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आतंकी ठिकाने में कंडोम, वियाग्रा का भंडार: कश्मीर में इस्लाम के नाम पर सेक्सुअल टेरर, बंदूक की नोंक पर यौन शोषण

जम्मू-कश्मीर के शोपियॉं में आतंकी ठिकाने से भारी मात्रा में कंडोम, वियाग्रा, गर्भनिरोधक गोलियॉं और पोर्न बरामद किया गया है। इससे पता चलता है कि कश्मीर में इस्लाम के नाम पर जारी ‘जिहाद’ की आड़ में सेक्सुअल टेरर को अंजाम दिया जा रहा है। आतंकी कश्मीरी महिलाओं का यौन शोषण करते हैं।

यह कुछ ऐसा ही है जैसा सीरिया में आईएस आतंकी यजीदी महिलाओं के साथ करते हैं। घाटी में चल रहे इस सेक्सुअल टेरर (Sexual terror) को लेकर टाइम्स नाउ ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

न्यूज चैनल के मुताबिक शोपियाँ में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने से कंडोम के 19 पैकेट, वियाग्रा टैबलेट के 5 पैकेट, पोर्न, गर्भनिरोधक गोलियों के 10 पैकेट आदि बरामद हुए हैं।

सीमा पार से आतंकी इस्लाम और कश्मीर के लोगों की ‘आजादी’ के नाम पर आते हैं। मगर इसकी आड़ में वे कश्मीर के युवा लड़कों, लड़कियों, असहाय महिलाओं को अगवा करते हैं। उनका यौन शोषण करते हैं।

पाकिस्तान समर्थित आतंकी अपनी यौन तृप्ति के लिए कश्मीरी लड़कियों को जबरन उनके घर से उठा लेते हैं। ऐसी ही एक पीड़िता ने आपबीती टाइम्स नाउ के साथ साझा की। उसे जैश के आतंकियों ने अगवा किया था।

उसने बताया कि बंदूक की नोंक पर उसे अगवा किया गया। अपहरण कर जैश के आतंकी से जबरन निकाह करवा दिया गया।

पीड़िता ने बताया कि वह पहले से ही शादीशुदा थी। उसकी शादी तनवीर अहमद के साथ हुई थी। जैश आतंकियों ने उसके पति तनवीर को काफी मारा-पीटा और पीड़िता को तलाक देने के लिए मजबूर किया। जिस दिन पीड़िता का अपहरण किया गया उसके पिता हॉस्पिटल में थे। वो कहती है कि जब उसने जैश के आतंकियों के साथ जाने इनकार कर दिया तो उन लोगों ने जबरन अगवा कर लिया।

पीड़िता के पिता ने भी टाइम्स नाउ से बात करते हुए इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हमने तो इसकी शादी तनवीर के साथ की थी। फिर दाऊद जबरदस्ती मेरी लड़की को ले गया। उसने मार-पीट करके हमारी लड़की को ले लिया। हमने उसे छुड़ाने की कोशिश की तो बंदूक दिखाकर धमकाया और मारा भी। हम लाचार थे, हम क्या करते।”

उन्होंने बताया कि दाऊद धमकी देता था कि अगर उन्होंने लड़की को उसे नहीं सौंपा तो वो उसे मार देगा। वो लड़की को लेने के लिए किसी भी वक्त वहाँ पर चला आता था।

गौरतलब है कि हाल ही में, जम्मू और कश्मीर का शोपियाँ जिला इस्लामिक आतंकवादियों के केंद्र के रूप में उभरा है। पिछले दो हफ्तों में, छह शीर्ष कमांडरों सहित लगभग 22 आतंकवादियों को इस क्षेत्र में नौ अलग-अलग अभियानों में ढेर किया गया है। जम्मू और कश्मीर में इस साल अब तक सुरक्षा बल सौ से अधिक आतंकियों को ढेर कर चुके हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में अनंतनाग में हिंदू सरपंच अजय पंडिता की हिजबुल के आतंकवादियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। अजय पंडिता की बेटी ने अपने पिता की हत्या करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ प्रतिशोध लेने की बात कहते हुए कहा था कि जिसने भी ये किया है, उसको वो जिंदा नहीं छोड़ेंगी। एक गोली तो मारेंगी ही।

