Home Blog Page 4002

राजदीप सरदेसाई की ‘चापलूसी’ में लगा इंडिया टुडे, ‘दलाल’ लिखा तो कर दिए जाएँगे ब्लॉक: लोग ले रहे मजे

इंडिया टुडे पत्रकार राजदीप सरदेसाई के झूठ फैलाने वाली आदतों को लेकर सोशल मीडिया पर उनका विरोध अक्सर होता है। कुछ लोग अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए कई बार उन्हें अपशब्द भी कह देते हैं। लेकिन राजदीप तब भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। 

पिछले दिनों उन्होंने किसान आंदोलन पर झूठ फैलाया और इंडिया टुडे ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। एक माह बाद जब उनकी वापसी हुई तो संस्थान उनकी चापलूसी में ऐसा जुटा कि जैसे ही किसी ने उन्हें सोशल मीडिया पर कुछ गलत बोला, स्वंय संस्थान ने ही उन लोगों को ब्लॉक कर दिया।

सोशल मीडिया पर इंडिया टुडे की इस हरकत के बाद सवाल उठाया जा रहा है कि यदि आपने राजदीप सरदेसाई को ‘दलाल’ कहा तो इंडिया टुडे आपको ब्लॉक कर देगा। इसलिए राजदीप को न टैग करें और न ही दलाल कहें।

हालाँकि, कुछ ये भी कह रहे हैं, “इस तरह तो इंडिया टुडे को सबको ब्लॉक करना पड़ेगा क्योंकि देसाई की हरकतें राष्ट्रपति जी के कार्यालय से भी लतियाई गई हैं, वर्तमान में भी और प्रणव मुखर्जी द्वारा भी… अब क्या हम गधे को गधा और दल्ले को दल्ला भी ना बोलें? सोशल मीडिया है ये तुम्हारा पर्सनल नहीं जो गला दबा दो।”

बता दें कि राजदीप सरदेसाई ने आज थोड़ी देर पहले एक ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने 3 बजे वाले शो के बारे में जानकारी दी थी। यहाँ एक सोशल मीडिया अकॉउंट ने उनके लिए ‘दलाल’ लिख दिया। बस राजदीप ने तो इस पर कुछ नहीं कहा, मगर इंडिया टुडे उनके बचाव में आ गया।

इंडिया टुडे ने लिखा, “इंडिया टुडे समूह सोशल मीडिया पर उन ऑडिएंस के प्रति प्रतिबद्ध है जो आपकी भाषा अपमानजनक और असाधारण मानते हैं। इसलिए हम आपके हैंडल को ब्लॉक कर रहे हैं। बतौर लीडर, हमारी जिम्मेदारी है कि हम रचनात्मक बातचीत और शालीनता के साथ असंतोष के लिए इस मंच को सुरक्षित रखें।”

अब इंडिया टुडे की इस हरकत के बाद जब सोशल मीडिया पर उनकी थू-थू होने लगी तो उन्होंने खुद को निष्पक्ष दिखाने के लिए ये संदेश अन्य कंटेट या ट्वीट्स के साथ भी पोस्ट करने लगे। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले ऐसा कदम इंडिया टुडे ने नहीं उठाया था और राजदीप का बचाव करने के बाद जगह-जगह उनका ये मैसेज पोस्ट किया गया।

अकॉउंट्स पर किए गए इंडिया टुडे के एक्शन को देख कर लगता है कि राजदीप को दलाल कहने से इंडिया टुडे की भावनाओं को ठेस पहुँची है और उन्हें एक नहीं बल्कि तमाम अकॉउंट्स को इसी का हवाला देकर ब्लॉक कर दिया है।

गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है कि जब राजदीप को सोशल मीडिया पर गाली पड़ी हो या किसी ने उन्हें दलाल कहा हो। इससे पहले एक वीडियो सामने आई थी जिसमें लोग सरदेसाई को चीख चीख कर दलाल कह रहे थे। हालाँकि, तब इंडिया टुडे की ओर से इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया था। लेकिन एक माह के सस्पेंशन से लौटे सरदेसाई के लिए इंडिया टुडे का ऐसे मोर्च पर आना बताता है कि ये सब केवल उन्हें बेहतर महसूस कराने के लिए किया गया, क्योंकि पिछले दिनों संस्थान द्वारा सैलरी काटे जाने और सस्पेंड किए जाने से उनकी भावनाएँ आहत हुई थीं।

