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‘बॉलीवुड की लीडिंग लेडीज सेक्सिस्ट परंपरा को तोड़ रही हैं’: कैटरीना-विक्की की शादी पर कंगना रनौत

हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी बात रखने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस कंंगना रनौत ने कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) और विक्की कौशल (Vicky Kaushal) की शादी से पहले बड़ी बात कही है। कंगना ने बुधवार (8 दिसंबर 2021) को फिल्म इंडस्ट्री को इस बात के लिए बधाई देना चाहिए कि अब यहाँ जेंडर संबंधी स्टीरियोटाइप टूट रहे हैं। गौरतलब है कि 38 साल की कैटरीना और 33 साल के विक्की 9 दिसंबर को शादी के बंधन में बँधने जा रहे हैं।

कंगना (Kangana Ranaut) ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर उम्र से जुड़े जेंडर स्टीरियोटाइप को लेकर एक कमेंट किया है। कंगना ने लिखा, ”सफल और अमीर लोगों द्वारा कई साल छोटी लड़कियों से शादी करने की कहानियाँ सुनते हुए हम बड़े हुए हैं। औरतों का उनके पतियों से अधिक सफल होना एक संकट के तौर पर देखा जाता था।”

साभार: कंगना रनौत का इंस्टाग्राम

बॉलीवुड की क्वीन ने आगे लिखा, ”कम उम्र के आदमी से शादी करना तो भूल ही जाइए, एक निश्चित उम्र के बाद औरत का शादी करना ही असंभव हो जाता था। यह देखकर खुशी हो रही है कि इंडस्ट्री की कामयाब और अमीर लीडिंग लेडीज इस सेक्सिस्ट परम्परा को तोड़ रही हैं। ऐसे आदमी और औरतों को सलाम, जो जेंडर से जुड़ी इस दकियानूसी परम्परा को तोड़ रहे हैं।”

बता दें कि कैटरीना अभिनेता विक्की कौशल से 5 साल बड़ी हैं। इससे पहले भी बॉलीवुड की कई बड़ी एक्ट्रेस ने अपने से उम्र में छोटे आदमी से शादी की है। बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा ने अपने से 10 साल छोटे निक जोनस से शादी की थी। वहीं, अभिषेक बच्चन ने अपने से 3 साल बड़ी ऐश्वर्या राय से शादी की है।

गंगा के पानी में नहीं मिला कोरोना का कोई भी अंश, लाशों पर की गई थी राजनीति: CSIR-IITR की 120 पेज के रिसर्च नतीजे

2021 के पहले हाफ में कोरोना महामारी जब अपने उच्च-स्तर पर थी, उस दौरान उत्तर प्रदेश में गंगा नदी में बहती लाशों की तस्वीरें शेयर कर के दावा किया गया था कि कोरोना के कारण मौतें छिपाने के लिए मृतकों की लाशों को फेंक दिया गया है। राज्य की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को बदनाम करने के लिए भी मीडिया में प्रोपेगंडा चलाया गया। अब ‘वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR)’ एवं ‘ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (IITR)’ के वैज्ञानिकों की एक समीति ने गंगा नदी के सैम्पल्स की जाँच की है।

बता दें कि CSIR और IITR के वैज्ञानिकों द्वारा जब गंगा नदी के इन सैम्पल्स की जाँच की गई, तो इसमें कोरोना वायरस का कोई ट्रेस नहीं मिला। पानी के इन सैम्पल्स को 2020 में ही उत्तर प्रदेश और बिहार के गंगा नदी से लिया गया था, जिसकी जाँच के नतीजे अब आए हैं। 120 पेज की इस रिसर्च स्टडी के आधार पर ‘द न्यू इंडियन’ ने अपनी खबर में बताया है कि 13 लोकेशंस से लिए गए गंगा नदी के पानी ने इन सैम्पल्स का RT-PCR टेस्ट के जरिए परीक्षण किया गया।

