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‘मृत ईसाई के लिए मस्जिद से घोषणा इस्लाम का अपमान’: माँग करने वाले मुस्लिम परिवार पर मौलवी ने कराया ईशनिंदा का केस, डर से भागे ईसाई

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक मौलवी से बहस करने पर ईशनिंदा का मामला दर्ज कर लिया गया है। यहाँ एक मुस्लिम परिवार की महिला ने ईसाई समुदाय के एक व्यक्ति की मौत की घोषणा मस्जिद से करने के लिए मौलवी से कहा। महिला चाहती थी कि उसके मृत पड़ोसी को दफनाए जाने के कार्यक्रम की घोषणा मौलवी मस्जिद करें, लेकिन मौलवी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। शिकायत पर पुलिस ने महिला के परिवार के खिलाफ ईशनिंदा का कानून दर्ज कर लिया। घटना 18 नवम्बर 2021 की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला भारत की सीमा से सटे बुर्की क्षेत्र के खुशहाल सिंह गाँव का है। इस गाँव के एक ईसाई की मौत हो गई, जिसको लेकर पड़ोसी मुस्लिम परिवार की महिला ने गाँव के जामिया मस्जिद हशमतुल्ला मस्जिद के मौलवी से दफनाने के कार्यक्रम की घोषणा मस्जिद से करने के लिए कहा। इस पर मौलवी ने कहा कि इस्लाम में मस्जिद से सिर्फ मुस्लिमों के अंतिम संस्कार की घोषणा करने की इजाजत है। मृत ईसाई व्यक्ति के लिए मस्जिद से घोषणा करने की माँग करना इस्लामी कानूनों का अपमान है।

इसके बाद महिला घर जाकर मौलवी की बात अपने शौहर को बताई। महिला का शौहर अपने तीन बेटों के साथ मस्जिद में गया और गैर-मुसलमानों के अंतिम संस्कार की घोषणा मस्जिद से ना करने को लेकर सवाल उठाया। उसने कानून और मौलवी के खिलाफ बात की।

उमर और उनके बेटों पर दर्ज FIR

मौलवी के तहरीर पर पाकिस्तान पुलिस ने महिला के शौहर उमर बक्श और उसके तीनों बेटों – मजहर, मुराद और साहिल के खिलाफ ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मौलवी ने अपनी बातों के समर्थन में तीन लोगों को गवाह बनाया है। पाकिस्तान के पुलिस अधिकारी इमरान हनीफ ने बताया कि आरोपित फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। इसके लिए एक पुलिस दल का गठन किया गया है।

ईशनिंदा की जानकारी मिलते ही आसपास की मुस्लिम बस्तियों में आक्रोश फ़ैल गया है। इसके चलते वहाँ रहने वाले ईसाई परिवार में भय व्याप्त हो गया है। मुस्लिमों के डर से ईसाई परिवारों ने पलायन करना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में ईशनिंदा के दुरुपयोग की खबरें आती रहती हैं। इसका इस्तेमाल अक्सर अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के दमन के लिए जाता है।

29 नवंबर को किसान नहीं करेंगे ट्रैक्टर मार्च: 9 सदस्यों वाली कमिटी की बैठक, संयुक्त किसान मोर्चा का फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद भी किसानों का अन्य माँगों को लेकर आंदोलन जारी है। इसी बीच खबर है कि किसानों ने 29 नवंबर को होने वाला ट्रैक्टर मार्च स्थगित कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में शनिवार (27 नवंबर 2021) को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की बैठक में इस पर फैसला लिया गया।

संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि वह 4 दिसंबर को अपनी अगली बैठक में सरकार के रुख की समीक्षा करके आगे की रणनीति बनाएँगे। बैठक में किसान नेता बलबीर राजेवाल, गुरनाम चढ़ूनी, जोगिंदर उग्राहां समेत तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।

