Home Blog Page 3297

UP के सोनभद्र में बारावफात पर निकला जुलूस, पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा: Video वायरल होने के बाद एक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के जिला सोनभद्र से बारावफात के जुलूस में पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो 19 अक्टूबर 2021 (मंगलवार) का बताया जा रहा है। सोनभद्र पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के समर्थन में यह नारा सोनभद्र के ओबरा में लगाया गया है। 30 सेकेण्ड के इस वीडियो में मुस्लिमों की एक भीड़ ईद मिलादुन्नबी का का जश्न मनाती दिख रही है। इस बीच नारेबाजी शुरू हो जाती है। इसी बीच एक व्यक्ति पाकिस्तान ज़िंदाबाद बोलने लगता है।

ओबरा के जिस क्षेत्र में यह नारेबाजी हुई है उसका नाम अहमदनगर बताया जा रहा है। इस नारेबाजी के विरोध में हिन्दू संगठनों ने पुलिस से फ़ौरन आरोपितों पर एक्शन लेने की माँग की। इसी के साथ सुभाष तिराहे पर पाकिस्तान का पुतला फूँका गया। पाकिस्तान के विरुद्ध नारेबाजी भी हुई और ओबरा थाने में कार्रवाई के लिए ज्ञापन भी दिया गया।

सोनभद्र में पाकिस्तान का पुतला फूंकते हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता

इस मामले में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने FIR दर्ज कर कार्रवाई की बात कही है। पुलिस ने बताया कि आरोपित को चिन्हित कर हिरासत में ले लिया गया है। उसे सुसंगत धाराओं में चालान कर के न्यायालय भेजा जा रहा है।

ओबरा पुलिस ने आरोपित पर मुकदमा अपराध संख्या 162/2021 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपित का चालान धारा 153B और 505 भारतीय दंड विधान के तहत किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी बारावफात के जुलूस में पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए गए थे। नोएडा पुलिस ने मामले में 3 आरोपितों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

उत्तरी साइप्रस के प्रधानमंत्री ऑनलाइन ही करने लगे हस्तमैथुन, वीडियो वायरल होने के बाद देना पड़ा इस्तीफा

उत्तरी साइप्रस के प्रधानमंत्री इरसान सानेर का एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ है। यह वीडियो फेसटाइम ऐप पर है। इसमें वो हस्तमैथुन करते हुए दिखते रहे हैं। इसको लेकर उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। आरोप है कि उनका यह वीडियो माफिया ने मीडिया में लीक किया था।

प्रधानमंत्री इरसान सानेर से संबंधित इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि ऑनलाइन चैटिंग के दौरान वह 20 साल की लड़की को बिना कपड़ों के देखे तो खुद पर काबू नहीं रख पाए और हस्तमैथुन करना शुरू कर दिया। 54 वर्षीय सानेर 2 बेटियों के पिता भी हैं।

टर्किश साप्रिओट पार्टी के नेता इरसान सानेर नेशनल यूनिटी पार्टी द्वारा सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद से ही भारी दबाव में थे। बावजूद अब तक वो अपने पद पर बने हुए थे। इस सेक्स वीडियो लीक के बाद हालाँकि उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना ही पड़ा।

वीडियो को बताया एडिटेड

इरसान सानेर ने वीडियो को एडिटेड करार देते हुए आरोप लगाया है कि यह सब उनकी इमेज को खराब करने के लिए किया गया है। उन्होंने वायरल वीडियो क्लिप को झूठा करार दिया और ऑनलाइन सेक्स करने से इनकार किया है। इस घटना को लेकर एक बयान में सानेर ने कहा:

“मुझे इस वीडियो के जरिए टार्गेट किया गया है, जो कि तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल है। यह स्पष्ट हो गया है कि कोई मुझे मेरे प्यारे देश, मेरी पार्टी की सेवा करने से रोकना चाहता है, लेकिन जिसने भी ऐसा किया है वो राजनीतिक तरीके से नहीं, बल्कि खुले आम हमला किया है।”

