Home Blog Page 498

कोयंबटूर में ATS के औचक छापे में 31 बांग्लादेशी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारत में कर रहे थे काम: त्रिपुरा में भी BSF ने सीमा पर तस्करों पर की कार्रवाई; 3 को दबोचा

कोयंबटूर की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध औचक निरीक्षण करते हुए 31 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने इन्हें तिरुप्पुर और कोयंबटूर जिले से पकड़ा है। इसके अलावा त्रिपुरा में भी बांग्लादेशियों द्वारा किए जा रही हथियारों की तस्करी का खुलासा हुआ है और साथ ही तीन बांग्लादेशी घुसते हुए भी पकड़े गए हैं

जानकारी के मुताबिक, कोयंबटूर में एंटी टेररिस्ट स्कॉड की पाँच टीमों की कार्रवाई में बांग्लादेशी धराए गए। ये लोग तिरुप्पुर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से रुके हुए थे और यही ठहरकर काम करते थे। पूछताछ में सामने आया कि इन लोगों ने बंगाल के रास्ते से देश में एंट्री ली थी और फिर यहीं आकर फर्जी दस्तावेज बनाए थे। बाद में ये सब तिरुप्पुर लौट गए।

इन 5 एटीएस टीमों में 4-4 पुलिसकर्मी थे। इन्होंने एक ही रात में कार्रवाई करते हुए 31 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया। बाद में इन्हें पल्लादम और तिरुप्पुर पुलिस को सौंप दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब असम के मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि बांग्लादेश में कई घुसपैठिए छिपे हैं और तमिलनाडु पुलिस उनकी जाँच करे।

बात करें त्रिपुरा की तो वहाँ के सिपाहीजाला जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर धारदार हथियारों से लैस तस्करों के एक समूह ने तस्करी करने का प्रयास किया, जिसपर महिला जवानों ने दो राउंड फायरिंग करके तस्करों के प्रयास को विफल कर दिया। इनके पास से भारी मात्रा में चीनी और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुए।

पिछले कुछ दिनों में बीएसएफ की सतर्कता के चलते तस्करी के एक नहीं कई प्रयास नाकाम हुए। फोर्स ने इस दौरान तस्करों से 10 मवेशियों को बचाया, 100 किलो चीनी, 16 किलो गांधा, भारी मात्रा में कपड़े और 50 लाख से अधिक मूल्य का सामान जब्त किया।

इसके अलावा 11 जनवरी को एक अन्य अभियान में, जिला खोवाई के अंतर्गत बीओपी गौरनगर के बीएसएफ जवानों ने 3 बांग्लादेशी नागरिकों को उस समय गिरफ्तार किया जब वे बांग्लादेश में जाने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया जिले के हैं। बीएसएफ द्वारा पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों ने बताया कि उन्होंने भारतीय दलाल के साथ भारत में एंट्री की थी।

400 मुस्लिम घरों के बीच सिर्फ 20 दलित परिवार… अत्याचार से तंग आकर पलायन को हुए मजबूर: अलीगढ़ के दाऊदपुरा में पोस्टर, पुलिस की कार्रवाई के बाद हटे

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के दाऊदपुर कोटा गाँव से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ दलित परिवारों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाकर गाँव छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इन परिवारों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोग उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। वे न केवल उनके सामाजिक और धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप करते हैं, बल्कि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा पर उतर आते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जवाँ थाना इलाके का दाऊदपुर कोटा एक मुस्लिम बहुल गाँव है, जहाँ करीब 400 मुस्लिम परिवार रहते हैं। वहीं कुल 60 हिंदू परिवारों में से दलित परिवारों की संख्या मात्र 20 है। आरोप है कि गाँव में दलित समुदाय को हर स्तर पर दबाया जा रहा है। कभी उनके बच्चों को स्कूल में तंग किया जाता है तो कभी उनकी बहन-बेटियों को परेशान किया जाता है। हाल ही में एक शादी के दौरान डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था, जहाँ बारातियों पर हमला कर दिया गया था।

ग्रामीण जयंती देवी ने बताया कि उनकी पड़ोसी दरकशा नाम की महिला की बकरी उनके घर में घुसकर आटा और दूध खराब कर गई। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो दरकशा और उसके शौहर ने उनके साथ मारपीट की। जयंती देवी का आरोप है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। आए दिन किसी न किसी बहाने से उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया जाता है।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के दबंग लोग पुलिस को पैसे खिलाकर मामलों को रफा-दफा करवा देते हैं। हाल ही में ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाए गए थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें हटवा दिया।

मकानों पर लगे पोस्टर, जिन्हें पुलिस ने हटवा दिया (फोटो साभार: अमर उजाला)

