राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने रविवार (16 मई) को तमिलनाडु के मदुरै में चार जगहों पर छापेमारी की। यह छापेमारी आरोपित मोहम्मद इकबाल के फेसबुक पोस्ट के आधार पर की गई। इस्लामिक कट्टरपंथी मोहम्मद इकबाल पर ISIS और कट्टरपंथी संगठन हिज़्ब-उत-तहरीर के जिहादी विचारों का समर्थन करने का आरोप है।
The National Investigation Agency (@NIA_India) on Sunday conducted searched at four locations in #TamilNadu in connection with an incriminating #Facebook post by accused Mohammed Iqbal, an extremist advocating ideology of #ISIS and Hizb-Ut-Tahrir, a fundamentalist organisation. pic.twitter.com/ZXvzVVlaO0
मामले में NIA ने बयान जारी कर बताया है कि जाँच में पता चल है कि आरोपित मोहम्मद इकबाल ने फेसबुक पेज ‘Thoonga Vizhigal Rendu is in Kazimar Street’ पर एक दूसरे समुदाय (हिन्दू समुदाय) पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए पोस्ट किया था। इस पोस्ट का उद्देश्य था दो समुदायों में टकराव उत्पन्न करना। मामले में कार्रवाई करते हुए एनआईए ने मदुरै की चार जगहों काजीमर स्ट्रीट, के पुडुर, पेतानियापुरम और महबूब पलयम में छापेमारी की।
आरोपित मोहम्मद इकबाल कट्टरपंथी इस्लामिक विचारों का समर्थक माना जाता है और उस पर सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन ISIS और हिज़्ब-उत-तहरीर की वकालत करने का आरोप है। इस मामले में सबसे पहले तमिलनाडु पुलिस ने मामला दर्ज किया था लेकिन बाद में 15 अप्रैल को यह केस एनआईए के हवाले कर दिया गया था। काजीमर स्ट्रीट के रहने वाले आरोपित मोहम्मद इकबाल को पिछले साल 2 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
छापेमारी में एनआईए ने लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाईल फोन, पेन ड्राइव, सिम कार्ड और कट्टरपंथी साहित्य एवं दस्तावेज बरामद किया है।
पत्रकारिता, देश और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आवश्यक है। इसलिए पत्रकारिता को संविधान में एक विशेष स्थान दिया गया है। लेकिन आज के दौर के पत्रकार निहित राजनीतिक स्वार्थों के जाल में उलझ कर नकारात्मक पत्रकारिता को अपना मकसद बना लिया है।
नकारात्मक पत्रकारिता से पत्रकार या मीडिया संस्थानों को वाहवाही तो मिल जाती है, लेकिन देश के आत्मविश्वास और कुछ करने की क्षमता पर जबरदस्त कुठाराघात होता है। देश के कुछ पत्रकारों का गिरोह, हमें शर्मसार करने के लिए ऐसी ही पत्रकारिता करता है। सीमा चिश्ती उनमें से ही एक ऐसी पत्रकार हैं, जो अपनी नकारात्मक पत्रकारिता से हमें शर्मसार करती रहती हैं।
सीमा चिश्ती, इंडियन एक्सप्रेस और बीबीसी से जुड़ी हुई थीं, फिलहाल किसी और मीडिया ग्रुप के साथ हैं लेकिन हैं गिरोह वाली ही। अब इनका कारनामा देखिए। सीमा चिश्ती ने रविवार (मई 16, 2021) को जनसत्ता की एक खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया। बता दें कि जनसत्ता की जिस खबर को सीमा चिश्ती ने शेयर किया, उसकी हेडलाइन में लिखा था, “जो लोग चले गए, वे मुक्त हो गए, बोले RSS प्रमुख।” इसके साथ ही हेडलाइन के नीचे लिखा था, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आज एक कार्यक्रम में कहा कि जिन लोगों की कोरोना से मौत हुई है, वह एक तरीके से मुक्त हो गए हैं।”
हालाँकि जनसत्ता ने अपनी खबर की हेडलाइन को बाद में एडिट कर दिया, लेकिन खबर का सबहेड वही रहा। जनसत्ता ने हेडलाइन एडिट करके लिखा, “जो लोग चले गए, वे मुक्त हो गए, ‘पॉजिटिविटी अनलिमिटेड’ कार्यक्रम में बोले RSS प्रमुख- परिस्थिति कठिन है।” इसके साथ ही उन्होंने इसमें ‘मुक्त भारत’ का हैशटैग लगाया है। इस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए सीमा चिश्ती ने आश्चर्य जताया कि क्या कॉन्ग्रेस-मुक्त-भारत में ‘मुक्त’ वास्तव में ‘मौत’ के लिए इस्तेमाल किया गया है।
