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अकेले उड़ान नहीं भर सकेंगी औरतें, मर्दों के साथ नहीं जा सकतीं पार्क: तालिबान का नया फरमान, हिजाब में ही एंट्री

अफगानिस्तान (Afghanistan) की सत्ता पर काबिज होने के बाद से ही तालिबान (Taliban) औरतों पर नई-नई पाबंदी लगा रहा है। इसी कड़ी में एक नया फरमान जारी किया गया है। इसके मुताबिक राजधानी काबुल (Kabul) के पार्कों में महिला और पुरुष एक साथ नहीं जा सकते। वहीं हवाई जहाज में अकेली महिला को सफर की इजाजत नहीं होगी। हवाई यात्रा के लिए किसी पुरुष रिश्तेदार का साथ होना जरूरी कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अफगान एयरलाइन (Afghan Airline) के अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सवार होने के लिए काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Kabul International Airport) पर पहुँची दर्जनों महिलाओं से कहा गया कि वे पुरुष अभिभावक के बगैर यात्रा नहीं कर सकती हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ महिलाओं के पास दोहरी नागरिकता थी और वे अन्य देशों से अपने घर लौट रही थीं। उनमें से कुछ कनाडा (Canada) से थीं। कैम एयर और सरकारी एरियाना एयरलाइन (Ariana Airline) की इस्लामाबाद (Islamabad), दुबई और तुर्की के लिए उड़ानों में महिलाओं को सवार होने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि यह हुक्म तालिबान नेतृत्व की तरफ से आया है। हालाँकि पश्चिमी हेरात प्रांत में काफी जद्दोजहद के बाद कुछ महिलाओं को एरियाना एयरलाइंस की उड़ान में बैठने की अनुमति मिली, लेकिन तब तक विमान रवाना हो चुका था।

बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एयरपोर्ट प्रेसिडेंट और पुलिस प्रमुख (दोनों इस्लामी मौलवी) की एयरलाइन अधिकारियों के साथ शनिवार (26 मार्च 2022) को बैठक हुई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि महीनों पहले तालिबान की ओर से लगाई गई महिलाओं की पुरुष रिश्तेदार को साथ लिए बिना 72 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर रोक से हवाई यात्रा को बाहर रखा जाएगा या नहीं।

पार्कों के लिए महिला और पुरुष के बाँटे दिन

एक और फरमान के तहत अब हफ्ते में 3 दिन सिर्फ महिलाएँ और बाकी 4 दिन पुरुषों को पार्क के अंदर जाने की इजाजत होगी। तालिबान के संस्कृति मंत्रालय ने अपने फरमान में कहा है कि काबुल के पब्लिक पार्को में महिलाएँ रविवार, सोमवार और मंगलवार को ही जा सकेंगी। वहीं पुरुष बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को जा सकेंगे। महिलाओं को पार्को में एंट्री तभी मिलेगी जब वो हिजाब पहनी होंगी

आदेश ने तालिबान ने कहा कि अगर महिलाओं के लिए निर्धारित दिनों में पुरुष या पुरुषों के लिए निर्धारित दिनों में महिलाएँ पब्लिक पार्क में जाती हैं तो उनको कठोर सजा दी जाएगी। इसके खिलाफ अपील की इजाजत भी किसी को नहीं होगी। 

‘100 FIR करना… केजरीवाल को छोड़ूँगा नहीं, नकेल डालकर रहूँगा’: पंजाब में प्राथमिकी के बाद BJP नेता बग्गा

पंजाब के पटियाला में भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। यह FIR दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ बग्गा द्वारा किए गए एक ट्वीट को लेकर की गई है। भाजपा युवा मोर्चा नेता ने यह ट्वीट केजरीवाल द्वारा दिल्ली विधानसभा में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ अंसवेदनशील टिप्पणी के बाद किया था। बग्गा के खिलाफ हुई FIR की जानकारी आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता राम कुमार झा ने 27 मार्च (रविवार) को ट्विटर पर साझा की।

25 मार्च को तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने एक ट्वीट करते हुए लिखा था, “जब 10 लाख ह#मी मरते होंगे तो एक अरविन्द केजरीवाल पैदा होता होगा।”

एक दिन बाद बग्गा ने लिखा, “आप सबकी अपील पर मैं अपने ट्वीट को वापस लेता हूँ। मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूँ और अपना स्पष्टीकरण अगले ट्वीट में दूँगा।”