सानेर ने इसे टर्किश माफिया की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, “यहाँ सिर्फ मैं नहीं हूँ। मुझ पर, मेरे परिवार, मेरी पार्टी और हमारे राजनीतिक संस्थानों पर हमला किया गया। हम अपने कानूनी सलाहकारों के साथ स्थिति का आकलन कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि तुर्की के पत्रकार एर्क एडजियारर ने मंगलवार रात ट्विटर पर सबसे पहले वीडियो के होने की सूचना दी थी। टर्किश साप्रिओट अखबार किब्रिस ने बताया कि वीडियो के मद्देनजर सानेर ने राजनीति से पूरी तरह से हटने का फैसला किया है।

‘साड़ी उठाओ, इसकी पैंटी दिखनी चाहिए’: बॉलीवुड में उर्फी जावेद ने जो झेला वो बताया, आत्महत्या तक करने वाली थीं

बिग बॉस ओटीटी फेम उर्फी जावेद इन दिनों अपने फैशन चॉइस को लेकर सुर्खियाँ बटोर रही हैं। इंडस्ट्री में काम के दौरान इस एक्ट्रेस ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उर्फी ने अपने जीवन से जुड़े कई राज खोले। उन्होंने बताया कि उनके मुस्लिम रूढ़िवादी परिवार में अपनी पसंद का कुछ भी करने की अनुमति नहीं थी। लिहाजा आजादी के लिए वे घर से भाग गईं।

उर्फी जावेद ने ई-टाइम्स से बातचीत में कई राज से पर्दा भी उठाया। इंटरव्यू में बताया कि पहले दिन की शूटिंग के बाद जब उन्हें अश्लील दृश्य करने के लिए मजबूर किया गया, तो उनके मन में आत्महत्या के ख्याल आए थे। उर्फी ने अगले दिन शूटिंग पर जाने से इनकार कर दिया तो निर्माता ने उन्हें जेल भेजने की धमकी दी और उनसे 40 लाख रुपए की माँग की।

उर्फी ने इस सीन के बारे में बताते हुए कहा, “मैं एक वेब सीरीज कर रही थी और उस वक्त प्रोड्यूसर ने कहा कि सजेस्टिव सीन करने होंगे। अगले दिन सेट पर गई तो प्रोड्यूसर ने वो सीन अजीब तरह से करवाया। सीन एक देवर का था। वो मुझे देख रहा था और देखने वाले उस सीन को प्रोड्यूसर ने जबरदस्ती छूने वाला सीन बना दिया। प्रोड्यूसर हीरो को कहने लगी कि साड़ी उठाओ, इसकी पैंटी दिखनी चाहिए। तब मैंने महसूस किया कि उस प्रड्यूसर ने मेरे साथ खेल खेला है। फिर उन्होंने मुझसे फुल फ्लेजेड लेस्बियन सीन करवाया। प्रोड्यूसर बार-बार कह रही थी इसके पैंट में हाथ डालो।”

उर्फी ने आगे कहा, “मैं बेड पर पड़ी रो रही थी। हाथ जोड़ रही थी कि मुझसे मत करवाओ। मुझसे नहीं होगा। लेकिन वो प्रोड्यूसर मुझे लगातार धमकी दे रही थी कि तुमने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। मैं तुम्हें जेल भेज दूँगी। मैं उस वक्त नई थी। मैं क्या करती मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।”

उर्फी जावेद ने अपनी स्ट्रगल स्टोरी शेयर करते हुए कहा, “मैंने अपने करियर में बहुत स्ट्रगल की है। मैं आज भी स्ट्रगल ही कर रही हूँ। मैंने 3000 रुपए प्रति दिन की सैलरी से अपनी जिंदगी शुरू की थी। शुरुआत में मुझे समझ नहीं आता था कि चीजें मेरे मुताबिक क्यों नहीं हो रही हैं। मैंने जो शोसाइन किए वे तीन महीने के अंदर बंद हो गए। मैं 10-12 शोज में काम कर चुकी हूँ, लेकिन इनमें से कोई भी 3 महीनों से ज्यादा नहीं चला।”

