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गैर इस्लामिक तरीके से दाढ़ी काटने पर बुरा अंजाम भुगतने की चेतावनी,नाई हिरासत में, ₹5000 का जुर्माना

कश्मीर में मजहब वालों के कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन का दुष्प्रचार कर रहे पाकिस्तान की अभी कुछ दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र के बाहर ईश निंदा के नाम पर हो रहे अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर भारी फजीहत हुई है। अब खबर आ रही है कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां में चार नाईयों को सिर्फ इसलिए हिरासत में ले लिया गया, क्योंकि उन्होंने गैर इस्लामिक तरीके से लोगों की दाढ़ी बनाई थी।

घटना 30 सितंबर की बताई जा रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने पर यह खबर आम हो गई। पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ के मुताबिक वीडियो में स्थानीय ट्रेड यूनियन नेता समीन स्थानीय पुलिस को चार नाईयों को हिरासत में लेने को कह रहा है। पुलिस के साथ वह उन नाईयों से पूछ रहा है कि उन्होंने लोगों की दाढ़ी फैशन के अनुरूप स्टाइलिश क्यों काटी, जबकि ट्रेड यूनियन ने इसे गैर इस्लामिक बताते हुए प्रतिबंधित किया है। वीडियो के मुताबिक इस बारे में फैसला लेने के बाद यूनियन ने सभी स्थानीय दुकानदारों को इसके बारे में अवगत करा दिया था।

समीन के मुताबिक कुछ नाई प्रतिबंध की अवहेलना कर लोगों की स्टाइलिश दाढ़ी काट रहे थे। वीडियो में दिखाया गया है कि स्थानीय पुलिस उन चार नाईयों को हिरासत में लेकर उनसे 5,000 रुपए का जुर्माना वसूलने के बाद चेतावनी के साथ रिहा कर देती है। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर उन्होंने गैर इस्लामिक तरीके से लोगों की स्टाइलिश दाढ़ी आगे भी काटी तो अंजाम और बुरा होगा। खबर के अनुसार स्थानीय पुलिस ने नाईयों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुए हुए कहा कि स्थानीय ट्रेड यूनियन की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया था।

पाकिस्तान में कोई गैर-मुस्लिम नहीं बन सकता PM या राष्ट्रपति, संसद ने खारिज किया संशोधन बिल

पाकिस्तान की संसद ने किसी गैर-मुस्लिम व्यक्ति के देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनने की अनुमति दिए जाने के मकसद से लाए गए संविधान संशोधन विधेयक पर रोक लगा दी। विपक्षी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के एक इसाई सांसद नवीद आमिर जीवा ने बुधवार (अक्टूबर 2, 2019) को पाकिस्तानी संविधान के आर्टिकल 41 और 91 में संशोधन के लिए एक विधेयक संसद में पेश करना चाहते थे, ताकि पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों को भी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने का हक मिल सके। मगर पाकिस्तानी संसद ने बहुमत के साथ इस बिल को खारिज कर दिया। जिसके बाद ये साफ हो गया है कि अब कोई भी गैर-मुस्लिम देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति नहीं बन सकता है। 

संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अली मोहम्मद ने विपक्षी सांसद के इस प्रस्तावित बिल का विरोध किया। मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक रिपब्लिक है जहाँ सिर्फ मुस्लिम ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बन सकता है। पाकिस्तान की दक्षिणपंथी राजनीतिक दल जमात-ए-इस्लामी के सदस्य अब्दुल अकबर चित्राली ने संसदीय राज्य मंत्री अली मोहम्मद के इस विचार की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी कानून जो इस्लामिक मूल्यों और शिक्षाओं के खिलाफ हो, पास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि संसद में ऐसे बिल को पेश भी नहीं किया जाना चाहिए और न ही उस पर चर्चा होनी चाहिए।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत पर हमले करते हुए कहा कि नई दिल्ली (भारत सरकार) मुस्लिमों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित कर रही है और यह मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी की जनसांख्यिकी को बदलने का प्रयास कर रही है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दावा करते हैं कि उनकी सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के साथ भेदभाव नहीं करती है, लेकिन देश की नेशनल असेंबली के हालिया फैसले ने उनके पाखंड को उजागर कर दिया है। इमरान खान ने बार-बार कहा कि उनके देश में अल्पसंख्यक पूरी तरह से स्वतंत्रता और सुरक्षा का आनंद ले रहे हैं। उनके अधिकारों की रक्षा की जा रही है, मगर संसद के इस फैसले से साफ जाहिर हो रहा है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की क्या स्थिति है।

