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81 साल के सीनियर डॉक्टर पर हमला: असम पुलिस ने 2 को पकड़ा, 1 की तलाश जारी

असम के बिस्वनाथ जिले में राज्य पुलिस ने एक डॉक्टर पर हमला करने वाले 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। 81 वर्षीय डॉ बसंत गोस्वामी पर 9 जून 2021 को हमला हुआ था। जिले में कोविड प्रतिबंधों से नाराज भीड़ ने उन्हें जमीन पर गिराकर मारा था। बाद में उनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने केस में 3 लोगों को मुख्य आरोपित बनाया। इनमें 2 पकड़ लिए गए हैं। 1 की तलाश जारी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ गोस्वामी को मजूलीगढ़ टी इस्टेट में भीड़ ने 9 जून को निशाना बनाया था। घटना के समय वह अपनी शाम की वॉक से लौट रहे थे। तभी, भीड़ ने उन पर हमला बोला। इस बीच उनकी नौकर ने किसी तरह उनकी जान बचाई। फिलहाल उनका इलाज बिस्वनाथ के ही अस्पताल में हो रहा है।

डॉक्टर बताते हैं,

“मैंने टी गार्डन अस्पताल में अपनी ड्यूटी समाप्त की और घर वापस आ गया। इसके बाद मैं अपने घर के सामने अपनी शाम की सैर खत्म कर रहा था और घर के अंदर जा रहा था कि अचानक कुछ लोग गेट में घुसे और मुझे जमीन पर धक्का देना शुरू कर दिया। मैं उन्हें यह कहते हुए सुन सकता था, ‘यही वो है’। लेकिन मुझे कुछ समझ में नहीं आया। इस बीच मेरी घरेलू सहायिका दौड़ती हुई आई और मुझे अंदर लेकर गई । इस तरह मैं बच पाया।”

पीड़ित डॉक्टर ने बताया कि टी इस्टेट के कुछ लोग सरकार द्वारा लगाए गए COVID-19 प्रतिबंधों से नाखुश हैं क्योंकि वे अपनी दुकानें नहीं खोल पा रहे हैं। उन्हें लगता है कि टी गार्डन के डॉक्टरों ने प्रबंधन को इस तरह के प्रतिबंध लगाने की सलाह दी थी। ऐसे में जब 9 जून को उन लोगों ने उन्हें (डॉक्टर) को सैर से लौटते देखा तो अचानक उन पर हमला कर दिया। इससे पहले वह प्रतिबंधों की बाबत अस्पताल के प्रबंधन से मिलने गए थे।

इस घटना के बाद डॉ गोस्वामी ने बिस्वनाथ शरीयाली पुलिस थाने में अपनी शिकायत लिखाई है। आरोपितों पर आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। शुक्रवार को बिस्वनाथ जिले के एसपी रिपुल दास ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान अजीत और सुजीत तंती के तौर पर हुई है।

दास का कहना है, “मजूली टी इस्टेट पर हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मामले में हमले का केस रजिस्टर किया है। पड़ताल में हमें पता चला कि 3 लोग इस हमले में मुख्य रूप से शामिल थे। इनमें से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है। आगे हमारी जाँच चल रही है। तीसरे व्यक्ति को भी जल्द पकड़ा जाएगा।”

गौरतलब है कि डॉक्टरों पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व असम के होजाइ जिले में स्थित एक कोविड केयर सेंटर में एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने डॉक्टर के साथ मारपीट की थी। मंगलवार (जून 1, 2021) को हुई इस घटना के मामले में अब तक 24 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें मोहम्मद कमरुद्दीन, मोहम्मद जैनलुद्दीन, रेहनुद्दीन, सईदुल आलम, रहीमुद्दीन, राजुल इस्लाम, तैयबर रहमान और साहिल इस्लाम शामिल हैं। पीड़ित डॉक्टर सेजु कुमार सेनापति उडाली कोविड केयर सेंटर में तैनात थे।

‘बॉलीवुड के गुंडे मैं दूसरा सुशांत नहीं बनूँगा’: मीका के ‘KRK कुत्ता’ सॉन्ग से भड़के कमाल R खान, कहा- कोर्ट में होगी मुलाकात

फिल्म क्रिटिक कमाल आर खान का विवादों से पुराना नाता रहा है। इन दिनों उनका बॉलीवुड के कई स्टार्स के साथ पंगा चल रहा है। बॉलीवुड के दबंग सलमान खान के बाद केआरके को सिंगर मीका ने भी जमकर लताड़ लगाई है। केआरके की धमकियों के बावजूद शुक्रवार (11 जून 2021) को मी​का सिं​ह ने यूट्यूब पर ‘केआरके कुत्ता’ नाम का नया गाना रिलीज कर दिया है।

