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बॉलीवुड की वजह से पाकिस्तान में बढ़ रहा तलाक़ और सेक्स क्राइम: इमरान खान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने बेतुके बयानों से आए दिन चर्चा में बने रहते हैं। अपने ताज़ा बयान में उन्होंने पाकिस्तान मेंं तलाक़ और सेक्स क्राइम के बढ़ने का ठीकरा बॉलीवुड और हॉलीवुड के सिर फोड़ दिया है।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद में कंटेंट डेवलपर्स और यूट्यूबर्स के साथ बातचीत करते हुए कहा कि पाकिस्तान में सेक्स क्राइम और तलाक़ की दर में वृद्धि के लिए हॉलीवुड और बॉलीवुड ज़िम्मेदार हैं। हाल के वक्त में मोबाइल फोन भी बच्चों को काफी नुक़सान पहुँचा रहा है। वह इस पर ग़लत कंटेंट देख रहे हैं। ग़ौर करने वाली बात यह है कि खान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है।

ख़बर के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पश्चिम और भारत में मनोरंजन उद्योग को भी स्कूलों में नशीली दवाओं के उपयोग के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा, “पाकिस्तान में यौन अपराध आसमान छू रहे हैं; पीडोफिलिया बढ़ रहा है। बाल पोर्नोग्राफ़ी पाकिस्तान में प्रचलित है; हमारी सरकार इस पर काम कर रही है।”

उन्होंने कहा,

“हम हॉलीवुड, फिर बॉलीवुड से आने वाली कंटेंट (सामग्री) लेते हैं… जो लोग इस सामग्री का उपयोग करते हैं वे पश्चिमी संस्कृति को नहीं समझते हैं। वे यह नहीं समझते हैं कि हॉलीवुड के माध्यम से पश्चिमी संस्कृति की सबसे हानिकारक चीज (कंटेंट) यहाँ आयात की जा रही है।”

उन्होंने कहा, “स्कूल में बच्चों को ड्रग्स मिल रहा है और मोबाइल फोन से गंदे कंटेंट मिल रहे हैं। इससे वह गलत रास्ते जा पर जा रहे हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान में बाल यौन शोषण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कितने युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो रही है। देश के बच्चों की मानसिकता खराब हो रही है। सेक्स क्राइम हर दिन पाकिस्तान में बढ़ रहा है। इसे रोकना बेहद जरूरी है वरना देश का भविष्य खराब हो जाएगा।”

इमरान खान का कहना है कि इस तरह की सामग्री ने “परिवार के टूटने” और तलाक़ की बढ़ती दर को जन्म दिया है। ग़ौर करने वाली बात यह है कि यह बातें वे इमरान खान कह रहे हैं जो दो बीवियों को तलाक़ दे चुके हैं। साथ ही उन पर ड्रग्स के इस्तेमाल का भी आरोप लग चुका है।

इमरान खान ने 43 साल के होने पर फाइनेंसर सर जेम्स गोल्डस्मिथ की बेटी जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ पहला निक़ाह किया था। उस समय जेमिमा की उम्र महज़ 21 साल की थी यानी वो इमरान खान से आधी उम्र की थीं। उनका यह निक़ाह दो बच्चों के होने तक बना रहा और निक़ाह के नौ साल बाद 2004 में यह रिश्ता ख़त्म हो गया।

इमरान खान का दूसरा निक़ाह पत्रकार रेहम खान से हुआ। रेहम खान के बारे में बता दें कि इमरान से निक़ाह होने से पहले उनके तीन बच्चे थे। इमरान खान से उनका रिश्ता सिर्फ़ 10 महीने तक चला और 2015 में यह रिश्ता ख़त्म होगा। इसके बाद 2018 में, रेहम खान ने एक विवादास्पद बयान देते हुए बताया कि इमरान खान एक रात में कोकीन की 6 ग्राम मात्रा लेते थे। 

