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तालिबान ने काबुल एयरपोर्ट पर की फायरिंग, भगदड़ में 7 अफगान नागरिकों की मौत, IED ब्लास्ट में पाकिस्तानी कैप्टन भी मारा गया

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद मची अफरा-तफरी के बीच काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर मची भगदड़ में 7 अफगान नागरिकों की मौत हो गई है। ब्रिटेन की सेना ने यह जानकारी दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काबुल एयरपोर्ट पर तालिबानों ने हवा में फायरिंग की थी, जिसके बाद वहाँ भगदड़ मच गई और इसमें 7 अफगानी नागरिक मारे गए।

वहीं, पाकिस्तान के सबसे अशांत प्रांत बलूचिस्तान में तीन दिन में आज दूसरा हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि गिचिक इलाके में आतंकवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी बम की चपेट में आने से पाकिस्तानी सेना का एक कप्तान मारा गया और दो जवान घायल हो गए हैं।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने रविवार 22 अगस्त को अपने बयान में कहा, ”जमीनी स्थितियाँ अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन हम अधिक से अधिक सुरक्षित तरीके से हालात को संभालने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।”

दरअसल, बीते (रविवार 15 अगस्त) को काबुल पर कब्जा करने और अफगानिस्तान पर तालिबान के फिर से सत्ता पर ​काबिज होने के बाद से अफगान नागरिक बेहद डरे हुए हैं। यही कारण है कि तालिबानी शासन से बचकर भागने की कोशिश में हजारों लोग हवाईअड्डे पर इकट्ठे हो गए हैं। अफगानिस्तान में स्थिति दिन ​प्रतिदिन बिगड़ती ही जा रही है। वहीं, पाकिस्तान में भी हालात बेहद खराब हो रहे हैं।

पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट डॉन के मुताबिक, बलूचिस्तान के गिचिक इलाके में आतंकवादियों द्वारा लगाए गए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की चपेट में आने से पाकिस्तानी सेना का एक कप्तान मारा गया और दो जवान घायल हो गए। पाकिस्तानी सेना ने रविवार को स्थानीय मीडिया को यह जानकारी दी। पाकिस्तानी सेना की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि घायल सैनिकों को खुजदे में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

आंतरिक मामलों के मंत्री शेख रशीद अहमद ने आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कप्तान की मौत पर दुख व्यक्त किया है। मंत्री ने कहा, “आतंकवादी कायरतापूर्ण हमलों से हमारे साहस को कम नहीं कर सकते। हम पूरी ताकत से आतंकवादियों से लड़ रहे हैं। हम उन्हें हरा देंगे।”

बता दें कि पाकिस्तान को आतंकवादियों का सबसे बड़ा संरक्षक माना जाता है। वहाँ की सरकार अपने मुल्क में आतंकियों को पनाह देती है। भारत ने हर मौके पर पाकिस्तानियों को आईना दिखाया है। भारत का दावा है कि पाकिस्तान द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन पाक में खूब फल-फूल रहे हैं। इन संगठनों को यहाँ संरक्षण मिला हुआ है।

मास्टरबेशन और उँगली पर छलका स्वरा भास्कर का दर्द, कहा – ‘फूल की तस्वीर भी लोग उसी से जोड़ देते हैं… फिर भी नहीं झुकूँगी’

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया को लेकर अपना दर्द साझा किया है। स्वरा भास्कर को इस बात का मलाल है कि सोशल मीडिया पर उनकी किसी भी पोस्ट को लोग ‘वीरे दी वेडिंग’ फिल्म में उनके मास्टरबेशन के दृश्य से जोड़ देते हैं। स्वरा भास्कर ने इंस्टाग्राम पर अपना दर्द साझा करते हुए सोशल मीडिया को सड़कों और रेस्टॉरेंट्स की तरह ही एक वर्चुअल सार्वजनिक स्थल बताया।

