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दिल्ली में CAA के विरोध में फिर हिंसा: करावल नगर में होटल फूँका, सीलमपुर-मौजपुर रोड बंद

दिल्ली में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर एक बार फिर से बवाल तेज हो गया है। रविवार (फरवरी 23, 2020) को सीएए समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए।

मालवीय नगर के हौजरानी एरिया में सीएए के विरोध में कुछ लोगों ने बिना पुलिस की अनुमति के मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर ट्रैफिक जाम करने की भी कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने एक हॉस्पिटल के सामने भी ट्रैफिक जाम करने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता भी की। इतना ही नहीं महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की गई और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की गई। धक्‍का-मुक्‍की के दौरान कई महिला पुलिसकर्मी बैरिकेड पर ही गिर पड़ीं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर भी पथराव किया है, जिसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। प्रदशर्नकारियों ने भी पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया है।

इससे पहले रविवार को जाफराबाद के मौजपुर इलाके में पथराव हुआ और फिर रात को करावल नगर में पत्थरबाजी देखने को मिली। पथराव की इन घटनाओं में कई लोग घायल हो गए हैं। कई वाहनों को भी फूँक दिया गया। करावलनगर में ही एक होटल को भी आग के हवाले कर दिया गया और जब फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाया गया तो शरारती तत्वों ने अग्निशमन दस्‍ते को वहाँ तक जाने ही नहीं दिया।

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बताया जा रहा है कि रात करीब 1 बजे हालात पर काबू पाया गया। तनाव को देखते हुए जाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। इन मेट्रो स्टेशनों से एंट्री और एग्जिट बंद कर दी गई है। सीलमपुर से मौजपुर सड़क को भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

जाफराबाद में सीएए के खिलाफ चल रहा विरोध-प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब सामने से सीएए के समर्थक आ गए। देखते ही देखते दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी। जाफराबाद मेट्रो स्‍टेशन के पास शनिवार (फरवरी 22, 2020) रात से ही प्रदर्शनकारी बड़ी संख्‍या में एकत्र होने लगे थे, जो कि लगातार सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने लगे।

इसके बाद रविवार की सुबह बड़ी संख्या में मौके पर पहुँची महिलाओं ने सड़क को जाम कर दिया। इसी बीच स्थित तब तनावपूर्ण हो गई कि जब मौजपुर में सीएए के समर्थन में सड़कों पर पहुँचकर लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कुछ ही देर में दोनों और से पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले दागने पड़े। इसके बाद प्रदर्शनकारी कुछ देर के लिए सड़क से हट गए, लेकिन थोड़ी देर पर फिर वहाँ जाकर डट गए।

₹4 हजार दे भारत की सीमा से सटे नेपाली इलाकों में बस रहे रोहिंग्या, जेहादी संगठन का हाथ

सीएए और एनआरसी की सख्ती के बाद रोहिंग्याओं का नया ठिकाना बनकर नेपाल उभरा है। भारत में अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्याओं अब नेपाल में जाकर बस रहे हैं। अब तक लगभग 378 रोहिंग्या नेपाल में बस चुके हैं। इसके पीछे जेहादी संगठन इस्लामिक संघ नेपाल (आईएसएन) का हाथ बताया जा रहा है। जमीन खरीद कर इन्हें बसाने के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक वे नेपाल की नागरिकता से संबंधित दस्तावेज हासिल करने के लिए रोहिंग्या हजारों रुपए रिश्वत भी दे रहे हैं। कुछ मामलों में बिचौलियों को नेपाल में बसने के लिए 4-50 हजार रुपए तक कमीशन दिए जा रहे हैं। नेपाल के ढाढिंग जिले में रोहिंग्याओं के करीब 35 अस्थायी घर भी देखे गए हैं, जो पिछले कुछ दिनों में बने हैं।

