Home Blog Page 3826

‘मुस्लिम वोट ले गई TMC, अब लगता है मैं भी सांसद नहीं रहूँगा’: बंगाल में 44 से 0 होने पर बोले कॉन्ग्रेस के अधीर रंजन

पश्चिम बंगाल में हार के बाद जहाँ राहुल गाँधी ने TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी को बधाई दी थी, वहीं अब वहाँ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया दी है। बंगाल में भाजपा भले 3 से 77 सीटों पर पहुँच गई कॉन्ग्रेस शून्य पर सिमट गई। 2016 में पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस के पास 44 सीटें थीं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने अपनी पार्टी की इस दुर्गति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सारे मुस्लिम वोट TMC के खाते में चले गए, इसीलिए उनकी पार्टी की हार हुई। उन्होंने राज्य में अपने गठबंधन साथी लेफ्ट पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसने अपने वोट तृणमूल कॉन्ग्रेस को ट्रांसफर कर दिए। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के पिछड़ने के यही 2 कारण हैं। उन्होंने ये भी कहा कि इस चुनाव में कॉन्ग्रेस का कुछ भी दाँव पर नहीं था।

उन्होंने कहा कि जहाँ TMC अपनी सत्ता को बचाए रखना चाहती थी, भाजपा ने सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। बकौल अधीर रंजन चौधरी, कॉन्ग्रेस तो सिर्फ अस्तित्व के लिए लड़ रही थी। उन्होंने भाजपा पर मतों के ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी थी, लेकिन वो सफल नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में मुस्लिम ध्रुवीकरण हुआ है।

अधीर रंजन चौधरी ने सीतलकूची की उस घटना का भी जिक्र किया, जहाँ अर्धसैनिक बलों द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि ये चारों ही मुस्लिम थे, जिसके बाद ध्रवीकरण और तेज़ हुआ। उन्होंने TMC पर इन घटनाओं से फायदा उठाने का आरोप लगाया और कहा कि महिलाओं और मुस्लिमों ने ममता बनर्जी पर भरोसा किया। उन्होंने माना कि लेफ्ट के वोटों का एक हिस्सा TMC को ट्रांसफर हुआ है।

कॉन्ग्रेस ने इस चुनाव में लेफ्ट और मौलाना अब्बास अली की ISF के साथ गठबंधन किया था। अधीर रंजन ने कहा कि अब तक मुख्यतः मुस्लिम वोट कॉन्ग्रेस को ही मिलते आए थे। उन्होंने कहा कि जब हिन्दू वोट भाजपा को और मुस्लिम वोट ममता को चले गए तो हमारे लिए कुछ बचा ही नहीं। उन्होंने माना कि कॉन्ग्रेस इस चुनाव में जनता को कुछ प्रस्ताव या विजन देने में असफल रही। उन्होंने कहा कि ये इतनी बुरी हार है कि हमारे पास भविष्य के लिए कोई योजना ही नहीं है।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए इंटरव्यू में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस स्थिति में उन्हें भी ‘पूर्व सांसद’ कहा जा सकता है, क्योंकि परिस्थितियाँ इसी ओर इशारा कर रही है कि वो अब ‘पूर्व सांसद’ ही हो जाएँगे। हालाँकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि नरेंद्र मोदी सरकार की विश्वसनीयता गिरने के साथ ही सब कुछ ठीक होगा। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस फेसबुक-ट्विटर छोड़ सड़क पर नहीं उतरी तो ये मौका भी चला जाएगा।

PM मोदी ने बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हो रही हिंसा पर जताई चिंता, राज्यपाल धनखड़ ने फोन पर बताई हालात

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद खूनी खेल शुरू हो गया है। राज्य में कई जगहों पर राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ हो रही हैं। जगह-जगह तोड़फोड़ और आगजनी हो रही है तो घरों में घुसकर लोगों को मारा-पीटा जा रहा है। लूटपाट की जा रही है तो कई लोगों को मौत के घाट भी उतार दिया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसाओं के साथ राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर दु:ख जताया है। प्रधानमंत्री ने बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से फोन पर बात करते हुए हालात पर चिंता व्यक्त की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन पर बातचीत की जानकारी राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने खुद दी है। उन्होंने मंगलवार (मई 4, 2021) दोपहर को ट्वीट करते यह जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा है, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फोन पर बात कर बंगाल में जारी हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की है। मैंने पीएमओ को हिंसा संबंधी बर्बरता, आगजनी की गंभीर चिंताओं को साझा किया है। यहाँ लूट और हत्याएँ बेरोकटोक जारी हैं। इस पर नियंत्रण बहुत ही जरूरी है।”

