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मुस्लिम युवती से शादी करने वाले दलित की हैदराबाद में निर्मम हत्या: Video वायरल, पत्नी का भाई और जीजा गिरफ्तार

तेलंगाना के हैदराबाद में 5 हमलावरों द्वारा नागाराजू नाम के दलित युवक की सरेराह हत्या किए जाने की खबर है। हत्या की वजह नागराजू का मुस्लिम लड़की सैयद अशरीन से शादी करना बताया जा रहा है। धारदार हथियार से यह हत्या सरूर नगर थानाक्षेत्र के तहसीलदार ऑफिस के सामने की गई है। वहीं मामले में पुलिस ने अशरीन के भाई और जीजा को गिरफ्तार किया है। बाक़ी आरोपितों की तलाश की जा रही है। घटना बुधवार (4 मई, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक नागराजू की उम्र 25 वर्ष थी। घटना के वायरल हो रहे वीडियो में हमलावर हाथों में हथियार लिए दिखाई दे रहा है। इस दौरान मृतक की पत्नी अपने पति की जान की भीख माँगती दिखाई दे रही है। नागराजू सड़क पर घायल अवस्था में बाईक के साथ गिरा दिखाई दे रहा है। कुछ समय बाद हमलावर वहाँ से भाग जाते हैं।

VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल के मुताबिक 25 साल के दलित युवक को मोबिन और मसूद इसलिए मार डालते हैं क्योंकि वो 23 साल की अशरीन से प्रेम करता था और उससे उसने शादी की। विनोद बंसल ने मीम-भीम एकता की पैरवी करने वालों से भी सवाल किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक मृतक नागराजू सिकंदराबाद के एक प्रसिद्ध कार शो रूम पर सेल्समैन था। उसने 23 वर्षीया अशरीन से इसी साल 31 जनवरी को शादी की थी। शादी के बाद अशरीन का नाम पल्लवी पड़ा था। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि दोनों कॉलेज के समय से एक दूसरे से प्यार करते थे। इस शादी से दोनों परिवार खुश नहीं थे। इसी के चलते अशरीन और नागराजू को पुराने हैदराबाद के आर्य समाज मंदिर में 2 महीने पहले शादी करनी पड़ी थी।

घटना की रात पति-पत्नी बाइक से सरूरनगर की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वो तहसीलदार के ऑफिस के पास पहुँचे वैसे ही एक अज्ञात व्यक्ति ने उनका रास्ता रोककर नागाराजू पर लोहे की रॉड से वार किया। इसके बाद धारदार हथियार से नागाराजू पर वार किए गए जिसमें उसकी मौत हो गई। अपने पति को बचाने की कोशिश में पल्लवी (अशरीन) भी घायल हो गई। इस घटना की किसी ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। नागाराजू के परिवार वालों ने हत्या का आरोप अशरीन के परिजनों पर लगाया है।

इस मामले की जाँच कर रही सरूरनगर पुलिस ने भी इसे ऑनर किलिंग का मामला बताया है। तेलंगाना से भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने आरोपितों को तत्काल गिरफ्तार करने और कड़ी सजा देने की माँग की है। राजा सिंह ने कहा, “यह हमला अशरीन के परिवार वालों ने ही करवाया है या इसके पीछे किसी मज़हबी संस्था का हाथ है? क्या किसी संगठन ने हमलावरों को आर्थिक मदद की भी पेशकश की है? इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जाँच की जानी चाहिए।”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे दिल्ली के अंकित सक्सेना जैसी घटना बताया। अंकित सक्सेना को भी मुस्लिम लड़की से प्यार और शादी करने के बाद दिल्ली में कत्ल कर दिया गया था। शहजाद ने सवाल किया, “क्या कभी मुस्लिम लड़के को हिन्दू लड़की से शादी के बाद परिवार द्वारा कत्ल किया गया है? अब इस मामले में क्या होना चाहिए? कॉन्ग्रेस, आप पार्टी, TMC, समाजवादी पार्टी इस्लामोफोबिया के नाम पर संयुक्त राष्ट्र तक पहुँच गए। लेकिन हैदराबाद में हुई हिन्दू की हत्या सेक्युलर अपराध है? अब तक धर्मनिरपेक्ष ख़ामोशी?”

