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‘पोर्न देखो और मेरे साथ सेक्स करो’ – 13 साल के भाई को 16 साल की बहन की धमकी, हो गई गर्भवती, घटना मुंबई की

मुंबई के कुरार इलाके से भाई-बहन के रिश्ते को कलंकित करने का मामला सामने आया है। यहाँ 16 साल की बहन ने अपने 13 वर्षीय भाई को पोर्न वीडियो दिखाकर उसे जबरन सेक्स करने के लिए मजबूर किया। इसका खुलासा तब हुआ, जब लड़की 5 महीने की गर्भवती पाई गई। लड़की ने बताया कि उसने अपने छोटे भाई पर यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला था, जिसकी वजह से वो गर्भवती हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किशोरी को पोर्न वीडियो देखने की लत थी। वह अपने छोटे भाई के साथ सोफे पर सोती थी। इस बीच वह 13 साल के भाई को अपने मोबाइल पर पोर्न वीडियो दिखाती थी। इसके बाद वह अपने भाई से उसके साथ सेक्स करने को कहती थी। दोनों पिछले कई महीनों से ऐसा कर रहे थे। 16 वर्षीय किशोरी अब 5 महीने की गर्भवती है। उसके प्रेग्नेंट होने के बाद ये हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है।

लड़की के बयान के मुताबिक, वह अक्सर अपने छोटे भाई को अश्लील वीडियो दिखाती थी। उसने यह भी बताया कि वो अपने भाई के साथ जबरदस्ती करती थी और उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ यौन संबंध बनाने लगी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना ​है कि ऐसा करने की वजह से लड़की गर्भवती हो गई।

पुलिस ने इस मामले में नाबालिग भाई से भी पूछताछ की है। भाई ने इसकी पुष्टि करते हुए पुलिस को बताया कि उसकी बहन सही कह रही है। भाई ने यह भी बताया कि जब उसने अपनी बहन के साथ सेक्स करने से मना किया था तो उसकी बहन ने उसे पीटने और इस बारे में सबको बताने की धमकी दी थी। इस डर से वह अपनी बहन के साथ सेक्स करने के लिए तैयार हुआ था।

पुलिस ने बहन-भाई के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। लड़की के छोटे भाई को बाल सुधार गृह भेजा गया है। वहीं, लड़की का अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस गर्भ में पल रहे बच्चे के माता-पिता का डीएनए टेस्ट करवा रही है।

पुलिस ने कहा कि डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के आने के बाद घटना के बारे में और जानकारी सामने आएगी। mensdayout द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रकाश बेले के हवाले से कहा गया है कि सभी एंगल से मामले की जाँच की जा रही है।

ऑक्सीजन की कमी का नैरेटिव फैलाने वालों को AAP सरकार का इनाम: जानिए कौन हैं पद्म अवॉर्ड के लिए भेजे गए 3 नाम

दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने पद्म अवॉर्ड्स के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी है। लेकिन, जिन नामों को पद्म सम्मान के लिए भेजा गया है, उससे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार पर संदेह पैदा होता है, क्योंकि ये वही लोग हैं जिन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी और केंद्र द्वारा सौतेले व्यवहार का नैरेटिव फैलाने में मदद की थी।

दिल्ली सरकार ने पद्म अवॉर्ड के लिए जो तीन नाम भेजे हैं, उनमें से एक है डॉक्टर एसके सरीन का। वो ‘इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS)’ के निदेशक हैं। उन्होंने 20 अप्रैल, 2021 को एक बयान देते हुए दावा किया था कि दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी है। उन्होंने दावा किया था कि 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की डिमांड के बदले सिर्फ 300 मीट्रिक टन ही मिल रहा है, जिससे एक बड़ा गैप पैदा हो गया।

दिल्ली सरकार की सिफारिश में दूसरा नाम है डॉक्टर सुरेश कुमार का। वो ‘लोक नायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल’ का प्रबंध निदेशक (MD) हैं। 24 अप्रैल, 2021 को उनका बयान आया था कि पिछले 4-5 दिनों से उनके अस्पतालों में सारे बेड्स भरे हुए हैं। उनका कहना था कि कुछ मरीजों को ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल बनाए रखने के लिए प्रति मिनट 40-50 लीटर ऑक्सीजन की ज़रूरत पड़ रही है।

