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‘मेरा देश…’ कह कर इरफान पठान ने कसा था भारत पर तंज… अमित मिश्रा ने ‘पहली किताब’ से दिया मुँहतोड़ जवाब

रामनवमी, हनुमान जयंती जैसे कई हालिया त्योहारों पर पत्थरबाजी और जहाँगीरपुरी सहित कई इलाकों में हिंसा और बुलडोजर एक्शन के बीच आज भारतीय क्रिकेटर इरफ़ान पठान भारत पर तंज कसते हुए एक ट्वीट किया जिसके बाद रिएक्शन और मीम की बाढ़ आ गई है। वहीं क्रिकेटर अमित मिश्रा ने इरफ़ान पठान को मुँहतोड़ जवाब दिया है।

इरफ़ान पठान ने अपने ट्वीट में लिखा, “मेरा देश, मेरा खूबसूरत देश, पृथ्वी पर सबसे महान देश बनने की क्षमता रखता है। लेकिन…”

इरफ़ान पठान के ट्वीट के जवाब में सैयद नामक एक यूज़र ने जहाँगीरपुरी में मस्जिद के गेट पर बुलडोजर चलने की वीडियो शेयर कर लिखा, “इससे पहले की वो हमें बर्बाद कर दें, आपको बोलना चाहिए।”

इसके बाद तो लोगों ने मीम और रिएक्शन की बाढ़ ला दी।

वहीं बोंग टाइम्स नाम के दूसरे यूज़र ने लिखा, “लेकिन एक मजहब सभी समस्याओं की जड़ है।”

वहीं एक और यूजर ने ट्वीट में बस इतना ही लिखा, “लेकिन…” साथ ही रोहिंग्या समस्या पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो मोदी की मौत की प्रार्थना कर रहे हैं।

द कश्मीरी गाय नामक एक यूजर ने हालिया दंगों और हिंसा की कई तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “लेकिन हमारे देश में आप जैसे लोग हैं।”

वहीं क्रिकेटर अमित मिश्रा ने इरफ़ान पठान को मुँहतोड़ जवाब देते हुए ट्वीट किया, “मेरा देश, मेरा खूबसूरत देश, पृथ्वी पर सबसे बड़ा देश बनने की क्षमता रखता है… तभी जब कुछ लोगों को यह एहसास होगा कि हमारा संविधान पालन की जाने वाली पहली किताब है।”

जिसे लोगों द्वारा सराहा जा रहा है। वहीं इरफ़ान पठान को तगड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है।

चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव को झारखंड हाईकोर्ट ने दी जमानत: आधी सजा पूरी होने और 17 बीमारियों का दिया था हवाला

चारा घोटाले (Fodder Scam) के दौरान डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (RJD Chief Lalu Prasad Yadav) को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने लालू यादव को 10 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। लालू की तरफ से डोरंडा कोषागार में सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी।

लालू ने दिया था 17 बीमारियों का हवाला

हाईकोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट में लालू प्रसाद यादव ने जमानत के लिए दलीलें प्रस्तुत की थीं। अपनी बढ़ती उम्र और 17 प्रकार की बीमारी के अलावा आधी सजा जेल में काटने का हवाला देते हुए लालू ने जमानत माँगी थी। वहीं, सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में लालू की आधी सजा अभी पूरी नहीं हुई है तो ऐसे में उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए।

लालू यादव को जमानत मिलने के बाद उनके वकील ने कहा, “उन्हें आधी सजा पूरी करने और स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दी है। उन्हें जल्द ही रिहा किया जाएगा। उन्हें एक लाख रुपए की जमानत राशि और 10 लाख रुपए जुर्माने के तौर पर जमा करने होंगे।”

क्या है डोरंडा कोषागार निकासी मामला

डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी की पूरी कहानी दिलचस्प है। यह तो सभी को पता है कि इस घोटाले में लाखों टन भूसा, पुआल, पीली मकई, बादाम खली, नमक आदि स्कूटर, बाइक और मोपेड पर ढोए गए थे। लेकिन, दिलचस्प यह है कि हरियाणा से बढ़िया नस्ल के साँड़, बछिया और हाईब्रिड भैंस भी स्कूटर से ही झारखंड लाए गए थे, ताकि यहाँ अच्छी नस्ल की गाय और भैंसों तैयार किए जा सकें। यह कांड वर्ष 1990 से 1992 के बीच का है।

चारा घोटाले के रिकॉर्ड के अनुसार 2,35,250 रुपए में 50 साँड़ और 14,04,825 रुपए में 163 साँड़ और 65 बछिया खरीदे गए। इनकी आपूर्ति दिल्ली की कंपनी हिंदुस्तान लाइव स्टॉक एजेंसी ने किया था। इसी तरह से बछिया और हाईब्रिड भैंसों की कीमत 84 लाख 93 हजार 900 रुपए थी। भेड़ और बकरा 27 लाख 48 हजार रुपए के खरीदे गए थे।

