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‘3 महीने का समय दीजिए, हमने महामारी में लोगों को सहारा दिया’: Twitter गिड़गिड़ाया – अपने कर्मचारियों के लिए चिंतित

माइक्रोब्लॉगिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने Twitter ने दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद बयान जारी करते हुए कहा है कि भारत में उसके कर्मचारियों को लेकर हुई हालिया घटनाओं और जिन लोगों को वो सेवा देता है उनकी ‘अभिव्यक्ति की आज़ादी’ को खतरा होने के कारण वो चिंतित है। Twitter ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस अपने ‘हथकंडों’ से धमकी दे रही है, जिससे वो चिंतित है।

Twitter ने अपने बयान में दावा किया कि नए IT नियमों के मूल तत्वों का वो पालन कर रहा है और साथ-साथ वैश्विक ‘टर्म्स ऑफ सर्विस’ के हिसाब से भी कार्य कर रहा है। उसने भारत सरकार द्वारा लाए गए नए IT नियमों के बारे में कहा कि वो इसके कुछ हिस्से में बदलाव चाहता है, ताकि लोगों के बीच बातचीत या चर्चाएँ खुली व स्वतंत्र रूप से हो सके। उसने भारत सरकार के साथ अपनी बातचीत को जारी रखने की भी बात कही है।

Twitter ने कहा, “हमें लगता है कि एक सहभागिता वाला मिलाजुला दृष्टिकोण अपनाना महत्वपूर्ण है। हम केंद्रीय ‘इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय’ से निवेदन करते हैं कि वो इस ‘स्टैण्डर्ड ऑपरेशन परोसिड्यूर्स’ के लिए पहले जनता से सार्वजनिक परामर्श ले। साथ ही Twitter को इन नियमों को लागू करने के लिए 3 महीने का समय दिया जाए। हम भारत के लोगों के प्रति गहराई से समर्पित हैं और इस महामारी के समय में हमारी सेवाएँ लोगों के लिए सहारा बनी हैं।”

ट्विटर ने अपने बयान में ये भी कहा कि अपनी सेवाओं को जारी रखने के लिए वो भारत सरकार के नियम-कानूनों का पालन करेगा, लेकिन लेकिन वो दुनिया भर में पारदर्शिता के साथ-साथ हरेक आवाज़ को मजबूती देने और अभिव्यक्ति की आज़ादी व प्राइवेसी की रक्षा के लिए भी कार्य करता रहेगा। उसने लोगों के हितों के लिए अधिकारियों, उद्योग और सभ्य समाज के लोग साथ आकर अपनी जिम्मेदारी निभाएँ।

ये पूरा मामला उस ‘टूलकिट’ से जुड़ा है, जिसे कॉन्ग्रेस का बताया जा रहा था। Twitter ने संबित पात्रा समेत जिन्होंने भी इस टूलकिट को ट्वीट किया था, उस पर ‘छेड़छाड़ किया हुआ मीडिया’ का ठप्पा लगा दिया। कॉन्ग्रेस के पत्र के बाद उसे ये कार्रवाई की। दिल्ली पुलिस ने 2 कॉन्ग्रेस नेताओं के साथ-साथ दिल्ली और गुरुग्राम स्थित ‘ट्विटर इंडिया’ के दफ्तरों में जाकर नोटिस दिया था। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि ‘ट्विटर इंडिया’ के MD की तरफ से जो नोटिस आया है वो अस्पष्ट है।

हालाँकि, इस कार्यवाही के बाद कॉन्ग्रेस ने दिल्ली पुलिस से अपनी शिकायत वापस लेते हुए छत्तीसगढ़ में मामला चलाने की बात कही। बता दें कि आम उपयोगकर्ताओं को उनके अधिकारों के उल्लंघन के मामले में उनकी शिकायतों के समाधान होने और इनकी जवाबदेही तय करने के लिए ‘सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्‍थानों के लिए दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021’ लाया गया है। व्हाट्सएप्प भी इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचा है।

विंध्याचल की माता विंध्यवासिनी: सृष्टि के आरंभ से हैं, प्रलय के बाद भी होंगी; एकमात्र पूर्ण पीठ के बारे में जानिए सब कुछ

विन्ध्य क्षेत्र सदैव से ही तपोभूमि माना जाता रहा है। यह ऋषि-मनीषियों के अलावा तपस्वियों और भक्तों की भूमि रही है। वन, पर्वत, नदी और तालाब इत्यादि से सुसज्जित विन्ध्य क्षेत्र कई आध्यात्मिक स्थानों का केन्द्र भी है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से लगभग 8 किमी की दूरी पर माँ गंगा की निर्मल धाराओं के समीप स्थित माँ विंध्यवासिनी का मंदिर भी इनमें से एक है। 51 शक्तिपीठों में शामिल माता विंध्यवासिनी का मंदिर एक जागृत पीठ माना जाता है। इस मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएँ हैं जो अपने आप में अनूठी हैं।

