Home Blog Page 3917

‘इमरान’ ने पलटा ‘इमरान’ का फैसला: 7 दिन पहले मंत्री की हाँ, PM की कुर्सी पर बैठते ही ना: कॉमेडी कंट्री पाकिस्तान

पाकिस्तान ने भारत से कॉटन और चीनी के आयात को पुनः प्रारंभ करने का निर्णय रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान की सरकारी कमिटी ने भारत से आयात प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की थी किन्तु गुरुवार (1, अप्रैल) को कैबिनेट की मीटिंग में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कमिटी की सिफारिशों को खारिज करते हुए भारत से होने वाले आयात को खारिज कर दिया।

पहले यह खबर आम थी, अब खास बन गई है। कारण एक चुटकुला है। पाकिस्तान में इमरान खान नाम के एक मंत्री ने भारत के साथ व्यापार शुरू करने पर हामी भरी थी। हास्यास्पद यह है कि इमरान खान नाम के ही प्रधानमंत्री ने भारत के साथ व्यापार नहीं करने पर भी हामी भरी। और चुटकुला यह है कि मंत्री इमरान खान और प्रधानमंत्री इमरान खान दोनों एक ही इंसान है।

न्यूज18 द्वारा एक्सक्लूसिवली प्राप्त किए गए एक दस्तावेज के अनुसार 26 मार्च को इमरान खान ने वाणिज्य मंत्री के तौर पर कैबिनेट की आर्थिक समन्वयन समिति (ECC) की उन सिफारिशों को मंजूरी दी थी, जिसमें भारत से व्यापार संबंधों को पुनः प्रारंभ करने की बात कही गई थी। अब 6 दिनों के बाद इमरान खान ने ही प्रधानमंत्री के रूप में कमिटी की इन सिफारिशों को खारिज कर दिया।

न्यूज18 की खबर के अनुसार पाकिस्तान कैबिनेट से यह माँग की गई थी कि वो चीनी के आयात की स्वीकृति प्रदान करे। इस दस्तावेज में ‘भूमि और समुद्री मार्ग’ से आयातकों को 30 जून 2021 तक भारत से 3 लाख मिलियन टन के आयात की अनुमति देने की बात भी कही गई है। यह दस्तावेज 26 मार्च का बताया जा रहा है और उसमें यह भी कहा गया है कि भारत से व्यापार प्रारंभ करने के ECC के प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री इमरान खान ने वाणिज्य मंत्री के तौर पर विचार किया और उसे स्वीकृति प्रदान की।

फिर दिन आया गुरुवार यानी 1 अप्रैल। पाकिस्तान में भारत के साथ ‘द्विपक्षीय’ संबंधों पर ‘विचार-विमर्श’ करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। इसमें यह निर्णय लिया गया कि जब तक भारत, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 3701 को पुनः लागू नहीं करता, तब तक भारत के साथ किसी भी तरीके का व्यापार प्रारंभ नहीं किया जाएगा।

है ना चुटकुला! इमरान खान ने ही इमरान खान के निर्णय को पलट दिया और कहा कि भारत के साथ व्यापार प्रारंभ करने से कश्मीर के लोगों में पाकिस्तान के प्रति गलत धारणा विकसित होगी।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी कहा कि जब तक भारत जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करता, तब तक भारत-पाक संबंध सामान्य नहीं हो पाएँगे।

‘याद रखना सबके घर में माँ-बहन है’: हीरोइन से TMC कैंडिडेट बनी कौशानी बनर्जी धमका कर माँग रही वोट

हीरोइन से तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की उम्मीदवार बनीं कौशानी बनर्जी का एक वीडियो वायरल हो रहा। इसमें वह वोटरों को धमकाती दिख रही हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कौशानी कृष्णानगर (उत्तर) सीट से किस्मत आजमा रहीं हैं।

एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए वह एक उन्होंने एक शख्स को खींचा और पूछा, “तुम बीजेपी से हो? इधर आओ।” उसी समय तृणमूल कॉन्ग्रेस के ‘अति उत्साही’ कार्यकर्ता ‘जय बंगला’ का नारा लगाने लगते हैं। इसके बाद कौशानी बनर्जी कहती हैं, “सबके घर में माँ-बहन हैं। वोट देते समय याद रखना।”

(Video Courtesy: Youtube/News 18 Bangla)