ट्रेलर: विनोद दुआ के बोल…अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Vinod Dua mashup

विनोद दुआ ने पिछले कुछ सालों से बहुत हाथ-पाँव मारा है प्रपंच फैलाने में। अजीत भारती खोल रहे हैं पूरा कच्चा-चिट्ठा।

पूरा वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

इस्लामाबाद में ‘लापता’ हुए भारतीय उच्चायोग के कर्मचारी लौटे, पाकिस्तानी उच्चायुक्त को तलब कर दी गई थी हिदायत

इस्लामाबाद में लापता हुए भारतीय उच्चायोग के दोनों कर्मचारी लौट आए हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। बताया है कि दोनों कर्मचारी सुरक्षित रूप से वापस भारतीय मिशन में लौट आए हैं।

इससे पहले इन्हें कथित तौर पर गिरफ्तार करने की खबर आई थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को तलब किया था।

उनसे कहा गया था कि गिरफ्तार किए गए अफसरों को परेशान ना किया जाए और ना उनसे किसी तरह की पूछताछ की जाए। भारत ने गिरफ्तार अफसरों को तुरंत उनकी कार समेत भारतीय दूतावास पहुॅंचाने को कहा था। साथ ही पाकिस्तान को याद दिलाया था कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी की है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि सोमवार सुबह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के सुरक्षा अधिकारी और उनका ड्राइवर बाहर गए थे, लेकिन तय जगह नहीं पहुँच पाए। आईएसआई द्वारा इन्हें अगवा किए जाने की आशंका जताई जा रही थी।

बता दें कि कुछ ही दिनों पहले भारतीय राजनयिक गौरव अहलूवालिया का पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बाइक सवार लोगों ने पीछा किया था और डराया-धमकाया था। खबर थी कि एक ISI एजेंट ने भारतीय राजनयिक का पीछा किया, उनकी जासूसी की। इसके बाद भारत ने कड़ा एतराज जताया था।

उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिनों पहले पाकिस्तान उच्चायोग के दो पाकिस्तान अधिकारियों आबिद हुसैन और ताहिर हुसैन पर जासूसी के आरोप लगने के बाद भारत ने उन्हें देश छोड़ने के लिए कह दिया था। ये दोनों दिल्ली में वीजा विभाग में काम करते थे। इसके बाद पाकिस्तान में बीते कुछ दिनों से भारतीय अधिकारियों का पीछा किया जा रहा है।

भारत ने अत्यधिक निगरानी को लेकर विरोध भी दर्ज कराया था। माना जा रहा है कि अपने अधिकारियों के पकड़े जाने से बौखलाया पाक अब वहाँ काम कर रहे भारतीयों को फँसाने की फिराक में है।

अधिकारियों को तुरंत उनकी कार सहित दूतावास भेजें: पाकिस्तानी उच्चायुक्त को MEA ने किया तलब

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज (जून 15, 2020) सुबह भारतीय उच्चायोग के 2 अधिकारियों के लापता होने पर भारत ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को विदेश मंत्रालय में तलब किया। वे दोपहर में मंत्रालय पहुॅंचे।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि सोमवार सुबह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के सुरक्षा अधिकारी और उनका ड्राइवर बाहर गए थे, लेकिन तय जगह नहीं पहुँच पाए। भारत ने लापता अफसरों की इस्लामाबाद में गिरफ्तारी की रिपोर्ट पर पाकिस्तान को सख्त हिदायत दी है।

भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि गिरफ्तार किए गए अफसरों को परेशान ना किया जाए और ना उनसे किसी तरह की पूछताछ की जाए। भारत ने कहा कि गिरफ्तार किए गए अफसरों को तुरंत उनकी कार समेत भारतीय दूतावास भेजा जाए। इन अफसरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है।

टाइम्स नाउ के पत्रकार निकुंज गर्ग ने बताया था कि दोनों अधिकारियों का अपहरण पाकिस्तान की खुफिया सेवा आईएसआई ने किया है। कर्मचारियों को भारतीय अधिकारियों से संपर्क किए हुए कई घंटे हो चुके हैं।