विन्ध्याचल पर्वत पर स्थित माता विंध्यवासिनी का इतिहास इस संपूर्ण सृष्टि जितना पुराना ही है। श्रीमद्भागवत पुराण में माता विंध्यवासिनी का वर्णन किया गया है। कहा जाता है कि जब ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की तब उन्होंने इसके संचालन और संवृद्धि के लिए मनु और शतरूपा को बनाया। विवाह के बाद मनु ने अपने हाथों से माँ भगवती की मूर्ति बनाई और उनकी कड़ी तपस्या की। मनु की तपस्या से प्रसन्न होकर माता प्रकट हुईं और मनु को खूब वरदान दिए। इसके बाद माता विन्ध्यांचल रहने चली गईं।

माता विंध्यवासिनी, विंध्याचल

कुछ मान्यताओं के अनुसार माता विंध्यवासिनी कोई और नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की बहन योगमाया हैं जिसे कंस ने वासुदेव और देवकी की आठवीं संतान समझकर मारना चाहा, लेकिन वह नवजात कन्या कंस के हाथ से नकलकर आकाश पहुँच गई और कंस की मृत्यु की भविष्यवाणी की। इसका भी वर्णन श्रीमद्भागवत महापुराण में है। उसके बाद उन्होंने यहीं विन्ध्याचल में रहना स्वीकार किया। मार्कंडेय पुराण, पद्म पुराण एवं श्रीमद्भागवत महापुराण में मिर्जापुर की माता विंध्यवासिनी का वर्णन है और कहा गया है कि माता प्रलय के बाद भी इस सृष्टि में निवास करेंगी।

त्रिकोण यंत्र पर स्थित माता विंध्यवासिनी संपूर्ण रूप में पूजी जाती हैं। यही कारण है कि माता का यह मंदिर जागृत पीठ या संपूर्ण पीठ माना जाता है। माता विंध्यवासिनी, महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती के रूप में पूजी जाती हैं।

त्रिकोण यात्रा या परिक्रमा

जिस विन्ध्यांचल क्षेत्र में माता विंध्यवासिनी हैं वहाँ तीन किमी के दायरे में दो और मंदिर हैं। एक मंदिर है काली खोह पहाड़ी स्थित महाकाली का और दूसरा मंदिर है एक अन्य पहाड़ी पर स्थित माता अष्टभुजी का। विन्ध्यांचल क्षेत्र में इस त्रिकोण यात्रा का बड़ा महत्व है और बाकी दो मंदिरों की यात्रा किए बिना माता विंध्यवासिनी के दर्शन अधूरे ही माने जाते हैं। एक लघु त्रिकोण यात्रा भी होती है जहाँ मंदिर परिसर में ही माता के तीन रूपों के दर्शन किए जाते हैं।

तंत्र साधना और शाक्त संप्रदाय का परम पवित्र स्थान

वैसे तो दूसरे शक्ति पीठों में माता सती के कोई न कोई अंग गिरे थे जिसके बाद वहाँ शक्तिपीठ स्थापित हुए लेकिन यह एक पूर्ण पीठ है क्योंकि इसे माता शक्ति ने स्वयं अपने रहने का स्थान बनाया।

यह स्थान तांत्रिकों और शाक्त संप्रदाय के साधकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। वैसे तो मंदिर के कपाट रात्रि 12 बजे से सुबह 4 बजे तक बंद होते हैं, लेकिन नवरात्रि के दिनों में चार बार माता का श्रृंगार करने के लिए पट बंद किए जाते हैं। नवरात्रि में महानिशा पूजा का अलग महत्व है। इसके अलावा अष्टमी पर भी मंदिर में वाममार्गी और तांत्रिकों का जमावड़ा लगा रहता है।

कैसे पहुँचे?

वाराणसी और प्रयागराज से मिर्जापुर सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। दोनों शहरों में हवाईअड्डे भी हैं। सबसे नजदीक वाराणसी का हवाईअड्डा है जो मंदिर से लगभग 72 किमी की दूरी पर है। विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 1 किमी है। लेकिन यहाँ सभी ट्रेने नहीं रुकती। हालाँकि 8 किमी दूर स्थित मिर्जापुर स्टेशन में लगभग सभी ट्रेनों का स्टाॅपेज है। मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित होने के कारण मध्य प्रदेश के शहरों से भी यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है।

Yaas तूफान ने बंगाल और ओडिशा में मचाई तबाही, लाखों घर तबाह, 4 की मौत: अब बिहार और झारखंड में हाई अलर्ट

चक्रवाती तूफान यास (Yaas) ने बुधवार (26 मई) को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से टकराने के बाद वहाँ भारी तबाही मचाई। इससे ओडिशा में तीन और बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इस चक्रवात की वजह से ओडिशा और बंगाल में 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

बंगाल के जलपाइगुड़ी में 3.8 रिक्टर स्केल की तीव्रता वाला भूकंप भी आया। राज्य में तेज हवा और बारिश के कारण सैकड़ों की संख्या में तटवर्ती गाँवों में पानी भर गया और लाखों घर उजड़ गए। बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाने के बाद ये तूफान झारखंड की ओर बढ़ गया है, इसको देखते हुए बिहार और झारखंड में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

