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बंगाल से सफा कॉन्ग्रेस के नेताओं ने ममता की शान में पढ़े कसीदे, उधर TMC के गुंडों से पिटते रहे NSUI कार्यकर्ता

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने आज (मई 4, 2021) ट्वीट करते हुए ममता बनर्जी को ‘झाँसी की रानी’ बताया। वो भी ऐसे समय में जब पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस को हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में बुरी तरह हारने के बाद टीएमसी के गुंडों के आतंक का सामना करना पड़ा।

कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, ”एक साहसी जमीनी नेता, एक आधुनिक झाँसी की रानी, ने साबित कर दिया है कि चाहे कुछ भी हो जाए, गोलियथ को झुकना ही पड़ता है।”

पश्चिम बंगाल में बुरी तरह से हारने के बाद भी अन्य कॉन्ग्रेसी नेता ममता बनर्जी की जीत का जश्न मनाने में पीछे नहीं रहे, जबकि वहाँ पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को टीएमसी के गुंडों के हिंसा का सामना करना पड़ा। एक अन्य वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता शशि थरूर ने ट्विटर पर हेराल्ड के ममता बनर्जी के पुन: निर्वाचन को ‘भारत के विचार’ की निर्णायक जीत के रूप में प्रदर्शित किया।

जब टीएमसी के गुंडों द्वारा पश्चिम बंगाल में हिंसा की खबरें चारों तरफ आने लगी तो शशि थरूर ने इस मुद्दे को स्वीकार करते हुए एक ट्वीट पोस्ट किया। हालाँकि, ऐसा करते समय, उन्होंने ममता बनर्जी के लिए सम्मान बनाए रखा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेंगी, इसे रोकने के लिए वह आवश्यक कार्रवाई करेंगी।

चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद टीएमसी के गुंडों द्वारा कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला

एनएसयूआई पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष सौरव प्रसाद ने हाल ही में एक ट्वीट पोस्ट किया जिसमें आरोप लगाया गया कि राज्य चुनावों में उनकी पार्टी की जीत के बाद टीएमसी गुंडों द्वारा एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। उन्होंने एक NSUI कार्यकर्ता मीर साहिन के घर में TMC गुंडों द्वारा की गई बर्बरता की तस्वीरें भी साझा कीं।

प्रसाद ने ट्वीट किया, “ममता बनर्जी की राजनीतिक हिंसा। हमारे छात्र परिषद के कार्यकर्ताओं मीर साहिन पर टीएमसी के गुंडों द्वारा हमला किया गया, उन्होंने उनके परिवार (बच्चों से लेकर महिला) को बहुत बुरी तरह से पीटा और उनके घर में सब कुछ नष्ट कर डाला। ममता बनर्जी के शासन में हम किस जंगल राज में रह रहे हैं?” 

TMC द्वारा BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं पर अत्याचार

चुनाव जीतने के कुछ ही घंटों के भीतर, टीएमसी ने हेस्टिंग्स में बीजेपी के पार्टी कार्यालय का घेराव किया, आरामबाग में पार्टी कार्यालय को जला दिया और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के वाहन पर हमला किया, जिन्होंने ममता बनर्जी को हराया है। 

News18 की पत्रकार पायल मेहता ने ऐसे ही एक हमले का सीसीटीवी फुटेज शेयर किया था। कैमरे में कैद हुए दृश्यों में देखा जा सकता है कि हिंसक भीड़ ने दक्षिण कोलकाता के कस्बा इलाके में रविवार शाम एक भाजपा कार्यकर्ता के घर पर हमला किया। लगभग 15 सेकंड के वीडियो में, तृणमूल कॉन्ग्रेस का झंडा देखा जा सकता है। गुंडों ने शुरू में घर का दरवाजा खोलने की कोशिश की। हालाँकि, जब वे विफल रहे तो उन्होंने ईंटों और डंडों से हमला किया।

