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अफसर समेत कई चीनी सैनिकों की मौत: चीन क्यों छुपा रहा मारे गए सैनिकों की संख्या, क्यों लगा दिया है पूरा मीडिया तंत्र

भारत और चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख बॉर्डर पर गलवान घाटी के पास हिंसक झड़प में दोनों तरफ से सेना के अधिकारियों की मौत की खबरें सामने आई हैं। लेकिन चीनी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स द्वारा लगातार संदिग्ध और अस्पष्ट बयानों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि चीन अपनी सैनिकों की मौत की खबर को बाहर नहीं आने देना चाहता है।

दरअसल, भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान के बलिदान की खबरों के कुछ देर बाद ही भारतीय सेना द्वारा जारी एक अपडेट में बताया गया है कि इस झड़प में दोनों देशों की सेना के अधिकारियों को हानि पहुँची है।

वहीं, चीनी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्टर ने जहाँ पहले इस बात की पुष्टि करते हुए लिखा कि कल चीन-भारत सीमा पर 5 पीएलए सैनिक मारे गए और 11 घायल हो गए।

चीनी सैनिकों के हताहत होने की खबर सामने आने के कुछ देर बाद ही चाइनीज मुख पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के आधिकारिक एकाउंट से ट्वीट में लिखा गया – “आधिकारिक ग्लोबल टाइम्स एकाउंट ने कभी भी चीनी सैनिकों को हुई क्षति के बारे में सटीक सूचना नहीं दी है। ग्लोबल टाइम्स इस समय संख्या की पुष्टि नहीं करता है।”

कुछ देर बाद ही ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा – “मुझे जो पता है, उसके आधार पर, गालवन घाटी में हुए संघर्ष में चीनी सेना के लोग भी हताहत हुए। मैं भारतीय पक्ष को बताना चाहता हूँ, अभिमानी होने की आवश्यकता नहीं है, चीन के संयम को गलत मत समझो। चीन भारत के साथ कोई टकराव नहीं करना चाहता है, लेकिन हम इससे डरते नहीं हैं।”

इसी बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने अपील की है कि भारत इस मामले के बाद कोई एकतरफा कदम नहीं उठाए और वो इस पर बातचीत करने को तैयार हैं।

अक्साई चीन सीमा पर बीती देर रात हुई झड़प में दो भारतीय जवानों के बलिदान होने के बाद सीमा पर तनाव बढ़ गया। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक इस झड़प में गोली-बारूद का इस्तेमाल नहीं हुआ और दोनों ओर की सीमाओं से पत्थरबाजी की गईं। भारतीय सेना ने अपने बयान को अपडेट करते हुए कहा कि इस झड़प में चीन के भी कुछ सैनिक हताहत हुए हैं।

इन सभी खबरों के बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाँच चीनी सैनिकों के भी मरने की खबरें सामने आईं। हालाँकि, चीनी प्रोपेगेंडा तंत्र पूरे जोर से इसे झुठलाने और भारत को ही आक्रांता बताने पर तुला हुआ है। चीन का कहना है कि भारतीय सैनिक उनकी सीमा में घुसकर उनके सैनिकों को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

भारत हमेशा एक शांतिप्रिय राष्ट्र रहा है, जबकि चीन ने अपनी धौंस दिखाने की कोशिश कई बार की हैं, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी उसे आलोचना का सामना करना पड़ा है।

अक्साई चीन स्थित गलवान घाटी में पिछले एक महीने में चीनी सैन्य गतिविधियों के कारण विवाद बढ़ा है, यह विवाद भारत द्वारा बनाए जा रहे एक सड़क को लेकर है। भारत गलवान घाटी के डुरबुक से लेकर दारूल बेग ओल्ड तक सड़क का निर्माण करा रही है। चीन का कहना है कि यह क्षेत्र उसके हिस्से की है। जबकि दारूल बेग ओल्ड भारत के अक्साई चीन के इलाके से लगा है, जिस पर चीन ने कब्जा कर लिया है।

