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पंजाब के बाद राजस्थान में फँसी कॉन्ग्रेस: सचिन पायलट दिल्ली में, CM अशोक गहलोत के OSD का इस्तीफा

पंजाब में कल शानिवार (18 सितंबर 2021) को मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के इस्‍तीफे के घटनाक्रम के बीच राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत के एक ऑफिसर ऑन स्‍पेशल ड्यूटी (ओसडी) के एक ट्वीट करने से एक और विवाद सामने आया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने देर रात अपना इस्तीफा सीएम गहलोत को भेज दिया है। इस्तीफे की वजह लोकेश शर्मा द्वारा किया गया एक ट्वीट बताया जा रहा है जिसके बाद कयासों का नया दौर शुरू हो गया था और उनके ट्वीट को पंजाब के घटनाक्रम के साथ भी जोड़कर देखा जाने लगा था।

बता दें कि लोकेश शर्मा सीएम अशोक गहलोत के सोशल मीडिया का कामकाज सँभालते थे। कल शनिवार को राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत के ऑफिसर ऑन स्‍पेशल ड्यूटी (ओसडी) लोकेश शर्मा ने ट्वीट किया था, ”मजबूत को मजबूर, मामूली को मगरूर किया जाए… बाड़ ही खेत को खाए, उस फसल को कौन बचाए!”

ओएसडी शर्मा ने अपने इस्‍तीफे में सीएम गहलोत को संबोधित करते हुए लिखा है, “मेरे द्वारा किए ट्वीट को राजनैतिक रंग देते हुए, गलत अर्थ निकालकर पंजाब के घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है। मैंने आज तक पार्टी लाइन से अलग कॉन्ग्रेस के किसी भी छोटे से लेकर बड़े नेता के संबंध में और प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार को लेकर कभी भी कोई ऐसे शब्‍द नहीं लिखे हैं जिन्‍हें गलत कहा जा सके।”

लोकेश शर्मा ने आपने पत्र में लिखा है, “श्रीमान मेरे आज के ट्वीट से किसी भी रूप में पार्टी, सरकार और आलाकमान की भावननाओं को ठेस पहुँची हो तो मैं करबद्ध रूप से क्षमा चाहता हूँ, मेरी मंशा, मेरे शब्‍द और मेरी भावना किसी को भी किसी भी रूप में ठेस पहुँचाने वाली थी और न कभी होगी। माननीय फिर भी अगर आपको लगता है मेरे द्वारा जान-बूझकर कोई गलती की गई है तो आपके विशेषाधिकारी पद से इस्‍तीफा भेज रहा हूँ, निर्णय आपको करना है।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस आलाकमान सोनिया गाँधी के ‘आई एम सॉरी अमरिंदर’ कहने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद से राजस्थान कॉन्ग्रेस में भी गतिविधियाँ बढ़ीं हैं। जहाँ तरफ पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थकों को उम्मीद है कि पार्टी आलाकमान पंजाब के बाद अब राजस्थान के बारे में निर्णय करेगा। राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष की नियुक्ति अगले कुछ दिनों में होने की उम्मीद पायलट समर्थकों ने जताई है।

वहीं बताया जा रहा है कि पायलट इन दिनों दिल्ली में है। शनिवार शाम को विधानसभा का सत्र समाप्त होने के बाद अब उनके समर्थक विधायक भी दिल्ली जाने की तैयारी में जुट गए। पायलट समर्थक विधायक अब तक प्रदेश प्रभारी अजय माकन और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से ही मिलते रहे हैं, लेकिन अब कॉन्ग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी व महासचिव प्रियंका गाँधी से मुलाकात का समय माँगा गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, पायलट समर्थक विधायक एक साल पहले किए गए अपने वादे को पूरा किए जाने की माँग गाँधी परिवार के तीनों सदस्यों के समक्ष रखेंगे। उधर, खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके खेमे के विधायक पूरी तरह आश्वस्त हैं।

गौरतलब है कि कल पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ लंबे समय से चली तनातनी के बीच अमरिंदर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। और दो टूक कहा कि बार-बार विधायकों की बैठक बुलाए जाने से उन्होंने अपमानित महसूस किया, जिसके बाद पद छोड़ दिया था। इसी के साथ राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी कॉन्ग्रेस में गुटबाजी की बात एक बार फिर खुलकर सतह पर आ गई है। सियासी जानकार मानते हैं कि कॉन्ग्रेस आलाकमान दोनों राज्यों को लेकर भी फैसला ले सकता है।

