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‘क्या सैनिकों के ताबूत पर PM CARES लिखा होगा’ – CSK ने टीम डॉक्टर को घटिया ट्वीट पर नौकरी से किया सस्पेंड

आईपीएल की टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने बुधवार (जून 17, 2020) को टीम के डॉक्टर डॉ मधु थोट्टापपिल्लई (Dr. Madhu Thottappillil) को उनके द्वारा किए गए एक विवादित ट्वीट में PM CARES फंड और बलिदानी सैनिकों पर कटाक्ष करने के लिए निलंबित कर दिया है। डॉक्टर मधु 2008 में आईपीएल की शुरुआत से ही चेन्नई सुपर किंग्स के आधिकारिक टीम डॉक्टर थे।

डॉ मधु थोट्टापपिल्लई ने अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से भारतीय सेना की चीनी सैनिकों से झड़प में बलिदानी भारतीय सैनिकों के बारे में ‘पीएम केयर्स फंड’ (PM CARES Fund) पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया था। इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया में लोगों के बीच नाराजगी देखी गई। जिसके बाद डॉ मधु ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया था। हालाँकि, उसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया में वायरल हो गए थे। चेन्नई सुपर किंग्स ने एक ट्वीट के माध्यम से डॉक्टर को निकालने की जानकारी दी है।

दरअसल, डॉ मधु ने लद्दाख क्षेत्र में 20 भारतीय सैनिक के बलिदान की खबरों के सामने आने के बाद ‘पीएम केयर्स’ पर कटाक्ष करते हुए अपने ट्वीट में लिखा था – “मैं ये जानने को उत्सुक हूँ कि जो ताबूत वापस आएँगे क्या उस पर ‘पीएम केयर’ का स्टीकर लगा होगा?”

इस ट्वीट पर विवाद बढ़ता देख उन्होंने अपना ट्विटर अकाउंट लॉक भी कर दिया। इस ट्वीट को लेकर कई ट्विटर यूजर्स ने चेन्नई सुपरकिंग्स से शिकायत की और कहा कि ये शर्म की बात है कि मेडिकल पेशे से जुड़ा एक शख्स इतना असंवेदनशील हो सकता है और भारतीय सेना के जवानों की मौत पर मजाक कर रहा है।

विवाद बढ़ने के बाद आईपीएल की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स ने इसका जवाब देते हुए कहा – “चेन्नई सुपर किंग्स प्रबंधन को डॉ मधु थोट्टापपिल्लई के व्यक्तिगत ट्वीट की जानकारी नहीं थी। उन्हें टीम डॉक्टर के रूप में उनके पद से निलंबित कर दिया गया है। चेन्नई सुपरकिंग्स को उनके ट्वीट पर खेद है जो प्रबंधन की जानकारी के बिना किया गया और यह दुर्भावनापूर्ण था।”

चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने एक ट्वीट में साफ किया कि उन्हें डॉ मधु थोट्टापपिल्लई के ट्वीट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

उल्लेखनीय है कि अक्साई चीन क्षेत्र के गलवान घाटी में भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि 43 चीनी सैनिकों के मरने की खबर भी सामने आई हैं।

ऐसे में डॉ मधु ने उस फंड पर निशाना साधने का प्रयास किया था, जिस ‘पीएम केयर्स फंड’ (PM CARES Fund) कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से दान करने की अपील की थी, इसमें कई लोगों ने बड़ी मात्रा में अपना सहयोग दिया है जो कि विपक्ष के साथ ही मीडिया के लिए भी बड़ा सरदर्द बनकर उभरा है।

MP में खून से लथपथ मिली गाय, फटे मुँह से खाने-पीने में असमर्थ: विस्फोटक खिलाए जाने की आशंका

MP में एक गाय को विस्फोटक मिश्रित भोजन खाने से घायल होने का मामला सामने आया है। केरल में गर्भवती हथिनी और हिमाचल प्रदेश में गर्भवती गाय को विस्फोटक खिलाने की घटना के बाद अब मध्य प्रदेश के उमरिया में जानवरों के साथ क्रूरता की यह इस प्रकार की तीसरी घटना है।

आशंका जताई जा रही है कि उमरिया में एक माह के बछड़े को दूध पिलाती गाय को किसी ने विस्फोटक खिला दिया और अब उसके बचने की उम्मीद काफी कम बताई जा रही हैं। पीड़ित गाय कुछ खाने में भी असमर्थ है और न ही वह पानी पी सकती है।

गाय द्वारा विस्फोटक मिला भोजन खाने का संदेह

यह घटना मध्य प्रदेश के गिन्जरी गाँव की है। गाय के मलिक ओमप्रकाश अग्रवाल बताते हैं, कि वो रोजाना गाय को चरने के लिए छोड़ देते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार उनका कहन अहै कि गाय घर के आसपास ही 500 मीटर के अंदर घूमकर चरती रहती थी।