साथ ही उन्होंने ऑक्सीजन सप्लाई चेन के ठीक न होने का दावा भी किया था। दिल्ली सरकार जिस तीसरे डॉक्टर को पद्म अवॉर्ड दिलाना चाहती है, उनका नाम है संदीप बुद्धिराजा। वो मैक्स हॉस्पिटल के क्लिनिकल डायरेक्टर हैं। उन्होंने दिल्ली के अधिकारियों द्वारा ऑक्सीजन की ज़रूरत को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाने वाली रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने इस रिपोर्ट में बदलाव करने की सलाह दी थी।

इन तीनों डॉक्टरों के नाम दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता वाली कमिटी ने सुझाए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इसके लिए उनके पास 9427 सुझाव आए थे। एक और बात जानने लायक है कि डॉक्टर शिव कुमार (SK) सरीन को पहले भी पद्म अवॉर्ड मिल चुके हैं। उन्हें 2007 में यूपीए सरकार ने पद्म भूषण के सम्मान से नवाजा था। अब सोशल मीडिया में आरोप लग रहे हैं कि कोरोना काल में केंद्र सरकार विरोधी माहौल बनाने वालों को केजरीवाल सरकार सम्मानित करना चाहती है

सुप्रीम कोर्ट की ऑक्सीजन ऑडिट टीम से निकले आँकड़े से पता चला था कि दिल्ली सरकार ने 25 अप्रैल से 10 मई तक दूसरे कोविड लहर के चरम के दौरान दिल्ली को ऑक्सीजन की जितनी आवश्यकता थी, उससे चार गुना से अधिक बढ़ा कर दिखाया। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि दिल्ली और देश के अन्य जगहों पर ऑक्सीजन की कमी से मौतें हुई हैं। जबकि इसके उल्ट AAP सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि ऑक्सीजन से कोई मौत नहीं हुई है।

ये भी याद कीजिए कि ये वही दिल्ली सरकार है, जिसने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मरीजों को डॉक्टरों-नर्सों के सहारे और डॉक्टर-नर्सों को भगवान के सहारे छोड़ दिया था। GTB अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने वीडियो बना कर बताया था कि कैसे घर छोड़ कर ड्यूटी करने वाले मेडिकल कर्मियों को खराब खान परोसा जा रहा था। उन्हें सिर्फ दाल-चावल मिलते थे, वो भी ठंडे। अब यही केजरीवाल सरकार बड़े-बड़े अस्पतालों में बड़े-बड़े [पदों पर तैनात डॉक्टरों को पद्म अवॉर्ड्स दिलाना चाहती है।

जो बायडेन देशद्रोही, बेकार और पागलपन से ग्रस्त है… मेरे बेटे को मरने के लिए भेज दिया: बलिदानी अमेरिकी सैनिक की माँ

काबुल हवाई अड्डे के पास गुरुवार (26 अगस्त 2021) को हुए लगातार दो इस्लामी आतंकी हमलों में 13 अमेरिकी नौसैनिकों समेत अब तक 200+ लोगों की मौत हो गई है। इस आतंकी हमले के दौरान मारे गए एक अमेरिकी नौसैनिक की माँ का गुस्सा अब यूएस के राष्ट्रपति पर निकला है। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान राष्ट्रपति जो बायडेन को जमकर सुनाया और उन्हें पद से हटाने की माँग की।

द डेली वायर की रिपोर्ट के मुताबिक हमले के दौरान जान गँवाने वाले 20 वर्षीय लांस राइली मैक्कलम की माँ कैथी मैक्कलम को सीरियस एक्सएम पैट्रियट रेडियो पर ‘विल्को मेजोरिटी’ (Wilkow Majority) शो में बुलाया गया था। यहाँ पर कैथी ने खुलासा किया कि उन्हें उनके घर पर सूचित किया गया था कि उनका बेटा उस बमबारी में मारा गया, जिसमें कम से कम 13 अमेरिकी सैनिकों की जान गई।