उन्होंने दावा किया कि लोग सार्वजनिक स्थलों पर लोगों के बीच जो सभ्य व्यवहार रखते हैं, सोशल मीडिया में उस तरह नहीं किया जाता। स्वरा भास्कर ने लिखा कि ‘वीरे दी वेडिंग’ के बाद वो एक फूल तक की तस्वीर शेयर नहीं कर सकती, क्योंकि लोग इसे मास्टरबेशन और उँगली से जोड़ने लगते हैं। उन्होंने इसे ‘दुर्व्यवहार’ और ‘साइबर यौन प्रताड़ना’ की श्रेणी में रखते हुए कहा कि वो इस दबाव के आगे नहीं झुकेंगी और ऑनलाइन अपनी उपस्थिति को कम नहीं करेंगी।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्पेस को घृणा, कट्टरता और बुलीइंग का अड्डा नहीं बनने दिया जा सकता। बता दें कि 1 जून, 2021 को ही स्वरा भास्कर, करीना कपूर और सोनम कपूर की फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ को रिलीज हुए 3 वर्ष पूरे हुए हैं। अब वो ‘शीर कोरमा’ नाम की एक फिल्म में दिखेंगी। इस फिल्म को ‘सेम सेक्स रिलेशनशिप’ की थीम पर बनाया जा रहा है। इसमें दिव्या दत्त भी है। कई फिल्म फेस्टिवल्स में इसका प्रदर्शन हो चुका है। भारत में ये फिल्म जल्द ही रिलीज होगी।

इंस्टाग्राम पर स्वरा भास्कर ने बयाँ किया अपना दर्द

ज्ञात हो कि हाल ही में तालिबानियों के आतंक की तुलना ‘हिंदुत्व’ से किए जाने पर बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर के ख़िलाफ़ हिंदू आईटी सेल ने FIR दर्ज करवाई थी। ये FIR असम के हाथीगाँव (Hatigaon) थाने में हुई है। इस मामले पर समूह के रिक्रूटमेंट हेड सांतनु साकिया (Santanu Sakia) द्वारा तहरीर दी गई थी। स्वरा भास्कर ने अपने ट्वीट में लिखा था“हम तालिबान के आतंक पर हैरानी और दुःख जताते हुए ‘हिंदुत्व आतंकवाद’ की तारीफ नहीं कर सकते। ऐसा भी नहीं हो सकता कि हम तालिबान के आतंक पर चुप बैठें और ‘हिंदुत्व आतंकवाद’ पर आक्रोश जताएँ।”

फर्जी ID बनाकर रोजाना 200 लड़कियों से करता था चैटिंग, प्यार का झाँसा देकर 65 लड़कियों का बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल के आरोप में गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कानपुर में क्राइम ब्रांच ने लड़कियों के अश्लील वीडियो बना ब्लैकमेल करने के एक आरोपित शख्स को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया शातिर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़के और लड़कियों के नाम से कई फर्जी आइडी बनाकर लड़कियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता और उन्हें फॉलो करता था। दोस्ती करने के बाद उन्हें अपने प्यार के जाल में फँसाकर उनका शारीरिक शोषण करता था और अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। पुलिस को आरोपित के मोबाइल से करीब 65 लड़कियों के अश्लील वीडियो मिले हैं। इसके अलावा एक हजार से ज्यादा अश्लील फोटो, 300 महिलाओं से चैटिंग, वीडियो कॉल व फोन कॉल के भी सुबूत मिले हैं। आरोपी इन्हें वायरल करने की धमकी देकर पीड़ितों पैसे ऐंठता था।

शारीरिक संबध बनाने के बाद करने लगा ब्लैकमेल 

इस शातिर की शिकार बनी एक महिला ने थाना कल्याणपुर में 7 अगस्त को एक FIR दर्ज कराई थी। उसमें पीड़िता ने बताया था कि अंकुर ओमर नाम के एक व्यक्ति ने फेसबुक पर दोस्ती करके उसे अपने जाल में फँसाया और उससे शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान उसने अश्लील वीडियो भी बना लिए। अब वह ब्लैकमेल कर रहा है और घर पर पति को भी सब पता चल गया है।

