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खुद का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लॉन्च करेंगे एलन मस्क, कहा – ‘फ्री स्पीच का पालन करने में विफल हुआ ट्विटर’

अमेरिका के अरबपति उद्योगपति और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क फेसबुक, ट्विटर की तरह ही अपना नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तरफ इशारा किया है। रविवार (27 मार्च 2022) को उन्होंने भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर प्रणय पाथोले से ट्विटर पर बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया।

मस्क के ट्वीट पर पाथोले ने उनसे सवाल किया, “एलन मस्क, क्या आप एक नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने की सोच रहे हैं? ऐसा प्लेटफॉर्म जिसमें एक ओपन-सोर्स एल्गोरिदम हो और जहाँ फ्री स्पीच और फ्री स्पीच का पालन करने को सर्वाधिक प्राथमिकता दी जाती है। मुझे लगता है कि इस तरह के एक प्लेटफॉर्म की आवश्यकता है।”

ट्विटर पर एलन मस्क और पाथोले दोस्त हैं और पाथोले के सवाल के जवाब में मस्क ने कहा, “(मैं) इस पर गंभीरता से विचार कर रहा हूँ।” एलन मस्क द्वारा इस रहस्य से पर्दा उठाना इसलिए भी अहम है, क्योंकि फेसबुक औऱ ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म के मनमाने सेंसरशिप के कारण एक ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म की माँग बढ़ी है।

एलन मस्क की प्रतिक्रिया का स्क्रीनशॉट

मस्क के मूड को देखिए

एलन मस्क के मूड का इस बात से भी अंदाजा लगाया जा सकता कि गुरुवार (24 मार्च 2022) को उन्होंने ट्विटर पर एक ऑनलाइन सर्वे शुरू किया, जिसमें मस्क ने पूछा था कि क्या ट्विटर के एल्गोरिदम को एक ओपन-सोर्स बना दिया जाना चाहिए। उनके इस पोल पर 2 मिलियन, यानी 20 लाख लोगों ने जबाव दिया, जिसमें से करीब 82.7% ने उनके इस प्रस्ताव पर हाँ की मुहर लगा दी।

मस्क के ट्वीट पर ट्विटर के संस्थापक और कंपनी के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “किसी भी एल्गोरिदम को इस्तेमाल करने (या नहीं) का विकल्प सभी के लिए खुला होना चाहिए।”

जैक डोर्सी का स्क्रीनशॉट

इसके बाद शुक्रवार (25 मार्च 2022) को टेस्ला के सीईओ ने एक और सर्वे ट्विटर पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने ट्विटर को लेकर सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि ‘फ्री स्पीच सुचारू लोकतंत्र के लिए जरूरी है।’ क्या ट्विटर ने इस सिद्धांत का सख्ती से पालन किया है? इस पर करीब 20 लाख लोगों में से करीब 70 फीसदी लोगों ने ये माना कि ट्विटर फ्री स्पीच के सिद्धांत को बनाए रखने में विफल हुआ है।

इसके साथ ही मस्क ने ये भी कहा, “इस चुनाव के रिजल्ट बेहद महत्वपूर्ण होंगे। कृपया ध्यान से वोट करें।”

एलन मस्क के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

इसके बाद टेस्ला सीईओ ने 26 मार्च 2022 को ट्विटर पर कहा, “यह देखा गया है कि ट्विटर पब्लिक टाउन स्क्वेयर के तौर पर काम करता है औऱ फ्री स्पीच कि सिद्धांतों का पालन नहीं कर पाने से लोकतंत्र कमजोर होता है। क्या करना चाहिए?” इसके साथ ही उन्होंने एक और सवाल किया, “क्या नए प्लेटफॉर्म की आवश्यकता है।”

एलन मस्क के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

आखिरकार रविवार को एलन मस्क ने ओपनली इस बात का खुलासा किया कि वो एक नए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं, जो ओपन सोर्स होने के साथ ही फ्री स्पीच का भी समर्थन करेगा। मौजूद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों द्वारा मनमाने तरीके से सेंसरशिप किए जाने का कई नेताओं और सरकारों ने विरोध भी किया है।

अभी पिछले साल जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को इंटरनेट से मनमाने तरीके से हटा दिया गया था तो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों ने इसका जिक्र किया था। यहीं नहीं जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और मैक्सिको के एंड्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्रेडोर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मनमानी सेंसरशिप की आलोचना की थी।

खुदा की कसम खाकर हिंदुओं को मिटाने की बात करने वाले राजौरी के मौलवी ने माँगी माफी, कहा- कश्मीरी पंडित भाई, सवाल हुकूमत से था

जम्मू कश्मीर के राजौरी के एक मौलवी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुदा की कसम खाते हुए हिंदुओं के मिट जाने का ऐलान करता है। मौलवी फारूक कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फ़ाइल्स (The Kashmir Files)’ नाम की फिल्म को बैन करने की माँग करता है। इस वीडियो के वायरल होने और उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग होने पर उसने प्रतिक्रिया है। मौलवी का कहना है कि वह किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार के खिलाफ बोला है।