बायडेन के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “उस बेकार, पागलपन से ग्रस्त, मूर्ख ने मेरे बेटे को मरने के लिए भेज दिया। मैं आज सुबह चार बजे उठी, तभी मेरे दरवाजे पर दो मरीन आए और उन्होंने मुझे बताया कि मेरा बेटा मर चुका है। वो मेरे सामने उस पागल और सनकी तालिबान आतंकवादियों के साथ हुए राजनयिक बकवास को सुनाने आए थे, जिन्होंने मेरे बेटे को उड़ा दिया। मैं अपने परिवार के लिए काफी दुखी हूँ। मेरा बेटा चला गया।”

बायडेन को वोट देने वाले सभी डेमोक्रेट्स को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा, “आपने मेरे बेटे को पागलपन से ग्रस्त मूर्ख शख्स के साथ मिल कर मार डाला, जो यह भी नहीं जानता कि वह व्हाइट हाउस में है और वह अभी भी सोचता है कि वह एक सीनेटर है।” उन्होंने कहा कि वह अपने प्रतिनिधि रेप लॉरेन बोएबर्ट (R-CO) से उनके घर पर मिलने जा रही हैं।

कैथी मैक्कलम ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा बिना कुछ किए मर जाएगा। उन्होंने आगे कहा:

“यही मुझे मारता है। मैं चाहती थी कि मेरा बेटा हमारे देश का प्रतिनिधित्व करे, मेरे देश के लिए लड़े। लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि ये पागलपन से ग्रस्त मूर्ख व्यक्ति उसे उसकी मौत के लिए भेज देगा और टेलीविजन पर मुस्कुराएगा, वो भी तब जब वह मरने वाले लोगों की बात कर रहा है। इस शख्स को कार्यालय से हटाने की जरूरत है। यह ट्रम्प के शासनकाल में कभी नहीं हुआ। यह देशद्रोही है।”

गौरतलब है कि अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर गुरुवार को हुए आत्मघाती हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों समेत कुल 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा करीब 150 लोग घायल भी हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत ने ली है। आतंकी संगठन ने इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकी की तस्वीर भी जारी की थी।

तालाब से निकाली गई हिंदू नाबालिग लड़की की लाश: शाकिब, सलामुद्दीन, इक़बाल पर रेप, अपहरण और हत्या का आरोप

मध्य प्रदेश में एक लड़की के अपहरण, बलात्कार व हत्या का मामला सामने आया है। परिवार का कहना है कि पीड़िता नाबालिग थी। वो पिछले सप्ताह ही अचानक से गायब हो गई थी। पिता गजराज सिंह ने इस मामले में गाँव के ही शाकिब, सलामुद्दीन और इक़बाल का नाम आरोपितों के रूप में FIR में दर्ज कराया था। 3 दिन पहले इस मामले की FIR दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद पीड़िता की लाश एक तालाब से बरामद हुई।

हिन्दू संगठनों ने इस मामले में न्याय के लिए विरोध प्रदर्शन भी किया है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। पीड़ित परिवार माली समुदाय से आता है। ये घटना शुजालपुर के नरोला हीरापुर गाँव की है। पीड़ित पिता ने बताया कि 22 अगस्त, 2021 को वो गाँव के ही मंदिर में भजन-कीर्तन कर जब रात 12 बजे घर लौटे तो उन्होंने पाया कि उनकी बेटी व बेटे, दोनों कमरे में सो रहे थे।

इसके बाद पिता भी उसी कमरे में सो गए। FIR के अनुसार, तड़के 3 बजे जब उनकी नींद खुली तो उन्होंने पाया कि उनकी बेटी कमरे से गायब है। इसके बाद आस-पड़ोस से लेकर रिश्तेदारों तक में खोज करवाई गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि रात 12 बजे जब वो घर लौटे थे तो उन्होंने पाया था कि शाकिब खान, सलामुद्दीन और इक़बाल बेग उनके घर के पास स्थित नीम के पेड़ के नीचे बैठे हुए थे।

FIR में पीड़ित पिता ने लिखा है, “ये तीनों आरोपित मुझे देख कर कुछ बातें कर रहे थे। मुझे आशंका है कि ये तीनों मेरी नाबालिग बेटी को बहला-फुसला कर भगा के ले गए। अभी तक इसका कोई पता नहीं चलने पर मैं थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आया हूँ। कक्षा 12वीं तक पढ़ी मेरी बेटी मानसिक रूप से स्वस्थ है।” इस अपहरण के रिपोर्ट के दर्ज कराए जाने के बाद पीड़िता की लाश मिली व बलात्कार के आरोप लगे।

