Home Blog Page 5467

फिर पाक के काम आई कॉन्ग्रेस: UNGA में बोले इमरान- कॉन्ग्रेस पार्टी ने भी कहा कि लोग 50 दिनों से घरों में कैद

कश्मीर मसले पर भारत को घेरने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कॉन्ग्रेस को ढाल बनाया है। जम्मू-कश्मीर से 370 हटाए जाने के बाद से बौखलाया पाक पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के विपक्षी दल के बयानों का हवाला दे चुका है।

इमरान ने मंगलवार (सितंबर 24, 2019) को न्यूयॉर्क में 74वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र के मौके पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “कश्मीर में अभी तक कर्फ्यू नहीं हटा है। यहाँ तक ​​कि भारत में कॉन्ग्रेस पार्टी ने भी टिप्पणी की है कि गरीब (असहाय) लोगों को 50 दिनों से घरों में बंद कर दिया गया है। यह कोई नहीं जानता कि राजनीतिक कैदियों के साथ क्या हो रहा है।”

इससे पहले, पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र को जम्मू-कश्मीर के सम्बन्ध में पत्र लिख कर कहा था कि भारत वहाँ ‘अत्याचार कर रहा है’ और अपनी इस बात को साबित करने के लिए उसने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के बयानों का सहारा लिया था। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र को भेजे पत्र में लिखा था कि भारत की मुख्यधारा के राजनेताओं ने भी ‘कश्मीर में हो रही हिंसा’ को स्वीकार किया है।

पाकिस्तान ने राहुल गाँधी का हवाला देते हुए उनके उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था, “जम्मू-कश्मीर के लोगों की स्वतंत्रता और नागरिक आजादी पर अंकुश लगाए हुए 20 दिन हो गए हैं। लेकिन विपक्ष के नेताओं और मीडिया को जम्मू-कश्मीर के लोगों पर किए जा रहे कठोर बल प्रयोग और प्रशासनिक क्रूरता का अहसास तब हुआ, जब हमने शनिवार को श्रीनगर का दौरा करने की कोशिश की।”

पाकिस्तान द्वारा अपने बयान का इस्तेमाल करने के बाद राहुल गाँधी ने सामने आकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और वहाँ हो रही हिंसा के लिए पाक ज़िम्मेदार है। राहुल गाँधी ने ट्विटर पर लिखा कि पाकिस्तान दुनिया में आतंकवाद का प्रमुख समर्थक के रूप में जाना जाता है। साथ ही राहुल ने यह भी लिखा कि जम्मू-कश्मीर में होने वाली हिंसा के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। राहुल गाँधी ने कहा था कि वे केंद्र सरकार से कई मसलों पर मतभेद रखते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के मामले में पाकिस्तान या किसी अन्य तीसरे देश को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

इस बार पाकिस्तान द्वारा कॉन्ग्रेस के बयान का जिक्र करने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा, “इमरान खान की क्या हैसियत जो हमारे देश के आंतरिक मामलों में बोले? वो अपना देश सँभाले। हम अपने प्रधानमंत्री की नीतियों से सहमत-असहमत होंगे, चर्चा करेंगे, सवाल उठाएँगे, उनसे जवाब माँगेंगे। देश के बाहर प्रधानमंत्री का प्रत्येक कदम देश का कदम होता है और कॉन्ग्रेस पार्टी उसके साथ है।”

चिन्मयानंद से ₹5 करोड़ मॉंगने का मामला: ​रेप पीड़िता गिरफ्तार, 7 अक्टूबर तक जेल भेज गया

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता चिन्मयानंद पर बलात्कार और यौन शोषण का आरोप लगाने वाली 23 वर्षीय कानून की छात्रा को बुधवार (सितंबर 25, 2019) विशेष जाँच टीम (SIT) ने ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। एसआईटी ने छात्रा को उसके घर से गिरफ्तार किया।

पीड़िता पर अपने दो भाइयों और दोस्त के साथ मिलकर चिन्मयानंद से 5 करोड़ की फिरौती माँगने का आरोप है। उत्‍तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने बताया कि चिन्मयानंद पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले लॉ की छात्रा को एसआईटी ने कथित तौर पर रंगदारी माँगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने पिछले हफ्ते इस मामले में पीड़ित छात्रा के दोस्त संजय सिंह, उसके चचेरे भाई विक्रम और मौसेरे भाई सचिन सेंगर को गिरफ्तार किया था।