गलवन क्षेत्र इस पूरे इलाके में सबसे ऊँचाई पर बसा है। यहाँ से भारतीय सेना के जवान और रसद आदि की सप्‍लाई करते हैं। इसके उत्‍तर में ही दौलत बेग ऑल्‍डी सेक्‍टर है, जो भारतीय सीमा के अंदर का क्षेत्र है, यहाँ पर पहले भी चीन की तरफ से घुसपैठ की कोशिश हो चुकी हैं।

कंगना रनौत के बाद रवीना टंडन का फूटा बॉलीवुड ‘नेक्सस’ पर गुस्सा, दुनिया को बताया इंडस्ट्री का काला सच

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या से पूरा देश सदमे में है। सुशांत की इस मौत ने बॉलीवुड को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए है। कई बॉलीवुड स्टार्स भी इंडस्ट्री की अंदरुनी ‘गंदगी’ को लेकर ट्वीट कर रहे हैं। एक्टर सुशांत सिंह ने रविवार (जून 14, 2020) को मुंबई के बांद्रा में अपने में आत्महत्या कर ली। जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक के बाद एक बॉलीवुड के राज खुल रहे हैं।

एक्ट्रेस कंगना रनौत, निर्देशक अभिनव सिंह कश्यप समेत कई स्टार्स ट्वीट कर बॉलीवुड इंडस्ट्री पर जमकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। इसी बीच अब एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी सोशल मीडिया पर बॉलीवुड से जुड़े कई खुलासे किए है।

रवीना टंडन ने सोशल मीडिया पर लगातार कई ट्वीट किए। रवीना टंडन ने ट्वीट करते हुए लिखा, “ऐसा कई बार होता है कि फिल्मों से आपको अचानक निकाल दिया जाएगा और हीरो अपनी किसी गर्लफ्रेंड को ले लेता है। इतना ही नहीं, कुछ लोग तो ऐसा भी करते है कि आपके बारे में फेक न्यूज फैलाते है। ताकि आपकी इमेज खराब हो और उससे आपका करियर खत्म हो सके। इसी वजह से इस इंडस्ट्री में बहुत स्ट्रगल करना पड़ता है कुछ लोग इसे झेल लेते है तो कुछ लोग नहीं।”

अपने दूसरे ट्वीट में रवीना टंडन ने लिखा कि, “जब आप इनके खिलाफ बोलते है तो आपको झूठा कहा जाता है। कई लोग तो आपको पागल तक कह देते है। इस इंडस्ट्री ने मुझे बहुत कुछ दिया है। जिसकी मैं आभारी हूँ लेकिन यही बॉलीवुड की सच्चाई है।”

आगे रवीना टंडन ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है फिर चाहे वो इंडस्ट्री में पैदा हुआ ‘इनसाइडर’ हो या फिर बाहर से आया कोई नया चेहरा ‘आउटसाइडर।’ यहाँ पर दबाने वाले बहुत लोग हैं। मुझे भी दबाने की कोशिश हुई है लेकिन मैंने उतनी तेजी से फाइट की। गंदी राजनीति हर जगह है।”

अपने आखिरी ट्वीट में एक्ट्रेस ने लिखा, “मैं अपनी इस इंडस्ट्री से प्यार करती हूँ लेकिन ये भी सच है कि यहाँ बहुत ज्यादा प्रेशर है। यहाँ अच्छे लोग भी हैं, तो वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो गंदी पॉलिटिक्स करते हैं। दुनिया ऐसी ही है।”

गौरतलब है कि इससे पहले कंगना रनौत ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बॉलीवुड को खरी-खोटी सुनाई थी। कंगना ने कहा था कि बॉलीवुड के लिए सुशांत ने इतनी अच्छी फिल्में कीं। मगर उन्हें कभी कोई अवॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने काय पो छे से डेब्यू किया। उन्हें डेब्यू तक का अवॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने 6-7 साल के अंतराल में केदारनाथ, धोनी और छिछोरे जैसी अच्छी फिल्में बनाईं। मगर, फिर भी उन्हें कोई अवॉर्ड नहीं मिला। कोई सराहना नहीं मिली। वहीं, गली बॉय जैसी वाहियात फिल्म को अवॉर्ड मिल जाते हैं।