इससे पहले राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) पी नीरजनयन और कोलकाता पुलिस (CP) कमिश्नर सोमेन मित्रा से इस मसले पर तत्काल रिपोर्ट तलब किया। डीजीपी और कोलकाता सीपी ने राज्यपाल से मुलाकात कर मंगलवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया था। मगर इसके बावजूद राज्य में हिंसा थम नहीं रही है। राज्यपाल ने मंगलवार को ट्वीट किया, “रिपोर्ट्स भयावह स्थिति को दर्शाती हैं। भयभीत लोग खुद को बचाने के लिए भाग रहे हैं। एसओएस में अपील की बाढ़ आ गई है। हत्या और विनाश का तांडव मचाया जा रहा है। संवैधानिक मूल्यों के प्रति इस तरह के संबंध को नहीं माना जा सकता। सीएम ममता बनर्जी व्यवस्था को सँभाले।”

बता दें कि पश्चिम बंगाल में 2 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए गए हैं, जिसके बाद से ही राज्य में हिंसा का दौर जारी है। बंगाल के कई जिलों में तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट, रेप और हत्या होने की शिकायत सामने आई है।

भारतीय जनता पार्टी ने भी आरोप लगाया है कि नंदीग्राम, कोलकाता, आसनसोल समेत कई इलाकों में उनके समर्थकों, कार्यकर्ताओं की दुकानें लूट ली गई हैं, घरों में आग लगाई गई है। इतना ही नहीं महिलाओं के साथ रेप किया गया है, जबकि कई कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है।

कैलाश विजयवर्गीय का दावा है कि नतीजों के बाद से बंगाल में 9 बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। इनमें से 6 नाम सामने आ चुके हैं। जगदाल में शोभा रानी मंडल, राणाघाट में उत्तम घोष, बेलेघाट में अभिजीत सरकार, सोनारपुर दक्षिण में हरोम अधिकारी, सीतलकुची में मोमिक मोइत्रा और बोलपुर में गौरब सरकार की हत्या का बीजेपी ने दावा किया है।

इंडिया टुडे ने कहा कि बीजेपी ने ननूर में तृणमूल के गुंडों पर अपनी दो महिला कार्यकर्ताओं के साथ गैंगरेप का आरोप लगाया है। हालाँकि पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर इसे नकार दिया। इंडिया टुडे के एग्जीक्यूटिव एडिटर दीप हालदार ने भी बंगाल बीजेपी के हवाले से ट्वीट कर कहा था कि बीरभूम में भाजपा की दो महिला पोल एजेंट के साथ गैंगरेप हुआ है और कई महिलाओं को प्रताड़ित किया गया है। हालदार बंगाल में वामपंथी शासनकाल में हुए मरीचझापी नरसंहार पर किताब भी लिख चुके हैं।

Exclusive: ट्विटर सस्पेंशन के बाद बोलीं कंगना- बंगाल हिंसा पर रखें फोकस, मेरा अकांउट मायने नहीं रखता

पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा पर मुखर होकर बात रखने के लिए माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने आज (मई 4, 2021) बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत का अकाउंट सस्पेंड कर दिया। ट्विटर ने कहा कि ये कार्रवाई नियमों के उल्लंघन पर हुई है। वहीं कंगना रनौत ने इस कार्रवाई को पक्षपाती और अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा है कि पश्चिम बंगाल में हिंसा रोकने के लिए लोगों को लगातार आवाज उठानी चाहिए।

ऑपइंडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा, “मैं सभी से अनुरोध करना चाहती हूँ कि बंगाल हिंसा पर ध्यान केंद्रित रखें और नरसंहार को रोकने के लिए सरकार पर दबाव डालें। पूरा ध्यान निलंबन (मेरे ट्विटर अकाउंट) पर चला गया है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं कई प्लेटफार्मों के माध्यम से आ सकती हूँ। इसे विवाद मत बनाइए।” 

जब अकाउंट सस्पेंड पर ट्विटर द्वारा दी गई वजह पर कंगना से सवाल पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह सिर्फ़ उन लोगों को न्याय दिलाने के बारे में बात कर रही थीं, जिन्हें टीएमसी की प्रचंड जीत के बाद मार डाला गया।

मीडिया रिपोर्ट्स में जहाँ बताया जा रहा है कि कंगना का अकाउंट हिंसा की माँग करने के कारण सस्पेंड किया गया, वहीं कंगना ने ऑपइंडिया को कहा कि उन्हें ट्विटर की ओर से अलग से ऐसी कोई वजह नहीं बताई गई है।