भारत-नेपाल सीमा पर बीरगंज, बिरतमोड और बर्गनिया के रास्ते रुपए लेकर कुछ संगठन नेपाल में प्रवेश दिला रहे हैं। इसी तरह लासंतूर में 104 रोहिंग्या और इसी समुदाय के कुछ लोगों के पनौती जिले में भी बसने की खबर मिली है। रुपन्देही में ऐसे ही 20 परिवारों को काठमांडू से लाकर बसाया गया है। जानकारी के मुताबिक जिहादी संगठनों और बिचौलियों के मदद से ये रोहिंग्या भारतीय सीमा से सटे क्षेत्र में जमीन भी खरीद रहे हैं।

इसको लेकर भारतीय खुफिया सुरक्षा एजेंसियाँ काफी चौकन्नी हो गई हैं। एजेंसियाँ सीमावर्ती क्षेत्र में रोहिंग्या परिवारों की हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। फंडिंग की रिपोर्ट खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को भेजी है। गृह मंत्रालय का कहना है कि रोहिंग्या की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई लंबे वक्त से भारत-नेपाल सीमा पर लश्कर और जैश जैसे आतंकी गुटों के बेस बनाने की साजिश में लगी हुई है। ऐसे में रोहिंग्या की सीमा पर बसने को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यह भारत के खिलाफ साजिश का हिस्सा भी हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी थी कि पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत में आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए रोहिंग्याओं का एक दस्ता तैयार किया है। बताया गया कि भारत पर हमले के लिए आईएसआई करीब 40 रोहिंग्याओं को बांग्लादेश में ट्रेनिंग दे रही है। इसमें बांग्लादेशी आंतकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) आईएसआई की मदद कर रहा है।

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बेटी की कब्र पर आने वाला था दाऊद इब्राहिम, 10 शूटर कर रहे थे इंतजार… जानें कैसे बच निकला

22 साल बाद बीते 8 जनवरी को गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला पटना से पकड़ा गया था। मुंबई पुलिस ने पटना पुलिस की मदद से उसे दरभंगा जाते वक्त पकड़ा था। फरारी के दौरान एजाज ने कई बार रूप-रंंग बदला। अपनी फर्जी पहचान के हिसाब से जीवनशैली भी बदली। असली पहचान छिपाने के लिए हिंदू नामों का इस्तेमाल किया। पूछताछ के दौरान एजाज ने मुंबई पुलिस को कई अहम जानकरियॉं दी हैं। इसमें से कई डी गैंग के सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़ी हैं।

मुंबई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार एजाज ने पुलिस को बताया है कि साल 1998 में वह छोटा राजन के राइटहैंड
विक्की मल्होत्रा की 10 लोगों की टीम का हिस्सा था। इस टीम में फरीद तनाशा, बालू डोकरे, विनोट मटकर, संजय घाटे और बाबा रेड्डी जैसे लोग शामिल थे। इस टीम ने दाऊद को मार गिराने के लिए कराची की एक दरगाह के बाहर कई दिनों तक इंतजार किया था।

एजाज ने बताया कि दाऊद की बेटी मारिया की मौत के बाद छोटा राजन ने उसे रास्ते से हटाने का प्लान तैयार किया। इसके लिए विक्की मल्होत्रा के नेतृत्व में शूटरों की एक टीम ने कराची की उस दरगाह के बाहर दाऊद का इंतजार किया। यहाँ दाऊद अपनी बेटी की कब्र पर आने वाला था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिर्जा दिलशाद बेग ने आखिरी वक्त में इसकी जानकारी दाऊद को दे दी और यह प्लान फेल हो गया। मिर्जा नेपाल का सांसद और दाऊद का करीबी सहयोगी था। बकौल एजाज, इससे छोटा राजन इतना नाराज हुआ कि उसी साल मिर्जा को मार गिराया गया।

गौरतलब है कि कभी दाऊद गिरोह का सदस्य रहा एजाज बाद में छोटा राजन के गैंग में शामिल हो गया था। बाद में पैसे के बँटवारे को लेकर छोटा राजन से मतभेद होने के बाद उसने अपना अलग गिरोह बना लिया और नीदरलैंड में रहकर ड्रग तस्करी वगैरह का धंधा चला रहा था।