बता दें कि इसी माध्यम से मानवों में भी कोरोना वायरस के लक्षणों का परीक्षण किया जाता है। वैज्ञानिकों ने उन जगहों से कुल 132 सैम्पल्स एकत्रित किए थे, जहाँ लाशें तैरने की बातें कही गई थीं। ये सारे के सारे सैम्पल्स कोरोना नेगेटिव टेस्ट किए गए हैं। ये सैम्पल्स, कनौज, उन्नाव, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, बक्सर, हमीरपुर, गाजीपुर, बलिया, पटना, सारण और भोजपुर में गंगा नदी से लिए गए थे। पश्चिमी मीडिया ने इन लाशों को कोरोना के कारण हुई मौतें बताया था।

CSIR-IITR के डायरेक्टर एसके बारीक ने ‘द नई इंडियन’ को बताया कि गंगा नदी के अंदर कोविड-19 के सैम्पल्स मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने बताया कि ये परीक्षण पर्याप्त संख्या में सैम्पल साइज और कड़ी वैज्ञानिक प्रक्रिया के बाद तय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिस SOP से 3.5 लाख सैम्पल्स उनलोगों ने टेस्ट किए गए, वही प्रक्रिया इस बार भी अपनाई गई। उन्होंने बताया कि पानी में कोरोना वायरस मिला ही नहीं। ये सैम्पलिंग मई-जून 2021 में की गई थी।

इन नतीजों के आने के बाद भाजपा ने भी दुराग्रह पूर्ण दुष्प्रचार पर निशाना साधा है। प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि डिस्टर्बेंस पैदा करने और लोगों को भड़काने के लिए ये कुचक्र रचा गया था। उन्होंने इसे ‘राहुल गाँधी के नेतृत्व वाले कॉन्ग्रेस टूलकिट गैंग’ की साजिश बताते हुए कहा कि उन्होंने पहले लॉकडाउन पर सवाल उठाए, बाद में लॉकडाउन की वकालत की। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे सपा ने लोगों को वैक्सीन न लेने के लिए भड़काया और इसे भाजपा की वैक्सीन बताया।

राकेश त्रिपाठी ने कहा, “लाशों के ऊपर राजनीति इसीलिए खेली गई, ताकि लाशों की तस्वीरें दिखा कर डर का माहौल पैदा किया जा सके और भाजपा को बदनाम किया जा सके। 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ऐसा किया गया। महाराष्ट्र और केरल में यूपी से ज्यादा मौतें हुईं, लेकिन वहाँ को लेकर कुछ नहीं कहा गया। अब पश्चिमी मीडिया और विपक्षी दलों को इसका जवाब देना होगा।” जबकि वैज्ञानिक अध्ययन के नतीजों में कुछ अलग ही बात सामने आई है।

‘हमसे रोज ₹100 लेते हैं आम आदमी पार्टी के पार्षद’: सूरत में इकट्ठा हुए फेरीवालों ने केजरीवाल की पार्टी पर लगाया वसूली का आरोप

सोशल मीडिया पर गुजरात के सूरत शहर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में फेरीवालों ने आम आदमी पार्टी के पार्षदों पर हर किसी 100 रुपए वसूली करने का आरोप लगाया है। जी मीडिया के संवाददाता चेतन पटेल ने इस वीडियो को शेयर किया है।

इस वीडियो में एक व्यक्ति को कहते सुना जा सकता है, “एक तरफ वो कहते हैं कि हम सबसे ईमानदार पार्टी हैं। क्या यही है ईमानदारी? यहाँ किसी से भी पूछ लो, अगर मैं झूठ बोल रहा हूँ तो।” इस आरोप पर भीड़ सहमत होती दिखाई दे रही है। भीड़ ने स्वीकार किया कि उन्हें रोज 100 रुपए आम आदमी पार्टी के पार्षदों को देना पड़ता है। अगर इसका हिसाब किया जाए तो साल भर में ये संख्या करोड़ों में होगी। अंत में उसने ऐसा करने वालों में आम आदमी पार्टी के पार्षदों का नाम लिया। पीछे खड़े लोगों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। मौके पर पुलिस का वाहन भी खड़ा दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है कि इस साल हुए गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी सूरत में दूसरे नंबर पर रही थी। तब आप पार्टी को कुल 30 वार्डों की 120 में से 27 सीटें हासिल हुईं थीं। वहीं, भाजपा को सबसे अधिक 93 सीटें मिली थीं, जबकि कॉन्ग्रेस का खाता भी नहीं खुला था।

‘HaHa’ रिएक्शन से इस्लामी कट्टरपंथी मना रहे CDS बिपिन रावत के हैलीकॉप्टर क्रैश पर जश्न: क्या ‘आतंक का कोई मजहब नहीं होता’?