शाम होने पर वापस घर आ जाती थी और आकर अपने 1 महीने के बच्चे को दूध पिलाती थी। इसी क्रम में गाय 14 जून को भी आसपास चरने गई थी, मगर वह शाम को घर वापस नहीं आई। गाय के नहीं लौटने पर उन्होंने पूरी रात उसे ढूँढा मगर वह नहीं मिली।

अगले दिन भी ओमप्रकाश ने गाय की तलाश जारी रखी लेकिन उस दिन भी उन्हें घर खाली हाथ लौटना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद जब 16 जून को उन्हें गाय वापस मिली तो वह खून से पूरी तरह लथपथ थी। गाय का मुँह बुरी तरह से फटा हुआ था।

ओमप्रकाश ने आशंका जताई है कि विस्फोटक पदार्थ खाने की वजह से उसका जबड़ा और मुँह ज़ख्मी हो गया है। गाय की गंभीर हालत को देखते ही उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज की।

साथ ही पशु चिकित्सक को बुलाकर गाय का इलाज कराया गया। चिकित्सक ने बताया कि गाय की हालत काफ़ी नाजुक है। न वो कुछ खा पी सकेगी, न ही अपने बछड़े को दूध पिला सकेगी।

पुलिस ने किया मामला दर्ज

ओमप्रकाश अग्रवाल के तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) सचिन शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके ने पर पहुँचकर एक पशु चिकित्सक को बुलाया। पुलिस अब घायल गाय के मामले की जाँच कर रही है।

बजरंग दल ने की जल्द कार्रवाही की माँग

गाय के साथ हुई इस क्रूरता को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपित को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा की माँग की हैं। साथ ही मामले पर कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन करने की धमकी भी दी हैं। बजरंग दल के नेता उपेंद्र सिंह ने कहा, “इस मामले में पुलिस ने अगर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो हम उसे तलाश कर लेंगे।”

जारी है गाय-बछड़ों सहित जानवरों पर अत्याचार

गौरतलब है कि एक हफ्ते पहले ही आगरा में दो युवकों ने एक बछड़े को डंडे से पीट-पीट कर मार डाला। क्योंकि भूख से बेहाल सड़क पर घूमते हुए एक बछड़े ने उसकी गाय-भैसों के साथ मिलकर उसके द्वारा दिया गया चारा खाने लगा था। जिसे देखते ही दो युवकों ने बछड़े पर जम कर लाठियाँ बरसानी शुरू कर दीं। उन दोनों ने बछड़े को इतना मारा कि उसकी मौत हो गई। जिसकी वीडियो पास के एक सीसीटीवी में कैद हो गई थी।

गाय और हथिनी को खिलाया गया था विस्फोटक

बता दें कि इस से पहले हिमाचल में बिलासपुर जिले के झंडुत्ता इलाके में एक गर्भवती गाय को विस्फोटक खिला दिया गया था, जिससे गाय बुरी तरह से घायल हो गई थी। जख्मी गाय ने इलाज के दौरान एक बछड़े को जन्म दिया था। मगर पशु चिकित्सकों का कहना था कि गाय अब नॉर्मल दिनों की तरह ढेर सारा चारा एक साथ नहीं खा सकेगी।

वहीं कुछ दिनों पहले केरल के मलप्पुरम एक 15 वर्षीय गर्भवती हथिनी एक अमानवीय कृत्य का शिकार हो गई थी। जहाँ उपद्रवी शख्स ने उसे पटाखों से भरा अनानास खिला दिया था, जिससे हथिनी के मुँह में विस्फोट हो गया और वह बुरी तरह जख्मी हो गई। हथिनी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि वह गर्भवती थी। उसका जबड़ा टूट गया था और मुँह में विस्फोट के कारण वह अनानास चबाने के बाद कुछ खा नहीं पा रही थी।

बांग्लादेश: सिर्फ मई 2020 में 10 मंदिरों पर हुआ हमला, लूटपाट, मूर्तियाँ की गई क्षत-विक्षत

बांग्लादेश में हिंदुओं का उत्पीड़न लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले महीने यानी मई 2020 में ही हिंदुओं को प्रताड़ित करने वाली कई घटनाएँ सामने आई हैं, जो सोचने पर मजबूर तो करती ही है, साथ ही वहाँ के अल्पसंख्यक हिंदुओं की दयनीय व्यथा को भी बयाँ करती है। वर्ल्ड हिन्दू फेडरेशन बांग्लादेश चैप्टर (world hindu federation bangladesh chapter) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार मई 2020 में ही हिंदुओं के 10 मंदिरों को तोड़ दिया गया। मूर्तियों को क्षत-विक्षत कर दिया गया।

