Home Blog Page 379

पहलगाम अटैक करवा भारत से लिया पंगा, अब दाने-दाने को मोहताज हो जाएगा पाकिस्तान: अमेरिकी एजेंसी ने चेताया, एशियन बैंक से पैसा मिलना भी हो सकता है बंद

एक तो पाकिस्तान पहले से ही कंगाल होने की कगार पर है और दुनिया भर में भीख का कटोरा लेकर घूमता रहता है, अब पहलगाम आतंकी हमला करवा के उसने अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मार ली है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के और खस्ताहाल होने की उम्मीद है। भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित कर रखा है, पाकिस्तान से आयात-निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया गया है और पाकिस्तानियों के लिए वीजा सेवा भी रोक दी है। इन सब कार्रवाइयों का पाकिस्तान की इकॉनमी पर असर पड़ना शुरू हो गया है।

इधर भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बेनकाब करने के लिए कमर कस ली है। भारत ने ‘एशियन डेवलपमेंट बैंक’ (ADB) से निवेदन किया है कि पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता रोकी जाए। ADB के मुखिया व जापानी नौकरशाह मासातो कांडा से मुलाक़ात के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये माँग रखी। निर्मला सीतारमण फ़िलहाल ADB की 58वीं वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए इटली के मिलान में हैं। पाकिस्तान के विषय में वो इटली समेत अन्य यूरोपियन देशों के साथ भी बातचीत कर चुके हैं।

साथ ही भारत ने माँग है कि पाकिस्तान को ‘फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स’ की ग्रे लिस्ट में डाला जाए। साथ ही इस्लामाबाद जा रही फंडिंग को रोकने की भी माँग की गई। अब तक ADB द्वारा पाकिस्तान को 53 लोन और 3 ग्रांट्स दिए जा चुके हैं, 9.13 बिलियन डॉलर (भारतीय रुपयों में 76,900 करोड़ रुपए) के। मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद से निपटने में विफल रहने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। ग्रे लिस्ट में शामिल देशों की स्क्रूटनी गहनता से होती है, वहाँ निवेश पर नकारात्मक असर पड़ता है।

उधर वैश्विक वित्तीय सेवा संस्था Moody’s ने अपने अध्ययन में पाया है कि भारत से तनाव के बीच पाकिस्तान पर ज़्यादा नकारात्मक असर पड़ेगा। संस्था ने कहा है कि इससे पाकिस्तान के फॉरेक्स रिजर्व दबाव में आ सकता है और इसके विकास पर असर पड़ेगा। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कह चुके हैं कि पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो देशवासियों की इच्छा है, वो पूरी होगी। उधर पाकिस्तान के नेता बौखलाहट में भारत को भला-बुरा कहने में लगे हुए हैं।

मूडीज रेटिंग्स ने पाकिस्तान को ये भी चेताया है कि उसकी आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है और सरकार के वित्तीय सुधारों की प्रक्रिया को भी गहरा नुकसान हो सकता है। मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता की दिशा में जो भी प्रगति हुई है, वो रुक सकती है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा, जो फिलहाल आने वाले वर्षों की विदेशी ऋण ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। वहीं भारत की अर्थव्यवस्था की तारीफ़ करते हुए एजेंसी ने कहा है कि स्थिर विकास दर, बड़े सरकारी निवेश और मजबूत उपभोक्ता माँग भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं।

जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर नोटों की जली गड्डियाँ मिलने का मामला: जाँच कमेटी ने CJI संजीव खन्ना को सौंपी रिपोर्ट, इलाहाबाद HC किए गए थे ट्रांसफर

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित घर पर के एक कमरे में करोड़ों रुपए नकद जलकर खाक हो गए थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। तीन सदस्यीय कमेटी ने एक महीने सात दिन में अपनी जाँच पूरी करके 4 मई 2025 को सीजेआई संजीव खन्ना को रिपोर्ट सौंपी, हालाँकि अभी तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यों वाली समिति में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जी एस संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की जस्टिस अनु शिवरामन शामिल थीं। अब देखना होगी कि CJI संजीव खन्ना इस पर क्या और कब फैसला लेंगे क्योंकि वह 13 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

