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बेंगलुरु में 200 महिलाओं का यौन शोषण, जम्मू में 7वीं की छात्रा से रेप: J&K के पूर्व कॉन्ग्रेसी मंत्री का बेटा है आबिद

जम्मू की दोमाना पुलिस ने एक पूर्व मंत्री के बेटे के खिलाफ चालान पेश किया है। 6 वर्ष पुराने बलात्कार के मामले में ये कार्रवाई की गई। पूर्व अब्दुल गनी वकील के बेटे आबिद गनी पर 200 महिलाओं के यौन शोषण के आरोप हैं। ये मामला 7वीं कक्षा की एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का है। उस पर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी रेप के मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, तब उसने कबूला था कि उसने 200 लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की है।

नाबालिग पीड़िता दोमाना क्षेत्र में एक खेल कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुँची हुई थीं। कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद जब वो अपने घर जा रही थी, तभी आबिद अपने दोस्तों के साथ आ धमका और छात्रा का रास्ता रोक लिया। उसने खुद को छात्रा के पिता का दोस्त बताते हुए कहा कि उसके पिता ने ही उसे लेने के लिए भेजा है। किसी तरह धोखाधड़ी से वो छात्रा को अपनी कार में बिठाने में कामयाब रहा।

इसके बाद वो पीड़िता को अपने तालाब तिल्लो स्थित क्वार्टर लेकर गया, जहाँ उसके साथ बलात्कार किया गया। चूँकि वो एक मंत्री का बेटा था , इसीलिए जम्मू कश्मीर में सरकारें आती-जाती रहीं लेकिन ये मामला 6 साल तक यूँ ही दबा कर रखा गया। इस मामले के सामने आते ही पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया और सोमवार (19 जुलाई, 2021) को उसके खिलाफ कोर्ट का चालान पेश किया।

पुलिस ने जून 2021 में सोपोर स्थित उसके घर पर छापेमारी कर के उसे दबोचा था। वो अपने पिता अब्दुल गनी वकील के साथ उनके ही घर पर रहता था। अब्दुल गनी पहले कॉन्ग्रेस में हुआ करते थे, लेकिन फिर पीपल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी में आ गए। वो 2006-08 में गुलाम नबी आज़ाद की सरकार में कश्मीर के समाज कल्याण मंत्री हुआ करते थे। दिलचस्प ये है कि अब्दुल गनी ने बच्चों के साथ रेप पर मौत की सज़ा वाले मोदी सरकार के कानून का स्वागत करते हुए इसे तुरंत जम्मू कश्मीर में लागू करने की माँग की थी।

30 वर्षीय आबिद गनी जब बंगलौर में हुआ करता था, तब वहाँ भी उसने कई महिलाओं के साथ छेड़खानी की थी। एक जॉब इंटरव्यू के दौरान ही उसने एक महिला के साथ यौन दुर्व्यवहार किया था। उसके अब्बा अब्दुल गनी भी 2014 में एक लड़की से अश्लील बातें करते हुए पाए गए थे। इसका ऑडियो टेप वायरल हुआ था। आबिद की अम्मी अब्दुल की दूसरी बीवी हैं और जम्मू कश्मीर के वित्त विभाग में कार्यरत हैं।

2017 में कर्नाटक में गिरफ्तार होने के बाद उसने खुद के एक नेता और अधिवक्ता का बेटा होने की धमकी दी थी। उसे जेपी नगर में एक मस्जिद के पास से गिरफ्तार किया गया था। एक बैंक इंटरव्यू के मंगलुरु से आई एक महिला का उसने यौन शोषण किया था। उसने 2 साल में बेंगलुरु में 200 महिलाओं का यौन शोषण किया था। 25 साल की महिला ने उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। हालाँकि, फिर वो इस केस में जमानत पाने में कामयाब रहा था।

‘…और अधिक पैसा दे सकता हूँ’ – NCP नेता की बेटी के साथ पार्टी नेता ने किया यौन शोषण… अब मंत्री की धमकी – ‘केस सुलझाओ’

राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और केरल की वामपंथी सरकार के वन मंत्री एके शशिन्द्रन ने मंगलवार (20 जुलाई 2021) को उन आरोपों का खंडन किया है, जिसमें उन पर आरोप है कि उन्होंने कोल्लम से अपनी पार्टी के नेता द्वारा एक महिला के यौन शोषण के मामले को सुलझाने में दखल दिया था।

इस मामले में एके शशिन्द्रन का नाम मंगलवार (20 जुलाई 2021) को उस वक्त सामने आया, जब कुछ टीवी चैनलों पर उनका ऑडियो चलाया गया। टीवी पर प्रसारित ऑडियो में वन मंत्री को पीड़िता के पिता से मुद्दे को सुलझाने के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है।

