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तालिबान बड़े पॉजिटिव… लेडीज को जॉब, क्रिकेट को सपोर्ट: शाहिद अफरीदी, शिखर धवन से मिला था ‘गब्बर’ जवाब

“देखिए… नो डाउट… तालिबान आए हुए हैं इस वक्त… और बड़े पॉजिटिव फ्रेम ऑफ माइंड के साथ आए हुए हैं, ये चीज हमें पहले नजर नहीं आई और माशाअल्लाह ये चीज बड़ी जबरदस्त पॉजिटिविटी की तरफ चीजें नजर आ रही हैं… कि लेडीज को काम करने की इजाजत… पॉलिटिक्स में… बाकी जॉब्स की तरह उनको… मतलब इजाजत है… ऐंड देन (और/इसके अलावा) क्रिकेट को सपोर्ट कर रहे हैं, क्रिकेट सीरीज हो जाती लेकिन श्रीलंका में मेरे ख्याल से कोविड की सिचुएशन ठीक नहीं थी, इसकी वजह से सीरीज नहीं हुई, तो मैं समझता हूँ कि तालिबान क्रिकेट को बहुत ज्यादा पसंद करते हैं।”

ऊपर वाली बात शाहिद अफरीदी ने कही है। एक बार फिर पढ़िए, जितनी बार “…” का प्रयोग किया गया है, उतनी बार शाहिद अफरीदी ने अपनी लड़खड़ाती जबान को संभालने के लिए ऐं-वें-उ-ऊ से शब्दों के खाली स्थान को भरा है।

गौर कीजिए। क्रिकेट पर बात के दौरान शाहिद अफरीदी की जुबान नहीं लड़खड़ाती है। यह सब कुछ महिला अधिकारों, महिलाओं को जॉब, महिलाओं के लिए पॉलिटिक्स में काम जैसे जुमलों पर होता है। क्यों? क्योंकि शाहिद अफरीदी खुद भी ‘तालिबान’ हैं। चौंकिए मत। सबूत है।

शाहिद अफरीदी की चमड़ी जितनी सुंदर है, दिल और मानसिकता उतनी ही काली है – कम से कम महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर। पाकिस्तान के एक गर्ल्स कॉलेज जाकर इन साहब ने तो लड़कियों को इस्लामी सिद्धांत अपनाने और जीवन सफल करने का मंत्र तक दे डाला।

और हाँ। शाहिद अफरीदी भेदभाव नहीं करते। जो सोच दूसरी लड़कियों को लेकर उनके दिल में है, वही सोच वो अपनी बेटियों तक के लिए रखते हैं। ‘गेम चेंजर’ नाम की ऑटोबायोग्रफी में अफरीदी लिखते हैं कि उनकी बेटियों के लिए क्रिकेट या किसी भी तरह के आउटडोर खेलों की मनाही है। इसके पीछे उन्होंने सामाजिक और धार्मिक वजह वाला तर्क दिया है।

दो उदाहरणों से गणित की तरह सिद्ध हुआ कि शाहिद अफरीदी खुद भी ‘तालिबान’ हैं।

महिलाओं को ‘जॉब’ देने वाले ‘पॉजिटिव तालिबानियों’ की शाहिद अफरीदी क्यों तारीफ कर रहे हैं, यह बड़ा सवाल है। जवाब तो सिर्फ और सिर्फ उनके पास होगा, हम सिर्फ कयास लगा सकते हैं कि शायद फट के फलावर हुई पड़ी है सभी पाकिस्तानियों की। क्यों? क्योंकि आम पाकिस्तानी तो छोड़िए, अफगानिस्तान पर शासन के बाद तालिबान अब तो डायरेक्ट पाकिस्तान के पीएम इमरान खान तक को धमकी देने लगे हैं।

एक और बात। खुशखबरी है शाहिद अफरीदी के लिए। उन्हें तालिबान का अगला प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। इसकी डिमांड शुरू भी हो गई है। देखिए ट्वीट। पावरफुल लोग शाहिद अफरीदी के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।