फ़रवरी 2018 में, इमरान ने अपनी वर्तमान पत्नी, बुशरा बीबी से निक़ाह किया, जो एक राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवार से आती हैं। बुशरा के पहले निक़ाह से पाँच बच्चे हैं। इसके अलावा, गूगल से जारी आँकड़ों से पता चलता है कि दुनिया में सबसे ज्यादा पोर्न सर्च करने वाले देशों की सूची में पाकिस्तान सबसे ऊपर है और शीर्ष आठ पोर्न सर्च करने वाले देशों में से छ: मुस्लिम राज्य थे।

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CAA समर्थक जुलूस पर पथराव: धू-धू कर जला लोहरदगा, पथराव-आगजनी के बाद कर्फ्यू

झारखंड के लोहरदगा में गुरुवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में निकाले गए जुलूस पर पथराव किया गया। उपद्रवियों ने दो दर्जन से अधिक गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। कई दुकानों में आगजनी और तोड़फोड़ भी की। शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। हालत तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में हैं।

दैनिक जागरण ने पुलिस के एक जवान के हवाले से बताया है कि जुलूस पर मस्जिद की तरफ से पथराव किया गया। पुलिस के कई वाहनों को भी उपद्रवियों ने क्षतिग्रस्त किया। दुकानों में तोड़फोड़ की। कई दुकानों में आग भी लगा दी। इससे पूरे शहर में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। उपद्रवियों ने एसपी प्रियदर्शी आलोक को भी निशाना बनाया। प्रभात खबर के अनुसार हालात बेकाबू होता देख पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

विहिप ने ट्वीट कर कहा है कि CAA के समर्थन में निकली रैली पर इस्लामिक जिहादियों ने ईंट-पत्थर से हमला किया। पेट्रोल बम फेंके। हिंदुओ के घरों और वाहनों के साथ महिलाओं को निशाना बनाया गया। विहिप ने पुलिस पर मूकदर्शक बनने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कॉन्ग्रेस के समर्थन से सरकार बनने के बाद से हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सीएए के समर्थन में जुलूस निकाल रहे लोगों पर अमलाटोली चौक के पास पथराव किया गया। आसपास खड़ी कई मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की। स्थिति जल्द ही बेकाबू हो गई और इलाके की दुकानों में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हवा में कई राउंड गोलियाँ चलाईं। स्थिति तनावपूर्ण होने की खबर पाकर जिले की उपायुक्त आकांक्षा रंजन और पुलिस कप्तान प्रियदर्शी आलोक पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुॅंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

इससे पहले 14 जनवरी को राज्य के गिरिडीह में निकाली गई तिरंगा यात्रा पर पथराव किया गया था। उस दौरान भी पत्थर और लाठी-डंडे चले थे जिसमें कई लोग जख्मी हो गए थे।

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गंगा हमने साफ़ की, यमुना भी हम ही साफ़ करेंगे, करीब 112 योजनाओं के बीच रोड़ा हैं केजरीवाल: अमित शाह

भाजपा में आगामी विधानसभा के लिए भाजपा ने अपनी कमर कस ली है। आज शाम गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली के मटिया महल विधानसभा में चुनावी सभा में पहुँचे। इस जनसभा में अमित शाह ने आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस पर जमकर बोला। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा “आज पूरे भारत में सबसे खराब पानी दिल्ली की जनता को मिल रहा है। यमुना जी को स्वच्छ करने की आप के बूते की बात नहीं है। मोदी जी और योगी जी ने गंगा स्वच्छ करने का काम किया है और यमुना भी हम ही स्वच्छ करेंगे।”

कॉन्ग्रेस पर हमले से की भाषण की शुरुआत

गृह मंत्री अमित शाह ने मटिया महल विधानसभा में जनता को संबोधित करते हुए कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने का ऐलान किया तब राहुल बाबा और उनकी कंपनी ने कहा था कि अनुच्छेद 370 को निरस्त मत करो, रक्तपात होगा। अमित शाह ने इसके आगे कहा कि यह मोदी सरकार है, जिसमें एक भी गोली नहीं चलाई गई और अब जम्मू-कश्मीर पूरी तरह से भारत का हिस्सा बन गया है।

