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जिन्ना बनना चाहता था शरजील इमाम: मस्जिदों में बँटवाए थे भड़काऊ पर्चे, फोन व लैपटॉप जब्त

संशोधित नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के नाम पर भारत के ‘टुकड़े-टुकड़े’ करने की बातें करने वाले शरजील इमाम को लेकर कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। जैसे-जैसे पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे उसकी जिहादी मानसिकता और अच्छी तरह सामने आ रही है। अब पता चला है कि उसने मस्जिदों में भड़काऊ पर्चे बँटवाए थे। उसने सीएए और एनआरसी को लेकर कई पैम्पलेट तैयार किए थे, जिनमें भयभीत करने वाली भड़काऊ बातें लिखी हुई थी। उन पर्चों की प्रति भी जब्त कर ली गई है और उस दुकान को भी चिह्नित कर लिया गया है, जहाँ उन्हें छपवाया गया था।

पुलिस ने शरजील इमाम के जहानाबाद स्थित घर से उससे जुड़ी कई चीजों को जब्त किया है। दिल्ली के वसंत कुंज में भी उसने किराए पर फ्लैट ले रखा था। वहाँ से उसका एक कंप्यूटर और एक लैपटॉप जब्त किया गया। उसके मोबाइल फोन को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। उधर शुक्रवार (जनवरी 31, 2020) को ही अलीगढ़ पुलिस ने शरजील के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया। इसके बाद उसे अलीगढ़ ले जाकर पूछताछ किए जाने की सम्भावना है। शरजील फ़िलहाल दिल्ली पुलिस के शिकंजे में है।

शरजील के ख़िलाफ़ जारी वारंट को तिहाड़ जेल में दाखिल किया जाएगा, जिसके बाद उसे यूपी ले जाया जाएगा। वहाँ की सिविल लाइन्स पुलिस में उसके ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया गया है। दिल्ली में भी वह इसी आरोप के तहत कार्रवाई का सामना कर रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ पूछताछ में शरजील स्वीकार कर चुका है कि उसके जो विवादित वीडियो वायरल हुए हैं, उनके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है और उसमें उसका ही बयान है। शरजील जेएनयू से रिसर्च कर रहा था।

शरजील इमाम के जामिया हिंसा से भी लिंक हो सकते हैं। इस सम्बन्ध में भी उसके साथ पूछताछ की जा रही है। उसके पास से कई संदिग्ध फोन नंबर मिले हैं, जिनकी एक-एक कर जाँच की जा रही है। शरजील इमाम ने पूरे नॉर्थ-ईस्ट को शेष भारत से अलग करने का बयान दिया था। साथ ही उसने महात्मा गाँधी को फासिस्ट नेता बताया था और गोहत्या की वकालत की थी।

शरजील इमाम के बारे में यह भी पता चला है कि वह मुहम्मद अली जिन्ना के उन हथकंडों का फैन था, जिनका इस्तेमाल कर के देश का बँटवारा किया गया था। वह ख़ुद भी जिन्ना की तरह बनना चाहता था। वह पाकिस्तान के विभाजन की नींव रखने वाले मोहम्मद इक़बाल का भी प्रशंसक है। अब उसके गैजेट्स खंगालने के बाद उसके बारे में और बातें पता चलेंगी।

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कोरोना वायरस के केंद्र से 324 भारतीयों को लेकर दिल्ली पहुँचा विमान, पाकिस्तानियों पर ‘बेरहम’ इमरान सरकार

कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहे चीन के वुहान में फँसे 324 भारतीयों को लेकर एयर इंडिया का विशेष विमान दिल्ली पहुँच गया है। चीन से उड़ान भरने के बाद विमान सुबह 7:30 बजे दिल्ली के IGI-T3 हवाई अड्डे पर उतरा। सभी लोग कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में फँसे हुए थे। बता दें कि एयर इंडिया का यह विमान शुक्रवार (जनवरी 31, 2020) की दोपहर चीन के वुहान शहर से भारतीयों को वापस लाने के लिए दिल्ली से वुहान के लिए रवाना हुआ था। 

