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लद्दाख के लिए पहला बजट: क्षेत्र के विकास के लिए 5958 करोड़ रुपए आवंटित

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के लिए 5958 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। नवगठित संघ राज्यों के लिए 2020-21 में 30,757 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है। इसमें से लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के लिए 5958 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।

ज्ञात हो कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खंड(1) और साथ ही 35ए को हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर को मिला विशेष दर्जा छिन गया है। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग कर के इन दोनों को अलग-अलग केंद्र शासित राज्य बनाया गया है।

मध्य प्रदेश: नमाज के बाद नहीं करने दी माँ सरस्वती की पूजा, महिलाएँ बोलीं- चूड़ी पहन लो कमलनाथ!

मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस सरकार की मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति एक बार फिर से सामने आई है। बीते दिन धार जिले के भोजशाला में मुस्लिमों द्वारा नमाज पढ़े जाने के बाद माँ सरस्वती की पूजा करने पहुँची महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद गुस्साई महिलाएँ वहीं मंदिर के गेट पर धरने पर बैठ गईं और कमलनाथ सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।

मध्य प्रदेश के धार ज़िले में स्थित भोजशाला में शुक्रवार को हुई नमाज के बाद महिलाएँ माँ वाग्देवी की तस्वीर रखने के लिए मंदिर पर पहुँची, लेकिन वहाँ सुरक्षा में तैनात पुलिस प्रशासन इससे पहले ही दरवाजे को बंद कर दिया और महिलाओं को पूजा करने के लिए मंदिर के अंदर प्रवेश करने से मना तक दिया। इससे पूजा के लिए पहुँची महिलाएँ नाराज हो गईं और वहीं पर खड़े होकर प्रशासन के ख़िलाफ नारेबाजी करने लगीं। इतना ही नहीं गुस्साई महिलाओं ने अपने हाथों की चूड़ी उतारकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा, “ये लो, चूड़ी पहन लो कमलनाथ।”

इसके बाद घबराए पुलिस प्रशासन ने महौल शांत करने का हवाला देते हुए गेट के बाहर ही तस्वीर रख माँ सरस्वती की पूजा कराकर महिलाओं को वापस कर दिया और इस विवाद के साथ ही परिसर में आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन और बसंत उत्सव का समापन हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौके पर पुलिस फोर्स तैनात रही। दरअसल भोजशाला में पिछले चार दिनों से मातृशक्ति सम्मेलन और बसंत उत्सव समारोह का आयोजन किया जा रहा था, जिसका शुक्रवार को समापन होना था और वहीं शुक्रवार होने के कारण मुस्लिमों को जुमे की नमाज भी अदा करनी थी। यही कारण था कि परिसर के मुख्य गेट पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया था।

वहीं, मातृशक्ति सम्मेलन में मुख्य अतिथि रहीं महू विधायक उषा ठाकुर समय से एक घंटे पहले ही कार्यक्रम स्थल पहुँच गईं। विधायक ने महिलाओं के साथ ज्याेति मंदिर में बैठकर भजन भी गाए। इसके बाद जब प्रशासन द्वारा भाेजशाला का द्वार नहीं खाेलने की खबर उन तक पहुँची ताे उन्हाेंने भाेजशाला आने से मना कर दिया। विधायक ने संकल्प लिया कि जब तक वे भाेजशाला के अंदर पूजन नहीं करेगी तब तक वे भाेजशाला नहीं आएँगी। विधायक का संकल्प भाेजशाला के बाहर हिंदूवादी संगठन के नेता ने सार्वजनिक रूप से भी सुनाया। इससे पहले विधायक ने ज्याेति मंदिर में कार्यक्रम काे संबाेधित करते हुए कहा– लंबे समय से यह सत्याग्रह चल रहा है और इससे ज्यादा से ज्यादा लाेगाें काे सत्याग्रह से जाेड़ना पड़ेगा।

आपको बता दें कि धार स्थित भोजशाला मंदिर का विवाद कोई नया विवाद नहीं हैं, यह विवाद हिंदू और मुस्लिमों के बीच पूजा को लेकर लंबे अरसे से चला आ रहा है। यह पूरा विवाद मंदिर की जगह को लेकर है, जहाँ मुस्लिम समुदाय के लोग इसे मस्जिद का स्थान मानते हैं और वहीं हिंदू धर्म के लोग इसे सरस्वती माता का मंदिर का स्थान मानते हैं।

