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‘कहाँ से निकला ये कॉकरोच, लाओ मेरी चप्पल’: कंगना ने ‘राधे माँ’ पर विक्रांत मैसी को दिया जवाब

फिल्म निर्माता आदित्य धर के साथ होमटाउन हिमाचल प्रदेश में पारंपरिक तरीके से शादी करने के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी हुई हैं। सादे अंदाज में उनके फोटोज ने लोगों का दिल जीत लिया है। बॉलीवुड सितारों से लेकर आम लोग तक उन्हें शुभकामनाएँ दे रहे हैं। इस बीच एक तस्वीर पर एक्टर विक्रांत मैसी के कमेंट पर अभिनेत्री कंगना रनौत का जवाब चर्चा में है।

दरअसल, यामी ने अपनी शादी के कार्यक्रमों की जो तस्वीर शेयर की, उनमें से एक में वह गहरे लाल रंग की साड़ी और कलीरों के साथ नजर आईं। इसे देख कंगना उनकी खूबसूरती की तुलना देवी तक से करने से नहीं चूँकी। इसी तस्वीर पर विक्रांत मैसी का भी कमेंट आया था।

कंगना ने जहाँ यामी की तस्वीर पर लिखा था, “हिमाचली दुल्हनें सबसे सुंदर होती हैं, बिलकुल देवी की तरह दिव्य लग रही हो।” वहीं विक्रांत मैसी ने इस फोटो पर कमेंट किया, “राधे माँ जैसी।”

विक्रांत को जवाब देते हुए कंगना ने लिखा, “कहाँ से निकला ये कॉकरोच… लाओ मेरी चप्पल।”

यामी गौतम की तस्वीर पर कंगना और विक्रांत के ट्वीट

कंगना का ये रिप्लाई अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। कुछ लोग कंगना की तरफ से अपनी बात रख रहे हैं। वहीं कुछ विक्रांत को कॉकरोच कहे जाने पर अपना गुस्सा दिखा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि यामी गौतम और विक्रांत दोस्त हैं तो वह आपस में ऐसी बातें कर सकते हैं, जबकि कंगना के समर्थकों का कहना है कि बात दोस्ती की तो है नहीं, विक्रांत ने राधे माँ की तुलना एक हिमाचली दुल्हन से करके हिमाचल की संस्कृति और परंपरा पर हमला बोला है।

बता दें कि कंगना रनौत, यामी गौतम के हिमाचली लुक से इतनी अभिभूत हुईं कि उन्होंने रिप्लाई में जो तारीफ की वो तो की। अपनी स्टोरी पर उनकी फोटो लगाकर भी लिखा, “ट्रेडिशन और वक्त से भी पुरानी बात है। एक पहाड़ी लड़की के दुल्हन बनने से ज्यादा दिव्य और कुछ नहीं हो सकता।” वहीं आयुष्मान खुराना ने कमेंट में लिखा,  “जय माता दी वाला एहसास हो रहा है। आप दोनों ज्वाला जी गए थे क्या?”

‘खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा दर्द कम करते हैं सिख’: हरभजन सिंह का आतंकी भिंडरावाले को ‘प्रणाम’

ऑपरेशन ब्लू स्टार की 37वीं बरसी पर खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले का महिमामंडन करने की वजह से पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह निशाने पर हैं। इस मौके पर रविवार (जून 6, 2021) को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भिंडरावाले के पोस्टर और खालिस्तानी झंडे दिखने का कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बचाव किया है। उनका कहा है कि ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा सिख अपना दर्द कम करते हैं।

पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने रविवार को खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले को उसकी बरसी पर प्रणाम किया। अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर हरभजन ने भिंडरावाले को एक शहीद बताया। साथ ही उसकी तस्वीर साझा कर, ‘प्रणाम शहीदा नू’ लिखा।

हरभजन सिंह ने किया जरनैल सिंह भिंडरावाले का महिमामंडन

हरभजन की इंस्टा स्टोरी पर शेयर किए गए पोस्टर में लिखा है, “शान से जियो और धर्म के लिए मरो।” उन्होंने एक आतंकी को ऐसे श्रद्धांजलि दी जैसे वह कोई हीरो हो। उनकी इस हरकत के बाद वह ट्विटर पर ट्रेंड होने लगे और लोग उनसे सवाल करने लगे कि जिस भिंडरावाले ने तमाम हिंदुओं को मारा क्या वह शहीद है। तस्वीर में भी देख सकते हैं कि भिंडरावाले एकदम हीरो की तरह सेंटर में नीली पगड़ी में है।