ग्रामीण मोहित कुमार ने बताया कि घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए जाते हैं। घरों पर गंदगी फेंकी जाती है। महिलाएँ और बेटियाँ घर से बाहर निकलने में डरती हैं। शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में भी दखल दिया जाता है। कुछ समय पहले एक शादी के दौरान बारात चढ़ने से रोक दी गई थी।

पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि उन्हें सुरक्षा दी जाए। उनका कहना है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर पलायन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गाँव में अमन-चैन नहीं लौटता, तब तक वे सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे।

थाना जवाँ प्रभारी हेमंत मावी ने बताया कि मारपीट के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने मकान बेचने के पोस्टर अपने घरों पर लगा लिए थे, जिन्हें हटवा दिया गया है।

पौष पूर्णिमा के अमृत स्नान के साथ ही प्रयागराज महाकुंभ 2025 का शुभारंभ, 1+ करोड़ श्रद्धालु करेंगे स्नान: विदेशियों से लेकर बॉलीवुड तक का जमावड़ा, जानिए कैसे जाएँ और कहाँ ठहरें

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आधिकारिक तौर पर आज सोमवार (13 जनवरी 2025) को पौष पूर्णिमा के अवसर पर शुभारंभ हो गया। 144 साल लगने वाले इस महाकुंभ में देश-दुनिया भर से आए श्रद्धालु पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगम में डुबकी लगा रहे हैं। संन्यासियों ने पहला अमृत स्नान (पहले शाही स्नान या पेशवाई कहा जाता था) किया।

माना जा रहा है कि आज लगभग 1 करोड़ लोग स्नान करेंगे। वहीं 14 जनवरी को 7 करोड़ लोग स्नान करेंगे। पीएम मोदी और सीएम योगी ने इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएँ दी हैं। इस स्नान के साथ ही महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं का ‘कल्पवास’ शुरू हो गया है। शैव, शाक्त, वैष्णव सहित विभिन्न संप्रदायों के साधु कुल छह अमृत स्नान करेंगे।

14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन दूसरा अमृत स्नान, 29 जनवरी मौनी अमावस्या के अवसर पर तीसरा अमृत स्नान, 3 फरवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर चौथा अमृत स्नान, 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के अवसर पर पाँचवाँ अमृत स्नान और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर छठा एवं अंतिम अमृत स्नान होगा। हालाँकि, कुछ रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि कुल तीन ही अमृत स्नान होंगे।

इनमें पहला मकर संक्रांति को, दूसरा मौनी अमावस्या और तीसरा बसंत पंचमी के दिन किया जाएगा। इसके अलावा माघी पूर्णिमा, पौष पूर्णिमा और महाशिवरात्रि के दिन भी कुंभ स्नान किया जाता है, जिसे अमृत स्नान नहीं माना जाता है। जो भी हो, 26 फरवरी यानी लगभग 45 दिन तक चलने वाले हिंदुओं के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र में व्यवस्था

श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई समस्या ना हो, इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में मेला क्षेत्र में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। राज्य सरकार ने महाकुंभ क्षेत्र को राज्य का 76वाँ जिला घोषित किया है। लगभग 4000 हेक्टेयर भूमि पर फैले मेला क्षेत्र को 25 सेक्टर में बाँटा गया है। स्नान करने केलिए कुल 41 घाट तैयार किए गए हैं। इनमें 10 पक्के घाट हैं, जबकि 31 घाट अस्थायी हैं।

गंगा, यमुना और सरस्वती के मिलन वाला संगम घाट प्रयागराज का सबसे प्रमुख घाट है। मेला क्षेत्र में प्रवेश के लिए वाले 8 जिलों के 7 प्रमुख मार्गों पर 102 चौकियाँ स्थापित की गई हैं। प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में 10 लाख लोगों के रुकने की व्यवस्था की गई है। इनमें फ्री और पेड दोनों तरह की व्यवस्थाएँ शामिल हैं। इसके अलावा मेला क्षेत्र में 100 आश्रयस्थल हैं। इनमें से हर आश्रयस्थल में 250 बेड हैं।

इसके साथ ही 10 हजार से अधिक स्वयंसेवी संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था की है। संगम के आसपास कुल 3000 बेड के रैन बसेरे बनाए गए हैं। महाकुंभ जिले में कुल 204 गेस्ट हाउस, 90 धर्मशालाएँ हैं। इन सबमें ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा स्टेशन के बाहर प्रयागराज नगर निगम ने रैन बसेरे बनाए हैं। उनमें ठहरने के साथ-साथ ठंड से बचाव की सारी व्यवस्थाएँ की गई हैं।

कड़ी सुरक्षा

कुंभ क्षेत्र में मेडिकल इमरजेंसी आदि के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। हर सेक्टर में एक सेंट्रल हॉस्पिटल के साथ-साथ 20 बेड का एक अस्पताल बनाया गया है। सभी घाटों पर 300 से अधिक गोताखोरों को तैनात किया गया है। कई वाटर एम्बुलेंस को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा, महाकुंभ में NSG कमांडो और यूपी पुलिस के जवानों की निगरानी वाली 7 स्तरीय सुरक्षा बनाई गई है।

