Home Blog Page 3162

‘मैंने खूब सारा सेक्स किया’: 3 साल के ब्रेक के बाद लौटीं X-Men वाली हीरोइन, बताया कोरोना महामारी में कैसे बिताया समय

हॉलीवुड में अभिनेत्री जेनिफर लॉरेंस एक जाना-पहचाना नाम है। उनकी ‘द हंगर गेम्स’ फिल्म सीरीज ने बॉक्स ऑफिस पर 2.970 बिलियन डॉलर (22,405 करोड़ रुपए) बटोर कर उन्हें एक स्थापित फ़िल्मी हस्ती बना दिया। जेनिफर लॉरेंस फ़िलहाल गर्भवती हैं और उनके ‘मैटरनिटी लुक्स’ से बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर भी खासी प्रभावित हैं। वो आए दिन उनकी तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम हैंडल से शेयर करती रहती हैं। अब सेक्स को लेकर एक मजाकिया बयान के कारण जेनिफर लॉरेंस चर्चा में हैं।

बता दें कि जेनिफर लॉरेंस ने अक्टूबर 2019 में न्यूयॉर्क स्थित ‘ग्लैडस्टोन गैलरी’ के डायरेक्टर कुक मैरोनी के साथ रोड आइलैंड्स में शादी रचाई थी। अब वो पहले बच्चे की माँ बनने वाली हैं। सोमवार (6 दिसंबर, 2021) को ‘X-Men’ सीरीज की तीन फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री CBS पर आने वाले अमेरिकी कॉमेडियन स्टेफेन कोल्बर्ट के कार्यक्रम ‘द लास्ट शो’ का हिस्सा भी बनीं। इस दौरान उन्होंने हॉलीवुड से इतर अपने समय व्यतीत करने के अनुभवों के बारे में बताया।

लियोनार्डो डीकैप्रियो के साथ जेनिफर लॉरेंस की फिल्म ‘डोंट लुक अप’ इसी महीने रिलीज होने वाली है, ऐसे में 57 वर्षीय कोल्बर्ट ने याद दिलाया कि जेनिफर लॉरेंस इससे पहले 2018 में इस शो का हिस्सा बनी थीं। अभिनेत्री ने बताया कि वो एक्टिंग से कुछ समय का ब्रेक लेना चाहती थीं। इस पर कोल्बर्ट ने पूछा कि उन्होंने 3 वर्षों तक क्या किया? बता दें कि 2020 में जेनिफर लॉरेंस की कोई फिल्म नहीं आई। इस सवाल का 31 वर्षीय अभिनेत्री ने जवाब दिया, “मैंने खूब सारा सेक्स किया।”

इस दौरान वो अपने पेट की ओर देश कर हँस भी रही थीं। इसके बाद उन्होंने हँसते हुए दर्शकों को बताया, “मैं मजाक कर रही हूँ।” हालाँकि, कोल्बर्ट ने उन्हें जवाब दिया, “ये आपके लिए काफी अच्छा है। बहुत अच्छा है।” जेनिफर लॉरेंस ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान उनका अधिकतर समय भोजन पकाने और साफ़-सफाई में गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि वो एक अच्छी गृहिणी हैं और वो कचरा फैलाती हैं तो साफ़-सफाई भी अच्छे से करती हैं।

उन्होंने बताया कि वो ‘हत्या’ के पोडकास्ट्स सुनते हुए अपने किचन को साफ़ करना पसंद करती हैं। ‘सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक’ (अनुपम खेर भी इस फिल्म का हिस्सा थे) के लिए ऑस्कर जीत चुकी अभिनेत्री ने बताया कि वो रूटीन के हिसाब से व्यवस्थित ढंग से काम करने में यकीन रखती हैं। डार्क कॉमेडी ‘डोंट लुक अप’ 10 दिसंबर को सिनेमाघरों में और 24 दिसंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। इसी बीच करीना कपूर ने जेनिफर लॉरेंस की एक और तस्वीर शेयर कर लिखा है कि वो उनसे बाहर नहीं निकल पा रही हैं।

इजरायल की 65km लंबी और 30 फीट ऊँची दीवार: काम- आतंकियों को रोकना, खर्चा- 7546 करोड़ रुपए

इजराइल (Israel) ने मंगलवार (7 दिसंबर) को बताया कि उसने गाज़ा पट्टी के पास बैरियर बनाने का काम पूरा कर लिया है। यह निर्माण इजराइल की सीमाओं की सुरक्षा के लिए किया गया है। कंक्रीट, लोहे और सेंसर की इस दिवार की ऊँचाई 30 फीट है। इसी के साथ इसकी नींव भी जमीन में काफी गहरी है। इसके निर्माण में लगभग एक बिलियन डॉलर का खर्च आया है। साथ ही इसे पूरा करने में लगभग 3 साल लगे हैं।

टाइम्स ऑफ़ इजराइल (Times of Israel) के मुताबिक, इसके निर्माण के बाद फिलिस्तीन की तरफ से होने वाले हमलों से इजराइल की सीमाएँ सुरक्षित होंगी। हमास (Hamas) के चरमपंथी इन रास्तों का उपयोग हमलों के लिए करते थे। इजराइल के रक्षा मंत्री बैनी गांट्ज़ (Benny Gantz) ने बताया, “कंक्रीट, लोहे और सेंसर को मिलाकर बना यह बैरियर उच्च तकनीक वाला अपने आप में पहला प्रोजेक्ट है। हमने हमास के मंसूबों को नाकामयाब करने में सफलता पाई है।”