मस्जिद में सुबह की अजान के लिए जलीस ने काटा इमाम का गला, यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में नागलिया आकिल मस्जिद में अजान देने वाले 62 वर्षीय इमाम की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। इमाम की चीख सुनकर बचाने आए एक और मौलवी पर हमलावर ने हमला बोला। गला काटकर हत्या की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस के आला अफसर गाँव पहुँच गए। पुलिस ने आरोपित को कब्जे में लेने के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर वहाँ से भागने की फिराक में था। मगर ग्रामीणों ने उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके खिलाफ FIR भी दर्ज किया गया है।

आरोपित की पहचान जलीस के रूप में हुई है, जबकि मृतक का नाम सागीर बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जाँच में पाया गया कि आरोपित जलीस की सागीर के साथ सुबह में दिए जाने वाले अजान को लेकर दुश्मनी थी। उन्होंने बताया कि जलीस, सागीर को हटा कर खुद सुबह की अजान देना चाहता था।

घटना अजीमनगर थाना क्षेत्र के नगलिया आकिल गाँव की है। गाँव निवासी 60 वर्षीय सगीर बेग गाँव की बिलाल मस्जिद की देखभाल करते थे और अजान देते थे। गुरुवार (फरवरी 25, 2021) को भी वह फज्र की नमाज के लिए अजान देने गए थे। अजान के बाद उन्होंने नमाज पढ़ी और फिर कलाम पाक की तिलावत करने लगे।

आरोप है कि मस्जिद के पड़ोस में रहने वाला जलीस अहमद हाथ में चाकू लेकर वहाँ आ गया और उन पर हमला कर दिया। चाकू से गला काटकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि इमाम की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपित के खिलाफ धारा 302 और 307 के तहत FIR दर्ज की गई है।

अजीमनगर थाना प्रभारी रविद्र कुमार ने बताया कि मृतक कई साल से गाँव के कमरूल जमा के घर रहते थे और मस्जिद की देखभाल करते थे। वह रोजाना मस्जिद में अजान पढ़ते थे। पूछताछ के दौरान जलीस ने बताया कि पहले वह मस्जिद में अजान पढ़ता था। कुछ दिन से सगीर बेग अजान पढ़ने लगे और उसे नहीं पढ़ने दे रहे थे।

गुरुवार को वह मस्जिद से पानी लेने गया तो सगीर बेग पानी लेने से मना करने लगा। उसे गुस्सा आ गया। चाकू लेकर पहुँचा और उनकी चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या करते समय शमसुद्दीन ने पकड़ना चाहा तो उसके ऊपर भी जान से मारने की नीयत से चाकू से वार किया और मौके से फरार हो गया था।

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सलियों के 7 ठिकानों का हुआ भंडाफोड़: भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

छत्तीसगढ़ के रायपुर में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के 7 ठिकानों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बताया कि नक्सलियों के ये ठिकाने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर थे। इनका पता लगाने में तीन दिन तक ऑपरेशन चलाया गया। सारे ठिकाने मिलने के बाद यहाँ से भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किए गए।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया 3 दिन के ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मुठभेड़ हुई। इसमें एक जिला रिजर्व गार्ड जवान की मौत भी हो गई। वहीं 1 घायल भी हुआ।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि उनके पास छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और कांकेर जिलों और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के त्रि-जंक्शन के जंगल में माओवादियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सीनियर लोगों की मौजूदगी के बारे में जानकारी थी।

इसके बाद सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन चलाया। जिसका नाम ऑपरेशन संगम दिया गया। इसमें नारायणपुर और कांकेर से अलग-अलग टीमों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से अलग लगभग 300 किमी दूर भेज दिया गया।

इस पूरे ऑपरेशन में राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस और बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्ट के 700 से अधिक जवान शामिल थे।

इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि सुरक्षाबलों ने 2012-13 के बाद पहली दफा माओवादियों के गढ़ माने जाने वाले इलाके में छापा मारा और कामयाबी भी हासिल की।

जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान बारामटोला, कुदुलपड़,  टेकमेटा, कुमलाचलमेटा, और कुकुर गाँवों के पहाड़ी जंगल में दोनों तरफ से कई पर मुठभेड़ हुईं। इसी दौरान 7 माओवादी ठिकानों का भी खुलासा हुआ। यहाँ से तीर-बम, टिफिन बम, पाइप बम, माओवादी की वर्दी, बैनर, पोस्टर, दस्तावेज और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुई।

