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बर्लिन में बच्चे ने गाया ‘भारत हम तेरी वंदना करेंगे’, साथ में झूमे PM मोदी भी: जर्मनी में भारतीयों से की मुलाकात, छोटी बच्ची ने गिफ्ट की तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सोमवार (2 मई 2022) को तीन दिवसीय विदेश दौरे के तहत जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुँचे। बर्लिन में भारतीय लोगों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री बर्लिन के बाद होटल एडलॉन केम्पिंस्की पहुँचे, जहाँ बड़ी संख्या में भारतीय उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साहित दिखे। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो जर्मनी के बर्लिन का है। वायरल वीडियो में भारतीय मूल एक बच्चा देशभक्ति गीत ‘भारत हम तेरी आराधना करेंगे, तेरी अर्चना करेंगे, भारत हम तेरी वंदना करेंगे’ गाता हुआ नजर आ रहा है।

वहीं पीएम मोदी भी बच्चे के साथ गीत गुनगुनाते हुए दिख रहे हैं। वह इस गीत के लिए बच्चे की तारीफ भी करते हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया यूजर्स को काफी पसंद आ रहा है। एक यूजर ने पीएम मोदी की तारीफ़ करते हुए लिखा, “मोदीजी नए भारत के नए Lalitaditya Muktapida हैं। मुझे यकीन है कि वह जल्द ही अखंड भारत बनाएँगे, क्योंकि भारत में कुछ मुल्लाओं को छोड़कर हर दूसरा देश मोदीजी को अपना प्रधानमंत्री बनाना चाहता है, चिंता न करें वह जल्द हिंदू राष्ट्र भी बनाएँगे।”

ट्विटर पर एक अन्य यूजर लिखती हैं, “हमारे प्रधानमंत्री का बच्चों और संगीत से खासा लगाव है।”

बर्लिन में पीएम मोदी का स्वागत करने पहुँची बच्ची अनन्या मिश्रा ने बताया, “मोदी जी से मिलकर बहुत अच्छा लगा। मैंने उन्हें कहा कि मुझे गर्व है कि आप हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं। मैंने उन्हें अपनी पेंटिंग दिखाई, उन्होंने इस पर अपने हस्ताक्षर भी किए।”

इस छोटी बच्ची ने पीएम को उनकी एक तस्वीर भी भेंट की है। इसको लेकर पीएम मोदी उस छोटी बच्ची से पूछते हैं कि अपने मेरी फोटो क्यों बनाई है, इसका बच्ची जवाब देते हुए कहती है कि आप मेरे फेवरेट आइकन हो। इसके बाद पीएम पूछते हैं कि कितनी देर में ये तस्वीर बनाई, तो बच्ची बोलती है एक घंटे में।

बता दें कि तीन दिवसीय यूरोपियन देशों के दौरे के तहत आज पीएम मोदी जर्मनी पहुँचे हैं। इस दौरान पीएम मोदी के प्रति भारतीय लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। कई भारतीयों ने पीएम मोदी के पैर छूकर, हाथ जोड़कर उन्हें नमस्कार किया और उनका आर्शीवाद लिया।

तंजानिया के किली पॉल पर लाठी-चाकू से हमला, लगे 5 टाँके: हिंदी गानों पर वीडियो बना कर बटोरी शोहरत, PM मोदी भी हैं फैन

तंजानिया के इंटरनेट सनसनी किली पॉल (kili Paul), जो अपनी बहन नीमा के साथ भारतीय गीतों पर लिप-सिंक करके अपने डांस के लिए जाने जाते हैं, उन पर अज्ञात लोगों द्वारा चाकू और लाठी से हमला किया गया है। जिसमें वो घायल बताए जा रहे हैं

उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर हमले के बारे में सूचना दी। उन्होंने कहा कि उन पर पाँच लोगों ने हमला किया था और हमले के बाद उन्हें पाँच टाँके भी लगे हैं। उन्होंने कहा कि हमने दो हमलावरों से डट कर मुकाबला किया और खुद का बचाव किया।

इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा है, “मेरे ऊपर पाँच लोगों ने हमला किया था, मैंने खुद को बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन मेरा दाहिना हाथ और पैर का अँगूठा चाकू से घायल हो गया था और मुझे 5 टाँके लगे हैं। मुझे लाठी और क्लबों से पीटा गया था, लेकिन भगवान का शुक्र है कि मैंने दो हमलावरों की पिटाई के बाद खुद को बचा लिया। हालाँकि, वे लोग भाग गए हैं लेकिन मैं पहले से ही घायल हूँ, मेरे लिए प्रार्थना कीजिए।”

हालाँकि, किली पॉल ने यह नहीं बताया कि उन पर हमला करने वाले लोग कौन थे और हमले के पीछे का कारण क्या था?

बता दें कि किली और उनकी बहन नीमा तंजानिया के पूर्वी पवानी क्षेत्र के मवेशी चराने वाले हैं। पारंपरिक मसाई वेश में उनके वीडियो ने भारतीयों के दिलों पर कब्जा कर लिया है। भाई-बहन को पीएम नरेंद्र मोदी ने फरवरी में अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के दौरान गणतंत्र दिवस पर भारतीय राष्ट्रगान और लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने की वजह से उनका उल्लेख किया था।

बीबीसी अफ्रीका को दिए एक साक्षात्कार में, उन्होंने खुलासा किया था कि उन्हें तंजानिया की राजधानी डोडोमा में स्कूलिंग के दौरान ही हिंदी संगीत से प्यार हो गया था। किली पॉल ने उस इंटरव्यू में बताया था, “मुझे हिंदी फिल्मों और उनके गानों से प्यार हो गया। जब आप किसी चीज से प्यार करते हैं, तो उसे गाना या उसकी नकल करना मुश्किल नहीं है।”

किसी को कोरोना वैक्सीन लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते, सार्वजनिक जगहों पर भी नहीं रोक सकते: सुप्रीम कोर्ट

कोविड-19 से बचाव के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण कार्यक्रम पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (2 मई, 2022) को अहम टिप्पणी की है। उसका कहना है कि सरकार किसी भी व्यक्ति को टीकाकरण के लिए बाध्य नहीं कर सकती है। वह इसके लिए लोगों को जागरूक कर सकती है। इसके लिए सरकार नीति बना सकती है और जनता की भलाई के लिए कुछ शर्तें लगा सकती हैं।

इस दौरान कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जहाँ तक मौजूदा टीकाकरण नीति का सवाल है तो उसे अनुचित नहीं कहा जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक कोविड-19 मामलों की संख्या कम है, तब तक सार्वजनिक क्षेत्रों में वैक्सीन नही लगाने वाले लोगों पर प्रतिबंध नही लगाया जाना चाहिए और अगर ऐसा कोई आदेश है तो वापस लिया जाए।

कोर्ट नहीं देगा दखल

सोमवार को जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि वैक्सीन को लेकर अदालत दखल देने को इच्छुक नहीं है। विशेषज्ञों की राय पर सरकार के नीतिगत फैसले में न्यायिक समीक्षा का दायरा सीमित है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार में लोगों के हित के लिए आम जन को जागरूक कर सकती है, बीमारी की रोकथाम के लिए प्रतिबंध लगा सकती है, लेकिन टीका लगवाने और किसी तरह का खास दवा लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकती है।

प्रतिकूल प्रभावों पर डेटा सार्वजनिक करे केंद्र सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को COVID-19 टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभावों पर डेटा सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया है। हालाँकि कोर्ट ने केंद्र की वैक्सीनेशन पॉलिसी को तर्क संगत बताया। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है टीका परीक्षण आँकड़ों को अलग करने के संबंध में, व्यक्तियों की गोपनीयता के अधीन किए गए सभी परीक्षण और बाद में आयोजित किए जाने वाले सभी परीक्षणों के आँकड़े अविलंब जनता को उपलब्ध कराए जाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को व्यक्तियों के निजी आँकड़ों से समझौता किए बिना सार्वजनिक रूप से सुलभ प्रणाली पर जनता और डॉक्टरों पर टीकों के प्रतिकूल प्रभावों के मामलों की रिपोर्ट प्रकाशित करने को भी कहा है।

