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टेनिस खिलाड़ी जोकोविच की उपस्थिति से देश में अशांति का खतरा: ऑस्ट्रेलियाई मंत्री ने कहा- इससे बढ़ सकती है वैक्सीन विरोधी भावना

टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) को शनिवार (15 जनवरी 2022) को फुली वैक्सीनेटेड ना होने के कारण ऑस्ट्रेलिया में दूसरी बार हिरासत में लिया गया है। ऑस्ट्रेलिया के आव्रजन मंत्री एलेक्स हॉक (Alex Hawke) ने कहा है कि जोकोविच के कारण देश में ‘नागरिक अशांति’ फैलने का खतरा है। उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए उनकी वीजा को दूसरी बार रद्द किया गया है।

हॉक ने कहा कि देश में कोरोना टीका का विरोध करने वाले लोग उन्हें अपने प्रतिनिधि की तरह देखते हैं। अगर ऐसा ही रहा तो देश में लोग कोरोना टीकाकरण का बहिष्कार कर सकते हैं। इससे देश कोरोना के कॉम्यूनिटी ट्रांसमिशन होने का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा जोकोविच पर दोष सिद्ध हो जाने के जाने के बाद उन पर देश में तीन साल के लिए बैन लगाया जा सकता है और उन्हें 2024 तक ऑस्ट्रेलिया में आने अनुमति नहीं होगी।

हॉक ने कहा “मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में जोकोविच की उपस्थिति से ऑस्ट्रेलिया के लोगों में कोरोना टीकाकरण विरोधी भावना बढ़ सकती है। इससे देश में सोशल अनरेस्ट बढ़ सकता है। ऑस्ट्रेलिया में पहले ही कोरोना के टीके के खिलाफ कई रैलियाँ और विरोध प्रदर्शन हुए हैं। जोकोविच एक रुतबे वाले व्यक्ति हैं और लोगों के बीच उनका खासा प्रभाव है।”

उन्होंने कहा कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद जोकोविच ने जिस तरह का व्यवहार किया, उससे ऑस्ट्रेलिया में उनकी उपस्थिति अन्य लोगों को कोरोना गाइडलाइन मानने से इनकार के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में कोरोना को लेकर बेहद कड़ी गाइडलाइन्स हैं।

हॉक के बयान पर जोकोविच के वकील ने कहा, “मंत्री ने ऐसे किसी सबूत का हवाला नहीं दिया जो उनके इस निष्कर्ष को साबित करता हो कि देश में जोकोविच की उपस्थिति टीकाकरण विरोधी भावना को बढ़ावा दे सकती है।” जोकोविच के वकील ने तर्कहीन बताते हुए इसके खिलाफ कोर्ट में अपील की है।

बता दें कि विश्व के नंबर वन टेनिस खिलाड़ी के मामले में रविवार (16 जनवरी 2022) को ऑस्ट्रेलिया की हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। यानी अब कोर्ट का फैसला तय करेगा कि जोकोविच ऑस्ट्रेलिया में बिना वैक्सीनेशन के रह सकते हैं या नहीं।

मालूम हो कि ऑस्ट्रेलिया ओपन टूर्नामेंट में आने से पहले जोकोविच कोरोना पॉजिटिव थे। इसके बावजूद उन्होंने पिछले महीने अपने देश सर्बिया के कई कार्यक्रमों में भाग लिया था। खिलाड़ी ने इस बात को स्वीकार किया था कि उन्होंने पॉजिटिव रहते हुए एक पत्रकार से मुलाकात भी की थी।

बता दें कि बीते दिनों टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को फुली वैक्सीनेटेड ना होने के कारण ऑस्ट्रेलिया (Australia) में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। साथ ही उनका वीज़ा भी रद्द कर दिया गया था। यह जानकारी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) ने 6 जनवरी (गुरुवार) को दी थी। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने कहा था, “जोकोविच का वीज़ा (Visa) कैंसिल कर दिया है। हमारे देश के अंदर जो कानून है वह लागू होगा। कानून से बढ़कर कोई भी नहीं है। इन्ही कड़े कानूनों से ही हमारे देश में कोरोना काल में दुनिया में सबसे कम मृत्यु दर रही थी। हम कानूनों का उललंघन नहीं होने देंगे।”

महाराष्ट्र के निजी अस्पताल में मिला भ्रूणों का कब्रिस्तान: 11 मानव खोपड़ियाँ और 54 भ्रूणों के अवशेष बरामद, डायरेक्टर सहित 2 अरेस्ट