  1. प्रेस रिलीज के मुताबिक 3 मई 2020 को दिनाजपुर नगरपालिका क्षेत्र में एक लाख टके का भुगतान न करने पर लोकल क्रिमिनल मामून और उसके गिरोह ने पूर्ण चंद्र रॉय के घर एवं मंदिर पर हमला किया और नष्ट कर दिया।
  2. 4 मई 2020 को सुबह के लगभग 3 बजे चटगाँव के लोहगारा में शांति बिहार में 40 हथियारबंद लोगों ने मंदिर पर हमला किया। उपद्रवियों ने मंदिर की खिड़कियाँ, दीवारें और बुद्ध की मूर्ति को तहस नहस कर दिया।
  3. इसके बाद 5 मई 2020 को नेत्रकोना जिले के दुर्गापुर उपजिला के बकलजोरा यूनियन में उपद्रवियों ने कुमुदगंज बाजार काली मंदिर की मूर्ति को खंडित कर दिया।
  4. उपद्रवियों ने 8 मई 2020 को सिराजगंज जिले के बेलकुची चावला में जिधुरी साह पारा मंदिर की मूर्तियों को तहस नहस कर दिया। सिराजगंज जिले डब्ल्यूएचएफ बांग्लादेश चैप्टर के नेताओं ने मंदिर का दौरा किया और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की माँग की।
  5. 9 मई 2020 को रात में बदमाशों ने नेत्रकोना जिले के कलमाकंद उपजिला के नागदरा गाँव में 100 साल पुरानी काली मंदिर की मूर्ति के साथ बर्बरता की।
  6. 10 मई 2020 को सुनामगंज जिले के छतक नगर पालिका के टाटीकोना गाँव में फेसबुक पर टिप्पणी करने को लेकर आतंकवादियों ने हिंदू परिवारों पर हमला किया और उनके घरों एवं मंदिरों को नष्ट कर दिया। इस हमले में कम से कम 10 लोग घायल हो गए। घायल व्यक्तियों की पहचान तापस दास (30), शिप्लू दास (28), पाब्लू दास (32), पिपलू दास (26), सुमन दास (28), रतुल चौधरी (31), शिमला दास (28) और अन्य के रूप में हुई।
  7. 11 मई 2020 को उपद्रवियों ने लालमोनिरहाट जिले के चपरहट इमेंद्रघाट में प्रसिद्ध श्री श्री माँ बिदवेश्वरी मंदिर की मूर्ति के साथ तोड़ फोड़ की।
  8. 12 मई 2020 को लगभग 1 बजे, अपराधियों के एक समूह ने निलफामारी सदर अपजिला में दक्षिण हरो राधागोबिंद मंदिर का ताला तोड़ने और मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की। हालाँकि, स्थानीय लोगों ने उनका पीछा किया और उनमें से एक को पकड़ लिया और उसे सदर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया।
  9. 13 मई 2020 को ही उपद्रवियों ने रंगमती जिले के श्री श्री मगादेश्वरी मंदिर में मूर्ति के साथ छेड़छाड़ की और मंदिर के दान पेटी से पैसे चुरा लिए।
  10. 13 मई को ही चोरों ने पीछे की दीवार को तोड़कर सुइहारी में क्षत्रिय समिति के पर्थ सारथी मंदिर में प्रवेश किया और मंदिर के आभूषण और अन्य कीमती सामान चुरा लिया।

मारा गया चीनी सैनिकों का कमांडिंग ऑफिसर भी, लद्दाख की गलवान घाटी में हुए झड़प में भारत के 4 और सैनिकों की हालत गंभीर

लद्दाख सीमा पर गलवान घाटी में 15-16 जून की रात भारत-चीन की सेना में हुई झड़प में चीन यूनिट का कमांडिग ऑफिसर (सीओ) भी मारा गया। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, कमांडिग ऑफिसर के अलावा चीन के 40 सैनिकों के मरने की खबर है।

सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक कर रहे हैं। वहीं, 4 भारतीय सैनिकों की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि सरकार ने आर्मी को सीमा पर कार्रवाई करने के लिए खुली छूट दे दी है।

गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों की झड़प की साइट पर चीन के हेलीकॉप्टरों की आवाजाही से इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि वहाँ बड़े पैमाने पर चीन के सैनिक हताहत हुए हैं। ANI ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि मृतक और घायल चीनी सैनिकों की संख्या का झड़प की साइट पर स्टेचरों की संख्या, एम्बुलेन्स और हेलीकाप्टरों की आवाजाही से 40 से अधिक का अनुमान है। साथ ही जिस भारतीय यूनिट से झड़प हुई उसने भी बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों के घायल और मृत होने की बात कही है।

ANI का अपने सूत्रों के हवाले से कहना है कि चीन के मृत और घायल सैनिकों की सही संख्या नहीं बताई जा सकती है लेकिन कई बातों को ध्यान में रखते हुए इसके 40 से अधिक होने का अनुमान है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच मंगलवार देर रात तक गलवान में हुई घटना को लेकर बातचीत हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार ने सेना को खुली छूट दे दी। सरकार ने कहा कि जमीनी हालात के मुताबिक सेना कार्रवाई करे।