माताओं-बहनों का संदर्भ देकर कौशानी ने यह जताने की कोशिश की कि बीजेपी को वोट देने पर उनकी परिवार की महिलाओं के साथ अत्याचार होगा। हालाँकि यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया है, लेकिन उनके बयान के कहने का यह मतलब निकाला जा रहा है कि टीएमसी के लिए मतदान नहीं करने से पार्टी का गुस्सा समाज की महिलाओं पर उतर सकता है।

बीजेपी की राज्य इकाई ने कौशानी बनर्जी की टिप्पणी के लिए तृणमूल कॉन्ग्रेस पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया, “इस तरह उन्होंने बंगाल की महिलाओं को धमकी दी, यह पिशी (ममता बनर्जी की) संस्कृति है। बंगाल की महिलाएँ निश्चित रूप से पीशी शासन के तहत सुरक्षित नहीं हैं।”

यह पहली बार नहीं है कि चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कॉन्ग्रेस के किसी उम्मीदवार ने डराने-धमकाने वाली रणनीति का सहारा लिया है। शुक्रवार (अप्रैल 2, 2021) को अलीपुरद्वार जिले के फलकता में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “केंद्रीय सुरक्षाकर्मी, जो बाहर से आए हैं, आपको डराने का प्रयास करेंगे। कल, उन्होंने नंदीग्राम में किया। चुनाव शुरू होने से लगभग 48 घंटे पहले, केंद्रीय सुरक्षा बल गाँवों में जाते हैं और लोगों को टीएमसी को वोट न देने के लिए डराते हैं। वे लोगों को टीएमसी के लिए मतदान करने के खिलाफ चेतावनी देते हैं।”

ममता बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल कॉन्ग्रेस को हराने के लिए केंद्रीय सुरक्षाकर्मी भाजपा के साथ मिलकर चाटुकारिता कर रहे हैं। फलकता के लोगों को हिंसक साधनों का सहारा लेने के लिए उकसाते हुए कहा, “उन्हें मत सुनो। अगर वे आपको डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं, तो आपको एकजुट होकर हँसुआ, लाठी और झाड़ू से उनका पीछा करना चाहिए।”

केरल की ननों के साथ बदसलूकी मामले में UP पुलिस ने 3 को किया गिरफ्तार, गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था आश्वासन

उत्तर प्रदेश के झाँसी में 19 मार्च 2021 को दो ननों समेत 4 महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने 19 मार्च को इन ननों पर धर्मांतरण करवाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी।

शुक्रवार को सर्कल ऑफिसर नीम खान मंसूरी ने बताया, “गुरुवार की रात, स्टेशन पर गश्त के दौरान, जीआरपी एसएचओ सुनील कुमार सिंह को सूचना मिली कि बुकिंग हॉल के पास दो व्यक्ति पुलिसकर्मियों के साथ बहस कर रहे हैं। वह आंदोलन शुरू करने की धमकी देते हुए दावा कर रहे थे कि पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई नहीं की और ननों को जाने दिया।”

उन्होंने बताया कि इससे पहले मामले में दोनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। लेकिन इस घटना के बाद पुलिस ने ननों के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में अंचल अरजरिया (Anchal Arjaria) और पुरुकेश अमारया (Purukes Amraya) को गिरफ्तार किया। बाद में पुलिस ने अजय शंकर तिवारी, जिन्होंने इस पूरे केस में सबसे पहले शिकायत की थी, उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।

द न्यूज मिनट के अनुसार, तीनों को पुलिस ने लोकल मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। मामले के प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने कहा कि बजरंग दल द्वारा दायर की गई शिकायत का कोई आधार नहीं था, इसलिए चारों महिलाओं को अगली ट्रेन से ओडिशा भेज दिया गया।

इस बीच साइरो मालाबार चर्च ने बयान जारी कर इसे सुनियोजित हमला बताया। वहीं केरल सीएम पिनरई विजयन ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खत लिख कर मामले में कार्रवाई की माँग की, जिस पर अमित शाह ने उन्हें जाँच का आश्वासन दिया।

अमित शाह ने कहा, “ननों के समूह के साथ हुई कथित बदसलूकी के मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मैं केरल के लोगों को यह आश्वासन देना चाहूँगा कि इस मामले के दोषियों को यथाशीघ्र न्याय के शिकंजे में लाया जाएगा।”