550 रेलवे स्टेशनों पर Wi-Fi, 100 से ज्यादा नए एयरपोर्ट, तेजस ट्रेनों की संख्या बढ़कर होगी 150: बजट 2020

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार (फरवरी 1, 2020) को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा अपना दूसरा बजट पेश किया। 2016 तक रेल बजट रेल मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया गया था, लेकिन मोदी सरकार द्वारा इसे समाप्त कर दिया गया और सुरेश प्रभु 2016 में रेल बजट पेश करने वाले अंतिम रेल मंत्री बने। इसके बाद से रेल बजट को भी आम बजट में ही पेश किया जाता है।

निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करते हुए बताया कि रेलवे ट्रैक्स के साथ-साथ बड़े सोलर पॉवर कैपेसिटी का सेट-अप किया जाएगा। 6000 किलोमीटर के 12 हाइवे बण्डल के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जो 2024 तक पूरा होगा। 2023 तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे सहित 2 अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा कर लिया जाएगा। वित्तमंत्री ने बताया कि राजमार्गों के विकास पर ख़ास जोर होगा और उनके निर्माण की गति में तेज़ी लाई जाएगी। साथ ही इंडस्ट्री और कॉमर्स 27,300 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। वित्तमंत्री ने जानकारी दी कि मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के निर्माण भारत में बहुतायत में हों, इसके लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 550 रेलवे स्टेशनों पर वाई फाई सुविधा दी गई है। 27 हजार किलोमटीर ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन होगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि इसके लिए नए उपाय किए जाएँगे।

1. सोलर पावर ग्रिड रेल पटरी के किनारे बनेगा।

2. 150 ट्रेन पीपीपी मोड में चलाने का फैसला।

3. तेजस जैसे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी।

4. 148 किलोमीटर बेंगलूरू ऊपनगरीय ट्रेन सिस्टम बनेगा। केंद्र सरकार 25% पैसा देगी। इस पर 18 हजार 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

आगे कहा गया कि बिजली के मीटर प्री पेड होंगे। धीरे-धीरे पुराने मीटर हटाने का लक्ष्य है। स्मार्ट मीटर से सप्लायर और रेट चुनने का विकल्प होगा। 22 हजार करोड़ रुपए पावर सेक्टर के लिए प्रस्तावित है। 100 से ज्यादा नए एयरपोर्ट बनेंगे। 2020-21 में 1.7 लाख करोड़ रुपए ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे।

निजी क्षेत्र को देशभर में डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने में सक्षम बनाने के लिए नीति लाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही राष्ट्रीय गैस ग्रिड को मौजूदा 16,200 किलोमीटर से बढ़ाकर 27 हजार किलोमीटर तक पहुँचाने का प्रस्ताव लाया गया है।

बजट में आगे कहा गया कि अगले पाँच साल में 8 हजार करोड़ रुपए क्वांटम एप्लीकेशन पर खर्च किया जाएगा। भारत तीसरा सबसे बड़ा देश होगा जो बड़े लेवल पर इसका इस्तेमाल करेगा। भारतनेट कार्यक्रम को 6 हजार करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव लाया गया है।

बजट में जलजीवन अभियान के लिए 11,500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जबकि स्वच्छ भारत के लिए 12,300 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसके साथ ही भारत को तकनीकी वस्त्रों में अग्रणी बनाने के लिए राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन का प्रस्ताव है और मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सेमी कंडक्टर पैकेजिंग के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए योजना है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि पाँच पुरातात्विक जगहों पर म्यूजियम बनेंगें- जिसमें हस्तिनापुर, शिवसागर, डोलावीरा, आदिचेल्लनूर, राखीगढी का नाम शामिल है। इसके अलावा राँची में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा।

इसके साथ ही बड़े नगरों में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए 4400 करोड़ का आवंटन किया गया है। वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगों के लिए लगभग 9,500 करोड़ का आवंटन किया गया है। और 6 लाख से अधिक आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समार्टफोन दिए गए हैं। 2020-21 के पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ का प्रस्ताव है। महिला विशिष्ट कार्यक्रमों को 28,600 करोड़ रुपए का प्रावधान है।

वित्त मंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2500 करोड़ आवंटन करने का प्रस्ताव है। संस्कृति मंत्रालय के लिए 3,150 करोड़ रुपए की व्यवस्था का प्रस्ताव है।