इस मामले को लेकर विश्व हिन्दू परिषद् (VHP) और बजरंग दल के अलावा फूल माली समाज भी आक्रोशित है। माली मोहल्ला स्थित श्रीराम मंदिर से एक रैली भी निकाली गई और लोगों ने पड़ाना चौकी पहुँच कर ज्ञापन दिया। इस घटना को लेकर विधायक प्रतिनिधि एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि यशवंत सिंह माली के नेतृत्व में देश के राष्ट्रपति एवं प्रदेश के राज्यपाल के नाम का ज्ञापन सारंगपुर थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़ को सौंपा गया।

यशवंतसिंह माली ने कहा “शुजालपुर तहसील के नारोला गाँव में समाज की नाबालिग बेटी के साथ समुदाय विशेष के लोगों ने ‘लव जिहाद’ के माध्यम से सामूहिक दुष्कर्म किया। फिर हत्या करके शव को तालाब में फेंक दिया। इससे माली समाज समाज में आक्रोश व्याप्त है। घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपितों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्हें फाँसी की सज़ा होनी चाहिए। यदि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन समाज के साथ-साथ सभी हिंदू समाज द्वारा पूरे प्रदेश भर में किया जाएगा। इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।”

UP सरकार से सैलरी लेने वाला क्लर्क निजामुद्दीन गिरफ्तार, CM योगी पर की थी अभद्र टिप्पणी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अभद्र टिप्पणी करने वाले PWD क्लर्क को पुलिस ने ​गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाँदा जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) में क्लर्क के पद पर तैनात निजामुद्दीन सिद्दीकी ने फेसबुक पर सीएम योगी पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणी की थी।

जिस राज्य में नौकरी, वहीं के मुख्यमंत्री के खिलाफ अपशब्द! इसे लेकर क्लर्क निजामुद्दीन सिद्दीकी को लेकर लोगों में खासा रोष देखने को मिला था। उन्होंने सोशल मीडिया पर सीएम योगी को अपमानित करने वाले निजामुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की माँग की थी।

जब पुलिस की नजर इस पर पड़ी, तब वे आरोपित का पता लगाने में जुट गए। छानबीन के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर निजामुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि 28 अगस्त को पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के खिलाफ अपनी फेसबुक आईडी से अभद्र टिप्पणी करने वाले अभियुक्त निजामुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपित निजामुद्दीन सिद्दीकी लोक निर्माण विभाग (PWD) में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बता दें कि दो दिन पहले (27 अगस्त) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोबाइल पर कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर यूपी पुलिस ने बलिया के रहने वाले अंकित यादव नाम के एक युवक को भी गिरफ्तार किया था।

इस मामले में बलिया पुलिस अधीक्षक रामकरन नैय्यर ने बताया था कि नगरा थाना में गुरुवार (26 अगस्त) रात को हिंदू युवा वाहिनी के जिला मंत्री राजीव सिंह चंदेल की शिकायत पर एक अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्यागिकी अधिनियम से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। छानबीन के बाद आरोपित अंकित यादव को शुक्रवार (27 अगस्त) को गिरफ्तार कर लिया गया।

‘बच्चे के गाल छूना यौन अपराध नहीं’: बॉम्बे HC ने 46 वर्षीय मुर्गी विक्रेता को दी जमानत, दुकान का शटर गिरा बच्ची को अंदर ले गया था

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी बच्चे के गाल छूना यौन अपराध नहीं है। उच्च-न्यायालय ने कहा कि बिना किसी यौन इच्छा के बच्चे के गाल छूना यौन अपराध नहीं है। साथ ही ये भी कहा कि इस मामले में ‘यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (POCSO Act)’ के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती। शुक्रवार (27 अगस्त, 2021) को सुनाए गए फैसले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में 46 वर्षीय मुर्गी विक्रेता को जमानत दे दी।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में शामिल साक्ष्यों की शुरुआती जाँच से ये पता नहीं चलता है कि आरोपित ने बच्ची के गाल को यौन अपराध की मंशा से छुआ था। हाईकोर्ट ने कहा कि सभी पहलुओं को देखने के बाद लगता है कि इस मामले में जमानत मिलनी ही चाहिए। हालाँकि, उच्च-न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसकी ये राय सिर्फ जमानत को लेकर है और इसका सुनवाई व जाँच पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

