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पिता कर्नल रहे, भाई नौसेना में: 10000 फ़ीट से खराब विमान को लैंड कराने वाले ग्रुप कैप्टन जूझ रहे मौत से, क्रैश में 14 में एकमात्र जीवित व्यक्ति

तमिलनाडु के कुन्नूर में जिस हैलीकॉप्टर क्रैश में CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 13 लोगों की मौत हो गई, उसी दुर्घटना में घायल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह फ़िलहाल मौत से लड़ाई लड़ रहे हैं। हैलीकॉप्टर में सवार 14 लोगों में वो एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जो जीवित बचे हैं। वेलिंगटन सैन्य अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। उन्हें इसी साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया था।

उन्होंने एक एरियल इमरजेंसी के दौरान अपनी LCA तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट को बचाया था, जिसके लिए उन्हें ये सम्मान दिया गया। वो गंभीर रूप से घायल हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। ‘लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) स्क्वाड्रन’ में ‘विंग कमांडर’ रहे पायलट वरुण सिंह को भारत का तीसरे सबसे बड़े पीस टाइम गैलेंट्री अवॉर्ड से नवाजा गया था। फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के बाद भी 10 हजार फीट की ऊँचाई से विमान की सफल लैंडिंग कराने पर उन्हें ये सम्मान दिया गया था।

वो देवरिया के कान्हाली गाँव के रहने वाले हैं और पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप का भतीजे हैं। उनके पिता केपी सिंह भी सेना में कर्नल थे, जो अब रिटायर हो चुके हैं। उनके छोटे भाई भारतीय नौसेना में सेवा दे रहे हैं। बता दें कि 12 अक्टूबर, 2020 को वरुण सिंह लाइट कॉम्बेट एयर क्राफ्ट के साथ उड़ान पर थे। लगभग 10,000 फीट की ऊँचाई पर पहुँचते ही विमान का फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम खराब हो गया था। इस दौरान उन्होंने संयम और धैर्य से काम लेकर सफल लैंडिंग कराई।

उस समय वो तेजस उड़ा रहे थे। उन्होंने न सिर्फ विमान को बर्बाद होने से बचा लिया था, बल्कि कई लोगों की जान भी बचाई थी। उनकी देखरेख में सेना के कई विमान उड़ान भरते थे। फिर उन्हें नीलगिरि हिल्स में ‘टेस्ट पायलट’ का पद दिया गया था। कभी उड़ान नियंत्रण प्रणाली के विफल होने के बाद भी असाधारण कौशल से उसे लैंड कराने में सफलता हासिल करने वाले वरुण सिंह आज अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं.। मंथन हो रहा है कि बेहतर इलाज के लिए उन्हें एयर एम्बुलेंस से दिल्ली कब लाया जाए।

लेकिन, उस वक्त में खराबी आने के बाद उनके पास उसे छोड़ने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने एयरक्राफ्ट को काफी जोखिम होने की आशंका के बाद भी सफलतापूर्वक लैंड कराया था। इससे विशेषज्ञों को सही विश्लेषण में मदद मिली, ताकि दूसरे एयरक्राफ्ट्स में ये खराबी न हो। रुद्रपुर तहसील के रहने वाले वरुण सिंह के चाचा अखिलेश प्रताप कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि अब और क्षति न हो, वरुण सिंह सकुशल बच जाएँ।

मोनिश ने मनीष बन हिन्दू छात्रा को फँसाया, जबरन धर्मांतरण… निकाह… फिर कैद: पुलिस में शिकायत पर किया अश्लील वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश में प्रशासन की कड़ाई के बावजूद लव जिहाद के मामले थमने के नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला अमरोहा जिले का है, जहाँ मीट का काम करने वाले मोनिश कुरैशी ने मनीष कुमार नाम बताकर एमए की एक छात्रा को अपने झाँसे में ले लिया। उसके बाद पीड़िता का जबरन धर्म परिवर्तन कराकर न सिर्फ निकाह किया, बल्कि उसका लगातार रेप करता रहा और अश्लील वीडियो भी बनता रहा। पीड़िता ने जब आत्महत्या की कोशिश की तो आरोपी ने उसे इस शर्त के साथ कैद से मुक्त किया कि वह पुलिस में शिकायत की तो उसका अश्लील वीडियो वायरल कर देगा। कुछ समय के बाद आरोपी उसे फोन कर अपने पास आने के लिए मजबूर करने लगा। तंग आकर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़िता अमरोहा के सैदन गली के एक मुहल्ले की रहने वाली है। उसने बताया कि जब वह उझारी कस्बा में बीए की पढ़ाई कर रही थी, उस दौरान उसी कस्बे का आरोपित उसका पीछा करता था। एक दिन उसने छात्रा के सामने अपना नाम मनीष कुमार बताते हुए प्रेम प्रस्ताव रखा। छात्रा ने बताया कि उसे नहीं पता था कि वह मुसलमान है और उसका असली नाम मोनिश है। अपने प्रेम जाल में फँसा लेने के बाद मोनिश अक्टूबर 2020 में छात्रा को भगाकर औरेया के दलेल नगर गाँव स्थित अपने एक रिश्तेदार के यहाँ ले गया।