अंतरराष्ट्रीय श्रीराम एयरपोर्ट के लिए मोदी सरकार ने दिए 250 करोड़ रुपए: CM योगी ने जताया आभार

अयोध्या में निर्माणाधीन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट के लिए केंद की मोदी सरकार ने बड़ी रकम दी है। इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। शुक्रवार (फरवरी 26, 2021) को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा, “भगवान राम की पावन नगरी अयोध्या में निर्माणाधीन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम एयरपोर्ट के निर्माण हेतु केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई 250 करोड़ रुपए की धनराशि हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक आभार एवं माननीय केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का धन्यवाद।”

बजट में 101 करोड़ रुपए की व्यवस्था

बता दें कि इससे पहले योगी सरकार ने अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया था। यूपी बजट 2021 में अयोध्या एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट करने का फैसला किया गया। श्रीराम हवाई अड्डा के लिए 101 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई।

सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम एयरपोर्ट योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। ये उत्तर प्रदेश का पांचवाँ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (International Airport) होगा। यहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर की सारी सुविधाएँ होंगी। एयरपोर्ट बनते ही कमर्शियल ऑपरेशन शुरू कर दिया जाएगा। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम एयरपोर्ट 600 एकड़ में प्रस्तावित है।

अयोध्‍या एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तौर पर विकसित करने की तैयारी है। पिछले साल अगस्‍त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्‍या में श्रीराम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी। इसके बाद से धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अयोध्‍या का देश-दुनिया में ध्यान बढ़ा है।

42 दिनों के अंदर जमा हो चुकी है 1900 करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि 

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे निधि समर्पण कार्यक्रम में पूरे देश से 42 दिनों के अंदर 1900 करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि जमा हो चुकी है। राम मंदिर निर्माण समिति की सर्किट हाउस में हुई बैठक के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जी महाराज ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि कार्यक्रम के तहत अभी तक 1900 करोड़ से ज्यादा की समर्पण निधि राम मंदिर ट्रस्ट के तीनों बैंक अकाउंट में आ चुकी है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों अयोध्या को एक भव्य पर्यटन स्थल बनाने और श्रद्धालुओं के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएँ विकसित करने के क्रम में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने निर्माणाधीन अयोध्या एयरपोर्ट का नाम ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट’ रखने का निर्णय लिया। मंगलवार (नवंबर 24, 2020) को उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

हिमाचल: राज्यपाल और विधानसभा उपाध्यक्ष से हाथापाई करने वाले 5 कॉन्ग्रेसी MLA निलंबित, बजट सत्र पर जमकर मचाया उत्पात

कुछ कॉन्ग्रेसी विधायकों ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय (Bandaru Dattatraya) के साथ उस समय बदसलूकी और हाथापाई की जब वह शुक्रवार (फ़रवरी 27, 2021) को बजट सत्र के उद्घाटन के दिन अपने संबोधन के बाद विधानसभा से बाहर निकल रहे थे। इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कॉन्ग्रेस के पाँच विधायकों को निलंबित कर दिया गया।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज शुरू हुआ। लेकिन कॉन्ग्रेसी नेताओं की बदसलूकी के कारण राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अभिभाषण पूरा नहीं पढ़ा और सदन से बाहर चले गए। यही नहीं, कॉन्ग्रेसी विधायकों ने राज्यपाल के साथ बदसलूकी करते हुए नारेबाजी भी की और विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के साथ हाथापाई पर उतर आए। रिपोर्ट्स के अनुसार, सदन परिसर में पुलिस और कॉन्ग्रेस विधायकों में धक्का-मुक्की भी हुई है।

राज्यपाल के साथ बदसलूकी करते हुए कॉन्ग्रेसी विधायक उनकी गाड़ी के आगे खड़े हो गए और राज्यपाल दत्तात्रेय को गाड़ी में बैठने भी नहीं दिया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्यपाल सत्र के बाद अपने वाहन पर जा रहे थे। इस बदसलूकी के लिए पाँच कॉन्ग्रेसी विधायकों – नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और विधायक हर्षवर्धन चौहान, सुंदर सिंह ठाकुर, सतपाल रायजादा और विनय कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