कानूनी कार्रवाई को देखते हुए एक अन्य वीडियो में सफाई देते हुए मौलवी फारूक ने कहा, “आज से दो रोज पहले जुमे की खुतबे (धार्मिक भाषण) में ये कश्मीर फाइल्स के नाम से एक मूवी बनाई गई है, जिसमें हमारे कश्मीरी पंडित भाइयों के ऊपर जुल्म दिखाया गया है, उस सिलसिले में हमने मौजूदा हुकूमत से एक मुतालबा (अनुरोध) किया था कि इस तरह की फिल्में समाज में इंतसार का सबब होती हैं।”

उन्होंने कहा, “उसमें (खुतबे में) हमने मौजूदा हुकूमत से मुतालबा किया था कि वो ऐसी ‘फिलम’ पर पाबंदी लगाए। हमारा न किसी मजहब को, ना किसी तबके को टारगेट करना है, बल्कि मैं तो ये कहता हूँ कि कश्मीरी पंडित हमारे जम्मू-कश्मीर की शान हैं, आन हैं, बान हैं और उनके बगैर जम्मू-कश्मीर अधूरा है। मेरे बयान को शायद किसी के समझने में, क्योंकि मेरी तकरीर में किसी जात से कोई मतलब नहीं है। मेरा हुकूमत से इस बात का मुतालबा था।”

मौलवी कश्मीरी पंडितों को भाई बताते हुए माफी के दौरान भी फिल्म को एकतरफा करार दिया और कहा, “इसमें एक रूख दिखाया गया है। कश्मीरी पंडित हमारी भाई हैं, इसलिए उनके खिलाफ वाली कोई बात नहीं है।”

उन्होंने कहा कि अगर उनका जुमला कि किसी के समझ में ना आया हो तो वे एक ‘वसी उल कल्बी’ (बड़े दिल का) आदमी हैं, इसलिए माफी माँग रहे हैं। मौलवी कहा कि वे अमन का ही पैगाम देते हैं। उन्होंने किसी मजहब या जाति के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार से सवाल किया था।

जुमे की तकरीर में क्या था मौलाना ने

सामने आए वीडियो में राजौरी के जामा मस्जिद का मौलवी फारुक भारत पर 800 साल राज करने की बात करता है। इसके बाद वो खुदा की कसम खाते हुए हिंदुओं (जो सिर्फ 70 साल से राज कर रहे हैं) के मिट जाने का ऐलान कर रहा। जब फारूक जहर उगल रहा होता है, उस समय उसके सामने बैठी भीड़ ‘नारा-ए-तकबीर’ और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाती है।

द कश्मीर फ़ाइल्स (The Kashmir Files) के निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा, “राजौरी के मौलवी साहब का कहना है कि यह फ़िल्म बंद होनी चाहिए। हमने 800 साल तुम पर हुकूमत की। तुम 70 साल की हुकूमत में हमारा निशान मिटाना चाहते हो? दोस्तों, बिलकुल इसी तरह कश्मीर से कश्मीरी हिंदुओं का नाम-ओ-निशान मिटा दिया गया था।”

‘नालायक इमरान… जूते चाटता है’ – विपक्ष दे रहा गालियाँ, अल्लाह के नाम पर कुर्सी बचाने में जुटे पाकिस्तानी PM

पाकिस्तान में इमरान सरकार सत्ता बचाने के लिए इस्लामाबाद तक रैली कर रही है। इमरान खान ने अपने समर्थकों को अल्लाह के नाम पर इस रैली में शामिल होने के लिए बुलाया है। वहीं, इस बीच विपक्ष की मरियम नवाज ने सत्ताधारी पार्टी का मखौल उड़ाते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान को नालायक कहा और बिलावल भुट्टों ने उन्हें जूते चाटने वाला बताया।

पाकिस्तान के मुजरिम हैं इमरान खान: मरियम नवाज

पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज की सेंट्रल उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने शनिवार को इस रैली का मजाक उड़ाते हुए कहा कि इमरान सरकार जा चुकी है और इस्लामबाद तक रैली सिर्फ लोगों को अलविदा कहने के लिए की जा रही है। उन्होंने जियो न्यूज पत्रकार से बात करते हुए कहा इमरान खान, शरीफ परिवार के नहीं बल्कि पूरे देश के मुजरिम हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने भ्रष्टाचार किया है और उनके कई घोटाले पहले ही सामने आ चुके हैं। कुछ दिन में जब इस सरकार की रुखसती होगी तो बाद में इनके हर अपराध और भ्रष्टाचार के लिए इन पर कार्रवाई होगी।