मामले की जाँच कर रहे एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने के मामले में पीड़ित छात्रा की भी संलिप्तता मिली है। सबूत मिलने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। नवीन अरोड़ा ने बताया कि छात्रा से मंगलवार (सितंबर 24, 2019) को पूछताछ की गई थी। पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर मेडिकल जाँच कराया जा रहा है। 

हालाँकि, पीड़िता के वकील ने छात्रा को हिरासत में लेने की खबर को गलत बताते हुए कहा था कि उन्हें इस बाबत कोई नोटिस नहीं प्राप्त हुआ है और न ही उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई की गई। उन्होंने पीड़िता की गिरफ़्तारी की खबर को भी गलत बताया था। बता दें कि, सोमवार (सितम्बर 23, 2019) को इलाहबाद हाई कोर्ट ने पीड़िता के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। जिस पर 26 सितम्बर को सुनवाई होनी है।

मजार में छिपा था दलित नाबालिग से रेप करने वाला मोहम्मद आदिल, पुलिस ने मुठभेड़ के बाद धर-दबोचा

उत्तर प्रदेश की कौशाम्बी में मुस्लिम युवकों द्वारा दलित नाबालिग लड़की का बलात्कार करने के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपित को गिरफ़्तार कर लिया है। एक अन्य आरोपित नाज़िम को पहले ही ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। मोहम्मद बड़का और मोहम्मद आदिल उर्फ़ छोटका नामक 2 अन्य आरोपित फरार चल रहे थे, जिनकी धर-पकड़ के लिए पुलिस ने पाँच टीमें गठित की थी। इन दोनों के सिर पर 25,000 रुपए का इनाम भी रखा गया था। ये घटना सरायअकिल थाना क्षेत्र की है।

दूसरे आरोपित छोटका की गिरफ़्तारी पिपरी थाना क्षेत्र से हुई। घेराबंदी के दौरान आरोपित ने पुलिस पर पाँच राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी। आरोपित के पैर में गोली लगने के बाद वह घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे धर-दबोचा। फ़िलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी प्रदीप गुप्ता ने ख़ुद पहुँच कर आरोपित से पूछताछ की। बता दें कि घोसिया गाँव में घास काटने गई दलित नाबालिग लड़की के साथ नाज़िम, बड़का और छोटका ने बलात्कार किया था।

पुलिस को ख़बर मिली थी कि आरोपित छोटका रावतपुर गाँव में छिपा हुआ है। इसके बाद चार थानों की पुलिस वहाँ उसे गिरफ़्तार करने पहुँचीं। आरोपित छोटका जंगल में स्थित एक मजार में छिपा हुआ था। जैसे ही पुलिस ने उसकी घेराबंदी की, वह तमंचे से गोलीबारी करने लगा। पुलिस सादी वर्दी में हथियारों से लैस होकर पहुँची थी। पहले तो ग्रामीणों को लगा कि गैंगवार जैसी कोई स्थिति उत्पन्न हो गई है लेकिन जैसे ही उन्हें असलियत पता चली, वे सभी पुलिस की तारीफ करने लगे।

आरोपितों के सर्विलांस के लिए विशेषज्ञों को लगाया गया था। उसकी लोकेशन पर नज़र रखी जा रही थी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें आरोपित की गिरफ़्तारी के बारे में जानकारी दी। घायल आरोपित को स्थानीय अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में भर्ती कराया गया है और हॉस्पिटल की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस के अलावा किसी को भी उससे मिलने की इजाजत नहीं दी गई है। पुलिस को इस बात का शक था कि आरोपित को गोली लगने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग हंगामा कर सकते हैं और शांति-व्यवस्था भंग हो सकती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लगातार गश्त लगाती रही।