ऑडियो क्लिप (जो न्यूज चैनलों पर चलाई गई) में मंत्री ने कहते हैं, “मुझे पता चला है कि हमारी पार्टी के नेता के खिलाफ एक छोटा सा मामला है।” इसके बाद पीड़ित के पिता ने सवालिया अंदाज में पूछा कि क्या यह फोन उनकी बेटी के साथ हुए दुर्व्यवहार को सुलझाने के लिए किया गया है? इस सवाल के जवाब में शशिन्द्रन ने सहमति जताई कि वह इस घटना के बारे में जानते हैं और उन्हें यह भी कहते सुना गया कि इसे सुलझाया जाना चाहिए।

इस पूरी बातचीत में जब पीड़िता के पिता ने मंत्री एके शशिन्द्रन की बात का विरोध किया तो उन्होंने धमकाने वाले स्वर में जोर देकर कहा कि इसे बिना किसी परेशानी के हल किया जाना चाहिए।

अब यह मामला तूल पकड़ चुका है। इस मामले पर अपनी सफाई देते हुए मंत्री शशिन्द्रन ने कहा है कि उन्होंने इस मुद्दे को पार्टी का मामला मानते हुए पीड़िता के पिता को बुलाया था। उन्होंने कहा, “यह सच है कि मैंने महिला के पिता से मामले को निपटाने के लिए कहा है। लेकिन, मुझे नहीं पता था कि यह यौन उत्पीड़न का मामला है।” आपको बता दें कि पीड़िता युवा मोर्चा की कार्यकर्ता है, जबकि उसके पिता एनसीपी के नेता हैं।

क्या है पूरा मामला

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कोल्लम की रहने वाली महिला ने 28 जून 2021 को NCP के राज्य कार्यकारी सदस्य जी पद्माकरण के खिलाफ स्थानीय पुलिस में शिकायत की थी। इसमें पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपित ने उसे होटल में बुलाकर यह पूछा था कि उसने विपक्षी पार्टी क्यों ज्वाइन की और स्थानीय निकाय का पिछला चुनाव क्यों लड़ा था? पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आरोपित ने उसका हाथ पकड़ कर कहा था कि क्या उसने पैसे के लिए ये सब किया है। अगर पैसा चाहिए तो वो उसे और अधिक पैसा दे सकता है।

महिला का आरोप है कि पद्माकरण ने बाद पार्टी के सोशल मीडिया ग्रुप्स पर भी उसके साथ दुर्व्यवहार किया। ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद महिला ने मीडिया को बताया कि उसने 28 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।

इस केस में सीपीआईएम के राज्य सचिव ए विजयराघवन का कहना है कि इसके बारे में अच्छी तरह से स्टडी करने के बाद ही पार्टी कोई बयान देगी। वहीं विधानसभा में विपक्षी कॉन्ग्रेस के नेता वीडी सतीसन ने वन मंत्री का इस्तीफे की माँग की है।

‘शिल्पा शेट्टी को पोर्न रैकेट के बारे में सब पता’: जिस मॉडल का राज कुंद्रा ने लिया था ‘न्यूड ऑडिशन’, उसका खुलासा

पोर्न फ़िल्में शूट कर के उन्हें विभिन्न मोबाइल एप्स के जरिए बेचने के मामले में कारोबारी राज कुंद्रा को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। अब मॉडल सागरिका शोना सुमन ने राज कुंद्रा और उनकी अभिनेत्री पत्नी शिल्पा शेट्टी पर आरोप लगाए हैं। सागरिका ने शिल्पा शेट्टी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस कंपनी को लेकर ये सारा विवाद है, उसके डायरेक्टर के रूप में शिल्पा शेट्टी का भी नाम है।

उनका कहना है कि चूँकि शिल्पा शेट्टी अपने पति राज कुंद्रा की विवादित कंपनी की डायरेक्टर हैं, इसीलिए उन्हें भी इन गतिविधियों के बारे में सब पता होगा। इससे पहले सागरिका ने एक वीडियो जारी कर के खुलासा किया था कि कैसे उन्हें राज कुंद्रा व उनके करीबी उमेश कामत ने ऑडिशन के नाम पर नंगी होने के लिए कहा था। उमेश कामत भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। वीडियो कॉल पर उनका ऑडिशन हुआ था।

सागरिका ने बताया था कि उस दौरान कॉल पर राज कुंद्रा भी जुड़े हुए थे, जिन्होंने अपना चेहरा मास्क से ढक रखा था। सागरिका का कहना है कि इसके बावजूद वो उन्हें पहचान गई थीं। अब सागरिका ने कहा है कि कंपनी के डायरेक्टर्स और पार्टनर्स की सूची में शिल्पा शेट्टी का भी नाम है। उन्होंने कहा कि शिल्पा शेट्टी से भी इस प्रकरण में पूछताछ होनी चाहिए, क्योंकि पोर्न रैकेट के बारे में उन्हें ज़रूर पता होगा।