महाराष्ट्र के वर्धा जिले के अरवी इलाके में एक निजी अस्पताल में 11 मानव खोपड़ियाँ और 54 भ्रूण की हड्डियाँ बरामद हुई हैं। जिले के अरवी इलाके में पुलिस ने कदम अस्पताल में अवैध गर्भपात केंद्र और भ्रूणों के श्मशान का भंडाफोड़ किया है। सभी सभी अवशेषों को केमिकल जांच व डीएनए टेस्ट के लिए नागपुर की लैब में भेज दिया गया है।

महाराष्ट्र पुलिस ने गुरुवार (13 जनवरी 2022) को अस्पताल में छापेमारी कर अस्पताल के निदेशक रेखा कदम और उनकी 38 वर्षीय सहयोगी नर्स संगीत काले को अरेस्ट किया। इस पूरे मामले का खुलासा 13 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के अवैध गर्भपात की जाँच के बाद पता चला। यह लड़की 17 वर्षीय लड़के के साथ कथित शारीरिक संबंधों के कारण गर्भवती हो गई थी और 30 हजार रुपए लेकर उसका गर्भपात किया गया था।

रेड के दौरान अस्पताल में कपड़े, बैग, खुदाई, मेडिकल उपकरण भी प्राप्त किए गए। इन सबको सबूत के तौर पर फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। बताया जा रहा है कि यहाँ कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर अपराध को भी धड़ल्ले से अंजाम दिया जाता था।

महाराष्ट्र पुलिस ने गुप्त सूचना मिलने के बाद लडकी के माता-पिता से बात की और उन्हें पूरी सुरक्षा देने की गारंटी देकर लड़की से पूरी जानकारी हासिल की। इसके बाद टीम ने छापेमारी की। बाद में लड़की की शिकायत के बाद लड़के के माता-पिता को भी पकड़ा। इन लोगों ने नाबालिग लड़की को गर्भपात के लिए मजबूर करवाया था। इतना ही नहीं, मामले को लाने पर लड़की के परिजनों को भी धमकी दी थी। इनसे पूछताछ के बाद बायोगैस प्लांट के पास कब्रिस्तान की जानकारी मिली।

पुलिस ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए संदेह जताया है कि इस मामले में अभी कई और लोग जुड़े हो सकते हैं। इस मामले में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार से हस्तक्षेप कर एक विशेष जाँच दल गठित करने का आग्रह किया गया है।

शादीशुदा जैन महिला को लेकर भाग रहा एक बच्चे का अब्बा आतिफ धराया: बताता था अजमेर वाले बाबा का ‘चमत्कार’, फेसबुक से दोस्ती

मध्य प्रदेश के उज्जैन में बजरंग दल ने लव जिहाद का आरोप लगा कर एक मुस्लिम लड़के और जैन लड़की को ट्रेन से उतार लिया। दोनों राजस्थान के अजमेर जाने वाले थे। लड़के को पुलिस को सौंप दिया गया है। लड़की को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। घटना शुक्रवार (14 जनवरी) की है।

इस घटना की जानकारी देते बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कहा, “बजरंग दल की टीम रेलवे स्टेशन पर पहुँची। जो गाडी जा रही थी उसमे AC कोच नंबर बी 1 में से सीट नंबर 13 और 14 उस लड़के और लड़की को लिया। फिर दोनों को थाने ले जा कर कानूनी कार्रवाई करवाई। लड़का महू का है। वह शादीशुदा है। उसकी उम्र 30 साल है। वो 1 बच्चे का बाप भी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों शादी करने अजमेर जा रहे थे। आरोपित लड़के का नाम आतिफ बताया जा रहा है। दोनों एक साथ इंदौर के महू से एक दिन पहले गुरुवार को निकले थे। लड़की भी पहले से शादीशुदा है। उसने लव मैरिज की थी। लड़की के पहले सुपुर्द करने के लिए बुलाया गया लेकिन उन्होंने आने से मना कर दिया। बाद में युवती के माता-पिता को बुला कर सौंप दिया गया। उन्होंने पुलिस में कोई शिकायत नहीं की।

