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‘इन्होंने मेरे बेटे को मारा’ – मुंबई पुलिस की वैन से अर्णब ने सुनाई आपबीती, प्रकाश जावड़ेकर ने कहा – ‘आपातकाल की याद’

मुंबई पुलिस ने आज (नवंबर 4, 2020) अर्णब गोस्वामी के साथ बदसलूकी करने की हर हद्द को पार करते हुए उनके घर में घुस कर उनसे मारपीट की और उन्हें गिरफ्तार करके अपने साथ ले गए।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस घटना की सूचना पाते ही प्रेस पर हुए हमले की निंदा की और इस पूरे घटनाक्रम को आपातकाल जैसा बताया

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “महाराष्ट्र में प्रेस पर हुए हमले की हम निंदा करते हैं। यह कोई तरीका नहीं है प्रेस से बर्ताव का। ये हमको आपातकाल के दिनों की याद दिलाता है, जब प्रेस के साथ ऐसा बर्ताव होता था।”

दूसरी ओर रिपब्लिक टीवी की कवरेज में अर्णब अपने रिपोर्टर के सामने पुलिस वैन से अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। अर्णब ने बताया कि न केवल पुलिस ने उनके साथ मारपीट व दुर्व्यवहार किया बल्कि उनके बेटे को भी पीटा।

वीडियो में अर्णब को कहते सुना जा सकता है कि मुंबई पुलिस ने उन्हें उनके परिवार तक से नहीं मिलने दिया। उन्हें उनके सास-ससुर से भी बात नहीं करने दी गई।

वह कहते हैं, “इन्होंने मुझे मारा। मुझे प्रताड़ित किया। इन्होंने मुझे मेरे परिवार से मिलने नहीं दिया। मेरे सास-ससुर से मिलने नहीं दिया। इन्होंने मेरे बेटे को मारा। इन्होंने मुझे मेरे घर में शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। “

रिपब्लिक टीवी के मुताबिक, अर्णब के घर पहुँची पुलिस टीम के पास कोई समन, दस्तावेज या कोर्ट के पेपर तक नहीं थे। इसके बाद भी पुलिस ने अपनी जाँच का हवाला दे-दे कर चैनल के पत्रकार निरंजन नारायणस्वामी और संजय पाठक को अर्णब के घर में घुसने से रोका, साथ ही सभी प्रवेश व निकास की जगहों को बंद करवा दिया।

बता दें कि अर्णब के घर आज भारी तादाद में पुलिसकर्मी उन्हें गिरफ्तार करने पहुँचे थे। मौके पर पहुँचे रिपब्लिक टीवी के पत्रकारों ने बताया कि पुलिस द्वारा उन्हें बाहर निकाल दिया गया है और अंदर क्या चल रहा है, इसका उन्हें कुछ भी पता नहीं।

इसके बाद मुंबई पुलिस अर्णब गोस्वामी को एक गाड़ी में लेकर चले गए। अर्णब ने किसी तरह वैन की खिड़की खोल कर आरोप लगाया कि मुंबई पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। चैनल का कहना है कि उन्हें कुछ इस तरह से वैन में लेकर जाया गया, जैसे वो एक अपराधी हों। उनकी पत्नी ने उन पुलिसकर्मियों को ‘एनकाउंटर कॉप्स’ बताया और चैनल ने इसे अघोषित आपातकाल का फासीवादी कदम।

जावेद चला रहा था अवैध पटाखों का गोदाम, आग लगने से एक बच्ची सहित 4 की मौत: 10-11 घायल

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के कप्तानगंज कस्बे के मंगल बाजार में एक अवैध पटाखा गोदाम में आग लगने से बुधवार (नवंबर 4, 2020) को 4 लोगों की मौत हो गई। यह अवैध पटाखों का गोदाम जावेद का था। घटना में जावेद समेत 4 लोग जिंदा जल गए। इनमें एक 52 साल की महिला फातिमा और एक 14 साल की बच्ची नाजिया भी थी। इसके अलावा एक अन्य की अस्पताल ले जाते हुए मौत हुई।

