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‘भारत नहीं रहा तो हम नहीं रहेंगे, देश में जहाँ-जहाँ हिंदू भाव कम हुआ वह हिस्सा अलग हो गया’: संघ प्रमुख भागवत ने कहा- भारत हिंदू राष्ट्र है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार (28 नवंबर 2021) को ग्वालियर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदू और भारत के बीच के संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिंदू के बिना भारत नहीं और भारत के बिना हिंदू नहीं। जहाँ हिंदू भाव कम हुआ वो हिस्सा भारत से अलग हो गया। इसीलिए पाकिस्तान बना। आज के भारत में भी जहाँ-जहाँ गड़बड़ हैं। मोहन भागवत ने कार्यक्रम में आगे कहा, ”इतिहास देखो, हिंदू भाव को जब-जब भूले आई विपदा महान, भाई छूटे धरती खोई मिटे धर्म संस्थान।”

सरसंघचालक ने कहा, ”भारत टूटा, पाकिस्तान हुआ। क्यों हुआ? इसलिए कि हम हिंदू भाव को भूल गए। वहाँ के मुसलमान भी भूल गए। अपने आपको हिंदू मानने वालों की संख्या कम हो गई, ताकत कम हो गई है। पहले ताकत कम हुई, फिर संख्या कम हुई। इसलिए वो पाकिस्तान भारत नहीं रहा हिंदुस्तान नहीं बना, क्योंकि उनको पता था कि हिंदुस्तान कहेंगे तो भारत आएगा और भारत कहेंगे तो हिंदुस्तान आएगा। हम पाकिस्तान ठीक हैं।”

इसके साथ ही मोहन भागवत ने यह भी कहा, “हिंदू हिंदू नहीं रहा तो भारत भारत नहीं रहा। किसी को भी देख लो जो अखंड भारत में रहा है और आज नहीं है। अपने देश में भी देख लो कहाँ-कहाँ गड़बड़ है, कहाँ-कहाँ अस्थिरता है। कहाँ-कहाँ देश की अखंडता और एकता को खतरा है। कहाँ-कहाँ पर सामाजिक और आर्थिक समस्याएँ तगड़ी हैं। आप देखेंगे कि हिंदुओं की संख्या कम हो गई, उनकी शक्ति कम हो गई या हिंदुत्व का भाव कम हो गया। हिंदू और भारत अलग नहीं हो सकते हैं। भारत को भारत रहना है तो हिन्दू रहना पड़ेगा और हिंदू को हिंदू रहना है तो भारत को एकात्म और अखंड बनना ही पड़ेगा।”

उन्होंने कहा, “भारत नहीं रहा तो हम नहीं रहेंगे। हमारा अस्तित्व दो के कारण है। नाम के हम हिंदू रहे तो इसका क्या फायदा? भारत अपने स्व के साथ खड़ा हुआ, वो मूल है हिंदुत्व का। इसलिए हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है।” इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ-साथ संघ के कई बड़े नेता और प्रदेश के कई नेता भी मौजूद रहे।

बता दें कि इससे पहले RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने 25 नवंबर को नोएडा में कृष्णानंद सागर लिखित पुस्तक ‘विभाजनकालीन भारत के साक्षी’ के लोकार्पण समारोह के दौरान कहा था कि भारत के विभाजन की पीड़ा का समाधान बँटवारे को निरस्त करना ही है। उन्होंने कहा था कि यह 2021 का भारत है, 1947 का नहीं। एक बार विभाजन हो चुका है, अब दोबारा ऐसा नहीं होगा।

अमेजन को ED का समन, ₹1500 करोड़ के निवेश में गड़बड़ी का मामला: अधिकारियों से होगी पूछताछ

विदेशी निवेश के नियमों के उल्लंघन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अमेजन और फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) के अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। दोनों ही कंपनियों के अधिकारियों को अगले सप्ताह दिल्ली स्थित ED के मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। जाँच एजेंसी ने ये समन अमेजन के कंट्री हेड अमित अग्रवाल और फ्यूचर ग्रुप के प्रमोटरों को जारी किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को अमेजन के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया है कि उन्हें फ्यूचर ग्रुप के मामले में एक नोटिस मिला है। प्रवक्ता ने कहा, “चूँकि हमें अभी-अभी समन मिला है, हम इसकी जाँच कर रहे हैं और दी गई समय सीमा के भीतर जवाब देंगे।”