इस विमान में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के 5 डॉक्टरों की टीम भी मौजूद थी। इसके अलावा विमान में पैरा मेडिकल स्टाफ भी था, जिसके पास जरूरी दवाइयाँ, मास्क, ओवरकोट और पैक किया हुआ भोजन था। इसके अलावा इंजीनियर्स और सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम भी इस फ्लाइट में मौजूद थी।

चीन से भारत पहुँचने वाले लोगों की देखभाल के लिए भारतीय सेना ने बड़ी तैयारी की है। लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट से छावला और हरियाणा के मानेसर ले जाया जाएगा। इन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और इंडियन आर्म फोर्स मेडिकल सर्विसेज के भवन में रखा जाएगा। जाँच के दौरान अगर कोई नागरिक संदिग्ध पाया गया तो उसे दिल्ली स्थित वॉर्ड में शिफ्ट किया जाएगा। 

आईटीबीपी  (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) ने संक्रमित भारतीयों को मरीजों को बुनियादी चिकित्सा सेवा देने के लिए दिल्ली में 600 बिस्तरों वाला अलग केंद्र तैयार किया है। चीन से भारत पहुँचे यात्रियों को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में आईटीबीपी केंद्र में 14 दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। संक्रमण के संदिग्ध मरीजों के इस केंद्र में बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहाँ चीन के वुहान शहर से आने वाली भारतीय फैम‍िली को रखा जाना है। इस जगह पर क्वालीफाइड डॉक्टरों की टीम लोगों में फैले कोरोनावायरस के इन्फेक्शन पर नजर रखेगी।

जानकारी के मुताबिक हुबेई प्रांत में करॉना वायरस का सबसे अधिक असर देखा गया है। वुहान हुबेई प्रांत की राजधानी है और इस प्रांत में रहने वाले भारतीयों की संख्या लगभग 700 है। चीन में मौजूद बाकी लोगों को लाने के लिए एयर इंडिया के दूसरे विमान को आज वुहान भेजा जा सकता है। वहीं, चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों का आँकड़ा बढ़कर 259 पहुँच गया है। जबकि इसके 11 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं।

वहीं पाकिस्तान ने वुहान में फँसे छात्रों को वहाँ से निकालने से मना कर दिया है। यहाँ वुहान में कोरोना वायरस की चपेट में आए पाकिस्तानी छात्रों के एक समूह ने इमरान खान सरकार से उन्हें वहाँ से निकालने के लिए प्रयास करने का अनुरोध किया था लेकिन पाकिस्तान सरकार ने वायरस के खतरे के डर से उन्हें चीन से निकालने से मना कर दिया है।

पाकिस्तान कोरोना वायरस के डर से चीन में फँसे अपने नागरिकों को बाहर नहीं निकालेगा, रोकी उड़ान

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पत्नी को जिंदा जला डाला नईम और उसके घर वालों ने, दहेज में बाइक और ₹1 लाख की कर रहे थे माँग

हरिद्वार में निकाह के बाद दहेज की माँग पूरी ना होने पर विवाहिता को जिन्दा जलाने की घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शाइस्ता का निकाह छह माह पूर्व ही हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र की डोगरिला बस्ती के अहबाबनगर निवासी नईम से हुआ था। इस घटना के समबन्ध में जनवरी 30, 2020 को प्राथमिकी दर्ज की गई।

ससुराल पक्ष द्वारा बाइक और 1 लाख रुपए की माँग पूरी ना होने पर उन्होंने विवाहिता पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। इस घटना में पीड़ित शाइस्ता करीब पचास प्रतिशत जल गई हैं। महिला का इलाज फिलहाल देहरादून के एक निजी अस्पताल में चल रहा है जहाँ उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

शादी के बाद से ही ससुराल वाले शाइस्ता पर दहेज लाने का दबाव बना रहे थे। वो एक लाख रुपये और बाइक की डिमांड कर रह थे। शाइस्ता ने विरोध किया तो तीन दिन पहले ससुरालियों ने शाइस्ता पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे जिंदा जला दिया।