IAF ने जारी किया बालाकोट एयर स्ट्राइक का प्रमोशनल वीडियो: पाकिस्तान में ऐसे तबाह हुए थे आतंकी ठिकाने

भारतीय वायु सेना ने बालाकोट एयर स्ट्राइक का प्रमोशनल वीडियो जारी कर दिया है। इसमें भारत ने आतंकी संगठन जैश के ठिकानों को बमबारी से तबाह कर दिया था। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफ़िले पर आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। शुक्रवार (4 अक्टूबर) को भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बालाकोट एयर स्ट्राइक का एक प्रमोशनल वीडियो जारी किया। इस वीडियो में बालाकोट एयर स्ट्राइक के सीन हैं।

बता दें कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में जैश के आतंकी ठिकानोंं को तबाह करने संबंधी ‘मिशन’ को महज़ 90 सेकंड के अंदर अंजाम दिया था। इस ऑपरेशन को जिस सीक्रेसी के तहत अंजाम दिया गया उसका अंदाज़ा तो इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसे अंजाम देने वाले पायलट्स के परिवारों को इसके बारे में कुछ भी नहीं मालूम था।

प्रेस कॉन्फ्रेन्स में एयर चीफ़ मार्शल भदौरिया ने कहा कि पिछले एक साल में भारतीय वायु सेना ने कई बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाइयों को बड़ी उपलब्धि बताया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की तरफ से कोई भी आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया गया तो सरकार की योजना के अनुसार उसका उचित जवाब दिया जाएगा।

एक सवाल चीफ़ मार्शल से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान, भारत के पायलट्स का कम्यूनिकेशन जाम करने में फिर से सफल हो पाएगा, जैसा कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के मामले में हुआ था? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि सेफ रेडियो कम्यूनिकेशन को सुनिश्चित करने के लिए उचित ठोस क़दम उठाए जा चुके हैं, इसलिए अब पाकिस्तान हमारे बीच की किसी बात को नहीं सुन पाएगा।

मीडिया से बातचीत के दौरान चीफ़ मार्शल भदौरिया ने कहा कि राफेल और S-400 का इंतज़ार है, इनके आने के बाद वायु सेना की ताक़त में कई गुना इज़ाफ़ा होगा। उन्होंने 27 फरवरी को बड़गाम में MI-17 चॉपर क्रैश की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा, “कोर्ट ऑफ़ इन्क्वॉरी पूरी हो चुकी है। हमारी ही मिसाइल से हमारा चॉपर क्रैश हुआ, यह हमारी ही ग़लती थी। हम दो अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे। हम स्वीकार करते हैं कि यह हमारी बड़ी चूक थी और आश्वासन देते हैं कि ऐसी ग़लती भविष्य में फिर से नहीं होगी।”

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता नवरात्रि के दौरान सोनिया गाँधी की करते हैं पूजा, मानते हैं ‘देवी’: कामना उनके प्रधानमंत्री बनने की

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता डॉक्टर टीके नवरात्रि के दौरान ‘देवी’ के रूप में सोनिया गाँधी की पूजा-अर्चना करते हैं, क्योंकि उन्हें कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पर उतना ही विश्वास है जितना भगवान में है। इतना ही नहीं उन्होंने यह तक क़सम खाई हुई है सोनिया गाँधी जब तक भारत का प्रधानमंत्री नहीं बन जाती तब तक वो अपना सिर मुंडवाए रखेंगे।

मध्य प्रदेश के दतिया में, डॉ टीके नवरात्रि के दौरान सोनिया गाँधी की पूजा करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि वह देवी का अवतार हैं। वो उनसे प्रार्थना करते हैं और नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक सोनिया गाँधी के लिए व्रत रखते हैं। यहाँ तक कि वह सोनिया गाँधी से प्रार्थना करने के लिए नवरात्रि का उपवास भी रखते हैं।

ख़बर के अनुसार, वह पिछले 20 सालों से सोनिया गाँधी की पूजा कर रहे हैं। डॉ टीके का कहना है कि वो सिर्फ़ इतना चाहते हैं कि सोनिया गाँधी देश की प्रधानमंत्री बनें और बुराई को नष्ट करें। वह प्रतिदिन स्नान करने के बाद सोनिया गाँधी से प्रार्थना करते हैं।