लकड़ावाला ने मुंबई पुलिस को यह भी बताया है कि दाऊद की थाइलैंड और बांग्लादेश में भी अच्छी पकड़ है। इन दोनों देशों के जरिए वह भारत, यूरोप और अन्य देशों में ड्रग भेजता है। बता दें, खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी है कि एजाज़ की जेल में हत्या की दाऊद साजिश रच रहा है। इसके कारण डी गैंग से जुड़े खुलासे हैं।

एजाज़ ने मोस्टवांटेड दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान के कराची में दो घरों का पता भी बताया है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के शीर्ष अधिकारियों ने मुताबिक दाऊद के एक घर का पता 6ए, खायाबन तंजीम फेज-5, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची और दूसरे घर का पता डी-13, ब्लॉक-4, क्लिफ्टॉन, कराची है। दाऊद का भाई अनीस इब्राहिम और उसका खास छोटा शकील भी डिफेंस हाउसिंग एरिया में ही रहते हैं।

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अहमदाबाद पहुँचे ट्रंप, 36 घंटे इंडिया में रहेंगे: मोदी ने गले लगाकर किया स्वागत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पहली भारत यात्रा पर सोमवार को (फरववरी 24, 2020) अहमदाबाद पहुँचे। साथ में पत्नी मेलानिया ट्रंप, बेटी इवांका ट्रंप और दामाद जेरेड कुशनेर भी हैं। जेरेड अमेरिकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार भी हैं। ट्रंप परिवार 36 घंटे भारत में रहेगा। अहमदाबाद पहुॅंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर अमेरिकी राष्ट्रपति की आगवानी की।

भारत पहुॅंचने से पहले ट्रंप ने हिंदी में ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है, “हम भारत आने के लिए तत्पर हैं। हम रास्ते में हैं, कुछ ही घंटों में हम सब मिलेंगे।”

उनके दौरे को लेकर अहमदाबाद से लेकर आगरा और दिल्ली तक सुरक्षा बेहद चाक-चौबंद है। ट्रम्प परिवार 5 टियर सुरक्षा घेरे में रहेंगे। उनकी अंदरूनी सुरक्षा का पूरा जिम्मा अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के हवाले रहेगा और इन तक पहुँच केवल भारतीय लायजनिंग अधिकारियों की ही होगी। दूसरे चक्र में एनएसजी, चेतक कमांडो, अर्ध सैनिक बल और अंत में बाहरी सुरक्षा व देखरेख की जिम्मेदारी गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस के 25 हजार जवानों की रहेगी।

अपनी इस यात्रा के दौरान ट्रंप अहमदाबाद में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के साबरमती आश्रम जाएँगे। मोटेरा स्टेडियम में आयोजित ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति और पीएम मोदी लगभग एक लाख लोगों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे।

अहमदाबाद शहर में ‘इंडिया रोड शो’ के 22 किलोमीटर के मार्ग के दोनों ओर बने मंचों पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए नृत्य समूह और गायक प्रस्तुति देंगे। रोड शो के मार्ग में सड़क के दोनों ओर राष्ट्रपति और अमेरिका की पहली महिला मेलानिया ट्रंप की विशाल होर्डिंग और गुजरात में ऐतिहासिक स्थानों की प्रतिकृतियाँ भी लगाई गई हैं। गुजरात दौरे के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति को भारत की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।

अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप पत्नी मेलानिया के साथ ताजमहल देखने आगरा जाएँगे। वहाँ से दिल्ली आएँगे जहाँ द्विपक्षीय मुद्दों पर बात होगी। भारत यात्रा के लिए रवाना होने से ठीक पहले ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके ‘मित्र’ हैं और वह भारत की यात्रा के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि वह काफी समय पहले से भारत आने को लेकर प्रतिबद्ध थे और भारत के लोगों से मिलने के लिए तत्पर हैं।