पीड़ित शाइस्ता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने बृहस्पतिवार (जनवरी 30, 2020) को आरोपित पति नईम, सास शबनम, देवर वसीम और ननद फराह के खिलाफ हत्या के प्रयास, दहेज उत्पीड़न समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवाहिता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी हो चुके हैं। मामले की जाँच जारी है।

पटना में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान पथराव, फायरिंग और बमबाजी, गुमला में भी तनाव

बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को दो गुटों की बीच हिंसक झड़प हो गई। शुरुआत सरस्वती मूर्ति के विसर्जन के लिए निकली जुलूस पर पथराव से हुई। इसके बाद फायरिंग हुई और बम भी चले। वहीं, झारखंड के गुमला में सोशल मीडिया पर मॉं सरस्वती को लेकर की गई अश्लील टिप्पणी के बाद तनाव पैदा हो गया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पटना का अशोक राजपथ पर देर शाम फायरिंग और बमबाजी से अफरातफरी मच गई। पटना विश्वविद्यालय के छात्रों और लालबाग मोहल्ले के लोगों बीच जमकर संघर्ष हुआ। धमाके में पीरबहोर थाने के दारोगा मनोज कुमार जख्मी हो गए। एक सिपाही सहित कई अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है। उपद्रवियों ने दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ की और दो कार को आग के हवाले कर दिया। छात्र सैदपुर, मिंटो और नूतन हॉस्टल के बताए जा रहे हैं।

बताया जाता है कि शुरुआत में बवाल देख पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। बाद में अतिरिक्त बल के साथ आईजी रेंज और एसएसपी मौके पर पहुॅंचे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ दिया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स और रैफ के जवानों को तैनात किया गया है। फिलहाल हालात नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं।

यह घटना जिस जगह पर हुई है उसके करीब ही सब्जीबाग है। यहॉं पिछले कई दिनों से नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर ही प्रदर्शन चल रहा है। बीते महीने इससे सटे कारगिल चौक पर सीएए के विरोध में हिंसा भी हुई थी। उपद्रवियों ने पुलिस और राहगीरों पर पथराव किया था। दो पुलिस बूथ, बैरिकेडिंग समेत एक दर्जन से अधिक वाहनों को फूॅंक दिया था। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को उस वक्त आंसू गैस के गोले और हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी।

इधर, झारखंड के गुमला में भी जमकर बवाल होने की खबर है। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार जिले के घाघरा प्रखंड में आक्रोशित लोगों ने दोपहर के वक्त चॉंदनी चौक के करीब सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मॉं सरस्वती की प्रतिमा को लेकर अश्लील टिप्पणी किए जाने से नाराज थे। वे आरोपित की गिरफ्तारी की मॉंग कर रहे थे। आरोपित समुदाय विशेष का बताया जा रहा है।

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पाकिस्तान कोरोना वायरस के डर से चीन में फँसे अपने नागरिकों को बाहर नहीं निकालेगा, रोकी उड़ान

कोरोना वायरस की चपेट में आए चीनी शहर वुहान में फँसे पाकिस्तानी छात्रों के एक समूह ने इमरान खान सरकार से उन्हें वहाँ से निकालने के लिए प्रयास करने का अनुरोध किया था लेकिन पाकिस्तान सरकार ने वायरस के खतरे के डर से उन्हें चीन से निकालने से मना कर दिया है।

इस पर पाकिस्‍तान ने कहा है कि वह चीन में फँसे अपने नागरिकों को नहीं निकालेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन में फँसे पाकिस्‍तानियों में मुख्‍य रूप से छात्र हैं जो वुहान शहर में फँसे हुए हैं। वुहान चीन का वह शहर है जहाँ से यह महामारी चीन के बाकी हिस्‍सों समेत दुनियाभर के शहरों में पहुँची है।  

चीन में कोरोना वायरस के कारण अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून ने नेशनल हेल्‍थ सर्विस पर पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सहायक जफर मिर्जा के हवाले से बताया है कि सरकार अपने नागरिकों को चीन के वुहान शहर से नहीं निकालेगी।