बता दें कि 19 मार्च को उत्तर प्रदेश के झाँसी में उत्कल एक्सप्रेस के कोच B-2 से यात्रा कर रहीं दो नन और दो ‘पोस्टुलेंट’ को रेलवे पुलिस ने ट्रेन से उतार कर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी कि दो महिलाओं को कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन के लिए ले जाया जा रहा है और इसके बाद इन नन को हिरासत में लिया गया।

अब NIA ने सचिन वाजे से जुड़ी मर्सिडीज बरामद की, एंटीलिया मामले में अब तक 8 गाड़ियाँ जब्त

एंटीलिया बम कांड में नया मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि एनआईए (NIA) ने आज मुंबई से एक और लग्जरी कार बरामद की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सफेद रंग की नई मर्सिडीज कार जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर MH 46 X 3420 है, उसे जब्त कर NIA कार्यालय लाया गया है। इसकी जाँच की जा रही है कि कार का सचिन वाजे और मनसुख हिरेन की मौत के मामले से कोई संबंध है या नहीं।

अब तक एनआईए ने इस केस में आधा दर्जन से अधिक वाहनों को जब्त किया है, जो कथित तौर पर वाजे द्वारा इस्तेमाल किए गए थे। व्हीकल रजिस्ट्रेशन डेटाबेस के अनुसार, कार मर्सिडीज एमएल 250 सीडीआई है, जो पनवेल आरटीओ से रजिस्टर है। इसके मालिक की पहचान गगनप्रीत सिंह बेदी के रूप में हुई है।

गौरतलब है कि एजेंसी ने सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद से 8 कारें बरामद की हैं। 30 मार्च को एनआईए ने नवी मुंबई से सचिन वाजे के नाम रजिस्टर एक महँगी कार मित्सुबिशी आउटलैंडर एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) जब्त की थी। इससे पहले एजेंसी ने 6 अन्य विभिन्न वाहनों को भी जब्त किया था, जो कथित तौर पर वाजे द्वारा उपयोग में लाई गई थी।

NIA को मीठी नदी से भी कई अहम सबूत हाथ लगे हैं। नदी से निकाले गए CCTV के 2 DVR जाँच एजेंसी को मिले। गोताखोरों ने नदी से दो CPU और एक ही नंबर की दो नंबर प्लेट निकाली थी। इसके साथ ही नदी से एक प्रिंटर भी निकाला गया था, जिसे कथित तौर पर वाजे के सहयोगी एपीआई (API) रियाज काजी द्वारा सबूत को नष्ट करने के लिए नदी में फेंक दिया गया था।

एआईए इसकी भी जाँच कर रही है कि वाजे ने इतनी कारों और नकली नंबर प्लेटों का इस्तेमाल क्यों किया। वहीं, विजय मधुकर नाडे ने दावा किया है कि उनकी कार 16 नवंबर, 2020 को औरंगाबाद के उद्धवराव पाटिल चौक से चोरी हो गई थी, जिसको लेकर उन्होंने FIR दर्ज कराई थी।

बता दें कि निलंबित पुलिस अधिकारी वाजे ने खुद 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास पार्क किए गए विस्फोटक से भरे स्कॉर्पियो में धमकी भरा पत्र रखा था। एनआईए ने खुलासा किया कि वाजे पहले स्कॉर्पियो के अंदर धमकी भरा पत्र रखना भूल गया था और बाद में इसे रखने के लिए वापस आया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाँच के दौरान, एनआईए अधिकारियों ने पाया कि वाजे ने एंटीलिया के पास बम से लदे वाहन को पार्क करने से लेकर धमकी भरे पत्र को कार के अंदर रखने तक की पूरी कवायद को खुद से कॉर्डिनेट किया था। एनआईए अधिकारियों ने निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए मुलुंड टोल कलेक्शन प्वाइंट से सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किया।

25 फरवरी को, मुंबई पुलिस ने बम से लदी स्कॉर्पियो से मुकेश और नीता अंबानी को संबोधित एक पत्र बरामद किया था, जिसमें दावा किया गया था कि यह विस्फोटक सिर्फ एक ’ट्रेलर’ है। गौरतलब है कि NIA द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद वाजे को 15 मार्च को सस्पेंड कर दिया गया था। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस ने उसके निलंबन का आदेश जारी किया था।

नाइजीरिया: बोको हराम का लड़ाकू विमान मार गिराने का दावा, मलबे और लाश के साथ वीडियो किया जारी

इस्लामिक आतंकी संगठन बोको हराम ने नाइजीरिया की वायु सेना का एक लड़ाकू विमान मार गिराने का दावा किया है। यह विमान 31 मार्च 2021 को देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से से लापता हो गया था। बोको हराम ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि इस विमान को उसके लड़ाकों ने मार गिराया है