इससे पहले 28 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कहा था कि वह जाँच पूरी होने तक फिलहाल जस्टिस वर्मा को कोई न्यायिक कार्य न सौंपें। यही आदेश दिल्ली हाईकोर्ट को भी मिला था।

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश रहते हुए यशवंत वर्मा के घर पर 14 मार्च 2025 को देर रात आग लग गई थी। आग बुझाने आए कर्मचारियों को एक कमरे में भारी मात्रा जली हुई नकदी मिली थी। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। न्यायमूर्ति वर्मा ने आरोपों को खारिज कर दिया था और कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा स्टोररूम में कभी भी कोई नकदी नहीं रखी गई।  

इस मामले पर एक इन हाउस इंक्वायरी भी हुई लेकिन कोई खास नतीजा सामने नहीं आया। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय का मानना था कि इस मामले की गहन जाँच की जानी चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने जाँच समिति का गठन किया था। समिति ने 25 मार्च से जाँच शुरू की थी और 3 मई को रिपोर्ट पूरी कर दी।

थार, बलेनो, ऑल्टो… उस्मान की ‘लाल गाड़ियों’ से जुटाए गए फॉरेंसिक सबूत, मेडिकल रिपोर्ट में बच्ची से रेप का खुलासा: सड़क पर उतरी महिलाओं ने कहा – मृत्युदंड दो

नैनीताल में बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में पुलिस के हाथों पुख्ता सुराग लगे हैं। रविवार (5 मई, 2025) को फॉरेंसिक टीम ने आरोपित उस्मान के घर की जाँच की। इस दौरान कई सैंपल जमा किए गए। इसके अलावा घर में लगी CCTV की रिकॉर्डिंग को भी कब्जे में ले लिया है। पुलिस इन सैंपल को कोर्ट में पेश करेगी।

बता दें कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ हेमंत होल्कर के नेतृत्व में हल्द्वानी और रुद्रपुर की टीम नैनीताल पहुँची। विशेषज्ञों ने रेप के आरोपित उस्मान के घर से काफी सैंपल इकट्ठा किए। खासकर उस्मान की गैराज से सबूत लिए गए, जहाँ बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया था।

रुद्रपुर फॉरेंसिक लैब के साइंटफिक ऑफिसर हेमंत कुमार ने बताया कि रुकुट कंपाउंड स्थित घर के गैराज की जाँच की गई। यहाँ से कई अहम सैंपल जुटाए गए हैं। आरोपित के ऑल्टो गाड़ी से सबूत मिले हैं। इसके साथ ही दो अन्य वाहन बलैनो और थार से भी सैंपलिंग की गई। गाड़ियों के सैंपल बच्ची के बयान के आधार पर लिए गए। इसमें पीड़िता ने बताया था कि उसके साथ लाल गाड़ी में दुष्कर्म हुआ था। हालाँकि, उस्मान के पास सभी गाड़ियाँ लाल रंग की है।

ऑफिसर ने आगे बताया कि सभी सैंपल एकत्र करने के बाद नैनीताल पुलिस को सौंप दिए गए हैं। अब पुलिस पीड़ित के मेडिकल जाँच रिपोर्ट और सभी सैंपल को एक साथ मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेगी। इसके बाद इनकों DNA मैचिंग के लिए रुद्रपुर लैब भेजा जाएगा। इससे मामले में कई अहम खुलासे होंगे।

मेडिकल रिपोर्ट में रेप का खुलासा

पीड़िता की माँ की तहरीर में रेप की बात कही गई थी। इसके बाद बच्ची की मेडिकल जाँच कराई गई। रिपोर्ट में आरोपित उस्मान का सच सामने आ गया है। मेडिकल रिपोर्ट में 12 साल की बच्ची के साथ रेप की पुष्टि हो गई है। मामला अब भी कोर्ट में विचाराधीन है इसीलिए अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