पुलिस के भी उड़ गए होश 

क्राइम ब्रांच ने शिकायत की जाँच करते हुए शाहजहाँपुर के थाना जलालाबाद निवासी 28 साल के शेखर सुमन उर्फ अंकुर ओमर को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच ने जब उसके मोबाइल और फेसबुक अकाउंट खँगाले तो पुलिस के भी होश उड़ गए। उसके पास से करीब 65 लड़कियों के अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि वह करीब 2000 महिलाओं के संपर्क में था।

रोज इतनी लड़कियों से करता था चैट 

शेखर सुमन रोजाना करीब डेढ़ से दो सौ लड़कियों को मैसेज करके चैट करता था। उसने फेसबुक पर अंकुर गुप्ता, आयुष अग्रवाल, अंकुर ओमर, नेहा अग्रवाल, सौम्या ओमर आदि के नाम से आईडी बना रखी है। अंकुर ओमर नाम से जो अकाउंट बना है, बस उसमें ही इसकी असली फोटो लगी है। बाकी में लड़कियों की फर्जी फोटो लगा रखी है। अंकुर शेखर उसका निकनेम है।

इन राज्यों के लड़कियों को भी ले रहा था झाँसे में 

कानपुर नगर के कल्याणपुर थाने में लिखा गया मुकदमा तो एक बानगी मात्र है। शेखर ने इसके अलावा आगरा, शाहजहाँपुर, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, प्रयागराज के साथ ही दिल्ली, मुंबई, झारखंड, उत्तराखंड आदि राज्यों की लड़कियों से रोजाना चैट करके उन्हें अपने झाँसे में ले रहा था। शेखर शाहजहाँपुर के एक संस्कृत महाविद्यालय से स्नातक है। उसे यह आइडिया अपने एक दोस्त सत्यम अवस्थी से मिला। शेखर के मुताबिक सत्यम भी इसी प्रकार लड़कियों से दोस्ती करता था। शेखर के पकड़े जाने के बाद क्राइम ब्रांच अन्य पीड़ि‍ताओं से संपर्क करने का प्रयास करेगी। इसके लिए शेखर सुमन के सोशल मीडिया एकाउंट भी खँगाले जाएँगे।

‘150 लोगों ने मेरे शरीर के हर हिस्से को नोचा’: महिला पत्रकार ने बताया ‘आज़ादी दिवस’ के दिन क्या हुआ था मजार-ए-कैद पर

पाकिस्तान में महिला उत्पीड़न की हालिया घटनाओं का विरोध हो रहा है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवाज़ उठाई जा रही है। मीनार-ए-पाकिस्तान पर हुई एक घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता और मल्टीमीडिया पत्रकार सबीन आगा ने भी अपने साथ हुई प्रताड़ना का वाकया साझा किया है। उन्होंने बताया कि उनके साथ कराची के मजार-ए-कैद पर दुर्व्यवहार किया गया था।

कुछ वर्षों पहले हुई इस घटना के बारे में उन्होंने बताया कि वो कोई टिकटॉकर या यूट्यूबर नहीं, बल्कि एक पत्रकार हैं। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को पाकिस्तान में मनाए जाने वाले ‘आज़ादी दिवस’ को कवर करने के लिए वो कराची के मजार-ए-शरीफ गई हुई थीं। उन्होंने बताया कि वो रिपोर्टिंग कर रही थीं, अपनी ड्यूटी में लगी थीं, हाल ही में टिकटॉकर लड़की पर जो आरोप लगे, वो किसी को किस वगैरह नहीं दे रही थीं।