खालिस्तान जिंदाबाद के नारे

बता दें कि अमृतसर के श्री हरमिंदर साहिब में एक कार्यक्रम के दौरान खालिस्तानी झंडे देखे गए थे। खालिस्तानी समर्थक दल ‘दल खालसा’ ने 6 जून को खालिस्तान दिवस के रूप में चिह्नित कर परिसर में मार्च निकाला था। कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने खालिस्तानी नारों का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा, “यह सिखों पर गहरा घाव है, जो साल भर दर्द देता है। बरसी पर हम ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाकर इस दर्द को कम करते हैं। इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह हमेशा के लिए हमारी स्मृति का हिस्सा रहेगा।” उन्होंने 1984 के ऑपरेशन को लेकर कहा कि भारतीय सेना ने अकाल तख्त पर ऐसे हमला किया जैसे चीन या पाकिस्तान पर युद्ध के दौरान करते हैं।

मालूम हो कि पिछले साल भारतीय-कनाडाई पंजाबी गायक जसविंदर सिंह (Jazzy B) ने अपने नए गाने में खालिस्तान का समर्थन किया था। 6 जून 2020 को रिलीज किए गए “Putt Sardara De”  के जरिए उसने ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारे गए जरनैल सिंह भिंडरावाले का महिमामंडन भी किया था।

ऑपरेशन ब्लू स्टार

ऑपरेशन ब्लू स्टार को जून 1 से जून 8, 1984 में अमृतसर के गोल्डन टेंपल में अंजाम दिया गया था। भारतीय सेना के लिए ये मिशन अब तक का सबसे बड़ा आंतरिक सुरक्षा मिशन था। इसके लिए भारत की तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी ने आदेश दिए थे ताकि पंजाब में कानून-व्यवस्था बरकरार रह सके।

ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान खालिस्तान समर्थकों ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर स्थित अकाल तख्त परिसर को अपने कब्जे में ले लिया था। इसमें 83 आर्मी जवान और 492 नागरिक हताहत हुए थे। ऑपरेशन के खत्म होने के कुछ समय बाद 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गाँधी की हत्या कर दी गई थी। फिर बड़े पैमाने पर सिखों का नरसंहार हुआ था जिसे भड़काने में कॉन्ग्रेस नेताओं का नाम सामने आया था।

गोरखपुर में मार गिराया गया खान मुबारक गैंग का शूटर परवेज, नेपाल से रंगदारी और नकली नोटों का धंधा चलाता था

उत्तर प्रदेश STF ने गोरखपुर में इनामी शार्प शूटर परवेज को एक मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। अंबेडकरनगर के माफिया खान मुबारक गैंग के सरगना परवेज और STF की गोरखपुर यूनिट के बीच चिउटहा पुल के पास मुठभेड़ हुई। 1 लाख रुपए के इनामी परवेज ने STF पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन उसे घेर लिया गया था। मुठभेड़ के बाद उसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।

उसका एक साथ मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगी हुई है। STF के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह को एक मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि परवेज महराजगंज की तरफ से शहर की ओर आ रहा है। अम्बेडकरनगर के एक व्यापारी से उसे रंगदारी की माँग की और उसी की वसूली के लिए वो यहाँ आया था। उन्होंने अधिकारियों को इसकी सूचना देते हुए घेराबंदी शुरू की। तभी अपराधी अपने साथी के साथ बाइक से आता दिखा।

रोकने पर वो गोलीबारी करते हुए कुदरिया बंधे की तरफ भाग निकला। पीछा करने पर वो अंधाधुंध गोली चलाने लगा, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर और सीने में गोली लग गई। गंभीर स्थिति में उसे जंगल कौड़िया के CHC पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। अलीगंज टांडा थाना क्षेत्र के मकदूमनगर निवासी शूटर परवेज की पुलिस 1 साल से तलाश कर रही थी और ये भी सूचना मिली थी कि गोरखपुर में उसने किसी की हत्या की सुपारी ली है।