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, बुधवार की सुबह गोदाम में आग लगी तो पटाखों की आवाज सुनकर गली-मोहल्ले वाले सकते में आ गए। उन्होंने जब बाहर निकल कर देखा तो घर से धुआँ निकल रहा था और पटाखे फूटने की आवाजें आ रही थीं।

लोगों ने घबरा कर पुलिस व फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। बाद में बड़ी मशक्कत करके पुलिस व फायर ब्रिगेड ने किसी तरह घर में लगी आग को बुझाया। वहीं, जब बचाव कार्य शुरू हुआ तो जावेद, फातिमा, नाजिया के तीन शव भीतर से बरामद हुए। ताजा रिपोर्ट्स में मरने वालों की संख्या 4 बताई जा रही है।

खबरों की मानें तो जावेद ने दीपावली को लेकर अपने घर के ही एक हिस्से में अवैध पटाखा जमा कर रखे था। बुधवार सुबह 7 बजे जब घर में अचानक आग लगी तो घर में पटाखे होने के कारण आग आस पास के घरों में भी फैल गई, जिससे कुछ अन्य घायल भी हुए।

एसपी विनोद कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि पुलिस व फायर ब्रिगेडकर्मी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। बचाव कार्य के दौरान शव बरामद हुए। अंदर कितने लोग थे, यह अभी पता नहीं चल पा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर काबू पा लिया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में जहाँ 4 मौते हुई हैं, वहीं 10-11 लोग घायल भी हुए हैं। अब आगे मकान मालिक पर रिहायशी इलाके में पटाखा रख गोदाम बनाने का मामला दर्ज किया जाएगा।

यहाँ बता दें कि कुछ दिन पहले कुशीनगर जिला पुलिस ने पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बाड़ी टोला में अवैध रूप से गोदाम में रखे पटाखों की खेप बरामद की थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब बीस लाख थीं।

फ्रांस के ग्रेट मस्जिद में सूअर का कटा हुआ सिर: तुर्की मुस्लिम समूह का आरोप, मस्जिद मैनेजमेंट ने की शिकायत

फ्रांस में बढ़ रहे इस्लामी आतंकी हमलों के कारण वहाँ की जनता में आक्रोश है। अब तुर्की मीडिया के अनुसार सोमवार को मुस्लिम समुदाय को मजहबी तौर से ठेस पहुँचाने वाली एक घटना उत्तरी फ्रांस में घटी है। अंतरराष्ट्रीय खबरें बताती हैं कि उत्तरी फ्रांस में एक मस्जिद के अंदर सूअर का एक कटा हुआ सिर मिला।

यह घटना ओइसे के कॉमपिइने (Compiegne) शहर में स्थित ग्रेट मस्जिद में घटी, जिसमें कुछ समय से मरम्मत का काम चल रहा था। यह जानकारी कॉमपिइने के डिटिब नाम के तुर्की मुस्लिम समूह ने सोमवार को बयान जारी करके दी।

उन्होंने इस घटना की निंदा की। साथ ही मस्जिद के मैनेजमेंट ने भी इस संबंध में शिकायत की। फ्रेंच काउंसिल फॉर मुस्लिम ने भी इस घटना की निंदा की और मस्जिद व समुदाय के नेतृत्व के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह घटना फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैनुएल मैक्रों के विवादित बयान के बाद सामने आई है।

यहाँ बता दें कि पिछले महीने मैक्रों ने इस्लाम पर एक बयान दिया था। इसके बाद से उनकी निंदा मुस्लिम देशों द्वारा की जा रही थी। कई इस्लामी देशों ने फ्रांस के उत्पादों का बॉयकॉट करने का आह्वान किया। वहीं दूसरी ओर देश में कई आतंकी हमले की घटनाएँ भी हुई।

उल्लेखनीय है कि मैक्रों ने अपने विवादित बयान में कहा था, “इस्लाम एक ऐसा मज़हब है जिस पर पूरी दुनिया में संकट है, ऐसा सिर्फ हम अपने देश में नहीं देख रहे हैं।”