बता दें कि कुछ ही दिनों पहले भारतीय राजनयिक गौरव अहलूवालिया का पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बाइक सवार लोगों ने पीछा किया था और डराया-धमकाया था। खबर थी कि एक ISI एजेंट ने भारतीय राजनयिक का पीछा किया, उनकी जासूसी की। इसके बाद भारत ने कड़ा एतराज जताया था।

पत्रकार आदित्य राज कौल ने बताया है कि दो भारतीय अधिकारी इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर थे जब उन्हें आईएसआई ने अगवा किया था। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तानी एजेंसी के अपराधों को छुपाने के लिए कहानी बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिनों पहले पाकिस्तान उच्चायोग के दो पाकिस्तान अधिकारियों आबिद हुसैन और ताहिर हुसैन पर जासूसी के आरोप लगने के बाद भारत ने उन्हें देश छोड़ने के लिए कह दिया था। ये दोनों दिल्ली में वीजा विभाग में काम करते थे। इसके बाद पाकिस्तान में बीते कुछ दिनों से भारतीय अधिकारियों का पीछा किया जा रहा है।

भारत ने अत्यधिक निगरानी को लेकर विरोध भी दर्ज कराया था। माना जा रहा है कि अपने अधिकारियों के पकड़े जाने से बौखलाया पाक अब वहाँ काम कर रहे भारतीयों को फँसाने की फिराक में है।

अमित शाह ने कोरोना वार्डों में CCTV कैमरे लगाने के दिए निर्देश, LNJP जाकर हालात का लिया जायजा

दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना केसों से निपटने के लिए अब देश के गृहमंत्री अमित शाह ने खुद कमान सँभाल ली है। सोमवार (15 जून 2020) को शाह ने सर्वदलीय बैठक की। इसके बाद वे LNJP अस्पताल जाकर हालात का जायजा लिया।

LNJP अस्पताल पहुँचे अमित शाह ने कॉन्फ्रेंस रूम में वरिष्ठ डॉक्टरों से मुलाकात की। इस दौरान डॉक्टरों ने शाह को अस्पताल में कोरोना मरीजों की संख्या, कोरोना से अभी तक होने वाली मौतें और दिल्ली से बाहर के कोरोना मरीजों की अस्पताल में संख्या के बारे में अवगत कराया। वहीं अमित शाह ने डॉक्टरों से कोरोना वायरस से होने वाली मौत और उनके ठीक होने की दर के बारे में जानकारी ली।

गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के चीफ सेक्रेट्री को निर्देश दिए हैं कि वह अस्पतालों के अंदर सभी कोरोना वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगवाएँ, जिससे कि वार्ड में मौजूद कोरोना मरीजों की ठीक से देखभाल की जा सके और उनकी समस्याओं को दूर किया जा सके।

इससे पहले हुई सर्वदलीय बैठक में अमित शाह ने सभी राजनीतिक दलों से इस संकट में लोगों के हित के लिए मिलकर काम करने का अनुरोध किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के उपराज्यपाल से दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना वायरस पर चर्चा करने के बाद ऐलान किया कि अब दिल्ली में हर दिन 18 हजार कोरोना के टेस्ट किए जाएँगे।

अमित शाह ने आगे कहा, “ऐसे संकट के समय में राजनीतिक मतभेदों को भुला दिया जाना चाहिए और सभी दलों को एकजुट होकर दिल्ली के लोगों के लिए काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम सभी को मिलकर इस महामारी को रोकने के लिए काम करना चाहिए।”

शाह ने कहा, “राजनीतिक दलों के बीच की एकता दिल्ली में स्थिति के बारे में लोगों के बीच विश्वास और विश्वास बढ़ाने का काम करेगी। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने के लिए कहें कि केंद्र द्वारा दिल्ली के लोगों के लिए लिए गए फैसलों को तेजी से जमीन पर लागू किया जाए।”

नॉर्थ ब्लॉक में हुई सर्वदलीय बैठक में दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी- आम आदमी पार्टी, भाजपा, काँन्ग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी शामिल थी।

दरअसल देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना मरीजों की दुर्दशा और कोरोना के टेस्ट में कमी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों तल्ख टिप्पणी की थी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए केन्द्र सरकार को भी नोटिस जारी किया था।