तमिलनाडु के कुन्नूर में CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत का हैलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने सोशल मीडिया पर जश्न मनाना शुरू कर दिया है। इस दुर्घटना में उनकी पत्नी की मौत की पुष्टि हुई है। इस दुखद दुर्घटना वाली खबर पर ‘हाहा’ का रिएक्शन दिया जा रहा है, जो परेशान करने वाला है। NDTV की खबर पर तो एक-दो नहीं, बल्कि खबर लिखे जाने तक 116 ऐसे लोग थे जिन्होंने ‘हाहा’ का रिएक्शन देकर जश्न मनाया। नीचे दी गई तस्वीर में आप उनके बारे में देख सकते हैं:

NDTV की खबर पर ‘HaHa’ के रिएक्शन देकर भारतीय सेना के हैलीकॉप्टर के क्रैश होने का जश्न मनाते इस्लामी कट्टरपंथी

फेसबुक पर ANI की खबर पर भी कई लोगों ने ऐसा ही रिएक्शन देकर जश्न मनाया। ANI ने हैलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद धू-धू कर जलते उसके पार्ट-पुर्जों की तस्वीरें शेयर की थी और बताया था कि कैसे लोग आग बुझाने में लगे हुए हैं। खबर लिखे जाने तक 24 लोगों ने यहाँ भी ‘हाहा’ का रिएक्शन दिया था।

ANI की खबर पर ‘HaHa’ का रिएक्शन देते इस्लामी कट्टरपंथी

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी इस खबर के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने आशा जताई कि हैलीकॉप्टर में सवार जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी सहित बाकी सभी लोग सुरक्षित होंगे। हालाँकि, इस पोस्ट पर भी ‘हाहा’ का रिएक्शन देने वाले खबर लिखे जाने तक एक दर्जन की संख्या में पहुँच चुके थे।

राहुल गाँधी की ट्वीट पर भी एक दर्जन लोगों ने दिया ‘हाहा’ रिएक्शन

इसी तरह ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने भी इस खबर को शेयर किया। ऊटी में हुई इस घटना का वीडियो जैसे ही TOI पर आया, ‘हाहा’ का रिएक्शन देने वाले भी पहुँच गए। खबर लिखे जाने तक TOI के वीडियो पर भी 139 लोगों ने ‘हाहा’ का रिएक्शन दिया था।

TOI की खबर पर भी 139 ने दिया ‘हाहा’ का रिएक्शन

कुन्नूर में भारतीय सेना का हैलोकॉप्टर क्रैश: अब तक क्या मिली है सूचना:

तमिलनाडु के कुन्नूर में भारतीय वायुसेना का हैलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत समेत 14 लोग सवार थे। भारतीय वायुसेना और नीलगिरि के प्रशासन ने पुष्टि की है कि अब तक 5 शव बरामद किए जा चुके हैं। ये हैलीकॉप्टर कोयम्बटूर से सुलुर की ओर उड़ान भर रहा था, जहाँ जनरल बिपिन रावत को लेकर कॉलेज में लेक्चर सीरीज के लिए जाना था। सुलुर से उन्हें राजधानी दिल्ली के लिए उड़ान भरना था।

स्थानीय लोगों ने भी धू-धू कर जलते हुए चॉपर से आग बुझाने में मदद की। इसकी कई तस्वीरें भी सामने आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल लगातार इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली लाए जाने पर मंथन चल रहा है। बताया जा रहा है कि अचानक मौसम खराब होने के कारण ये दुर्घटना हुई।हालाँकि, शक्तिशाली इंजन वाला ये हैलीकॉप्टर सियाचिन सहित कठिन परिस्थितियों में भी उड़ान भरता है। एयर एम्बुलेंस भेजा गया है।

