ा की घटना के पीछे भी दंगे की साजिश बताई जा रही है।

आदर्श तापड़िया के घर की महिलाओं का रो-रो कर बुरा हाल है। ‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बताया है कि माँ अब तक सदमे में हैं और बेटे को याद कर के बार-बार बेहोश हो जाती हैं। एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें तीनों भाई सड़क पर साथ जाते हुए दिख रहे हैं। सबसे छोटा भाई 15 साल का है और उसकी आठवीं की परीक्षाएँ चल रही हैं। बोर्ड की साइंस का पेपर देने वो नहीं जा पाया। 10 मई की घटना को याद कर के ही वो सहम जाता है।

उसने बताया कि जब वो किराने की दुकान पर जूस लेने जा रहा था तो कुछ लड़कों ने उसे पतला बताते हुए टिप्पणी कर दी कि जूस की बोतल भी उससे ज्यादा मोटी है। साथ ही एक घूसा मार कर नीचे गिराने की धमकी भी दी। जब उसने अपने बड़े भाई आदर्श को ये सब बताया तो आदर्श ने जाकर उन लड़कों को समझाया और अपने भाई को भी मारपीट न करने की सलाह दी। घर लौटने पर एक बदमाश फोन कर के उसे धमकी देने लगा।

मँझले भाई मयंक ने उस बदमाश को फोन पर सॉरी भी बोला। इसके बाद रात को 10 बजे जब तीनों भाई जा रहे थे तो आदर्श को रोक कर कुछ लड़कों ने धमकी देनी शुरू कर दी। सबक सिखाने की बात की। छोटे भाई ने बताया कि आदर्श के फोन करने पर मयंक भागा-भागा गया, क्योंकि आदर्श आगे निकल गया था। वहाँ उसने देखा कि बदमाश उसके भाई को पीट रहे हैं। चाकू घोंप कर बदमाश भाग निकले, और वहाँ खून ही खून था।

मामा का कहना है कि निशाना बना कर इस घटना को अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि दो गली छोड़ कर ही मुस्लिमों का मोहल्ला शुरू हो जाता है और बच्चों को परेशान किया जाता है, जबकि पुलिस कुछ नहीं करती। 11वीं में पढ़ रहा आदर्श पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था और स्कूल से आकर किराने की दुकान भी सँभालता था। तीन साल पहले पिता की हार्ट अटैक की मौत से उनकी बाइक रिपेयरिंग की वर्कशॉप बंद हो गई थी। माँ-बेटे ने उसके बाद किराने की दुकान खोल ली थी।

कश्मीरी पंडित की हत्या: राहुल भट की पत्नी को शक – आतंकियों से मिले हुए थे उनके ऑफिस के साथी, नाम पूछ कर मारी थी गोली

जम्मू-कश्मीर में हाल ही आतंकियों ने जिस कश्मीरी हिंदू की हत्या की थी, उनकी पत्नी ने इस मामले में बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राहुल भट के ठिकाने की जानकारी उनके ही ऑफिस से आतंकियों को मिली होगी। इसके बाद ही आतंकवादियों ने गुरुवार को बडगाम के चदूरा में एक युवा कश्मीरी हिंदू राहुल भट की हत्या की थी।

राहुल भट की पत्नी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “वह कहते थे कि हर कोई उनके साथ अच्छे से पेश आता है औऱ कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुँचा सकता। फिर भी किसी ने उन्हें नहीं बचाया। उन्होंने (आतंकियों) किसी से उनके बारे में पूछा होगा, अन्यथा उन्हें कैसे पता चलता?”

‘इंडिया टुडे’ से बात करते हुए भट की पत्नी ने इस बात का खुलासा किया कि उनके पति राहुल खुद को काफी असुरक्षित महसूस कर रहे थे और इसी के चलते वो डिस्ट्रिक्ट हेडक्वॉर्टर में अपना ट्रांसफर कराने की कोशिशें कर रहे थे। हालाँकि, कई बार कोशिशें करने के बाद भी उनके अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया गया था। बेटे की हत्या की जाँच की माँग की है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। राहुल के पिता ने कहा, “पहले उन्होंने पूछा कि राहुल भट कौन है और फिर उसे गोली मार दी। वहाँ से केवल 100 फीट की दूरी पर पुलिस स्टेशन था। हम मामले की गहन जाँच की माँग करते हैं। ऑफिस में सुरक्षा जरूर रही होगी, लेकिन वहाँ कोई नहीं था। उन्हें सीसीटीवी फुटेज की जाँच करनी चाहिए।”

बहरहाल इस हत्या के बाद कश्मीरी हिंदुओं द्वारा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रधानमंत्री के रोजगार पैकेज के तहत काम करने वाले करीब 350 सरकारी कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इन लोगों का कहना था कि राज्य सरकार उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकता है। ऐसे में वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। राहुल भट्ट भी इसी योजना के तहत 2011 से घाटी में कार्यरत थे। वो और बडगाम में अपनी पत्नी और 7 साल की बेटी के साथ रहते थे।

इस हत्या के विरोध में सैकड़ों हिंदू सड़कों पर उतरे और उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। इन आंदोलनों में सरकारी कर्मचारियों और बडगाम में रहने वाले कश्मीरी हिंदुओं के परिवार भी शामिल हुए। वहीं प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया। आँसू गैस के गोले दागे गए।

राहुल भट के हत्यारे ढेर

राहुल भट की हत्या करने वाले जैश-ए-मोहम्मद के 3 आतंकियों को शुक्रवार को ही सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया। बावजूद इसके कश्मीरी हिंदू भय के साए में जीने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें टारगेट कर हमले किए जा रहे हैं। इस बडगाम जिले में कश्मीरी हिंदुओं ने राहुल भट के सम्मान में एक कॉलोनी का नाम उनके नाम पर रख दिया है।