उन्होंने कहा, “जब चीजें मेरे मुताबिक नहीं हो रही थीं तब मेरे पास केवल दो ही ऑप्शन थे, या तो मैं मर जाऊँ या फिर मैं स्ट्रगल करूँ। मेरे पास आज भी कोई प्लान बी नहीं है। मैं इन्ही दो ऑप्शन्स के साथ जिंदगी जी रही हूँ। मुझे नहीं लगता है कि मैं कुछ और कर पाती, अगर एक्ट्रेस ना बनती।”

उर्फी ने बोल्ड कपड़ों को लेकर ट्रोल होने पर कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या बोल रहे हैं। ऐसे लोग हैं, जो उन्हें और उनके बिग बॉस की जर्नी को पसंद करते हैं। वहीं कई लोग ऐसे भी है, जो उन्हें पसंद नहीं करते, लेकिन अगर कभी मिले तो मुँह पर गाली नहीं देंगे, जबकि सेल्फी और ऑटोग्राफ माँगेंगे। जैसे कई लोग शाहरुख को ट्रोल कर रहे हैं लेकिन सामने आते ही सेल्फी के लिए दौड़ लगा देंगे।

‘फ्री स्पीच के नाम पर दंगे भड़काने की छूट नहीं’: शरजील इमाम को बेल नहीं, अदालत ने स्वामी विवेकानंद के कहे का भी किया जिक्र

नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में समुदाय विशेष को भारत के खिलाफ़ भड़काने का काम करने वाला जेएनयू छात्र शरजील इमाम जेल में ही रहेगा। उसकी जमानत याचिका दिल्ली के साकेत कोर्ट ने खारिज कर दी है। केस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि शरजील ने जो कहा और किया वो आपराधिक है। फ्री स्पीच के नाम पर दंगे भड़काने की छूट नहीं दी जा सकती।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुज अग्रवाल ने 22 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए कहा, “13 दिसंबर, 2019 के भाषण को सरसरी तौर पर पढ़ने से पता चला कि यह सांप्रदायिक और विभाजनकारी है। कोर्ट ने शरजील की बेल याचिका को खारिज करते हुए स्वामी विवेकानंद के विचार पढ़े। न्यायाधीश ने कहा, “हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं। शब्द गौण हैं, विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं।”

शरजील इमाम के विरुद्ध आईपीसी की धारा 124ए/153ए के तहत मुकदमा दर्ज हो रखा है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उसकी स्पीच की स्क्रिप्ट भी दी गई जिसमें उसने उत्तर भारत के शहरों को बंद करने के लिए मुस्लिमों को भड़काया था। चक्का जाम करने के लिए उकसाया था। दिल्ली के मोहल्लों में दूध और पानी बंद करने की बात कही थी। शरजील ने समुदाय विशेष को भड़काकर कहा था, “असम जल रहा है यहाँ कुछ कीजिए।”

यहाँ बता दें कि अपनी जमानत याचिका में इमाम ने दावा किया था कि उसने किसी भी विरोध या प्रदर्शन के दौरान कभी भी किसी हिंसा में भाग नहीं लिया। उसके मुताबिक वह एक शांतिप्रिय नागरिक है। उसके वकील तनवीर अहमद मीर ने अदालत में उसके भाषण के अंश पढ़े और कहा कि वे देशद्रोह कानून के तहत नहीं आते। इसलिए इमाम पर हिंसा का कोई मामला नहीं बनता। यह देशद्रोह की श्रेणी में कैसे है? 