इसके अलावा, स्पॉटर और 15 हजार सिविल जवान संदिग्ध लोगों एवं गतिविधियों पर नजर रखेंगे। मेले में भीड़ प्रबंधन और निगरानी के लिए AI संचालित कैमरे, ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं। संगम और उसके आसपास के जलमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निगरानी के लिए 113 ड्रोन तैनात किए गए हैं। बिजली के खंभों पर 50,000 से अधिक क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं मेला क्षेत्र में अपना लोकेशन निर्धारित कर सकेंगे।

कुंभ में बॉलीवुड और राजस्व

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, इस बार महाकुंभ में 15 लाख विदेशी पर्यटक आएँगे। इसको देखते हुए भारतीय संस्कृति को यहाँ प्रमोशन की भी व्यवस्था की गई है। यहाँ विदेशी पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद, योग और पंचकर्म जैसी सुविधाओं वाला एक टेंट सिटी स्थापित किया गया है। इसके अलावा भी कई तरह की व्यवस्थाएँ की गई हैं।

भारत की कला, संस्कृति और विरासत का उत्सव मनाने के लिए सेक्टर-7 में 10 एकड़ में ‘कलाग्राम’ नामक स्थल स्थापित किया गया है, जिसमें बॉलीवुड एवं कला जगत के बड़े-बड़े दिग्गज हिस्सा लेंगे। कैलाश खेर, मोहित चौहान, शंकर महादेवन, कविता कृष्णमूर्ति, हरिहरन, हंसराज हंस और मैथिली ठाकुर प्रस्तुति देंगे। कलाग्राम में चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृति वाला एक भव्य प्रवेश द्वार बनाया गया है।

यूपी सरकार के मुताबिक, इस महाकुंभ से राज्य सरकार को 25,000 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो सकता है। इसमें हिस्सा लेने वाले स्थानीय स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों, होटल व्यवसायियों, होमस्टे मालिकों, रेस्तरां संचालकों और खाद्य विक्रेताओं को लाभ होगा। डाबर, मदर डेयरी और आईटीसी जैसे प्रमुख ब्रांडों द्वारा 3,000 करोड़ रुपए के उत्पाद यहाँ खर्च किए जाने का अनुमान है।

कहाँ तक चलेंगी ट्रेनें?

महाकुंभ के लिए रेलवे ने 3000 स्पेशल ट्रेनें शुरू की हैं, जो 13000 से अधिक फेरे लगाएँगी। आने वाले यात्रियों के भीड़ के प्रबंधन के लिए प्रयागराज जंक्शन के अलावा 8 सब-स्टेशन बनाए गए हैं। इन सारे स्टेशनों में आने और बाहर निकलने के लिए के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। कानपुर, दीनदयाल उपाध्याय, सतना, झाँसी रूट की ट्रेनें प्रयागराज जंक्शन पर रुकेंगी और यहीं से खुलेंगी। इन रूटों की रूटीन ट्रेनों को नैनी और छिवकी जंक्शन पर रोका जाएगा।

लखनऊ, अयोध्या और जौनपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों को फाफामऊ स्टेशन, प्रयाग स्टेशन और प्रयागराज संगम स्टेशन पर रोका जाएगा। अमृत स्नान वाले दिनों पर ट्रेनों को प्रयागराज संगम स्टेशन तक नहीं आने दिया जाएगा। कानपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों को सूबेदारगंज स्टेशन पर रोका जाएगा। वाराणसी, गोरखपुर और मऊ की तरफ से आने वाली ट्रेनों को झूँसी और रामबाग स्टेशन पर रोका जाएगा।

संभल में सरकारी जमीन पर बनी दुकानों से मस्जिद कमिटी वसूलती थी किराया, योगी सरकार ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम: तीर्थ-कूपों के संरक्षण के लिए बनी समिति, पतंजलि से भी समझौता

उत्तर प्रदेश के संभल में अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। अब जिला प्रशासन ने संभल में मस्जिद के बगल में बनी अवैध दुकानों को तोड़ने का आदेश दिया है। इनमें से एक दुकान को तोड़ भी दिया गया है। यह कार्रवाई एक पुराने कुँए की खुदाई के दौरान की गई। यह भी सामने आया है कि दुकानें तो सरकारी जमीन पर बनी हैं लेकिन इनका किराया मस्जिद कमिटी वसूला करती थी। इनको 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संभल कोतवाली के सामने बनी मस्जिद के कुँए की खुदाई के दौरान डीएम राजेन्द्र पैंसिया को आसपास अतिक्रमण दिखाई पड़ा। उन्होंने रविवार (12 जनवरी, 2024) को इस संबंध में पूछताछ की तो पता चला कि यहाँ पर बनी 12 दुकानें अवैध हैं। इनमें से एक दुकान को तुरंत ही तोड़ दिया गया। इसके अलावा बाकी 11 दुकानों को भी अल्टीमेटम दिया गया। SDM वंदना मिश्रा ने बताया कि यह दुकानें सड़क पर कब्जा करके बनाई गई थीं और पैमाइश में यह अवैध निकलीं।