गौरतलब है कि नैनीताल के मल्लीताल इलाके में बुधवार (30 अप्रैल, 2025) को एक रेप की घटना सामने आई थी। ठेकेदारी करने वाले 67 वर्षीय बुजुर्ग उस्मान ने 12 साल की हिन्दू बच्ची के साथ कार में रेप किया था। उसने बच्ची को डराया-धमकाया भी था।

पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था और इसके बाद उसके घर पर बुल्डोजर चलाने का नोटिस नगर पालिका ने दिया था। हालाँकि, इस मामले में हाई कोर्ट ने उस्मान का घर गिराए जाने पर रोक लगा दी थी। उस्मान के वकील डॉ कार्तिकेय हरि गुप्ता ने हाई कोर्ट में इस नोटिस को चुनौती दी थी। इस पर नगर पालिका ने अपनी गलती मानते हुए नोटिस वापस ले लिया।

घटना के विरोध में सड़क पर उतरे लोग

इस मामले में नैनीताल में तनाव का माहौल हो गया था। उस्मान द्वारा हिंदू बच्ची से रेप की बात फैलते ही लोग रात के समय ही सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया। आरोपित के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई की माँग की गई।

वहीं, हलद्वानी में महिला संगठनों ने सरकार और शासन से पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की गुहार लगाई। प्रदर्शन करते हुए अपराध को अक्षम्य बताया और सरकार से आरोपित को मृत्युदंड देने की माँग भी की। महिलाओं ने कहा कि घटना के बाद पिछले तीन दिनों से नैनीताल में सांप्रदायिक सौहार्द भी बिगड़ा है।

जिस मुश्ताक ने की थी पूजा की हत्या, उसने कब्ज़ा रखी थी ST समाज के शख्स की जमीन: मृतका की बेटी पर भी गड़ा रखी थी नज़र, अब धामी सरकार ने लिया एक्शन

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में पूजा बिश्वास की हत्या करने वाले मुश्ताक अहमद की सम्पत्ति पर बुलडोजर चलाया गया है। उत्तराखंड की धामी सरकार ने यह एक्शन लिया है। मुश्ताक के अब्बू ने एक जनजातीय समाज के व्यक्ति की जमीन कब्जा रखी थी। मुश्ताक ने अपने साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली पूजा का गला काट कर हत्या कर दी थी।

यह कार्रवाई सोमवार (5 मई, 2025) को की गई। यहाँ सितारगंज कोतवाली इलाके में स्थित गाँव गौरीखेड़ा में एक जमीन पर यह कार्रवाई की गई। इस पर मुश्ताक के अब्बू अली अहमद ने मकान बना रखा था। यह जमीन मथुरा सिंह के नाम पर दर्ज थी। मथुरा सिंह जनजातीय समाज के हैं।

मुश्ताक हत्या बुलडोजर

यह जमीन मथुरा सिंह के पिता के नाम पर थी और उनकी मृत्यु के बाद उनके नाम पर दर्ज हो गई थी। लेकिन अली अहमद ने यहाँ कब्जा करके मकान बना लिया था। इसको लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की गई थी। जिला प्रशासन ने इसको लेकर पहले भी नोटिस जारी की थी।

मुश्ताक और उसके अब्बू ने इसके बाद भी यह कब्जा नहीं हटाया था। ऐसे में प्रशासन ने बुलडोजर चला कर यह जमीन समतल कर दी और कब्जा खाली करवा दिया। वहीं मुश्ताक अहमद अभी हत्या के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।

गौरतलब है कि मुश्ताक को 30 अप्रैल, 2025 को पुलिस ने पूजा की हत्या करने के मामले में गिरफ्तार किया था। मुश्ताक ने अपना नाम अजीत बता कर तलाकशुदा पूजा से दोस्ती की थी। इसके बाद वह उसके साथ गुरुग्राम में लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगा था।

मुश्ताक पूजा से मिलने से पहले पंचर बनाता था और बाद में टैक्सी चलाने लगा था। वह पूजा से पैसे ऐंठता था। पूजा की बेटी पर भी मुश्ताक की नजर थी। पूजा ने मुश्ताक से शादी करने की बात की थी। मुश्ताक इस बीच पहले ही एक महिला से निकाह कर लिया था।