विधानसभा सत्र शुरू होते ही सुबह 11 बजे सदन में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में कॉन्ग्रेस के सदस्य अपनी सीट से खड़े हो गए और नोरबाजी करने लगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन में कॉन्ग्रेस के विधायकों के हंगामे के बीच राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय अपने अभिभाषण की केवल आखिरी पंक्ति ही पढ़ पाए।

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा बताया। इस अभिभाषण में कोरोना काल में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख किया जा रहा था।

एनल स्वैब से लगेगा कोरोना वायरस का पता: चीन की ‘अभद्र’ हरकत का अमेरिका ने किया विरोध

चीन सरकार ने गुरुवार (फरवरी 25, 2021) को अमेरिकी सरकार से वादा किया कि वह कोरोना जाँच के लिए अमेरिकी राजदूतों से एनल स्वैब (Anal swab) नहीं लेंगे। इससे पहले चीन की इस हरकत पर वाशिंगटन में नाराजगी जाहिर की गई थी। अमेरिका ने इस अभ्यास को अभद्र करार दिया था। साथ ही खुल कर इसका विरोध भी किया था।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राजदूतों से एनल स्वैब माँगे जाने की बात जानने के बाद अमेरिकी राज्य विभाग ने चीनी विदेश मंत्रालय के साथ गुरुवार को इसका विरोध किया था। उन्हें खबर मिली थी कि चीन के कुछ प्रांतों में प्रशासन ने क्वारंटाइन हुए लोगों के एनल स्वैब लेने के निर्देश दिए हैं, जिसमें विदेशी भी शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार चीन ने अब कोविद-19 के लिए कथित तौर पर एनल स्वैब परीक्षण लागू कर दिया है। वहाँ प्रशासन को लगता है कि गले से लिए गए स्वैब से इंफेक्शन चूक सकता है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने इस पर तर्क दिया है कि गले और नाक के स्वैब की तुलना में कोरोना वायरस एनल स्वैब की मदद से अधिक आसानी से पाया जा सकता है क्योंकि वायरस के निशान साँस के रास्ते पर रहने से ज्यादा देर मल के पास रहते हैं।

यूएस राजनयिकों का एनल स्वैब हुआ गलती से: चीन

इस खबर के आने के बाद यूएस राज्य विभाग के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका अपने राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए तत्पर है। एक रिपोर्ट में अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी के हवाले से लिखा गया है, “विभाग इस तरह के परीक्षण के लिए कभी सहमत नहीं हुआ और जैसे ही हमें पता चला कि कुछ कर्मचारी भी इसके अधीन थे तो सीधे विदेश मंत्रालय का विरोध किया।”

बता दें कि अमेरिका की नाराजगी के बाद चीन ने इस पूरे मामले पर पहले सफाई दी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान (Zhao Lijian) ने कहा कि चीन ने कभी भी अमेरिकी राजनयिकों को एनल स्वैब टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरने के लिए नहीं कहा। हालाँकि, बाद में उन्होंने इस तरह के परीक्षण की बात को स्वीकारा और आश्वासन दिया कि वे भविष्य में कोविड के परीक्षण के लिए अमेरिकी राजनयिकों पर एनल स्वैब का उपयोग नहीं करेंगें।

प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि उन्होंने अमेरिकी सरकार से वादा किया कि जो टेस्ट दिए गए वो गलती से दिए गए थे और राजनयिक कर्मियों को इससे छूट दी जाएगी, जिसे चीन में आने वाले यात्रियों के लिए अनिवार्य किया गया था।

10 साल पहले अग्रेसिव लेंडिंग के नाम पर किया गया बैंकिंग सेंक्टर को कमजोर: PM मोदी ने पारदर्शिता को बताया प्राथमिकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (फरवरी 26, 2020) को फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में बजट के कार्यान्वयन पर बोलते हुए देश की इकोनॉमी में बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर पर बात की। देश के फाइनेंशियल सेक्टर को लेकर सरकार का विजन बिलकुल स्पष्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि देश में कोई भी डिपोजिटर हो या कोई भी इन्वेस्टर, दोनों ही विश्वास और पारदर्शिता का अनुभव करें, ये उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा, देश की वित्तीय व्यवस्था चलती हुई अगर किसी एक बात पर टिकी हुई है तो वो है- विश्वास। विश्वास- अपनी कमाई की सुरक्षा का। विश्वास- निवेश के फलने फूलने का। विश्वास-देश के विकास का। पीएम ने बताया कि लगभग 10 साल पहले अग्रेसिव लेंडिंग (ऋण) देने के नाम पर देश के वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र को कमजोर कर दिया गया है। इसके लिए उन्होंने कुछ कदम उठाए हैं और एनपीए की रिपोर्टिंग को अनिवार्य बना दिया है।