इस बैरियर के निर्माण में 1200 मजदूर, 3,30,000 ट्रक बालू एवं पत्थर, 2 मिलियन क्यूबिक मीटर कंक्रीट व अन्य जरूरी चीजें लगीं। इस बैरियर की लम्बाई लगभग 65 किलोमीटर है। यह आतंकियों को समुद्री मार्ग से भी हमले से रोकेगा। इस बैरियर पर सुरक्षा की दृष्टि से कई कमांड सेंटर बनाए गए हैं। पहले पानी के रास्ते इजराइल पर हमलों के प्रयास किए जा चुके हैं।

इस बैरियर को बनाने का निर्णय साल 2014 में गाज़ा (Gaza) युद्ध के दौरान लिया गया था। इस युद्ध के बाद इजराइल ने सुरंग के रास्ते संभावित हमलों को रोकने पर काम करना शुरू कर दिया था। इजराइल चाहता था कि उसके सैनिकों और नागरिकों को किसी तरह का नुकसान न पहुँचाया जा सके। हमास सुरंग बनाकर इजराइल में हमले करता रहा है। 2004 और 2006 में ऐसे हमलों में इजराइल के सैनिकों की हत्या और कुछ का अपहरण कर लिया गया था। साल 2014 में इजराइल के सैनिकों ने गाज़ा में घुसकर कई सुरंगों को नष्ट कर दिया था, जिसका प्रयोग हमास के लड़ाके इजराइल में घुसने के लिए करते थे।

प्रिंसिपल-शिक्षक करते थे 10वीं की छात्रा से गैंगरेप, महिला टीचर बनाती थी वीडियो: राजस्थान के स्कूल की घटना

राजस्थान में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे। बुधवार (8 दिसंबर 2021) को अलवर जिले के एक सरकारी स्कूल में महिला शिक्षकों की मदद से प्रिंसिपल सहित 9 शिक्षकों द्वारा स्कूल में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से गैंगरेप का मामला (Alwar principal teachers gangrape) सामने आया है।

अलवर के रायसराना स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा ने स्कूल स्टाफ पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं तीन अन्य छात्राओं ने छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपित शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रा को एग्जाम में पास करने और फीस माफ करने की बात कह कर उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसके अश्लील वीडियो बनाए गए। वर्ष 2020 में भी इसी स्कूल में एक टीचर के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था।

अलवर जिले के मांढण थाना प्रभारी मुकेश यादव ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल समेत अन्य शिक्षकों के खिलाफ चार नाबालिग छात्राओं ने केस दर्ज कराए हैं। आरोपितों में 2 महिला टीचर भी शामिल हैं। पीड़ित छात्राओं में एक 10वीं कक्षा, दूसरी छठी कक्षा, तीसरी चौथी कक्षा और चौथी छात्रा तीसरी कक्षा में पढ़ती है। 10वीं कक्षी की छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसके साथ गैंगरेप पिछले एक साल से किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़ित छात्रा के पिता ट्रक ड्राइवर हैं, जो काम के सिलसिले में कई दिनों तक बाहर रहते हैं और माँ मूक-बधिर है। पीड़िता ने बताया कि स्कूल की दो महिला शिक्षकों ने उसे मुफ्त में ड्रेस, कॉपी और किताब देने के अलावा उसकी फीस भरने का लालच दिया। इसके बाद वे उसे स्कूल के पास रहने वाले टीचर के घर ले गईं।

जिस घर में उसे ले जाया गया, वहाँ स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक शराब पी रहे थे। वहाँ जाने के बाद एक महिला टीचर ने उसके कपड़े उतरवाए। बाद में सभी शिक्षकों ने उसके साथ गैंगरेप किया। इस दौरान दोनों महिला टीचर वीडियो बनाती रही। छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो उसे फेल करने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। कुछ दिन बाद फिर से महिला शिक्षक के पति और अन्य लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया।

बता दें कि पिछले महीने जोधपुर में एक दुकान पर कपड़े खरीदने गई नाबालिग छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करने वाले सेल्समैन पर केस दर्ज कर पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। आरोपित का नाम शोएब खान था। आरोपित के जेल जाने के बाद उसके परिवार वाले पीड़ित बच्ची के घर वालों को अंजाम भुगतने की धमकी रहे थे और केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने सितंबर 2021 में अपनी साल 2020 की रिपोर्ट जारी की थी। इसमें राजस्थान ने बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में नंबर वन था।

जब सलमान के सामने विक्की ने ​उनकी एक्स गर्लफ्रेंड कैटरीना को किया प्रपोज, ‘दंबग’ खान के उड़े थे होश: देखें वीडियो

राजस्थान के सवाई माधोपुर के बरवाड़ा शहर के सिक्स सेंसेस फोर्ट में बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) और विक्की कौशल (Vicky Kaushal) 9 दिसंबर को शादी करने वाले हैं। दोनों की शादी को लेकर उनके फैंस काफी एक्साइटेड हैं। इसी बीच विक्की और कैट का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के अभिनेता एक अवॉर्ड फंक्शन में स्टेज पर ही कैटरीना को उनके एक्स ब्वॉयफ्रेंड सलमान खान (Salman Khan) के सामने बेहद खास अंदाज में प्रपोज करते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान बैकग्राउंड में सलमान की फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ का म्यूजिक चल रहा है और विक्की उनके टॉवल वाले डांस स्टेप में कैट से कह रहे हैं, ‘मुझसे शादी करोगी’। इसके बाद तो बॉलीवुड के भाईजान का रिएक्शन देखने लायक होता है। इस इवेंट में सलमान अपनी बहन अर्पिता खान के साथ बैठे होते हैं।

