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निमरोज के गवर्नर पैलेस पर तालिबान का कब्जा, करेंसी एक्सचेंज पर भी: भारत की ‘चाबहार पोर्ट’ परियोजना पर असर?

तालिबान ने अफगानिस्तान के निमरोज (Nimruz) प्रांत की राजधानी जरंज (Zaranj) पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया और गवर्नर के पैलेस पर भी कब्जा कर लिया है। हालाँकि, यह खबर पहली नजर में महीनों से चल रहे अफगान संघर्ष की एक ‘रूटीन न्यूज’ लग सकती है, लेकिन वास्तविकता में यह भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। जरंज पर तालिबान का कब्जा हो जाने के बाद ईरान में भारत की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘चाबहार पोर्ट’ प्रभावित हो सकती है।

अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो सेनाओं की वापसी के साथ शुरू हुआ संघर्ष अब बढ़ता जा रहा है। तालिबान और अफगानिस्तान की सेना के बीच भीषण युद्ध चल रहा है, जिसमें कभी तो अफगानी सेना हावी होती दिखाई देती है, लेकिन तालिबान भी लगातार शहरों पर कब्जा करता जा रहा है। सड़कों, सैन्य चौकियों और महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कब्जा करके तालिबान अफगानिस्तान की सेनाओं के मूवमेंट को ब्लॉक करना चाहता है, ताकि किसी प्रकार की सहायता एक स्थान से दूसरे स्थान तक न पहुँचाई जा सके। इसी क्रम में तालिबान ने निमरोज प्रांत की राजधानी जरंज पर कब्जा कर लिया। सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जहाँ तालिबानी आतंकी प्रांत के गवर्नर के पैलेस पर ‘पार्टी’ करते हुए देखे जा सकते हैं। इसके अलावा, जरंज के करेंसी एक्सचेंज पर भी तालिबान का कब्जा हो चुका है।

जरंज पर कब्जा चिंता का विषय क्यों?

जरंज पर तालिबान का कब्जा होना भारत के लिहाज से उचित नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि जरंज के साथ भारत के भी हित जुड़े हुए हैं। यह हित है, ईरान में भारत द्वारा निर्मित जा रहे चाबहार पोर्ट की सुरक्षा का। हालाँकि, जरंज से चाबहार पोर्ट की दूरी लगभग 900 किमी है तो ऐसे में तालिबान सीधे तौर चाबहार पर हमला या कब्जा नहीं कर सकता, लेकिन चिंता की बात है जरंज की रणनीतिक स्थिति। दरअसल जरंज, अफगानिस्तान और ईरान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है और अफगानिस्तान के देलाराम (Delaram) से जरंज तक सड़क निर्माण भारत द्वारा ही कराया गया था, जिसके माध्यम से भारत की योजना अफगानिस्तान के गारलैंड हाइवे होते हुए हेरात, कांधार, काबुल और मजार-ए-शरीफ तक पहुँचने की थी।

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ओमान की खाड़ी में स्थित चाबहार पोर्ट और उसके बाद अफगानिस्तान, भारत की उस रणनीति का एक हिस्सा हैं, जहाँ भारत, पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान समेत मध्य-पूर्वी एशिया के देशों तक अपनी पहुँच बढ़ा सकता है। कजाखिस्तान, तजीकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिस्तान जैसे देशों में भारत के व्यापार को पहुँचाने के लिए चाबहार पोर्ट और अफगानिस्तान बहुत महत्व के क्षेत्र हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान के माध्यम से भारत न केवल मध्य-पूर्व एशिया, बल्कि रूस और यूरोप तक भी अपनी पहुँच को मजबूत कर सकता है। अफगानिस्तान के जरंज पर तालिबान के कब्जे के कारण अफगानिस्तान को नुकसान तो होगा ही, भारत को भी अपनी रणनीति में परिवर्तन करना पड़ेगा।

निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेशी मामलों के मंत्री एस. जयशंकर इस पूरे घटना क्रम में नजर रखे हुए हैं और इस मामले में अपने समकक्षों के संपर्क में भी हैं। लेकिन, भारत के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि पहले ही कई बार यह ख़बरें आ चुकी हैं कि पाकिस्तान और ISI, अफगानिस्तान में भारत की सहायता और भारत की ही फंडिंग के माध्यम से बनाई गई सम्पत्तियों को निशाना बनाना चाहते हैं। इसमें पाकिस्तान के कई सैन्य अधिकारी एवं आतंकी इस काम में तालिबान की सहायता कर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान, तालिबानी आतंकियों द्वारा जरंज जैसे सीमाई और रणनीतिक इलाकों में कब्जा करने का लाभ अवश्य उठाना चाहेगा।

हर साल महिला से अपराध की 12000+ घटनाएँ: सोना तस्करी, कोरोना, ISIS भर्तियों से जूझते केरल की छवि कैसे बचे?