साभार – ट्वीटर

उसी दिन बग्गा ने अपने नए ट्वीट में लिखा, “मैंने गलती से पिछले ट्वीट में 10 लाख लिखा था, उसे 10 करोड़ पढ़ा जाए।”

साभार – ट्विटर

FIR की जानकारी ट्वीट करने वाले आप कार्यकर्ता राम कुमार झा को ट्विटर पर जवाब देते हुए बग्गा ने लिखा, “1 नहीं 100 FIR करना, लेकिन केजरीवाल अगर कश्मीरी हिंदुओ के नरसंहार को झूठा बताएगा तो मैं बोलूँगा। अगर केजरीवाल कश्मीरी हिंदुओ के नरसंहार पर ठहाके लगाएगा तो मैं बोलूँगा। चाहे उसके लिए मुझे जो अंजाम भुगतना पड़े, मैं तैयार हूँ। मैं केजरीवाल को छोड़ने नहीं वाला। नाक में नकेल डाल के रहूँगा उसके।”

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का मजाक उड़ाया था। यह मजाक उन्होंने फिल्म को दिल्ली में टैक्स फ्री करने के मुद्दे पर उड़ाया था। केजरीवाल ने इसे यूट्यूब पर डालने की सलाह दी थी। बाद में उन्होंने इस फिल्म को भाजपा समर्थित और ‘झूठी फिल्म’ कहा था।

फिलहाल कश्मीरी हिन्दुओं के नरसंहार पर बनी ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। इस फिल्म ने कमाई में 200 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर लिया है। फिल्म लगातार तीसरे सप्ताह फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में कामयाब रही है।

हिंदू भी माइनॉरिटी, राज्य दे सकते हैं दर्जा: सुप्रीम कोर्ट को मोदी सरकार ने बताया, अश्विनी उपाध्याय ने अल्पसंख्यक मंत्रालय पर उठाए सवाल

केंद्र की मोदी सरकार ने कुछ राज्यों में हिंदुओं को माइनॉरिटी का दर्जा देने की माँग करने वाली याचिका के जवाब में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने कोर्ट को बताया कि राज्य अपने हिसाब से हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा दे सकते हैं। केंद्र ने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर ईसाई, सिख, मुस्लिम, बौद्ध पारसी और जैन को माइनॉरिटी का तमगा मिला है वैसे ही राज्य भाषायी या फिर संख्या के आधार पर हिंदुओं को अल्पसंख्यक श्रेणी में रखने के लिए स्वतंत्र हैं।

केंद्र सरकार ने वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा 2020 में दायर याचिका पर जवाब देते हुए महाराष्ट्र और कर्नाटक का उदाहरण दिया। सरकार ने ध्यान दिलाया कि जैसे कि महाराष्ट्र ने 2016 में यहूदियों के लिए धार्मिक और कर्नाटक ने उर्दू, तेलुगु, तमिल, मलयालम, मराठी, तुलु, लमानी, हिंदी कोंकणी और गुजराती को भाषायी आधार पर अल्पसंख्यक घोषित किया है, अन्य राज्यों को भी ये करने की पूरी छूट है।

बता दें कि वकील अश्विनी उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा था कि जम्मू कश्मीर, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, लक्षद्वीप, मणिपुर, और पंजाब में हिंदू, यहूदी और बहाई अल्पसंख्यक हैं। फिर भी राज्यों की बहुसंख्यक आबादी को इन राज्यों में अल्पसंख्यक होने के फायदे दिए जाते हैं और जो सच में अल्पसंख्यक हैं उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है। उनके शैक्षणिक संस्थान स्थापित नहीं हो पाते।

इसी याचिका का जवाब देते हुए केंद्र ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जिन धर्म के अनुयायियों की बात की है वह उक्त राज्यों में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना कर सकते हैं और राज्य उन्हें अल्पसंख्यकों की श्रेणी में रखने पर विचार कर सकता है। याचिका में एक जगह जहाँ चुनौती दी गई थी कि धारा 2 (एफ) केंद्र को अकूत ताकत देती है उस दावे को केंद्र ने अस्वीकार किया है। अब इस मामले पर आज सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि हिंदुओं के लिए याचिका डालने वाले अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के लिए राष्ट्रीय आयोग अधिनियम-2004 की धारा-2 (एफ) की वैधता को चुनौती दी थी। उनकी याचिका में उल्लेख है कि ये धारा केंद्र को अकूत शक्ति प्रदान करती है जो स्पष्ट तौर पर मनमाना और अतार्किक है।