दतिया के उनाव गाँव जो कि पूरे देश में भगवान भास्कर के लिए विख्यात है, यहाँ निजी चिकित्सक का काम कर रहे कॉन्ग्रेस नेता डॉ टीके कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष को माँ दुर्गा का दर्जा देते हैं, और उसी भाव से उनकी तस्वीर के आगे दिया जलाकर, फूल-पत्तियों से उनकी अराधना करते हैं, निश्चित तौर पर यह बात हैरान कर देने वाली है।

नवरात्रि जैसे पावन अवसर पर देश-विदेश में लोग आदिशक्ति की पूजा-अर्चना करते हैं। पश्चिम बंगाल में तो लोग जगह-जगह विशेष पूजा का आयोजन भी करते हैं। ऐसे में मूलत: पश्चिम बंगाल के डॉ टीके का इस तरह का व्यवहार बेहद आश्चर्यजनक तो लगता ही है, साथ में उनकी चाटूकारिता को भी उजागर करता है।

पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका, इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए ‘आजादी मार्च’ का ऐलान

पाकिस्तान में इमरान सरकार पर मुसीबतों के बादल मंडरा रहे हैं। पद संभालने के बाद से ही ‘सेलेक्टेड पीएम’ का तंज झेल रहे है इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान की अन्य पार्टियाँ एकजुट हो चुकी हैं। पाकिस्तान की मुख्य दक्षिणपंथी पार्टी ‘अक्षम’ सरकार गिराने की तैयारी में है और इस बार उनका साथ देने के लिए विपक्ष ने भी हामी भर दी है।

पार्टी ने देश में उपजे आर्थिक संकट के लिए इमरान सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का आरोप है कि खान आर्थिक संकट से गुजर रहे देश को समस्याओं से बाहर निकाल पाने में असफल हैं। पार्टी ने इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए आजादी मार्च निकालने की घोषणा की है। जमियत अलेमा-ए-इस्लाम-फज्ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फज्लुर रहमान ने गुरुवार (अक्टूबर 3, 2019) को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि 27 अक्टूबर से आजादी मार्च निकाली जाएगी।

बता दें कि दो दिन पहले ही शीर्ष विपक्षी पार्टियों पीएमएल-एन (PML-N) और पीपीपी (PPP) ने सरकार के खिलाफ किसी भी एकल संघर्ष का विरोध किया था। साथ ही प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता से बाहर करने और आम सहमति विकसित करने के लिए सभी दलों की बैठक बुलाने का फैसला किया था। फज्लुर रहमान ने कहा था कि विपक्षी पार्टियों ने 25 जुलाई का चुनाव खारिज कर दिया था और फिर से चुनाव कराने की माँग की थी।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फजलुर रहमान ने कहा, “यह सरकार फर्जी चुनावों का परिणाम है। हम डी-चौक पर इकट्ठा होंगे। हम वे लोग नहीं हैं, जिन्हें आसानी से तितर-बितर किया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “सभी विपक्षी पार्टियाँ इस बात पर सहमत हैं कि नए सिरे से चुनाव कराए जाएँ ताकि पता चल सके कि किसे वास्तविक जनादेश हासिल है।” उन्होंने अकेले आगे बढ़ने की बात को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अन्य सभी पार्टियों के साथ संपर्क में है और उनके साथ सलाह मशविरा करके ही फैसले ले रही है।

राहुल टाइगर रिजर्व में नाईट ट्रैफिक प्रतिबंध के ख़िलाफ़, मंत्री ने कहा- उन्हें माफ़ियाओं के हितों की अधिक चिंता

कर्नाटक राज्य के बांदीपुर टाइगर रिजर्व से गुज़रने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात के यातायात प्रतिबंध के ख़िलाफ़ कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के रुख़ पर सवाल उठाते हुए, कर्नाटक के पर्यटन मंत्री सीटी रवि ने गुरुवार (3 अक्टूबर) को आरोप लगाया कि उन्हें जंगली जानवरों के जीवन की सुरक्षा की तुलना में विभिन्न माफ़ियाओं के हितों की चिंता अधिक है।

पर्यटन मंत्री ट्वीट किया, “कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी चाहते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग बांदीपुर वन से गुज़रने वाले वाहनों को रात के समय भी वाहनों के आवागमन के लिए खोला जाए। इससे स्पष्ट है कि जंगली जानवरों की सुरक्षा और जीवन की तुलना में कॉन्ग्रेस के लिए विभिन्न माफ़ियाओं के हित अधिक महत्वपूर्ण हैं।” 

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी इस मुद्दे पर यहाँ ‘राजनीति खेल रहे थे‘ और इस संबंध में उन्होंने एक अदालत के आदेश का उल्लेख भी किया। वन्य जीवन की रक्षा करना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी होती है।