रेप पीड़िता ने साफ़-साफ कहा है कि जब तक आरोपितों को फाँसी की सज़ा नहीं मिल जाती, तब तक उसे शांति नहीं मिल सकती है। पीड़िता ने मदद करने वाले नेताओं व संगठनों को धन्यवाद करते हुए लोगों से आगे आने की अपील की। पीड़िता ने कहा कि वह ख़ुद क़ानूनी लड़ाई लड़ेगी। आरोपित की गिरफ़्तारी करने वाली टीमों को 25 हज़ार रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। वहीं पीड़िता का हालचाल जानने के लगातार नेताओं की लाइन लगी रही। दलित सेना संगठन ने एसपी से मुलाक़ात कर आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।

तीनों मुस्लिम युवकों द्वारा दलित नाबालिग का रेप किए जाने का वीडियो सोशल पर वायरल होने से रोकने की भी कोशिश की जा रही है। एसपी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वीडियो वायरल न किया जाए। साइबर सेल ने फेसबुक और ट्विटर को ऐसे एकाउंट्स को बंद करने के लिए उनका विवरण भेज दिया है। पुलिस ने कहा कि आगे से ऐसा करने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि रविवार (22 सितंबर) को एक 15 वर्षीय दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप कर उसका अश्लील वीडियो बनाया गया था। तीनों आरोपित लड़की को पकड़ कर झाड़ियों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान लड़की बार-बार दया की भीख माँगती रही, लेकिन आरोपितों ने उसकी एक न सुनी और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया।

आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस से इस मामले में तेजी से कार्रवाई करने की माँग की थी। तीनों आरोपितों के ख़िलाफ़ बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उच्चाधिकारियों ने गाँव में पहुँच कर ग्रामीणों को समझाया। कोतवाल मनीष पांडेय, दरोगा दिलीप गुप्ता और हेड कॉन्स्टेबल रामनाथ को आरोपतों पर कार्रवाई में ढिलाई करने पर एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है।

बीवी के पासपोर्ट पर उड़ने की फिराक में थे पाकिस्तान के उड्डयन मंत्री, इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर रोके गए

भारत को एयरस्पेस बंद करने की धमकी देने वाले पाकिस्तान के उड्डयन मंत्री खुद ही उड़ान नहीं भर पाए। गुलाम सरवर खान को पासपोर्ट नहीं होने के कारण अधिकारियों ने इस्लामाबाद के एयरपोर्ट पर रोक लिया। उन्हें तुर्की जाना था। घटना सोमवार (सितंबर 23, 2019) की है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस दौरान खान ने अपनी पत्नी का पासपोर्ट दिखाकर अधिकारियों को मनाने की कोशिश की। उनकी इस हरकत से हास्यास्पद स्थिति पैदा हो गई।

हालाँकि, इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों को तुरंत आदेश देकर उनके घर भेजा गया और यात्रा को ध्यान में रखते हुए समय से उनका पासपोर्ट मँगवा लिया गया। लेकिन, मामला सामने आते ही सोशल मीडिया में पाकिस्तानी नेता एक बार फिर से मजाक का केंद्र बन गए।

भारतीयों ने इस मामले में वहाँ की पत्रकार नायला इनायत के ट्वीट पर मंत्री की खूब चुटकी ली। महिला ढिंगरा नाम की यूजर ने कहा कि पाकिस्तान को मनोरंजन इंडस्ट्री की जरूरत ही नहीं हैं, क्योंकि इनका पूरा मंत्रालय ही काफी मनोरंजन कर देता है, और ये ऐसा सिर्फ़ ये पाकिस्तान के लिए नहीं करते बल्कि भारत के लिए भी करते हैं।

वहीं अभिषेक नाम के दूसरे यूजर ने कहा कि उन्हें इस बात की बिलकुल हैरानी नहीं होगी अगर पाक मंत्री शेख रशीद कल को ये कह दें कि पासपोर्ट गलती से अभिनंदन के पास चला गया। इसके बाद एक यूजर ने चुटकी लेते हुए सरवर खान को सलाह दी कि अगर उनके पास पासपोर्ट नहीं था तो वह हिजाब पहनकर निकल सकते थे।

रोहिंग्या से नेहरू तक, Howdy Modi पर लोगों ने अर्बन नक्सलियों के कुतर्कों को एक-एक कर काटा