2 मई को बीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार को कथित तौर पर टीएमसी की भीड़ द्वारा मौत के घाट उतार दिया गया। बता दें कि हत्या से कुछ देर पहले अभिजीत सरकार ने फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी बात रखी थी। उन्हें पता भी नहीं था कि फेसबुक पर लाइव कैसे आते हैं, लेकिन उन्होंने किसी तरह वीडियो बनाया और बताया कि TMC के गुंडे लगातार बमबारी कर रहे थे और उन्होंने उनके घर और दफ्तर को तहस-नहस कर डाला। उन्होंने कहा कि उनकी एक ही गलती है कि वे भाजपा कार्यकर्ता हैं। एक अन्य वीडियो में उन्होंने बताया कि उनके घर और NGO दफ्तर को तोड़ डाला गया है। कुत्ते के 5 बच्चे को मार डाला गया।

अभिजीत ने कहा था कि उन्हें किसी भी पार्टी के जीतने से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बेरहम तरीके से उनके घर को ध्वस्त किया जा रहा है। इन दोनों वीडियो के अपलोड करने के बाद पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी गई। कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने विभिन्न माध्यमों से डर जताया है कि ममता के तीसरी बार सत्ता में लौटने से उनका जीना दूभर हो सकता है और उनकी जान को TMC वालों से खतरा हो सकता है।

भारत में मिला कोरोना का नया AP स्ट्रेन, 15 गुना ज्यादा ‘घातक’: 3-4 दिन में सीरियस हो रहे मरीज

कोरोना के लगातार रूप बदलने की खबरों के बीच दक्षिण भारत में कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट सामने आया है। सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) ने N440K वैरिएंट की खोज की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना का नया वैरिएंट (N440K) 15 गुना तक ज्यादा संक्रामक है और इसकी वजह से लोग 3-4 दिन में ही गंभीर स्थिति में पहुँच जा रहे हैं।

कोरोना के इस नए वैरिएंट को एपी स्ट्रेन (AP Strain) कहा जा रहा है और माना जा रहा है कि विशाखापत्तनम समेत आंध्र प्रदेश के अन्य हिस्सों में कोरोना की रफ्तार बढ़ने के लिए यही स्ट्रेन जिम्मेदार हो सकता है। हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि यह नया संस्करण, जिसे एपी स्ट्रेन कहा जा रहा है, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोरोना के मामलों में भारी उछाल के पीछे यही है।

15 गुना अधिक संक्रामक हैं कोरोना का नया एपी स्ट्रेन

सबसे पहले कुरनूल में खोजा गया यह स्ट्रेन, पहले के वैरिएंट्स की तुलना में कम से कम 15 गुना अधिक संक्रामक माना जा रहा है, और यह भारतीय वैरिएंट B -1.617 और B 1.618 से भी अधिक ताकतवर हो सकता है।

जिला अधिकारी वी विनय चंद, ने स्वास्थ्य विभाग के सीनियर डॉक्टरों से मिले अपडेट के आधार पर कहा, ”हमें अभी ये पता लगाना बाकी है, अभी कौन सा स्ट्रेन प्रसार में है, क्योंकि नमूनों को विश्लेषण के लिए सीसीएमबी भेजा गया है। लेकिन एक बात तय है कि अभी एक वैरिएंट जो विशाखापत्तनम में सर्कुलेशन में है वह पिछले साल पहली लहर के दौरान देखे गए वैरिएंट से एकदम अलग है।”

जिला कोविड स्पेशल ऑफिसर पीवी सुधाकर ने कहा कि उन्होंने पाया कि नए संस्करण में इंक्यूबिशन पीरियड (लक्षण प्रकट होने की अवधि) कम है और रोग फैलने की गति बहुत तेज है। पहले के मामलों में, कोविड -19 से प्रभावित एक मरीज को हाइपोक्सिया (शरीर में ऑक्सीजन की कमी) या डिस्पेनिया (साँस लेने में तकलीफ) स्टेज तक पहुँचने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगता था, लेकिन अब मरीज तीन या चार दिनों के भीतर गंभीर स्थिति में पहुँच रहे हैं। सुधाकर ने कहा कि इसकी वजह से ऑक्सीजन वाले आईसीयू बेड की माँग बढ़ने से अस्पतालों पर भी दबाव बढ़ा है।

