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‘सुल्ली डील’ वाला भी धराया, BCA का है छात्र: ‘बुल्ली बाई’ वाले से निकला कनेक्शन… जो दे रहा आत्महत्या की धमकी

चर्चित ‘बुल्ली बाई’ एप मामले के बाद अब दिल्ली पुलिस ने ‘सुल्ली डील’ के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश के इंदौर से हुई है। गिरफ्तारी आरोपित का नाम ओंकारेश्वर ठाकुर है। PTI ने दिल्ली पुलिस के हवाले से यह जानकारी 9 जनवरी (रविवार) को दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन (IFSO) ने की है। गिरफ्तार आरोपित ओंकारेश्वर की उम्र लगभग 25 वर्ष है और वह BCA का छात्र है। उसने सुल्ली डील एप जुलाई 2021 में बनाया था। उसने बताया कि इस मामले में और भी कई लोग शामिल हैं। सुल्ली डील के मामले में दिल्ली पुलिस ने जुलाई 2021 में केस दर्ज किया था। ओंकारेश्वर को नीरज बिश्नोई से हुई पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर पकड़ा गया है।

उधर एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, बुल्ली बाई एप के मास्टरमाइंड नीरज बिश्नोई का दिल्ली पुलिस ने 7 दिनों का रिमांड हासिल किया है। उससे पुलिस की स्पेशल सेल पूछताछ कर रही है। मीडिया रिपोर्ट में उसको एक संवेदनहीन और बेहद सख्त युवक बताया गया है। दिल्ली पुलिस को उससे कुछ भी निकलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वह खुद को बार-बार चोट पहुँचाने की भी कोशिश कर रहा है। उसने पुलिस को आत्महत्या की भी धमकी दी है।

नीरज बिश्नोई को अपना नाम Giyo सुनना पसंद है। यह नाम उसने जापान की एक कॉमिक के एक काल्पनिक करेक्टर से चुना है। उसने अपना ट्विटर हैंडल भी इसी नाम से बनाया था। उसने 2 वर्षों में 5 ट्विटर हैंडल इसी नाम से बनाए थे, जिस से वो अपने एप को प्रमोट करता था। नीरज ने पुलिस को बताया है कि वह 15 साल से हैकिंग के काम में लगा है और वो पाकिस्तान की कई वेबसाइटों को भी हैक कर चुका है। पुलिस इसके दावों की पड़ताल कर रही है।

‘बुरे दौर से गुजर रही हूँ… मेरी पर्सनल फोटो शेयर न करें’ – लव बाइट और नाक पर चुम्मा वाली तस्वीर के बाद जैकलीन

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस (Jacqueline Fernandez) की महाठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrasekhar) के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक और नई इंटीमेट फोटो। जैसे-जैसे दोनों के इंटीमेट फोटो सामने आ रहे हैं, यह पुख्ता हो रहा है कि दोनों रोमांटिक रिलेशनशिप में थे। जैकलीन फर्नांडिस को अब इससे दिक्कत है। लोगों से रिक्वेस्ट कर रही हैं।

कैसा रिक्वेस्ट? यही कि लोग (खासकर मीडिया वाले) उनके इंटीमेट फोटो को शेयर न करें। ‘किक’ फिल्म की एक्ट्रेस ने फैंस से रिक्वेस्ट की है कि वह इन दिनों बहुत बुरे दौर से गुजर रही हैं। उन्होंने लोगों से उनकी प्राइवेसी बनाए रखने और उनकी इंटीमेट तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करने को कहा है।

वर्ष 2006 में मिस श्रीलंका यूनीवर्स का खिताब जीत चुकीं जैकलीन ने ट्विटर पर लिखा, “इस देश (भारत) ने और यहाँ के लोगों ने मुझे हमेशा से बहुत प्यार दिया है। इसमें मीडिया से जुड़े मेरे कई दोस्त भी शामिल हैं, जिनसे मैंने काफी कुछ सीखा है। इस वक्त मैं बहुत बुरे दौर से गुजर रही हूँ। मुझे उम्मीद है कि आप लोग मुझे जल्द से जल्द इससे बाहर निकलते हुए देखेंगे। मेरी आप सभी से रिक्वेस्ट है कि मेरी प्राइवेसी को बनाए रखें।”

जैकलीन (Jacqueline Fernandez) ने आगे लिखा, “आप लोग इस तरह से मेरी पर्सनल फोटोज सोशल मीडिया पर सर्कुलेट ना करें। आप अपने पसंदीदा लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते हैं। आप मेरे साथ कुछ भी ऐसा नहीं करेंगे। मैं उम्मीद करती हूँ कि न्याय की जीत होगी और आप मेरी बातों को पॉजिटिव तरीके से लेंगे। धन्यवाद।”