अनुकरणीय क्या होता है? कुछ भी अच्छा जो दिख गया हो, उसके जैसा किया जा सकता है। हाल में जब ‘Howdy Modi’ कार्यक्रम बीता तो जमकर कुहर्रम मचा। पहले तो शोर इस बात पर था कि भला विदेश में किसी आयोजन से भारत का कौन सा भला होगा? अब मुट्ठी भर अभिजात्यों के नियंत्रण वाली खरीद कर इस्तेमाल होने वाली मीडिया का दौर तो रहा नहीं, सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने के लिए लोग स्वतंत्र हैं। सवाल के उठने भर की देरी थी कि #अभिव्यक्तिकीस्वतंत्रता का इस्तेमाल करते हुए लोगों ने बता दिया कि भारत-वंशियों से कितना रेवेन्यु, कितनी आय भारत को भी होती है।

मामला सिर्फ इतने पर कैसे रुकता? अर्बन नक्सल गिरोहों ने हमले की दिशा बदली और कहने लगे कि अगर अमेरिका में रहने वाले भारतीय लोगों को ‘भारत माता की जय‘ कहने की छूट है, तो वही तर्क रोहिंग्या पर भारत में भी लागू होगा क्या? अब फिर से आम लोग इस बचकाने तर्क को तोड़ गए। प्रवासी, शरणार्थी और घुसपैठिये में अंतर होता है, ये हिन्दी बेचकर खाने वालों को तो बताया ही गया, अंग्रेजी वालों को भी इमिग्रेंट, रिफ्यूजी और इन्ट्रूडर का अर्थ समझाया जाने लगा। समस्या ये थी कि थोड़ी सी फजीहत पर जो मान जाए वो लिबटार्ड कैसा? इसलिए इतनी बेइज्जती पर उनका मन नहीं भरा था।

अंत में नेहरू को महान बताने वाले उनकी पार्टी के कुछ अंग्रेजीदाँ दां अभिजात्य लोग मैदान में उतरे। वो 1955 की रूस की इन्दिरा-नेहरू की तस्वीर को 1954 की अमेरिका की तस्वीर बताने लगे! कुछ लोगों ने ये भी ध्यान दिलाया कि पुराने कॉन्ग्रेसी जुमले “इन्दिरा इज इंडिया, एंड इंडिया इज इन्दिरा” को वो भूले नहीं है, उन्होंने इन्दिरा की वर्तनी इंडिया कर डाली थी! कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अनैतिक मार्केटिंग (अनएथिकल मार्केटिंग) के तीन “सी” (कन्विंस, कंफ्यूज, कर्रप्ट) का इस्तेमाल करने की पुरजोर कोशिश की गई और किसी तरह से इससे कुछ अच्छा न निकल जाए ये प्रयास हुआ।

अब बात चूँकि “अनुकरणीय” से शुरू हुई थी तो वापस वहीं पर आते हैं। पटना शहर में भी दूसरे कई बड़े शहरों की तरह आयोजन होते रहते हैं। जैसा कि दूसरी सभी जगहों पर भी होता ही है, वैसे ही यहाँ भी आयोजनों में मुख्य अतिथि होते हैं। उन्हें मंच पर सम्मानित करने के लिए किसी न किसी को बुलाया जाता है और वो “पुष्प-गुच्छ” से अतिथि का स्वागत करता है। मंच पर कुछ कुर्सियाँ लगी होती हैं, जहाँ ये अभिजात्य अतिथि और मुख्य अतिथि पूरे समय बैठकर वक्ताओं को सुन रहे होते हैं। आम लोग (मामूली मैंगो पीपल) इन अभिजात्यों से अलग कहीं नीचे कुर्सियों पर बिठाए जाते हैं।

अब अमेरिका के इस आयोजन को दोबारा देखिए। यहाँ मंच पर कोई कुर्सी नजर नहीं आएगी। अपनी बात ख़त्म करने के बाद वक्ता वहीं नीचे जाकर आम लोगों (मामूली मैंगो पीपल) जितनी ऊँची कुर्सियों पर बैठे। ट्रम्प मोदी जी के भाषण के समय नीचे बैठे थे और मोदी जी भी ट्रम्प के भाषण के समय नीचे ही थे। कोई कुर्सी और ऊँची जगह की लूट-पाट नहीं थी। कोई महँगे पुष्प गुच्छ नहीं दिए जा रहे थे! जहाँ तक पुष्प-गुच्छ का सवाल है, काफी पहले मोदी जी एक बार कह चुके हैं कि ये पुष्प आयोजन के बाद बेकार ही चले जाते हैं। इनके बदले किताबें दे देना बेहतर विकल्प है।