यह मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपए की निकासी का है। डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपए की निकासी की गई थी। करीब 27 साल बाद कोर्ट ने इसी साल 21 फरवरी को इस घोटाले पर फैसला सुनाया था, जिसमें लालू यादव को दोषी पाया गया था। इस मामले में लालू यादव को पाँच साल की जेल एवं 60 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। सज़ा सुनते ही लालू का ब्लड प्रेशर और शुगर दोनों बढ़ गया था।

CBI ने 1996 में अलग-अलग कोषागारों से गलत ढंग से अलग-अलग राशियों की निकासी को लेकर 53 मुकदमे दर्ज किए थे। ये रुपयों को संदिग्‍ध रूप से पशुओं और उनके चारे पर खर्च होना बताया गया था। 53 मामलों में से डोरंडा कोषागार का मामला सबसे बड़ा था, जिसमें सर्वाधिक 170 आरोपित शामिल हैं। इसमें से 55 आरोपितों की मौत हो चुकी है।

दूसरे मामलों में भी हो चुकी है लालू यादव को सजा

चारा घोटाले से जुड़े 4 मामलों में लालू यादव को पहले सजा मिल चुकी है। चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ रुपए के अवैध निकासी में लालू जमानत पर हैं। इसमें उन्हें 5 साल की सज़ा हुई थी। देवघर कोषागार से 79 लाख रुपए के अवैध निकासी के घोटाले के दूसरे मामले में भी वे जमानत पर हैं। इस मामले में उन्हें साढ़े 3 साल की सज़ा सुनाई गई थी।

लालू यादव को 33.13 करोड़ रुपए के चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के तीसरे मामले में भी जमानत मिली थी। इस मामले में उन्हें 5 साल की सज़ा हुई थी। दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के चौथे मामले में उन्हें दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सज़ा सुनाई गई थी, लेकिन उसमें भी वे जमानत पर हैं।

राजस्थान की कॉन्ग्रेसी सरकार ने ढाहा 300 साल पुराना हिंदू मंदिर, शिवलिंग को ड्रिल मशीन से उखाड़ा: 100+ परिवार बेघर

राजस्थान के अलवर जिले (Alwar in Rajasthan) के राजगढ़ में वर्षों पुराने हिंदू मंदिर को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया है। स्थानीय लोग इससे बेहद आहत हैं। अशोक गहलोत सरकार के इस फैसले की वहाँ की जनता आलोचना कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 300 साल पुराने मंदिर को जमींदोज करने के लिए जेसीबी मशीन लाई गई थी। इंडिया टीवी के मुताबिक, मंदिर के अंदर रखे शिवलिंग को भी ड्रिल मशीन का उपयोग करके उखाड़ दिया गया।

स्थानीय विधायक जौहरी लाल मीणा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कॉन्ग्रेस नगरपालिका विध्वंस अभियान को रोक सकती थी। उन्होंने कहा कि अगर 34 पार्षदों को उनके पास लाया जाता, तो वह विध्वंस अभियान को रोक सकते थे।

भारतीय जनता पार्टी राज्य में गहलोत सरकार पर 300 साल पुराने शिव मंदिर को तोड़ने और हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँचाने का दोषी ठहरा रही है। भाजपा ने एक ट्वीट में कहा है कि जहाँगीरपुरी का बदला लेने के लिए अलवर के राजगढ़ में गहलोत सरकार ने शिव मंदिर ध्वस्त कर दिया।

राजस्थान भाजपा ने ट्वीट कर दी जानकारी

हिंदू मंदिर के अलावे राजगढ़ के अधिकारियों ने मास्टरप्लान का हवाला देते हुए ‘सड़क चौड़ीकरण’ अभियान में 85 से अधिक हिंदू परिवारों के घरों को ध्वस्त कर दिया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार राजगढ़ नगरीय मास्टरप्लान के नाम पर नगर पालिका प्रशासन और अफसरों ने 85 दुकान-मकानों के साथ सौ से ज्यादा परिवारों की जिंदगी भी ध्वस्त कर दी। ये परिवार भूखे मरने के हालात में आ गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, नगर पालिका ईओ और एसडीएम का तर्क था कि मौके पर 60 फीट ही रोड है। जहाँ कम है, वहाँ मास्टरप्लान जितना चौड़ा करने को निर्माण तोड़े गए। नगर पालिका का यह तर्क हालाँकि दमदार नहीं है क्योंकि उसने खुद जो गौरव पथ बनाया है, उसमें भी औसत चौड़ाई 45 फीट नहीं है।

जिन स्थानीय लोगों के घरों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया है, उन सभी के पास उनकी संपत्तियों के वैध दस्तावेज थे। इसके बावजूद नगर पालिका ने इनके मकानों को गिरा दिया है। पत्रिका की एक रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 17 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान में अब तक पुराने मंदिरों सहित 150 से अधिक घरों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया है।