मरियम ने कहा, “आज, इमरान खान जनता से नहीं बल्कि किसी और से मदद के लिए रो रहे हैं और अपनी सरकार को बचाने में मदद करने की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन मैं उन्हें बता दूँ, अब कोई भी उनके बचाव में नहीं आएगा।” मरियम ने मीडिया के सामने इमरान खान को नालायक कहा और कहा कि वे लोग इस्लामाबाद में इमरान को बाय-बाय कहने जा रहे हैं।

जूते चाटते हैं इमरान

मरियम की तरह पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने इमरान खान के लिए कहा कि इमरान दूसरों को जूता पॉलिश करने वाला कहते हैं लेकिन असल मे वे खुद जूता चाटते हैं। उन्होंने कहा, “इमरान खान का पूरा करियर जूते साफ करने में बीता और अब उन्होंने जूता चाटना शुरू कर दिया है।” भुट्टो ने इमरान के लिए कहा, “उनकी नैपी भी जनरल हामिल गुल बदलते हैं। वह जनरल पाशा के खिलौने थे।”

बिलावल ने कहा कि इमरान खान सबसे बड़ा चोर है जिसने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ नारा दे देकर खुद को छिपाए रखा। उन्होंने कहा, “इमरान मुझे कहते हैं कि उर्दू नहीं आती। हाँ, मेरी उर्दू कमजोर है। लेकिन मेरी उर्दू 30 की उम्र में कमजोर है और उनकी 70 साल बाद भी कमजोर रहेगी।” बिलावल ने इमरान को नसीहत दी कि वो अपने तीनों बच्चों को उर्दू पढ़वाएँ।

सत्ता बचाने के लिए इमरान खान ने लिया अल्लाह का सहारा

गौरतलब है कि कल संसद में इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होगी। ऐसे में आज उन्होंने अपने सैंकड़ों समर्थकों को शक्ति प्रदर्शन के लिए बुलाया। उन्होंने इस शक्ति प्रदर्शन को लेकर कहा कि ये उनका जो जलसा है वो उनकी पार्टी की लड़ाई नहीं है बल्कि पाकिस्तान की जंग है। पाकिस्तान की शान के लिए जंग है। इसलिए जिन लोगों को भी जलसे में आना है वो जल्द से जल्द तय जगह पर पहुँचे। इससे पहले इमरान खान ने पाकिस्तानियों से उनके जलसे में आने के लिए अल्लाह का सहारा लिया था। उन्होंने कहा था, “मैं सभी पाकिस्तानियों को पैगाम देता हूँ कि आप सबने कल इस्लामाबाद पहुँचना है क्योंकि यह अल्लाह का पैगाम है।”

‘मातोश्री’ को ₹50 लाख की घड़ी, ₹2 करोड़ के अन्य गिफ्ट्स: IT विभाग कर रहा है जाँच, 71 संपत्तियों और हवाला से जुड़ा है मामला

महाराष्ट्र की बृहन्मुम्बई महानगरपालिका की स्टैंडिंग कमिटी के अध्यक्ष यशवंत जाधव की आयकर धोखाधड़ी की जाँच IT विभाग कर रहा है। उनके पास से एक संदिग्ध डायरी भी मिली है, जिसमें करोड़ों के लेनदेन के हिसाब दर्ज हैं। इस डायरी में दो एंट्री ऐसी है जो कहती है कि ‘मातोश्री’ को 50 लाख की एक हाथ घड़ी के अलावा 2 करोड़ रुपए के अन्य गिफ्ट्स भी दिए गए हैं। बता दें कि ‘मातोश्री’ शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे का पारिवारिक निवास स्थान है।

उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी हैं, वहीं उनके बेटे उनकी कैबिनेट में पर्यटन और पर्यावरण जैसे विभाग संभाल रहे हैं। सीएम उद्धव पत्नी रश्मि ठाकरे पार्टी मुखपत्र ‘सामना’ की मुख्य संपादक हैं। ‘मातोश्री’ महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के बांद्रा में स्थित है। जबकि यशवंत जाधव का कहना है कि उनकी डायरी में ‘मातोश्री’ का आशय उनकी माँ से है। उन्होंने बताया कि पहली एंट्री उनकी माँ के जन्मदिन के अवसर पर घड़ी बाँटी जाने की है।

वहीं दूसरी एंट्री के बारे में उन्होंने बताया कि ये गुड़ी पर्व के अवसर पर उनकी माँ की याद में ज़रूरतमंदों को गिफ्ट्स बाँटे जाने के हैं। 25 फरवरी, 2022 को चलाए गए तलाशी अभियान में ये डायरी मिली थी। यशवंत जाधव की पत्नी यामिनी जाधव दक्षिणी मुंबई के भायखला (Byculla) विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना के टिकट पर विधायक हैं। कॉन्ट्रैक्टर विमर अग्रवाल की ‘Newshawk मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के कुछ लेनदेन की भी जाँच की जा रही है।