चक्रवात की वजह से ओडिशा, पश्चिम बंगाल में 20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी के मुताबिक, तूफान Yaas की वजह से राज्य में एक करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और तीन लाख से अधिक घर और 134 बाँध क्षतिग्रस्त हुए हैं।

एनडीआरएफ की 113 टीमें लगातार तूफान प्रभावित पाँच राज्यों में लोगों को रेस्क्यू कर रही हैं। अब तक बंगाल में 15 लाख और ओडिशा में 5.8 लाख लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। ओडिशा के चाँदीपुर और बालासोर व पश्चिम बंगाल के 24 परगना साउथ में चक्रवात ने जमकर कहर बरपाया। यहाँ करीब 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएँ सब कुछ उड़ा ले गईं।

ओडिशा में हुआ भू स्खलन

चक्रवाती तूफान यास (Yaas) की वजह से बुधवार को उत्तरी ओडिशा के भद्रक जिले के धामरा में सुबह 10:30 बजे और बालासोर जिले में दोपहर करीब एक बजे भू स्खलन हुआ। उस दौरान 130 से 155 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएँ चलीं।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने यास (Yaas) तूफान के कारण बुरी तरह से प्रभावित सभी 128 गाँवों के प्रभावित परिवारों को सात दिनों तक हर तरह की राहत देने का एलान किया है। उन्होंने अगले 24 घंटों में सड़कों और विद्युत और सभी तरह की संचार सेवाओं को फिर से चालू करने को कहा है।

बिहार, झारखंड में Yaas को लेकर हाई अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 मई तक पूरे झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक तूफान गुरुवार शाम 5.30 बजे तक पटना पहुंचेगा, इसको देखते हुए बिहार के 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

यास (Yaas) तूफान का असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है। इसकी वजह से राजधानी पटना समेत 33 जिलों में मौसम का मिजाज बदल गया है। दक्षिणी, मध्य और पूर्वोत्तर बिहार के 18 जिलों में रुक-रुक बारिश हो रही है। हालात को देखते हुए राज्य में NDRF और SDRF की 24 टीमों को तैनात किया गया है। 18 स्पेशल ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है।

भारी बारिश के कारण झारखंड में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार (27 मई 2021) को तेज बारिश के साथ दिनभर बादल छाए रहने की आशंका व्यक्त की है।

पश्चिम बंगाल के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया है कि गुरुवार (27 मई 2021) को सुबह 8:30 बजे से 1-3 बजे के दौरान हावड़ा, हुगली उत्तर और दक्षिण 24 परगना, बीरभूम, मुर्शिदाबाद जिलों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलने और बारिश के आसार हैं। वहीं मुर्शिदाबाद के दीघा में तूफान के बाद भी तेज हवाएँ चल रही हैं और समुद्र में ऊँची लहरें उफान मार रही हैं।

इंडियन नेवी ने कहा है कि साइक्लोन यास (Yaas) के खतरे को देखते हुए विशाखापत्तनम से 7 नौसैनिक टीमों को पश्चिम बंगाल के दीघा, हार्बर, फ्रेजरगंज और डायमंड हार्बर में तैनात किया गया है। इस टीम में 2 डाइविंग, 5 फ्लड रेस्क्यू टीम शामिल हैं।

98 लाख रुपए में केरल CM के घर का रंग-पेंट, बिना टेंडर ठेका… दामाद वाला मंत्रालय भी घेरे में: सांसद ने उठाए सवाल

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अपने आधिकारिक आवास के नवीनीकरण पर 98 लाख खर्च करने की योजना है। खास बात ये है कि इसका ठेका बिना कोई टेंडर जारी किए ही एक निजी फर्म को दे दिया गया है।

बीजेपी कर्नाटक इकाई की उपाध्यक्ष और उडुपी से सांसद शोभा करंडलाजी ने अपने एक ट्वीट में ये जानकारी दी है। शोभा ने एक ट्वीट शेयर करते हुए लिखा है, ”लुटियंस के प्रिय सीएम पिनराई विजयन की योजना अपने आधिकारिक आवास के नवीनीकरण के लिए जनता के 98 लाख रुपये खर्च करने की है। बिना किसी सार्वजनिक टेंडर के ही इसका ठेका एक निजी फर्म को दिया गया है। लेकिन इकोसिस्टम को इस प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं नजर आती है, क्योंकि ये उनके प्रिय सीएम और सरकार द्वारा किया गया है??!!’

सीएम पिनराई के घर के रेनोवेशन का ठेका ‘दामाद की देखरेख’ में?