वह वैक्सीन को लेकर प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्ट सार्वजनिक करें। इसके लिए आम लोगों और डॉक्टर से सार्वजनिक रूप से एक्सेस वाले सिस्टम के जरिए डाटा जुटाए जाएँ। साथ ही व्यक्ति के डाटा की भी सुरक्षा की जाए। अदालत ने जैकब पुलियेल द्वारा दायर की गई याचिका पर यह फैसला सुनाया है।

राज ठाकरे के अल्टीमेटम के बाद महाराष्ट्र में भी हटेंगे लाउडस्पीकर, मुंबई की शिवसेना मेयर बोलीं- अब कानून हाथ में मत लेना

महाराष्ट्र में राज ठाकरे द्वारा उद्धव सरकार को लाउडस्पीकर विवाद पर 3 मई तक का अल्टीमेटम दोबारा दिए जाने के बाद ऐलान हुआ है कि राज्य सरकार धार्मिक जगहों से लाउडस्पीकर को हटवा लेगी। लेकिन इसके बाद अगर राज ठाकरे ने कोई भी आपत्तिजनक बात कही तो फिर उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।

शिवसेना की महिला नेता व मुंबई मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा, “मुस्लिम समेत किसी ने कभी हनुमान चालीसा का विरोध नहीं किया। लाउडस्पीकर मंदिर और मस्जिद से हटा लिए जाएँगे। सबसे अपील है कि शांति बना कर रखें। कानून सबके लिए समान है। राज ठाकरे ने अगर अपने भाषणों में कुछ भी आपत्तिजनक किया तो उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी।”

किशोरी पेडनेकर ने मनसे कार्यकर्ताओं से कहा, “अगर मनसे कार्यकर्ताओं ने कानून अपने हाथ में लिया तो उनकी सारी जिंदगी कोर्ट के चक्कर काटने में जाएगी। राज ठाकरे के कारण मंदिरों से भी लाउडस्पीकर हटाए जा रहे हैं। गाँव के कई लोग मंदिरों से दूर होते हैं इसलिए वहाँ लाउडस्पीकर लगते थे मगर अब उन्हें भी हटाएँगे। राज ठाकरे की यह हरकत हिंदू विरोधी है। लाउडस्पीकर का प्रयोग ध्वनि प्रदूषण नियम के मुताबिक किया जाएगा”

राज ठाकरे ने दिया था अल्टीमेटम

गौरतलब है कि इससे पहले राज ठाकरे ने एक बार फिर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवाने के लिए उद्धव सरकार को अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था, “ईद 3 मई की है। मैं किसी का त्योहार नहीं खराब करना चाहता हूँ। लेकिन हम ये सब बातें 4 मई के बाद नहीं सुनेंगे। अगर हमारी माँग नहीं पूरी होती तो हम हनुमान चालीसा बजाएँगे वो भी दुगनी क्षमता के साथ। अगर आपको हमारे अनुरोध करने का ढंग नहीं पसंद आ रहा है तो हम आपसे अपने ढंग से निपटेंगे। मैं 4 मई के बाद चुप नहीं बैठूँगा। अगर लाउडस्पीकर नहीं हटा न, तब मैं तुमको महाराष्ट्र की ताकत दिखाऊँगा।”

राज ठाकरे ने औरंगाबाद में रैली के दौरान उद्धव सरकार को चेतावनी दी थी, “अगर तुम माँग को नहीं सुनते तो हम जिम्मेदार नहीं होंगे उन चीजों के लिए जो महाराष्ट्र में होंगी। मैं दोहराता हूँ ये मजहबी नहीं सामाजिक मुद्दा है। लेकिन तुम इसे मजहबी बना रहे हो। हम इसी भाषा में जवाब देंगे।”

‘SHO ने रेप पीड़िता से 15-20 बार किया बलात्कार’: राजस्थान में 4 पुलिस वाले निलंबित, FIR में भी हेरफेर