जनसत्ता की एडिट की गई हेडलाइन
चिश्ती ने न केवल भागवत के उद्धरण को विकृत किया, बल्कि उन्होंने हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने के लिए आरएसएस को ढाल के रूप में भी इस्तेमाल किया। बता दें कि नश्वर दुनिया से मुक्ति को परिभाषित करने के लिए हिंदू धर्म में ‘मुक्त’ या ‘मुक्ति’ का उपयोग किया जाता है। यही कारण है कि श्मशान घाट को अक्सर ‘मुक्तिधाम’ के रूप में जाना जाता है। मुक्ति का मतलब जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति है और हिंदू धर्म के अलावा बौद्ध और जैन धर्म भी इसी दर्शन को मानते हैं।
जब भाजपा और उसके समर्थकों ने ‘कॉन्ग्रेस-मुक्त भारत’ शब्द का इस्तेमाल किया, तो उसमें ‘मुक्त’ का मतलब ‘मुक्त’ था, न कि मौत, जैसा कि चिश्ती चाहती है कि हर कोई मुक्त का मतलब वही समझे, जो उनका गिरोह समझाना चाहता है।
राष्ट्रीय जनता दल ने भी जनसत्ता की इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, “RSS के मानने वालों, आपके आराध्य मोहन भागवत के अनुसार इस महामारी से आप में से कौन-कौन मुक्त होना चाहता है?”
RSS के मानने वालों, आपके आराध्य मोहन भागवत के अनुसार इस महामारी से आपमें से कौन-कौन मुक्त होना चाहता है? pic.twitter.com/pNT1EyHRr1
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) May 16, 2021
अब हम आपको बताते हैं कि आरएसएस प्रमुख ने यह बातें किस संदर्भ में कहाँ और क्या बोला था। मोहन भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा ‘पॉजिटिविटी अनलिमिटेड’ शीर्षक से 11 मई से 15 मई तक आयोजित ऑनलाइन व्याख्यान की एक श्रृंखला में पॉजिटिविटी का मंत्र दे रहे थे। संघ के इस व्याख्यान का उद्देश्य महामारी संकट के बीच लोगों में आत्मविश्वास और सकारात्मकता फैलाना था। इस व्याख्यान का आयोजन आरएसएस की कोविड रिस्पॉन्स टीम द्वारा किया गया, जिसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, विप्रो समूह के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी, आध्यात्मिक गुरू जग्गी वासुदेव प्रमुख वक्ता के तौर पर शामिल हुए।
24 मिनट 16 सेकंड का पूरा वीडियो, आरएसएस प्रमुख ने क्या बोला-क्या नहीं बोला – सब स्पष्ट है लेकिन गिरोह को प्रपंच फैलाना है
शनिवार को अपने व्याख्यान में भागवत ने कहा, “सकारात्मकता के बारे में बात करने के लिए मुझे कहा है। कठिन है, क्योंकि समय बहुत कठिन चल रहा है। अनेक जगह, अनेक परिवारों में कोई अपने कोई आत्मीय बिछड़ गए हैं। अनेक परिवारों में तो भरण-पोषण करने वाला परिवार का सदस्य, अचानक चला गया। दस दिन में जो था, वो नहीं था ऐसे हो गया। और इसलिए अपने वाले के जाने का दुःख और भविष्य में खड़े होने वाली समस्याओं की चिंता ऐसी दुविधा में तो परामर्श देना, सलाह देना, इसके बजाय पहले तो सांत्वना देना। लेकिन ये सांत्वना के परे दुःख है। इसमें तो अपने को अपने आप को ही सँभालना पड़ता है। हम अपनी सह संवेदना बता सकते हैं, बता रहे हैं और यहाँ पर्दे पर केवल कोई संभावना नहीं बता रहे। संघ के स्वयंसेवक सर्व दूर, इस परिस्थिति में समाज की जो भी आवश्यकता है, उसकी पूर्ति करने के लिए अपने-अपने क्षमता के अनुसार सक्रिय हैं।”
38 सेकंड का यह वीडियो काश सीमा चिस्ती सुन लेतीं
उन्होंने आगे कहा, “परन्तु ये कठिन समय है। अपने लोग चले गए। उनको ऐसे असमय चले जाना नहीं था। परन्तु अब तो गए, कुछ नहीं कर सकते। अब जो परिस्थिति है, उसमें हम हैं। और जो चले गए, वो तो एक तरह से मुक्त हो गए। उनको इस परिस्थिति का सामना अब नहीं करना है। हमको करना है। पीछे हम लोग हैं, हमको अपने आप को और अपने सब को सुरक्षित रखना है। कुछ नहीं हुआ, सब कुछ ठीक है। ऐसा हम नहीं कह रहे। परिस्थिति कठिन है। दुःखमय है। मनुष्य को व्याकुल करने वाली है। निराश करने वाली है। लेकिन यह परिस्थिति है, इसको स्वीकार करते हुए हम अपने मन को निगेटिव नहीं होने देंगे। हमको अपने मन को पॉजिटिव रखना है। शरीर को कोरोना निगेटिव रखना है और मन को पॉजिटिव रखना है।”