उन्होंने कहा कि वह राज्य में हिंसा के लिए नहीं बोल रहीं थी, बल्कि राज्य भर में हो रही हिंसा, जिसमें अधिकतर भाजपा कार्यकर्ता मर रहे हैं, उसके मद्देनजर राष्ट्रपति शासन लागू करने की बात कह रही थीं। सीपीएम और कॉन्ग्रेस के स्थानीय नेता भी कह रहे हैं कि उनके अधिकारी और कार्यकर्ताओं पर ममता बनर्जी की टीएमसी के गुंडों ने हमला किया।

कंगना ने बताया कि उनके अकाउंट सस्पेंड होने के कुछ मिनटों पहले उन्होंने एक वीडियो मैसेज रिलीज किया था। इसमें उन्होंने राष्ट्रपति शासन लागू करने की माँग की। उन्होंने पूछा कि मीडिया को आखिर क्यों चिंता नहीं है और क्यों केंद्र सरकार राष्ट्रपति शासन लागू करने से डर रही है। 

नीचे जोड़ी गई वीडियो में देख सकते हैं कि कंगना अपनी बात कहते हुए कितनी परेशान हैं और रो भी रही हैं। वह कहती हैं, “जब मैंने ये वीडियो पोस्ट की। मात्र 15-20 मिनट में बाद मेरा अकाउंट सस्पेंड हुआ।”  इसके अलावा कंगना ने बताया कि उनके विरुद्ध बंगाल में कई मुकदमे भी दर्ज करवाए गए हैं।

कंगना ने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि ये मुद्दा उनकी ओर घूमे। उनके मुताबिक, “हमें जरूरतमंद लोगों से ध्यान हटाकर, मेरे जैसों पर इसे (ध्यान) लेकर नहीं आना है जिनके पास प्राइम टाइम शो या फिर बढ़िया समचार पत्रों में बात रखने की सुविधा है।”

वीडियो में क्या बोलीं कंगना?

रिलीज वीडियो में कंगना कहती हैं, “दोस्तों हम लोग देख रहे हैं कि बंगाल से बहुत ज्यादा डिस्टर्ब करने वाली खबरें सामने आ रही हैं। मर्डर हो रहे हैं। दंगे हो रहे हैं। गैंगरैप हो रहे हैं। घरों को जलाया जा रहा है। कोई भी लिबरल कुछ नहीं कह रहा है। कोई इंटरनेशनल मीडिया भी इसे खबर नहीं कर रहा है। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि ये कौन सी कॉन्सपिरेसी चल रही है इंडिया के खिलाफ। कोई बहुत बड़ी कॉन्सपिरेसी है। ये बहुत ही ज्यादा अननेचुरल है।”

उन्होंने कहा, “मैं सरकार की बहुत बड़ी सपोर्टर हूँ। मैं ये सब देख कर बहुत ज्यादा निराश हूँ। वहाँ पर खून की नदियाँ बह रही हैं। तो आप लोग धरना देना चाहते हैं। कड़ी निंदा करना चाहते हैं। क्यों डर गए हैं आपलोग देशद्रोहियों से? क्या अब देशद्रोही ये देश चलाएँगे? मुझे पता है कि हम लोग बुरी तरह से फँस गए हैं। इस वक्त पर जब प्रेसिडेंट रूल की जरूरत है। पंडित नेहरू ने 12 बार लगाया था। इंदिरा गाँधी ने 50 बार लगाया था। मनमोहन सिंह ने 10 बार लगाया था। हम किससे डर रहे हैं? क्या मासूमों की हत्या होगी और हम लोग सिर्फ धरना देंगे। मेरा सरकार से कहना है कि ये नरसंहार रोकिए और कड़े से कड़े कदम उठाइए।”

अदार पूनावाला करेंगे UK में ₹2400 करोड़ का निवेश, भारत में ‘ताकतवर’ लोगों से वैक्सीन के लिए मिली थीं धमकियाँ

हाल ही में भारत में कुछ ‘ताकतवर लोगों’ द्वारा वैक्सीन के लिए धमकी देने के आरोपों के बाद परिवार संग ब्रिटेन गए अदार पूनावाला की वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने अब ब्रिटेन में 240 मिलियन पाउंड (334 मिलियन डॉलर, करीब 2400 करोड़ रुपए) का निवेश करने का फैसला किया है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सोमवार (4 मई) को इसकी जानकारी दी। जॉनसन के डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पूनावाला की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) यूके में एक सेल्स ऑफिस, साथ ही वहाँ क्लीनिकल ट्रायल, रिसर्च और डेवलवमेंट में निवेश करने के साथ ही भविष्य में वैक्सीन का निर्माण भी कर सकती है।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) संख्या के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता है, और कम लागत वाले एस्ट्राजेनेका कोरोनावायरस डोज के उत्पादन में सबसे आगे रहा है।

SII ने यूके में कोरोनोवायरस के लिए वन-डोज नाक के टीके के प्रथम चरण का ट्रायल भी शुरू कर दिया है।

डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट की योजनाएँ भारत के साथ 1 अरब डॉलर (7300 करोड़ रुपये) के व्यापार और निवेश सौदों के व्यापक पैकेज का हिस्सा हैं, जिससे 6,500 से अधिक नौकरियों के पैदा होने की उम्मीद है।

भारत में कुछ ताकतवर लोगों की धमकियों से परेशान पूनावाला चले गए थे ब्रिटेन

अदार पूनावाला ने ब्रिटेन जाने के बाद एक इंटरव्यू में भारत में कुछ ताकतवर लोगों द्वारा उन्हें पहले वैक्सीन दिए जाने को लेकर लगातार धमकी देने और परेशान करने का आरोप लगाया था।

पूनावाला ने कहा था भारत के कुछ सबसे ताकतवर लोग फोन करके उनसे कोविशील्ड वैक्सीन देने की माँग कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि उनके पास भारत के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और व्यावसायिक लोगों के फोन आ रहे हैं और वैक्सीन को लेकर सारा दबाव उनके ऊपर आ गया है।

केंद्र सरकार ने वैक्सीन पर मचे घमासान के बीच अदार पूनावाला को वाई प्लस सिक्योरिटी देने का फैसला किया, लेकिन इसके कुछ दिनों बाद ही वह ब्रिटेन चले गए। हालाँकि, उन्होंने जल्द ही स्वदेश वापस लौटने के भी संकेत दिए हैं।

पूनावाला के ब्रिटेन जाने के बाद इंडिया टुडे के न्यूज डायरेक्टर राहुल कँवल ने भी दावा किया था शिवसेना के नेताओं ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के सीईओ अदार पूनावाला को कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर धमकी दी थी। हालाँकि, शिवसेना द्वारा नाराजगी जताए जाने के बाद कँवल ने अपना बयान वापस लेते हुए इस मामले में माफी माँग ली थी।

हिटलर को भाता था सेक्स के दौरान मुँह पर महिलाओं का पेशाब करना: नए डॉक्यूमेंट्री से खुलासा

जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर पर ‘Hitler’s Secret Sex Life’ नाम से एक डॉक्यूमेंट्री रिलीज हुई है। ये डॉक्यूमेंट्री हिटलर के यौन मनोविज्ञान पर प्रकाश डालती है। इसमें उन दावों की पड़ताल है जिनमें हिटलर को पोर्न एडिक्ट बताया गया और कहा गया कि वह चुपके से दूसरों को संभोग करता देख आनंद पाता था।

इस डॉक्यूमेंट्री, जिसे स्काई हिस्ट्री पर रविवार को रिलीज किया गया, इसमें बताया गया है कि हिटलर को सेक्स के दौरान उसके ऊपर पेशाब करने वाली महिलाएँ पसंद थीं और उसके संबंध अपनी भतीजी से भी थे। इन सबके अलावा वह सेक्स के दौरान चाहता था कि महिलाएँ उसे मुक्का मारें। फिर वह ऐसी स्थिति (शारीरिक या मानसिक पीड़ा पाकर खुद सुख लेना) का आनंद लेता था।

डॉक्यूमेंट्री कहती है कि हिटलर के बारे में दावे हैं कि वह इच्छाओं पर संयम रखने वाला, वेश्यावृत्ति के ख़िलाफ़ बोलने वाला और कम कामुक मर्दों को कमजोर और दयनीय बताता था। वह वेश्याओं और स्ट्रिपर्स को प्राइवेट कार्यक्रमों में निमंत्रण देता था। कथित तौर पर नाजी के आधिकारिक फोटोग्राफर हेनरिक हॉफमैन को अश्लील फिल्में सप्लाई करने का काम दिया गया था, जिन्हें हिटलर रात के अँधेरे में देखता था। 

भतीजी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

डॉक्यूमेंट्री कहती है कि हिटलर के अपनी भतीजी गेली रॉबल (Geli Raubal) से संबंध थे, जो बाद में जर्मनी के मुनिक में मृत पाई गई। फिल्म में दिखाया गया है कि गेली के साथ हिटलर ने यौन संबंध बनाने के लिए जबरदस्ती की। संबंध लगभग 6 साल चला। फिर 1931 में वह मृत मिली जिसके बाद इस बात ने तूल पकड़ लिया कि हिटलर ने ही उसे मारा।

द सन पर प्रकाशित खबर के अनुसार, हिटलर अपनी भतीजी से कई घटिया चीजें करने को कहता था। जैसे वह उसे नंगा करता, अपने मुँह पर बैठाता और उत्तेजित होने के बाद वह उसे अपने मुँह पर पेशाब करने को कहता था। गेली ने ऐसी हरकतों को बेहद घिनौना कहा था।