अल्पसंख्यक आयोग और मंत्रालय के अस्तित्व पर सवाल

गौरतलब है कि आज इस मामले पर सुनवाई होने से पहले अश्विनी उपाध्याय ने अपने ट्विटर पर एक वीडियो डाली है। इसमें वह अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के अस्तित्व पर सवाल पूछ रहे हैं। उनका कहना है कि संविधान में कहीं पर भी अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय का जिक्र नहीं है। इसमें राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का जिक्र है जो कि सबके लिए है तो सवाल है कि अगर एक आयोग है जो सबके लिए तो फिर अलग से किसी आयोग की क्या आवश्यकता है वो भी धार्मिक बिंदु पर। हमारे पास सामाजिक न्याय मंत्रालय है तो फिर अलग से मजहब के आधार पर मंत्रालय की क्या जरूरत है। 

वह पूछते हैं कि जब देश के संविधान का अनुच्छेद 14 कहता है कि देश के सभी नागरिक समान हैं, सबको कानून का संरक्षण मिला है। आर्टिकल 15 कहता है जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र, मजहब के आधार पर भेदभाव नहीं होगा। आर्टिकल 16 कहता है कि देश के सभी नागरिकों को बराबर मौका मिलेगा। आर्टिकल 19 कहता है कि देश के नागरिकों को कहीं पर भी जाने, कहीं पर भी बसने का अधिकार है। आर्टिकल 21 कहता है कि सभी नागरिक सम्मान के साथ जी सकते हैं। आर्टिकल 25 सभी को समान धार्मिक अधिकार मिला हुआ है। आर्टिकल 26 कहता है कि अपना धार्मिक स्थान बनाने का उसे मैनेज करने का अधिकार सबको है। आर्टिकल 27 कहता है कि न आप धर्म के नाम पर टैक्स वसूलेंगे न धर्म के नाम पर टैक्स खर्चेंगे। फिर ये अल्पसंख्यक आयोग/मंत्रालय की क्या जरूरत। ये मंत्रालय और आयोग तो पाकिस्तान के लिए बनना चाहिए वहाँ ऐसे कोई आर्टिकल नहीं हैं।

‘हमेशा लड़कियों को क्यों निशाना बनाते हो? उन्हें आसमान में उड़ने दो’: बुर्का विवाद पर बोलीं ‘मिस यूनिवर्स’

‘मिस यूनिवर्स’ हरनाज़ कौर संधू ने बुर्का विवाद पर पूछा है कि हमेशा लड़कियों को ही क्यों निशाना बनाया जाता है? उन्होंने समाज से कहा कि वो लड़कियों को ‘निशाना बनाना’ बंद करे। उन्होंने कहा कि लड़कियों को उसी तरह जीने का अधिकार दिया जाना चाहिए, जैसे वो जीना चाहती हैं। बता दें कि कर्नाटक उच्च न्यायालय पहले ही शैक्षणिक संस्थानों में बुर्का और हिजाब जैसे मजहबी परिधानों को प्रतिबंधित कर चुका है।

दरअसल, हरनाज़ कौर संधू ने 17 मार्च, 2022 (गुरुवार) को एक कार्यक्रम के दौरान ये बात कही थी। उनसे इस दौरान बुर्का और हिजाब विवाद को लेकर चल रहे विवाद पर सवाल पूछा गया था। हालाँकि, इस दौरान शो के होस्ट और हरनाज़ कौर संधू की टीम की तरफ से आपत्ति जताई गई और सिर्फ उनके जीवन, संघर्षों और सफलता से जुड़े सवाल पूछने के लिए कहा गया। हालाँकि, टीम द्वारा राजनीतिक सवाल न पूछने की सलाह के बावजूद ‘मिस यूनिवर्स’ ने इस सवाल पर प्रतिक्रिया दी।

इस पर हरनाज़ कौर संधू ने रिपोर्टर पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि हमेशा लड़कियों को ही क्यों टारगेट किया जाता है? उन्होंने आरोप लगाया कि हिजाब के मामले में भी महिलाओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने पूछा कि लड़कियों को वैसे ही क्यों नहीं रहने दिया जाता है, जैसे वो रहना चाहती हैं? साथ ही कहा, “लड़कियों को उनकी मंजिल तक पहुँचने दिया जाए। उन्हें आसमान में उड़ने दिया जाए। उनके पर न काटे जाएँ।”