महाराष्ट्र पुलिस ने अभिनेत्री को उठाया, शरद पवार पर टिप्पणी का आरोप: मंत्री ने दी 200 मुकदमों की धमकी

महाराष्ट्र (Maharashtra) के महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार की साझेदार राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को लेकर ठाणे पुलिस ने मराठी अभिनेत्री केतकी चितले (Ketaki Chitale) को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का आरोप है कि केतकी ने पवार के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट किया था।

केतकी के पोस्ट को लेकर NCP ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। वहीं, स्वप्निल नेटके नाम के व्यक्ति ने ठाणे शहर के कलवा पुलिस स्टेशन में सेक्शन 153 और 505 के तहत मामला दर्ज कराया है। अपनी शिकायत में नेटके ने दावा किया है कि पवार के खिलाफ केतकी के आपत्तिजनक पोस्ट के कारण राज्य में दोनों राजनीतिक दलों के बीच संबंध और तनावपूर्ण हो सकते हैं। कलवा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करने के बाद केस को ठाणे क्राइम ब्रांच को दे दिया गया है।

मराठी अभिनेत्री केतकी चितले के खिलाफ पवार के खिलाफ कथित अपमानजनक पोस्ट को लेकर कुल तीन FIR दर्ज की गई हैं। बता दें कि केतकी ने अपनी पोस्ट में शरद पवार का नाम नहीं लिखा था, लेकिन उन्‍होंने उपनाम पवार और उम्र का जिक्र करते हुए 80 साल लिखा था। शरद पवार की उम्र 81 साल है। इसी आधार पर इस पोस्ट को शरद पवार के खिलाफ बताया गया है और उनके खिलाफ FIR कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।

केतकी ने सोशल मीडिया पोस्ट साइट फेसबुक पर जो पोस्ट लिखा था, उस पर कमेंट करते हुए महाराष्ट्र के आवास विकास मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने ने कमेंट कर धमकी दी थी। आव्हाड ने अपनी धमकी में कहा था कि पार्टी के कार्यकर्ता अभिनेत्री की इस पोस्ट को लेकर महाराष्ट्र के कम-से-कम 100-200 पुलिस स्टेशनों में मामला दर्ज कराएँगे।

आव्हाड ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता अपने नेता के बारे में इस तरह की गलत टिप्पणियों को कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह NCP परिवार के लिए पिता हैं और उन पर की गई टिप्पणी घिनौनी है। वहीं, NCP के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) ने अभिनेत्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का माँग की। 

NCP के प्रवक्ता क्लाइड क्रेस्टो ने कहा कि अभिनेत्री ने यह सब महाराष्ट्र भाजपा के नेताओं से सीखा है। उन्होंने कहा कि सस्ती और मुफ्त की लोकप्रियता पाने का सबसे अच्छा तरीका पवार के खिलाफ अपमानजनक बयान देना है। वहीं, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चकनकर ने भी आलोचना को निंदनीय बता दिया।

पाकिस्तान से तय होता है IPL मैचों का रिजल्ट? CBI ने तीन सट्टेबाजों को दबोचा, वकास मलिक चला रहा है नेटवर्क

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में सट्टेबाजी के मामले में शनिवार (14 मई 2022) को CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने खुलासा किया है कि 2019 के आईपीएल में पाकिस्तान से सट्टेबाजी नेटवर्क चलाया जा रहा था। इस मामले में सीबीआई ने एक केस दर्ज करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

सीबीआई ने अपनी एफआईआर में कहा है कि सट्टेबाजी में शामिल आरोपित पाकिस्तान से मिले इनपुट्स के आधार पर आईपीएल के मैचों के रिजल्ट को प्रभावित कर रहे थे। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपितों दिलीप कुमार, वासू गुरराम और सज्जन सिंह के अलावा गुरराम सतीश, प्रभुलाल मीणा ,अमित कुमार शर्मा और राम अवतार को भी आरोपित बनाया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, अवैध सट्टेबाजी का यह अंतरराष्ट्रीय रैकेट 2013 से काम कर रहा था। इसके तहत काम करने वाले जालसाजों के बैंक अकाउंट फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहे थे। इसमें अज्ञात बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत है। इन्होने इन सट्टेबाजों के लिए डॉक्यूमेंट्स (आईडी और केवाइसी) बनवाने का काम किया। जाँच एजेंसी के मुताबिक, ये अकाउंट इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए थे। एफआईआर में कहा गया है, “इस तरह की सट्टेबाजी गतिविधियों के लिए भारत की जनता से प्राप्त धन का एक हिस्सा हवाला लेनदेन का उपयोग करके विदेशों में स्थित उनके सहयोगियों के साथ भी साझा किया जा रहा है।”

सीबीआई का कहना है कि 2010 से सट्टेबाजी का ये रैकेट चलाया जा रहा है और इसमें कुछ सरकारी अधिकारियों भी मिलीभगत है। अब तक 10 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन हो चुका है।

पाकिस्तानी नागरिक के संपर्क में थे सट्टेबाज

2013 से चल रहे सट्टेबाजी के इस रैकेट को पाकिस्तानी नागरिक वकास मलिक चला रहा था। उसके मोबाइल नंबर को भी ट्रेस कर लिया गया है। बहरहाल, सीबीआई की रडार पर कई शहरों के कई लोग हैं। हालाँकि, अभी तक सीबीआई ने ये खुलासा नहीं किया है कि किन मैचों को प्रभावित करने की कोशिशें की गई हैं।