छात्रा का आरोप है कि दलेल गंज गाँव की ग्राम प्रधान नूरी खान ने उसे अपने घर ठहराया। उसी दौरान उसे पता चला कि आरोपित का नाम मोनिश कुरैशी है और वह मुसलमान है। वहाँ नूरी के पति इकबाल खान और वहाँ पहले से ही मौजूद मोनिश की तीन बहनों और बहनोई ने उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। आरोपियों ने धर्म परिवर्तन कर निकाह नहीं करने पर हत्या करने की धमकी दी। उसके बाद गाँव के ही मौलवी को बुलाकर उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया गया और उसका नाम गुड़िया रख दिया गया।

पीड़िता का कहना है कि धर्म परिवर्तन कराने के बाद मोनिश उससे जबरन निकाह कर लिया और उसके साथ रेप करने लगा। इस दौरान वह पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बनाता था। प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। उसके बाद मोनिश ने धमकी दी कि अगर वह भागने की कोशिश की तो उसका अश्लील वीडियो वह वायरल कर देगा और उसके घर वालों को मार देगा।

उत्तराखंड के एक कॉलेज से अब MA कर रही पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसे कमरे में बंद रखने लगा। एक महीने बाद वह पीड़िता को औरेया लेकर आया और कामिल कुरैशी के घर रखा। इसके बाद वह गजरौला में अपनी बहन तराना के यहाँ उसे लेकर आया, जहाँ उसके बहनोई गुलफाम और उसके भाँजे चाँद और अयान ने उसके साथ बदसलूकी की। प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने आत्महत्या करने की कोशिश की। इसके बाद आरोपित मोनिश ने औरेया में नूरी खान के घर एक स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराने के बाद फरवरी 2021 में उसे उसके घरवालों को सौंप दिया और धमकी दिया कि अगर इसकी पुलिस में शिकायत की तो वह अश्लील वीडियो को वायरल कर देगा।

पीड़िता के अनुसार, घर आने के लगभग 5 महीने तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन जुलाई 2021 में मोनिश पीड़िता को कॉल कर ब्लैकमेल करने लगा और अपने पास बुलाने लगा। जब वह बात नहीं मानी तो मोनिश सोशल मीडिया पर लड़कियों के नाम से फर्जी आईडी बनाकर उसका अश्लील वीडियो वायरल करने लगा। उसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और डीआईजी से शिकायत करने के बाद उसकी शिकायत लिखी गई। पीड़िता का आरोप है कि मोनिश गिरफ्तार किया गया, लेकिन 7 दिन बाद ही वह जेल से बाहर आ गया और फिर से अश्लील वीडियो वायरल करने लगा। हालाँकि, इस मामले में इंस्पेक्टर सैदनगली इंस्पेक्टर ने बताया कि मोनिश के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, लेकिन अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

जब देश कर रहा था CDS रावत की सलामती की प्रार्थना, गुल पनाग के पिता ने तभी लिख दिया ‘RIP’ : पुष्टि का भी नहीं किया इंतजार

क्या आपको पता है कि जब पूरा देश CDS (चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ) जनरल बिपिन रावत की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे थे, तब लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग ने उनकी मृत्यु की बात ट्वीट कर दी थी। उन्होंने बुधवार (8 दिसंबर, 2021) को दोपहर 2:52 बजे ‘RIP General Bipin Rawat’ ट्वीट कर दिया था। बता दें कि किसी के निधन के बाद ‘RIP (Rest In Peace)’ अर्थात, ‘आत्मा की शांति’ को लेकर ट्वीट करते हैं। देखिए लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एचएस पनाग का ट्वीट:

2:52 PM में ही एचएस पनाग ने कर दिया था ‘RIP’ वाला ट्वीट

बता दें कि उस समय CDS बिपिन रावत की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई थी। शाम को भारतीय वायुसेना ने उनके निधन की पुष्टि की। उस समय तक अस्पताल में उनका इलाज चलने की बात ही कही जा रही थी। बता दें कि उस हैलीकॉप्टर में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से 13 की मौत हो गई है और एक घायल अभी भी जीवन और मौत के बीच जूझ रहा है। जब एचएस पनाग से पूछा गया था कि वो कुछ नैतिकता रखें और ऐसा ट्वीट न करें, तब उन्होंने दावा किया था कि मीडिया ने इसकी पुष्टि कर दी है।