डॉक्यूमेंट्री में एक और किस्से का जिक्र है जहाँ हिटलर के साथ सेक्सुअली एक्टिव होने के बाद अभिनेत्री रेनेटा मुलर की मृत्यु हो गई थी। एक्ट्रेस ने भी बताया था कि हिटलर उनसे उसे मारने को कहता था। मुलेर ने कथित तौर पर फिल्म निर्देशक अल्फ्रेड जेसलर को कहा था कि वह हिटलर को लगातार मारती थी, क्योंकि वह खुद ही जमीन पर लेटकर उसे ऐसा करने को कहता था।

इसके अलावा इसमें उन अफवाहों पर भी प्रकाश डाला गया है जिसमें हिटलर अपनी 13 साल की प्रेमिका इवा ब्रॉन के साथ सेक्स नहीं कर पाया था। इवा की गायनाकोलॉजिस्ट ने कथित तौर पर दावा किया था कि उसकी योनि इतनी कसी हुई थी कि सेक्स उसके लिए बेहद पीड़ादायक होता। वहीं उसकी हेयर ड्रेसर ने दावा किया था कि उन्हें इवा ने खुद बताया कि हिटलर ने कभी उसके साथ सेक्स नहीं किया।

वैज्ञानिक गोबर्धन दास परिवार सहित ‘नजरबंद’, घर को घेर TMC के गुंडों ने फेंके बम: गृह मंत्रालय भेज रहा CRPF

पश्चिम बंगाल में TMC की जीत के बाद से उसके गुंडे हिंसा का ऐसा तांडव मचा रहे हैं कि भाजपा तो दूर, कॉन्ग्रेस और वामदल तक भी हाहाकार कर उठे हैं। राज्य में 100 से अधिक भाजपा दफ्तरों और कार्यकर्ताओं के घरों को तहस-नहस कर दिया गया है। दो महिला पोल एजेंट्स के साथ गैंगरेप की खबर है, जिसे बंगाल पुलिस फेक बता रही है। अब पूर्बस्थली उत्तर से भाजपा उम्मीदवार पर हमला हुआ है।

खबर आ रही है कि पूर्बस्थली उत्तर से भाजपा के उम्मीदवार और वैज्ञानिक गोबर्धन दास पर हमला हुआ है। तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने ऐसा आतंक मचाया कि उनकी जान पर बन आई। वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से गोबर्धन दास की सुरक्षा की गुहार लगाई। उस गाँव में भाजपा कार्यकर्ताओं के कई घरों को ध्वस्त किया गया है और तोड़फोड़ मचाई गई है।

दास के घर पर भी तोड़फोड़ मचाई गई। TMC के गुंडों ने उनके घर को चारों तरफ से घेर लिया, जिससे वे और उनका परिवार अंदर ही नज़रबंद हो गया। साथ ही उनके घर पर बाकी भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों की तरह क्रूड बम भी फेंके गए। आनंद रंगनाथन ने कहा है कि बमबारी के बीच वे घिरे हुए हैं। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय से मदद माँगी, जिस पर संज्ञान लिया गया और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

बकौल आनंद रंगनाथन, गृह मंत्रालय ने गोबर्धन दास से संपर्क किया है और आश्वासन दिया है कि CRPF जल्द ही उनके गाँव में पहुँचेगी। गोबर्धन दास JNU में मॉलिक्यूलर मेडिसिन में प्रोफेसर हैं। साथ ही वे अमेरिका के हस्टन मेथोडिस्ट हॉस्पिटल में बतौर ‘पैथोलॉजी एंड जीनोमिक मेडिसिन’ के एडजसेन्ट प्रोफेसर भी कार्यरत हैं। भाजपा ने उन्हें इस बार टिकट दिया था।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने DGP और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को तलब कर रिपोर्ट माँगी थी, लेकिन अब तक उन्हें हिंसा की रिपोर्ट नहीं दी गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज मृत भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों से मिलेंगे। भाजपा ने 5 मई को धरने का ऐलान भी किया है। भाजपा ने अपने 9 कार्यकर्ताओं की हत्या की सूचना दी है।

बता दें कि 1 दिन पहले ही राजधानी कोलकाता में स्थित ABVP के दफ्तर में तृणमूल कार्यकर्ता घुस गए और उन्होंने वहाँ जम कर तोड़फोड़ मचाई। साथ ही वहाँ मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी हुई। ABVP ने ये भी आरोप लगाया है कि TMC के गुंडों ने जान-बूझकर माँ काली और भगवान हनुमान की प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ की। ABVP की महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि जिन्होंने भी ममता बनर्जी के खिलाफ बोला, उनका खून बहाया जा रहा है।

बंगाल में हिंसा के जिम्मेदारों पर कंगना रनौत ने माँगा एक्शन तो ट्विटर ने अकाउंट किया सस्पेंड