पकड़ी गई युवती अपने पति से माँ की बीमारी का बहाना बना कर निकली थी। उसकी शादी 2 साल पहले हुई थी। जैसे ही उसने अपने माता-पिता को देखा तो वो माफ़ी माँगने लगी। उसने बताया, “मैं एक प्राइवेट स्कूल में अकाउंट्स विभाग में हूँ। मेरी और आतिफ की बातचीत फेसबुक के माध्यम से शुरू हुई। आतिफ ने मुझ से झूठ बोला और मुझे गुमराह किया। मुझे अजमेर वाले बाबा का चमत्कार बता कर मुझसे वहीं शादी का वादा कर के ले जाया जा रहा था।” एक रिपोर्ट के मुताबिक, आतिफ को भी थाने से छोड़ दिया गया है।

कैराना से सपा उम्मीदवार नाहिद हसन को यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार, कोर्ट में पेश किया गया: 2 दर्जन से अधिक मामलों में वॉन्टेड

उत्तर प्रदेश के कैराना से शनिवार (15 जनवरी 2022) को समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नाहिद हसन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यूपी पुलिस ने नाहिद को कोर्ट में पेश किया है। कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले चरण के चुनाव के नामांकन के पहले दिन ही नाहिद हसन के प्रस्तावकों ने वकील की मौजूदगी में एसडीएम कोर्ट शामली में पर्चा दाखिल कराया।

समाजवादी पार्टी द्वारा गुरुवार (13 जनवरी 2022) को शामली जिले की कैराना सीट के लिए नाहिद हसन का नाम घोषित किया गया था। उनके खिलाफ पुलिस में दो दर्जन से अधिक​ आपराधिक मामले दर्ज हैं। लम्बे समय तक फरार रहने वाले नाहिद हसन ने जनवरी 2020 में अदालत में सरेंडर किया था। लगभग 1 माह से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली थी। फरवरी 2021 में उत्तर प्रदेश पुलिस ने नाहिद हसन, उनकी माँ पूर्व सांसद तबस्सुम और 38 अन्य लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।

नाहिद को कैराना से हिन्दुओं के अतिचर्चित पलायन का मास्टरमाइंड भी कहा जाता है। भाजपा ने रालोद-सपा गठबंधन में नाहिद हसन को दोबारा टिकट दिए जाने को समाजवादी पार्टी का ‘जिन्नावाद’ बताया है। साथ ही सपा के इस फैसले पर बीजेपी नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि हसन पर जमीन खरीदने के मामले में धोखाधड़ी का भी केस दर्ज है। इसके अलावा शामली जिले की विशेष अदालत से उसे भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है।

बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए शुक्रवार को ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था, “अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में जिस कैराना से हिन्दुओं को पलायन करने पर मजबूर किया था आज उसी विधानसभा क्षेत्र से कुख्यात गैंगस्टर को प्रत्याशी बनाकर समाजवादी पार्टी कैराना को फिर से उसी कालखंड में ले जाना चाहती है!”

यूपी में भाजपा को 226-246 सीटें, 56% की पसंद हैं CM योगी: ओपिनियन पोल में खुलासा – उत्तराखंड में लौटेंगे CM धामी

‘जन की बात’ के ओपिनियन पोल में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा की सरकार बनती दिख रही है। योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्यमंत्री सत्ता में वापस लौटेंगे। वहीं पंजाब में ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। वहाँ AAP ने फ़िलहाल अपने मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान नहीं किया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगभग सभी ओपिनियन पोल्स में भाजपा को ही बहुमत मिलती दिखाई दे रही है।

उत्तर प्रदेश में 22 दिसंबर, 2021 से 10 जनवरी, 2022 तक 20,000 लोगों के सैम्पल साइज में ये ओपिनियन पोल किया गया, जिसमें सामने आया कि भाजपा को जहाँ 226-246 सीटें मिल सकती हैं। वहीं अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को 144-160 सीटें मिलते हुए दिखाया गया है। मायावती की बहुजन समाज पार्टी इस ओपिनियन पोल के हिसाब से जहाँ 8-12 पर सिमट जाएगी, कॉन्ग्रेस का खाता खुल जाए यही बहुत है। अन्य के खाते में एक सीट जाती दिख रही है।