PM मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री के मुलाकात के दौरान रक्षा, ऊर्जा, FTA में सहयोग सहित कई समझौते: जॉनसन बोले- ऐसा स्वागत पहले नहीं देखा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (British PM Boris Johnson) दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। शुक्रवार (22 अप्रैल 2022) को उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात के बाद कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इस दौरान जॉनसन ने कहा कि जितना मजबूत संबंध दोनों देशों के बीच अब है उतना मजबूत संबंध पहले नहीं रहा। वह भारत में हुए जोरदार स्वागत से बेहद खुश नजर आए और कहा इस तरह के भव्य स्वागत को उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। बोरिस जॉनसन को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने साझा बयान में कहा कि दोनों देशों ने यूक्रेन संकट में तुरंत युद्धविराम और समस्या के समाधान के लिए डायलॉग और डिप्लोमेसी पर बल दिया है। सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान के महत्व को भी दोहराया गया है।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत और ब्रिटेन के बीच जलवायु और ऊर्जा साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ करने का निर्णय लिया गया है। हम ब्रिटेन को भारत के राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं।”  

पत्रकारों से वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी हुई थी। इसके साथ ही रोडमैप-2030 को भी लॉन्च किया था। मुक्त व्यापार (FTA) को लेकर उन्होंने कहा कि इस विषय में दोनों देशों की टीम काम कर रही है और बातचीत में लगातार प्रगति हो रही है। इस साल के अंत तक FTA पर निर्णय ले लिया जाएगा।

पीएम मोदी ने कि प्रधानमंत्री के रूप में भले ही जॉनसन की पहली यात्रा है, लेकिन पुराने मित्र के रूप में वे भारत को अच्छे से समझते हैं। जब भारत अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, ऐसे में पीएम जॉनसन का आना ऐतिहासिक पल है।  

ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन और पीएम मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात में दोनों देशों के बीच व्यापार और रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग प्रमुख मुद्दा रहा।

इसके अलावा दोनों नेता यूके व भारत की रणनीतिक रक्षा, राजनयिक और आर्थिक साझेदारी पर चर्चा की। दोनों प्रधानमंत्री रोडमैप 2030 के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की और द्विपक्षीय संबंधों के पूर्ण स्पेक्ट्रम में सहयोग को और गहन करने के लिए अपना दृष्टिकोण निर्धारित करेंगे।

मोदी और जॉनसन के बीच वार्ता से दोनों देशों के बीच व्यापार को और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। बता दें कि जॉनसन की भारत यात्रा ऐसे समय में हुई है जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री को घरेलू समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर से ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच विदेश नीति, रूस-यूक्रेन युद्ध समेत दुनिया की समसामयिक घटनाओं पर चर्चा हुई।

पीएम मोदी से मीटिंग से पहले बोरिस जॉनसन ने अपने एजेंडे के बारे में बताया था। बोरिस जॉनसन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से लेकर ऊर्जा सुरक्षा से लेकर रक्षा तक हमारे लोकतंत्रों की साझेदारी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया निरंकुश राज्यों से बढ़ते खतरों का सामना कर रही है। उन्होंने गुरुवार (21 अप्रैल 2022) को कहा था कि भारत के साथ सिर्फ इंग्लैंड का रिश्ता व्यापार से नहीं जुड़ा है। दोनों के बीच आत्मिक संबंध रहा है।  

जॉनसन ने कहा था, “हम हमेशा कठिन मुद्दों को उठाते हैं। भारत 1.35 अरब लोगों का देश है और यह लोकतांत्रिक है, यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत ने समय समय पर अपनी प्रासंगिकता को साबित किया है। दोनों देश मिलकर आगे बढ़ सकते हैं। इंग्लैंड और भारत दोनों अपनी दक्षता को मिलकर जमीन पर उतार सकते हैं।”

बुर्का पहन पहुँची दो छात्राओं को नहीं मिली परीक्षा देने की अनुमति, कॉलेज ने घर भेजा: हिजाब पर कर्नाटक HC में डाली थी याचिका

कर्नाटक में हिजाब विवाद को लेकर कोर्ट में अर्जी देने वाली दो युवतियाँ जब बुर्का पहनकर परीक्षा देने पहुँची तो कॉलेज ने उन्हें एग्जाम देने की अनुमति नहीं दी, बल्कि उन्हें लौटा दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों छात्राओं ने कक्षाओं में बुर्का-हिजाब पहनने की अनुमति के लिए याचिका दायर की थी।