उसकी तलाश में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी छापेमारी हुई थी। उसके कुछ करीबियों को जेल भी भेजा गया था। वो नेपाल से अपना आपराधिक कारोबार चला रहा था। नेपाल से ही वो व्यापारियों से वसूली के साथ-साथ नकली नोटों का भी कारोबार चला रहा था। उसके शरणदाताओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, क्योंकि गोरखपुर के कुछ प्रभावशाली लोगों के भी वो संपर्क में था। गोरखपुर में कोई केस दर्ज न होने के कारण वो वहाँ आता-जाता रहता था।

लेकिन, उसकी गतिविधियों पर पुलिस की नजर थी और कुछ दिन पहले उसके कैंपियरगंज आने की सूचना मिली थी। चिलुआताल इलाके के नकहा में रहने वाले एक सफेदपोश के साथ उसकी मुलाकात तय थी, जिसकी पहचान की जा रही है। मई 2016 में गोरखपुर के डाक्टरों से रंगदारी मांगने वाले मऊ के बदमाश धर्मेंद्र सिंह को भी मार गिराया गया था। पिछले साल बस्ती में कुख्यात बदमाश फिरोज पठान को भी STF की गोरखपुर यूनिट ने ही ढेर किया था।

परवेज की बात करें तो अंबेडकरनगर जिले के बसपा नेता जुरगाम मेहंदी की हत्या में भी वो आरोपित था। उसका आका मुबारक खान पहले से ही हरदोई जेल में बंद है। अब वही उसके गैंग को संभाल रहा था। पीपीगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से .32 mm पिस्टल, एक 9mm पिस्टल और कुल 8 राउंड कारतूस बरामद हुए। साथ ही 500 रुपए और एक बैग मिला, जिसमें जरूरत के कुछ सामान थे।

इसी तरह जुलाई 2020 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के ₹50000 का इनामी अपराधी पन्ना यादव उर्फ सुमन यादव उर्फ़ ‘डॉक्टर’ बहराइच जिले के हरदी इलाके में एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ में मारा गया था। वो हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट सहित तीन दर्जन से अधिक संगीन मामलों में वांछित था। वो एक बार गोरखपुर जेल से भी भाग निकला था और एक जेलर की भी पिटाई की थी।

दक्षिण भारत का स्वर्ण मंदिर: 100 एकड़ में फैला श्रीपुरम और 15000 किग्रा सोने से बना श्री लक्ष्मी नारायणी मंदिर

भारत के हिन्दू मंदिर न केवल भक्ति और सनातन की महान परंपराओं का केंद्र होते हैं बल्कि उनकी वास्तुकला, वैभव, विशालता और संरचना भी महान होती है। अब मदुरै के मीनाक्षी मंदिर को ही देख लीजिए, इतने विशाल गोपुरम और मंदिर का भव्य परिसर देख कर आप आश्चर्यचकित रह जाएँगे। ऐसा ही एक मंदिर तमिलनाडु के वेल्लोर में स्थित है, श्री लक्ष्मी नारायणी मंदिर। वेल्लोर से 7 किमी दूर थिरूमलाई कोडी में स्थित है श्रीपुरम आध्यात्मिक केंद्र। यहीं शुद्ध सोने से बना श्री लक्ष्मी नारायणी मंदिर है। इसे दक्षिण भारत का स्वर्ण मंदिर भी कहा जाता है। संसार में कोई ऐसा मंदिर नहीं है जिसे बनाने में इतना सोना लगा हो।

श्री लक्ष्मी नारायणी मंदिर (फोटो साभार : Sripuram.org)

मंदिर का निर्माण और संरचना

भारत के दूसरे मंदिरों की तरह इस स्वर्ण मंदिर का कोई प्राचीन इतिहास नहीं है लेकिन इसकी सुंदर संरचना और दिव्यता इसे हिंदुओं का एक पसंदीदा तीर्थ क्षेत्र बनाती है। इस मंदिर का निर्माण वेल्लोर के चैरिटेबल ट्रस्ट श्री नारायणी पीडम द्वारा कराया गया है। इस ट्रस्ट की प्रमुख हैं आध्यात्मिक गुरु श्री शक्ति अम्मा या नारायणी अम्मा।

मंदिर में विराजित स्वर्ण लक्ष्मी (फोटो साभार : Sripuram.org)