प्राथमिकताओं पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि सामान्य परिवारों की कमाई की सुरक्षा, गरीब तक सरकारी लाभ की प्रभावी और लीकेज फ्री डिलीवरी, देश के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश को प्रोत्साहन, ये सभी उनकी प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री ने इस साल के बजट के फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े पहलुओं के बारे में कहा कि हमारा ये लगातार प्रयास है कि जहाँ संभव हो वहाँ प्राइवेट उद्यम को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित किया जाए। लेकिन इसके साथ-साथ बैंकिंग और बीमा में पब्लिक सेक्टर की भी एक प्रभावी भागीदारी अभी देश की ज़रूरत है। 

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत किसानों से, कृषि उत्पादों को बेहतर बनाने वाली इकाइयों से बनेगा। आत्मनिर्भर भारत, हमारे MSMEs से बनेगा, हमारे स्टार्ट अप्स से बनेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ बड़े उद्योगों या बड़े शहरों से नहीं बनेगा। आत्मनिर्भर भारत गाँव में, छोटे शहरों में छोटे-छोटे उद्यमियों के, सामान्य भारतीयों के परिश्रम से बनेगा। आत्मनिर्भर भारत किसानों से, कृषि उत्पादों को बेहतर बनाने वाली इकाइयों से बनेगा।

वह बोले, “आप सभी भली-भाँति जानते हैं कि हमारे Fintech Start ups आज बेहतरीन काम कर रहे हैं और इस सेक्टर में हर संभावनाओं को एक्स्प्लोर कर रहे हैं। कोरोना काल में भी जितनी Start Up Deals हुई हैं, उनमें हमारे Fintechs की हिस्सेदारी बहुत अधिक रही है।”

वह बताते हैं कि प्रौद्योगिकी की बेहतर मदद ने पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय समावेशन में गहरी भूमिका निभाई है। आज, 130 करोड़ भारतीयों के पास आधार है और 41 करोड़ से अधिक लोगों के पास जन धन खाते हैं। 55% से अधिक ऐसे खाते महिलाओं के हैं और लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए के हैं।

आगे उन्होंने कहा मुद्रा योजना से ही बीते सालों में करीब 15 लाख करोड़ रुपए का ऋण छोटे उद्यमियों तक पहुँचा है। इसमें भी लगभग 70% महिलाएँ हैं और 50% से ज्यादा दलित, वंचित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के उद्यमी हैं।

पीएम मोदी कहते हैं कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास इसका मंत्र फाइनेंशल सेक्टर पर स्पष्ट दिख रहा है। आज गरीब हो, किसान हो, पशुपालक हो, मछुआरे हो, छोटे दुकानदार हो सबके लिए क्रेडिट एक्सेस हो पाया है।

फिल्मी स्टाइल में एक ही लड़की की शादीशुदा मेहताब ने की तीसरी बार किडनैपिंग, CCTV में बुर्का पहनाकर ले जाता दिखा

यूपी के आगरा में एक नाबालिग की फिल्मी अंदाज में किडनैपिंग का मामला सामने आया है। बदमाश ने लड़की को अस्पताल से फिल्मी अंदाज में किडनैप कर लिया। आरोपित पहले भी किडनैपिंग के मामले में जेल की हवा खा चुका है। आरोपित ने लड़की को किडनैप करने के लिए एक प्लान बनाया था। पीड़ित लड़की अपनी बुआ के साथ दवा लेने अस्पताल गई थी उसी दौरान आरोपित वहाँ पहुँच गया और बुर्का पहनाकर लड़की को वहाँ से ले गया। लड़की की बुआ अस्पताल में उसका इंतजार ही करती रही।

पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें साफ देखा जा सकता है कि लड़की बिना किसी दबाव के बड़े ही आराम से लड़के के साथ बाहर जा रही है। लड़की नाबालिग है। परिवार का कहना है कि मेहताब नाम के युवक ने उनकी बेटी को किडनैप किया है। परिवार ने बताया कि आरोपित मेरठ का रहने वाला है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में आरोपी मेहताब राणा दिख रहा था और उसके साथ बुर्का पहने एक लड़की भी जाती दिख रही थी। किशोरी के परिजन बेहोशी की दवा सुँघाकर अपहरण की बात कह रहे हैं।

एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि लड़की के पिता होटल में काम करते हैं। आरोपी मेहताब भी उसी होटल में काम करता था। उसने 2018 में भी लड़की की किडनैपिंग की थी। इस मामले में पुलिस ने उसके उसके भाई को गिरफ्तार किया था। लड़की के परिवार पर दबाव बनाने के लिए उसने लड़की को फिर से किडनैप किया है। बताया जा रहा है कि लड़की के बयान पर पहले ही आरोपित पर पोक्सो की धारा लगाई जा चुकी है।

कुछ महीने बाद आरोपित ने फिर से लड़की को किडनैप कर लिया था। तब भी पुलिस ने आरोपित और लड़की दोनों को पकड़ लिया था। मेहताब के पास तब कोर्ट का स्टे होने की वजह से उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका था। अब तीसरी बार फिर से उसने नाबालिग को किडनैप कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मेहताब पहले से शादीशुदा है। पहले मुकदमे में उसके दो ससुराल वालों को भी आरोपित बनाया गया था। उन्होंने ही पहली बार लड़की को थाने में पेश किया था।

परिवार की शिकायत के बाद से पुलिस लगातार युवक की तलाश कर रही है। पुलिस मेरठ में अब तक कई ठिकानों पर उसकी तलाश में छापेमारी कर चुकी है। पीड़ित परिवार ने बताया कि उनकी 17 साल की बेटी मंगलवार को तारागंज इलाके में मौजूद अपने घर से दयालबाग हॉस्पिटल में दवा लेने अपनी बुआ के साथ गई थी। बुआ अस्पताल में उसका इंतजार ही करती रही और लड़की वहाँ से गायब हो गई। परिवार का आरोप है कि मेहताब राणा नाम का युवक उनकी बेटी को इंटरनेट के जरिए कॉल कर उसे धमकी दे रहा था। उसने ही किडनैपिंग की है।

2 मार्च 2021 का अपडेट: लड़की को मेहताब राना ने दो बार अगवा किया था, लेकिन इस बार यह बात सामने आई है कि पीड़िता ने खुद ही अगवा होने का ड्रामा रचा था। इससे संबंधित पूरी अपडेट आप यहॉं पढ़ सकते हैं

हिन्दुओं के आराध्यों का अपमान बन गया है कमाई का जरिया: तांडव मामले में अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजॉन प्राइम इंडिया की नेशनल हेड अपर्णा पुरोहित को बड़ा झटका लगा है। ‘तांडव’ वेब सीरीज (Tandav Web Series) को लेकर दर्ज एफआईआर के मामले में हाईकोर्ट ने अमेजॉन प्राइम की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अपर्णा पुरोहित पर यूपी पुलिसकर्मियों का गलत चित्रण, हिंदू देवी-देवताओं और प्रधानमंत्री के किरदार को गलत तरह से पेश किए जाने का आरोप लगाया गया है।

पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने 20 पेज के आदेश में कहा, “ऐसे लोग बहुसंख्यक समुदाय के आराध्य देवी देवताओं को गलत तरह से दिखाकर इसके जरिए पैसा कमाना चाहते हैं और देश की उदार और सहिष्णु परंपरा का फायदा उठाना चाहते हैं।”

न्यायाधीश ने आगे कहा कि जब देश के किसी नागरिक द्वारा इस तरह के अपराध किए जाते हैं और इसे प्रदर्शन और सामाजिक विरोध का विषय बना दिया जाता है तो वो देख के हितों के लिए सक्रिय हो जाते हैं। इसके बाद वो इसे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाते हैं और आरोप लगाते हैं कि भारतीय नागरिक असहिष्णु हो गए हैं और ‘भारत’ रहने के लिए असुरक्षित जगह बन गया है।

स्टैंड-अप ‘कॉमेडियन’ मुन्नवर फारुकी, जिसे इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया था और शहर में एक शो के दौरान हिंदू देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारे में अभद्र टिप्पणी करने के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, का संदर्भ देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि हिंदुओं के आराध्यों का अपमान कमाने के जरिया के स्रोत के रूप में उपयोग किया जाता है।