कोरोना वायरस संक्रमण.. ISIS में भर्तियाँ.. महिलाओं के खिलाफ अपराध.. सोना तस्करी.. जब इन चारों चीजों को मिला दिया जाए तो हमें मिलता है केरल का वामपंथी शासन। यहाँ हम सबसे पहले बात करेंगे केरल में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर। साढ़े 3 करोड़ की जनसंख्या वाले केरल में महिलाओं के खिलाफ अपराध इतने होते हैं, जितने मामले देश के बड़े-बड़े राज्यों में भी सामने नहीं आते।

शुरू करते हैं केरल विधानसभा में दिए गए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के ताज़ा बयान से। उन्होंने बुधवार (12 अगस्त, 2021) को कहा कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो उनके द्वारा नकार दिए गए कथित प्रेमियों द्वारा अंजाम दिए जाते हैं। उन्होंने ऐसे अपराधों को रोकने की बात करते हुए कहा कि बंदूक की तस्करी पर भी पुलिस लगाम लगाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध कहीं भी हों, नजदीकी थाने को मामला दर्ज कर के 24 घंटे के भीतर जाँच के शिकायतकर्ता के गृह थाने में सौंपी जाए।

कई ऐसे अपराधी भी हैं, जो नाबालिग लड़कियों को फँसाने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वो इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के अपराधों को सिर्फ ‘साइबर क्राइम’ की श्रेणी में ही नहीं रखा जा सकता। उन्होंने सरकार द्वारा ऐसे मामलों पर अतिरिक्त ध्यान देने का आश्वासन देते हुए बच्चों को मानसिक राहत देने सम्बन्धी उपायों पर बल दिया। साथ ही मजबूरी जताई कि सरकार नए साइबर कानून नहीं बना सकती और मौजूदा कानूनों के अंतर्गत ही उसे काम करना पड़ेगा।

आखिर केरल में ऐसी नौबत आई ही क्यों? ऐसे, आगे बढ़ने से पहले जरा आँकड़ों की बात कर लेते हैं। ‘इंडिया टुडे’ ने 10 साल के आँकड़ों को जुटाया था तो पाया था कि राजस्थान रेप के मामले की वृद्धि में अव्वल है। इस शर्मनाक रिकॉर्ड की सूची में दूसरे नंबर पर केरल ही है। जी हाँ, केरल इस मामले में अपने से दोगुनी जनसंख्या वाले राज्य के बाद इस मामले में दूसरे स्थान पर है। ये आँकड़े ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB)’ से लिए गए हैं।

अगर 2009 से 2019 की बात करें तो जहाँ राजस्थान में रेप के मामले 1519 से सीधा 5997 तक पहुँच गए, जबकि केरल में ये संख्या इन्हीं 10 वर्षों में 568 से सीधा 2023 तक चली गई। इस तरह से एक दशक में केरल में बलात्कार के मामलों की संख्या 256% बढ़ गई। राजस्थान और केरल के बाद इस मामले में दिल्ली का स्थान आता है। मध्य प्रदेश शीर्ष 10 राज्यों में अकेला है, जहाँ रेप के मामले घटे।

केरल सरकार की ही वेबसाइट की बात करें तो 2016 में वहाँ बलात्कार के 1656 मामले सामने आए, 2017 में 2003 मामले, 2018 में 2005 मामले, 2019 में 2023 मामले और 2020 में 1880 मामले सामने आए। वहीं जून 2021 तक की बात करें तो कुल 1049 रेप के मामले इस साल आ चुके हैं। इस तरह पिछले 5 वर्षों में राज्य में बलात्कार के मामले बढ़े ही हैं, वो घटने का नाम नहीं ले रहे।

वहीं 2016, 2017, 2018 व 2019 में छेड़खानी की लगातार 4000 से अधिक मामले सामने आते रहे। 2020 में ये आँकड़ा 3890 रहा और 2021 में आधे साल में ऐसे 1715 मामले सामने आ चुके हैं। यानी, केरल में हर साल महिलाओं के साथ अपराध के 12,000 से अधिक मामले सामने आते ही हैं। अगर सरकार ने सही में इससे निपटने के लिए कदम उठाया होता तो आज शायद ये स्थिति नहीं होती।

बच्चों के साथ यौन अपराध की बात करें तो मई 2020 तक ही केरल में ऐसे 627 मामले सामने आए हैं। 2016 से 2020 तक के मासिक औसत की बात करें तो ये संख्या उससे कहीं ज्यादा है। 2019 में सबसे ज्यादा, यानी बच्चों के यौन शोषण के 1313 मामले सामने आए। 2016 में 958 बच्चियों का बलात्कार हुआ था, और 2020 में ये आँकड़ा 1143 रहा था। यानी इस मामले में भी केरल में कोई खास सुधर नहीं है।

