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‘खून बहा कर जंग लड़ना तबाही नहीं, तरक्की है’: रिलीज हो गया यश की ‘KGF 2’ का ट्रेलर, हिंदी भाषा में यहाँ देखें

कन्नड़ सुपरस्टार यश की फिल्म ‘KGF 2’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। फिल्म अप्रैल महीने में रिलीज के लिए तैयार है। हिंदी भाषा में फिल्म का ट्रेलर 2 मिनट 56 सेकंड का है। फिल्म के निर्देशक प्रशांत नील हैं। ट्रेलर की शुरुआत में ही सवाल पूछा जाता है कि ‘KGF में ‘गरुड़ा’ को मारने के बाद क्या हुआ? आप पढ़ेंगे?’ जवाब आता है कि ये खून से लिखी हुई कहानी है जो स्याही से नहीं बढ़ेगी, अगर आगे बढ़ाना है तो फिर से खून ही माँगेगी।

फिल्म में एक शक्तिशाली नेता के किरदार में दिख रहीं रवीना टंडन कहती हैं, ‘There Will be no more Tolerance (अब कोई सहिष्णुता नहीं होगी।)’ अगला डायलॉग उनका आता है, “मेरे पास भी हथियार है। घुस कर मारेंगे।” फिर एंट्री होती है इसके मुख्य विलेन ‘अधीरा’, यानी संजय दत्त की, जो कहते हैं, “तलवार चला कर, खून बहा कर जंग लड़ना तबाही नहीं, तरक्की होती है। उसमें लाशें भी बेकार नहीं जातीं। गिद्धों से पूछ ले।”

फिर यश को ‘रॉकिंग स्टार’ बताते हुए सामने लाया जाता है, जो कहते हैं कि हिंसा उन्हें पसंद नहीं है और वो इसे नज़रअंदाज़ करते हैं, लेकिन हिंसा को वो पसंद हैं। इसके बाद कुछ एक्शन दृश्य दिखाए गए हैं। एक और डायलॉग है, “मेरी दोस्ती लायक कोई याद नहीं, मेरी दुश्मनी झेल सके ऐसी कोई तलवार नहीं।” फिर वो बिजनेस करने की बात करते हैं और कहते हैं कि ऑफर जल्द ख़त्म हो रहा है। ‘रॉकी’ और उसकी माँ के बचपन का एक दृश्य भी दिखाया गया है।

बता दें कि करियर की शुरुआत यश ने टीवी से की थी, जिसके बाद फिल्मों में आ गए। ‘नन्द गोकुला’ उनकी पहली टीवी सीरियल थी और ‘जम्भदा हुदुगी’ फिल्म में उन्हें पहली बार एक छोटा सा रोल मिला। उन्होंने ‘केजीएफ’ के बारे में कहा था कि उन्होंने रॉकी के किरदार को जिया है। इसका दूसरा भाग 14 अप्रैल, 2022 को आने वाला है। इसमें संजय दत्त और रवीना टंडन भी मुख्य किरदार में हैं। राजामौली ने ही बताया था कि उन्हें पता चला है कि आज भी यश के पिता ने बस ड्राइवर के प्रोफेशन को छोड़ा नहीं है।

12वीं की लड़की का रेप-मर्डर, 23 साल के साबिर अली (बाबा खान) ने आत्महत्या दिखाने के लिए लिख दिया मृतका के हाथ में दूसरे का नाम

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में 12वीं की छात्रा से रेप किया गया। रेप की बाद उनकी हत्या भी कर दी गई। अब यह मामला तूल पकड़ रहा है। इस मामले में साबिर अली उर्फ बाबा खान (23 साल) आरोपित है। बाबा खान ने 24 मार्च 2022 को पीड़िता को उसके घर में अकेला पाया। जबरन घुस गया, रेप किया और सबूत मिटाने के लिए गला दबा कर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, इसके बाद शव को दुपट्टे से पंखे में लटका भी दिया।

पुलिस ने आरोपित साबिर अली को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना सूरजपुर जिले के भटगाँव थाना क्षेत्र की है। पीड़िता 12वीं की छात्रा थीं और वो रायपुर में परीक्षा देने गई थीं। बाद में सूरजपुर आ गई, क्योंकि उनके पिता बीमार थे और बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इसी वजह से उनकी माँ भी वहीं थीं। घटना वाले दिन पीड़िता घर में थीं, उनका छोटा भाई बाहर खेलने के लिए गया था।