सनी बन कर ऑटो चलाने वाले अरशद अली ने 3 लड़कियों को प्रेमजाल में फँसाया, गलत काम करने को करता था मजबूर

मध्य प्रदेश के भोपाल में नाम बदल कर लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फँसाने वाले ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना गौतम नगर इलाके की है, जिसे युवतियों ने खुद ही जाल बिछाकर दबोचा है। अरशद अली से सनी बने मनचले पर आरोप है कि वह नौकरी दिलाने का झाँसा देकर और अपने प्यार के जाल में फँसा कर युवतियों से गलत काम करवाता था। युवतियों ने आरोपित अरशद अली को पुलिस के हवाले कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने अरशद अली के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार ब्रज विहार कॉलोनी निशातपुरा निवासी अरशद अली ने लड़कियों को अपने झाँसे में लेने के लिए अपना नाम बदल कर सनी रख लिया था। वह अब तक इसी नाम से तीन लड़कियों से संपर्क कर चुका है। गौतम नगर थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने मीडिया को बताया कि अरशद के खिलाफ आईपीसी की धारा-354 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

अरशद अली को पकड़ने के लिए युवती ने बनाई योजना

गौतम नगर इलाके में रहने वाली युवती को जब पता चला कि उसे फोन पर नौकरी का झाँसा देने वाला सनी नहीं अरशद अली है, तो उस युवती ने उसे पकड़ने की योजना बनाई। उसने अरशद को इसकी भनक भी नहीं लगने दी कि वह इसकी सच्चाई जान चुकी है।

युवती ने आरोपित ​को फोन कर थाने के पास मिलने के लिए बुलाया। अरशद कुछ देर बाद जैसे ही वहाँ पहुँचा, लड़की के आसपास मौजूद अन्य लोगों ने उसे दबोच लिया। इस दौरान वह जोर-जोर से रोने लगा। तभी लोगों ने उसका वीडियो बनाया लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसे सुरेश नाम का ऑटो चालक लड़कियों के नंबर देता था। इसके बाद वह उनसे संपर्क करता था।

वहीं, लड़कियों ने पुलिस को अपने बयान में बताया कि अरशद उनसे फोन पर बात करता था और उन्हें अपना नाम सनी बताता था। फिर इसके बाद उन पर गलत काम करने के लिए दबाव बनाता था। वह लड़की के राजी न होने पर उन्हें धमकी भी देता था। 

‘आई एम सॉरी अमरिंदर’: इस्तीफे से पहले सोनिया गाँधी ने कैप्टेन से किया किनारा, जानिए क्या हुई फोन पर आखिरी बातचीत

अमरिंदर सिंह ने लगातार कॉन्ग्रेस में कई दिनों से जारी अंदरूनी कलह के बाद शनिवार (18 सितम्बर, 2021) को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने इस फैसले के बारे में कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी को बता दिया था। सोनिया की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी, इसे लेकर कैप्टन अमरिंदर ने कहा, “उन्होंने ‘आइ एम सॉरी अमरिंदर’ कहा था।”

कैप्टन अमरिंदर सिंह का यह इस्तीफा कॉन्ग्रेस विधायक दल की मीटिंग से आधे घंटे पहले हुए। शनिवार को शाम पाँच बजे कॉन्ग्रेस विधायक दल की मीटिंग होनी थी और साढ़े चार बजे के करीब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना इस्तीफा राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को सौंप दिया।

इस्तीफा देने के बाद कैप्टन जब मीडिया के सामने आए तो उनका दर्द छलक पड़ा। न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “बिना मुझसे पूछे विधायक दल की मीटिंग बुला ली गई, जिसके बाद सुबह सवा दस के करीब मैंने कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी को फोन किया था और मैंने उन्हें कहा कि मैं आपको अपना इस्तीफा भेज रहा हूँ” यह पूछे जाने पर कि इस पर उनका क्या जवाब था कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “सोनिया जी ने कहा कि आई एम सॉरी अमरिंदर।”