गौरतलब है कि संघ ने ऐसे समय इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जब देश में कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की बड़ी संख्या में मौत हो रही है। हाल में सरकार ने पॉजिटिव खबरों और उपलब्धियों के प्रभावी प्रचार के जरिए लोगों की धारणा बदलकर अपनी पॉजिटिव छवि बनाने के उद्देश्य से सरकारी अधिकारियों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया था।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जारी जंग के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश सरकार कोरोना की थर्ड वेव से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। ब्लैक फंगस की समस्या से निपटने की योजना के बारे में जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि इसके लिए प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है और उस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा गाँवों में जो लोग वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकते हैं, उनके लिए ग्राम पंचायतों में ही टीके की व्यवस्था की जा रही है।
सीएम योगी ने कहा कि गाँवों में कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए प्रदेश के 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में टीमें सक्रियता से कार्य कर रही है। कोरोना के थर्ड फेज में बच्चों पर इसके अधिक असर होने की बात कही जा रही है, जिसको लेकर सीएम योगी ने पहले से ही तैयार होने की बात कही है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने 5 मई से ही थर्ड वेव की तैयारी शुरू कर दी थी। रविवार (16 मई 2021) को नोएडा के दौरे पर पहुँचे सीएम योगी ने ये बातें कही।
मुख्यमंत्री योगी ने ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे का ऐलान करते हुए कहा कि गाँवों के लोग कोरोना के हालात से पूरी तरह से वाकिफ हैं। हमने COVID-19 सैंपल टेस्टिंग के लिए लगभग 8000 रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया है। साथ ही कोरोना वायरस के तीसरे चरण से निपटने के लिए योजनाएँ भी तैयार कर ली गई हैं।
I will visit rural areas. People in rural areas are aware of the situation. We have constituted around 8000 rapid response teams for #COVID19 sample testing. We have also drawn plans for the third wave of coronavirus: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath pic.twitter.com/9o703vCtTR
सीएम प्रदेश में गंगा से निकली लाशों को लेकर कहा कि उन्नाव में गंगा में मिले शवों की सामान्य मौत थी, जिसे डर के कारण श्मशान घाट ले जाने के बजाय लोगों ने उसे गंगा में प्रवाहित कर दिया। सीएम ने बताया कि सभी मृतकों का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो सके इसके लिए हमने हर ग्राम पंचायतों में 5000 रुपए की राशि दी है।
एक्सपर्ट्स को गलत साबित कर दिया हमने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण को लेकर विशेषज्ञों के दावों को लेकर कहा कि जो विशेषज्ञ उत्तर प्रदेश में एक लाख केस आने का दावा कर रहे थे, हमने उन्हें गलत साबित कर दिया है। क्योंकि हम जमीन पर काम कर रहे थे। उन्होंने टीकाकरण के लिए वैश्विक टेंडर जारी किया है, जिसमें से 6 कंपनियों ने बिडिंग की है।
असम में भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह शर्मनाक घटना असम के बोंगाईगाँव से सामने आई है। यहाँ पर लोगों के एक समूह ने ईद के दिन भारत के राष्ट्रीय ध्वज पर दावत की। बोंगाईगाँव पुलिस ने ईद की दावत पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
ASSAM
6 deshdrohi arrested for dishonouring the National Flag of India on Eid feast!