शाहिद अफरीदी को शिखर धवन का जवाब

जम्मू कश्मीर के अवैध पाकिस्तानी कब्जे वाले हिस्से में एक बार शाहिद अफरीदी गए। वहाँ से भारत के लिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भला-बुरा कहा था। हालाँकि रगड़ दिए गए थे। वैसे तो गौतम गंभीर, हरभजन सिंह, युवराज सब ने लताड़ लगाई थी लेकिन शिखर धवन ने अपने ‘गब्बर’ वाले अंदाज में बाउंड्री के पार मारा था शाहिद अफरीदी को।

शिखर धवन ने जवाब देते हुए लिखा था, “इस वक्त जब सारी दुनिया कोरोना से लड़ रही है, उस वक्त भी तुमको कश्मीर की ही पड़ी है? कश्मीर हमारा था, हमारा है और हमारा ही रहेगा… तुम चाहे पूरे 22 करोड़ लोगों को लेकर आ जाओ, यहाँ का एक-एक व्यक्ति सवा लाख के बराबर है।”

डेडलाइन से पहले ही USA की सेना ने अफगानिस्तान छोड़ा, तालिबान के खतरे में ही छूट गए कई अमेरिकी: ‘डरपोक’ बायडेन निशाने पर

आखिरकार 20 वर्षों के युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपनी सेना की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके साथ ही अब अमेरिका का अफगानिस्तान से लोगों को निकालने का अभियान भी थम गया है। सोमवार (30 अगस्त, 2021) को ये प्रक्रिया पूरी हुई। अमेरिका और उसके साथी देशों ने 15 दिनों से अपने लोगों को निकालने का अभियान छेड़ रखा था, जो खूब-खराबे और हड़बड़ी से भरा हुआ था।

हालाँकि, कई हजार ऐसे अफगानिस्तानी नागरिक अब भी वहाँ फँसे हुए हैं, जिन्होंने अमेरिका व उसके साथी देशों की तालिबान के खिलाफ युद्ध में मदद की थी। वहाँ से निकाले जाने के वो भी इच्छुक थे, लेकिन अमेरिका उन्हें खतरे में छोड़ कर निकल गया है। वहीं कई अमेरिकी नागरिक भी हैं जो अब भी वहीं फँसे हुए हैं। अमेरिका का मिशन पूरा होने के बाद तालिबान ने काबुल में गोलीबारी कर के जश्न मनाया।

पाकिस्तान में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर भड़की कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़: हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़, भगवान की मूर्ति खंडित

पाकिस्तान में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमले थमने का नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला सिंध के खिप्रो का है, जहाँ कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा कर रहे हिंदुओं पर कट्टरपंथियों मुस्लिमों ने हमला किया और भगवान कृष्ण की मूर्तियों को भी खंडित कर दिया। बताया जा रहा है कि यह जगह जबरन धर्म परिवर्तन के लिए काफी बदनाम है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में सोमवार (30 अगस्त) को हिंदू समुदाय के लोग अपने त्योहार कृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा कर रहे थे, जिससे मुस्लिम कट्टरपंथी भड़क गए। कुछ देर बाद ही कट्टरपंथियों की भीड़ पूजा स्थल पर गई और उन्होंने कृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा कर रहे लोगों को मारपीट कर वहाँ से भगा दिया। इसके बाद उन्होंने भगवान कृष्ण के मूर्ति को भी क्षतिग्रस्त किया। सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें शेयर की जा रही हैं।

पाकिस्तानी एक्टिविस्ट और वकील राहत ऑस्टिन ने ट्वीट कर बताया, ”सिंध के खिप्रो में एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। हिंदू भगवान का अपमान किया गया है, क्योंकि वे भगवान कृष्ण का जन्मदिन (जन्माष्टमी) मना रहे थे। पाकिस्तान में इस्लाम के खिलाफ ईशनिंदा के झूठे आरोप में भी मॉब लिंचिंग या मौत की सजा दी जाती है, लेकिन गैर-मुस्लिम देवताओं के खिलाफ अपराध में कोई सजा नहीं होती है।”