इसके अलावा उन्होंने पेरिस में शिक्षक की हत्या के बाद भी अपना पक्ष मजबूती से रखा था और हाल में हुई लगातार आतंकी हमलों का जवाब देते हुए फ्रांस ने अलकायदा के आतंकियों पर फ्रांस ने तगड़ा प्रहार किया था।

फ्रांस की वायुसेना ने अफ्रीकी देश माली में सक्रिय अलकायदा के आतंकवादियों पर जोरदार हवाई हमला बोला था। फ्रांस एयरफोर्स ने माली में बुरकिनो फासो और नाइजर की सीमा के पास एक एयर स्ट्राइक की थी, जिसमें कम से कम अलकायदा के 50 आतंकियों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। फ्रांस ने यह हमला सोमवार (नवंबर 2, 2020) को ही किया था। इसके लिए उन्होंने मिराज फाइटर जेट और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया था।

अर्णब गोस्वामी को ‘एनकाउंटर कॉप्स’ गाड़ी में उठा कर ले गए, पुलिस वैन से कहा – ‘इन्होंने मुझे मारा, दुर्व्यवहार किया’

मुंबई पुलिस लगातार अर्णब गोस्वामी के पीछे पड़ी हुई है। अब खबर मिली है कि मुंबई पुलिस ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के संस्थापक अर्णब गोस्वामी के घर में घुस गई है। मीडिया संस्थान द्वारा जारी किए गए वीडियो में पुलिसकर्मियों को एक पत्रकार को डाँटते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो में वो पत्रकार से कहते दिख रहे हैं कि वो उनके कार्य में बाधा न पहुँचाएँ। साथ ही मुंबई पुलिस ने अर्णब गोस्वामी के साथ भी दुर्व्यवहार किया, ऐसा चैनल का आरोप है।

मुंबई पुलिस ने पत्रकार से कहा, “हमारी कार्रवाई के बीच में मत आओ। हमें हमारी ड्यूटी करने दो।” उक्त पत्रकार बार-बार कहता रहा कि वो बस रिपोर्टिंग कर रहा है, लेकिन पुलिसकर्मी उसे ऐसा करने से रोकते रहे। बताया गया है कि करीब 10 पुलिसकर्मी अर्णब गोस्वामी के घर पहुँचे थे। बाहर पुलिस की कई गाड़ियाँ भी लगी हुई हैं। हथियारबंद पुलिसकर्मियों ने ये बताया भी नहीं कि वो किस लिए वहाँ आए हैं।

इसके बाद वीडियो में अर्णब गोस्वामी के साथ पुलिसकर्मी धक्का-मुक्की करते हुए भी दिख रहे हैं। अर्णब मुंबई पुलिस के अधिकारियों को बार-बार सोशल डिस्टेन्सिंग मेंटेन करने के लिए कहते हैं लेकिन मुंबई पुलिस के लोग पूछते नज़र आ रहे हैं कि वो ‘लीगल कैपेसिटी’ में वहाँ आए हैं और वो उनके साथ चलेंगे या नहीं? साथ ही उन्होंने अर्णब गोस्वामी को घर का दरवाजा बंद करने से भी रोक दिया और भीतर घुस गए।

पत्रकारों ने बताया कि उन्हें बाहर निकाल दिया गया है और अंदर क्या चल रहा है, इसका उन्हें कुछ भी पता नहीं। इसके बाद मुंबई पुलिस अर्णब गोस्वामी को एक गाड़ी में लेकर चले गए। उन्हें क्यों लेकर जाया गया है, ये नहीं पता। लेकिन चैनल का आरोप है कि मुंबई पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। चैनल का कहना है कि उन्हें कुछ इस तरह से वैन में लेकर जाया गया, जैसे वो एक अपराधी हों। उनकी पत्नी ने उन पुलिसकर्मियों को ‘एनकाउंटर कॉप्स’ बताया।