आरोप है कि यशवंत जाधव ने विमर अग्रवाल की कंपनी को BMC के कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए 30 करोड़ रुपए का फायदा पहुँचाया है। आरोप है कि उन्होंने इस कंपनी को माध्यम बना कर बिलाकड़ी चैंबर्स में 31 फ्लैट्स खरीदे। इस इमारत में रहने वाले चार-पाँच पट्टेदारों को कैश में रुपए दिए गए। प्रत्येक को 30-35 लाख रुपए दिए गए। जाधव से जुड़ी 40 अन्य संपत्तियों की जाँच चल रही है। हवाला लेनदेन का भी शक है, जिसकी जल्द पुष्टि की जा सकती है।

यशवंत जाधव का कहना है कि जिस 2 करोड़ रुपए की बात उनकी डायरी की एंट्री में है, वो उन्हें डोनेशन के रूप में मिले थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने सूरज सिंह देवड़ा नाम के एक ठेकेदार को धमकाया भी था कि अग्रवाल को ही ये कॉन्ट्रैक्ट मिलना चाहिए। जबकि देवड़ा ने उस क्षेत्र के लिए BMC कॉन्ट्रैक्ट जीता था। 2020 में सोशल मीडिया पर इस धमकी की एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुई थी। दो पट्टेदारों को कनाडा और अमेरिका में हवाला के जरिए रुपए देने की बात भी सामने आई है।

‘रहिमन पानी राखिए…’: मन की बात में PM मोदी ने कहा- आयुर्वेद का बाजार 6 गुना बढ़ा, देश का निर्यात ₹30 लाख करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) की 87वें संस्करण में प्रसिद्ध योगाचार्य स्वामी शिवानंद, निर्यात, स्टार्टअप, योग एवं आयुर्वेद सहित तमाम विषयों पर बात की।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लिए गर्व की बात है कि भारत ने निर्यात के अपने 400 बिलियन डॉलर यानी 30 लाख करोड़ रुपए के अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह आँकड़ा कभी 100 बिलियन तो कभी 200 बिलियन डॉलर तक रहता था। पीएम ने कहा कि यह लक्ष्य हासिल करने के अधिक भारत के सामर्थ्य की बात है और इसका मतलब यह है कि दुनिया भर में भारत में बनी चीजों की माँग बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “देश विराट कदम तब उठाता है जब सपनों से बड़े संकल्प होते हैं। जब संकल्पों के लिये दिन-रात ईमानदारी से प्रयास होता है तो वो संकल्प, सिद्ध भी होते हैं। जब किसी के संकल्प, उसके प्रयास, उसके सपनों से भी बड़े हो जाते हैं तो सफलता उसके पास खुद चलकर के आती है। आप देखिये, किसी व्यक्ति के जीवन में भी तो ऐसा ही होता है।”

प्रधानमंंत्री ने कहा कि देश के कोने-कोने से नए-नए product विदेश जा रहे हैं। असम के हैलाकांडी के लेदर प्रोडक्ट (leather product), उस्मानाबाद के handloom product, बीजापुर की फल-सब्जियाँ और चंदौली के black rice जैसे उत्पादों का निर्यात बढ़ रहा है। लद्धाख की विश्व प्रसिद्द एप्रिकोट (apricot) दुबई में मिलेगी और सउदी अरब में तमिलनाडु से भेजे गए केले मिलेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मेक इन इंडिया की ताकत है। देश के किसान, कारीगर, बुनकर, इंजीनियर, लघु उद्यमी, MSME Sector सहित अलग-अलग profession के लोगों ने इसमें अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “जब एक-एक भारतवासी local के लिए vocal होता है, तब local को global होते देर नहीं लगती है।”

उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब बड़ी कम्पनियाँ ही सरकार को सामान बेच पाती थीं, लेकिन अब देश बदल रहा है और पुरानी व्यवस्थाएँ भी बदल रही हैं। अब छोटा सा छोटा दुकानदार भी GeM Portal पर सरकार को अपना सामान बेच सकता है। यही नया भारत है।