गौरतलब है कि पिछले साल आम बजट में निर्णय लिया गया था कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को 2018 से 2030 के बीच 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होगी। वित्त मंत्री ने कहा था कि तेजी से विकास और यात्री माल ढुलाई सेवाओं के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) का उपयोग प्रभावी रूप से किया जाएगा। साथ ही बजट में यह भी कहा गया था कि सरकार माल वहन के लिए नदी मार्ग का उपयोग करने की परिकल्पना भी कर रही है, ताकि सड़क एवं रेल मार्ग पर भीड़भाड़ के कारण रूकावटें कम हो सकें। वित्तमंत्री ने कहा था कि भारतीय रेल और मेट्रो प्रोजेक्ट में पीपीपी मॉडल के जरिए निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही इस बजट में 657 किलोमीटर मेट्रो को चालू किया गया है, जबकि 300 किलोमीटर नए मेट्रो प्रोजेक्ट को मंज़ूरी मिली थी।

6000 KM हाई-वे, 5 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए लगाएगी सरकार: बजट 2020

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश कर रही हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर पर वित्त मंत्री ने कहा- “पीएम कह चुके हैं कि इन्फास्ट्रक्चर पर अगले पाँच साल में 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा। हाउसिंग, स्वच्छ पानी, हेल्थकेयर, शिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, वेयरहाउसिंग, सिंचाई जैसे क्षेत्रों में निवेश होगा।”

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार अगले 5 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए लगाएगी।

बुनियादी संरचना में कही गई प्रमुख बातें-

  1. 2500 किलोमीटर एक्सप्रेस हाईवे, 9000 किलोमीटर इकॉनमिक कॉरिडोर, 2000 किलोमीटर स्ट्रेटेजिक हाईवे बनेगा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे, चेन्नई-बेंगलुरू एक्सप्रेस जल्दी बन कर तैयार होगा।
  2. 6000 किलोमीटर हाई वे 2024 तक बनेंगे।
  3. रोजगार के भारी अवसर कंस्ट्रक्शन, ऑपरेशन और नई योजनाओं के परिचालन से पैदा होगा।
  4. सभी इन्फ्रा एजेंसियां स्टार्टअप में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करेंगी।

बजट की शुरुआत में निर्मला सीतारमण ने सरकार की उपब्धियां गिनाईं। ये वित्तमंत्री सीतारमण का दूसरा बजट है। इसके पहले भी वित्त मंत्री सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 के बनते ही सरकार का बजट पेश किया था। वित्त मंत्री के मुताबिक यह बजट एक आदर्श बजट है, जिसमें सोसाइटी के सभी तबके के लोगों के प्रावधान हैं।

बजट पेश करने के दौरान निर्मला सीतारमण ने कश्मीरी भाषा में एक कविता कही-
“हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसे
हमारा वतन डल झील में खिलते हुए कमल जैसा
नव-जवानों के गर्म खून जैसा
मेरा वतन, तेरा वतन
हमारा वतन दुनिया का सबसे प्यारा वतन।”

₹1 लाख करोड़ के क़रीब पहुँचा शिक्षा बजट, हर घर स्वच्छ पानी के लिए ₹3.6 लाख करोड़ की घोषणा

बजट 2020 अभिभाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर अहम घोषणाएँ की। स्वास्थ्य सेक्टर के लिए अतिरिक्त 69,000 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के लिए 12,300 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। ग्रामिक क्षेत्रों में साफ़ पानी की व्यवस्था पर जोर देते हुए इस बार के बजट में ‘जल जीवन मिशन’ के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि 2030 तक भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा ‘वर्किंग एज पॉपुलेशन’ होगा।

2025 तक टीबी की बीमारी को पूर्णरूपेण खत्म करने के लिए ‘एंटी-टीबी कैम्पेन’ शुरू किया जाएगा। ‘जन औषधि केंद्रों’ की संख्या में अभूतपूर्ण बढ़ोतरी की जाएगी। अब देश के हर जिले में ऐसे केंद्र होंगे, जहाँ लोगों को कम दाम में दवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। ‘मिशन इंद्रधनुष’ को और मजबूत किया जाएगा। इसका अर्थ है कि ‘आयुष्मान भारत’ के अंतर्गत हॉस्पिटलों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों पर जोर दिया जा रहा है। भारत के टॉप-100 बड़े शैक्षिक संस्थान अब डिग्री लेवल पर ऑनलाइन कोर्स की सुविधा उपलब्ध कराएँगे। बजट 2020-21 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसके अलावा स्किल डेवलपमेंट के लिए 3000 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। भारत को उच्च-शिक्षा का हब बनाने की दिशा में एशियन और अफ्रीकन देशों के लिए ‘Ind-SAT’ परीक्षा आयोजित की जाएगी।