उस समय पूरा देश आधिकारिक बयान का इंतजार कर रहा था और CDS जनरल बिपिन रावत की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहा था। बता दें कि जब अक्टूबर 2017 में जब अरुणाचल प्रदेश में विषम परिस्थितियों में भारतीय सेना का एक हैलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, तब एचएस पनाग ने मृत सैनिकों के कॉफिन्स की भ्रामक तस्वीरें शेयर कर के लोगों को भड़काया था। बता दें कि एचएस पनाग भारतीय सेना में कमांडिंग ऑफिसर रह चुके हैं।

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने दावा किया था कि अगर नरेंद्र मोदी सत्ता में वापस लौटते हैं तो सेना द्वारा तख्तापलट ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने 2012 में भी शेखर गुप्ता की ‘तख्तापलट’ वाली कहानी को बढ़ावा दिया था। उन पर पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा का जश्न मनाने के आरोप भी लगे थे। बता दें कि वो 1969 से 2008 तक भारतीय सेना का हिस्सा रहे हैं। उनकी बेटी गुल पनाग अभिनेत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता रही हैं।

‘अब मथुरा की तैयारी…’ यह आह्वान भगवान श्रीकृष्ण की चेतना को जन-जन तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास

श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुक्ति का विषय पुन: विमर्श के केंद्र में है। यद्यपि यह विमर्श भले ही मीडिया की सुर्खियों में अब आया हो, किंतु यह भारत के जन-मन की इच्छा का वह प्रकटीकरण है जो साढ़े तीन सौ वर्षों से पल रही है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस जन इच्छा को पुन: स्वर दे दिया है। मौर्य जी की इस मुखरता के चाहे जो भी अर्थ निकाले जाएँ, किंतु इसका सकारात्मक पक्ष यह है कि अब श्री राम जन्मभूमि की भाँति ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए भी गतिशीलता बढ़ेगी।

केशव मौर्य का श्रीकृष्ण के मूल जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण का यह आह्वान श्रीकृष्ण की शाश्वत सत्ता को जन-चेतना के साथ एकाकार करने का काम कर रहा है। भगवान राम ने वंचितों, वनवासियों को जोड़कर आतंक रूपी लंका को ध्वस्त किया था और धर्मसत्ता का परचम लहराया था। भगवान श्रीकृष्ण ने जनसामान्य को अपने साथ रखकर, उनके सखा व सारथी बनकर आततायियों के विरुद्ध क्रांति की थी और अन्याय व अहंकार का नाश किया था।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नेतृत्व भी श्रीराम व श्रीकृष्ण के इन्हीं आदर्शों पर चलकर समाज के वंचित, दलित, शोषित, पीड़ित समूहों को जोड़कर अत्याचार, अनाचार, भ्रष्टाचार, आतंक, तुष्टीकरण के नाश के साथ ही अंत्योदय अर्थात समाज के सभी व्यक्तियों एवं समूहों के उत्थान एवं भारतीय संस्कृति का उन्नयन व संवर्द्धन एवं समस्त विश्व में उसका जय-घोष करने की उसी नीति व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संकल्पित व प्रतिबद्ध है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में और अब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के कार्यकाल व कार्यशैली को देखें तो स्पष्ट होता है कि वह श्रीकृष्ण के जीवन आदर्शों को आत्मसात किए हुए हैं। वर्ष 2017 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी ने उन्हें जो उत्तरदायित्व व लक्ष्य दिया, उसे उन्होंने श्रीकृष्ण के सच्चे भक्त की कर्मयोग समझकर पूरे परिश्रम व लगन से न केवल सफलतापूर्वक पूरा किया, अपितु जन-चेतना को कल्याणकारी आयाम देने एवं भारतीय संस्कृति के संवर्द्धन व जयगान करने की पार्टी के लक्ष्य व प्रतिबद्धता को भी आगे बढ़ाया। सर्व समाज एवं सभी समूहों में उनकी लोकप्रियता इसी का परिणाम है।