बता दें, भारतीय सेना ने मंगलवार देर रात इस घटना पर विस्तृत बयान जारी किया। बयान के मुताबिक, 6 जून के समझौते के मुताबिक गलवान घाटी के पास सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया जारी थी। जब भारतीय दस्ता बॉर्डर किनारे चीन की स्थिति को जाँचने पहुँचा, तब दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हो गई।

शुरुआत में भारत में 1 कमांडिंग अफसर और 2 जवानों के वीरगति प्राप्त होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में सेना ने जानकारी दी कि अन्य 17 घायल भी वीरगति को प्राप्त हो गए हैं, यानी इस झड़प मे कुल 20 जवानों की जानें गईं।

इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गलवान घाटी में भारतीय जवानों का जान गँवाना बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाला है। राष्ट्र हमारे वीर सैनिकों के इस बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

वहीं, विदेश मंत्रालय की ओर से भी इस मामले में बयान जारी किया गया। MEA के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत सीमा पर शांति बनाए रखने का पक्षधर है। भारत सीमा विवाद के किसी भी मुद्दे का शांति और संवाद के जरिए समाधान का पक्षधर है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, “चीन के सैनिकों की तरफ से यथास्थिति को न मानने का प्रयास हुआ और इसके कारण टकराव की नौबत आई। इसमें दोनों तरफ के सैनिक मारे गए, घायल हुए। जबकि दोनों तरफ से उच्च स्तर पर बन रही सहमति के आधार पर इसे टाला जा सकता था।”

अनुराग श्रीवास्तव ने आगे कहा, “सीमा प्रबंधन पर जिम्मेदाराना दृष्टिकोण जाहिर करते हुए भारत का स्पष्ट तौर पर मानना है कि हमारी सारी गतिविधियाँ हमेशा एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के भारतीय हिस्से की तरफ हुई हैं। हम चीन से भी ऐसी ही उम्मीद करते हैं।”

पिलाया पेशाब, जूते में पानी भरकर पीने को किया मजबूर… 5000 रुपए भी लिए: राजस्थान में प्यार करने की सजा

राजस्थान के सुमेरपुर थाने के एक गाँव में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। खबर है कि यहाँ के कुछ ग्रामीणों ने एक युवक को अपनी जाति की महिला से बात करने के कारण पेशाब पिलाया। जूते में डालकर पानी पीने को मजबूर किया और उसके साथ मारपीट की गई। अब इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, कालूराम नाम का युवक अपने गाँव की एक विवाहिता से अक्सर फोन पर बातें करता था। इस बात का पता एक दिन विवाहिता के भाई को चल गया। उसने इस संबंध में अपने रिश्तेदारों को बताया। इसके बाद 11 जून को भारूंडा रोड पर 3 लोगों ने कालूराम का अपहरण किया और सिरोही के सरदारपुर गाँव के पास एक कुएँ पर ले गए।

यहाँ पहले 9 आरोपितों ने मिलकर उससे मारपीट की। फिर उसका मोबाइल और सिम तोड़ दिया। इन 9 आरोपितों की पहचान लक्ष्मणराम, जवानाराम, भीमाराम, हकमाराम, नवाराम, लाखाराम, लक्ष्मणराम सुपरणा, गाेपाराम, दरगाराम के रूप में हुई।

खबर के अनुसार, इन लोगों ने मारपीट के बाद कालूराम को शराब की बोतल में पेशाब भरकर पिलाया। फिर दूसरे आरोपित ने कालूराम के चाचा और भाई को बुलवाया और उन्हें भी रातभर पेड़ से बाँधकर रखा व मारपीट भी की। इसके बाद आरोप है कि इन लोगों ने लड़के के माता-पिता को बुलाकर उनसे 5000 रुपए भी लिए। तब जाकर इन्हें छोड़ा।

अब पुलिस के संज्ञान में मामला आने के बाद मालूम चला है कि आरोपितों ने भेव गाँव के दरगाराम देवासी के कहने पर पीड़ित कालूराम का अपहरण किया था। फिर उसके साथ ये अमानवीय हरकत की।

पुलिस ने मंगलवार को इस संबंध में 9 लोगों के ख़िलाफ अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। 15 जून को इनमें से 5 आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। जबकि एक नाबालिग आरोपित को भी हिरासत में लिया गया है।

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी कल्याणरमल मीणा ने बताया कि इस घटनाक्रम के बारे में स्टेट कंट्रोल रूम समेत उच्च अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। यह मामला पाली जिले का है, इसलिए वहाँ की पुलिस इसपर कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपित, पीड़ित युवक को स्वजाति महिला से प्रेम करने के लिए सबक सिखाना चाहते थे।