दुकानदार इससे सम्बन्धित कोई कागज भी नहीं दिखा पाए। संभल SDM वंदना मिश्रा ने इसके बाद दुकानदारों के साथ बैठक की। दुकानदारों को अल्टीमेटम दिया गया कि वह 24 घंटे के भीतर यह अतिक्रमण हटा लें वरना प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई करके सभी दुकानें तोड़ देगा। यह भी सामने आया कि दुकानें जहाँ सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई थीं तो वहीं इनका किराया मस्जिद कमिटी वसूलती थी। कुछ दुकानदारों ने इसके बाद सामान खाली करना चालू कर दिया है।

वहीं जिस कुँए की खुदाई हो रही थी, उस पर अभी और काम होगा। संभल में लगातार सामने आ रहे तीर्थ और कूपों के संरक्षण के लिए अब प्रशासन ने एक समिति का गठन भी कर दिया है। संभल में धार्मिक पर्यटन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कल्कि देव तीर्थ समिति का गठन किया गया है। इस समिति के मुखिया जिले के डीएम राजेन्द्र पैंसिया और सह अध्यक्ष एसपी कृष्ण बिश्नोई को बनाया गया है। इसके अलावा इसमें कई संत और शहर के गणमान्य व्यक्ति शामिल किए गए हैं।

डीएम ने इस बैठक में जानकारी दी है कि संभल में 68 तीर्थ में से 34 को चिन्हित कर लिया गया है और उन पर काम हो रहा है। इसी बैठक में इस समिति और पतंजलि समूह के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे पहले संभल में कई तीर्थों की खुदाई और उन्हें संवारने का काम चालू भी हो चुका है जिनमें चंदौसी की बावड़ी प्रमुख है।

जिस ट्रेन से महाकुंभ जा रहे थे 36 श्रद्धालु, उस पर जलगाँव में बरसाए गए पत्थर: खिड़की चकनाचूर, ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में बैठे यात्री दहशत में आए

सूरत से बलिया जा रही ताप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेन पर महाराष्ट्र के जलगाँव के पास पथराव की खबर है। इस ट्रेन में महाकुंभ मेले के लिए प्रयागराज जा रहे यात्री सवार थे। यह घटना रविवार (12 जनवरी 2024) को 15.17 बजे हुई, जब ट्रेन जलगाँव स्टेशन से आगे बढ़ी ही थी। अज्ञात लोगों द्वारा किए गए इस पथराव से बी-6 कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। इस घटना से यात्रियों में डर का माहौल बन गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताप्ती-गंगा एक्सप्रेस ट्रेन के बी-6 कोच में सूरत के उधना से 36 श्रद्धालु सवार हुए थे, जिनमें 5 बच्चे, 6 बुजुर्ग, 13 महिलाएँ और 12 पुरुष शामिल थे। सभी श्रद्धालु महाकुंभ मेले के पहले शाही स्नान में हिस्सा लेने जा रहे थे। पथराव की सूचना तुरंत रेलवे पुलिस को दी गई, जिसके बाद मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

घटना के बाद बी-6 कोच के यात्रियों ने बताया कि अचानक तेज आवाज आई और खिड़की का काँच टूट गया। कुछ यात्रियों ने बताया कि पथराव के दौरान कई पत्थरों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे कोच में दहशत फैल गई। इस बीच, यात्रियों की तरफ से वीडियो रिलीज किया गया है, जिसमें कम से कम 2 खिड़कियों के सीसों को नुकसान पहुँचा है।

आरपीएफ इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि दोपहर बाद 15.17 मिनट पर ट्रेन प्लेटफॉर्म से बामुश्किल 16-17 कोच की दूरी तक ही आगे बढ़ी थी कि बाईं तरफ से पत्थर ट्रेन पर आया। भुसावल में ट्रेन की जाँच की गई, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। हालाँकि पत्थरबाज का अब तक पता नहीं चल पाया है।

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की चार सदस्यीय टीम ट्रेन में तैनात कर दी गई। रेलवे पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है।

अधिकारियों का मानना है कि यह हमला संभवतः असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया हो सकता है। घटना के बाद से यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा का भरोसा दिया गया है।