उन्होंने आगे लिखा, ”मैं हिंदू धर्म के बारे में गहराई से नहीं जानता। “मंदर” शब्द का अर्थ है मंदिर। मैं उस वीडियो को पोस्ट करने जा रहा हूँ जो मुझे मिला है, जहाँ इस घटना की रिपोर्ट करने वाला व्यक्ति कहता है कि ये मंदिर है। मैंने इसके लिए अस्थायी पूजा स्थल शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन रिपोर्टर ने इसका उल्लेख नहीं किया।” राहत ऑस्टिन ने कहा कि मजे की बात यह है कि आप और मैं, दोनों पाकिस्तान में नहीं रहते। रिपोर्टर पाकिस्तान में रहता है और जब यह घटना हुई तब वह वहीं था।

राहत ऑस्टिन के अलावा सोशल मीडिया पर इस घटना को पकिस्तान में रहने वाले कई और लोगों ने भी शेयर किया है। इन तस्वीरों में आप देख सकते हैं, इस्लामी कट्टरपंथियों ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदूओं की आस्था को कैसे चोट पहुँचाई है।

वहीं, इस वीडियो को पाकिस्तान में ‘द राइज न्यूज’ की पत्रकार और संस्थापक संपादक वींगास (Veengas) ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। उन्होंने ​लिखा कि खिप्रो में जन्माष्टमी पर कुछ लोगों ने तोड़-फोड़ की। क्या दोषियों को सजा मिलेगी? इससे पहले भी उन्होंने हिंदूओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई है।

गणेश मंदिर में इस्लामवादी कट्टरपंथियों ने तोड़फोड़ की

पाकिस्तान में इस महीने की शुरुआत में (4 अगस्त 2021) पंजाब सूबे के रहीमयार खान के पास स्थित भोंग में गणेश मंदिर में इस्लामवादी कट्टरपंथियों ने तोड़फोड़ की थी। वींगास ने उस समय की घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा था, ”पंजाब के रहीमयार खान के गाँव भोंग के गणेश मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। एक बार फिर पाकिस्तान में हिंदुओं पर हमला किया गया।”

मंदिर को आग के हवाले किया

कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ हिंदुओं के मंदिर में घुसकर भगवान गणेश, शिव-पार्वती की मूर्तियों को तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर में लगे झूमर, घंटे को भी तहस-नहस कर दिया और मंदिर परिसर को भी काफी नुकसान पहुँचाया था। इसके बाद पाकिस्‍तानी कट्टरपंथ‍ियों ने इस पूरी घटना को फेसबुक पर लाइव भी किया। वो यही नहीं रुके। घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने मंदिर को आग के हवाले कर दिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब स्‍थानीय लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस में की,तो उन्होंने हिंदुओं की बात पर कोई ध्‍यान नहीं दिया। इसके बाद पाकिस्तान में अल्‍पसंख्‍यक समुदाय ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से हस्‍तक्षेप की गुहार लगाई थी।

‘इस्लाम के नाम पर किसी आतंकी समूह को बेगुनाहों को मारने नहीं देंगे’: तालिबान, IS ने ली काबुल हमलों की जिम्मेदारी

अफगानिस्तान में तालिबानी शासन आने के बाद से वहाँ के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। काबुल एयरपोर्ट पर सोमवार (30 अगस्त) की सुबह आतंकियों ने एक के बाद एक कई रॉकेट दागे। इस्‍लामिक स्‍टेट ने इन हमलों की जिम्‍मेदारी ले ली है।

समाचार एजेंसी रॉयटर के मुताबिक इस्‍लामिक स्‍टेट के नशेर न्यूज ने अपने टेलीग्राम चैनल पर इस हमले की जिम्‍मेदारी लेते हुए कहा, ”यह हमला हमने किया है। अल्‍लाह की मर्जी से खलीफा के सैनिकों ने काबुल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को 6 कत्यूषा रॉकेटों से निशाना बनाया।”

अमेरिका के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवान का कहना है कि एयरपोर्ट की तरफ आते 5 रॉकेट को अमेरिकी सैनिकों ने नष्‍ट कर दिया। हाल के दिनों में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब इस्‍लामिक स्‍टेट ने काबुल एयरपोर्ट को निशाना बनाने की जिम्‍मेदारी ली है।