केरल हिंदू सेवा केंद्र के संस्थापक प्रतीश विश्वनाथ ने भी अपने ट्वीट में इसकी जानकारी दी है और लिखा है, ”केरल सीएम आधिकारिक घर को रेनोवेट कराने के लिए 98 लाख रुपए खर्च कर रहे हैं। इसका ठेका बिना किसी टेंडर के ही उस कंपनी को दिया गया है जोकि सीपीएम विंग की तरह काम कर रही है। और संबंधित मंत्रालय सीएम के दामाद के आधीन है। सेंट्रल विस्टा पर प्रलाप करने वाले लोग अब इस पर नहीं रोएँगे क्या? राज्य सरकार वैक्सीन खरीदने के लिए पैसे माँग रही थी।”

पिनराई विजयन के शपथ ग्रहण में जुटी थी 500 की भीड़

कोरोना काल के बावजूद 20 मई, 2021 को पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार के शपथ ग्रहण में 500 लोग शामिल हुए थे। खास बात ये है पिनराई विजयन ने अपने कैबिनेट में दामाद पीए मुहम्मद रियास को भी जगह दी है, जो CPI(M) के यूथ विंग ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

44 वर्षीय रियास को वामपंथियों के गढ़ कोझिकोड के बेपोर से टिकट दिया गया था। इससे पहले 2009 में वो इसी इलाके से लोकसभा चुनाव हार चुके हैं। जून 15, 2020 को 44 वर्षीय मुहम्मद रियास ने विजयन की बेटी वीणा से शादी रचाई थी। नई कैबिनेट में विजयन ने अपने दामाद मुहम्मद रियास सहित 11 मंत्री बनाए हैं। सारे चेहरे नए हैं।

मोदी सरकार की नए सँसद भवन के निर्माण की सेंट्रल विस्टा परियोजना को लेकर राहुल गाँधी, कॉन्ग्रेस और लेफ्ट समेत पूरा विपक्ष हमलावर रहा है।

‘सलमान खान 22 साल का मोरल लौंडा है.. हम पैसा और समय देकर यही सुनने जाएँ?’: केस दर्ज होने के बाद बोले KRK

फिल्म समीक्षक कमाल आर खान (KRK) ने सलमान खान की फिल्म ‘राधे’ की समीक्षा करते हुए वीडियो बनाया था, जिसके बाद सलमान खान ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अब KRK ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सलमान खान के हिसाब से उनकी फिल्म ‘राधे’ जबरदस्त थी, लेकिन उनकी समीक्षा के बाद जनता फिल्म देखने गई ही नहीं और ये बुरी तरह फ्लॉप हो गई। KRK ने केस के बाद रिव्यू को अपने यूट्यूब चैनल से डिलीट कर दिया है।

KRK ने कहा कि जिस तरह उनका सलमान खान को ‘सल्लू दादाजी’ कहना बुरा लगा, ठीक उसी तरह उन्हें सलमान का फिल्म में खुद को ’22 साल का मोरल लौंडा’ कहलवाना भी बुरा लगा। उन्होंने कहा कि फिल्म में जब दिशा पटानी से सलमान खान ने खुद को ‘भोलू, क्यूट बॉय’ कहलवाया, तो भी उन्हें बुरा लगा। KRK ने आगे कहा कि दिशा पटानी को तो पैसे देकर फिल्म में रोल दिया गया था, इसीलिए वो मजबूर थीं लेकिन हम तो मजबूर नहीं हैं।

KRK ने पूछा कि अपना समय और रुपया खर्च करने के बाद हम 55 साल के सलमान खान को ‘भोलू और क्यूट बॉय’ क्यों मानें? KRK ने कहा कि आपकी तरह हमारी फीलिंग नहीं है क्या? उन्होंने ‘मेरा कुत्ता कुत्ता, तुम्हारा कुत्ता टॉमी’ गाने की लाइन दोहराते हुए कहा कि हमने तो कभी हर्ट होने पर आपके ऊपर केस नहीं किया। KRK ने पूछा कि हमारे ‘सल्लू दादाजी’ कहने पर आपको शर्म आती है लेकिन खुद को ‘भोलू और क्यूट बॉय’ कहते हुए शर्म नहीं आती? उन्होंने कहा:

“कुछ भी हो, आपको केस नहीं करना चाहिए था। आपको क्या लगता है कि जज साहब मुझे आपके लिए झूठ बोलने के लिए मजबूर करेंगे? क्या वो मुझसे कहेंगे कि जब भी आपकी कोई वाहियात फिल्म आए तो मैं उस फिल्म को 4 स्टार दूँ, जैसे बाकी दलाल व ‘भाँड़’ क्रिटिक्स आपको देते हैं? उन्हें तो आपका इंटरव्यू और आपके साथ फोटो चाहिए। हमें ये सब नहीं चाहिए। सच्चाई को कोई हरा नहीं सकता, कोई रोक नहीं सकता। मुझे आपकी फिल्मों से नहीं, आपके घमंड और अहंकार से समस्या है।”

KRK ने उम्मीद जताई कि जज साहब उनसे यही कहेंगे कि आगे भी जब वो सलमान खान की फिल्म देखें तो वैसी ही समीक्षा करें, जैसा उन्हें लगता हो। उन्होंने सलमान खान को अपने उस बयान की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा कि वो अपेक्षा कर रहे थे कि समीक्षक उनकी फिल्मों को 1-2 नहीं, माइनस में स्टार देंगे। सलमान खान ने कहा था कि इन समीक्षाओं से उनकी फिल्म पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।