इन्हीं सबके बीच केरल के गोल्ड और डॉलर स्मलिंग केस के आरोपित स्वप्न सुरेश और पीएस सरिथ ने कस्टम डिपार्टमेंट के सामने बड़ा खुलासा किया है। आरोपितों ने सीमा शुल्क विभाग को बताया है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन 2017 में संयुक्त अरब अमीरात की अपनी यात्रा के दौरान यूएई डॉलर का बंडल लेकर जाने वाले थे। जिसने ये जानकारी दी है, उसका नाम पीएस सरिथ है। वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारी पीएस सरिथ ने पिछले साल अक्टूबर में इसको लेकर बयान दिया था।

जिन कॉन्ग्रेसी महिला सांसदों ने अपने साथ हाथापाई का आरोप लगाया, उन्हीं ने महिला मार्शल को खींचा-मारा: देखें वीडियो

विपक्षी महिला सांसदों ने बुधवार (11 अगस्त 2021) को आरोप लगाया कि राज्यसभा में एक महिला मार्शल (सुरक्षाकर्मी) ने उनके साथ हाथापाई की और बलप्रयोग किया। हालाँकि इस दावे के विपरीत राज्यसभा की कार्यवाही से जुड़े विजुअल्स में यह पता चलता है कि कॉन्ग्रेस सांसद पी देवी नेताम और छाया ने महिला मार्शल (सफेद साड़ी में) को खींचा और उनके साथ मारपीट की।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी जानकारी दी कि महिला मार्शल से हाथापाई के प्रयास हुए हैं जबकि विपक्ष लगातार इसका खंडन कर रहा है।

राज्यसभा की कार्यवाही का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें विपक्षी सांसदों को मार्शल्स के साथ बदतमीजी करते हुए देखा जा सकता है।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने आज (12 अगस्त 2021) प्रोटेस्ट मार्च किया और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। राहुल गाँधी ने तो यह भी आरोप लगाया कि सांसदों पर बाहरी लोगों ने हमला किया, जिन्हें केंद्र सरकार ने विपक्ष को पीटने के लिए बुलाया था।

डैकती के दौरान रेप करता था कदीम खान, विरोध पर कर देता था हत्या: 200+ मर्डर करने वाला छैमार गिरोह का सरगना गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आतंक का पर्याय बन चुके छैमार गिरोह के सरगना फाती उर्फ कदीम उर्फ अशद खान को बुधवार (11 अगस्त 2021) को यूपी एसटीएफ की आगरा इकाई ने टीपी नगर से गिरफ्तार कर लिया। कन्नौज के तिर्वा थाना क्षेत्र के बिनौरा गाँव का रहने वाला अशद खान वर्तमान में हापुड़ के थाना गढ़ के दौतई गाँव में रह रहा था।

छैमार गिरोह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश में दर्जनों वारदातों को अंजाम दे चुका है। उसने एसटीएफ को पूछताछ में बताया है कि उसे खुद नहीं मालूम कि उसके कितने नाम हैं औऱ उसने कितनी हत्याएँ की हैं। उसके फाती उर्फ कदीम उर्फ अशद खान उर्फ पहलवान उर्फ बबलू उर्फ मोनिस आदि नाम हैं। एसटीएफ को शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि उसके खिलाफ 15 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें आधा दर्जन मामले डकैती के दौरान हत्या के हैं। इसके अलावा, उसके 12 नामों का भी पता चला है।

रिपोर्ट के मुताबिक, उसे साल 2016 में एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने गिरफ्तार किया था। हालाँकि, बाद में वह फर्जी जमानतदारों के सहारे जेल से बाहर आया और फरार हो गया। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के जौनपुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज है औऱ उस पर 25,000 रुपए का इनाम भी है।

कैसे देता था वारदात को अंजाम

छैमार गिरोह के सरगना फाती ने एसटीएफ को बताया है कि उसका गिरोह बहुत ही संगठित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। जिस भी शहर में उसे डकैती करनी होती थी तो उस इलाके में ये महिलाओं से भिखारी का वेश बनाकर रेकी करवाते थे और बाद में वारदात को अंजाम देते थे।

यह गैंग जिस घर को निशाना बनाता था वहाँ डकैती, हत्या और रेप की वारदात को अंजाम देता था। वारदात को अंजाम देते वक्त अगर कोई विरोध करता था तो ये उसकी हत्या कर देते थे। वारदात के साथ गिरोह राज्य तक बदल देता था। गैंग का सरगना खुद भी कई हत्याएँ कर चुका है।

इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह के मुताबिक, 1997 में राजस्थान में इस गिरोह ने 7 लोगों की हत्याएँ की थी, जिसमें 2 बच्चे भी शामिल थे। एसटीएफ ने खुलासा किया है कि यह गिरोह अब तक 200 लोगों की हत्याएँ कर चुका है। फाती ने दावा किया है कि वो केवल 15 दिनों में ही अपना गिरोह फिर से तैयार कर सकता है।