वहीं सलमान ख़ान की फिल्म ‘दबंग’ के निर्देशक अभिनव सिंह कश्यप ने सरकार से माँग की है कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की विस्तृत जाँच की जाए। उन्होंने कहा कि सुशांत भले ही चले गए लेकिन उनकी लड़ाई अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने कई बड़ी समस्याओं को सामने ला दिया है, जिससे आज बॉलीवुड में कई लोग जूझ रहे हैं। 

भारत-चीन के बीच बिना गोली-बारूद के हुई खूनी झड़प, रक्षा मंत्री ने की CDS और विदेश मंत्री के साथ बैठक

भारत और चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख बॉर्डर पर गलवान घाटी के पास हिंसक झड़प में दोनों तरफ से सेना के अधिकारियों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इसमें भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान के बलिदान की खबरों के कुछ देर बाद ही भारतीय सेना द्वारा जारी एक अपडेट में बताया गया है कि इस झड़प में दोनों देशों की सेना के अधिकारियों को हानि पहुँची है।

कुछ सूत्रों से खबर आ रही है कि एक चीनी अफसर समेत चार के मरने की सूचना है। एशिया न्यूज़ की ताजा जानकारी के अनुसार चीन के 4 सैनिकों, जिनमें चीनी सेना का एक अधिकारी भी शामिल हैं, की मौत हुई है। हालाँकि अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।

इसी बीच चीन की ओर से जारी एक अधिकारिक बयान में आरोप लगाया है कि भारत के सैनिकों के द्वारा उनकी सीमा में घुसपैठ की कोशिशें की गईं और चीनी सैनिकों पर हमला किया गया। बता दें कि गलवान घाटी, जहाँ यह झड़प हुई है वह अक्साई चीन का बाहरी इलाका है।

बताया जा रहा है कि इस झड़प के दौरान किसी तरह की कोई गोली नहीं चली है, यानी हाथापाई और पत्थरबाजी हुईं, जिनमें सैनिकों को क्षति पहुँची है। सेना ने भी किसी प्रकार की फायरिंग से इनकार किया है।

भारतीय सेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है- “गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस वक्त इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं।”

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के साथ बैठक की, जिसमें पूर्वी लद्दाख के हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की गई।

मारा गया हिजबुल आतंकी उमर: सरपंच अजय पंडिता की मौत का सुरक्षाबलों ने लिया बदला

जम्मू-कश्मीर में आतंकी उमर को मारकर सुरक्षाबलों ने सरपंच अजय पंडिता की मौत का बदला ले लिया। इस बात का खुलासा आईजी विजय कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि इस आतंकी ने ही सरपंच अजय की हत्या को अंजाम दिया था। इसकी पुष्टि एक प्रत्यक्षदर्शी ने की है। हालाँकि, फॉरेंसिक रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने कहा कि पिछले हफ्ते हिजबुल के 2 आतंकियों को मार गिराया गया था, जिसमें उमर भी शामिल था। उमर ने ही सरपंच अजय पंडिता की हत्या की थी। आईजी विजय कुमार ने कहा, “हम हर सरपंचों को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकते हैं, लेकिन जिसको भी खतरा है, वह हमारे पास आए।”

उन्होंने बताया कि भारतीय सुरक्षाबलों की मुस्तैदी की वजह से ही आज आतंकियों में डर बैठने लगा है। अब तक 94 आतंकियों को मारा जा चुका है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि उत्तर कश्मीर से आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाए।

