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‘क्या सही समय है, बड़ा एक्साइटमेंट हो रहा’: यूक्रेन पर हमले के बीच रूस गए इमरान खान, अमेरिका की चेतावनी के बाद भी पूरा करेंगे दौरा

यूक्रेन पर हमले के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए मॉस्को पहुँचे हैं। जहाँ रूसी उप विदेश मंत्री, सर्गेई अलेक्सेयेविच रयाबकोव ने हवाई अड्डे पर इमरान खान और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। दूसरी तरफ यूक्रेन पर हमले को देखते हुए उनकी रूस यात्रा पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। अमेरिका ने भी इमरान खान के दौरे पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें नसीहत दी थी। अमेरिका ने कहा कि यह हर ‘जिम्मेदार’ देश की जिम्मेदारी है कि वह यूक्रेन में रूस की गतिविधियों पर आपत्ति जताए। अमेरिका के चेतावनी के बाद भी पाकिस्तानी मीडिया की तरफ से खबर आ रही है कि इमरान खान अपना मॉस्को दौरा पूरा करेंगे।

इस बीच इमरान खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह उनके मॉस्को में लैंडिंग के बाद का है। वीडियो में इमरान खान के साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में इमरान खान को कहते सुना जा सकता है, “मैं कितने सही समय पर यहाँ आया हूँ, मैं बहुत उत्सुक हूँ।” कुछ देर बाद वह फिर दोहराते हैं, “मैं बहुत उत्सुक हूँ।”

बता दें कि इमरान खान जब मॉस्को में हैं तब रूस की सेना यूक्रेन में घुस चुकी है और पुतिन पूर्वी यूक्रेन में एक स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन का आदेश दे चुके हैं। जिसके तहत गुरुवार (24 फरवरी, 2022) सुबह से ही राजधानी कीव और अलग-अलग शहरों में धमाके हो रहे हैं जिसके बाद यूक्रेन ने इसे फुल स्केल अटैक कहा है। ऐसे में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के रूस दौरे को लेकर ट्विटर पर भी लोगों ने जमकर खिंचाई की। एक यूजर ने इसे उनकी औकात बताया है तो वहीं, एक दूसरे यूजर ने लिखा है, “फोटो तो अच्छी वाली लगा देते।”

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बुधवार (23 फरवरी, 2022) को एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान इमरान खान और पुतिन की मॉस्को में होने वाली मुलाकात को लेकर सवाल पर कहा कि हमने पाकिस्तान को यूक्रेन पर हालिया रूसी आक्रमण के बारे में हमारी स्थिति को लेकर सूचित किया है। हमने उन्हें युद्ध पर कूटनीति को आगे बढ़ाने के हमारे प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी है।

प्राइस ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन के साथ अपनी साझेदारी को अमेरिकी हितों के लिए महत्वपूर्ण मानता है। बता दें कि इमरान खान बुधवार को मॉस्को के लिए रवाना हुए थे। अपने दो दिवसीय दौरे पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का पुतिन के साथ बैठक और आर्थिक सहयोग सहित कई मुद्दों पर चर्चा की बात कही जा रही थी।

गौरतलब है कि इमरान खान के रूस रवाना होने से कुछ घंटे पहले ही अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी जैसे कई नाटो देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की है। पूर्वी यूक्रेन में रूसी सैनिकों के दाखिल होने के बाद रूस पहुँचने वाले खान पहले विदेशी नेता हैं।

तमिलनाडु के मंदिर से चोरी हुई 500 साल पुरानी भगवान हनुमान की मूर्ति आएगी भारत, बिहार से चोरी हुई भगवान बुद्ध की मूर्ति भी इटली ने लौटाई

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में करीब एक दशक पहले चोरी हुई भगवान हनुमान की मूर्ति मिल गई है। 14वीं-15वीं शताब्दी के विजयनगर साम्राज्य के दौरान की इस प्राचीन मूर्ति को चुराकर तस्करी के जरिए विदेश में बेचा गया था। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी का कहना है कि यह मूर्ति विदेश से जल्द भारत लाई जाएगी। 500 साल पुरानी इस मूर्ति को एक व्यक्ति ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में खोज निकाली है।

केंद्रीय मंत्री ने मूर्ति के बारे में दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री ने अपने एक ट्वीट में बुधवार को कहा, “पाँच सौ साल पुरानी भगवान हनुमान की कांस्य प्रतिमा को तमिलनाडु के एक मंदिर से चुरा लिया गया था। इसे अब भारत लाया जाएगा। चुराई गई प्रतिमा को अमेरिकी होमलैंड सेक्युरिटी ने प्राप्त किया। यूएस सीडीए ने अब इसे कैनबरा में भारतीय हाई कमीशन को सौंप दिया है।” रेड्डी ने आगे कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारतीय धरोहरों को वापस लाने का काम चलता रहेगा।