प्रवर्तन निदेशालय ने फ्यूचर ग्रुप के कम से कम दो और अमेजन के दो अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक, इन सभी को 6 दिसंबर 2021 तक जाँच एजेंसी के सामने उपस्थित होना होगा। फिलहाल, फ्यूचर ग्रुप और प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले टिप्पणी करने से इनकार किया है।

क्या है मामला

साल 2019 में अमेजन ने फॉरेन मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत इंडिया में फ्यूचर ग्रुप की गिफ्ट वाउचर यूनिट ‘फ्यूचर कूपन’ में 200 मिलियन डॉलर (15,01,06,00,000 भारतीय रुपए) का निवेश कर 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी थी। हालाँकि, दोनों कंपनियों के बीच हुआ यह सौदा विवादों के घेरे में है। इसके अलावा बिग बाजार और फूड बाजार चलाने वाली प्रमोटर इकाई एफसीपीएल के पास भी फ्यूचर रिटेल की 10 फीसदी हिस्सेदारी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवर्तन निदेशालय एफसीपीएल में हिस्सेदारी खरीद के साथ फ्यूचर रिटेल में अमेजन के कंट्रोलिंग राइट्स की जाँच भी कर रहा है। इस मामले में टिपप्णी करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि ऐसा लगता है कि कंपनी ने सरकार की उचित मंजूरी लिए बिना फ्यूचर रिटेल पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण कर लिया है।

‘दिल्ली पुलिस में भी हमारे जासूस, तुम्हारी हर चीज पर है हमारी नजर’: एक हफ्ते में तीसरी बार गौतम गंभीर को ‘ISIS कश्मीर’ की धमकी

आतंकी संगठन ISIS के नाम से एक बार फिर पूर्व क्रिकेटर और दिल्ली के भाजपा सांसद गौतम गंभीर को धमकी दी गई है। गौतम गंभीर को एक ही माह में यह तीसरी धमकी है। इस धमकी में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस में भी उनके जासूस हैं। यह धमकी उन्हें ई मेल से दी गई है। इसमें IPS श्वेता चौहान का भी नाम लिया गया है। श्वेता चौहान वर्तमान में दिल्ली पुलिस में DCP सेन्ट्रल के पद पर हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी भरा यह ईमेल शनिवार (27 नवम्बर 2021) को दोपहर में 1.27 बजे आया है। भेजने वाले का याहू एकाउंट [email protected] है। धमकी में कहा गया है कि हमें तुम्हारी एक-एक जानकारी मिल रही है। दिल्ली पुलिस में भी हमारे लोग मौजूद हैं। पुलिस और IPS श्वेता चौहान हमारा कुछ कर नहीं सकते। पहले मिली धमकियों पर DCP श्वेता चौहान ने ही मीडिया को जानकारी देते हुए पुलिस द्वारा उठाए गए सुरक्षा के क़दमों के बारे में बताया था।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते गौतम गंभीर ने खुद को जान से मारने की धमकी की शिकायत पुलिस में की थी। तब उन्होंने बताया था कि ISIS कश्मीर से खुद का परिचय देने वाला उन्हें धमकी भरे मेल भेज रहा है। उन्हें पहली धमकी 23 नवंबर की रात को आई थी। पहली ई मेल में लिखा था कि, ‘जल्द ही तुम्हारे परिवार वालों को मार दिया जाएगा।, दूसरी धमकी में लिखा गया था कि, ‘कल तुम्हे मारने की तैयारी थी पर तुम बच गए।’ इसी में आगे कहा गया था कि अगर अपने परिवार से प्यार करते हो तो राजनीति से दूर रहो। यह दूसरी मेल 24 नवम्बर को भेजी गई थी।