छैमार गिरोह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, झारखंड में सैकड़ों वारदातों को अंजाम दे चुका है। इसकी खास बात यह है कि यह गिरोह जहाँ भी जाता है वहाँ का फर्जी आधार कार्ड, वोटर कार्ड बनवा लेता है।

सलमान खान पर जिसे मारने का आरोप था, उसी की फोटो लगी शॉल ओढ़ा- पब्लिक ने ट्रोल कर याद दिलाई बात

टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली खिलाड़ी मीराबाई चानू से बॉलीवुड एंटरटेनर सलमान खान ने बुधवार (11 अगस्त 2021) को मुलाकात की। उन्होंने चानू के साथ मुलाकात की इमेज भी ट्विटर हैंडल पर शेयर की, जिसमें जिसमें मीराबाई चानू अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ उन्हें गले लगाती नजर आ रही हैं।

टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई चानू की सफलता के लिए बधाई देते हुए 55 वर्षीय ‘एक्टर’ सलमान खान ने ट्वीट किया, “रजत पदक विजेता @mirabai_chanu, मैं बहुत खुश हूँ… आपके साथ प्यारी मुलाकात…. बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।” इसके जवाब में मीराबाई ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘थैंक्यू @beingsalmankhan सर। मैं आपकी बहुत बड़ी प्रशंसक हूँ और यह मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है।”

आपसी मुलाकात के दौरान बॉलीवुड सुपरस्टार ने काले रंग की टी-शर्ट और गले में आईवरी स्कार्फ था, जबकि ओलंपियन ने गुलाबी शर्ट पहनी हुई थी। इस दुपट्टे ने इस पर बने मोटिफ के कारण सभी का ध्यान आकर्षित किया। नेटिजन्स ने देखा कि दुपट्टे पर एक ‘हिरण’ बना है और सोचा कि इसे मीराबाई चानू ने उपहार में सलमान को दिया है। इसके बाद नेटिजन्स ने बॉलीवुड अभिनेता को ऐसा उपहार पेश कर उन्हें ट्रोल करने के लिए चानू की प्रशंसा की।

सोशल मीडिया यूजर्स ने सलमान खान के हिरणों के साथ जटिल संबंधों को याद किया, क्योंकि सलमान खान 1998 में आई फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान दो काले हिरणों के शिकार में कथित तौर पर शामिल थे। सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे समेत कई अन्य लोगों पर फिल्म की शूटिंग के दौरान कथित तौर पर राजस्थान के कांकनी गाँव में दो काले हिरणों का शिकार करने का आरोप था।

हालाँकि, जोधपुर काला हिरण शिकार मामले में कोर्ट द्वारा बॉलीवुड अभिनेताओं को बरी करने के बाद सभी आरोपितों को राहत मिली थी।

खैर, काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान के बरी होने के बावजूद नेटिजन्स ने सलमान खान को जमकर ट्रोल किया। सोशल मीडिया यूजर्स ने सोचा कि मीराबाई चानू ने दो हिरणों वाली स्कॉर्फ सलमान को सम्मान स्वरूप भेंट की थी। नेटिज़न्स ने सलमान भाई पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या दुपट्टे पर दो ‘हिरण’ उन दो काले हिरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनका शिकार अभिनेता ने कथित तौर पर 1998 में फिल्म की शूटिंग के दौरान किया था।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ट्विटर पर #deer को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक मीम फेस्ट चलाने के लिए ट्रेंड किया और कहा कि ‘मीराबाई द्वारा भेंट किया गया स्कार्फ’ अभिनेता को एक उचित सम्मान थी।

नेटिज़न्स ने कहा कि हिरण और सलमान खान का स्वर्ग में बनी जोड़ी है और बेहद ‘डेडली’ कॉम्बिनेशन भी है।

खास बात यह है कि नेटिज़न्स को ऐसा लगता है कि मीराबाई चानू ने सलमान को यह स्कॉर्फ दिया था, लेकिन इस बात की पुष्टि के लिए कोई तथ्य नहीं है। यह सिर्फ एक स्कार्फ या स्टॉल हो सकता है, जिसे सलमान खान ने फैशन एक्सेसरीज के तौर पर भी पहना हो सकता है या चानू द्वारा भेंट की गई भी हो सकती है। हालाँकि, दुपट्टे पर छपे हिरण असल में मणिपुर से ही संबंधित हैं।

इस इमेज को करीब से देखने पर पता चलता है कि स्कॉर्फ में ‘हिरण’ एक काला हिरण नहीं है, बल्कि एक संगाई हिरण है, जो मीराबाई के गृह राज्य मणिपुर में पाया जाता है। सोशल मीडिया यूजर्स ने शॉल पर संगाई की तस्वीर को ही पहचानने में गलती कर दी और उन्होंने इसे ब्लैकबक्स समझकर सलमान खान को ट्रोल कर दिया।