दरअसल, स्टेज पर ‘सूर्यवंशी’ फिल्म की एक्ट्रेस से विक्की से कहते हैं, ”आप किसी अच्छे से विक्की कौशल को ढूंढकर उससे शादी क्यों नहीं कर लेती हो। मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूँ। शादियों का सीजन चल रहा था, तो मुझे लगा कि आपसे पूछ ही लेता हूँ। मुझसे शादी करोगी।” इस पर कैट कहती हैं, ”क्या कह रहे हो। अब मेरे अंदर हिम्मत नहीं है।” कैटरीना का जवाब सुनते ही सलमान खान अचानक उठ जाते हैं और मुस्कुराने लगते हैं।

बता दें कि हिंदी न आने के बावजूद सलमान ने कैटरीना का मेंटर बनकर बॉलीवुड में उनके करियर को आगे ले जाने में काफी मदद की है। दोनों 5 साल तक रिलेशनशिप में रह चुके हैं, लेकिन सलमान के अग्रेसिव नेचर से परेशान होकर कैट ने उनसे ब्रेकअप कर लिया था। इसके बाद वह ‘राजनीति’ की शूटिंग के दौरान रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) के करीब आ गई थीं, लेकिन कुछ साल बाद इन ​दोनों के प्यार ने भी दम तोड़ दिया था।

कोरोना काल में ₹42 लाख का क्रिकेट मैच… खिलाड़ी झारखंड के ‘माननीय’ MLA लोग, मैन ऑफ द मैच खुद CM सोरेन

कोरोना महामारी में जब पूरी दुनिया आर्थिक संकट से गुजर थी, तब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2 क्रिकेट मैचों में 42 लाख रुपए खर्च किए। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित अभिषेक अंगद की रिपोर्ट के अनुसार इन खर्चों के बिलों को झारखंड कैबिनेट पास करने वाली है। ये क्रिकेट मैच इसी वर्ष मार्च में आयोजित किए गए थे। इन मैचों में मीडियाकर्मियों के साथ झारखंड के विधायकों ने हिस्सा लिया था। मैन ऑफ़ थे मैच खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चुने गए थे।

पहला मैच 18 मार्च को हुआ था। इसमें 11 लोगों की एक टीम मुख्यमंत्री की थी, जिसका मुकाबला विधानसभा स्पीकर रबिन्द्रनाथ महतो की टीम के 11 सदस्यों से हुआ था। मुख्यमंत्री की टीम 12 ओवरों में 73 रन बना पाई थी। इसके जवाब में स्पीकर की टीम ने 10 ओवरों में 74 रन बना कर मैच जीत लिया था। इस मैच 11 रन बनाने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मैन ऑफ द मैच चुना गया था।

RTI के मुताबिक इस मैच में कुल लगभग 30 लाख रुपए खर्च हुए थे, जिसमें लगभग 24 लाख रुपए खेलों से जुड़े सामान आदि खरीदने और लगभग 3 लाख रुपए खाने, चाय, नाश्ते आदि में। इसी के साथ अन्य खर्चों में बिजली, तेल आदि शामिल थे।

दूसरा मैच 22 मार्च को बिरसा मुंडा स्टेडियम में खेला गया था। इसमें मुख्यमंत्री की टीम ने 4 विकेट के नुकसान पर 15 ओवरों में 191 रन बनाए थे। जबकि उसके जवाब में इस बार उतरी मीडिया की टीम 15 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर 153 रन ही बना सकी थी। RTI के अनुसार इसमें कुछ लगभग 11 लाख 33 हजार रुपए खर्च हुए थे। इसमें खेलों के सामान के लिए लगभग 9 लाख 37 हजार थे। बाकी अन्य खर्चे थे।

इंडियन एक्सप्रेस का दावा है कि उन्होंने ये आँकड़े जनसूचना अधिकार अधिनियम (RTI) से जुटाए हैं। इसके मुताबिक पहले दो बार इन बिलों को मंजूरी नहीं मिल पाई थी। विभागीय स्तर और कैबिनेट स्तर पर इन्हे नामंजूर किया जा चुका है। इस बार पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल और युवा मामलों के विभाग में ये बिल प्रोसेस में हैं।

आँकड़ों के मुताबिक नई किट खरीदने में ही लगभग 33 लाख रुपए खर्च हुए थे। इस किट में ट्रैकसूट, टी शर्ट, टोपियाँ, किट बैग, जूते और मोजे आदि शामिल थे। इन दोनों मैचों के लिए दस्ताने पैड, हेलमेट आदि नहीं खरीदने पड़े थे क्योंकि ये मैच टेनिस की गेंद से हुए थे। मैदान पर कुल 33 लोगों ने उतर कर मैच खेला था। जबकि ये सभी सामान लगभग 100 लोगों में बाँटे गए थे। सामान पाने वालों में मीडिया वाले, विधायक, विधानसभा के स्टाफ और सभी 82 विधायक शामिल थे।