उन्होंने बताया कि तभी 100-150 के करीब लोगों ने उन पर और उनके कैमरामैन पर हमला बोल दिया। उनके कैमरामैन व उसके कैमरे को इधर-उधर धक्का दिया गया। सबीन आगा ने बताया कि उनके शरीर के हर हिस्से को दबोचा गया। लोगों ने उनके कपड़े व दुपट्टे को खींचा। उन्होंने बताया कि इसी बीच एक व्यक्ति ने उनके दुपट्टे को उनके ही गले में डाल कर उन्हें जान से मारने की भी कोशिश की।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा है, “मुझे हर प्रकार की अश्लील गालियाँ दी गईं। अंत में किसी ने मेरा हाथ पकड़ा और किसी तरह उस सेक्सुअली फ़्रस्ट्रेटेड भीड़ से अलग निकाला। मैं काँपते हुए मजार-ए-कैद के पास स्थित पुलिस थाने में शिकायत है, जहाँ के पुलिसकर्मी सब देख कर भी अनजान बने हुए थे। जब मैंने उनसे पूछा कि वो मदद के लिए क्यों नहीं आए, तो उन्होंने कहा – ‘बीबी हम 4 थे और वो 150.. कैसे रोक सकते थे?'”

पुलिसकर्मियों ने उलटा उस महिला से ही पूछा कि आप यहाँ आई ही क्यों हैं? पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बेटी बख्तावर भुट्टो ने इस घटना के बाद सार्वजनिक स्थानों पर पुरुषों पर पाबंदी की माँग की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिलाएँ ही तैनात की जानी चाहिए। बता दें कि मजार-ए-कैद मोहम्मद अली जिन्ना की मजार है। इसे ‘नेशनल म्यूजियम’ भी कहा जाता है।

बता दें कि मीनार-ए-पाकिस्तान पर 400 लोगों ने एक युवती के साथ छेड़छाड़ व जबरदस्ती की, जिसमें एक सिक्युरिटी गार्ड भी शामिल था। उलटा पीड़िता पर ही आरोप लगे जा रहे हैं कि उसने भीड़ से बच कर भागने की कोशिश नहीं की। उस पर पब्लिसिटी स्टंट के आरोप लगाए जा रहे हैं। TikTok चलाने को लेकर भी पीड़िता पर कई आरोप लगे जा रहे हैं। पुलिस ने भी महिला पर भ्रमित करने का आरोप लगाया है।

बंगाल में TMC का रक्षाबंधन कार्यक्रम: अफगानियों को बाँधी ममता बनर्जी की फोटो और दिल्ली चलो नारे वाली राखी, लोगों ने कहा- ‘वोट बैंक है’

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने रक्षाबंधन के कार्यक्रम का आयोजन किया, जहाँ अफगानी नागरिकों को ममता बनर्जी की तस्वीर वाली राखी बाँधी गई। इन राखियों पर ‘दिल्ली चलो’ भी लिखा हुआ था।

पूरा देश आज (22 अगस्त 2021) को रक्षाबंधन का त्योहार मना रहा है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के दमदम इलाके में सत्ताधारी TMC ने भी रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान महिलाओं ने अफगानी नागरिकों और इलाके के अन्य लोगों को राखियाँ बाँधीं। TMC के इस कार्यक्रम में जिन राखियों का उपयोग किया गया था, उन पर TMC सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर बनी हुई थी और उन पर ‘दिल्ली चलो’ भी लिखा हुआ था।

हालाँकि, अफगानी नागरिकों को राखी बाँधने के इस कार्यक्रम का आयोजन करने के बाद सोशल मीडिया पर TMC की आलोचना भी हुई और कहा गया कि पार्टी सिर्फ अपना वोट बैंक बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा यह प्रश्न भी उठा कि अफगानी नागरिक बंगाल में क्या कर रहे हैं और उन्हें रक्षाबंधन का मतलब भी पता है या नहीं?

यहाँ एक बात और ध्यान देने योग्य है कि राखियों पर सीएम ममता बनर्जी की तस्वीर है और उन पर ‘दिल्ली चलो’ लिखा हुआ है, जो ममता बनर्जी की उस महत्वाकांक्षा को प्रदर्शित करता है जिसके चलते हाल ही में उन्होंने दिल्ली की यात्रा की और कई विपक्षी नेताओं से मुलाकात भी की थी। उनकी यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चाबंदी से प्रेरित मानी जा रही थी।