इसको लेकर पूजा ने उससे प्रश्न पूछे तो उसने उधम सिंह नगर में एक जगह घुमाने के बहाने ले जाकर हत्या कर दी। उसने पूजा का सिर धड़ से अलग कर दिया था और नाले में बहा दिया था। उसने बाकी शव भी छुपा दिया था। उसने यह हत्या नवम्बर, 2024 में की थी।

गाय के गोबर से बने पेंट से रंगी जाएँगी यूपी की इमारतें: प्राकृतिक रंगों को बढ़ावा देने के लिए CM योगी का आदेश, भड़के अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (4 अप्रैल, 2025) को पशुपालन और डेयरी विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश में गौसेवा, डेयरी उद्योग और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

उन्होंने सरकारी इमारतों पर गोबर आधारित प्राकृतिक पेंट के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही और डेयरी क्षेत्र को तकनीक तथा नवाचार से सशक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के गौ संरक्षण केंद्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस योजनाएँ तैयार करने का निर्देश दिया। हालाँकि, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव इससे भड़क गए और उन्होंने तंज कसते हुए इसे ‘गोबरनामा’ बताया और ‘भाजपा का का नया कारनामा’ करार दिया। जबकि यादव समाज पशुपालक रहा है। इससे पहले अखिलेश यादव ने गोबर से दुर्गन्ध आने की बात कही थी।

उन्होंने मंडल स्तर पर स्वदेशी गायों की नस्लों के लिए प्रतियोगिताएँ आयोजित करने और उत्कृष्ट गौ आश्रय स्थलों को सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही गाय आधारित उत्पादों का निर्माण करने वाले संगठनों के लिए नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने हेतु प्रतियोगिताएँ आयोजित करने का सुझाव भी दिया।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक 40,968.29 हेक्टेयर चरागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, जिसमें से 12,168.78 हेक्टेयर भूमि को हरे चारे के उत्पादन के लिए समर्पित किया गया है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जिनमें महिला स्वयं सहायता समूहों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब तक 21,884 “गौसेवकों” को प्रशिक्षण देकर तैनात किया गया है।

बरेली में आईएफएफसीओ, आवंला के सहयोग से जैविक खाद और गोमूत्र प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना प्रगति पर है। राज्यभर के 7,693 गौ आश्रय स्थलों में लगभग 11.49 लाख गायों को आश्रय प्रदान किया गया है, जिनकी निगरानी सीसीटीवी कैमरों और नियमित निरीक्षणों के माध्यम से की जा रही है। मुख्यमंत्री ने आश्रयों में पशु चिकित्सा सुविधाएँ नियमित रूप से उपलब्ध कराने, भूसा बैंक की स्थापना, और चारा, चोकर व पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राहुल गाँधी कहाँ के नागरिक? हाई कोर्ट ने कहा – 10 दिन में तय करे मोदी सरकार: दोहरी नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर निर्देश

कॉन्ग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी की नागरिकता को लेकर दायर याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सोमवार (5 मई 2025) को इस याचिका को निस्तारित कर दिया, यानी मामला अपने स्तर पर खत्म कर दिया।

जस्टिस एआर मसूदी और जस्टिस राजीव सिंह की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह जल्द से जल्द इस मामले में अंतिम फैसला ले और याचिकाकर्ता को सूचित करे। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर केंद्र सरकार फैसला नहीं लेती, तो इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा।

कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता और याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दावा किया था कि राहुल गाँधी के पास ब्रिटेन की नागरिकता है। उनके मुताबिक, उनके पास ब्रिटिश सरकार के दस्तावेज और ई-मेल हैं, जो यह साबित करते हैं कि राहुल गाँधी ब्रिटिश नागरिक हैं।

शिशिर ने माँग की थी कि राहुल गाँधी की भारतीय नागरिकता रद्द की जाए और सीबीआई इसकी जाँच करे। उन्होंने कहा कि दोहरी नागरिकता भारतीय संविधान, भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट एक्ट का उल्लंघन है। शिशिर ने यह भी बताया कि उन्होंने दो बार गृह मंत्रालय को शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