वहीं अदालत के फैसले के बाद भी अपनी जिद पर अड़ी आलिया असदी और रेशम नामक दोनों लड़कियों ने उडुपी के विद्योदय पीयू कॉलेज में परीक्षा देने के लिए अपना हॉल टिकट लिया और बुर्का पहनकर परीक्षा देने की जिद करने लगीं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने करीब 45 मिनट तक पर्यवेक्षकों और कॉलेज के प्रिंसिपल से बुर्का पहनकर परीक्षा देने की अनुमति माँगी, लेकिन अंतत: कर्नाटक सरकार के प्रतिबंध को बरकरार रखने वाले अदालत के आदेश के बाद ये कॉलेज ने परमीशन देने से इनकार कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हिजाब प्रतिबंध के खिलाफ कोर्ट गईं आलिया असदी ने आज एक बार फिर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने नए सिरे से अपील करते हुए कहा था कि हिजाब पहनने की अनुमति माँगी है। आलिया असादी ने अपने बयान में कहा कि हिजाब या हेडस्कार्फ पर प्रतिबंध से कई छात्राएँ प्रभावित होंगी, जो इस महीने के अंत में होने वाली प्री यूनिवर्सिटी परीक्षा में शामिल होना चाहती हैं।

बता दें कि आलिया असादी उन याचिकाकर्ताओं में से एक हैं, जो राज्य सरकार के हिजाब प्रतिबंध के खिलाफ कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहीं हिजाब प्रतिबंध को बरकरार रखने वाले कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के बाद अब फैसले का इंतज़ार कर रही हैं।

वहीं मौजूदा घटनाओं देखते हुए यह कहा जा सकता है कि कर्नाटक में हिजाब पर जारी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। स्कूली छात्राओं के हिजाब पहनने पर रोक लगने के बाद अब यूनिवर्सिटी में इस पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के शिक्षा विभाग ने दूसरे प्री-यूनिवर्सिटी एग्जाम में छात्राओं और इनविजिलेटर टीचर्स को हिजाब या बुर्का जैसी कोई भी मजहबी पहचान पहनने से मना किया है।

गौरतलब है कि कर्नाटक के प्राइमरी और सेकेंडरी एजुकेशन मंत्री बीसी नागेश ने बुधवार (20 अप्रैल, 2022) को बताया कि यह जरूरी है कि सभी छात्र अपनी-अपनी यूनिफॉर्म में आएँ। वहीं प्राइवेट कैंडिडेट और एग्जाम रिपीट करने वाले छात्रों को यूनिफॉर्म पहनने से छूट दी गई है, लेकिन यह जरूरी होगा कि वे ड्रेस कोड से संबंधित कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश और राज्य सरकार के नोटिफिकेशन का पालन करें।

बता दें कि कर्नाटक में 22 अप्रैल से 18 मई तक होने वाले इस एग्जाम में 6,84,255 छात्र शामिल होंगे। इसमें 6,00,519 रेगुलर कैंडिडेट हैं, 61808 रिपीटर्स हैं, जबकि 21,928 प्राइवेट कैंडिडेट हैं। छात्रों में 3,46,936 लड़के हैं, जबकि 3,37,319 लड़कियाँ हैं।

कबाड़ के पास वकील का बोर्ड, मस्जिद के सामने शराब की दुकान: जहाँगीरपुरी हिंसा ग्राउंड रिपोर्ट, वो सवाल जिनकी जाँच जरूरी

हनुमान जयंती पर दिल्ली के जहाँगीरपुरी में साम्प्रदायिक हिंसा हुई। इस हिंसा के बाद पुलिसकर्मियों के साथ शोभा यात्रा में शामिल कुछ लोग भी घायल हुए। एक पुलिस वाले को गोली भी लगी। ऑपइंडिया ने इस घटना की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। उस रिपोर्टिंग में कुछ बिंदु ऐसे भी थे, जिसकी गहनता से जाँच होने पर संभवतः कुछ नए खुलासे हों।

मस्जिद से सटी दुकान, वकील का बोर्ड और कबाड़ी

शोभायात्रा में शामिल लोगों ने जहाँगीरपुरी की जिस मस्जिद से पहला पत्थर फेंके जाने का आरोप लगाया है, उसी से दाईं तरफ एक दुकान दिखी। उस दुकान के आगे एक वकील का बोर्ड लगा दिखा। बोर्ड में लिखा था, “R.A. खान, एडवोकेट, दिल्ली हाईकोर्ट, पुलिस पोस्ट।” इसी बोर्ड में वकील का तीस हजारी कोर्ट में ठिकाना भी लिखा था।

वकील का बोर्ड और बगल में मस्जिद की दीवार

इस बोर्ड के पीछे बहुत पुराना कोई और बड़ा बोर्ड लगा दिखा पर उसे इस नए बोर्ड से ढका गया था। यहाँ पर कबाड़ की हालत में 3 बाइकें खड़ी दिखीं। उसमें से एक बाइक का नंबर भी हाथ से पेंट किया हुआ था। साथ ही एक अन्य बाइक जर्जर हालत में थी, जिसका नंबर आदि दिखाई नहीं दिया। वकील का बोर्ड और कबाड़ की बाइकों के जमावड़े का आपस में क्या रिश्ता है, संभवतः इसे पुलिस जाँच कर रही होगी। इन बाइकों का मालिक कौन है, इस विषय में भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई।