प्रशासन के मना करने के बावजूद जबरन रैली निकालने के मामले में MLA जिग्नेश मेवाणी दोषी करार: 3 महीने की कैद और 1 हजार रुपए का लगा जुर्माना

गुजरात में बिना इजाजत के रैली करने के मामले में मेहसाणा (Mehsana, Gujarat) की अदालत ने वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवाणी (Jignesh mevani) सहित 9 लोगों को तीन महीने की जेल की सजा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने हर दोषी पर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने सभी को जुलाई 2017 में मेहसाणा से रैली करने के लिए अवैध रूप से इकट्ठा होने को लेकर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया था और इसी मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया। वहीं, कॉन्ग्रेस नेता कन्हैया कुमार पर इसी मामले में अलग से केस चल रहा है।

इस मामले में अदालत ने जिग्नेश मेवाणी के अलावा राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) की नेता सुबोध परमार और रेशमा पटेल भी शामिल हैं। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेए परमार (JA Parmar) की अदालत ने कहा, “रैली करना अपराध नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के रैली करना अपराध है। लेकिन, अवज्ञा को कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।”

बता दें कि 12 जुलाई 2017 को ऊना मामले की पहली बरसी मनाने को लेकर मेवाणी और उनके सहयोगियों ने मेहसाणा से पड़ोसी बनासकांठा जिले के धनेरा तक ‘आजादी कूच’ रैली का नेतृत्व किया था। इस रैली के लिए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इस मामले में मेहसाणा पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 143 के तहत गैर-कानूनी सभा का मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

इस रैली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान कॉन्ग्रेस नेता कन्हैया कुमार भी शामिल थे। वह भी इस मामले के आरोपियों में से एक हैं। हालाँकि, उन पर मामले की अलग से सुनवाई हो रही है, क्योंकि अदालत द्वारा आरोप तय करने के दौरान वह मौजूद नहीं थे। वहीं, इस मामले में एक आरोपित की मौत हो गई है। इसलिए अदालत ने मेवाणी सहित 10 आरोपितों के खिलाफ सुनवाई शुरू की थी।

असम पुलिस ने किया था गिरफ्तार

हाल ही में मेवाणी को असम पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ विवादित ट्वीट पर गुजरात से गिरफ्तार किया था। हालाँकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद पुलिस ने मेवाणी को एक महिला पुलिसकर्मी के साथ बदतमीजी करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था।

जिग्नेश मेवाणी फिलहाल जमानत पर हैं, लेकिन उनकी जमानत के खिलाफ असम सरकार ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इस मामले में 27 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

दिल्ली का स्कूल, क्लास में घुस दो बच्चियों के कपड़े उतारे, फिर नंगा हो करने लगा पेशाब: गौर से दे​खिए इस चेहरे को, कहीं आप ने देखा तो नहीं

दिल्ली के एक स्कूल में एक अनजान शख्स घुस आया। रिपोर्टों के अनुसार उसने सरेआम दो बच्चियों के कपड़े उतार दिए। फिर खुद नंगा होकर छात्राओं से भरी क्लास में पेशाब करने लगा। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में संदिग्ध का स्केच जारी किया है। साथ ही बताया है कि इसकी तलाश में लगातार प्रयास जारी हैं। जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर लेने की उम्मीद जताई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना पूर्वी दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले भजनपुरा स्थित एक स्कूल की है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, पीड़ित बच्चियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध की एक तस्वीर जारी की गई है। पुलिस की एक टीम स्कूल के पास काम कर रही है। इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपित की तलाश की जा रही है।

पूर्वी दिल्ली के महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल का कहना है कि इस मामले में हुई चूक की जाँच के आदेश दिए गए हैं। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का दावा है कि जब बच्चियों ने इस घटना की जानकारी स्कूल के प्राचार्य और शिक्षक को दी तो उन्हें चुप रहने और सब कुछ भूल जाने को कहा।

गौरतलब है कि इस मामले में 30 अप्रैल को आयोग ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम को एक नोटिस भी जारी किया था। इसमें कहा गया था कि स्कूल एसेंबली के बाद जब बच्चे शिक्षक का इंतजार कर रहे थे एक अनजान व्यक्ति कक्षा में घुस आया। उसने कथित तौर पर एक लड़की के कपड़े उतारे और उसे अश्लील शब्द कहे। बाद में उसने दूसरी लड़की के साथ भी वैसा ही किया। इसके बाद क्लास का दरवाजा अंदर से बंद कर उसने वहीं पर पेशाब कर दिया। पीड़ित दोनों बच्चियों की उम्र आठ साल बताई जा रही है।