TOI की खबर के अनुसार, आरोपित को जुलाई 2020 में गिरफ्तार किया गया था। 8 वर्षीय बच्ची की माँ ने इस मामले में FIR दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि जब उनकी बेटी आरोपित की दुकान पर गई थी तो उसने अनुचित तरीके से बच्ची के गाल को छुआ था। ट्रायल कोर्ट ने आरोपित की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी। अधिवक्ता राम प्रसाद गुप्ता ने आरोपित की तरफ से पेश होते हुए आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता में झूठा फँसाया गया है।

उन्होंने कहा कि आरोपित एक कारोबार करता है, समाज में ही रहता है और उसे अपने परिवार की देखभाल भी करनी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई आशंका नहीं है कि वो सुनवाई के लिए अनुपस्थित हो जाएगा या फिर कहीं भाग जाएगा। उन्होंने कहा कि ये आरोप उम्रकैद या फाँसी की सज़ा के अंतर्गत नहीं आते हैं। अगर अपराध साबित होता है तो अधिकतम 7 वर्षों का कारावास दिया जा सकता है।

आरोपित पहले ही 13 महीने जेल में बिता चुका है। 29 जुलाई, 2020 को दर्ज कराई गई FIR में कहा गया था कि महिला ने आरोपित को देखा कि वो बच्ची को इशारे कर के अपनी दुकान पर बुला रहा था। आरोप है कि जब बच्ची दुकान के भीतर गई तो आरोपित बाहर निकला, उसने इधर-उधर देखा और फिर अंदर जाकर शटर गिरा दिया। आरोप है कि शटर उठाने पर वो बच्ची के गाल छूता हुआ दिखा।

जनवरी 2021 के एक फैसले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा था कि यदि किसी नाबालिग के सामने कोई पैंट की जिप खोल दे, तो वो पॉक्सो एक्ट के तहत यौन शोषण की श्रेणी में नहीं आएगा। जस्टिस पुष्पा गनेदीवाला की एकल पीठ ने 50 वर्षीय एक व्यक्ति द्वारा 5 साल की लड़की से यौन शोषण मामले में ये फैसला दिया था। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने एक फैसला सुनाया था, जिसके मुताबिक़ सिर्फ ग्रोपिंग (Groping, किसी की इच्‍छा के विरुद्ध कामुकता से स्‍पर्श करना) को यौन शोषण नहीं माना जा सकता। 

नवीन की लाश ट्रॉली बैग में, बीवी मुस्कान ने प्रेमी जमालुद्दीन के साथ मिल मार डाला: Tattoo की मदद से सास सहित 7 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने टैटू की मदद से एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सुखदेव विहार के नाले में 10 अगस्त 2021 को एक ट्रॉली बैग में मिले शव की मिस्ट्री को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाली मृतक की पत्नी मुस्कान (22 वर्ष), उसके प्रेमी मो. जमालुद्दीन उर्फ जमाल (19 वर्ष), सास त्रिजा उर्फ मीनू (48 वर्ष), कौशलेंद्र उर्फ अमन (18 वर्ष), विशाल उर्फ कल्लू (22 वर्ष), विवेक उर्फ बागड़ी (21 वर्ष) और राजकुमार कुमार उर्फ राजपाल उर्फ हेतल (22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है।

एक पुलिस अधिकारी ने ऑपइंडिया को बताया कि प्रेम-प्रसंग के चलते पत्नी और उसके प्रेमी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। हत्याकांड में शामिल सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

डीसीपी साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट डीसीपी आरपी मीणा ने बताया 10 अगस्त को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में सुखदेव विहार के पास नाले में पड़े सूटकेस में शव होने की सूचना मिली। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुँची, वहाँ उन्हें काले रंग के ट्रॉली बैग में एक लाश मिली। चेहरा सड़ने के कारण उसे पहचान पाना मुश्किल था। पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था सिवाय एक टैटू के।