दूसरी ई मेल में गौतम गंभीर के घर की बाहर से बनाई गई वीडियो भी अटैच की गई थी। जाँच के दौरान दिल्ली पुलिस ने धमकी भेजने वाले की जानकारी गूगल से मँगवाई थी। बताया जा रहा है कि ई मेल भेजने वाले का पता पाकिस्तान में निकला था। इन धमकियों के बाद गौतम गंभीर के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित करने का ऐलान, धारा-144 लागू

उत्तर प्रदेश के मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ऐसे में 6 दिसंबर से पहले वहाँ धारा-144 लागू कर दी गई है। पुलिस-प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वो 6 दिसंबर को होने वाले किसी कार्यक्रम में शामिल न हों। बता दें कि ये वही दिन है, जब 1992 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ था। हिन्दू संगठनों ने मथुरा के शाही ईदगाह मस्जिद में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित करने का ऐलान किया था, जिसके बाद प्रशासन सतर्क हो गया है।

बता दें कि ये मस्जिद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के पास में ही स्थित है। औरंगजेब ने मंदिर तोड़ कर इसे बनवाया था। SSP गौरव ग्रोवर ने बताया कि धारा-144 पहले से ही लागू है और अगर कोई व्यक्ति अफवाहें फैलाने में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर के शांतिपूर्ण माहौल में खलल डालने का कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को सूचना मिली है कि कुछ संगठन 6 दिसंबर को शाही ईदगाह मस्जिद तक पैदल मार्च की योजनाएँ बना रहे हैं।

SSP ने जनता से आग्रह किया है कि वो कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की सहायता करे। साथ ही उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से भी संपर्क स्थापित कर के उनके अंदर आत्मविश्वास भरा गया है। सर्कल इंस्पेक्टर (सिटी) अभिषेक तिवारी ने कहा कि किसी को भी कोई गलत हरकत करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से मिल कर उन्हें बताया कि पुलिस ने जगह-जगह चेकपॉट्स लगा दिए हैं।

बता दें कि 17वीं शताब्दी में मंदिर को खंडित कर के अतिक्रमण की गई भूमि पर बनाई गई इस मस्जिद को हटाने को लेकर अदालत में मामला चल रहा है। पुलिस ने कहा कि 6 दिसंबर को किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है। 53 साल पहले मंदिर और मस्जिद प्रबंधन के बीच एक सहमति पर हस्ताक्षर हुआ था। ‘कौमी एकता मंच’ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अतिरिक्त सुरक्षा की तैनाती की माँग की है। 60 साल पुरानी संस्था ‘ऑल इंडिया तीर्थ पुरोहित महासभा’ ने शांति की अपील की है और याद दिलाया है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

केरल में RSS कार्यकर्ता की दिन-दहाड़े हत्या केस में एक और गिरफ्तारी, 6 अभी भी फरार: परिजनों ने कहा- पुलिस कर रही लापरवाही, NIA करे जाँच

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता ए संजीत की निर्मम हत्या के मामले में केरल पुलिस ने हाल ही में PFI के एक पदाधिकारी को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले, मृतक के परिवार वालों ने इस हत्याकांड की जाँच में देरी पर नाराजगी जताई थी और अब मामले की जाँच NIA से कराने की माँग की है।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, संजीत के परिजनों ने आरोप लगाया कि बेरहमी से की गई इस हत्या को अंजाम देने में 8 आरोपित शामिल थे, लेकिन अभी तक केवल दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस संगीन अपराध को अंजाम देने वाले 6 आरोपित अभी भी फरार हैं। इस क्राइम में 3 लोग सीधे तौर पर शामिल थे, जबकि बाकी के 5 लोगों ने फंडिंग और हथियारों की सप्लाई की थी।

संजीत के भाई सरत ने आरोप लगाया, “हम सिर्फ यही कह सकते हैं कि पुलिस सही तरीके से जाँच नहीं कर रही है। वो केवल इस घटना में शामिल लोगों पर ही कार्रवाई कर रही है, जबकि बाकी लोगों से पूछताछ नहीं कर रही है। कोई भी घटना हो, यहाँ के लोगों की जानकारी के बिना कभी नहीं हो सकती।”