वकील के बोर्ड के नीचे खड़ी बाइकें

मस्जिद के सामने ठीक कबाड़ और बिखरी बोतलें

मस्जिद के ठीक सामने दूसरी पटरी पर कबाड़ का ढेर था। वहीं एक खाली मैदान जैसे स्थान पर कुछ लोग झुग्गी जैसा ठिकाना बना कर रह भी रहे थे। उनसे उनके मूल स्थान की जानकारी पूछी गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से मना कर दिया। वहीं सड़क के किनारे खुले में खाली बोतलें और बीयर के केन बिखरे पड़े दिखाई दिए। ध्यान रहे कि हनुमान जयंती पर हुई हिंसा में खाली बोतलों को भी हथियार के रूप में प्रयोग करने का आरोप लगा है।

मस्जिद के सामने दूसरी दिशा में सड़क पर बिखरे बोतल और केन

मस्जिद से कुछ ही कदमों की दूरी पर शराब की दुकान

जिस मस्जिद के आगे पूरे विवाद की शुरुआत हुई, उसी के दूसरी पटरी पर कुछ ही कदमों की दूरी पर एक बड़ी बीयर शॉप है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दिन भर यहाँ कई लोग शराब और बीयर की खरीदारी करने आते हैं। कुछ का दावा था कि कुछ लोग खाली बोतलें भी वहीं छोड़ कर जाते हैं। यहाँ से निकले खाली केन और बोतलों को स्थानीय कबाड़ी ही समेटते हैं। यद्दपि इस शराब की दुकान से पूरे मोहल्ले में किसी को आपत्ति जताते नहीं सुना गया।

मस्जिद के दूसरी दिशा में कुछ कदमों की दूरी पर शराब की दुकान

एक गेट पर बयानबाजी, दूसरे गेट पर फोटोग्राफी

ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्टिंग में यह भी दिखा कि मुख्य सड़क से रिहाइशी कॉलोनियों को जोड़ने वाले गेटों पर भीड़ घट-बढ़ रही थी। वह गेट बंद था। मौके पर पुलिस बल तैनात था। उस गेट पर कभी महिलाओं का पीछे से जमावड़ा दिखाई देता था। वो खुद को तमाम प्रतिबंधों में बताते हुए सरकार, पुलिस और हिन्दू संगठनों को कोसती हुई दिखाई दे रहीं थीं।

इन महिलाओं के साथ अक्सर छोटे-छोटे बच्चे भी दिखाई दे जाते थे। वहीं कुछ ही कदमों की दूरी पर मौजूद एक अन्य गेट पर भीड़ न के बराबर दिखी। वहाँ स्थानीय होने का दावा कर रहे एक व्यक्ति को गेट से बाहर निकल कर मीडिया वालों के आगे बयानबाजी करते भी देखा गया।

एक ही गेट पर दो अलग-अलग समय, अलग-अलग बातें

इसके अलावा स्थानीय लोगों को जहाँगीरपुरी में जिस बात से सबसे अधिक असंतोष था, वो लोकल पुलिस का व्यवहार था। कैमरे के आगे और कैमरे के पीछे कुछ लोगों ने स्थानीय SHO राजेश कुमार पर एक ही पक्ष की सुनवाई और दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाया।

अडानी समूह ने ₹1530 करोड़ में देश की सबसे बड़ी मरीन सर्विस प्रोवाइडर कंपनी OSL खरीदी: बनेगा विश्व का सबसे बड़ा मरीन ऑपरेटर?

‘अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड’ (APSEZ) ने अपनी सहायक कंपनी ‘द अडानी हार्बर सर्विसेज लिमिटेडट (TAHSL) के माध्यम से मरीन सर्विस उपलब्ध कराने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी ओशन स्पार्कल लिमिटेड (OSL) को 1,530 करोड़ रुपए में खरीद ली है। कंपनी ने OSL की 100% हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए एक समझौता किया है। कंपनी ने कहा कि इस निवेश से उसे मरीन सर्विस सेगमेंट (Marine Service Segment) अपनी गतिविधियाँ बढ़ाने में मदद मिलेगी। लेन-देन एक महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।

APSEZ OSL की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 1,135.30 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी। साथ ही सवि जाना (100 percent stake of Savi Jana) की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी के माध्यम से OSL की 24.31 प्रतिशत हिस्सेदारी के अप्रत्यक्ष अधिग्रहण के लिए 394.87 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी।