खेलने के बाद जब छोटा भाई वापस लौटा तो उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसकी बहन ने नहीं खोला। उसने काफी कोशिशें की, लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों से इसके बारे में बताया। पड़ोसियों ने भी काफी कोशिशें करने के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़ कर अंदर घुसे। जैसे ही लोग घर के अंदर घुसे तो देखा कि पीड़िता की लाश पंखे के सहारे लटक रही है।

लोगों ने तुरंत मामले की जानकारी भटगाँव थाने को दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने जाँच शुरू कर दी। शुरुआती जाँच में लगा कि ये हत्या का मामला है। इसके बाद फॉरेंसिक की टीम को बुलाया गया। मामले की जाँच आगे बढ़ी तो शक की सुई साबिर अली उर्फ बाबा खान की तरफ घूमी। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

हत्या को आत्महत्या सिद्ध करने कोशिश

सूरजपुर के अतिरिक्त एसपी हरीश राठौर ने इस बर्बर हत्याकांड को लेकर कहा कि पीड़िता को घर में अकेला पाकर साबिर अली ने उसके साथ रेप किया और जब पीड़िता ने इसकी शिकायत की बात कही तो पकड़े जाने के डर से उसने उनके दुपट्टे से गला घोटकर हत्या कर दी। आत्महत्या दिखाने की कोशिश में आरोपित ने पीड़िता के हाथों में किसी और का नाम भी लिख दिया।

रेप और हत्या आरोपित साबिर अली उर्फ बाबा खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 376 (बलात्कार) और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया, “मृतक की सही उम्र का अभी पता नहीं चल पाया है, अगर वह नाबालिग पाई जाती है तो यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम POCSO के प्रावधानों को मामले में शामिल किया जाएगा।”

इस घटना के बाद लोगों ने कैंडल मार्च निकाल कर इंसाफ की माँग की है।

गाय के साथ रेप करते हुए पकड़ा गया JCB ड्राइवर आलम अंसारी, रफीक ने कमरे में छिपाया… लोगों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा

उत्तराखंड के चमोली जिले में आलम अंसारी नाम का व्यक्ति गाय के साथ रेप करते हुए पकड़ा गया है। लोगों ने उसको पुलिस के हवाले कर दिया है। आलम अंसारी मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला है जो चमोली में JCB मशीन चलाने का काम करता है। घटना 25 मार्च (शुक्रवार) की है। आरोपित पीपलकोटी में निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में काम करता है। स्थानीय हिन्दू संगठनों ने आलम अंसारी पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक आरोपित आलम अंसारी की उम्र लगभग 32 साल है। वह चमोली में लगभग 8 साल से रह रहा था। यह घटना पीपलकोटी गाँव की है। गाय के साथ उसको दुष्कर्म करते हुए सबसे पहले उसके साथ काम करने वाले ललित मोहन ने देखा। बाद में ललित मोहन की ही शिकायत पर उसको पुलिस ने IPC की धारा 377, 511 के साथ पशु क्रूरता एक्ट 1960 की के सेक्शन 11 (3) में गिरफ्तार किया है।

मुस्लिमों को परियोजना से निकालने की माँग करने गए भाजपा नेता के खिलाफ पुलिस में शिकायत

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीपलकोटी के ही निवासी और भाजपा नेता पंकज हटवाल से बात की। उन्होंने बताया, “यहाँ पर HCC नाम की कंपनी ने इस परियोजना में कई बाहरी राज्यों के मुस्लिम मजदूरों को ले रखा है। उनकी संख्या लगभग 30 से 35 के बीच में है। अभी कुछ दिन पहले ही हरिद्वार में सूटकेस में लड़की बरामद हुई थी। वैसी घटना यहाँ न हो, इसके लिए हम लेबर कैम्प गए। हमने मुस्लिम मजदूरों से वहाँ से चले जाने को कहा। हमने किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं किया। फिर भी हमारे लौट कर आने के बाद पता चला कि एक लेबर शान अली ने हमारे खिलाफ पुलिस में मारपीट और धमकी की शिकायत दे दी है।”

पंकज ने आगे बताया, “अभी कुछ देर बाद यहाँ का SHO जाँच-पड़ताल करने आ रहा है। असल में हम यहाँ पर कंपनी के कई गलत कामों का विरोध करते हैं। इसलिए मेरे खिलाफ शिकायत में कहीं न कहीं प्रोजेक्ट में शामिल कम्पनी के बड़े अधिकारियों की संलिप्तता है। यहीं के कुछ लोगों का आरोपित आलम अंसारी को समर्थन है। जिस गाय के साथ आलम ने दुष्कर्म किया, वो घुमंतू गाय है। कल उन्होंने पहले उसके भाग जाने की अफवाह उड़ा दी। बाद में पता चला कि वो किसी रफीक के कमरे में छिपा हुआ है।” पंकज हटवाल भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री हैं और विकास खंड दशोली के ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख भी है।