उन्होंने कहा, “मैं भारत के लोगों से मिलने के लिए उत्सुक हूँ, हम लाखों लोगों से मिलेंगे। मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत अच्छा लगता है, पीएम मोदी मेरे मित्र हैं। पीएम मोदी ने कहा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा इवेंट होगा। मैं उम्मीद करता हूँ कि भारत का दौरा बहुत बड़ा इवेंट होगा, शायद सबसे बड़ा इवेंट होगा।”

पीएम मोदी ने भी रविवार (फरवरी 23, 2020) को ट्वीट करते हुए कहा, “भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत करने को लेकर उत्सुक है। यह एक सम्मान की बात है कि वह कल हमारे साथ होंगे और उनकी यात्रा की शुरुआत अहमदाबाद में ऐतिहासिक कार्यक्रम से होगी।”

ट्रंप की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों विशेषकर रक्षा और रणनीतिक सहयोग में और मजबूती आने की उम्मीद है। इनमें घरेलू सुरक्षा, बौद्धिक संपदा कानून, सिविल न्यूक्लियर डील के तहत रिएक्टर समझौता, रक्षा सौदा और सीमित ट्रेड डील शामिल है। ट्रंप के दौरे से ठीक पहले मोदी सरकार ने 24 MH-60 रोमियो हेलिकॉप्टर और 6 AH-64E APACHE हेलिकॉप्टर खरीदने की मंजूरी दे दी है। अब ट्रंप की यात्रा के दौरान इस पर मुहर लग जाएगी। इसके साथ ही डिफेंस डील का दायरा बढ़ाने के ऐलान के भी आसार हैं। पाँच बड़े समझौते होने की उम्मीद है।

इसके अलावा द्विपक्षीय वार्ता के दौरान आतंकवाद, कश्मीर और भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप के रुख पर दुनिया की निगाहें हैं। दौरे से पूर्व व्हाइट हाउस ने कहा था कि ट्रंप भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर बात कर सकते हैं। भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप और पीएम मोदी के बीच मंगलवार को होने वाली वार्ता व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी, ऊर्जा सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, अफगानिस्तान में तालिबान के साथ प्रस्तावित शांति समझौता और हिंद-प्रशांत की स्थिति सहित कई द्विपक्षीय और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है।

बता दें कि ट्रम्प अमेरिका के तीसरी राष्ट्रपति होंगे, जो ताजमहल देखने जाएँगे। उनसे पहले 1959 में ड्वाइट आइजनहॉवर और 2000 में बिल क्लिंटन आगरा जा चुके हैं। वहीं पिछले 61 साल में ट्रंप भारत आने वाले 7वें अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। बराक ओबामा दो बार भारत दौरे पर आए थे। 

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भारत दौरे पर रवाना होने से पहले एक ट्वीट को रिट्वीट किया था, जिसमें वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल फिल्म ‘बाहुबली’ के मीम में नजर आ रहे हैं। इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए ट्रंप ने लिखा था, “भारत में अपने शानदार दोस्तों से मिलने के लिए उत्सुक हूँ।“

बुशरा बीबी के लिए नहीं खोला ‘जन्नत का दरवाजा’, 175 अधिकारियों पर गिरी गाज

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की बेगम बुशरा बीबी के लिए ‘जन्नत का दरवाजा’ न खोले जाने पर 175 अधिकारियों पर गाज गिरी है। जानकारी के अनुसार बुशरा बीबी की पंजाब प्रांत स्थित एक दरगाह की यात्रा के दौरान अधिकारियों द्वारा तय प्रोटोकॉल का पालन न करने के कारण यह कार्रवाई की गई है। जिन अधिकारियों के तबादले हुए या जिन्हें उनके पद से हटाया गया, उनमें 35 पुलिस अधिकारी, पाकपट्टन डीपीओ, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, 7 ASI, 4 हेड कॉन्स्टेबल, 14 कॉन्स्टेबल और 8 महिला कॉन्स्टेबल शामिल हैं।