इसके बाद ही केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में बिगड़े हालात की कमान को अपने हाथों लिया और तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाई। उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री की चिंताओं पर अमित शाह ने घोषणा की कि कोरोना वायरस मरीजों के लिए बेड की कमी से निपटने के लिए केन्द्र 500 रेलवे कोच की व्यवस्था करेगा।

महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद दिल्ली कोरोना वायरस के संकट की तीसरी सबसे बुरी स्थिति वाला राज्य है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 41,182 हो गई है, जबकि कोरोना से मरने वालों की संख्या 1,327 हो गई है।

पिछले कई दिनों से इंटरनेट पर दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीजों के बेड न मिलने की खबरें लगातार घूम रही थीं। इसकों गंभीरता से लेते हुए अमित शाह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई और कोरोना संकट से निपटने के लिए चर्चा की।

Video: किराएदार ने समय पर नहीं दिया किराया तो मकान मालिक नूर अहमद ने की हवाई फायरिंग, गिरफ्तार

कर्नाटक के बेलगाम जिले में किराएदार द्वारा समय पर किराया ना चुका पाने पर एक मकान मालिक को इतना गुस्‍सा आ गया कि वो बंदूक से हवाई फायरिंग करने लगा। यह घटना बेलगाम के चिक्‍कोडी इलाके की बताई जा रही है। पुलिस ने फायरिंग करने वाले मकान मालिक नूर अहमद शापुरकर के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

फायरिंग करने वाले मकान मालिक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में सफेद कपड़े पहने व्यक्ति को फायरिंग करते हुए साफ देखा जा सकता है।

घटना शनिवार (जून 13, 2020) रात करीब 10 बजे की है। मकान मालिक नूर अहमद शापुरकर अपने हाथ में देसी डबल-बैरल बंदूक लेकर कम्पाउंड में प्रवेश किया और 2,500 रुपए की वसूली के लिए किराएदारों को धमकाने लगा।

किराएदार की पहचान रोहिणी दीक्षित के रूप में हुई है। लॉकडाउन की वजह से किराएदार किराया का भुगतान करने में असमर्थ थी। इसके बाद मकान मालिक ने उनसे कहा कि वो एडवांस देकर घर छोड़कर चले जाएँ। हालाँकि इसमें 2,500 रुपए कम थे, जिसके लिए मकान मालिक ने शनिवार रात परिवार को धमकी दी।

जानकारी के मुताबिक नूर अहमद के घर के परिसर में प्रवेश करने के तुरंत बाद, उनके और किराएदार के परिवार के सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया। किराएदार के परिवार ने दावा किया कि वो एक महीने में घर छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन इसके बावजूद मकान मालिक ने बंदूक ऊपर की तरफ किया, ट्रिगर खींचा और कई हवाई फायरिंग किए। इससे छत का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में लागू लॉकडाउन का असर लोगों की आर्थिक स्थिति पर पड़ा है। इसके कारण उनकी नौकरियाँ चली गई हैं। इसी वजह से कई किराएदार समय पर किराया नहीं दे पा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा करते समय अपने संबोधन में ऐसे लोगों को मोहलत देने का अनुरोध किया था।

नवंबर में दिखेगा कोरोना का सबसे भीषण रूप: अब ICMR के हवाले से मीडिया ने किया डर का धंधा

कोरोना वायरस के नाम पर डर फैलाने का व्यापर जोरों पर है। सरकारी संस्था के उस अध्ययन निष्कर्षों को मीडिया फैला रहा है, जो कभी किया ही नहीं गया। कुछ ऐसा ही भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान परिषद (ICMR) के साथ किया गया है।

मीडिया में ICMR के अध्ययन के नाम से स्टोरी चलाई गई कि नवम्बर में कोरोना सबसे भीषण रूप ले लेगा। लेकिन, ICMR ने ही इस ख़बर को नकार दिया

‘आजतक’ जैसे बड़े मीडिया संस्थानों ने भी चलाई ये ख़बर

दरअसल, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की ख़बर को कई अख़बारों और मीडिया संस्थानों ने फैलाया, जिसमें कहा गया कि कोरोना वायरस संक्रमण का पीक टाइम नवम्बर में आएगा। इस ख़बर में कहा गया कि नवम्बर में वेंटिलेटर्स और आईसीयू बेड्स की कमी से देश को जूझना पड़ सकता है, क्योंकि ICMR ने एक अध्ययन में पाया है कि 8 सप्ताह तक के लिए लॉकडाउन के कारण भारत में कोरोना का पीक टाइम कुछ महीने आगे बढ़ गया है।