2012 में तमिलनाडु के मंदिर से चोरी हुई थी

ASI के मुताबिक 9 अप्रैल 2012 को इस मूर्ति को अरियालुर जिले के वेल्लूर गाँव में स्थित वर्धराजा पेरूमल मंदिर से चुरा लिया गया। साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया में इसकी करीब 29 लाख रुपए में नीलामी हुई। बाद में जाँच पड़ताल के बाद पता चला कि यह मूर्ति तमिलनाडु के मंदिर से चुराई गई है। सूत्रों का कहना है कि मूर्ति की नीलामी करने वाले ऑक्शन हाउस और इसे खरीदने वाले व्यक्ति को यह पता नहीं था कि यह मूर्ति भारत से चुराकर यहाँ लाई गई है। पिछले सात वर्षों में सरकार ने ऐसे करीब 212 धरोहरों एवं कलाकृतियों को वापस लाने में सफलता पाई है।

इसके अलावा, दशकों पहले बिहार से चोरी हुई भगवान बुद्ध की एक प्रमुख कलाकृति इटली में प्राप्त हुई है। बिहार के देवीस्थान कुंडलपुर मंदिर से चोरी हुई भगवान अवलोकितेश्वर पद्मपाणि (बुद्ध) की मूर्ति को मिलान में भारतीय वाणिज्य दूतावास को सौंप दिया गया है। एक महीने के भीतर इसे भारत पहुँचने की भी संभावना है।

कनाडा से वापस लाई गई थी 100 साल पहले चोरी हुई माँ अन्नपूर्णा की मूर्ति

गौरतलब है कि पिछले दिनों तकरीबन 100 साल पहले चोरी हुई माँ अन्नपूर्णा की मूर्ति को कनाडा से वापस लाया गया। ऐसा कहा गया कि मूर्ति को साल 1913 में काशी के एक घाट से चोरी किया गया था। फिर यहाँ से इसे कनाडा ले जाया गया। इसके बाद यह मैकेंजी आर्ट गैलरी में रेजिना विश्वविद्यालय (Regina University) के संग्रहालय में रखी गई थी।

यूक्रेन ने किया विमान मार गिराने का दावा, PM मोदी से मध्यस्थता की लगाई गुहार: रूस ने तबाह किए सैन्य अड्डे

रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है। कीव, डोनबास खार्कि, ओडेसा समेत कई इलाकों में भीषण धमाकों की खबरें सामने आई हैं। जिससे यूक्रेन के कई इलाकों में अफरातफरी का माहौल है। कीव में लंबे जाम की सूचना है, लोग भाग रहे हैं। एयर साइरन के जरिए भी लोगों को चेतावनी दी गई। वहीं 7 के मारे जाने और 9 लोगों के घायल होने की भी जानकारी अभी सामने आई है।

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने देश में मार्शल लॉ घोषित कर दिया है। उन्होंने नागरिकों से रूस के सैन्य अभियानों के बीच शांत रहने की अपील की है। वीडियो संबोधन में जेलेंस्की ने कहा, “रूस ने डोनबास क्षेत्र में विशेष सैन्य अभियान की घोषणा की है और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर व बॉर्डर गार्ड्स पर हमले कर रहा है।”

समाचार एजेंस रॉयटर्स ने यह जानकारी दी है कि यूक्रेन की सेना के दावे के अनुसार, उसने लुहान्स्क क्षेत्र में 5 रूसी विमानों और एक रूसी हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया है।

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक राजधानी कीव समेत कई जगह धमाके हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, रूस की सेना ने जानकारी दी है कि उसने यूक्रेन के सैन्य और हवाई अड्डों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है। वहीं एहतियातन कीव एयरपोर्ट को भी खाली करवाया जा रहा है। वहीं यूक्रेन ने PM मोदी से मदद की गुहार लगाई है।

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन द्वारा देश के भीतर नागरिक विमानों की उड़ानों को प्रतिबंधित करने के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट बीच रास्ते से वापस दिल्ली लौट गई। एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने कहा कि एयर इंडिया की उड़ान AI 1947 वापस आ रही है, क्योंकि कीव में NOTAM जारी किया गया है।

बता दें कि रूस द्वारा यूक्रेन के एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इसे देखते हुए यूक्रेन ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर लिया है। वहीं कीव स्थित भारतीय दूतावास ने अपने लोगों को सुरक्षित घरों में लौट जाने को कहा है।