मटिया महल में हो रही रैली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा- “केजरीवाल जी यमुना स्वच्छ करने की बात कही, परन्तु आपने तो हमारे घरों में आने वाला पानी भी खराब कर दिया। दिल्ली की जनता आज पूरे भारत में जो खराब से खराब पानी पीने का काम कर रही है, योगी और मोदी जी ने गंगा साफ करने का काम किया, यमुना भी हम ही साफ करेंगे।”

दिल्ली में मोदी सरकार या धरना सरकार?’

अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि कुछ दिन बाद दिल्ली की जनता वोट डालकर दिल्ली की नई सरकार तय करने वाली है। दिल्ली की जनता से कहा कि उनका एक वोट ये तय करेगा कि पाँच साल के लिए मोदी जी की तरह काम करने वाली सरकार चाहिए या धरना प्रदर्शन करने वाली सरकार चाहिए ये जनता को तय करना होगा।

अमित शाह ने केजरीवाल द्वारा किए गए वादों पर बात करते हुए कहा- “जरा बताएँ कि कितने स्कूल बनाए? 15 लाख सीसीटीवी कैमरा लगाने की बात कही थी, और कुछ ही सीसीटीवी लगाकर जनता को बेवकूफ बना रहे हो।”

अमित शाह ने नरेंद्र मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा, “भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के गरीबों को हर साल 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। लेकिन केजरीवाल सरकार के कारण ये योजना दिल्ली के लोगों को नहीं मिली। केजरीवाल को डर है कि अगर इस योजना से गरीब को फायदा होगा, तो वो मोदीजी को वोट दे देगा।”

‘झुग्गी वालों को भाजपा 5 साल के अंदर दो कमरों का पक्का फ्लैट देने वाली है’

अमित शाह ने दिल्ली स्थित झुग्गियों को पक्का करने की भी बात कही। गृह मंत्री ने अपने भाषण में कहा- “जिस प्रकार से अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने का काम हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया है, उसी प्रकार जहाँ-जहाँ झुग्गी है, वहाँ-वहाँ 5 साल के अंदर दो कमरों का पक्का फ्लैट देने का काम भाजपा करने वाली है।”

‘केजरीवाल करीब 112 योजनाओं के बीच में रोड़ा हैं’

आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर केंद्र की योजनाओं को लागू न करने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने कहा- “नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री आवास योजना लाए, ये भी केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में नहीं लागू की। करीब 112 ऐसी योजनाओं के बीच में केजरीवाल रोड़ा हैं। एक बार ये रोड़ा हटा दो, ये सभी योजनाएं दिल्ली वालों के घर तक पहुँच जाएगी।”

अरविन्द केजरीवाल का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा- “केजरीवाल जी 4.5 साल तक कहते थे कि मोदी जी ने मुझे काम ही नहीं करने दिया, मोदी जी मुझे रोकते हैं इसलिए दिल्ली में विकास नहीं हुआ और अब कहते हैं दिल्ली का विकास मैंने किया, लगे रहो केजरीवाल। भाई 5 साल बहुत हुए, अब दिल्ली के पीछे मत लगना।”

अनुच्छेद 370 को ख़त्म करने का फ़ैसला वापस नहीं लिया जाएगा: SC से केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला वापस लेना संभव नहीं है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में यह बात कही। शीर्ष अदालत में केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान उन्होंने यह बात कही। इसके बाद अदालत ने इससे संबंधित याचिकाओं को वृहद पीठ को सुपुर्द करने या ना करने के मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया।

न्यायाधीश एनवी रमन की अध्यक्षता वाली पॉंच सदस्यीय संविधान पीठ ने याचिकाकर्ताओं और केंद्र सरकार की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से दिनेश द्विवेदी, राजीव धवन और संजय पारिख ने दलीलें दी। सरकार का पक्ष अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने रखा।

वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अनुच्छेद-370 के निरस्तीकरण से जम्मू-कश्मीर का भारतीय संघ में प्रवेश हुआ और यह क़दम “अपरिवर्तनीय” है। इसका सीधा और स्पष्ट मतलब मतलब यह है कि अनुच्छेद-370 के फ़ैसले को वापस नहीं लिया जाएगा। वेणुगोपाल ने कहा, “मैं यह बताना चाहता हूँ कि जम्मू-कश्मीर की सम्प्रभुता वास्तव में अस्थायी थी। हम एक संघ हैं।” उन्होंने संविधान पीठ के समक्ष एक-एक कर ऐतिहासिक घटनाक्रम का ब्योरा दिया। साथ ही कश्मीर का भारत में विलय और जम्मू-कश्मीर संविधान सभा के गठन के बारे में विस्तार से बताया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील रखते हुए राजीव धवन ने कहा,

“पहली बार भारत के संविधान के अनुच्छेद 3 का उपयोग करते हुए एक राज्य को एक केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। यदि वे (केंद्र) एक राज्य के लिए ऐसा करते हैं, वे इसे किसी भी राज्य के लिए कर सकते हैं।”

धवन ने कहा कि केंद्र सरकार ने तत्कालीन राज्य में जानबूझकर राष्ट्रपति शासन लगाया और जम्मू-कश्मीर के नक्शे की ओर इशारा किया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो जम्मू और कश्मीर का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, उन्होंने धवन को रोकते हुए कहा कि ‘वह जो कह रहे हैं वह अप्रासंगिक है।’

इस पर, धवन ने जवाब दिया, “अगर अटॉर्नी जनरल अपनी ऐतिहासिक यात्रा में नेहरू को ला सकते हैं, तो मैं निश्चित रूप से न्यायाधीश को एक नक़्शा दिखा सकता हूँ। इसके लिए मुझे आपकी अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।”

POK वैसे ही वापस ले आएँगे जैसे अनुच्छेद 370 पर एक्शन लिया: अमित शाह

जम्मू-कश्मीर में इस ‘साहसिक’ कदम के लिए अमेरिकी कॉन्ग्रेस के सांसद ने की मोदी की सराहना

जम्मू-कश्मीर हमारा मामला, हम चीन के मामले में नहीं बोलते, वह भी चुप रहे: भारत का करारा जवाब

Marry-your-rapist: पहले बलात्कार करो, फिर शादी के लिए ‘हाँ’ बोलकर आजाद हो जाओ

कितना आसान है किसी लड़की का पहले बलात्कार करना और फिर सजा मिलने के समय उससे शादी करने की शर्त मानकर खुद को सुरक्षित कर लेना… है न? शायद, इस बात को पढ़कर किसी को भी गुस्सा आ जाए कि आखिर ये कैसा न्याय हुआ।

लेकिन, तुर्की में जनवरी के अंत तक ऐसा विधेयक प्रस्तावित होने जा रहा है। जिसका नाम ‘मैरी युअर रेपिस्ट’ है। इस विधेयक के अंतर्गत कोई भी शख्स अगर 18 साल से कम उम्र की लड़की का पहले बलात्कार करता है और बाद में उससे शादी करने के लिए तैयार हो जाता है, तो उसे उसके अपराध के लिए फौरन माफ कर दिया जाएगा।

अब हालाँकि, इस बिल पर जनवरी के अंत तक बहस शुरू होगी। लेकिन महिला अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले कार्यकर्ताओं के बीच इस मामले ने अभी से तूल पकड़ लिया है। आलोचक इस पर लगातार बहस कर रहे हैं और बिल प्रस्तावित करने वालों से सवाल कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि प्रस्तावित कानून न केवल बलात्कार को वैधानिक बनाता है, बल्कि बाल विवाह, बाल शोषण और यौन शोषण को भी व्याप्त होने देता है।