श्रीराम व श्रीकृष्ण इस राष्ट्र की आत्मा हैं तो शिव इसकी प्राण ऊर्जा हैं और भारतीय संस्कृति के आधार तत्व हैं। किसी राष्ट्र की उन्नति उसकी संस्कृति के आधारों की उपेक्षा करके नहीं हो सकती है। विशेष रूप से भारतीय संस्कृति की उपेक्षा तो इस राष्ट्र ही नहीं, अपितु समस्त विश्व के लिए घातक होगा, क्योंकि एकमात्र भारतीय संस्कृति ही ऐसी है जिसमें अपनी वैज्ञानिकता एवं शाश्वतता के कारण जीवित व प्राणवान् होने की क्षमता है। एक जीवित व प्राणवान् संस्कृति ही विश्व व मानव कल्याण का पथ प्रदर्शन कर सकती है। केशव जी ने जो यह कहा है कि अयोध्या, काशी में भव्य मंदिर का निर्माण जारी है, मथुरा की अब तैयारी है, तो यह भारत के आधार तत्वों पर गौरव बोध एवं उनकी पुनर्स्थापना के लिए जन-मन के उद्गार का स्वर है।

अयोध्या में मुगल आक्रांताओं के बाबरी कलंक को नष्ट कर उसके स्थान पर भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण उन्हीं आधार तत्वों की पुनर्स्थापना का सफल व सराहनीय प्रयास था और शीघ्र ही वहाँ भव्य मंदिर पूर्णत: साकार होने वाला है। विश्व का एकमात्र प्राचीन जीवित नगर काशी का वैभव लौट रहा है। इस कड़ी में मथुरा में औरंगजेब के कलंक को हटाकर भगवान कृष्ण को उनके मूल जन्मस्थान पर विराजित करने के लिए विधिक संघर्ष चल रहा है।

ब्रिटिश काल के प्रख्यात इतिहासकार जदुनाथ सरकार ने लिखा है कि 9 अप्रैल 1669 को औरंगजेब ने काफिरों (मूर्ति पूजा करने वाले) की समस्त गुरुकुल व पाठशालाएँ एवं मंदिरों को ध्वस्त करने एवं हिंदुओं की धार्मिक शिक्षाओं व क्रियाकलापों को बंद करने का आदेश दिया था। औरंगजेब की इस ध्वंसकारी प्रवृत्ति का शिकार सोमनाथ मंदिर, बनारस का विश्वनाथ मंदिर और मथुरा का केशव राय मथुरा का मंदिर भी बना। केशव राय मंदिर वही था जो श्रीकृष्ण का मूल जन्मस्थान है और इसी मंदिर पर आज वहाँ ईदगाह खड़ा है।

कुतुब मीनार से लेकर बनारस के ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा के ईदगाह सहित बहुत सारे इस्लामी ढाँचों में आज भी मंदिर के साक्ष्य स्पष्ट दिखते हैं। किंतु अयोध्या, मथुरा व काशी वो पवित्र स्थान हैं, जो केवल हिंदुओं की आस्था से ही नहीं जुड़े हुए हैं, अपितु ये राष्ट्र की आत्मा और संस्कृति के आधार से जुड़े हुए हैं, अत: सबसे पहले इनको इस्लामी अतिक्रमण के मुक्त कराने की भावना भारतीयों में प्रबल है और ऐसा होना स्वाभाविक भी है।

जहाँ तक भाजपा की बात है, तो वह मातृ संगठन आरएसएस द्वारा अपनी स्थापना के साथ ही निर्धारित किए गए भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लक्ष्य को आगे ले जाने को संकल्पित है। भाजपा का घोषित मत है कि अयोध्या, मथुरा और काशी हिंदू समाज का पवित्र स्थल है और हिंदू समाज को उन्हें प्राप्त करने का पूर्ण नैतिक अधिकार भी है और संवैधानिक अधिकार भी। भाजपा इन तीनों पवित्र स्थलों पर हिंदू समाज के पूर्ण अधिकार के संघर्ष की कानूनी लड़ाई में साथ है।

लोकतंत्र भी जनभावना के सम्मान के मूल्य पर आगे बढ़ता है और जनभावना यही है कि अयोध्या, मथुरा व काशी आक्रांताओं के कलंक से मुक्त हों और भारत का संविधान भी यही कहता है कि किसी के साथ अन्याय न हो। विगत एक हजार वर्षों से इस्लामी आक्रांताओं के अत्याचार व अनाचार का दंश आज भी देश झेल रहा है। हिंदुओं के पवित्र धर्मस्थानों को तोड़कर बनाए गए इस्लामी ढाँचे आज भी न केवल भारतीयों को आहत कर रहे हैं, अपितु गरिमा व सम्मान से जीने एवं अपने धर्म व परंपराओं का पालन करने के संवैधानिक अधिकार से भी वंचित कर रहे हैं।

तुष्टीकरण की नीति के कारण हिंदुओं के संवैधानिक अधिकारों का हनन अनुचित है और संवैधानिक रूप से इस अन्याय से मुक्ति मिलनी चाहिए, यही जनभावना कहती है। केशव मौर्य ने इसी जनभावना को प्रकट कर देश के एक अरब से अधिक हिंदुओं की इच्छा व चेतना को बल प्रदान किया, जिसकी न केवल सराहना होनी चाहिए, अपितु इस पर विचार मंथन कर इस जनभावना के सम्मान का उपाय भी ढूँढा जाना चाहिए।