गौरतलब है कि इस मामले की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। लोग इसे शेयर करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत को टैग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि राजस्थान में कानून व्यवस्था चरमरा सी गई है। हर दिन लूट, बलात्कार, आत्महत्या, दलित उत्पीड़न, जूते से पानी पिलाने और पेशाब पिलाने जैसी मानवीयता को शर्मसार करने वाली घटनाएँ हो रही है। इसलिए इन पर उपयुक्त कार्रवाई हो, ताकि ऐसे मामले दोबारा न हों।

बता दें कि इस घटना से पहले पिछले साल सितंबर में एक मामला उदयपुर से भी आया था। उस समय भी एक युवक को महिला के साथ भागने पर अपहरण करके पेशाब पिलाया गया था।

दिल्ली सरकार नहीं चाहती कि सच्चाई सामने आए, जबकि ऐसे कई वीडियो आ चुके: केजरीवाल सरकार को SC की फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि वो डॉक्टर और नर्सों को सरकारी अस्पताल की दुर्दशा सामने लाने के लिए दंडित ना करें और ना ही उन्हें धमकाए। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसे कोरोना वॉरियर्स को धमकाया है, जिन्होंने कोरोना वार्ड में अमानवीय स्थिति के वीडियो बनाए। इसके बाद ऐसे प्रकरण सामने आए, जिनमें बताया गया कि अब उन्हें (वीडियो बनाने वाले को) अरविन्द केजरीवाल सरकार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है।

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के बिगड़ते हालातों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (जून 17, 2020) को एक बार फिर दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इसका स्वत: संज्ञान लेते हुए कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के समुचित इलाज और सरकारी अस्पतालों में शवों के गरिमामयी ढंग से निपटान से संबंधित मामले की सुनवाई शुरू की।

सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार से पूछा – “दिल्ली ने इस मामले में क्या किया है? कृपया डॉक्टरों, नर्सों की सुरक्षा करें। वे कोरोना वॉरियर्स हैं। दिल्ली सरकार नहीं चाहती कि सच्चाई सामने आए। ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं।”

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा – “मैसेंजर पर गोली न चलाएँ, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को धमकी न दें, उन्हें समर्थन दें। आप इस तरह से सच्चाई को दबा नहीं सकते। आपने एक डॉक्टर को निलंबित क्यों किया, जिसने आपके एक अस्पताल की दयनीय स्थिति का वीडियो बनाया था?”

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली सरकार से एक हलफनामा भी देने को कहा है। आगे की सुनवाई शुक्रवार के लिए तय की गई है।

मेवात में हिंदुओं को न्याय दिलाने के लिए खट्टर सरकार का फैसला: बनेगा धर्मांतरण विरोधी कानून, गोकशी मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में

हरियाणा के मेवात में दशकों से हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए खट्टर सरकार के फैसलों का विश्व हिंदू परिषद ने स्वागत किया है। कुछ समय पहले तक VHP खट्टर सरकार से इस मामले के मद्देनजर नाराज चल रही थी। मगर, अब संगठन ने खट्टर सरकार की घोषणाओं से संतुष्ट होते हुए इसे हिंदुओं के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।

बता दें कि सीएम खट्टर ने मंगलवार की बैठक में मेवात में धर्म परिवर्तन जैसी घटनाओं को रोकने के लिए घोषणा की थी कि वह धर्म स्वतंत्र विधेयक नियम लेकर आएँगे, ताकि धर्म परिवर्तन के मामले में मजबूती व सख्ती से कार्रवाई हो सके। 

अपनी हालिया प्रेस रिलीज में VHP ने हिन्दू समाज, मीडिया चैनलों तथा अन्य सहयोगियों की एकजुटता को नमन किया। साथ ही विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आशा जताई कि मुख्यमंत्री की ओर से इन घोषणाओं पर जल्द अमल होगा। ताकि पीड़ित समाज संतोष अनुभव कर सकें।

गौरतलब है कि हरियाणा के मेवात में हिंदू दलितों पर हो रहे अत्याचारों में लॉकडाउन के दौरान अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली थी। ऐसे में विहिप ने हिंदुओं की पीड़ा को दूर करने के लिए हिंदू समाज और मीडिया के एक वर्ग का आभार व्यक्त किया। साथ ही खट्टर सरकार के फैसलों को उसका ही परिणाम बताया।

यहाँ बता दें कि कल सचिवालय के सभागार में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिंदू समाज की पीड़ा को समझते हुए कुछ घोषणाएँ की। जिनके बाद मेवात के हिंदुओं के लिए आवाज उठाने वालों में संतोष दिखा। ये घोषणाएँ निम्नलिखित हैं-