ऐसा भी नहीं है कि जिस विषय पर आयोजन हो रहा हो उस विषय की किताबें मौजूद नहीं हैं। अगर पानी जैसे मुद्दों पर बात हो रही हो तो अनुपम मिश्र की “आज भी खरे हैं तालाब” है, स्वच्छता इत्यादि पर “जल, थल, मल” मौजूद है, बाढ़ जैसे विषय हों तो डॉ. दिनेश मिश्र ने ऐसे मुद्दों पर किताबें लिखी हैं। शिक्षा जैसे मुद्दों पर “तत्तोचन” अच्छी किताब है, जंगल पर “द मैन हु प्लांटेड ट्रीज” दी जा सकती है।

सिर्फ थोड़ी सी मेहनत से 500-1000 रुपये के गुलदस्ते से कहीं बेहतर और उपयोगी चीज़ दी जा सकती है। हाँ इरादा राजनैतिक हो या अख़बारों में नेताजी या किसी बड़े आदमी को गुलदस्ता देते फोटो छपवाने का शौक हो तो और बात है। लालची लोगों से मेहनत की हम अपेक्षा भी नहीं रखते। बाकी “अनुकरणीय” के साथ सबसे बड़ी समस्या ये भी है कि लोग देखते हैं, तालियाँ बजाते हैं और आगे निकल जाते हैं। “अनुकरणीय” का सचमुच अनुकरण करने लायक “दम” किसमें है, और किसमें नहीं है, ये भी एक बड़ा सवाल है।

Father Of India हैं मोदी, उन्होंने भारत को एक किया, वह इस्लामिक आतंकवाद से निपट लेंगे: ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘Father Of India’ शब्द का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक पिता की तरह भारत के लिए कार्य कर रहे हैं। यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली की बैठक से इतर ट्रम्प और मोदी की मुलाक़ात हुई। ये 3 दिनों में दोनों नेताओं की दूसरी मुलाक़ात है। डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सस के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में भी शिरकत की थी और उन्होंने ख़ुद को भारत का सच्चा दोस्त बताया था। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।

इससे पहले डोनाल्ड ट्रम्प की पाक पीएम इमरान ख़ान से भी मुलाक़ात हुई थी, जहाँ एक पाकिस्तानी पत्रकार ने अपने देश और प्रधानमंत्री की बेइज्जती करा दी। ट्रम्प ने इमरान से पूछा कि आप ऐसे रिपोर्टर्स को कहाँ से ढूँढ कर लाते हो? वहीं दूसरी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ट्रम्प ने कहा:

“पूर्व में मैं भारत के बारे में जो कुछ भी जानता था, मुझे लगता था कि वहाँ स्थिति अच्छी नहीं है और सबकुछ अलग-थलग है। वहाँ काफ़ी अनबन और लड़ाइयाँ होती रहती थीं। पीएम मोदी एक पिता की तरह सभी को साथ लेकर आए। पीएम मोदी ने चीजों को ठीक कर के एक अच्छा कार्य किया है। इसीलिए, मैं उन्हें ‘फादर ऑफ इंडिया’ कहता हूँ। वह एल्विस प्रेस्ले का भारतीय वर्जन हैं। लोग उन्हें बहुत प्यार करते हैं।”

ट्रम्प ने कहा कि पीएम मोदी ने जिस तरह से भारत को एक किया है, उनकी पहचान ‘फादर ऑफ इंडिया’ के रूप में होनी चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी की तुलना दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले गायक एल्विस प्रेस्ले से भी की। उन्होंने कहा कि ह्यूस्टन में पीएम मोदी का लोगों ने ऐसे स्वागत किया, जैसे लगा कि एल्विस प्रेस्ले लौट आए हैं। अभिनेता और गायक प्रेस्ले का 1977 में निधन हो गया था। अमेरिका से लेकर यूरोप तक धूम मचाने वाले इस गायक-अभिनेता को ‘किंग ऑफ रॉक’ कहा जाता है।