हमले से पहले रेकी, पुलिस को उलझाया, बैरिकेड लगा रास्ता रोका: जोधपुर में दंगाइयों ने की थी तगड़ी प्लानिंग, तेजाब-सरिया-तलवार सब पहले से थे जमा

करौली (Karoli) के बाद राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur, Rajasthan) अक्षय तृतीया (3 मई) के मौके पर हुई हिंसा एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। सामान्य रूप से घरों में नहीं मिलने वाली तेजाब की बोतलें भी अक्षय तृतीया के दिन दंगा करने वालों के हाथों में दिखी थीं। इस दौरान सैकड़ों मुस्लिमों की उन्मादी भीड़ ने लोगों के घरों पर तेजाब की बोतलों से हमले किए थे।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जोधपुर के जिन पाँच इलाकों में दंगाइयों ने उत्पात मचाया था, जब वहाँ लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया तो पता चला कि ये सब पहले से योजनाबद्ध था। सोनारो का बास मोहल्ले में एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी से ये पता चलता है कि पहले दंगाइयों ने मोहल्ले में आकर वहाँ के हालात की रेकी की थी। उसके बाद दंगाइयों की भीड़ ने तलवार, सरिया, लाठी और तेजाब की बोतलें लेकर वहाँ आए और हमला किया। इस दौरान लोगों के घरों पर पथराव और तेजाब फेंका।

सोनारो का बास के रहने वाले स्थानीय नागरिक सूरज प्रकाश कहते हैं कि दंगाई पहले से ही सोनारो का बास में इकट्ठे थे। इन सभी ने पहले से ही तेजाब की बोतलें इकट्ठा कर रखी थी। उन्मादी भीड़ ने मजहबी नारेबाजी करते हुए निहत्थे लोगों पर हमले कर दिए। ईदगाह मस्जिद के पास लगे सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि दंगाइयों ने पहले बचने के लिए पुलिस बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोका और फिर गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इसके बाद वे गलियों में लापता हो गए।

पुलिस ने निपटने को पहले से थी प्लानिंग

दंगाइयों ने पुलिस को उलझाए रखने की बहुत ही सुनियोजित तरीका अपना रखा था। जालौरी गेट पर दंगाई हंगामा करने लगे। इस दौरान पुलिस के करीब 200 जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उनसे भीड़ गए। पुलिस इन्हीं लोगों में उलझ गई और दंगाइयों शहर के भीतरी इलाकों में जाकर आतंक मचाने लगे। कबूतरों चौक, सोनारो का ईदगाह मस्जिद समेत अन्य स्थानों पर जमकर हिंसा की गई।

इसी तरह से घंटाघर पाल हाउस के पास के रहने वाले लोकेश दंगा वाले दिन अपने भाई के साथ पिता के लिए दवा लाने के लिए जालौरी गेट गए थे, लेकिन उनके भाई की पीठ में छुरा घोंप दिया गया। इसमें वो घायल हो गए उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस ने इंटेलीजेंस इनपुट को दरकिनार किया

जोधपुर पुलिस ने इस बात को स्वीकार किया है कि अगर खुफिया रिपोर्टों का समय पर आकलन ठीक से किया जाता तो हिंसा को शुरुआती चरण में ही दबाया जा सकता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके इंटेलीजेंस इनपुट्स जारी किए गए थे कि अक्षय तृतीया के हिंदू त्योहार पर हिंसा हो सकती है। हालाँकि, इस मामले में जोधपुर पुलिस ने कोई भी ठोस कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई। इसी कारण से इतना बड़ा दंगा हुआ।

गौरतलब है कि 2 मई को देर रात मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानी बिस्सा जी की प्रतिमा पर इस्लामी झंडे लगा रहे थे। इसी को लेकर ये विवाद हुआ।

बब्बर खालसा से जुड़े 4 आतंकियों को हरियाणा पुलिस ने किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद: पाकिस्तान से हथियार सप्लाई के मिले सबूत

