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ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की कालाबाजारी: मैट्रिक्स कंपनी के CEO गिरफ्तार, नवनीत कालरा अब भी फरार

दिल्ली में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की कालाबाजारी पर दिल्ली पुलिस ने मैट्रिक्स सेलुलर सर्विस लिमिटेड के सीईओ गौरव खन्ना को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गौरव के खिलाफ़ ये कार्रवाई उसके संबंध नवनीत कालरा से जुड़े होने के चलते की। पूरा मामला खान मार्केट में स्थित खान चाचा रेस्ट्रां में बरामद हुए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर से जुड़ा है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया, “खान मार्केट के खान चाचा रेस्ट्रां से ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की बरामदगी मामले में मैट्रिक्स सेलुलर सर्विस लिमेटेड के सीईओ गौरव खन्ना गिरफ्तार किए गए हैं।”

बताया जा रहा है कि ये मैट्रिक्स कंपनी गगन दुग्गल नाम के शख्स की है। वह लंदन में रहता है और उसकी कंपनी सिम बनाने का काम करती है। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, इसी मैट्रिक्स कंपनी के नाम से 20 हजार रुपए प्रति पीस ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर भारत में इम्पोर्ट हुए और फिर इन्हें कीमतें बढ़ाकर जरूरमंदों को बेचा गया। मालूम हो कि गगन दुग्गल से जुड़े मंडी विलेज के खुल्लर फार्म हाउस से गुरुवार को पुलिस ने 387 ऑक्सीजन बरामद किए थे।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक अब तक जगह-जगह छापेमारी के दौरान कुल 524 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मिले हैं। इन उपकरणों को नवनीत कालरा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 71000 रुपयों में बेच रहा था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि नवनीत अभी फरार है और जल्द ही उसे पकड़कर पूछताछ होगी। पुलिस को सिर्फ खान मार्केट से 429 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मिले हैं। मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तारी भी हुई है। इसके अलावा एक अन्य जगह छापेमारी में 9 और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मिले हैं।

बता दें कि कि दिल्ली की बदहाल हालत में कालाबाजारी का कारोबार चलाने वाले नवनीत कालरा के नाम कई खाने-पीने की दुकानें हैं। इसके अलावा दयाल ऑप्टिकल्स भी नवनीत का है। इसे नवनीत के पिता दयाल दास कालरा ने शुरू किया था। इनके रेस्ट्रां दिल्ली में सबसे जाने-माने होते हैं। यहाँ कई वीआईपी, सेलिब्रिटी और राजनेता आते हैं। खान मार्केट में मौजूद खान चाचा की दुकान इनकी सबसे मशहूर दुकानों में से एक है। पुलिस को यहाँ से भी 96 कंसन्ट्रेटर छापेमारी में मिले हैं।

पुलिस गई थी लॉकडाउन का पालन कराने, महाराष्ट्र में जुबैर होटल के स्टाफ सहित सैकड़ों ने दौड़ा-दौड़ा कर मारा

सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए हैं, जिसमें महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के संगमनेर में 100 से 150 लोगों की भीड़ पुलिस अधिकारी को दौड़ाकर उन्हें ईंटों से मारती और पीटती दिखाई दे रही है। ये पुलिस अधिकारी लॉकडाउन लागू कराने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन अनियंत्रित भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। पथराव की घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

एक वीडियो में, भीड़ एक पुलिस अधिकारी का पीछा करते हुए दिखाई देती है और वह अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे होते हैं। खबरों के मुताबिक, भीड़ ने न केवल पुलिसकर्मियों का पीछा किया और ईंटें फेंकी, बल्कि दो पुलिस वाहनों और इलाके में एक पेड़ के नीचे स्थापित एक पुलिस चौकी पर भी तोड़फोड़ की।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, हिंसा तब भड़की जब गुरुवार को लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस टीम ने संगमनेर के दिल्ली नाका क्षेत्र के तीनबत्ती चौक पर अकारण ही घूम रहे कुछ युवकों को रोका। इस दौरान भीड़ में से अधिकतर ने न तो मास्क पहने थे और न ही कहीं सोशल डिस्टेंसिंग दिखी।

जब पुलिसकर्मियों ने युवकों को घर जाने का आदेश दिया, तो वे बहस करने लगे। इसके बाद आरोपितों ने हाथापाई शुरू कर दी। इस बीच सैकड़ों की भीड़ सड़कों पर उतर आई। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।