तमिलनाडु में Mi सीरीज का एक भारतीय सेना का हैलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) बिपिन रावत भी उसमें सवार थे। उनके साथ उनके कुछ स्टाफ और परिवार के लोग भी इसमें सवार थे। ये दुर्घटना नीलगिरि जिले के कुन्नूर में बुधवार (8 दिसंबर, 2021) को हुई है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हैलीकॉप्टर से धुआँ निकलते हुए देखा जा सकता है और उसके पुर्जे अलग-अलग हो गए हैं। पानी डाल कर आग को बुझाया गया।

कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उस हैलीकॉप्टर में सवार थे। कोयम्बटूर और सुलुर के बीच हुए इस हादसे के बाद भारतीय सेना रेसकर ऑपरेशन चला रही है। भारतीय सेना ने इस घटना के कारणों की जाँच के लिए भी आदेश दे दिए हैं। जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित इसमें कुल 14 लोग सवार थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि 80% जली हुई दो बॉडीज को नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि निचले इलाके में कुछ और बॉडीज पड़े हुए देखे जा सकते हैं।

आसपास के सभी बसों के अगल-बगल के इलाकों में भारतीय सेना सर्च एवं रेसुए ऑपरेशन चला रही है। तीन लोगों को बचा भी लिया गया है। ये सभी गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए वेलिंग्टन कैंटोनमेंट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चौथे व्यक्ति के लिए तलाश जारी है। ये हैलीकॉप्टर Mi-17V5 मॉडल का था। इस हैलीकॉप्टर में एक ब्रिगेडियर रैंक का अधिकारी, एक अन्य अधिकारी और दो पायलट भी मौजूद थे। घटनास्थल पर स्थानीय लोग, भारतीय सेना के जवान और कई पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं।

मेरा जन्म नेहरू परिवार में होता तो मैं ब्राह्मण होता… इस ढंग से इंदिरा गाँधी मुस्लिम होतीं: फारूक अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार (8 दिसंबर 2021) को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा हम (मुस्लिम) गाँधी के भारत में शामिल हुए थे ना कि गोडसे के भारत में। अब्दुल्ला ने कहा कि अगर उनका जन्म नेहरू परिवार में होता तो आज वे एक ब्राह्मण होते और इंदिरा गाँधी उनके पिता के घर जन्म लेतीं तो वह एक मुस्लिम होतीं।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक जनसभा के दौरान कहा, ”हमने भारत के खिलाफ कभी कोई नारा नहीं लगाया। हमें पाकिस्तानी कहा गया। यहाँ तक कि मुझे खालिस्तानी कहा गया।” उन्होंने आगे कहा, “ये सोचते हैं कि हम डर जाएँगे। हमने वो नमक नहीं खाया, जिससे हम डर जाएँगे। हम वो नहीं हैं। हम आपका मुकाबला ईमानदारी से करेंगे। हमने कभी बंदूक नहीं उठाई, कभी ग्रेनेड नहीं उठाया, कभी पत्‍थर नहीं मारा। हम महात्मा गाँधी के रास्ते पर चलते हैं और गाँधी के हिंदुस्‍तान को वापस लाना चाहते हैं।”

अब्दुल्ला ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में 750 किसानों ने अपनी जान गँवा दी। खुद जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसानों का समर्थन करते हुए भाजपा को आगामी चुनाव में हार के संकेत दिए थे। 5 राज्यों में हार को देखते हुए मोदी सरकार ने कृषि कानून रद्द कर दिए।

बता दें कि रविवार (5 दिसंबर 2021) को नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि था जिस तरह से 700 किसानों के बलिदान के बाद केंद्र को कृषि कानूनों को निरस्त करना पड़ा है, उसी तरह से केंद्र द्वारा छीने गए अपने अधिकारों को वापस पाने के लिए हमें भी ‘बलिदान देने’ के लिए तैयार रहना पड़ेगा। फारूक अब्दुल्ला ने हजरतबल में अपने अब्बू शेख अब्दुल्ला की पुण्यतिथि के मौके पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि हर नेता और कार्यकर्ता को गाँव और इलाके के लोगों के संपर्क में रहना होगा। उन्होंने कहा कि ये याद रखना चाहिए कि हमने राज्य को अनुच्छेद 370 और 35A देने का वादा किया है और इसके लिए हम कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं।