इसको लेकर केआरके काफी भड़क गए हैं। उन्होंने शनिवार (12 जून 2021) को ट्वीट किया, ”मैंने वीडियो से जवाब देने की बजाए मीका, विंदू, तोशी साबरी और ईटाइम के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने का फैसला किया है। जल्द ही आप सभी से कोर्ट में मुलाकात होगी।”

केआरके के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

उन्होंने (KRK) शुक्रवार को सुशांत सिंह राजपूत की पहली पुण्यतिथि से पहले अपने ट्विटर हैंडल पर ‘बॉलीवुड के गुंडे’ लिखते हुए कहा था, ”मैं दूसरा सुशांत सिंह नहीं बनूँगा।”

केआरके ने ट्वीट किया, ”बॉलीवुड के गुंडे भाई ये तो तू 100% मानकर चल कि मैं आउटसाइडर भले ही हूँ, लेकिन मैं दूसरा सुशांत सिंह नहीं बनूँगा। ना ही मैं मरूँगा और ना ही बॉलीवुड की जीत होगी। इस बार बॉलीवुड की हार होगी, क्योंकि इस बार बॉलीवुड ने गलत आदमी से पंगा ले लिया है।”

केआरके के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

केआरके ने आगे लिखा, ”बॉलीवुड के गुंडों एक बात कान खोलकर सुन लो। हम वेस्टर्न यूपी वाले ना कभी किसी से डरते और न हीं हारते हैं। अब आर-पार की होगी और ऐसी होगी की बॉलीवुड की हिस्ट्री मैं दर्ज की जाएगी। आपकी चुनौती स्वीकार है।”

केआरके के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

दरअसल, मीका सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ‘केआरके कुत्ता’ सॉन्ग के रिलीज होने की जानकारी फैंस के साथ साझा की थी। उन्होंने गाने का यूट्यूब लिंक शेयर करते हुए लिखा था, ”दोस्तों साल का सबसे बहुप्रतीक्षित गाना ‘केआरके कुत्ता’ रिलीज हो गया है। मेरे बेटे कमाल आर खान कृपया अब इस गाने पर अपना रिव्यू दें। मैंने इस गाने को बनाने में वाकई कड़ी मेहनत की है।”

इसके बाद फिल्म क्रिटिक KRK ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं।

केआरके के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

बता दें कि हाल ही में केआरके ने अपने ट्वीट में लिखा था, ”इतना भौंकता क्यों है अगर औकात नहीं है सॉन्ग रिलीज करने की तो, डर मत बिंदास रिलीज कर, मैं चाहता हूँ तू एक बार सॉन्ग रिलीज कर दे फिर देख।” मीका सिंह ने शुक्रवार को गाना रिलीज कर दिया है।

वहीं, केआरके पहले से ही सलमान खान की फिल्म ‘राधे’ और उनकी बुराई करने के चलते मुसीबत का सामना कर रहे हैं। कमाल आर खान ने सलमान खान पर फिल्म ‘राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई’ के रिव्यू के माध्यम से निशाना साधा था, जिसके बाद सलमान ने KRK पर मानहानि का दावा ठोक दिया था।

‘किसानों’ ने दिल्ली पुलिस के 2 अधिकारियों पर किया हमला! राकेश टिकैत ने कहा- उन्हें पत्रकार समझ लिया होगा

दिल्ली सीमा पर जारी ‘किसान’ आंदोलन में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर किसानों के हमलों के मामले में नरेला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच के दो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर 10 जून को प्रदर्शन स्थल की तस्वीरें खींच रहे थे, उसी दौरान ‘किसानों’ ने उन पर हमला कर दिया।

इस मामले में जब भारतीय किसान यूनियन के नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपनी सफाई दी है। टिकैत ने कहा, “वो (पुलिसकर्मी) सिविल ड्रेस में होंगे, किसानों को लगा होगा​ कि चैनल के लोग हैं और हमें गलत तरह से दिखाते हैं। हमारे लोग मारपीट नहीं करते। पुलिस और सरकार तो चाहती है कि हम किसानों के साथ पंगेबाजी करें।”

वहीं, केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ ‘किसानों’ के विरोध को करीब 200 दिन हो गए हैं। ‘किसानों’ ने आंदोलन को तेज करने के लिए देश भर के राजभवनों के सामने 26 जून को प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के एक नेता ने शुक्रवार को कहा, “26 जून को किसानों का विरोध प्रदर्शन होगा और काले झंडे दिखाए जाएँगे। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को एक ज्ञापन भी भेजा जाएगा।”

भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के नेता धर्मेंद्र मलिक ने आईएएनएस को बताया कि 26 जून को “कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। वहीं, राजभवन में काले झंडे दिखाकर और हर राज्य में राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर ‘हम अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे।’