पति की ID समझ भेजती रही न्यूड तस्वीरें, जब धमकी आई तो दिमाग चला: बदला लेने के लिए 20 साल के लड़के ने ऐसे रचा था षड्यंत्र

अभी तक आपने ऑनलाइन धोखाधड़ी के बहुत से मामले सुने या पढ़े होंगे। जहाँ अंजान लोग फ्रॉड करके या बातों में फँसाकर लोगों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। लेकिन, आज हम आपको मुंबई का ऐसा केस बताने जा रहे हैं जिसके बाद आप अपने करीबियों से भी चैट करते हुए शायद दो बार सोचें और बिना कन्फर्म किए कोई भी प्राइवेट चीज सोशल मीडिया आईडी पर शेयर न करें।

मिड डे में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, एक महिला अपने पति के नाम वाले सोशल मीडिया हैंडल पर 3 माह तक बात करती रही। इस बीच उसने उस आईडी पर कई प्राइवेट फोटोज भी भेजीं। महिला को लगता था कि वो ये सब अपने पति को ही भेज रही है। मगर हकीकत में वो उसका पति नहीं बल्कि बिल्डिंग में रहने वाला लड़का था जो उस दंपत्ति से बदला लेने के लिए ये सब कर रहा था।

महिला को शक तब हुआ जब उस आईडी वाले ने न्यूड तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। महिला को ये धमकी सुन थोड़ा शक हुआ जिसके बाद उसने अपने पति से कन्फर्म किया और उसे पता चला कि किसी ने फेक आईडी बनाकर ये सब किया है। दोनों दिंडोशी पुलिस थाने पहुँचे और अपनी शिकायत दर्ज की। पड़ताल में सामने आया कि 20 साल के एक लड़के ने दंपत्ति से एक कहासुनी का बदला लेने के लिए ये सब किया।

पुलिस ने आरोपित को आईपीसी की धारा 354, 354ए, 354 डी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि इस दंपत्ति से पिछले नवरात्रि में उसकी कहासुनी हुई थी, इसलिए उसने बदला लेने के लिए ये सब किया। प्रोफाइल को प्रमाणिक दिखाने के लिए उसने पहले महिला के अकॉउंट से तस्वीरें चुरा कर अपने अकॉउंट पर डाली और फिर उसे फर्जी आईडी में पोस्ट किया। लड़के ने ये सब किया ताकि महिला को लगे कि वो उसकी पति की ही आईडी है।

दोनों में 3 माह तक ऑनलाइन बातचीत हुई। इस बीच लड़के ने महिला से न्यूड तस्वीरें शेयर करने को कहा। महिला को लगा कि उसका पति उससे माँग रहा है इसलिए उसने ये तस्वीरें भेज दीं। लेकिन जब लड़के ने ये कहना शुरू किया कि वो अपनी आईडी पर ये फोटो डाल देगा और सभी रिश्तेदार इसे देख लेंगे तब महिला ने पति को ये सब बताया और 10 मार्च को थाने पहुँचे। 18 मार्च को आरोपित पकड़ा गया और अब वह 28 मार्च पुलिस हिरासत में है।

‘अगर हराम नहीं होता तो संसद में फिदायीन हमला कर मार देता’: पाकिस्तानी PM इमरान के लिए अपने ही सांसदों को धमकी, गुस्से में शहरयार

सेना का वरदहस्त हटने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान की मुश्लिकलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ विपक्षी दल उनके खिलाफ गोलबंद हो रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके साथी एक-एक करके उनका साथ छोड़ रहे हैं। वहीं, पार्टी नेताओं के साथ छोड़ने पर PTI के दिग्गज नेता शहरयार अफरीदी ने कहा कि इस्लाम में आत्महत्या हराम नहीं होता तो वे शरीर पर बम बाँधकर संसद में विस्फोट कर देते और सभी सांसदों को मार देते।

