मुंबई ड्रग केस में आर्यन खान की गिरफ्तारी के बाद अभिनेत्री अनन्या पांडे से हुई पूछताछ ने पूरे बॉलीवुड के कान खड़े कर दिए हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लगातार अपनी जाँच में लगी है। ऐसे में इंडिया टुडे ने आर्यन और अनन्या की उस चैट को एक्सेस किया है जिसके कारण अभिनेत्री को समन किया गया।
इन चैट्स में कथिततौर पर आर्यन किसी अचित कुमार से ड्रग को बड़ी तादाद में खरीदने की बात कर रहे थे। उन्होंने 80 हजार रुपए की सिर्फ वीड (चरस) ऑर्डर की हुई थी। इसके अलावा आर्यन की चैट पढ़ने के बाद एनसीबी ने पाया कि अनन्या ही नहीं तीन अन्य स्टार किड से भी आर्यन ड्रग्स के बारे में बात करते थे।
आइए बताएँ अनन्या और आर्यन ने चैट में एक दूसरे से क्या बात की…
सबसे पहली चैट 2019 की है। यहाँ दोनों वीड लेने-देने पर बात कर रहे हैं:
आर्यन: वीड। अनन्या: ये डिमांड में है। आर्यन: मैं तुमसे चुपके से ले आऊँगा। अनन्या: ठीक है।
इस चैट को पढ़कर एनसीबी को लग रहा है कि वो आर्यन को छोटे अमाउंट में ड्रग सप्लाई करती थीं।
अगली चैट में अनन्या बता रही हैं कि वो बिजनेस में हैं।
अनन्या: अब मैं बिजनेस में हूँ। आर्यन: तुमने वीड खरीदी। आर्यन– अनन्या! अनन्या– मैं ले रही हूँ
एक हालिया चैट भी मिली है जो कि 18 अप्रैल 2021 की है। इसमें आर्यन अपने दो दोस्तों से कोकेन के बारे में बात कर रहे हैं।
आर्यन– कल कोकेन लेते हैं। आर्यन– मैं तुम लोगों को एनसीबी से तबाह करवा दूँगा।
यहाँ गौर देने वाली बात ये है कि आर्यन खान ने अपने दोस्तों को एनसीबी के नाम से डराया हुआ था। उसी एनसीबी ने उन्हें 2-3 अक्टूबर को क्रूज पार्टी के दौरान पकड़ लिया और अब 20 दिन से ज्यादा हो गए हैं वो वहीं जेल में हैं। हाल में मुंबई कोर्ट में उनकी याचिका खारिज हुई थी। खबरें आई थीं कि वो अब रिहाई के लिए भगवान के सहारे हैं। वो रोज अपने बैरक में बने मंदिर की आरती में शामिल होते हैं।
देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर (उत्तरी दिल्ली) में पाकिस्तान से 2011 के बाद से ही अलग-अलग समय पर आए हिन्दू शरणार्थियों के तीन कैंप हैं- मजलिस पार्क आदर्श नगर, मजनू का टीला और सिग्नेचर ब्रिज। तीनों ही जगहों पर करीब 450 परिवारों को जीवन के लिए जरूरी कई मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। बिजली, पानी, शौचालय जैसी कई बेसिक सुविधाओं के लिए यह लोग 2013 से ही प्रयासरत हैं। हालाँकि इन कैम्पों प्रधानमंत्री स्वच्छता मिशन के तहत कुछ शौचालयों का निर्माण हुआ है लेकिन बिजली की समस्या अभी भी बनी हुई है। जो इनके कई दूसरी समस्याओं की वजह भी है-फिर चाहे वह स्वास्थ्य से जुड़ी हो, शिक्षा से या साँप-बिच्छुओं से सुरक्षा से।
इन सबके बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS), सेवा भारती, बजरंग दल, हिन्दू सेवा संघ जापान (HSS Japan) के साथ ही कुछ छिट-पुट NGO भी समय-समय पर पाकिस्तान से आए इन हिन्दुओं के लिए उम्मीद की किरण हैं। इसमें से खासतौर से बात HSS जापान अर्थात हिन्दू सेवा संघ जापान की जो आदर्श नगर के कैंप में एक तय मॉडल के तहत बच्चों-महिलाओं को क्रिएटिव एक्टिविटी, नृत्य, संगीत और भजन की शिक्षा के साथ ही स्किल डेवलॅपमेन्ट के तहत सिलाई और ब्यूटीपार्लर की बुनियादी जानकारी और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें आजीविका के लिए सक्षम बना रही है।
ऑपइंडिया की टीम ने दिवाली से पहले बिजली की मुख्य माँगों को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान से आए हिन्दुओं की समस्याओं को नजदीक से जानने-समझने के लिए इन तीनों कैम्पों में गई। लेकिन पहले बात आदर्श नगर कैंप की जहाँ HSS जापान की मदद से वहाँ रहने वाले 800 से अधिक लोगों के लिए जो कुछ भी किया जा रहा है वह काबिले तारीफ है। HSS के कार्यों के बारे में वहाँ के मास्टर मूलचंद ने विस्तार से बताया।
जब ऑपइंडिया की टीम उनसे मिलने गई तो वहाँ कुछ बच्चियाँ डांडिया नृत्य की प्रैक्टिस करती नजर आईं। वहाँ एक छोटा से साउंड सिस्टम पर ‘लव रात्रि’ फिल्म का गीत, “चोगाड़ा तारा, ओए छबीला तारा, ओए रंगीला तारा रंगभेरू जुवे तारी बात रे” गीत बज रहा था। जिस पर बच्चियाँ नृत्य का अभ्यास कर रहीं थी।