यह पहली बार नहीं है, जब सुकेश और जैकलीन की इंटीमेट तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई हो। पिछले साल नवंबर में ‘बॉलीवुड हंगामा‘ ने अपने पोर्टल पर दोनों की एक फोटो शेयर की थी, जिसमें जैकलीन मिरर सेल्फी में 200 करोड़ की उगाही करने वाले सुकेश को किस करती हुई दिखाई दे रही थीं। लेटेस्ट फोटो में सुकेश एक्ट्रेस के गाल और नाक पर किस करता हुआ दिखाई दे रहा है और जैकलीन भी मुस्कुराते हुए लव बाइट (Love Bite) फ्लॉन्ट करती हुई नजर आ रही हैं।

बता दें कि बीते दिनों मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) मामले के आरोपित सुकेश ने अपने ऊपर पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। सुकेश ने जेल के अंदर से अपने वकील अनंत मलिक और रोहन यादव के माध्यम से जारी पत्र में कहा था कि वह ठग नहीं है। आरोपित को ‘धोखेबाज’ या ‘ठग’ कहना गलत है, क्योंकि उसे अभी तक दोषी नहीं ठहराया गया है। पत्र में उसने यह भी दावा किया था कि वह जैकलीन फर्नांडिस के साथ रिलेशनशिप में था। उसने एक्ट्रेस को करोड़ों के गिफ्ट दिए थे और उसके व्यक्तिगत संंबंधों का आपराधिक मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

कश्मीर के ‘पत्रकार’ ने पोस्ट किया भारत विरोधी वीडियो: हुआ गिरफ्तार, फर्जी खबरें चलाने पर इस संस्थान के कई पत्रकारों पर हुई है कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक कथित पत्रकार को आतंकी की मौत के बाद संबंधित वीडियो को पोस्ट के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पत्रकार का नाम सज़्ज़ाद अहमद डार है और उसे बांदीपोरा जिले से पकड़ा गया है। सज़्ज़ाद अहमद ऑनलाइन पोर्टल ‘द कश्मीर वाला (The Kashmir Walla)’ के लिए काम करता था। पुलिस ने शनिवार (8 जनवरी) को गिरफ्तारी की पुष्टि की।

जिस वीडियो को सज्जाद गुल ने पोस्ट किया, उसमें महिलाओं का एक समूह भारत विरोधी नारे लगा रहा है। यह वीडियो मारे गए आतंकी के परिजनों का बताया जा रहा है। इसी वीडियो में पाकिस्तान और ज़ाकिर मूसा का समर्थन भी किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान मार गिराए गए एक आतंकी की मौत के बाद बनाया गया था। मारे गए आतंकी का नाम सलीम पैरी था, जो लश्कर ए तैयबा का सक्रिय सदस्य था। सलीम 3 जनवरी को श्रीनगर के हरवान में मारा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सज्जाद गुल के भाई ने बताया कि उसको 5 जनवरी को कस्टडी में लिया गया था। यह कार्रवाई रात लगभग 10 बजे सैनिकों की दबिश के दौरान की गई। बाद में गुल को पुलिस के हवाले कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि FIR की जानकारी उन्हें 7 जनवरी (शुक्रवार) को हुई। सज्जाद गुल पर धारा IPC की धारा 120B, 153B और 505B के तहत केस दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार सज्जाद गुल अहमद डार उर्फ़ सज्जाद गुल, जिस ‘द कश्मीर वाला’ के लिए काम करता था वो संस्थान पहले से ही विवादों में रहा है। इसके एडिटर-इन-चीफ का नाम फहद शाह है। फहद शाह और एक अन्य रिपोर्टर यशराज शर्मा पर पहले भी केस दर्ज हो चुका है। इन्होंने 26 जनवरी को शोपियाँ के एक धार्मिक स्कूल में सेना द्वारा जबरन गणतंत्र दिवस मनाने की झूठी खबर प्रकाशित की थी। यशराज शर्मा इस बार भी आतंकियों के साथ खड़े सज्जाद गुल का समर्थन कर रहा है।

फहद शाह को मई 2020 में पुलिस ने श्रीनगर में एक मुठभेड़ की कवरेज के लिए सम्मन जारी किया था। इसमें उनको हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई थी। फिलहाल फहद शाह ने भी सज्जाद गुल की गिरफ्तारी की निंदा की है और उसे फ़ौरन रिहा करने की माँग की है।

कश्मीर के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस विजय कुमार के मुताबिक, “2 दिन पहले पकड़ा गया सज़्ज़ाद डार अभी रिमांड पर है। वह सज़्ज़ाद गुल नाम से ट्विटर हैंडल चलाया करता था। उसकी खबरों में हमेशा सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार रहता था। उसका इरादा सामाजिक वैमनस्यता फैलाने का रहा करता था। साथ ही उसकी खबर तथ्यात्मक रूप से सही नहीं रहती हैं।”