वहीं मुंबई पुलिस का कहना है कि अभी तक की जाँच में उसे पोर्नोग्राफी मामले में शिल्पा शेट्टी की ‘सक्रिय भागीदारी’ को लेकर कुछ साबित नहीं हुआ है। क्राइम ब्रांच ने कहा कि अभी जाँच जारी है और इस मामले की पीड़ितों से वो अपील करते यहीं कि वो मुंबई पुलिस के समक्ष आएँ और अपनी आपबीती सुनाएँ। बता दें कि ‘Hotshots’ नामक एप को ‘Arms Prime Media Pvt Ltd.’ ने बनाया था।

फरवरी 2019 में इस कंपनी को बनाया गया था और इसके 6 महीने बाद एप का निर्माण हुआ। इसके बाद लंदन की ‘Kenrin Ltd.’ नामक कंपनी को इसे 25,000 डॉलर (अभी 18.64 लाख रुपए) में बेच दिया गया। दिलचस्प बात ये है कि ये कंपनी राज कुंद्रा के बहनोई प्रदीप बख्शी की ही है। दिसंबर 2019 में राज कुंद्रा ने इस कंपनी से इस्तीफा दे दिया, लेकिन व्हाट्सएप्प ग्रुप्स के जरिए वो इसका संचालन करते रहे।

उधर पूर्व में राज कुंद्रा पर धोखाधड़ी और पैसे का भुगतान नहीं करने का आरोप लगा चुकी एक्ट्रेस पूनम पांडे ने कहा है कि फिलहाल उन्हें शिल्पा शेट्टी और उनके बच्चों की चिंता सता रही है। लिहाजा इस मौके पर वह अपने मामले को तूल नहीं देना चाहती। बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर मामले में पूनम पांडे का आरोप था कि करार ख़त्म होने के 8 महीने बाद भी उनके वीडियो कंटेंट्स का इस्तेमाल राज कुंद्रा की कंपनी द्वारा कमाई के लिए किया जाता रहा।

Hotshots ऐप बेच (सिर्फ फर्जी का) दिया था राज कुंद्रा ने… लेकिन मुंबई से करते थे पूरा कंट्रोल, होती थी ₹60 लाख+ की कमाई

पोर्न फ़िल्में बनाने और फिर उन्हें एप्स के जरिए बेचने के मामले में गिरफ्तार हुए कारोबारी राज कुंद्रा को लेकर पुलिस ने खुलासा किया है कि उन्होंने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपने ऐप ‘हॉटशॉट्स’ को ब्रिटेन की कंपनी केनरिन प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया था। इस कंपनी का मालिक उनका साला प्रदीप बक्शी है।

पुलिस के मुताबिक कुंद्रा ‘हॉटशॉट्स’ ऐप के जरिए पोर्न वीडियोज की स्ट्रीमिंग में शामिल थे। उन्होंने वर्ष 2019 में अपने ऐप ‘हॉटशॉट्स’ को 25,000 डॉलर (18,65,410 रुपए) में बेच दिया था। हालाँकि यह सिर्फ जाँच को भटकाने के लिए था क्योंकि ऐप को बेचने के बाद भी वो मुंबई से इसे कंट्रोल कर रहे थे। पोर्न वीडियोज के लिए कुंद्रा ही कंटेट उपलब्ध करवाते थे। उन्होंने अपने वियान इंडस्ट्रीज के ऑफिस से यूके की फर्म को कंट्रोल किया था। फिलहाल, उसे मोबाइल से हटा लिया गया है।

मुंबई पुलिस ने कुंद्रा के ऑफिस से क्लिप समेत कई अन्य सबूतों के मिलने का दावा किया है। इस बीच कुंद्रा के वकीलों अबाद पोंडा और सुभाष जाधव ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी को अवैध करार दिया है।

पोर्न फिल्म से कुंद्रा ने कमाए लाखों

कुंद्रा को अदालत में मंगलवार को पेश किया गया था, जहाँ से उन्हें 23 जुलाई तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। क्राइम ब्रांच ने दावा किया है कि कई व्हाट्सएप चैट से पता चला है कि राज कुंद्रा (45) ऐप और इसके कंटेंट के वित्तीय लेनदेन में शामिल थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्यवसायी और उसके सहयोगियों ने बताया कि पोर्न फिल्म को लाइव कर 1.85 लाख रुपए और ऐप पर फिल्म को बेचकर 4.50 लाख रुपए से अधिक का लाभ कमाते थे। ऐप पर करीब 20 लाख रजिस्ट्रेशन के जरिए कुंद्रा ने 60 लाख रुपए (MTD रेवेन्यू, month to date revenue) की कमाई की थी। पुलिस ने अदालत में अपने रिमांड नोट में बताया है कि आरोपितों ने ऐप पर व्यूअर्स से मेंबरशिप शुल्क लिया था।

पुलिस के मुताबिक, राज कुंद्रा के ‘हॉटशॉट्स’ ऐप को उनकी ही कंपनी आर्म्स प्राइम प्राइवेट लिमिटेड ने बनाया था। कुंद्रा ने बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रही मॉडल्स समेत दूसरों का फायदा उठाया और उन्होंने पोर्न फिल्मों में काम दिया। पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में तीन महिलाओं ने शिकायत की है कि उन्हें अश्लील फिल्मों में अभिनय करने के लिए मजबूर किया गया था।