विराट के हाथ से निकलकर टी-20 के बाद ODI की कप्तानी भी रोहित शर्मा के पास, 2023 वर्ल्ड कप पर BCCI की नजर

टी-20 के बाद विराट कोहली ने अब वनडे मैचों की भी कप्तानी गँवा दी है। वनडे मैचों में भारत टीम की कप्तानी अब रोहित शर्मा करेंगे। हालाँकि, टेस्ट में टीम की कप्तानी विराट कोहली ही करेंगे। रोहित शर्मा वन डे मैचों के साथ-साथ टी-20 के भी कप्तान रहेंगे। इस बात की जानकारी बीसीसीआई ने ट्वीट पर दी।

रोहित शर्मा की कप्तानी की घोषणा करते हुए बीसीसीआई ने ट्विटर पर कहा, अखिल भारतीय वरिष्ठ चयन समिति ने भी रोहित शर्मा को एकदिवसीय और टी-20 टीमों के कप्तान के रूप में नामित करने का निर्णय लिया है।”

बीसीसीआई के अधिकारियों का मानना है कि वनडे और टी-20 के लिए अलग कप्तान नहीं होना चाहिए। यही कारण है कि रोहित को टी-20 के साथ-साथ एकदिवसीय मैचों की भी कप्तानी दी गई। गौरतलब है कि 2023 में क्रिकेट वर्ल्ड कप होना है। ऐसे में बीसीसीआई और चयनकर्ताओं ने यह निर्णय लिया, ताकि रोहित शर्मा को पर्याप्त समय सके और वे अपने टीम का चयन बना सकें। 

महेंद्र सिंह धोनी के इस्तीफे के बाद विराट कोहली जनवरी 2017 में भारत के वनडे कप्तान बने थे। बाद में कहा गया था कि 2019 के वर्ल्ड कप के लिए पर्याप्त समय देने के लिए कोहली को कप्तान बनाया गया था। हालाँकि, इस वर्ल्ड कप में भारत को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, 2021 के टी-20 वर्ल्ड कप में भी विराट कोहली के नेतृत्व वाली भारतीय टीम प्रदर्शन बेहद खराब था। इसमें टीम इंडिया सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुँच पाई थी।

वहीं, रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम इंडिया ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज में न्यूजीलैंड को 3-0 से मात दी थी। अब भारत साउथ अफ्रीका के साथ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने वाला है। इस टेस्ट सीरीज की शुरुआत 26 दिसंबर को होगी। भारत ने दक्षिण अफ्रीका में 20 टेस्ट खेले हैं, जिसमें से सिर्फ तीन में उन्हें जीत मिली है।

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों में शाहरुख पठान पर आरोप तय, हथियारबंद हमलावर का सामना करने वाले कॉन्स्टेबल दहिया की अदालत ने की तारीफ

दिल्ली में 2020 के हिंदू विरोधी दंगों (Delhi Riots) के आरोपित शाहरुख पठान पर अतिरिक्त सेशन जज अमिताभ रावत की अदालत में आरोप तय कर दिए गए हैं। आरोपित शाहरुख़ ने दंगों के दौरान दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल दीपक दहिया पर गोली चलाई थी। यह हिन्दू विरोधी दंगा उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुआ था। शाहरुख के अलावा अदालत ने कलीम अहमद, इश्तियाक मलिक उर्फ़ गुड्डू, शमीम और अब्दुल शहजाद पर भी आरोप तय किए हैं। एक अन्य आरोपित बाबू वसीम पर अलग से मुकदमा चलेगा, क्योंकि फिलहाल वह फरार है। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया है।

इसे गैर-कानूनी कृत्य करने वाले व्यक्तियों या समूहों का एक सामान्य मामला से कहीं गंभीर बताते हुए अदालत ने कहा, “ये दंगे कुछ इस प्रकृति के हैं, जिसे 1984 के सिख दंगों के बाद नहीं देखा गया।” अदालत ने दिल्ली पुलिस के जवान दीपक दहिया के साहस और ड्यूटी के प्रति समर्पण की तारीफ करते हुए कहा कि दीपक ने खतरनाक हालत में भी आरोपित पठान का बहादुरी से सामना किया। न्यायालय ने कहा कि दीपक दहिया उस स्थिति के बाद भी अपनी जगह से नहीं हटे। इसी के साथ उन्होंने एक बंदूक वाले आरोपित का सामना तब किया जब उनके हाथ में केवल डंडा था।