पंजाब के मुख्यमंत्री के इस फैसले के साथ ही कैप्टन का सीएमओ एक्शन में आ गया और उनके इस्तीफे की तैयारी की जाने लगी। इस्तीफे का प्रारूप मंथन के बाद सुबह ही तय हो गया था। उन्होंने एक लाइन का इस्तीफा देने का मन बनाया और अपने इस इस्तीफे से अपने करीबियों को अवगत करा दिया था। मीडिया रिपोर्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि पंजाब में अपने दम-खम पर अकाली दल से सत्ता छिनकर कॉन्ग्रेस को सत्ता में लाने वाले अमरिंदर सिंह नई कॉन्ग्रेस में खप नहीं पा रहे हैं। कहा जा रहा है कि कैप्टन के तेवर शुरू से ही तीखे रहे हैं, लिहाजा राहुल और प्रियंका गाँधी के फॉर्मेट में वह सेट नहीं बैठ रहे हैं।

अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के पहले से ही पार्टी में नए सीएम चेहरे के लिए मंथन चल रहा है। हालाँकि, ऐसा माना जा रहा है कि सुनील जाखड़ का दावा सबसे मजबूत है। अपने इस्तीफे के बाद कैप्टन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पिछले 2 महीने में कॉन्ग्रेस आलाकमान ने दिल्ली में दो बार विधायकों की मीटिंग बुलाई और इस बारे में मुझे ही नहीं बताया गया। आज भी तीसरी बार यह मीटिंग बुलाई गई, जिसके बाद मैं अपने आप में अपमानित महसूस कर रहा हूँ। इस वजह से मैंने इस्तीफा दे दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या वह अगले का समर्थन करेंगे इस पर उन्होंने कहा कि आगे का फैसला समर्थकों के साथ बातचीत के बाद लिया जाएगा।

बता दें कि शनिवार को हुई कॉन्ग्रेस विधायक दल की मीटिंग में नया मुख्यमंत्री फिलहाल नहीं चुना जा सका और फैसला आलाकमान पर छोड़ दिया गया। वहीं अब खबर यह भी है कि कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को सीएम की रेस में हैं। वहीं सिद्धू की राह आसान नहीं है क्योंकि उनके सीएम बनने को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कॉन्ग्रेस सिद्धू को अध्यक्ष बनाए तो मुझे कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो मैं इसका विरोध करूँगा क्योंकि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा। उन्होंने कहा कि उनके पाकिस्तानी पीएम इमरान और जनरल बाजवा के साथ घनिष्ट संबंध हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अच्छा नहीं होगा।

ईशाक ने ‘राज’ बन कर दलित युवती को फँसाया, पोल खुलने पर की छेड़छाड़: हत्या की दी धमकी, यूपी पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ ईशाक नाम के युवक ने राज बनकर हिंदू लड़की से लव जिहाद किया और पोल खुली तो उससे छेड़छाड़ की। उसकी असलियत पता चलने पर लड़की ने आऱोपित से बात करना बंद कर दिया और उसके नंबर को भी ब्लॉक कर दिया। इस पर ईशाक ने लड़की की जिंदगी को बर्बाद कर देने की धमकी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना महोबा शहर के एक मोहल्ले का है। पीड़ता यहीं की रहने वाली है। नाबालिग पीड़िता (14) इंटर कॉलेज की छात्रा है। करीब एक महीने पहले आरोपित ने उससे जान पहचान बढ़ाते हुए दोस्ती की थी। इसके बाद उसने उससे उसका मोबाइल नंबर ले लिया। पीड़िता के पिता ने पुलिस में दी गई शिकायत में बताया है कि फोन नंबर लेने के बाद ईशाक राज बनकर उनकी बेटी से लगातार बात करता था। उसने बताया कि वह दूसरे कॉलेज का छात्र है।

इसी बीच करीब 15 दिन पहले पीड़िता को पता चला कि जिस राज से वो बात करती है वो तो असल राज नहीं, बल्कि मुस्लिम ईशाक है। आरोपित की हकीकत पता चलने के बाद लड़की ने उससे किनारा करना शुरू कर दिया। उसने आरोपित के मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर दिया और उससे अपने सारे रिश्ते खत्म कर दिए। इसके बाद उसने दूसरे नंबर से भी उससे बात करने की कोशिश की। बात नहीं तो वह वह लगातार उसे परेशान करने लगा। कॉलेज से आते-जाते और ट्यूशन से आते वक्त वह रास्ते में लड़की से छेड़छाड़ करता था।