गौरतलब है कि पोर्न फिल्में बनाने और उन्हें ऐप पर अपलोड करने के आरोप में मुंबई पुलिस ने एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। राज कुंद्रा के खिलाफ IPC और IT एक्ट के अलावा ‘स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध अधिनियम (Indecent Representation of Women (Prohibition) Act)’ के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार किए गए लोगों में अभिनेता-अभिनेत्री से लेकर लाइटमैन, वीडियोग्राफर और ग्राफिक्स एडिटर के रूप में कार्य करने वाले लोग तक शामिल हैं।

‘मरने के बाद भी गाड़ी से सिर कुचला’: ‘हिंदुस्तानी’ दानिश सिद्दीकी के साथ बर्बरता, ‘काम’ जाना तो बाद में माँगी माफी

अफगानिस्तान में तालिबान ने रॉयटर्स के फोटोजर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी की हत्या कर दी। इसके बाद लिबरल गिरोह ने तालिबान को दोष देने की बजाए हिन्दुओं को भला-बुरा कहा। रवीश सरीखे पत्रकारों ने ‘बंदूक से निकली गोली’ को लानतें भेजीं। अब खुलासा हुआ है कि तालिबान ने न सिर्फ दानिश सिद्दीकी की हत्या की थी, बल्कि उनका सिर भी कुचल दिया था। ये पहले ही पता चल चुका है कि उन्हें एक नहीं, कई गोलियाँ मारी गई थीं।

पुलित्जर अवॉर्ड विजेता फोटोग्राफर के बारे में अफगानिस्तान के कमांडर बिलाल अहमद ने खुलासा किया है कि उनके शव के साथ भी बर्बरता की गई थी। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि चूँकि दानिश सिद्दीकी भारतीय थे और तालिबानी भारत से नफरत करते हैं, इसीलिए उनके शव के साथ भी बर्बरता की गई थी। 16 जुलाई को हुई इस वारदात के बारे में भारतीय वामपंथी मीडिया ने ‘गोलीबारी में मारे जाने’ की बात कही थी।

बिलाल अहमद पिछले 5 वर्षों से अफगानिस्तान की सेना से जुड़े हुए हैं और बतौर कमांडर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले तो गोली मार के दानिश सिद्दीकी की हत्या की गई, फिर जैसे ही तालिबानियों को पता चला कि वो भारतीय हैं, उन्होंने उनके सिर के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। तालिबानियों को अच्छी तरह पता था कि वो मर चुके हैं, लेकिन फिर भी उनके शव को क्षत-विक्षत किया गया। तालिबान के भारत से इस कदर नफरत करने का फायदा पाकिस्तान भी उठा रहा है।

दानिश सिद्दीकी के साथ-साथ अफगानिस्तान की स्पेशल फोर्स के कमांडर सेदिक करज़ई को भी मार डाला था। ये घटना कंधार प्रांत के स्पिन बोल्दक में हुई थी। ये एक छोटा सा शहर है, जिसकी सीमाएँ पाकिस्तान से लगती हैं। एक मीडिया पोर्टल की खबर के अनुसार, स्थानीय बुजुर्ग नूर करीम ने कहा कि अगर वो दानिश सिद्दीकी से मिले होते तो उन्होंने उन्हें इस शहर में न घुसने की सलाह दी होती।

उन्होंने कहा कि वो कई सप्ताह से इस युद्ध को अपनी आँखों से देख रहे हैं और वो किसी भी नागरिक को यहाँ आने की सलाह नहीं देंगे, खासकर किसी भारतीय को। अमेरिका ने इन क्षेत्रों से अपनी सेना हटा ली है, जिसके बाद वहाँ ये स्थिति पैदा हुई है। एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि दानिश सिद्दीकी करीब एक महीने से अफगानिस्तान में रिपोर्टिंग कर रहे थे। एक अफगान पुलिस अधिकारी ने किस तरह मदद आने से पहले तक जिले को 3 दिन तक बचाए रखा और तालिबान से संघर्ष करते रहे, उन्हें रेस्क्यू किए जाने को लेकर उन्होंने एक स्टोरी भी की थी।

स्थानीय पत्रकार ने बताया दानिश सिद्दीकी की हत्या के बारे में (स्क्रीनशॉट ‘न्यूज़लॉन्ड्री’ की खबर से, साभार’)

वो स्पेशल फोर्सेज के साथ वहाँ गए थे। इसी दौरान एक रॉकेट उनके काफी करीब गिरा और उन्होंने किसी तरह छिप कर उसे अपने कैमरे में कैद किया। इस रॉकेट से उनकी गाड़ियाँ तबाह हो गई थीं। एक बार वो घायल भी हुए। स्थानीय पत्रकार ने बताया कि सिद्दीकी हमेशा सेना के साथ ही थे। हालाँकि, उनके घायल होने के बाद रॉयटर्स ने उन्हें वापस क्यों नहीं बुलाया, ये सवाल पूछे जा रहे हैं। सिद्दीकी और करज़ई एक ही कार से जा रहे थे, तभी तालिबान ने उन्हें घेरा।