उन्होंने आगे कहा, “ये लोग बाहरी लोग हैं या कोई और, हमें इसकी जानकारी नहीं है। 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है सिवाय कोई अपडेट नहीं है। 1.5 साल पहले संजीत के सामने उसके साथ एक घटना घटी थी। इसके बाद 2-3 बार संजीत पर भी हमला हुआ। 1.5 साल पहले उसके हाथ में चोट लग गई थी।” बहरहाल, पीड़ित परिवार ने इस मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से जाँच कराने की माँग की है।

RSS कार्यकर्ता ए संजीत की बेरहमी से हत्या

15 नवंबर को केरल के एलाप्पल्ली के रहने वाले RSS कार्यकर्ता ए संजीत की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के गुंडों ने हत्या कर दी थी। घटना पलक्कड़ जिले के एलापल्ली में सुबह साढ़े नौ बजे हुई। संजीत सोमवार (नवंबर 15, 2021) की सुबह करीब 9 बजे अपनी पत्नी के साथ बाइक पर कहीं जाने के लिए बाहर निकले थे, तभी उन पर हमला हुआ। हमलावर एक कार में आए थे।

आरोपितों ने पहले संजीत की बाइक रुकवाई और उनकी पत्नी के सामने ही उन पर हमले कर दिए। गंभीर रूप से घायल अवस्था में संजीत को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। 18 नवंबर को पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी तलवारों को बरामद किया था। इसके बाद 22 नवंबर को पुलिस ने मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के एक पदाधिकारी को गिरफ्तार किया था। हालाँकि, पुलिस ने उसकी पहचान जाहिर नहीं की है, लेकिन जिला पुलिस प्रमुख आर विश्वनाथ ने पलक्कड़ में मीडियाकर्मियों को बताया कि PFI का गिरफ्तार सदस्य सीधे तौर पर हत्या में शामिल था।

दुकान में आने वाली बच्चियों को गंदे इशारे करता, अपने फोन नंबर की पर्ची पकड़ाता था शोएब: गिरफ्तारी के बाद पीड़िता के धमकाने लगे उसके परिजन

राजस्थान के जोधपुर में एक दुकान पर कपड़े खरीदने गई नाबालिग छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करने वाले सेल्समैन पर केस दर्ज कर पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित का नाम शोएब खान है। CCTV फुटेज से आरोपों की पुष्टि हुई है। आरोपित के जेल जाने के बाद अब उसके परिवार वाले पीड़ित बच्ची के घर वालों को अंजाम भुगतने की धमकी रहे हैं और केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इसको लेकर परिजनों ने मामला दर्ज कराया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता की उम्र 12 साल है और वह अपने पिता के साथ सरदारपुरा के बच्छराज यूनिफॉर्म स्टोर नामक दुकान में कपड़ा खरीदने गई थी। आती है। बच्ची को कपड़े दिखाते हुए शोएब ने उसे अश्लील इशारे किए। उसने दुकान में मौजूद बाकी लोगों से नजर बचाते हुए बच्ची को बार-बार एक पर्ची पकड़ाने की कोशिश की। इस दौरान वह बार-बार गंदे इशारे कर रहा था। बच्ची ने बताया कि आरोपित की इन हरकतों से वह काफी डर गई थी।

जब पीड़िता ने घर आकर परिजनों से यह बात बताई तो परिवार वाले उसे लेकर पुलिस के पास गए। सरदारपुरा थाना पुलिस ने CCTV फुटेज और पीड़िता के बयान के आधार पर शोएब को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित शोएब जोधपुर के ही लोको क्षेत्र का निवासी है। थाना प्रभारी दिनेश लखावत ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। जोधपुर पुलिस के अनुसार, आरोपित पर अपराध संख्या 263/2021 के तहत धारा 56 (क) IPC और पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई हुई है। फुटेज में यह भी दिखा कि वह और भी लड़कियों के साथ इसी तरह के गंदे इशारे कर रहा था।