रूस की तरफ से हमले शुरू होने के बाद से ही कीव में अफरातफरी का माहौल है। यूक्रेन की राजधानी कीव में लोगों में इस कदर खौफ है कि बड़ी तादाद में लोग वहाँ से भाग रहे हैं। कीव की सड़कों पर लंबा जाम दिखाई दे रहा है। मेट्रो स्‍टेशन के बाहर लोग एक-दूसरे से भावुक विदाई ले रहे हैं।

वहीं यूक्रेन-रूस संकट को लेकर समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बड़ी जानकारी दी है। इसके मुताबिक भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा है कि हम तेजी से बदलती स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारतीयों, खासकर छात्रों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष का विस्तार किया जा रहा है और इसे 24×7 आधार पर चालू किया जा रहा है।

रूस-यूक्रेन विवाद पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा, “हम तत्काल युद्ध टालने की अपील करते हैं, स्थिति एक बड़े संकट में तब्दील होने के कगार पर है। अगर इसे सावधानी से नहीं संभाला जाता तो यह सुरक्षा को कमजोर कर सकता है। सभी पक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखा जाना चाहिए।”

इस बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है, “जो कोई भी हमारे देश और हमारे लोगों के लिए खतरे पैदा करने की कोशिश करता है, उसे पता होना चाहिए कि रूस की प्रतिक्रिया तत्काल होगी और आपको ऐसे परिणामों की ओर ले जाएगी जैसा आपने अपने इतिहास में पहले कभी अनुभव नहीं किया है।”

ट्विटर ने सस्पेंड किए कई पॉपुलर दक्षिणपंथी हैंडल, ‘पॉलिसी उल्लंघन’ का बनाया बहाना

माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर ने एक बार फिर से राष्ट्रवादी अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपनी मंशा को जाहिर कर दिया है। गुरुवार (24 फरवरी 2022) को ट्विटर ने नीतियों के उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए एकतरफा कार्रवाई करते हुए कई लोकप्रिय हैंडल को सस्पेंड कर दिया।

जिन ट्विटर अकाउंट्स को निलंबित कर दिया है, उनमें से एक है बेफिटिंग फैक्ट्स। यह हैंडल फैक्ट चेक करने वाला लोकप्रिय ट्विटर अकाउंट है। इसे निलंबित करते हुए ट्विटर ने कहा कि इसने कई अकाउंट का उपयोग करते हुए उसकी पॉलिसी को तोड़ा है।

ट्विटर की मनमाना कार्रवाई के बाद ऑपइंडिया से बातचीत में बेफिटिंग फैक्ट्स ने बताया कि ट्विटर उसके कई अकाउंट्स की जानकारी माँग रहा है, लेकिन उसके पास केवल एक ही अकाउंट है।

इसी तरह से ‘द स्किन डॉक्टर’ नाम के एक अन्य लोकप्रिय अकाउंट को भी सस्पेंड कर दिया है। इस पर भी ट्विटर ने कंपनी के नियमों के उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।

दूसरे ट्विटर अकाउंट ‘द एंग्री लॉर्ड’ को भी ट्विटर ने निलंबित कर दिया है।

ट्विटर यहीं नहीं रूका। उसने फेमस न्यूज और करेंट अफेयर्स ट्विटर अकाउंट ‘मेघ बुलेटिन’ पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उसके अकाउंट को भी सस्पेंड कर दिया।

हालाँकि, बड़ी बात ये है कि ट्विटर जिस पॉलिसी उल्लंघन की बात कर रहा है, उसके बारे में नहीं बताया कि आखिर क्यों इन राष्ट्रवादी हैंडल्स को निलंबित किया गया। ट्विटर पर जानबूझकर और मनमाने ढंग से राष्ट्रवादी और राइट विंग अकाउंट्स के खिलाफ एक्शन लेने का आरोप है, जबकि वामपंथियों और कट्टरपंथियों द्वारा डॉकिंग और धमकाने जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है।

ट्विटर ने बीजेपी के कार्टून को भी किया था डिलीट

गौरतलब है कि हाल ही में 2008 के अहमदाबाद बम ब्लास्ट के मामले में 38 दोषियों को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद बीजेपी ने कोर्ट की तारीफ करते हुए एक कार्टून पोस्ट किया था, जिसे ट्विटर ने हटा दिया था। गुजरात बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल @BJP4Gujarat ने जो कार्टून पोस्ट किया था, उसमें टोपी पहने मुस्लिमों के एक समूह को फंदे से एक साथ लटका हुआ दिखाया गया था। कार्टून में कोर्ट के फैसले को दिखाया गया था। बता दें कि इस मामले में 49 मुस्लिमों को दोषी ठहराते हुए 38 को फाँसी की सजा सुनाई गई थी।