राजस्थान के नागौर जिले में पुलिस की कार्यशैली से महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ एक महिला द्वारा पुलिसकर्मी के विरुद्ध दर्ज करवाई गई FIR में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एक SHO और 2 सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। SHO पर ऒंन ड्यूटी शराब के नशे में भी रहने का आरोप है। यह कार्रवाई 1 मई, 2022 (रविवार) को की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नागौर के SP राममूर्ति जोशी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया, “28 अप्रैल, 2022 को अजमेर रेंज पुलिस ऑफिस में हाजिर हो कर खुनखुना थानाक्षेत्र की एक विवाहिता महिला ने अपने साथ रेप की शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत पर 30 अप्रैल, 2022 को खुनखुना थाने में केस भी दर्ज हो गया। इस दौरान पाया गया कि अजमेर ऑफिस में दिए गए लिखित बयान का उल्लेख खुनखुना थाने में दर्ज FIR में था ही नहीं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए SHO धर्मपाल मीणा के साथ और उसी थाने के HM क्राईम बंशी लाल, हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश और कम्प्यूटर ऑपरेटर सुरेश को सस्पेंड कर दिया गया है।”

रिपोर्ट के मुताबिक महिला द्वारा अगस्त 2021 में ही खुनखुना थाने के पूर्व SHO रह चुके सब इंस्पेक्टर शंभूदयाल मीणा के खिलाफ शिकायत दी गई थी। तब शिकायत में कहा गया था, “साल 2018 में जब मैं थाने पर एक शिकायत करने गई थी तब तत्कालीन SHO शंभूदयाल मीणा ने मेरा नंबर ले लिया था। बाद में सब इंस्पेक्टर शंभू दयाल ने मुझ से लगातार बातें की और एक दिन डीडवाना के एक होटल में बुला कर मेरा रेप किया। फिर मेरे मना करने के बाद भी SHO मीणा ने मुझ से 15-20 बार अलग-अलग समय पर रेप किया।” इस केस में बाद में आरोप लगानी वाले महिला और सब इंस्पेक्टर शंभूदयाल मीणा का समझौता हो गया था। यह समझौता टूटने के बाद महिला फिर से शिकायत करने थाने पहुँची थी।

इस शिकायत के बाद आरोपित पुलिसकर्मी का ट्रांसफर कोटा रेंज कर दिया गया था। डिप्टी SP गोगाराम ने बताया कि बाद में दरोगा शंभू ने बाद में महिला के साथ राजीनामा कर लिया था। कुछ समय बाद राजीनामे से मुकरने के बाद महिला फिर से शंभूदयाल पर केस दर्ज करवाने थाने पहुँची थी।

नशे में धुत मिले थे SHO

अधिकारियों को थाना प्रभारी खुनखुना के अक्सर नशे में होने की शिकायत की थी। इसी शिकायत के चलते एडिशनल SP डीडवाना विमन सिंह नेहरा ने डीडवाना DSP गोगाराम को जाँच करने के निर्देश दिए थे। शनिवार (30 अप्रैल, 2022) को देर रात SHO धर्मपाल मीणा नाकाबंदी पर मौजूद थे। इसी दौरान जब DSP गोगाराम जाँच करने पहुँचे तब SHO उन्हे नशे में मिले। धर्मपाल मीणा का मेडिकल करवाया गया जिसमें उनके नशे में होने की पुष्टि हुई थी।

AAP के पूर्व नेता ने गुजरात प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया समेत 5 अन्य नेताओं के खिलाफ दायर किया मानहानि का मुकदमा, लगाया ये आरोप

गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले ही आम आदमी पार्टी में खींचतान शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी के पूर्व पोरबंदर जिला प्रमुख केयूर जोशी ने कथित तौर पर आप के राज्य पार्टी प्रमुख गोपाल इटालिया और पार्टी के चार अन्य नेताओं को मानहानि का नोटिस भेजा है।