लड़कियों को गर्म सरिये से दागते थे असगर, मोहम्मद बादल और चाँदनी खातून: नाच-गाने के बहाने बुला कर महिलाओं का टॉर्चर, करवाते थे गलत काम

बिहार के सीतामढ़ी जिले में पुलिस ने रेडलाइट एरिया में छापेमारी की है। इस\के दौरान 2 लड़कियों को जबरन देह व्यापार के धंधे से मुक्त करवाया गया है। पुलिस ने इस केस में 1 महिला और 2 पुरुषों को गिरफ्तार किया है। आरोपित महिला का नाम चाँदनी खातून और पुरुषों के नाम मोहम्मद बादल और मोहम्मद असगर हैं। ये दोनों आरोपित सगे भाई हैं। छापेमारी के दौरान इस धंधे में शामिल कई अन्य महिलाएं फरार हो गईं। यह कार्रवाई 27 नवम्बर 2021 (शनिवार) को हुई है।

रेडलाइट एरिया शहर से सटा हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि यहाँ पर पड़ोसी राज्यों की महिलाओं को नाच-गाने के बहाने लाया जाता था। बिहार के अन्य जिलों से भी लड़कियों को लाए जाने की बात बताई गई है। बाद में उन्हें टॉर्चर कर के उनसे गलत काम करवाए जाते थे। पीड़िताओं में पड़ोसी देश नेपाल तक की लड़कियों का होना बताया जा रहा है। इस से पहले भी इसी जिले से बांग्लादेश की एक लड़की को मुक्त करवाया जा चुका है।

यह छापेमारी सीतामढ़ी पुलिस के SP हरकिशोर राय के निर्देश पर थाना नगर थाना और महिला थाना पुलिस ने मिल कर की थी। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार गलत काम से मना करने पर गरम सरिया से उनके शरीर को दागा जाता था। उन्हें लम्बे समय तक भूखा रखा जाता था। लड़कियों की खरीद-फरोख्त भी की जाती थी। ये काम मोहम्मद महफूज़ के बेटे बादल और असगर आरोपित चाँदनी खातून के साथ मिल कर करते थे। पुलिस ने कुछ दलालों को भी हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ चल रही है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में स्थानीय नगर थाना SHO से बात की। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान 1 महिला को मुक्त करवाया गया है। साथ ही मामले की जाँच और आगे की कार्रवाई जारी है। इस पूरे मामले में अगर कोई अन्य शामिल मिला तो उस पर भी उचित एक्शन लिया जाएगा।

334 में से 329 सीटों पर लहराया भगवा: त्रिपुरा निकाय चुनावों में BJP का लगभग क्लीन स्वीप, TMC-वामपंथी हुए फेल

ताज़ा अपडेट: त्रिपुरा निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 334 में से 239 सीटों पर जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने इसके लिए राज्य की जनता का आभार जताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हम राज्य के 37 लाख लोगों के भले के लिए कार्य कर रहे हैं।

त्रिपुरा में हुए निकाय चुनावों में भाजपा ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। जिन 13 शहरी निकायों में चुनाव हुए हैं, उनमें ‘अगरतल्ला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC)’ भी शामिल है। बता दें कि उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा में कुल 20 शहरी निकाय हैं। त्रिपुरा में फ़िलहाल भाजपा की ही सत्ता है और बिप्लब कुमार देब राज्य के मुख्यमंत्री हैं। ‘अगरतल्ला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC)’ में 51 में से 19 सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अन्य जगहों पर भी भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा है।

भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अच्छा प्रदर्शन खोवाई म्युनिसिपल काउंसिल (KMC) में किया है, जहाँ 15 की 15 सीटें उसके ही खाते में गई हैं। इसी तरह ‘मेलाघर म्युनिसिपल काउंसिल (MMC)’ में कुल 13 सीटें हैं, जिनमें सभी पर भाजपा ने कब्ज़ा जमाया है। सोनमुड़ा नगर पंचायत में भी भाजपा ने सभी 13 सीटें अपने नाम कर ली हैं। वहीं कैलाशहर में 17 में से 16 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार आगे हैं। यहाँ एक सीट पर CPI(M) ने लीड ले रखी है।