BJP4Gujarat tweet

खास बात ये है कि कट्टरपंथी इस्लामियों और लेफ्ट लिबरल्स समेत कई संदिग्धों ने भाजपा पर हमले करते हुए नरसंहार का आह्वान किया था। हालाँकि, भाजपा की ओर से यह ट्वीट केवल अदालत के फैसले का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें सभी मुस्लिमों को दोषी ठहराया गया है। बावजूद इसके यह दावा किया गया कि भाजपा नरसंहार की वकालत कर रही है।

शुरू हो गया प्रोपेगेंडा वार? दावा- यूक्रेन की औरतों को बुला रहे रूसी सैनिक, Tinder पर भेज रहे फोटो-फ्लर्टी मैसेज

रूस और यूक्रेन के बीच जंग छिड़ चुकी है। कई जगहों पर रूसी सेना ने क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों से अटैक भी किया है। रूस की सेना का दावा है कि वह आम लोगों पर हमला नहीं कर रही है। उनके निशाने पर यूक्रेन के सैन्य ठिकाने हैं। लेकिन पश्चिमी मीडिया ने एक यूक्रेनी महिला के हवाले से हैरान करने वाला दावा किया है। इसके मुताबिक रूसी सैनिक यूक्रेन की औरतों को डेटिंग साइट टिंडर (Tinder) पर फ्लर्टी मैसेज भेज रहे हैं।

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक आंद्रेई, अलेक्जेंडर, ग्रेगरी और माइकल सहित दर्जनों कथित रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की महिलाओं को आकर्षित करने के लिए प्रोफाइल डेटिंग ऐप पर क्रिएट की है। Dasha Synelnikova नाम की एक महिला ने बताया कि बीते कुछ दिन से Tinder पर कई रूसी सैनिक उन्हें मैसेजेस और रिक्वेस्ट भेज रहे हैं। महिला का दावा है कि कई रूसी सैनिक उन्हें सोशल मीडिया पर फ्लर्ट करने के बुला रहे हैं। कुछ सैनिकों ने बाकायदा अपनी पोजीशन और हैसियत की जानकारी देते हुए तस्वीरें भेजी हैं।

महिला ने बदला लोकेशन सेटिंग

Dasha Synelnikova यूक्रेन के कीव (Kyiv) में रहती हैं। उनका कहना है कि उनकी फ्रेंड ने उन्हें Tinder पर बहुत सारे रूसी सैनिक आने की जानकारी दी तो पहले उन्होंने ध्यान नहीं दिया। जब उनके पास भी धड़ाधड़ वैसे ही मैसेज आने लगे तब जाकर उन्हें मामले की गहराई का अहसास हुआ। अब उन्होंने अपने लोकेशन सेटिंग को Kharkiv में बदल दिया है, लेकिन वहाँ भी उन्हें रूसी सैनिकों के मैसेज आने लगे।

Dasha ने आगे बताया, “एक भेजी गई तस्वीर में रूसी सैनिक टाइट धारीदार बनियान में नजर आ रहा था। एक अन्य तस्वीर में आदमी अपनी पिस्टल के साथ बेड पर लेटकर पोज दे रहा था। हालाँकि, मुझे उनमें से कोई भी आकर्षक नहीं लगा। मैं कभी भी दुश्मन के साथ बात करने पर विचार नहीं करूँगी। मैंने Tinder पर उनकी रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर दी। लेकिन बहुत से ऐसे थे जो मैसेज भेजे जा रहे थे।” 

मैसेज में क्या बात हुई? 

इस बीच Dasha Synelnikova ने 31 वर्षीय आंद्रेई (कथित रूसी सैनिक) के साथ मैसेज पर बात की। Dasha ने आंद्रेई से पूछा, “आप कहाँ हो? क्या आप Kharkiv में हो?” इस पर आंद्रेई ने कहा- “बेशक मैं Kharkiv में नहीं हूँ लेकिन मैं करीब हूँ… 80 किमी दूर बस।” 

Dasha ने फिर पूछा- “क्या आपकी हमसे मिलने की कोई योजना है?” इस पर आंद्रेई ने जवाब दिया- “मैं खुशी-खुशी आऊँगा लेकिन 2014 से यूक्रेन में रूसी लोगों का स्वागत नहीं किया गया है।” Dasha ने फिर पूछा- “आप करते क्या हो?” इस पर Andrei ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। लेकिन Tinder पर आने वाले तमाम मैसेजेस को महिला ने रूसी सैनिकों के मैसेज बताए हैं। कई प्रोफ़ाइल में रूस की सेना की वर्दी पहने हुए लोग दिखाई दिए। महिला ने इनके स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं। 

शराब पीकर नंगा नाच रहा था बिहार में JDU नेता, वीडियो वायरल: इससे पहले ट्रेन में अंडरवियर में घूमते दिखे थे नीतीश के MLA