आतंकवाद का दामन थामने वालों की संख्या में भारी गिरावट की पुष्टि करते हुए आईजी ने कहा कि हम हमेशा नए भर्ती हुए आतंकवादियों को एनकाउंटर से पहले आत्मसमर्पण करने के लिए कह रहे हैं। आईजी ने कहा कि ऐसे भटके हुए युवाओं के माता-पिता से अनुरोध कर रहे हैं कि वे अपने बच्चों से सामान्य जीवन में लौटने के लिए अपील करें।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों 8 जून को कश्मीर घाटी में अनंतनाग के लरकीपोरा इलाके में सरपंच अजय पंडिता की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना को अंजाम देते ही आतंकी मौके से फरार हो गए थे। लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि आतंकी इसी इलाके में ही छिपे हुए हैं। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने हालिया मुठभेड़ में उमर को मार गिराया।

अजय पंडिता की हत्या का मामला सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने इस आतंकी हमले को मुख्यत: कॉन्ग्रेस पर हमला बताया था। जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर बॉलीवुड अभिनेता तक ने उनकी विचारों पर सवाल उठाए थे। वहीं, अजय पंडिता की बेटी ने इस बयान को लेकर कहा था कि उनके पिता की मौत पर राजनीति करने की जरूरत नहीं है।

22 वर्षीय सद्दाम ने अपने गाँव की ही 7 साल की बच्ची के साथ किया दुष्कर्म का प्रयास, गिरफ्तारी के बाद तनाव

उत्तर प्रदेश के इलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने 7 साल की बच्ची के साथ रेप का प्रयास करने के आरोप में सद्दाम नाम के युवक को गिरफ्तार किया। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण गाँव में तनाव की स्थिति बन गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से वहाँ पुलिस बल की तैनाती की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार (जून 13,2020) की सुबह 8 बजे गाँव के ही 22 वर्षीय सद्दाम ने 7 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। लेकिन, बच्ची की चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर कई ग्रामीण वहाँ वारदात की जगह पर पहुँच गए, तभी सद्दाम वहाँ से भागने लगा।

इस बीच बच्ची के घरवालों ने ग्रामीणों की मदद से उसे दौड़ाकर पकड़ा और खूब पीटा। बाद में मौके पर पहुँची पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ़ आईपीसी की धारा 363, 376, 511, 153ए तथा 5/6 पास्को एक्ट के तहत मुकदमा लिखकर आरोपित सद्दाम को मेडिकल के लिए भेजा।

मगर, यहाँ मामला शांत नहीं हुआ। दरअसल, न्यूज 18 की खबर के अनुसार, जब उसे मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया, तब वह वहाँ से मौक़ा देखकर फरार हो गया। सद्दाम के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया और तमाम अधिकारी मौके पर पहुँच गए।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सद्दाम के खिलाफ़ पुलिस कस्टडी से भागने का मामला भी दर्ज किया गया है। इसके अलावा दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके ख़िलाफ़ भी उपयुक्त धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।

ऑपइंडिया ने जब इस संबंध में इलिया थाने में बात की, तो पुलिस अधिकारी ने बताया, “13 तारीख को सद्दाम फरार हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसे अगले दिन 14 तारीख को उसे ग्राम भोरसर से गिरफ्तार किया। अब उसे जेल भेजा जा चुका है। गाँव में माहौल को देखते हुए पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई है। शांति व्यवस्था का पूरा प्रयास किया जा रहा है।”

उल्लेखनीय है कि इस घटना से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। पुलिस ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिसबल की तैनाती की है। इसके अलावा इस मामले पर विभाग के उच्चाधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

AAP के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन कोरोना के लक्षण के बाद अस्पताल में भर्ती, लोगों ने पूछा- घर पर क्यों नहीं रहे?