इस बीच, ‘किसानों’ ने सीमा पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। ‘किसानों’ के मुताबिक शनिवार तक आंदोलन स्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कमेटी गठित कर दी जाएगी। जबकि सच्चाई यह है कि इन्हीं आंदोलनों में एक नहीं रेप के 2-3 आरोप लगे हैं। एक में आम आदमी पार्टी के नेता भी आरोपित हैं। एक में 4 किसान नेताओं सहित 6 पर आरोप है।

कॉन्ग्रेस की सरकार आई तो अनुच्छेद-370 फिर से: दिग्विजय सिंह ने पाक पत्रकार को दिया संकेत, क्लब हाउस चैट लीक

क्लब हाउस चैट का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह एक पाकिस्तानी पत्रकार से जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के फैसले पर बोल रहे हैं।

दरअसल, राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह देश-विदेश के कुछ पत्रकारों से वर्चुअली बात कर रहे थे। इस दौरान पाकिस्तानी पत्रकार शाहजेब जिल्लानी ने अनुच्छेद-370 से जुड़ा एक सवाल कॉन्ग्रेस महासचिव से पूछा था, ”अगर यह मौजूदा सरकार जाती है और भारत को पीएम मोदी से छुटकारा मिल जाता है, तो कश्मीर पर आगे का रास्ता क्या होगा? मुझे पता है कि अभी भारत में जो हो रहा है, उसके कारण यह हाशिये पर है। लेकिन यह एक ऐसा मुद्दा है जो दोनों देशों के बीच इतने लंबे समय से मौजूद है।”

वर्तमान में जर्मनी में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार शाहजेब जिल्लानी (Shahzeb Jillani) ने दावा किया कि वह मोदी के शासनकाल में राजनीति और भारतीय समाज के बदलते परिदृश्य से हैरान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में प्रेस की स्वतंत्रता सिकुड़ गई है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के निरस्त होने से भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले कुछ महीनों से देख रहे हैं कि कैसे मीडिया नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ बोल रहा है।

ट्विटर प्रोफाइल के अनुसार, जिल्लानी बीबीसी के पूर्व संवाददाता हैं। वह पाकिस्तान, बेरूत, वॉशिंगटन और लंदन में काम चुके हैं। इससे पहले वह डीडब्ल्यू न्यूज से जुड़े थे। हालाँकि, कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को अपना परिचय देते हुए जिल्लानी ने कहा कि वह वर्तमान में डीडब्ल्यू न्यूज के साथ काम कर रहे हैं और उनका जन्म पाकिस्तान के सिंध में हुआ था।

शाहजेब जिलानी की ट्विटर प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट

पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर राज्यसभा सांसद ने कहा, ”मैं ईमानदारी से मानता हूँ कि जो चीज समाज के लिए खतरनाक है, वह है धार्मिक कट्टरवाद, चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख या कुछ भी हो। धार्मिक कट्टरवाद नफरत की ओर ले जाता है और नफरत से हिंसा फैलती है।”

उन्होंने कहा, “इसलिए मुझे लगता है कि द्वेष, बीमारी और वायरस धार्मिक कट्टरवाद हैं। प्रत्येक समाज और धार्मिक समूह को यह समझना होगा कि हर व्यक्ति को अपनी परंपरा और विश्वास का पालन करने का अधिकार है। किसी को भी अपनी आस्था, भावनाएँ और धर्म किसी पर थोपने का अधिकार नहीं है।”

इसके अलावा कॉन्ग्रेस नेता ने ऑडियो में आरोप लगाया, “जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाया गया, तब कश्मीर में लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन नहीं किया गया था। इस दौरान इंसानियत को ताक पर रखा गया और इसमें कश्मीरियत भी नहीं थी। सभी को काल कोठरी में बंद कर दिया गया था, क्योंकि मुस्लिम बहुल राज्य में एक हिंदू राजा था।” 

सिंह ने कहा, “दोनों ने साथ काम किया था। दरअसल, कश्मीर में सरकारी सेवाओं में कश्मीरी पंडितों को आरक्षण दिया गया था। इसलिए अनुच्छेद-370 को रद्द करना और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा कम करना अत्यंत दुखद निर्णय है। हमें निश्चित रूप से इस मुद्दे पर फिर से विचार करना होगा।”

दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तानी पत्रकार से मोदी सरकार के अनुच्छेद-370 को निरस्त करने के फैसले पर विचार करने का वादा किया। अनुच्छेद-370, जिसके कारण जम्मू-कश्मीर को स्वतंत्रता के बाद भी शेष भारत से अलग रखा गया, जिसके दम पर कॉन्ग्रेस या अन्य सरकारों ने वहाँ तनावपूर्ण माहौल पैदा किया। घाटी में हिंदुओं का नरसंहार हुआ।