रॉयटर्स की खबर के मुताबिक नाइजीरियाई वायु सेना का विमान ‘अल्फा जेट 475’ देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बोको हराम और उसकी शाखा ‘इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविन्स’ से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। वायु सेना इस विमान के सफल उपयोग का दावा करती रही है। ऐसे में बोको हराम के द्वारा इस विमान को मार गिराने के दावे से आतंकी संगठनों के खिलाफ नाइजीरिया के अभियान को झटका लगा है।

रॉयटर्स ने बताया है कि वीडियो में मास्क लगाए हुए एक आतंकी विमान के मलबे पर खड़ा है और वह विमान की पहचान नाइजीरियन वायु सेना के ‘अल्फा जेट 475’ के रूप में करता है। वीडियो में एक क्षत-विक्षत लाश भी दिखाई देती है। आतंकी कहता है, “तुम अपने विमान के इस पायलट को देख सकते हो जिसे तुमने अल्लाह के बंदों को नुकसान पहुँचाने के लिए भेज था। अल्लाह ने इसके साथ यही किया। यह आसमान से गिरा है और यदि तुमने यह सब बंद नहीं किया तो यही तुम्हारी सजा है।”

नाइजीरियन वायु सेना ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया था कि 31 मार्च को उनका लड़ाकू विमान ‘अल्फा जेट 475’ दो क्रू सदस्यों के साथ लापता हो गया। वायु सेना ने विमान के क्रैश होने की आशंका जताई थी। साथ ही बताया था कि बचाव एवं खोज अभियान चल रहा है।

ममता को नाराज नहीं, सिद्दीकी के साथ नहीं… बंगाल चुनाव से इसलिए गायब हैं कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ से लेकर ‘युवा’ नेता

पश्चिम बंगाल में सत्ता पाने के लिए जहाँ टीएमसी और बीजेपी एड़ी चोटी का जोर लगा रही है, वहीं दूसरी ओर अब तक कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता राज्य में चुनाव प्रचार तक में नजर नहीं आए हैं। सीएनएन न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्ग्रेस का कोई भी वरिष्ठ नेता राज्य में चुनाव प्रचार नहीं करना चाहता है। यही कारण है कि पश्चिम बंगाल में आठ में से दो चरणों का चुनाव संपन्न हो चुका है, लेकिन इस दौरान वहाँ कोई भी वरिष्ठ नेता चुनाव प्रचार करता दिखाई नहीं दिया।

बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी टीएमसी को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी का मुकाबला करने के लिए एक सहयोगी के रूप में देख रही है। यही कारण है कि वह राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर बीजेपी को कड़ी टक्कर दे रही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमस पार्टी को परेशान नहीं करना चाहती है। भले ही कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी सीएम और टीएमसी के खिलाफ बोलते रहे हैं, लेकिन पार्टी में अन्य लोग ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ कोई भी टिप्पणी करने से बचते हैं।

कॉग्रेस के सीएम के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं, इसलिए वे उन पर सीधा हमला करने से बच रहे हैं। भले ही पार्टी ने बंगाल में वाम मोर्चे के साथ गठबंधन करके ममता बनर्जी को काफी हद तक परेशान किया है, लेकिन कॉन्ग्रेस आलाकमान टीएमसी के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चलाकर उन्हें परेशान नहीं करना चाहती है।

यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता फुरफुरा शरीफ के मुस्लिम धर्मगुरु अब्बास सिद्दीकी के नेतृत्व में नवगठित भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा के साथ भी नहीं दिखना चाहते हैं, जो बंगाल में पार्टी के सहयोगी हैं। अब्बास सिद्दीकी के मुताबिक, ”यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि कॉन्ग्रेस पार्टी अब तक राज्य में चुनाव प्रचार में गायब है।”

खबरों के मुताबिक अधीर रंजन चौधरी ने भी सिद्दीकी के साथ मंच साझा करने से इनकार कर दिया है, क्योंकि वह इस्लामिक पार्टी से खुश नहीं हैं। वहीं जानकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह से बीजेपी ममता बनर्जी पर हमलावर है, उसकी वजह से टीएमसी के सामने मुश्किलें हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि ममता बनर्जी अब तक अपनी जिंदगी का सबसे कठिन चुनाव लड़ रही हैं।