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if i born in a Nehru family i would be a Brahmin indira Gandhi would have muslim says Farooq Abdullah

गुजरात में हिंदुओं को एकजुट करने भरूच में ‘महाआरती’ : अशांत क्षेत्र अधिनियम, जनसांख्यिकीय बदलाव के लिए जागरूकता

गुजरात के भरूच जिले के हाथीखाना (Hathikhana) बाजार के निवासी गुरुवार (9 दिसंबर, 2021) को ‘महाआरती’ का आयोजन करेंगे। यह आयोजन अशांत क्षेत्र अधिनियम और कुछ लोगों द्वारा इसे दरकिनार कर धोखेबाजी से भवन निर्माण के लिए अनुमति लिए जाने को लेकर किया जा रहा है, ताकि वह इसके प्रति लोगों को जागरुक कर सकें। हिंदू जागरण मंच के सदस्य अशांत क्षेत्र अधिनियम में खामियों का फायदा उठाने और भरूच के सोनी फलिया (Soni Faliyo) इलाके में जनसांख्यिकी परिवर्तन (demography change) को लेकर अधिकारियों के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

हिंदू जागरण मंच ने मंगलवार (7 दिसंबर 2021) को भरूच जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से अशांत क्षेत्र अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। ज्ञापन की कॉपी ऑपइंडिया के पास उपलब्ध है। इसमें कहा गया है कि पुराने भरूच क्षेत्र में अशांत क्षेत्र अधिनियम को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है और कलेक्टर की अनुमति के बिना ही संपत्तियों को बेच दिया गया है। दरअसल, गुजरात के कुछ रिहायशी इलाकों में अशांत क्षेत्र अधिनियम लागू होने के बाद इन क्षेत्रों की भूमि और अन्य अचल संपत्तियों के मालिकों को अपनी संपत्ति को बेचने से पहले कलेक्टर की अनुमति लेना जरूरी है।

जिला प्रशासन सांप्रदायिक सद्भाव और शांति बनाए रखने के लिए एक निश्चित क्षेत्र को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित कर सकता है, जो जनसांख्यिकी परिवर्तन के प्रति अतिसंवेदनशील हैं। इन क्षेत्रों में अचल संपत्ति के हस्तांतरण के लिए एक विस्तृत प्रक्रिया की आवश्यकता होती है। विक्रेता को आवेदन में यह उल्लेख करना होगा कि वह अपनी मर्जी से संपत्ति बेच रहा है।

ऑपइंडिया ने पहले भी बताया था कि कैसे सोनी फलिया इलाके में हिंदुओं ने अशांत क्षेत्र अधिनियम के उल्लंघन के साथ-साथ जनसांख्यिकी परिवर्तन के विरोध में अपने घरों और मंदिरों पर बिकाऊ है का पोस्टर लगा दिया था। मंगलवार को कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में निवासियों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी प्रशासन ने अशांत क्षेत्र अधिनियम के उल्लंघन पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इस वजह से सोनी फलिया के निवासियों ने अपनी घर के बाहर ‘बिकाऊ है’ के बोर्ड लगा दिए हैं। इसके बाद भी प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।

अशांत क्षेत्र अधिनियम के कथित उल्लंघन के दायरे में आने वाली संपत्तियों की बिक्री का पूरा विवरण ज्ञापन में दिया गया है। देवयानी भूपेंद्र दर्जी के घर को जो अशांत क्षेत्र अधिनियम में आता है, उसे पड़ोसियों से बात किए बिना नफीसा शब्बीर मटरवाला को बेच दिया गया था। अधिनियम के अनुसार, संपत्ति की बिक्री से पहले पड़ोसियों के साथ-साथ अन्य लोग, जो क्षेत्र में जनसांख्यिकी परिवर्तन से प्रभावित हो सकते हैं, को सूचित करना और उनकी सहमति लेना आवश्यक है।