लोकटक झील के दक्षिणी भाग में स्थित केबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान के दलदली घास के मैदानों या फुमिड्स में पाए जाने वाले संगाई मणिपुर का राज्य पशु है। यह एक लुप्तप्राय प्रजाति है, जो कि केवल मणिपुर में ही पाई जाती है और मणिपुरी लोग इसकी पूजा भी करते हैं। सलमान की तस्वीर को जूम इन करके देखने पर पता चलता है कि हिरणों की तस्वीरों के ठीक नीचे ‘संगाई’ और ‘मणिपुर’ शब्द लिखा गया है।

इसलिए, मीराबाई चानू द्वारा सलमान खान को ‘संगाई’ कढ़ाई वाली स्कार्फ भेंट करना सही है, जिन्हें वह अपना पसंदीदा अभिनेता मानती हैं। फिर चाहे उन्होंने इसे सलमान को गिफ्ट किया हो या फिर सलमान ने मणिपुर की ओलंपियन से मिलने के लिए इसे फैशन के तौर पर पहना हो।

सलमान खान के अलावा मीराबाई ने मुंबई की अपनी यात्रा के दौरान पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात को लेकर तेंदुलकर ने ट्वीट किया, “मणिपुर से टोक्यो तक की आपकी प्रेरक यात्रा के बारे में आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा। आने वाले वर्षों में आपके पास आगे जाने के लिए जगह है, कड़ी मेहनत करती रहो।”

गौरतलब है कि मीराबाई ने हाल ही में आयोजित टोक्यो ओलंपिक में महिला भारोत्तोलन 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था।

‘हंगामा, कुर्सियाँ उछालें, हालात भयावह की धमकी और आरोप भी हम पर ही?’ – उपद्रवी विपक्ष पर 8 मंत्रियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस

संसद के मॉनसून सत्र के संपन्न होने के बाद केंद्र सरकार के 8 मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के अपनी बात रखी। विपक्ष ने इस पूरे सत्र में जबरदस्त हंगामा किया और राज्यसभा में तो मार्शलों के साथ हाथापाई भी हुई। विपक्षी सांसदों ने सरकार पर बाहर से लोग मँगा कर मारपीट करवाने के आरोप लगाए हैं। इन्हीं मुद्दों पर मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्रियों अर्जुन मेघवाल, भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, प्रह्लाद जोशी, अनुराग ठाकुर और वी. मुरलीधरन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि संसद को ना चलने देने का विपक्ष फैसला पूर्व नियोजित था। उन्होंने कहा कि जिस क्रम में घटनाएँ हुईं, उसे देखते हुए ऐसा साफ पता चलता है। उन्होंने बताया कि कैसे विपक्षी सांसदों ने शीशे तोड़ कर भीतर आने की कोशिश की, जिसमें एक महिला घायल भी हो गईं। पीड़िता ने इस मामले में लिखित में शिकायत दी है कि इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जोशी ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने मेज के ऊपर चढ़कर हंगामा किया।

उन्होंने कहा कि उस समय कोई बिल नहीं पास हो रहा था, सिर्फ चर्चा चल रही थी। लेकिन बार-बार समझाने के बावजूद वो नहीं माने। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि विपक्ष ने सरकार को धमकी दी थी कि ‘अगर बिल पास करने की कोशिश की तो और हालात और भयावह होंगे।’ वहीं केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश की जनता इंतजार करती है कि उनसे जुड़े हुए विषयों को सदन में उठाया जाए, वहीं सड़क से संसद तक विपक्ष का एकमात्र एजेंडा सिर्फ अराजकता ही रहा।

उन्होंने सलाह दी कि घड़ियाली आँसू बहाने की बजाए विपक्ष को देश से माफी माँगनी चाहिए। वहीं केंद्रीय कॉमर्स एवं इंडस्ट्री मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष का जो व्यवहार रहा, उससे सदन की गरिमा गिरी है। उन्होंने बताया कि कैसे सभापति के ऊपर अनाप-शनाप आरोप लगाकर पद की गरिमा को भी कम करने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा, ” विपक्ष ने शर्मनाक व्यवहार का प्रदर्शन किया। उनकी मंशा शुरू से स्पष्ट थी।”

केंद्र सरकार के 8 मंत्रियों ने संसद सत्र पर किया प्रेस कॉन्फ्रेंस

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि विपक्ष ने जो भी आरोप लगाए हैं, वे बेबुनियाद हैं। अब वे पूरा नाटक कर रहे हैं। उसकी मंशा सदन की गरिमा गिराने की रही। उन्होंने कहा, “विपक्ष ने धमकी भरे अंदाज में काम किया। हम विपक्ष की निंदा करते हैं। राहुल गाँधी कह रहे हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया, फिर सदन कैसे चला? कोविड पर चर्चा कैसे हुई? हंगामा वो करें, कुर्सियां वो उछालें, पेपर वो फाड़ें और आरोप हम पर लगाएँ?”