बीते दिनों संयुक्त किसान मोर्चा की 9 सदस्यीय कमिटी ने फैसला लिया गया था कि 29 नवंबर को गाजीपुर बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर से 500-500 किसान ट्रैक्टर पर संसद भवन की ओर कूच करेंगे। आज की मीटिंग के बाद इसे अब टाल दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन की वापसी पर पंजाब के नेता जोर दे सकते हैं, क्योंकि कानून वापसी के ऐलान के बाद उन्हें नैतिक तौर पर जीत मिली है, जिसे वह खोना नहीं चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ किसान नेताओं का कहना कि संसद में जब तक कानून निरस्त होने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती और उनकी अन्य माँगों पर कोई फैसला नहीं होता है, तब तक वे बॉर्डर पर डटे रहेंगे।

बता दें कि आंदोलन को एक साल पूरा होने पर शुक्रवार (26 नवंबर 2021) को सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर किसानों की भीड़ ने शक्ति प्रदर्शन किया। यहाँ किसानों ने पिज्जा पार्टी करके आंदोलन की पहली सालगिरह मनाई थी।

जासूस निकला 6 साल से सब्जी का ठेला लगाने वाला अजहरुद्दीन मेवाती, आर्मी एरिया में मँडरा रहा था: PM मोदी के लिए उर्दू में मैसेज

राजस्थान के पाली में भारतीय सेना के क्षेत्र में एक अजहरुद्दीन मेवाती नाम के युवक को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गया है। उसके पास से उर्दू में लिखे मैसेज भी मिले हैं। जवानों को शक है कि उक्त युवक पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था। पूछताछ के दौरान जब आरोपित के कमरे की तलाशी ली गई, तो वहाँ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम उर्दू में कुछ मैसेज्स लिखे हुए मिले, जिसकी जाँच की जा रही है।

साथ ही उसके कमरे से कोड वर्ड में लिखे कई दस्तावेज भी पुलिस को बरामद हुए हैं, जिन्हें डिकोड करने की कोशिश की जा रही है। युवक के कमरे को सील कर दिया गया है। रास थाना क्षेत्र के प्रभारी गोपाल राणा ने जानकारी दी है कि शुक्रवार (26 नवंबर, 2021) को दोपहर चढ़ावता-रास क्षेत्र स्थित आर्मी एरिया में मँडरा रहे उक्त युवक पर जब भारतीय सेना के जवानों को शक हुआ, तब उन्होंने उसे पकड़ा। उसकी गतिविधियाँ पहले से ही संदिग्ध लग रही थीं।

जब जवानों ने उससे पूछताछ की तो वो कहने लगा कि वो सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे से मिलने के लिए जा रहा है। इसके बाद संदेह होने पर उसे रास थाना पुलिस को सौंप दिया गया। उसने खुद का नाम अजहरुद्दीन मेवाती बताया है। उसने बताया है कि वो पिछले 6 वर्षों से ब्यावर के चांगगेट क्षेत्र में आलू-प्याज का ठेला लगा रहा है। पिछले दो वर्षों से वो किशनगंज में कराए का कमरा लेकर रह रहा था। उसने बताया कि वो मूल रूप से मध्य प्रदेश के जावरा का रहने वाला है।

इसके बाद पुलिस ने ब्यावर के किशनगंज स्थित उसके कमरे की तलाशी ली। वहाँ से एक डायरी बरामद हुई। साथ ही कुछ नक़्शे भी मिले हैं। ‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, डायरी के अंतिम पेज पर लिखा हुआ था – मिशन पूरा। उसके मोबाइल फोन में भी देश विरोधी गतिविधियों की हिस्ट्री मिली है। उसने अजमल कसाब के बारे में सर्च किया था। कई देशी विरोधी कंटेंट देखता रहता था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में कई अन्य राज़ खुलने की संभावना है।

‘यही मेन है, इसे सबक सिखाओ… निकालो सामान (हथियार)’: फहीम ने हिंदू संगठन से जुड़े युवक पर किया जानलेवा हमला, कत्लखानों की शिकायत से था नाराज