मृतक के शरीर के दाहिने हाथ पर नवीन नाम का टैटू गुदा हुआ था। इससे पुलिस को गुत्थी को सुलझाने में मदद मिली। इसके अलावा उसने दूसरे हाथ में एक कड़ा भी पहना हुआ था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक की शिनाख्त नवीन (निवासी देवली गाँव, उम्र 24 वर्ष) के तौर पर हुई है। 12 अगस्त को पुलिस स्टेशन नेब सराय में इसके लापता होने की सूचना मिली थी। जाँच में पता चला कि नवीन के लापता होने की रिपोर्ट उसकी पत्नी मुस्कान ने दर्ज कराई गई थी। उसने बताया था कि उसका पति 8 अगस्त से लापता है। लेकिन आश्चर्य यह कि नवीन की पत्नी कुछ दिन पहले ही किराए के कमरे को खाली कर कहीं और चली गई थी।

पुलिस जब उस पते पर पहुँची तो मकान मालिक प्रदीप ने बताया कि मुस्कान अपनी माँ और 2 साल की बेटी के साथ किराए पर रहती थी, लेकिन 11 अगस्त को वह अचानक से कमरा खाली करके चली गई। उससे मिलने के लिए अक्सर एक लड़का भी आता था, जो चश्मा लगाता था। पुलिस ने मुस्कान के मोबाइल नंबर की मदद से उसे तलाश लिया। उसका नाम जमाल था।

इस केस में सबसे पहले पुलिस ने मुस्कान को गिरफ्तार किया। मुस्कान ने बताया 7 अगस्त की रात में वो जमाल के साथ थी। तभी अचानक से नवीन आ गया था। जमाल को अपनी बीवी के साथ देख वो गुस्से में मारपीट करने लगा। इसके बाद जमाल और उसके दोस्तों ने नवीन पर हमला कर उसे मार डाला।

नवीन की हत्या के बाद जमाल ने शव को वॉशरूम में धोया और कमरे से खून साफ किया। सुबह जमाल ने अपने दोस्त राजपाल को शव फेंकने के लिए बुलाया। नवीन, जमाल और उसके साथियों के खून से सने कपड़े दिल्ली के नाले में फेंक दिए। फिर जमाल ही अपने घर से एक ट्रॉली बैग लेकर आया था। उसने शव बैग में पैक कर सुखदेव विहार के नाले में ऑटो से फेंका।

मुस्कान से मिली जानकारी के के बाद पुलिस ने एक एक कर सभी आरोपितों को पकड़ लिया।

महिला नेताओं को बताया ‘रखैल’: यति नरसिंहानंद के वायरल वीडियो पर बवाल, NCW से कार्रवाई की माँग

सोशल मीडिया में यति नरसिंहानंद सरस्वती के एक वीडियो को लेकर उनका विरोध हो रहा है, जिसमें वो महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कहते हुए सुने जा सकते हैं। वो गाजियाबाद में स्थित डासना शिव-शक्ति मंदिर के महंत हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ‘राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)’ व इस संस्था की अध्यक्ष रेखा शर्मा से उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। हालाँकि, ये वीडियो कब का है ये साफ़ नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महंत यति नरसिंहाननद सरस्वती कहते हैं, “अब सरकारी ठेकों का रेट 10% हो गया है। जितनी भी भाजपा की महिला नेताएँ आपको दिखाई दे रही हैं, वो एक नेता के पास गईं और दूसरे के पास नहीं गईं तो दूसरा उनका काम नहीं करेगा। तीसरे से काम है तो तीसरे के पास जाना है। ये है राजनीति। पूरा मजा आ रहा है। इतनी महिलाएँ राजनीति में घूम रही हैं, पूरा मजा आ रहा है।”

वीडियो में यति नरसिंहानंद सरस्वती ये भी कहते हैं कि वो मातृशक्ति को प्रणाम करते हैं और सरकार चलाने वाले लोग सबके बाप हैं, इसीलिए वो पितृशक्ति को भी प्रणाम करते हैं। इसके बाद वो भारत माता को भी प्रणाम करने की बात कहते हैं। इससे पहले वो वीडियो में वो कहते हैं, “किसी एक नेता की रखैल कोई औरत दिखाई देगी। जितनी औरतें राजनीति में दिखाई देती थी, वो या तो किसी न किसी नेता की रखैल थी, या फिर किसी राजनेता की बेटी या बड़े परिवार से थी।”