तभी बच्चियों ने मास्टर मूलचंद को बुलाया। पाकिस्तान के सिंध सूबा के हैदराबाद से आए मास्टर जी ने औपचारिक परिचय के बाद पाकिस्तान में हिन्दुओं की भयावह स्थिति का वर्णन करते हुए अपने हरिद्वार यात्रा के बहाने बड़ी मुश्किल से भारत आने की कहानी भी सुनाई। मास्टर मूलचंद 2020 में तीर्थयात्रा के लिए भारत आए करीब 100 परिवारों के दल का हिस्सा हैं। लेकिन उनकी हरिद्वार यात्रा अभी भी अधूरी है क्योंकि वह गए ही नहीं। उन्हें हिन्दुओं के लिए एक मात्र देश में बस बसने की चाहत थी। यहाँ होना ही उनके लिए सबसे बड़ी तीर्थ यात्रा और सुकून का क्षण है। हालाँकि यहाँ उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बस्ती की समस्याओं को परे रखते हुए उन्होंने अपने ‘बाल संस्कार केंद्र’ में क्या सुविधाएँ हैं। पहले उनके बारें में बताया। उन्होंने वह कमरा भी दिखाया जिसमें बच्चियाँ पॉर्लर सीखती हैं। जहाँ पहले 6 महीने तक एक ट्रेनर बाहर से ट्रेनिंग देने के लिए आती रहीं। फिर बस्ती की कई महिलाएँ और लड़कियाँ जब सीख गईं तो बाकियों को वे स्वयं सिखाने लगीं। उनका पार्लर सिखाने का कमरा उनके छोटे से मंदिर के बगल में था जहाँ बच्चे पूजा-पाठ भी सीखतें हैं। साथ ही बाल संस्कार केंद्र में ही समय-समय पर भजन कीर्तन के कार्यक्रमों के साथ, नृत्य और संगीत का प्रदर्शन भी होता है।
बगल के कमरे में एक सिलाई केंद्र है जहाँ बच्चियों और महिलाओं को सिलाई सिखाया जाता है। उस कमरे में कई सिलाई मशीन के साथ एक छोटा सा लैपटॉप भी नजर आया जिस पर ऑनलाइन क्लासेस चलता है। चूँकि बस्ती में बिजली का अभाव है ऐसे में वहाँ शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए HSS जापान की तरफ से चार सोलर पैनल दिया गया है। जिससे वहाँ बिजली से चलने वाले कुछ उपकरण काम करते हैं। साथ ही इस केंद्र को चलाने के लिए सिलाई मशीन ‘केन्या सिंधी साथी संस्था’ द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
पिछले महीने गणेश चतुर्थी पर पूजा , भजन और भोज में शामिल आदर्श नगर कैंप के शरणार्थी (तस्वीर साभार-HSS)
वहाँ पर हमें HSS द्वारा आयोजित कोविड वैक्सीनेशन कैंप आदि के बारें में भी पता चला। गणेश चतुर्थी पूजा सहित, बच्चों की नृत्य प्रस्तुति के आयोजन के बारे में भी कैंप के लोगों ने बताया। जिसका दूसरा मतलब यह भी है कि कैंप में दिखावटी नहीं बल्कि वास्तविकता में कुछ बुनियादी सुधार और प्रशिक्षण कार्य चल रहा है। जिसका बस्ती में रहने वाले बच्चे-बच्चियों के साथ वहाँ की महिलाओं को भी लाभ मिल रहा है।
मास्टर मूलचंद ने इनसबके साथ हमें बिजली के अभाव बारे में बताया। साथ ही अपनी उस लड़ाई के बारे में भी जो कैंप के लोग बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए पिछले 8 सालों से लड़ रहे हैं। जिस पर ऑपइंडिया ने आदर्श नगर पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थी कैंप के प्रधान नेहरू लाल से विस्तार से बात की है।
मास्टर मूलचंद के साथ जब हम बस्ती की बच्चियों, महिलाओं और दूसरे लोगों से मिलने के लिए निकले तो चारों तरफ से आने वाले नाले के पानी और खासतौर से बारिश में झेले जाने वाले अपने उस दौर के बारे में भी बताया जब बस्ती में घुटने से ज़्यादा पानी भर जाता है और ये लोग सड़क पर होते हैं। जहाँ से भी इन्हें वापस खदेड़ दिया दिया जाता है क्योंकि उनके पास कोई लिखित परमीशन नहीं होता। तब कई लोग बस्ती में रुके पानी में मच्छरों के प्रकोप के कारण डेंगू और मलेरिया के शिकार होते हैं।
इस साल भी कई शिकार हुए और कुछ अभी भी कैंप में बीमार हालत में मौजूद थे। जो आधार कार्ड या भारत का कोई भी स्थाई प्रमाण पत्र न होने के कारण ये सरकारी अस्पताल में अपना ईलाज भी नहीं करा पातें। मजबूरन इन्हें प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है और अपनी खस्ताहाल ज़िन्दगी में बड़ी आर्थिक मार झेलनी होती है। जो किसी तरह दिहाड़ी मजदूरी या मोबाइल के कवर-वगैरह बेचकर गुजारा करने वाले इन परिवारों के लिए समस्या को और बढ़ाने वाली होती है।
महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर नए आरोप लगाए हैं। मलिक ने ट्विटर पर एक चिट्ठी जारी की है। उनका दावा है कि यह पत्र उन्हें एनसीबी के एक अनाम अधिकारी से मिला है। चार पन्नों के पत्र में वानखेड़े पर बॉलीवुड स्टारों से वसूली करने के आरोप लगाए गए हैं। मलिक ने अपने ट्वीट में बताया है कि वे इस पत्र को डीजी नारकोटिक्स को भेज रहे हैं। यह पत्र वानखेड़े के खिलाफ एनसीबी की जाँच का हिस्सा होना चाहिए।