बता दें कि स्कूलों-कॉलेजों में बुर्के में अनुमति के लिए कर्नाटक में जम कर हिंसा की गई थी। अब क्लासरूम में नमाज के वीडियो भी सामने आए हैं। बता दें कि पंजाब के गुरदासपुर स्थित कोहली गाँव में जन्मीं हरनाज़ कौर संधू को 2019 में ‘फेमिना मिस इंडिया पंजाब’ ख़िताब से सम्मानित किया गया था और ‘फेमिना मिस इंडिया 2019’ में वो सेमीफाइनलिस्ट रही थीं। दिसंबर 2021 में इजरायल के इलियट में उन्होंने ‘मिस यूनिवर्स’ का ख़िताब जीता।

BJP के जीत से गदगद बाबर ने बाँटी मिठाई, लगाया जय श्रीराम का नारा: नाराज आरिफ, ताहिद, परवेज ने उतार दिया मौत के घाट

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बाबर नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डाला गया। बाबर की गलती ये थी कि वह भाजपा की जीत की खुशी में मिठाई बाँट रहे थे। उनकी ये खुशी उन्हीं के समुदाय के लोगों से देखी नहीं गई और 20 मार्च को उन्हें इतना पीटा कि इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हाल में उनका जब शव अपने गाँव पहुँचा, तो क्षेत्र के विधायक पीएन पाठक उन्हें कंधा देने घर गए। साथ ही आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाबर के परिजनों ने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले पट्टीदार उनसे इस बात पर नाराज थे कि आखिर वो भाजपा का प्रचार क्यों कर रहे हैं। कई बार इन लोगों ने बाबर को भाजपा का प्रचार करने से मना किया था और धमकियाँ भी दी थीं। जिसके कारण बाबर ने रामकोला थाने से लेकर कई अधिकारियों तक के पास सुरक्षा की माँग की, मगर तब उनकी बात गंभीरता से नहीं ली गई। 20 मार्च को उन्हीं पट्टीदारों ने बाबर को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। बाद में उन्हें छत से नीचे फेंक दिया।

बाबर की बीवी ने इस बाबत थाने में शिकायत दी जिसके आधार पर पट्टीदारों पर केस दर्ज हुआ। अब कसया एसडीएम ने बताया है कि वे मामले की जाँच कर रहे हैं और आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी। इलाके के भाजपा एमएलए पीएन पाठक भी बाबर का शव घर आने के बाद उन्हें कंधा देने मौके पर पहुँचे और आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

श्रीराम का नारा सुन भड़के बाबर के परिजन

गौरतलब है कि बाबर के परिजनों के मुताबिक विधानसभा चुनाव में बाबर भाजपा के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। उन्होंने 10 मार्च को नतीजे घोषित होने के बाद मिठाई भी बाँटी थी। मुस्लिम होने के बाद भी बीजेपी को समर्थन देना उनके पट्टीदारों को नागवार गुजरा और मौका देख उन्होंने बाबर के साथ निर्मम ढंग से मारपीट की। बताया जा रहा है कि 20 मार्च को जब उन पर हमला हुआ तब उन्होंने जय श्रीराम का नारा लगा दिया था। इसी को सुनकर उनके आसपास रहने वाले परिजन बिदक गए और अजीमुल्लाह, आरिफ, ताहिद, परवेज ने साथियों के साथ मिलकर उनपर हमला किया। जब जान बचाने के लिए बाबर छत पर भागे तो ये लोग वहाँ भी पहुँच गए और बुरी तरह पीटने के बाद उन्हें छत से फेंक दिया।

Pak का मजार, जहाँ मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं ज़िंदा नर गदहा, यही थी पीर की फेवरिट सवारी: सस्ता छोटा गदहा चढ़ाने का भी विकल्प

सामान्यतः जब भी कभी लोग मंदिर जाते हैं तो वहाँ पूजा करते हैं और अगर मजारों में जाते हैं तो लोग चादरें चढ़ाते हैं। ये परंपराएँ लंबे समय से चली आ रही हैं। लेकिन, पाकिस्तान के खैरपुर जिले का एक गाँव है बबरलो। इस गाँव में एक मजार है। जहाँ पर लोगों की मन्नतें पूरी होने के बाद एक जिंदा नर गधा चढ़ाया जाता है।