APSEZ के सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक करण अडानी ने कहा, “ओएसएल और अडानी हार्बर सर्विसेज के तालमेल को देखते हुए, कुल कारोबार अगले पाँच वर्षों में बेहतर मार्जिन के साथ दोगुना होने की संभावना है, जिससे APSEZ के शेयरधारकों के लिए फायदेमंद होगा।”

उन्होंने कहा, “यह अधिग्रहण न केवल APSEZ को भारत के समुद्री सेवा बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रदान करेगा है, बल्कि हमें अन्य देशों में अपनी उपस्थिति बनाने में हमें एक मंच भी प्रदान करता है। इससे यह APSEZ को 2030 तक विश्व स्तर पर सबसे बड़ा बंदरगाह ऑपरेटर बनने और भारत में Largest integrated transport utility की दिशा में सुविधा प्रदान करता है।”

बता दें कि OSL देश की सबसे बड़ी थर्ड पार्टी मरीन सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है। कंपनी टोवेज, पाइलटेज और ड्रेजिंग जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। इसकी स्थापना 1995 में समुद्री टेक्नोक्रेट्स के एक समूह द्वारा की गई थी। इसके अध्यक्ष और एमडी पी जयराज कुमार हैं, जो ओएसएल बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में बने रहेंगे। OSL के पास 94 जहाजों और 13 थर्ड पार्टी के स्वामित्व वाले जहाज हैं। कंपनी में 300 करोड़ की नकदी के साथ OSL का कारोबारी मूल्य 1,700 करोड़ रुपए है।

4 साल की बच्ची के बलात्कारी और हत्यारे फिरोज को फाँसी नहीं… जो वकील अब मना रहा खुशी, उसकी माँग थी – पंडित को हो फाँसी

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (19 अप्रैल 2022) को 4 साल की बच्ची के बलात्कारी और हत्यारे मोहम्मद फिरोज की फाँसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, “हर पापी का भी भविष्य है और इस मामले में न्याय यही है कि दोषी की फाँसी की सजा उम्रकैद में तब्दील कर दी जाए।”

न्यायाधीश यूयू ललित, एस रवींद्र भट और बेला एम त्रिवेदी की तीन सदस्यीय पीठ ने अपना फैसला सुनाते यह भी कहा, “अपराधी को सुनाई गई अधिकतम सजा उसके विकृत मानसिकता को दुरुस्त करने के लिए हमेशा निर्णायक कारक नहीं हो सकती।” 19 अप्रैल को दिए गए इस फैसले में पीठ ने यह भी कहा कि जेल से रिहा होने पर उसे सामाजिक रूप से उपयोगी व्यक्ति बनने के लिए अवसर दिया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से वकील नितिन मेश्राम (Nitin Meshram) बेहद खुश हैं। उन्होंने ट्वीट करके अपनी खुशी का इजहार किया है। वह लिखते हैं, “मुझे 2014 में इस मामले में फाँसी की सजा पर स्टे मिला था। खुशी है कि उसकी फाँसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया है। अपना जीवन जियो फिरोज।”

बलात्कारी और हत्यारे फिरोज को फाँसी की सजा नहीं दिए जाने से खुश वकील नितिन मेश्राम (Nitin Meshram) अपने पुराने ट्विट्स को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, यह वही वकील हैं, जिन्होंने कभी बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपित (दोषी साबित भी नहीं हुआ था) जाने पर एक पंडित को फाँसी की सजा देने की माँग की ​थी।

ट्विटर पर नितिन मेश्राम के पुराने ट्वीट शेयर किए जा रहे हैं। उन्होंने पिछले साल 3 अगस्त को ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपित पंडित अगर दोषी पाया जाए तो उस पंडित को फाँसी पर लटकाया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के वकील नितिन मेश्राम (Nitin Meshram) शायद अपना पिछला ट्वीट भूल गए होंगे। तभी 21 अप्रैल 2022 को वह ट्वीट करके सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं, जिसमें 4 साल की बच्ची के बलात्कारी और हत्यारे की फाँसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया जाता है। इतना ही नहीं, वो यह भी लिखते हैं कि फिरोज अपनी जिंदगी जियो।

सोशल मीडिया पर वकील नितिन मेश्राम के दोमुँहे रवैये के सामने आने पर यूजर्स उनसे सवाल कर रहे हैं कि अगर पंडित और फिरोज दोनों दोषी (हालाँकि पंडित तो वकील के ट्वीट करने समय आरोपित ही था, अपराध साबित नहीं हुआ था) हैं तो दोनों के लिए फाँसी की माँग क्यों नहीं?