अब जबकि TMC के इस रक्षाबंधन कार्यक्रम में अफगानी नागरिकों को राखियाँ बाँधी गई हैं, तब उन भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की चर्चा करनी जरूरी हो जाता है, जिनके खिलाफ 02 मई 2021 को राज्य विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद हिंसा शुरू हो गई थी और लगातार कई दिनों तक चलती रही। इस दौरान न केवल कई भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की गई और महिलाओं का उत्पीड़न किया गया, बल्कि उनके घरों, दुकानों और संपत्तियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। इस हिंसा का आरोप TMC के ही कार्यकर्ताओं और सदस्यों पर लगा। ऐसे में अफगानी नागरिकों को राखी बाँधना तुष्टिकरण ही मालूम होता है।

मेरठ: 15 साल में 4 महिलाओं को अब्दुल सलाम ने बनाया लव जिहाद का शिकार, विक्की और अनिल बन करता था यौन शोषण

उत्तर प्रदेश के मेरठ में 15 साल में 4 महिलाओं से नाम बदलकर शादी करने और उनका यौन शोषण करने के आरोप में अब्दुल सलाम नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। सलाम के पास से हिन्दू नामों वाले फर्जी पहचान पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनकी सहायता से सलाम नाम बदलकर महिलाओं को अपने जाल में फँसाता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सदर के टंडेल मोहल्ले की निवासी एक महिला को अब्दुल सलाम ने अनिल सैनी बनकर अपने जाल में फँसा लिया और उसके साथ शारीरिक संबंध भी बनाए। इसी बीच आरोपित सलाम की पहली पत्नी पिंकी उस महिला के संपर्क में आई और उसने अब्दुल सलाम की सच्चाई बताई। इसके बाद सदर निवासी महिला और पिंकी ने थाने पहुँचकर आरोपित सलाम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पिंकी ने जानकारी दी कि आरोपित सलाम अक्सर नाम बदलकर महिलाओं को अपने जाल में फँसाता है और उनका यौन शोषण करता है। साथ ही आरोपित सलाम ने रूही और मोनिका नाम की दो अन्य महिलाओं से शादी की और उनके धर्मांतरण का प्रयास किया।

पिंकी और आरोपित सलाम की एक 12 साल की बेटी भी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित सलाम के खिलाफ रेप, अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न, फर्जीवाड़ा और झूठे दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज किया है। शनिवार (21 अगस्त 2021) को आरोपित सलाम को भेज दिया गया और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

ज्ञात हो कि बुलंदशहर का रहने वाला अब्दुल सलाम मेरठ आकर रहने लगा और यहाँ बिजली मिस्त्री का काम करने लगा। इसी दौरान आरोपित सलाम ने अपना नाम बदलकर अनिल सैनी और विक्की सिंह रख लिया। आरोपित के ड्राइविंग लाइसेंस में उसका नाम विक्की सिंह लिखा हुआ है, जबकि आरोपित का आधार कार्ड अनिल सैनी के नाम से बना हुआ है। अब पुलिस आरोपित के सभी फर्जी दस्तावेजों की जाँच कर रही है।

‘बहन की गाली देने वाले आज त्योहार मना रहे’ – रक्षाबंधन पर गैंग (इस्लामी/फर्जी नारीवादी/वामपंथी) एक्टिव

देश में हर्षोल्लास के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदी पंचांग के अनुसार, 22 अगस्त को सावन मास की पूर्णिमा तिथि है। सावन पूर्णिमा की तिथि हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। इस तिथि को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन का त्योहार पूरे देश में मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बाँधती हैं।

लेकिन क्या सब रक्षाबंधन में भाई-बहन-प्यार ही ढूँढते हैं या पगलेट तर्कों के साथ सोशल मीडिया पर जहर भी फैलाते हैं? आइए देखते हैं।