वहीं बेलोनिया की बात करें तो यहाँ 17 में से 13 सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने बड़ी जीत दर्ज की है, वहीं बाकी की 4 सीटों पर मतगणना अभी भी जारी है। सबरूम नगर पंचायत में भी भाजपा ने क्लीन स्वीप किया है और 9 में से 9 सीटें अपने नाम कर ली हैं। वहीं ‘कुमारघाट म्युनिसिपल काउंसिल’ की बात करें तो वहाँ भी सभी 15 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार बड़े वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं। कुल मिला कर इस चुनाव परिणाम में भाजपा की बल्ले-बल्ले है।

बताते चलें कि कुल 222 सीटों पर चुनाव हुआ था। यहाँ कुल 334 सीटें हैं, लेकिन भाजपा उम्मीदवार पहले ही 112 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर चुके हैं, जहाँ किसी अन्य दल ने उम्मीदवार ही नहीं दिए। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि त्रिपुरा तो शुरुआत है, उन्हें अभी और झटके लगने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा और धमकी की राजनीति अब नहीं चलेगी। बता दें कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) उत्तर-पूर्व में पाँव पसारने की जुगत भी है।

विवादित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी का बेंगलुरु में शो रद्द, हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस ने आयोजक को कार्रवाई की दी थी चेतावनी

कर्नाटक की बेंगलुरु पुलिस ने आयोजकों से 28 नवम्बर 2021 (रविवार) की शाम को शहर में होने वाले विवादित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी के शो को रद्द करने के लिए कहा है। पुलिस ने इसके पीछे फारूकी पर बाकी प्रदेशों में दर्ज मुकदमों का हवाला दिया है। मुनव्वर पर कॉमेडी की आड़ में हिन्दू देवी देवताओं के अपमान के आरोप हैं। इसके बाद फारूकी ने शो के रद्द होने की जानकारी दी।

फारूकी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “नफरत जीत है, कलाकार हार गया। हो गया! अलविदा! अन्याय।” इसके साथ ही उसने कुछ स्क्रीनशॉट साझा किया है, जिसमें बताया गया है कि बेंगलुरु का शो कैंसल हो गया। शो के लिए 600 अधिक टिकट बेचे गए थे।

दरअसल, आयोजन क्षेत्र से संबंधित थाना अशोक नगर की पुलिस ने शो को रद्द करने के लिए दिल्ली स्थित इस शो के आयोजक कार्टेन कॉल इवेंट के मालिक विशेष धुरिया को पत्र लिखा है। इस शो का आयोजन बेंगलुरु के गुड शेफर्ड ऑडिटोरियम में होना तय था।

पत्र में कहा गया है कि कॉमेडियन फारूकी एक विवादित व्यक्ति है और दूसरे धर्म के खिलाफ और देवताओं पर अभद्र टिप्पणी कर विवाद पैदा कर चुका है। इसको लेकर उसके खिलाफ कई राज्यों में केस दर्ज किया गया है। शहर की शांति भंग ना हो, इसलिए इसके शो को रद्द किया जाए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने आयोजकों को शो की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद भी अगर शो को आयोजित किया जाता है तो आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, बेंगलुरु पुलिस मुख्यालय ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए DCP सेन्ट्रल को निर्देशित किया था।

इस शो का नाम ‘डोंगरी टू नोव्हेयर’ कॉमेडी स्पेशल शो है। हिन्दू संगठनों ने इस आयोजन का व्यापक स्तर पर विरोध किया है। हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा इस शो के खिलाफ पुलिस-प्रशासन से दखल देने की अपील की गई थी। एक वीडियो जारी करते हुए हिन्दू जनजागृति समिति ने मुनव्वर फारूकी को बहुसंख्यक हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने वाला बताया गया था।