अर्णब गोस्वामी ने पुलिस वैन से कहा, “इन्होंने मुझे मारा है। मेरे साथ शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार किया है।” बता दें कि महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने आपराधिक मामला दायर किया था। इस ‘रिट पेटिशन’ पर सुनवाई के दौरान उद्धव ठाकरे की सरकार की तरफ से कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बतौर अधिवक्ता हिस्सा लिया। महाराष्ट्र की उद्धव सरकार का कोर्ट में प्रतिनिधित्व करने के लिए कपिल सिब्बल को 10 लाख रुपए और वकील राहुल चिंटिस को 1.5 लाख रुपए प्रति सुनवाई दिए जाने का निर्णय लिया गया था।

गीता और कुरान में हिंसा की बातें और इस्लामी आतंक | ‘Violence’ in Gita & Quran and Islamic terror

जब बर्बरता तुम्हारी शिक्षा की आधारशिला है, हत्या तुम्हारे लिए एक सम्मानजनक कर्म है, बलात्कार पुण्य और काफिरों के धार्मिक स्थल तोड़ना जन्नत-उल-फिरदौस में कमरे रिजर्व करवाता है, फिर कोई सामान्य बुद्धि-विवेक वाला तुम्हें या तुम्हारे मजहब को स्नेहाशिक्त भाव से कैसे देख सकता है?

ऑस्ट्रिया पर हुए इस्लामी हमले के बाद जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्कल ने अपने बयान में कहा है कि इस्लामी आतंक हमारा साझा दुश्मन है। यहाँ ध्यातव्य यह है कि उन्होंने ‘रेडिकल इस्लामी टेरर’ नहीं कहा, बस इस्लामी टेरर कहा है।

वैसे ही, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी ‘रेडिकल’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। इसका सीधा अर्थ बस यह है कि अब लोगों को आतंक का सही रूप, अपने सही रूप में ही दिख रहा है न कि ‘सेकुलर’ शब्दावली के साथ।

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

ये हिजड़ों की हुकूमत मुझे कहीं भेजना चाहती है तो Pak नहीं अरब भेजे, हम वहीं से आए हैं- मुनव्वर राणा

पिछले दिनों फ्रांस में हुए आतंकी हमले को जायज ठहराने वाले मुनव्वर राणा के ख़िलाफ़ यूपी पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। हाल में उन्होंने अपने बयान के जरिए पेरिस में शिक्षक का गला रेतने वाले आतंकी का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि अगर उस लड़के की जगह वह होते तो वह भी यही करते।

विवादित शायर मुनव्वर राणा के इस बयान को लेकर काफी बवाल हुआ। इस पूरे विवादित घटनाक्रम को लेकर नवभारत टाइम्स के हिमांशु तिवारी ने मुनव्वर राणा से खास बातचीत की। इस दौरान मुनव्वर राणा ने कहा कि यह हिजड़ों की हुकूमत (हिजड़ों की सरकार) है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें कहीं भेजना चाहती है तो अरब भेज दे, जहाँ से वो आए हैं।

वहीं, हजरतगंज थाने में दर्ज केस के बारे में पूछे जाने पर उनका कहना था कि अगर उनके बयान में दोष होता तो कोई कायदे का व्यक्ति का एफआईआर दर्ज करता। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने वाले दरोगा को नकल करके हाई स्कूल पास किया हुआ बताया।

उन्होंने आगे केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मजहब की आग बहुत तेज होती है इसमें हाथ नहीं डालना चाहिए। हिंदुस्तान में गाय के नाम पर इतने लोग मारे गए हैं कितने लोगों को फाँसी दे दी आपने। आपके केंद्र का वजीर कातिलों को हार पहना रहा है। मेरा बयान विवादित दिखाई दे रहा है।”

फ्रांस मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी के बयान को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “असदुद्दीन एक दुकान हैं जो समुदाय को बेचते हैं। मैंने यह काम नहीं किया। मैंने अपना धर्म नहीं बेचा है।” यह पूछे जाने पर कि क्या वो मानते हैं कि उनके बयान में हेरफेर हुई है, उनसे गलती हुई है, उनका कहना था कि हो सकता है कि उनसे कोई गलती हुई हो। वो खुदाई किताब नहीं हैं। वो गीता या कुरान नहीं हैं। उसके लिए यह बोलना कि वो आतंकी हैं, यह पूरी तरह गलत है।