गौरतलब है कि इससे पहले साल 2016 में राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर आलोचना पाने के बाद एक ऐसे ही बिल को खारिज किया जा चुका है। लेकिन इस बार ‘मैरी युअर रेपिस्ट’ नाम को ये कहकर डिफेंड किया जा रहा है कि ये परिवार की इज्जतत संरक्षित करने के लिए हैं।

बता दें, संयुक्त राष्ट्र के अनुसार तुर्की में महिलाओं और लड़कियों के प्रति हिंसा बहुत ज्यादा होती है। जहाँ 38 प्रतिशत महिलाओं को अपने ही साथी की वजह से शारीरिक और यौन हिंसा का शिकार होना पड़ता है।

जो लोग सत्ता में वो असली टुकड़े-टुकड़े गैंग, हर देशभक्त भारतीय को चिंतित होना चाहिए: पी चिदंबरम

साल 2019 में 106 दिन तक तिहाड़ में रहने के बाद कॉन्ग्रेस के दिग्गज़ नेता पी चिदंबरम अभी पिछले महीने जेल से रिहा हुए और तब से वे लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं। इसी कड़ी में उन्होंने आज मोदी सरकार पर एक बार फिर से निशाना साधने की कोशिश की है। उन्होंने आज नागरिकता संशोधन कानून और अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं।

पी चिदंबरम ने अमेरिकी पत्रिका के लोकतंत्र सूचकांक को आधार बनाकर मोदी सरकार को घेरा है। जिसमें भारत ने अपनी रैंकिंग में गिरावट दर्ज की है। इस रैंकिंग के आधार पर कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में लोकतांत्रिक संस्थाओं को शक्तिहीन किया गया है और सत्ता में बैठे लोग असली ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ हैं।

उल्लेखनीय है कि पूर्व गृह मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, “भारत लोकतंत्र सूचकांक में 10 स्थान लुढ़क गया। पिछले दो साल के राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजदीकी नजर रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह जनता है कि लोकतंत्र को कुचला गया है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को शक्तिहीन किया गया है।”

इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया, “जो लोग सत्ता में हैं वो असली टुकड़े-टुकड़े गैंग हैं।” चिदंबरम ने कहा, “भारत जिस दिशा में बढ़ रहा है उससे दुनिया सशंकित है। हर देशभक्त भारतीय को चिंतित होना चाहिए।”

यहाँ बता दें कि आज सत्ताधारियों को टुकड़े-टुकड़े गैंग का हिस्सा बताने वाले कॉन्ग्रेस नेता पी चिंदंबरम और उनकी पार्टी सत्ता में खुद भी 10 साल तक रही है। लेकिन शायद उन्हें ये नहीं याद कि उन्होंने कॉमनवेल्थ, टाटा ट्रक और नौसेना टोही विमान जैसे घोटालों को करके किस तरह देश को चूना लगाया।

असम: 644 उग्रवादियों का आत्मसमर्पण, एके- 47, एके-56 जैसे अत्‍याधुनिक हथियार सौंपे

असम पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। आठ प्रतिबंधित संगठनों के 644 उग्रवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के सामने उग्रवादियों द्वारा किए गए इस समर्पण को एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।

गुरुवार को असम के 8 प्रतिबंधित संगठनों के 644 उग्रवादियों ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया। उग्रवादियों ने 177 हथियार भी पुलिस को सौंप दिए। इससे पहले केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुई त्रिपक्षीय बैठक के बाद कई उग्रवादी संगठनों के उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण करने का ऐलान किया था।

असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि सरेंडर करने वाले सदस्य यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा-आई), नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ इंडिया (एनडीएफबी), आरएनएलएफ, केएलओ, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी), नेशनल संथाल लिबरेशन आर्मी (एनएसएलए), आदिवासी ड्रैगन फाइटर (एडीएफ) और नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ बंगाली (एनएलएफबी) के सदस्य हैं। इन संगठनों के के कई नेताओं ने भी आत्मसमर्पण किया है।