इधर, इमरान खान के एक अन्य सहयोगी और बलूचिस्तान में सुलह एवं सद्भाव पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक (SAPM) रहे जम्हूरी वतन पार्टी (JWP) के प्रमुख नवाबजादा शाहजैन बुगती ने भी रविवार (27 मार्च) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष और प्रमुख विपक्षी दल बिलावल भुट्टो जरदारी से उनके आवास पर मुलाकात की। बुगती ने कहा कि इमरान खान के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर वह विपक्ष का समर्थन करेंगे।

बुगती ने कहा कि इमरान खान बलूचिस्तान में विकास के अपने वादे को पूरा करने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि वहाँ बदहाली है और केंद्र सरकार वहाँ की स्थिति में सुधार करने में पूरी तरह विफल रही है। बुगती ने कहा कि अपनी राजनीति बचाने के लिए इमरान खान ने दक्षिणी पंजाब में विकास के लिए 500 अरब रुपये की घोषणा की, लेकिन बलूचिस्तान को 8 अरब रुपए नहीं दे सकी। उन्होंने कहा बलूचिस्तान में अस्थिरता के हालात हैं।

दूसरी तरफ, इमरान खान की पार्टी के दिग्गज नेता और कश्मीर के संसदीय समिति के प्रमुख शहरयार अफरीदी ने पार्टी सांसदों और सहयोगी दलों के साथ छोड़ने पर तंज कसा और उन्हें पाखंडी बताते हुए कहा कि विश्वास मत से पहले ही ये ‘जहाज से कूदकर भाग’ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उयदि इस्लाम में आत्महत्या की मनाही नहीं थी तो वे अपने शरीर पर बाँधते और संसद में विस्फोट कर सभी पाखंडियों को मार डालते।

दरअसल, एक सभा को संबोधित करने के दौरान शहरयार अफरीदी यह बात कही। इस दौरान उनकी पार्टी का एक कार्यकर्ता उनकी तरफ पानी का बोतल बढ़ाता दिखा, ताकि वे शांत हो जाएँ। लेकिन, अफरीदी ने उन्हें वहाँ से हटा दिया।

बात दें कि पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना के सहयोग से विपक्षी दलों के बीच सत्ता की खींचतान जारी है। इस बीच इमरान खान की पार्टी के कम-से-कम 50 सांसद अचानक गायब हो गए। ये सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए। अविश्वास प्रस्ताव में जीत हासिल करने के लिए विपक्ष को संसद के निचले सदन में कुल 342 सदस्यों में से कम-से-कम 172 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता है।

केजरीवाल कश्मीरी हिंदुओं के जले पर नमक छिड़क रहे थे: अनुपम खेर बोले- सलमान खान ने फिल्म देख दी बधाई

कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) को देखने के बाद जहाँ आम लोगों में सताए गए लोगों के के प्रति दर्द एवं सहानुभूति उभरकर आई है, वहीं राजनेता इसका मजाक बनाने से भी नहीं चुक रहे हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में जिस तरह फिल्म और उससे जुड़े तथ्यों का माखौल उड़़ाया, उससे लोगों में आक्रोश है। वहीं, फिल्म के प्रमुख कलाकार और कश्मीर पंडित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले अनुपम खेर ने इसे शर्मनाक बताया है। वहीं, खेर ने बताया कि फिल्म अभिनेता सलमान खान को देखी और उसकी तारीफ की है।

कश्मीर फाइल्स को दिल्ली फ्री करने के सवाल पर केजरीवाल ने विधानसभा में कहा था कि यह प्रोपेगेंडा फिल्म है। अगर इसे आम लोगों तक पहुँचाना ही है तो उसे यूट्यूब पर डाल देना चाहिए, टैक्स-फ्री करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। केजरीवाल के इस बयान पर खेर ने कहा कि मनोरंजन जगत की तरफ और कश्मीरी हिंदू तरफ से केजरीवाल के बयान पर उन्हें बहुत दुख हुआ।

खेर ने कहा, “आपको टैक्स-फ्री नहीं करना है, मत कीजिए। क्या आप सारी फिल्मों को यूट्यूब पर डालने की सलाह देते हैं? 32 सालों से जिनको न्याय नहीं मिला, उनके जख्मों पर नमक छिड़कना एक चीफ मिनिस्टर को शोभा नहीं देता। और वे वहाँ स्टैंडअप कॉमेडियन जैसा कर रहे थे। वह लोगों को हँसा रहे थे। कश्मीरी पंडितों की दुख और दर्द पर हँसी, अपने भारतीय लोगों पर हँसी, जिन्होंने नरसंहार से गुजरा है, आप उन पर हँस कर किस तरह की संवेदनशीलता को प्रदर्शित कर रहे हैं।”