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में तृणमूल कॉन्ग्रेस की जीत के बाद से लगातार हिंसा की खबरें आ रही हैं। टीएमसी के गुंडों पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के आरोप लग रहे हैं। हिंसा के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की माँग के बाद ट्विटर ने कंगना रनौत का अकाउंट सस्पेंड कर दिया है।

इससे पहले बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने हिंसक घटनाओं को लेकर सिलसिलेवार ट्वीट कर नाराजगी जताई है। कंगना ने लिखा, “धिक्कार है हर उस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया टट्टू को जो इस नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं। जिन्होंने इन खून की प्यासी राक्षसी को बढ़ावा दिया। भारत याद रखो ये हिंदू राष्ट्रवादियों की मृत्यु नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की मृत्यु है।”

अपने दूसरे ट्वीट में कंगना ने एक भाजपा कार्यकर्ता की तस्वीर शेयर की। इस पर उन्होंने लिखा, “टीएमसी गुंडों ने किया भाजपा कार्यकर्ता के साथ गैंगरेप। इंदिरा गाँधी ने 39 बार आपातकाल लगाया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से कह दिया कि भारत इस बात की परवाह ही नहीं करता कि आप क्या सोचते हो, भाड़ में जाओ। ये गवार खून का प्यासा देहाती देश मोदी के प्यार की भाषा नहीं जानते, इन्हें डंडा चाहिए।”

बिना नाम लिख कंगना ने लिखा है, “मैं गलत थी, वह रावण नहीं है। वह तो सबसे अच्छा राजा था दुनिया में सबसे अच्छा देश बनाया, महान ऐडमिनिस्ट्रेटर था, विद्वान था और वीणा बजाने वाला और अपनी प्रजा का राजा था। वह तो खून की प्यासी राक्षसी ताड़का है। जिन लोगों ने उसके लिए वोट किया, खून से उनके हाथ भी सने हैं।”

कंगना रनौत ने बंगाल में राष्ट्रपति शासन के हैशटैग के साथ कैलाश विजयवर्गीय द्वारा शेयर की गई वीडियो पर टिप्पणी दी। उन्होंने वीडियो में औरतों को टीएमसी समर्थकों द्वारा पिटता देख कहा, “ये होता है जब दैत्य सत्ता पाते हैं… अधर्म की धर्म पर जीत हुई।”

ननूर के हालातों पर वह बोली, “यह भयावह है। हमें गुंडई के सफाए के लिए सुपर गुंडई की जरूरत है। ये एक दानव है। इसके अंत के लिए मोदी जी अपना 2000 से पहले वाला विराट रूप दिखाना होगा।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माँग करते हुए कंगना ने कहा, “ये नरसंहार रुकना चाहिए। अब तक 30 लोगों की हत्या हो गई है। अमित शाह कृपया अपने कार्यकर्ताओं को बचाओ। वो घर, दुकानें, व्यापार और जिंदगी सब गवा रहे हैं। कृपया उन्हें बचाएँ।”

गौरतलब है कि बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से वहाँ हिंसा की खबरें आ रही हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का कहना है कि नतीजों के बाद उनकी पार्टी के करीब 100 दफ्तरों और कार्यकर्ताओं के घरों को तबाह कर दिया गया और कुछ को आग के हवाले कर दिया गया है। वहीं ममता बनर्जी सब कुछ देखते हुए इन घटनाओं से ये कहकर किनारा कर रही हैं कि जब तक वो शपथ नहीं ले लेतीं, कानून-व्यवस्था उनके हाथ में नहीं है। 

‘निर्दोषों पर FIR दर्ज कर रंगदारी वसूलते थे’: परमबीर सिंह पर क्रि​केट बुकी, कारोबारियों ने लगाए गंभीर आरोप

मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह पर रंगदारी और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। एक क्रिकेट बुकी समेत 3 लोगों ने उन पर ये आरोप लगाए हैं। साथ ही महाराष्ट्र के DGP के पास इस सम्बन्ध में अलग-अलग शिकायतें भी दर्ज कराई गई है। बुकी सोनू जालान, कारोबारी केतन तन्ना और नूर अहमद पठान ने DGP संजय पांडे के पास अप्रैल में ही शिकायत दर्ज कराई थी। स्थानांतरण के बाद से ही परमबीर सिंह घिरे हुए हैं।

इन तीनों ने अपनी-अपनी शिकायत की कॉपी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्य के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल को भी भेजी है। जालान ने कहा है कि 2018 में जब परमबीर सिंह ठाणे पुलिस प्रमुख थे, तब उन्होंने उनके खिलाफ ‘महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत कार्रवाई की थी। ये मामला रंगदारी से जुड़ा हुआ था। जालान ने अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी लिए हैं।