महंता ने बताया है कि उग्रवादियों ने जिन 177 हथियारों को सौंपा है उनमें एके- 47, एके-56 जैसे कई अत्‍याधुनिक हथियार हैं। उन्‍होंने कहा क‍ि यह असम के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्‍होंने कहा कि इन उग्रवादियों को असम पुलिस में जगह दी जाएगी। बता दें कि इन उग्रवादियों ने ऐसे समय पर आत्‍मसमर्पण किया है जब अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राज्‍य बहुत लंबे समय से उग्रवाद की मार झेल रहा है। इन उग्रवादियों के आत्‍मसमर्पण से शांति की उम्‍मीद जगी है।

असम सरकार ने साल 2020 के शुरू में ही एनडीएफबी ने सरकार के साथ अपने अभियान बंद करने का त्रिपक्षीय समझौता किया था। समझौते के मुताबिक, एनडीएफबी सरगना बी साओराईगवरा समेत सभी उग्रवादी हिंसक गतिविधियां रोकेंगे और सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल होंगे। त्रिपक्षीय समझौते में एनडीएफबी, केंद्र सरकार और असम सरकार शामिल थे। साओराईगवरा के साथ एनडीएफबी के कई सक्रिय सदस्य 11 जनवरी को म्यांमार से भारत आए थे। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के शांति समझौते से असम में काफी हद तक उग्रवाद पर लगाम लग सकती है। आपको बता दें कि पिछले वर्ष अक्टूबर में उल्फा के 8 उग्रवादियों ने पुलिस के सामने हथियारों के साथ समर्पण किया था।

म्यांमार से लाई संदिग्ध चीजें छिपाने के लिए महिला IPS ऑफिसर ने लगाया छेड़खानी का आरोप: असम राइफल्स

शरणार्थियों को जगह भी देंगे, असम के हित भी सुरक्षित रहेंगे: PM मोदी का आश्वासन

2020 के बाद 2 से अधिक बच्चे वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी: असम सरकार ने लिया फैसला

फर्जी हिंदू नाम रख ग्रैजुएशन कर रही लड़की से FB पर दोस्ती, रेप, अश्लील वीडियो… धर्म परिवर्तन का दबाव

उत्तरकाशी की रहने वाली एक हिन्दू लड़की को शादी का झाँसा देकर मुस्लिम लड़के ने उसे होटल में बुलाकर पहले तो उसका बलात्कार किया और फिर उसका अश्लील वीडियो बनाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। ऐसा न करने पर उसके वीडियो को वायरल करने की धमकी दी। हालात से परेशान होकर पीड़िता ने एसएसपी अमित पाठक से आरोपित के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई है। इस मामले में दर्ज शिकायत के उपरांत एसएसपी ने महिला थाना पुलिस को जाँच कर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं।

हिन्दुस्तान के मुरादाबाद संस्करण में प्रकाशित ख़बर

ख़बर के अनुसार, स्नातक की छात्रा से आरोपित लड़के ने छ: महीने पहले हिन्दू बनकर दोस्ती की थी। पिछले साल दिसंबर में लड़के ने शादी का झाँसा देकर उसे मुरादाबाद बुला लिया। इसके बाद उसने शहर कोतवाली स्थित एक होटल में न सिर्फ़ उसका बलात्कार किया बल्कि उसका अश्लील वीडियो भी बनाया।  

पीड़िता के अनुसार, युवक द्वारा उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया, ऐसा न करने पर लड़के ने शादी करने से इनकार कर दिया। साथ ही उसके द्वारा बनाए गए अश्लील वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी दी। मामले पर एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि इस केस की जाँच महिला थाना प्रभारी को सौंप दी गई है। 

बता दें कि हिन्दू लड़कियों के धर्म परिवर्तन का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में पाकिस्तान में सिंध प्रांत के जकोबाबाद से एक ख़बर सामने आई थी, जिसमें 15 साल की नाबालिग आरोक कुमारी (महक कुमारी) का अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद एक वीडियो सामने आया था कि नाबालिग लड़की ने इस्लाम क़बूल कर लिया था और उसने अली रज़ा माची नाम के मुस्लिम लड़के से निक़ाह कर लिया था।