उल्लेखनीय है कि शरजील इमाम को 13 दिसंबर 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया में दिए एक भाषण के लिए गिरफ्तार किया गया था। उसने 16 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी कथिततौर पर असम और बाकी पूर्वोत्तर को भारत से काटने की धमकी दी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे 28 जनवरी 2020 को अपनी हिरासत में लिया था।

अखिलेश यादव से मिले उमर खालिद के अब्बू सैयद रसूल, CM योगी ने ‘साजिश’ का जिक्र कर कहा- किसी भी हद तक जाएगा विपक्ष

उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से दिल्ली दंगे के आरोपित उमर खालिद के पिता डॉ सैयद कासिम रसूल इलियास ने मुलाकात की। इसके बाद से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। दोनों की इस मुलाकात पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल राजनीति के लिए किसी भी सीमा तक जा सकते हैं। अब इनसे भारत तेरे टुकड़े होने का नारा लगाने वाले के अब्बू मिले हैं।

देश विरोधी नारे लगाने और दिल्ली दंगों के आरोपित उमर खालिद के अब्बा इलियास भी कुछ कम नहीं हैं। वो भी इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया के सदस्य थे। इस प्रतिबंधित संगठन को भारत सरकार ने 2001 में आतंकी संगठन घोषित किया था। उमर खालिद के पिता की पार्टी, वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया ने प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में सपा का समर्थन करने का ऐलान किया था। बता दें कि बीते 2 अक्टूबर को इलियास ने अखिलेश यादव से मुलाकात की थी।

मुख्यमंत्री ने बीजेपी की प्रतिनिधि सभा को संबोधित करते हुए कहा, “विपक्षी दल किसी भी हद तक जा सकते हैं। आपने देखा होगा कि हाल ही में एक पार्टी से मिलने के लिए कौन आया था उमर खालिद के पिता, जो भारत तेरे टुकड़े होंगे कहते हैं।”

सीएम ने आगे कहा, “वह व्यक्ति (उमर खालिद के अब्बा) समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष से मिलने के लिए आता है और उन्हें आश्वस्त करता है कि चिंता मत करो। हम कुछ साजिश रच रहे हैं।” अगर ऐसे लोग सत्ता में आते हैं तो उनसे क्या उम्मीद करते हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पिछली कॉन्ग्रेस, एसपी या बीएसपी सरकारों ने जातिवाद के नाम पर सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर राज्य को दंगों की आग में झोंक दिया। इन सभी पार्टियों का खुद का हित इसी में है।

योगी आदित्यनाथ ने कोरोना का प्रभावी प्रबंधन करने और टीकाकरण अभियान के लिए प्रशंसा की है। सीएम ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस, सपा और बहुजन समाज पार्टी की सरकार में महामारी आई होती तो स्थिति अलग हो सकती थी।

सीएम योगी ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी पर तंज कसते हुए कहा, “ज़रा सोचिए कि क्या होता अगर यह महामारी कॉन्ग्रेस की सरकार के दौरान आती। भाई और बहन इटली भाग गए होते।”

उन्होंने ये भी कहा, “सपा के शासन में महामारी होती तो गरीबों की परवाह किए बिना चाचा (शिवपाल सिंह यादव) और भतीजे (अखिलेश यादव) के बीच इस बात की रेस होती कि माफिया को कौन और कितना ठेका देता है।” उन्होंने आगे कहा, “अगर यह बहनजी मायावती के शासनकाल में होता तो भगवान ही मलिक होता।”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों को अपनी जाति पर गर्व महसूस करने का अधिकार है लेकिन उन्हें राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने उन अत्याचारों को याद किया जो मुलायम सिंह यादव ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान हिंदुओं पर किए थे, जहाँ 2 नवंबर, 1990 को अयोध्या में पुलिस द्वारा सैकड़ों राम भक्त की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

सीएम के मुताबिक, वे रामद्रोही थे, जिन्होंने वोट बैंक के लिए उन पर गोली चलाने का आदेश दिया था। अगर उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार होती तो उन पर गोली चलाने की किसी की हिम्मत नहीं होती।