खेर ने कहा, “मुझे लगा था कि वो पंजाब में जीत गए हैं तो उनमें एक नम्रता आएगी, उनमें नैशनल लीडर बनने का रूतबा आएगा, थोड़ा अलग बनेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से वे असंवेदनशील और कठोर दिखे। उन्होंने उन लाखों कश्मीरी हिंदुओं को बारे में नहीं सोचा, जिन्हें उनके घरों से बाहर कर दिया गया। महिलाओं का बलात्कार हुआ, पुरुषों की हत्या हुई। और केजरीवाल के बयान के दौरान उनके पीछे बैठे लोग हँस रहे थे। यह शर्मनाक है। और यह सब हुआ विधानसभा में।”

फिल्म को प्रोपेगेंडा और झूठ बताने पर खेर ने केजरीवाल पर हमला बोला और कहा, “यह शर्मनाक है। शर्मनाक है, क्योंकि उन्होंने यह फिल्म नहीं देखी है। ऐसा नहीं है कि उन्होंने पहले फिल्में टैक्स-फ्री नहीं की हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने हाल में 83 टैक्स फ्री की हैं। यह फिल्म टैक्स-फ्री से आगे बढ़ चुकी है। यह एक आंदोलन बन गया है, मूवमेंट बन गई है।”

सलमान खान ने फिल्म की तारीफ की- खेर

कश्मीर फाइल्स को बॉलीवुड ऐक्टर सलमान खान ने भी देखी और इसकी तारीफ की है। इस बात की जानकारी खुद अनुपम खेर ने दी। टाइम्स नाउ नवभारत के फ्रैंकली स्पीकिंग शो पर खेर ने खुलासा किया कि सलमान खान ने दूसरे ही फिल्म देखने बाद उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया और बधाई दी।

बता दें कि अनुपम खेर ने सलमान खान के साथ कई फिल्मों में काम किया है। इनमें एक फिल्म है ‘प्रेम रतन धन पायो’। यह एक हिट रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसमें प्रमुख भूमिका में सलमान खान और सोनम कपूर थीं।

अनुपम खेर ने कहा कि जिस तरह से फिल्म को लोगों का रिस्पॉन्स मिल रहा है, उससे वे अचंभित हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि इस फिल्म को इस तरह का रिस्पॉन्स मिलेगा, जिसमें ना कोई गाना है और ही रोमांस है। सिर्फ अंधेरा, दुख, दर्द और हताशा है।

नहीं कहा ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ तो कील से छेद दिया पूरा शरीर, पेड़ से टाँग दी लाश: रवींद्र पंडित ने बताया- इस्लामी आतंकियों ने उनके पिता को कैसे मारा

द कश्मीर फाइल्स रिलीज होने के बाद तमाम कश्मीरी पंडित सामने आकर अपने अनुभव बयां कर रहे हैं। इसी क्रम में एक रविंद्र पंडित भी हैं, जिन्होंने अपने पिता के साथ हुई बर्बरता को मीडिया से साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे इस्लामी आतंकियों ने उनके पिता को कील चुभा-चुभा कर मारा और बाद में उनके घर को स्थानीयों द्वारा समतल कर दिया गया।

दैनिक भास्कर को दिए साक्षात्कार में रविंद्र पंडित ने बताया कि 7 अक्टूबर 1990 को आतंकियों ने उनके पिता जगन्नाथ पंडित को भगत पोरा गाँव में तड़पा-तड़पा तर मारा था और उन्हीं के बगीचे में उनके शव को लटका दिया गया था। आतंकियों ने उनके साथ सारी बर्बरता सिर्फ इसलिए की थी क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान जिंदाबाद बोलने से इनकार कर दिया था और मरते दम तक वंदे मातरम बोल रहे थे।

रविंद्र पंडित उस समय युवावस्था में थे और घाटी में बिगड़े हालातों की वजह से अपने दादी व भाइयों के साथ जम्मू रहते थे। मगर, उनके पिता को सरकारी नौकरी के कारण कश्मीर ही रुकना पड़ा था। रविंद्र बताते हैं कि 7 अक्टूबर 1990 को उनके पापा और एक रिश्तेदार नौकरी से लौटकर घर पे खाना खा रहे थे कि तभी उनके नौकर ने जगन्नाथ से कहा कि उन्हें कोई बुला रहा है। इसके बाद वह बाहर गए जहाँ आतंकी उनका इंतेजार कर रहे थे।