डी डब्ल्यू न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ये मजार पीर राजन कदाल जहानिया का है। एक स्थानीय शख्श ने इसको लेकर कहा, “हमारे गाँव में बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि उस टाइम एक जीप लेकर आए थे। उन्होंने ‘साईं’ से कहा कि आप कलंदर से हमारे साथ चलें। लेकिन ‘साईं’ ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं गधे से जाऊँगा। हमसे पहले उधर राजन कदाल बैठे हुए थे।”

यहाँ आने वाले लोगों का कहना है कि लोगों की औलाद की मन्नत पूरी होने के बाद वो एक नर गधा मजार पर चढ़ाते हैं। ये परंपरा कई सालों से चली आ रही है। यहीं नहीं अगर किली मुस्लिम के पास बड़े गधे का चढ़ावा चढ़ाने के लिए पैसे नहीं हों तो वो छोटा सा नर गधा भी मजार पर चढ़ा सकता है, क्योंकि ये सस्ता मिलता है। एक व्यक्ति का कहना है कि मेरी भतीजी को बच्चा पैदा नहीं हो रहा था तो मैंने उसे कहा कि तुम पीर राजन साईं की मजार पर जाओ और अकीदत माँगों, तुम्हें यकीनन बेटा ही होगा। उसने बताया, “उसके यहाँ बेटा पैदा हो गया। उसने दरख्वास्त की कि तुम मेरा बेटा दरगाह पर ले जाओ मेरी मन्नत पूरी हो गई है। हम यहाँ चादर, लंगर और गधे को नजराने के तौर चढ़ाते हैं।”

इस मजार के फकीर का कहना है, “बचपन में पीर राजन कदल जहानिया की पसंदीदा सवारी गधा होता था। जवानी में कहीं जाना होता था तो भी वो गधे की ही सवारी करते थे। फकीर के मुताबिक, जो भी अकीदतमंद वहाँ पर अपनी मुरादें लेकर आता था तो साईं उसे गधे का बाल तोड़कर देते थे और कहते थे कि इसे अपने घर में रखो, तुम्हें बेटा ही पैदा होगा। फकीर ने ये भी बताया कि जिस गधे का चढ़ावा चढ़ाया जाता था उसे बाद में बेच दिया जाता था।”

खास बात ये है कि नर गधा केवल वही अकीदतमंद चढ़ाते हैं, जो यहाँ पर बेटे की मुराद लेकर आते हैं।

नीतीश कुमार ने मुकेश सहनी को अपने मंत्रिमंडल से बरख़ास्त किया, अब विधान पार्षद भी नहीं रहेंगे! तीनों MLAs पहले ही भाजपा में

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘विकासशील इंसान पार्टी (VIP)’ के मुखिया मुकेश सहनी को मंत्रिमंडल से बरख़ास्त कर दिया है। उन्होंने रविवार (27 मार्च, 2022) को ये निर्णय लिया। उन्हें पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग दिया गया था। उन्हें हटाने के लिए भाजपा ने सीएम को अनुशंसा पत्र भेजा था, जिसे मुख्यमंत्री ने राज्यपाल फागू चौहान के पास भेज दिया है। राज्यपाल के फैसला लेते ही मुकेश सहनी अब मंत्री पद खो देंगे।

उनका विधान परिषद का कार्यकाल भी इस साल जुलाई से पहले समाप्त हो रहा है। ऐसे में अब उनकी पार्टी में एक भी विधायक या विधान पार्षद नहीं होगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर उम्मीदवार उतार कर उन्होंने भाजपा को नुकसान पहुँचाया था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने आरोप लगाया है कि मुकेश सहनी के कार्यकाल में राज्य के मत्स्य जीवी समाज को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। उप-मुख्यमंत्री रेणु देवी ने भी इशारों-इशारों में उन्हें इस्तीफे की सलाह दे डाली थी।