अनजान शख्स के लिए PM मोदी ने रोका भाषण, फिर कहा – ‘किसी भी माँ के बेटे को बंदूक नहीं उठानी पड़ेगी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (अप्रैल 3, 2021) को असम के चुनावी दौरे पर तमुलपुर पहुँचे। पीएम मोदी यहाँ जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इन दोनों चरणों के बाद लोगों ने यह तय कर लिया है कि असम में फिर एक बार NDA सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि असम की पहचान का बार-बार अपमान करने वाले लोग, यहाँ की जनता को बर्दाश्त नहीं हैं। असम को दशकों तक हिंसा और अस्थिरता देने वाले, अब असम के लोगों को एक पल भी स्वीकार नहीं हैं। 

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि दो चरणों की वोटिंग के बाद आपके दर्शन करने का मुझे अवसर मिला है। इन दोनों चरणों के बाद असम में फिर एक बार एनडीए सरकार बनेंगी ये लोगों ने तय कर लिया है। 

पीएम ने कहा, मैंने सुना, “कल कुछ लोगों ने घोषणा कर दी है, उसमें उन्होंने मान लिया है कि वो चुनाव हार चुके हैं। अगली सरकार कैसी बनेगी, सरकार के लोगों ने क्या पहना होगा, वो कैसे दिखते होंगे, इसका उन्होंने वर्णन किया है। मेरा उन युवा साथियों से विशेष आग्रह है जो पहली बार वोट डालने जा रहे हैं। देश की आजादी के 75वें वर्ष का पर्व मनाते हुए आप जो वोट डालेंगे, वो इस बात को भी तय करेगा कि जब हम आजादी के 100 वर्ष मनाएँगे, तो असम कितना आगे होगा। भाजपा के संकल्प पत्र में इसके लिए स्पष्ट रोडमैप है।”

असम को हिंसा में झोंकने वाले लोगों को जनता ने नकार दिया है। असम की पहचान का बार-बार अपमान करने वाले लोग यहाँ की जनता को बर्दाश्त नहीं है। असम को कई दशकों तक हिंसा और अस्थिरता देने वाले, अब असम के लोगों को कतई स्वीकार नहीं है। असम के लोग अब विकास, स्थिरता, शांति और भाईचारा चाहता हैं। और इसी सद्भावना के साथ वे हैं।

हमारा तो मंत्र है सबका साथ, सबका विश्वास- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा तो मंत्र है सबका साथ, सबका विश्वास। उन्होंने कहा कि एनडीए के डबल इंजन सरकार ने पिछले पाँच सालों में असम को लोगों को दुगना लाभ दिया है। विकास हो रहा है और क्नेक्टिविटी में सुधार हुआ है। इस वजह से महिलाओं का जीवन भी सरल हो गया है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

सेक्यूलरिज्म और कम्यूनिज्म के खेल ने देश को नुकसान पहुँचाया

पीएम मोदी जब सभा को संबोधित कर रहे थे, उसी दौरान एक शख्स की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके बाद पीएम मोदी ने भाषण को बीच में रोककर कहा कि मेरे साथ जो मेडिकल टीम में डॉक्टर आए हैं, वो जाए और पीड़ित व्यक्ति की मदद करें। इसके बाद पीएम मोदी ने भाषण को आगे बढ़ाया। 

पीएम मोदी ने कहा कि देश में आज कुछ ऐसी गलत बातें फैलाई जा रही हैं, अगर हम समाज में भेदभाव करके, समाज के टुकड़े करके अपने वोट बैंक के लिए कुछ दे दें, दुर्भाग्य देखिए, उसे देश में सेक्युलरिज्म कहा जाता है। लेकिन अगर हम सबके हित में काम करें, बिना भेदभाव के सबके लिए करें तो कहा जाता है कि ये कम्युनल हैं, सेक्यूलरिज्म और कम्यूनिज्म के इस खेल ने देश को काफी नुकसान पहुँचाया है।

बिना भेदभाव के सबको सुविधाएँ दी हैं- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों को पक्का घर मिल रहा है, हर जनजाति को मिल रहा है, शौचालय या गैस कनेक्शन बिना भेदभाव सभी को मिला है। पीएम किसान योजना का  लाभ भी हर किसी को मिला है फिर वो छोटा हो या बड़ा किसान हो सभी को लाभ मिल रहा है। यही हमारा काम है। आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख का इलाज मुफ्त में मिला है। हमने कोई भेदभाव नहीं किया। यही हमारे सिद्धांत हैं। राजनीति से परे राष्टनीति के तहत जीने वाले लोग है हम।  हम जिंदगी खपाने वाले लोग है।