अरुणाबेन गणेश सोनी और सिगमवाला के बीच संपत्ति की बिक्री का मामला भी ऐसा ही है। इसके अलावा और भी कई उदाहरण हैं, जिनमें प्रकाश सरदार सोनी ने तसलीम कपाड़िया, जयश्रीबेन रमेशचंद्र इटवाला ने नीलोफर खातून मुनव्वर खान पठान, दिनेशभाई अंबालाल पाटनवाडिया ने दीवान महमूद करीमखान, सुरेशचंद्र त्रिभुवनदास जादव और महेंद्र त्रिभोवनदास जादव ने अब्दुल लतीफ अब्दुल रहीम शेख और चित्राबेन ईश्वरलाल अल्मोला ने मंसूरी जुलेखा मोहम्मद रखी को अपनी संपत्ति बेची, लेकिन अशांत क्षेत्र अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया।

अशांत क्षेत्र अधिनियम की धारा 3 (2) कहता है, किसी क्षेत्र में एक समुदाय की जनसंख्या में तेज वृद्धि और आगे भी इसमें वृद्धि होने का खतरा इसकी वजह से क्षेत्र के अन्य समुदाय अल्पसंख्यक हो जाते हैं और जनसांख्यिकी में बदलाव हो जाता है। इसके बाद एक समुदाय के कुछ सदस्य भय फैलाते रहते हैं। उदाहरण के लिए, मुस्लिम समुदाय के एक सदस्य ने इलाके के एक मंदिर में आरती होने पर आपत्ति जताई है। ज्ञापन में इस संबंध में लिखा गया है कि ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन में इसको लेकर एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

ज्ञापन में सोनी फालिया के निवासियों को देश के बाहर के मुस्लिम गुंडों द्वारा दी जा रही धमकियों के बारे में भी बताया गया है, जो उन्हें अपने घरों को बेचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस संबंध में प्राथमिकी भी दर्ज कर की गई है। इसमें कहा गया है कि सोनी फलिया और अन्य जगहों पर हिंदुओं की जनसंख्या में कमी आई है और यहाँ जनसांख्यिकी परिवर्तन हुआ है। अगर प्रशासन अशांत क्षेत्र अधिनियम के उल्लंघन के इन मामलों पर अपनी आँखें नहीं खोलता है तो हमें इस संबंध में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

बता दें कि “हर गुरुवार को, जलाराम बापा मंदिर (Jalaram Bapa Temple) में शाम की आरती होती थी। फिर एक दिन शौकत अली ने मंदिर के ठीक सामने एक घर खरीदा। उसने आरती का विरोध करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे सोसाइटी के 28 घरों को मुसलमानों ने खरीद लिया और अब मंदिर में आरती बंद हो गई है। इतना ही नहीं, मंदिर को अब बेचने की भी तैयारी है।” यह कोई कहानी नहीं है बल्कि भरूच से जुड़ा वह कड़वा सच है।

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक व्यक्ति ने बताया, “भरूच के कुछ हिस्सों में 2019 में अशांत क्षेत्र अधिनियम लागू किया गया था, लेकिन प्रशासन सहित कुछ लोगों ने इसमें छिपी खामियों का फायदा उठाते हुए कुछ क्षेत्रों में पूरी जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) ही बदल डाला। अब स्थिति यह हो गई है कि हिंदू केवल भरूच के सोनी फलियो (Soni Faliyo) और हाथीखाना (Hathikhana) क्षेत्रों में रह गए हैं।”

CDS बिपिन रावत हैलीकॉप्टर क्रैश: 14 में से 11 लोगों की मौत की पुष्टि, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजनाथ सिंह की बैठक

तमिलनाडु के कुन्नूर में भारतीय वायुसेना का हैलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत समेत 14 लोग सवार थे। भारतीय वायुसेना और नीलगिरि के प्रशासन ने पुष्टि की है कि अब तक 4 शव बरामद किए जा चुके हैं। अब तक 11 मौतों की पुष्टि हुई है। ये हैलीकॉप्टर कोयम्बटूर से सुलुर की ओर उड़ान भर रहा था, जहाँ जनरल बिपिन रावत को लेकर कॉलेज में लेक्चर सीरीज के लिए जाना था। सुलुर से उन्हें राजधानी दिल्ली के लिए उड़ान भरना था।