आरोपित शाहरुख पठान के वकील ने अपने तर्क में कहा कि शाहरुख़ पर हत्या के प्रयास की धारा 307 लगने योग्य नहीं है। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि ‘एक गोली चलाने के बाद भी शाहरुख़ पठान के पास कांस्टेबल दहिया को मार देने का दूसरा मौका था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इस से साबित होता है कि पठान का इरादा सिपाही को नुकसान पहुँचाने का नहीं था।’

अदालत ने शाहरुख़ पठान के वकील की इन दलीलों को नहीं माना। अदालत ने कहा कि आरोपित द्वारा पुलिस पर गोली चलाना ही 307 IPC के लिए पर्याप्त है। अदालत ये मानने को तैयार नहीं हुई कि सिपाही की हत्या न करना आरोपित की उदारता थी। अदालत ने आरोपित द्वारा दोबारा गोली न चलाना सिपाही दहिया की बहादुरी से टाली गई स्थिति माना।

आख़िरकार आरोपित शाहरुख़ पठान पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27, IPC की धारा 307, 147, 148, 149, 186, 188 और 353 के तहत आरोप तय किए। शाहरुख़ पठान के साथ अपराध में साझीदार रहे शमीम और अब्दुल शहज़ाद को IPC की धारा 307 और आर्म्स एक्ट में आरोपित किया गया। कलीम अहमद पर आरोपित शाहरुख़ को शरण देने के आरोप में IPC की धारा 216 के तहत आरोप तय हुए।

गौरतलब है कि फरवरी 2020 में CAA कानून की विरोध के आड़ में दिल्ली में हिन्दू विरोधी दंगे किए गए थे। इसमें दंगाइयों द्वारा हिन्दुओं के घरों, दुकानों को भी निशाना बनाने के साथ-साथ कई हिंदुओं की हत्या कर दी गई थी।

CDS जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बीच विराट कोहली का मजाकिया ट्वीट, सोशल मीडिया पर भड़के यूजर्स

तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार (8 दिसंबर 2021) को भारतीय वायुसेना का हैलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें CDS जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) समेत 13 लोगों की मौत हो गई है। इसी बीच विराट कोहली (Virat Kohli) की पीआर टीम ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक नकली बाइक की सवारी करते हुए फोटो साझा किया है, जिसने भारतीय क्रिकेटर मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोहली के ट्विटर अकाउंट पर शेयर की गई तस्वीर में वह एक नकली बाइक पर हेलमेट लगाए और भौहें सिकुड़े हुए बैठे हुए हैं। उन्होंने इसके साथ कैप्शन लिखा, ”एक समय की बात है। #80skids #backinthedays.”

इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने क्रिकेटर को आज की सबसे बड़ी खबर से बेखबर होने और विज्ञापनों में डूबे रहने के लिए उन्हें आड़े हाथों लिया है।

नेटिजन्स ने विराट कोहली को जमकर लताड़ा

विराट की पोस्ट से आक्रोशित एक यूजर ने लिखा, ”इस समय इस बेवकूफ और इसके पोस्ट को देखो। पैथेटिक लूजर।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ने विराट कोहली की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें हेलीकॉप्टर क्रैश पर ट्वीट करने का समय नहीं है, लेकिन इस तरह का बकवास पोस्ट करने का समय है। शर्मनाक।

विप्रा श्रीवास्तव नाम की एक यूजर ने कोहली को लताड़ते हुए उन्हें सलाह दी कि वे अपनी पीआर टीम को ताजा खबरों से रूबरू न होने और देश में आज के दिन एक बड़ी दुर्घटना के बीच इस तरह का वाहियात ट्वीट पोस्ट करने के लिए हटाएँ।

एक अन्य ट्विटर यूजर ने कहा, “सीडीएस बिपिन रावत की हालत नाजुक है और यहाँ आप इस तरह की हरकत कर रहे हैं। कुछ शर्म बची है।”

बता दें कि तमिलनाडु के कुन्नूर में आज भारतीय वायुसेना का हैलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें CDS जनरल बिपिन रावत समेत 14 लोग सवार थे। भारतीय वायुसेना ने सीडीएस रावत की मौत की पुष्टि की है। इस दुर्घटना में कुल 13 लोगों की मौत हो गई है। यह हैलीकॉप्टर कोयम्बटूर से सुलुर की ओर उड़ान भर रहा था, जहाँ जनरल बिपिन रावत को लेकर कॉलेज में लेक्चर सीरीज के लिए जाना था।

‘Divine Intervention’: CDS जनरल बिपिन रावत के हैलीकॉप्टर क्रैश के बाद कॉन्ग्रेसी न्यूज़ एडिटर का ट्वीट वायरल, फिर किया डिलीट