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन में कोविड-19 के लक्षण दिखने के बाद उन्हें राजीव गाँधी सुपर स्पेशेलिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार (जून 15, 2020) को उन्हें साँस लेने में दिक्कत शुरू हुई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहाँ उन्हें फिलहाल ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा उनका कोरोना टेस्ट भी हुआ है।

अपनी तबीयत खराब होने की सूचना स्वंय सत्येंद्र जैन ने ट्विटर पर भी दी है। उन्होंने लिखा, “तेज बुखार और साँस लेने में आ रही दिक्कत के बाद मुझे अस्पताल में भर्ती किया गया है। मैं आपको ताजा जानकारी देता रहूँगा।”

यहाँ बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कोरोना जैसे कुछ लक्षणों को देखते हुए खुद को आइसोलेट कर लिया था। हालाँकि, बाद में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। ऐसे में अब सत्येंद्र जैन के अस्पताल में भर्ती होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने उनकी जल्द रिकवरी की कामना की है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन लगातार बैठकों में हिस्सा ले रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य अधिकारियों के साथ लगातार कई बैठकें कीं, तब सत्येंद्र जैन बतौर स्वास्थ्य मंत्री उस बैठक में मौजूद थे। जिसके कारण अब सोशल मीडिया पर लोग सवाल करने लगे हैं कि आखिर कोई इतना लापरवाह कैसे हो सकता है।

राहुल कौशिक नाम के यूजर ने ट्विटर पर लिखा, “गृह मंत्रालय में हुई गृह मंत्री की बैठक में सत्येंद्र जैन शामिल हुए थे। इसमें डॉ हर्षवर्धन, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया भी थे। आखिर कोई इतना लापरवाह कैसे हो सकता है? उम्मीद है सब ठीक होंगे।”

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सत्येंद्र जैन ने कोविड-19 के मरीजों को लेकर इस बात को स्पष्ट किया था कि अगर कोरोना किसी को हो भी जाता है, तो वह अस्पताल की ओर न भागें, क्योंकि उसका इलाज घर में रखकर किया जाएगा, उसे प्रॉपर गाइड किया जाएगा, डॉक्टर उसे घर पर आकर देखेंगे। हालत बहुत बिगड़ने पर ही अस्पताल में एडमिट किया जाएगा।

सोचने वाली बात है कि आम आदमी के लिए जो आम आदमी सरकार कुछ दिनों पहले बेबस होकर ऐसे फैसले सुना रही थी। वही आम आदमी के नेता अपनी दी हुई गाइडलान्स को फॉलो करते नहीं दिख रहे। यही कारण है कि अब सोशल मीडिया पर लोग सत्येंद्र जैन की जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते हुए सीएम केजरीवाल से पूछने लगे हैं कि उनके मंत्री उनकी बनाई गाइडलाइन क्यों नहीं फॉलो कर रहे और क्यों अस्पताल की ओर भाग रहे हैं?

लद्दाख में भारत-चीन की सेनाओं में झड़प: 3 सैनिक वीरगति को प्राप्त, चीनियों के भी मरने की खबरें

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव और ज्यादा अब बढ़ता नजर आ रहा है। खबर है कि सोमवार को गलवान घाटी में सेनाओं के पीछे हटने के दौरान दोनों देशों की सेनाओं में झड़प हो गई। जिसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान वीरगति को प्राप्त हुए।

खबरों के अनुसार चीन की सेना के एक अधिकारी सहित कुल 4 जवान मारे गए। बताया जा रहा है कि इस बड़ी घटना के बाद अब दोनों देशों के दिग्गज अधिकारी मुलाकात करके हालातों को संभालने में लगे हुए हैं।

गौरतलब है कि मई के शुरुआती दिनों में LAC पर चीनी सैनिकों ने आक्रामक रुख अपनाना शुरू किया था। ऐसे में खबर थी कि पूर्वी लद्दाख में 4 जगहों पर पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने घुसपैठ की। साथ ही बड़ी संख्‍या में चीनी सैनिक आर्टिलरी और बख्‍तरबंद गाड़‍ियों के साथ LAC के पास मौजूद हैं। 1975 के बाद यह पहली बार है, जब भारत-चीन सीमा पर किसी सैनिक की जान गई है। 