बिहार में शराब के नशे में नंगा होकर नाचते एक व्यक्ति का वीडियो वायरल हो रहा है। मंगलवार (22 फरवरी) का यह वायरल वीडियो नालंदा जिले का बताया जा रहा और वीडियो में दिख रहा व्यक्ति बिहार के सत्ताधारी दल JDU का नेता कहा जा रहा है। इस व्यक्ति की पहचान जय प्रकाश उर्फ़ कारु के रूप में हुई है। पुलिस ने कारु को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। JDU ने जय प्रकाश को पहले ही पार्टी से निकाले जाने का दावा किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नालंदा के इस्‍लामपुर प्रखंड में युवा जदयू नेता शराब के नशे में नंगा हो कर नाच रहा था। किसी ने उसकी वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो में आरोपित जय प्रकाश अपने घर के बाहर खड़ा होकर अपने भाई को गालियाँ भी दे रहा है। थाना प्रभारी चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, “हमें जगदीशपुर गाँव में हंगामे की सूचना मिली थी। पुलिस ने गाँव में पहुँचकर जय प्रकाश उर्फ़ कारू को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के समय उसके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। मेडिकल जाँच में उसके द्वारा शराब पिए जाने की पुष्टि हुई है। हमने उसे जेल भेज दिया है।”

वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद JDU के मुख्य जिला प्रवक्ता धनंजय कुमार देव ने कहा, “जय प्रकाश पार्टी से पहले से ही निष्कासित है। हमारी पार्टी में ऐसे किसी नेता का कोई स्थान नहीं है। हमारी सरकार सुशासन की है। इसमें हर दोषी को सज़ा मिलेगी। पहले कभी जय प्रकाश प्रसाद उर्फ कारू को इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र के युवा जदयू का प्रभारी बनाया गया था, लेकिन वह फिलहाल पार्टी में नहीं है।”

गौरतलब है कि इससे पहले सितम्बर 2021 में JDU विधायक गोपाल मंडल की ट्रेन में चड्डी में घूमने की तस्वीर वायरल हुई थी। गोपाल मंडल भागलपुर से MLA हैं। उनकी तस्वीर गुरुवार (2 सितंबर 2021) की रात को पटना-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस के A-1 कोच में ली गई थी। उस समय ट्रेन में महिलाएँ भी थीं, जिन्होंने उनकी इस हरकत का विरोध किया था। उन्होंने यात्रियों के साथ गाली-गलौच और गोली मारने की धमकी भी दी थी। विवाद बढ़ा तो ट्रेन में एस्कॉर्ट कर रही आरपीएफ की टीम और टीटीई मौके पर पहुँचे थे। उन्होंने जैसे-तैसे मामले को शांत कराया था। मामले में किसी भी पक्ष से पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी।

बुर्के में नहीं थीं इसलिए स्कूली बच्चियों को आग में जलने के लिए छोड़ दिया: जब जिंदगी के आड़े आ गई मजहबी पुलिस, 15 जलकर मर गईं

कर्नाटक में चल रहे बुर्का विवाद (Karnataka Hijab Row) के बीच इसके समर्थक बार-बार मजहबी मान्यताओं की दलील दे रहे हैं। इन्हीं मजहबी मान्यताओं की वजह से सऊदी अरब के एक स्कूल में बच्चियों को जलने के लिए छोड़ दिया गया था। कोई उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया। किसी ने प्रयास किया भी तो मजहबी आधार पर पुलिस ने उसे रोक दिया। आखिर में 15 बच्ची जलकर मर गईं।

यह घटना 11 मार्च 2002 की है। मक्का के एक स्कूल में हुई इस त्रासदी ने सबको झकझोर दिया था। शहर के स्कूल में लगी आग में 15 छात्राएँ झुलस कर मर गईं। उन्हें बचाने का प्रयास तक नहीं किया गया, क्योंकि उन्होंने ‘उचित इस्लामी पोशाक’ नहीं पहना था। यानी उन्होंने अपना सिर नहीं ढका था और अबाया (बुर्का) नहीं पहना था। बता दें कि हिजाब सिर ढँकने के लिए होता है, जबकि बुर्का सर से लेकर पाँव तक।

‘हिजाब’ और ‘बुर्का’ न पहनने की वजह से सऊदी अरब की मजहबी पुलिस ने छात्राओं को धधकती आग से निकालने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं बचावकर्मियों को भी इससे रोक दिया। लड़कियों को बचाने आए लोगों को भी चेतावनी दी गई। उनसे कहा गया कि उनके संपर्क में जाना पाप है।