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि साढ़े सात साल भी विपक्ष जनादेश स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने खासकर कॉन्ग्रेस को निशाना बनाते हुए कहा कि उसे ऐसा लगता है कि ये हमारी सीट थी और इसे मोदी जी ने आकर छीन लिया, उनकी ​इसी मानसिकता की वजह से ऐसी चीजें हो रही हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि ओबीसी संविधान संशोधन विधेयक में भी शायद एक राजनीतिक मजबूरी में विपक्ष ने सदन को चलने दिया।

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “कॉन्ग्रेस और उसकी मित्र पार्टियों ने पहले से ये तय कर लिया था कि हम इस बार संसद नहीं चलने देंगे। उन्होंने मंत्रियों का परिचय नहीं होने दिया, उन्होंने महत्वपूर्ण बिलों पर भी चर्चा नहीं होने दी। वहीं गोयल ने कहा कि विरोध करना विपक्ष का अधिकार है लेकिन उसमें भी कुछ शिष्टाचार होता है। वे जो कर रहे थे कह रहे थे कि राज्यसभा टीवी को दिखाना चाहिए।

राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने आगे कहा कि अब हम भी कह रहे हैं कि उनकी हरकत जनता को दिखाई जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब विपक्षी नेता लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सदन की मर्यादा को ठेस पहुँचाई है। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता और करदाताओं के पैसे का सम्मान नहीं करता।

3 साल की बेटी खेलने की जिद कर रही थी, माँ-बॉयफ्रेंड कर रहे थे सेक्स… इतना मारा कि मर गई

3 साल की बेटी को टिकटॉक वीडियोज में एक प्रॉप की तरह इस्तेमाल करने वाली माँ ने एक बेहद तुच्छ कारण के चलते उसकी हत्या कर दी। आपको जानकर हैरानी होगी कि तमाम वीडियोज में अपनी बेटी के साथ नजर आने वाली निकोला प्रीस्ट नामक महिला ने सेक्स के दौरान खलल पड़ने पर अपने BF के साथ मिलकर मासूम की पिटाई की, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और आखिर में उसने दम तोड़ दिया।

पूरा मामला पिछले साल 9 अगस्त 2020 को खुला। इंगलैंड के बर्मिंघम में अपनी माँ के साथ रहने वाली कायली-जायदे प्रीस्ट को उसकी माँ निकोला प्रीस्ट (23) और उसके प्रेमी कैलम रेडफर्न (22) ने मारा था। हत्या कितनी बेरहमी से हुई थी इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि बच्ची की छाती और पेट पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे।

दोनों को मासूम से यह दिक्कत थी कि उनके सेक्स करने के दौरान वह उन्हें तंग कर रही थी। अब कोर्ट ने इस मामले में आरोप तय करते हुए महिला को 15 साल की सजा सुनाई है। वहीं उसके प्रेमी को 14 साल की सजा मुकर्रर हुई है। इस बीच महिला की कुछ टिकटॉक वीडियोज सामने आई हैं। इसमें देख सकते हैं कि कैसे लड़की के साथ प्रीस्ट कभी डांस करती है तो कभी अलग तरीके से उसका इस्तेमाल करती है। कायली-जायदे की मौत के एक माह बाद भी एक वीडियो पोस्ट की गई। इस वीडियो में प्रीस्ट ने बैकग्राउंड में एक गाना चलाया और अपने किए पर शर्मिंदा दिखाई दी।

पिछले हफ्ते इस मामले की सुनवाई में कोर्ट में बताया गया कि कैसे निकोला प्रीस्ट और उसके BF ने मासूम को मारा। दरअसल, घटना वाले दिन करीब 7 बजे कायली-जायदे को सोने को कहा गया और वे दोनों अपने कमरे में चले गए। लेकिन कई बच्चों की तरह कायली लौटी और खेलने की जिद करने लगी। इसी के बाद उसे इतना पीटा गया कि मरने से पहले बच्ची सिर्फ उल्टियाँ कर रही थी।

कोर्ट में जस्टिस फॉक्सटन क्यूसी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्ची को जो आखिरी बार उल्टियाँ हुईं उसका कारण भी वो मार थी जो उसे निकोला प्रीस्ट और कैलम ने दी। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि जब कायली ने रोना शुरू किया तो इससे दोनों को सेक्स के दौरान दिक्कत हुई और गुस्से में उसे इतना मारा कि उसे जान गँवानी पड़ी। कोर्ट ने यह भी पाया कि अगर शुरू में जब कायली की हालत बिगड़ी तो दोनों में से कोई भी डॉक्टर के पास कॉल कर देता तो बच्ची की जान बच जाती। महिला की ऐसी हरकत देखने के बाद लोग उसे राक्षसी और लापरवाह माँ कह रहे हैं।

Deepfake से महिलाओं के फोटो-वीडियो बदले जा रहे न्यूड और पोर्न में, इस AI के आगे बेबस सिक्योरिटी एक्सपर्ट