कंटीली तार से लटकाया गया शव, शरीर में थे छेद ही छेद

आतंकी जगन्नाथ पंडित को घर से 500 मीटर दूर उनके ही बगीचे में ले गए। वहाँ उन्हें खूब टॉर्चर किया गया। रविंद्र कहते हैं कि आतंकी उनके पिता से पाकिस्तान जिंदाबाद कहलवाना चाहते थे लेकिन उनके पिता वंदे मातरम कहते रहे। आतंकियों ने इसके बाद उनके शरीर में कीलों से छेद करना शुरू किया। जब इस यातना के बाद भी वह चुप नहीं हुए तब आतंकी एक कंटीली तार लेकर आए और उससे उनका गला बाँधा गया। इसके बाद जगन्नाथ पंडित को उनके बगीचे में लगे पेड़ पर लटका दिया गया। ये वही पेड़ था जिससे सेब तोड़कर उनका परिवार खाया करता था।

आतंकियों ने अपनी दहशत कायम रखने के लिए उस पेड़ के पास एक नोट भी छोड़ा जिसमें लिखा था कि अगर किसी ने इस शव को उतारा तो उसका वही हाल होगा जो जगन्नाथ पंडित का हुआ है। तीन दिन तक उनका शव पेड़ पर लटका रहा। बाद में पुलिस ने आकर उसे पेड़ से उतारा। रविंद्र बताते हैं कि उस समय फोन या मोबाइल इतना नहीं चलता था इसलिए उन्हें घटना के बारे में 8 अक्टूबर को अखबार से पता चला।

उनके मुताबिक जब उनके पिता के शव को उतारा गया तो शरीर में छेद ही छेद थे, गले में कंटीली तार थी। वह कहते हैं कि उन्हें नहीं मालूम लोगों में उस समय आतंकियों का खौफ था या फिर कश्मीरी पंडितों से नफरत, लेकिन उनके पिता का दाह संस्कार भी स्थानीयों ने नहीं होने दिया था। बाद में कुपवाड़ा में उनका अंतिम संस्कार हुआ। वह बताते हैं कि उनके घर के आसपास मुस्लिम आबादी थी लेकिन कभी किसी ने उनसे ये नहीं कहा- ‘कश्मीर मत छोड़ो, हम साथ हैं तुम्हारे’।

‘हम हथियार उठाते तो एक और नरसंहार होता’

आज 32 साल बाद एक बार फिर अपने पिता के साथ हुई क्रूरता को याद करके रविंद्र कहते हैं कि अगर कश्मीरी पंडितों ने उस समय हथियार उठा लिए होते तो एक और नरसंहार होता। रविंद्र कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन पर बात करते हुए कहते हैं कि आँकड़ों को हटा दें तो उस समय 5 लाख लोगों ने पलायन किया था। लोग बड़ी-बड़ी कोठियाँ छोड़ छोड़कर कैंप में रहने को मजबूर हुए थे। जहाँ उन्हें पानी की दिक्कत झेलनी पड़ी। कुछ लोग कश्मीर से निकलकर 40-45 डिग्री की गर्मी नहीं झेल पाए तो कुछ को सांपों ने काट लिया। वह कैंपों में मरे कश्मीरी पंडितों की मौत के लिए भी इस्लामी आतंक को जिम्मेदार मानते हैं।

पिता के साथ हुई बर्बरता सोचकर दो साल डिप्रेशन में रहे रविंद्र पंडित

वह बताते हैं कि कुछ समय पहले वो अपने घर कश्मीर गए थे। लेकिन वहाँ उन्हें अपना घर नहीं दिखा। आसपास के लोगों ने उस जगह को समतल कर दिया है। वहीं वो बगीचा भी अब जंगल बन गया जहाँ से कभी वह सेब तोड़कर खाते थे। रविंद्र आज भी अपने पिता को याद करते हैं। तीन भाइयों में वही अपने पिता से ज्यादा अटैच थे। ऐसे में जब उन्हें अपने पिता के साथ हुई इस्लामी बर्बरता का पता चला तो वो दो साल डिप्रेशन में चले गए। आँसू न बहने के कारण डॉक्टर ने घरवालों से कहा था कि अगर वह रोए नहीं तो सदमे में जा सकते हैं। इसके बाद उनका पूरे दो वर्ष डिप्रेशन का इलाज चला। बाद में बड़े भाई ने पढ़ने महाराष्ट्र भेज दिया और रविंद्र वहाँ से इंजीनियर बनकर निकले। वर्तमान में वह गाजियाबाद में रहते हैं