हालाँकि, इस पर सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, “वह (सीएम) साम्प्रदायिक लाइन के सहारे आने वाले चुनावों का ध्रुवीकरण करने के लिए ऐसे मुद्दों को उठा रहे हैं। हर कोई जानता है कि चुनाव में बीजेपी समाज का ध्रुवीकरण करने की कोशिश करती है।”

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार उमर खालिद को पिछले साल पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगों की साजिश के तहत यूएपीए एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था।

आर्यन ने पूछा- कुछ जुगाड़ (गाँजा) हो सकता है, अनन्या पांडे का जवाब- मैं कर दूँगी: अब एनसीबी से कहा- मैं मजाक कर रही थी

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कार्रवाई जारी है। गुरुवार (21 अक्टूबर 2021) को एनसीबी ने एक्ट्रेस अनन्या पांडे से मामले में पूछताछ की थी, शुक्रवार (22 अक्टूबर 2021) को दूसरे दिन भी अनन्या से पूछताछ होनी है। खबर है कि अनन्या ने आर्यन से गाँजा उपलब्ध कराने की बात कही थी। 

रिपोर्टों के अनुसार आर्यन खान के फोन में अनन्या संग व्हाट्सएप चैट मिले थे। उसके आधार पर ही एक्ट्रेस को एनसीबी से समन मिला था। बताया जा रहा है कि आर्यन-अनन्या की इस चैट में नशे को लेकर बातचीत हो रही थी। यह चैट एनसीबी ने सुनवाई के दौरान अदालत को भी सौंपी थी। 

इंडिया टुुडे की रिपोर्ट के मुताबिक चैट में आर्यन एक जगह अनन्या से गाँजे को लेकर बात कर रहे थे। इस दौरान आर्यन पूछ रहे थे कि कुछ जुगाड़ हो सकता है। इस पर अनन्या ने जवाब दिया था- मैं अरेंज कर दूँगी। NCB ने अनन्या को ये चैट दिखाया और सवाल पूछा, जिस पर अनन्या ने जवाब दिया, “मैं सिर्फ मजाक कर रही थी।” 

गुरुवार को एक्ट्रेस से एनसीबी के दफ्तर में करीब सवा दो घंटे तक पूछताछ की गई। अनन्या से सवाल-जवाब करने के लिए एनसीबी के अफसर समीर वानखेड़े मौजूद थे। अनन्या शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की दोस्त रही हैं। ऐसे में अनन्या से पूछताछ में जाँच एजेंसी आर्यन से जुड़ी हर बात की तह तक पहुँचना चाहती है। अनन्या के साथ उनके पिता चंकी पांडे भी एजेंसी दफ्तर आए थे। लेकिन इंटेरोगेशन रूम में अनन्या अकेली ही थीं। इधर आर्यन खान की न्यायिक हिरासत 30 अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दी गई है।

अनन्या पांडे ने अपने करियर में अभी तक सिर्फ तीन फिल्मों में ही काम किया है। तीनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई हैं। एक्ट्रेस ने करण जौहर की फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 से बॉलीवुड डेब्यू किया था। बता दें कि अनन्या पांडे ने एक बार शाहरुख को अपना दूसरा पिता बताया था। 

T20 क्रिकेट विश्व कप में टॉप का बैट्समैन और बॉलर दोनों भारत का… ट्रॉफी जीतने का चांस केवल 50%: दो महान क्रिकेटरों का अंदाजा

17 अक्टूबर 2021 (रविवार) से शुरू हुए टी 20 क्रिकेट विश्वकप के लिए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने भारत को संभावित विजेता बताया है। उनके अनुसार भारतीय ओपनर के एल राहुल सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज होंगे। सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी ब्रेट ली के अनुसार भारतीय ही होगा। इसके लिए उन्होंने भारत के तेज गेंदबाज़ मोहम्मद शमी का नाम लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रेट ली ने ये भविष्यवाणी ICC से बातचीत के दौरान की है। उन्होंने ये भी कहा है कि ऑस्ट्रेलिया के पास भी अपना पहला टी-20 विश्वकप जीतने का अवसर है। बकौल ब्रेट ली ऑस्ट्रेलिया के पास अच्छे खिलाड़ी हैं जो मैच का पासा पलट सकते हैं।