मध्य प्रदेश HC से फिरोज को फाँसी

17 अप्रैल 2013 को मध्य प्रदेश के सेओनी जिले के एक गाँव में 35 साल के मोहम्मद फिरोज ने 4 साल की एक बच्ची से दुष्कर्म किया था। बच्ची के साथ इस घिनौनी हरकत को फिरोज ने घनसौर में अंजाम दिया था और बाद में उसे एक खेत में फेंक दिया था। बच्ची के माता-पिता ने उसे बेहोशी की हालत में पाया था और अगली सुबह उसे जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र मेडिकल कॉलेज ले गए। यहाँ से बच्ची को एयर एंबुलेंस के माध्यम से नागपुर ले जाया गया और रामदासपेठ इलाके के केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहाँ इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश के एक निजी पावर प्लांट में काम करने वाले फिरोज को पुलिस ने बिहार में भागलपुर जिले के हुसैनाबाद इलाके से गिरफ्तार किया गया था। 2014 में, मध्य प्रदेश के सिवनी कोर्ट में सत्र न्यायालय ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था। निचली अदालत ने इस मामले में सुनवाई के दौरान उसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत बच्ची की हत्या करने के लिए मृत्यु दंड और दुष्कर्म के लिए उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

फिरोज ने इसके बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। यहाँ उसकी याचिका को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद भी उसने हार नहीं मानी। अपराधी फिरोज ने सुप्रीम कोर्ट में मृत्यु दंड की सजा के खिलाफ अपील की थी। अदालत ने मामले में हाई कोर्ट और निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए उसके मृत्यु दंड को उम्र कैद में बदल दिया।

4 साल की बच्ची का रेप कर फेंका था फिरोज

बता दें कि घर लेने की तलाश में निकले मोहम्मद फिरोज खान और राकेश चौधरी एक दिन बच्ची की माँ के घर पहुँचे। उसके (माँ) इनकार करने पर राकेश चौधरी वहाँ से चला गया था, जबकि फिरोज खान ने मौके का फायदा उठा कर घर के आंगन में खेल रही 4 साल की बच्ची को अगवा कर लिया था।

इसके बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। अगले दिन, लड़की खेत में बेहोश पड़ी मिली। दोनों आरोपितों को बिहार के भागलपुर के हुसैनाबाद से गिरफ्तार किया गया था।

इन दोनों पर ट्रायल कोर्ट में मुकदमा चलाया गया था। राकेश चौधरी को पहले आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से उसे बरी कर दिया गया था। वहीं, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने फिरोज को फाँसी की सजा सुनाई थी।

सबसे तेज ₹250 करोड़ की कमाई, KGF 2 ने बनाया नया रिकॉर्ड: बाहुबली से लेकर सलमान-आमिर सबको पछाड़ा

साउथ सुपरस्टार यश की फिल्म ‘KGF 2’ ने अपने नाम एक और रिकॉर्ड बना लिया है। KGF 2 कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर सबसे तेजी से 250 करोड़ कमाने वाली हिंदी फिल्म बन गई है।

यश के फैंस के लिए ये न्यूज बहुत बड़ी है। फिल्म वीकडेज में भी अच्छी कमाई कर रही है। सातवें दिन फिल्म ने हिंदी वर्जन में 16.35 करोड़ रुपए कमाए हैं। जबकि कुल कमाई (हिंदी वर्जन) की बात करें तो अब तक फिल्म ने 255.05 करोड़ रुपए कमा लिए हैं।

KGF 2 का जलवा बरकरार

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने फिल्म की हिंदी वर्जन में कमाई के लेटेस्ट आँकड़े शेयर किए हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि KGF 2 के हिंदी वर्जन ने कैसे बॉलीवुड और साउथ मूवीज के रिकॉर्ड को तोड़ा है। रिलीज के 7वें दिन यानी बुधवार (20 अप्रैल 2022) को फिल्म ने 16.35 करोड़ का कारोबार किया।

एक हफ्ते में KGF 2 के हिंदी वर्जन की कमाई 255.05 करोड़ हो गई है। वाकई में यश की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जो जलवा बिखेरा है, वो अभी थमता हुआ तो बिल्कुल भी नहीं दिख रहा है।

इन फिल्मों को पछाड़ा

केजीएफ 2 हिंदी ने बाहुबली 2 और दंगल जैसी फिल्मों को 250 करोड़ कमाने के मामले में पीछे छोड़ दिया है। ‘टाइगर जिंदा है’, ‘संजू’ और ‘दंगल’ ने 10 दिन में 250 करोड़ रुपए कमाए थे, जबकि ‘बाहुबली 2’ ने 9 दिन में ये आँकड़ा पार किया था। अब केजीएफ 2 ने 7 दिन में ही ये कारनामा कर दिखाया है। बता दें कि केजीएफ 2 ने पहले ही दिन 134.50 करोड़ रुपए (कुल कमाई, सिर्फ हिंदी की नहीं) की जबरदस्त कमाई की थी। 

KGF 2 के बॉक्स ऑफिस पर बने दबदबे की वजह से थलपति विजय की फिल्म बीस्ट को काफी नुकसान हुआ है। क्योंकि ईस्ट और वेस्ट, नॉर्थ और साउथ… यश की फिल्म केजीएफ 2 का ही बोलबाला है। मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि यश की मूवी ने भारत में सभी वर्जन में 500 करोड़ का आँकड़ा पार कर लिया है।