KRK ने सलमान खान द्वारा मानहानि का मामला दर्ज कराने के बाद दी प्रतिक्रिया

KRK ने कहा, “उनकी रिव्यू से आपको फर्क इसीलिए नहीं पड़ता क्योंकि वो मक्कार, दलाल, चाटुकार और झूठे हैं। वो तलवे चाटते हैं, लेकिन हम तो ऐसा नहीं करते। उनकी औकात नहीं है कि आपको जवाब दे सकें, लेकिन हम तो आपके सामने छाती ठोक के खड़े होते हैं। हम आपको फिल्म समीक्षकों का मजाक नहीं बनाने देंगे। आपको अब एक सच्चे समीक्षक की ताकत का पता चल ही गया। मेरे एक सच्चे रिव्यू ने आपकी नींद खराब कर दी। आपको उठते-बैठते-खाते और सपने में भी KRK ही नजर आता है।”

‘देशद्रोही’ और ‘एक विलेन’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके KRK ने दावा किया कि सलमान खान ने अपने वकीलों को अपने घर बुला कर उन्हें कहा कि केआरके को रोको। उन्होंने कहा कि वो सच बोलते रहेंगे और उन्हें कोई कोर्ट-कानून या सलमान खान नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि सलमान समीक्षकों का अपमान करें लेकिन कहें कि वो ‘दुनिया के नंबर-1 रिव्यूयर’ की बात नहीं कर रहे। KRK ने कहा कि सलमान खान उनसे निवेदन करेंगे तो वो उनकी फिल्म का रिव्यू नहीं करेंगे, लेकिन डराने-धमकाने पर वो नहीं झुकेंगे।

KRK के यूट्यूब चैनल पर 13 मई 2021 को सलमान खान की हालिया फिल्म राधे का रिव्यू अपलोड हुआ था। इस वीडियो में उसने सलमान खान को हर जगह दद्दू कहकर संबोधित किया। वहीं दिशा पटानी के रोल का मजाक बनाते हुए उन्हें सलमान खान की पोती बताया। रिव्यू में केआरके ने एक्शन को रिक्शावालों, रेहड़ी वालों के लिए ठीक-ठाक बताया। इसके बाद कहा है कि ये फिल्म कोरोना की तरह खतरनाक है। कोरोना फेफड़ों को डैमेज करता है।

हिरोइन जोया नासिर नहीं सह पाईं पाकिस्तान की आलोचना, तोड़ डाला मंगेतर से रिश्ता

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे विवाद को लेकर पाकिस्तान पर सवाल उठाने पर पाकिस्तानी अभिनेत्री जोया नासिर का मुस्लिम प्रेम जाग गया और उसने अपने मंगेतर जर्मन व्लॉगर (वीडियो ब्लॉगर) क्रिश्चियन बेट्जमैन से अपना रिश्ता तोड़ लिया है।

जोया ने आरोप लगाया कि क्रिश्चियन ने इजरायल और फिलिस्तीन विवाद पर सवाल करते हुए पाकिस्तान को थर्ड वर्ल्ड कंट्री कहा। जोया ने क्रिश्चियन के साथ अपने संबंधों को खत्म करने की जानकारी एक इंस्टा पोस्ट के जरिए दी।

एक्ट्रेस जोया नासिर ने लिखा, “मैं बड़े ही भारी मन से यह एलान कर रही हूँ कि क्रिश्चियन बेट्जमैन और मैं अब शादी नहीं कर रहे हैं। मेरी संस्कृति, मेरे देश, मेरे लोगों के प्रति उनके रुख में अचानक बदलाव और मेरे धर्म के प्रति असंवेदनशीलता ने मुझे इस तरह का कठिन फैसला लेने के लिए प्रेरित किया है।”

कुछ धार्मिक सीमाओं को पार नहीं किया जाता

पाकिस्तानी अभिनेत्री जोया नासिर ने कहा कि कुछ धार्मिक और सामाजिक सीमाएँ हैं, जिन्हें पार नहीं किया जा सकता है, इसीलिए हमने अलग होने का फैसला किया है। उन्होंने आगे लिखा, “नम्रता, सहनशीलता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान ऐसे गुण हैं, जिनका हमें हमेशा पालन करना चाहिए। मैं अपने अल्लाह से दुआ करूँगी कि वो मुझे दुनिया की इस भावनात्मक तबाही से लड़ने की शक्ति दें।”

इसके साथ ही अभिनेत्री क्रिश्चियन के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वो इस भावनात्मक उथल-पुथल से निपटने के लिए अब प्राइवेसी चाहती हैं।

जर्मन व्लॉगर क्रिश्चियन ने रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और फिलिस्तीन विवाद पर फिलिस्तीन का सपोर्ट करने वाले पाकिस्तानियों को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट किया था कि इस वक्त दुआ करने से कुछ नहीं होगा। दूसरों के लिए बुरा फील करना बंद करो, जब आप लोग अपने ही देश को बर्बाद कर रहे हो। जब अपने समाज और लोगों की ही मदद नहीं कर पा रहे हो।

क्रिश्चियन ने भी इंस्टाग्राम पर ही दिया जवाब

क्रिश्चियन ने अपनी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो एक बेहतर पाकिस्तान चाहते हैं, इसलिए उन्होंने उसकी आलोचना की थी।