लड़की के पिता के मुताबिक कुछ दिन पहले आऱोपित ने उनकी बेटी की जिंदगी को तबाह करने की धमकी देते हुए इस बात को किसी से बताने पर हत्या की धमकी दी। इसी तरह शुक्रवार (16 सितंबर 2021) को जब वह कोचिंग से लौट रही थी तो आरोपित ने उसके साथ फिर वही हरकत की। उसके चंगुल से बचकर किसी तरह पीड़िता अपने मोहल्ले तक पहुँची। इस दौरान वह लगातार उसका पीछा कर रहा था। मोहल्ले में पहुँचते ही लड़की ने मदद के लिए गुहार लगाई, जिसके बाद लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसे कोतवाली ले गए।

कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह के मुताबिक, आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ छेड़खानी, धमकी, एससी/एसटी एक्ट व उत्तरप्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सिख नरसंहार के बाद छोड़ दी थी कॉन्ग्रेस, ‘अकाली दल’ में भी रहे: भारत-पाक युद्ध की खबर सुन दोबारा सेना में गए थे ‘कैप्टेन’

कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने अब जब पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए कॉन्ग्रेस आलाकमान पर उन्हें अपमानित किए जाने का आरोप लगाया है, आइए 79 वर्षीय नेता के राजनीतिक सफर व जीवन पर एक नजर डालते हैं। उन्होंने ही अपने नेतृत्व में 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस को जीत दिलाई थी। 11 मार्च, 2017 – जब उनका जन्मदिन था, उसी दिन उन्हें पंजाब में पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ और राज्य में कॉन्ग्रेस के लिए सत्ता का सूखा ख़त्म हुआ।

2002 से 2007 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे कैप्टेन अमरिंदर सिंह इस बार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए और उन्हें साढ़े 4 वर्ष सरकार चलाने के बाद इस्तीफा देना पड़ा। ये भी जानने लायक बात है कि राजनीति में आने से पहले अमरिंदर सिंह भारतीय सेना में ‘कैप्टेन’ रहे हैं, जिसके बाद ये उनके नाम के साथ ही जुड़ गया। 1942 में जन्मे अमरिंदर सिंह ने 21 वर्ष की उम्र में 1963 में सेना जॉइन की थी।

हालाँकि, भारतीय सेना में उनका कार्यकाल सिर्फ 2 वर्षों का ही रहा और उन्होंने 1965 में सेना छोड़ दी। हालाँकि, जब भारत-पाकिस्तान युद्ध आरंभ हुआ तो पटियाला राजघराने से ताल्लुक रखने वाले कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने फिर से सेना में सेवा दी और युद्ध की समाप्ति के साथ ही सेना की नौकरी भी छोड़ दी। उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 1980 में पहली बार पटियाला से कॉन्ग्रेस के टिकट पर जीत कर सांसद बने।

1984 में जब सिखों का नरसंहार हुआ और उसमें कॉन्ग्रेस नेताओं के नाम शामिल हुए, तब अमरिंदर सिंह ने पार्टी छोड़ दी और ‘अकाली दल’ का दामन थाम लिया। ‘अकाली दल’ ने उन्हें राज्यसभा भी भेजा। बाद में उन्होंने फिर से कॉन्ग्रेस का रुख किया। 1999-2002 की अवधि में वो पंजाब में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे। 2007 में बतौर मुख्यमंत्री उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। फिर लगातार 2 बार पंजाब में भाजपा और ‘अकाली दल’ की गठबंधन सरकार बनी।

उनकी पत्नी परनीत कौर केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री रही हैं और फ़िलहाल पटियाला से सांसद हैं। उनका ये पूरा कार्यकाल विवादों से भरा रहा, जहाँ उन्हें शुरू से ही नवजोत सिंह सिद्धू से चुनौती मिलती रही। मंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धू कुछ दिन वनवास में रहे, लेकिन फिर अचानक सक्रिय हो गए और उन्हें हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। अब कैप्टेन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा।