प्रसिद्ध योगाचार्य स्वामी शिवानंद को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, “हाल ही में हुए पद्म सम्मान समारोह में आपने बाबा शिवानंद जी को जरूर देखा होगा। 126 साल के बुजुर्ग की फुर्ती देखकर मेरी तरह हर कोई हैरान हो गया होगा और मैंने देखा कि पलक झपकते ही वो नंदी मुद्रा में प्रणाम करने लगे।” उन्होंने कहा कि उनका फिटनेस चर्चा का विषय बना है और वे अपनी आयु के चार गुना कम आयु से भी अधिक फिट हैं। यह सब योग का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में जीवेम शरदः शतम् … यानी सौ वर्ष से अधिक की आयु की कामना की जाती है। यही कारण है कि आज पूरे विश्व में health को लेकर भारतीय चिंतन चाहे वो योग हो या आयुर्वेद इसके प्रति रुझान बढ़ता जा रहा है। पिछले साल कतर में योग का एक कार्यक्रम हुआ था, जिसमें 114 देशों के नागिरकों ने हिस्सा लिया था। इसका परिणाम है कि आयुष इंडस्ट्री का कारोबार बढ़ता जा रहा है। 6 साल पहले आयुर्वेद की दवाइयों का कारोबार 22 हजार करोड़ रुपए का था, जो बढ़कर अब 1.40 लाख करोड़ रुपए का हो गया है।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने सफाई को लेकर राहुल महाराणा और चंद्रकिशोर पाटिल की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुरी के महाराणा तीर्थस्थलों के पास रोज सुबह जाते हैं और वहाँ का प्लास्टिक कचरा साफ करते हैं। पीएम पशु-पक्षियों को पीने के लिए गर्मी में पानी की कमी ना हो इसके लिए मिट्टी के बर्तन बाँटते हैं।

पानी के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।” उन्होंने कहा कि पानी का एक-एक बूँद बचाने के लिए जो वे कर सकते हैं, उन्हें करना चाहिए। गुजरात में पानी के बावड़ियों को पुनर्जीवित किया गया, जिसकी वजह से पानी का स्तर ऊपर आया है।

इलेक्ट्रिक बाइक में चार्जिंग के दौरान ब्लास्ट से पिता-पुत्री की मौत, उधर बाजार में आने के 1 माह के भीतर ओला S1 स्कूटर में लगी आग

बाजार में आने के महज 1 माह के अंदर ही ओला S1 स्कूटर में आग लगने की घटना सामने आई है। वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु के वेल्लोर में एक इलेक्ट्रिक बाइक में चार्जिंग के दौरान हुए ब्लास्ट के बाद पिता-पुत्री की मौत हो गई है। पहली घटना महाराष्ट्र के पुणे की है। कंपनी इस मामले में आग लगने के कारणों की जाँच कर रही है। घटना 26 मार्च, 2022 (शनिवार) की है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह घटना पुणे के लोहेगाँव की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में दुकान के आगे खड़े एक स्कूटर में आग लगी दिखाई दे रही है। मौके से काफी धुआँ उठ रहा है। साथ ही आसपास कुछ लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। वीडियो को ट्वीट करने वाले रवि ने ओला के इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को पूरी तरह से फेल बताया है।

वहीं ओला ने इस घटना पर सफाई दी है। ओला ने लिखा, “पुणे का मामला हमारे संज्ञान में है। इस इस मामले की जड़ तक पड़ताल कर रहे हैं। कुछ ही दिनों में हम इसके निष्कर्ष को अपडेट करेंगे। हम स्कूटर मालिक के संपर्क में हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित है। वाहनों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस घटना को हमने गंभीरता से लिया है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।”

तमिलनाडु में स्कूटर में हुए ब्लास्ट में पिता – पुत्री की मृत्यु

एक अन्य घटनाक्रम में तमिलनाडु के वेल्लूर जिले में रात में चार्जिंग के लिए लगाए गए एक स्कूटर में ब्लास्ट हो गया है। इस ब्लास्ट में पिता और पुत्री की मौत हो गई है। ये मकान के बाथरूम में मृत पाए गए जहाँ दोनों धुएँ से बचने के लिए छिपे थे। मृतक पिता 49 वर्षीय दुराई वर्मा और बेटी 13 साल की प्रीति थी। घटना शुक्रवार (25 मार्च, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुराई वर्मा ने अपना स्कूटर एक पेट्रोल बाईक के पास खड़ा किया था। रात में लगभग 2 बजे इसमें ब्लास्ट हुआ। आग पास खड़ी बाइक में भी लगी और धीरे-धीरे इसने अपनी चपेट में घर को भी ले लिया। घर में धुआँ निकलने का कोई उचित माध्यम नहीं था। पुलिस को शक है कि पिता और पुत्री धुएँ में कम दिखाई देने के चलते बाथरूम की तरफ भागे थे। पड़ोसियों ने दमकल विभाग को सूचना दी। तब तक पिता-पुत्री दम तोड़ चुके थे। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।

पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मृतक दुराई वर्मा पेशे से फोटोग्राफर थे। उनकी पत्नी की मौत कुछ ही साल पहले हुई थी। उनके परिवार में एक बेटा बचा है जो घटना की रात उसी मोहल्ले के एक पड़ोसी के घर रुका था।

‘हमने 800 साल भारत पर हुकूमत की… खुदा कसम तुम मिट जाओगे’ – The Kashmir Files बैन हो, राजौरी जामा मस्जिद से धमकी वाला वीडियो वायरल