हालात तनावपूर्ण हो गए हैं, जिसे देखते हुए इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तैनात किया गया है। बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण महाराष्ट्र में हालात काफी खराब हैं।

पुलिस अधिकारी सलमान शेख द्वारा दर्ज शिकायत के मुताबिक, इस मामले में कई अज्ञात हमलावरों समेत जुबैर होटल के मालिक और उसके सभी कर्मचारियों निसार खिचड़ीवाला, जाकिर खान, मोहम्मद हनीफ रशीद शेख और अरबाज शेख के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपितों पर एक लोकसेवक को उसके कर्तव्यों का निर्वहन न करने देने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और दंगा भड़काने का मामला दर्ज किया गया है।

इजरायल देश नहीं, इस्लामी देशों के खिलाफ आतंकी ठिकाना… एकजुट होकर लड़ें सभी मुस्लिम देश: ईरान के सर्वोच्च नेता

एक ओर इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य मुस्लिम देशों के साथ अपने संबंधों को सामान्य करने में लगा हुआ है, जिससे मध्य-पूर्व एशिया में शांति स्थापित की जा सके लेकिन संभवतः ईरान इजरायल के इस प्रयास का समर्थक नहीं दिख रहा है। ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह खामनेई ने इजरायल के खिलाफ मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की है और कहा है कि इजरायल से लड़ना हर मुस्लिम देश का एक साझा कर्त्तव्य है।

अयातुल्लाह खामनेई रमजान के आखिरी शुक्रवार को ईरान में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय कुद्स दिवस पर सम्बोधन दे रहे थे। कुद्स, येरुशलम के लिए उपयोग किया जाने वाला अरबी शब्द है। इस मौके पर खामनेई ने कहा कि इजरायल एक देश नहीं अपितु फिलिस्तीन और अन्य मुस्लिम देशों के खिलाफ एक आतंकी ठिकाना है। खामनेई ने कहा कि इजरायल के खिलाफ सभी मुस्लिम देशों को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल के खिलाफ लड़ना सभी का कर्त्तव्य है।

इजरायल का विरोध ईरान की इस्लामिक विचारधारा का प्रमुख भाग है क्योंकि ईरान ने न तो अभी तक इजरायल को मान्यता दी है और न ही इजरायल के साथ शांति में उसकी कोई दिलचस्पी है। इजरायल के विरोध में ईरान, फिलिस्तीन और लेबनीज के इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों का भी समर्थन करता है।

हालाँकि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते इस वर्ष ईरान में कुद्स दिवस अधिकारिक तौर पर सार्वजनिक रूप से नहीं मनाया गया किन्तु ईरान के सरकारी मीडिया ने राजधानी तेहरान की सड़कों पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों पर निकलने वाली रैलियों की फुटेज दिखाई जिनमें फिलिस्तीन और इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन हेजबुल्लाह के झंडे लगे हुए थे। प्रतिबंधों के बाद भी ईरान की राजधानी तेहरान में सड़कों पर लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने इजरायल तथा अमेरिका के झंडे जलाए और दोनों देशों के मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

हाल के कुछ समय से इजरायल और मध्य-पूर्व एशिया के कई मुस्लिम देशों के मध्य संबंधों में सुधार हो रहा है लेकिन फिर भी कई इस्लामिक देश अभी भी इजरायल को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, जिनमें पाकिस्तान और ईरान जैसे कुछ देश शामिल हैं।   

बंगाल के संघी पाकिस्तानी, कोरोना में उन पर हमले महत्वपूर्ण खबर नहीं: पत्रकार की बदजुबानी, Asianet न्यूज ने माँगी माफी

केरल की एशियानेट न्यूज की पत्रकार और एक दर्शक के बीच की बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें पत्रकार ने ‘संघियों’ और बंगालियों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया है। बातचीत वायरल होने के बाद इस पर एशियानेट न्यूज ने माफी माँगी है। पत्रकार पीआर प्रवीणा केरल के वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता पी रमानी की बेटी कही जा रही है। 