सरकार ‘स्टडी इन इंडिया’ इनिशिएटिव की शुरुआत करेगी। सरकार का जोर है कि बाहर के छात्र भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए भारत आएँ। वित्तमंत्री ने ये भी बताया कि फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है।

बजट 2020: किसानों के लिए 16 फायदे – सोलर पंप से लेकर स्पेशल रेलगाड़ी तक

आज शनिवार यानी, फरवरी 01, 2020 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2020-21 का आम बजट पेश किया। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर दिया था। ऐसे में अब सबकी आज के आम बजट पर टिकी हुई हैं।

किसानों के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान करते हुए 16 सूत्रीय फॉर्मूला पेश किया। अपने संबोधन में निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार की ओर से किसानों के लिए बड़ी योजनाओं को लागू किया गया है। सरकार की ओर से कृषि विकास योजना को लागू किया गया है, पीएम फसल बीमा योजना के तहत करोड़ों किसानों को फायदा पहुँचाया गया। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुना करना है।

उन्होंने कहा कि किसानों की मार्केट को खोलने की जरूरत है, ताकि उनकी आय को बढ़ाया जाएगा। किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के लिए 16 सूत्रीय फॉर्मूले (16 एक्शन प्वाइंट) का ऐलान करती है, जिससे किसानों को फायदा पहुँचाएगा। जैसे-

  1. उन राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो केंद्र के मॉडल लॉ को मानेंगे।
  2. अन्नदाता ऊर्जादाता भी है। पीएमकुसुम स्कीम से फायदा हुआ है। अब हम 20 लाख किसानों को सोलर पंप देंगे।
  3. किसानों के लिए स्पेशल रेल।
  4. 15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा।
  5. 162 मिलियन टन के भंडारण की क्षमता है। नाबार्ड इसे जीयोटैग करेगा। नए बनाए जाएँगे। ब्लॉक और ताल्लुक के स्तर पर बनेंगे। राज्य सरकार जमीन देसकती है। एफसीआई अपनी जमीन पर भी बना सकती है।
  6. विलेज स्टोरेज स्कीम – सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए
  7. मिल्क, मीट, फिश को प्रीजर्व के लिए किसान रेल बनेगा
  8. किसानों के लिए भंडार स्कीम
  9. 311 मिलियन टन के साथ ये अन्न उत्पादन के आगे निकल चुका है। हम राज्यों को मदद करेंगे। वन प्रॉडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट का स्कीम बनाएँगे।
  10. इंटिग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम – संचयित इलाकों में नेचुरल फार्मिंग- जैविक खेती के लिए पोर्टल, ऑनलाइन मार्केट मजबूत बनाया जाएगा
  11. फिनांसिंग ऑन निगोशिएबल वेयर हाउसिंग स्कीम
  12. नॉन बैंकिंग फाइनान्स कंपनियों को उत्साहित किया जाएगा। 15 लाख करोड़ रुपये का कर्ज किसानों को देने का लक्ष्य है।
  13. फुट एंड माउथ बीमारी, पीपीआर की बीमारी 2025 तक खत्म हो जाएगी
  14. मिल्क प्रोसेंसिंग क्षमता 108 मिलियन टन करने का लक्ष्य
  15. समुद्री इलाकों के किसानों के लिए, फिश उत्पादन का लक्ष्य 208 मिलियन टन, 3077 सागर मित्र बनाए जाएँगे जिससे तटवर्ती इलाकों के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
  16. दीनदयाल अंत्योदय योजना – 58 लाख एसएचजी बने हैं। इन्हें मजबूत बनाएंगे। इन 16 स्कीम के लिए फंड 2.83 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण द्वारा कही गई कुछ प्रमुख बातें-