हालाँकि, रविवार को प्रधानमंत्री इमरान खान की स्पेशल असिस्टेंट (इन्फोर्मेशन ऐंड ब्राडकॉस्ट) डॉ. फिरदौस आशिक अवान ने इन दावों को पूर्ण रूप से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब में हुए प्रशासनिक बदलावों का बुशरा बीबी के दौरे से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि इनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीते गुरुवार (20 फरवरी) को प्रशासन को सूचित किए बिना बुशरा बीबी पंजाब के पाकपट्टन जिले में बाबा फरीद की दरगाह पर गई थीं। वहाँ तैनात अधिकारियों ने उनके लिए ‘जन्नत का दरवाजा’ कहे जाने वाले गेट ‘बेहेश्ती दरवाजा’ को नहीं खोला, जिसे बीबी ने अपना अपमान समझा। उसके बाद ही अधिकारियों पर यह कार्रवाई हुई और पाकपट्टन जिलों में तैनात कुछ कर्मचारियों को विभागीय प्रशासनिक मामलों में लापरवाही दिखाने के कारण स्थानांतरित कर दिया गया।

वैसे बुशरा बीबी सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर ही रहती हैं। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब वह मीडिया की सुर्खियों में हैं। वे तंत्र-मंत्र और जादू-टोना करने वाली शख्सियत के रूप में जानी जाती हैं। दावा तो ये भी किया जाता है कि बुशरा ने दो जिन्न भी पाल रखे हैं और वह उन्हें पका हुआ गोश्त परोसती हैं।

उनके बारे में अभी बीते दिनों इमरान खान की पहली पत्नी ने भी ट्वीट किया था, जिसने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों बटोरी। इसमें इमरान के अलावा जेमिमा भी थीं। साथ ही एक और महिला बुर्के में नजर आ रही थी। पोस्टर पर उर्दू में लिखा हुआ था, तूने कैसा जादू किया? इस पोस्टर को ट्वीट कर जेमिमा ने तंज भरे अंदाज में लिखा था, “कौन लॉलीवुड (पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री) का ये पोस्टर पसंद नहीं करता है? आज एक मित्र ने लाहौर में यह पोस्टर देखा… कैप्शन है: तुमने कैसा जादू किया?”

बता दें इस पोस्टर में नजर आने वाली बुर्कानशी महिला को सोशल मीडिया पर लोगों ने बुशरा बताया जिन्हें लेकर ये बात भी प्रचलित है कि वो आइने में नजर नहीं आतीं। हालॉंकि बाद में जेमिमा ने यह ट्ववीट डिलीट कर दिया था। गौरतलब है कि बुशरा इमरान खान की तीसरी बीबी हैं। उनसे पहले इमरान ने जेमिमा और रेहम खान से निकाह किया था।

15 साल से फरार गैंगस्टर रवि पुजारी दक्षिण अफ्रीका में गिरफ्तार, लाया जा रहा भारत

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दक्षिण अफ्रीका में करीब 25 दिन पहले गिरफ्तार किए गए 15 वर्षों से फरार गैंगस्टर रवि पुजारी को पुलिस अधिकारियों की एक टीम भारत ला रही है। बताया जा रहा है कि रवि पुजारी को कर्नाटक पुलिस और पश्चिमी अफ्रीका के सेनेगल के अधिकारियों ने एक संयुक्त कार्रवाई में वहाँ के एक गाँव से गिरफ्तार किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि वो सेनेगल से रवि पुजारी को अपने साथ भारत ला रहे हैं और वो अभी पेरिस में हैं। अधिकारियों ने कहा कि वो एयर फ़्रांस की उड़ान से आ रहे हैं और आधी रात तक भारत पहुँच जाएँगे।

रवि पुजारी किसी जमाने में छोटा राजन का खास हुआ करता था लेकिन जब राजन के गैंग में फूट पड़ी तो उसने भी अलग रास्ता अपना लिया। अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी की तालाश कर रही अहमदाबाद पुलिस ने पाँच महीने पहले दक्षिण अफ़्रीकी सरकार को पत्र भी लिखा था। दरअसल, पुजारी पर गुजरात के कई व्यापारियों और राजनेताओं ने करोड़ों रुपए की रंगदारी के लिए धमकाने का आरोप लगाया था, जिसके चलते अहमदाबाद पुलिस उसे गुजरात लाना चाहती थी।