भारत के जिन बल्लेबाज के एल राहुल द्वारा सबसे अधिक रन बनाने की भविष्वाणी ब्रेट ली ने की है उनका टी 20 क्रिकेट में 40 का रन औसत है। इस साल IPL में तीसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले के एल राहुल थे। उन्होंने 13 पारियों में कुल 626 रन बनाए थे। इन परियों में 6 हॉफ सेंचुरी भी थी।

वहीं शेन वार्न का मानना है कि भारत और इंग्लैंड मौजूदा आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप जीतने के प्रबल दावेदार हैं। भारत जहाँ 24 अक्टूबर को दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ अपने टी-20 विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगा, वहीं इंग्लैंड 23 अक्टूबर को अपने पहले मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ उतरेगा।

शेन वार्न ने ट्वीट करते हुए लिखा, “मुझे लगता है कि इंग्लैंड और भारत टी20 विश्व कप के लिए पसंदीदा के रूप में मैदान में उतरेंगे। न्यूजीलैंड हमेशा ICC इवेंट्स में अच्छा प्रदर्शन करता है, लेकिन मुझे लगता है कि आस्ट्रेलियाई टीम को कम करके आँका जा रहा है, क्योंकि उनकी टीम में भी बहुत सारे मैच विजेता हैं। फिर आपके पास पाकिस्तान और वेस्टइंडीज हैं। मैं यह देखने के लिए उत्साहित हूँ कि कौन जीतेगा।”

29 वर्षीय सलामी बल्लेबाज के एल राहुल ने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ वार्मअप मैच में भी बेहतरीन खेल दिखाया था। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 24 गेंदों में 51 रन बनाए थे। विराट कोहली की कप्तानी में भारत का यह अंतिम टी-20 विश्व कप है। इसके बाद वो टी 20 प्रारूप में भारत की कप्तानी छोड़ देंगे।

इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमों ने हिस्सा लिया है। इस विश्व कप की मेजबानी संयुक्त अरब अमीरात और ओमान ने संयुक्त रूप से किया है। प्रतियोगिता का आयोजन दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम, शेख ज़ायद स्टेडियम, शारजाह आबू धाबी स्टेडियम और ओमान क्रिकेट एकेडमी ग्राऊंड पर किया जा रहा। इस टूर्नामेंट का फाइनल मैच 14 नवम्बर को दुबई में होगा।

जिस निहंग ने लखबीर का हाथ काटा वही लेकर आया था सिंघु बॉर्डर: रिपोर्ट से उठे सवाल, उसके गाँव भी खूब आता-जाता था सरबजीत

सिंघु-कुंडली बॉर्डर पर दलित युवक लखबीर सिंह की 15 अक्टूबर 2021 को निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। निहंग सिखों पर उसकी हत्या का आरोप है। इस मामले में गिरफ्तार निहंगों में सरबजीत सिंह भी है। रिपोर्टों में बताया गया था कि इस मामले में गिरफ्तार अन्य निहंग नारायण सिंह, भगवंत सिंह और गोविंद प्रीत सिंह ने 17 अक्टूबर को कोर्ट के सामने यह कबूल किया था लखबीर की हत्या उन्होंने ही की थी। नारायण सिंह ने कहा था कि उसने टाँग काटी थी, सरबजीत ने हाथ का पंजा काटा था और गोविंद सिंह एवं भगवंत सिंह ने लखबीर को बैरिकेडिंग पर टाँगा था।

इस मामले में सबसे पहले निहंग सरबजीत गिरफ्तार हुआ था। द इंडियन एक्सप्रेस ने पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है कि सरबजीत का लखबीर के साथ संपर्क था। दोनों पहले से ही परिचित थे। कथित तौर पर सरबजीत अक्सर पंजाब के तरनतारन स्थित लखबीर के गाँव चीमा कलां भी जाया करता था। रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि लखबीर को लेकर सरबजीत ही प्रदर्शन स्थल पर आया था।