पहली लहर के उलट थोड़ा सा संपर्क भी इस वायरस से संक्रमित होने के लिए पर्याप्त है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके बाद यह बहुत ही कम समय में चार से पाँच लोगों को संक्रमित कर सकता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि यह वैरिएंट बहुत ही अप्रत्याशित है। डॉ. सुधाकर ने कहा, “सबसे खास बात, यह किसी को भी नहीं बख्श रहा है, जैसा कि हमने देखा है कि यह युवा आबादी को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है, जिसमें फिटनेस पर बहुत ध्यान देने और उच्च इम्युनिटी स्तर वाले भी शामिल हैं। यह भी देखा गया है कि लोगों के शरीर में साइटोकाइन स्टॉर्म (जब शरीर केवल वायरस से लड़ने के बजाय अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करता है) तेजी से हो रहे हैं, और कुछ में इलाज का असर हो रहा है और कुछ में नहीं।”

कुदरत का कहर: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फटा बादल, बाढ़ के हालात में सड़कें और कई कारें क्षतिग्रस्त

एक ओर देश में कोरोना की दूसरी लहर बेकाबू हो गई है। हर रोज कोरोना वायरस की चपेट में आकर लोग मर रहे हैं। दूसरी तर​फ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फिर से कुदरत का कहर देखने को मिला है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के मेहला ब्लॉक में मंगलवार (4 मई, 2021) को बादल फटा है। वहाँ मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश और बादल फटने से बाढ़ की स्थिति हो गई है। सड़कों के साथ कई कारें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं, उत्तराखंड के उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ इलाके में सोमवार (3 मई, 2021) को बादल फटने से दहशत मच गई।

सोशल मीडिया पर हिमाचल के चंबा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें आप खुद कुदरत को कहर ढाते हुए देख सकते हैं। इसके अलावा कई तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें कार पत्थरों में धँसी हुई नजर आ रही है। पानी का बहाव काफी तेज है।

कार पत्थरों में धंसी हुई

चंबा जिले में बादल फटने से सड़कों और वाहनों के काफी नुकसान पहुँचा है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 8 PWD सड़कें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके अलावा चंबा में 3 DTR और 3 जल आपूर्ति योजनाएँ भी बड़े स्तर पर प्रभावित हुईं है।

बताया जा रहा है कि कृषि और बागवानी को भी काफी नुकसान पहुँचा है। वहीं अतिरिक्त उप आयुक्त, मुकेश रेपसवाल का कहना है कि जानमाल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। जिले में स्थिति नियंत्रण में है।

उन्होंने आगे बताया कि सोमवार देर रात हुई बारिश की वजह से 3 पंचायतों में काफी नुकसान पहुँचा है। एक जगह बादल फटा जहाँ पर एक घर को काफी नुकसान हुआ है। प्रशासन की टीमें प्रभावितों के पास पहुँच रही हैं। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर, जहाँ-जहाँ लोग प्रभावित हुए हैं, उनको फौरन राहत पहुँचाई जा रही है। इस पूरे मामले पर प्रशासन अपनी नजर बनाए हुए है।

योगी सरकार शुरू करेगी लॉकडाउन के दौरान गरीबों के लिए सामुदायिक रसोई, पत्रकारों के लिए टीकाकरण में वरीयता

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अधिकारियों को कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान गरीबों और प्रवासी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई शुरू करने के निर्देश दिए।

राज्य में कोविड​​-19 के प्रकोप को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में, सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि मजदूरों, दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों, ठेला चालकों और अन्य लोगों के लिए भोजन की कोई कमी न हो और उनके लिए लॉकडाउन के दौरान उचित भोजन उपलब्ध कराए जाने को कहा।

लॉकडाउन के दौरान राज्य में कोई भी भूखा न रहें: सीएम योगी

योगी आदित्यनाथ ने यूपी प्रशासन के अधिकारियों को सामुदायिक रसोई संचालित करने का निर्देश दिया, ताकि लॉकडाउन अवधि के दौरान राज्य में कोई भी भूखा न रहे। यूपी सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि सीएम ने कोविड-19 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि कोई भी मजदूर, ठेला चालक, स्ट्रीट वेंडर, दिहाड़ी मजदूर और अन्य जरूरतमंद लोगों को उनके और उनके परिवार के लिए भोजन प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में लोगों की खाद्य आवश्यकताओं के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ मिलकर काम करने को कहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक योगी ने कहा, “यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति भोजन की अनुपलब्धता के कारण परेशान न हो।”