रवि पुजारी लगभग 15 साल से भारत से फरार था। उस पर फिरौती, हत्‍या, ब्‍लैकमेल और धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज थे, जिसमें कई बॉलीवुड की हस्तियों से भी फिरौती माँगने के मामले दर्ज हैं। जिस कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसके बाद उसे सेनेगल निर्वासित कर दिया गया था, जहाँ से पिछले साल जमानत मिलने के बाद वो फरार हो गया था। हाल ही में सेनेगल की सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्यर्पण के खिलाफ पुजारी की अर्जी रद्द कर दी थी। इसके बाद पुजारी के पास कोई कानूनी रास्ता नहीं बचा था।

अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी को जनवरी में अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डकार के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। भारतीय एजेंसियों के इनपुट के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई थी। उस पर भारतीय एजेंसियां लगातार नजर रखे हुए थीं।

गैंगस्टर रवि पुजारी सबसे पहले 2000 के शुरुआती दशक में चर्चा में आया था, जब उसने बॉलीवुड की प्रसिद्ध हस्तियों और बिल्डरों से वसूली करना शुरू किया था। वह मुंबई के एक प्रतिष्ठित वकील की हत्या के प्रयास में भी शामिल था। पुजारी की पत्नी पद्मा और बच्चे भी भारत से भाग गए और उनमें से कुछ ने जाली दस्तावेजों से बुर्किना फासो का पासपोर्ट हासिल कर लिया। बताया जा रहा है कि रवि पुजारी के बेटे ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में शादी की है और उसके पास ऑस्ट्रेलिया का पासपोर्ट है।

कई बॉलीवुड हस्तियों की नाक में दम कर रखा था रवि पुजारी ने

रवि पुजारी के नाम से एक समय पूरा बॉलीवुड घबराता था। वह सिनेमा की कई हस्तियों को धमका चुका था जिसमें प्रीती जिंटा के बॉयफ्रेंड नेश वाडिया से लेकर सलमान खान, शाहरुख खान, यश चोपड़ा, बोनी कपूर, महेश भट्ट आदि के नाम शामिल हैं।

अब शाहीन बाग जाम से त्रस्त लोग भी उतरे सड़कों पर, बंद पड़ा रास्ता खुलवाने के लिए शुरू किया प्रदर्शन

सीएए-एनआरसी (CAA-NRC) के विरोध में शाहीन बाग़ में चल रहे प्रदर्शन के खिलाफ आज दिल्ली के सरिता विहार और जसोला में लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। ये लोग उन सभी रास्तों को खोलने की माँग कर रहे हैं जो शाहीन बाग में करीब ढाई महीने से जारी विरोध प्रदर्शन के कारण बंद पड़े हैं। सरिता विहार, मदनपुर खादर और जसोला के स्थानीय लोगों ने फरीदाबाद सड़क के खुलने तक शाहीन बाग मेट्रो स्टेशन जाने वाली सड़क को बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है जब तक फरीदाबाद रोड नहीं खोली जाएगी वे शाहीन बाग़ जाने वाली सड़क को बंद रखेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फरीदाबाद सड़क खोलने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे सरिता विहार, जसोला आदि इलाके के लोगों का कहना है कि जामिया मिलिया विश्वविद्यालय से शाहीन, ठोकर संख्या 9 के कालिंदी कुंज जाने वाला मार्ग खुला है और इसकी वजह से जामिया, बटला हाउस और शाहीन इलाके के लोगों को कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। जबकि, दूसरे मोहल्ले के निवासियों को इससे कोई खास राहत नहीं मिली है। उनका कहना है कि फरीदाबाद रोड भी खोला जाए ताकि उन्हें भी राहत मिल सके।