‘युवाओं के पास हर समस्या का समाधान, मैं उनका परम मित्र’ : प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई विकसित भारत की राह, आने वाले 25 सालों को बताया ‘अमृतकाल’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद 2025’ कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच साझा की। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में 15 से 29 वर्ष के करीब 3,000 युवा शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं की ऊर्जा, आत्मविश्वास और सामर्थ्य देश को जल्द से जल्द एक विकसित राष्ट्र बना सकता है।

उन्होंने कहा, “स्वामी विवेकानंद जी को देश के नौजवानों पर बहुत भरोसा था। वे कहते थे कि मेरा विश्वास युवा पीढ़ी में है। जैसे स्वामी जी को युवाओं पर विश्वास था, वैसे ही मुझे भी है। भारत के युवा हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं।”

युवाओं के साथ ‘परम मित्र’ वाला रिश्ता

पीएम मोदी ने युवाओं के साथ अपने रिश्ते को ‘परम मित्र’ वाला बताया। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, “कुछ महीने पहले, जब मैं युवा एथलीटों से मिला था, तो एक खिलाड़ी ने कहा, ‘मोदी जी, आप दुनिया के लिए प्रधानमंत्री हो सकते हैं, लेकिन हमारे लिए पीएम का मतलब है परम मित्र।'”

उन्होंने कहा, “दोस्ती की सबसे मजबूत कड़ी होती है विश्वास। मुझे आप पर विश्वास है, और यही विश्वास मुझे प्रेरित करता है। ‘माई भारत’ डॉट कॉम और ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ की शुरुआत इसी विश्वास का परिणाम है।”

इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के सामने विकसित भारत की परिकल्पना को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “विकसित भारत वह होगा जो आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और सामरिक रूप से मजबूत होगा। जहाँ इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों समृद्ध होंगी। जहाँ अच्छी शिक्षा और रोजगार के ज्यादा अवसर होंगे।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के सामने आने वाले 25 साल ‘अमृतकाल’ के हैं। “यह समय हमारे सपनों को साकार करने का है। जब हर नीति और हर कदम का लक्ष्य विकसित भारत होगा, तो दुनिया की कोई ताकत हमें रोक नहीं सकती।”

पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन का किया उल्लेख

स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनकी शिक्षाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विवेकानंद ने युवाओं में जो विश्वास जताया था, वही विश्वास आज भी भारत के युवाओं में है। “वे कहते थे कि युवा हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। आज का भारत इसे सच कर दिखा रहा है।”

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों के उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि कैसे 1930 के दशक में अमेरिका ने आर्थिक संकट से उबरकर तेज विकास किया और सिंगापुर ने अपने मजबूत नेतृत्व और जनता के प्रयासों से खुद को वैश्विक व्यापारिक हब बनाया।

पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान भारत की सफलता का जिक्र करते हुए कहा, “जब दुनिया वैक्सीन के लिए परेशान थी, तब भारत के वैज्ञानिकों ने रिकॉर्ड समय में वैक्सीन बनाकर दिखा दिया। यह भारत की क्षमता का सबूत है।”

प्रधानमंत्री ने युवाओं को सुझाव देने और राजनीति में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “मैंने लाल किले से 1 लाख नए युवाओं को राजनीति में लाने की बात कही थी। राजनीति एक ऐसा माध्यम हो सकता है, जहाँ आप अपने सुझावों को लागू कर सकते हैं।”

भारत मंडपम से ‘विश्व मंच’ तक

प्रधानमंत्री ने सितंबर 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन की चर्चा करते हुए कहा, “जिस जगह पर वैश्विक नेता दुनिया के भविष्य पर चर्चा करते थे, वहाँ आज भारत के युवा अगले 25 वर्षों का रोडमैप तैयार कर रहे हैं। यह अपने आप में एक प्रेरणादायक पल है।”

प्रधानमंत्री ने युवाशक्ति पर भरोसा जताते हुए कहा, “भारत के युवा आज उल्लेखनीय परिवर्तन ला रहे हैं। यह संवाद एक ऐसा मंच है, जहां उनकी ऊर्जा और नए विचारों को विकसित भारत के लिए एकजुट किया जा रहा है। मेरा विश्वास है कि भारत की युवाशक्ति जल्द ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगी।”

प्रधानमंत्री का यह भाषण न केवल युवाओं को प्रेरित करने वाला था, बल्कि यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक नई ऊर्जा देने वाला भी साबित हुआ। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए युवाओं को भविष्य का निर्माण करने की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया। “युवाओं की ताकत से कोई भी सपना असंभव नहीं है। विकसित भारत का सपना हमारे सामूहिक प्रयासों से जरूर पूरा होगा।”

मकर संक्रांति से पहले 3 गायों पर धारदार हथियार से हमला, थन काटकर तड़पने को छोड़ा: बेंगलुरु में हिंदू संगठन भड़के, BJP नेता बोले – ये जिहादी मानसिकता का काम