हाई कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार याचिकाकर्ता की शिकायत पर फैसला लेने की समय सीमा नहीं बता पा रही है। इसलिए इस याचिका को विचाराधीन रखने का कोई मतलब नहीं है। कोर्ट ने शिशिर को अन्य कानूनी रास्ते अपनाने की छूट दी है। अगर केंद्र फैसला लेता है, तो याचिकाकर्ता फिर से हाई कोर्ट आ सकते हैं।

इससे पहले, सुब्रमण्यम स्वामी ने भी दिल्ली हाई कोर्ट में राहुल गाँधी की नागरिकता को लेकर याचिका दायर की थी। हालाँकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि वह इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद ही सुनवाई करेगा।

बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 9 के तहत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। इस मामले में अब सबकी नजर केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी है।

नाम बताता है धीरज सक्सेना, पर घर में मिली 5 मजार… झाड़-फूँक की आड़ में इस्लामी धर्मांतरण: पब्लिक ने समतल किया ढाँचा

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में नेपाल सीमा के पास बिलसंडा थाना क्षेत्र का सिम्बुआ गाँव में एक हिंदू धीरज सक्सेना के घर में पाँच मजारें मिलने से हड़कंप मच गया। गाँव में सिर्फ एक मुस्लिम परिवार रहता है, ऐसे में धीरज के घर में मजारें बनवाने की खबर ने सभी को चौंका दिया।

राष्ट्रीय योगी सेना ने इसे धर्मांतरण की साजिश और अंधविश्वास फैलाने का प्रयास बताकर मजारों को शुक्रवार (2 मई 2025) को तुड़वा दिया। पुलिस ने मामले की जाँच की और स्थिति को नियंत्रित किया। धीरज का कहना है कि मजारें परिवार की सुरक्षा और आस्था के लिए बनवाई थीं, न कि धर्म बदलने के लिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, धीरज (35) ने बताया कि उनकी 17 साल की बहन सीता की 15 साल पहले मौत हो गई थी। सीता हमेशा बीमार रहती थी। वह चलते-चलते गिर जाती, चिल्लाती और कहती कि कोई उसका गला दबा रहा है। बरेली और कई अस्पतालों में इलाज के बाद भी आराम नहीं मिला। परिवार के बुजुर्गों के कहने पर धीरज उसे अम्बेडकरनगर की किछौछा शरीफ दरगाह ले गए। वहाँ उतारा और झाड़-फूँक से सीता को थोड़ा फायदा हुआ, लेकिन कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।

धीरज का कहना है कि बहन की मौत के बाद घर में अजीब घटनाएँ होने लगीं। खाने की थाली गायब हो जाती, चारपाई खिसकती और अजीब आवाजें सुनाई देतीं। इससे डरकर परिवार ने किछौछा शरीफ के पीर बाबा के नाम पर घर में पाँच मजारें बनवाईं। धीरज ने 15 हजार रुपये खर्च कर ये मजारें घर के एक अलग कमरे में बनवाईं, जहाँ हरा पेंट किया गया था।

धीरज ने साफ किया कि मजारों के नीचे कोई कब्र नहीं है। वह रोज मजारों पर फूल चढ़ाते और धूपबत्ती जलाते हैं, लेकिन घर में बने मंदिर में भी लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं। धीरज का कहना है, “मैं हिंदू हूँ और हमेशा रहूँगा। मजारें सिर्फ परिवार की सुरक्षा के लिए बनवाई थीं।” गाँव वालों ने इसे काला जादू से जोड़ा और कहा कि धीरज की बहन पर जादू-टोना था। उन्होंने पहले भी मजारों का विरोध किया था, लेकिन धीरज ने उनकी बात नहीं मानी।