जानकारी के मुताबिक एक दर्शक ने एशियानेट की पत्रकार से यह पूछने के लिए संपर्क किया कि आखिर वह लोग बंगाल में हो रही हिंसा को क्यों नहीं दिखा रहे। इस पर पत्रकार ने वाजिब जवाब देने की बजाय दर्शक को कहा कि बंगाल के संघी पाकिस्तानी हैं और कोरोना समय में उनकी पिटाई इतनी महत्वपूर्ण खबर नहीं है।

पत्रकार को ऑडियो में तंज भरी आवाज में कहते सुना जा सकता है, “हम जानबूझकर बंगाल कवर नहीं कर रहे। कोविड ही एक मात्र चीज है, जिसे हम दिखा रहे हैं। हमारे परिजन, हमारे दोस्त, हमारे पड़ोसी कोविड के कारण मर रहे हैं और हमारे पास लोगों को दफनाने के लिए जगह तक नहीं है। ऐसे में बंगाल के संघियों पर हो रहे हमले को दिखाने का कोई मतलब नहीं है।” पत्रकार की बात सुनकर दर्शक कहती है कि क्या बंगाली भारतीय नहीं है। इस पर पत्रकार कहती हैं, “नहीं-नहीं वह पाकिस्तानी हैं।”

पत्रकार की ऐसी आपत्तिजनक बातें वायरल होने के बाद एशियानेट न्यूज ने सार्वजिनक तौर पर इस मुद्दे पर माफी माँगी। मीडिया संस्थान ने कहा है कि ऐसी हरकत बिलकुल स्वीकार्य नहीं है। चैनल ने इस मामले में एक्शन लेने की बात भी कही है।

बता दें कि बंगाल में ममता सरकार की वापसी के साथ टीएमसी ने राज्य में खूब उपद्रव मचाया। तमाम भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला बोला गया और कइयों ने अपनी जान भी गवा दी। वरिष्ठ टीएमसी नेता पहले तो इन घटनाओं से मना करते रहे। लेकिन बाद में ममता बनर्जी ने खुद ऐलान किया कि नतीजों के बाद बंगाल में जो हिंसा हुई है, उसके पीड़ितों को वह मुआवजा देंगी।

बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा की रिपोर्ट दो: कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता सरकार को दिया सिर्फ 2 दिन का समय

पश्चिम बंगाल में 02 मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद शुरू हुई हिंसा पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार से रिपोर्ट की माँग की है और रिपोर्ट देने के लिए राज्य सरकार को 2 दिन का समय दिया है। बंगाल हिंसा पर दायर याचिका के विषय आदेशित करते हुए 5 जजों की पीठ ने यह आदेश दिया है।

वकील अनिंद्या सुंदर दास के द्वारा पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हो रही हिंसा पर कार्रवाई की माँग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई जिसमें दास ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद कानून व्यवस्था बिगड़ गई है और Covid-19 महामारी के संकट के बीच राज्य में हो रही क्रूरता से लोगों में भय का माहौल है।

याचिका में कहा गया है कि राज्य में कई हत्याएँ हो चुकी हैं। कई राजनैतिक कार्यकर्ता और आम नागरिक राज्य छोड़कर जा रहे हैं। इसके अलावा दास ने आरोप लगाया कि कई जिलों से हिंसा की खबरें सामने आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

दायर की गई याचिका में दास ने कहा है कि बंगाल में हो रही हिंसा पर राज्य पुलिस पर भी सवाल उठते हैं क्योंकि पुलिस ने परिस्थिति सामान्य करने और शांति स्थापित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। दास ने हिंसा की जाँच करने के लिए विशेष जाँच टीम (SIT) गठित करने की माँग भी की।

कलकत्ता हाई कोर्ट की पाँच जजों की पीठ ने याचिका पर अपना आदेश जारी करते हुए कहा कि राज्य की ममता बनर्जी सरकार चुनाव बाद हुई हिंसाओं पर रिपोर्ट दे और इसके लिए 10 मई तक का समय दिया गया है। पीठ ने यह भी कहा है कि न्यायालय हिंसा की जाँच के लिए SIT गठित करने की संभावनाओं पर भी विचार करेगी। मामले की अगली सुनवाई 10 मई को दोपहर 2 बजे होगी।

पहले यह मामला डिवीजन बेंच के पास आया लेकिन उसके द्वारा इसे एक बड़ी बेंच के लिए स्थानांतरित कर दिया गया। पाँच जजों की इस पीठ में चीफ जस्टिस राजेश बिंदाल, जस्टिस आईपी मुखर्जी, हरीश टंडन, सौमेन सेन और सुब्रत तालुकदार शामिल रहे।

ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं और कई अन्य व्यक्तियों के खिलाफ लगातार हिंसा जारी है। राज्य से लगातार लूटपाट, हत्या, आगजनी और मारपीट की खबरें आ रही हैं। इस पर गृह मंत्रालय ने भी अपनी एक 4 सदस्यीय टीम बंगाल भेजी है जो हिंसा की जाँच करेगी और सीधे ही गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपेगी। कल (06 मई) ही बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंसा की रिपोर्ट उन्हें सौंपने से राज्य के अधिकारियों को रोक दिया था।

CM बनते ही केजरीवाल ने जिसे ‘दिल्ली का निर्माता’ कहा, उस नवनीत कालरा के यहाँ ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर का गोरखधंधा

गुरुवार को दिल्ली में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की कालाबाजारी का भंडाफोड़ होने के बाद आज (मई 7, 2021) दिल्ली पुलिस ने खान मार्केट से 96 और कंसन्ट्रेटर बरामद किए। पड़ताल में पुलिस को पता चला कि जिन-जिन जगहों से मशीनें बरामद हुईं, उन सबके तार उद्योगपति नवनीत कालरा से जुड़े हैं।

दिल्ली पुलिस को राजधानी के अलग-अलग कोनों से कल 450 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मिले। इनमें से 419 की बरामदगी पर एक ही व्यवसायिक संस्थान का नाम प्रकाश में आया, जिसके मालिक उद्योगपति नवनीत कालरा हैं।

रेड के दौरान, 9 से 5 लीटर क्षमता वाले 32 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर कालरा की कंपनी Nege & Ju bar से मिले। इसके बाद पुलिस ने वहाँ से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। ये लोग पुलिस को मंडी गाँव के खुल्लर फार्म तक ले गए। यहाँ से 387 कंसन्ट्रेटर और बरामद हुए।

शुक्रवार को पुलिस की पड़ताल रुकी नहीं। कालरा के ही टाउन हॉल रेस्ट्रां और लोधी कॉलोनी स्थित बार से 9 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मिले। इसके अलावा खान मार्केट की मशहूर दुकान ‘खान चाचा’ से भी 96 कंसन्ट्रेटर पाए गए। कुल मिला कर कालरा के तमाम व्यवसायिक संस्थानों से अब तक 524 कंसन्ट्रेटर बरामद हुए हैं।

जानकारी के मुताबिक नवनीत कालरा चीन से ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर का 20-25 हजार में आयात करके उन्हें दिल्ली में 70 हजार में बेचकर भारी मुनाफा कमा रहा था। अब तक इनकी 50 यूनिट बेची जा चुकी थी। ये काम ऑनलाइन बोली लगाकर हो रहा था।

पुलिस को इन सबकी सूचना एक वॉट्सएप मैसेज से हुई, जिसमें नवनीत ने अपनी बैंक डिटेल्स भेजी हुई थीं। पुलिस ने इस जानकारी पर जब पहली छापेमारी की तो उन्हें एक आदमी लैपटॉप के साथ इस काम को करता मिला। जाँच हुई तो पता चला कि ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर ऑनलाइन पोर्टल और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए बेचे जा रहे थे।

कालरा के रेस्ट्रां में बड़े-बड़े नेताओं का है आना-जाना

बता दें कि दिल्ली की बदहाल हालत में कालाबाजारी का कारोबार चलाने वाले नवनीत कालरा के नाम कई खाने-पीने की दुकानें हैं। इसके अलावा दयाल ऑप्टिकल्स भी नवनीत का है। इसे नवनीत के पिता दयाल दास कालरा ने शुरू किया था। इनके रेस्ट्रां दिल्ली में सबसे जाने-माने होते हैं। यहाँ कई वीआईपी, सेलिब्रिटी और राजनेता आते हैं।

सबसे मशहूर जगह की बात करें तो कबाब एंड रोल्स के लिए मशहूर इनकी ‘खान चाचा’ दुकान के काफी चर्चे हैं। इसकी शुरुआत 1972 में हाजी बंदा हसन ने की थी। उन्हें लोग खान चाचा कहते थे। बाद में इसे उनके दो बेटों मोहम्मद सलीम और मोहम्मद जावेद ने आगे बढ़ाया।