पोरबंदर कोर्ट में गोपाल इटालिया समेत आप के पाँच नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया है। जोशी ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिना किसी नोटिस और पूर्व सूचना के पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें निष्कासित करने के बाद उनका एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया था जिसके कारण अब उन्होंने मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

3 सितंबर 2021 को, पार्टी ने एक प्रेस नोट जारी किया था जिसमें कहा गया था कि कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर आम आदमी पार्टी से 16 AAP नेताओं को निष्कासित किया जा रहा था।

ऑपइंडिया से बात करते हुए, जोशी ने बताया कि वह 2014 में आप में शामिल हुए थे। पिछले साल, आप के 16 नेताओं को बिना किसी पूर्व सूचना के पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उन्हें केवल एक व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से सूचित किया गया था कि वे अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। जब उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाया, तो पार्टी ने एक प्रेस नोट जारी किया और निष्कासित नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप लगाया। हालाँकि, जोशी ने कहा कि वो कभी भी इस तरह की पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त नहीं रहे हैं।

फरवरी 2021 में, पार्टी द्वारा बेवजह बाहर किए जाने से कुछ महीने पहले, जोशी ने AAP के टिकट पर पोरबंदर का स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा था।

जोशी ने ऑपइंडिया को आगे बताया कि उनका अपमान किया गया था और एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे, जिसके कारण वे बेहद अपमानित महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों ने उनकी राजनीतिक संभावनाओं को नुकसान पहुँचाया है और उन्हें अत्यधिक मानसिक पीड़ा भी दी है।

आगे जोशी ने बताया कि वह गोपाल इटालिया से भी संपर्क कर चुके हैं लेकिन निष्कासन पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी AAP ने अन्य पार्टी नेताओं को व्हाट्सएप मैसेज के जरिए निष्कासित कर दिया था।

जोशी, जो खुद एक वकील हैं, ने कहा कि इन सभी चीजों ने उन्हें बहुत दर्द और अपमान दिया है और पार्टी द्वारा ठीक से जवाब न दिए जाने के कारण उन्होंने मानहानि का मुकदमा दायर किया है। आप के गुजरात अध्यक्ष गोपाल इटालिया के साथ-साथ जयदीप पांड्या, तुलीबेन बनर्जी और निमिषा खुंट और गुलाब सिंह यादव के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए केयूर जोशी ने कहा कि वह इसमें न्याय चाहते हैं और इस मामले में किसी भी कीमत पर इसे पाने की कसम खाई है।

नोट: यह लेख मूल रूप से गुजराती में प्रकाशित हुई है। आप इसे गुजराती में यहाँ पढ़ सकते हैं।

प्रशांत किशोर का ‘जन सुराज’, बिहार से करेंगे शुरुआत: एक दशक के उतार-चढ़ाव के बाद पलटेंगे ‘नया पन्ना’, ठुकरा दिया था कॉन्ग्रेस का ऑफर

कॉन्ग्रेस के साथ चर्चा असफल होने के बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने नई सियासी पारी के संकेत दिए हैं। सोमवार (2 मई, 2022) को उन्होंने ट्वीट के जरिए अपने एक दशक के अनुभव का जिक्र किया और बिहार से नई ‘शुरुआत’ करने की बात कही है। अप्रैल में कॉन्ग्रेस में शामिल होने को लेकर चली लंबी बैठकों के बाद किशोर ने जानकारी दी थी कि उन्होंने पार्टी की पेशकश को ठुकरा दिया है।

प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर अपने नए अभियान का ऐलान किया। उन्होंने लिखा, “लोकतंत्र का एक सार्थक भागीदार बनने और जन-समर्थक नीतियों को आकार देने में मदद करने की मेरी खोज ने बीते 10 सालों में उतार-चढ़ाव देखे हैं। अब मैं नया पन्ना पलटने जा रहा हूँ। अब मुद्दों और जन सुराज के मार्ग को बेहतर ढंग से समझने के लिए ‘रियल मास्टर्स’ यानी जनता के पास जाने का समय आ गया है, शुरुआत बिहार से होगी।”