राजस्थान: टायर चोरी के आरोप में भीड़ ने 2 को पीटा, दुकान मालिक सत्तार खान और मंसूर सहित 3 गिरफ्तार

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित निम्बाहेड़ा सदर क्षेत्र में बुधवार (मई 26,2021) को टायर चोरी के आरोप में दो लोगों की भीड़ द्वारा पिटाई की गई। ग्रामीणों ने दोनों आरोपितों की पिटाई करने के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर पुलिस को इस बारे में पता चला। पुलिस ने जब पूछताछ की तो दोनों आरोपितों ने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें पीटा है।

राजस्थान पुलिस ने गाँव के ही 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर के उनमें से 3 को गिरफ्तार भी कर लिया है। मामला कुछ यूँ है कि रानीखेड़ा निवासी सत्तार खान पुत्र गुलजार मोहम्मद ने उसकी दुकान से टायर चोरी का मामला दर्ज करवाया था। उसने 8 टायरों के चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ग्रामीणों को इसका शक चिकारड़ा निवासी जमील पुत्र बाबू खां व कोमल पुत्र फूलचंद खटीक पर हुआ।

इसके बाद दोनों को भीड़ ने पकड़ा और और लात-घूसों व रस्सियों का इस्तेमाल कर के जम कर पीटा। एक साथ कई लोग पिल पड़े और उन्होंने मारपीट की। दोनों आरोपित बार-बार हाथ जोड़ कर माफ़ी माँग रहे थे और साथ ही न पीटने की मिन्नतें कर रहे थे। पिटाई के दौरान जमील और कोमल घायल भी हो गए। जिन ग्रामीणों ने इन दोनों की पिटाई की, उन्होंने ही इस पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया।

जमील और कोमल ने कबूल किया कि इन दोनों ने 2 टायरों की चोरी की है। पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर के ले गई। उनके शरीर पर जख्म देख कर पुलिस ने पूछताछ की तो शुरू में उन्होंने कुछ नहीं बताया, लेकिन अगले दिन उन्होंने ग्रामीणों की करतूतें बताई। टायर दुकान के मालिक सत्तार खान के अलावा रानीखेड़ा निवासी मनसूर पुत्र आजाद मंसूरी और पप्पू पुत्र चाँद को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इससे पहले भी हो चुकी है भीड़ द्वारा पिटाई की घटनाएँ

जून 2019 में चोरी के आरोप में तबरेज अंसारी की पिटाई की गई थी, जिसके कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई थी। झारखंड के सरायकेला में हुई इस घटना को लेकर ‘हिन्दुओं द्वारा मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग’ का नैरेटिव फैलाया गया था, जबकि कई घटनाओं में देखा गया है कि चोरी करते हुए पकड़े जाने पर ये शक में भीड़ बिना जाति-मजहब देखे ही पिटाई कर देती है। सितंबर 2020 में लोगों ने चोरी के आरोप में बासिद खान को मार डाला था।

ऐसे ही जून 2020 में दिल्ली के पांडव नगर में सलमान नाम के युवक को चोरी के आरोप में भीड़ ने मार डाला था। राँची में ही मार्च 2021 में बाइक चोरी के आरोप में भीड़ ने मुबारक खान की हत्या कर दी थी। उससे कुछ दिनों पहले राँची में ही सचिन कुमार नामक व्यक्ति को चोरी के शक में मार डाला गया था। बेगूसराय में हरि साह नामक व्यक्ति के नाबालिग पुत्र को चोरी के आरोप में पीटा गया था।

‘स्तन कैसे बाँधे’ – 11 साल की लड़कियों तक को भेजा स्कूल ने न्यूजलेटर, पहले किया बचाव फिर माँगी माफी

इंग्लैंड में एक प्रतिष्ठित ग्रामर स्कूल की 11 साल की लड़कियों को स्तनों को कैसे बाँधना समझाने वाला न्यूजलेटर भेजे जाने की बाद स्कूल की शिकायत शिक्षा विभाग में की गई है।

सरे के चीम स्थित प्यूपिल्स ऐड नॉनसच हाई स्कूल (Nonsuch High School) की 11 साल की छात्राओं को छह पूर्व छात्राओं द्वारा तैयार किया गया एक न्यूजलेटर भेजा गया था, जिसमें एक का शीर्षक था, ”मैं सुरक्षित तरीके से कैसे बाँधू।”

लड़कियों को भेजे गए इस न्यूजलेटर में उन वेबसाइट्स के लिंक भी हैं जो बताते हैं कि अगर अधिक ‘चपटे स्तन और मर्दाना’ लुक पाने के लिए स्तनों को बाँधना दर्दनाक हो तो सर्जरी के जरिए स्तनों के टिश्यू को हटाना भी एक विकल्प हो सकता है।

पहले स्कूल ने किया न्यूजलेटर का बचाव फिर माँगी माफी

एक बयान में, नॉनसच स्कूल के नेतृत्व ने न्यूजलेटर का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ‘LGBTQ+ मुद्दों की समझ को सूचिता करना और बढ़ावा देना’ और ‘जोखिम भरी प्रथाओं पर विचार करने वाले युवाओं को सुरक्षा सलाह देना’ था। लेकिन एक अन्य बयान में, स्कूल ने न्यूजलेटर को लेकर माफी माँगी और कहा यह नॉनसच के आरएसई (रिलेशनशिप एंड सेक्स एजुकेशन) कार्यक्रम के ‘अनुरूप’ नहीं था।