इन सामानों को टेंडर प्रक्रिया के तहत मँगाया गया था। झारखंड के खेल मंत्री और मधुपुर से विधायक हफीजुल हसन ने इसके भुगतान के प्रपोजल पर दस्तखत किए थे। सवाल किए जाने पर उन्होंने मीडिया को इस बार में कुछ भी बताने से मना कर दिया। इसी के साथ खेल विभाग के सचिव अमिताभ कौशल का भी इस मामले में कोई जवाब नहीं आया है।

इस मैच को खेलने वाले कॉन्ग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने इसे खेलों को बढ़ावा देने वाला आयोजन बताया था। साथ ही सभी के आपसी मेलजोल के लिए भी जरूरी बताया। किट में मिले जूतों की तारीफ करते हुए उन्होंने बताया कि वो अब तक उन्हें पहन रहे हैं क्योकि वो बहुत उम्दा क्वालिटी के थे। उन्हें इसके बिलों के बारे में कोई जानकारी नहीं।

क्रिकेट किट को पाने वाले एक अन्य CPI (ML) विधायक विनोद सिंह के मुताबिक वो मैच देखने गए थे। वहाँ उनके सहयोगी को एक बैग दे दिया गया था, जिसमें ट्रैकसूट और जूते थे।

‘पैगंबर’ के नाम पर जिंदा जलाने के बाद 4 महिलाओं को नंगा कर बीच बाजार मारा, वीडियो भी बनाया: पाकिस्तान की घटना

पाकिस्तान के फैसलाबाद से चार महिलाओं को निर्वस्त्र (women stripped in Faisalabad) कर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पुलिस ने सोमवार (6 दिसंबर 2021) को बावा चक मार्केट में चार महिलाओं के कपड़े उतार कर उन्हें लाठी-डंडों से मारने और उनका वीडियो बनाने के आरोप में पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है।

फैसलाबाद के पुलिस अधिकारी डॉ. मोहम्मद आबिद खान ने मंगलवार (7 दिसंबर 2021) को पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन डॉट कॉम (Dawn.com) को बताया कि उन्होंने इस मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

सोशल मीडिया पर चारों महिलाओं का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला में प्रकाश में आया। वायरल वीडियो में एक युवती और एक महिला निर्वस्त्र दिखाई दे रही है। वे दोनों अपने आस-पास के लोगों से विनती करते हुए दिखाई दे रही हैं कि उन्हें बदन ढकने दें, लेकिन वहाँ मौजूद लोग उन्हें लाठियों से पीट रहे हैं।

महिलाएँ रो रही हैं, बार-बार अपने तन को ढँकने के लिए कपड़े माँग रही हैं और रोते हुए उन लोगों से उन्हें जाने देने का अनुरोध कर रही हैं। वीडियो के बैकगाउंड में या अल्लाह या अल्लाह की आवाजें सुनाई दे रही हैं। महिलाओं को नंगा कर पीटने का वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल है, उसे हम यहाँ नहीं दिखा सकते।

पाकिस्तान के मिल्लत टाउन पुलिस स्टेशन में पाँच आरोपितों उस्मान इलेक्ट्रिक स्टोर के मालिक सद्दाम, उसके कर्मचारी फैसल, जहीर, अनवर और सैनिटरी प्रोडक्ट्स के मालिक फकीर हुसैन के अलावा 10 अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपितों पर पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 354-ए (महिला के खिलाफ हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना), 509 (महिला को अपमानित करना या उनका यौन उत्पीड़न करना), 147 (दंगा करने की सजा) और 149 (गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के मुता​बिक, शिकायतकर्ता कचरा उठाने वाली हैं। चारों महिलाएँ फैसलाबाद के बावा चक मार्केट में सोमवार की सुबह करीब 10:30 बजे कचरा उठाने के लिए गई थीं। शिकायत में महिलाओं ने कहा:

”हमें प्यास लगी थी। इसलिए हम उस्मान इलेक्ट्रिक स्टोर के अंदर गए और उनसे पानी की बोतल माँगी। लेकिन इसके मालिक सद्दाम ने हम पर चोरी करने के इरादे से दुकान में घुसने का आरोप लगाया। सद्दाम और अन्य लोगों ने हमें पीटना शुरू कर दिया। वे हमें करीब एक घंटे तक पीटते रहे और निर्वस्त्र कर हमारा वीडियो बनाते रहे। भीड़ में से किसी ने भी इस अत्याचार को रोकने की कोशिश नहीं की।”

इस अमानवीय घटना के कुछ देर बाद पीड़ित महिलाओं के परिवार के कुछ सदस्य घटनास्थल वाले बाजार में पहुँचे। उन्होंने वहाँ मौजूद भीड़ से मदद की गुहार लगाते हुए महिलाओं को छोड़ने को कहा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

चोरी का आरोप और CCTV फुटेज

इसी घटना का एक और वीडियो सामने आया है। इसमें पीड़ित महिलाएँ खुद अपने कपड़े फाड़ती हुई दिखाई दे रही हैं। सीसीटीवी कैमरे में साफ दिख रहा है कि दुकान के अंदर चारों महिलाएँ बुर्के में आती हैं और मालिक के विरोध के बाद भी वहाँ से कुछ सामान उठाकर भागने लगती हैं। तभी वह उन्हें पकड़ लेता है। इस दौरान महिलाओं और दुकान के मालिक पर बीच हाथापाई भी होती है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं कि यह वीडियो महिलाओं की पिटाई से पहले का है या फिर बाद का।