  1. हमारी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  2. कृषि को प्रतिस्पर्धात्मक बनाकर किसानों की उन्नति सुनिश्चित की जा सकती है।
  3. मॉर्डन एग्रीकल्चर लैंड एक्ट को राज्य सरकारों द्वारा लागू करवाना।
  4. 100 जिलों में पानी की व्यवस्था के लिए बड़ी योजना चलाई जाएगी, ताकि किसानों को पानी की दिक्कत ना आए।
  5. पीएम कुसूम स्कीम के जरिए किसानों के पंप को सोलर पंप से जोड़ा जाएगा। इसमें 20 लाख किसानों को योजना से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 15 लाख किसानों के ग्रिड पंप को भी सोलर से जोड़ा जाएगा।

हर वर्ष बजट में किसानों के लिए कुछ विशेष उम्मीदें लगी होती हैं। पिछले साल के बजट 2019-20 में कृषि एवं किसान मंत्रालय को ऐतिहासिक आवंटन मिला था, जिसमें मंत्रालय को 1,20,485 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। यह कृषि मंत्रालय को किया गया अब तक का सबसे बड़ा आवंटन था। ऐसे में इस साल सरकार अपने पिटारे में कृषि सेक्टर के लिए क्या लेकर आती है, ये देखना दिलचस्प होगा।

सरकार से कृषि निर्यात बढ़ाने और किसानों की मजदूरी बढ़ाने की उम्मीदें जताई गईं थीं। बजट में अधिकांश प्रावधान उसी की ओर निर्देशित हैं।

सरकार ने फरवरी, 2019 में पेश अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत की थी। इसमें 2 हेक्टेअर से कम भूमि वाले किसानों को प्रति वर्ष तीन किश्तों में 6,000 रुपए देने की घोषणा की गई थी।

यह स्कीम दिसंबर 01, 2019 से प्रभावी कर दी गई थी और सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 75,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया था।

गत वर्ष के बजट में सरकार ने गोवंश के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए ‘राष्ट्रीय कामधेनु आयोग’ के गठन के प्रस्ताव की मंजूरी दी थी। उस समय कार्यवाहक वित्त मंत्री पियूष गोयल ने कहा था- “ये सरकार कभी गौमाता के सम्मान में पीछे नहीं हटेगी।”

10 साल में 27 करोड़ लोगों को ग़रीबी से मिली मुक्ति: निर्मला ने जेटली को बताया GST का आर्किटेक्ट

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पूर्ववर्ती दिवंगत अरुण जेटली को याद करते हुए वार्षिक बजट 2020 का अभिभाषण प्रारम्भ किया। उन्होंने जेटली को जीएसटी का मुख्य आर्किटेक्ट बताया और कहा कि वो दूरदर्शी नेता अरुण जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं। निर्मला ने जीएसटी को सभी आर्थिक सुधारों में सबसे ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि जीएसटी धीरे-धीरे एक ऐसा टैक्स सिस्टम बनता जा रहा है, जिसने पूरे देश को वित्तीय रूप से एकीकृत किया है। बता दें कि इस बार लगातार तीसरे महीने जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए के पार गया है।

पिछले महीने हुआ 1.1 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन अब तक का दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। निर्मला सीतारमण ने बजट अभिभाषण के दौरान बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक 40 करोड़ जीएसटी रिटर्न फाइल किए जा चुके हैं। इसके अलावा इस वित्तीय वर्ष 16 लाख नए करदाता भी जोड़े गए हैं। बकौल वित्तमंत्री, ‘सबका साथ, सबका विकास’ की राह पर चलते हुए मोदी सरकार ने योजनाओं व नीतियों को इस तरह से लागू किया कि इसका लाभ ग़रीब और निचले तबके के लोगों को सीधे मिला। वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार का जोर अर्थव्यवस्था के मूल ढाँचे को मजबूत करने पर है।

उन्होंने कहा कि ये बजट अल्पसंख्यकों, एससी-एसटी और महिलाओं की उम्मीदों को पूरा करने वाला होगा। उन्होंने व्यापार जगत को तकनीक फ्रेंडली होने की भी सलाह दी। वित्तमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ये बजट लोगों की आय को बढ़ाने वाला और उनकी खरीददारी की ताक़त को मजबूत करने वाला होगा। वित्तमंत्री ने जानकारी दी कि कृषि क्षेत्र में प्रतिस्पर्द्धा बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2020 ख़त्म होने तक तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य लेकर सरकार चल रही है। उन्होंने भारत के दुनिया में पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने की भी जानकारी दी।

सरकार पर कुल ऋण की बात करते हुए सीतारमण ने कहा कि कुल क़र्ज़ मार्च 2014 में 52.2% था, जो मार्च 2019 तक घट काट 48.7% पर आ गया है। वित्तमंत्री ने बताया कि ये बजट 3 चीजों के इर्द-गिर्द घूमता है, वो चीजें हैं:

  • लोगों के ‘स्टैण्डर्ड ऑफ लिविंग’ को मजबूत करना,
  • सभी के आर्थिक विकास का ध्यान रखना, और
  • मानवीय और परस्पर सहयोगी समाज का निर्माण करना

निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2006-2016 तक 27.1 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से ऊपर लाना एमए कामयाबी हासिल की। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार लोगों ने ‘इज ऑफ लिविंग’ को ऊँचा उठाने के प्रयास में जुटी है। उन्होंने किसानों के लिए ‘किसान रेल’ की घोषणा की, जिससे कृषि उत्पादों को एक जगह से दूसरे जगह ले जाना आसान हो जाएगा। फार्मिंग सेक्टर में सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, किसानों के लिए 16 पॉइंट फार्मूला जारी किया गया।

अगर दिल्ली सुरक्षित नहीं है, तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ केजरीवाल ही जिम्मेदार हैं: निर्भया के पिता

निर्भया गैंगरेप-मर्डर के चारों दोषियों की फाँसी एक बार फिर से टलने के बाद निर्भया के माता-पिता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इसके लिए दोषी ठहराया है। निर्भया के पिता बद्रीनाथ ने कहा, “कोर्ट ने मामले को टाल दिया, पता नहीं कितने दिन मामला टला रहेगा, इसका मतलब केजरीवाल ने ये काम किया है, केजरीवाल के अधिकार में जेल अथॉरिटी है, वहीं से सब कुछ रुका हुआ है। पूरा सिस्टम केजरीवाल के हाथ में है। केजरीवाल नहीं चाहते कि फाँसी हो। केजरीवाल के लिए बिजली- पानी महत्वपूर्ण है, महिला सुरक्षा महत्वपूर्ण नहीं है, केजरीवाल ने कुछ नहीं किया।”

निर्भया के पिता ने आगे कहा कि राहुल मेहरा जो सरकारी वकील हैं, उन्होंने कोर्ट में आकर विपक्ष का पक्ष रखा था। इसका मतलब है कि तब भी उन्होंने गलत किया, आज भी उन्होंने गलत किया है। निर्भया के पिता ने कहा कि जो केंद्र सरकार के हाथ में था, वो मोदी सरकार ने किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोषियों की दया याचिका खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली सुरक्षित नहीं है, तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ अरविंद केजरीवाल ही जिम्मेदार हैं। भुगतना पड़ेगा इनको।

वहीं निर्भया की माँ आशा देवी ने कहा कि दोषियों के वकील एपी सिंह ने उन्हें ऊँगली दिखा कर चुनौती देते हुए कहा है कि दोषियों को कभी भी फाँसी नहीं दी जाएगी। उन्होंने रोते हुए कहा कि वो अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। सरकार को दोषियों को फाँसी देनी ही होगी। आशा देवी ने कहा, “’कहीं ना कहीं सरकारों की चाल है। हमें सांत्वना देते रहे। क्योंकि उनका वोट आने वाला है। सात साल पहले ये लोग पूरी दिल्ली में झंडा उठाए, टोपी पहनाए कि हम दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा करेंगे। अब तीसरी बार वोटिंग हो रही है, लेकिन मुजरिम का वकील मुझे चैलेंज करके गया है कि यह फाँसी नहीं होगी।”

बीजेपी और अकाली दल ने भी इसके लिए अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कहा, “निर्भया की माँ की आँखों से निकला एक-एक आँसू, मुँह से निकली एक-एक हाय केजरीवाल की सत्ता को भस्म कर देगी।”

वहीं अकाली दल नेता मजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “निर्भया बेटी से आज पूरे देश को माफी माँगनी चाहिए। हमारे देश का कानून खोखला साबित हो रहा है। अरविंद केजरीवाल जी आपकी आत्मा आपको धिक्कारती नहीं? सिर्फ निर्भया के माता पिता ही नहीं। मैं भी आपको इस नाइंसाफी का दोषी मानता हूँ।”

लिबरलों का, वामपंथियों का, कट्टरपंथियों का… सबका नाम बुराएगा तेरा कश्यप: जब ट्विटर पर हुई धुलाई