इस मौके पर एक बार फिर से नारीवादी (फर्जी वाला) और इस्लामी गैंग भी एक्टिव हो गया है। @Sahas_1015 नाम के ट्विटर यूजर ने इसे असमानता और भेदभाव का त्योहार बताने के लिए एक सीरीज चलाया, जिसमें कई लोगों ने इसे पितृ सत्तात्मक तो कई ने इसे बँधन में बाँधना बताया। बिहार की सोनाली का कहना है कि क्यों राखी भाई की कलाई पर ही बाँधी जाती है? क्यों भाई ही बहन की रक्षा करेगा? वो अपनी रक्षा खुद क्यों नहीं कर सकती? इसलिए उसने इस बार खुद को राखी बाँधने का फैसला किया।

इसी तरह कई अन्य ने भी इस त्योहार को लेकर अपनी ‘राय’ रखी और समानता की बात की।

नताशा नाम की यूजर ने लिखा, “आज बहनें अपनी सुरक्षा की आशा के साथ भाइयों को धागा बाँधने का जश्न मना रही हैं #रक्षा, वही भाई जो अपनी बहनों और महिलाओं को सामान्य रूप से गाली देते हैं, और अपने ‘मर्दाना कर्तव्यों’ को करने के लिए उनकी पीठ थपथपाते हैं।”

सुमन सिद्धू ने लिखा, “रक्षाबंधन के पीछे का विचार और अर्थ “सुरक्षा” है, जिसमें बहनें भाइयों को राखी बाँधती हैं। यह इस विचार को बढ़ावा दे रही हैं कि भाइयों को पितृसत्ता के कारण अपनी बहनों की रक्षा करनी चाहिए। महिलाओं को सुरक्षा के लिए एक पुरुष की आवश्यकता है। स्पष्ट तौर पर यह एक बेतुका त्योहार है।”

उसने आगे लिखा, “आप सब अपने आप को मूर्ख मत बनाओ। यह एक बेतुका त्योहार है। साथ ही कोई भी भाई-बहन के मिलन के विचार का विरोध नहीं कर रहा है, यह आश्चर्यजनक है, हमें यह करना चाहिए, लेकिन कृपया अपने आप को मूर्ख न बनाएँ, कम से कम इस तथ्य को स्वीकार करें कि आप एक ऐसा दिन मना रहे हैं जो कहता है कि एक महिला को सुरक्षा के लिए एक लड़के की आवश्यकता होती है।”

एक अन्य यूजर ने पितृसत्ता का समर्थन करने वालों के अलावा सभी को राखी की शुभकामनाएँ दी। हालाँकि इनके ट्वीट पर भी कई लोगों ने प्रतिक्रियाएँ दीं। एक ने पूछा, “फेमिनिस्ट, कम्युनिस्ट और इस्लामी अलग-अलग होते हैं क्या?” वहीं एक अन्य ने कहा कि अभी तो और भी ब्लू टिक वाली नारीवादियों का आना बाकी है। एक यूजर ने कहा कि क्यों इनको अटेंशन देना, इनको यही चाहिए, भौंकने दो इनको आराम से।

फेसबुक पर भी ट्विटर वाला कीड़ा दिखा। TV9 भारतवर्ष के एक पत्रकार हैं तनवीर अली। ये लिखते हैं – ‘बहन की गाली देने वाले आज त्योहार मना रहे हैं।’ तनवीर जैसे बकलोल पत्रकार को कौन समझाए कि बकरीद पर पशु-रक्षा की बात करने पर कैसे सुलग जाती है इनके मुल्ले-मौलानाओं की!

पिछले कुछ वर्षों से धर्मनिरपेक्षता के नाम पर हिन्दू त्योहारों को अपमानित करने की एक मुहिम सी चल पड़ी है, मानो इससे ज़्यादा आवश्यक कोई काम नहीं है। हिंदू त्योहार हमेशा से इस्लामी कट्टरपंथियों और वामपंथियों के निशाने पर रहे हैं, जो सिद्ध करता है कि हिंदू आस्था के प्रति इनकी घृणा किस हद तक बढ़ी हुई है।

ईसाई मिशनरियों के निशाने पर बिहार, गया के बाद सारण में लालच देकर 500 लोगों का धर्मांतरण, अधिकांश महिलाएँ