हरियाणा की करनाल पुलिस ने 4 संदिग्ध खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन आतंकियों के पास से 1 पिस्टल 31 कारतूस, 3 IED और कैश बरामद किया गया है। विस्फोटक को कंटेनर में भर के रखा गया था। ये संदिग्ध आतंकी इनोवा वाहन में सवार थे। गिरफ्तारी 5 मई, 2022 (गुरुवार) को सुबह 4 बजे की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार बब्बर खालसा से जुड़े आतंकियों के नाम गुरप्रीत,अमनदीप, भूपेंदर और परमिंदर हैं। करनाल के पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने बताया, “हमें इस मूवमेंट की सूचना मिली थी। हिरासत में लिए गए 4 संदिग्धों में 3 फ़िरोज़पुर और 1 लुधियाना का रहने वाला है। इन्हे बस्तारा टोल प्लाजा से पकड़ा गया है। इनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। आरोपितों के पास से 1 लाख 30 हजार रुपए कैश भी बरामद किया गया है।”

SP ने आगे बताया, “पकड़े गए आरोपित पाकिस्तान निवासी हरविंदर सिंह के सम्पर्क में थे। वही इन सभी को तेलंगाना के आदिलाबाद में हथियार पहुँचाने का आदेश दिया गया था। ये हथियार पाकिस्तान से भारत में ड्रोन के माध्यम से फ़िरोज़पुर जिले में भेजे गए थे। इन्हें आरोपित गुरप्रीत ने भारत सीमा में प्राप्त किया था। इससे पहले भी ये आरोपित महाराष्ट्र के नांदेड़ में विस्फोटक पहुँचा चुके हैं। इस केस में FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जाँच की जा रही है।”

SP ने आगे बताया, “चारों आरोपितों के खिलाफ थाना मधुबन में धारा 4/5 विस्फोटक अधिनियम, आर्म्स एक्ट की धारा 25 और UAPA एक्ट में केस दर्ज किया गया है। ये सभी पाकिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा से जुड़े हुए हैं। वही इन सभी को हथियारों के साथ नशे की चीजें उपलब्ध करवाता है। वह इन सभी को एक एप के जरिए लोकेशन शेयर करता है। हथियार ड्रोन के जरिए आरोपित गुरप्रीत के दोस्त आकाशदीप के खेतों में भेजे गए थे।”

पुलिस के मुताबिक, “पकड़ा गया आरोपित गुरप्रीत पहले भी एक केस में जेल गया था। उसी दौरान इसकी जेल में मुलाकात राजवीर नाम के व्यक्ति से हुई। राजवीर पहले से ही हरविंदर सिंह रिंदा का साथी रहा है। इन आरोपितों का सम्पर्क उसी ने हरविंदर सिंह से करवाया। ये सभी लगभग 9 माह से पाकिस्तान में मौजूद हरविंदर के सम्पर्क में थे। पकड़ी गई गाड़ी दिल्ली के रजिस्ट्रेशन पर है जिसकी जाँच की जा रही है।”

जिस महिला से पल्ला झाड़ने में जुटी कॉन्ग्रेस, वह चीनी राजदूत ही: राहुल गाँधी के करीबी रेवंत रेड्डी ने की पुष्टि, पार्टी वीडियो में आई थी नजर

तेलंगाना कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और सांसद रेवंत रेड्डी (Telangana Congress president Revanth Reddy) ने काठमांडू नाइट क्लब में राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के साथ देखी गई महिला को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों को सही ठहराते हुए स्वीकार किया है कि क्लब में राहुल गाँधी के साथ देखी गई महिला कोई और नहीं, बल्कि चीन की राजदूत होउ यांकी (Hou Yanqi) ही हैं। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि राहुल गाँधी ने नेपाल की राजधानी काठमांडू के एक नाइट क्लब में चीनी राजदूत (Chinese Ambassador) से मुलाकात की थी।

हाल ही में काठमांडू के नाइट क्लब में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल के वायनाड से सांसद नेता राहुल गाँधी की एक महिला के साथ वीडियो वायरल हुई थी। इसको लेकर एक पत्रकार ने भाजपा नेताओं द्वारा किए जा रहे दावों के संबंध में रेड्डी से सवाल पूछा। इसके जवाब में रेवंत रेड्डी ने कहा कि भाजपा नेताओं में सामाजिक और पारिवारिक मूल्य की समझ नहीं है।

उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि राहुल गाँधी अरुंधति रॉय की फैन और जामिया उपद्रवियों की समर्थक सीएनएन की पूर्व पत्रकार दोस्त सुमनीमा उदास की शादी में शामिल होने के लिए नेपाल गए थे। अपनी यात्रा के दौरान राहुल एक डिनर पार्टी में भी शामिल हुए, जहाँ उन्हें एक महिला के साथ देखा गया। इस महिला की पुष्टि करते हुए कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि वह कोई और नहीं, बल्कि चीन की राजदूत थीं।

रेवंत रेड्डी ने कथित चीनी राजदूत के साथ राहुल गाँधी की मुलाकात का बचाव करते हुए कहा, “राहुल गाँधी का चीनी राजदूत से मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब वायरल हुआ। यह सब चोरी-छिपे या फिर बंद दरवाजों के पीछे नहीं हुआ। काठमांडू कोई प्रतिबंधित क्षेत्र या दुश्मन देश नहीं है। नेपाल में प्रवेश करने के लिए आपको पासपोर्ट या वीजा की भी आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में अपनी दोस्त की शादी में शामिल होने गए राहुल गाँधी को लेकर बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है।”

रेवंत रेड्डी को राहुल गाँधी का सबसे करीबी सहयोगी माना जाता है। ऐसे में तेलंगाना नेता द्वारा यह स्वीकार करना कि राहुल के साथ वीडियो में नजर आने वाली महिला चीनी राजदूत है, कॉन्ग्रेस पार्टी की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। क्योंकि, पार्टी ने दावा किया था कि वह नेपाल अपनी दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए गए थे। यह कोई राजनीतिक दौरा नहीं था।

गौरतलब है कि इंडिया टुडे ने राहुल गाँधी के बचाव में हाल ही में एक फैक्ट चेक किया था। उसकी रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में दिख रही महिला को लेकर किया जा रहा दावा निराधार है। उसका कहना है कि वीडियो में राहुल गाँधी जिस महिला से बात कर रहे हैं, वह चीन की राजदूत नहीं है। वह नेपाल की एक महिला है, जो दुल्हन की दोस्त है। काठमांडू के जिस लॉर्ड ऑफ ड्रिंक्स पब में कॉन्ग्रेस नेता पार्टी के लिए गए थे, उसके सीईओ राबिन श्रेष्ठ के हवाले से इंडिया टुडे ने बताया है कि उनके साथ दिख रही ​महिला चीनी राजदूत नहीं है। उन्होंने कहा, “वह दुल्हन की फ्रेंड है, जिसे शादी में आमंत्रित किया गया था।”

बता दें कि कॉन्गेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के मंगलवार (3 मई 2022) को नेपाल के एक नाइट क्लब में पार्टी करते दो वीडियो वायरल हुए थे। वायरल वीडियो में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एक महिला के साथ नजर आ रहे हैं। इसको लेकर नेटिजन्स का दावा है कि यह महिला नेपाल में चीन की राजदूत होउ यांकी (Hou Yanqi) हैं।  एक वीडियो में राहुल गाँधी शराब की बोतलों के आगे फोन देख रहे हैं। दूसरी वीडियो में वो एक महिला के साथ खड़े हैं और उनसे कानाफूसी भी कर रहे हैं। आपको बता दें कि राहुल गाँधी पर उनकी पार्टी को बीच मझधार में छोड़ हर-हमेशा विदेश चले जाना का आरोप लगता रहा है।

अमर उजाला के पत्रकार पर पंजाब में जानलेवा हमला, बेसबॉल के बल्ले और लोहे की रॉड से पीटकर किया लहुलुहान, लगे 27 टाँके

पंजाब (Punjab) के जीरकपुर में एक पत्रकार को बेरहमी से पीट-पीटकर अधमरा किए जाने की घटना सामने आई है। ये हिंदी दैनिक अखबार अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार आलोक वर्मा हैं। मंगलवार (3 मई 2022) की रात को अज्ञात हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला किया।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, आलोक वर्मा अपनी ड्यूटी खत्म कर वापस अपने घर लौट रहे थे, उसी दौरान दो बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने उन पर बेसबॉल के बल्ले और सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया। इसके बाद बदमाश उनका पर्स और मोबाइल लेकर फरार हो गए। इस हमले में पत्रकार के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉक्टरों को उनके सिर पर 27 टाँके लगाने पड़े हैं।