पत्र में अनाम अधिकारी ने कहा है कि वह बीते दो साल से एनसीबी के मुंबई कार्यालय में तैनात है। इसमें कहा गया है कि सुशांत सिंह राजपूत केस में जब ड्रग्स एंगल की जाँच सौंपी गई तो राकेश अस्थाना ने अपने खास कमलप्रीत सिंह मल्होत्रा को एसआईटी प्रभारी बनाकर मामला सौंप दिया। डायरेक्टरेट आफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI) से वानखेड़े को एनसीबी में लाकर जोनल डायरेक्टर के पद पर ज्वाइन करवाया गया। पत्र में दावा किया गया है कि वानखेड़े को यह तैनाती अमित शाह के कहने पर मिली। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बनने से पहले अस्थाना एनसीबी के डीजी थे।
Here are the contents of the letter received by me from an unnamed NCB official. As a responsible citizen I will be forwarding this letter to DG Narcotics requesting him to include this letter in the investigation being conducted on Sameer Wankhede pic.twitter.com/SOClI3ntAn
— Nawab Malik نواب ملک नवाब मलिक (@nawabmalikncp) October 26, 2021
पत्र में दावा किया गया है कि इसके बाद ड्रग्स मामले में बॉलीवुड से जुड़े लोगों को फँसाने और उनसे वसूली का सिलिसिला शुरू हुआ। इसके अनुसार दीपिका पादुकोण, करिश्मा प्रकाश, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह, भारती सिंह, हर्ष लिम्बाचिया, रिया चकवर्ती, सौविक चकवर्ती, अर्जुन रामपाल से उगाही की गई। यह वसूली वकील अयाज खान ने करके दी। पत्र में अयाज को वानखेड़े का दोस्त बताते हुए कहा गया है कि वह एनसीबी आफिस बेरोकटोक आता-जाता है। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि वानखेड़े जब भी किसी बॉलीवुड कलाकार को पकड़ता है तो उसे वकील के तौर पर अयाज की सेवा लेने को कहा जाता है। उगाही के मामले में यह भी दावा किया गया है कि मल्होत्रा और वानखेड़े ने वसूली कर अस्थाना को भी हिस्सा दिया।
इस पत्र में कई मामलों का जिक्र किया गया है। उल्लेखनीय है कि बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग्स केस में जब से गिरफ्तार किया गया है, तभी से वानखेड़े के खिलाफ बयानबाजी हो रही है। नवाब मलिक उनके खिलाफ एक के बाद एक आरोप लगा रहे हैं। मलिक के दामाद समीर खान को भी ड्रग मामले में जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। समीर खान अभी जमानत पर बाहर है।
इससे पहले ने एक सर्टिफिकेट ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि ये सर्टिफिकेट समीर वानखेड़े का है, जिसमें उनके पिता का नाम ‘दाऊद’ लिखा हुआ है। इन आरोपों को निराधार बताते हुए वानखेड़े के पिता ने इंडिया टीवी न्यूज चैनल को बताया था, ”मेरा नाम दाऊद नहीं, ज्ञानदेव वानखेड़े है। मेरे पास सारे सबूत हैं। एसएसई, बीए, पोस्ट ग्रेजुएशन, एलएलबी के सर्टिफिकेट हैं मेरे पास। इन सबमें मेरा नाम ज्ञानदेव वानखेड़े है। मुझे समझ नहीं आ रहा है दाऊद नाम कहाँ से आया।” उन्होंने कहा कि जिस तरह से आरोप लगाने वाला बोल रहा है, उससे तो यही लगता है कि यह उसी का कोई फर्जीवाड़ा है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है। इसे लेकर दावा है कि ये ईरान के अजरबैजान के नए गवर्नर अबेदिन खोर्रम का है जिसमें एक आदमी उन्हें थप्पड़ मार रहा है। खबरों के मुताबिक, शनिवार (23 अक्टूबर 2021) को जिसने नए गवर्नर को एक समारोह के दौरान थप्पड़ जड़ा वो शख्स इस बात से नाराज था कि उसकी बीवी को किसी पुरुष मेडिकल स्टाफ ने वैक्सीन लगा दी।
इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने आरोपित शख्स को पकड़ लिया और उसे घसीटते हुए बगल के दरवाजे से बाहर किया। शुरुआत में हमले के कारण को अज्ञात बताया गया। लेकिन बाद में वैक्सीन वाला एंगल सामने आया। हालाँकि नए गवर्नर की सुरक्षा के लिए, घटना के फौरन बाद उन्हें पोडियम से अलग ले जाया गया। समारोह में मौजूद लोगों ने कहा कि वो हमलावर को नहीं जानते।
बता दें कि खोर्रम उन लोगों में से हैं जिन्हें साल 2013 में सीरिया में रिबेल फोर्सेज ने 48 अन्य ईरानियों के साथ किडनेप कर लिया था। उन्हें हाल में राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने 17 अक्तूबर 2021 को गवर्नर नियुक्त किया है। सोशल मीडिया पर उनके साथ घटी घटना की वीडियो शेयर हो रही है। स्टेज पर लगे साउंड सिस्टम के कारण झापड़ की आवाज साफ सुनी जा सकती है। देख सकते हैं कि कैसे सादे कपड़ों वाले सुरक्षाबल फौरन आ गए और उस आदमी को वहाँ से बाहर किया गया।