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बता दें कि दोंनों देशों की सेनाओं को सीमा से दूर हटाने के लिए लंबे वक्त से कदम बढ़ाए जा रहे थे। 6 जून के बाद से वहाँ कई राउंड की बात चल रही थी, CO से लेकर लेफ्टिनेंट जनरल लेवल तक के अफसरों के बीच बातचीत जारी थी।

बीच में खबर भी आई थी कि दोनों देशों की सेना 2.5-3 किमी तक पीछे हटी। लेकिन अब बताया जा रहा है कि जब ये प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई।

1 माह के भीतर छोटा शकील की 2 बहनों की मौत, कोरोना वायरस से संक्रमित थी बड़ी बहन हमीदा

दाऊद के करीबी माने जाने वाले अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील की बड़ी बहन हमीदा (Hamida) की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई है। उनका इलाज मुम्बई स्थित ठाणे के मुम्ब्रा में चल रहा था।

ज्ञात हो कि गत मई माह में ही छोटा शकील की छोटी बहन फहमीदा शेख (Fahmida Shaikh) का भी हार्ट अटैक पड़ने से निधन हो गया था। यानी, एक माह के भीतर अंडरवर्ल्ड के डॉन छोटा शकील की 2 बहनों की मौत हो गई है।

पिछले महीने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील की बहन फहमीदा की मौत मीरा रोड स्थित एक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई थी। 50 वर्षीय फहमीदा को हार्ट अटैक आया था। हालाँकि, फहमीदा का कोरोना वायरस परीक्षण भी किया गया था। वह अपने परिवार के साथ मीरा रोड, मुम्बई रहती थीं। इससे पहले फहमीदा दुबई में रहती थीं। लेकिन 2006 में वह मुंबई में शिफ्ट हो गई थीं। 

छोटा शकील

छोटा शकील 1980 में वो दाऊद के गैंग में शामिल हो गया था जहाँ उसकी बड़ी भूमिका मानी जाती थी। 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम ब्लास्ट में शकील की भूमिका भी सामने आई थी। वर्तमान में उसके पाकिस्तान में छुपे होने की खबरें सामने आती रही हैं।

हाल ही में दाऊद के भी कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत की खबरें सामने आईं थीं, लेकिन इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

वहीं, भारत में पिछले 24 घंटे में 10,667 नए मामले सामने आए हैं और 380 लोगों की मौत हुई है। जिसके बाद देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल मामलों की कुल संख्या 3,43,091 हो गई है, जिनमें से 1,53,178 अभी सक्रिय हैं, जबकि अब तक 9,900 लोगों की मौत हो चुकी है।

‘सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की जाँच क्यों?’ राजदीप के सवाल पर IPS अधिकारी ने याद दिलाया कानून, सुनते ही पलटे

पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की जाँच किए जाने पर नाराज़गी जताई है। अपनी ‘गिद्ध पत्रकारिता’ के लिए जाने जाने वाले राजदीप सरदेसाई ने लिखा कि मुंबई पुलिस को सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की जाँच करने की क्या आवश्यकता है? बता दें कि सब कुछ प्रक्रिया के तहत ही हो रहा था। मृत शरीर के पोस्टमॉर्टम के बाद सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में मुंबई पुलिस ने जाँच शुरू की लेकिन राजदीप सरदेसाई को ये रास नहीं आया।

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने इस बात की पुष्टि की है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में प्रोफेशनल दुश्मनी के कारण उनकी जान लिए जाने के आरोप लग रहे हैं, इसीलिए पुलिस इस एंगल से भी जाँच करेगी। उन्होंने एक वीडियो सन्देश जारी कर ये बात कही। इस पर राजदीप सरदेसाई गुस्से में आ गए और उन्होंने यहाँ तक कह डाला कि जब सरकारें सोशल मीडिया कुछ ज्यादा ही देखती है तो यही सब होता है।