जब आरोपितों ने उनपर हमला किया तो आलोक वर्मा वहीं जमीन पर गिर गए। वो बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन आरोपित उन्हें लगातार पीटते रहे। उनकी गुहार सुनकर कोई बचाने तक नहीं आया। आलोक वर्मा को अधमरी हालत में जमीन पर पड़ा छोड़ कर हमलावर फरार हो गए। बाद में किसी तरह से घायल अवस्था में वो अपने घर पहुँचे, जहाँ से उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में जीएमसीएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ सुधीर गर्ग ने बताया कि आलोक वर्मा को तड़के 3.45 बजे इमरजेंसी में लाया गया था। उनके सिर पर गंभीर चोटे आई थीं, जिससे काफी खून बह रहा था। हालाँकि, अच्छी बात यह थी कि उन्हें कोई अंदरूनी चोट नहीं आई थी, जिसके कारण उन्हें दोपहर 2.30 बजे डिस्चार्ज कर दिया गया।

इस घटना के बाद चंडीगढ़ प्रेस क्लब ने वरिष्ठ पत्रकार पर हमले की निंदा करते हुए पंजाब पुलिस से हमलावरों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कर आरोपितों को तुरंत गिरफ्तार करने की माँग की है। इस बीच राज्य के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी अमर उजाला के पत्रकार पर हमले की निंदा करते हुए भगवंत मान की अगुआई वाली पंजाब की आप सरकार पर निशाना साधा। कैप्टन ने आरोप लगाया कि पंजाब की सड़कों पर अराजकता फैली हुई है।

उन्होंने ट्वीट किया, “जीरकपुर में @AmarUjalaNews के पत्रकार आलोक वर्मा पर जानलेवा हमला निंदनीय है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना। @AAPpunjab सरकार ने अपनी अथॉरिटी को पूरी तरह से छोड़ दिया है औऱ बुरी तरह से फेल हुई है। पंजाब की सड़कों पर अराजकता फैली हुई है!”

बिहार की राजनीति को बदलने के लिए PK करेंगे 3000km की पदयात्रा: कहा- 30 साल के शासन में भी लालू-नीतीश ने बिहार को गरीब-पिछड़ा बनाए रखा

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर उर्फ पीके (Prashant Kishor- PK) फिलहाल राजनीतिक दल के गठन के कयासों पर विराम लगा दिया है, लेकिन भविष्य की संभावनाओं के लिए पर्याप्त स्थान छोड़ रखा है। पटना में गुरुवार (5 मई 2022) को उन्होंने कहा कि वह बिहार के लोगों के साथ पहले 3-4 महीने संवाद स्थापित करेंगे और फिर 2 अक्टूबर से पश्चिम चंपारण से पदयात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान वे समाज के विभिन्न तबके के लोगों से मुलाकात स्थिति को समझने का प्रयास करेंगे। इसके बाद पार्टी बनाने पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि कॉन्ग्रेस से बात नहीं बनने के बाद कहा जा रहा था कि प्रशांत किशोर जल्द ही एक राजनीतिक दल के गठन का ऐलान कर सकते हैं। हालाँकि, फिलहाल इस संभावना से उन्होंने इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में 17,000 लोगों को चिन्हित किया गया है और वे उनसे मिलकर बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी ‘जन सुराज’ यात्रा के तहत वे बिहार में 3,000 किलोमीटर की पदयात्रा 8 महीनों में पूरा करेंगे। इस दौरान वे हर गाँव और शहर को कवर करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति मिलने का इच्छुक होगा, वे उससे मिलेंगे।

इस दौरान प्रशांत किशोर ने लालू यादव और नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में लालू यादव ने 15 सालों तक और नीतीश कुमार ने 15 सालों तक शासन किया, लेकिन दोनों के तीन दशकों के शासन में किसी तरह का बदलाव नहीं आया और बिहार देश का सबसे गरीब और पिछड़ा राज्य बना रहा। उन्होंने कहा कि जिन रास्तों पर बिहार चल रहा है, उसे बदलाव आने की संभावना नहीं है। अगर बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में लाना है तो इसके लिए नई सोच और नए प्रयास की जरूरत होगी।