जब वो कुछ दुकानदारों से बात कर रहे थे, तभी तालिबानियों ने हमला किया और उन्हें मार डाला। तालिबान इस घटना में अपनी भागीदारी को नकार रहा है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि तालिबान ने हत्या कर के लाश भी रखी हुई थी और कई बार बातचीत के बाद शव लौटाया गया। स्थानीय पत्रकार का कहना है कि दानिश सिद्दीकी की लाश को तालिबान ने क्षत-विक्षत किया और अपमानित किया।

बता दें कि तालिबान ने दानिश सिद्दीकी की हत्या के बाद माफ़ी भी माँगी है। जब उनके ‘काम’ के बारे में पता चला, तब तालिबान ने एक बयान जारी किया। तालिबान का कहना है कि उसे पता नहीं है कि वो किसकी गोली से मारे गए। साथ ही कहा कि युद्ध क्षेत्र में आने वाले पत्रकारों को उसे सूचित करना चाहिए, वो उनका ख्याल रखेगा। साथ ही इस बात पर ‘दुःख जताया’ कि पत्रकार बिना उसे सूचित किए युद्ध क्षेत्र में आ रहे हैं।

जहाँ तक दानिश सिद्दीकी के ‘काम’ की बात है, दिल्ली दंगा से लेकर कुंभ मेला तक, उन्होंने हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए कई तस्वीरें क्लिक की थीं। जहाँ कुंभ की तस्वीर में कोरोना का जिक्र किया गया, ‘किसान आंदोलन’ की तस्वीर में ज्यादा भीड़ होने के बावजूद उसका महिमामंडन किया गया। साथ ही उन्होंने कोरोना के दौरान हिन्दुओं की जलती चिताओं की कई तस्वीरें क्लिक की थीं। इन्हें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बेचा गया और इनके आधार पर भारत को बदनाम किया गया।

राज कुंद्रा ने YouTuber पुनीत कौर को पोर्न के लिए किया था मैसेज: मीका सिंह ने बताया ‘अच्छा आदमी’, बोला – ‘ज्यादा कुछ नहीं था’

यूट्यूब पर ‘कौर ब्यूटी’ नामक चैनल चलाने वाली यूट्यूबर पुनीत कौर ने खुलासा किया है कि राज कुंद्रा ने अपने एप ‘Hotshots’ के लिए उनसे संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि राज कुंद्रा ने उन्हें मैसेज किया था। बता दें कि यही वो एप है, जिसके जरिए राज कुंद्रा पर पोर्न फ़िल्में शूट कर के बेचने का आरोप लगा है। उन्हें मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। वहीं गायक मीका सिंह का कहना है कि उन्हें इस एप पर ‘ज्यादा कुछ’ नहीं मिला।

राज कुंद्रा पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनियों के जरिए फिल्मों में नाम कमाने का ख्वाब देख कर मुंबई आने वाली युवतियों को निशाना बनाया और बड़े बाजार के बैनरों तले काम का लालच देकर उन्हें पोर्न इंडस्ट्री में धकेल दिया। उनकी गिरफ़्तारी के बाद पुनीत कौर ने याद किया कि किस तरह राज कुंद्रा ने किस तरह अपने वेरिफाइड हैंडल से उन्हें मैसेज कर के ‘Hotshots’ के लिए काम करने का ऑफर दिया था।

पुनीत कौर का कहना है कि पहले तो उन्हें ऐसा लगा जैसे ये कोई स्पैम मैसेज है, लेकिन बाद में उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि ये व्यक्ति सचमुच लोगों को ‘लालच देकर फँसा’ रहा है। साथ ही उन्होंने जीसस क्राइस्ट से प्रार्थना की कि ये व्यक्ति ‘जेल में सड़ता रहे’। सिर्फ एक एप ही नहीं, भारत से यूके तक कई मोबाइल एप्स के जरिए राज कुंद्रा व उनके साथियों पर पोर्न फ़िल्में बेचने के आरोप हैं। इस मामले में फरवरी 2021 में केस दर्ज किया गया था।

वहीं पंजाब के गायक मीका सिंह ने कहा कि उन्होंने राज कुंद्रा के एप को देखा है। उन्होंने कहा, “मैं तो इंतजार ही कर रहा हूँ कि क्या होगा। आगे देखते हैं। जो भी होगा अच्छा ही होगा। उनके एप के बारे में मुझे ज्यादा कुछ पता नहीं है। मैंने एक एप देखी थी। वो सिम्पल थी। ज्यादा कुछ था नहीं उसके अंदर। इसीलिए, बेहतर के लिए आशा करें। राज कुंद्रा एक अच्छे व्यक्ति हैं। अब क्या झूठ है, ये कोर्ट ही बता सकता है।”