ट्रम्प ने कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पीएम मोदी इन चीजों को ‘देख लेंगे’। हालाँकि, ट्रम्प ने मोदी और इमरान के बीच बातचीत की पैरवी भी की और कहा कि अगर ये दोनों नेता साथ बैठते हैं तो कुछ अच्छे परिणाम निकलेंगे। बता दें कि इमरान ख़ान ने स्वीकार किया है कि पाक फ़ौज और आईएसआई ने अलकायदा के आतंकियों को प्रशिक्षित किया। जब ट्रम्प से पूछा गया कि पाक पीएम की इस स्वीकारोक्ति के बाद वह उन्हें क्या सन्देश देना चाहते हैं, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पीएम मोदी सन्देश देंगे।

ट्रम्प ने कहा कि पीएम मोदी ने काफ़ी स्पष्ट और जोरदार शब्दों में सन्देश दे दिया है। ट्रम्प ने कहा कि मोदी इन परिस्थितियों से निपट लेंगे। 40 मिनट तक चली इस बैठक में आतंकवाद और भारत-अमेरिका व्यापार को लेकर बातें हुईं। विदेश सचिव विजय गोयनका ने कहा कि पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद सम्बन्धी उन चुनौतियों के बारे में बताया, जिनका सामना भारत कर रहा है।

उन्होंने ट्रम्प को बताया कि भारत कभी भी बातचीत से पीछे नहीं हटा है। साथ ही पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को आँकड़ों के माध्यम से समझाया कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद की वजह से अब तक 42,000 लोग मारे जा चुके हैं।

निशाने पर PM मोदी, NSA अजित डोभाल और एयरबेस: जैश ने तैयार किया विशेष दस्ता, अलर्ट जारी

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से घाटी में आतंकी गतिविधियों पर रोक लग गई है। घाटी के बदलते माहौल से बौखलाया पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल पर हमले की योजना बना रहा है। जैश ने इस हमले को अंजाम देने के लिए विशेष आतंकी दस्ता तैयार किया है। आतंकियों के निशाने पर एयरबेस भी हैं।

एक विदेशी खुफिया एजेंसी से मिले इनपुट के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक मेजर इस हमले की तैयारी में जैश की लगातार मदद कर रहा है। विदेशी खुफिया एजेंसी को जैश के पाकिस्तानी आतंकवादी शमशेर वानी और जैश सरगना के बीच हुई लिखित बातचीत का पता चला है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जैश सितंबर में भारत में बड़े हमले करने की तैयारी में जुटा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, जैश के आतंकी पीएम मोदी और अजित डोभाल के अलावा जम्मू, अमृतसर, पठानकोट, जयपुर, कानपुर, लखनऊ और दिल्ली समेत कुल 30 अतिसंवेदनशील शहरों को निशाना बना सकते हैं। प्राप्त इनपुट के आधार पर सभी अतिसंवेदनशील शहरों में पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के 8 से 10 आतंकियों वाले एक मॉड्यूल के खिलाफ एक चेतावनी जारी की है। आशंका है कि ये आतंकी भारतीय वायु सेना के ठिकानों को तबाह करने के लिए जम्मू-कश्मीर के आसपास आत्मघाती हमले को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। इसके मद्देनज़र श्रीनगर, अवंतीपोरा, जम्मू, पठानकोट और हिंडन में वायुसेना के ठिकानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

वरिष्ठ अधिकारी खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। एजेंसियों ने जैश के आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद अलर्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही एनएसए अजित डोभाल की भी सुरक्षा की समीक्षा की गई है। जैश-ए-मोहम्मद इस बात को लेकर बौखलाया हुआ है कि जम्मू-कश्मीर में उसके अधिकतर आतंकी मारे जा चुके हैं। वह भारत में फिदायीन भेज कर पुलवामा की तर्ज पर आतंकी हमला दोहराने की फिराक में है।