यूपी सरकार का पत्रकारों को मुफ्त कोविड वैक्सीन लगाने का फैसला

वहीं एक और महत्वपूर्ण घोषणा के तहत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने पत्रकारों को ‘फ्रंटलाइन वर्कर्स’ घोषित करते हुए कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के दौरान उन्हें वरीयता दी जाएगी।

यूपी सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया कि पत्रकारों और उनके परिवारवालों (18+) को कोविड वैक्सीन मुफ्त में लगाई जाएगी और पत्रकारों को टीकाकरण के लिए एक अलग केंद्र बनाया जाएगा।

जानवरों में भी फैलने लगा कोरोना, देश में पहली बार नेहरू जूलॉजिकल पार्क के 8 एशियाई शेर कोविड पॉजिटिव

देशभर में कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। रोजाना कोविड-19 के नए मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। इसी बीच देश में पहली बार जानवरों के कोरोना संक्रमित होने की खबर सामने आई है।

बताया जा रहा है कि हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क (NZP) में 8 एशियाई शेर कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। 29 अप्रैल को सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलेक्युलर बॉयोलाजी (CCMB) ने नेहरू जूलोजिकल पार्क के अधिकारियों को बताया कि आरटी-पीसीआर टेस्ट में 8 शेर पॉजिटिव मिले हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जूलोजिकल पार्क के क्यूरेटर और डायरेक्टर डॉक्टर सिद्धानंद कुकरेती ने न तो इसकी पुष्टि की है और न ही इस बात से इनकार किया है कि ये शेर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

डॉक्टर कुकरेती ने कहा, “यह बात सच है कि शेरों में कोरोना के लक्षण दिखे हैं, लेकिन हमें अभी इन शेरों की CCMB से आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मिलनी बाकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही हम इस बारे में जानकारी दे पाएँगे।”

कुल 12 शेर में से 8 कोरोना पॉजिटिव

CCMB के डॉक्टर राकेश मिश्रा ने बताया कि हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क में कुल 12 शेर हैं। उनमें से 8 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जाँच में सामने आया है कि वे सभी पुराने वैरिएंट से संक्रमित हैं, न कि नए वैरिएंट से जिससे हम सभी चिंतित हैं। जानवर ठीक हो रहे हैं, वे ठीक से खा-पी रहे हैं।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, 24 अप्रैल को पशु चिकित्सों ने इन जानवरों की देखभाल के दौरान पाया कि इनमें कोरोना के लक्षण पाएँ गए हैं, जैसे-भूख न लगना, नाक से पानी आना और कफ की शिकायत। इस चिड़ियाघर में कुल 12 शेर हैं, जिनकी उम्र करीब 10 साल है। जू की सफारी एरिया का क्षेत्रफल करीब 40 एकड़ है। चार शेर और बाकी शेरनियाँ कोविड पॉजिटिव मिली हैं।

आम लोगों के लिए जू दो दिनों के लिए किया गया बंद

बता दें कि इस घटना के बाद से नेहरू जूलोजिकल पार्क को आम लोगों के लिए आगामी दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि इन शेरों की देखभाल करने वाले 25 कर्मचारियों को भी कोरोना हो चुका है।

मुस्लिम नर्सों ने चर्च पर कब्जा कर गाया इस्लामी गीत: पाकिस्तान में ईसाई स्टाफ पर ईशनिंदा का मढ़ा आरोप

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचार की आए दिन नई तस्वीर सामने आती है। हालिया मामला लाहौर में बने एक मेंटल हॉस्पिटल का है। यहाँ हॉस्पिटल के भीतर एक चर्च है। कुछ दिन पहले इस चर्च पर मुस्लिम नर्सों ने कब्जा कर इस्लामी गीत गाया। कथिततौर पर इस दौरान ईसाई स्टाफ को धमकी देते हुए कहा गया कि या तो वह धर्म परिवर्तन करें वरना उनपर ईशनिंदा का आरोप लगा दिया जाएगा।

पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट राहत ऑस्टिन ने इस मुद्दे को उठाया। उनके मुताबिक ये मामला ईसाई नर्स से जुड़ा है, जिनपर ईशनिंदा का इल्जाम लगाने के बाद उनकी लिंचिंग का प्रयास हुआ और साथ ही चर्च पर कब्जा करके वहाँ गीत गुनगुनाया गया। कट्टरपंथियों की माँग थी कि अस्पताल से हर गैर मुस्लिम कर्मचारी को निकाला जाए, सिर्फ इसलिए क्योंकि उनमें से एक ईशनिंदा का आरोपित है।