‘नेशनल हेराल्ड’ की न्यूज़ एडिटर अश्लीन मैथ्यू ने CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत के हैलीकॉप्टर क्रैश के बाद ‘Divine Intervention’ लिख कर एक ट्वीट किया। हालाँकि, विरोध होने के बाद उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया है। बता दें कि तमिलनाडु में कुन्नूर और ऊटी के पास हुई भारतीय वायुसेना के Mi-17V5 चॉपर क्रैश हो गया, जिससे उसमें सवार 14 में से 13 लोगों की मौत हो गई है। सभी शव इतनी बुरी तरह झुलस गए हैं कि उनकी पहचान मुश्किल है, इसीलिए DNA टेस्ट का सहारा लिया जा रहा है। इस दुर्घटना में बिपिन रावत के भी निधन की पुष्टि हुई है।

बता दें कि ‘नेशनल हेराल्ड’ को कॉन्ग्रेस पार्टी का मुखपत्र भी कहा जाता है। ट्वीट पर बवाल होने के बाद अश्लीन मैथ्यू ने सफाई दी, “मेरे ट्वीट को लेकर एक अभियान चलाया जा रहा है। इसका ताज़ा हादसे से कोई लेनादेना नहीं है। फिर भी, अगर इससे किसी को दुःख पहुँचा है तो मैं माफ़ी माँगती हूँ।” इस पर लोग आक्रोशित नजर आए और उन्होंने उनकी माफ़ी को मानने से इनकार कर दिया। लोगों ने सलाह दी कि कुछ अच्छा नहीं बोल सकतीं तो वो अपना मुँह चुप ही रखें।

गगन भारद्वाज नामक ट्विटर यूजर ने ‘शौर्य’ फिल्म से केके मेनन की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “दुश्मन सिर्फ बॉर्डर के उस पार नहीं होता, घर के अंदर भी होता है। दीमक बन कर जीते हैं।” वहीं ‘दूरदर्शन’ के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “कॉन्ग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड की पत्रकार।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “चिंता मत करो, ‘कर्मा’ तुम्हारा भी हिसाब करेगा।”

एक अन्य यूजर ने उन्हें सलाह दी, “याद रखना चाहिए कि दूसरों की मौत पर जश्न मनाने वाले भी अमर नहीं हैं। ऐसा भी नहीं है कि वो नहीं जानते हों कि वो भी कभी मरेंगे।”

बता दें कि इस घटना के बाद पूरे देश में गम का माहौल है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद महाराष्ट्र राजभवन के दरबार हॉल का उद्घाटन करने मुंबई जाने वाले थे, लेकिन अब उनका ये दौरा रद्द हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली ‘कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS)’ की बैठक भी हुई है। विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान उस हैलीकॉप्टर के पायलट थे। CDS वेलिंग्टन स्थित डिफेंस स्टाफ कॉलेज जा रहे थे। इस दुर्घटना में उनके अलावा उनकी पत्नी मधुलिका रावत का भी निधन हो गया।

CDS जनरल बिपिन रावत का निधन: भारतीय वायु सेना ने की पुष्टी, उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की मौत

भारत के चीफ ऑफ़ आर्मी डिफेन्स स्टाफ (CDS) विपिन रावत का आज (8 दिसंबर 2021) को हैलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया। वो 64 वर्ष के थे। जनरल रावत सहित 14 लोगों को कोयम्बटूर से सुलुर ले जा रहा भारतीय वायुसेना का हेलीकाप्टर कुन्नूर में क्रैश हो गया। भारतीय वायु सेना ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत तमाम हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है। उनके निधन से देश भर में दुःख की लहर दौड़ गई है।

तमिलनाडु के कुन्नूर में आज हुए हैलीकॉप्टर हादसे में उनकी, पत्नी और 11 अन्य अफसरों के साथ मौत हो गई। भारतीय वायुसेना ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सेना से ही जुड़े 11 अन्य लोगों की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत की पुष्टि की है।

तमिलनाडु में दुर्घटनाग्रस्त हुए सैन्य हैलीकॉप्टर में 14 लोग सवार थे। इनमें CDS जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, एनके गुरसेवक सिंह, एनके जितेंद्र कुमार, लांसनायक विवेक कुमार, लांसनायक बीसाई तेजा, हवलदार सतपाल शामिल थे। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दुर्घटना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को ब्रीफ किया है। वहीं, दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए भारतीय वायु सेना ने जाँच के आदेश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटनास्थल से अब तक सभी 13 शव बरामद कर लिए गए हैं। रिपोर्ट यह भी है कि कुल 14 सवार में एक घायल अभी भी हॉस्पिटल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

तमिलनाडु के फॉरेस्ट मिनिस्टर के अलावा वायुसेना प्रमुख सहित कई अधिकारी और नेता घटनास्थल पर मौजूद हैं।