बताया जाता है कि डोभाल ने जिस तरह से उरी आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा हमले के बाद एयरस्ट्राइक की रणनीति तैयार की थी, उसके बाद से पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन उन्हें मारने की योजना तैयार कर रहे हैं। जैश लगातार भारत में हमले की योजना तैयार कर रहा है। बालाकोट में जिस तरह से भारतीय वायुसेना ने घुसकर आतंकी कैंप को ध्वस्त किया था, उसके बाद से जैश की बौखलाहट बढ़ गई थी और हाल ही में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के निष्क्रिय होने के बाद से वो और भी ज्यादा तिलमिलाया हुआ है।

दिल्ली से घूमने निकली 5 लड़कियाँ, राजस्थान में युवकों से लिफ्ट ली, 2 का पता नहीं

दिल्ली से राजस्थान घूमने गईं 5 लड़कियों में 2 का सोमवार (जुलाई 23, 2019) की रात वापस आते वक्त सीकर के बस स्टॉप से अपहरण हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बदमाशों ने पहले इन पाँचों युवतियों को डिपो तिराहे से कार में बिठाया, लेकिन बाद में गोकुलपुरा इलाके के पास उनमें से 3 लड़कियों को कार से बाहर धकेल दिया और 2 लड़कियों का अपहरण करके उन्हें ले गए।

पुलिस अधिकारी ने इस मामले के संबंध में बताया कि रात का खाना खाने के बाद ये पाँचों लड़कियाँ दिल्ली के लिए बस की प्रतीक्षा कर रही थीं। लेकिन, तभी इनोवा कार में सवार कुछ युवक वहाँ आए और उन्हें लिफ्ट के लिए ऑफर दिया। जिसके बाद लड़कियों ने उन लड़कों से लिफ्ट ले ली। मगर कुछ दूर जाते ही युवकों ने उनमें से तीन को कार से बाहर धक्का दे दिया, जबकि दो का अपहरण करके उन्हें अपने साथ ले गए।

रादस्थान पत्रिका के सीकर संस्करण में प्रकाशित खबर

रोती-बिलखती लड़कियों ने पुलिस को इस संबंध में तुरंत फोन करके सूचना दी। जिसके बाद उद्योग नगर थाना पुलिस मौक़े पर पहुँचकर युवतियों को अपने साथ ले गई। पुलिस ने आधी रात में ही जिले भर में नाकाबंदी करवा दी, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। शुरुआती जाँच में पुलिस ने इस पूरे मामले को संदिग्ध माना है।

लड़कियों के मुताबिक, चलती गाड़ी में बदमाश युवकों ने उनसे मोबाइल और पर्स लूटने की कोशिश की थी। जिस कारण उन्होंने कार में काफी संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि उन लोगों ने बहुत शोर भी मचाया था, लेकिन इलाका सुनसान होने कारण किसी ने कुछ नहीं देखा। लड़कियों के अनुसार, जिन लड़कियों का अपहरण हुआ है वह बंगाल की हैं और हिन्दी बोलना नहीं जानती हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीकर के उद्योग नगर थाना के स्टेशन ऑफिसर वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि मामले की जाँच चल रही है। तीनों लड़कियों ने अलग-अलग बयान दिए हैं और मामला दर्ज भी नहीं करवाया है।

PM मोदी को ‘ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड’, बिल गेट्स ने दिया स्वच्छता को समर्पित सम्मान

भारत में स्वच्छ भारत अभियान चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका में बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने बुधवार तड़के प्रतिष्ठित ‘ग्लोबल गोलकीपर अवार्ड’ से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री को मोदी को यह अवार्ड स्वयं माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने प्रदान किया।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “ये सम्मान मेरा नहीं बल्कि उन करोड़ों भारतीयों का हैं, जिन्होंने स्वच्छ भारत के संकल्प को न केवल सिद्ध किया बल्कि अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ढाला भी है। महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर मुझे ये अवार्ड दिया जाना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है। ये इस बात का प्रमाण है कि अगर 130 करोड़ लोगों की जनशक्ति, किसी एक संकल्प को पूरा करने में जुट जाए, तो किसी भी चुनौती पर जीत हासिल की जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी को मिला ये सम्मान, हर साल तय किए गए 17 लक्ष्यों में से किसी भी एक पर अच्छा काम करने वाले शख्स को दिया जाता है। अब चूँकि देश में स्वच्छता अभियान चलाकर प्रधानमंत्री मोदी ने हर ओर साफ-सफाई को लेकर जागरुकता फैलाई है, तो वह इसके हकदार हैं।