दिग्विजय सिंह कहते हैं कि वे कश्मीरी पंडित ही थे, जिन्हें नौकरियों में आरक्षण मिला। यानी इससे उनका मतलब था कि राज्य के मुसलमानों द्वारा घाटी के हिंदुओं के साथ अच्छा व्यवहार किया गया था? जबकि सच्चाई यह है कि मुस्लिम कट्टरपंथी और जिहादियों ने हिंदु महिलाओं के साथ बलात्कार, हत्या और कश्मीर में नरसंहार कर उन्हें भगा दिया ​था।

बता दें कि अपने घोषणापत्र में भाजपा ने जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद-370 को निरस्त करने का वादा किया था। केंद्र की मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 के दिन जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 और 35-A को निरस्त कर दिया था। साथ ही राज्य का पुनर्गठन कर उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बाँट दिया था।

तिलक लगा एजाज खान बना अज्जू, हिंदू महिला से सेक्स का वीडियो बनाया: अब धर्म परिवर्तन का दवाब, हुआ गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित विजय नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नामी थैरेपी सेंटर की कम्प्यूटर ऑपरेटर से एजाज खान नाम के आरोपित ने शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म किया। हिंदूवादियों के विरोध के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ लव जेहाद, दुष्कर्म का केस दर्ज कर एजाज नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

विजय नगर थाना पुलिस ने आरोपित को गुरुवार (10 जून 2021) को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की रिमांड पर ले लिया है। पुलिस के मुताबिक महिला शादीशुदा है और एक थैरेपी सेंटर में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करती है। मंगलवार (8 जून 2021) की रात वह हिंदूवादियों के साथ थाने आई और एजाज खान उर्फ अज्जू के खिलाफ केस दर्ज करवाया।

महिला ने बताया है कि 2019 में एजाज से उसकी मुलाकात हुई थी। उस दौरान उसने अपना नाम ‘अज्जू’ बताया था और उसने माथे पर तिलक भी लगा रखा था। होटल सूर्या में सेंटर के अन्य कर्मचारियों के साथ मीटिंग के दौरान उसने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर लिए थे।

महिला के मुताबिक, शादी का झाँसा देकर उसने उसके साथ संबंध तो बना लिए, शादी नहीं की। जब उसे शक हुआ तो पता चला कि आरोपित का असली नाम एजाज खान है और वह रतलाम जिले का रहने वाला है। कुछ रिपोर्ट्स में उसका नाम सिराज भी बताया गया है।

धर्म परिवर्तन का बनाता था दवाब

पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि आरोपित एजाज खान ने उसका वीडियो बना लिया था और वह उससे ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन का दवाब बनाता था। महिला ने कहा कि आरोपित ने उसे बदनाम करने की धमकी देते हुए कहा था कि उसका नाम एजाज खान है और वह उससे शादी करना चाहता है। लेकिन, इसके लिए उसे धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा। इसके अलावा वह महिला की बेटी और पति को भी जान से मारने की धमकी भी देता था।

4 जून 2021 को आरोपित महिला के घर तक पहुँच गया था और उसने उसके परिवार के लोगों को महिला को जबरन ले जाने और धर्म परिवर्तन करवाने की भी धमकी दी थी। महिला ने पुलिस को बताया है कि एजाज खान ने उससे हार, चेन, अँगूठी और ढाई लाख रुपए भी ऐंठ लिए थे।

टीआई तहजीब काजी ने बताया है कि इंदौर के बंगाली चौराहा क्षेत्र की रहने वाली 27 वर्षीय महिला की शिकायत पर आरोपित एजाज खान को रेप, ब्लैकमेलिंग और लव जिहाद कानून-2020 की धारा 3 और 5 के तहत गिरफ्तार किया गया है।

एसआई प्रियंका शर्मा ने बताया है कि विजयनगर के माधवबाग स्थित क्लीनिक में आरोपित थेरेपिस्ट का काम करता था। उसी दौरान उसकी महिला से मुलाकात हुई थी। पुलिस अधिकारी के मुताबिक अब उसे ज्वेलरी को जब्त करने के लिए रतलाम ले जाया जाएगा।

‘भाईजान’ के साथ निकाह से इनकार, बॉयफ्रेंड संग रहना चाहती थी समन अब्बास, अब खेत में दफन? – चचेरा भाई गिरफ्तार

पाकिस्तानी मूल की 18 वर्षीय एक लड़की की हत्या के मामले में उसके रिश्तेदारों की भूमिका संदेह के घेरे में है। इटली की पुलिस ने उसके परिवार वालों और रिश्तेदारों का पता लगा लिया है। पुलिस ने आशंका जताई है कि तथाकथित ऑनर किलिंग में समन अब्बास के परिवार वालों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को खेत में दफन कर दिया था।

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, 18 वर्षीय समन अब्बास 1 मई 2021 से लापता है। सीसीटीवी में कैमरे में उसे आखिरी बार सेंट्रल इटली के रेजियो एमिलिया शहर के पास एक खेत में देखा गया था, जहाँ उसके 46 वर्षीय पिता शब्बर काम करते थे।