डर के माहौल में जी रहे अल्पसंख्यकों के हालात का पता इस बात से ही चल जाता है कि नाबालिग ने मजबूरी वश इस बात को स्वीकार लिया था कि उसने इस्लाम धर्म क़बूल कर निक़ाह कर लिया। उसने बताया था कि उसने दरगाह अमरोत शरीफ में इस्लाम क़बूल किया और अब उसका नाम ‘अलीजा’ है। 

इसके अलावा, पिछले साल पाकिस्तान की ननकाना साहिब में एक सिख लड़की का अपहरण कर उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था। लड़की के परिवार ने आरोप लगाया था कि इस्लाम में परिवर्तित होने के बाद उसे एक मुस्लिम से निक़ाह करने मजबूर किया गया था। इसी तरह के एक अन्य प्रकरण में, एक पाकिस्तानी ईसाई लड़की, जिसकी पहचान हुमा मसीह के रूप में हुई थी, उसका कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया और फिर उसे इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया था।

15 साल की हिन्दू लड़की ने अमरोत शरीफ में क़बूल किया इस्लाम, 4 बच्चों के बाप से हुआ निक़ाह

अगवा सिख लड़की पहुँची घर, हाफ़िज़ सईद के आतंकी संगठन के मो. हसन से करवाया गया था निकाह


‘माँ हूँ, महान नहीं बनना चाहती, 7 साल पहले बेटी की जान गई, अब मैं इंसाफ़ चाहती हूँ’

निर्भया के दोषियों पर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने चौराहे पर फाँसी देने की माँग की है। उनके इस बयान के बाद निर्भया की माँ आशा देवी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दर्ज की है। कंगना के बयान पर सहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी के इंसाफ़ के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कंगना से मिले समर्थन पर आभार भी व्यक्त किया। कंगना रनौत ने फाँसी की सज़ा का समर्थन करते हुए सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह की भी कड़े शब्दों में आलोचना की थी।

कंगना रनौत ने निर्भया के दोषी के नाबालिग होने वाली बात पर कहा था,

“इस घटना में एक दोषी नाबालिग था, जो रेप करता है। जो रेप करने के काबिल है उसे किस हिसाब से नाबालिग बताया जा सकता है। ऐसे लोगों को चौराहे पर फाँसी दे देनी चाहिए। ऐसे दोषियों को पता होना चाहिए कि रेप क्या होता है और इसकी सज़ा क्या होती है।”

निर्भया की माँ ने कंगना का आभार जताते हुए कहा, “मैं कंगना रनौत के बयान से सहमत हूँ और मैं उनका धन्यवाद करती हूँ। मैं किसी की तरह महान नहीं बनना चाहती। मैं एक माँ हूँ और सात साल पहले मेरी बेटी की जान गई है और मैं इंसाफ़ चाहती हूँ।” 

इसके अलावा, उन्होंने कहा, “वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने जिस तरह से मुझसे सवाल किया। ये मानव अधिकारों के नाम पर समाज को धोखा देना है। बच्चियों के साथ हो रहे अपराधों का मज़ाक बनाना है। ये मानव अधिकारों के नाम पर बिज़नेस चलाते हैं और सिर्फ़ और सिर्फ़ मुजरिमों को सपोर्ट करते हैं।”

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की माँ से दोषियों को माफ़ करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था,

“मैं आशा देवी के दर्द को अच्छी तरह से समझती हूँ, मैं उनसे आग्रह करती हूँ कि वह सोनिया गाँधी के उदाहरण का अनुसरण करें। उन्होंने नलिनी को माफ़ कर दिया था और कहा था कि वह उसके लिए मौत की सज़ा नहीं चाहती हैं। हम आपके साथ हैं लेकिन मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ हैं।”