इन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जो रास्ता कल खोला गया था, उससे सिर्फ शाहीन बाग़ में प्रदर्शन कर लोगों को ही फायदा हुआ है, इसलिए उनकी भी परेशानी को समझते हुए प्रशासन फरीदाबाद रोड को खुलवाए। फरीदबाद की सड़क खोलने को लेकर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों में महिलाएँ भी शामिल हैं।


वहीं सीएए और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ दिल्ली के जाफराबाद में बीती रात से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच बीजेपी नेता और दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान मॉडल टाउन से बीजेपी उम्मीदवार रहे कपिल मिश्रा ने कहा है कि दिल्ली में दूसरा शाहीन बाग नहीं बनने देंगे।

इससे पहले कल आधी रात से जाफराबाद मेट्रो स्टेशन सड़क को जाम किये लोगों पर टिप्पणी करते हुए कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया, “जाफराबाद में अब स्टेज बनाया जा रहा है। एक और इलाका जहाँ अब भारत का कानून चलना बंद। सही कहा था मोदी जी ने, शाहीन बाग एक प्रयोग था। एक-एक करके सड़कों, गलियों, बाजारों, मोहल्लों को खोने के लिए तैयार रहिए। चुप रहिए, जब तक आपके दरवाजे तक ना आ जाएँ, चुप रहिए।”

‘सभी धर्म ईश्वर तक पहुँचने का माध्यम: ओवैसी अगर बोल दें तो Z प्लस सिक्योरिटी की जरूरत पड़ जाएगी’

दिल्ली के ‘अर्थ कल्चरल फेस्ट’ ने भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी और एआईएमआईएम चीफ ओवैसी के बीच “क्या भारत के संवैधानिक मूल्य सच में खतरे में हैं?” विषय पर एक बहस का आयोजन किया था जिसके मॉडरेटर जे. साई दीपक थे।

इस रोचक बहस में एक जगह सुब्रमण्यम स्वामी ओवैसी को चुनौती देते हुए पूछते हैं, “क्या वो कह सकते हैं कि ‘सभी धर्म ईश्वर तक पहुँचने का माध्यम हैं’ और, फिर खुद इस सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं कि ओवैसी अगर यह बोल देंगे तो उन्हें Z प्लस सिक्योरिटी देने की जरूरत पड़ जाएगी।”

सुब्रमण्यम स्वामी ईसाइयत, इस्लाम और हिन्दू धर्म के बीच का फर्क बताते हुए कहते हैं, “हिन्दू धर्म जहाँ प्रत्येक मार्ग से ईश्वर की प्राप्ति सम्भव बताता है, वहीं ईसाइयत और इस्लाम दूसरे धर्मों को कमतर और शैतान का रास्ता करार देते हैं।”

पंथनिरपेक्षता के सवाल पर अपनी बात रखते हुए स्वामी कहते हैं, “या तो आप कहेंगे कि आप सभी धर्मों के प्रति सहिष्णु हैं लेकिन आप का धर्म सबसे श्रेष्ठ है, या आप हिन्दुओं की तरह कहेंगे कि ‘सभी धर्म ईश्वर तक जाते हैं’, इस्लाम ऐसा नहीं मानता कि सभी धर्मों के सहारे इंसान ईश्वर तक पहुँच सकता है और न ही ऐसा ईसाइयत मानती है।”

“यह राजनैतिक बयान है या धर्मशास्त्र से जुड़ा?” मॉडरेटर दीपक के इस सवाल पर सुब्रमण्यम स्वामी ने जवाब दिया कि यह बयान धर्मशास्त्र से संबंधित है।

सुब्रमण्यम स्वामी एकेश्वरवादी धर्मों के उस अभिन्न पहलू पर अपनी बात रख रहे थे जहाँ एक ईश्वर की मान्यता है और अन्य को कमतर माना जाता है जो महज शैतान प्रेरित शक्ति है जिसका काम इंसान को सच्चे ईश्वर से दूर ले जाना है।

VIDEO: स्वरा भास्कर ज्ञानगंगा के तीन मिनट जिसने वामपंथियों के प्रचलित तरीकों को फिर एक्सपोज किया