संसद भवन और रेल मंत्रालय में कोरोना का कहर: सैकड़ों लोग हुए संक्रमित, दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी

देश भर में कोरोना (Corona) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें इसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) के मामले भी शामिल हैं। अब संसद भवन (Parliament) और रेल मंत्रालय में कोरोना बम फूटा है। संसद भवन में काम करने वाले कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों का गुरुवार और शुक्रवार (6 और 7 जनवरी) को कोरोना टेस्ट करवाया गया था। इनमें 400 से ज्यादा लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

वहीं, जनवरी के पहले हफ्ते में 127 रेल अधिकारी और कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें कार्यकारी निदेशक स्तर से लेकर मल्टीटास्क स्टाफ तक शामिल हैं। इसके अलावा, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान और अधिकारी भी शामिल हैं। इस मामले पर रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए गए कर्मचारियों में से अधिकांश लोग दिल्ली में रहते हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने वैक्सीन के दोनों डोज नहीं लेने वाले रेलवे के कर्मचारियों को रेल भवन (रेल मंत्रालय) में आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही सभी निदेशालय के प्रमुखों को निर्देश जारी कर कहा गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों को दोनों टीका लगवाने का निर्देश दें। 

देश की राजधानी में शनिवार को कोरोना के 20,181 नए मामले दर्ज किए गए और 11,869 मरीज ठीक हुए हैं। पिछले 24 घंटों में कोरोना से 7 लोगों की मौत हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 25,143 हो गई है। इसके साथ ही दिल्ली की पॉजिटिविटी रेट 19.6% हो गई है। वहीं, संक्रमण के मामलों में महाराष्ट्र तीसरी लहर में भी शीर्ष पर है। पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र में कोरोना के 41,434 नए मामले दर्ज किए गए हैं।

बता दें कि दिल्ली में कोरोना की बेकाबू रफ्तार को रोकने के लिए अरविंद केजरीवाल ने शहर में वीकेंड कर्फ्यू लगाने की घोषणा की थी। साथ ही ऑड-ईवन के आधार पर दुकानें खुलने को कहा। इसके बावजूद शनिवार को कोरोना के नए मामले तेजी से बढ़े हैं। इसको लेकर अभी भी आम आदमी पार्टी की सरकार चिंतित नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का कहना है कि रविवार को देखा जाएगा कि वीकेंड कर्फ्यू के बाद कोरोना के आँकड़ों में कितना बदलाव आता है। दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट हर दिन दो प्रतिशत के साथ बढ़ रहा है।

पंजाब के DGP के बाद फिरोजपुर के SSP भी हटाए गए, PM मोदी की सुरक्षा चूक से संबंधित 6 IPS अधिकारियों का तबादला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के पंजाब दौरे में हुई सुरक्षा चूक (Security Breach in Punjab) को लेकर घिरी राज्य की चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) की नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार (Congress Government) ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को बदलने के बाद अब 9 आईपीएस अधिकारियों (IPS Officers) का तबादला कर दिया है। इन में फिरोजपुर के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस सहित प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक से जुड़े 6 अधिकारी भी शामिल हैं। हंस के ही एरिया में प्रधानमंत्री का काफिला लगभग 20 मिनट तक फ्लाईओवर पर फँसा रहा था।

हंस लुधियाना स्थित 3 भारतीय रिजर्व बटालियन के कमांडेंट नरिंदर भार्गव (Narinder Bhargava) का स्थान लेंगे, जबकि नरिंदर भार्गव फिरोजपुर के एसएसपी बनाए गए हैं। अन्य अधिकारियों में नौनिहाल सिंह को जालंधर का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। एके मित्तल को रूपनगर का आईजी और सुखचैन सिंह को अमृतसर का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है।

बता दें कि जिन छह अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया था। राज्य के पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय सहित बठिंडा के एसएसपी अजय मलूजा, फिरोजपुर के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस सहित छह अधिकारी प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार थे।

वहीं, इस मामले में पूछताछ के लिए राज्य के पूर्व डीजीपी चटोपाध्याय सहित 13 अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम द्वारा शुक्रवार (7 जनवरी) को समन भेजा गया था। इनमें डीजीपी को छोड़कर सभी अधिकारियों को फिरोजपुर स्थित बीएसएफ के सेक्टर मुख्यालय में बुलाया गया था।