स्थानीय लोगों ने भी धू-धू कर जलते हुए चॉपर से आग बुझाने में मदद की। इसकी कई तस्वीरें भी सामने आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल लगातार इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली लाए जाने पर मंथन चल रहा है। बताया जा रहा है कि अचानक मौसम खराब होने के कारण ये दुर्घटना हुई।हालाँकि, शक्तिशाली इंजन वाला ये हैलीकॉप्टर सियाचिन सहित कठिन परिस्थितियों में भी उड़ान भरता है। एयर एम्बुलेंस भेजा गया है। हैलीकॉप्टर में सवार लोगों के नामों की सूची इस प्रकार है:

हैलीकॉप्टर में सवार लोगों की सूची

इससे पहले क्या आई थी सूचना

तमिलनाडु में Mi सीरीज का एक भारतीय सेना का हैलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) बिपिन रावत भी उसमें सवार थे। उनके साथ उनके कुछ स्टाफ और परिवार के लोग भी इसमें सवार थे। ये दुर्घटना नीलगिरि जिले के कुन्नूर में बुधवार (8 दिसंबर, 2021) को हुई है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हैलीकॉप्टर से धुआँ निकलते हुए देखा जा सकता है और उसके पुर्जे अलग-अलग हो गए हैं। पानी डाल कर आग को बुझाया गया।

कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उस हैलीकॉप्टर में सवार थे। कोयम्बटूर और सुलुर के बीच हुए इस हादसे के बाद भारतीय सेना रेसकर ऑपरेशन चला रही है। भारतीय सेना ने इस घटना के कारणों की जाँच के लिए भी आदेश दे दिए हैं। जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित इसमें कुल 14 लोग सवार थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि 80% जली हुई दो बॉडीज को नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि निचले इलाके में कुछ और बॉडीज पड़े हुए देखे जा सकते हैं।

आसपास के सभी बसों के अगल-बगल के इलाकों में भारतीय सेना सर्च एवं रेसुए ऑपरेशन चला रही है। तीन लोगों को बचा भी लिया गया है। ये सभी गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए वेलिंग्टन कैंटोनमेंट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चौथे व्यक्ति के लिए तलाश जारी है। ये हैलीकॉप्टर Mi-17V5 मॉडल का था। इस हैलीकॉप्टर में एक ब्रिगेडियर रैंक का अधिकारी, एक अन्य अधिकारी और दो पायलट भी मौजूद थे। घटनास्थल पर स्थानीय लोग, भारतीय सेना के जवान और कई पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं।

तमिलनाडु में भारतीय सेना का हैलीकॉप्टर क्रैश, CDS बिपिन रावत के साथ 14 लोग थे सवार: वीडियो आया सामने

तमिलनाडु में Mi सीरीज का एक भारतीय सेना का हैलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) बिपिन रावत भी उसमें सवार थे। उनके साथ उनके कुछ स्टाफ और परिवार के लोग भी इसमें सवार थे। ये दुर्घटना नीलगिरि जिले के कुन्नूर में बुधवार (8 दिसंबर, 2021) को हुई है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हैलीकॉप्टर से धुआँ निकलते हुए देखा जा सकता है और उसके पुर्जे अलग-अलग हो गए हैं।

कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उस हैलीकॉप्टर में सवार थे। कोयम्बटूर और सुलुर के बीच हुए इस हादसे के बाद भारतीय सेना रेसकर ऑपरेशन चला रही है। भारतीय सेना ने इस घटना के कारणों की जाँच के लिए भी आदेश दे दिए हैं। जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित इसमें कुल 14 लोग सवार थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि 80% जली हुई दो बॉडीज को नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि निचले इलाके में कुछ और बॉडीज पड़े हुए देखे जा सकते हैं।

आसपास के सभी बसों के अगल-बगल के इलाकों में भारतीय सेना सर्च एवं रेसुए ऑपरेशन चला रही है। तीन लोगों को बचा भी लिया गया है। ये सभी गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए वेलिंग्टन कैंटोनमेंट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चौथे व्यक्ति के लिए तलाश जारी है। ये हैलीकॉप्टर Mi-17V5 मॉडल का था। इस हैलीकॉप्टर में एक ब्रिगेडियर रैंक का अधिकारी, एक अन्य अधिकारी और दो पायलट भी मौजूद थे। घटनास्थल पर स्थानीय लोग, भारतीय सेना के जवान और कई पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं।