खोर्रम ने इस बाबत कहा, “मैं उसे निश्चित रूप से नहीं जानता, लेकिन आपको पता होना चाहिए…जब मैं सीरिया में था तो मुझे दुश्मन द्वारा दिन में 10 बार मारा जाता था और पीटा जाता था।” उन्होंने बताया, “10 बार उन्होंने मेरे सिर पर गन लोड करके रखी। मैं इसको भी उन्हीं दुश्मनों में से एक मान रहा हूँ लेकिन फिर भी माफ करता हूँ।” इस मामले में बाद में जाकर खुलासा हुआ कि जिसने राज्यपाल को झापड़ मारा वो अपनी बीवी को पुरुष मेडिकल स्टाफ द्वारा कोरोना वैक्सीन लगने के कारण नाराज था।
मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक अपने बयानों को लेकर आए दिन चर्चा में रहते हैं। पिछले दिनों उन्होंने दावा किया था कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए उन्होंने ऐसी डील कैंसिल की थी, जिससे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लोग और अंबानी जुड़े थे। उन्होंने कहा था कि इन डील के बदले उन्हें 150-150 करोड़ रुपए देने की पेशकश की गई थी। बावजूद उन्होंने इसे ठुकरा दिया।
अब उन्होंने इस दावे में आरएसएस का नाम घसीटने को लेकर माफी माँगी है। दैनिक भास्कर को दिए टेलीफोनिक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है, “इस मामले से RSS का कोई लेना-देना नहीं है। मुझे RSS का नाम भी नहीं लेना चाहिए था। ऐसे तो व्यक्तिगत तौर पर लोग व्यापार कर ही रहे हैं। उसमें RSS कहीं नहीं हैं। अगर वो आदमी RSS से जुड़ा हुआ भी था तो उसमें RSS की कोई गलती नहीं है। मुझे RSS की तरफ से कोई धमकी नहीं दी गई थी। पहले मामले में भी अंबानी खुद नहीं था। उनकी तरफ से काम करने वाली एक कंपनी थी।”
उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा, “मेरे कहने से आप एक बात जरूर लिखना कि मुझ से उस दिन गलती हुई थी। मैंने किसी व्यक्ति के संबंध में RSS का नाम लिया। इसमें RSS कहीं नहीं आती। हर आदमी व्यक्तिगत रूप से व्यापार करता है। मुझे RSS का नाम नहीं लेना चाहिए था। मैं इसके लिए माफी चाहता हूँ।”
जब उनसे अपनी बात से पलटने को लेकर सवाल किया गया तो उनका जवाब था, “लोगों का रिएक्शन तो आता ही है कि RSS के बारे में ऐसा-वैसा नहीं कहना चाहिए था। मुझे खुद भी एहसास हुआ कि मुझसे गलती हो गई है।” रिश्वत की पेशकश होने पर कार्रवाई क्यों नहीं की, के जवाब में मलिक ने कहा, “यह रिश्वत की पेशकश नहीं थी। मुझे बताया गया था कि इसमें इतना पैसा शामिल है, जो बीच के लोग हैं उनको मिल जाएगा। अगर आप लेंगे तो आपको भी मिल जाएगा, लेकिन मैंने मना कर दिया था।”
इस इंटरव्यू में अपने पूर्व के दावों को लेकर यू टर्न लेने वाले मलिक ने गोवा में भ्रष्टाचार को लेकर अब एक नया दावा किया है। टीवी टुडे ग्रुप को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि गोवा की बीजेपी सरकार कोरोना संकट से से तरीके से नहीं निपट पाई। जो कुछ हुआ उसमें उसमें भ्रष्टाचार था। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार की बात करने पर ही उन्हें गोवा से हटाया गया। उन्होंने गोवा सरकार की घर-घर राशन बांटने की योजना को अव्यवहारिक बताया। वहीं एयरपोर्ट के पास खनन और नया राज्यभवन बनाने के राज्य सरकार के फैसले की भी आलोचना की। उल्लेखनीय है कि मलिक गोवा के राज्यपाल भी रहे हैं।
24 अक्टूबर 2021 को हुए टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच से कई लोगों की भावनाएँ जुड़ी हुई थीं। दोनों देशों के लोग नहीं चाहते थे कि उनकी टीम हारे। लेकिन पाकिस्तान की जीत के बाद भारत में कुछ लोग ऐसे दिखे जो पाकिस्तान की जीत और भारत की हार पर जश्न मनाते रहे और बाकायदा उस रात पटाखे फोड़े। अब पुलिस ने इन्हीं लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। वहीं उस टीचर के ख़िलाफ़ भी एक्शन लिया गया जो व्हॉट्सएप स्टेटस के जरिए जश्न मना रही थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वाले छात्रों पर केस दायर किया है। बताया जा रहा था कि श्रीनगर के डाउनटाउन में कई जगह पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाया गया। मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने भी इस मैच के नतीजों पर खुशी मनाई। अब पुलिस इस मामले में अपनी जाँच कर रही है।
स्थानीय खबरों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। श्रीनगर की न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी है कि पुलिस ने दो मामलों पर अलग से संज्ञान लिया है। एक SKIMS अस्पताल के होस्टल में हुई घटना पर है और दूसरी घटना भी करण नगर के मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में घटी थी।
सौरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक प्राथमिकी के अनुसार, “पाकिस्तान के एक दिवसीय क्रिकेट मैच जीतने के बाद 24 और 25 अक्टूबर 2021 की मध्यरात्रि के दौरान, छात्रावास में रहने वाले एमबीबीएस और अन्य डिग्री हासिल करने वाले छात्रों ने नारे लगाए और पटाखे फोड़े।” इस एफआईआर के अनुसार केस को यूएपीए की धारा 13 और आईपीसी की धारा 105ए और 505 के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस ने करण नगर के जीएमसी होस्टल में रहने वाले छात्रों के ख़िलाफ़ भी यूएपीए की धारा 13 के तहत केस को दर्ज किया है, जो पाकिस्तान के मैच जीतने के बाद रोते हुए झूम रहे थे। पुलिस का कहना है कि ये केस अभी खुला है और आरोपितों की पहचान होना अभी बाकी है।
PAK समर्थक शिक्षिका हुई निष्कासित
यहाँ बता दें कि 24 अक्टूबर 2021 को पाकिस्तान की जीत के बाद कई जगहों से ऐसी खबरें आईं कि वहाँ कुछ लोगों ने बम-पटाखे फोड़े और पाकिस्तान के लिए नारे बुलंद किए। इसी क्रम में उदयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में भी एक नफीसा नाम की शिक्षिका के विरुद्ध कार्रवाई हुई है। उसने वॉट्सएप स्टेटर पर लिखा था ‘हम जीत गए’। इस पर एक अभिभावक ने उससे सवाल किया कि क्या वो पाकिस्तान को समर्थन देती हैं। जिस पर उसने जवाब दिया ‘हाँ’। इसके बाद उसी अभिभावक ने इस स्क्रीनशॉट को स्कूल प्रशासन को भेज दिया और बाद में टीचर को निष्काषित कर दिया गया। सोशल मीडिया पर उसका टर्मिनेशन लेटर वायरल है। इसमें लिखा है कि नीरजा मोदी स्कूल की अध्यापिका नफीसा अटारी को सोजतिया चेरिटेबल ट्रस्ट की मीटिंग के निर्णय के अनुसार नीरजा मोदी स्कूल से तुरंत प्रभाव से निष्कासित कर दिया जाता है।
केरल के एर्नाकुलम जिले में इस साल की शुरुआत (15 जनवरी, 2021) में एक स्पेशल नॉन-हलाल रेस्तराँ खोलने वाली तुशारा अजीत नाम की महिला पर जानलेवा हमला हुआ है। उन पर सोमवार (25 अक्टूबर 2021) को बेरहमी से हमला किया गया। महिला ने अस्पताल के बिस्तर से फेसबुक लाइव कर लोगों को इस हमले के बारे में जानकारी दी।
श्रीमती तुशारा पलारीवट्टोम में नंदुस किचन नामक अपने रेस्तराँ में केवल नॉन-हलाल खाना सर्व करवाती हैं। रेस्तराँ के उद्घाटन के दौरान उन्होंने उसके बाहर एक बैनर लगवाया था, जिसमें लिखा था, “नॉन-हलाल, हलाल बक्षणम निशिधम (हलाल भोजन यहाँ प्रतिबंधित है)।” उस दौरान कई मुसलमानों ने नॉन-हलाल रेस्तराँ को चलाने पर आपत्ति जताई थी।
तुशारा की बेटी ने अपनी माँ को एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाने का एक वीडियो भी साझा किया है। इसमें आप देख सकते हैं कि उन्हें बदमाशों ने कितनी बेरहमी से पीटा है।
स्थानीय न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, जो महिला आज अपने रेस्तराँ की दूसरी ब्रांच खोलने जा रही थी, उसके साथ टेको पार्क में मारपीट की गई।
रिपोर्ट बताती है कि तुशारा को अपने नॉन-हलाल रेस्तराँ की दूसरी ब्रांच खोलने के लिए इस्लामवादियों से धमकियाँ मिल रही थीं। ठीक उसी तरह जैसे उन्हें पहली बार ब्रांच खोलने पर मिल रही थी। इस्लामवादी नॉन-हलाल बोर्ड लगाने के खिलाफ धमकी दे रहे थे। श्रीमती तुशारा ने अपने फेसबुक लाइव में यह भी कहा कि उनकी रेस्तराँ में नॉन-हलाल खाना परोसने और उसके बाहर इसका पोस्टर लगाने की वजह से उन्हें बेरहमी से पीटा गया।
हमले की निंदा करते हुए केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने ट्वीट किया, ”श्रीमती तुशारा अजीत पर हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हलाल होटल के लिए न मानने पर मुस्लिम कट्टरपंथियों के एक समूह ने महिला उद्यमी पर बेरहमी से हमला कर दिया। कक्कानाड में जो हुआ वह तालिबानी कार्य से कम नहीं है। मैं केरल के लोगों से हलाल का बहिष्कार करने की अपील करता हूँ।”
Strongly condemn the attack against Smt.Thushara Ajith. A group of Muslim fanatics brutally attacked the woman entrepreneur due to non-compliance of Halal in her hotel. What happened in Kakkanad is nothing less than Talibanism. I urge the people of Kerala to reject #HalalInvasion
@lotophagus हैंडल से एक ट्विटर यूजर ने लिखा: “तुषारा अजित ने पिछले साल केरल में पहला नॉन-हलाल होटल शुरू किया था। आज वह अस्पताल में है, दूसरी ब्रांच खोलने की कोशिश करने पर जिहादियों ने उन पर हमला कर दिया।” ट्विटर यूजर के अनुसार, बदमाशों के खिलाफ आत्मरक्षा में रेस्तराँ कर्मचारियों द्वारा जवाबी कार्रवाई के बाद केरल पुलिस तुशारा की तलाश कर रही है।