फिरोजपुर में सड़क को ब्लॉक करने वाले भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के सुरजीत सिंह फूल का कहना है कि फिरोजपुर के एसएसपी ने उन्हें रास्ते को खाली करने के लिए कहा था और बताया था कि प्रधानमंत्री इस रास्ते से आ रहे हैं। फूल ने आगे बताया कि एसएसपी की बात सुनकर उन्हें लगा कि रास्ता खाली करवाने के लिए अधिकारी द्वारा उनसे झूठ बोला जा रहा है।

45 दिन से लापता हिन्दू युवती का कोई अता-पता नहीं, राजा अली भी फरार: परिवार का आरोप – अपनी बहन के जरिए जाल में फँसाया

बिहार के पटना की रहने वाली 26 साल की हिंदू लड़की त्रिया सिंह बीते 24 नवंबर से अपने घर से लापता है। उसका कुछ भी पता नहीं चला। उसके परिजनों ने इस मामले में इस मामले गोपालपुर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन त्रिया का कुछ भी पता नहीं चला। हालाँकि, अपने स्तर पर खोजबीन। परिवार का आरोप है कि आरा टाउन के रहने वाले राजा अली ने ही उनकी बेटी का अपहरण किया है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, क्लू देने औऱ 45 दिन बीतने के बाद भी त्रिया का कुछ भी पता नहीं चल रहा है। त्रिया के पिता विनोद सिंह समेत परिवार के लोगों ने पटना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि गोपालपुर थाने की पुलिस और इस केस की जाँच कर रहे एएसआई रामजतन सिंह लापरवाही कर रहे हैं। त्रिया के परिजनों का कहना है कि 31 दिसंबर 2021 को आखिरी बार राजा अली का मोबाइल नंबर कुछ समय के लिए ऑन हुआ था।

इसको लेकर उन्होंने पुलिस को बताया और आरोपित के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर डालने का निवेदन भी किया, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। इस घटना को लेकर पटना सदर के एएसपी से जब इस केस को लेकर पूछा गया तो उन्होंने इसमें तेजी लाने के लिए निर्देश देने की बात कही।

क्या है मामला

त्रिया के परिजनों के मुताबिक, 24 नवंबर 2021 को शाम 4 बजे त्रिया घर से बाजार जाने के लिए निकली थी। उसका मोबाइल घर पर ही था। काफी देर होने के बाद भी जब वो वापस नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। तीन तक ढूँढने के बाद परिजनों ने 28 नंवबर को इस मामले में गोपालपुर थाने में शिकायत की।

लापता लड़की के एक रिश्तेदार का कहना है कि एक परीक्षा के दौरान त्रिया और आरोपित की बहन का आपस में परिचय हुआ था। धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हुई। माना जा रहा है कि अपनी बड़ी बहन के जरिए आरोपित राजा ने त्रिया को अपने जाल में फँसाया होगा। जब से त्रिया गायब हुई है, तभी से राजा भी गायब है। त्रिया के परिवार का आरोप है कि इस घटना के बारे में आरोपित के परिवार को सब कुछ पता है। लेकिन वो इस बारे में कुछ नहीं बता रहे हैं। इस मामले में पुलिस आरोपित के घर पर छापेमारी भी कर चुकी है।

‘क्या कभी अपने शौहर को मंदिर लेकर गई हो?’: शोएब के साथ दरगाह पहुँचीं दीपिका, निकाह के बाद नाम बदल बन गई थीं ‘फैजा’

ससुराल सिमर फेम दीपिका कक्कड़ (Deepika kakar) ने 2018 में धर्मान्तरण (Religious Conversion) कर इस्लाम अपनाने के बाद शोएब इब्राहिम (Shoeb Ibrahim) के साथ निकाह कर लिया था। हाल ही में दीपिका कक्कड़ इब्राहिम अपने शौहर के साथ अजमेर शरीफ दरगाह पहुँचीं। इसकी तस्वीर दीपिका के शौहर शोएब इब्राहिम ने इंस्टाग्राम पर शेयर की। जिस पर लोगों ने दीपिका पर तंज कसते हुए उनसे पूछा कि वो तो अजमेर शरीफ (Ajmer Sharif) चली गईं, लेकिन कभी शौहर को भी मंदिर लेकर गई हैं।

सोशल मीडिया साइट्स इंस्टाग्राम (Instagram) पर लोग दीपिका के इस्लामीकरण को लेकर जमकर निशाने साध रहे हैं। इसी क्रम में अनिल नाम के यूजर ने लिखा, “पूरी मुस्लिम बना दिए दीपिका को। दीपिका को पूरा अपना मजहब बदलवा दिया। शोएब भाई कभी दीपिका के साथ मंदिर भी गए हो। दीपिका को भी शर्म आनी चाहिए, पूरी तरह से अपना धर्म पूरी तरह भूल गई है। धर्म की खातिर लोगों ने अपने जानें दी हैं। तुमने अंदर-अंदर धर्म बदलवा कर दीपिका को इस्लाम करवा दिया।”