खास बात है कि किशोर की तरफ से यह घोषणा कॉन्ग्रेस का ऑफर मना करने के एक हफ्ते बाद आई है। अटकलें लगाई जा रही थी कि इस बार कॉन्ग्रेस और किशोर साथ आने में सफल हो जाएँगे, लेकिन नतीजा विपरीत निकला। वहीं, बिहार की राजनीति का अखाड़ा भी उनके लिए नया नहीं है। वह बिहार के ही रहने वाले हैं और इससे पहले भी वह राज्य में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल-यूनाइटेड के लिए 2015 विधानसभा चुनाव में रणनीति बना चुके हैं। बाद में उन्होंने जदयू ज्वाइन किया था। जेडीयू में शामिल होने के एक महीने के भीतर ही प्रशांत किशोर को पार्टी का उपाध्यक्ष बना दिया गया था। हालाँकि कुछ ही महीनों बाद उन्होंने पार्टी से किनारा कर लिया।

उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर ने बंगाल चुनाव के बाद अपनी भूमिका बदलने और एक साल में स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। पिछले साल पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस के रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने चुनावी कामकाज से संन्यास लेने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि वो अपनी कंपनी I-PAC को छोड़ कर दूसरे करियर को आगे बढ़ाने वाले हैं। किशोर ने कहा था कि वह अपने लिए कुछ समय निकालना चाहते हैं और एक वैकल्पिक करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं। हालाँकि अब उन्होंने नई शुरुआत की बात की है, लेकिन नई पार्टी कब तक लॉन्च होगी, अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। इसको लेकर फिलहाल बाकी चीजें भी स्पष्ट नहीं है।

लॉकडाउन में असुरक्षित सेक्स से 85000 को हुआ HIV, 10000 संक्रमित सिर्फ महाराष्ट्र में: RTI से खुलासा

देश में साल 2020-21 में कोरोना (Corona virus) की महामारी के चलते लॉकडाउन लग गया था। जब पूरा देश अपने घरों में बंद था, उस दौरान देश भर में 85 हज़ार से ज़्यादा लोग एचआईवी (HIV) से संक्रमित हुए। एक आरटीआई के मुताबिक, ये लोग असुरक्षित सेक्स की वजह से इस गंभीर बीमारी की चपेट में आए।

RTI के जरिए सामने आई जानकारी से पता लगा है कि इसमें सबसे ज़्यादा लोग महाराष्ट्र के हैं। वहाँ कुल 10,498 लोग संक्रमित हुए हैं। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में 9521 और कर्नाटक में 8947 संक्रमित पाए गए। बड़ी जनसंख्या वाले राज्यों में से पश्चिम बंगाल में सबसे कम 2,757 और मध्य प्रदेश में 3037 लोग एचआईवी पॉजिटिव (HIV Positive) पाए गए।

एक साल में 85 हजार HIV पॉजिटिव

मध्य प्रदेश के नीमच के रहने वाले RTI कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ की याचिका पर जवाब देते हुए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) ने बताया कि 2020-21 के दौरान असुरक्षित सेक्स की वजह से कुल 85,268 लोग HIV से संक्रमित हुए। NACO ने अपने जवाब में बताया कि संगठन ने यह जानकारी खुद एचआईवी पॉजिटिव लोगों की ओर से दिए गए जवाबों के आधार पर जुटाई है।

NACO के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह संख्या बढ़ भी सकती है यदि लॉकडाउन के दौरान संक्रमित हुए लोग खुद टेस्टिंग सेंटर पर जाकर इसकी रिपोर्टिंग करें। इसके अलावा, लॉकडाउन अवधि के दौरान 36 राज्यों में ‘माँ से बच्चे’ में संक्रमण के 300 मामले भी सामने आए हैं। RTI के जवाब में कहा गया, “300 मामलों में, महाराष्ट्र और कर्नाटक फिर से 31 ऐसे मामलों के साथ टॉप पर हैं। इसके बाद ओडिशा में 24 मामले, राजस्थान में 22 मामले, उत्तर प्रदेश में 21 मामले, मध्य प्रदेश में 20 मामले, गुजरात और तेलंगाना में 18-18 मामले, पश्चिम बंगाल में 13, बिहार में 10 और आंध्र प्रदेश में 15 मामले सामने आए हैं।