वहीं वोट प्रतिशत के मामले में भी भाजपा 39-40% के साथ सबसे आगे है। इसके बाद सपा को 34.5-36%, बसपा को 13.13.5% और कॉन्ग्रेस को 4-6% वोट मिल सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री के चेहरे के लिए 56% लोगों की पसंद योगी आदित्यनाथ हैं। अखिलेश यादव 32% के साथ दूसरे स्थान पर हैं। मायावती को मात्र 9% लोगों ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पसंद बताया है। 2% ने प्रियंका गाँधी के नाम पर भी हामी भरी। 85% का कहना है कि पीएम मोदी भाजपा के लिए वोट खींचने में कामयाब रहेंगे।

वहीं उत्तर प्रदेश के 45% मतदाता मानते हैं कि बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक के मामले में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार दोषी है, जबकि 25% ने इसके लिए खालिस्तानी तत्वों और 20% ने पंजाब पुलिस को दोषी ठहराया है। 70% का कहना है कि इससे मतदाताओं पर असर पड़ेगा। 45% ने कहा कि वो योगी सरकार से ब्राह्मण खुश हैं। SC समुदाय के लिए आरक्षित 86 में से 50 सीटों पर भाजपा का दबदबा दिख रहा है।

उत्तराखंड की बात करें तो 5000 के सैम्पल साइज में 21 दिसंबर, 2021 से 9 जनवरी, 2022 तक किए गए सर्वे में जहाँ भाजपा 34-38 सीटें पाकर सरकार बनाती हुई दिख रही है, कॉन्ग्रेस 24-33 सीटों पर रुक जाएगी। AAP को 2-6 सीटें मिल सकती हैं। वोट प्रतिशत के मामले में तीनों पार्टियाँ क्रमशः 38%, 36% और 13% रह सकती हैं। 40% ने वर्तमान सरकार को अच्छा बताया है। 40% लोगों के लिए पलायन मुद्दा है जबकि 25% के लिए विकास।

पंजाब की बात करें तो 21 दिसंबर, 2021 से 11 जनवरी, 2022 तक 10,000 के सैम्पल साइज में कराए गए ‘जन की बात’ के ओपिनियन पोल में AAP 58-65 पाती दिख रही है, जबकि कॉन्ग्रेस 32-42 पर ही रुक जाएगी। ‘शिरोमणि अकाली दल (SAD)’ को 15-18 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। भाजपा के लिए यहाँ राह मुश्किल है और अधिकतम 2 सीटें मिलने की बात कही गई है। वोट प्रतिशत के मामले में AAP 38-39%, कॉन्ग्रेस 34.5-35% और SAD 19-20% पाती दिख रही है। 70% ने कृषि कानूनों को मुद्दा बताया।

पंजाब में ‘किसानों की पार्टी’ ने भर-भर के उद्योगपतियों को बाँटे टिकट, कृषि कानूनों को बताया था उद्योगपतियों का कानून

किसान आंदोलन के बाद पंजाब विधानसभा चुनाव में किस्मत आज़मा रहे गुरनाम सिंह चढूनी की पार्टी ने लुधियाना शहर में 6 उद्योगपतियों को टिकट दिया है। इस बात की घोषणा संयुक्त समाज मोर्चा (एसएसएम) के नेता प्रेम सिंह भंगू ने शुक्रवार (14 जनवरी) को एक प्रेस वार्ता के दौरान की। इन प्रत्याशियों के होर्डिंग्स और बैनर भी लगाए जा चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रेम सिंह भंगू ने कहा, “हमारी पार्टी ने पहले ही कहा था कि वो सभी 117 सीटों पर अच्छे और योग्य उम्मीदवार उतारेगी। हमें प्रतिक्रिया भी अच्छी मिली है। हमारा ये फैसला है कि लुधियाना शहर की 6 सीटों से उद्योपतियों को टिकट दिया जाएगा। हमने 14 तारीख़ तक चुनाव लड़ने के इच्छुक योग्य लोगों से आवेदन मँगाए थे। इस दौरान हर विधानसभा से बहुत बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। अब तक लगभग 1273 लोगों ने अपना आवेदन दिया है। उन सभी की जाँच पड़ताल की जाएगी। यहाँ किसी की सिफारिश आदि नहीं चलेगी। ये सब दूसरी पार्टियों में होता होगा। हम किसी के साथ नाइंसाफी नहीं चाहते। हम 16 तारीख को बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के नाम का एलान करेंगे। इसमें कई विधानसभाओं के उम्मीदवार होंगे।”