वेल्लोर से 7 किमी दूर पहाड़ियों के तलहटी में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में है आध्यात्मिक केंद्र श्रीपुरम। श्रीपुरम परिसर में ही स्थित है श्री नारायणी मंदिर। मंदिर के निर्माण में 15,000 किग्रा सोने का उपयोग हुआ है। मंदिर को बनाने के लिए पहले सोने को सलाई और बहुत ही पतली शीट में बदला गया जिसे तांबे की प्लेट के ऊपर सजाया गया और साथ ही कारीगरों द्वारा बड़ी ही सूक्ष्मता से कारीगरी की गई है। मंदिर की नक्काशी ही इसे अद्भुत बनाती है।

रात्रि के समय स्वर्ण मंदिर की मनमोहक छवि (फोटो साभार : Sripuram.org)

श्रीपुरम में एक तारानुमा पथ है जिसकी लंबाई लगभग 1.8 किमी है और जिस पर चलकर मंदिर पर पहुँचा जा सकता है। इस पूरे मार्ग में तमाम धर्म और शास्त्र की बातें पढ़ने को मिलती हैं। मंदिर परिसर में एक 27 फुट ऊँची दीपमालिका भी है। इसे जलाने पर मंदिर वास्तव में माता लक्ष्मी का निवास स्थान लगने लगता है। सन् 2000 में मंदिर का निर्माण शुरू हुआ था और 24 अगस्त को इसे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया था।

मंदिर के चारों ओर बना तारानुमा पथ (फोटो साभार : Sripuram.org)

मंदिर में मुख्य रूप से माता लक्ष्मी की आराधना की जाती है। दर्शनार्थी मंदिर परिसर के दक्षिण से प्रवेश कर घड़ी की सुई की दिशा में (क्लाक वाईज) घूमते हुए पूर्व दिशा तक आते हैं, जहाँ से मंदिर के अंदर भगवान श्री लक्ष्मी नारायण के दर्शन करने के बाद फिर पूर्व में आकर दक्षिण से ही बाहर आ जाते हैं। दरअसल मंदिर का एक-एक भाग वैदिक नियमों के अनुसार बनाया गया है। श्रीपुरम में ही एक सामान्य अस्पताल और शोध केंद्र भी है।

देवी लक्ष्मी (फोटो साभार : Sripuram.org)

कैसे पहुँचे?

वेल्लोर का निकटतम हवाईअड्डा तिरुपति में है जो यहाँ से लगभग 120 किमी की दूरी पर है। इसके अलावा चेन्नई का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा भी वेल्लोर से लगभग 145 किमी की दूरी पर है। वेल्लोर पुडुच्चेरी से 160 किमी और बेंगलुरु से 200 किमी की दूरी पर स्थित है। वेल्लोर का काटपाडी रेलवे स्टेशन दक्षिण भारत का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है। श्री लक्ष्मी नारायणी मंदिर से काटपाडी रेलवे स्टेशन की दूरी 7 किमी ही है। इसके अलावा वेल्लोर सड़क मार्ग से दक्षिण भारत के लगभग हर शहर से जुड़ा हुआ है।     

2022 विधानसभा चुनाव के लिए योगी आदित्यनाथ ही सबसे बड़ा चेहरा, नहीं होगा मंत्रिमंडल विस्तार: रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में चुनाव को ध्यान में रखते हुए संभावित फेरबदल या किसी बड़े संगठनात्मक निर्णय की अटकलों के बीच अब खबर आ रही है कि वर्ष 2022 में होने वाला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। भाजपा से जुड़े सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि मंत्रिमंडल विस्तार भी नहीं किया जाएगा।

असल में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के यूपी दौरे के बाद से ही लगातार यह अटकलें चल रही थीं कि उत्तर प्रदेश के अंदर संगठन और मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है। ऐसे कयास भी लगाए जा रहे थे कि एमएलसी बने एके शर्मा को मंत्रिमंडल में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है लेकिन भाजपा सूत्रों से मिल रही खबर के मुताबिक अब यह तय हो गया है कि उत्तर प्रदेश में छः महीने बाद होने वाले चुनाव वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़े जाएंगे।