2009 में इस वेंचर में नवनीत कालरा की साझेदार के तौर पर एंट्री हुई और 2016 में बिना किसी स्पष्ट कारण के ये साझेदारी टूट गई। नवनीत कालरा ने पूरे रेस्ट्रां पर कब्जा कर लिया और नाम भी खान चाचा ही रहा।

कालरा के दावों के अनुसार, उसे 2012 के समझौते के बाद इस ब्रांड के सारे अधिकार सौंपे गए, लेकिन खान परिवार की मानें तो ये सारी बात जाली और मनगढ़ंत हैं। इसी कारण से इनकी साझेदारी भी टूटी और खान भाइयों ने रूल द रोल्स नाम से अपनी दुकान खोल ली।

मालूम हो कि खान चाचा लंबे से खाने पीने की मशहूर जगहों में से एक है। इसके अलावा कालरा का टाउन हॉल भी कम फेमस नहीं है। रणदीप बजाज और नवनीत बजाज के साथ साझेदारी में चल रहे इस रेस्ट्रां में वीर संघवी, राहुल गाँधी जैसे लोग भी खाने का लुत्फ लेने आते हैं।

इसके अलावा नवनीत कालरा के संबंध आम आदमी पार्टी से भी हैं। साल 2020 में अरविंद केजरीवाल ने दोबारा सीएम बनने की शपथ लेते हुए 48 लोगों को ‘दिल्ली के निर्माता’ के तौर पर सम्मानित किया था। कालरा उन्हीं 48 लोगों में शामिल एक नाम थे।

पुलिस कर रही गायब कालरा को पकड़ने का प्रयास

दिल्ली में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की बरामदगी के बाद से नवनीत कालरा छिपता घूम रहा है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया है। इस दौरान मामले के तार दिल्ली पुलिस को लंदन तक से जुड़े मिले हैं।

दरअसल, पुलिस को अपनी छापेमारी में गगन दुग्गल का नाम पता चला है। दुग्गल, नवनीत कालरा का पार्टनर है। जानकारी के अनुसार, वह लंदन में रहता है और मैट्रिक्स कंपनी का मालिक है। ये कंपनी सिम कार्ड बनाती है। मंडी विलेज के खुल्लर फार्म से जो 387 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मिले हैं, वह फार्म गगन दुग्गल से जुड़ा है।

इसी दुग्गल की मैट्रिक्स कंपनी के नाम से 20 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर 20 हजार रुपए प्रति पीस के हिसाब से भारत इम्पोर्ट हुए। इसके बाद इन्हीं को 70 हजार तक रेट बढ़ाकर बेचा गया। पुलिस ने मैट्रिक्स कंपनी के मैनेजर गौरव सिंह को नवनीत कालरा से संबंध होने के लिए गिरफ्तार किया है।

रमजान में पुराने बॉयफ्रेंड को चिकन में जहर मिला कर भेजा: इफ्तार में खाते ही फैज की हुई मौत, ‘हामिद’ गिरफ्तार

ज्यादती दुश्मनी जैसे मामलों में आपने अक्सर लोगों को एक दूसरे से बदला लेने के लिए क्रूरता की हर हद को पार करते देखा या सुना होगा। लेकिन क्या कभी ऐसा प्रेम संबंधों में सुना है?

इंडोनेशिया से एक बड़ा अजीबोगरीब मामला आया है। यहाँ एक पूर्व प्रेमिका ने अपने पुराने बॉयफ्रेंड से नाराज होकर उसे जहरीला चिकन खिलाना चाहा। हालाँकि, बॉयफ्रेंड तो बच गया लेकिन डिलीवरी मैन के बेटे ने उसे खाकर दम तोड़ दिया।

द सन में 5 मई को प्रकाशित खबर के अनुसार, इंडोनेशिया में नैनी अप्रिल्लियानी नुर्जामन (Nani Aprilliani Nurjaman) नाम की 25 वर्षीय महिला ने अपने पूर्व बॉयफ्रेंड टॉमी को मारने के लिए साजिश रची।

रमजान के महीने में 25 अप्रैल को उसने चिकन बनाया और उस पर साइनाइड छिड़क कर अपने बॉयफ्रेंड के लिए उसे तैयार किया। इसके बाद नैनी ने Bandiman नाम के 47 वर्षीय डिलीवरी मैन से संपर्क किया। नैनी ने डिलीवरी मैन को अपना नाम ‘हामिद’ बताया और कहा कि ये चिकन वह टॉमी के घर पहुँचा दे।