बिहार की जातिवादी राजनीति को लेकर उन्होंने कहा कि कई लोगों का मानना है कि बिहार में केवल जाति के आधार पर ही वोट मिलता है। उन्होंने कहा, “मैं जाति नहीं, बल्कि समाज के सभी लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहा हूँ। मैं कोरोना के खत्म होने का इंतजार कर रहा था, ताकि किसी नई योजना पर काम कर सकूँ।”

राजनीतिक दल बनाने को लेकर उन्होंने कहा कि लोगों से संवाद के बाद अगर 4-5 हजार लोग कहते हैं कि किसी राजनीतिक पार्टी बनाने की जरूरत है, तब वे इसकी घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक पार्टी बनती है तो यह उन सभी लोगों की पार्टी होगी, जो इस परिकल्पना से जुड़कर इस राजनीतिक संगठन के निर्माण में अपनी भागीदारी देंगे। यह काम अगस्त या सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

दिल्ली में खेल-खेल का झगड़ा पत्थरबाजी में बदला: वेलकम में दलितों पर मुस्लिम भीड़ के हमले का आरोप, दंगे की धाराओं में FIR

दिल्ली के वेलकम में बुधवार (4 मई 2022) रात दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों समुदाय के बीच पत्थरबाजी की खबर है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। 37 अन्य हिरासत में लिए गए हैं। दंगे की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस उपद्रवियों की पहचान का प्रयास कर रही है।

बताया जा रहा है कि झील पार्क में खेल के दौरान लड़कों में झगड़ा हो गया। बाद में मामला सलट गया। लेकिन आरोप है कि इसके कुछ देर बाद X और Y ब्लॉक में रहने वाले दलितों पर मुस्लिम भीड़ ने कथित तौर पर हमला कर दिया है। बताया जाता है कि दोनों पक्षों में करीब 1 घंटे तक पत्थरबाजी होती रही। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और हालात पर काबू पाया।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के DCP संजय कुमार के मुताबिक, “4 मई को पुलिस को वेलकम के फोटो चौक इलाके में झगड़े की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुँच गई। प्राथमिक जाँच में पाया गया है कि विवाद लड़कों के बीच पार्क में खेलने के दौरान हुए झगड़े के कारण हुआ। कुछ आरोपितों को चिन्हित कर के हिरासत में लिया गया है। इस केस में धारा 108 crpc के तहत केस दर्ज किया गया है। आगे की जाँच व कार्रवाई जारी है।”

DCP के मुताबिक, “मौके पर जमा कई लोगों में समझाने और बीच-बचाव करने में कई लोग शामिल थे। साथ ही भारी पुलिस बल भी वहाँ पहुँच गया था। इसी वजह से लोगों को यह लगा कि कोई बड़ा विवाद हो रहा है। कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। बाकियों की तलाश की जा रही है।” पुलिस का कहना है कि पथराव 8 से 10 मिनट तक हुआ। फिलहाल हालात सामान्य है।

Z न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक शकील नाम के व्यक्ति ने बताया कि किसी ने गाँधी को गाली दी तो किसी ने मोदी को गाली दी। इस बात से विवाद शुरू हुआ था। इस विवाद में कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं। रिक्शा चलाने वाले कैश्मुद्दीन की बीवी शबनम का कहना है कि उसके शौहर को पुलिस पकड़ कर ले गई है। वहीं मोहम्मद हबीब की बहू ने भी अपने ससुर के पकड़े जाने की बात कही है। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि झगड़ा 2 अलग-अलग समुदायों के बीच हुआ था।

टाइम्स नाउ के मुताबिक पार्क में आपस में कहासुनी होने के बाद भीड़ ने मोहल्ले पर हमला बोल दिया। स्थानीय लोगों ने उन हमलावरों को पहले नहीं देखा था और उनके बाहरी होने का शक जताया जा रहा है। भीड़ ने लगभग एक घंटे तक पत्थरबाजी की। इस दौरान गली में खड़े वाहनों को भारी नुकसान पहुँचा है। फेंके गए पत्थर पार्क और गलियों में बिखरे हुए हैं। मौके पर अभी भी भारी पुलिस बल तैनात है। लोगों की आवाजाही पर रोक नहीं है।