वेब सीरीज के विवादित दृश्यों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा, “विवादित दृश्यों के कारण कानून व्यवस्था के लिए खतरा फैलाने वाले हैं। हिंदू देवी देवताओं के चित्रण को सही नहीं ठहराया जा सकता है। विदेशी फिल्ममेकर्स ईसा मसीह या हजरत मोहम्मद को गलत तरीके से दिखाने से बचते हैं मगर हिंदी फिल्ममेकर्स लगातार गलत तरह से हिंदू देवी-देवताओं को अभी तक दिखा रहे हैं।”

अपर्णा पुरोहित की जमानत याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद HC की एकल न्यायाधीश पीठ की टिप्पणी

जज ने इस बात को लेकर चिंता जताई कि हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने का यह ट्रेंड फिल्मों से लेकर कॉमेडी शो तक कैसे चला। आगे कहा गया है कि आवेदक (अपर्णा पुरोहित) ने सतर्कता नहीं बरती और गैर-कानूनी तरीके से उसे आपराधिक कार्यवाही के लिए विवश किया।

अदालत ने कहा, “हमें देखने में आया है कि कई फिल्मों में हिंदू देवी-देवताओं के नाम का उपयोग किया गया है और उन्हें गलत ढंग से दिखाया गया है जैसे ‘राम तेरी गंगा मैली’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘पीके’, ‘ओह माई गॉड’ आदि में। यही नहीं, ऐतिहासिक और पौराणिक हस्तियों की छवि भी विकृत करने के प्रयास किए गए हैं। बहुसंख्यक समुदाय की आस्था से जुड़े नामों का उपयोग पैसा कमाने के लिए किया गया है, जैसे कि ‘गोलियों की रासलीला रामलीला।” उन्होंने कहा कि हिंदी फिल्म उद्योग की यह प्रवृत्ति बढ़ रही है और यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो इसके भारतीय सामाजिक, धार्मिक और सांप्रदायिक स्थिति के लिए विध्वंसक परिणाम होंगे।

अपर्णा पुरोहित की जमानत याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद HC की एकल न्यायाधीश पीठ की टिप्पणी

कोर्ट ने कहा कि उक्त मामलों से पता चलता है कि याचिकाकर्ता और अन्य सह आरोपितों के कृत्य से केवल एक व्यक्ति ही प्रभावित नहीं है, बल्कि देश भर में अनेक लोगों को लगता है कि यह वेब सीरीज उनकी भावना को ठेस पहुँचाती है। इसलिए आवेदक को किसी तरह की राहत देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जो फिल्म बहुसंख्यक समुदाय के मूल अधिकारों का हनन करती है उसे प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है और याचिकाकर्ता के जीवन की स्वतंत्रता के मूल अधिकार को बचाव का आधार रखते हुए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है।

इस याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस सिद्धार्थ ने कहा, एक तरफ तो गलत तरीके से किरदार दिखाने के कारण एक बड़े समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई गई है और दूसरी तरफ सवर्ण और दलित जातियों के बीच दूरी बढ़ाए जाने का काम किया है, जबकि राज्य की जिम्मेदारी समुदायों के बीच की दूसरी को कम कर सामाजिक, सांप्रदायिक और राजनीतिक तौर पर उन्हें एक कर देश को जोड़ने का काम करना है।”

अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अपर्णा पुरोहित की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। इससे पहले कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखे जाने तक अपर्णा पुरोहित की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। 

गौरतलब है कि गौतम बुद्ध नगर जिले में अपर्णा पुरोहित समेत अन्य के खिलाफ तांडव वेब सीरीज के प्रसारण के जरिए हिंदू देवी-देवताओं और हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अपर्णा पुरोहित और अन्य के खिलाफ धारा 153- A (1) (B), 295- A, 505 (1) (B), 505 (2) धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पिछले दिनों अपर्णा का बयान बंद कमरे में दर्ज किया गया। लगभग साढ़े 3 घंटे तक उनका बयान दर्ज किया गया।

मिशनरी स्कूल प्रिंसिपल ने लाइब्रेरियन पर डाला धर्मांतरण का दबाव: लालच देकर सैलरी रोकी फिर गालियाँ देकर नौकरी से निकाला