समहति संवाद के अनुसार, अप्रैल में यहाँ दो ईसाई नर्सों पर ईशनिंदा कानून के उल्लंघन का आरोप लगा, जिन्हें उनकी किसी मुस्लिम सहकर्मी ने इस्लामिक स्टिकर खराब करते देखा था।

वहीं पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार नायला इनायत ने इस मामले को उजागर करते हुए बताया कि ईसाई नर्सों के खिलाफ ईशनिंदा-हिंसा का यह तीसरा बड़ा मामला है। उन्होंने बताया कि इसी साल कराची में एक नर्स और फैसलाबाद में एक नर्स के खिलाफ कथित ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अब पाकिस्‍तानी मुस्लिम नर्सों के इस कृत्‍य की सोशल मीडिया में जमकर आलोचना हो रही है। यूजर्स का कहना है कि कट्टरपंथ के मामले में पाकिस्तान कभी नहीं बदलेगा। वहीं कुछ का पूछना है कि क्या ये चर्च छीनने की कोशिश थी।

बंगाल के बाद तमिलनाडु में भी सियासी हिंसा, DMK कार्यकर्ताओं ने अम्मा कैंटीन में की तोड़फोड़: वीडियो वायरल

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के जीतने के बाद बीजेपी दफ्तर में तोड़फोड़, आगजनी और उसके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। अब तमिलनाडु में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। द्रमुक (DMK) के लोगों पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के नाम पर चलाई जा रही अम्मा कैंटीन में तोड़फोड़ की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अन्ना द्रमुक (AIADMK) का आरोप है कि कैंटीन में तोड़फोड़ राजनीतिक प्रतिशोध के चलते ​की गई। पार्टी ने वीडियो के हवाले से पहले के डीएमके शासनकाल में कानून-व्यवस्था के हाल की याद दिलाई है।

अन्ना द्रमुक ने सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक हिंसा की कुछ तस्वीरें और वीडियो अपने ट्वीटर अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो में तीन आदमी और एक लड़का कैंटीन परिसर के भीतर और बाहर लगे बैनर और पोस्टर उखाड़ने के साथ वहाँ तोड़फोड़ करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद द्रमुक (DMK) कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है।

इन बोर्डों पर तमिल भाषा में “अम्मा कैंटीन” लिखा हुआ है। साथ ही उन पर वहाँ परोसे जाने जाने व्यंजनों की भी जानकारी दी गई है। इस कैंटीन में गरीबों को सस्ते दामों में भरपेट भोजन मिलता था। तोड़फोड़ की घटना सामने आते ही एआईएडीएमके (AIADMK) समर्थकों ने इस पर नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

वहीं, द्रमुक नेता और चेन्नई के पूर्व महापौर मा. सुब्रमण्यम ने कहा कि आज हमें खबर मिली कि अम्मा कैंटीन में तोड़फोड़ की गई है। हमें पता चला है कि इसमें 2 लोग शामिल थे। ये दोनों केवल साधारण DMK कैडर हैं, वे पार्टी में किसी पद पर नहीं थे। विधायक ने बताया कि पार्टी ने उनके विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बता दें कि तमिलनाडु की राजनीति में AIADMK कई दशकों तक सत्ता पर काबिज रही है, लेकिन इस तरह की हिंसक खबरें अब तक सामने नहीं आईं। इस बार चुनावी नतीजे घोषित होने के बाद डीएमके के सीएम कैंडिडेट एमके स्टालिन को निवर्तमान मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने बधाई भी दी थी। लेकिन अम्मा कैंटीन में हुए इस हमले के बाद दोनों दलों के बीच एक बार फिर बढ़ सकती है।

अमानतुल्लाह ने दी गला काटने की धमकी, शरजील ने मनाया सरदाना की मौत का जश्न: इन्हें छोड़ Twitter ने सस्पेंड किया कंगना का हैंडल