कुणाल कामरा ने PM मोदी के सामने गाने वाले बच्चे की वीडियो से की छेड़छाड़, पिता ने लताड़ा, कहा- ‘मिस्टर कचरा! अपनी गंदी राजनीति से मेरे बेटे को दूर रखो’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के आगमन पर जर्मनी के बर्लिन में देशभक्ति गीत गाने वाले भारतीय मूल के बच्चे का मजाक उड़ाने वाले विवादित गालीबाज स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा (Kunal Kamra) एक बार फिर चर्चा में हैं। सात वर्षीय भारतीय मूल के बच्चे के पिता गणेश पाल ने कुणाल कामरा को उनके बेटे के वीडियो का मजाक बनाने पर लताड़ा है।

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस बच्चे की तारीफ की थी, वामपंथी ‘कॉमेडियन’ कुणाल कामरा ने उस बच्चे की बुधवार (4 मई 2022) को ट्विटर पर मॉर्फ्ड वीडियो पोस्ट की। सुर्खियों में बने रहने के लिए हर बार की तरह इस बार भी उसने अपनी ओछी मानसिकता का परिचय देते हुए पीएम मोदी पर तंज कसने के लिए मासूम बच्चे का सहारा लिया।

उसने यह नफरत भरा ट्वीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जर्मनी पहुँचने और उनके द्वारा बर्लिन में देशभक्ति हिंदी गीत गाने वाले भारतीय मूल के बच्चे की प्रशंसा करने के बाद किया था।

कामरा ने बच्चे के देशभक्ति गीत ‘भारत हम तेरी आराधना करेंगे, तेरी अर्चना करेंगे, भारत हम तेरी वंदना करेंगे’ का मजाक उड़ाते हुए इसे संपादित किया है। उसके द्वारा पोस्ट किए वीडियो में अनुषा रिज्वी और महमूद फारुखी के डायरेक्शन में बनने वाली फिल्म ‘पिपली लाइव’ का गाना ‘महँगाई डायन खाय जात है’ बज रहा है। लड़के के पिता गणेश पॉल ने कामरा के घटिया ट्वीट के लिए उसे जमकर लताड़ा। यही नहीं उन्होंने कथित कॉमेडियन को उसकी असंवेदनशीलता और गंदी राजनीति करने के लिए मासूम बच्चे का सहारा लेने पर खरी खोटी भी सुनाई। सात साल के बच्चे के पिता ने कहा कि उनका बेटा अपनी मातृभूमि से प्यार करता है। इसलिए उसने यह गाना गाया। हालाँकि, वह अभी बहुत छोटा है, लेकिन कामरा से ज्यादा अपने देश से प्यार करता है।

गणेश पॉल ने ट्वीट किया, “वह मेरा 7 साल का बेटा है, जो अपनी प्यारी मातृभूमि के लिए यह गीत गाना चाहता था। हालाँकि, वह अभी भी बहुत छोटा है, लेकिन अपने देश को आपसे ज्यादा प्यार करता है मिस्टर कामरा या कचरा, आप चाहे जो भी हों, मासूम बच्चे को अपनी गंदी राजनीति से दूर रखें और अपने घटिया जोक्स को बेहतर बनाने पर काम करें।”

यह ध्यान देने योग्य है कि हाल ही में कॉमेडियन का ढोंग करने वाले प्रोपेगेंडानिस्ट कुणाल कामरा (Kunal Kamra) ने अपने नए YouTube वीडियो ‘बी लाइक’ में भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ अवमानना चल रहे केस को लेकर कामरा ने कहा था, “प्रिय सुप्रीम कोर्ट! कल की बातें भूल जा, ल*ड़ा पकड़ के झूल जा।

सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने से पहले कामरा ने कहा था कि उनके मन में शीर्ष न्यायालय से अधिक सम्मान शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट के लिए है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ‘ब्राह्मण बनिया’ का मामला है और यह विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सोमवार (2 मई 2022) को तीन दिवसीय विदेश दौरे के तहत जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुँचे थे। बर्लिन में भारतीय लोगों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया था। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में भारतीय मूल का एक बच्चा देशभक्ति गीत ‘भारत हम तेरी आराधना करेंगे, तेरी अर्चना करेंगे, भारत हम तेरी वंदना करेंगे’ गाता हुआ नजर आया था। वहीं पीएम मोदी भी बच्चे के साथ गीत गुनगुनाते हुए दिख रहे थे। उन्होंने इस गीत के लिए बच्चे की तारीफ भी की थी।