पुलिस बताती है कि नैनी ने उस दिन एक मोटरसाइकिल टैक्सी ड्राइवर को चिकन दिया और उसे कहा कि वह बंतुल में टॉमी के घर में उसे खाना डिलीवर कर दे। डिलीवरी मैन ने ऑर्डर लिया और खाना पहुँचाने के लिए टॉमी के घर गया। 

घर पर बेल बजाई तो वहाँ टॉमी की पत्नी ने गेट खोला। उसने बताया कि उसका पति घर पर नहीं है। इसके बाद महिला ने वो खाना लेने से भी मना कर दिया, जो नैनी ने भेजा था। असमंजस में फँसे डिलीवरी मैन को थक हार कर खाना अपने घर ले जाना पड़ा।

घर पर उसकी पत्नी और बेटे नबा फैज ने इफ्तार में इसे खाया और खाते ही उन्हें उल्टियाँ होने लगीं। दोनों को तुरंत अस्पाल पहुँचाया गया। लेकिन वहाँ डॉक्टर्स पत्नी को बचा पाए, मगर बेटे की मौत हो गई।

जब मामला पुलिस तक पहुँचा तो सारी जाँच हुई। पुलिस को पता चला कि चिकन नैनी के घर का था। वह अपने एक्स बॉयफ्रेंड टॉमी के किसी दूसरी लड़की से शादी करने से नाराज थी। इसलिए उसने गुस्से में पूरी साजिश रची।

खबर के अनुसार, महिला इस समय पुलिस की हिरासत में है और उस पर हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। जाँच में ये भी सामने आया है कि पोटाशियम साइनाइड का इस्तेमाल के कारण बच्चा बेहोश हुआ और फिर उसकी मौत हो गई।

WhatsApp अब नहीं करेगा अकाउंट डिलीट: 15 मई तक जबरन शर्तों को स्वीकार करने वाली समय सीमा समाप्त

व्हाट्सएप ने 15 मई तक अपनी विवादास्पद सीक्रेट पॉलिसी के अपडेट को यूजर द्वारा एक्सेप्ट करने की समय सीमा को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसकी शर्तों को स्वीकार नहीं करने पर भी अकाउंट्स को डिलीट नहीं किया जाएगा।

अपनी पॉलिसी के कारण व्हाट्सएप को यूजर्स की चिंताओं का सामना करना पड़ा था। यूजर को इस बात की चिंता है कि उसके डाटा को फेसबुक के साथ शेयर किया जा रहा है।

व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने पीटीआई को बताया कि पॉलिसी अपडेट को 15 मई तक स्वीकार नहीं करने पर भी किसी भी अकाउंट को डिलीट नहीं किया जाएगा।

प्रवक्ता ने एक ईमेल के जवाब में कहा, “इस अपडेट के कारण 15 मई को कोई भी अकाउंट डिलीट नहीं किया जाएगा। साथ ही भारत में सभी के व्हाट्सएप पहले की तरह चलते रहेंगे। लोगों को हम अगले कई हफ्तों तक रिमाइंडर देंगे।”

प्रवक्ता ने आगे कहा कि “अधिकांश ऐसे यूजर हैं जिन्होंने सेवा की नई शर्तें प्राप्त की हैं, उन्हें स्वीकार कर लिया है”, जबकि कुछ लोगों को अभी तक ऐसा करने का मौका नहीं मिला है।

जनवरी में व्हाट्सएप ने किया था पॉलिसी में बदलाव

इस साल जनवरी, 2021 में व्हाट्सएप ने यूजर्स को नोटिफिकेशन के जरिए अपनी सेवा की शर्तों और सार्वजनिक नीति में बदलाव के बारे में जानकारी दी थी। यूजर्स को व्हाट्सएप का उपयोग जारी रखने के लिए शुरू में 8 फरवरी तक का समय दिया गया था।

व्हाट्सएप ने जोर देकर कहा है कि उसकी प्राइवेसी पॉलिसी को एक्सेप्ट करने से यूजर का डाटा फेसबुक के साथ शेयर नहीं किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा, “रिमाइंडर किसी के भी प्राइवेट मैसेज की सीक्रेसी को प्रभावित नहीं करता है। हमारा लक्ष्य नए विकल्पों के बारे में जानकारी प्रदान करना है जो हम लोगों के पास हैं।”