वहीं अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी राज कुंद्रा की गिरफ़्तारी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इन्हीं घटनाओं के कारण वो फिल्म इंडस्ट्री को गंदी नाली बोलती हैं। उन्होंने बताया कि वो अपनी अगली प्रोडक्शन फिल्म ‘टीकू वेड्स शेरू’ में बॉलीवुड को एक्सपोज़ करेंगी। उन्होंने बॉलीवुड में मजबूत मूल्यों के साथ-साथ इसे क्रिएटिव बनाने के लिए एक ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत जताई, जो इनमें चेतना का संचार करे।

वहीं अभिनेत्री गहना वशिष्ठ ने राज कुंद्रा का समर्थन करते हुए कहा, “मुझे राज के अरेस्ट के बारे में पता चला, मैं सिर्फ यह कहना चाहूँगी कि कोई भी पॉर्न नहीं बना रहा है, कोई गंदे वीडियो नहीं बना रहा। नार्मल वीडियो थे जैसे एकता कपूर ‘गंदी बात’ बनाती हैं और ‘पार्च्ड’ न जाने कितनी फिल्में हैं। इन सारी सीरीज़ में उनसे कम बोल्डनेस है।” राज कुंद्रा से पहले ऐसे ही केस में गहना वशिष्ठ की गिरफ्तारी हुई थी। इस कारण उन्हें पाँच माह जेल में रहना पड़ा।

आमिर, हैदर की भीड़ ने घर में आग लगाकर गायों को जलाया, पत्नी को दी रेप की धमकी: बंगाल हिंसा की एक और भयावह कहानी

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की जीत के बाद हिंसा की कई भयानक घटनाएँ सामने आईं। ऑपइंडिया ने हाल में इस संबंध में वहाँ भारतीय जनता पार्टी के एक बूथ कार्यकर्ता व हिंसा के पीड़ित सुनील बक्सी से बात की। बक्सी ने अपनी शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) में भी की थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि कैसे दूसरे समुदाय के लोगों ने चुनावी नतीजों के बाद उनके गाँव पर हमला बोला।

बक्सी ने शिकायत में कहा कि भीड़ उनके घर में घुसी, उनके घर के फर्नीचर को तोड़ा, महिलाओं को प्रताड़ित किया और उनकी पत्नी का बलात्कार करने की धमकी तक दी। शिकायत के मुताबिक गाँव के पूरे 15 घरों में आग लगाकर वह सब वहाँ से चले गए। शिकायत में कहा गया कि जब बक्सी ने इस घटना को लेकर पुलिस से संपर्क किया तो उन्हें डराया धमकाया गया कि अगर कंप्लेन लिखवाई तो इससे भी बुरा हाल होगा। पुलिस ने यहाँ तक कोशिश की कि वह अपनी शिकायत में ये लिखवाएँ कि उनके घर में बिजली गिरने से आग लगी।

आयोग ने अब बक्सी की शिकायत पर संज्ञान लिया है और चीफ सेक्रेट्री और डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि मामले में जाँच करके उन्हें तथ्य सौंपे जाएँ। आयोग के पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में जातिगत आधार पर अत्याचार हुए।

सुनील बक्सी का कहना है कि 3 मई 2021 को उन पर टीएमसी गुंडों ने हमला किया था। उस समय उनके सिर पर वार हुआ, लेकिन उनके भाई ने उन्हें बचा लिया। अपने साथ हुई घटना पर उन्होंने शिकायत करनी चाही लेकन स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया गया और उलटा उन्हीं के ऊपर धारा 323, 326 व अन्य धाराओं में केस कर दिया गया।

बक्सी कहते हैं कि उनका घर पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया है। उन्हें ये तक नहीं पता कि वह अपना केस कैसे लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रही और न उनके मामले में कोई कार्रवाई की है। उन्होंने अनारुल शेख, आमिर हुसैन, हैदर अली, हसीबुल मोल्लाह समेत कई को हमले में जिम्मेदार कहा है। NCST में दर्ज उनकी शिकायत में शेख फैजुल और शेख भिराली का भी नाम है।

उनके अनुसार, उन्हें चुनावों से धमकी दी जा रही थी। अब उनके और उनके भाई के विरुद्ध केस दर्ज है। बक्सी कहते हैं कि आरोपित उनके घर से मात्र 2 किलोमीटर दूर रहते हैं। जब उन पर हमला हुआ तब घर पर दो गायें बंधी थी, जो घर में लगी आग के कारण जल कर मर गईं। वह बताते हैं कि उन्होंने NCST कमिशनर के समक्ष 15 जून को शिकायत की थी, जिन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस पर संज्ञान लेंगे। बक्सी कहते हैं कि उन्हें जाति के आधार पर अपमानित किया गया और गाली गलौच हुई।