‘द हिन्दू’ ने PTI के हवाले से चलाई फेक न्यूज़

ख़बर में आगे कहा गया कि कोरोना का पीक टाइम पहले 34 दिन बाद आने वाला था, लेकिन लॉकडाउन के बाद अब ये 76 दिन बाद आएगा। साथ ही आँकड़े पेश करते हुए बताया गया कि लॉकडाउन के कारण संक्रमितों की संख्या में 69% से लेकर 97% तक की कमी आई है, जिससे इंस्फ्रास्ट्रक्टर मजबूत करने में समय मिल गया है। जब ICMR ने ऐसी कोई स्टडी की ही नहीं तो PTI के पास ये सब आँकड़े कहाँ से आ गए, इस बारे में उसने कुछ स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

इन्हीं आँकड़ों की कालाबाजारी के कारण चीजें एकदम सही लगने लगती हैं। ICMR ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस ख़बर को ही भ्रामक करार दिया। संस्था ने कहा कि न तो ICMR ने ऐसा कोई अध्ययन किया है और न ही ये संस्था के आधिकारिक बयानों से जरा भी मेल खाता है। इसी ख़बर में दिए गए और आँकड़े देखिए, जिसे ICMR के हवाले से ऐसे पेश किया गया जैसे वो सच ही हों:

“देश में बड़ी संख्या में आइसोलेशन बेड्स की ज़रूरत पड़ेगी। अगले 5.4 महीनों के लिए बेड्स की कमी रहेगी। 4.6 महीनों के लिए आईसीयू बेड्स की कमी रहने वाली है। वहीं 3.9 महीनों के लिए वेंटिलेटर्स की कमी होगी। लेकिन, अगर लॉकडाउन नहीं किया जाता तो शायद इन सभी की 83% और ज्यादा कमी हो जाती। हालाँकि, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के कारण स्थिति सुधरी है। अगर हेल्थकेयर कवरेज को 80% बढ़ाया जाता है तो फिर स्थिति से निपटने में कामयाबी हासिल होगी।”

वहीं प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने भी इस ख़बर का फैक्ट-चेक किया। उसने भी ICMR के बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि ये अध्ययन भ्रामक है और ICMR ने नहीं किया है। ‘द हिन्दू’ से लेकर ‘हफिंगटन पोस्ट’, ‘ट्रिब्यून इंडिया’, ‘लाइव मिंट’ और ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने इस ख़बर को चलाया। वहीं दूसरी तरफ ‘आजतक’, ‘इंडिया डॉट कॉम’ और ‘नवभारत टाइम्स’ में भी ये ख़बर दिखी। ये ख़बर झूठी है और पूरी तरह ग़लत है।

पंजाब: पड़ोसी की बेटी भगा ले गया कॉन्ग्रेस नेत्री पूनम कांगड़ा का बेटा, सुसाइड के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार

पंजाब कॉन्ग्रेस की नेता पूनम कांगड़ा को उनके पति दर्शन कांगड़ा तथा बेटे विकासदीप के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूनम राज्य अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य भी हैं। इन्हें एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया हे। संगरूर (ग्रामीण) के डीएसपी सतपाल शर्मा के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने यह जानकारी दी है।

पूनम, उनके पति और तीन बेटों पर 4 जून को तब मामला दर्ज किया गया था जब 50 वर्षीय संजीव कुमार की पटियाला के सरकारी अस्पताल में मौत हो गई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कॉन्ग्रेस नेता संजीव कुमार के पड़ोस में रहती हैं। कथित तौर पर पूनम का बेटा संजीव की बेटी को जबरन अपने साथ भगाकर ले गया। इससे आहत संजीव ने आत्महत्या कर ली थी।

इन सभी को रविवार (जून 14, 2020) की रात गिरफ्तार किया गया है। संजीव कुमार की पत्नी चंदा रानी के बयानों पर पुलिस ने एससी कमीशन की सदस्य पूनम कांगड़ा, पति दर्शन कांगड़ा, पुत्र विकासदीप, राजन, अनमोल के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया।