बता दें कि पंजाब पुलिस ने मंगलवार को अपने ट्विटर हैंडल पर उन पाँच आरोपितों की ब्लर फोटो साझा की है। उन्होंने लिखा, ”हमने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।”

पाकिस्तान में ऑन स्पॉट फैसला में विश्वास रखने वाले कट्टरपंथी मुस्लिमों की सोच आप इससे समझ सकते हैं कि एक जीते-जागते इंसान को वो इसलिए जिंदा जला देते हैं क्योंकि उसने एक किताब (इस्लाम मानने वालों के लिए पवित्र कुरान) और उसमें लिखे पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी (सिर्फ आरोप है, कहा तो यह गया कि वो अरबी-फारसी-उर्दू जानता ही नहीं था इसलिए इसमें से किसी भाषा में लिखे एक पन्ने को कुड़ेदान में फेंका) की।

‘वसीम रिजवी का सिर कलम करने वाले को 25 लाख रुपए का इनाम’: कॉन्ग्रेस नेता ने खुलेआम किया दोबारा ऐलान

तेलंगाना में कॉन्ग्रेस विधायक राशिद खान (Rashed Khan) ने मंगलवार (7 दिसंबर 2021) को कहा कि वह शिया वक्‍फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी (wasim rizvi) का सिर काटने वाले को 25 लाख रुपए का इनाम देने की बात पर अभी भी कायम हैं। राशिद जो तेलंगाना प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के सचिव भी हैं, उसने रिजवी का सिर काटने वाले को इनाम देने का ट्वीट शेयर करते हुए कहा, “मैं अभी भी अपनी बात पर कायम हूँ।”

राशिद खान द्वारा शेयर किए गए ट्वीट में कॉन्ग्रेस कार्यालय का एक वीडियो भी है, जिसमें कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी का पोस्टर भी दिखाई दे रहा है। वीडियो में खान ने कहा कि वह वसीम रिजवी का सिर कलम करने वाले को 25 लाख रुपए का इनाम देंगे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से रिजवी द्वारा की गई टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेने का आग्रह किया और कहा कि अल्लाह ने खुद घोषणा की है कि वह पवित्र कुरान की रक्षा करेगा।

खान ने कहा, “मैं वसीम रिजवी का गला काटने वाले को 25 लाख रुपए का इनाम दूँगा। मैं अपने मुस्लिम भाइयों से यह भी कहना चाहता हूँ कि वसीम रिजवी जो कहते हैं, उस पर ध्यान न दें, क्योंकि अल्लाह ने खुद कहा है कि वह पवित्र कुरान की रक्षा करेगा। कयामत तक पवित्र कुरान से एक भी शब्द को बदला नहीं जा सकता है। जब खुद अल्लाह ने यह जिम्मेदारी ली है, तो हमें चिंता करने की कोई बात नहीं है।”

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब राशिद रिजवी के खिलाफ जहर उगल रहा है और उसका सिर काटने की बात कह रहा है। पिछले हफ्ते राशिद खान ने वसीम रिजवी के खिलाफ तेलंगाना में बंद का आह्वान किया था और इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद के नाम पर उनका सिर काटने की बात कही थी।

बता दें कि हैदराबाद के कॉन्ग्रेस नेता मोहम्मद फिरोज खान ने ‘शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड’ के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी (अब जितेंद्र नारायण स्वामी) के सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम रखा था। ये वीडियो 10 दिन पुराना है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मोहम्मद फिरोज खान हैदराबाद से कॉन्ग्रेस की टिकट पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुका है। वहीं, वसीम रिजवी ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति धाम में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के मार्गनिर्देशन में सोमवार (6 दिसंबर 2021) को इस्लाम मजहब छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया।

‘गुस्ताख़ की सज़ा मौत है दुनिया को बता दो’: उर्दू गानों में हिन्दुओं के नरसंहार की बातें, उकसाया जाता है गला रेतने को

आजकल सोशल मीडिया साइट्स और वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर कई ऐसे गाने अपलोड किए जा रहे हैं, जिनमें हिन्दुओं के नरसनहर की बातें की जा रही हैं और गैर-मुस्लिमों को काफिर बताते हुए ‘ईशनिंदा’ करने वालों के गला रेतने को ही भड़काया जाता है। कई वर्षों से सिर्फ ऑडियो ही नहीं, बल्कि इस तरह के वीडियोज भी सर्कुलेट होते रहे हैं। भीड़ द्वारा हिन्दुओं की हत्याओं को भी इन गानों में जायज ठहराया जाता है। हमने ऐसे ही कुछ गानों की पड़ताल की जो ऊपर-ऊपर से तो अच्छे लगते हैं, लेकिन उनके द्वारा कुछ और ही संदेश देने की कोशिश होती है।

इन्हें काफी आकर्षक बैकग्राउंड संगीत के साथ सजाया जाता है और लाखों लोग इन्हें देखते हैं, लेकिन इनका उद्देश्य कुछ और ही होता है।

पाकिस्तान के सैयद आफ़ताब अली चिश्ती का ‘खैर नहीं है’ गाना

इस गाने की जैसे ही शुरुआत होती है, जिसमें एक काफी गहरे भाव वाले मुस्लिम को दिखाया गया है। वो व्यक्ति अल्लाह की प्रशंसा करता है और बताता है कि किस तरह लोग अल्लाह के लिए अपनी जान तक न्योछावर करने के लिए तैयार हैं। साथ ही वो जोड़ता है कि लोग अल्लाह के लिए अपने जीवन तक को भूल जाते हैं और परिवार और बच्चों को भूल जाते हैं लेकिन अल्लाह को नहीं भूल पाते। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति स्क्रीन पर आता है और गाना शुरू करता है।