राज्य में हिंसा रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि रैली में इतनी तादात में आई महिलाओं को देखकर मैं बहुत खुश हूँ। उन्होंने कहा कि हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं कि राज्य के किसी भी बेटे को बंदूक नहीं उठानी पड़े। हमने बोडो समझौता किया है, जिससे असम में शांति की लहर है। अनेक माताओं के आँसू पोंछे गए। हमने अनेक बहनों की पीड़ा को दूर करने के लिए प्रयास किया। मैं यह सभी माताओं और बहनों को विश्वास दिलाता हूँ कि आपके बेटे के सपने पूरे करने के लिए हम लगे रहेंगे। आपके बच्चों को बंदूक न उठानी पड़े, उन्हें जंगलों में जिंदगी गुजारने को मजबूर न होना पड़े, और किसी की गोली का शिकार न होना पड़े, इसके लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है।

‘नरसिंहानंद की जुबान और गर्दन काट कर सजा देनी चाहिए…’: पैगंबर मोहम्मद की आलोचना पर AAP नेता अमानतुल्लाह

आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक अमानतुल्लाह खान ने पैगंबर मोहम्मद पर कथित आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए डासना देवी मंदिर के प्रमुख पुजारी यति नरसिंहानंद सरस्वती की जुबान और गर्दन काटने की माँग की।

अमानतुल्लाह खान ने यति नरसिंहानंद सरस्वती का इस्लाम की निंदा करता हुआ वीडियो शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं, इस नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनों काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का कानून हमें इसकी इजाज़त नहीं देता, हमें देश के संविधान पर भरोसा है और मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस इसका संज्ञान ले।”

यति नरसिंहानंद सरस्वती प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। यहाँ उन्होंने पैगंबर मोहम्मद की असलियत को उजागर करने के लिए हिंदुओं से निडर होने का आग्रह किया। यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा:

“अगर इस्लाम की असलियत, जिसके लिए मौलाना कहते हैं कि अगर मोहम्मद के बारे बोला तो सिर काट देंगे… हिंदू ये भय अपने दिमाग से निकाल दें। हम हिंदू हैं। हम राम के चरित्र की मीमांसा कर सकते हैं, हम परशुराम के चरित्र की मीमांसा कर सकते हैं, तो हमारे लिए मोहम्मद क्या चीज है? हम मोहम्मद की मीमांसा क्यों नहीं करेंगे और क्यों सच नहीं बोलेंगे?”

उन्होंने आगे कहा, “अगर आज मोहम्मद का सच दुनिया के मुसलमान को चल जाए तो उसे अपने मुसलमान होने पर शर्म आएगी। क्योंकि भगवान हर इंसान के अंदर एक अंतरात्मा देता है, जिसे पता होता है कि क्या अच्छा है, क्या बुरा है और जब किसी इंसान को पता चलेगा कि वो केवल एक चोर, लुटेरे, बलात्कारी को, औरतों की सौदागरी करने वाले को फॉलो कर रहा था, तो उसे शर्म आएगी। ये तो हिंदुस्तान के घटिया नेता और नकली धर्मगुरु हैं, जिन्होंने इस्लाम जैसी गंदगी का महिमामंडन कर दिया। अगर इस्लाम के बारे में खुल कर बोला जाता तो आज हम मुसलमान को अपने मुसलमान होने पर शर्म आती। उसे शर्म आती कि वो हिंदुओं के खाने में थूक रहा है, उसे शर्म आती कि उसने अपने भाई जैस दोस्त की पत्नी और बेटी पर गंदी निगाह डाली।”

गौरतलब है कि इससे पहले भी अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन का बचाव करने के लिए ’मुस्लिम कार्ड’ खेला था। उसने उसके खिलाफ ढेर सारे सबूतों को अनदेखा करते हुए दावा किया कि उसे सिर्फ इसलिए सजा दी जा रही है क्योंकि वह मुस्लिम है। बता दें कि खान पर खुद CAA विरोध प्रदर्शनों के दौरान 15 दिसंबर, 2019 को दिल्ली में हिंसा भड़काने का आरोप है।

‘हिंदी मीडियम’ वाली सबा कमर ने तोड़ी सगाई, मंगेतर अजीम पर यौन शोषण, रेप और मौत की धमकी देने के आरोप