चंदा ने आरोप लगाया कि पूनम कांगड़ा, दर्शन कांगड़ा धमकी देते थे कि वह उनकी लड़की को अपने घर की बहू बनाकर ही रहेंगे। पाँच जून से लगातार फरार हुए पूरे परिवार में से पूनम कांगड़ा, दर्शन कांगड़ा, विकासदीप को संगरूर पुलिस व सीआइए स्टाफ ने संगरूर से चार किलोमीटर दूर लड्डा बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।  

चंदा ने बताया कि जब उनके पति ने विकासदीप से अपनी बेटी की शादी के लिए मना कर दिया तो पूनम, दर्शन और उनके बेटों ने संजीव को धमकी दी। इसके बाद विकासदीप 2-3 जून की रात उनकी बेटी को लेकर फरार हो गया और उनके परिवार ने संजीव के परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया। इससे तंग आकर संजीव ने 4 जून को जहर खा लिया।

मृत संजीव कुमार के पुत्र बबलू ने आरोप लगाया, “आरोपित हमें यह कहते हुए धमकाते रहते थे कि वे सरकार का हिस्सा हैं और हमारा परिवार उन्हें नुकसान नहीं पहुँचा सकता। मेरे पिता लगातार अपमान का सामना कर रहे थे। उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया।”

पुलिस ने बताया कि तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी पूनम और दर्शन के दो पुत्र अनमोल व राजन पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

‘गली बॉय जैसी वाहियात फिल्म को अवॉर्ड… और सुशांत को कहना पड़ता है – मेरी फिल्में देखो, वरना इंडस्ट्री निकाल देगी’

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद अब हर जगह उनके द्वारा उठाए इस कदम पर चर्चाएँ हो रही हैं। इस दौरान हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाली कंगना रनौत ने भी अपना एक बयान जारी किया है। कंगना ने करीब दो मिनट का वीडियो जारी कर बॉलीवुड इंडस्ट्री से सवाल पूछा है कि सुशांत की मौत आत्महत्या थी या प्लान्ड मर्डर?

कंगना कहती हैं, “सुशांत सिंह की मौत ने हम सबको झकझोर के रख दिया है। लेकिन वे लोग, जो इस चीज में माहिर हैं कि कैसे समानांतर नैरेटिव चलाया जाए, वो ये कहने लगे हैं कि जिनका दिमाग कमजोर होता है, वे डिप्रेशन में आते हैं और सुसाइड कर लेते हैं।”

कंगना ऐसे लोगों को जवाब देते हुए पूछती हैं कि जिस शख्स ने इंजिनियरिंग की, जो रैंक होल्डर था, वो दिमागी तौर पर कमजोर कैसे हो सकता है?

सुशांत के पुराने कमेंट्स व पोस्टों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करवाते हुए कंगना कहती हैं कि सुशांत पिछले दिनों लोगों से कह रहे थे कि उनकी फिल्में देखें, उनका बॉलीवुड में कोई गॉड फादर नहीं है। अगर लोग उनकी फिल्में नहीं देखेंगे तो उन्हें इंडस्ट्री से निकाल दिया जाएगा।

कंगना रनौत उनके पुराने साक्षात्कारों पर बात करते हुए सवाल पूछती हैं कि सुशांत लगातार कहते थे, “मुझे नहीं मालूम कि मुझे इंडस्ट्री क्यों नहीं अपनाती? मुझे ऐसा लगता है कि मैं अकेला हूँ।” तो क्या ये सब बातें सुसाइड की बुनियाद नहीं थीं।

कंगना रनौत के अनुसार, बॉलीवुड के लिए सुशांत ने इतनी अच्छी फिल्में कीं। मगर उन्हें कभी कोई अवॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने काय पो छे से डेब्यू किया। उन्हें डेब्यू तक का अवॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने 6-7 साल के अंतराल में केदारनाथ, धोनी और छिछोरे जैसी अच्छी फिल्में बनाईं। मगर, फिर भी उन्हें कोई अवॉर्ड नहीं मिला। कोई सराहना नहीं मिली। वहीं, गली बॉय जैसी वाहियात फिल्म को अवॉर्ड मिल जाते हैं।