इसका लिरिक्स ही भड़काऊ नारे ‘गुस्ताख़-ए-नबी की एक सज़ा, सर तन से जुदा’ से शुरू होता है। फिर वो कहता है, ‘गुस्ताख़ के सर काट के रहेंगे मुसलमान’। इसका मतलब वो धमकी दे रहा है कि किसी ने अल्लाह या इस्लाम को लेकर कुछ कहा तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। इसके बाद फिर वो बताता है कि अल्लाह का अपमान करने वालों को किस तरह से मारा जाएगा, “सरकार की तौहीन अगर कोई करेगा, हम उसके शब-ओ-रोज बना डालेंगे ज़िंदा।”

इसमें वो बता रहा है कि किस तरह अल्लाह का अपमान करने वालों को ज़िंदा जला दिया जाएगा। हाल ही में पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में एक श्रीलांकाई नागरिक को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया गया और फिर जला दिया गया। उस पर ‘हुसैन’ लिखा कागज़ फाड़ कर डस्टबिन में फेंकने का आरोप लगाया गया। उक्त व्यक्ति धमकाता है कि ‘ईशनिंदा’ करने वाला समय से पहले मरेगा, मतलब उसकी हत्या कर दी जाएगी। ‘ईशनिंदा’ यहाँ सिर्फ अल्लाह ही नहीं, बल्कि नबी और अन्य पैग़म्बरों से भी जुड़ा हुआ है।

इस गाने में भी ‘ईशनिंदा’ करने वालों को घेर कर ‘दंड देने’ की बात की जाती है। इस्लाम में मानना है कि इस तरह की चीजें करने वाले ‘काफिर’ होते हैं, जो अल्लाह में विश्वास नहीं रखते।

हाफिज ताहिर कादरी का ‘आका का वफादार’

इस गाने की शुरुआत गायक अपने-आप को ‘आका का वफादार’ बताते हुए करता है। इसमें वो कहता है कि उसके ‘आका’ के प्रति जो वफादार है, वो उसके लिए मरने के लिए भी तैयार हैं। वो कहता है, “सरकार का दुश्मन कोई ज़िंदा ना रहेगा, मौला की कसम कोई बड़ी ज़िल्लत से मरेगा।”

फिर वो कहता है, “गुस्ताख़ का जीना हमें बर्दाश्त नहीं है, इक पल भी रहे ज़िंदा हमें बर्दाश्त नहीं है”। वो स्पष्ट कह रहा है कि ‘आका’ को कुछ बुरा कहने वाले को जीवित रहने का हक़ नहीं है। इसी तरह पैगम्बर का अपमान करने वालों की भी मौत की वो बात करता है।

अडोनी राजा द्वारा ‘गुस्ताख़-ए-नबी की एक सज़ा’

इस गाने को आम ‘जेम’ भी कह लीजिए, जो भारत में ही बनाया गया है। ‘अडोनी राजा’ नाम के ये चैनल को हैदराबाद का अब्दुल मुस्तफा राजवी अडोनी चलाता है। नीदरलैंड्स (हॉलैंड) में 2018 में पैगम्बर मुहम्मद के कार्टून्स के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसके बाद ये गाना अस्तित्व में आया। वहाँ के एक वामपंथी सांसद द्वारा आयोजित किए गए इस कार्यक्रम की दुनिया भर में आलोचना हुई थी। ये गाना भी ‘गुस्ताख़-ए-नबी की एक सज़ा, सर तन से जुदा’ वाले भड़काऊ नारे को आगे बढ़ाता है।

इसमें उन मुस्लिमों की आलोचना की गई है, जिन्होंने हॉलैंड की इस घटना को लेकर कुछ नहीं किया। इसमें मुस्लिमों को दुनिया के सामने आकर ये कहने को कहा जाता है कि नबी को बदनाम करने वालों को वो मार डालेंगे। इसमें वो कहता है, ‘”मालिक ने हमें ललकारा है जागो मुसलमानों, गुस्ताख़ की सज़ा मौत है दुनिया को बता दो।” इसमें हिन्दुओं को भला-बुरा कहते हुए उनके खिलाफ भी विद्रोह की बात की गई है। कहा गया है, “इस नाम की शमाँ तू दिल में जला दे, खाके बनाने वालों को तू खाक बना दे।”

हॉलैंड जैसे देशों को दुनिया के नक़्शे से मिटा देने की बात भी की गई है। साथ ही हॉलैंड के राजदूतों पर हमले करने के लिए भी भड़काया गया है। इस पंक्ति पर ध्यान दीजिए, “इस देश में हॉलैंड के सफीर का क्या काम, हॉलैंड की एम्बेसी को ताले लगा दें।”

इस्लामी भीड़ भी इन्हीं नारों का करती है इस्तेमाल

अक्सर देखा गया है कि इस्लामी और दंगाई भीड़ ने इसी तरह के नारों का इस्तेमाल किया। ये सिर्फ गानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सड़क पर निकलने वाली इस्लामी भीड़ भी इसी तरह के नारे लगाती है। अप्रैल 2021 में गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति धाम के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या के लिए लोगों को उकसाते समय भी इसी तरह की नारेबाजी की गई थी।