वामपंथियों के पास एक मशीन होती है जिसमें एक तरफ मूर्ख को डालिए, दूसरी तरफ से वो बकैत बन कर निकलेंगे। और हाँ, वामपंथियों के पास मूर्खों को छोड़ कर और कोई होता भी नहीं। या और गहरे उतरें तो यह कहना भी शास्त्रोचित है कि वामपंथी मूर्ख ही होते हैं। ये बात और है कि उन्हें अंत काल तक अपने मूढ़मति होने का पता नहीं चल पाता।

मूर्ख कई बार ऐसे कार्य भी कर जाते हैं, जो उन्हें लगता है कि ‘गर्दा उड़ा दिया मैंने, मुझे तो नोबेल मिलना चाहिए था’, लेकिन वो बस अपनी मिट्टी पलीद करवाते हैं, एक्सपोज होते हैं, और आम जनता के सामने अपने मूल रूप में प्रस्तुत हो जाते हैं।

स्वरा भास्कर के साथ वही हुआ। नाम में ही ‘स्वर’ है, तो बोलना तो जन्मसिद्ध अधिकार है, आधा नाम भास्कर है, तो भीतर आग भी भरी हुई होगी। ऐसे में वामपंथ का पेट्रोल खुद पर छींट कर भभकने की प्रवृत्ति, और फिर बाप-बाप चिल्ला कर कहना कि ‘आग लगा दिया रे, अरे जला दिया रे’, विक्टिम कार्ड स्वाइप करने में ये अगली पंक्ति में खड़ी होती हैं।

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अलीगढ़: CAA की आड़ में उपद्रवियों ने दुर्गा मंदिर पर किया पथराव, पुलिस से झड़प के बाद हालात तनावपूर्ण

दिल्ली में शाहीन बाग़ कब्जाने के बाद CAA के विरोध में अलीगढ़ में माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया है। अलीगढ़ के ऊपरकोट में विरोध प्रदर्शन जारी है जबकि शाहजमाल में हालात अभी भी बेकाबू हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि जुलूस निकाल रहे सैकड़ों लोग सड़कों पर मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन करने के क्रम में कुछ युवकों ने तुर्कमान गेट पर प्राचीन नवदुर्गा पथवारी मंदिर पर पथराव कर दिया। जिससे बाद से हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।

अलीगढ़ में रविवार (फरवरी 23, 2020) दोपहर के बाद हालात तनावपूर्ण हुए हैं। ऊपरकोट पर हालात सामान्य करने में जुटी पुलिस पर भी पथराव किया गया। पुलिस द्वारा प्रदर्शन और पथराव कर रहे कुछ लोगों को पकड़ने की कोशिश की गई, जिससे वहाँ मौजूद महिलाओं में गुस्सा बढ़ गया।

भीड़ ने जब पुलिस पर ज्यादा पथराव किया तो बदले में पुलिस ने पत्थरबाजों पर आँसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और धरना दे रहीं महिलाएँ भी भाग गईं। देहलीगेट और ऊपरकोट इलाके में सुबह से जारी जुलूस प्रदर्शनों में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। नागरिकता कानून का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने ज्वलनशील चीजें भी फेंकी, जिससे कुछ दुकानों के पर्दों में आग लग गई। हालाँकि बाद में इस पर काबू पा लिया गया।

सीएए के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने हजारों की संख्या में महिलाएँ और पुरुष जमा हुए थे। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर रहे थे। ऊपरकोट कोतवाली के सामने भी प्रदर्शनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के समझाने के बावजूद टकराव के हालात बन रहे हैं।

देहलीगेट और ऊपरकोट थाना क्षेत्र के मुस्लिम इलाकों के सभी बाजार बंद हो गए हैं। करीब 12:30 बजे सब्जी मंडी इलाके के दुकानदारों को भी धरना प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान करते हुए बाजार बंद करा दिया गया था। खासकर मुस्लिम बाहुल्य इलाके की दुकानें पूरी तरह से बंद हैं। फिलहाल इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इलाके में हालात तनावपूर्ण हैं।