  1. धर्मांतरण व लव जिहाद को रोकने के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया जाएगा।
  2. गोकशी के मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुना जाएगा। गौ हत्यारों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए यदि आवश्यकता होगी तो वर्तमान कानून में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।
  3. नूँह (मेवात) में RRB की बटालियन स्थापित की जाएगी, जिससे मेवात में कानून का राज्य पुन: स्थापित करने में सहायता मिल सके।
  4. हिंदुओं के धार्मिक व सार्वजनिक संपत्तियों पर से कब्जा हटाकर उनके लिए एक बोर्ड बनाया जाएगा, जो इन संपत्तियों की देखभाल व सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

विश्व हिंदू परिषद ने इस घोषणाओं के बाद इसे हिंदू समाज की विजय बताया है। साथ ही सीएम खट्टर से उम्मीद की है कि अपनी घोषणाओं पर वह जल्द अमल करेंगे।

यहाँ बता दें कि बीते दिनों मेवात में दलित उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर सख्त रवैया न अपनाने को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने खट्टर सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई थी। VHP नेताओं का कहना था कि मई में संगठन के प्रतिनिधिमंडल के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट करने के बाद भी राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जाँच की दिशा में न कदम उठाए और न ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई की।

सलमान खान पुलिस को फोन कर, पैसे की बात से बनाता था प्रेशर: जिया खान की माँ ने लगाए गंभीर आरोप

एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने अब बॉलीवुड इंडस्‍ट्री पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। तमाम सेलेब्‍स और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि फिल्‍मी बैकग्राउंड से ताल्‍लुक न रखने वाले एक्‍टर्स को इंडस्‍ट्री में आउटसाइडर के तौर पर ट्रीट किया जाता है। यही नहीं, हर मौके पर उनकी खिंचाई की जाती है। एक्टर सुशांत सिंह के सुसाइड के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक बार फिर नेपोटिज्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग सोशल मीडिया पर एक बार फिर करण जौहर, खान परिवार के लोगों को निशाने पर लेते हुए बॉलीवुड में मौजूद भाई-भतीजावाद को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। 

इस सबके बीच दिवंगत एक्‍ट्रेस जिया खान की माँ राबिया अमीन ने सुपरस्टार सलमान खान को कठघरे में खड़ा कर दिया है। राबिया अमीन ने सलमान खान पर कई सनसनीखेज आरोप लगाते हुए लंदन से एक वीडियो जारी किया है। 

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इस वीडियो में राबिया अमीन कहती हैं, “मेरी संवदेनाएँ सुशांत सिंह राजपूत की फैमिली के साथ हैं। सही मायने में यह दिल दहला देने वाला मामला है। यह कोई मजाक नहीं चल रहा रहा। अब बॉलीवुड को बदलना होगा, बॉलीवुड को जागना होगा। बॉलीवुड को पूरी तरह से ऐसा करना बंद करना होगा। खिंचाई करना भी एक तरह से किसी की हत्‍या करना ही है।”

राबिया ने आगे कहा, “जो कुछ भी हो रहा है, उसने मुझे 2015 की याद दिला दी, जब मैं सीबीआई ऑफिसर से मिलने गई थी। उसने मुझे लंदन से बुलाया और बताया कि हमें कुछ अहम सबूत मिले हैं। जब मैं वहाँ पहुँची तो उन्होंने बताया कि मुझे सलमान खान का फोन आया। वह रोज फोन करते हैं और पैसे की बात करते हैं। कहते हैं कि लड़के से पूछताछ मत करो, उसे मत छुओ तो हम क्‍या कर सकते हैं मैडम।”

राबिया के मुताबिक, “ऑफिसर भी इन चीजों से फ्रस्‍टेटेड और नाराज लग रहे थे। फिर मैं मामले को दिल्‍ली के उच्‍च अधिकारियों तक ले गई और मैंने इसकी शिकायत की लेकिन अगर ऐसा ही होना है कि आप अपने पैसे से, प्रेशर से जाँच को प्रभावित कर रहे हैं तो मुझे नहीं मालूम कि एक नागरिक के तौर पर हम किस दिशा में जा रहे हैं। मैं कहना चाहती हूँ कि खड़े होइए, लड़िए और विरोध कीजिए। बॉलीवुड के इस जहरीले व्‍यवहार को रोकिए।”

बता दें कि महज 25 साल की उम्र में 3 जून 2013 को जिया खान ने आत्महत्या कर ली थी। उनका शव मुंबई के जुहू स्थित घर में मिला था। उनकी मौत आज भी रहस्य बनी हुई है लेकिन जिया के बॉयफ्रेंड रहे एक्‍टर सूरज पंचोली पर एक्‍ट्रेस को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा। मामले में सूरज को जेल भी जाना पड़ा था लेकिन जिया की माँ के मुताबिक उनका सलमान खान ने काफी सपोर्ट किया।