आईपीएस अधिकारी का राजदीप को जवाब

बकौल राजदीप सरदेसाई, पुलिस को अब जाँच नहीं करनी चाहिए और सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को ‘चैन से शोक मनाने’ देना चाहिए और साथ ही उनकी आत्मा की शांति को भंग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्विटर और इंस्टाग्राम में हो-हल्ला के कारण ये सब हो रहा है। इसके बाद वो ‘शुभ रात्रि’ और ‘गुड नाइट’ बोल कर निकल गए। हालाँकि, लोगों ने उनके रवैये पर सवाल उठाया और जम कर खरी-खोटी सुनाई।

पुलिस अधिकारी प्रणव महाजन ने राजदीप को बताया कि इस तरह की हर मौत के बाद जाँच होना एक ऐसी प्रक्रिया है, जो आवश्यक है और यह होना ही चाहिए। उन्होंने राजदीप को समझाया कि क़ानून के अनुसार आत्महत्या से हुई हर मौत के बाद जाँच होनी ही होनी है। राजदीप सरदेसाई को ग़लतफ़हमी थी कि सोशल मीडिया में हंगामा होने के कारण जाँच हो रही है। इस पर लोगों ने कहा कि एक वरिष्ठ पत्रकार को पुलिस की प्रक्रिया के बारे में पता होना चाहिए।

आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा ने भी राजदीप सरदेसाई की जम कर क्लास लगाई। उन्होंने बताया कि सीआरपीसी की धारा 174 के तहत किसी भी अप्राकृतिक मृत्यु के बाद पुलिस को जाँच करनी होती है। ये मैंडेटरी है। उन्होंने पूछा कि भला क़ानून अपनी जिम्मेदारी से कैसे पीछे हट सकता है? आईपीएस अरुण ने राजदीप सरदेसाई को रिप्लाई देते हुए कहा कि सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को यह जानने का पूरा हक़ है कि उनकी मौत क्यों और कैसे हुई।

पुलिस अधिकारी ने राजदीप को डपटा

साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या पुलिस जाँच न करे और सुशांत सिंह राजपूत का परिवार न्यूज़ एंकरों द्वारा निकाले गए निष्कर्ष को ही मान लें? बाद में राजदीप सरदेसाई ने तुरंत यू-टर्न लिया और कहने लगे कि वो तो जाँच के पक्ष में हैं, जाँच होनी चाहिए लेकिन मंत्री द्वारा पुलिस को बॉलीवुड में दुश्मनी वाले एंगल से जाँच करने का निर्देश देना उन्हें ठीक नहीं लग रहा। इस पर बोथरा ने उन्हें डपटा कि जब सुशांत बॉलीवुड में कार्यरत थे तो स्वाभाविक है कि जाँच में बॉलीवुड का नाम आएगा।

बता दें कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद उनकी भाभी भी सदमे से चल बसीं। बताया जा रहा है कि उनकी भाभी सुशांत की मृत्यु को बर्दाश्त नहीं कर सकीं। वो पहले से ही बीमार चल रही थीं। सुधा देवी की मौत उस समय हुई, जब सुशांत का मुंबई में अंतिम संस्कार चल रहा था। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत का संयुक्त परिवार है। उनके पिता और चचेरे भाई नीरज सिंह बबलू सारी प्रक्रिया पूरी करने मुंबई पहुँचे थे।

जो है RSS कार्यकर्ता का हत्यारा, वो वामपंथी CM की बेटी की शादी में बना VVIP गेस्ट

केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की बेटी की शादी में बतौर वीआईपी गेस्ट बनकर आने वाला मोहम्मद हाशिम RSS कार्यकर्ता सुरेश बाबू की हत्या का दोषी है। कुछ दिन पहले ही हाशिम परोल पर रिहा हुआ और 15 जून को उसने सीएम की बेटी वीणा और सीपीएम नेता मो रियास की शादी अटेंड की।