इसी तरह 7 दिसंबर, 2021 को मेजर गौरव आर्या ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक बुर्का वाली महिला को स्कूली छात्राओं को गला काटने का तरीका सिखाते हुए देखा जा सकता है। इसमें भी बैकग्राउंड में ‘सर तन से जुदा’ वाला गाना बजते रहता है और लड़कियाँ ‘नारा-ए-तकबीर’ चिल्लाती रहती हैं। वीडियो में लड़कियाँ फ़्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के खिलाफ नारेबाजी करती भी दिखती है।

‘गाँधी का भारत गोडसे में बदल रहा’: किक्रेट के बहाने महबूबा मुफ्ती ने फिर उड़ेला पाकिस्तान के लिए प्यार

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती का पाकिस्‍तान प्रेम किसी से छिपा नहीं है। इस बार उन्होंने दो 2 महीने पहले (अक्टूबर 2021) भारत-पाकिस्‍तान के बीच हुए टी-20 मुकाबले का जिक्र कर मोदी सरकार पर हमला किया है। महबूबा ने मंगलवार (7 दिसंबर 2021) को कहा कि ऐसा लगने लगा है कि महात्‍मा गाँधी का भारत, गोडसे के भारत में बदल रहा है।

जम्‍मू-कश्‍मीर की पूर्व सीएम ने कहा, ”मुझे वाजपेयी जी के दौर में भारत और पाकिस्तान के बीच एक क्रिकेट मैच याद है, जहाँ पाकिस्‍तान के नागरिक भारत के लिए जयकार कर रहे थे। वहीं, भारत के नागरिक पाकिस्तान के लिए जयकार कर रहे थे।”

मुफ्ती ने कहा कि एक मैच में तो पाकिस्‍तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी की तारीफ भी की थी। इस दौरान उन्होंने आगरा की घटना के बारे में भी बात की, जहाँ टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान से भारत की हार के बाद भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप में तीन पाकिस्तानी समर्थकों को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय उन युवाओं का पक्ष लेने को कोई भी वकील तैयार नहीं हुआ। ऐसे में लगता है कि गाँधी का भारत गोडसे के भारत में बदल रहा है।

बता दें कि 24 अक्टूबर 2021 को पाकिस्तान की जीत के बाद कई जगहों से ऐसी खबरें आई थीं कि वहाँ कुछ लोगों ने बम-पटाखे फोड़े और पाकिस्तान के लिए नारे बुलंद किए। इसी क्रम में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत श्रीनगर में कश्मीरी छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। इसके अलावा उदयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में भी एक नफीसा नाम की शिक्षिका के विरुद्ध कार्रवाई हुई थी।

70 साल में 160 Km और साढ़े 4 साल में 1500 Km सड़कें, बेरोजगारी दर 17 से सीधा 4 पर: यूपी में यूँ कमाल कर रहा है ‘डबल इंजन’

जिस प्रदेश में 71 वर्ष तक मात्र एक अंतरराष्ट्रीय विमान पत्तन हुआ करता था, 2017 के पश्चात वह प्रदेश मात्र साढ़े चार वर्ष में पाँच-पाँच अंतरराष्ट्रीय विमान पत्तन वाला देश का एकमात्र राज्य बन गया! यही नहीं, एशिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रदेश के जेवर में बनाकर परिचालित कर दिया गया। अचंभित हो गए न? परंतु विकास की यह गाथा सर्वथा सत्य है। यह गाथा आज के उत्तर प्रदेश की है। वही उत्तर प्रदेश पिछली सरकारों में जिसकी पहचान गड्ढे भरी सड़कों, अधोसंरचना के अभाव में पिछड़ापन एवं बुरी कानून-व्यवस्था के कारण अराजकता से हुआ करती थी।

पर अब वही प्रदेश परिवर्तित हो चुका है। परिवर्तन भी ऐसा कि मात्र साढ़े चार वर्ष में देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य बन गया। दूर से बैठकर इस विकास गाथा को सुनने वाले कहेंगे कि यह तो चमत्कार है। परंतु सच यह है कि यह चमत्कार नहीं, अपितु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता भरी योजना-दृष्टि और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मठता का परिणाम है। समग्र देश के विकास के प्रति लगन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली में है और वह सदैव विकास की समग्र, एकीकृत एवं समावेशी दृष्टि से कार्य करते रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रवृत्ति भी केंद्रित होकर विकास का लक्ष्य प्राप्त करने वाली है। इसका परिणाम यह हुआ कि योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को विकसित राज्य बनाने को जब ठाना, तो पहला लक्ष्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास का निर्धारित किया। पिछड़ेपन का दंश झेल रहे एक ऐसा राज्य आकार में इंग्लैंड से बड़ा है और जनसंख्या इतनी है कि विश्व के केवल पाँच देश ही ऐसे हैं, जिनसे इसकी जनसंख्या कम है। इसका अर्थ यह हुआ कि जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश इतना बड़ा है, जितना कि विश्व का छठा बड़ा देश।

योगी जी दो दशक से अधिक समय तक सांसद रहे हैं और जनता के बीच रहने वाले राजनेता रहे हैं, तो उन्होंने यह स्पष्ट अनुभव किया था कि राज्य का विकास वास्तव में करना है, नया व विकसित उत्तर प्रदेश बनाना है, तो विश्व स्तरीय अधोसंरचना एवं प्रदेश के एक भाग से दूसरे भाग तक संबंद्धता संजाल का निर्माण सबसे पहले करना होगा और मुख्यमंत्री बनने के पश्चात वह पहले दिन से इस लक्ष्य पर कार्य करने में जुट गए। लक्ष्य पर योगी जी के प्रयास साकार रूप में दिखने लगे।