भारत में व्हाट्सएप के 53 करोड़ यूजर

हालाँकि, जनवरी 2021 में व्हाट्सएप द्वारा लाई गई नई प्राइवेसी पॉलिसी से टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्रतिद्वंद्वियों की लोकप्रियता बढ़ गई क्योंकि यूजर व्हाट्सएप के बजाय इन प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हुए थे।

इससे पहले व्हाट्सएप ने कहा था कि वह सीक्रेसी के मुद्दे पर सरकार के किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और वह यूजर्स को यह समझाता रहेगा कि उनके संदेश एंड-टू-एंड इन्क्रिप्टेड हैं।

2013 में कहा- corona आ रहा, 2016 के बाद कोई ट्वीट नहीं: सोशल मीडिया में तलाश!

दुनिया भर में डेढ़ साल से अधिक समय हो गया है वुहान कोरोना वायरस के संक्रमण को। छोटे-बड़े सभी देशों में इस वायरस ने भयानक तबाही मचाई है। हालाँकि वायरस के संक्रमण के साथ सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं उससे जुड़ी जानकारियाँ। कई जानकारियाँ भ्रामक रहीं जिन्होंने जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की।

हालाँकि कई ऐसी खबरें भी रहीं जो सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बन गईं। ऐसी ही एक खबर एक सोशल मीडिया यूजर से जुड़ी है जिसे लेकर यह दावा किया जा रहा है कि उसने 2013 में ही कोरोना वायरस को लेकर भविष्यवाणी कर दी थी लेकिन 2016 के बाद से इस यूजर ने कोई दूसरा ट्वीट नहीं किया।

मार्च 2013 में ट्विटर पर आने वाले @Marco_Acortes यूजर नेम वाले शख्स ने 3 जून 2013 को ट्वीट किया, “Corona Virus…its coming”. इस ट्वीट पर अब तक 2 लाख से अधिक लाइक आ चुके हैं और यह ट्वीट 1 लाख 76 हजार से अधिक बार रिट्वीट किया जा चुका है। कोरोना वायरस की भविष्यवाणी वाले इस ट्वीट में 17 हजार से अधिक कमेंट किए जा चुके हैं।

हालाँकि दिसंबर 2016 के बाद से इस अकाउंट से कोई ट्वीट नहीं किया गया है। 8 दिसंबर 2016 को यूजर ने ट्वीट किया, “Dude I need a break from life”.

@Marco_Acortes का यह ट्वीट सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। ट्वीट के वायरल होने के बाद कई यूजर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं तो कई भविष्य के परिणामों के बारे में पूछ रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर @Marco_Acortes के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कोरोना वायरस के जाने के बारे में पूछ रहे हैं तो कई रॉयल चैलेंजर बेंगलुरू के आईपीएल जीतने के बारे में पूछ रहे हैं।

अगस्त 2014 में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने एक ट्वीट किया था जिसमें लिखा गया था, “वह दिन आएगा जब भागने के लिए भी कोई जगह नहीं बचेगी।“ जोफ्रा आर्चर के इस ट्वीट को कोरोना वायरस के इस वर्तमान संकट से जोड़कर देखा जा रहा है।

जोफ्रा आर्चर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

जोफ्रा आर्चर भी अपने ट्वीट को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। आर्चर के ट्वीट ऐसे रहते हैं कि उन्हें किसी न किसी घटना से जोड़कर देखा जाने लगता है और ऐसा प्रतीत होता है कि आर्चर ने पहले ही उस घटना की भविष्यवाणी कर दी थी।

ऑक्सीजन चाहिए केंद्र सरकार से लेकिन उसका ऑडिट नहीं: केजरीवाल सरकार ने SC में किया विरोध

कोरोना वायरस के कहर के बीच दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को लेकर केंद्र सरकार की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में केंद्र सरकार के ऑक्सीजन के उपयोग की ऑडिट करने पर आपत्ति जताई है।

खबरों के मुताबिक, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र पहले ही बुधवार को दिल्ली को 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुका है, जो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अधिक था। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को दिल्ली को प्रतिदिन 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए कहा था। एसजी मेहता ने जोर देकर कहा कि दिल्ली में ऑक्सीजन के उपयोग की ऑडिट करने की जरूरत है।