इस्लाम छोड़ना चाहता है कानपुर का असलम… लेकिन इस बात पर उसके मुहल्ले वाले मारते हैं, शिकायत करने भगवा गमछा में पहुँचा थाने

उत्तर प्रदेश के कानपुर में असलम नाम के एक मुस्लिम युवक ने हिन्दू बनने की इच्छा जाहिर की है। वह गले में भगवा गमछा डालकर थाने पहुँचा और बोला कि अब वह जिहादी बनकर नहीं रह सकता। असलम ने हिंदू बनने की इच्छा जाहिर करने के बाद अपने साथ हुई मारपीट की भी शिकायत की और अपने मज़हब वालों से अपनी जान का खतरा बताया। पुलिस ने असलम की शिकायत पर मामले की जाँच शुरू कर दी है। लहूलुहान असलम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह मामला कानपुर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र का है। पीड़ित असलम ने बताया कि जब उसने हिंदू धर्म अपनाने की इच्छा जाहिर की, तब मोहम्मद अली नाम के एक व्यक्ति ने उसे बुरी तरह पीटा। उस पर मुसलमान बने रहने का दबाव बनाया जा रहा है। इलाके के लोग उसको परेशान कर रहे हैं।

असलम का कहना है कि वह हिंदू बनकर अपने काम से काम रखना चाहता है। उसे प्रताड़ित करने वाले लोगों के मुहल्ले को उसने ‘बदनाम मोहल्ला’ बताया है। यह क्षेत्र ‘छोटे मियाँ का हाता‘ कहा जाता है। वीडियो के मुताबिक, अब वह जिहादी बनकर नहीं रहना चाहता है। उसने कहा कि अगर उसे हिन्दू धर्म नहीं अपनाने दिया गया तो वह कहीं और भाग जाएगा।

वीडियो में असलम को चोटें दिख रहीं हैं। साथ ही उसकी शर्ट पर खून जैसे धब्बे दिखाई दे रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में असलम को पुलिस के हवाले से मानसिक रोगी बताया जा रहा है। गौरतलब है कि अभी हाल ही में शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी ने हिन्दू धर्म अपना लिया था। इसके बाद वसीम रिज़वी का गला काटने की धमकी कॉन्ग्रेस नेता द्वारा लगातार दी जा रही है।

‘तू ज़ाफ़ी’ में मिला पुरुष के लिंग जैसा टुकड़ा, मांस खाने से पहले घाना की महिला ने दी ये सलाह: वीडियो वायरल

अफ्रीकी देश घाना (Ghana) की एक महिला को खाना खाने के दौरान खाने में पुरुष लिंग (Penis) जैसा माँस का टुकड़ा मिला है। यह टुकड़ा तू ज़ाफ़ी (Tuo Zaafi) नामक डिश में मिला है जिसे एक स्ट्रीट फ़ूड विक्रेता से खरीदा गया था। महिला ने इसका वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाल दिया। कुछ ही समय में यह वीडियो वायरल हो गया।

तू ज़ाफ़ी घाना का मुख्य भोजन है। यह माँस और चावल के साथ बनता है। वायरल वीडियो में महिला माँस के टुकड़े को दिखा कर लोगों से खाने से पहले चीजें ठीक से चेक करने के लिए कहती दिख रही है। महिला ने खुद को सदमे में भी बताया।

उनके मुताबिक वह बीमार कर देने जैसा है। इस वीडियो पर कई नेटिज़ेंस ने अपनी अलग-अलग राय दी है। कुछ ने महिला को पुलिस में शिकायत करने के लिए बोला है।

फिलहाल घाना में इस तरह का ये पहला मामला नहीं है। साल 2016 में अकौसा नाम की एक महिला को भी अकरा इलाके में अपने खाने में कुछ इसी तरह का माँस का टुकड़ा मिला था। महिला ने इसकी शिकायत पुलिस में की थी। उस समय भी डिश तू ज़ाफ़ी ही थी।