Thushara Ajith started the first ever Non-halal hotel in Kerala last year. Today she’s in the hospital, beaten up by Jihadis for trying to open a 2nd branch. Police are now trying to arrest HER since her employees beat the attackers, in self-defense.#SayNotoHalalInvasionpic.twitter.com/KEmjYqgo6o
गौरतलब है कि एर्नाकुलम के इस रेस्तराँ को तुशारा ने जनवरी 2021 में शुरू किया था। उन्होंने बताया था कि जब इसे शुरू किया गया था कई मुस्लिमों ने उनके इस विचार का विरोध किया था, लेकिन उन्होंने सभी की बातें सुनने के बाद भी अपने इस आइडिया पर काम किया। उन्होंने कहा था, “मुस्लिमों ने लगातार कहा कि ये सब ठीक नहीं है। जब भी हिंदू कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, मुस्लिम हस्तक्षेप जरूर करते हैं।”
एर्नाकुलम के इस रेस्तराँ में तमाम ग्राहक बिना किसी आपत्ति के खाना खाने आते हैं। इसके आधार पर महिला कहती हैं, “जिन्हें मेरे नॉन-हलाल कॉन्सेप्ट से आपत्ति नहीं है उनका मैं स्वागत करती हूँ और जिन्हें परेशानी है, उनके पास यहाँ न आने का विकल्प है।”
असम में दीवाली के मौके पर पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐलान किया गया था। अब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि ये आदेश सरकार से सलाह-मशविरा किए बिना ही जारी किया गया था। सीएम सरमा ने कहा, “असम पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने खुद संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विचार-विमर्श किए बिना ही पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया कर दिया और कई अन्य बंदिशें लगाईं। हमने इसका संज्ञान लिया है।”
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इस पूरे मामले की समग्र रूप से ताज़ा समीक्षा की जा रही है और इस दौरान जनभावनाओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है। बता दें कि ‘असम पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड’ ने ‘ग्रीन क्रैकर्स’ के अलावे सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। उसने कहा था कि ‘नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT)’ के दिशानिर्देशों के अनुरूप ही दीवाली से पहले ये फैसला लिया गया है।
आदेश में कहा गया था कि अगली अधिसूचना जारी होने तक ये तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा। इसका अर्थ था कि हिन्दू त्योहारों के मौसम में पटाखों पर प्रतिबंध रहेगा। वायु प्रदूषण को नियंत्रण में रखने का हवाला देते हुए ये आदेश जारी किया गया था। PCB के अध्यक्ष अरूप कुमार मिश्रा ने बताया था कि सभी एसपी और डिप्टी कमिश्नरों को पत्र लिख कर बोर्ड ने इस आदेश का पालन करवाने को कहा है।
Assam Pollution Control Board has, reportedly, suo motu, without any consultation with Govt, issued an order banning sale of firecrackers & other restrictions. We’ve taken note of this. The entire issue is being reviewed afresh, holistically, keeping people’s sentiments in mind.
साथ ही राज्य की पुलिस को निर्देश दिए गए थे कि वो पटाखों की सप्लाई पर रोक लगाए। अवैध रूप से पटाखे बेचने वालों को सज़ा दिलाने की बात भी कही गई थी। बोर्ड ने कहा था कि वो सिर्फ सलाह और दिशानिर्देश ही जारी कर सकता है, ऐसे में ये पुलिस-प्रशसान के ऊपर है कि वो पटाखे बेचने वालों को गिरफ्तार करे। साथ ही बोर्ड ने रोज की कार्रवाई का ब्यौरा भी तलब किया था। ‘ग्रीन क्रैकर्स’ फोड़ने के लिए भी दीवाली के दिन बस 2 घंटे का समय दिया गया था।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के खिलाफ मिली जीत के बाद के जश्न और पाकिस्तानियों के हुड़दंग की कई खबरें आपने देखी-सुनी होगी। पहली बार वर्ल्ड कप क्रिकेट में पाकिस्तान ने भारत को हराया है। यही वजह है कि जीत के जश्न में वो बावले से नजर आए तो वहीं भारत के भी कॉन्ग्रेसी, लिबरल और वामपंथी गिरोह उनके ताल पर अपना असली रंग दिखाता नजर आया। सोचिए क्या होता यदि इस बार भी पाकिस्तान हार गया होता? तो शायद इसकी कीमत पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दुओं को एक बार फिर चुकानी होती। जिसके बारे में ऑपइंडिया को एक पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थी ने ही बताया।