साभार: इंस्टाग्राम

वहीं इस मामले में सैयद बुशरा नाम की यूजर ने दीपिका को कुरान का पालन करने की नसीहत दे डाली।

साभार: इंस्टाग्राम

प्रियंका सेठी ने कहा, “दीपिका को कभी भी मंदिर जाते नहीं देखा होगा। क्या यही आध्यात्म है। वो हमारी अपनी सभ्यता और संस्कृति का पालन नहीं करती। दूसरी संस्कृति को फॉलो करती है।”

साभार: इंस्टाग्राम

एक अन्य यूजर ने कहा कि अपना धर्म बदलने से अच्छा होता कि कुँवारी रह जाती।

साभार: इंस्टाग्राम

वहीं, दूसरे यूजर ने हिंदू लड़कियों को संभलकर रहने की नसीहत दी।

साभार: इंस्टाग्राम

एक अन्य यूजर ने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने वाली दीपिका और शोएब इब्राहिम को कभी सिद्धि विनायक मंदिर भी जाने की नसीहत दी। यूजर ने लिखा, “कभी सिद्धिविनायक मंदिर भी जाओ। मैं आपके धर्म का सम्मान करती हूँ। यहाँ तक कि मैं अजमेर शरीफ भी गई हूँ। लेकिन प्लीज दूसरे धर्मों का भी सम्मान करो। हमें ज्यादा खुशी होगी।””

साभार: इंस्टाग्राम

गौरतलब है कि शोएब और दीपिका ससुराल सिमर के सीरियल से ही एक दूसरे के करीब आए और बाद दीपिका ने शोएब से निकाह करने के लिए अपना धर्म छोड़ इस्लाम अपना लिया। इसके बाद दोनों ने निकाह कर लिया। खास बात ये है कि दीपिका कक्कड़ बिग बॉस 12 की विजेता रही हैं।

₹300 लेकर बेंगलुरु पहुँचे नवीन और ‘यश’ बन कर कन्नड़ सिनेमा को दी पहली ₹250 Cr की फिल्म: पिता अब भी बस ड्राइवर

आज कन्नड़ (Kannada) अभिनेता यश (Yash) किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने कर्नाटक (Karnataka) की फिल्म इंडस्ट्री को पहली बार 250 करोड़ रुपए का स्वाद चखाया, जब दिसंबर 2018 में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘K.G.F: Chapter 1’ ने बॉक्स ऑफिस पर 250 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार किया। यश ने शनिवार (8 दिसंबर, 2021) को अपना 36वाँ जन्मदिन (Birthday) मनाया। उन्होंने अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ मिल कर अपना जन्मदिन मनाया। क्या आपको पता है कि उनके पिता अब भी एक बस ड्राइवर हैं।

सोशल मीडिया पर केक काटते हुए तस्वीर शेयर कर के अभिनेता ने लिखा, “जन्मदिन के मौकों ने मुझे कभी जोश नहीं दिलाया। मुझे आसपास ख़ुशी देख कर अच्छा लगता है। अपने दोनों बच्चों को देख कर। इस मौके पर मैं अपने हर के फैंस और शुभचिंतकों का उनके प्यार और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद देना चाहूँगा। आशा करता हूँ कि सब कोई सुरक्षित हो। अपना ध्यान रखें।” यश का जन्म 8 जनवरी, 1986 को हासन जिले के भुवानाहल्ली गाँव में हुआ था।

उनका असली नाम नवीन कुमार गौड़ा है। उनके पिता अरुण कुमार गौड़ा ‘कर्नाटक ट्रांसपोर्ट बस सर्विस (KTBS)’ में ड्राइवर थे और अब भी उन्होंने नौकरी नहीं छोड़ी है। एसएस राजामौली ने भी एक कार्यक्रम में बताया था कि कैसे उनके लिए यश के पिता उनके लिए यश से भी बड़े स्टार हैं। उन्होंने अभिनेता बनने के लिए पढ़ाई-लिखाई छोड़ दिया था। स्कूल के दौरान एक फिल्म के दृश्य के मंचन के दौरान लोगों की प्रशंसा ने उन्हें मन में एक्टर बनने का सपना देखा।