परमाणु हथियारों की तरह ही खतरनाक Deepfake तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसके निशाने पर सबसे अधिक हैं, महिलाएँ जिनकी फोटो या वीडियो को ‘न्यूड’ बनाकर ऑनलाइन दुनिया में व्यू बढ़ाए जा रहे हैं और हिट्स कमाए जा रहे हैं। समस्या यह है कि साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स भी इस Deepfake तकनीक को लेकर असमर्थ हैं। सेलिब्रिटी के फोटो और वीडियो को न्यूड में बदलने को लेकर शुरू हुई यह तकनीक अब आम महिलाओं के जीवन में भूचाल ला सकती है।

द हफिंगटन पोस्ट ने एक ऐसी वेबसाइट के बारे में बताया है, जिसके द्वारा मशीन लर्निंग पर आधारित Deepfake तकनीक का उपयोग करके सिनेमा सेलिब्रिटी और आम महिलाओं के फोटो को न्यूड में बदला जा रहा था। हफिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 की शुरुआत से लेकर अब तक इस साइट को 38 मिलियन (3.8 करोड़) हिट मिल चुके हैं और बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले जून महीने में 5 मिलियन हिट (50 लाख)। Deepsukebe नाम की इस वेबसाइट का मिशन है, ‘पुरुषों के सपनों को साकार करना’ और यह वेबसाइट खुद को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित न्यूडिफायर’ बताती है।

हालाँकि, फेसबुक और ट्विटर ने Deepsukebe को अपने प्लेटफॉर्म्स पर बैन कर रखा है, फिर भी यह वेबसाइट सिक्योरिटी संबंधी प्रोटोकॉल्स को दरकिनार करते हुए अलग-अलग आईपी एड्रेस के साथ काम कर रही है। Deepsukebe पर इस मामले में उसका बयान दिया हुआ है, जिसमें कहा गया है कि फोटो और वीडियो को न्यूड में बदलना ‘AI मॉडल पर आधारित एक कला’ है और इसे विकसित करने में सालों की मेहनत, पैसे और महीनों की AI मॉडल ट्रेनिंग की जरूरत पड़ती है।

Deepfake तकनीक का सबसे पहले पता 2017 में चला था, जब Deepfake नाम के ही रेडिट एकाउंट में कुछ पोर्न क्लिप्स अपलोड कर दिए गए थे। इन क्लिप्स में जो वास्तविक लोग थे, उनके चेहरों को हॉलीवुड की गल गैडोट, टेलर स्विफ्ट और स्कारलेट जॉनसन जैसी अभिनेत्रियों के चेहरों से बदल दिया गया था। वैसे तो हम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में ऐसे वीडियो देखते हैं जो मनोरंजन के उद्देश्य से बनाए जाते हैं, लेकिन यह उससे भी बढ़कर कुछ और है। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, AI फर्म डीपट्रेस ने सितंबर 2019 में लगभग 15,000 डीपफेक वीडियो की पहचान की थी, जिनमें से लगभग 96% वीडियो पोर्नोग्राफिक थे।

इन पोर्न वीडियो में 99% ऐसे डीपफेक वीडियो थे, जहाँ हॉलीवुड सेलिब्रिटी या पॉप स्टार के चेहरों का उपयोग किया गया था। हालाँकि, तेजी से बढ़ती इस तकनीक का उपयोग अब आम महिलाओं के खिलाफ भी किया जा रहा है। इस तकनीक के विषय में चिंता की बात यह है कि ऐसे वीडियो को बनाने के लिए हाई क्वालिटी कंप्यूटर सिस्टम की आवश्यकता होती है और यही कारण है कि एक आम इंसान कभी भी इन वीडियो को आसानी से नहीं पहचान सकता है। चिंता की बात यह भी है कि Deepfake की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। इस पर रिसर्च करने वाली संस्था Sensity AI की रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 के बाद से हर 6 महीने में Deepfake की संख्या दोगुनी हो रही है।

जहाँगीर जब गर्भ में था तब सेक्स, छींक, पेशाब… हर अनुभव को करीना कपूर खान ने किया साझा

बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान ने अपनी पहली पुस्तक प्रेग्नेंसी बाइबल में गर्भवती महिलाओं के लिए एक स्वयं सहायता मार्गदर्शिका जैसा कुछ लिखा है। खुद के दो गर्भावस्था के दौरान अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने इस मामले में बुधवार को इंस्टाग्राम के जरिए जानकारी भी दी। करीना और सैफ अली खान के दो बेटे हैं, पहला चार साल का तैमूर औऱ दूसरा जहाँगीर अली खान।

करीना कपूर खान ने बुधवार (11 अगस्त 2021) को लिखा, “मेरी अगली कहानी में उन अधिकाँश चीजों का सार है, जिनसे मैं अपनी दोनों गर्भावस्थाओं के दौरान गुजरी।” इसमें करीना ने अपनी गर्भावस्था के दौरान के अनुभवों को लिस्टेड किया है और अपने फैंस को ‘बेबोज प्रेग्नेंसी बिंगो’ गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित किया।