LGBTQ न्यूजलेटर के अप्रैल संस्करण में, जो विद्यार्थियों को नहीं लेकिन उनके माता-पिता को भेजा गया था, में भी कुछ ऐसा ही जिक्र था। इस न्यूजलेटर में भी बच्चों को बायसेक्शुअलटी, ओमनीसेक्शुअलिटी और पैनसेक्सुअलिटी के बीच के अंतर को लेकर सलाह दी गई थी।

क्या है बेस्ट बाइंडिंग या स्तनों को बाँधना?

ब्रेस्ट-बाइंडिंग महिला के स्तनों को संकुचित और चपटा करता है। ट्रांस किशोरों में अपनी महिला शरीर रचना के विकास को छिपाने और रोकने की कोशिश के लिए यह आम बात है। हालाँकि, इसके सदियों लंबे इतिहास से पता चलता है कि, इसका उपयोग मुख्य रूप से पुरातन धारणाओं के अनुरूप महिलाओं को आदर्श महिला रूप में दिखाने के लिए अपने शरीर के विकास को रोकने को मजबूर करने के लिए किया जाता था।

17वीं और 18वीं शताब्दी में चीन में स्तन बंधन का इस्तेमाल कुलीन महिलाओं और उनके पतियों के लिए शर्मिंदा होने से बचने के लिए किया जाता था। उसी युग के यूरोपीय अभिजात वर्ग ने महिलाओं को किशोरावस्था जैसी काया देने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया था।

‘तुम्हारे फ़किं# गीता पर हस्तमैथुन करूँगा, तुम्हारी गाय को फ़# करूँगा’: रैपर MC कोड का वीडियो वायरल, 2016 में बनाया था

एक ‘रैप बैटल’ के दौरान रैपर एमसी कोड (MC Kode) ने हिन्दू धर्म का अपमान किया। उक्त रैपर ने हिन्दू धर्म की पवित्र पुस्तकों महाभारत और भगवद्गीता पर अश्लील टिप्पणी की थी। एमसी कोड ने एक रैप बैटल के दौरान कहा, “अगर तुम हिन्दू हो मैं तुम्हारी पवित्र गाय को फ़$ करूँगा। मैं तुम्हारे महाभारत पर मास्टरबेट (हस्तमैथुन) कर दूँगा।” महाभारत का नाम लेने से पहले वो ‘क्या था, क्या था’ बोलता है, जिस पर कुछ रैपर्स उसे ‘भगवद्गीता’ का नाम बताते हैं और फिर वो इस पुस्तक का नाम भी लेता है।

बताया जाता है कि नई दिल्ली में रहने वाले एमसी कोड का असली नाम आदित्य तिवारी है और उसने ये नाम रैपर के रूप में लोकप्रिय होने के लिए रखा है। मुंबई, गुजरात, गुवाहाटी, जयपुर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लेकर कई जगहों पर वो ‘रैप बैटल्स’ आयोजित कर चुका है और ऐसे रैप बैटल्स की होस्टिंग और जजिंग भी करता रहा है। विवादित वीडियो जून 12, 2016 का है जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस ‘रैप बैटल’ में वो सामने वाले रैपर की माँ को लेकर अश्लील बातें करता है और फिर हिन्दू धर्म की पुस्तकों पर आ जाता है। महाभारत, गीता और गाय के साथ वो बार-बार ‘फ़किं$-फ़$ग’ जैसे अश्लील शब्द का इस्तेमाल करता है। ‘Redbull’ कंपनी भी एमसी कोड को प्रमोट करती रही है। हालाँकि, ‘Redbull’ की वेबसाइट पर एमसी कोड से जुड़े कंटेंट्स पर ‘404 एरर’ दिखा रहा है। उसने मार्च 2021 में एमसी कोड का एक प्रोफ़ाइल तैयार किया था।

एमसी कोड ‘Spit Dope’ नामक एक प्लेटफॉर्म का सह-संस्थापक भी है। कॉलेज फेस्ट्स और प्राइवेट इवेंट्स में अक्सर रुपए लेकर हिस्सा लेता रहा है। विवाद होने के बाद रेडबुल ने अपनी वेबसाइट से उसकी प्रोफ़ाइल और वीडियो को हटा दिया है। एमसी कोड उत्तराखंड के लोगों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुका है। हाल ही में इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में वो बैकग्राउंड में राष्ट्रगान बजा कर शराब पीता दिखा था।

पिछले कुछ दिनों में कॉमेडियनों के अलावा बॉलीवुड की फिल्मों व सीरीज के जरिए हिन्दू धर्म को बदनाम करने का सिलसिला सा चल पड़ा है। कॉमेडियन अग्रिमा जोशुआ ने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी तरह ‘तांडव’ सीरीज में भगवान शिव का मजाक बनाया गया था। कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने ही हिन्दू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद उसकी गिरफ़्तारी भी हुई थी।