इस पत्र में उस समय ठाणे में तैनात प्रदीप शर्मा और 2 अन्य पुलिस अधिकारियों के नाम भी हैं, जो उस वक़्त ‘एंटी-एक्सटॉरशन सेल’ का हिस्सा थे। तीनों शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि परमबीर सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि वे अपने बयानों की जाँच के लिए भी तैयार हैं। परमबीर सिंह ने इस सम्बन्ध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

सोनू जालान पर एक बड़ा बेटिंग नेटवर्क चलाने का आरोप है। उसने कहा है कि परमबीर सिंह ने उससे 3.45 करोड़ रुपए वसूले थे। इस मामले की जाँच अब CID कर सकती है। जालान का आरोप है कि परमबीर सिंह ने जान-बूझकर विवादित अधिकारियों को अपने साथ रखा था। उसने प्रदीप शर्मा पर भी 45 लाख रुपए माँगने के आरोप लगाए। उसने कहा कि ये अधिकारी मिलकर निर्दोषों के खिलाफ FIR दर्ज करते थे और उनसे रंगदारी वसूलते थे।

जालान के अनुसार, एक समय तो परमबीर सिंह की केबिन में ही अधिकारियों ने उससे 10 करोड़ रुपए माँगे थे लेकिन मामला 3 करोड़ रुपए पर आकर सेटल हुआ। प्रदीप शर्मा ने कहा कि ठाणे पुलिस जालान की जमानत के खिलाफ कोर्ट गई है, इसलिए वह आधारहीन आरोप लगा रहा। उन्होंने कहा कि जालान के खिलाफ खुद 8-10 केस चल रहे हैं और अब वो घिर चुका है तो खुद को बचाने के लिए ये सब कर रहा।

परमबीर सिंह फ़िलहाल मुंबई के DG (होमगार्ड) हैं। मुकेश अम्बानी की एंटीलिया के बाहर बम भरी कार मिलने और उसमें मुंबई पुलिस के सचिन वाजे का नाम आने के बाद इस मामले से ठीक से न निपटने के आरोप में परमबीर का ट्रांसफर हुआ था। फिर उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर विभिन्न प्रतिष्ठानों से 100 करोड़ रुपए की वसूली के आरोप लगाए। देशमुख ने भी इस्तीफा दिया।

इससे पहले महाराष्ट्र पुलिस के ही एक इंस्पेक्टर भीमराव घडगे की शिकायत पर परमबीर के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर विदर्भ के अकोला जिले में दर्ज की गई थी। परमबीर और अन्य पुलिसकर्मियों पर 27 धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई। इनमें आपराधिक षड्यंत्र, सबूतों को नष्ट करने और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम), 1989 भी शामिल हैं।

परमबीर सिंह ने हाल ही में महाराष्ट्र के DGP संजय पांडे पर आरोप लगाया था कि वे उनके खिलाफ दर्ज किए मामलों को सेटल करने की बात कर रहे हैं, बशर्ते वो पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत को वापस ले लें।

‘3000 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर कस्टम में फँसे’: सोशल मीडिया पर वायरल दावे का फैक्टचेक

सोशल मीडिया पर हाल में एक पोस्ट वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया था कि सहायता के तौर पर विभिन्न संस्थानों से मिले 3000 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर कस्टम क्लीयरेंस के कारण फँसे हुए हैं। कथित तौर पर मैक्स अस्पताल के वकील कृष्णन वेणुगोपाल ने भी दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि 3000 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर कस्टम द्वारा रोक लिए गए हैं।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी बाद में यह दावा किया।

हालाँकि, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (Central Board of Indirect Taxes and Customs) ने इस मामले पर संज्ञान लिया और स्पष्ट किया कि 3,000 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर पर कस्टम क्लीयरेंस न मिलने की खबर, झूठी है।

CBIC ने बताया ऐसी कोई खेप सीमा शुल्क अधिकारियों के पास लंबित नहीं है। सीबीआईसी ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरों के आने के बाद, विभाग ने फील्ड फॉर्मेशन के साथ जाँच की और कन्फर्म किया कि ऐसी कोई खेप कस्टम्स के पास नहीं है।

बोर्ड ने यह भी कहा कि जो फोटो ट्विटर पर शेयर की जा रही है, अगर किसी को जानकारी है कि ये कहाँ है, तो इसके बारे में सूचना दी जाए, बोर्ड इस पर एक्शन लेगा।

सोशल मीडिया पर एनडीटीवी ने इस झूठ को फैलाया और इसके लिए उन्होंने जो तस्वीर इस्तेमाल की वो हकीकत में हॉन्गकॉन्ग से आए 300 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर की तस्वीर है। इसे 30 अप्रैल को एएनआई द्वारा ट्वीट किया गया था।