पंजाब एकलौता राज्य है, जहाँ गाँधी परिवार की जगह पर कॉन्ग्रेस को कैप्टेन अमरिंदर सिंह के नाम पर ही वोट पड़ते रहे हैं। ऐसे में पार्टी का भविष्य भी अब वहाँ अधर में है। स्कूल के समय ही राजीव गाँधी के दोस्त रहे अमरिंदर को राजीव गाँधी ने ही राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया था। ‘अकाली दल’ की लोकप्रियता काटने के लिए उन्हें लाया गया था। 1984 में ‘अकाली दल’ में जाने के बाद सुरजीत सिंह बरनाला की सरकार में उन्हें एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट, डेवेलपमेंट और पंचायत मंत्री बनाया गया था।

1992 में उन्होंने ‘अकाली दल’ छोड़ दिया। लेकिन, बहुत कम लोगों को पता है कि इस बीच उन्होंने ‘अकाली दल (पंथक)’ नाम की खुद की अलग पार्टी बना ली थी। लेकिन, इस बीच राज्य में तीन बार चुनाव हुए और उनकी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। वो कॉन्ग्रेस में आ तो गए, लेकिन 1997 में उन्हें और उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने उन्हें बड़े अंतर से हराया।

स्थिति इतनी खराब थी कि कैप्टेन अमरिंदर सिंह को मात्र 856 मतों से संतोष करना पड़ा। लेकिन, अगले 5 वर्षों में उन्होंने राज्य में कॉन्ग्रेस के मुखिया के रूप में जमीन पर जबरदस्त कार्य किया और नतीजा ये हुआ कि 2002 के चुनाव में कॉन्ग्रेस ने बहुमत से ज़्यादा 62 सीटें जीत कर सरकार बनाई। 2008 में उन पर जमीन लेनदेन में हेराफेरी के आरोप लगे। इसी तरह 2017 में उन्होंने ‘मोदी लहर’ के बीच एक दशक बाद राज्य में सरकार बनाई।

राम मंदिर के लिए 115 देशों से आया पानी, ‘गर्भ गृह’ का होगा जलाभिषेक: नींव का कार्य पूरा हुआ, दूसरे चरण का काम शुरू

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य को संपन्न करने के लिए 115 देशों के जल को लाया गया है। यह जल देश में आने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा भारतीय संस्कृति और प्राचीन परंपराओं को याद करते हुए कहा कि हमारे ऋषियों ने संपूर्ण धरा को अपना घर माना था और ऐसा करके हमने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना का परिचय दिया है।

राम मंदिर के निर्माण और जलाभिषेक के लिए दुनिया के सभी देशों से जल आना चाहिए। राजनाथ सिंह ने इस कदम को एक अभिनव सोच करार दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि भारतीयों ने कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हुआ। यह भारतीयों के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण है। भारत एक ऐसा राष्ट्र है जो जाति, पंथ और धर्म के आधार पर किसी से भी भेदभाव नहीं करता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या में भव्य राम मंदिर के नींव के निर्माण का कार्य संपन्न हो चुका है और दूसरे फेज का काम शुरू हो चुका है। इस बीच दिल्ली स्टडी ग्रुप के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय जॉली 115 देशों का जल लेकर स्वदेश लौटे हैं। अब इसकी विधिपूर्वक पूजा करके इसे अयोध्या भेजा जाएगा।

पिछले महीने ही 25 अगस्त 2021 को इसकी शुरुआत की गई थी। मंदिर के गर्भगृह में इसे अर्पित करने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में अर्पण करने के लिए जल प्रमुख रूप से ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, कनाडा, चीन, कंबोडिया, क्यूबा, उत्तरी कोरिया, फिजी, फ्रांस, जर्मनी, गुयाना, हांगकांग, इटली, इंडोनेशिया, आयरलैंड, इजराइल, आइसलैंड, भारत, जापान, केन्या, लाइबेरिया, मलेशिया, मकाऊ, मॉरीशस, मोंटेनेग्रो, म्यांमार, मंगोलिया, मोरक्को, मालदीव, न्यूजीलैंड, नाइजीरिया, नेपाल नॉर्वे, ओमान, पाकिस्तान, पपुआ न्यू गिनी, रूस, रोमानिया, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, सऊदी अरब, सूरीनाम, दक्षिण अफ्रीका, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, तिब्बत, ताइवान, त्रिनिदाद और टोबैगो, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, यूक्रेन, उज्बेकिस्तान, युगांडा, वियतनाम व जिम्बाब्वे आदि देश शामिल हैं।