हालाँकि, इन सभी अटकलों के बीच ही पूर्व कृषि मंत्री और प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद भी मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना जताई गई। हालाँकि स्वयं राधामोहन सिंह ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए राज्यपाल से अपनी मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। इसके बाद यह भी तय हो गया कि भाजपा के लिए अभी भी सीएम आदित्यनाथ ही यूपी में सबसे बड़ा चेहरा हैं।

हालाँकि, यह सभी को पता है कि कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान उत्तर प्रदेश की सरकार ने जिस तरीके से कार्य किया है, वह अपने आप में ही अद्वितीय है। चाहे वो टेस्टिंग हो या टीकाकरण, यूपी की योगी सरकार ने हर मोर्चे पर बेहतर कर दिखाया। यही कारण है कि सीएम आदित्यनाथ की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं दिखाई दी। देश का सबसे बड़ा और सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के बावजूद यूपी में संक्रमण के मामलों में भी कमी देखने को मिली और दूसरे राज्यों की तुलना में मौतें भी कम हुईं। सीएम आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी ने न केवल दूसरी संक्रमण को रोक बल्कि तीसरी लहर से लड़ने की तैयारियाँ भी शुरू कर दी। यही कारण था कि सीएम आदित्यनाथ भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश में सबसे सुरक्षित दावेदार हैं।

हालाँकि सूत्रों का कहना है कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए बड़े ही सूक्ष्म बदलाव किए जा सकते हैं लेकिन कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि केन्द्रीय नेतृत्व साढ़े हुए तरीके से संगठन और राज्य नेतृत्व के बीच समन्वय स्थापित्र करने का कार्य कर रहा है लेकिन केन्द्रीय नेतृत्व का पूरा भरोसा फिलहाल योगी आदित्यनाथ पर ही है।    

बंगाल के बैरकपुर में बम से हमला कर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या, सिर के उड़े परखच्चे: बीजेपी ने TMC को ठहराया जिम्मेदार

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद से जारी राजनीतिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। आज फिर एक बीजेपी कार्यकर्ता की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। बंगाल भाजपा ने रविवार को दावा किया कि उत्तर 24 परगना के बैरकपुर इलाके में उसके पार्टी कार्यकर्ता पर बम से हमला कर हत्या कर दी गई। मृत कार्यकर्ता का नाम जयप्रकाश यादव बताया गया है। बंगाल भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) को इस हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

गौरतलब है कि बंगाल बीजेपी के वाईस प्रेसिडेंट अर्जुन सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी, “आज दोपहर भाटपाड़ा के वार्ड नंबर 1 में @AITCofficial के गुंडों ने @BJP4Bengal के कार्यकर्ता जे.पी. यादव के सिर पर बम मारकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना से लोग आतंकित हैं। पार्टी परिवार के साथ है।” बता दें कि कोलकाता से सटे बैरकपुर संसदीय सीट पर इस समय भाजपा का कब्जा है और 2019 में यहाँ से जीतने वाले अर्जुन सिंह का क्षेत्र में खासा प्रभाव है।

भाजपा ने एक बयान जारी कर दावा किया कि उक्त कार्यकर्ता के खिलाफ कई झूठे मामले भी दर्ज किए गए थे।‌ पार्टी नेताओं ने दावा किया कि बंगाल में भाजपा को सपोर्ट करने की सजा उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को मौत के घाट उतार कर दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह कहा जा रहा है कि पार्टी की ओर से मृत कार्यकर्ता की जो तस्वीर जारी की गई है वह बहुत ही वीभत्स है। इसमें साफ देखा जा रहा है कि मुँह व सिर के हिस्से के परखच्चे उड़ गए हैं।

रविवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी दावा किया कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से अब तक भाजपा के 32 कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अब तक 15 भाजपा उम्मीदवारों एवं चार नवनिर्वाचित विधायकों पर भी हमला किया गया है और यह सिलसिला लगातार जारी है।

‘भक्तों को ₹2 प्रति ट्वीट’: जिस ऑडियो पर द वायर की रोहिणी सिंह चला रही थीं प्रोपेगेंडा, वो निकला फेक, 2 गिरफ्तार