अंग्रेजी में एक कहावत है- “Light travels faster than sound. That’s why certain people appear bright until you hear them speak.” जिसका अर्थ है- प्रकाश की गति आवाज से ज्यादा तेज होती है, यही वजह है कि कुछ लोग तभी तक सही नजर आते हैं, जब तक वो अपनी जुबान नहीं खोल देते।

अनुराग कश्यप इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि सोशल मीडिया पर सुबह से शाम तक सरकार विरोधी ट्वीट करने और दूसरों को ‘अनपढ़-ट्रोल-संघी’ कहना मात्र किसी के ‘ज्ञानी’ होने का परिचय नहीं होता है। अनुराग कश्यप लगातार अपने ट्विटर अकाउंट से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री मोदी और हर CAA समर्थक को गाली देते हुए देखे जा रहे थे। लेकिन कल के दिन के लिए अनुराग कश्यप शायद हमेशा पछतावा करते नजर आएँगे। हालाँकि उनके जैसे गालीबाज से पछतावा और आत्मचिंतन की उम्मीद करना ज्यादती और इन शब्दों का अपमान ही हो सकता है।

दरअसल, अनुराग कश्यप ने ऑपइंडिया CEO राहुल रौशन के एक व्यंग्य को पूरा पढ़े बिना ही सच समझकर उन्हें अनपढ़ अंधभक्त जैसे विशेषण दे डाले। लेकिन इसके बदले मिले जवाबों से अनुराग कश्यप कुछ जवाब देते नहीं देखे गए।

ऑपइंडिया के सीईओ राहुल रौशन ने एक व्यंग्य ट्वीट करते हुए लिखा था- “गोपाल का कहना है कि वह पाँच साल पहले जामिया में पढ़ना चाहता था, और जब वह एडमिशन फॉर्म जमा करने के लिए गया तो उसे कुछ स्टूडेंट्स द्वारा आजादी के नारे लगाने के लिए उकसाया गया, जिसके लिए उसे जमीन पर नाक रगड़नी पड़ी। इसके बाद वह कट्टरपंथी बन गया। स्रोत- द स्क्विंट।”

राहुल रौशन ने यह ट्वीट लेफ्ट लिबरल गिरोह के पत्रकारों पर व्यंगात्मक शैली में किया था। अक्सर इस तरह की शैली देश के लेफ्ट लिबरल पत्रकारों द्वारा आतंकवादी और चरमपंथियों के पकड़े जाने पर इस्तेमाल की जाती है। लेकिन अनुराग कश्यप ने मानो तय कर लिया था कि उन्हें जलील होना ही है।

ऑपइंडिया सीईओ, जो कि अपनी व्यंगात्मक शैली के लिए ‘फेकिंग न्यूज़’ नामक हास्य व्यंग्य वेबसाइट में ‘पागल पत्रकार’ के नाम से जाने जाते थे, के इस ट्वीट को पढ़ते ही बिना समय व्यर्थ किए और बिना समझे ही अनुराग कश्यप ने उन्हें टैग करते हुए लिखा- “17 साल का गोपाल बारह साल की उमर (उम्र) में जामिया में अड्मिशन (एडमिशन) लेने गया था। ऐसे तो बेवक़ूफ़, गधे हैं जो भाजपा का माउथ्पीस (माउथपीस) हैं। खुद ही अपना झूठ बता देते हैं। और IQ भी दिखा देते हैं। बराबर match (मैच) है। (,) अनपढ़ गंवार सरकार और उनके बेवक़ूफ़ भक्तों का। @rahulroushan“

अनुराग कश्यप ने इस ट्वीट में व्यंग्य को ना समझते हुए अनपढ़ और बुद्धिमत्ता पर सवाल खड़े कर दिए लेकिन शायद उन्हें जल्दी ही समझ आ गया कि वो अपनी ही बात कर रहे थे।

राहुल रौशन ने अनुराग कश्यप को तुरंत जवाब देते हुए लिखा- “इसे सारकाज़्म कहते हैं चरसी। जैसे तुम्हारी जमात जिहादियों के लिए कहानी बनाती है न, वैसे ही ये भी है। ‘The Squint’ नाम की कोई वेबसाइट नहीं है। कम-अकल वालों के लिए वो हिंट था, पर तू तो बे-अकल निकला। तुझे दवा की ज़रूरत है। यहाँ पैसे भेज, दवा ख़रीद के भेजता हूँ।”