इस हत्याकांड की जाँच हरियाणा पुलिस कर रही है। कई किसान नेताओं ने इस घटना के पीछे आंदोलन को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया है। इसके बाद अब पंजाब सरकार ने SIT का गठन किया है। पंजाब सरकार द्वारा गठित SIT का नेतृत्व ADGP वरिंदर कुमार कर रहे हैं।

इससे पहले मृत लखबीर के घर वालों ने भी कहा था कि वह सिंघु बॉर्डर तक जाने में सक्षम ही नहीं था। कुछ अज्ञात लोग उसे वहाँ लेकर गए थे। परिवार ने इन आरोपों पर आपत्ति जताई थी कि लखबीर ने धर्मग्रंथ का अपमान किया था। उनके अनुसार लखबीर एक धार्मिक प्रवृत्ति का इंसान था। वो किसी धर्म का अपमान कर ही नहीं सकता था।

पुलिस अधिकारी के अनुसार आरोपित निहंग सरबजीत मात्र 6 वर्ष की ही उम्र में अपने मामा के साथ उनके गाँव गुरुदासपुर स्थित खुजाला में रहने लगा था। सरबजीत के पिता की उम्र 75 वर्ष और माँ की आयु 70 वर्ष है। ये दोनों बगल के गाँव विठवां में रहते हैं। कक्षा 10 पास कर सरबजीत दुबई चला गया था। वहाँ वो लगभग 5 वर्ष रहा।

इस दौरान सरबजीत के मामा बटाला के सुखमनी कॉलोनी में आ र रहने लगे थे। दुबई से लौट कर सरबजीत फिर से अपने मामा के साथ रहने लगा। साल 2007 में सरबजीत की शादी भी हुई थी। लेकिन 10 वर्षों बाद 2017 में उसका तलाक हो गया। इसी साल 2017 में सरबजीत नांदेड़ में हुजूर साहिब गया और वही औपचारिकताएँ पूरी कर निहंग बन गया।

अंतिम बार 2 साल पहले सरबजीत बटाला आया था। वहाँ वह अपने चाचा के बेटे की शादी में शामिल हुआ। सरबजीत का एक भाई है जिसकी उम्र 45 वर्ष है। वो मानसिक रूप से विक्षिप्त है और विथवान में रहता है। सरबजीत की 3 बहनें भी हैं जो विवाहिता हैं।

‘काला जादू’ के लिए अनीश ने माँ-बाप-बेटा-बेटी सबको मार कर गाड़ दिया था, केरल में जहर खाकर खुद मरा

केरल के इडुक्की जिले में अनीश नाम का एक आदमी मरा पाया गया। गुरुवार (21 अक्टूबर 2021) को उसकी लाश आदिमाली के कोरांगट्टी की आदिवासी बस्ती में एक घर के अंदर मिली। यह एक आम खबर होती अगर 2018 में इसी अनीश ने एक ही परिवार के 4 लोगों की निर्मम हत्या न की होती।

पुलिस के अनुसार थेवरकुझियिल अनीश (Thevarkuzhiyil Aneesh) की मौत का कारण जहर पीना हो सकता है। उसकी लाश को देख कर अंदाजा लगाया गया कि मौत लगभग एक सप्ताह पहले हो चुकी थी। अभी तक की जानकारी के अनुसार अनीश शायद जमानत पर जेल से बाहर आया था।

अब कहानी 2018 की। 29 जुलाई की रात को उस साल एक परिवार को मार डाला गया था। आरोप इसी अनीश और इसके दोस्त लिबीश पर लगा था। इन दोनों ने मिल कर अनीश के ‘जादूगर’ गुरु कृष्णन, उनकी पत्नी सुशीला, और उनके बच्चों अर्शा और अर्जुन – सभी को मार डाला था।