इसी का परिणाम है कि जो राज्य सत्तर वर्ष में मात्र 165 किलोमीटर लंबा एक एक्सप्रेस हाई-वे यमुना एक्सप्रेस-वे पूरा कर सका, उसी राज्य में योगी जी के आते ही आधे-अधूरे आगरा-एक्सप्रेस वे का काम व केवल पूरा किया गया, अपितु प्रदेश को पूरब से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक जोड़ने के लिये तीन-तीन नए एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना पर चल पड़े। इनमें प्रयागराज से मेरठ तक लगभग 600 किलोमीटर लंबा विश्व का सबसे आधुनिक व लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे भी है।

योगी सरकार ने 341 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे एवं 91 किलोमीटर लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के कार्य का बीड़ा उठाया और मात्र साढ़े चार वर्ष में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तैयार कर लोकार्पित भी कर दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस एक्सप्रेस-वे पर अपना विमान उतारकर इसको जनता को कुछ दिन पूर्व समर्पित किया है। यह पिछली सरकारों में उपेक्षित प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के उन 9 जनपदों को यह एक्सप्रेस-वे जोड़ता है। सौतेले व्यवहार के कारण पिछ़ड़ेपन के रोग से पीड़ित बुंदेलखंड को तो सीएम योगी ने इस प्रकार अपने बच्चे की भाँति संभाला कि इस क्षेत्र के सात जनपदों से होकर निकलने वाले 300 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड ग्रीन-फील्ड एक्सप्रेस-वे लगभग तैयार हो चुका है और एक मास पश्चात जनवरी 2022 में यह आवागमन के लिये खोल दिया जाएगा।

कुल-मिलाकर योगी सरकार ने सत्तर वर्षों में मात्र 165 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे बनाने वाले राज्य को मात्र साढ़े चार वर्ष में लगभग 1500 किलोमीटर (1497 किलोमीटर) एक्सप्रेस-वे से आच्छादित करने की सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है, जिसमें से लगभग 1100 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे की योजना योगी सरकार की अपनी योजना है। योगी सरकार ने साढ़े चार वर्षों में ही प्रदेश को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने में लगभग एक हजार प्रतिशत वृद्धि की है। योगी सरकार ने इन एक्सप्रेस-वे के किनारे-किनारे औद्योगिक गलियारा बहा रही है।

केंद्र की मोदी सरकार एवं राज्य की योगी सरकार बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के किनारे-किनारे रक्षा उत्पादन गलियारा बना रही है, जो इस क्षेत्र का भाग्य सँवार देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जोड़ी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-प्रदेश के रूप में रूपांतरित हो रहा है। यह एक्सप्रेस-प्रदेश केवल सड़कों के संजाल स्थापित करके नहीं हो रहा है, अपितु देश व विदेश के विभिन्न भागों के राज्य की संबद्धता संजाल स्थापित करने के लिये विमानन क्षेत्र की अधोसंरचना विकास पर भी मोदी-योगी सरकार ने उतना ही काम किया है।

वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में केवल 25 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उड़ाने हुआ करती थीं, जबकि आज 2021 में 71 स्थानों के लिए विमान सेवाएँ उपलब्ध हैं, जिसमें से देश के भीतर 59 स्थानों के लिए और विदेश के 12 स्थान के लिए विमान सेवाएँ उपलब्ध हैं। 2017 तक प्रदेश में केवल चार हवाईअड्डे लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर व आगरा ही था, परंतु आज 2021 में प्रदेश में कानपुर, बरेली, प्रयागराज एवं गाजियाबाद का हिंडन सहित आठ हवाईअड्डे परिचालन में हैं।

जहाँ केवल लखनऊ व वाराणसी से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें थीं, वहीं आज प्रदेश लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, अयोध्या जी, जेवर के पांच अंतरराष्ट्रीय हवा अड्डे वाला देश का एकमात्र राज्य बन चुका है। मोदी-योगी सरकार आगरा, सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट एवं सोनभद्र में हवाईअड्डों का विकास व उन्नयन करा रही है। योगी सरकार में उत्तर प्रदेश के विकास की सफलता का परिणाम सामने आने लगा है और प्रदेश ने अनेक औद्योगिक व अगड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए व्यापार करने की सरलता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) में देश में दूसरे स्थान पर आ चुका है।

सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में उत्तर प्रदेश दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है। सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमा (सीएमआईई) की मार्च 2021 की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर वर्ष 2017 के 17.5 प्रतिशत की तुलना में आज नाममात्र का 4.1 प्रतिशत रह गया है और राज्य में प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2015-16 के 43,000 रुपए की तुलना में वर्ष 2021 में आज दोगुने से भी अधिक 95,000 रुपए हो गया है। योगी सरकार में विकास का ऐसा प्रतिमान और जनता की प्रगति का ऐसा उदाहरण सफलता की एक गाथा भर नहीं है, अपितु यह भारतीय जनता पार्टी की सरकारों एवं उसके नेतृत्व के उस संकल्प व दृढ़-निश्चय का प्रेरक कथा है, जो नागरिकों को राष्ट्र निर्माण व लोक कल्याण के पथ का दर्शन कराता है।