बिहार में हिंदुओं को प्रलोभन देकर तेजी से ईसाई धर्म में कन्वर्ट किया जा रहा है। हर जिले में ईसाई मिशनरियों का धर्म परिवर्तन का खेल तेज हो गया है। गया में कई परिवारों के धर्मांतरण के बाद अब सारण जिले से ऐसी ही खबर सामने आई है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बक्‍सर जिले में भी ऐसी एक संस्‍था काम कर रही है। बताया जा रहा है कि सारण के इसुआपुर प्रखंड के सुम्हां रामचौड़ा गाँव और मढ़ौरा में ईसाई मिशनरी हिंदुओं को तरह-तरह के प्रलोभन देकर पिछले एक साल से ग्रामीणों का धर्मांतरण करा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि एक साल में 500 से अधिक लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने धर्मांतरण किया है।

इसुआपुर थानाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों में ईसाई मिशनरी की इस साजिश को लेकर खासा आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि पास के बंगरा गाँव में हर रविवार को ईसाई धर्मगुरुओं द्वारा सभा का आयोजन किया जाता है। इस दौरान हिंदू लोगों को लालच देकर आठ-दस लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है। खासकर, गरीब और विधवा महिलाएँ उनके झाँसे में आ जाती हैं।

धर्म परिवर्तन करने वाली महिलाओं का कहना है कि वह अपनी जाति नहीं बदल रही हैं। धर्मांतरण कर चुकी सोया का कहना है कि गाँव की अन्य महिलाएँ रंजू देवी, संगीता देवी, आरती देवी, सरिता देवी, धनावती देवी, संगीता देवी ने भी धर्मांतरण किया है। उनके गुरु सोनू मास्टर हैं, जिनके सानिध्य में छपरा, मढ़ौरा, इसुआपुर और अन्य जगहों पर साल भर में कुल 500 लोगों ने ईसाई धर्म में कन्वर्ट किया है।

बता दें कि जुलाई 2021 में दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि गया में पिछले दो साल में करीब आधा दर्जन गाँवों में धर्मांतरण हुआ है। वहीं, जिन लोगों पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगा था, वो खुद भी कभी हिंदू थे। बताया जाता है कि करीब 6 साल पहले यहाँ के मानपुर प्रखंड के खंजाहापुर गाँव के 500 लोगों ने हिंदू धर्म छोड़ बौद्ध धर्म अपना लिया था।

मुख्तार अंसारी का गुर्गा शकील हैदर 66 करोड़ का लोन डकार गया था, UP पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की बाँदा जेल में बंद बसपा के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी गुर्गे और करोड़ों की ठगी के आरोपित शकील हैदर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि शनिवार (21 अगस्त) देर रात लखनऊ के हजरतगंज के जॉपलिंग रोड से पुलिस ने शकील हैदर को गिरफ्तार किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शकील हैदर मुख्तार का बेहद खास गुर्गा है। वह लोगों को मुख्तार का भय दिखाकर उनसे पैसे वसूलता था। इसके साथ ही शकील लखनऊ में रहकर मुख्तार का नेटवर्क चलाता था। वह यहाँ मुख्तार के करीबियों के आने पर उनके रहने की व्यवस्था करता था। उसके खिलाफ वजीरगंज कोतवाली, अमेठी समेत कई अन्य जनपदों में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर फर्जी दस्तावेज के जरिए अमीनाबाद के एक बैंक से 66 करोड़ का लोन हड़पने करने का भी आरोप है।

बताया जा रहा है कि उसने जेहटा रोड स्थित पाँच बीघे के प्लॉट पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अमीनाबाद स्थित बैंक से 66 करोड़ रुपए का लोन लिया था। इसके बाद उस प्लॉट को 70 से 75 लोगों को बेच दिया था। इस बारे में जब खरीदारों को जानकारी हुई, तो उन्होंने इसका विरोध किया। इस पर शकील और उसके गुंडे उन्हें धमकाने लगे।