दिल्ली में ऑक्सीजन की वास्तविक माँग को जानने के लिए ऑडिट किए जाने का अनुरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली 500-600 मीट्रिक टन ऑक्सीजन में सही प्रबंधन के जरिए स्थिति को नियंत्रित कर सकता है, जिस तरह से मुंबई कर रही है। उन्होंने दिल्ली सरकार पर टैंकरों से ऑक्सीजन उतारने और उन्हें फिर से भरने के लिए वापस भेजने में कछुआ चाल अपनाने का आरोप भी लगाया है।

एसजी तुषार मेहता ने कहा, “दिल्ली में अधिक आपूर्ति होने के बाद भी लोडिंग में बहुत अधिक समय लग रहा है। इससे ताजा ऑक्सीजन की आपूर्ति में देरी हो रही है। कोई भी योजना तभी सफल होगी जब टैंकर और कंटेनर अधिकतम आठ घंटे में लोडिंग कर पाएँगे, ताकि वे पूर्वी भारत या गुजरात वापस जा सकें और स्टॉक को फिर से भरने के बाद आपूर्ति कर सकें।”

दिल्ली सरकार पर गैरजरूरी तौर पर ऑक्सीजन माँगने का आरोप लगाते हुए एसजी ने कहा, “बुधवार को दिल्ली से स्टॉक खत्म होने की एक भी शिकायत नहीं मिली। इस पर ध्यान दिया जा सकता है कि दिल्ली में 4 मई को 585 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई थी।”

मेहता ने कोर्ट को बताया कि SC ने केंद्र को सोमवार तक दिल्ली में 700 MT ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखने का निर्देश दिया था, लेकिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को आपूर्ति 560 मीट्रिक टन तक गिर जाएगी।

दिल्ली सरकार का ऑक्सीजन ऑडिट पर आपत्ति

सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन ऑडिट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि वह दिल्ली और अन्य राज्यों में ऑक्सीजन परिवहन और आवंटन के सेंट्रलाइज़्ड कुप्रबंधन को देखने के लिए ऑडिट का आदेश दे। कोर्ट में दिल्ली सरकार का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि दिल्ली को ऑक्सीजन का आवंटन जमीनी हकीकत से परे है। यह केवल कागजी कार्रवाई थी और अगर ऑडिट की जरूरत थी, तो केंद्र सरकार के आवंटन का ऑडिट होना चाहिए।

दिल्ली सरकार के आरोपों का जवाब देते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि दिल्ली के 56 बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन स्टॉक और 11 ऑक्सीजन रिफिलर्स के बारे में बुधवार शाम एक सर्वेक्षण किया गया था।

मेहता ने कहा, “सर्वेक्षण के निष्कर्षों से यह पता चलता है कि दिल्ली के अस्पतालों में स्टॉक है। जबकि, ऑक्सीजन की बड़ी मात्रा जो कल शाम (730 एमटी) दिल्ली पहुँची थी, उसे अभी तक अस्पतालों को बाँटा नहीं गया है। इससे स्टॉक में और सुधार होगा।”

दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने दावा किया कि केंद्र सरकार मुश्किल की इस घड़ी में दिल्ली सरकार के खिलाफ “विच हंट” कर रही है। कोर्ट की बेंच ने कहा कि वह अदालतों को दिल्ली सरकार के खिलाफ आक्रोश या “विच हंट” के एक मंच के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा।

दिल्ली सरकार ने कोर्ट में कहा कि 200 मीट्रिक टन के हिसाब से दिल्ली के लिए ऑक्सीजन के आवंटन में बढ़ोतरी से अन्य राज्यों के लिए 2-3% आवंटन में कटौती होगी। मेहरा ने कहा, “केंद्र ने दोहराया है कि दिल्ली के आवंटन में वृद्धि से अन्य राज्यों में कमी आएगी। केंद्र को झूठ नहीं बोलना चाहिए, क्योंकि अभी तक किसी भी राज्य ने शिकायत नहीं की है। केंद्र 700 मीट्रिक टन की माँग को पूरा नहीं कर पाया है और अब अगले तीन दिनों के लिए इसे घटाकर 560 मीट्रिक टन करने जा रहा है। यह केंद्र का उद्दंड आचरण है।”