‘Pak वाले जनरल बाजवा का साथी है सिद्धू, उससे देश की सुरक्षा को खतरा’: इस्तीफे के बाद बोले कैप्टन – ‘उसे नहीं बनने दूँगा CM’

पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रहे विवाद का आखिरकार अंत हो गया है। अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तो पाकिस्तान के बाजवा का साथी है और इमरान खान के साथ है। मैं उसे कभी स्वीकार नहीं कर सकता।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीएम पद के लिए सिद्धू के नाम का विरोध करने की बात कही है। उन्होंने कहा, “अपने देश की खातिर, मैं पंजाब के सीएम के लिए उनके (नवजोत सिंह सिद्धू) नाम का विरोध करूँगा। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान उनके दोस्त हैं। सिद्धू के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ संबंध हैं।”

उन्होंने ये भी कहा कि आप जानते ही हैं कि पाकिस्तान से राइफल, बम, आरडीएक्स और नशीले पदार्थों को पंजाब में लाया जा रहा है। ऐसे में मैं सिद्धू के नाम का विरोध करूँगा।

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 52 लोगों की सेवा में बिताए हैं औऱ इसके लिए उन्हें खुशी है। वहीं उन्होंनें अपनी अलग पार्टी के गठन के मुद्दे पर कहा कि राजनीति में हमेशा विकल्प होते हैं। उन्होंने कहा, “मैं अपने साथियों से बातचीत करूँगा और इसके बारे में सोचूँगा।” कॉन्ग्रेस नेता ने ये भी दावा किया कि उन्होंने अपने 92 फीसदी चुनावी वादों को पूरा किया है। वो लोग चाहे कुछ भी कहें।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी को अपना दोस्त बताया और कहा कि वो उनसे केवल एक साल छोटे थे। उन्होंने कहा, “मैं सोनिया गाँधी और बच्चों को अच्छी तरह से जानता हूँ। सभी में मुझे सम्मान दिया है।”

सिद्धू पर बरसे अमरिंदर

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को मुख्यमंत्री पद के लिए अयोग्या करार दिया और कहा, “वो (नवजोत सिंह सिद्धू) मेरा मंत्री था और उसे निकालना पड़ा। 7 महीने तक अपनी फाइलें क्लियर नहीं की। क्या इस तरह का व्यक्ति जो एक विभाग नहीं संभाल सकता वो एक राज्य संभाल सकता है?”

उन्होंने ये भी कहा कि सिद्धू(नवजोत सिंह सिद्धू) कुछ नहीं संभाल सकता, मैं उसे अच्छी तरह जानता हूँ। वो पंजाब के लिए भयानक होने वाला है।

अडानी समूह के हुए ‘The Quint’ के प्रेजिडेंट और एडिटोरियल डायरेक्टर, गौतम अडानी के भतीजे के अंतर्गत करेंगे काम

प्रोपेगंडा पोर्टल ‘The Quint’ में बतौर प्रेजिडेंट और एडिटोरियल डायरेक्टर कार्यरत रहे संजय पुगलिया अब अडानी समूह का हिस्सा बन गए हैं। अडानी समूह ने संजय पुगलिया को अपने नए मीडिया वेंचर में बतौर CEO और मुख्य संपादक (Editor In Chief) नियुक्त किया है। डिजिटल, टेलीविजन और प्रिंट में दशकों से काम कर रहे संजय पुगलिया राजनीतिक और बिजनेस पत्रकारिता में सक्रिय रहे हैं

अडानी समूह ने अपने बयान में कहा कि वो वरिष्ठ पत्रकार संजय पुगलिया का स्वागत करते हुए खुश है, जो ‘अडानी इंटरप्राइजेज’ की मीडिया इनिशिएटिव्स में CEO के साथ-साथ मुख्य संपादक का पद संभालेंगे। अडानी समूह ने लिखा कि वो भारत में कई बड़े वेंचर्स का हिस्सा रहे हैं और उन्होंने ‘CNBC Awaaz’ नामक चैनल की स्थापना के बाद 12 वर्षों तक इसका नेतृत्व किया। वो ‘स्टार न्यूज़’ और ‘जी न्यूज़’ का नेतृत्व भी कर चुके हैं।