12वीं पूरी करने के बाद उन्होंने एक नाटक मंडली में शामिल होकर अभिनय के गुर सीखने शुरू कर दिए। परिवार ने शुरुआत में उनसे कहा कि वो अभिनेता बनने न जाएँ, लेकिन वो बेंगलुरु निकल गए। यश के माता-पिता ने तब उनसे सम्बन्ध तक तोड़ने की बात की, लेकिन आज यही परिवार उन्हें सिर-आँखों पर रखता है। 300 रुपए लेकर बेंगलुरु आए यश ने काम के लिए कई दिनों तक चक्कर काटे कभी बैकग्राउंड अस्सिस्टेंट, कभी स्टेज मैनेज करने वाला तो कभी अस्सिस्टेंट डायरेक्टर बन कर उन्होंने गुजरा चलाया।

करियर की शुरुआत उन्होंने टीवी से की, जिसके बाद फिल्मों में आ गए। ‘नन्द गोकुला’ उनकी पहली टीवी सीरियल थी और ‘जम्भदा हुदुगी’ फिल्म में उन्हें पहली बार एक छोटा सा रोल मिला। उन्होंने ‘केजीएफ’ के बारे में कहा था कि उन्होंने रॉकी के किरदार को जिया है। इसका दूसरा भाग जल्द आने वाला है। इसमें संजय दत्त और रवीना टंडन भी मुख्य किरदार में हैं। राजामौली ने ही बताया था कि उन्हें पता चला है कि आज भी यश के पिता ने बस ड्राइवर के प्रोफेशन को छोड़ा नहीं है।

‘सास बना रही ईसाई धर्मांतरण का दबाव, तोड़ डाला पूजा घर’: महिला आयोग के पास पहुँचीं दो बहुएँ, तीनों ननदें भी बन चुकी हैं ईसाई

उत्तर प्रदेश के कानपुर में दो महिलाओं ने अपनी ही सास पर जबरन ईसाई धर्मांतरण के दबाव का आरोप लगाया है। ये मामला काकादेव स्थित राजापुरवा की है। शुक्रवार (7 जनवरी, 2022) को दोनों महिलाएँ राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर के समक्ष पहुँचीं, जहाँ उन्होंने अपनी सास के खिलाफ गुहार लगाई। इस दौरान उन दोनों के पति भी उनके साथ थे। उन्होंने कहा कि वो धर्मांतरण नहीं करना चाह रही हैं। सास पर प्रताड़ना का आरोप भी लगाया।

पूनम कपूर ने तुरंत स्वरूपनगर के एसीपी और काकादेव के थाना प्रभारी से बात कर के इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए। पीड़िताओं में एक का नाम मोना है, जो शिवकुमार की पत्नी हैं। जबकि दूसरी पूजा हैं, जो शिवकुमार के छोटे भाई सचिन की पत्नी हैं। दोनों महिलाओं के बताया कि उनकी सास कमल देवी ने दिसंबर 2020 में ईसाई मजहब अपना लिया था। इसके बाद सास ने अपनी तीनों बेटियों रेखा, पूजा और ज्योति का भी धर्मांतरण करा के तीनों को ईसाई बना दिया।

अब ये सास और तीनों ननद मिल कर इन दोनों दंपतियों का धर्मांतरण कराना चाहती हैं। ईसाई मजहब अपनाने पर 40,000 रुपए देने का लालच भी दिया गया। इनकार करने पर सास और तीनों ननदें मिल कर दोनों बहुदों को प्रताड़ित करती हैं। उन्हें घर पर पूजा-पाठ करने से रोका जाता है। एसीपी ब्रज नारायण सिंह और इंस्पेक्टर आरके गुप्ता को राज्य महिला आयोग ने गंभीरता से कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कमला देवी की बेटी रेखा के पति ने अपनी अपनी सास पर जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया है।

कमला देवी के उक्त दामाद ने भी सास के खिलाफ थाने में प्रार्थना पत्र दिया है। सास ने घर पर स्थित पुश्तैनी पूजा घर को भी तोड़ डाला है। बहुओं का कहना है कि वो हिन्दू धर्म में ही रहना चाहती हैं और उन्हें धर्मांतरण नहीं करना है। सास पर परिवार के सदस्यों का ब्रेनवॉश करने का भी आरोप है। दोनों महिलाओं ने अपने बच्चों की चिंता जताते हुए पूछा है कि वो समाज और रिश्तेदारों को क्या जवाब देंगी? पुलिस इस मामले में जाँच करने के बाद बयान देगी।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव: जानिए किस जिले की किन सीटों पर कब होगा मतदान, 7 चरणों में चुनाव, 10 मार्च को परिणाम

चुनाव आयोग ने पाँच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक यूपी में सात चरणों में चुनाव होंगे। इसमें पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा और अंतिम चरण 10 को संपन्न होगा।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटों पर मतदान होंगे। आइए जानते हैं किस चरण में कितनी सीटों पर मतदान होंगे:

प्रथम चरण

प्रदेश में पहले चरण में 10 फरवरी 2022 को गढ़मुक्तेश्वर, नोएडा, दादरी, जेवर, सिकंदराबाद, कैराना, थाना भवन, शामली, बुढ़ाना, चरथावाल, पुरकाजी (SC), मुजफ्फरनगर, खतौली, मीरापुर, सिवालखास, सरधना, बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, हस्तिनापुर, (SC), किठौर, मेरठ छावनी, मेरठ, मेरठ दक्षिण, छपरौली, बड़ौत, बागपत, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदी नगर, फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़, फतेहाबाद, बाह, धौलाना, हापुड़ (SC), डिबाई, शिकारपुर, खुर्जा (SC), खैर (SC), बरौली, अतरौली, छर्रा, कोइल, अलीगढ़, इगलास (SC), छाता, मांठ, गोवर्धन, मथुरा, बलदेव (SC), एत्मादपुर, आगरा कैंट (ST), आगरा दक्षिण, आगरा उत्तर और आगरा ग्रामीण (SC) समेत 61 सीटों पर मतदान करवाएँ जाएँगे।

द्वितीय चरण

वहीं द्वितीय चरण के तहत 14 फरवरी को अस्मोलिक, संभली, सुआरी, चमरौ, बिलासपुर, रामपुर, मिलक (SC), धनौरा (SC), नौगवां सादात, गुन्नौरी, अमरोहा, हसनपुर, बिसौली (SC), बेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद, रामपुर, मनिहारन (SC), गंगोह, नजीबाबाद, मुरादाबाद ग्रामीण, मुरादाबाद नगर, कुंदरकि, बिलारी, चंदौसी, नगीना (SC), बरहापुरी, धामपुर, नेहतौर (SC), बिजनौर, चांदपुरी, नूरपुर, कंठ, ठाकुरद्वारा, (SC), सहसावन, बिल्सी, बदायूँ, शेखूपुर, दातागंज, बहेरी, मीरगंज, भोजीपुर, नवाबगंज, फरीदपुर (SC), बिठारी चैनपुर, बरेली, बरेली छावनी, ओंला, कटरा, जलालाबाद, तिलहरो, पवयन (SC), शाहजहाँपुर और दादरौली समेत 56 सीटों पर वोटिंग होगी।

तृतीय चरण

यूपी में तीसरे चरण का मतदान 20 फरवरी को अमृतपुर, फर्रुखाबाद, भोजपुर, जसराना, कासगंज, हाथरस (SC), सादाबाद, जसवंतनगर, इटावा, भरथना (SC), सिकंदराराऊ, टूंडला (SC), रसूलाबाद (SC), अकबरपुर-रानिया, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, सिरसागंज, बिधूना, दिबियापुर, अमनपुर, पटियाली, अलीगंज, एटा, रथ (SC), मरहारा, जलेसर (SC), मैनपुरी, भोनगाँव, किशनी (SC), करहली, कायमगंज (SC), छिबरामऊ, तिर्वा, कन्नौज (SC), औरैया (SC), सिकंदर, भोगनीपुर, बिल्हौर (SC), बिठूर, कल्याणपुर, गोविंदनगर, महोबा, शीशमऊ, आर्य नगर, किदवई नगर, कानपुर छावनी, महाराजपुर, घाटमपुर (SC), माधौगढ़, कालपी, उरई (SC), बबीना, झांसी नगर, मौरानीपुर (SC), गरौठा, ललितपुर, चरखारी, मेहरोनी (SC), हमीरपुर सहित कुल 59 सीटों पर वोट डाले जाएँगे।

चौथा चरण

राज्य में चौथे चरण का मतदान 23 फरवरी 2022 को आयोजित होगा। इसमें बीसलपुर, मोहम्मदी, पीलीभीत, पूरनपुर (SC), बरखेड़ा, महोली, फतेहपुर, सीतापुर, कस्त (SC), पलिया, निघासन, गोला गोकर्णनाथ, सफीपुर (SC), श्री नगर (SC), लहरपुर, बिस्वाणि, धौरहरा, लखीमपुर, हरगांव (SC), सेवाता, महमूदाबाद, खागा (SC), सिधौली (SC), मिश्रिख (SC), सवायजपुर, शाहाबाद, हरदोई, गोपामऊ (SC), संड (SC), बांदा, नारायणी (SC), बिलग्राम-मल्लांवान, बालमऊ (एससी), संडीला, मलिहाबाद (SC), हुसैनगंज, बांगरमऊ, मोहान (SC), उन्नाव, आया शाह, भगवंतनगर, पुरवा, बख्शी का तालाब, सरोजिनी नगर, लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तर, लखनऊ पूर्व, लखनऊ सेंट्रल, लखनऊ छावनी, मोहनलालगंज (SC), हरचंदपुर, रायबरेली, सारेनीक, ऊंचाहार, बछरावां (SC), तिन्दवारी, बबेरू, जहानाबाद, बिन्दकी समेत 62 सीटों पर मतदान होंने हैं।