राजभवन से इससे सम्बंधित पत्र जारी होते ही मुकेश सहनी अपना मंत्री पद खो देंगे। लगातार माँग के बावजूद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने ‘आरक्षण कार्ड’ खेल कर भाजपा-जदयू को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। हालाँकि, उन्हें इसका अंदाज़ा था। इसीलिए, उन्होंने सरकारी गाड़ी छोड़ दी थी और अपना नेम प्लेट हटा कर निजी गाड़ी इस्तेमाल कर रहे थे। बोचहाँ विधानसभा उपचुनाव के लिए VIP ने भाजपा के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिया, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें हटाने की सिफारिश की।

हाल ही में मुकेश सहनी की VIP के तीनों विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में इनकी पार्टी जीती तो 4 सीटों पर थी, लेकिन मुजफ्फरपुर के बोचहाँ विधायक मुसाफिर पासवान के लंबी बीमारी से निधन होने के बाद उनके पास ये तीन विधायक बचे थे – मुजफ्फरपुर के साहेबगंज से राजकुमार सिंह, दरभंगा के गौरा बौराम से स्वर्णा सिंह और उसी जिले के अलीनगर से मिश्रीलाल यादव। तीनों अब भाजपा में हैं।

बिहार के CM नीतीश कुमार पर हमला, सिरफिरे शख्स ने चलाया मुक्का: वीडियो वायरल

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला किया गया है। पटना जिले के बख्तियारपुर में एक कार्यक्रम के दौरान एक युवक सीएम के पास स्टेज पर गया और उन्हें मुक्का मारने की कोशिश की। हालाँकि, अच्छी बात यह रही कि समय रहते सीएम के सिक्योरिटी में लगे अधिकारियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया। आरोपित को स्थानीय पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम नीतीश कुमार बख्तियारपुर से जुड़े गाँवों में रविवार (27 मार्च, 2022) को अपने पुराने दोस्तों और संघर्ष के दिनों में साथ रहे लोगों से मिलने के लिए गए थे। इसी क्रम में भ्रमण के दौरान ही उनके साथ ये घटना हुई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि सीएम नीतीश स्टेज पर एक मूर्ति के पास होते हैं। इसी दौरान एक युवक पीछे से सभी सुरक्षा घेरे को पारकर स्टेज पर पहुँचता है। वहाँ पहुँचते ही वो नीतीश कुमार को मुक्का मारता है, लेकिन वो चूक जाता है औऱ इतने में सुरक्षा दस्ता उसे पकड़ लेता है।

पुलिस वाले उसे पीटते हुए वहाँ से ले जाते हैं। बहरहाल पुलिस युवक से पूछताछ कर उसकी इस हरकत के पीछे का कारण जानने की कोशिश कर रही है।

बताया जा रहा है कि आजकल सीएम नीतीश लगातार लोगों से मिल रहे हैं। ‘समाज सुधार यात्रा’ के खत्म होने के बाद वो पटना के तहत आने वाले बाढ़ प्रभावित बख्तियारपुर और नालंदा के गाँवों का दौरा कर रहे हैं। माना जाता है कि सीएम नीतीश का बख्तियारपुर से खास रिश्ता है। वो अक्सर उन पुराने दिनों की यादों को शेयर करते रहते हैं, जब वो बख्तियारपुर के इन गाँवों में कई किलोमीटर पैदल घूमा करते थे।

हालाँकि, युवक ने सीएम नीतीश पर हमला क्यों किया इसको लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

केरल: फेवरेट बीफ करी न मिलने पर मार्टिन ने चलाई ताबड़तोड़ गोलियाँ, 1 की मौत, 2 घायल

केरल के इडुक्की जिले के मूलमट्टम में 26 मार्च की रात एक आदमी ने बीफ न मिलने पर भीड़ पर गोली चला दी। घटना में एक व्यक्ति की मौत और दो के घायल होने की खबर है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उसके साथियों को भी पड़ताल के लिए हिरासत में लिया गया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, फिलिप मार्टिन नाम का 26 साल का लड़का रोड पर बने इटिंग प्वाइंट पर खाना खाने गया। जहाँ दुकान की मालकिन ने बताया कि उनका पसंदीदा बीफ करी खत्म हो गया है। इतना कहने के साथ ही मार्टिन महिला को गाली देने लगा। जब वहाँ बैठे ग्राहकों ने इसका विरोध किया तो वह उनसे लड़ने लगा। थोड़ी देर बाद वह उस जगह से चला गया और रिवॉल्वर लेकर आया। इसके बाद उसने पाँच राउंड गोलियाँ चलाईं। इन्हीं में से एक बुलेट जाकर सनाल बाबू के सिर में लगी। वह पेशे से बस कंडक्टर थे जो घटना के समय दुकान के बाहर खड़े थे। फायरिंग में गोली उनकी गर्दन पर लगी और अस्पताल ले जाते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया। दो अन्य जो घायल हुए थे उनकी हालत खतरे से बाहर है।