वहीं, ‘नया’ तालिबान इस बार पीआर और प्रोपेगेंडा के खेल में अच्छी तरह से तैयार होकर उतरा है। इंडिया टुडे के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कट्टरपंथी इस्लामी समूह ने हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमलों की निंदा की है। उसने कहा है कि इस्लाम के नाम पर निर्दोष लोगों को मारने के लिए किसी भी समूह के पास कोई की कारण नहीं है।

तालिबान का नया चेहरा पहले से बेहद अलग लग रहा है। दशकों से इस क्षेत्र को आतंकित करने वाले कट्टरपंथी संगठन ने कहा कि वे काबुल हवाई अड्डे पर आईएसकेपी के आत्मघाती बम विस्फोटों की निंदा करते हैं। इंडिया टुडे से बात करते हुए, तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा, “इस्लाम के नाम पर किसी भी समूह के पास बेगुनाहों को मारने का कोई कारण नहीं है। अफगानिस्तान के लोगों को शांतिपूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। हम इसके लिए जीतोड़ मेहनत करेंगे।”

आत्मघाती बम विस्फोट नहीं होना चाहिए था, ये कहते हुए जबीउल्लाह ने कहा कि हवाईअड्डा अमेरिका के नियंत्रण में है। उसने सुरक्षा में चूक की आलोचना करते हुए आगे कहा कि वहाँ की अराजक स्थिति अफगानिस्तान के लिए एक बड़ा खतरा है।

बता दें कि गुरुवार (26 अगस्त) को काबुल हवाई अड्डे पर हुए आत्मघाती बम धमाकों में 169 अफगानी और 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। इस हमले की जिम्‍मेदारी भी इस्लामिक स्टेट-खुरासान (आइएस-के) ने ली थी। इसके बाद अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने इनसे बदला लेने का संकल्प लिया था। बाइडन ने राष्‍ट्र के नाम अपने संबोधन में काबुल में हमले करने वालों को खोजकर मारने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि इस हमले को अमेरिका भूलेगा नहीं और दोषियों को ढूंढकर मारा जाएगा।

पहले हिंदुओं के त्योहारों पर लगती थीं बंदिशें, अब कोई रोक नहीं: मथुरा में जन्माष्टमी के कार्यक्रम में CM योगी ने कही ये बात, देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आज (अगस्त 30, 2021) श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में भाग लेने मथुरा पहुँचे। कृष्णोत्सव का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कृष्ण भक्तों को संबोधित किया। राधे-राधे के जयकारे से अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए सीएम योगी ने बताया कि बहुत इच्छा होने के बावजूद वो पिछले कुछ सालों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पा रहे थे।

कार्यक्रम से संबंधित वीडियो में मुख्यमंत्री ने 16 मिनट से लेकर 38 मिनट के स्लॉट पर अपनी बात रखी। कोरोना हालातों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “कोरोना नियंत्रण में है लेकिन सावधानी अपेक्षित है। वृंदावन बिहारी लाल से प्रार्थना है कि जैसे आपने यहाँ अनेक राक्षसों का अंत किया था। वैसे ही कोरोना जैसे राक्षस का भी अंत करें। महामारी ने कई जानें लीं। पीएम के नेतृत्व में हमने काफी इंतजाम और कोशिश की, लेकिन ऐसे महामारी काल में सरकारी उपाय कम पड़ जाते हैं। जनता को भी आगे आकर इस अदृश्य शत्रु से लड़ना है।”