पाँचवें चरण का मतदान

उत्तर प्रदेश में पाँचवे चरण का मतदान 27 फरवरी को आयोजित होगा। इस चरण में तिलोई, कोरांव (SC), सलोन (SC), कैसरगंज, सिराथू, चैल, जगदीशपुर (SC), गौरीगंज, अमेठी, इसौली, सुल्तानपुरी, सदर, कर्नलगंज, तरबगंज, लम्भुआ, मनकापुर (SC), कादीपुर (SC), चित्रकूट, मानिकपुर, रामपुर खासी, बाबागंज (SC), बारा (SC), कुण्ड, मंझनपुर (SC), प्रतापगढ़, जैदपुर (SC), दरियाबाद, विश्वनाथ गंज, नानपर, मतेरा, महासी, पट्टी, रानीगंज, इलाहाबाद पश्चिम, इलाहाबाद उत्तर, इलाहाबाद दक्षिण, फाफामऊ, सोरांव (SC), फूलपुर, प्रतापपुर, श्रावस्ती, महनौं, हंडिया, मेजा, गौर, कराछना, कुर्सी, राम नगर, बाराबंकी, रुदौलीक, हैदरगढ़ (SC), मिल्कीपुर (SC), बीकापुरी, अयोध्या, गोशैनगंज, बल्हा (SC), बहराइच, पयागपुर, भिंग, गोंडा, कटरा बाजार सहित 62 सीटों पर वोट डाले जाएँगे।

छठाँ चरण

छठे चरण का मतदान 58 सीटों पर होगा। इसमें कैम्पियारगंज, बांसडीह, कटेहरी, टांडा, धनघटा (SC), बलरामपुर (SC), अलापुर (SC), जलालपुर, अकबरपुर, बैरिया, गोरखपुर शहर, तुलसीपुर, उतरौला, शोहरतगढ़, बेलथरा रोड (SC), कपिलवस्तु (SC), बंसी, इतवा, डोमरियागंज, हरैया, कप्तानगंज, रुधौली, बलिया नगर, बस्ती सदर, महादेवा (SC), फेफना, मेंहदावल, खलीलाबाद, फरेंदा, गेनसारी, नौतनवा, सिसवा, महाराजगंज (SC), रुद्रपुर, पनियार, पिपराइच, रखपुर ग्रामीण, सहजनवा, खजनी (SC), चौरी-चौरा, बांसगांव (SC), चिल्‍लूपार, खड्ड, पडरौना, तमकुही राज, फाजिलनगर, कुशीनगर, हाटा, रामकोला (SC), देवरिया, पथरदेव, रामपुर कारखाना, भाटपर रानी, सलेमपुर (SC), बरहज, रसड़ा और सिकंदरपुर शामिल हैं।

सातवाँ चरण

जबकि सातवें चरण का मतदान 7 मार्च को आयोजित होगा। ये अंतिम चरण है, इसमें दुद्धी (एसटी), मधुबनी, गोपालपुर, मेहनगर (एससी), छनबे (एससी), सागरी, औराई (एससी), मुबारकपुरी, आजमगढ़, मझवानी, निज़ामाबाद, फूलपुर-पवई, भदोही, दीदारगंज, लालगंज (एससी), घोसी, मुहम्मदाबाद- गोहना (एससी), मोहम्मदाबाद, मऊ, बदलापुर, ओबरा (एसटी), शाहगंज, जौनपुर, मल्हानी, अतरौलिया, चुनारी, जमानिया, मुंगड़ा बादशाहपुर, मछलीशहर (एससी), मरियाहु, जाफराबाद, मिर्जापुर, केराकाट (एससी), रॉबर्ट्सगंज, जखानियन (एससी), सैदपुर (एससी), गाजीपुर, घोरावाली, जंगीपुर, ज़हूराबाद, मुगलसराय, सकलडीह, सैयदराजा, चकिया (एससी), पिंडरा, अजगरा (एससी), शिवपुर, रोहनिया, वाराणसी उत्तर, वाराणसी दक्षिण, वाराणसी छावनी, सेवापुरी, ज्ञानपुर और मरिहान समेत 56 सीटों पर मतदान होगा।

गौरतलब है कि इस बार उत्तर प्रदेश के चुनाव में 29 फीसदी लोग नए वोटर्स हैं। मतलब ये कि ये लोग पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कोरोना सकंट की वजह से इस बार एक घंटे अधिक समय तक वोट डाले जाएँगे।