ट्वीट में बताया गया था कि 300 ऑक्सीजन कॉन्सट्रेटर हॉन्गकॉन्ग से 30 अप्रैल को आए, जिन्हें कस्टम से जल्द क्लियरेंस मिल गई है। CBIC की अपील है कि अगर किसी की जानकारी में ऐसे ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर हैं जो कस्टम में फँसे हैं तो वो उन्हें उसकी जानकारी दें। 

‘अब एक जोड़े के रूप में हम आगे नहीं बढ़ सकते’: बिल गेट्स और मिलिंडा ने की तलाक की घोषणा, टूटा 27 सालों का साथ

दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति और Microsoft के संस्थापक बिल गेट्स और उनकी पत्नी मिलिंडा ने तलाक लेने का फैसला लिया है। दोनों ने कहा, “हमें लगता है कि अब एक जोड़े के रूप में हम और आगे नहीं बढ़ सकते।” बिल और मिलिंडा पिछले 27 वर्षों से शादीशुदा थे। उन्होंने कहा कि काफी सोच-विचार करने के बाद और इस रिश्ते पर काफी काम करने के बाद उन्होंने निर्णय लिया है कि अब इस शादी को ख़त्म करना ही ठीक है।

मिलिंडा की बिल गेट्स से तब पहली बार मुलाकात हुई थी, जब उन्होंने 1980 में माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी शुरू की थी। दोनों मिल कर NGO ‘बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ चलाते हैं। ये NGO संक्रामक रोगों से गरीबों को बचाने और बच्चों के टीकाकरण का अभियान चलाने का दावा करता है। इसके लिए उन्होंने कई सौ करोड़ डॉलर्स खर्च किए हैं। दोनों की 2 बेटियाँ और एक बेटा है। बिल गेट्स और वॉरेन बफेट अक्सर अरबपतियों से अपने धन का एक हिस्सा समाजसेवा में दान करने की अपील करते रहे हैं।

बिल गेट्स की संपत्ति 130.5 बिलियन डॉलर (9.64 लाख करोड़ रुपए) है। उन्होंने 70 के दशक में माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना की और दुनिया की इसी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी के सहारे उन्होंने इतना धन कमाया। बिल और मिलिंडा ने अपने बयान में कहा, “पिछले 27 वर्षों से हमने अपने शानदार बच्चों का पालन-पोषण किया और एक ऐसा संगठन बनाया, जो पूरी दुनिया में लोगों को स्वस्थ और अच्छी ज़िंदगी जीने में सहायता कर रहा है।”

दोनों ने अपने संयुक्त बयान में कहा, “हम अब भी उस अभियान में विश्वास करते हैं, जो हमने शुरू किया था। हम इस संगठन के लिए काम करना जारी रखेंगे। लेकिन, अपने जीवन के अगले चरणों में हम एक पति-पत्नी के रूप में और विकसित नहीं हो सकते। अब हम जब नई ज़िंदगी शुरू करने जा रहे हैं, आप सबसे आग्रह है कि हमें इसके लिए प्राइवेसी और जगह दें।” बिल गेट्स 65 साल के हैं। मिलिंडा उनसे 9 वर्ष छोटी है।

1987 में मिलिंडा गेट्स ने मॉइक्रोसॉफ़्ट में बतौर प्रोडक्ट मैनेजर नौकरी शुरू की थी। उसी साल कंपनी के एक बिजनेस डिनर में दोनों साथ बैठे थे। इसके बाद दोनों एक-दूसरे को डेट करने लगे। बिल गेट्स ने एक बार बताया था कि दोनों एक-दूसरे का खूब ख्याल रखते थे और उनके पास दो ही विकल्प थे- ब्रेअकप या शादी। वहीं मिलिंडा के अनुसार, बिल इतना व्यवस्थित काम करते थे कि दिल के मामले में भी वो एक व्हाइटबोर्ड पर लिखते थे कि शादी करने के फायदे और नुकसान क्या-क्या हैं।

बिल गेट्स और मिलिंडा ने 1994 में लनाइ की द्वीप पर शादी रचाई थी। इस दौरान उन्होंने उस इलाके के सारे हेलीकॉप्टर्स को भाड़े पर ले लिया था, ताकि उस वक़्त कोई अनचाहा अतिथि ऊपर से न गुजरे। बिल गेट्स ने लगभग एक साल पहले माइक्रोसॉफ्ट बोर्ड से इस्तीफा देकर समाजसेवा में जीवन खपाने की बात कही थी। उनके फाउंडेशन ने कोरोना रिसर्च और वैक्सीन पर 1.7 बिलियन डॉलर (12.93 हजार करोड़ रुपए) खर्च किए हैं।