बता दें कि इससे पहले मुनव्वर राणा ने जी न्यूज से बात करते हुए कहा था, “अगर अभी कोई शख्स मेरे बाप का कार्टून कोई ऐसा बना दे कोई गंदा कार्टून, मेरी माँ का कोई ऐसा गंदा कार्टून बना दे, तो हम तो उसको मार देंगे। अगर कोई हमारे हिंदुस्तान में हमारे देवी-देवता का, माँ सीता का या भगवान राम का ऐसा कोई कार्टून बना दे जो गंदा हो, आपत्तिजनक हो, तो हम उसको मार देंगे।”

उन्होंने आगे कहा था, “हिंदुस्तान में हजारों सालों से ऑनर किलिंग को जायज मान लिया जाता है, कोई सजा नहीं होती है। तो फिर आप उसको नाजायज कैसे कह सकते हैं।”

बता दें कि पिछले दिनों पेरिस में एक शिक्षक ने अपनी कक्षा में छात्रों के सामने पैगंबर मोहम्मद के विवादित कैरिकेचर को दिखा दिया था। इसके बाद एक कट्टरपंथी छात्र ने उन्हें दिनदहाड़े बेरहमी से मार डाला। हालाँकि बाद में उस छात्र को भी एनकाउंटर में मार डाला गया। लेकिन, इस घटना के बाद फ्रांस और इस्लामी देशों व मजहबी कट्टरपंथियों के बीच नया विवाद छिड़ गया। इसी विवाद के बीच मुनव्वर राणा ने भी अपना बयान दिया था।

‘ईमानदार’ नेता का ईमानदार इंटरव्यू: राजद प्रत्याशी अमरनाथ गामी

अमरनाथ गामी दो बार के विधायक हैं, और अलग-अलग पार्टी से हर बार चुनाव लड़ते हैं। इनका लक्ष्य जनसेवा है, और कहते हैं कि राजनीति में विचारधारा किसी के पास नहीं। दरभंगा शहरी विधानसभा की सीट भाजपा का गढ़ रही है। लेकिन इस बार यहाँ का मुकाबला काफी रोचक हो गया है। और जिनके कारण यह रोचक हुआ है वो अमरनाथ गामी ही हैं।

हायाघाट के जदयू विधायक अमरनाथ गामी ने बगावती तेवर अपनाते हुए राजद में जाने का फैसला कर लिया है और इस बार वह बिहार के विधानसभा चुनाव में राजद के उम्मीदवार हैं। इस बार अमरनाथ गामी ने पार्टी के साथ ही अपना निर्वाचन क्षेत्र भी बदल लिया है।

अमरनाथ गामी से हमारी बातचीत आप इस यूट्यूब लिंक पर देख सकते हैं

को-एक्ट्रेस के साथ होटल में छेड़छाड़ के आरोप में अभिनेता विजय राज गिरफ्तार, ड्रग्स को लेकर भी धरे गए थे दुबई एयरपोर्ट पर

फिल्म अभिनेता विजय राज को महाराष्ट्र के गोंदिया से गिरफ्तार किया गया है। विजय राज पर फिल्म सेट पर उनकी महिला कलाकार से छेड़छाड़ का आरोप है। विजय राज पर आईपीसी की धारा 354 के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है।