जम्मू कश्मीर के राजौरी के एक मौलवी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मौलवी द कश्मीर फ़ाइल्स (The Kashmir Files) नाम की फिल्म को बैन करने की माँग करता है। उसके सामने बैठी भीड़ उसका समर्थन करती है, इस्लामी नारे लगाती है।

इस वीडियो में राजौरी की जामा मस्जिद का मौलवी फारुख भारत पर 800 साल राज करने की बात करता है। इसके बाद वो खुदा की कसम खाते हुए हिंदुओं (जो सिर्फ 70 साल से राज कर रहे हैं) के मिट जाने का ऐलान कर रहा।

राजौरी जामा मस्जिद का मौलवी फारुख जब यह जहर उगल रहा होता है तो उसके सामने भीड़ होती है। स्थान कोई इबादतगाह जैसी लग रही है। मौलवी की बयानबाजी के बाद भीड़ ने ‘नारा-ए-तकबीर’ और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाए।

द कश्मीर फ़ाइल्स (The Kashmir Files) के निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा, “राजौरी के मौलवी साहब का कहना है कि यह फ़िल्म बंद होनी चाहिए। हमने 800 साल तुम पर हुकूमत की। तुम 70 साल की हुकूमत में हमारा निशान मिटाना चाहते हो? दोस्तों, बिलकुल इसी तरह कश्मीर से कश्मीरी हिंदुओं का नाम-ओ-निशान मिटा दिया गया था।”

स्थानीय JK मीडिया ने मौलवी के पूरे भाषण को फेसबुक पर डाला है। उस वीडियो में मौलवी आगे कहता है:

“कश्मीरी पंडित तुम्हें याद हैं लेकिन लाखों कश्मीरी मुस्लिम मारे गए, उस पर तुम्हारे कानों पर जूँ नहीं रेंगी। एक फिल्म बना कर पूरे भारत में प्री प्लानिंग के साथ दहशत का माहौल बनाया गया है। यह एक साजिश है और हम इसकी मज़म्मत करते हैं। तुम हिन्दू और मुसलमान को लड़ा कर सियासत करना चाहते हो। सियासत के और भी तमाम मामले हैं। तुम्हें शर्म आनी चाहिए। तुम्हें पंडितों का खून नजर आया, मुसलमानों का नहीं क्योंकि वो कलमा पढ़ने वाला था। तुम्हें 32 साल बाद पंडित याद आ रहे हैं।”

राजौरी की जामा मस्जिद का मौलवी फारुख इस दौरान भीड़ से पूछता है, “क्या ये फिल्म बैन होनी चाहिए?” इसके जवाब में भीड़ एक स्वर में ‘हाँ-हाँ’ करने लगी। साथ ही पीछे से ‘नारा-ए-तकबीर’, ‘अल्लाह-हू-अकबर’ और ‘नारा-ए-रिसालत’ का शोर सुनाई देता है।

JK मीडिया के रिपोर्टर ने वायरल हो रहे इस वीडियो के बारे में और अधिक बताते हुए कहा, “यह वीडियो जुमे की नमाज़ के बाद शुक्रवार (25 मार्च) का है। मौलवी ने यह बयान द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) फिल्म को लेकर दिया है। मौलवी की बातों से कई लोगों को आपत्ति है। उन्होंने राजौरी पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई की प्रतीक्षा है।”

जम्मू-कश्मीर में UP वाला ‘बुलडोजर’: आतंकियों को जो देंगे अपने घर में शरण, सीज होगी उनकी प्रॉपर्टी, अब्दुल्ला की पार्टी ने किया विरोध

जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकवादियों के बाद अब उनके समर्थकों और शरणदाताओं के खिलाफ भी बड़ा कदम उठाया है। अब आतंकियों को अपनी मर्जी से शरण देने और अपनी जमीनों का उपयोग करने की छूट देने वाले लोगों की प्रॉपर्टी जब्त की जाएगी।

पुलिस के अनुसार यदि किसी के घर में कोई आतंकी जबरन शरण लेता है तो घर के मुखिया को जल्द से जल्द पुलिस को सूचना देनी होगी। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। श्रीनगर पुलिस ने यह आदेश शुक्रवार (25 मार्च) को जारी किया।

श्रीनगर पुलिस ने इस कदम को आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति बताया है। पुलिस के मुताबिक:

“उनकी ही प्रॉपर्टी जब्त होगी, जो विधिवत जाँच के बाद आतंकी को शरण देने के दोषी पाए जाएँगे। आतंकी न सिर्फ सुरक्षा बलों पर हमला करते हैं बल्कि उनके निशाने पर बेगुनाह नागरिक भी होते हैं। लोगों से अपील की जाती है कि वो किसी भी प्रकार की अफवाह पर यकीन न करें। साथ ही हम आगाह करते हैं कि किसी भी आतंकी को अपने संसाधनों का प्रयोग न करने दें।”