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हिन्दू रक्षा दल के महानगर अध्यक्ष दीपक तेवतिया पर 25 नवम्बर 2021 (गुरुवार) को जानलेवा हमला किया गया। घटना में शामिल फहीम को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि शाहरुख़, सद्दाम, जीशान, अरशद, साहिल नाम के आरोपित फरार हो गए। इस मामले में कुछ अज्ञात हमलावर भी शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। इस हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिस की पुष्टि करते हुए गाज़ियाबाद पुलिस ने कार्रवाई की बात कही है। ऑपइंडिया के पास इस घटना की FIR मौजूद है।

तहरीर के बताया गया है कि घटना के दिन शाम करीब 4 बजे पीड़ित मार्केट में स्कूटी ठीक करवाने गया था। उसी दौरान लगभग 1 दर्जन लड़कों ने जान से मारने की नियत से उस पर अचानक हमला कर दिया। हमले के समय वह कह रहे थे कि ‘तू बहुत बड़ा नेता बनता है। तू ही मेन आदमी है। आज तुझे सबक सिखा देंगे।’ पीड़ित ने तहरीर में आगे बताया, “मुझे मारने के लिए लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया। मेरी गर्दन को दबाया जा रहा था। शोर सुनकर मेरे पिताजी व अन्य लोग आए तो हमलावर भाग निकले। जाते-जाते उन्होंने चेतावनी दी कि आज बच गए हो, आगे नहीं छोड़ेंगे।” इस दौरान हमलावरों ने पीड़ित की स्कूटी को तोड़ डाला और रेडमी का उसका मोबाईल फोन भी छीन लिया। हमले में पीड़ित को गंभीर चोटें आई हैं।

इस घटना को लेकर ऑपइंडिया ने पीड़ित दीपक तेवतिया से बात की। तेवतिया ने बताया, “हिन्दू धर्म और गौ माता के लिए किए गए अपने कार्यों के चलते मैं हमलावरों के निशाने पर हूँ। मैंने पहले भी कत्लखानों के खिलाफ प्रशासन को शिकायत की थी। हमलावरों में फहीम ही मुख्य साजिशकर्ता है। उन सभी पर पहले से ही कई आपराधिक केस दर्ज हैं।” पीड़ित का कहना है कि हमले के दौरान फहीम अपने साथियों से बार-बार ‘सामान (तमंचा) निकाल’ बोल रहा था।

तेवतिया ने बताया कि हमलावरों का प्लान उनकी हत्या करने का था, लेकिन लोगों के आ जाने के कारण वे बच गए। पुलिस कार्रवाई के बारे में उन्होंने बताया कि दर्जनों हमलावरों में से अब तक सिर्फ एक आरोपित पकड़ा गया है, जिसका नाम फहीम है। फहीम को भी पुलिस के बजाय मुझे बचाने आए लोगों ने पकड़ा है।

वहीं, हिन्दू रक्षा दल ने इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में एक वीडियो जारी कर कहा, “दीपक तेवतिया ने हमलावर फहीम को जेल भेजवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन पर हमले की वजह भी यही है। हमला पूरी फील्डिंग के साथ किया गया है। हम आरोपितों पर गैंगस्टर एक्ट लगवाने का प्रयास कर रहे। हिन्दू रक्षा दल यह सुनिश्चित करेगा कि ये हमारे विरुद्ध अंतिम घटना हो।”

ऑपइंडिया ने इस घटना के संबंध में विजय नगर थाना के प्रभारी से बात की। प्रभारी ने बताया कि एक आरोपित को गिरफ्तार किया है और बाकियों की तलाश की जा रही है। इसी के साथ हमलावरों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147, 148, 323, 506, 427, 307 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जाँच सब इंस्पेक्टर अंगद सिंह को सौंपी गई है।

‘गुटखा खाना गलत बात’: हाथों में तख्ती लेकर फिर मैच देखने पहुँचा ‘कानपुर का गुटखेबाज’, कहा – अब छोड़ दूँगा ये लत

उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित ग्रीनपार्क स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीचे खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान गुटखा खाते हुए एक शख्स की इमेज वायरल हुई थी। इसे सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शेयर किया। लोगों ने इस पर कमेंट कर खूब मजे लिए थे। अब वही शख्स शोभित मैच के दूसरे दिन हाथों में गुटखा खाना गंदी बात का पोस्टर लेकर मैच देखने पहुँचा।

रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को इमेज के वायरल होने के बाद फिर से क्रिकेट देखने पहुँचे शोभित ने खुद को क्रिकेट फैन बताया। उन्होंने ये भी कहा कि वो क्रिकेट देखने के लिए जाते रहेंगे। शोभित पांडेय पेशे से एक व्यापारी हैं। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए गुटखा खाने की बात से इनकार किया। शोभित का कहना था कि मैच देखने के लिए जाते वक्त एँट्री गेट पर ही गुटखा जमा करा लिया गया था। शोभित के मुताबिक, उन्होंने मीठी सुपारी खाई थी।

साभार: एएनआई

बहरहाल, इस बार शोभित ने अपने हाथ में एक तख्ती ले रखी थी। उस तख्ती पर लिखा था, “गुटका खाना गलत बात है #कानपुर गुटकेबाज।” शोभित पांडेय का कहना है कि वो और उसका दोस्त दोनों ही मैच देखने के लिए गए थे, लेकिन दोनों एक दूसरे काफी दूर थे, इसीलिए फोन पर बात की। शोभित पांडे का कहना है कि जल्द ही वो गुटखा खाना छोड़ देंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले शोभित ने उसके बगल में बैठी लड़की को अपनी बहन बताया था। साथ ही उसके खिलाफ सोशल मीडिया पर किए जा रहे अश्लील कमेंट पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उसने लोगों ने अपनी बहन को लेकर भद्दे कमेंट नहीं करने की भी अपील की थी। वहीं मामले में किसी भी तरह की माफी माँगने के सवाल पर शोभित ने कहा था, “माफी माँगने लायक तो मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है, फिर भी लोगों को लगता है कि मैंने कुछ गलत किया है तो मैं माफी माँगता हूँ।”

‘अंतरराष्ट्रीय ट्रेवल रेस्ट्रिक्शन्स में ढील वाली योजना की समीक्षा कीजिए’: PM मोदी का अधिकारियों को निर्देश, नए कोविड वेरिएंट पर बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (27 नवंबर, 2021) को देश में कोरोना टीकाकरण की स्थिति को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की और ज़रूरी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स और विदेश से आने वाले यात्रियों को लेकर ढील दिए जाने की जो योजना थी, उसकी पुनः समीक्षा की जाए। चूँकि दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन फ़ैल रहा है और वो हॉन्गकॉन्ग तक पहुँच गया है, इसीलिए इसे लेकर भारत भी चिंतित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘Omicron’ नामक नए कोरोना वायरस वेरिएंट, इसके प्रभावों और इससे जुड़े खतरों को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन भी क्षेत्रों में अभी भी ज्यादा मामले आ रहे हैं, वहाँ पर कन्टेनमेंट और सक्रिय सर्विलांस की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। उन्होंने लोगों को भी सावधान रहने के लिए कहा और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही इंटरनेशनल ट्रेवल पर जो रेस्ट्रिक्शन्स लगे हुए थे, उनमें ढिलाई वाले फैसले की समीक्षा का निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस दौरान अधिकारियों ने दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति को लेकर जानकारी दी। उन्होंने ‘हर घर दस्तक’ के तहत टीकाकरण अभियान के अगले चरण की भी समीक्षा की। साथ ही देश में कोरोना की मौजूदा पॉजिटिविटी रेट को लेकर बात हुई। उन्होंने नए वेरिएंट को लेकर अधिकारियों को सजग रहने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य सरकारों से और जिला स्तर पर अधिकारियों से सामंजस्य बनाए रखने को भी कहा।