बता दें कि बक्सी दो बच्चों के पिता है। उन पर एक बेटा (5) और एक बेटी (7) है। घर के तबाह होने के बाद वह गाँव नहीं लौटे हैं और कहीं और रहकर गुजर बसर कर रहे हैं। उनके बच्चे भी उन्हीं के साथ हैं।

‘मुनव्वर राना जाने की तैयारी करो, योगी वापस आ रहे हैं’: महंत नरेंद्र गिरि ने विवादित शायर को दिया दो टूक जवाब

मशहूर उर्दू शायर मुनव्वर राना इन दिनों अपने बयानों को लेकर खासा विवादों में हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने मुनव्वर राना के उत्तर प्रदेश में CM योगी की वापसी पर प्रदेश छोड़ने वाले बयान पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, ”राना उत्तर प्रदेश के बाहर बसने की तैयारी शुरू कर दें, क्योंकि योगी आदित्यनाथ फिर से मुख्यमंत्री बनकर वापस लौट रहे हैं। अगर वो पश्चिम बंगाल जाकर रहना चाहते हैं तो जा सकते हैं पर याद रखें वो भी भारत का ही अंग है।”

महंत नरेंद्र गिरि ने शायर के विवादित बयान पर कहा, ”ऐसा लगता है कि मुनव्वर राना कट्टरपंथियों के हाथों में खेल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार के दौरान पिछले साढ़े चार में कोई दंगा नहीं हुआ है। वर्षों से यूपी में जब भी अन्य सरकारें रही हैं, दंगे हुए हैं और मुसलमान भी असुरक्षित रहे हैं।”

महंत यही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि राना के बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी कहीं जाने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है। राना भी अगर पश्चिम बंगाल जाना चाहते हैं तो बेशक वह जा सकते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि पश्चिम बंगाल भी भारत का ही अंग है।

महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि यूपी में अगली सरकार भी सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की ही बनेगी। सीएम योगी ही प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। इसलिए आप अपना मकान और जमीन बेचकर कभी भी जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि एक शायर के रूप में मुनव्वर राना की पूरे देश में अच्छी पहचान थी। हिंदू और मुसलमान दोनों ही उनका सम्मान करते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह जिस तरह के विवादित बयान दे रहे हैं, उससे उनकी छवि धूमिल हुई है। महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि अगर एक बार फिर से मुनव्वर अपने विवादित बयानों को छोड़कर राष्ट्रवाद की मुख्यधारा में लौट आते हैं, तो निश्चित ही उन्हें लोगों का वही प्यार और सम्मान मिलेगा।

बता दें कि शनिवार (17 जुलाई 2021) को राना ने कहा था, “अगर औवेसी की मदद से यूपी में योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बने तो मैं प्रदेश छोड़कर चला जाऊँगा। ये भी मान लूँगा कि ये राज्य मुसलमानों के रहने लायक नहीं है।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद वह यूजर्स के निशाने पर आ गए थे।

जिस लिस्ट पर हुआ अब तक हल्ला, उसका पेगासस से कोई लेना-देना नहीं: NSO ग्रुप ने द वायर को दी मानहानि की धमकी

भारत में ‘पेगासस’ के नाम पर एक तरफ जहाँ विपक्ष हल्ला मचाने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर इस सॉफ्टवेयर को बनाने और बेचने वाली इजरायली कंपनी NSO ग्रुप ने साफ कह दिया है कि जिन नंबरों की सूची बताकर कहा जा रहा है कि उनकी जासूसी करने के लिए पेगासस का इस्तेमाल हुआ, वह वास्तविक में उनकी न है और न कभी थी।

दिलचस्प बात यह है कि इजरायली कंपनी के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी खुद NDTV को दी है। उनका कहना है कि पेरिस के गैर लाभकारी समूह ‘फॉरबिडन स्टोरीज’ ने जो 50 हजार नंबरों का डेटा हासिल किया है, वो उनका है ही नहीं। प्रवक्ता के मुताबिक, वह NSO की लिस्ट न है और न कभी थी। ये केवल मनगढ़ंत जानकारी है। ये नंबर कभी भी NSO कस्टमरों के निशाने में थे ही नहीं। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि बार-बार जो इस लिस्ट में शामिल नामों को लेकर कहा जा रहा है वह बिलकुल झूठ और फर्जी है।

उन्होंने कहा कि कंपनी के पास अपने कस्टर के डेटा का एक्सेस नहीं होता है। ऐसे में उन्हें पड़ताल के अंतर्गत जानकारी देना क्लाइंट का काम है। वह ये भी कहते हैं कि यदि आगे NSO को अपनी तकनीक के गलत उपयोग का सबूत मिलता है तो वह इस पर पूरी जाँच करेंगे जैसे कि हमेशा होती थी और होती रहेगी।

द वायर को मानहानि की धमकी

इस संबंध में कंपनी ने एक सार्वजनिक बयान भी जारी किया, जिसमें उन्होंने द वायर की उस एक्सप्लोजिव रिपोर्ट को एक सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें 300 नंबर की लिस्ट देते हुए दावा किया गया था कि हैकिंग के संभावित लक्ष्यों में राहुल गाँधी समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों का नाम शामिल था।