जफ़र मिर्जा ने कहा- “विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी यही चाहता है और चीन की भी ऐसी ही इच्‍छा है। हम भी इसी नीति के साथ हैं। हम पूरी एकजुटता से चीन के साथ खड़े हैं। चीन की सरकार ने इस महामारी को वुहान शहर तक सीमित रखने की कोशिश की है। ऐसे में यदि हम गैरजिम्मेदारी से काम करते हैं और अपने लोगों को वहाँ से निकालना शुरू करते हैं तो यह महामारी जंगल की आग की तरह पूरी दुनिया में फैल जाएगी। “

निर्भया दोषियों के वकील ने दी चुनौती, कभी नहीं होने दी जाएगी फाँसी, केजरीवाल सरकार बचा रही: माँ का आरोप

1 फरवरी को निर्भया के चारों दोषियों को होने वाली फाँसी एक बार फिर टल गई। इसके बाद निर्भया की माँ ने कड़ी नाराजगी जताई और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोषियों के वकील ने मुझे चुनौती दी है कि इनको कभी फाँसी नहीं होगी और फाँसी की तारीख ऐसे ही आगे बढ़ती रहेगी।

कोर्ट के आदेश के बाद निर्भया की माँ आशा देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोषियों के वकील खुलेआम चुनौती दे रहे हैं, कि दोषियों को कभी फाँसी नहीं दी जाएगी और ऐसे ही फाँसी की तारीख आगे बढ़ती रहेगी। इससे साफ है कि कोर्ट और सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है। यह सब देखकर लगता है कि उसका महिला के रूप में जन्म लेना एक गुनाह था। इतना ही नहीं फाँसी टलने से निराश निर्भया की माँ मीडिया से बात करते-करते रो पड़ीं।

उन्होंने कोर्ट की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मैं सुबह 10 बजे से कोर्ट रूम में बैठी रही, लेकिन फैसला दोपहर बाद सुनाया गया। जब कोर्ट को दोषियों को राहत देते हुए फाँसी की तारीख टालनी ही थी तो कोर्ट ने यह फैसला तभी क्यों नहीं सुनाया। इससे साफ है कि दिल्ली सरकार (केजरीवाल) और कोर्ट भी दोषियों की फाँसी को टालना चाहते हैं, लेकिन मैं दोषियों को फाँसी दिला कर रहूँगी और इसके लिए मैं आख़िरी साँस तक लड़ूँगी।

आपको बता दें कि निर्भया के दोषियों के वकील ने एक फरवरी के लिए जारी डेथ वारंट पर रोक लगाने के लिए पटियाला हाउस अदालत में एक याचिका दायर की थी। दोषियों के अधिवक्ता एपी सिंह की तरफ से दायर याचिका पर अदालत ने तिहाड़ प्रशासन को नोटिस जारी किया था, जिसमें वकील एपी सिंह ने कहा था कि फाँसी पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा देनी चाहिए। क्योंकि अभी दोषियों के लिए कानूनी उपाय बाकी हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली जेल मैनुअल के अनुसार किसी अपराध के लिए जब दोषियों को एक साथ डेथ वारंट जारी होता है, तो उन्हें फाँसी भी एक ही साथ देनी पड़ती है। भले ही इस मामले में मुकेश के लिए सारे रास्ते बंद हो चुके हैं, लेकिन अन्य तीन दोषियों के पास अभी कानूनी उपाय बचे हैं। ऐसे में निर्भाया के दोषियों को 1 फरवरी को फाँसी देना अब संभव नहीं हो सकता।

CAA पर हमने कुछ गलत नहीं किया, हमें फ्रंट फुट पर रहना चाहिए: NDA की बैठक में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (जनवरी 31, 2020) को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा कि CAA पर हमने कुछ भी गलत नहीं किया है, बल्कि हमको फ्रंटफुट पर और आक्रामक रहना है। बैठक में उन्होंने कहा कि CAA से किसी की नागरिकता नहीं जा रही है, बल्कि नागरिकता देने के लिए यह लाया गया है।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि CAA के मुद्दे पर कुछ लोग भड़काने का काम कर रहे हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस देश के मुस्लिमों का भी देश पर उतना ही हक और कर्तव्य है जितना बाकियों का है।