इटिंग प्वाइंट की मालकिन ने बताया, “रात के 10 बजे नशे में धुत होकर वो हमारी दुकान पर आए और बीफ की माँग करी। उन्होंने स्टाफ को गाली देना शुरू किया। कुछ ग्राहकों ने आपत्ति जताई कि ये दुकान महिला चलाती है तो इस तरह की गाली न दी जाएँ। इसी के बाद वे लोग दुकान से गए और दोबारा कार में आकर अंधाधुंध फायरिंग की। शुरू में कुछ गोलियाँ हवा में मारी गई और बाद में ये गोली भीड़ पर चला दी गई।

बता दें कि केरल पुलिस ने आरोपित को पकड़ लिया है। वो रिवॉल्वर भी जब्त कर ली गई है जिससे गोलियाँ चलीं। मार्टिन पर मर्डर और अन्य आरोपों के तहत केस चलेगा। उसके दोस्त भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए हैं। ये जानकारी स्टेशन ऑफिसर ई के सोली मोन की ओर से दी गई है। उल्लेखनीय है कि केरल बीफ के कारण अक्सर विवादों में रहा है। वहाँ आधी से ज्यादा आबादी बीफ सेवन करती है। जब नॉर्थ इंडिया के राज्यों में बीफ बैन किया गया था जब वामपंथी छात्रों ने बीफ फेस्टिवल का आयोजन किया था।

फरदीन ने नौकरी ढूँढ रही शादीशुदा हिन्दू महिला को फाँसा, कर लिया निकाह: मुस्लिम न बनने पर की मारपीट, गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के नीमच जिले से लव जिहाद के बाद धर्मांतरण के लिए महिला को प्रताड़ित किए जाने की घटना सामने आई है। फरदीन नाम के मुस्लिम युवक ने झाँसा देकर पहले महिला को अपने जाल में फँसाया और बाद में अपने परिजनों के साथ मिलकर उसे प्रताड़ित कर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना नीमच में महू रोड स्थित उदयविहार कालोनी की है। पीड़िता यहीं की रहने वाली है। महिला अपने लिए नौकरी की तलाश कर रही थी, उसी दौरान उसकी मुलाकात फरदीन से हुई थी। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वो पहले से ही शादीशुदा है। झाँसी में उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद कुछ दिनों तक तो सबकुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में पति से अनबन हो गई। दोनों में काफी झगड़े भी हुए। इसके बाद महिला अपने ससुराल को छोड़कर अपने मायके नीमच आ गई।

यहाँ रहने के दौरान कुछ दिन के बाद उसकी माँ की मौत हो गई। माँ की मौत के बाद उसे लगा कि अब उसे नौकरी की तलाश करनी चाहिए। वो नौकरी ढूँढ रही थी, तभी उसकी मुलाकात नीमच के ही ढपाली मोहल्ले के रहने वाले फरदीन अली पुत्र नासिर से उसकी मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों में जान-पहचान बढ़ी। समय के साथ ये पहचान आगे बढ़ी और फिर दोनों ने एक होने का फैसला किया। महिला ने फरदीन के साथ शादी कर ली और निम्बाहेड़ा आकर रहने लगे।

आरोपित के परिजनों ने कराया निकाह

फरदीन के शादी करने की खबर जब उसकी अम्मी को लगी तो उसने दोनों को नीमच बुलाया और दोनों का निकाह करा दिया। उस दौरान ये तय हुआ था कि महिला निकाह तो करेगी, लेकिन अपना धर्म नहीं बदलेगी। हालाँकि, निकाह के बाद फरदीन अपने परिवार के साथ उस पर धर्मांतरण कर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगा। जब युवती नहीं मानी तो उसके साथ मारपीट की।

प्रताड़ना बढ़ने के बाद महिला ने पुलिस स्टेशन में शिकायत की। फरदीन के पिता नासिर अली, नाजनीन और अफरोज के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत केस दर्ज गिरफ्तार कर लिया गया है। जिले के एसपी राकेश मोहन शुक्ला इसकी पुष्टि की है।