वर्ल्ड कप में भारत के हार से बहुतों को निराशा है तो वहीं काफी लोग ऐसे भी हैं जो पाकिस्तान की जीत पर खुशियाँ मना रहे हैं, पटाखे फोड़ रहे हैं लेकिन पाकिस्तानी हिन्दुओं के एक शरणार्थी कैंप में सन्नाटा है। यह कैंप दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में है, जहाँ बिजली और पानी जैस तमाम मूलभूत समस्याओं के बीच गुजर-बसर करने को मजबूर पाकिस्तान के सिंध सूबे से आई एक हिन्दू महिला शरणार्थी ने बताया पाकिस्तान कल जीत गया दुःख हुआ। इसके पहले जब भी इंडिया से क्रिकेट में हारता था पाकिस्तान तो इसका बदला वहाँ हिन्दुओं की लड़कियाँ उठा कर लेता था। उनके ऐसा बताते ही मुझे आश्चर्य हुआ कि भारत से क्रिकेट में हार का बदला भी हिन्दुओं से? मैंने उनसे डिटेल में जानना चाहा तो पहले वो बचती रहीं। कहा डरती हूँ, परिवार के मम्मी-पापा, भाई-बहन सब पाकिस्तान में हैं, उनको खतरा हो सकता है।
कैंप के बाहर एक छोटी सी दुकान चलाने वाली महिला ने डरते हुए ही अपनी बात शुरू कीं तो बताया कि बहुत सी बातें है, पाकिस्तान में हमारे परिवार के काफी लोग हैं, उनको खतरा है। लेकिन मैं आपको बता रही हूँ जब भारत पाकिस्तान को हराता है तो वहाँ हिन्दुओं की लड़कियाँ उठा तक ली जाती हैं। भारत से हार का बदला लेने के लिए।
चार-पाँच साल पुरानी एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया, “कोहली (विराट कोहली) मैच जीत गया तो वहाँ गुजराती हिन्दुओं की तीन लड़कियाँ उठा ली गई थीं। मैच में हारने पर ऐसे बुरा हाल करते हैं। पाकिस्तान की पुलिस भी कुछ नहीं करती। कभी लड़कियाँ वापस आती हैं, कभी नहीं आती, हम थक-हार कर घर बैठ जाते हैं।”
पाकिस्तान में अपने परिवार के प्रति चिंतित हिन्दू शरणार्थी महिला जो 2011 से ही भारत में रह रही हैं, उन्होंने कहा, “मैं वीडियो पर नहीं बोलती, क्या पता पाकिस्तान में मेरे परिवार के साथ क्या हो जाए, उनको मार-काट दिया जाए।” हालाँकि, थोड़ी ही देर बाद वह बात करने को तैयार हो गईं। फिर भी डर उनकी बातों से साफ झलक रहा था।
उन्होंने पाकिस्तान में अपने इलाके की एक घटना का जिक्र किया, जब गुजराती हिन्दुओं की तीन लड़कियाँ पाकिस्तान के हार पर हिन्दुओं की बस्तियों से उठा ली गई थी। उनके हिसाब से यह घटना कोई चार-पाँच साल पुरानी है। उनका यह भी कहना है कि ऐसा अक्सर होता है। क्रिकेट में जब भी पाकिस्तान भारत से हारता है तो पागल हो जाता है। बहुत जुलुम होता है वहाँ हिन्दुओं पर, कहते हैं तुम्हारा इंडिया जीत गया इसलिए उठा ली तुम्हारी लड़कियाँ।
पाकिस्तान से अक्सर उनके परिवार के लोगों से जब भी बात होती है हिन्दुओं पर ऐसी जुल्म की कहानियाँ साझा करते हैं। भारत में एक झुग्गी में रहते हुए उन्हें भी अपने परिवार की उतनी ही चिंता है कि सभी लोग भारत आ जाएँ लेकिन यहाँ उन्हें 10 सालों में उतनी सुविधाएँ नहीं मिल पाईं हैं जो एक साधारण जीवन जीने के लिए जरूरी है। उनकी बातों में उनकी दुविधा भी साफ़ दिख रही थी। क्रिकेट में हार का बदला भी हिन्दुओं से यह बात जरूर हैरान करने वाली है कि पाकिस्तान में हिन्दुओं के हालत कितनी बद्तर हैं। कहीं न कहीं इज्जत और जान की सलामती की वजह से ये पाकिस्तानी हिन्दू यहाँ असुविधाओं में भी बेहतर जीवन की उम्मीद लिए समय काट रहे हैं।
उनसे हमारी बात ने पाकिस्तान में हिन्दुओं के हालात पर बहुत कुछ सोचने को विवश कर दिया। क्रिकेट तो खैर पाकिस्तान जंग समझ कर ही खेलता है और वहाँ के लोग देखते हैं। इसलिए हार की जीतनी भी भीषण प्रतिक्रिया आप सोच सकते हैं वैसी कई खबरें पहले भी आती रही हैं। आपने पहले भी ऐसी खबरें सुनी और देखी होंगी जब पाकिस्तान भारत से हारने के बाद TV फोड़ता, आगजनी करता नजर आया होगा तो वहीं रविवार (24 अक्टूबर 2021) को T-20 वर्ल्ड कप में जब पाकिस्तान ने भारत को हराया तो वर्षों बाद मिली यह जीत भी पचा नहीं पाया। रात में ही इस्लामाबाद, कराची, रावलपिंडी और क्वेटा जैसे बड़े शहरों में हजारों की भीड़ सड़कों पर उतर आई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने हवाई फायरिंग कर अपनी खुशी का ऐसा इजहार किया कि अकेले कराची में ही अलग-अलग जगह हुई हवाई फायरिंग में 12 लोगों को गोली लगने की खबर है।
इतना ही नहीं पाकिस्तान ने कल की इस जीत को मजहबी रंग भी दे डाला है। पाकिस्तान के मंत्री शेख रशीद ने भारत के खिलाफ मिली इस जीत को पूरे इस्लाम की जीत करार दिया और दुनिया भर के मुस्लिमों को फतह की मुबारकबाद दी। तो सोचिए पाकिस्तान में हार की कितनी भीषण प्रतिक्रिया होती होगी।