कंगना अपने वीडियो में आपबीती भी सुनाती हैं। वे बोलती हैं कि जो फिल्में वह खुद डायरेक्ट करती हैं, वे सुपरहिट भी होती हैं, तो उन्हें फ्लॉप कर दिया जाता है।

वे पूछती हैं, “मुझ पर 6 केस क्यों डाले गए? क्यों मुझे जेल में डालने की कोशिश हुई?” मिर्च मसाले लगाकार आर्टिकल लिखने वाले पत्रकारों को आड़े हाथों लेते हुए कंगना कहती हैं कि सुशांत के लिए जो लोग ये लिख रहे हैं कि वह साइकोटिक थे, न्यूरोटिक थे, एडिक्टेड थे… उन्हें संजय दत्त की एडिक्शन तो बहुत क्यूट लगती है।

कंगना बताती हैं कि सुशांत की सुसाइड के बाद उन्हें ऐसे मैसेज आ रहे हैं, “तुम्हारा बहुत मुश्किल समय है। तुम ऐसा-वैसा कोई कदम मत उठा लेना।”

कंगना अपनी नाराजगी बयान करते हुए पूछती हैं कि यह लोग उन्हें ऐसी बातें क्यों कहते हैं? क्या वह ये चीज दिमाग में डालना चाहते हैं कि वह सुसाइड कर लें। कंगना आगे सुशांत के संदर्भ में पूछती हैं कि यह सुसाइड थी या प्लान्ड मर्डर था?

सुशांत के कदम पर गुस्सा व्यक्त करते हुए कंगना बोलती हैं कि उनकी गलती बस इतनी थी कि वह ऐसे लोगों की बात मान गए। लोगों ने उनसे कहा कि तुम किसी लायक नहीं हो, तो वह इस बात को मान गए। उन्हें अपनी माँ की बात याद नहीं रही।

कंगना की मानें तो ऐसे लोग चाहते ही है कि वह स्वयं इतिहास लिखें और उसमें ये बताएँ कि सुशांत कमजोर दिमाग का था। वो लोग ये नहीं बताएँगे कि सच्चाई क्या थी। इसलिए हमें यह निर्णय लेना है कि कौन इतिहास को लिखेगा।

उल्लेखनीय है कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने रविवार (जून 14, 2020) को मुंबई के अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। उनकी मौत उनके साथियों व प्रशंसकों के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। सुशांत की आत्महत्या से हर कोई हैरान, स्तब्ध है। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट देखने को मिले, जिसमें बिना सच्चाई को जाने-समझे लोगों ने उन्हें कोसा।

कॉन्ग्रेस नेता के बेटे की शादी, सोशल डिस्टेंसिंग चूल्हे में… लोग पूछ रहे – नियम सिर्फ जनता के लिए?

कोरोना काल में जब भीड़-भाड़ से बचने की सलाह लगातार लोगों को दी जा रही है, ऐसे में शादी समारोह में शामिल होना खतरे को न्यौता देने जैसा है। समूचे देश में शादियों के समारोह को टाला जा रहा है। लेकिन, कर्नाटक में एक बार फिर से ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ पर वीवीआईपी शादी हुई है और नियम-कायदे-कानून को ताक पर रखा गया।

यह शादी थी कॉन्ग्रेस नेता परमेश्वर नाइक के बेटे की। इस विवाह समारोह का आयोजन दावणगेरे के हागीरबोमनहल्ली में किया गया था। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियाँ उड़ाई गई। न तो किसी के चेहरे पर मास्क था और न ही किसी प्रकार की सरकारी गाइडलाइन्स का पालन किया गया।

वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि सैकड़ों की संख्या में लोग इस विवाह समारोह में शामिल हुए थे। जबकि सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक शादी समारोह में 50 लोगों के ही शामिल होने की अनुमति है।

देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में इस तरह की लापरवाही बड़े खतरे को निमंत्रण दे रही है। इस शादी में बड़े-बड़े कॉन्ग्रेसी नेता भी शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक कॉन्ग्रेस नेता परमेश्वर नाइक के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है।

इस कार्यक्रम में पूर्व सीएम और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धारमैया के साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर और कॉन्ग्रेस नेता प्रियांक खड़गे भी शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीरामुलु के भी शामिल होने की खबर है।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे की शादी हुई थी। इस दौरान भी लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के कायदों का ख्याल नहीं रखा गया था।