राष्ट्रीय योगी सेना को सूचना मिली कि धीरज के घर में मजारें हैं और वह झाड़-फूँक के जरिए लोगों को गुमराह कर धर्मांतरण की कोशिश कर रहा है। संगठन के महंत सरोजनाथ और पीलीभीत जिलाध्यक्ष सुमित शर्मा ने बिलसंडा थाने में शिकायत की। पुलिस और हिंदू संगठन के लोग धीरज के घर पहुँचे। वहाँ मजारों के साथ झाड़-फूँक का सामान भी मिला। संगठन ने इसे अंधविश्वास और धर्मांतरण की साजिश बताया। महंत सरोजनाथ ने कहा, “यह सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि गाँव में इस्लामिक तरीकों से लोगों को जोड़ने की योजना थी। अगर पुलिस समय पर नहीं पहुँचती, तो माहौल बिगड़ सकता था।”

बिलसंडा थाना प्रभारी सिद्धांत शर्मा ने बताया कि धीरज से पूछताछ में कोई साजिश का सबूत नहीं मिला। यह मामला धार्मिक भावना और अंधविश्वास से जुड़ा है। धीरज ने खुद मजारें हटाने का फैसला किया। गाँव में स्थिति सामान्य है, लेकिन पुलिस नजर रख रही है। धीरज के परिवार के सदस्य सुमेर सक्सेना ने कहा, “मजारें हमारी निजी श्रद्धा का हिस्सा थीं। इन्हें तोड़ने से हमें दुख हुआ। हमने किसी को बाध्य नहीं किया।”

यह मामला अंधविश्वास और धार्मिक संवेदनशीलता का मिश्रण है। झाड़-फूँक और काला जादू जैसी मान्यताएँ आज भी ग्रामीण इलाकों में लोगों को प्रभावित करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी प्रथाएँ अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं और सामाजिक तनाव का कारण बन सकती हैं। इस घटना ने धर्मांतरण के आरोपों को भी हवा दी, जिससे गाँव में तनाव पैदा हुआ।

सेना की कस्टडी से भागा… नदी में कूद कर मर गया लश्कर का OGW इम्तियाज: Video वायरल, जंगल में छिपे आतंकियों को दिए थे खाना और अन्य सामान

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले मे लश्कर-ए-तैय्यबा के ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) ने नदी में कूदकर जान दे दी। इम्तियाज अहमद माग्रे ने सुरक्षा बलों की पूछताछ से बचने के लिए यह कदम उठाया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसके बाद इम्तियाज के परिवार और कुछ राजनीतिक दलों ने सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सुरक्षाबलों के अनुसार, अहरबल क्षेत्र निवासी इम्तियाज अहमद माग्रे को शनिवार (03 मई 2025) को पुलिस ने हिरासत में लिया था। उस पर आतंकियों से जुड़े होने का शक था। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने कुलगाम के तंगीमार्ग जंगल में छिपे आतंकियों को भोजन और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई थी। साथ ही उसे लश्कर आतंकियो के ठिकानों की जानकारी भी थी।

रविवार (04 मई 2025) की सुबह जब अहमद पुलिस और सेना की संयुक्त टीम को तंगीमार्ग के जंगल में आतंकी ठिकाने की ओर ले जा रहा था। तभी अचानक सुरक्षा बलो के हाथों से वह भाग निकला और वैशव नदी में छलाँग लगा दी। नदी में डूबने से अहमद की मौत हो गई।

इस पूरी घटना का वीडियो ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। 38 सेकेंड के इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है जंगल के पास एक व्यक्ति खड़ा है। फिर अचानक दौड़ते हुए नदी में कूद जाता है। नदी का बहाव तेज होने के चलते वह उसी के साथ बहता चला जाता है। आगे चलकर वह नदी में डूब जाता है, जिससे उसकी मौत हो जाती है। वीडियो में उसके आसपास कोई भी सुरक्षाबल का जवान या अन्य व्यक्ति नहीं दिख रहा है।

मामले में न्यायिक जाँच की माँग

वीडियो सामने आने के बाद परिजनों ने सेना का विरोध किया। अहमद के परिवार ने दावा किया कि इम्तियाज को सेना ने शुक्रवार (02 मई 2025) को उनके घर से उठाया था। दो दिन बाद उसकी लाश नदी में मिली। परिवार ने इसे हिरासत में हत्या का मामला बताया।

वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इस घटना को साजिश करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, कुलगाम में एक और लाश नदी से बरामद हुई है, जिससे साजिश के गंभीर आरोप उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इम्तियाज माग्रे को सेना ने दो दिन पहले उठाया था और अब रहस्यमयी तरीके से उसका शव नदी में मिला है।”

महबूबा मुफ्ती के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

उन्होंने आगे लिखा, “पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में शांति को पटरी से उतारने, पर्यटन को बाधित करने और पूरे देश में सांप्रदायिक सद्भाव को कमजोर करने की एक सोची-समझी कोशिश प्रतीत होती है।” अध्यक्ष ने हमले के बाद मनमाने ढँग से गिरफ्तारियों और कार्रवाईयों पर आपत्ति जताई है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद सैयद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने भी माग्रे की मौत को मानवाधिकार का उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा, “कश्मीरियों को पहलगाम हमले के बाद सामूहिक सजा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। हिरासत में हत्या और मनमानी गिरफ्तारी लोकतांत्रिक सिद्धांतो का उल्लंघन है।”

मामला तूल पकड़ने के बाद सामाजिक कल्याण मंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता साकिना इट्टू ने इम्तियाज के परिवार से मुलाकात की। उन्होने घटना की न्यायिक जाँच की माँग की। उन्होंने कहा, “माग्रे एक गरीब परिवार से था और हाल ही में मजदूरी करके लौटा था। उसकी मौत ने स्थानीय लोगों में डर पैदा कर दिया है। सच सामने आना चाहिए।”

अफवाहों पर सेना का बयान

वहीं, घटना के बार में फैली अफवाहों पर सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना ने कहा कि अहमद की मौत के लिए सुरक्षा बलों को गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ये गलत है। पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है और ड्रोन वीडियो को सबूतों के तौर पर पेश किया जा रहा है।

‘घर में घुस पिता-पुत्र को काट डाला, अब विधवाओं को धमका रही बंगाल पुलिस और TMC के गुंडे’: मुर्शिदाबाद के हिन्दू परिवार ने राज्यपाल से लगाई सुरक्षा की गुहार

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडे और पुलिस हिंसा में मारे गए हिन्दू पिता-पुत्र की पत्नियों को धमकी दे रहे हैं। चंदन दास और उनके पिता हरगोबिन्द दास को इस्लामी कट्टरपंथियों ने मुर्शिदाबाद में घर से खींच कर मार दिया था। पीड़ित महिलाओं ने अब सुरक्षा के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल CV आनंद बोस को पत्र लिखा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता पिंकी दास और पारुल दास ने 4 पन्ने का पत्र अपनी समस्याएँ बताते हुए राज्यपाल बोस को लिखा है। उन्होंने बताया है कि पुलिस ने उन्हें किडनैप करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि यह पत्र एक छुपी हुई जगह से लिखा है।

उन्होंने पत्र में लिखा, “हम, हरगोबिंद दास और चंदन दास की दो विधवाएँ, टूटे हुए दिल और काँपते हाथों से आपको न्याय और सुरक्षा की माँग करते हुए पत्र लिख रही हैं। हम यह पत्र एक गुप्त स्थान से लिख रही हैं, ना केवल सत्ताधारी पार्टी बल्कि पुलिस भी हमें लगातार धमका रही है।”

दोनों महिलाओं ने पत्र में बताया कि उन्हें राज्यपाल बोस सुरक्षा उपलब्ध करवाएँ। दोनों महिलाएँ वर्तमान में मुर्शिदाबाद स्थित अपने घर में भी नहीं रह रहीं। उन्होंने दूसरी जगह शरण ले रखी है। दोनों महिलाएँ रविवार (4 मई, 2025) को कोलकाता पहुँची।

यहाँ उन्होंने अपने साथ हुई प्रताड़ना को बताया। उनके साथ इस दौरान कई भाजपा नेता भी मौजूद थे। पीड़ित महिलाओं ने सारी समस्याएँ बताते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को भी पत्र लिखा है।

वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले पीड़ित हिन्दू महिलाओं के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने दावा किया है कि वह शनिवार (3 मई, 2025) को महिलाओं के घर के एक शिकायत के बाद पहुँची थी और वह दोनों वहाँ नहीं मिलीं। पुलिस बताया कि दोनों महिलाएँ इस दौरान एक घर में ठहरी हुई थीं।

गौरलतब है कि 11 अप्रैल, 2025 को मुर्शिदाबाद के धुलियान और शमशेरगंज इलाकों में वक्फ कानून के विरोध के नाम पर इस्लामी भीड़ ने भारी हिंसा की थी। इस हिंसा के दौरान हिन्दुओं के घरों-दुकानों को निशाना बनाया गया था। 3 हिन्दू मार भी दिए गए थे।

चंदन दास और हरगोबिंद दास को उनके घर से खींच कर मारा गया था। वह दोनों मूर्तियाँ बनाने का काम करते थे। इसके बाद उनका परिवार भागने पर विवश हो गया था। पीड़ित परिवार को अपने परिजनों के संस्कार के लिए नाई और पंडित भी नहीं मिले थे।

’10 रुपए की चाउमीन और मोबाइल रिचार्ज के झाँसे में न आएँ बेटियाँ’: ‘लव जिहाद’ पर कथावाचक प्रदीप मिश्रा की दो टूक, बोले – माता और पिता को दें कन्यादान का मौका

कथावाचक प्रदीप मिश्रा अपने बयानों के लिए अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। अब जयपुर के विद्याधर नगर में चल रही शिवमहापुराण कथा के चौथे दिन पर उन्होंने लव जिहाद पर एक बयान दिया है। अपने बयान से उन्होंने लड़कियों को आगाह करने की कोशिश की है।

प्रदीप मिश्रा ने कहा कि लड़कियों को ऐसे लड़कों से बचना चाहिए जो 10 रुपए की चाउमीन खिलाकर, 50 रुपए का पेट्रोल और 60 रुपए का मोबाइल बैलेंस डलवाकर आपको फंसा लें। उनसे बच कर रहें और अपने माता-पिता पर भरोसा रखें। उन्हें कन्यादान का अधिकार दें।

प्रदीप ने आगे कहा कि कभी-कभी थोड़े से स्टाइल, मोबाइल रिचार्ज और झूठे प्यार के दिखावे में आकर युवतियाँ उन लड़कों से प्रभावित हो जाती हैं और ये उनकी सबसे बड़ी भूल बन जाती है।

लव जिहाद पर लड़कियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “बड़े आश्चर्य की बात है कि जिन मां-बाप ने पूरी जिंदगी निकाल दी,पढ़ाया-लिखाया, खर्च किया, जमीन और जेवर गिरवी रख दिए और जिस मां-बाप के लिए तुम चाँद का टुकड़ा थी, आज तुम्हें वो दूसरा चाँद पसंद आ रहा है। इसलिए थोड़ा समझो, दोस्ती किसी से भी करो, कहीं पर भी पढ़ो, पर कह दो कि मेरे माता-पिता अगर चाहेंगे और कन्यादान करेंगे, तो ही मैं शादी करूँगी, वरना मेरे लिए सब धूल है।”

कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने लड़कियों ,लव जिहाद, बेटियों की सुरक्षा, संस्कार, शिक्षा और पाकिस्तान समेत कई मुद्दों पर अपनी बातें रखी।

प्रदीप मिश्रा ने शिक्षा की महत्ता पर कहा कि बेटों से दोगुणा अधिक बेटियों को पढ़ाओ। यदि बेटियों को अच्छे संस्कार दिए जाएँ तो वे झांसी की रानी, जीजाबाई और अहिल्याबाई जैसी बन सकती हैं।

प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी परिवार के साथ पहुँचे। सीएम के साथ केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा भी शामिल हुए।

कथा के दौरान पाकिस्तान पर कार्रवाई के विषय पर कथावाचक बोले कि लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं कि आठ दिन निकल गए, दस दिन निकल गए, लेकिन बदला जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा। एक युद्ध बम और गोले से लड़ा जाता है, लेकिन दूसरा युद्ध बुद्धि से। उन्होंने युवाओं को संयम और समझदारी बनाए रखने की बात कही।