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमें यह दावा किया गया कि भाजपा के समर्थन में ट्वीट करने के लिए प्रति ट्वीट के हिसाब से 2 रुपए मिल रहे हैं। इस वायरल ऑडियो में अभिनेता गजेन्द्र चौहान का नाम लेकर कहा गया कि वो ट्वीट आरटी करेंगे। अब इस ऑडियो के बारे में यह सूचना आई है कि यह एडिटेड है और इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

इस वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को ट्वीट करने के नियम समझा रहा है और बता रहा है कि एक आईडी से कम से कम 25 ट्वीट करने होंगे।

इस फेक वायरल ऑडियो पर तंज कसते हुए द वायर की प्रोपेगेंडा पत्रकार रोहिणी सिंह ने ट्वीट किया और कहा कि आखिरकार भक्तों ने स्वीकार लिया कि उन्हें ट्वीट करने के 2 रुपए मिलते हैं। रोहिणी ने इसे टूलकिट की संज्ञा देते हुए लिखा कि अधिकारी करोड़ों ले रहे हैं और भक्तों को 2 रुपए ही मिल रहे हैं।

रोहिणी सिंह के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

रोहिणी सिंह के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने भी लिखा कि सूचना विभाग बताए, हजारों ऐसे ट्रेंड जो करवाए जाते हैं उनमें कितने पैसे खर्च कर रही है सरकार? सूर्य प्रताप सिंह ने यह भी लिखा कि जनता का पैसा उड़ाया जा रहा है और गरीब दाने-दाने को मोहताज है।

सूर्य प्रताप सिंह के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

अब जाँच में यह पता चला है कि यह ऑडियो फेक था और जानबूझकर एडिट करके बनाया गया था। सोशल मीडिया मैनेजमेंट का कार्य करने वाले अतुल कुशवाहा ने इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अतुल का आरोप था कि उसे बदनाम करने के लिए यह योजना बनाई गई। अंततः जाँच में एक अन्य सोशल मीडिया मैनेजर आशीष पाण्डेय का नाम सामने आया जिसने अतुल के बिजनेस को नीचे करने के लिए यह योजना बनाई।

कानपुर नगर मीडिया सेल द्वारा जारी वक्तव्य में यह बताया गया कि आशीष पाण्डेय ने अपने अधीनस्थ काम करने वाले हिमांशु सैनी के साथ इस योजना पर काम किया। हिमांशु ने पहले पटना के एक 15 वर्षीय लड़के से सोशल मीडिया पर दोस्ती की फिर उससे फोन पर बात करके ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया और एडिट करके उसे वायरल करने लायक बना दिया। इस वायरल ऑडियो के संदर्भ में ही सूर्य प्रताप सिंह और रोहिणी सिंह समेत कई अन्य लोगों द्वारा ट्वीट किया गया। मामले में गिरफ्तार हिमांशु सैनी और आशीष पाण्डेय लखनऊ के निवासी हैं।

कथित इस्लाम विरोधी पोस्ट पर फ्रांस की ‘मिला’ को गर्दन काटने, टुकड़े करने की धमकियाँ, 13 लोगों पर मुकदमा

फ्रांस में एक लड़की के कथित इस्लाम विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट पर जान से मारने की धमकी देने और ऑनलाइन हैरेसमेंट के आरोप में 13 लोगों पर मुकदमा चलाया गया। लड़की को इस पोस्ट के चलते पुलिस सुरक्षा में रखना पड़ा।

मामला दक्षिण-पूर्वी फ्रांस के लायन शहर के विलेफॉन्टाइन का है जहाँ मिला (Mila) नाम की लड़की को उसके परिवार के साथ पुलिस सुरक्षा में रखा गया है। मिला को पुलिस सुरक्षा में रखने का कारण है उसकी सोशल मीडिया पोस्ट्स जिसमें उसने कथित तौर पर इस्लाम की आलोचना की। मिला ने जनवरी 2020 में अपनी इंस्टाग्राम की एक पोस्ट में कहा था कि कुरान सिर्फ घृणा से भरी हुई है और इस्लाम एक वाहियात मजहब है। मिला ने जब यह पोस्ट की थी तब वह मात्र 16 साल की थी। इसके बाद मिला ने टिकटॉक पर एक और पोस्ट नवंबर में किया जब बच्चों को पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाने के कारण इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा स्कूल टीचर सैमुअल पैटी की हत्या कर दी गई थी।