A shameful incident has been reported in Bongaigaon, Assam where a group of people feasted upon India’s National Flag on the day of #EID
बोंगाईगाँव पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अभयपुरी के टेंगनामारी गाँव की रेजिना परवीन सुल्ताना के घर में 14 मई 2021 को डाइनिंग टेबल पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का इस्तेमाल कर अपमान करने वाले 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए मामला दर्ज किया गया है।
The persons who dishonoured the Indian National flag by using on dinning table on 14/5/2021 in the house of Miss Rejina Parvin Sultana of Tengnamari village of Abhayapuri alongwith 5 others have been apprehended and a Case has been registered for necessary legal action. pic.twitter.com/6X0XXjUMw8
— Bongaigaon Police (@bongaigaonpolic) May 15, 2021
गौरतलब है कि इससे पहले खबर आई थी कि ईद के मौके पर अहमदाबाद के जुहापुरा में एक कब्रिस्तान (मुस्लिम कब्रिस्तान) में जमा हुई मुस्लिमों की भीड़ ने अहमदाबाद पुलिस के एक अधिकारी को भीड़ की तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए पीट दिया। उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। अहमदाबाद की वेजलपुर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। अब तक पाँच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए पाँचों आरोपित मोहम्मद अहमद उर्फ राजा सिद्दीकी, मजहर खान पठान, फिरोज मोहम्मद शेख, इफ्तेखार कल्याणी, सुल्तान और परवेज शब्बीर शेख हैं। ये पाँचों मुस्लिम कब्रिस्तान में भीड़ के साथ जमा हुए थे। वे कथित तौर पर ईद के मौके पर कब्र पर फूल चढ़ाने आए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेशल ब्राँच में एएसआई कृष्णकुमार भवसिंह कब्रिस्तान पहुँचे और ईद के लिए उमड़ी भीड़ की तस्वीरें लेने लगे। इसी दौरान भीड़ में से कुछ लोगों ने उन्हें देख लिया और उन पर हमला कर उनका मोबाइल फोन छीन लिया।
मंगलुरु पुलिस ने शनिवार (मई 15, 2021) को सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्नाटक के उल्लाल पुलिस ने 25 वर्षीय स्वालिज इकबाल को हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इकबाल ने आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। गिरफ्तार आरोपित स्वालिज इकबाल ठोकोट्टू के स्मार्ट सिटी आवासीय परिसर का रहने वाला है।
कई हिंदुओं द्वारा इकबाल के अपमानजनक वीडियो को लेकर शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने अपराधी पर कार्रवाई की। वीडियो और ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद हिंदू संगठन ने पुलिस से संपर्क किया था। इकबाल शहर में फर्नीचर की दुकान और अन्य व्यवसाय चलाता था। जिसके खिलाफ उल्लाल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
गौरतलब है कि इसी तरह के एक दूसरे मामले में पिछले दिनों इंदौर के एक इवेंट में स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। तब घटना की जानकारी मिलते ही हिन्दू संगठन के कई सदस्यों ने वहाँ पहुँच कर उसकी पिटाई कर दी थी। इसके बाद वे मुनव्वर फारूकी और आयोजक को थाने लेकर गए थे।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में एड्विन एंथनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव शामिल हैं। सभी नए साल के मौके पर इंदौर स्थित एक कैफे में इवेंट में शामिल हुए थे। हिंदू रक्षक संगठन के प्रमुख एकलव्य सिंह गौर कार्यक्रम में बतौर दर्शक पहुँचे थे। उन्होंने इस मामले की पुलिस से शिकायत की थी। इस इवेंट के दौरान तथाकथित स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और हिन्दू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। इस बात की जानकारी मिलते ही हिन्दू रक्षक संगठन के कई कार्यकर्ता वहाँ पहुँचे और मुनव्वर फारूकी की कथित तौर पर पिटाई कर दी। पिटाई के बाद उसे तुकोगंज थाने लेकर गए।