इसके साथ ही समूह ने द वायर को संबंधित रिपोर्ट छापने पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी दी। इजरायली फर्म ने अपने वकील क्लेयर लॉक के माध्यम से द वायर को एक पत्र भेजा और निराधार रिपोर्ट छापने पर उन्हें मानहानि की धमकी दी।

मालूम हो कि इस संबंध में पिछले दिनों द वायर और द वाशिंगटन पोस्ट पर ऐसी रिपोर्ट्स पब्लिश हुई हैं, जिनमें दावा किया गया कि NSO ग्रुप के क्लाइंटों ने पेगासस का इस्तेमाल करके अपने प्रतिद्वंदियों को, पत्रकारों को और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं समेत कई को टारगेट किया। लिस्ट में राहुल गाँधी, प्रशांत किशोर का भी नाम है।

भारत सरकार ने नकारे थे दावे

बता दें कि पेगासस को लेकर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद भारत सरकार ने भी अपना बयान जारी करके ऐसे किसी भी जासूसी के आरोप को नकारा था। सरकार ने मामले पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि पूरी कहानी मनगढ़ंत हैं। इसमें न केवल तथ्यों की कमी है, बल्कि पहले से ही नतीजे बता दिए गए हैं। ऐसा लग रहा है कि ये लोग जाँचकर्ता के अलावा अधिवक्ता और पीठ का भी अभिनय कर रहे हैं। आरोपों का कोई आधार नहीं है और न ही ये सच से संबंधित हैं।

भारत में बैन हो एमनेस्टी इंटरनेशनल, भारतीय लोकतंत्र और यहाँ की सरकार के खिलाफ साजिश का लंबा इतिहास: असम CM

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार (20 जुलाई 2021) को पेगासस रिपोर्ट पर वामपंथी मीडिया के साथ अंतरराष्ट्रीय समूह को मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ”कुछ मीडिया आउटलेट्स ने कहा है कि कुछ लोगों को चिन्हित करके उनकी जासूसी की जा रही है, लेकिन वह इसकी पुष्टि नहीं कर सकते कि क्या उनकी गोपनीयता से कोई समझौता किया गया था। यह कैसी पत्रकारिता है? एमनेस्टी इंटरनेशनल और कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय समूह भारतीय लोकतंत्र और मोदी सरकार को बदनाम करने की कोशिश में क्यों कर रहे हैं?”

सीएम ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है। वीडियो में सीएम हिमंत ने कहा, ”एमनेस्टी इंटरनेशनल का भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने और यहाँ की सरकार के खिलाफ साजिश रचने का लंबा इतिहास रहा है। मैं इस साजिश की कड़ी निंदा करता हूँ और मोदी सरकार से ऐसे संगठनों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की माँग करता हूँ, जो हमारे देश को बदनाम करने और नुकसान पहुँचाने पर अमादा हैं।”

पेगासस रिपोर्ट पर असम के सीएम ने कहा, ”मैं भारत सरकार से देश में एमनेस्टी इंटरनेशनल के कामकाज पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करता हूँ। मुझे लगता है कि एमनेस्टी इंटरनेशनल के खिलाफ कॉन्ग्रेस पार्टी को भी केंद्र सरकार से हाथ मिलाना चाहिए। वे हमारे देश को हर समय इस तरह से बदनाम नहीं कर सकते हैं।”

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज IIT गुवाहाटी में एक नए ‘आपदा प्रबंधन और अनुसंधान केंद्र’ का उद्घाटन भी किया।

गौरतलब है कि इस मामले पर भारत सरकार ने कहा था, “जो कहानी बनाई जा रही है, वो न सिर्फ तथ्यों से दूर है बल्कि एक पूर्व-कल्पित निष्कर्षों पर भी आधारित है। ऐसा लगता है कि जैसे ये जाँचकर्ता, अभियोजक और जूरी– इन तीनों का किरदार अदा करना चाहते हैं। सरकार के पास जो सवाल भेजे गए हैं, उन्हें देखकर लगता है कि इसके लिए काफी घटिया रिसर्च किया गया है और साथ ही ये भी बताता है कि सम्बंधित मीडिया संस्थानों द्वारा मेहनत नहीं की गई है।”

बता दें कि लोकसभा में सोमवार (19 जुलाई) को आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेगासस विवाद पर वामपंथी वेबसाइट ‘द वायर’ और NDTV को जमकर लताड़ा था। उन्होंने इस रिपोर्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ये तथ्यों से परे है और इसमें सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें सरकार पर पत्रकारों, भारतीय मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, विपक्षी नेताओं और अन्य हस्तियों पर जासूसी करने के लिए स्पाइवेयर पेगासस का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। ये रिपोर्ट देश के लोकतंत्र और हमारी सुस्थापित संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास लगती है।