इन सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मिला को अपना स्कूल तक छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालाँकि इसके बाद आलोचना के अधिकार को लेकर बहस छिड़ गई। यहाँ तक फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्राँ ने भी मिला का समर्थन करते हुए कहा था कि कानून साफ तौर पर धर्मों की निंदा करने, आलोचना करने और उन पर कार्टून वगैरह बनाने की स्वतंत्रता देता है।

हालाँकि, मिला की सोशल मीडिया पोस्ट्स पर कई धमकियाँ भी मिलीं। जाँचकर्ताओं ने 13 ऐसे लोगों की पहचान की जो 18 से 80 वर्ष के लोग हैं। इन्होंने मिला को ऑनलाइन प्रताड़ित किया और यहाँ तक कि जान से मारने की धमकी भी दी। एक कट्टरपंथी ने लिखा, “तुम्हारी गर्दन काट देनी चाहिए।“ एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा, “मैं तुम्हारे साथ वही करने वाला हूँ जो सैमुअल पैटी के साथ किया गया।“

गुरुवार (03 जून) को जब कोर्ट में मिला को अपना बयान दर्ज करने के लिए लाया गया तो वह कुछ भी नहीं बोल सकी। मिला के वकील रिचर्ड मालका ने कहा कि मिला को सोशल मीडिया पर लगभग 100,000 ऐसे घृणास्पद संदेश भेजे गए जिनमें मिला को जान से मारने, उसकी गर्दन काटने, उसके टुकड़े करने और उसे कैद करने के लिए कहा गया। मिला के वकील रिचर्ड ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि ये 13 लोग हमारी ही शिक्षा व्यवस्था का एक हिस्सा हैं जो यह भी नहीं जानते कि धर्म की आलोचना करना कानूनी रूप से सही है और इसका मतलब भेदभाव बिल्कुल भी नहीं है।     

फ्रांस में ऑनलाइन हैरेसमेंट या प्रताड़ना के लिए एक अच्छा-खासा जुर्माना और दो साल की जेल हो सकती है। इसके अलावा जान से मारने की धमकी देने पर जुर्माना और तीन साल की सजा संभव है। मिला को जान से मारने की धमकी देने के मामले में दो लोगों को सजा हो चुकी है।

‘केजरीवाल सरकार ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ तक लागू करने में नाकाम, बिचौलियों को दे रही संरक्षण’: मीनाक्षी लेखी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार (6 जून 2021) को घर घर राशन योजना को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, बीजेपी नेताओं ने उनके आरोपों का खंडन किया है। आम आदमी पार्टी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली में राशन की योजना लागू नहीं होने दे रहे हैं। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली में ‘राशन की डोरस्टेप डिलीवरी’ योजना के लागू होने से ठीक दो दिन पहले केंद्र सरकार ने इसे रोक दिया। उनका (केंद्र) दावा है कि हमने मंजूरी नहीं ली, जबकि हमने एक बार नहीं, बल्कि 5 बार मंजूरी ली। कानूनी तौर पर हमें केंद्र की मंजूरी की जरूरत नहीं है, लेकिन हमने शिष्टाचार के चलते ऐसा किया।

केजरीवाल ने आगे कहा, ”मैं आपसे (पीएम मोदी) दिल्ली के 70 लाख गरीब लोगों की ओर से हाथ जोड़कर अनुरोध करता हूँ, कृपया इस योजना (राशन की डोरस्टेप डिलीवरी) को न रोकें। यह राष्ट्रहित में है। देश हित के मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।”

वहीं, बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने इस योजना पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। बीजेपी सांसद ने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड को अभी तक दिल्ली सरकार ने लागू ही नहीं किया है। लगातार ये भ्रम फैलाना कि केंद्र सरकार लागू नहीं करने दे रही है झूठ है। दिल्ली जैसे शहर में 2000 दुकानें हैं। व्यवस्था ठीक करने की बजाए ये असलियत में कुछ बिचौलिये खड़ा करना चाह रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आए अनाज को बिचौलियों को दिया जाएगा और ये सामान किसे बँटेगा, या नहीं बँटेगा किसी को पता नहीं है। केंद्र सरकार पर बोझ बढ़ता रहेगा और सामानों की कालाबाजारी होती रहेगी।