एकलव्य गौड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मुनव्वर फारूकी पहले भी देवी-देवताओं पर इस तरह की टिप्पणी कर चुका है। इसकी वजह से ही जयपुर में इसका एक कार्यक्रम रद्द हो चुका है। इस इवेंट की जानकारी मिलने पर संगठन के कार्यकर्ता टिकट लेकर इसमें शामिल हुए थे।
कॉन्ग्रेस नेता व बॉक्सर विजेंद्र सिंह महिलाओं के खिलाफ ट्विटर पर किए गए एक आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर फँस गए हैं। दरअसल, कॉन्ग्रेस नेता ने पहले बीजेपी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ''नोटबंदी में तो गंगा में बहे नोटों का श्रेय ले लिया, अब लाशों का श्रेय कौन लेगा।'' उनके ट्वीट पर फिरकी लेते हुए एक यूजर ने कहा कि विजू भाई शादी करवा दो। इस पर विजेंद्र ने अटपटा सा जवाब दिया।
कॉन्ग्रेस नेता ने रविवार (16 मई 2021) को ट्वीट किया, ”भाई आज कल रंडया का जमाना है और साथ में एक हंसता हुआ इमोजी शेयर किया।” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विजेंद्र सिंह द्वारा की गई इस टिप्पणी से बवाल हो गया है।
कॉन्ग्रेस नेता का ट्वीट
दरअसल, बॉक्सर ने पहला ट्वीट करते हुए बीजेपी को घेरने का प्रयास किया। लेकिन इसको लेकर वह खुद भी गंभीर नहीं थे, तभी तो इस ट्वीट के 3 मिनट बाद ही उन्होंने रिप्लाई में बेतुका बयान दे दिया है। यानी कहीं न कहीं उनके दिलों दिमाग में न तो नोटबंदी वाली बात को लेकर गंभीरता थी, न ही लाशों पर। तभी उन्होंने शादी करवा दो भाई वाले ट्वीट पर तुरंत प्रतिक्रिया दी।
Rahul yogi tejasvi sab hai kyoki us word ka matlab कुंवारा hota hai ?
हालाँकि, उनके इस ट्वीट को कई लोगों ने गलत समझ लिया। दरअसल, उन्होंने अपने ट्वीट में randya शब्द का इस्तेमाल किया था। इसे सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने गाली समझ ली, लेकिन आगे भारत सिरोही नाम के यूजर ने बताया कि हरियाणा में इसका मतलब कुँवारा आदमी होता है। एक अन्य यूजर ने बताया कि ठेठ हरियाणा बोली में ‘रंडया’ का मतलब कुँवारा आदमी होता है।
Word sounds offensive but it’s not. It’s a ठेठ haryanvi language word for unmarried middle aged men. Eg. RaGa.
बता दें कि सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस नेता का बीजेपी को लेकर किया गया ट्वीट किसी और ही तरफ मुड़ गया है। यूजर के बीच उनका रंडया वाला ट्वीट चर्चा का विषय बन गया है।
झारखंड के हजारीबाग जिले की बड़कागाँव विधानसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस की विधायक अंबा प्रसाद और विनोबा भावे यूनिवर्सिटी के कुलपति (VC) समेत 11 लोगों के खिलाफ कॉलेज से 48 लाख रुपए के अवैध फंड निकासी के मामले में केस दर्ज किया गया है।
कर्णपुरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रामसेवक महतो ने इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर आरोपितों के खिलाफ बड़कागाँव थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
सभी आरोपितों बड़कागाँव विधायक अंबा प्रसाद, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. मुकुल नारायण देव, रजिस्ट्रार बंशीधर प्रसाद रुखैयार, डॉ. कौशलेंद्र कुमार, सुरेश महतो, संजय कुमार, कृति नाथ, विशेश्वर नाथ चौबे, भोगेश्वर कुमार महतो और अरविंद कुमार के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा संख्या 113/21 समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज के सरकारी अनुदान को गटक गए
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉलेज के सरकारी निकाय में शामिल अंबा प्रसाद, इंद्रजीत कुमार, टुकेश्वर प्रसाद, ज्योति जलधर समेत दूसरे लोगों ने निकाय के कार्य की अवधि समाप्त होने के बावजूद भी इसकी बैठक की थी। इसके बाद सभी ने 2019-20 में कॉलेज को मिलने वाले सरकारी अनुदान की 48 लाख रुपए की राशि को निकाल लिया।
इन सभी पर कानूनी संस्था में भाग लेकर, गलत दस्तावेज बनाने और अवैध तरीके से सरकारी पैसे को निकालने का आरोप है। अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि कॉलेज के शासी निकाय का चयन भी गलत ढंग से किया गया है।