आगे उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पहले के मुख्यमंत्री, विधायक, राजनेता मथुरा, अयोध्या का नाम लेने से डरते थे, हिंदू पर्वों पर बधाई देने से घबराते थे, बिजली-पानी, सुरक्षा भी नहीं दिया जाता था, हर्षोल्लास पर बंदिशें थीं, त्योहार मनाने के लिए समय की पाबंदी थी, लेकिन अब कान्हा का जन्मोत्सव धूमधाम से आधी रात में ही होता है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “पहले आपके (हिंदुओं के) पर्व और त्योहार पर बधाई देने के लिए न कोई मुख्यमंत्री आता था, न मंत्री और न विधायक आता था। भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों को छोड़ दें तो शेष दलों के लोग दूर भागते थे। लोग डरते थे। हिंदू पर्व और त्योहारों में कोई नहीं आता था, सहभागी नहीं बनता था। पर्व और त्योहारों में बंदिशें अलग से रहती थीं। बिजली-पानी नहीं होते थे, सुरक्षा नहीं होती थी, सफाई नहीं रहती थी। अलर्ट जारी होता था कि रात 12 बजे के बाद आप कार्यक्रम नहीं करेंगे। रंगोत्सव का काय्रक्रम नहीं करेंगे। अब तो ऐसी बंदिश नहीं है, यह राजनीतिक परिवर्तन है।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद रामनाथ कोविंद पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने  जिन्होंने अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन किए। इससे पहले सरकारों में बैठे लोगों को पूजा करने में भी सांप्रदायिकता का भय होता था। जो पहले मंदिर जाने में संकोच करते थे, अब कहते हैं राम और कृष्ण हमारे हृदय में हैं।

कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रज के विकास का संकल्प दोहराया, उन्होंने कहा कि ब्रज तीर्थ विकास परिषद संतों के सानिध्य में है। अपने संबोधन के बाद सीएम ने कृष्ण जन्म स्थान स्थित भागवत भवन में पूजा-अर्चना भी की। इससे पहले उन्होंने केश‌वदेव के दर्शन किए और इसके बाद गर्भगृह में पहुँचकर भी ठाकुर जी के दर्शन किए। मंच पर संबोधन से पहले ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से किए गए विकास कार्यों की डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इसके जरिए मथुरा क्षेत्र की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई।

राहुल गाँधी ने टोक्यो पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर सुमित अंतिल को दी बधाई, तस्वीर से ‘ओम’ काटने पर लोगों ने घेरा​

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता व वायनाड से सांसद राहुल गाँधी ने सोमवार (30 अगस्त) को ट्विटर पर पैरा एथलीट सुमित अंतिल को टोक्यो पैरालिंपिक में जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने के लिए बधाई दी।

राहुल ने ट्​वीट के साथ अंतिल का जो फोटो लगाया है, उसे उन्होंने अपने एजेंडे के अनुसार क्रॉप किया है। दरअसल, उसमें अंतिल ने जो चेन पहनी हुई है, उसमें से उन्होंने ‘ओम’ को काट दिया है। यह उस दिन किया जाता है जब उन्होंने ‘डरा हुआ मुसलमान’ के नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए नफरत भरे ‘हेट क्राइम’ का एक क्लिप साझा किया है। राहुल गाँधी खुद को कौल दत्तात्रेय गोत्र के ‘जनेउधारी ब्राह्मण’ और शिव भक्त के रूप में बताते रहे हैं।

हालाँकि, नेटिज़न्स ने अंतिल की फोटो शेयर करने में जरा भी देर नहीं लगाई। शेयर की गई फोटो में आप देख सकते हैं कि अंतिल ने ‘ओम’ वाली चेन पहनी हुई है।

कई लोगों ने पूरी तस्वीर भी शेयर की, जिसे भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा साझा किया गया था। इसमें ‘ओम’ पेंडेंट बहुत साफ़ दिखाई दे रहा था। राकेश कुमार नाम के यूजर ने राहुल गाँधी को टैग करते हुए कहा, ”फ़ोटो को तो क्रॉप कर लोगे, लेकिन हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ी व मेडल लाने वाले भी भगवान के और देश के भक्त हैं। इनके विचार, भावनाओं को क्रॉप नहीं कर सकते… हर जगह टुच्ची मानसिकता दिखानी जरूरी है क्या?”