संजय पुगलिया ‘आज तक’ के संस्थापकों में से एक रहे हैं। प्रिंट में वो ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘बिजनेस स्टैण्डर्ड’ का हिस्सा रहे हैं। अडानी समूह ने जानकारी दी कि संजय पुगलिया ने 2000-01 में ऑस्ट्रेलियाई मीडिया संस्थान ‘नाइन नेटवर्क’ के ‘इंडियन JV’ में प्रेजिडेंट के अलावा ‘हेड ऑफ स्ट्रेटेजिक प्लानिंग एंड फिल्म बिजनेस’ का पद संभाला था। अडानी समूह ने लिखा कि उसके उत्पादों की ब्रांडिंग और राष्ट्र निर्माण के लिए संजय पुगलिया का किरदार महत्वपूर्ण होगा।

मजे की बात तो ये है कि ‘The Quint’ जिस मीडिया गिरोह का हिस्सा है, वो हमेशा से मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के खिलाफ लिखता रहा है और अडानी को मोदी का करीबी बताते हुए उनकी आलोचना करता रहा है। अडानी की संपत्ति में वृद्धि के लिए वामपंथी व विपक्षी नेताओं के अलावा प्रोपेगंडा पत्रकार भी मोदी सरकार पर उनका समर्थन करने के आरोप लगाते रहे हैं। अब ‘The Quint’ के एडिटोरियल डायरेक्टर ने ही अडानी का रुख कर लिया है। वो प्रणव अडानी को रिपोर्ट करेंगे, जो गौतम अडानी के छोटे भाई विनोद अडानी के बेटे हैं।

उवैद ने रिक्शा चालक को पटका, बीच बाजार में चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया हत्या को अंजाम: यूपी पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद में उवैद नाम के युवक ने अपने ही जीजा के भाई की सरेआम चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने खून से सने जाहिद को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।

घटना मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र स्थित पीतल बस्ती की है। पीड़ित और आरोपित दोनों यहीं के रहने वाले हैं। बीते रविवार को आरोपित उवैद की बहन अनम का निकाह ई रिक्शा चालक जाहिद (26) के छोटे भाई शहाबुद्दीन से हुआ था। हालाँकि, जाहिद इस रिश्ते से नाखुश था। उसका उसके भाई के साले के साथ कुछ दिन पहले भी विवाद हुआ था। इसके बाद जिस दिन निकाह हुआ था तो उस दिन भी जाहिद और उवैद के बीच गहमा-गहमी हुई थी। हालाँकि, उस दौरान मामले को शांत करा दिया गया।

लेकिन शुक्रवार (17 सितंबर 2021) की शाम को जाहिद अपना ई रिक्शॉ लेकर निकला था औऱ जैसे ही वह पीतल बस्ती के रेलवे फाटक के पास पहुँचा तो उसे उवैद मिल गया। जाहिद को सामने पाकर उवैद ने उसपर चाकू से हमला कर दिया। जाहिद घायल अवस्था में अपनी जान बचाकर भागा, लेकिन उवैद ने उसका पीछा कर उसे जमीन में पटककर उस पर चाकू से कई वार किए। सड़क पर खून बहने लगा। इस बीच लोगों ने उवैद को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

वहीं घायल जाहिद को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। फिलहाल उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है औऱ मृतक जाहिद के भाई नासिर की तहरीर पर उवैद के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया गया है। मृतक के भाई नासिर ने चेतावनी दी है कि कोई रंजिश नहीं थी, सारा मामला सुलझ गया था। एक बार आरोपित को मेरे सामने लाओ सारी रंजिश मिटा दूँगा, चाहे जितनी भी फोर्स लगा लो।

इस घटना को लेकर एसपी सिटी ने बताया है कि जाहिद के भाई शाहबुद्दीन और अनम का अफेयर चल रहा था, जब इसकी भनक दोनों के परिवार वालों को लगी तो उन्होंने दोनों का दो महीने बाद निकाह तय किया। लेकिन उससे पहले ही आरोपित के परिवार वालों ने शहाबुद्दीन को घर बुलाकर निकाह कर दिया।