पुलिस का कहना है कि शब्बर ने इटली से भागने से पहले समन की माँ नाजिया शाहीन (47), चाचा हसनैन दानिश (33), चचेरे भाई नोमानुलहक (33) और एजाज इकराम (28) के साथ मिलकर उसकी हत्या करने और लाश को खेत में दफनाने की साजिश रची।

पुलिस के मुताबिक समन ने पाकिस्तान में अपने चचेरे भाई के साथ शादी करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उसका इटली में एक बॉयफ्रेंड था और वह ‘वेस्टर्न’ लाइफस्टाइल जीना चाहती थी। जिसके बाद रिश्तेदारों ने उसकी हत्या की साजिश रची।

एक चचेरे भाई एजाज को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया है, जिसे इटली को सौंप दिया गया है। वहीं, शब्बर और नाजिया (अब्बा-अम्मी) पाकिस्तान में हैं। उन्होंने अपनी बेटी की हत्या से इनकार किया है।

अभियोजकों का कहना है कि हसनैन ही हत्या का मास्टरमाइंड है और नोमानुलहक अभी तक फरार है। अभियोजकों को भी इन पाँचों पर समन की हत्या करने और शव को ठिकाने लगाने का संदेह है, लेकिन अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिला है।

उनका कहना है कि यह मामला पिछले साल सर्दियों का है, जब समन के परिवार वाले उसे पाकिस्तान में उसके चचेरे भाई से अरेंज मैरिज करने के लिए मजबूर कर रहे थे। इसके बाद समन अपने घर से भाग गई थी और अपने परिवार वालों के डर से वह अक्टूबर से सामाजिक कल्याण के लिए चलाए जा रहे एक रिफ्यूजी कैंप में रह रही थी।

इसके बाद वह इस साल 11 अप्रैल 2021 को अपने घर लौटी। रिपोर्ट के मुताबिक, वह अपने पहचान पत्र लेने के लिए घर आई थी, हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि उसे आवश्यकता क्यों थी। वहीं, पुलिस का मानना है कि 26 अप्रैल तक समन के परिवार वालों ने उसकी हत्या की तैयारी शुरू कर दी थी। अभियोजकों का कहना है कि यह वही तारीख है, जिस दिन समन के चाचा हसनैन ने उसके माता-पिता के लिए पाकिस्तान वापस जाने के लिए हवाई जहाज का टिकट खरीदा था।

29 अप्रैल की शाम को सीसीटीवी कैमरे में तीन लोगों को देखा गया था। पुलिस का कहना है कि ये हसनैन, नोमानुलहक और एजाज थे, जो उस दिन शाम को लगभग 7.30 बजे खेत के पीछे घूमते हुए नजर आए थे। तीनों के पास दो फावड़े, एक बाल्टी और एक नीले रंग का थैला था और लो​हे का डंडा था।

बता दें कि पाकिस्तानी मूल की समन अब्बास इटली के उत्तरी शहर नोवेलारा में रहती थी। समन के परिवार के सदस्यों ने उसकी शादी पाकिस्तान में ही समन के किसी कजिन से करने का फैसला किया था, लेकिन उसने इसका विरोध किया था। कैराबिनियरी (Carabibieri) पुलिस के स्टेफानो बोव ने बताया था कि समन अब्बास की संभावित हत्या में उसका परिवार, उसके अंकल और दो कजिन संदेह के दायरे में हैं। इसके बाद से पुलिस नहरों, कुओं और खेतों में समन की तलाश कर रही थी।

‘नुसरत जहां कलमा पढ़े और ईमान में दाखिल हो, नाजायज संबंध थी उसकी शादी’ – मौलाना कारी मुस्तफा

टीएमसी की सांसद और बंगाली फिल्मों की अभिनेत्री नुसरत जहाँ द्वारा बिजनेसमैन निखिल जैन के साथ शादी को अमान्य बताने के बाद अब मुस्लिम मौलाना उनके समर्थन में उतर आए हैं। नुसरत द्वारा निखिल संग शादी को अमान्य बताने को मौलाना कारी मुस्तफा ने सही ठहराया है। उन्होंने इस शादी को शादी नहीं बल्कि ‘नाजायज संबंध’ करार देते हुए कहा कि वह (नुसरत) तौबा कर ‘कलमा’ पढ़ लें और ईमान में दाखिल हो जाएँ।

मौलाना का कहना है कि दो धर्मों के लोगों के बीच शादी हुई थी, लेकिन वो शादी थी ही नहीं। अगर दो धर्मों के लोगों के बीच विवाह हुआ है तो उनको, जिससे नुसरत ने शादी की, उसके धर्म के मुताबिक करनी थी या फिर उसे इस्लाम में दाखिल कराके यानी ‘धर्मान्तरण’ कराके विवाह करना चाहिए था।