बताया जा रहा है कि सोमवार (नवंबर 2, 2020) देर रात महिला की शिकायत पर रामनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर पुलिस ने अभिनेता को गिरफ्तार कर लिया है। इस बात की पुष्टि गोंदिया के एडिशनल एसपी अतुल कुलकर्णी ने की है। कुलकर्णी ने बताया कि विजय राज के खिलाफ खिलाफ गोंदिया के रामनगर पुलिसथाने में IPC की धारा 354 (A & D) के तहत केस दर्ज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि वो बीते दिनों ही अपनी पूरी टीम के साथ फिल्म की शूटिंग के लिए मध्य प्रदेश के बालाघाट गए थे। इस फिल्म के लिए पूरी टीम विदर्भ के गोंदिया आई थी। फिल्म के सभी कलाकार गोंदिया के ‘होटल गेटवे’ में रुके थे। पुलिस के मुताबिक उसी दौरान कथित तौर पर उन पर महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। अभी तक इस मामले पर एक्टर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अभिनेता को अदालत से जमानत मिल चुकी है। बता दें कि इस फिल्म में विद्या बालन लीड रोल में हैं।

‘कौवा बिरयानी’ सीन के लिए हुए थे फेमस

एक्टर विजय राज बॉलीवुड के जाने माने एक्टर हैं। उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया है। विजय राज को फिल्मी दुनिया में पहला मौका राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘जंगल’ से मिला। इसके बाद वह महेश भट्ट की फिल्म ‘भोपाल एक्सप्रेस’ और ‘मानसून वेडिंग’ में पीके दुबे के किरदार में नजर आए। दर्शकों को उनका यह कॉमिक अंदाज बेहद पसंद आया।

आलोचकों ने भी उनके अभिनय की बेहद तारीफ की। साथ ही उन्हें इस फिल्म में उनके कॉमिक अंदाज के लिये कई सारे नामांकन भी मिले। लेकिन विजय राज को बॉलीवुड में असली पहचान साल 2004 में फिल्म ‘रन’ से मिली थी। फिल्म ‘रन’ में उनका ‘कौवा बिरयानी’ वाला सीन खूब लोकप्रिय हुआ था। आखिरी बार विजय राज वेब सीरीज ‘परिवार’ में नजर आए थे।

दुबई में ड्रग्स केस में हुए थे गिरफ्तार

इससे पहले विजय राज को 2005 में दुबई के अबु धाबी के एयरपोर्ट पर ड्रग रखने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।

शायद बहनों की दवा से बिगड़ी सुशांत सिंह की मानसिक हालत: मुंबई पुलिस का HC में दावा

मुंबई पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट में सोमवार (अक्टूबर 02, 2020) को एक शपथ पत्र दायर किया है। इस शपथ पत्र में मुंबई पुलिस ने दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह की बहनों प्रियंका और मीतू सिंह द्वारा दायर याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया। मुंबई पुलिस ने अदालत को बताया कि आखिर क्यों उन्होंने रिया चक्रवर्ती द्वारा एफआईआर दर्ज की थी।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार (नवंबर 2, 2020) को दर्ज मुंबई पुलिस द्वारा शपथ पत्र में अदालत को बताया गया कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत मामले में रिया चक्रवर्ती द्वारा दायर एफआईआर दर्ज करवाना उनका कर्तव्य था। मुंबई पुलिस ने ये भी आशंका जताई कि शायद सुशांत सिंह राजपूत की बहन प्रियंका सिंह और मीतू सिंह की ओर से सुशांत को दवाइयाँ दी गई थी। इसके बाद ही एक्टर की मानसिक हालत बिगड़ी हो।

दरअसल सुशांत की बहनों ने कथित धोखाधड़ी और फर्जी डॉक्टर की प्रिस्किप्शन वाली शिकायत को रद्द करने की माँग की थी। इस एफआईआर को रिया चक्रवर्ती द्वारा दर्ज किया गया था। रिया ने आरोप लगाया था कि सुशांत की बहनों ने दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के एक डॉक्टर की मदद से बिना जाँच के दवाइयाँ दी। इसके बाद ही सुशांत की मानसिक हालत बिगड़ी थी। पुलिस ने अदालत में दायर किए गए हलफनामे में ये भी कहा कि डॉक्टरों द्वारा बिना जाँच के किसी भी तरह का पदार्थ या दवा देना सुशांत सिंह की मौत के केस में सभंवत: एक कारण हो सकता है।