जिन्हें काम किया, मिठाई खिलाई, पानी पिलाई… उन्होंने ही चाकू से 15 वार कर बुजुर्ग महिला को मार डाला, औरंगजेब, नौशाद, जफर गिरफ्तार

झारखंड की राजधानी राँची में 18 मार्च, 2022 (शुक्रवार) को मालविका देवी नाम की एक महिला की हत्या हुई थी। पुलिस ने इस हत्याकांड में औरंगज़ेब, ज़फ़र और मोहम्मद नौशाद नाम के 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। तीसरे आरोपित नौशाद ने दोनों आरोपितों को फरार होने में मदद की थी। इस हत्याकांड का मकसद लूटपाट था जिसकी प्लानिंग औरंगज़ेब ने की थी।

मृतका की उम्र लगभग 70 साल थी। उनके पति विजय सिन्हा स्टेट बैंक में DGM पद से रिटायर हुए थे। घटना के समय वो कहीं बाहर काम से गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित औरंगज़ेब पहले भी महिला के घर रंग-रोगन का काम कर चुका था। इसी पहचान के सहारे औरंगज़ेब अपने साथ ज़फर को ले कर मृतका के घर शुक्रवार लगभग 12 बजे दोपहर रंगाई-पुताई का काम माँगने गया था। इस दौरान पहले से परिचय होने के नाते महिला ने उन्हें मिठाई खिलाई और पीने के लिए पानी दिया।

पानी पी लेने के बाद औरंगज़ेब ने महिला पर चाकुओं से वार करना शुरू कर दिया। उसने मृतका मालविका पर 15 वार किए। इस दौरान ज़फर घर में से कीमती सामान समेटने की कोशिश करता रहा। जब वह आलमारी नहीं तोड़ पाया तो उसने मृतका के शरीर से सोने का कंगन और कान का झुमका निकाल लिया। दोनों ने मिल कर घर में रखे 3 मोबाइल फोन्स भी लूट लिए। कत्ल के बाद आरोपितों ने महिला के ही घर खून से सना चाकू धोया और वहाँ से निकल गए। महिला के शव को चादर में लपेट कर पलंग के नीचे डाल दिया था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब कत्ल कर के दोनों आरोपित सड़क से जा रहे थे तब उन्हें कुछ बच्चों ने रास्ते में रंग लगाने के लिए रोका। उन्होंने बच्चों से खुद को गुंडा बताया। इसी के साथ उन दोनों ने कहा कि वो अभी खून की होली खेल कर आ रहे हैं। इसके बाद बच्चे डर कर वहाँ से भाग गए थे।

घर लौटने के बाद विजय सिन्हा ने इस मामले की शिकायत अरगोड़ा थाने में दर्ज करवाई थी। पुलिस को पहले से ही शक था कि हत्या को किसी परिचित ने अंजाम दिया होगा। हत्या कर के भाग रहे दोनों आरोपितों की तस्वीरें CCTV फुटेज में आ गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने पहले औरंगज़ेब को गिरफ्तार किया था। उस से पहले घटना की खबर TV में चलती देख कर तीसरे आरोपित नौशाद ने औरंगज़ेब और ज़फर को कहीं छिप जाने की सलाह दी थी। मृतका का एक बेटा अमेरिका, दूसरा बेंगलुरु में है जबकि उनकी बेटी लंदन में रहती है।

RRR ने दो दिनों में पार किया ₹371 करोड़ का आँकड़ा, फिर भी ‘द कश्मीर फाइल्स’ की ताबड़तोड़ कमाई जारी

बॉक्स ऑफिस पर हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘RRR’ धमाल मचा रही है, लेकिन ‘द कश्मीर फाइल्स’ की धड़ाधड़ कमाई का सिलसिला अब भी जारी है। ‘RRR’ एक मेगा बजट फिल्म है, जिसका निर्देशक एसएस राजामौली जैसे बड़े निर्देशक ने किया है। इसमें जूनियर एनटीआर और राम चरण तेजा जैसे तेलुगु के दो बड़े सुपरस्टार्स हैं। वहीं ‘द कश्मीर फाइल्स’ अपने कंटेंट की वजह से चल रही है, जो इतिहास का एक काला अध्याय दिखाती है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, पहले दिन दुनिया भर में 257 करोड़ रुपए की कमाई करने वाली ‘RRR’ ने दूसरे दिन शनिवार (26 मार्च, 2022) को ही 114 करोड़ रुपए बटोर लिए। बॉक्स ऑफिस पर इसने मात्र दो दिनों में ही 371 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर लिया है। फिल्म के हिंदी वर्जन ने जहाँ पहले दिन 20 करोड़ रुपए की नेट कमाई की, दूसरे दिन ये आँकड़ा 3 करोड़ और बढ़ गया। इस तरह वीकेंड में इसके कुल 70 करोड़ नेट से ज्यादा सिर्फ हिंदी बेल्ट में बटोरने की उम्मीद है।