24 सितंबर को फाउंडेशन ने चौथे वार्षिक ‘गोलकीपर्स ग्लोबल गोल्स अवार्ड्स’ का आयोजन करते हुए कहा, “इस पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे राजनीतिक नेता को विशेष सम्मान प्रदान करना है, जिन्होंने अपने देश में या विश्व स्तर पर प्रभावशाली कार्यों के माध्यम से ‘ग्लोबल गोल्स के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। “

यहाँ बता दें कि प्रधानमंत्री को यह अवार्ड देश में स्वच्छता अभियान चलाने और उसको सफल बनाने के लिए किए गए अथक प्रयासों के लिए दिया गया है। आज उनकी नीतियों के कारण ही भारत के अधिकांश गाँवों तक शौचालय की सुविधा पहुँची हैं और स्वच्छता को केंद्र में रख कर चलाए गए कई अभियानों के कारण देश में खुले में शौच करने वालों की संख्या में भारी कमी आई है। जिसका लोहा खुद गेट्स फाउंडेशन ने भी माना है।

फाउंडेशन ने पीएम मोदी को अवार्ड दिए जाने पर विरोध करने वालों से एक टूक कहा था कि वह विरोध करने वालों की भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन पीएम मोदी ने 50 करोड़ लोगों तक स्वच्छता सम्बंधित सुविधाएँ पहुँचाई हैं और इसीलिए उन्हें अवॉर्ड दिया जाएगा।

चर्च स्कूल के बच्चों ने कहा जय श्री राम, 12वीं के 17 बच्चों के स्कूल आने पर पाबंदी

झारखंड के जमशेदपुर जिले के बिष्टुपुर स्थित बेल्डीह चर्च स्कूल ने मंगलवार (सितंबर 24, 2019) को खेल-खेल में जय श्री राम का नारा लगाने पर 17 छात्रों को स्कूल से निलंबित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निलंबित बच्चे कक्षा 12वीं के छात्र हैं। जो खेल-खेल में स्कूल परिसर में जय श्री राम का नारा लगा रहे थे। इसकी सूचना प्रिंसिपल एल पीटरसन को मिलते ही स्कूल में अनुशासन समिति की बैठक बुलवाई गई।

दैनिक जागरण में प्रकाशित पूरे मामले की खबर

बैठक के दौरान बच्चों के इस खेल को अनुशासनहीनता करार देते हुए नारा लगाने वाले 17 बच्चों को 5 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया गया। स्कूल प्रशासन ने इन सभी छात्रों को 5 दिन तक स्कूल नहीं आने का आदेश दिया।

दूसरी ओर, मामले की सूचना प्राप्त होते ही शिक्षा सत्याग्रह के संस्थापक सह भाजपा जिला प्रवक्ता अंकिता आनंद और आजसू नेता अप्पू तिवारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मामले की शिकायत की है।

दोनों ने इस मामले को समाज की धार्मिक भावना से जुड़ा मसला बताया। इन्होंने अपनी शिकायत में जय श्रीराम का नारा लगाने पर हुई कार्रवाई को अनुचित ठहराया। साथ ही स्कूल के ख़िलाफ़ एक्शन लेने की माँग की।

बता दें कि इस मामले के संबंध में स्कूल प्रिंसिपल ने परिसर में हुई घटनाओं का हवाला देकर बच्चों के निलंबन को सही ठहराने की कोशिश की।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, “स्कूल परिसर में इसी प्रकार नारे लगाने की घटना को लेकर पूर्व में भी एमएनपीएस स्कूल में विवाद हो चुका है। हम अपने स्कूल में कोई विवाद नहीं चाहते। बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए ही उन्हें पांच दिनों के स्टडी लीव पर भेजा गया है। वैसे भी उनकी परीक्षा एक अक्टूबर से है। “