एक गवाह ने बताया था कि जब लड़कियों ने स्कूल से निकलने की कोशिश की तो मजहबी पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनकी पिटाई की। मृत लड़कियों में से एक के पिता ने बताया कि स्कूल के चौकीदार ने लड़कियों को बाहर निकालने के लिए गेट खोलने से भी इनकार कर दिया। इह्यूमन राइट्स वॉच के मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका डिवीजन के कार्यकारी निदेशक हैनी मेगाली ने कहा था, “इस्लामी ड्रेस कोड की अत्यधिक व्याख्याओं के कारण लड़कियों की अनावश्यक रूप से मृत्यु हो हुई।”

मालूम हो कि मक्का के इंटरमीडिएट स्कूल नंबर 31 (13 से 15 वर्ष की लड़कियों के लिए) में आग 11 मार्च, 2002 की सुबह लगी थी। आग लगने का कारण कुुछ रिपोर्टों में ऊपरी मंजिल पर पड़ी लावारिस सिरगेट बताया गया तो कुछ में दावा किया गया कि यह बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। इस त्रासदी में 15 लड़कियों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए। स्कूल में 800 से अधिक छात्राएँ थीं। जाँच में पाया गया कि स्कूल में न तो आग बुझाने के उपकरण थे और न ही अलार्म या आपातकालीन सीढ़ियाँ। इसके अलावा, खिड़कियाँ लोहे की ग्रिल से ढकी हुई थीं और उन्हें खोला नहीं जा सकता था। जिसकी वजह से भयंकर त्रासदी हुई।

उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब में मजहबी पुलिस का व्यापक खौफ है। वे ड्रेस कोड को लागू करने के लिए सड़कों पर घूमते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रार्थना (नमाज) समय पर की जाए। जो लोग उनके आदेशों का पालन करने से इनकार करते हैं उन्हें अक्सर पीटा जाता है और कभी-कभी जेल में भी डाल दिया जाता है।

‘द वायर’ के प्रोपेगेंडा पर अदालत का हथौड़ा: 14 आर्टिकल्स हटाने का आदेश, कोवैक्सीन के खिलाफ फैला रहा था झूठ

तेलंगाना (Telangana) की एक अदालत ने वामपंथी प्रोपेगेंडा पोर्टल ‘द वायर’ को अपने 14 आर्टिकल्स 48 घंटे में हटाने के आदेश दिए हैं। ये सभी आर्टिकल्स भारत की दवा कम्पनी भारत बायोटेक और उसके द्वारा बनाई गई कोविड-19 की वैक्सीन कोवक्सीन के विरुद्ध भ्रामक प्रचार से संबंधित थे। यह आदेश भारत बायोटेक द्वारा द वायर और उससे जुड़े 12 लोगों के विरुद्ध दायर 100 करोड़ रुपए की मानहानि के मुकदमे की सुनवाई के दौरान दिया गया।

बार और बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने द वायर, उसके एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन और मुकदमे में शामिल अन्य लोगों को भारत बायोटेक से जुड़ी मानहानि करने वाली कोई भी आर्टिकल प्रकाशित करने से मना किया है। भारत बायोटेक ने अदालत में द वायर पर अपने खिलाफ झूठे आर्टिकल्स छापने का आरोप लगाया था। भारत बायोटेक की तरफ से सीनियर वकील विवेक रेड्डी ने बहस की। उनके मुताबिक, द वायर के लेख तथ्यहीन और भ्रामक हैं, जिससे कम्पनी की छवि को नुकसान पहुँचा है।

कोर्ट में भारत बायोटेक के वकील के कहा कि भारत बायोटेक ने पहले भी टीबी, चिकुनगुनिया, जीका जैसी कई बीमारियों की दवाएँ बनाई हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुमोदित हुआ है। अब भारत सरकार के शीर्ष संस्थानों के साथ मिलकर कोविड-19 वैक्सीन बनाई गई है। द वायर ने कम्पनी पर आरोप लगाती हुई आर्टिकल्स की एक पूरी सीरीज प्रकाशित की है। इसमें तथ्यों को जाँच किए बिना कोवैक्सीन की प्रमाणिकता और एप्रूवल पर सवाल उठाए गए।

इस केस में शामिल नाम

साभार – बार एंड बेंच

बहस के दौरान कोर्ट ने यह भी नोट किया कि भारत सरकार द्वारा एप्रूवल मिलने के बाद भी द वायर कोवैक्सीन के खिलाफ लेख लिखता रहा। अदालत ने कहा कि सिर्फ कोवैक्सीन ही 15 से 18 साल के किशोरों के लिए एप्रूव है, लेकिन पोर्टल द्वारा भ्रामक खबरें लिखते रहने के चलते इस वैक्सीन पर संदेह पैदा हो सकता था। इसके बाद अदालत ने आदेश देते हुए द वायर को 48 घंटों के भीतर 14 आर्टिकल्स को हटाने के लिए कहा।