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त समाज मोर्चा के स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य प्रोफेसर मंजीत सिंह भी मौजूद थे। मोर्चे का बैनर हरे रंग में था। उस पर पार्टी का नाम पंजाबी, हिंदी और उर्दू में लिखा हुआ था। प्रेस कॉन्फ्रेस में बताया गया कि उनकी पार्टी से बहुत अच्छे लोग लड़ना चाह रहे हैं। उम्मीदवारों में अर्जुन पुरस्कार विजेता भी हैं।

गौरतलब है कि पूरे किसान आंदोलन के दौरान मोदी सरकार को उद्योगपतियों की सरकार होने का आरोप लगाया जाता रहा। तीनों कृषि कानून को भी उद्योगपतियों का भला करवाने वाला बताया गया था। इस दौरान अंबानी और अडानी के नाम सबसे ज्यादा लिए गए। रिलायंस के टॉवरों को भी कई जगहों पर हानि पहुँचाई गई थी।

ऑस्ट्रेलिया में हिरासत में लिए गए दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी जोकोविच, वीजा भी रद्द किया गया: 3 साल के बैन का खतरा

विश्व के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) खेलने मेलबर्न पहुँचे, लेकिन वहाँ उन्हें आव्रजन हिरासत में ले लिया गया है। जोकोविच पर आरोप है कि उन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगवाने के कारण उनकी वीजा दूसरी बार रद्द हो गई है। इसको लेकर उन्होंने शनिवार (15 जनवरी 2022) को हाईकोर्ट में अपील की है। इस मामले में रविवार को सुनवाई होगी। इसके बाद ही तय हो पाएगा कि वो सोमवार से शुरू होने वाले मैच खेलेंगे या उन्हें वापस सर्बिया भेज कर तीन साल के लिए बैन लगाया जाएगा।

इस मामले पर ऑस्ट्रेलिया के आव्रजन मंत्री एलेक्स हॉक ने कहा है कि जोकोविच के इस रवैये के कारण देश में टीका विरोधी भावना बढ़ सकती है। वे देश में ‘नागरिक अशांति’ का खतरा हैं। कोरोना के टीके का विरोध करने वाले लोग उन्हें अपने रोल मॉडल की तरह देखते हैं। उधर जोकोविच ने दलील दी कि वो हाल ही में कोरोना संक्रमित हुए थे। इसलिए उनसे किसी को भी संक्रमण फैलने की आशंका फिलहाल न के बराबर है।

ऑस्ट्रेलिया में कोरोना के टीके के खिलाफ कई रैलियाँ और विरोध प्रदर्शन हुए हैं। टीका नहीं लेने के कारण कम्युनिटी ट्रांसमिशन खतरा है। वहीं, विक्टोरिया प्रांत की सरकार ने 17 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों को प्रवेश की अनुमति दी है, जिन्हें कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं।

जोकोविच का इससे पहले भी वीजा रद्द हो चुका है। पिछले सप्ताह मेलबर्न पहुँचते ही ऑस्ट्रेलिया सीमा बल ने उनका वीजा रद्द कर दिया गया था। वे ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए निर्धारित कोरोना टीकाकरण के कड़े नियमों से मेडिकल छूट के लिये जरूरी मानदंडों पर वह खरे नहीं उतरते थे। जोकोविच ने सोशल मीडिया पोस्ट में स्वीकार किया था कि उनके यात्रा विवरण में गलती थी, जो कि उनके एजेंट द्वारा की गई मानवीय भूल थी।

पाँच जनवरी को जोकोविच ऑस्ट्रेलिया पहुँचे थे। उस वक्त उनके पूरी तरह वैक्सीनेटेड (Corona Vaccine) नहीं होने के कारण उनके वीज़ा को भी रद्द कर दिया गया है। यह जानकारी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) ने 6 जनवरी (गुरुवार) को दी थी। ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) में हिस्सा लेने के लिए पहुँचे जोकोविच को मेलबोर्न एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया था।

बता दें कि 34 साल के जोकोविच फिलहाल पुरुषों की रैंकिंग में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने अपने करियर में 20 ग्रैंड स्लैम समेत कुल 84 खिताब जीते हैं। उनके पास कुल 1,154 करोड़ रुपये की इनामी राशि है। 

अब राजकुमार हिरानी ने शाहरुख़ खान को दिखाया बाहर का दरवाजा, मेगा बजट फिल्म ‘Made In India’ से निकाल बाहर किए गए