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत का ट्विटर हैंडल सस्पेंड कर दिया गया है। कंगना रनौत ने पश्चिम बंगाल में TMC के गुंडों द्वारा की जा रही हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाई थी, जिसके बाद हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप में ट्विटर ने उनका हैंडल हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया। लेकिन, खुलेआम हत्या की बात करने वाले अमानतुल्लाह खान और एक पत्रकार की असामयिक मौत का जश्न मनाने वाले शरजील उस्मानी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आइए, आपको याद दिलाते हैं कि कैसे तथाकथित एक्टिविस्ट शरजील उस्मानी और AAP विधायक अमानतुल्लाह खान की करतूतों के बावजूद ट्विटर ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। शरजील उस्मानी आजतक के एंकर रोहित सरदाना की मौत की खबर के तुरंत बाद उन्हें ‘Sociopath’ ‘genocide enabler’ और ‘pathological liar’ कहा था। साथ ही उनकी मौत पर जश्न माने को जायज ठहराया था।

इसी तरह अमानतुल्लाह ने ट्विटर पर लिखा था, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं, इस नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनों काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का कानून हमें इसकी इजाज़त नहीं देता, हमें देश के संविधान पर भरोसा है और मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस इसका संज्ञान ले।” ट्विटर ने इस ट्वीट को डिलीट कर के इतिश्री कर ली और उनका हैंडल सस्पेंड नहीं हुआ

जबकि कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा पर कार्रवाई करने की अपील की तो ट्विटर ने उनके हैंडल को हटा दिया। लोग इसे कंपनी का दोहरा रवैया बता रहे हैं। इससे पहले ट्विटर पर पीएम मोदी को नरसंहारक बताया गया था, जिस पर केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया था। कंगना रनौत ने सस्पेंशन के बाद कहा है कि उनके ट्विटर हैंडल को हटाए जाने से ज्यादा ज़रूरी है बंगाल हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाना।

‘यदि राज्य, केंद्र सरकार तत्काल कार्रवाई नहीं करती, तो हिंदुओं को खुद ही बचाव करना होगा’: बंगाल हिंसा पर VHP

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की निंदा करते हुए राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की माँग की है। संगठन द्वारा जारी बयान में, विहिप ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बहाने राज्य में हिंसा, आगजनी और बर्बरता की घटनाओं ने न केवल देश को शर्मसार किया है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।

राज्य में मतगणना के दौरान प्रारंभ हुए अनेक प्रकार के अनवरत हमलों पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए विहिप के केंद्रीय महा-मंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि बंगाल में हिंदू समाज भयाक्रांत है और जिनके पास राज्य की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी है वे अपनी आँखें मूँदे बैठे हैं।

उन्होंने कहा, “राज्य के लगभग हर हिस्से से लगातार यही खबरें आ रही हैं कि हिन्दू घरों, मंदिरों, बस्तियों, बहिन-बेटियों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को टीएमसी के कार्यकर्ता व जिहादी तत्व सरेआम हिंसा, आगजनी व लूटपाट का शिकार बना रहे हैं। अनेक हिंदुओं को राजनैतिक प्रतिद्वंदियों द्वारा लगातार धमकियाँ भी दी जा रही हैं तथा इन सब मामलों में स्थानीय पुलिस-प्रशासन मूक दर्शक बन तमाशा देख रहा है। ये हिंसा अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की जान ले चुकी तथा अनेक घर, दुकानें, मंदिर, बस्तियाँ व व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वाह हो चुके हैं। हिंसा की शिकार हुतात्माओं के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए विहिप महामंत्री ने माँग की कि राज्य शासन हिंसा के तांडव को अबिलंब रोक कर दंगाइयों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करें।”

बता दें कि राज्य के हर कोने से रिपोर्ट आ रही है कि भाजपा समर्थकों की संपत्तियों को नष्ट किया जा रहा है। कई रिपोर्टों में कहा गया कि महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया था लेकिन पुलिस ने दावों से इनकार किया है।