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गायों पर हमला किया गया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। उनके थन काट दिए गए और उन्हें रक्तरंजित छोड़ दिया गया। गायें स्थानीय लोगों को कराहती हुई मिलीं। इन पर हमला करने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। इस घटना के बाद बेंगलुरु में तनाव है। भाजपा ने इस घटना को जघन्य करार दिया है और कहा है कि यदि राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार इस पर एक्शन नहीं लेती तो संक्रांति पर प्रदर्शन होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना बेंगलुरु के चामराजपेट में हुई। यहाँ कर्ण नाम के एक व्यक्ति की तीन गायें स्थानीय लोगों को चिल्लाती हुई मिलीं। जब वह बाहर आए तो उन्होंने गायों को घायल अवस्था में देखा। यह खून से लथपथ थीं और इनके थन भी काट दिए गए थे। इन पर हमला करने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। इसके बाद इलाके में रोष फ़ैल गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने इस मामले में कॉटनपेट थाने में शिकायत दर्ज कर ली है।

गोपालक ने बताया कि यह घटना रविवार सुबह हुई है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद यहाँ बड़ी संख्या में हिन्दू संगठन के लोग पहुँचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्रवाई की माँग की है। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष BY विजयेन्द्र ने राज्य सरकार पर गायों के प्रति लापरवाह रुख अपनाने का आरोप लगाया है। BY विजयेन्द्र ने कहा है कि राज्य लगातार हिन्दू विश्वासों पर हमला हो रहा है। BY विजयेन्द्र ने कहा है कि अगर इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं होती तो सरकार के ऊपर भी सवाल उठेंगे।

भाजपा नेता और कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष R अशोक ने घटनास्थल का दौरा किया है। R अशोक ने कहा, “बेंगलुरु के चामराजपेट के विनायक नगर में गाय के थन काटने की घटना अत्यंत निंदनीय है, तथा सरकार को गाय के थन काटने वाले अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए। गाय भारतीयों के लिए माता के समान है। संक्रांति पर्व पर गाय की विशेष पूजा की जाती है। संक्रांति पर्व पर गाय के थन काटकर कट्टरपंथी ताकतों ने हिंदुओं को चुनौती दी है। हमारे राज्य में ऐसी जिहादी मानसिकता कभी नहीं देखी गई।”

R अशोक ने कहा, “अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के दौरान कारसेवकों के खिलाफ 30 साल पुराने मामले फिर से खोले जाते हैं। गणेश उत्सव के दौरान सांप्रदायिक हिंसा होती है। दशहरा उत्सव के दौरान दुर्गा माता के जुलूस के दौरान हँगामा होता है। कॉन्ग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से बार-बार सांप्रदायिक दंगे क्यों हो रहे हैं? कॉन्ग्रेस पार्टी की वोट बैंक की राजनीति ने कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा दिया है। कट्टरपंथियों को कानून का कोई डर नहीं है।”

भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं होती तो वह मकर संक्रांति पर प्रदर्शन करेंगे। भाजपा ने कहा कि वह ‘काली संक्रांति’ मनाएगी। राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वरा ने कहा है कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है।

UAE ने 8 ब्रिटिश संस्थाओं को किया ब्लैकलिस्ट, इस्लामी आतंकी संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से कनेक्शन पर हुई कार्रवाई: इनसे जुड़े लोग नहीं आ पाएँगे दुबई, खाते होंगे सीज

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने यूनाइटेड किंगडम के 8 संगठनों को पर बैन लगा दिया है। यह बैन इनके इस्लामी आतंकी संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से संबंध रखने के चलते लगाया गया है। अब इन्हें ब्लैकलिस्ट में डाल दिया गया है। इनसे जुड़े लोग अब UAE नहीं आ पाएँगे और इनके खातों पर भी UAE में कार्रवाई होगी।

UAE ने जिन संगठनों पर बैन लगाया है, उनकी पहचान कैम्ब्रिज एजुकेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर लिमिटेड, IMA6INE लिमिटेड, वेम्बली ट्री लिमिटेड, वासलाफोरॉल, फ्यूचर ग्रेजुएट्स लिमिटेड, यास फॉर इन्वेस्टमेंट एंड रियल एस्टेट, होल्डको यूके प्रॉपर्टीज लिमिटेड और नेफेल कैपिटल के रूप में हुई है।

यूनाइटेड किंगडम के इन 8 संगठनों के अलावा 11 और लोगों को भी इस बैन में शामिल किया गया है। यह लोग UAE के ही नागरिक हैं। इन 11 लोगों पर भी आतंक को समर्थन करने का आरोप है। यह लोग इन कम्पनियों में डायरेक्टर या बाकी पदों पर काम कर रहे हैं। UAE ने यह कदम अपने यहाँ इस्लामी कट्टरपंथ और आतंक से लड़ने को उठाए हैं।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि, यूनाइटेड किंगडम के इन आठ संगठनों से मिलकर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति की UAE यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। UAE ने इन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की भी तैयारी कर ली है। UAE ने ऐसे लोगों की संपत्ति जब्त करने का फैसला लिया है।