वीडियो में वो आगे कहते हैं, “उसके बाद आई चोर और डकैतों की सरकार। समाजवादी पार्टी की सरकार। उस समय औरतें किसी एक की होती थीं, भले ही उस एक के पास कितनी भी औरतें हों। लेकिन जो एक की है, वो एक की है। वो डकैत थे तो सरकारी ठेकों का रेट 1.5% हो गया था। फिर मायावती बहनजी की सरकार आई। वहाँ किसी औरत को कोई नेता टिकट दिलाने की सिफारिश नहीं कर सकता था।”

नरसिंहानंद आगे कहते हुए सुने जा सकते हैं, “अगर बसपा सरकार में किसी नेता ने किसी महिला को टिकट दिलाने का वादा कर दिया, बाद में पता चला कि बहनजी ने उसका भी टिकट काट दिया। उसके बाद आई बेहद चरित्रवान और ईमानदार लोगों की सरकार।” इसी के बाद उन्होंने भाजपा की महिला नेताओं पर टिप्पणी की। लेखिका शेफाली वैद्य ने नरसिंहानंद के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका समर्थन करना उनकी भूल थी।

दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि यति नरसिंहानंद सरस्वती की महिलाओं के प्रति सोच किसी भगवाधारी की हो ही नहीं सकती। उन्होंने नरसिंहानंद को ‘जिहादी सोच से बीमार कोई कुंठित आदमी’ बताते हुए NCW व उत्तर प्रदेश पुलिस से उनकी गिरफ़्तारी की माँग की। उन्होंने कहा कि ये व्यक्ति माँ जगदम्बा के मंदिर में बैठने योग्य नहीं है। कई अन्य महिलाओं ने भी उनके बयान की आलोचना की।

यति नरसिंहानंद सरस्वती तब चर्चा में आए थे, जब डासना के मंदिर में चोरी करने गए आसिफ नाम के लड़के की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था। मुस्लिमों के खिलाफ बयान देने का आरोप लगाते हुए देश भर में कट्टरपंथियों ने उनका विरोध किया था। 10 अगस्त, 2021 को डासना के मंदिर मेंदो साधुओं पर चाकुओं से हमले की घटना सामने आई थी। नरसिंहानंद इससे पहले भी अपने कई बयानों से विवादों में रहे हैं।

सीएम खट्टर के आगमन का विरोध कर रहे ‘किसानों’ ने रोड जाम कर पुलिस पर किया ‘जानलेवा हमला’, लाठी चार्ज: देखें वीडियो

नए कृषि कानूनों को लेकर करीब एक साल से तथाकथित किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हरियाणा में शनिवार को (28 अगस्त) कृषि कानूनों के साथ भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों का विरोध कर रहे किसानों ने हर जिले की तरह भिवानी में भी दो जगह रोड को जाम कर दिया। यही नहीं उन्होंने पुलिस पर जान लेवा हमला भी किया।

बताया जा रहा है कि करनाल में आज निकाय एवं पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में सीएम मनोहर लाल खट्टर समेत भाजपा के 6 सांसद, छह राज्य सभा सांसद, 12 विधायक, पूर्व विधायक और लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों के अलावा संगठन के पदाधिकारी पहुँचे।

वहीं, सीएम के आगमन का विरोध कर रहे किसानों ने बस्तारा टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया और पुलिस को पीटने लगे। इसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया। किसानों के अन्य साथियों को जैसे ही लाठीचार्ज की सूचना मिली उन्होंने पूरे प्रदेश में रोड और टोल जाम कर दिए। कालका शिमला हाईवे स्थित चंडीमंदिर टोल प्लाजा पर आज दोपहर करीब सवा तीन बजे किसानों ने जाम लगा दिया। इससे वहाँ के स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हुआ।

बीजेपी कार्यकर्ता जवाहर यादव ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा, ”कस्सी से पुलिस के जवानों पर जानलेवा हमला करता, मासूम और लूटापिटा किसान।”