पाकिस्तानी एक्ट्रेस सबा कमर ने मंगेतर अजीम खान के साथ रिश्ता खत्म करने का ऐलान किया है। ‘हिंदी मीडियम’ में इरफान के साथ नजर आ चुकी सबा ने सोशल मीडिया पर सगाई तोड़ने की घोषणा की है। साथ ही यह भी कहा है कि अजीम से वह जिंदगी में कभी नहीं मिली है। अजीम यौन शोषण, रेप और मौत की धमकी देने जैसे आरोपों से घिरा है।

सबा ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट लिखा है। इसके जरिए सगाई तोड़ने की जानकारी दी है। सगाई टूटने से वह काफी खुश हैं। नोट की शुरुआत में लोगों को अभिवादन के साथ स्माइली भी एड किया है। उन्होंने लिखा है, “सभी को हैलो, मैं एक बेहद जरूरी ऐलान करने जा रही हूँ। बहुत सारी निजी वजहों से मैं अजीम खान के साथ सगाई तोड़ रही हूँ।”

सबा ने आगे लिखा,“अब हम शादी नहीं कर रहे हैं। उम्मीद करती हूँ कि आप लोग मेरे फैसले को सपोर्ट करेंगे, जैसे आप हमेशा से करते आए हैं और मुझे लगता है कि कभी देर नहीं होती है अगर आपको, अगर आपको वक्त पर सच्चाई का पता चल जाए। मैं एक और चीज स्पष्ट कर देना चाहती हूँ, मैं अपनी जिंदगी में कभी भी अजीम खान से नहीं मिली हूँ। हम मोबाइल के जरिए एक-दूसरे से जुड़े रहे हैं। मेरे लिए ये बहुत कठिन वक्त चल रहा है, लेकिन भी बीत जाएगा। इंशाअल्लाह। आप सभी को ढेर सारा प्यार।”

‘मेरी तरफ की कहानी नहीं बताई है’

अजीम खान ने भी सबा कमर के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सबा के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, “उन्होंने मेरी तरफ की कहानी नहीं बताई है। हाँ, ये मेरी गलती थी।”

बता दें कि अजीम के साथ सगाई की घोषणा के कुछ दिनों बाद ही सबा की एक फैन उजाला ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख कर अजीम खान के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे। महिला ने आरोप लगाया कि अजीम खान खुद को महिला बता कर एक प्राइवेट महिला ग्रुप में शामिल हुआ और फिर वहाँ से निजी जानकारी को सार्वजनिक किया।

अजीम पर लगे थे यौन शोषण के आरोप

उजाला ने लिखा कि अजीम ने कई महिलाओं की जिंदगी बर्बाद किया, जिसमें वो भी शामिल हैं। उसने बताया कि वो महिलाओं के ग्रुप से उसकी फोटो लेकर सोशल मीडिया में पोस्ट करता था। इसके साथ ही महिला वहाँ पर जो भी प्राइवेट कंटेंट पोस्ट करती थी, उसे भी वह अपने पब्लिक सोशल मीडिया चैनल पर डालता था और अपने फॉलोवर्स को उसके ऊपर अटैक करने के लिए उकसाया। अजीम ने उसे रेप और मौत की धमकी दी। गंदे-गंदे मैसेज किए। महिला ने कहा कि यह तो सिर्फ एक उदाहरण है, इसके अलावा कई और महिलाएँ हैं, जिसे उसने रेप और मौत की धमकी दी। इस आरोप के बाद नेटिजन्स अजीम खान के कैरेक्टर को लेकर स्पष्टीकरण माँग रहे हैं।

Saba Qamar's boyfriend accused of death and rape threats
महिला ने अजीम खान पर लगाए गंभीर आरोप

अजीम के वीडियो का सबा ने किया था सपोर्ट

इन आरोपों के बड़ा अजीम ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्‍ट कर सफाई दी थी। हालाँकि उसने बाद में वीडियो डिलीट कर दिया। सबा कमर ने भी अजीम का सपोर्ट किया था। सबा ने अजीम के वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा था, “मुझे तुम पर भरोसा है।”

अजीम खान ने अपने वीडियो में कहा था, “मैं पिछले दो दिनों से ढेर सारा प्यार और सपोर्ट करने के लिए आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ। कुछ लोग ऐसे थे जिन्होंने अजीब बातें कही और मैं वीडियो मैसेज के जरिए उन्हें जवाब देना चाहता था। मैं सबा के पास्‍ट के बारे में नहीं जानता और न ही सबा को मेरे बीते हुए कल से कोई मतलब है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि लोग क्‍यों मेरे ऊपर फर्जी आरोप लगा रहे हैं। जबकि सच कुछ और है।”

क्‍या आरोपों के कारण टूटा है रिश्‍ता?