गौरतलब है कि बंगाली एक्ट्रेस नुसरत जहां ने वर्ष 2019 में बिजनेसमैन निखिल जैन से तुर्की में शादी की थी।

निखिल जैन को लेकर नुसरत जहां ने क्या कहा

नॉर्थ 24 परगना के बसीरहाट से सांसद नुसरत जहां ने निखिल जैन के साथ शादी को अमान्य बताते हुए कहा था कि अदालत के हिसाब से ये एक शादी नहीं, बल्कि ‘लिव इन रिलेशनशिप’ था।

9 जून 2021 को टीएमसी सांसद ने कहा था कि निखिल जैन के साथ उनकी शादी तुर्की में हुई थी, जो भारतीय कानून के हिसाब से अमान्य है। नुसरत ने कहा था कि वो भारतीय सरजमीं पर हैं, इसीलिए ‘तुर्किश मैरिज रेगुलेशन’ के तहत ये शादी समारोह अमान्य है। उन्होंने इसे इंटरफेथ मैरिज बताया था। साथ ही कहा था कि इसे भारत के ‘स्पेशल मैरिज एक्ट’ के तहत मान्यता नहीं दिलाई गई थी।

इसके साथ ही नुसरत जहां ने निखिल जैन पर उनकी जानकारी के बगैर ही उनके पैसे का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया था।

प्रेग्नेंट हैं नुसरत जहां

टीएमसी सांसद नुसरत जहां प्रेग्नेंट हैं। नुसरत की तस्वीर सामने आई है, जिसमें उनका बेबी बंप साफ तौर पर देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि नुसरत 6 महीने की प्रेग्नेंट हैं।

वहीं उनके पति निखिल जैन ने हाल ही में प्रेग्नेंसी को लेकर किसी भी जानकारी से इनकार किया था। उन्होंने नुसरत के बच्चे का पिता होने से भी इनकार किया था। निखिल ने दावा किया था कि नुसरत की प्रेग्नेंसी की खबर से वह खुद भी हैरान हैं।

गुजरात का वह स्थान जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने मानव शरीर का किया था त्याग, एक बहेलिया ने मारा था उनके पैरों में बाण

भारतीय जनमानस में भगवान श्रीकृष्ण एक ऐसे महानायक के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने अपने गीता के ज्ञान के माध्यम से समस्त अनुयायियों को जीवन के कठिन से कठिन प्रश्नों के उत्तर प्रदान किए। श्रीकृष्ण का सम्पूर्ण जीवन ही उनके भक्तों के लिए पूजनीय है। श्रीकृष्ण ने जहाँ अठखेलियाँ की, जहाँ अपना बचपन बिताया, वो मथुरा, वृंदावन और बृज धाम आज भी हिंदुओं के लिए सबसे बड़े तीर्थ हैं।

बाद में श्रीकृष्ण ने द्वारका को अपना निवास स्थान बनाया, जो हिंदुओं के चार प्रमुख तीर्थों में से एक है। हालाँकि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा एक ऐसा स्थान भी है, जो आज भी उतना प्रसिद्ध नहीं हो पाया जितना दूसरे धार्मिक स्थल हैं। यह स्थान है गुजरात का श्री भालका तीर्थ, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने अपना मानव शरीर का त्याग किया था और अपने बैकुंठ धाम के लिए  प्रस्थान कर गए थे।

गुजरात के वेरावल स्थित श्री भालका तीर्थ (फोटो साभार : सोमनाथ ट्रस्ट)

भालका तीर्थ, सौराष्ट्र (गुजरात) के प्रभास क्षेत्र में स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम पूज्य सोमनाथ मंदिर से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। यही वह स्थान है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मानव अवतार का अंतिम समय बिताया। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की एक मुस्कुराती हुई प्रतिमा है और पास में ही वह बहेलिया बैठा हुआ है, जिसके बाण ने भगवान श्रीकृष्ण के बाएँ पैर को भेद दिया था। मंदिर में हजारों वर्ष पुराना वह पीपल का वृक्ष भी है, जिसके नीचे श्रीकृष्ण उस घटना के समय विश्राम कर रहे थे।

विश्राम करने आए थे श्रीकृष्ण

सोमनाथ मंदिर से लगभग 5 किमी दूर वेरावल में स्थित भालका तीर्थ के बारे में मान्यता है कि इस स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण विश्राम करने के लिए आए थे। मंदिर परिसर में स्थित पीपल के वृक्ष के नीचे ही वो ध्यान मुद्रा में लेटे हुए थे। उनकी इस मुद्रा में उनका बायाँ पैर सामने की तरफ था। श्रीकृष्ण के पैर के तलवे में बना पदम का निशान ऐसे चमक रहा था, मानो किसी हिरण की आँख हो। इसे देखकर जरा नाम का एक बहेलिया भ्रम में आ गया और उसने हिरण का शिकार करने के लिए बाण चला दिया। बहेलिया का विषबुझा बाण श्रीकृष्ण के तलवे को भेद गया।

मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की मुस्कुराती हुई प्रतिमा (फोटो साभार : सोमनाथ ट्रस्ट)

जरा जब नजदीक आया तब उसके भय का ठिकाना ही नहीं था। जिसे वह हिरण की आँख समझ रहा था, वह भगवान श्रीकृष्ण का पैर था। ग्लानि में जरा भगवान के सामने हाथ जोड़कर बैठ गया। वह श्रीकृष्ण से क्षमा याचना करने लगा। लेकिन भगवान ने उसे समझाया कि यही नियति है। भगवान श्रीकृष्ण ने जरा को कहा कि अब उनके इस धरती से प्रस्थान करने का समय आ गया है और वह इसका मात्र एक कारण ही है। यह सत्य भी था क्योंकि जो श्रीकृष्ण इस सम्पूर्ण सृष्टि के स्वामी हैं, उनकी इच्छा के बिना भला क्या ही संभव है?

मंदिर में स्थापित प्रतिमा (फोटो साभार : सोमनाथ ट्रस्ट)

बाण लगने से लहूलुहान हुए भगवान श्रीकृष्ण भालका तीर्थ से थोड़ी दूर स्थित हिरण नदी पहुँचे, जो कि सोमनाथ से मात्र डेढ़ किमी की दूरी पर बहती है। नदी के किनारे पहुँच कर भगवान ने अपना मानव शरीर त्याग दिया और अपने बैकुंठ धाम प्रस्थान कर गए। माना जाता है कि नदी के किनारे आज भी भगवान श्रीकृष्ण के चरणों के निशान मौजूद हैं। इस स्थान को देहोत्सर्ग तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है।

देहोत्सर्ग तीर्थ (फोटो साभार : सोमनाथ ट्रस्ट)

श्रीकृष्ण की नश्वर देह का अग्नि संस्कार समुद्र के त्रिवेणी संगम, जहाँ तीन नदियाँ हिरण, कपिला और सरस्वती का महासंगम होता है, वहाँ पर हुआ। भालका मन्दिर का जीणोर्द्धार सोमनाथ ट्रस्ट ने करवाया और 1967 में भारत के उपप्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने यहाँ मूर्ति की स्थापना की। चूँकि बाण को भल्ल भी कहा जाता है, अतः इस स्थान का नाम भी भालका तीर्थ पड़ा।

यह घटना द्वापरयुग के अंत का भी प्रतीक मानी जाती है। मंदिर सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा संरक्षित और संचालित है। भालका तीर्थ का वर्णन महाभारत, श्रीमदभागवत महापुराण, विष्णु पुराण और अन्य हिन्दू धर्म ग्रंथों में है। मंदिर में वह पीपल भी है, जिसके नीचे अंतिम समय में भगवान श्रीकृष्ण ने विश्राम किया था। सदैव हरा-भरा रहने वाला पीपल का यह वृक्ष श्रद्धालुओं में उतना ही पूज्य है जितनी कि मंदिर में विराजमान मूर्ति।

कैसे पहुँचे?

भालका तीर्थ का नजदीकी रेलवे स्टेशन वेरावल है। मंदिर से वेरावल रेलवे स्टेशन की दूरी मात्र 3.3 किमी है। इसके अलावा हवाई मार्ग से पहुँचने के लिए नजदीकी हवाईअड्डा राजकोट है, जो भालका तीर्थ से लगभग 190 किमी की दूरी पर है। भालका तीर्थ तक सड़क मार्ग से पहुँचना भी बहुत ही आसान है क्योंकि यह स्थान सोमनाथ से थोड़ी ही दूरी पर है और सोमनाथ गुजरात के सभी प्रमुख शहरों से सड़क मार्गों से जुड़ा हुआ है।

‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ बंगाल में लागू करना ही होगा, बहाना नहीं चलेगा: ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने हड़काया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (11 जून 2021) को पश्चिम बंगाल सरकार को बिना​ किसी अनाकानी के ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ योजना को तत्काल लागू का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि आप एक के बाद दूसरी समस्या का हवाला नहीं दे सकते हैं। यह योजना प्रवासी श्रमिकों के लिए है।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों को होने वाली समस्याओं और असंगठित श्रमिकों की पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, ताकि वे रजिस्ट्रेशन करवा कर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ उठा सकें।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि आधार कार्ड की दिक्कतों की वजह से ये योजना लागू नहीं हो पाई है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे (पश्चिम बंगाल सरकार) केंद्र सरकार की ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ योजना लागू करनी ही होगी। जस्टिस एमआर शाह ने कहा, “कोई बहाना नहीं चलेगा। जब सारे राज्य ये कर चुके हैं तो पश्चिम बंगाल को क्या दिक्कत है। हर हाल में ये योजना लागू होना चाहिए।” कोर्ट के रुख को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के वकील ने इससे सहमति जताई।