घट रही है HIV संक्रमितों की संख्या

आँकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में असुरक्षित सेक्स की वजह से एचआईवी संक्रमण फैलने के मामलों में कमी आई है। 2011-12 में यह संख्या 2.4 लाख थी, वहीं यह संख्या 2019-20 में घटकर 1.44 लाख रह गई। 2020-21 में संक्रमितों की संख्या और घटी और कुल 85,268 लोग HIV से संक्रमित हुए।

माथ पर त्रिपुंड, गले में रुद्राक्ष और बाजू में राम: जानें कौन हैं WWE के वीर महान

WWE की दुनिया में ‘द ग्रेट खली’ से पहले शायद ही कोई भारतीय रेसलर हो जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतना नाम मिला हो जितना द खली को मिला। उनके बाद लंबे समय तक किसी इंडियन रेसलर का नाम सुर्खियों का हिस्सा नहीं बना। मगर एक बार फिर WWE की रिंग में एक और भारतीय रेसलर ने अपना कमाल दिखाना शुरू कर दिया है। इस रेसलर का नाम वीर महान है।

WWE की रिंग में वीर महान अपने खुले बाल और माथे पर टीका लगाकर उतरते हैं और तब तक अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हैं जब तक कि अपने प्रतिद्वंदी को रिंग से उठा कर बाहर न फेंक दें। हाल में उनका मुकाबला सैम स्मोदर्स के खिलाफ था जिसे उन्होंने रिंग में टिकने ही नहीं दिया। पहले उन्होंने सैम को चित किया, फिर उसे रिंग से बाहर भी जमकर पीटा और पूरी फाइट अपने नाम कर ली।

वीर महान का स्टाइल, उनका लुक WWE ही नहीं, हर जगह चर्चा का विषय है। लोग जानने के इच्छुक हैं कि खली के बाद वो कौन भारतीय रेसलर जिससे बड़े-बड़े विदेशी पहलवान खौफ खाते हैं और उनके विदेशी फैन भी उन्हें देखकर भारतीय लुक फॉलो करते दिखते हैं।

कौन हैं वीर महान?

दरअसल, वीर महान उत्तरप्रदेश के गोपीगंज निवासी हैं। उनका असली नाम रिंकू सिंह राजपूत है। 8 मई 1988 को उनका जन्म एक ट्रक चालक के घर में हुआ जिनके 9 बच्चे हैं। रिंकू को बचपन से पहलवानी का शौक था। मगर स्कूल के दिनों में रिंकू सिंह ने भाला फेंकने में महाराथ हासिल कर ली। उन्हें भाला फेंक में जूनियर नेशनल में पदक मिला।

इसके बाद गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज गए। 2008 में उन्होंने द मिलियन डॉलर आर्म नाम के भारतीय रिएलिटी टीवी शो में हिस्सा लिया जिसमें बेसबॉल फेंकने वाले खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। रिंकू ने इससे पहले बेसबॉल भले ही नहीं खेला था मगर उनके भाला फेंकने के अनुभव ने उन्हें यहाँ भी चैंपियन बना दिया और वो शो जीतकर ही बाहर निकले। उनके टैलेंट के ऊपर एक फिल्म भी बनी। शो में उन्होंने 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बेस बॉल फेंकी थी।

इस शो के बाद रिंकू पेशेवर ढंग से बेसबॉल खेलने लगे। उन्होंने अमेरिका जाकर पीटरबर्ग पाइरेट्स की ओर से खेलना शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी बेसबॉल फेंकने की रफ्तार बढ़ने लगी। 2009 से 2016 तक दुनियाभर में कई लीग में हिस्सा लिया और इस खेल में नाम कमाया। 2018 में रिंकू का इस खेल से मन भरा तो वह रेसलिंग की ओर बढ़े और इसी साल से उन्होंने WWE के साथ जुड़कर अपने रेसलिंग करियर की नींव रखीं। उनके साथ सौरव गुर्जर नाम का एक और रेसलर आया। दोनों ने टीम बनाई- ‘द इंडस शेर’ और WWE NXT में हिस्सा लिया। इसके बाद जिंदर महाल नाम का रेसलर इनके साथ जुड़ा, तब रिंकू ने अपना नाम वीर रखा। 