वहीं ‘द कश्मीर फाइल्स’ की बात करें तो शुक्रवार को इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन धीमा जरूर पड़ा था, लेकिन इसने शनिवार को सवा 7 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर के कमाई के आँकड़े को 219 करोड़ रुपए तक पहुँचा दिया। रविवार को फिल्म भारत में 225 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर रही है। वहीं दुनिया भर में इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी 250 करोड़ रुपए के पार हो गया है। फिल्म ने कई बड़े फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

अप्रैल महीने में तमिल और कन्नड़ सिनेमा की दो बड़ी फ़िल्में रिलीज हो रही हैं। जहाँ तमिलनाडु में जोसफ विजय के फैंस ‘बीस्ट’ की रिलीज को लेकर उत्साहित हैं, कर्नाटक में यश की ‘KGF 2’ की रिलीज के लिए फैंस जश्न मना रहे हैं। रविवार (27 मार्च, 2022) को इसके ट्रेलर रिलीज का कार्यक्रम भी रखा गया है। हिंदी बेल्ट में भी इस फिल्म को लेकर लोग इंतजार कर रहे हैं। वहीं ‘Beast’ को उत्तर भारत में सफलता मिलने की उम्मीद नहीं है।

‘बयानबाजी में 12 लाख नौकरियाँ, लेकिन RTI में सिर्फ 3246’: CM केजरीवाल के दावे पर कपिल मिश्रा की चुनौती – लिस्ट दिखाओ

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे पर सवाल उठाया है जिसमें उन्होंने पिछले 5 वर्षों में दिल्ली में 12 लाख नौकरियाँ देने का दावा किया था। #केजरीवाललिस्टदिखा नाम के हैशटैग के साथ उन्होंने इस बावत एक ट्वीट भी किया है। इस ट्वीट में RTI के माध्यम से माँगी गई एक जानकारी भी अटैच है जिसके आधार पर कपिल मिश्रा ने मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। कपिल मिश्रा ने यह ट्वीट 27 मार्च, 2022 (रविवार) को किया है।

कपिल मिश्रा ने अपने ट्वीट में लिखा, “RTI से मिली जानकारी के अनुसार केजरीवाल सरकार ने पिछले 7 सालों में सिर्फ 3246 नौकरियाँ दी हैं। केजरीवाल और सिसोदिया दोनों झूठ बोल रहे हैं। अरविन्द केजरीवाल को फिर से खुली चुनौती है कि अगर उन्होंने 12 लाख लोगों को नौकरी दी है तो उनकी लिस्ट सार्वजनिक करें।” दोनों RTI जवाबों के मुताबिक कुल 3246 नौकरियाँ शिक्षा, ऑडिट, सोशल वेलफेयर, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, शहरी विकास, लीगल जैसे विभागों में दी गई है। यह डाटा साल साल 2015 से माँगा गया है।

कपिल मिश्रा ने एक अन्य ट्वीट करते हुए लिखा, “मैं केजरीवाल और उन सभी 12 लाख लोगों का रामलीला मैदान में सम्मान समारोह आयोजित करूँगा जिनको केजरीवाल ने नौकरी दी है। अरविंद केजरीवाल, कृपया इन 12 लाख लोगों की लिस्ट दिखाओ, सबको निमंत्रण पत्र भेजना हैं। आओगे ना ?”

दरअसल दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 26 मार्च (शनिवार) को दिल्ली की विधानसभा में बजट पेश किया था। इसी बजट सत्र में बोलते हुए अरविन्द केजरीवाल ने कहा था, “हमने पिछले 5 सालों में राजधानी दिल्ली में 12 लाख नौकरियाँ दी हैं। इसी के साथ 1.8 लाख नौकरियाँ सरकारी क्षेत्र और 10 लाख नौकरियाँ प्राइवेट क्षेत्र में सृजित की गई हैं।” लेकिन RTI द्वारा मिले जवाब में केजरीवाल के दावों का मात्र 2% हिस्सा ही पूरा होना दिखाई दे रहा है।