‘वरिष्ठ खिलाड़ियों से अच्छा व्यवहार नहीं करते विराट कोहली, कोच सलाह दे तो डाँटते हैं’: BCCI की नाराजगी की वजह

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के टी-20 की कप्तानी छोड़ने की घोषणा के दो दिन बाद टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली के व्यवहार से कई सीनियर खिलाड़ी नाराज थे। विराट कोहली काफी लंबे समय से फॉर्म से बाहर चल रहे हैं। 32 वर्षीय खिलाड़ी ने टेस्ट, वनडे और टी20 में 53 पारियाँ खेली, लेकिन एक में भी शतक नहीं जड़ पाए।

टेलीग्राफ ने दावा किया, “बीसीसीआई को ड्रेसिंग रूम के अंदर चल रही गतिविधियों की भनक लग गई थी। अपने खराब फॉर्म के चलते उन्हें (विराट कोहली) यह निर्णय लेना पड़ा, क्योंकि खिलाड़ियों के साथ उनके संबंध प्रभावित हो रहे थे।” सूत्रों का हवाला देते हुए अंग्रेजी समाचार पत्र ने बताया कि एक वरिष्ठ खिलाड़ी ने कोहली के खिलाफ बीसीसीआई सचिव जय शाह से शिकायत की थी कि उनकी वजह से वह असुरक्षित महसूस करते हैं।

कथित तौर पर, विराट कोहली ने उस सीनियर क्रिकेटर पर साउथेम्प्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के दौरान ‘no intent’ दिखाने का आरोप लगाया था। सूत्र ने द टेलीग्राफ को आगे बताया, “कोहली अपना आपा खोते जा रहे हैं। उन्होंने अपना सम्मान खो दिया है और कुछ खिलाड़ियों को उनका रवैया पसंद नहीं आ रहा है। वह अब एक बेहतरीन कप्तान नहीं हैं और ना ही खिलाड़ियों के सम्मान के लायक हैं। जब कोहली अपनी हद पार करते हैं, तो उनसे निपटने के लिए कई खिलाड़ी अपनी सीमाएँ लाँघ जाते हैं। कोहली अब लंबी पारी खेलने के लायक नहीं रहे, यह भी एक बड़ा मुद्दा है।”

द टेलीग्राफ के लेख का स्क्रीनशॉट

टेलीग्राफ ने बताया कि विराट कोहली नेट्स पर अभ्यास सत्र के दौरान उन्हें सुझाव देने वाले एक कोच बरस पड़े। उन्होंने वहाँ मौजूद बल्लेबाजों के सामने बेहद आक्रामक होते हुए कोच से कहा, ”मुझे कन्फ्यूज मत करो।” सूत्र ने इस बात पर भी जोर दिया कि विराट कोहली अपने निराशाजनक प्रदर्शन पर काबू पाने में असमर्थ दिखाई दे रहे थे, जिसका असर उनके व्यवहार पर दिखना शुरू हो गया है। बीसीसीआई कोहली पर दबाव कम करने और उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पर्याप्त जगह मुहैया कराने पर विचार कर रहा है।

सूत्र ने अंग्रेजी दैनिक को बताया कि टीम के युवा खिलाड़ी रोहित शर्मा को वह अपने ‘बड़े भाई’ के जैसा मानते हैं और उन पर भरोसा करते हैं। हालाँकि, उन्होंने विराट कोहली की कप्तानी को चुनौती दी है। सूत्र ने टेलीग्राफ को आगे बताया, ”विराट जानते हैं कि वह अब शॉट नहीं लगा पा रहे हैं। उनमें पहले जैसा खेलने का जज्बा नहीं रहा। उनके व्यवहार पर सवाल उठाया जाएगा। इसमें कोई शक नहीं कि वह विश्व क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं, लेकिन आप कप्तानी को अपनी बल्लेबाजी पर बोझ नहीं बनने दे सकते।”

बता दें कि 17 अक्टूबर 2021 से यूएई (UAE) में आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप का आगाज होने वाला है। इस टूर्नामेंट के खत्म होते ही भारतीय कप्तान विराट कोहली टी-20 की कप्तानी छोड़ देंगे।