पुलिस ने आगे कहा, “सभ्य समाज में आतंकी और आतंकियों के समर्थकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है हमारी। यह UAPA एक्ट 1967 की सेक्शन 2 (g) और सेक्शन 25 में काफी पहले से लागू है। यह कार्रवाई इसी नियम के अनुसार होगी।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक IPS राकेश बलवाल ने ऐसे कई घरों की पहचान करने का दावा किया है, जिन्होंने आतंकियों की मदद की। ये पहचान साल 2020-21 में हुई मुठभेड़ों के बाद की गई है। डाउनटाउन, सौरा, पंथा चौक, बटमालू, नौगाम, हरवन में मौजूद एक दर्जन से अधिक घर ऐसे कार्यों में शामिल रहे हैं।

पहले भी जब्त हो चुकी हैं सम्पत्तियाँ

एक रिपोर्ट के मुताबिक श्रीनगर पुलिस द्वारा जारी आदेश के पहले भी आतंकियों और उनके समर्थकों की सम्पत्तियों को ज़ब्त किया जा चुका है। 25 जनवरी 2021 को पुलवामा के अवंतीपोर में पुलिस ने आतंकियों के एक समर्थक का मकान अटैच किया था। वह मकान जैश-ए-मोहम्मद के एक ओवरग्राउंड वर्कर का था। इस मकान में साल 2020 में हुए मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी और सेना के एक जवान बलिदान हुए थे।

इससे पहले 30 जून 2012 को पुलिस ने हरकत उल जिहादी इस्लामी नाम के आतंकी दल के गुलाम मोहम्मद खान के घर को सील किया था। यह घर छन्नपोरा में था। उसी दिन हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी अब्दुल मजीद लोन व उसके अब्बा अब्दुल रज्जाक लोन की जमीन भी पुलिस ने अटैच की थी। ये जमीन उत्तरी सोपोर के बागुव में थी और इसका क्षेत्रफल 15 कनाल था। इस प्रक्रिया के दौरान आतंकी अब्दुल मजीद पाकिस्तान में था।

आतंकियों का साथ नागरिक मजबूरी में देते हैं या चाहत होती है, यह जाँच का विषय है… लेकिन नेता भी इसमें कूद जाएँ तो देश को दिशा कौन देगा? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि श्रीनगर पुलिस के नए आदेश का नेशनल कॉन्फ़्रेंस के कुछ नेताओं ने विरोध किया है।

‘टीपू सुल्तान टाइगर था’- कर्नाटक के स्कूलों में अब नहीं होगी ऐसी पढ़ाई, अहोम-करकोटा राजवंश को जानेंगे बच्चे: मदरसों पर बैन की माँग भी

स्कूली पाठ्य-पुस्तकों में विवादित संदर्भों की पढ़ाई को लेकर कर्नाटक सरकार द्वारा गठित समीक्षा समिति ने टीपू सुल्तान पर अध्याय को बनाए रखने की सिफारिश की है, लेकिन इसके महिमामंडन वाले हिस्से को हटाने की बात कही है। समिति ने पाठ्यक्रमों में मैसूर के वाडियार राजपरिवार, सुरपुर वंश के वेंकटप्पा नायक सहित अन्य शासकों को शामिल करने की सिफारिश की है। दूसरी तरफ, राज्य के भाजपा विधायक एमपी रेणुकाचार्य ने राज्य में मरदसों को बंद कराने की अपील करते हुए कहा कि इनमें राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को शिक्षा दी जाती है।

रोहित चक्रतीर्थ की अध्यक्षता वाली स्कूली पाठ्य-पुस्तक समीक्षा समिति ने राज्य सरकार को दिए अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 18वीं शताब्दी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान को मैसूर का शेर कहा जाता है। चक्रतीर्थ का कहना है कि ये कोई नहीं जानता की टीपू सुल्तान को यह उपाधि किसने और किस संदर्भ में दी है।

भाजपा विधायक अपाचू रंजन सहित कई हिंदू संगठनों ने टीपू सुल्तान को लेकर आपत्ति जाहिर की थी। इनका कहना था कि वह एक कट्टर इस्लामिक सुल्तान था, जिसने बड़े पैमाने पर हिंदुओं का नरसंहार और उनका धर्मांतरण किया। उसका स्कूली पाठ्यक्रमों में अनावश्यक रूप से महिमामंडन किया गया है। इसके बाद सरकार इस समिति का गठन किया था।

समिति ने वाडियार राजवंश, उत्तर-पूर्व में 600 वर्षों तक शासन करने वाले अहोम राजवंश और कश्मीर पर 300 वर्षों तक शासन करने वाले करकोटा राजवंश को पाठ्यक्रम में शामिल करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि महर्षि बाल्मिकी के लिए पाठ्यक्रमों में एकवचन का प्रयोग किया गया है, जो अपमानजक है।