बता दें कि T20 विश्व कप में भारत का पहला मुकाबला रविवार को पाकिस्तान से हुआ। इस मैच में टीम इंडिया को 10 विकेट से एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान की जीत के साथ ही विश्व कप में भारत के हाथों उसकी लगातार 12 हार का सिलसिला भी टूट गया। भारत के विरुद्ध T20 मैचों में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की साझेदारी सर्वाधिक है। साथ ही पहली बार T20 में भारत 10 विकेट से हारा। बाबर आजम ने 52 गेंदों पर 68 रन बनाए तो मोहम्मद रिजवान ने 55 गेंदों पर 79 रनों की पारी खेली। दोनों ही बल्लेबाज नाबाद रहे।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक के नए आरोपों के बाद उनके पिता ज्ञानदेव वानखेड़े ने पलटवार किया है। दरअसल, नवाब मलिक ने एक सर्टिफिकेट ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने दावा किया है कि ये सर्टिफिकेट समीर वानखेड़े का है, जिसमें उनके पिता का नाम ‘दाऊद’ लिखा हुआ है।
इन आरोपों को निराधार बताते हुए समीर वानखेड़े के पिता ने इंडिया टीवी न्यूज चैनल को बताया, ”मेरा नाम दाऊद नहीं, ज्ञानदेव वानखेड़े है। मेरे पास सारे सबूत हैं। एसएसई, बीए, पोस्ट ग्रेजुएशन, एलएलबी के सर्टिफिकेट हैं मेरे पास। इन सबमें मेरा नाम ज्ञानदेव वानखेड़े है। मुझे समझ नहीं आ रहा है दाऊद नाम कहाँ से आया।” उन्होंने कहा कि जिस तरह से आरोप लगाने वाला बोल रहा है, उससे तो यही लगता है कि यह उसी का कोई फर्जीवाड़ा है।
ज्ञानदेव वानखेड़े से जब पूछा गया कि नवाब मलिक ऐसा क्यों करेंगे, इस पर समीर के पिता ने कहा, “मेरे बेटे ने नवाब मलिक के दामाद को गिरफ्तार किया था। वो 8 से 10 महीना जेल में बंद था। इससे पहले वो कुछ नहीं बोला, लेकिन अब वो जल रहा है। इसलिए ऐसा कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे बेटे ने 15 सालों में किसी से भी एक पैसा भी नहीं लिया है। आप किसी से भी पूछ सकते हैं। इसके (नवाब मलिक के) दमाद को जब गिरफ्तार किया गया था, उस समय ये नहीं बोला। अब उसका दामाद जमानत पर रिहा हो गया है, तब ये बोल रहा है।”
#TargetWankhede | My son is paying the price for his honesty; is this how UPSC aspirants will take inspiration if one has to suffer this way for being an honest officer?: Sameer Wankhede’s father on controversy over allegations levelled by Nawab Malikhttps://t.co/oefJxIhn1Dpic.twitter.com/YeTNQ0QHIl
वो यही नहीं रुके उन्होंने रिपोर्टर को अपने सभी सरकारी दस्तावेज भी दिखाए, जिसमें उनका नाम ज्ञानदेव वानखेड़े है। उन्होंने बताया कि उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी सहित सभी सरकारी दस्तावेजों में भी उनका नाम ज्ञानदेव वानखेड़े ही लिखा हुआ है।
उन्होंने कहा कि जिसे समीर का जाति प्रमाण बताया जा रहा है, वह भी पूरी तरह से गलत है। ये उसी (नवाब मलिक) का फर्जीवाड़ा है। उसके तो रावण जैसे 10 मुँह हैं। 10 लंबे-लंबे हाथ हैं वो तो कुछ भी कर सकता है। उन्होंने कहा, “मुझे 60 साल से कोई फर्जीवाड़ा नहीं लगा। मेरे डिपार्टमेंट को 35 साल में कोई फर्जीवाड़ा नहीं लगा। कहीं भी दाऊद नहीं आया। मेरा बेटा 15 सालों में आईबी के अलावा अलग-अलग डिपार्टमेंट में रहा है कभी भी ऐसा नहीं हुआ।”
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक द्वारा उन पर लगाए गए आरोप के खिलाफ समीर वानखेड़े ने कोर्ट से कहा कि उन्हें धमकी दी जा रही है और उनकी बहन व स्वर्गवासी माता को निशाना बनाया जा रहा है। समीर वानखेड़े ने मुंबई के पुलिस कमिश्नर को पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें झूठे केस में फँसाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने ये भी कहा है कि वह हर तरह की जाँच के लिए तैयार हैं।
दरअसल, बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग्स केस में जब से गिरफ्तार किया गया है, तभी से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ बयानबाजी हो रही है। एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक उनके खिलाफ एक के बाद एक आरोप लगा रहे हैं। गौरतलब है कि नवाब मलिक के दामाद समीर खान को भी ड्रग मामले में जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। समीर खान अभी जमानत पर बाहर है।