गौरतलब है कि इससे पहले बजरंग दल के विरोध के बाद भी 20 नवंबर 2021 को कोलकाता में मुनव्वर फारूकी ने शो किया था। यह शो लगभग 1 घंटे 30 मिनट चला था। फारूकी ने वहाँ की तस्वीरों को उसने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किया था। हिंदू देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप और हिंदू संगठनों द्वारा विरोध के चलते उसका शो गोवा, पंजाब और कुछ अन्य प्रदेशों में रद्द कर दिया गया था। फारूकी ने इस साल की शुरुआत में अपने एक कॉमेडी शो के दौरान हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के कारण एक महीना जेल में बिताया था।

‘ये पद सत्ता नहीं, सेवा के लिए मिला है’: ‘मन की बात’ में PM मोदी ने लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई को किया याद, युवाओं को 3 मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (28 नवंबर 2021) को मन की बात के 83वें एपिसोड में देश को संबोधित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक संसाधनों को बचाने, सरकारी योजनाओं, रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाओं, मेजर ध्यानचंद जैसे खेल रत्न, संतों, देश के सुरक्षाबलों और आजादी के अमृत महोत्सव पर बात की।

पीएम ने कहा, ”मैं आज भी सत्ता में नहीं हूँ और भविष्य में भी सत्ता में जाना नहीं चाहता हूँ। मैं सिर्फ सेवा में रहना चाहता हूँ। मेरे लिए ये पद, सत्ता के लिए है ही नहीं, सेवा के लिए है।”

उन्होंने युवाओं को सफलता के मंत्र देते हुए कहा कि युवाओं से समृद्ध हर देश में तीन चीजें बहुत मायने रखती हैं। पहली चीज है– Ideas और Innovation दूसरी है– जोखिम लेने का जज्बा तीसरी है– Can Do Spirit, यानी किसी भी काम को पूरा करने की जिद्द, जब ये 3 चीजें आपस में मिलती हैं तो अभूतपूर्व परिणाम मिलते हैं। पीएम ने आगे कहा, “StartUps की दुनिया में आज भारत विश्व में एक प्रकार से नेतृत्व कर रहा है। साल दर साल StartUps को रिकॉर्ड निवेश मिल रहा है। ये क्षेत्र बहुत तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। देश के हर छोटे-छोटे शहर में भी StartUp की पहुँच बढ़ी है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान निर्माता बाबा साहब अम्बेडकर को याद करते हुए कहा, “दिसम्बर महीने में एक और बड़ा दिन आता है, जिससे हम प्रेरणा लेते हैं। ये दिन 6 दिसम्बर है, जिस दिन बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि है। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन देश और समाज के लिये अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिये समर्पित किया था।”

पीएम मोदी ने मन की बात में अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, ”अमृत महोत्सव, सीखने के साथ ही हमें देश के लिए कुछ करने की भी प्रेरणा देता है। अब तो देश-भर में आम लोग हों या सरकारें, पंचायत से लेकर संसद तक, अमृत महोत्सव की गूँज है और लगातार इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला चल रहा है।”

प्रधानमंत्री ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान देने वालों को भी याद किया। उन्होंने कहा, ”झाँसी और बुंदेलखंड का कितना बड़ा योगदान है, ये हम सब जानते हैं। यहाँ रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाएँ भी हुईं और मेजर ध्यानचंद जैसे खेल रत्न भी इस क्षेत्र ने देश को दिये हैं।” इसके साथ ही पीएम ने वृन्दावन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वृन्दावन के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान के प्रेम का प्रत्यक्ष स्वरूप है। हमारे संतों ने भी कहा है, ”यह आसा धरि चित्त में, यह आसा धरि चित्त में, कहत जथा मति मोर। वृंदावन सुख रंग कौ, वृंदावन सुख रंग कौ, काहु न पायौ और।”

उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने में Navy Day और Armed Forces Flag Day भी देश मनाता है। हम सबको मालूम है 16 दिसम्बर को 1971 के युद्ध का स्वर्णिम जयन्ती वर्ष भी देश मना रहा है। मैं इन सभी अवसरों पर देश के सुरक्षा बलों का स्मरण करता हूँ, हमारे वीरों का स्मरण करता हूँ।