गौरतलब है कि 15 जून को हुई वीणा और सीपीएम नेता मोहम्मद रियाज की शादी में कुछ खास लोग शामिल हुए थे। ऐसे में मोहम्मद हाशिम उन्हीं खास 50 लोगों की सूची में था, जिन्हें शादी के लिए आमंत्रित किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि हाशिल मोहम्मद रियाज का कजन है। मोहम्मद हाशिम को सुप्रीम कोर्ट ने त्रिशूर में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के आरोप में 7 साल की सजा सुनाई है और फिलहाल वह कोरोना महामारी के कारण जेल से बाहर है।

अब इसी मामले के संबंध में भाजपा ने सीएम पिनरई विजयन से जवाब माँगा है। एक फेसबुक पोस्ट में भाजपा नेता संदीप जी वरियर ने लिखा, “क्या एक हत्या का दोषी मोहम्मद हाशिम शादी में शामिल हुआ था? सीएम को जवाब देना चाहिए। क्या एक हत्या का दोषी, जो परोल पर बाहर है, वो शादी में शामिल हुआ?”

उन्होंने लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में इसे 7 साल जेल की सजा सुनाई थी। वह कोरोना महामारी के कारण परोल पर बाहर है। कोई अपराधी आधिकारिक सरकारी आवास पर कैसे आ सकता है और सीएम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कैसे चल सकता है। यह एक बड़ी सुरक्षा चूक है। वो भी तब जब सीएम के पास गृह विभाग भी है। मोहम्मद हाशिम ने त्रिसूर में आरएसएस कार्यकर्ता सुरेश बाबू की हत्या की थी।”

इसके अलावा, केरल भारतीय जनता पार्टी की नेता शोभा सुरेंद्रन ने भी एक हत्यारे की अपने आधिकारिक निवास पर मेहमान नवाजी करने पर CM पिनरई विजयन की आलोचना की।

यहाँ बता दें कि लॉकडाउन के समय में हुई वीणा और रियाज की शादी, दोनों की दूसरी शादी है। वीणा ने इससे पहले तिरुवनंतपुरम के एक वकील सुनीश से शादी की थी। इस दौरान दोनों को एक बेटा भी हुआ। लेकिन 2015 में किसी कारणवश उनका तलाक हो गया।

इसी प्रकार रियास ने पहली शादी कालिकट विश्वविद्यालय की सिंडिकेट सदस्य डॉ समीहा सैथलवी से की थी। इसके बाद दोनों के दो पुत्र हुए लेकिन साल 2015 में इनका तलाक हो गया। रियास की पहली पत्नी ने उनके ऊपर घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे।

उल्लेखनीय है कि लगभग एक दशक तक आईटी सेक्टर में काम करने वाली मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की बेटी वीणा एक उद्यमी है। जिन्होंने हाल में EXALOGIC SOLUTION नाम की फर्म की शुरुआत की थी। लेकिन पिछले दिनों वह यूएस कंपनी Sprinklr के कारण चर्चा में रहीं।

कॉन्ग्रेस ने उन पर आरोप लगाया था कि उनके उस स्प्रिंकलर नाम की कंपनी के मैनेजमेंट के साथ करीबी संबंध थे, जिसे सीपीएम ने कोरोना रोगियों का डेटा रिकॉर्ड करने का काम सौंपा था।

कॉन्ग्रेस नेता पीटी थॉमस ने वीणा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि Exalogic solution का एकदम से गायब हो जाना दर्शाता है कि केरल सरकार की स्प्रिंकलर के साथ क्या डील थी।

वहीं, रियास के बारे में बता दें कि वह आईपीएस अधिकारी पीएम अब्दुल खादर का बेटा है। उन्हें साल 2017 में DYFI ने बतौर अध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने साल 2009 में सीपीएम की ओर से कोझिकोड लोकसभा सीट के लिए चुनाव लड़ा था। मगर, यूडीएफ के एमके राघवन ने उन्हें 800 वोटों से हरा दिया था। इसके बाद वह बीफ कुकिंग प्रोटेस्ट के मामले में बढ़ चढ़कर एनडीए सरकार द्वारा लाए मसौदे का विरोध करते नजर आए थे।