इसके जवाब में निर्भया की माँ ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराते हुए कहा था, “मुझे ऐसा सुझाव देने वाली इंदिरा जयसिंग कौन हैं? पूरा देश चाहता है कि दोषियों को फाँसी दी जाए। सिर्फ़ उनके जैसे लोगों की वजह से बलात्कार की पीड़िताओं के साथ न्याय नहीं हो पाता है।”

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CPI नेता अमीर जैदी ने टीवी डिबेट में दीपक चौरसिया को दी गाली, बताया भ*वा पत्रकार

“रंज की जब गुफ्तगू होने लगी आप से तुम तुम से तू होने लगी।” मशहूर शायर दाग दहलवी की ये शायरी तब प्रासंगिक नजर आई जब CPI के पार्टी प्रवक्ता टीवी पर बहस के दौरान टीवी पत्रकार को ‘तू-ता’ कहकर गालियाँ देते नजर आए। राजनीतिक दलों की कट्टरता कभी-कभी बिना देश-काल और वातावरण के ही बाहर निकल पड़ती है। इसी का ताजा उदाहरण न्यूज़ नेशन टीवी के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया ने ट्वीटर पर शेयर किया है।

दीपक चौरसिया को एक CPI नेता ने लाइव बहस के दौरान ही CAA पर चर्चा के दौरान गाली दे दी। CPI के पार्टी प्रवक्ता अमीर हैदर ज़ैदी ने दीपक चौरसिया को गाली देते हुए उन्हें ‘भ*वा पत्रकार’ कह दिया। वे यहीं पर नहीं रुके और दीपक चौरसिया पर और भी आरोप लगाते हुए ज़ैदी उन्हें भ*वा कहते हुए गालियाँ दोहराते रहे। हालाँकि इस दौरान दीपक चौरसिया सिर्फ मंद-मंद मुस्कुराते हुए ज़ैदी के आरोप सुनते रहे।

इस निंदनीय घटना को दीपक चौरसिया ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “जब किसी संगठन की वैचारिक तर्कशक्ति मर जाती है, तो वो गाली-गलौच पर आ जाता है! मुझे गाली देने से आपका स्वास्थ्य अच्छा होता है तो और दीजिए। लेकिन जैदी साहब, बच्चों के दिमाग में अपनी मानसिक कुंठा मत भरिए!”

टीवी पर डिबेट के दौरान CPI पार्टी प्रवक्ता अमीर हैदर ज़ैदी कह रहे हैं, “तुम जो ये कर रहे हो, तुमने ये फैसला कर लिया है कि सिर्फ मुसलमानों को बदनाम करने के लिए तुम डिबेट करोगे और सरकार की जूतियाँ सीधी करोगे। मैं दीपक चौरसिया तुझे चैलेंज करता हूँ…. भ*वे पत्रकार! मैं तुझे आज चेलेंज करता हूँ कि हम जैसों को अगर बिठाना है तो हम जैसों का सम्मान करना सीखो। … एक घंटे से सुन रहा हूँ मैं।”

दीपक चौरासिया के लिए CPI प्रवक्ता द्वारा प्रयोग किए गए इन अपमानजनक शब्दों को सुनकर डिबेट में ही मौजूद बीजेपी नेता विजय जॉली, वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार, IMF अध्यक्ष डॉ. शोएब जमेई, धर्मगुरु आचार्य विक्रमादित्य ने उनकी आलोचना की।

इसके बाद दीपक चौरसिया ने कहा कि उनमें ज़ैदी की गालियों को भी टीवी पर दिखाने की हिम्मत है। तब भी ज़ैदी यही दोहराते रहे कि दीपक चौरसिया भ*वे पत्रकार हैं और वे सरकार की जूतियाँ सीधी करते हैं। इस पर बीजेपी नेता विजय जॉली ने कहा कि भारत के कम्युनिस्ट्स को ज़ैदी जैसे कम्युनिस्ट पर शर्म आनी चाहिए।

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