इससे पहले भी यादव ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, ”देखो किसान पहले पुलिस को पीट रहा है या पहले पुलिस को किसान।”

हरियाणा के एडीजीपी नवदीप सिंह विर्क ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि करनाल में बस्तारा टोल प्लाजा के पास आज दोपहर 12 बजे कुछ किसान प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर करनाल शहर की तरफ जाने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें जाने से रोका तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पथराव किया।

उन्होंने बताया कि उसके बाद नियमानुसार पुलिस ने हलका बल प्रयोग किया और उन्हें वहाँ से हटाया। इसमें 4 किसान और 10 पुलिसकर्मियों को चोट आई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसानों ने भिवानी में कितलान टोल पर भिवानी-दादरी हाइवे और प्रेमनगर गाँव में भिवानी-हिसार हाइवे जाम कर रोष जताया। इससे स्थानीय लोगों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा ने वायरल वीडियो पर कहा कि पुलिसकर्मियों का विरोध करने वाले किसानों ने उन पर हमला किया। जगह-जगह पर उन्होंने पथराव करना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस बल का प्रयोग करना पड़ा।

पंजाब की वीर भूमि और जलियाँवाला बाग की पवित्र मिट्टी को नमन: PM मोदी ने किया नए परिसर का उद्घाटन, कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शनिवार (28 अगस्त) को जलियाँवाला बाग के पुनर्निर्मित परिसर का उद्घाटन किया। पंजाब के अमृतसर में जलियाँवाला बाग के नए परिसर का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने वहाँ पर मौजूद सभी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ”पंजाब की वीर भूमि और जलियाँवाला बाग की पवित्र मिट्टी को मेरा नमन। माँ भारती की उन संतानों को भी नमन, जिनके भीतर जलती आजादी की लौ को बुझाने के लिए अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी गई।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पंजाब में शायद ही कोई ऐसा गाँव होगा, जहाँ वीरता और वीरता की गाथा का अभाव हो। कुटिल निगाहों से भारत माता को देखने वालों की राह में पंजाब के बेटे-बेटियाँ चट्टान की तरह खड़े हैं।

पीएम ने कहा कि जलियाँवाला बाग वह स्थान है, जहाँ सरदार उधम सिंह, सरदार भगत सिंह सहित हजारों बलिदानियों ने आजादी की लड़ाई लड़ने वालों को हौसला दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विरासत व विकास को साथ लेकर चलना होगा। देश के लिए अपने अतीत की ऐसी विभीषिकाओं को नजरअंदाज करना गलत होगा। ऐसे में भारत ने 14 अगस्त को हर वर्ष ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि जलियाँवाला बाग की तरह हमारे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े अन्य स्मारकों के सौंदर्यीकरण का कार्य भी हो रहा है। चंद्रशेखर आजाद को समर्पित भारत की पहली इंटरेक्टिव गैलरी का निर्माण यूपी के इलाहाबाद में किया जा रहा है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आदिवासी समाज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”आज़ादी के महायज्ञ में हमारे आदिवासी समाज का बहुत बड़ा योगदान है। इतिहास की किताबों में इसको भी उतना स्थान नहीं मिला जितना मिलना चाहिए था।”

13 अप्रैल 1919 के जलियाँवाला बाग नरसंहार को भला कौन भूल सकता है? 100 साल बाद भी कोई व्यक्ति शायद ही ऐसा हो जिसे ना मालूम हो कि उस दिन जनरल डायर के इशारे पर 1000 से ज्यादा बेगुनाह लोग गोलियों से भून दिए गए। 2000 से अधिक घायल हुए। इस खूनी दिन जैसा ब्रिटिशों का बर्बर रूप शायद ही कभी दिखा हो।

उस दिन जो कुछ भी हुआ उसने सबको झकझोर दिया। घरों से आती सिसकियों की आवाजें और परिजनों के सूखे आँसुओं ने जैसे कइयों के मन में बदले की आग जला दी थी। लेकिन उधम सिंह एक ऐसे नौजवान थे। जिन्होंने इस घटना के बाद अपने जीवन का मकसद ही जनरल डायर की मौत को बना लिया था। उन्होंने अपने इस मकसद को पूरा करने के लिए पूरे 21 वर्षों तक इंतजार किया।