क्या कहता है यूनिवर्सिटी एक्ट
यूनिवर्सिटी में कहा गया है कि कोई भी सरकारी निकाय केवल तीन साल कार्यरत रह सकता है, उसके बाद उसका फिर से चयन होगा। हालाँकि, इस केस में इस पूरे मामले की अनदेखी की गई है। निकाय के सचिव के गलत तरीके से चयन के भी आरोप हैं। आरोपितों ने निकाय की अवधि खत्म होने के बाद भी बैठक की थी और इसकी अध्यक्षता खुद अंबा प्रसाद ने की थी।
इंफाल के एक पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और मणिपुर स्थित राजनीतिक दल पीपुल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस एलायंस के संयोजक एरेन्ड्रो लीचोम्बम के खिलाफ उनके फेसबुक पोस्ट को लेकर शिकायत दर्ज की। दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। मणिपुर पुलिस ने गुरुवार (मई 13, 2021) शाम को पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और एरेन्ड्रो लीचोम्बम को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया।
भाजपा महासचिव पी प्रेमानंद मीतेई और भाजपा उपाध्यक्ष उशम देबन ने दोनों लोगों की पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पत्रकार वांगकेम और नेता लीचोम्बम के फेसबुक पोस्ट में मणिपुर भाजपा अध्यक्ष सैखोम टिकेंद्र सिंह की मौत के बाद उनका मजाक उड़ाते हुए अपमान किया गया। दोनों लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153-ए और 505 (बी) (2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और दोनों को 17 मई तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा।
मालूम हो कि गुरुवार को कोविड-19 के कारण भाजपा नेता सैखोम टिकेंद्र सिंह की मौत हो गई। भाजपा अध्यक्ष के निधन के बाद पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा था, “संथी संयुंग ना यादाबो, ओह!!! RIP #Rashikang_Kangyet Hayeng nga Chaani।” (अनुवाद: गोबर गोमूत्र काम नहीं आया। निराधार तर्क। कल मैं मछली खाऊँगा।)
इसके बाद लीचोम्बम नाम के शख्स ने भी अपनी फेसबुक वॉल पर COVID के इलाज के लिए गोमूत्र और गोबर पर भाजपा के कुछ नेताओं की वकालत पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता सैखोम टिकेंद्र सिंह की मृत्यु का उपहास उड़ाया। जिसमें लिखा था, “कोरोना का इलाज गोबर और गोमूत्र नहीं है। इलाज विज्ञान और सामान्य ज्ञान है। प्रोफेसर जी। RIP।” बता दें कि इंफाल के शिजा अस्पताल में कोविड -19 से संबंधित जटिलताओं के कारण भाजपा नेता टिकेंद्र की मृत्यु हो गई।
यह तीसरी बार है जब पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को अपने विवादित बयानों के करण गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले उन्होंने दो अलग-अलग मामलों में जेल में समय बिताया था। इससे पहले भी, मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत देशद्रोह और ‘सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने’ के आरोप इस पत्रकार पर लगाए थे।
मणिपुर स्थित राजनीतिक दल पीपुल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस एलायंस (PRJ) के संयोजक लीचोम्बम पर भी पिछले साल फेसबुक पर एक टिप्पणी को लेकर देशद्रोह के आरोप में मणिपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। सरकार के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी और वीडियो पोस्ट करने के बाद उन्हें 2018 में भी गिरफ्तार भी किया गया था।
अरब सागर में बने चक्रवाती तूफान Tauktae ने पश्चिमी भारत के समुद्री तटों पर दस्तक दे दी है। इसकी वजह गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा समेत कई राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान गोवा के तटीय क्षेत्र से टकरा गया है। अब वह गुजरात की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अगले 12 घंटों के दौरान इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।