मध्य प्रदेश में एक ईसाई मिशनरी स्कूल के प्रिंसिपल पर धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रिंसिपल पर आरोप है कि उसने स्कूल की एक लाइब्रेरियन रूबी सिंह की कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि को देखकर उनकी सैलरी रोक दी और उन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला था। फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। खजुराहो थाना प्रभारी संदीप खरे ने इसकी जानकारी दी

मामला खजुराहो के विद्याधर कॉलोनी में सिथित सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल का है। मिशनरी स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ लाइब्रेरियन द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद नए धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला ने मंगलवार (फरवरी 23, 2021) को मध्य प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजन ऑर्डिनेंस 2020 के तहत शिकायत दर्ज करवाई है। लाइब्रेरियन रूबी सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपित प्रिंसिपल ने उन्हें परेशान किया और इस बात के लिए दबाव बनाया कि वह अपना धर्म परिवर्तित कर ले

प्रिंसिपल की पहचान सिस्टर भाग्या के रूप में की गई है। वह खजुराहो के एक कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल है और उस पर स्कूल टीचर रूबी सिंह ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है। थाना प्रभारी संदीप खरे ने बताया कि रूबी सिंह पिछले चार साल से कॉन्टैक्ट पर स्कूल में काम कर रही थी। वह एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। जब स्कूल प्रिंसिपल सिस्टर भाग्या को रूबी सिंह की आर्थिक स्थिति के बारे में पता चला, तो उसने उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया।

धर्मांतरण से मना करने पर रोक दी सैलरी

संदीप खरे ने बताया कि प्रिंसिपल ने लाइब्रेरियन रूबी की आर्थिक स्थिति का लाभ बताते हुए उस पर दबाव डाला और उसके धर्म का अपमान किया। प्रिंसिपल ने महिला को उसकी सैलरी बढ़ाने और नौकरी नियमित करने के बहाने लालच देना शुरू कर दिया। जब सिंह ने अपना धर्म बदलने से इनकार कर दिया, तो आरोपित ने कथित रूप से उसका वेतन रोक दिया और उन्हें नौकरी से निकाल दिया।

खजुराहो थाने में रूबी सिंह द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन में कहा गया है कि वह स्कूल में चार सालों से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रही है। अक्टूबर 2019 से अप्रैल 2020 तक उन्हें स्कूल से वेतन प्राप्त नहीं हुआ है। पति बीमार रहते हैं, उनका इलाज कराना जरूरी है।

सैलरी बढ़ाने का दिया लालच

इस पर जब पीड़िता ने स्कूल प्राचार्य सिस्टर भाग्या से वेतन की माँग की तो उन्होंने कहा कि धर्मांतरण करो तो हम तुम्हारा वेतन दे देंगे। वेतन बढ़ा भी देंगे और नौकरी को नियमित भी कर देंगे। इसके साथ ही प्राचार्य सिस्टर भाग्या द्वारा जबरन घर पर झाड़ू-पोंछा का काम भी करवाया। प्रिंसिपल ने रूबी को अपशब्द भी कहे। लगातार मानसिक रूप से प्रताड़‍ित कर रूबी सिंह को नौकरी से भी निकाल दिया।

हिंदूवादी संगठनों के हस्तक्षेप पर दर्ज किया गया मामला

स्कूल की प्राचार्य सिस्टर भाग्या द्वारा लगातार प्रताडि़त किए जाने और नौकरी से निकाले जाने पर रूबी सिंह ने इस संबंध में जानकारी खजुराहो के विभिन्न हिन्दूवादी नेताओं को दी। इस पर मामला थाने पहुँच गया है। रूबी सिंह द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन पर सेक्रेड हार्ट स्कूल की प्राचार्य सिस्टर भाग्य के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 3 व 5 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस संबंध मे खजुराहो थाना प्रभारी संदीप खरे का कहना है कि शिकायती आवेदन पर मामाला विवेचना में लिया गया है।

वहीं मध्य प्रदेश कैथोलिक चर्च के जनसंपर्क अधिकारी मारिया स्टीफन का कहना है कि मिशनरी स्कूल को निशाना बनाया जा रहा है और शिक्षिका को ही दोषी बता दिया। उन्होंने कहा, “माता-पिता और छात्रों की शिकायत मिलने के बाद शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया था। उसे चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसके पढ़ाने के तरीके में सुधार नहीं किया गया।”