बांद्रा पुलिस ने रिया चक्रवर्ती की शिकायत के बाद सुशांत की बहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। ये सूचना मुहैया करवाने वाला और अपराध का खुलासा करने वाली जानकारी थी, इसकी इसकी जाँच की जरूरत है। इसलिए मुंबई पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बाध्य थी।

बांद्रा पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक निखिल कापसे द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि सुशांत सिंह राजपूत की बहनों के खिलाफ एफआईआर दायर कर पुलिस सीबीआइ द्वारा की जा रही जाँच को ‘प्रभावित करने या पटरी से उतारने का प्रयास नहीं कर रही है।’ हलफनामे में इन आरोपों से भी इनकार किया गया है कि पुलिस याचिकाकर्ताओं या किसी मृतक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने की कोशिश कर रही है। 

हलफनामे में कहा गया है कि सुशांत की बहन प्रियंका एवं मीतू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने वाली रिया चक्रवर्ती द्वारा उपलब्‍ध जानकारी के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसमें अपराध होने का खुलासा हुआ था। इस हलफनामे में दावा किया गया कि शिकायतकर्ता अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के अनुसार, याचिकाकर्ता ने दिल्ली के एक डॉक्टर की मदद से फर्जी मेडिकल पर्चा भेजा जिसमें राजपूत को घबराहट दूर करने वाली दवाइयाँ देने की बात की गई थी।

बता दें कि हाल में ही सुशांत की बहन ने कोर्ट से ये अपील की थी कि इस एफआईआर को रद्द किया जाए। सुशांत की बहनें इन आरोपों को बेबुनियाद बता चुकी हैं।

नंदबाबा मंदिर में नमाज पढ़ने वाला फैजल खान निकला कोरोना पॉजिटिव, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

मथुरा के नंदगाँव स्थित मंदिर में नमाज पढ़ने वाला फैजल खान कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। फैजल खान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसकी कोरोना जाँच कराई गई, जो पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट आने के बाद उसे एम्बुलेंस के जरिए अदालत लाया गया, जहाँ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने स्वयं कोर्ट से बाहर आकर उसे देखा और 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। शनिवार को थाना बरसाना क्षेत्र के नंद गाँव स्थित नंद मंदिर में शनिवार को खुदाई खिदमतगारों ने नमाज पढ़ी थी, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई है।

29 अक्टूबर को पढ़ी थी मंदिर में नमाज

29 अक्टूबर को फैसल ने अपने साथी चाँद के साथ बरसाना के नंदगाँव स्थित नंदबाबा मन्दिर में नमाज पढ़ी। इस मामले की फोटो 1 नबम्बर को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कम्प मच गया था। मामले में सेवायत कान्हा गोस्वामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिस पर पुलिस ने धारा 153a, 295, 505 में मामला दर्ज कर फैसल को सोमवार की देर शाम दिल्ली के जामिया नगर से गिरफ्तार कर लिया।

सेवायत ने दर्ज कराई थी एफआईआर

मामले में मंदिर के सेवायत गोस्वामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि 29 अक्टूबर को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे फैजल खान और चाँद मोहम्मद, जो दिल्ली के खुदाई खिदमतगार संस्था के सदस्य हैं, इसी संस्था के आलोक रतन और नीलेश गुप्ता के साथ आए। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मुस्लिम युवकों ने बिना अनुमति लिए और जानकारी के मंदिर प्रांगण में नमाज अदा की और नमाज पढ़ते हुए के अपने फोटो अपने साथियों से सोशल मीडिया पर वायरल कराए। इनके इस कृत्य से हिन्दू समुदाय की भावनाएँ आहत हुई हैं और आस्था को गहरी चोट पहुँची है। 

हिन्दुओं ने मंदिर में हवन कर के गंगाजल से शुद्धिकरण किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि बिना अनुमति मंदिर में घुस नमाज पढ़ने के कारण उन्हें शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। भक्तों ने पंडितों के साथ बैठ कर पूरी प्रक्रिया के साथ हवन-पूजन किया। वहीं विश्व हिन्दू परिषद ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘नमाज जिहाद’ करार दिया।