Union Home Minister Amit Shah chairs a review meeting with the CMs of Gujarat, Maharashtra & Administrator of Daman & Diu and Dadra Nagar Haveli, to assess preparedness of States/ UT & Central Ministries/ Agencies concerned, to deal with situation arising out of Cyclone Tauktae pic.twitter.com/SKbji1QRkv
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात Tauktae से बने हालात से निपटने के लिए संबंधित राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों, व एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों और दमन-दीव और दादरा नगर हवेली के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है।
Cyclone #Tauktae is very likely to keep moving in north northwest direction. By late afternoon, its centre will be north-northwest of Goa. Gale winds and rainfall will continue for almost the entire day: India Meteorological Department (IMD)
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मौसम विभाग ने चक्रवात Tauktae के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा है कि इसकी रफ्तार इतनी तेज है कि दोपहर तक इसका केंद्र गोवा के उत्तर-उत्तर-पश्चिम में होगा और लगभग पूरे दिन आँधी और बारिश जारी रहेगी।
गुजरात में Tauktae से निपटने के लिए NDRF की टीमें तैनात
चक्रवाती तूफान Tauktae गोवा के तट पर पहुँचने के बाद अब तेजी से गुजरात की ओर बढ़ रहा है। हालात से निपटने के लिए राज्य में एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ के गाँधीनगर के डिप्टी कमाँडेंट रणविजय कुमार ने जानकारी दी, “24 टीमें आज शाम तक अपनी जगह ले लेंगी, जिसमें से 13 टीमें बाहर से मँगाई गई हैं।”
गुजरात: चक्रवाती तूफान तौकते को देखते हुए राज्य में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। NDRF गांधीनगर के डिप्टी कमांडेंट रणविजय कुमार सिंह ने बताया, “24 टीमें आज शाम तक अपनी जगह ले लेंगी जिसमें 13 टीमें बाहर से मंगाई गई हैं।” pic.twitter.com/JBu5NnbcuP
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान Tauktae पोरबंदर से लेकर भावनगर के महुवा के बीच से गुजरेगा। चक्रवात की बढ़ती ताकत को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ ने अपनी टीमों की संख्या 53 से बढ़ाकर 100 कर दी है।
महाराष्ट्र में तूफान की चेतावनी जारी
महाराष्ट्र के राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने तूफान Tauktae को लेकर जानकारी दी है कि कोंकण तट के पास के जिलों को चक्रवात को लेकर अलर्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी हालात का जायजा लिया है और उन्हें पुनर्वास कार्य के बारे में जानकारी दी गई है। तूफान से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में रिहैबिलिटेशन कैंप तैयार करने के लिए निर्देश जारी किया गया है।
Districts near the Konkan coast have been warned for cyclone. The CM has taken stock of the matter. I’ve informed him about the rehabilitation work. We have given instructions to prepare large shelters in these areas: Maharashtra Relief & Rehabilitation Minister Vijay Wadettiwar pic.twitter.com/ja9FWGY5xr
कर्नाटक के तटीय भागों में चक्रवात Tauktae के चलते लगातार भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने कहा है कि Tauktae तूफान के कारण पिछले 24 घंटों में 6 जिलों (3 तटीय जिलों और 3 मलनाड जिलों) में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हुई है। इससे अब तक 4 लोगों की जान जा चुकी है। चक्रवात से 73 गाँव बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
We are closely monitoring the cyclone situation in coastal areas, says Karnataka CM BS Yediyurappa
I am in contact with district in-charge ministers and DCs of the affected districts to ensure rescue and relief operations, he adds.#CycloneTauktae
कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने बयान जारी कर कहा है कि तटीय क्षेत्रों में चक्रवात की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वो राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित जिलों के जिला प्रभारी मंत्रियों और कलेक्टर्स के संपर्क में हैं।
गोवा में तूफान ने मचाई तबाही
गोवा तट पर टकराने के बाद तूफान Tauktae ने रौद्र रूप दिखा दिया है। तेज आँधी और बारिश के कारण गोवा के मडगांव के पास नेत्रावती एक्सप्रेस पर एक पेड़ गिर गया। हालाँकि, अच्छी बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन थिविम से मडगांव के बीच सेवाएँ ठप हो गई हैं।
Tauktae तूफान के कारण केरल में कई स्थानों पर भारी बारिश हो रही है। वहीं 2 लोगों की मौत भी हुई है। इससे पहले शुक्रवार (14 मई 2021) को आईएमडी के अधिकारियों ने 16 से 18 मई के बीच 150 से 160 किमी प्रति घंटे की हवा की रफ्तार के साथ चक्रवाती तूफान के बढ़ने की चेतावनी दी थी। इस क्षेत्र के कुछ अन्य स्थानों पर सोमवार और मंगलवार को भारी से अत्यधिक भारी बारिश के भी आसार हैं।
नौसेना स्टैंडबाय पर
भारतीय नौसेना ने राज्य प्रशासन को समर्थन का आश्वासन दिया है। नौसेना के प्रवक्ता ने एक ट्वीट में जानकारी दी थी, “भारतीय नौसेना के जहाज, विमान, हेलीकॉप्टर, गोताखोर और आपदा राहत दल राज्य सरकार की मदद के लिए स्टैंडबाय पर हैं, क्योंकि चक्रवाती तूफान Tauktae भारत के पश्चिमी तट पर पहुँच रहा है।”
इजराइल और फिलिस्तीन के बीच शुरू हुआ विवाद अब जंग में तब्दील हो चुका है। इजराइल की सेना और फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास की ओर से हमले जारी हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर इजराइल का एक वीडियो वायरल हो रहा है।
दरअसल, यह वीडियो फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास द्वारा किए गए हमले का है। आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि किस तरह एक बेबस पिता और अपनी नवजात बेटी को रॉकेट के हमले से बचाने के लिए हाथ पैर मारता हुआ नजर आ रहा है। उसके दिमाग में केवल अपने जिगर के टुकड़े की जान कैसे बचाई जाए, यही चल रहा है।
इस खौफनाक मंजर में वह अपनी बेटी को सीने से चिपकाए हुए हैं, ताकि उसे कोई खरोंच भी न आए। बच्ची इस दुनिया में नफरत फैलाने वाले इस्लामिक आतंकी संगठन और हमला करने वालों से बिल्कुल अंजान है। उसने तो अभी तक ठीक से आँखें भी नहीं खोली हैं, वो तो इस पल को भी महसूस नहीं कर सकती है कि उसके पिता उसे बचाने के लिए कितना छटपटा रहे हैं।
वीडियो के मुताबिक, इजराइल में यह पिता अपनी नवजात बेटी के साथ गाड़ी से कहीं जा रहे थे। तभी पिता ने आसमान में एक रॉकेट को फटते हुए देखा। इससे वह काफी डर जाते हैं और गाड़ी से उतर सड़क के बीचों-बीच एक सेफ जगह पर अपनी बच्ची को सीने से लगाकर बैठ जाते हैं।
Put yourself in this father’s shoes.
You’re driving with your newborn baby. Suddenly, you find yourself under rocket fire.
As rockets explode, your only thought is: keep your baby safe.
बच्ची को गोद में उठाए पिता की नजरें केवल आसमानी आफत की ओर हैं। उनके चेहरे पर डर साफ नजर आ रहा है। वह एक बार अपनी मासूम बेटी की तरफ देख रहे हैं, दूसरी तरफ आसमान में हो रहे रॉकेट के हमलों को।
कुछ पल के लिए आप अपने आपको इस पिता की जगह रख कर देखिए। मौत को इतने करीब देखकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएँगे। खासकर जब आपके साथ आपकी जान आपका बच्चा भी हो। आप कितने भी सुविधा संपन्न क्यों न, लेकिन ऐसे समय में अपने आपको बेहद बेबस और लाचार महसूस करेंगे।
हालाँकि, इजराइल अपने देश के नागरिकों की रक्षा के लिए हमास के रॉकेट हमलों की जवाबी कार्रवाई में एयर स्ट्राइक कर रहा है। इजराइल आतंकियों को उनके बेवजह किए गए हमलों का कड़ा जवाब दे रहा है, लेकिन अपनों की जिंदगी, प्यार और मौत का खौफ यहाँ के नागरिकों को हर पल सता रहा है। बता दें कि यह वीडियो इजराइल डिफेंस फोर्स ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है।