ऐसा लग रहा है जैसे ‘बॉलीवुड के किंग’ कहे जाने वाले शाहरुख़ खान के सितारे लगातार गर्दिश में चल रहे हैं। पहले उनके बेटे आर्यन खान को ड्रग्स मामले में NCB ने गिरफ्तार किया, इसके बाद उनकी फिल्म ‘पठान’ की शूटिंग कई दिनों के लिए रुकी रही। अब जाने-माने फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी ने भी शाहरुख़ खान को अपनी फिल्म ‘मेड इन इंडिया’ से निकाल बाहर किया है। कहा जा रहा है कि पहले वो ये फिल्म SRK के साथ करने वाले थे, लेकिन अब वरुण धवन की झोली में ये फिल्म चली गई है।

वरुण धवन पहले से ही कई फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त हैं, जिनमें साजिद नाडियावाला की ‘सनकी’, करण जौहर की ‘जुग जुग जियो’, निर्देशक जोड़ी अमर-कौशिक की हॉरर फिल्म ‘भेड़िया’, अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज ‘सिटाडेल’, श्रीराम राघवन की ‘इक्कीस’ और निर्देशक शशांक खेतान की ‘रणभूमि’ शामिल है। वहीं अब ‘मेड इन इंडिया’ के उनके खाते में जाने से साल 2022 उनके लिए खासा व्यस्त रहने वाला है। इस फिल्म के बारे में बताया जा रहा है कि ये सच्ची घटना पर आधारित है।

अब ‘Made In India’ फिल्म शाहरुख़ खान के हाथ से फिसल गई है। ये एक मेगल बजट फिल्म होगी, जिसे बड़े स्तर पर रिलीज किया जाएगा। ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस (2003)’, ‘लगे रहो मुन्नाभाई (2006)’, ‘3 इडियट्स (2009)’, ‘पीके (2014)’ और ‘संजू (2018)’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के निर्देशक रह चुके राजकुमार हिरानी के साथ काम करने के लिए बड़े-बड़े सितारे भी बेताब रहते हैं। वहीं वरुण धवन की हालिया फिल्म ‘कुली नंबर वन’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही।

जहाँ तक शाहरुख़ खान की बात है, कुछ ही दिनों पहले उनके मुंबई स्थित बंगले ‘मन्नत (Mannat)’ को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में जितेश ठाकुर नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप है कि उसने महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) के कंट्रोल रूम में फोन कर मन्नत समेत मुंबई की कई जगहों पर आतंकी हमले और ब्लास्ट करने की धमकी दी थी। उसने 6 जनवरी, 2022 को महाराष्ट्र पुलिस के कंट्रोल रूम को फोनकर एक्टर के घर मन्नत समेत कई जगहों पर आतंकी हमले और ब्लास्ट की बात कही थी।

टेम्पो चालक आदिफ ने नाबालिग दलित खिलाड़ी को प्रेमजाल में फाँसा: अपहरण का नाटक कर दूसरे को फँसाने की कोशिश, लड़की ने भी दिया साथ, मेरठ में अरेस्ट

उत्तर प्रदेश के मेरठ में 17 साल की एक दलित नाबालिग बॉक्सिंग खिलाड़ी को प्रेम जाल में फँसाकर भगाने के आरोप में टेम्पो चालक आदिफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में अपहरण का साजिश रचकर दूसरे लोगों को फँसाने की कोशिश की गई थी। इस पूरे कांड में लड़की की भी संलिप्तता सामने आई है। बताया जा रहा है कि छात्रा की एक सहेली भी संदेह के दायरे में है।

एसपी सिटी विनीत भटनागर के अुसार, रशीद नगर के जोगीवाली गली का रहने वाला आदिफ को गिरफ्तार करने के साथ उसका टेम्पो भी जब्त कर लिया गया है। इसमें बैठकर दोनों फरार हुए थे। दोनों मेरठ से फरार होने के चक्कर में थे, लेकिन पुलिस ने इससे पहले ही दोनों को पकड़ लिया। इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। वहीं, आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

मामला शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में 17 साल की किशोरी बॉक्सिंग की प्रैक्टिस करने जाया करती थी। बुधवार (12 जनवरी 2022) की शाम लड़की जब स्टेडियम से निकली तो उसने अपनी बहन को फोन किया। इस दौरान उसके रोने और बदमाशों के जूझने की आवाज सुनाई दी। बहन ने महिला खिलाड़ी की आवाज सुना तो उसे किसी अनहोनी की आशंका हुई और उसने घटना की जानकारी अपने परिजनों दी।