बैठक में अधिकारियों ने पीएम मोदी को बताया कि नई दवाओं और फार्मा प्रोडक्ट्स को लेकर भी निगरानी रख रहे हैं। पीएम मोदी ने उनसे कहा कि राज्यों के पास दवाओं का पूरा स्टॉक हो, इस पर ध्यान रहना चाहिए। साथ ही मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी राज्यों की मदद की जानी चाहिए। जिन राज्यों में ज्यादा मामले आ रहे हैं, उन्हें तकनीकी समर्थन देने का निर्देश पीएम मोदी ने दिया। विदेश से आने वालों की टेस्टिंग और स्क्रीनिंग कड़ी करने पर भी सहमति बनी।

सलमान खान की Antim: The Final Truth बॉक्स ऑफिस पर फुस्स, अक्षय कुमार की ‘सूर्यवंशी’ 300 करोड़ के पास

बॉलीवुड के एक्शन किंग कहे जाने वाले अक्षय कुमार की फिल्म ‘सूर्यवंशी’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। रिलीज के तीसरे हफ्ते भी फिल्म की ताबड़तोड़ कमाई जारी है। ब्लॉकबस्टर साबित हो रही ‘सूर्यवंशी’ जल्द ही 300 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली है। ​वहीं, सलमान खान और उनके जीजा आयुष शर्मा की फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ (Antim: The Final Truth)’ कमाई के मामले में पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर हाँफती हुई नजर आ रही है।

बात करें ‘सूर्यवंशी’ और ​‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ की कलेक्शन की तो ट्रेड एनालिस्ट मनोबाला विजयबलन के अनुसार, पहले हफ्ते सितारों से सजी ‘सूर्यवंशी’ फिल्म ने 190.06 करोड़, दूसरे हफ्ते 66.66 करोड़ और तीसरे हफ्ते कुल 281.62 करोड़ का बिजनेस किया है।

अक्षय कुमार, रणवीर सिंह, अजय देवगन और कैटरीना कैफ की एक्टिंग लोगों को सिनेमाघरों तक चुंबक की तरह खींचने में कामयाब रही। यही कारण है कि सिनेमाघरों में फिल्म के दस्तक देने के बाद से इसकी बंपर कमाई का सिलसिला जारी है। ऐसे में कहा जा सकता है कि अक्षय कुमार की फिल्म चौथे हफ्ते भी दर्शकों की भीड़ खींचने में कामयाब रहेगी।

वहीं, बॉक्स ऑफिस इंडिया वेबसाइट के मुताबिक, 26 नवंबर को रिलीज हुई बॉलीवुड के दबंग खान की फिल्म ​‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ (Antim: The Final Truth)’ ने अभी तक 4.25 से 4.50 करोड़ तक का कलेक्शन किया है। ऐसे में वीकएंड में फिल्म के अच्छा कलेक्शन करने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन इतनी धीमी शुरुआत के साथ ‘सूर्यवंशी’ का मुकाबला कर पाना मुश्किल ही नहीं नामु​मकिन है।

महेश मांजरेकर के डायरेक्शन में बनने वाली ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ (Antim: The Final Truth)’ मराठी फिल्म ‘मुल्शी पैटर्न’ का रीमेक है, जिसमें सलमान ने एक सिख पुलिस वाले का किरदार निभाया है।

सलमान खान की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में औंधे मुँह गिरती है, तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। इस साल मई में ओटीटी प्लेटफॉर्म जी सिनेप्लेक्स पर रिलीज हुई ‘राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई’ का भी बहुत बुरा हश्र हुआ था। इससे पहले ईद के मौके पर 5 जून 2019 को रिलीज हुई ‘भारत’ भी दर्शकों के गले नहीं उतर पाई थी।

दूसरी ओर रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनने वाली फिल्म ‘सूर्यवंशी’ को देश के ​कथित पत्रकारों, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी, हीरोइन महविश हयात और ब्रिटिश एक्टर रिज अहमद के बिलबिलाने के बाद भी फैंस का जबरदस्त प्यार मिल रहा है। देश के बाहर विदेशों में भी फिल्म को काफी पसंद किया जा रहा है। फिल्म समीक्षकों ने भी ‘सूर्यवंशी’ के डायरेक्शन और सभी कलाकारों के लाजवाब अभिनय की सराहना की है।