प्राइवेट पार्ट में शराब की बोतल, 4 लड़के+1 लड़की ने किया नॉर्थ-ईस्ट की लड़की से रेप: वीडियो वायरल, जोधपुर सुसाइड से अलग मामला

सोशल मीडिया पर उत्तर-पूर्वी भारत की एक महिला के यौन शोषण का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपितों का चेहरा भी स्पष्ट देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा इस आपत्तिजनक वीडियो को राजस्थान के जोधपुर का बताया जा रहा है, जहाँ हाल ही में नागालैंड की एक युवती ने आत्महत्या कर ली थी। केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने इसका खंडन किया है कि ये वीडियो जोधपुर वाली घटना से जुड़ा हुआ है।

दरअसल, रविवार (मई 23, 2021) को राजस्थान के जोधपुर में नागालैंड की एक 25 वर्षीय महिला ने आत्महत्या कर ली। वो राज्य के दीमापुर जिले के निउलैंड की रहने वाली थी। वो जोधपुर में ‘नवीन जूस रेस्टॉरेंट’ में कार्यरत थी। वो अपने रेंट के कमरे में ही फंदे से झूलती हुई मिली। ‘नेचुरल आत्महत्या’ को उसकी मौत का कारण बताया गया। सुबह-सुबह लोगों ने उसे मृत पाया था। नागा स्टूडेंट्स यूनियन के राजस्थान यूनिट ने बताया कि रेस्टॉरेंट के मालिक ने ही अंतिम संस्कार का खर्च उठाया। जैसे इस ट्वीट में वायरल वीडियो को जोधपुर केस से जोड़ा गया:

ईसाई समुदाय की महिला का अंतिम संस्कार जोधपुर के ही एक ईसाई सेमिटरी में एक पादरी की मौजूदगी में संपन्न कराया गया। उससे पहले अस्पताल में उसका पोस्टमॉर्टम भी हुआ था। वहीं सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें 5 आरोपितों को एक महिला का यौन शोषण करते हुए देखा जा सकता है। अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि ये कहाँ का वीडियो है और पीड़िता या आरोपित कौन हैं।

अरुणाचल वेस्ट से सांसद किरण रिजिजू ने बताया, “नॉर्थ-ईस्ट की एक महिला का 4 पुरुषों और एक महिला द्वारा क्रूरता से बलात्कार किए जाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। ये जोधपुर आत्महत्या केस से जुड़ा मामला नहीं है। जोधपुर के पुलिस कमिश्नर से मेरी विस्तृत बातचीत हुई है। लेकिन, दोषियों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस द्वारा सारे प्रयास किए जाएँगे।” इस घटना का कारण क्या है, ये भी स्पष्ट नहीं है।

इस वीडियो में आरोपितों को अपनी करतूतों को वीडियो कॉल पर अन्य परिचितों को दिखाते हुए भी देखा जा सकता है। वीडियो रिकॉर्ड करते समय आरोपितों ने पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में एक शराब की बोतल भी घुसा दी। सबसे ज्यादा पीड़ादायक है कि दरिंदों के इस कृत्य में एक महिला आरोपित भी उनका साथ दे रही थी, जिसने पीड़िता को नीचे भी गिराया। इसमें पीड़िता को ज्यादा से ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा है।

‘NE Now’ की खबर के अनुसार, स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस रोबिन हिबू ने कहा कि पुलिस अपराधियों को चिह्नित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस अपने काम पर लग गई है। उन्होंने भी इसकी पुष्टि की कि ये वीडियो जोधपुर में नागालैंड की युवती की आत्महत्या से नहीं जुड़ा हुआ है। मृतका की बहन और पुलिस ने पहचान कर के बताया कि ये वो महिला नहीं है। हिबू ने जोधपुर के DCP से भी फोन पर बात की।

वीडियो में पीड़िता चिल्लाती है, “कृपया मेरे साथ ऐसा मत करो, वीडियो रिकॉर्ड मत करो।” इसके बाद आरोपितों में से एक ने पीड़िता के मुँह मर कपड़ा ठूँस कर इसे बंद कर दिया। असम पुलिस पाँचों आरोपितों की तस्वीरें जारी करते हुए कहा है कि कि इन्होंने एक महिला को क्रूरतापूर्वक प्रताड़ित कर के उसका बलात्कार किया है। असम पुलिस ने कहा कि इस घटना का समय व स्थान अज्ञात है। साथ ही अपील की कि अगर किसी के पास इस घटना को लेकर कोई भी सूचना हो तो वो उससे संपर्क करे।

असम पुलिस ने ऐलान किया है कि इस घटना के सम्बन्ध में कोई भी सूचना देने देने वाले को अच्छा इनाम दिया जाएगा। पुलिस इस घटना के दोषियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। लेकिन, सोशल मीडिया पर जो लोग इस घटना को जोधपुर आत्महत्या केस से जोड़ रहे हैं, वो गलत हैं। जोधपुर वाले मामले में आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। वहाँ के लोगों ने मृतका के अंतिम संस्कार में सहयोग भी किया।