करीना कपूर खान के प्रेग्नेंसी बिंगो का स्क्रीनशॉट (साभार: हिंदुस्तान टाइम्स)

करीना ने उल्लेख किया कि वो शरीर में पड़ने वाले निशान को लेकर चिंतित थीं। यह भी कहा कि उन्होंने ‘बेबी के लिए काफी खरीदारी की’ और ‘पिज्जा से दूर नहीं रह सकती’ थीं। इसके अलावा भी करीना ने अपने दूसरे अनुभवों को बताया, जिनमें ‘छींकते समय हल्का पेशाब आ जाना’, ‘बेबी के बारे में सपने देखना’, ‘हँसना बिना किसी कारण के रोने में बदल जाना’, और ‘डिलीवरी से पहले अपने बच्चे के लिए एक नाम चुनना’ शामिल था।

बिग बॉस के ओटीटी होस्ट करण जौहर के साथ लाइव सेशन के दौरान करीना ने गर्भावस्था के दौरान सेक्स ड्राइव को लेकर भी बात की। सेक्स ड्राइव खोने के करण के सवाल का जवाब देते हुए करीना ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान एक महिला भावनाओं के बंधन से गुजरती है। उनके लिए भी ऐसा ही था। कभी-कभी वह खुद को खूबसूरत और खुद से प्यार करने लगती थीं, लेकिन छह-सात महीने के बाद, थकावट की भावना से उन्हें यह बवाल लगने लगा।

करीना ने कहा, “लोग बस ऐसा महसूस करते हैं जब आप गर्भवती होती हैं, तो उन्हें इस बात का एहसास नहीं होता है कि आप वास्तव में अपने बारे में क्या महसूस करती हैं। यह बहुत अहम है। कुछ दिन तक तो मैं खुद सुपर सेक्सी महसूस करती रही। मुझे लगता था कि मैं इस पेट के साथ कितनी खूबसूरत दिख रही हूँ। मैं सैफ से कहूँगी या वह मुझे कहेगा कि सुंदर दिख रही हो।”

स्वरा भास्कर के ‘बेटे’ का नाम सुलेमान! कहा – ‘आपकी भावनाएँ आहत हैं तो आप गधे हैं’

हाल ही में खबर आई कि सैफ अली खान और करीना कपूर ने अपने दूसरे बेटे का नाम जहाँगीर रखा है। कई लोगों ने उनके इस निर्णय की आलोचना की, क्योंकि ये लगातार दूसरी बार है जब उन्होंने किसी आक्रांता के नाम पर अपने बेटे का नाम रखा है। इस दौरान नंदिनी नाम की एक ट्विटर यूजर ने दावा किया कि स्वरा भास्कर अपने बेटे का नाम औरंगजेब रखेंगी। इस पर टिप्पणी करते हुए स्वरा भास्कर ने कहा कि उन्हें ‘सुलेमान’ ज्यादा पसंद है।

बता दें कि सुलेमान ऑटोमन साम्राज्य का एक राजा था, जिसने 46 वर्षों तक (1520-66) शासन किया। ऑटोमन साम्राज्य ने 14वीं शताब्दी से लेकर 20वीं शताब्दी तक दक्षिण-पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ्रीका के एक बड़े हिस्से पर राज किया। कम से कम ढाई करोड़ लोग उसके राज्य का हिस्सा थे। उसे पश्चिम में ‘सुलेमान द मैग्निफिसेंट’ भी बुलाया जाता है। उसने हंगरी को अपने आधीन किया था।

स्वरा भास्कर ने सैफ अली खान और करीना कपूर द्वारा अपने बेटे का नाम जहाँगीर रखे जाने पर कहा, “किसी दंपति ने अपने बच्चों के नाम रखे हैं, और वो दंपति आप नहीं हैं – पर आपको इस पर ऐतराज है कि नाम क्या है और क्यों हैं। आपके दिमाग़ में ये एक मुद्दा है, जिस से आपकी भावनाएँ आहत हैं – तो आप इस दुनिया के सबसे बड़े गधों में एक हैं!” कई लोगों ने इस पर स्वरा भास्कर की आलोचना भी की।

सैफ अली खान और करीना कपूर ने अपने दूसरे बेटे का नाम ‘जहाँगीर (Jehangir)’ रखा है। इससे पहले करीना कपूर खान के पिता रणधीर कपूर ने बताया था कि बच्चे का नाम ‘जेह (Jeh)’ रखा गया है, लेकिन अब खुलासा हुआ है कि ‘जहाँगीर’ का ही शॉर्ट फॉर्म ‘जेह’ था। बताते चलें कि जहाँगीर एक मुग़ल आक्रांता था, जिसने सिखों के पाँचवें गुरु अर्जुन सिंह की हत्या करवाई थी। वो एक क्रूर बादशाह था।