हाल ही में दो और मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को हड़काया है। मंगलवार (8 जून 2021) को सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2020 के बाद अनाथ हुए बच्चों के संबंध में फैसला सुनाते हुए तृणमूल कॉन्ग्रेस की सरकार को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, ”सभी राज्यों ने उसके आदेश को मानते हुए व्यवस्थित रूप से सूचनाओं को अपलोड किया है, लेकिन एक पश्चिम बंगाल सरकार ही है, जिसे ये आदेश अब तक समझ में ही नहीं आया।”

साथ ही शीर्ष न्यायालय ने कहा था कि सरकार कन्फ्यूजन वाला बहाना न बनाए, क्योंकि जब सारे राज्यों ने आदेश का पालन किया है, तो केवल बंगाल के लिए कन्फ्यूजन कैसे हो सकता है? कोर्ट ही ये भी आदेश दिया था कि पश्चिम बंगाल सरकार न सिर्फ सूचनाओं को अपलोड करे, बल्कि अनाथ बच्चों के लिए चल रही योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाए।

उससे पहले शीर्ष अदालत ने वेस्ट बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्रीज रेगुलेशन ऐक्ट-2017 (WBHIRA) को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने 4 मई 2021 को यह फैसला दिया था। बंगाल सरकार ने यह कानून केंद्र सरकार की रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 (RERA) की जगह बनाया था। राज्य सरकार के कानून को असंवैधानिक करार देते हुए अदालत ने कहा था कि समानांतर शासन स्थापित करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जा सकता।

नुसरत जहाँ की बेबी बंप की तस्वीर आई सामने, यश दासगुप्ता के साथ रोमांटिक फोटो भी वायरल

इस समय तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) सांसद नुसरत जहाँ काफी चर्चा में हैं। लेकिन किसी राजनैतिक घटनाक्रम के चलते नहीं, बल्कि अपने शादीशुदा जीवन में उथल-पुथल के कारण। कई दिनों से नुसरत के गर्भवती होने, पति निखिल जैन से अलगाव और एक्टर यश दासगुप्ता से रोमांस को लेकर खबरें मीडिया में चल रही हैं। अलगाव को लेकर नुसरत और निखिल का बयान आ चुका है। लेकिन प्रेग्नेंट होने की खबरों की नुसरत ने अब तक पुष्टि नहीं की है।

अब मीडिया नुसरत की तस्वीर आई है जिसमें उनका बेबी बंप साफ तौर पर देखा जा सकता है। इस तस्वीर में वे तीन अन्य महिलाओं के साथ दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि नुसरत 6 महीने की प्रेग्नेंट हैं।

नुसरत जहां बेबी बंप फोटो
TMC सांसद नुसरत जहाँ की वायरल तस्वीर (फोटो : नवभारत)

बता दें कि इससे पहले नुसरत की यश दास गुप्ता के साथ रोमांटिक फोटोज वायरल हुईं थी। दोनों के बीच करीबियों की चर्चा पिछले साल से ही थी। लेकिन हाल में एक्ट्रेस के प्रेगनेंट होने की खबर सुनकर निखिल जैन ने मीडिया से कहा कि उन्हें नुसरत की प्रेग्नेंसी के बारे में कुछ नहीं पता है। उन्होंने नुसरत के बच्चे का पिता होने से भी इनकार किया तो यश दास गुप्ता से उनके रिश्तों की खबरें फिर जोर पकड़ लीं।

तस्वीर साभार: जी टीवी

निखिल ने दावा किया था कि नुसरत की प्रेग्नेंसी की खबर से वह खुद भी हैरान हैं। नुसरत के पति निखिल ने एबीपी आनंदा से कहा था कि उनकी और नुसरत की शादी टूट गई है और वे छह महीने से ज्यादा समय से साथ नहीं रह रहे हैं। ऐसे में किसी भी तरह से ये बच्चा उनका नहीं है। निखिल ने ये भी कहा था कि उनके और नुसरत के बीच कोई संपर्क नहीं है।

निखिल के साथ अपनी शादी पर नुसरत ने कहा था कि वो भारतीय सरजमीं पर हैं, इसीलिए ‘तुर्किश मैरिज रेगुलेशन’ के तहत ये शादी अमान्य है। साथ ही उन्होंने बताया कि ये एक इंटरफेथ मैरिज थी, इसे भारत के ‘स्पेशल मैरिज एक्ट’ के तहत मान्यता नहीं दिलाई गई। नुसरत जहाँ ने कहा था कि अदालत के हिसाब से ये एक शादी नहीं, बल्कि लिव इन रिलेशनशिप था – इसीलिए, तलाक का कोई सवाल ही नहीं उठता।