‘हम उनके लिए कचरा फेंकने वाली जगह नहीं बन सकते’: दुनिया के छठे सबसे अमीर इस्लामी मुल्क ने बांग्लादेश से आने वाले मजदूरों पर जताई चिंता

दुनिया का छठा सबसे अमीर इस्लामी मुल्क मलेशिया अपने यहाँ बांग्लादेशी मजदूरों की संख्या बढ़ने को लेकर चिंतित है। बता दें कि बांग्लादेश का आधिकारिक मजहब भी इस्लाम ही है। बांग्लादेश ने मजदूरों को बाहर भेजने वाले एजेंसियों की संख्या बढ़ा कर 2000 कर दी है, जिस पर मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री एम सरवनम ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मलेशिया इसके बाद बांग्लादेश के मजदूरों के लिए एक डम्पिंग ग्राउंड (कचरा फेलने की जगह) न बन जाए।

उन्होंने ‘फ्री मलेशिया टुडे’ से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश की बांग्लादेशी को इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों को मलेशिया भेजने की इजाजत नहीं दी जा सकती। बांग्लादेश से फ़िलहाल मात्र 10 एजेंसियों को मजदूरों को मलेशिया लाने की इजाजत है, जिसे अब 20 गुना बढ़ाने के लिए बांग्लादेश ने मलेशिया सरकार से निवेदन किया है। मजदूरों की भर्ती के लिए दोनों देशों के बीच एक करार (MoU) पर लगभग एक वर्ष से विचार-विमर्श का दौर जारी है।

बांग्लादेश के मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि ताज़ा फैसले पर उन्होंने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले 10 कंपनियों को ही बांग्लादेश से मजदूर लाने की इजाजत थी, लेकिन इसे बढ़ाया जाना था पर इतना नहीं। उन्होंने कहा कि फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और अब इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। अगले दो सप्ताह में अंतिम निर्णय होगा। मलेशिया ने जबरन मजदूरी के खिलाफ बने अंतरराष्ट्रीय नियम-कानून के अंतर्गत भी आने का निर्णय लिया है।

सितंबर 2018 में मलेसिया की सरकार ने बांग्लादेशी श्रमिकों के लिए विदेशी कर्मचारी आवेदन प्रणाली (SPPA) को निलंबित कर दिया था, जो केवल 10 चयनित एजेंसियों द्वारा भर्ती प्रक्रिया की अनुमति देता है। पिछली प्रणाली में प्रत्येक बांग्लादेशी मजदूरों को मलेशिया में काम करने के लिए वर्क परमिट और अन्य मामलों की अनुमति के लिए एजेंट को भुगतान प्रक्रिया के लिए आरएम 20,000 (3.54 लाख रुपए) तक का शुल्क देना पड़ता था। मानव तस्वीर को लेकर यूएन की रिपोर्ट के बाद भी मलेशिया ने कई कदम उठाए हैं।

‘पराली जलाना अपराध नहीं होगा, किसानों को शामिल कर MSP पर गठित होगी कमेटी’: कृषि मंत्री तोमर ने कहा- बड़ा दिल दिखाते हुए घर लौटें प्रदर्शनकारी

मोदी सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद अब आंदोलनकारी किसानों की कुछ माँगों को मान लिया है। केंद्र सरकार ने किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने को अपराध बताने वाले कानून को भी समाप्त करने का फैसला किया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक कमेटी के गठन को मंजूरी दे दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को लेकर कहा है कि यह प्रक्रिया राज्य विशेष के अधिकार क्षेत्र में आती है। इस मामले में राज्य सरकारें मुकदमें की गंभीरता को देखते हुए फैसला करेंगी। उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री ने बड़ा दिल दिखाते हुए कृषि कानून को वापस लिया है, इसलिए अब विरोध प्रदर्शनों का कोई महत्व नहीं है। अब किसानों को भी बड़ा दिल दिखाते हुए अपने घरों को वापस लौट जाना चाहिए।