प्रधानमंत्री ने संसद के बजट सत्र के दौरान आक्रामक रूप से CAA पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने को कहा। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक अन्य नागरिकों की तरह ही हमारे अपने हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) नेता रामविलास पासवान ने कहा कि एनडीए बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव में पीएम मोदी के नेतृत्व में फिर से विश्वास जताते हुए कहा गया कि एनडीए चट्टान की तरह उनके पीछे खड़ी है।

इस प्रस्ताव में कहा गया कि नागरिकता कानून के जरिए गाँधी जी के सपने को साकार किया गया है। यह प्रस्ताव रामविलास पासवान ने पेश किया था। प्रस्ताव में बोडो समझौता, धारा 370, नागरिकता कानून आौर करतारपुर का जिक्र किया गया है।

शाहीन बाग आंदोनल को खड़ा करने में शरजील ने निभाई अहम भूमिका, गिरफ्तारी पर नहीं कोई अफ़सोस

देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाला विवादिल भाषण देकर चर्चा में आए शरजील इमाम ने पुलिस पूछताछ में एक बड़ा खुलासा किया है। पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे धरने में शरजील ने अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं शरजील इसके बाद देश के 15 छोटे-छोटे शहरों में भी इसी तरह के आंदोलन खड़ा करने की योजना बना रहा था।

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में बिहार निवासी शाहीन बाग मास्टरमाइंड शरजील इमाम की देश के खिलाफ जितनी जहरीली बातें हैं, उससे कहीं अधिक जहरीले उसके इरादे हैं। पुलिस कस्टडी में चल रहे शरजील ने पूछताछ में बताया कि वह 13 और 15 दिसंबर को शाहीन बाग गया था, जिसने सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में आंदोलन को खड़ा करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस शरजील को कई स्थानों पर पुष्टि कराने के लिए ले गई। अब पुलिस इस बात की जाँच में जुटी है कि इस आंदोलन को खड़ा करने के लिए शरजील ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था। वहीं चौकाने वाली बात यह है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी पर शरजील को कोई अफ़सोस नहीं है।

इतना ही नहीं शरजील ने देश को तोड़ने की पूरी तैयारी कर चुका था, जिसने प्लान तैयार किया था कि सीएए के विरोध में देश के सभी प्रमुख राजमार्गों पर चक्का जाम कर दिया जाए। इससे पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा हो जाएगा और इसके दवाब में आकर सरकार सीएए और एनआरसी को वापस ले लेगी। अग़र इसके बाद भी सरकार नहीं झुकती है तो इसी मौके का फायदा उठाकर उत्तर पूर्व के सात राज्यों को अलग कर दिया जाए। इतना ही नहीं शरजील ने इन सब के लिए पहले से ही रिसर्च कर रखी थी कि कहाँ कितने प्रतिशत हिंदू और कितने प्रतिशत मुस्लिम आबादी है।

जामिया दिल्ली, एएमयू अलीगढ़, बिहार, पटना आदि में देश विरोधी भाषण देने वाले शरजील अपने भाषणों के जरिए ही युवाओं को बरगलाने की कोशिश करना चाहता था। पुलिस पूछताछ में शरजील ने यह भी बताया कि जामिया नगर में दिए भाषण के दौरान ही PFI के सदस्यों ने उससे संपर्क किया था। इसके बाद से दिल्ली क्राइम ब्रांच इसकी तलाश में जुट गई है कि शरजील का इस संगठन से संबंध क्या है।

बता दें कि एएमयू में सीएए के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में जेएनयू के छात्र और शाहीन बाग के मास्टरमाइंड शरजील इमाम ने देश को तोड़ने वाले भाषण दिए थे। उसने कहा था कि असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी ये हमारी बात सुनेंगे। असम में मुस्लिमों का क्या हाल है, आपको पता है क्या? CAA-NRC लागू हो चुका है वहाँ। डिटेंशन कैंप में लोग डाले जा रहे हैं और वहाँ तो खैर कत्ले-आम चल रहा है। 6-8 महीनों में पता चलेगा कि सारे बंगालियों को मार दिया गया वहाँ, हिन्दू हो या मुस्लिम। अगर हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम का रास्ता बंद करना होगा।