परांडे ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के उदासीन रवैए को गंभीरता से लेते हुए अब केंद्र सरकार भी यथोचित कार्यवाही करें। जहाँ सुरक्षा-बल तक सुरक्षित ना हों वहाँ सामान्य नागरिकों का क्या हाल होगा, यह आसानी से समझा जा सकता है। वर्तमान शासन व राजनैतिक नेतृत्व द्वारा क्षुद्र राजनैतिक विद्वेष से अपने ही नागरिकों पर हो रहे भीषण अत्याचारों पर मूकदर्शक बन मुँह मोड़ लेना हिंसा को बढ़ावा देने से कम नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में हिन्दू समाज को भी अपनी रक्षा का पूर्ण अधिकार है, जिसका वह प्रयोग करेगा।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा

बता दें कि पश्चिम बंगाल में 2 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए गए हैं, जिसके बाद से ही राज्य में हिंसा का दौर जारी है। बंगाल के कई जिलों में तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट, रेप और हत्या होने की शिकायत सामने आई है।

भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि नंदीग्राम, कोलकाता, आसनसोल समेत कई इलाकों में उनके समर्थकों, कार्यकर्ताओं की दुकानें लूट ली गई हैं, घरों में आग लगाई गई है। इतना ही नहीं महिलाओं के साथ रेप किया गया है, जबकि कई कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है।कैलाश विजयवर्गीय का दावा है कि नतीजों के बाद से बंगाल में 9 बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। इनमें से 6 नाम सामने आ चुके हैं। जगदाल में शोभा रानी मंडल, राणाघाट में उत्तम घोष, बेलेघाट में अभिजीत सरकार, सोनारपुर दक्षिण में हरोम अधिकारी, सीतलकुची में मोमिक मोइत्रा और बोलपुर में गौरब सरकार की हत्या का बीजेपी ने दावा किया है।

भारत बँटवारे के समय हुई थी ऐसी घटनाएँ: बंगाल हिंसा पर पीड़ितों के घर पहुँचे जेपी नड्डा, महिला आयोग ने भी कार्रवाई की माँग

पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के मद्देनजर आज (मई 4, 2021) भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) ने कोलकाता पहुँचकर तृणमूल कॉन्ग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि वह लोकतांत्रिक लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

नड्डा ने कहा, “हम इस विचाराधारा की लड़ाई और टीएमसी की गतिविधियाँ जो असहिष्णुता से भरी हैं, उसके खिलाफ लड़ने को प्रतिबद्ध हैं। हम लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने को तैयार हैं। मैं अब साउथ परगना 24 जाऊँगा और चुनाव परिणाम आने के कुछ ही घंटों बाद मारे गए पार्टी कार्यकर्ताओं के घरों का दौरा करूँगा।”

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा  “पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद जो घटनाएँ देखने और सुनने को मिली हैं वो हमें हतप्रभ करती हैं, चिंता में डालती हैं। मैंने ऐसी घटनाओं के बारे में भारत के बँटवारे के वक्त सुना था। हमने स्वतंत्र भारत में चुनाव परिणाम के बाद कभी ऐसी असहिष्णुता नहीं देखी।”

बता दें कि मीडिया से बात करने के बाद जेपी नड्डा राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के साथ उन कार्यकर्ताओं के घर पहुँचे, जिनके घरों को हिंसा में निशाना बनाया गया। इधर, नंदीग्राम में महिलाओं के साथ हुई हिंसा पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए जाँच की माँग उठाई है। डीजीपी को लिखे अपने पत्र में आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने त्वरित कार्रवाई की माँग की है।

बता दें कि बंगाल में लगातार हिंसक घटनाएँ दर्ज होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्यपाल धनखड़ से फोन पर बात करके चिंता जताई। इसके बाद गवर्नर धनखड़ ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी ने कॉल किया था और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्ति की। मैंने भी इस पर चिंता जताई और बताया कि राज्य में तोड़फोड़, लूट और हत्याओं का दौर लगातार जारी है। राज्य में कानून व्यवस्था को संभालने के लिए तत्काल एक्शन लिए जाने की जरूरत है।”

उल्लेखनीय है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर भाजपा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर घटनाओं पर सीबीआई जाँच की माँग की गई है। ये याचिका भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट में दी। भाटिया ने याचिका में माँग की कि सुप्रीम कोर्ट बंगाल सरकार से रिपोर्ट मँगाकर पूछे कि आखिर चुनाव नतीजों के बाद हुई हिंसा को रोकने के लिए उसकी ओर से क्या कदम उठाए गए हैं।