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने कहा, “तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने के बाद मैं समझता हूँ कि अब आंदोलन का औचित्य नहीं रहा। इसलिए मैं किसान संगठन और किसानों से निवेदन करना चाहता हूँ कि वो अपना आंदोलन समाप्त करें। बड़े मन का परिचय दें और प्रधानमंत्री की घोषणा का आदर करते हुए अपने घरों को लौटें।”

केंद्रीय मंत्री तोमर का कहना है कि प्रधानमंत्री ने एमएसपी, फसल विविधीकरण और शून्य बजट खेती को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए कमेटी के गठन की घोषणा की है। इस कमेटी में किसान संगठनों के लोगों को भी शामिल किया जाएगा। इसके जरिए एमएसपी को लेकर किसानों की माँग पूरी होगी। उन्होंने बताया कि तीनों कृषि कानूनों को वापसी वाला विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में पेश किया जाएगा।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2021 को देश के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। इसके बाद 24 नवंबर को इस पर कैबिनेट की मुहर भी लग गई। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया था कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की औपचारिकताएँ पूरी कर ली हैं और संसद के शीतकालीन सत्र में इन कानूनों को वापस लेना प्राथमिकता में शामिल होगी। 

आगरा का ‘मुगल रोड’ हुआ ‘महाराजा अग्रसेन मार्ग’, ‘सुल्तानगंज की पुलिया’ बना ‘विकल चौक’: यूपी में गुलामी के प्रतीकों को हटाने की प्रक्रिया जारी

उत्तर प्रदेश में आगरा शहर के ‘मुगल रोड’ का नाम बदलकर ‘महाराजा अग्रसेन मार्ग’ कर दिया गया है। इसके साथ ही ‘सुल्तानगंज की पुलिया’ का भी नाम बदल दिया गया है। अब यह पुलिया ‘विकल चौक’ के नाम से जानी जाएगी। यह सब स्थानीय लोगों और महाराजा अग्रसेन के अनुयायियों की माँग को देखते हुए किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा के महापौर नवीन जैन ने शुक्रवार को इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सड़क के किनारे स्थित कमला नगर के लोग लंबे समय से मुगल रोड का नाम बदलने की माँग कर रहे थे। महापौर का कहना है कि 27 सितंबर 2021 को इस मामले में आगरा नगर निगम की कार्यकारी समिति में प्रस्ताव लाया गया था, जिसे निकाय के सदन ने मंजूरी मिल गई।

जैन यह भी कहा कि विकल चौक से कमला नगर की सड़क का नाम मुगल रोड कैसे पड़ा ये तो नहीं पता, लेकिन भावी पीढ़ी इस सड़क का नाम महाराज अग्रसेन पर होने से प्रेरणा लेगी। वार्ड नंबर 75 की पार्षद सुषमा जैन ने इसे सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा, “मुगल रोड गुलामी का प्रतीक था, लेकिन महाराजा अग्रसेन का नाम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।”

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इससे पहले भी कई शहरों का नाम बदला गया है। प्रदेश की योगी सरकार ने साल 2018 में यूपी कैबिनेट की बैठक में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने का निर्णय लिया था। वहीं, फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया गया है। इसके अलावा, इसी साल अगस्त में चूड़ियों के लिए मशहूर फिरोजाबाद का नाम बदलकर चंद्रनगर करने का प्रस्ताव जिला पंचायत ने पास किया था। विद्वान अनूप चंद जैन के मुताबिक, फिरोजाबाद का पुराना नाम चंदवाड़ था, लेकिन अकबर के शासनकाल में उसके करिंदे फिरोजशाह के नाम पर इसका नाम बदलकर 1566 में फिरोजाबाद कर दिया गया था।