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपित की पहचान कर ली गई। इतना ही नहीं आरोपित के खिलाफ दिल्ली सहित कई शहरों में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से आरोपित फरार था, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद बीते दिनों पुलिस ने उसको बिहार से गिरफ्तार कर लिया। 29 जनवरी को कोर्ट में पेश करने के बाद कोर्ट ने आरोपित को 5 दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। गौर करने वाली बात यह कि शरजील को अपनी गिरफ्तारी पर कोई अफ़सोस नहीं है क्योंकि वह भारत को एक इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहता था। शरजील ने यह भी स्वीकार किया कि उसके वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई।

हिन्दू नाम वाले से इतनी घृणा, शरजील को किया डिफेंड? अजीत भारती का वीडियो | Ravish attacks Rambhakt

जामिया में जिस बच्चे ने गोली चलाई है, वह नाबालिग है। आम तौर पर आप देखेंगे कि पुलवामा में 40 सीआरपीएफ जवानों को उड़ाने वाले आदिल अहमद डार जैसे आदमी के साथ भी रवीश जैसा मीडिया एक अलग तरीके से ट्रीटमेंट करता है। वो कारण ढूँढने लगता है कि इसके साथ बचपन में क्या हुआ था? क्या किसी आर्मी ऑफिसर ने कान पकड़कर उठक-बैठक करवाई थी?

लेकिन वही ट्रीटमेंट इस केस में बदल जाता है। यह बच्चा पिछले दो सालों से इस्लामी आतंक को देख रहा था। इसके मन पर बोझ था। चाहे वह कासगंज में तिरंगा रैली निकालने पर चंदन की मुसलमानों द्वारा गोली मारकर हत्या कर देना हो या फिर झारखंड के नीरज प्रजापति को मार डालना हो। मुसलमानों ने रॉड से हमला किया। मस्जिदों से पत्थरबाजी हो रही थी। नीरज ने सीएए के समर्थन में रैली निकाली थी।

पूरा वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

ठाकरे सरकार लाएगी मुस्लिमों के लिए आरक्षण, MVA के न्यूनतम कार्यक्रम का हिस्सा: कॉन्ग्रेस नेता असलम शेख

ऐसे समय में जब पूरा देश नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नागरिकता रजिस्टर (NRC) पर बहस कर रही है, महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार में मंत्री असलम शेख ने मुस्लिम आरक्षण की चर्चा छेड़ दी है।

ठाकरे सरकार के मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता असलम शेख ने कहा कि महाराष्ट्र की महा विकास अगाड़ी (MVA) सरकार जल्द ही मुस्लिम आरक्षण लेकर आने वाली है। उन्होंने कहा कि यह MVA के सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम का एक हिस्सा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुस्लिमों के लिए नौकरियों और प्रमोशन में आरक्षण शिवसेना के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) सरकार के एजेंडे में है।

हालाँकि, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाना अभी बाकी है। मुंबई के अनुशक्ति नगर के विधायक ने आगे कहा- “शिवसेना सहित एमवीए के सभी तीन गठबंधन सहयोगियों ने इस मुद्दे को न्यूनतम साझा कार्यक्रम का हिस्सा बनाया है, जिस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।”

महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन के बाद से ठाकरे सरकार लगातार अपने पुरानी छवि से समझौता करती हुई बैकफुट पर नजर आ रही है। हाल ही में शिवसेना को राहुल गाँधी के सावरकर पर दिए गए बयान पर भी चुप रहते हुए देखा गया था। हालाँकि, संजय राउत कभी-कभार अपना संयम खोते जरूर देखे गए। महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण पर भी ठाकरे सरकार को कॉन्ग्रेस के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना पड़ सकता है।