परतापुर के कुंडा गाँव निवासी लड़की के माता-पिता थाने जाकर अपहरण की शिकायत दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने छानबीन करनी शुरू कर दी और जिस मोबाइल से कॉल किया गया था, उसे सर्विलांस पर लगा दिया। इस दौरान पुलिस को पता चला लड़की आदिफ के एक लड़के के साथ पिछले दो साल से संपर्क में है। पुलिस ने आदिफ के मोबाइल लोकेश के आधार पर उसे जेल चुंगी किला रोड से देर रात पकड़ लिया।

पूछताछ में आदिफ ने बताया कि उसका पिछले दो साल से युवती के साथ उसका प्रेम प्रसंग चल रहा है। वह टेम्पो चलाने का काम करता है और युवती उसी के टेम्पो से स्टेडियम प्रैक्टिस के जाती थी। इसी दौरान उसने नाबालिग को अपने प्रेम जाल में फाँस लिया। आरोपी आदिफ पर पॉस्को और एससी/एसटी एक्ट की धाराएँ लगाई गईं हैं।

पूछताछ में लड़की ने पुलिस को बताया कि कुछ लड़कों ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी और वह इन युवकों से बदला लेना चाहती थी। उसने बताया कि वह आदिफ के साथ रहना था, इसलिए अपहरण का नाटक किया। इससे घरवालों और पुलिस का शक छेड़छाड़ करने वालों पर जाता और वह अपने प्रेमी के साथ रहती।

गोरखपुर से चुनाव लड़ेंगे CM योगी, सिराथू से केशव प्रसाद मौर्य: यूपी में BJP ने 107 उम्मीदवारों की घोषणा की, 21 MLAs का टिकट कटा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार (15 जनवरी 2022) को भारतीय जनता पार्टी ने पहले और दूसरे चरण के चुनाव के लिए 107 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) गोरखपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) को प्रयागराज जिले के सिराथू विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा नोएडा से पंकज सिंह को एक बार फिर मौका दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह (Arun Singh) ने आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फेंस कर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। इस दौरान प्रधान ने बताया पहले चरण के 58 में 57 सीटों के प्रत्याशियों के नाम और दूसरे चरण के 55 में से 48 सीटों की हम घोषणा कर रहे हैं। बाकी बची हुए सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर विचार विमर्श होगा।

उन्होंने कहा कि हमने जो कहा है, वो करके दिखाया है। आगे तीसरे, चौथे, पाँचवे, छठे और सातवें चरण की सीटों के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा भी जल्द करेंगे। पहले और दूसरे चरण के लिए जारी प्रत्याशियों की लिस्ट में 21 प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़ेंगे। वहीं, 107 सीटों में से 21 विधायकों का टिकट काटा गया है। प्रधान ने कहा कि पिछले 5 साल में गुंडाराज पर योगी सरकार ने नकेल कसी है। यूपी को गुंडाराज और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाई है।

इसके अलावा, उन्होंने बताया कि शामली से तजेंद्र सिंह निर्वाल, बुढ़ाना से उमेश मलिक, चरथावल से सपना कश्यप, पूरकाजी से प्रमोद ओटवाल, मुजफ्फरनगर से कपिल देव अग्रवाल, खतौली से विक्रम सैनी, मीरापुर से प्रशांत गुर्जर, सिवालखास से मनेंद्र पाल सिंह, सरदना से संगीत सोम, हस्तिनापुर से दिनेश खटीक, मेरठ कैंट से अमित अग्रवाल, किठोर से सत्यवीर त्यागी, मेरठ से कमलदत शर्मा, मेरठ साउथ से सोमेंदर तोमर, छपरउली से सहेंद्र सिंह रमाला, बड़ोत से केपी सिंह मलिक, बागपत से योगेश धामा, लोनी से नंदकिशोर गुर्जर, मुरादनगर से अजीत पाल त्यागी और साहिबाबाद से सुनील शर्मा चुनाव लड़ेंगे।

बता दें कि 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से 7 चरणों में चुनाव शुरू होगा। इस बार उत्तर प्रदेश के चुनाव में 29 फीसदी लोग नए वोटर्स हैं। मतलब ये कि ये लोग पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कोरोना सकंट की वजह से इस बार एक घंटे अधिक समय तक वोट डाले जाएँगे।