गौरतलब है कि इससे पहले सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ के निर्देशक अभिनव कश्यप ने सुशांत की मौत की जाँच की माँग करते हुए आरोप लगाया था कि अरबाज खान और सलमान खान उनके करियर को अपनी मुट्ठी में रखना चाहते थे, इसलिए उन्होंने ‘दबंग 2’ का निर्देशन करने से इनकार कर दिया। वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और रवीना टंडन ने भी इंडस्ट्री की अंदरुनी ‘गंदगी’ को उजागर किया था।

‘मरना सब को है, देश के लिए मरना सम्मान की बात, मुझे अपने बेटे पर गर्व है’ – बलिदानी कर्नल संतोष बाबू के पिता

पूर्वी लद्दाख के भारत-चीन बॉर्डर पर गलवान घाटी में सोमवार (15, जून 2020) को हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना की तरफ से नेतृत्व कर रहे 16वीं बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू देश के लिए बलिदान हो गए। वे अपने माँ-बाप के इकलौते संतान थे। बेटे की मौत की घटना सुनने के बाद भी कर्नल के माँ-बाप टूटे नहीं। उन्होंने बोला कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।

बलिदानी कर्नल संतोष बाबू के पिता बी उपेंदर को बेटे के वीरगति होने की खबर मंगलवार को मिली। बलिदानी बेटे की खबर ने उन्हें अंदर से झकझोर जरूर दिया है, मगर वो हारे नहीं है। अपने बेटे को याद करते हुए उन्होंने बताया, “मुझे पता था कि एक दिन आएगा, जब मुझे यह सुनना पड़ सकता है, जो मैं आज सुन रहा हूँ और मैं इसके लिए मानसिक रूप से तैयार था। मरना हर किसी को है लेकिन देश के लिए मरना सम्मान की बात है और मुझे अपने बेटे पर गर्व है।”

पिता का दर्द

एसबीआई बैंक से रिटायर्ड कर्नल संतोष बाबू के 62 वर्षीय पिता बेटे पर गर्व महसूस करते हुए बताते हैं कि कर्नल ने अपने 15 साल के सेना के करियर में कुपवाड़ा में आतंकियों का सामना किया था और आर्मी चीफ उनकी तारीफ कर चुके हैं।

पिता ने बताया कि उन्होंने ही अपने बेटे को आर्मी जॉइन करने के लिए प्रेरित किया था। यह जानने के बावजूद कि इसमें खतरे भी हैं। उनके अनुसार, संतोष ने आंध्र प्रदेश के कोरुकोंडा में सैनिक स्कूल जॉइन किया था। और तभी से उन्होंने अपना पूरा जीवन को सेना को समर्पित कर दिया था।

कर्नल से की गई आखिरी बातचीत

पिता ने बताया कि उन्हें अभी भी अपने कर्नल बेटे से की गई आखिरी बात याद है। कर्नल संतोष ने 14 जून उनसे फोन पर बात की थी। सीमा पर तनाव के बारे में पूछने पर कर्नल ने कहा था, “आपको मुझसे यह नहीं पूछना चाहिए। मैं आपको कुछ नहीं बता सकता हूँ। हम तब बात करेंगे, जब मैं वापस आ जाऊँगा।” और यही पिता-पुत्र की आखिरी बातचीत थी। इसके अगली रात को ही कर्नल संतोष गलवान घाटी में वीरगति को प्राप्त हो गए।

बलिदानी कर्नल ने अपने पैरंट्स को बताया था कि जो टीवी पर वे लोग देख और सुन रहे हैं, जमीनी स्तर पर उसकी सच्चाई काफ़ी अलग है।

कर्नल संतोष की निजी जिंदगी

कर्नल संतोष के पिता ने बताया, ‘मैं सेना जॉइन करना चाहता था लेकिन कर नहीं सका। 10 साल के अपने बेटे को मैंने यूनिफॉर्म पहना कर देश की सेवा करने का सपना जगाया। उन्होंने कक्षा 6 से 12 तक सैनिक स्कूल में पढ़ाई की। उसके बाद वह NDA और फिर IMA में जाकर ऑफिसर बने और उसके बाद जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील जगहों पर पोस्टिंग भी हुई।

कर्नल के पिता और मां मंजुला तेलंगाना के सूर्यपेट में रहते हैं। कर्नल के वीरगति प्राप्त होने की खबर सबसे पहले उनकी पत्नी संतोषी को दी गई। कर्नल की पत्नी संतोषी अपने 8 साल की बेटी और 3 साल के बेटे के साथ दिल्ली में रहती हैं।

देश के लिए बलिदान

कर्नल के पिता कहते हैं, “15 साल में मेरे बेटे को चार प्रमोशन मिले। पिता के तौर पर मैं चाहता था कि वह खूब ऊँचाइयों को चूमें। मैं जानता था कि सेना के जीवन में अनिश्चितता होती है, इसलिए हमें संतोष है कि उसने देश के लिए सबसे बड़ा बलिदान दे दिया।”