अजीम ने वीडियो में आगे कहा था, “आप किसी की जिंदगी सिर्फ शोहरत पाने के लिए बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए। हमारे लिए हमारा भविष्‍य मायने रखता है। यकीन मानिए हमें इससे फर्क नहीं पड़ता कि लोग हमारे बारे में क्‍या सोचते हैं।” हालाँकि, इन सारे मसलों के बाद सबा का यूँ सगाई तोड़ना सवाल पैदा करता है कि क्‍या यह सब अजीम खान पर लगे आरोपों की वजह से ही हुआ है।

राकेश टिकैत ने डिलीट मारा राजस्थान में काफिले पर हमले वाला ट्वीट, बीजेपी पर मढ़ा था दोष

भारतीय किसान यूनियमन (BKU) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने राजस्थान में अपने काफिले पर हुए हमले वाला ट्वीट डिलीट कर दिया है। इसमें उन्होंने बीजेपी पर हमले का आरोप लगाया था। हमला 2 अप्रैल को अलवर जिले में हुआ था। उस समय टिकैत हरसौरा में सभा को संबोधित करने जा रहे थे। पथराव में काफिले में शामिल गाड़ियों के शीशे टूट गए थे।

हमले की सूचना मिलने पर दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर टिकैत के समर्थकों ने नेशनल हाईवे 9 को जाम कर दिया। बाद में पुलिस हस्तक्षेप के बाद ट्रैफिक बहाल हुई थी।

टिकैत ने ट्विटर पर वीडियो साझा करते हुए लिखा था, “राजस्थान के अलवर जिले के ततारपुर चौराहा, बानसूर रोड पर बीजेपी के गुंडों द्वारा जानलेवा हमला किया गया, लोकतंत्र के हत्या की तस्वीरें।”

राकेश टिकैत द्वारा किया गया ट्वीट, जो अब डिलीट कर दिया गया है

टिकैत ने ‘हमले’ वाला ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन, फेसबुक पर इससे संबंधित पोस्ट हटाना भूल गए हैं। उन्होंने ट्वीट क्यों डिलीट किया यह नहीं बताया है। लेकिन, राजस्थान में हुई घटना को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाने को लेकर नेटिजन्स ने ​उनको निशाने पर लिया था।

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “राकेश टिकैत पर राजस्थान मे हमला। केजरीवाल से जब मीडिया दूर हो जाती थी वो बेचारा खुद अपने कार्यकर्ता से ही थप्पड़ खाकर मीडिया कवरोज बटोर लेता था टिकैत भी केजरी का ही गुर्गा है मीडिया इसको घास नहीं डाल रही तो कभी ओडिशा तो कभी राजस्थान में अपने ही कार्यकर्ताओं से थप्पड़ खा रहा है।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा कि राकेश टिकैत ने तो अपना ट्वीट डिलीट कर लिया है। अब आपकी बारी है मुख्यमंत्री। एक अन्य यूजर ने अशोक गहलोत के ट्वीट पर लिखा, “कॉन्ग्रेस सरकार के रहते कोई कैसे अटैक कर सकता है, इसका  मतलब आपने सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं किए और ऊपर से बीजेपी के ऊपर इल्जाम लगा रहे हैं।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “जाँच के बाद पता चलेगा कि वो लोग अशोक गहलोत जैसे ही कॉन्ग्रेसी चमचे थे।”

अमित गौतम नाम के एक यूजर ने लिखा, “उत्तर प्रदेश में कोई घटना घटित हो तो भाजपा जिम्मेदार और अगर राजस्थान में भी कोई घटना घटित तो भी भाजपा जिम्मेदार। अरे भैया जाँच करवाओ। सरकार तुम्हारी है ये चिल्ल पों मत मचाओ।”

बता दें कि दिल्ली की सीमाओं (टीकरी, सिंघू और गाजीपुर) पर किसान चार महीने से अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं। गाजीपुर बॉर्डर के आंदोलन का नेतृत्व राकेश टिकैत के हाथों में है। टिकैत का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार तीन नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।