UAE का कोई नागरिक और दूसरी संस्थाएँ इन संस्थाओं के साथ मिलकर काम नहीं कर सकेगीं। UAE द्वारा लगाए गए प्रतिबंध तुरंत ही लागू हो जाएँगे। UAE में आतंक फ़ैलाने के लिए यह यूनाइटेड किंगडम में अपनी आजादी का सहारा ले रहे थे। अभी भी इन पर यूनाइटेड किंगडम में अपनी इस्लामी आतंक की विचारधारा फ़ैलाने पर कोई रोक नहीं है।

मुस्लिम ब्रदरहुड एक इस्लामी आतंकी संगठन है, इसकी स्थापना 1928 में हसन अल-बन्ना ने मिस्र में की थी। यह संगठन राजनीतिक इस्लाम, शरिया कानून, हिंसा और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है।

इस संगठन को मिस्र, सऊदी अरब और UAE जैसे मुस्लिम बहुल अरब देशों में भी प्रतिबंधित किया गया है। हालाँकि, इस संगठन पर यूनाइटेड किंगडम में बैन नहीं है।

हिंदू लड़की को बार-बार गर्भवती कर कराता था गर्भपात, धर्मांतरण का डालता था दबाब: मुरादाबाद में पुलिस ने आसिफ को दबोचा, परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज

मुरादाबाद पुलिस ने शनिवार (11 जनवरी 2024) को आसिफ नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसके खिलाफ हिंदू युवती ने रेप करने, कई बार अबॉर्शन कराने और उसके धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का केस दर्ज कराया था। युवती ने आसिफ और उसके परिवार के 8 लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश की धर्मांतरण रोधी धाराओं समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला कटघर इलाके का है, जहाँ की रहने वाली हिंदू लड़की की इमलाख गाँव के रहने वाले आसिफ से 4 साल पहले मुलाकात हुई थी। कुछ समय बाद आसिफ ने उससे शादी की इच्छा जताई, जिसे युवती ने ठुकरा दिया। युवती ने साफ कहा कि दोनों अलग-अलग धर्म के हैं। इसके बावजूद आसिफ लगातार उसे शादी के लिए मनाता रहा और आखिर में उसे अपने झाँसे में लेने में सफल रहा।

युवती का भरोसा जीतने के लिए आसिफ उसे लेकर हरिद्वार गया और हिंदू बनने का नाटक किया। इसके बाद शादी का झाँसा देकर उसने युवती का रेप किया और लगातार उसके साथ संबंध बनाता रहा। युवती उससे जब भी शादी के लिए कहती, वो बहाने बनाकर टाल जाता।

आसिफ ने युवती के साथ संबंध बनाकर उसे कई बार गर्भवती किया और बार-बार गर्भपात कराया। वो युवती को मानसिक रूप से परेशान करता था, ताकि वो उसकी बातों को मान जाए। बीते 20 दिसंबर को युवती को पता चला कि वो एक बार फिर से गर्भवती है, जिसके बाद फिर से आसिफ ने गर्भपात का दबाव डाला। युवती ने मना किया, तो आसिफ ने उसकी पिटाई भी की और बताया कि उसने उसे फंसाने के लिए झूठ बोले थे।

आसिफ का परिवार डाल रहा इस्लाम कबूलने का दबाव

पीड़ित हिंदू युवती ने आसिफ के परिजनों पर भी उसके साथ मिलीभगत के आरोप लगाए। युवती ने अपनी शिकायत में आसिफ की माँ रुखसाना, चाचा कासिम, भाई इमरान, चाची सन्नो, जीजा मोहम्मद उमर और एक अन्य रिश्तेदार नासिर का भी नाम लिखा है। जो इस पूरे प्लान में शामिल थे। युवती ने आरोप लगाया कि आसिफ के साथ परिवार के लोग भी उसे परेशान कर रहे हैं और वो लोग उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव डाल रहे हैं। साथ ही इस्लाम न कबूल करने की सूरत में उसकी हत्या की धमकी दे रहे हैं।

इस मामले में कटघर पुलिस ने आसिफ और उसके परिवार के 8 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। पुलिस ने रेप, मारपीट, आपराधिक साजिश रचने और धर्मांतरण की धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीओ कटघर ने एफआईआर की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मामला काफी गंभीर है। पुलिस आरोपों की गंभीरता से जाँच कर रही है। उन्होंने बताया कि एसएसआई सतेंद्र सिंह उज्जवाल की अगुवाई में पुलिस टीम ने आसिफ को गिरफ्तार लिया है और कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