इसके साथ ही राहुल रौशन ने अनुराग कश्यप की हिंदी पर भी प्रकाश डालते हुए उन्हें ‘है’ और ‘हैं’ के बीच का अंतर भी बताया। उन्होंने लिखे- “‘है’ पे बिन्दी नहीं लगा पाया, वो लगा ले। माथे पे मत लगा लेना। और UPI से भी पैसे भेज सकता है। helprahul@icici”

इसके बाद राहुल रौशन ने अनुराग कश्यप को दवा लेकर स्वास्थ्य लाभ लेने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अनुराग कश्यप पूरा पागल हो चुका है और हरकतें भी वैसी ही कर रहा है। इसके लिए राहुल रौशन ने अपनी पे-पाल लिंक देते हुए रुपए देने की बात कही ताकि वो अनुराग कश्यप के लिए दवाएँ भिजवा सकें।

अनुराग कश्यप की इस भूल पर ट्विटर यूज़र्स ने उनके खूब मजे लिए। एक नजर-

अनुराग कश्यप की इस हरकत पर कुछ लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि जब इसे एक सामान्य सा चुटकुला समझ नहीं आता है तो इसे नागरिकता कानून कैसे समझ आया होगा?

अनुराग कश्यप ऐसे लोगों का उदाहरण बन चुके हैं जिनका उद्देश्य सोशल मीडिया पर सिर्फ और सिर्फ सरकार विरोधी एजेंडा चलाते हुए लोगों को गाली देने तक सीमित है। स्पष्ट है कि जिस इंसान को दिन-रात सोशल मीडिया पर देखा जाता है, जब उसे एक व्यंग्य की समझ नहीं है तो वह लोगों को CAA और NRC जैसे विषयों पर कैसे ज्ञान दे सकता है?

अलविदा ब्रीफकेस कल्चर! ‘बही-खाता’ लेकर पहुँचीं निर्मला: रेलवे को लेकर भी बड़ी घोषणाएँ संभव

आम बजट 2020 के ‘बही-खाता’ को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से निकल संसद पहुँच गई हैं। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। निर्मला सीतारमण इस बार अपना दूसरा बजट पेश करने जा रही हैं। बजट के बस्ते का रंग इस बार भी लाल ही है, जो मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में चर्चा का विषय रहा है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ब्रीफकेस में बजट न पेश कर के ‘बही-खाता’ में पेश किया जा रहा है।

आज शनिवार होने के बावजूद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज कारोबार के लिए खुला रहेगा। इससे पहले फ़रवरी 28, 2015 को ऐसा हुआ था, जब शनिवार के दिन के दिन एनएसई और बीएसई ट्रेडिंग के लिए खुला रहा था।

हालाँकि, शेयर बाजार पर आम बजट के प्रभाव को लेकर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण का पिछला अनुभव शानदार नहीं रहा था। जुलाई 2019 में जब उन्होंने अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया था, तब उस ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स ने 2% की गिरावट दर्ज की थी। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने सरकार को सलाह दी है कि मंद आर्थिक विकास दर को देखते हुए राजस्व घाटे से ज्यादा ग्रोथ पर ध्यान दिया जाए। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पीएमओ के साथ बैठक में विदेशी निवेशकों को लुभाने पर जोर देने की वकालत की।

बता दें कि आम बजट के अंतर्गत ही आज रेलवे बजट भी पेश किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा इस बार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को लेकर भी रेल बजट में बड़ी घोषणाएँ की जा सकती हैं। कई दिनों से विभिन्न रेलवे स्टेशनों के निजीकरण की चर्चा चल रही है। आज इस सम्बन्ध में चीजें साफ़ हो जाएँगी। भारत के पहले प्राइवेट ट्रेन ‘तेजस’ की सफलता के बाद सरकार उत्साहित है। हाल ही में रेलवे ने यात्री किराए में बढ़ोतरी की थी, इसीलिए इसकी सम्भावना कम ही है कि इसे बढ़ाया जाएगा। नए रूट व नई ट्रेनों को लेकर भी घोषणाएँ की जाएँगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाक़ात करेंगी। अगर शेयर बाजार की बात करें तो सेंसेक्स फ़िलहाल 140 पॉइंट्स नीचे 40,576 पर है, वहीं निफ्टी 126.5 पॉइंट्स नीचे जाते हुए 11,910 पर है। कुछ ही दिनों में दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों की भी नज़र बजट पर है। आशा की जा रही है कि इस बजट में मिडिल क्लास के लिए बहुत कुछ होगा।