लोगों ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गाँधी फोटो से ‘ओम’ को हटा सकते हैं, लेकिन वह एथलीटों के दिल से हिंदू धर्म नहीं निकाल पाएँगे।

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि शायद राहुल गाँधी यह संदेश देना चाहते हैं कि ‘धर्मनिरपेक्षता’ खतरे में है और इसलिए ‘ओम’ को काट दिया।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की कार्रवाई: अनिल देशमुख के 3, शिवसेना नेता के 9 ठिकानों पर छापेमारी, जैकलीन से हुई 5 घंटे पूछताछ

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ केंद्रीय जाँच एजेंसियों द्वारा पड़ताल की जा रही है। उनसे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के ही एक मामले में अनिल परब कनेक्शन की जाँच में तीन जगहों पर प्रवर्तन निदेशालय छापेमारी कर रहा है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, “प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब कनेक्शन के संबंध में तीन स्थानों पर छापेमारी कर रहा है।”

मालूम हो कि इससे पहले अनिल देशमुख पर लगे आरोपों के मद्देनजर कॉन्ग्रेस ने उन्हें क्लीन चिट मिलने का दावा किया था। हालाँकि, सीबीआई की एक चिट्ठी से इस बात का खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को प्रारंभिक जाँच में क्लीन चिट नहीं दी गई थी।

पत्र में कहा गया था, “प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि संबंधित मामले में एक संज्ञेय अपराध किया गया है। महाराष्ट्र के तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख और अज्ञात अन्य लोगों ने अनुचित और बेईमानी कर अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया है।”

उल्लेखनीय है मनी लॉन्ड्रिंग केस में शिवसेना नेता अनिल परब को ईडी द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद केंद्रीय एजेंसी ने शिवसेना नेता भावना गवली से जुड़े 9 ठिकानों पर भी रेड की है। एएनआई के मुताबिक, यह मामला 72 करोड़ रुपए के कथित घोटाले से जुड़ा है। ईडी इस केस में महाराष्ट्र के वाशिम जिले में 9 स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

बता दें कि एनसीपी नेता और शिवसेना नेताओं के अलावा बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज पर भी सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की। सुकेश चंद्रशेखर द्वारा संचालित एक कथित मल्टी करोड़ जबरन वसूली रैकेट मामले में जैकलीन से नई दिल्ली में 5 घंटे पूछताछ चली।

सीएम योगी ने 2 लाख 853 लाभार्थियों के अकाउंट में ट्रांसफर किए ₹1341.17 करोड़: गरीबों को दी PM आवास योजना की सौगात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (30 अगस्त) को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 2 लाख 853 लाभार्थियों को 1341.17 करोड़ रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए हैं। योजना के तहत बिजनौर जिले में एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, ”सभी को घर के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 2 लाख 853 लाभार्थियों को ₹1341.17 करोड़ का ऑनलाइन हस्तांतरण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) व पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से संवाद।”

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया, “पीएम आवास योजना के तहत उन गरीबों को मदद दी गई है, जो कभी भी आवास के बारे में सोच भी नहीं सकते थे। आज ऐसे कई गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके और उनके परिवार के लिए घर बना कर दिए जा रहे हैं।”

योजना का लाभ पाने वालों से संवाद करते हुए सीएम ने कहा कि पहले चेक या नकद​ वितरण में भ्रष्टाचार होता था। एक प्रधानमंत्री ने तो यहाँ तक कहा था कि गरीबों को भेजे जाने वाले 100 रुपए में 85 रुपए बेईमानी से बीच के लोग हड़प जाते थे। लेकिन आज ऐसा नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान में ऐसी व्यवस्था की है कि 100 रुपए स्वीकृत हैं, तो पूरा का पूरा पैसा गरीब के अकाउंट में जाता है।

बता दें कि सीएम योगी ने प्रदेश के ​लोगों को कृष्ण जन्माष्टमी पर बड़ी सौगात दी है। इस योजना के तहत यह धनराशि, प्रथम, द्वितीय व तृतीय किश्त में आएगी। प्रथम किश्त के 1045 के खातों में प्रति 50,000, दूसरे किश्त के लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रति 1,50,000 और तीसरी व अंतिम किश्त के 1,625 लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रति 50,000 रुपए मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन भेजे जाएँगे। योजना की लाभार्थी मिर्जापुर की निर्मला से बात करते हुए में CM योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि आप लोगों को यह लाभ पहले भी मिल सकता था, लेकिन पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया।