इस फैसले पर द वायर के एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन ने कहा, “आंध्र प्रदेश की एक स्थानीय अदालत ने उन्हें बिना किसी नोटिस के 14 आर्टिकल्स को हटाने के आदेश दिए हैं। भारत बायोटेक ने लेखों में बदलाव करने या खंडन करने के कुछ भी नहीं दिया है।”

जब भारत बायोटेक और सीरम इंस्टिट्यूट जैसी भारतीय दवा कम्पनियाँ कोविड-19 की वैक्सीन बनाने में सफल रहीं तब से वामपंथी समूह उन्हें बदनाम करने में लगा हुआ है। वो अमेरिकी दवा कम्पनी फाइजर (Pfizer) द्वारा बनाई गई वैक्सीन को बेहतर साबित करना चाह रहे हैं। इसलिए वो अफवाह उड़ा कर भारतीय वैक्सीन के विरुद्ध भ्रामक लेख छाप रहे हैं। भारत बायोटेक ने पिछले महीने कोवैक्सीन के विरुद्ध अफवाह उड़ाने वाले कई मीडिया संस्थानों का फैक्ट चेक किया था। इसमें द वायर भी शामिल था। कम्पनी ने द वायर की खबर का दिसंबर महीने में ही खंडन किया था।

माउंट कार्मेल में सिख छात्रा से पगड़ी उतारने को कहा: कॉलेज ने कहा- हमें आपत्ति नहीं, हिजाब वाली लड़कियाँ कर रहीं विरोध

कर्नाटक में बुर्के पर चल रहे विवाद (Karnataka Hijab Row) के बीच एक सिख छात्रा को पगड़ी उतारने के लिए कहे जाने का मामला सामने आया है। घटना बेंगलुरु के माउंट कार्मेल पीयू कॉलेज की है। रिपोर्टों के अनुसार कॉलेज प्रशासन ने हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सिख छात्रा से पहली बार 16 फरवरी 2022 को पगड़ी उतारने को कहा गया था। बताया जा रहा है कि छात्रा के पगड़ी पहनने से कॉलेज प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन हिजाब पहनने वाली छात्राओं के विरोध के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के मुताबिक जिस सिख छात्रा को पगड़ी उतारने को कहा गया, वह छात्र संगठन की अध्यक्ष भी है। छात्रा के परिवार ने अब कर्नाटक सरकार और हाई कोर्ट से निर्देश जारी करने की माँग की है। छात्रा के पिता का नाम गुरचरण सिंह है जो IT कम्पनी में बड़े अधिकारी हैं। उन्होंने पगड़ी हटाने से साफ मना कर दिया है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मेरी बेटी को अब तक कॉलेज में किसी भी भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा है। लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब परिस्थितियाँ विषम हैं। कोर्ट के आदेश में कहीं भी सिख पगड़ी का जिक्र नहीं हुआ है। हम इस मामले में सिख समुदाय और वकीलों के सम्पर्क में हैं। हमने कॉलेज प्रशासन से भी बेटी को पगड़ी के साथ पढ़ाई करने की अनुमति देने की माँग की है।”

वहीं कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में छात्रा और उनके परिजनों से मिल कर हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया है। कॉलेज के प्रवक्ता ने बताया, “हमने सभी छात्र-छात्राओं को 16 फरवरी को ही कोर्ट के आदेश से अवगत करवा दिया था। इसके बाद गतिविधियाँ सामान्य रहीं। मंगलवार को प्री-यूनिवर्सिटी एजुकेशन (नॉर्थ) के डिप्टी डायरेक्टर कॉलेज आए थे। वहाँ पर हिजाब पहने लड़कियों का समूह खड़ा था। उन्होंने सभी लड़कियों को ऑफिस में बुला कर उच्च न्यायालय से आदेश से अवगत करवाया।”

कॉलेज प्रवक्ता ने आगे कहा, “हमें सिख पगड़ी पहनने वाली छात्रा से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन हिजाब वाली लड़कियों ने सिख लड़की के पगड़ी पहनने पर आपत्ति जताई। उन्होंने किसी भी लड़की के किसी भी धार्मिक चिन्ह का विरोध किया। ऐसे में हमने लड़की के पिता से फोन पर बात कर के उन्हें ई मेल भी किया। सिख छात्रा के पिता ने पगड़ी को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बताया, लेकिन जब दूसरी लड़कियों ने सभी को एक जैसे नियम की बात कही तब हमने उन्हें इससे अवगत करवाया।” डिप्टी डायरेक्टर जी श्रीराम के मुताबिक, “हमें इस मामले को और आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। हाई कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। लड़कियाँ अब मान गईं हैं। किसी को कोई दिक्कत नहीं है।”