वीर की इस टीम ने रेसलिंग की दुनिया में 12 मुकाबले जीत सबको चौंका दिया और 2021 में वो समय भी आया जब वीर अपनी टीम से अलग हो गए। उन्होंने स्वतंत्र रूप से रेसलिंग करते हुए खुद को वीर महान बनाया। WWE में आज उनके नाम की खासी चर्चा होती है। अन्य खिलाड़ियों की तुलना में उनका भारी भरकम शरीर उनकी और मजबूत छवि पेश करता है। उनकी हाइट सामान्य रेसलर्स से ज्यादा यानी कि 6 फुट 4 इंच है और उनका वजन 125 किलो है। लुक की बात करें तो रिंग में आने से पहले उनके माथे पर त्रिपुंड का निशान, गले में रुद्राक्ष और बाजू में राम लिखा दिखता है। कई बार वह भगवा तो कभी  काले रंग में दिखते हैं।

नमाज पढ़कर घूस लेने आया नगरपालिका का इंजीनियर सगीर अहमद, रंगे हाथों पकड़ा गया: शिकायकर्ता ने बताया- अकाउंट विभाग से उठवा ली थी उसकी फाइल

मध्य प्रदेश के जिला बुरहानपुर में नगरपालिका का एक इंजीनियर 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। आरोपित इंजीनियर का नाम सगीर अहमद है। ऑफिस का चतुर्थवर्गीय कर्मचारी भी उसके साथ गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार (29 अप्रैल 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायतकर्ता जब रिश्वत की रकम लेकर आरोपित इंजीनियर के पास गया तब सगीर अहमद ने उसे इंतज़ार करने को कहा। सगीर ने बताया कि वो नमाज पढ़ने जा रहा है जहाँ से 1 घंटे बाद वो लौट कर आएगा। जैसे ही नमाज से लौट कर उसने रिश्वत ली और उसी समय पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उसको गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता का नाम सार्थक सोमानी है। उन्होंने बुरहानपुर शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के लिए जागरुकता वॉल पेंटिंग की थी।

सार्थक ने यह काम 28 फरवरी 2022 को ही पूरा कर लिया था। इसका कुल बिल लगभग 21 लाख रुपए था जिसको पास करने के लिए सगीर रिश्वत माँग रहा था। रिश्वत न मिलने के चलते बिल का भुगतान 2 महीने लटका कर भी रखा गया। आख़िरकार सोमानी से सगीर की डेढ़ लाख रुपए में डील हुई। सार्थक सोमानी ने बताया, “अपना पैसा पाने के लिए मैंने बहुत चप्पल घिसी और हाथ जोड़े। मेरी फाइल अकाउंट विभाग में भुगतान के लिए चली गई थी, लेकिन ये (सगीर अहमद) उसे वहाँ से भी उठा लाए। इन्हे पहले भी मैंने अच्छा-खासा पैसा दिया था, फिर भी ये डेढ़ लाख की डिमांड और करते रहे।”

इस बीच सार्थक सोमानी ने रिश्वत माँगे जाने की शिकायत इंदौर लोकायुक्त से कर दी। इसके बाद इंजीनियर की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई थी। रिश्वत लेने के लिए सगीर ने सोमानी को नगर निगम के ऑफिस में ही बुलाया था। प्लानिंग के तहत सगीर को 50 हजार रुपए कैश और बचे पैसे 1 लाख रुपए का चेक भरकर दिए । रिश्वत का पैसा चपरासी अजय मोरे ने लिया और इंजीनियर सगीर उसके साथ था। लोकायुक्त की टीम ने इंजीनियर सगीर और चपरासी दोनों पर एंटी करप्शन अधिनियम और 120-B (साजिश रचना) के तहत केस दर्ज कर लिया है।