हत्या के पीछे का कारण जानेंगे तो चौंक जाएँगे। अनीश को लगता था कि वो बड़ा ‘जादू’ इसलिए नहीं कर पाता है क्योंकि जिस कृष्णन के अंदर वो काम करता है, वो उसके टैलंट को अपने ‘जादू’ से रोक रहा है। अनीश के अनुसार अगर वो कृष्णन को मार देता तो सारा ‘काला जादू’ उसके पास चला आता। और यही पूरे परिवार की हत्या की वजह बनी।

बकरी को पीट कर हत्या को दिया अंजाम

29 जुलाई 2018 की रात अनीश और लिबीश हत्या के मकसद से कृष्णन के घर पहुँचे। कृष्णन को घर से बाहर निकालने के लिए अनीश ने घर के बाहर बंधी एक बकरी को पीटा। बकरी की आवाज सुन जब कृष्णन बाहर आए तो उनके सिर पर वार किया। पीछे-पीछे घर से बाहर निकलीं कृष्णन की पत्नी सुशीला को भी मार डाला गया।

शोर सुन कर बेटी अर्शा हाथ में एक डंडा/रॉड लेकर बाहर आई। उसने अनीश के सिर पर वार किया। लेकिन वो ज्यादा देर तक इन दोनों के सामने टिक नहीं पाई और उसकी भी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। मानसिक रूप से दिव्यांग बेटे अर्जुन को भी मारा गया।

पुलिस के अनुसार, सब को मरा समझ कर अनीश और लिबीश उस रात वापस चले गए। कृष्णन का घर चूँकि एक रबर प्लांटेशन के अंदर स्थित था, तो किसी पड़ोसी के अभाव में लोगों को इस हत्याकांड का पता भी नहीं चला। अगले दिन अनीश और लिबीश सब लाशों को जमीन में गाड़ने आए तो उन्होंने महसूस किया कि अर्जुन मरा नहीं है। फिर पूरे परिवार को दफनाने से पहले अर्जुन को मारने के लिए उसके सिर पर हथौड़े से वार किया था।

फिल्म की शूटिंग के दौरान हीरो से चली गोलीः 42 साल की महिला सिनेमैटोग्राफर की मौत, डायरेक्टर घायल

अमेरिकी अभिनेता एलेक बॉल्डविन न्यू मैक्सिको में फिल्म ‘रस्ट’ की शूटिंग कर रहे थे। इस दौरान उनसे गलती से गोली चल गई। इसमें सिनेमैटोग्राफर हलीना हचिन्स (42) की मौत हो गई। वहीं फिल्म के डायरेक्टर जोएल सूजा (48) घायल हो गए।

न्यू मैक्सिको में शेरिफ कार्यालय ने बताया है कि कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। घटना की जाँच जारी है। हादसा जिस गन से हुआ उसका इस्तेमाल फिल्म में प्रोप गन के तौर पर किया जा रहा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, घायल होने के बाद हलीना को न्यू मैक्सिको के अल्बुकर्क विश्वद्यालय के अस्पताल में ले जाया गया। लेकिन बीच रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं सूजा का दूसरे अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद फिल्म की शूटिंग को रोक दिया गया है। बॉल्डविन इस फिल्म के निर्माता होने के साथ ही लीड एक्टर भी हैं। वह शेरिफ कार्यालय के बाहर आँखों में आँसू भरे दिखाई दिए। बहरहाल उनके खिलाफ अभी तक कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि प्रोप गन में जो गोली इस्तेमाल की गई थी क्या वो असली थी या फिर प्रोजेक्टाइल डिस्चार्ज हुआ था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घटना में अपनी जान गँवाने वाली हलीना हचिन्स हॉलीवुड के उभरते सितारों में एक थीं। उनका नाम अमेरिकी सिनेमैटोग्राफर द्वारा 2019 में देखने के लिए फोटोग्राफर की लिस्ट में शामिल किया था। हचिन्स के पिता सेना में थे और वह यूक्रेन की राजधानी कीव में पली-बढ़ीं थी।