इस मामले पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ”केजरीवाल जी ने आज बात रखी है कि मोदी जी दिल्ली की गरीब जनता को उनके अधिकार से वंचित रख रहें और घर-घर राशन रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं हैं। मोदी जी नेशनल फूड सेक्यूरिटी एक्ट और पीएम गरीब कल्याण योजना द्वारा दिल्ली के जरूरतमंदों को राशन पहुँचा रहे हैं।”

पात्रा ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने दिल्ली को अभी तक नेशनल फूड सेक्यूरिटी एक्ट के अंतर्गत 37400 मीट्रिक टन अनाज भेजा और पीएम गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत 5 जून तक 72782 मीट्रिक टन अनाज भेजा है। दिल्ली 53000 मीट्रिक टन अनाज ही उठा पाई है और इसका मात्र 68 फीसदी ही वो जनता को बाँट पाए हैं।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी केजरीवाल के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ”केजरीवाल आज खुद राशन माफिया का हिस्सा हैं। जब पूरे देश में पारदर्शी तरीके से राशन वितरण के लिए EPOS मशीनों (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) का उपयोग किया जा रहा है, तब दिल्ली में ये मशीनें ठप पड़ी हैं। दिल्ली सरकार राशन के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल भी नहीं कर रही, जिससे बिचौलियों को फायदा हो रहा है।”

दिल्ली के सीएम ने साथ ही यह भी कहा कि आप योजना पर रोक लगाकर राशन माफिया की मदद करना चाह रहे हैं। यह ठीक नहीं है। अगर आप राशन माफिया के साथ खड़े होंगे, तो गरीबों का साथ कौन देगा? केजरीवाल ने सवाल किया कि अगर इस देश में पिज्जा-बर्गर और स्मार्टफोन की होम डिलीवरी हो सकती है, तो फिर राशन की क्यों नहीं?

बता दें कि नेशनल फूड सेक्योरिटी एक्ट और पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत दिल्ली में जरूरतमंदों को पहले से ही राशन दिया जा रहा है। बीजेपी का आरोप है कि इन्हीं योजनाओं को केजरीवाल सरकार सभी लोगों तक नहीं पहुँचा पा रही है।

‘मंदिरों में जाकर देश बर्बाद कर रहे राहुल गाँधी और उनका परिवार’: कॉन्ग्रेस से केके शैलजा ने नौटंकी बंद करने को कहा

केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शैलजा टीचर ने कॉन्ग्रेस पार्टी पर ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ के जरिए देश को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। केके शैलजा ने इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी के समय को याद किया और उसी के आधार पर राहुल गाँधी पर भी आरोप लगाया।

सीपीआईएम नेता शैलजा टीचर ने कहा कि गाँधी मंदिर-मंदिर घूमते हैं, यहाँ तक कि शिव मंदिर भी। जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि भारत एक ‘सेक्युलर’ देश है। शैलजा ने इसे नौटंकी बताया और केरल की प्रदेश कॉन्ग्रेस से यह अपेक्षा की कि वह सेक्युलर केरल बनाए रखने के लिए यह सब नौटंकी नहीं करेगी।

केके शैलजा Covid-19 महामारी के दौरान ‘केरल मॉडल’ को लेकर चर्चा में रहीं। हालाँकि मीडिया ने ही महामारी से निपटने में केरल मॉडल के लिए केके शैलजा को उम्मीद से ज्यादा महत्व दिया लेकिन उनकी खुद की पार्टी ने उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के पद से हटा दिया।    

शैलजा के इस बयान के बाद त्रिप्पुनितुरा से कॉन्ग्रेस विधायक के. बाबू ने स्पीकर से यह आदेश जारी करने के लिए कहा कि क्या मंदिर जाना अपराध है? कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी चुनावों के पहले हिन्दू वोट के लिए अक्सर मंदिरों की यात्रा करते रहते हैं। राहुल गाँधी द्वारा अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के आरोप से बचने के लिए की जाने वाली मंदिरों की इन यात्राओं को अक्सर चुनावी जानकार नौटंकी कहा करते हैं।

2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान, युवा कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता सार्वजनिक तौर पर गाय के बछड़े को काटते हुए देखे गए थे। बाद में आरोपित ने यह खुलासा किया था कि उसे राज्य कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की अनुमति प्राप्त थी।