KGF 2 को लेकर सोशल मीडिया पर आपको जबरदस्त ट्रेंड देखने को मिलेगा। फिल्म की रिलीज के बाद इसके सभी सितारे स्टार बन गए हैं। छोटा-बड़ा हर किरदार लोगों के दिल में बस गया है। केजीएफ 2 की सफलता ने यश को भी साउथ इंडिया का मोस्ट बैंकेबल एक्टर बना दिया है। लेकिन ये तो अभी शुरुआत है। केजीएफ 2 की कमाई का सिलसिला अभी रूका नहीं है। फिल्म का तीसरा पार्ट भी आना है। सरल शब्दों में कहें तो ये बस ट्रेलर है।

बता दें कि साल 2018 में केजीएफ: चैप्टर वन रिलीज हुई थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी, लेकिन कुछ समय के बाद फिल्म को तगड़ी पब्लिसिटी मिली थी। इसकी वजह से फिल्म के दूसरे पार्ट के लिए दर्शकों में तगड़ा एक्साइटमेंट देखने को मिला था। केजीएफ: चैप्टर 2 ने रिलीज के पहले ही दिन केजीएफ चैप्टर वन के लाइफटाइम कमाई को भी पछाड़ दिया है। केजीएफ वन का लाइफटाइम बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 44.09 करोड़ रुपए है। फिल्म के दूसरे पार्ट की रिलीज के साथ ही अब दर्शक केजीएफ: चैप्टर 3 का इंतजार कर रहे हैं।

कर्नाटक में मस्जिद के नीचे कलश, तोमर, स्तंभ… हिंदू मंदिर जैसा वास्तुशिल्प: जाँच शुरू, लोगों से शांति की अपील

कर्नाटक के मंगलुरु के बाहरी इलाके मलाली में एक पुरानी मस्जिद के नीचे हिंदू मंदिर जैसा वास्तुशिल्प डिजाइन पाया गया। गुरुवार (22 अप्रैल 2022) को जुमा मस्जिद में नवीनीकरण कार्य के दौरान यह मिला। बता दें कि मस्जिद की ओर से मरम्मत का काम किया जा रहा था।

मस्जिद के अंदर से मंदिर का डिजाइन निकलने के बाद अब लोगों का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना है कि इस स्थल पर एक हिंदू या जैन मंदिर मौजूद था, क्योंकि इसमें कलश, तोमर और स्तंभ दिखाई दे रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं ने जिला प्रशासन से दस्तावेजों के सत्यापन होने तक काम रोकने की अपील की है।

इस बीच, दक्षिण कन्नड़ कमिश्नरेट ने अगले आदेश तक संरचना की यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। प्रशासन भू-अभिलेखों की जाँच कर रहा है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। दक्षिण कन्नड़ उपायुक्त राजेंद्र केवी ने कहा:

“मुझे मामले की जानकारी क्षेत्र के अधिकारियों और पुलिस विभाग से मिली है। जिला प्रशासन पुराने भूमि अभिलेखों और स्वामित्व विवरण के संबंध में एंट्रीज को देख रहा है। हम बंदोबस्ती विभाग और वक्फ बोर्ड दोनों से रिपोर्ट लेंगे।”

अधिकारी ने कहा, “हम दावों की वैधता की जाँच करेंगे और बहुत जल्द उचित निर्णय लेंगे। तब तक, मैंने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है और लोगों से निष्कर्ष पर नहीं पहुँचने का अनुरोध किया है। मैं लोगों से कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने का अनुरोध कर रहा हूँ।”

गौरतलब है कि हाल ही में इतिहासकार और पुरातत्वविद (आर्कियोलॉजिस्ट) केके मोहम्मद ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया था कि दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर में स्थित कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद का निर्माण 27 हिन्दू-जैन मंदिरों को तोड़कर किया गया था। उन्होंने बताया कि मंदिरों को तोड़कर निकाले गए पत्थरों से ही कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद बनाई गई। उस जगह पर अरबी में पाए गए अभिलेखों में इस बात का उल्लेख भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि कुतुब मीनार के पास जिन मंदिरों के अवशेष मिले हैं, उनमें गणेश की एक नहीं कई मूर्तियाँ हैं। इससे सिद्ध होता है कि वहाँ गणेश मंदिर थे। उन्होंने बताया कि बताया कि ताजूर मासिर नामक किताब में भी इसका जिक्र है। बता दें कि दिल्ली की एक अदालत में क़ुतुब मीनार के भीतर मंदिर होने की बात कहते हुए वहाँ हिंदुओं को पूजा का अधिकार दिलाने हेतु याचिका भी दाखिल की जा चुकी है।