बता दें कि जनरल रावत का जन्म 16 मार्च 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी में हुआ था। जनरल रावत के परिवार की पृष्ठभूमि भी सेना से जुड़ी है। उनके पिता लक्षमण सिंह रावत भी सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हुए थे। उनकी माता नामी राजनेता और उत्तरकाशी से पूर्व विधायक किशन सिंह परमार की बेटी थीं। जनरल रावत की आरम्भिक शिक्षा कैरेबियन हॉल देहरादून से हुई थी। उनकी उच्च शिक्षा शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल से पूरी हुई थी।

जिस Mi-17 में सवार थे बिपिन रावत, PM मोदी भी करते हैं इस्तेमाल: कारगिल में दिखा चुका है कमाल… लेकिन दुर्घटनाओं का इतिहास

तमिलनाडु में आज 8 दिसंबर को भारत के चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टॉफ (CDS) बिपिन रावत (Bipin Rawat) सहित 14 लोगों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह भारतीय सेना (Indian Army) का Mi-17 V5 सीरीज का हेलीकॉप्टर था। इसे भारतीय वायुसेना का एक मजबूत हेलीकॉप्टर माना जाता है। इस सीरीज के हेलीकॉप्टर आधुनिक तकनीकी से लैश होने के साथ कई बड़े अभियानों में हिस्सा भी ले चुके हैं। लेकिन इसके दुर्घटनाग्रस्त होने का भी इतिहास रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर का निर्माण रूस (Russia) में होता है। यह दुनिया के सबसे उन्नत हेलीकॉप्टर में गिना जाता है। नरेंद्र मोदी सहित कई देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा इसका उपयोग किया जाता रहा है। 26/11 के आतंकी हमलों में यह कमांडों अभियान में प्रयोग हुआ था। इसी के साथ सर्जिकल स्ट्राइक और पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियानों में भी इस हेलीकॉप्टर ने हिस्सा लिया है।

Mi-17V-5 मूल रूप से फौजी परिवहन में प्रयोग होता रहा है। इस मीडियम लिफ्ट हेलिकाप्टर को हथियारों और जवानों को गंतव्य तक पहुँचाने के लिए प्रयोग किया जाता है। साथ ही बचाव अभियानों में भी इसकी कई बार अहम भूमिका रही है। इसमें 2 इंजन होते हैं। यह 250 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की गति से उड़ सकता है। यह 6000 मीटर तक की ऊँचाई तक जाने में सक्षम है। इसी के साथ इसमें एक बार लगभग 36 जवान हथियारों संग यात्रा कर सकते हैं।

एक बार में यह अधिकतम 13000 किलोग्राम वजन के साथ उड़ सकता है। इसमें प्रयुक्त तकनीकी से रात में सैनिक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें मिसाइल, रॉकेट, मशीनगन और छोटे हथियारों के लिए फायरिंग स्पॉट भी बने हुए हैं। ये स्पॉट अचूक निशाना लगाने में सहायक होते हैं। इन खूबियों के चलते इसका इस्तेमाल सर्च ऑपरेशन में भी किया जाता रहा है।

भारत में इस सीरीज के कुल लगभग 150 हेलीकॉप्टर हैं। पहले MI 17 हेलीकॉप्टर की टेस्टिंग सन 1975 में हुई थी। भारत ने रूस को साल 2008 से लेकर 2011 तक 151 एमआई17 हेलिकॉप्टर्स का आर्डर दिया था। यह आर्डर भारत को साल 2016 में मिलते ही पुराने MI 17 हेलिकॉप्टरों को सैनिक बड़े से हटा लिया गया। श्रीलंका ने LTTE के खात्मे और भारत ने कारगिल युद्ध के दौरान भी इसका प्रयोग किया था। उत्तर कोरिया में यह हेलीकॉप्टर यात्रियों के लिए पैसेंजर वाहक के रूप में काम करते हैं।

इस से पहले साल 2018 में एक MI 17 हेलीकॉप्टर दुर्घनाग्रस्त हुआ था। तब पायलट सहित 2 सैन्य अधिकारियों की जान गई थी। इसके अलावा अप्रैल 2018 में एक अन्य MI 17 हेलीकॉप्टर केदारनाथ में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इस दुर्घटना सभी 8 सवार सुरक्षित बच गए थे। फरवरी 2019 में कश्मीर के बड़गाम में क्रैश हुए MI 17 हेलीकॉप्टर में सेना के 4 जवान बलिदान हुए थे। अगस्त 2012 में गुजरात के जामनगर में MI 17 हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था। इसमें सवार सभी 9 लोगों की जान चली गई थी।