कीव पर दागी मिसाइलें, कई शहरों में धमाके: यूक्रेन की सेना से बोले पुतिन- हथियार डाल घर जाएँ, दुनिया से कहा- ऐसा होगा जो कभी नहीं देखा होगा

जिस युद्ध का अंदेशा पिछले कई दिनों से जताया जा रहा था वह शुरू हो गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने टेलीविजन के जरिए देश को संबोधित करते हुए पूर्वी यूक्रेन में ‘स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन’ के आदेश दिए। इसके बाद यूक्रेन के कई शहरों में धमाके की आवाज सुनी गई। यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइलें दागी जाने की खबर है।

इससे पहले पुतिन ने अपने संबोधन में कहा, “मैं यूक्रेन की आर्मी से कहना चाहूँगा कि आपके पुरखे और हम साझा लड़ाई लड़ते रहे हैं। आप अपने हथियार डाल घर चले जाएँ। यूक्रेन के ऐसे सैनिकों को सुरक्षित घरों तक पहुँचाया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें परिणाम भुगतना होगा।” रूसी राष्ट्रपति ने इस युद्ध में हस्तक्षेप को लेकर दुनिया को भी चेताया है। उन्होंने कहा है, “जो हो रहा है उसमें यदि कोई बाहरी देश घुसता है तो उसे तुरंत जवाब मिलेगा। ऐसा होगा जो इतिहास ने कभी नहीं देखा होगा। मैं उम्मीद करता हूँ मेरी आवाज सुनी जाएगी।”

पुतिन ने संबोधन में कहा कि यूक्रेन द्वारा पेश किए जा रहे खतरों के जवाब में यह कार्रवाई की जा रही है। रूस का लक्ष्य यूक्रेन पर कब्जा करना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इसका मकसद नागरिकों की रक्षा करना है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से अपने सैनिकों को यूक्रेन पर हमला करने से रोकने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में रूसी राष्ट्रपति से अपने सैनिकों को यूक्रेन में प्रवेश करने से रोकने के लिए कहा है।  

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने रूस की कार्रवाई की निंदा की है तो वहीं पुतिन ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से रोकने और मॉस्को सुरक्षा गारंटी की पेशकश करने की रूस की माँग की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, “पूरी दुनिया की प्रार्थनाएँ आज यूक्रेन के लोगों के साथ हैं क्योंकि वे रूसी सैन्य बलों द्वारा एक अकारण और अनुचित हमले का शिकार हुए हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने एक पूर्व नियोजित युद्ध चुना है जो मानव पीड़ा के साथ जीवन हेतु एक विनाशकारी नुकसान लाएगा।”

इधर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शांति बनाए रखने की अपील की है। देश के नाम संबोधन में जेलेंस्की ने यह भी बताया कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन करने की कोशिश की थी, लेकिन क्रेमलिन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। राष्ट्रपति ने देर रात अपने संबोधन में रूस के उन दावों को खारिज कर दिया कि उनका देश रूस के लिए खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि रूस के आक्रमण से लाखों जिंदगियाँ प्रभावित होंगी।

वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेन के लोग और यूक्रेन की सरकार शांति चाहते हैं। लेकिन अगर हम पर हमला होता है, अगर हम अपने देश, अपनी स्वतंत्रता, अपने जीवन और अपने बच्चों के जीवन को छीनने के प्रयास का सामना करते हैं, तो हम अपनी रक्षा करेंगे। जब आप हम पर हमला करेंगे तो हम सामने खड़े दिखाई देंगे न कि पीठ दिखाकर भाग खड़े होंगे।”

वहीं यूक्रेन के विदेश मंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यूक्रेन अपना बचाव करेगा और जीतेगा। पुतिन ने अभी-अभी यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किया है। यूक्रेन के शांतिपूर्ण शहरों पर हमले हो रहे हैं। यह आक्रामकता का युद्ध है। दुनिया पुतिन को रोक सकती है और उसे रोकना भी करना चाहिए। अब कार्रवाई का समय आ गया है।”

इधर गुरुवार (24 फरवरी 2022) को यूक्रेन से भारतीयों को लेकर IGI एयरपोर्ट पर पहुँचा। इसमें छात्र भी शामिल है। वहाँ से लौटी MBBS की छात्रा ने कहा, “मैं जहाँ रह रही थी वहाँ की स्थिति ठीक है क्योंकि वह जगह बॉर्डर से दूर है। लेकिन हमारे दूतावास ने हमें जाने के लिए कहा। एडवाइजरी जारी होने के बाद हम वापस आ गए।”