इंस्पेक्टर वजीरगंज धनंजय पांडेय ने बताया कि शकील को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे रात भर चली पूछताछ में कई अन्य तथ्यों के बारे में भी जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि शकील के खिलाफ दर्ज जालसाजी के मुकदमे में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जाँच की जा रही है, जिन्होंने उसे फर्जी दस्तावेजों पर कर्ज दिया था।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार राज्य के माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में मंगलवार (03 अगस्त 2021) को कुख्यात माफिया और अपराधी मुख्तार अंसारी से जुड़ी लगभग 2 करोड़ 18 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई थी। यह संपत्ति अंसारी की बीवी और उसके सालों के नाम पर थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस बताया था कि गाजीपुर जिलाधिकारी के द्वारा बीते 02 अगस्त 2021 को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत अपराधिक गैंग आईएस-191 के लीडर अंसारी की बीवी आफसा अंसारी और उसके सालों सरजील रजा और अनवर शहजाद की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया था।

वीर सावरकर के नाम पर कॉलेज खोलेगा DU, उच्च-स्तरीय कमिटी की सिफारिश: परिषद की मुहर लगनी बाकी

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के नाम पर कॉलेज खोलने की योजना बना रहा है। एक उच्च-स्तरीय कमिटी ने नया कॉलेज खोलने के लिए वीर सावरकर के नाम की सिफारिश की है। मंगलवार (24 अगस्त, 2021) को होने वाली एक अकादमिक बैठक में इस पर चर्चा होगी। DU ने नजफगढ़ के रोशनपुरा और साउथ एक्सटेंशन में एक-एक सुविधा केंद्र खोलने की योजना बनाई है।

नजफगढ़ के रोशनपुरा में 16.35 एकड़ एवं भाटी कलां में 40 एकड़ जमीन पर कॉलेज खोले जाने की DU की योजना है। जून 2020 में ही इन कॉलेजों के नाम को लेकर सुझाव माँगे गए थे। बड़ी संख्या में शिक्षक समुदाय से लेकर कई अन्य लोगों ने भी इसके लिए वीर सावरकर का नाम सुझाया है। ‘दैनिक जागरण’ की खबर के अनुसार, DU ने एक रिपोर्ट भी तैयार की है जिसमें पहली बार वीर सावरकर का जिक्र है।

जल्द ही इस रिपोर्ट को अकादमिक परिषद में भी पेश किया जाना है। DU के कुलसचिव डॉक्टर विकास गुप्ता ने जा दी है कि जिन लोगों के नाम इस सुझाव में सामने आए हैं, उनमें दिवंगत पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर और स्वामी विवेकानंद के अलावा देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार पटेल भी शामिल हैं। अकादमिक परिषद (AC) एवं कार्यकारी परिषद (EC) में इन नामों पर चर्चा होगी।

यही दोनों समितियाँ हैं, जिन्हें अंतिम नामों पर मुहर लगानी है। इन दोनों कॉलेजों व सुविधा केंद्रों से दक्षिणी दिल्ली, बाहरी व पश्चिमी दिल्ली में रहने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे पहले इन्हें दाखिला, परीक्षा, फीस, मार्कशीट और अन्य शैक्षिक कार्यों के लिए नॉर्थ व साउथ कैम्पस के दौड़ लगाने पड़ते थे। पहले दो सुविधा केंद्र खोले जाएँगे, जिसके बाद इन्हें कॉलेजों में तब्दील कर दिया जाएगा। इससे छात्रों की समस्याएँ भी दूर होंगी।

बता दें कि विनायक दामोदर सावरकर जब कालापनी की सज़ा भुगत रहे थे, तब महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका से लौटे तक नहीं थे और जब 28 वर्ष के सावरकर को अंडमान-निकोबार में बने सेल्युलर जेल में कोल्हू के बैल की जगह जोता जाता था, उसके 4 वर्षों बाद 45 साल के मोहनदास करमचंद गाँधी का भारत में आगमन हुआ। रानी लक्ष्मीबाई, पेशवा नाना और वीर कुँवर सिंह की गाथाओं को इतिहास से खोद कर निकालने का श्रेय उन्हें ही जाता है।