देश के लिए बलिदान हुए बेटे की राह देखती माँ

कर्नल संतोष के पार्थिव शरीर को बुधवार तक शमशाबाद एयरपोर्ट पर लाया जाएगा। इसके बाद सड़क के रास्ते अंतिम संस्कार के लिए सूर्यापेट ले जाएगा। कर्नल की माँ अपने बेटे को आखिरी बार देखने के लिए बेचैन हैं। वो बताती हैं कि उन्होंने कर्नल को हैदराबाद ट्रांसफर लेने के लिए कहा था ताकि वह परिवार के पास आ सकें। बेटे को लेकर उन्होंने कहा, “मैं खुश हूँ कि उसने देश के लिए अपना जीवन दे दिया लेकिन माँ के तौर पर दुखी हूँ। मैंने अपना इकलौता बेटा खो दिया।”

‘एक गलती कमलेश तिवारी ने भी की थी…’ – अमीश देवगन की गलती पर कट्टरपंथियों की धमकी

न्यूज18 के एंकर अमीश देवगन की एक गलती पर अब उन्हें कट्टरपंथियों की धमकी मिल रही है। उन्होंने 16 जून को अपने शो में ख्वाजा गरीब नवाज के लिए अनजाने में ‘आक्रांता’ शब्द का प्रयोग कर दिया था। इसके बाद उन्हें हिंदूवादी नेता का हश्र याद दिलाकर बताया जा रहा है कि पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ बोलकर एक गलती कमलेश तिवारी ने भी की थी।

सोशल मीडिया पर अमीश देवगन ने अपनी इस गलती के लिए सार्वजनिक तौर से माफी भी माँग ली है। उन्होंने लिखा, “मेरे एक डिबेट में मैंने अनजाने में खिलजी को चिश्ती कह दिया। इस गलती के लिए मैं तहेदिल से माफी माँगता हुए। इससे सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती, जिनका मैं सम्मान करता हूँ, उनके अनुयायियों को दुख हो सकता है। मैंने इस दरगाह पर दुआएँ माँगी हैं। मुझे अपनी गलती पर खेद है। “

हालाँकि, अमीश देवगन की माफी के बाद कट्टरपंथी शांत नजर नहीं आ रहे। उन्होंने अमीश देवगन पर एफआईआर करवा दी है। उनके ख़िलाफ़ पुलिस एक्शन की माँग कर रहे हैं और साथ ही उनसे कह रहे हैं कि क्या कमलेश तिवारी का हाल याद आ गया, जो इतनी जल्दी माफी माँग ली।

सोशल मीडिया पर इस समय अमीश देवगन के लिए बहुत कमेंट हैं। कुछ लोग उनके सपोर्ट में हैं। तो कुछ उन्हें धमका रहे हैं। अब्दुल कादेर नाम का यूजर अमीश के ट्वीट के नीचे रजा अकादमी द्वारा दायर की गई शिकायत को डालता है और कहता है- “अमीश देवगन तुझे कल सुबह पता चलेगा कि तूने क्या किया। बस इंतजार कर और देख। तुझे नफरत फैलाने के अलावा कुछ आता है क्या?”

इसी प्रकार जमीर अंसारी ऑनलाइन कंपलेंट की कॉपी को डालता है। वह लिखता है, “मैंने ख्वाजा गरीब नवाज पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में अमीश देवगन के ख़िलाफ़ मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है। मैं अनुरोध करता हूँ सबसे, इस कुत्ते के ख़िलाफ़ कानूनी एक्शन लें।”

फिर मोहम्मद दाउद अशरफ नाम का यूजर अमीश देवगन के ट्वीट पर लिखता है, “कमलेश तिवारी का हाल याद आ गया क्या जो इतनी जल्दी माफी माँग लिया तू।”

इसके बाद यही दाउद अशरफ स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखता है- “एक गुस्ताखी कमलेश तिवारी ने की थी। इसे वो याद आ गई शायद जो माफी निकलने लगी।”

क्या हुआ था कमलेश तिवारी के साथ

यहाँ याद दिला दें कि पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ बोलने पर हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी को इसी तरह की धमकियाँ मिली थीं और पिछले साल उनकी हत्या को बहुत ही सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था।

गुजरात से उत्तर प्रदेश और नेपाल तक इस मामले में कट्टरपंथियों के तार एक दूसरे से जुड़े पाए गए थे। इस घटना को अंजाम देने के लिए करीब 72 कट्टरपंथियों का ग्रुप बनाया गया था और एक हत्यारे से पूछा गया था कि क्या तुमसे हो पाएगा?

बता दें कि अब उन्हीं हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या की याद अमीश देवगन के मामले में ताजा की गई है। कट्टरपंथियों की इन धमकियों का क्या इशारा है, इसे पूरा कमलेश तिवारी हत्याकांड का घटनाक्रम याद करके समझा जा सकता है।