इंदौर में चूड़ी बेचने वाले तस्लीम की पिटाई का Pak कनेक्शन, प्रदेश में दंगों की थी साजिश: MP के गृह मंत्री का बड़ा खुलासा

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक चूड़ी बेचने वाले तस्लीम की पिटाई का वीडियो सामने आया था। उसके खिलाफ छेड़छाड़ का भी मामला दर्ज है। अब इस मामले में पाकिस्तान एंगल भी जुड़ गया है। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि चूड़ी बेचने वाले की गिरफ्तारी के बाद थाने का घेराव करने और भड़काऊ भाषण देने वाले एक शख्स का कनेक्शन पाकिस्तान से है। उन्होंने कहा कि पुलिस को इसके पुख्ता सबूत मिले हैं।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने ये भी जानकारी दी कि अल्तमस खान नाम का ये व्यक्ति असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से भी जुड़ा हुआ है। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी अक्सर इस्लामी कट्टरवादी बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। पुलिस ने इस मामले में अल्तमश खान समेत 4 कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया है। इन सब ने मिल कर शहर के अलग-अलग इलाकों में दंगों की साजिश रची थी।

नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी दी, “इंदौर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश में शामिल और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से जुड़े आरोपी अल्तमस खान के तार पाकिस्तान से जुड़े होने के भी सबूत मिले हैं। अल्तमस के पास से पुलिस को विभिन्न प्रकार की आपत्तिजनक सामग्रियाँ मिली हैं, जिससे प्रदेश की शांति व्यवस्था को खतरा था।” अल्तमस ने इंदौर में हाल ही में हुई चूड़ी वाली घटना के बाद इंदौर में थाने का घेराव किया था।

उसके पास से कई ऐसे वीडियो व तस्वीरें बरामद हुई हैं, जिनसे पता चलता है कि प्रदेश भर में दंगे भड़काने की साजिश थी। इन सभी से पूछताछ में कई खुलासे होने की संभावना है। चारों के खिलाफ IPC की धारा 153-ए (सांप्रदायिक सौहार्द्र पर विपरीत असर डालने वाला कार्य) और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी मुस्लिमों को भड़का रहे थे।

उक्त युवक तस्लीम खुद को हिंदू बताकर इलाके में चूड़ियाँ बेच रहा था, इसलिए भीड़ उग्र हो गई थी। युवक के पास से दो आधार कार्ड भी बरामद किए गए थे। वो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला है। आरजे शाएमा से लेकर कुमार विश्वास तक ने इस घटना को लेकर आपत्ति जताई थी और इसकी तुलना तालिबान तक से कर दी थी। अब खुलासा हुआ है कि इसके पीछे दंगे कराने की साजिश थी।

32 साल बाद कश्मीर के लाल चौक में गूँजा ‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी’, कृष्ण जन्माष्टमी पर कश्मीरी पंडितों ने निकाली झाँकी: देखें वीडियो

आज (30 अगस्त) देश भर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के लाल चौक इलाके से कृष्ण जन्माष्टमी मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को ऑर्गनाइजर वीकली के एडिटर प्रफुल्ल केतकर ने ट्विटर पर शेयर किया है।

वीडियो में लोग भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का जश्न मनाते और भजन गाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार भगवान कृष्ण आज ही के दिन पैदा हुए थे। यहाँ शानदार शोभा यात्रा के कुछ और दृश्य भी हैं।

पाकिस्तान की मदद से इस्लामवादियों द्वारा किए गए कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के 32 साल बाद पहली बार लाल चौक पर इस तरह से हिंदू त्योहार का जश्न मनाया जा रहा है। इस बार वर्षों बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह पर लाल चौक को भी सजाया गया था।

मालूम हो कि 5 अगस्त 2019 का दिन इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। इस दिन नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को निरस्त कर, उससे विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया था।

रिपोर्टों के अनुसार, इस्कॉन मंदिर के भक्तों द्वारा टंकी पोरा हब्बा कदल में कृष्ण जन्माष्टमी का जश्न मनाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भक्तों को नाचते और आनन्दित होते देखा जा सकता है।