चैंपियंस ट्रॉफी तक रोहित शर्मा ही होंगे कप्तान, बुमराह की फिटनेस को लेकर फंसा पेंच: बीसीसीआई की बैठक में इन अहम मुद्दों पर चर्चा, कोहली से भी होगी बात

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शनिवार (11 जनवरी 2024) को अहम बैठक की। मुंबई के एक होटल में हुई इस बैठक में बीसीसीआई के पदाधिकारियों के साथ ही टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर, कप्तान रोहित शर्मा और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर भी शामिल हुए। इस बैठक में टीम इंडिया के भविष्य को लेकर चर्चा हुई, खासकर कप्तानी के विकल्प को लेकर।

दैनिक जागरण की मानें, तो बीसीसीआई की बैठक में रोहित शर्मा से कप्तानी को लेकर खास चर्चा की गई, जिसमें रोहित शर्मा ने कहा है कि वो कम से कम चैंपियंस ट्रॉफी तक कप्तानी संभालेंगे, तब तक बीसीसीआई उनके विकल्प की खोज जारी रखे। खास बात ये है कि ऑस्ट्रेलिया में खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम की करारी हार हुई थी। इस सीरीज में रोहित शर्मा बतौर कप्तान और बतौर बल्लेबाज बुरी तरह से फेल हुए थे। यही नहीं, उन्हें सिडनी में खेले गए सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच से भी बाहर कर दिया गया था। हालाँकि कुछ रिपोर्ट्स में बता रहे हैं कि रोहित शर्मा सिडनी टेस्ट से पहले ही संन्यास लेना चाहते थे और वो इसके लिए तैयार भी थे, लेकिन आखिरी समय में उन्होंने अपना फैसला बदल लिया। इसके बाद उन्होंने मैच के दौरान इरफान पठान से बात करते हुए कहा था कि वो अभी संन्यास नहीं ले रहे हैं, बल्कि खराब फॉर्म की वजह से खुद को टीम से ड्रॉप किया था।

शनिवार को बीसीसीआई की बैठक में उनकी कप्तानी और भविष्य को लेकर फिर से गहरी चर्चा हुई, जिसमें रोहित शर्मा ने कम से कम चैंपियंस ट्रॉफी तक पीछे नहीं हटने के संकेत दिए। उन्होंने साफ कहा कि बीसीसीआई उनके विकल्प की खोज जारी रखे। वैसे, रोहित शर्मा टी-20I से पहले ही संन्यास ले चुके हैं और उनका टेस्ट करियर भी लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में माना जा सकता है कि वो चैंपियंस ट्रॉफी के आखिरी मैच के साथ ही कोई बड़ी घोषणा कर दें।

वैसे, बीसीसीआई की बैठक में जसप्रीत बुमराह को अगले कप्तान के तौर पर जिम्मेदारी देने की भी बात की गई, लेकिन बुमराह की पाँच टेस्ट मैच जैसी सीरीज में पूरी तरह से फिट रहकर टीम की कमान संभालने के मुद्दे पर मतभेद सामने आ गए। बता दें कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के आखिरी मैच में बुमराह ने कप्तानी तो संभाली थी, लेकिन आखिरी पारी में वो गेंदबाजी नहीं कर सके थे, और अभी इंग्लैंड के खिलाफ घोषित टी-20 सीरीज में भी फिटनेस की वजह से उन्हें शामिल नहीं किया गया है।

विराट कोहली से भी बात करेगा बीसीसीआई

वहीं, सूत्रों के हवाले से ये भी कहा गया है कि बीसीसीआई जल्द ही विराट कोहली से भी उनकी भविष्य की योजनाओं को लेकर बातचीत करने वाला है। चूँकि विराट भी ऑस्ट्रेलिया में पूरी तरह से फ्लॉप रहे थे और पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में नाबाद शतक के अलावा वो किसी भी पारी में ढंग से खेल नहीं सके थे और वो लगातार एक ही तरह की गेंदों पर आउट हो रहे थे। ऐसे में चैंपियंस ट्रॉफी के बार विराट को लेकर भी कोई बड़ी खबर सामने आ सकती है।

घरेलू क्रिकेट में उतरेंगे वरिष्ठ खिलाड़ी

बता दें कि बीसीसीआई पहले ही साफ कर चुकी है कि भारतीय टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में भी हिस्सा लेना होगा। बीसीसीआई ने साफ कहा है कि अगर कोई खिलाड़ी किसी सीरीज या घरेलू क्रिकेट से छुट्टी लेना चाहता है, तो उसे फिजियो और कोच की सहमति वाला पत्र जमा करना पड़ेगा। यही वजह है कि सूर्यकुमार यादव से लेकर वो सभी इंटरनेशनल क्रिकेटर घरेलू क्रिकेट में हिस्सा ले रहे हैं, जो मौजूदा समय में भारतीय टीम से बाहर हैं।