इसको लेकर भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने टीपू सुल्तान, औरंगजेब सहित अन्य मुस्लिम शासकों को ‘कट्टर’ बताते हुए शनिवार (26 मार्च 2022) को उन्हें पाठ्यक्रमों से पूरी तरह हटाने की माँग की।

बंद हों राज्य के मदरसे

वहीं भाजपा के विधायक रेणुकाचार्य ने राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से मदरसों को बंद कराने और अन्य स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रमों के अनुसार बनाए जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन मदरसों में देश विरोधी बातें बताई और पढ़ाई जाती हैं। उन्होंने देश में मदरसों की आवश्यकता पर सवाल उठाया।

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मैं कॉन्ग्रेस से पूछना चाहता हूँ कि हिजाब का मुद्दा किसने बनाया, आपने या हमने? क्या वोट बैंक आपके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है? मैं कॉन्ग्रेस से पूछता हूँ कि हमें मदरसों की जरूरत क्यों है? मदरसे क्या प्रचार करते हैं? वे मासूम बच्चों को भड़काते हैं। कल वे हमारे देश के खिलाफ काम करेंगे। वे कभी भी ‘भारत माता की जय’ नहीं कहेंगे।”

नाबालिग पत्नी, शारीरिक संबंध, बच्चा भी… मेघालय हाईकोर्ट ने ‘धमकी या जोर-जबरदस्ती नहीं’ तर्क के साथ रद्द की पॉक्सो में दर्ज FIR

मेघालय हाईकोर्ट ने एक फैसले में पॉक्सो (POCSO) के तहत आपराधिक कार्रवाई और दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट का कहना है कि नाबालिग लड़की आरोपित व्यक्ति के साथ पत्नी के रूप में रह रही है और उसने एक बच्चे को भी जन्म दिया है।

उच्च न्यायालय के जस्टिस डब्ल्यू डिंगदोह (W Diengdoh) ने अपने फैसले में कहा कि पति-पत्नी के रूप में रहते हुए आपसी सहमति से एक वयस्क व्यक्ति द्वारा एक नाबालिग लड़की के साथ बनाए गए शारीरिक संबंध के मामले बेहद जटिल होते हैं, खासकर जब दोनों के बच्चे हो गए हों।

कोर्ट ने कहा कि उस दौरान पत्नी की उम्र 18 साल से कम थी। इसलिए वह POCSO ऐक्ट की धारा 2(1)(d) के अनुसार ‘बच्चे’ की परिभाषा के अंतर्गत आती है। कोर्ट ने आगे कहा कि बच्चा होने और अपनी सहमति देने में असमर्थ होने के कारण आरोपित पति द्वारा बनाए गए शारीरिक संबंधों के लिए उसे रेप के अपराध में दंडित करने पर विचार किया गया।

कोर्ट ने आगे कहा, हालाँकि इसे यौन हमले के रूप में तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि आरोपित पति ने पीड़िता पत्नी को ना ही धमकी दी और ना ही कोई यौन हमला या शारीरिक नुकसान पहुँचाने की कोशिश नहीं की।

लाइव लॉ के अनुसार, इस बात पर बल देते हुए न्यायालय ने Cr.P.C की धारा 482 में प्रदत्त अपनी असाधारण शक्ति का प्रयोग करते हुए कोर्ट ने न्याय सुनिश्चित करने के लिए FIR और आरोपित पति पर चलाए जा रहे आपराधिक मुकदमे को रद्द करने का निर्णय है।

क्या है मामला

आरोपित और पीड़िता पति-पत्नी हैं और अपने रिलेशनशिप के दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई थी। जब आरोपित अपनी पत्नी की जाँच कराने के लिए उसे लेकर अस्पताल पहुँचा तो डॉक्टरों प्रेग्नेंसी की पुष्टि की। इस दौरान पीड़िता की उम्र 17 साल थी। पीड़िता को नाबालिग देखकर अस्पताल ने इस बारे में पुलिस को सूचना दे दी।

इसके बाद पुलिस ने पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद आरोपित पति मेघालय हाईकोर्ट पहुँचा और पाॉक्सो के तहत उसके खिलाफ चलाए जा रहे आपराधिक मुकदमे को रद्द करने की माँग वाली याचिका दी।

इस मामले में आरोपित के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि याचिकाकर्ता और पीड़िता पति-पत्नी हैं। इस मामले में पीड़िता ने CrPC की धारा 161 और 164 के तहत अपना बयान दर्ज करा चुकी है। उधर नाबालिग की माँ ने कहा कि दोनों पति-पत्नी हैं और दोनों का एक बच्चा है। इस मामले में ना ही नाबालिग और ना ही परिवार कोई कार्रवाई चाहता है।

कोर्ट में यह भी तर्क दिया गया कि दोनों ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और स्थानीय परंपरा के अनुसार स्वेच्छा से पति-पत्नी के रूप में दोनों साथ रहते थे। इस वजह से दोनों को एक बच्चा भी हो गया।