बुधवार (2 अक्टूबर) को, मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा था, “रात में वाहनों को अनुमति नहीं देने के संबंध में अदालत का आदेश है। मैं अदालत के आदेश का उल्लंघन नहीं कर सकता। राहुल गाँधी को इसके बारे में पता होना चाहिए।”

वन्यजीवों के प्रति डर को कम करने के लिए बाघ रिजर्व के माध्यम से यातायात की आवाजाही पर रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रोक लगाई गई है।

राहुल गाँधी, जो केरल में वायनाड लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से मुलाक़ात की थी और उन्हें रात्रि यातायात प्रतिबंध होने के कारण वायनाड के लोगों की कठिनाइयों से अवगत कराया था।

उन्होंने वायनाड के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है जो इस मुद्दे पर पिछले कई दिनों से विरोध कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि राहुल गाँधी के शुक्रवार (4 अक्टूबर) को वायनाड में प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हो सकते हैं।

रामचंद्र गुहा, मणिरत्नम, अपर्णा सेन, अनुराग कश्यप समेत 50 वामपंथियों पर FIR दर्ज, राजद्रोह सहित कई धाराएँ लगी

देश में बढ़ रहे मॉब लिंचिंग के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखने वाले रामचंद्र गुहा, मणि रत्नम और अपर्णा सेन समेत 50 नामी-गिरामी हस्तियों के खिलाफ बिहार में गुरूवार (अक्टूबर 4, 2019) को प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह एफआईआर बिहार के मुजफ्फरपुर में दर्ज की गई है।

बता दें कि स्थानीय वकील सुधीर कुमार ओझा की ओर से दो महीने पहले दायर की गई एक याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सूर्य कांत तिवारी के आदेश के बाद यह प्राथमिकी दर्ज हुई है। ओझा ने कहा कि सीजेएम ने 20 अगस्त को उनकी याचिका स्वीकार कर ली थी। इसके बाद गुरूवार को सदर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज हुई। 

ओझा का आरोप है कि इन हस्तियों ने देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को कथित तौर पर धूमिल किया। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इसमें राजद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएँ लगाई गईं हैं। 

पत्र लिखने वालों में इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्म निर्देशक मणिरत्नम, फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप, फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल, अभिनेता सौमित्र चटर्जी, अभिनेत्री अपर्णा सेन, कोंकणा सेन शर्मा और गायिका सुधा मुद्गल आदि शामिल हैं। इस पत्र में लिखा गया था कि ‘जय श्री राम’ एक भड़काऊ नारा बन गया है और इसके नाम पर मॉब लिंचिंग की कई घटनाएँ हो रही हैं, जो कि कानून व्यवस्था के लिए समस्या बन गया है।

अर्बन नक्सल गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई से SC के जस्टिस भट्ट ने भी ख़ुद को किया अलग

जस्टिस रवींद्र भट्ट भीमा-कोरेगाँव हिंसा के आरोपित गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई से ख़ुद को अलग करने वाले सुप्रीम कोर्ट (SC) के पाँचवे जज बन गए हैं। गुरुवार (3 अक्टूबर) को तीन जजों की बेंच को नवलखा की याचिका पर सुनवाई करनी थी, लेकिन जैसे ही यह मामला सुनवाई के लिए बेंच के सामने आया, जस्टिस रवींद्र भट्ट ने ख़ुद को अलग करने की घोषणा कर दी।

ख़बर के अनुसार, गौतम नवलखा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर ख़ुद के ख़िलाफ़ दर्ज FIR को निरस्त करने की माँग की थी। दरअसल, पुणे पुलिस ने पिछले साल नक्सलियों से सम्पर्क और भीमा-कोरेगाँव और एल्गार परिषद् के मामलों में नवलखा के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की थी, जिसे उसने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए रद्द करने की माँग की थी। 13 सितंबर 2019 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवलखा की याचिका ख़ारिज कर दी थी, इसके बाद नवलखा ने 30 सितंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया।

इस मामले में नवलखा के अलावा वरवरा राव, अरुण फरेरा, वर्णन गोन्साल्विज और सुधा भारद्वाज भी आरोपित हैं। पुणे पुलिस ने 31 दिसंबर, 2017 को एल्गार परिषद के बाद एक दिसंबर को भीमा-कोरेगाँव में हुई कथित हिंसा के मामले में जनवरी, 2018 को FIR दर्ज की थी।

इससे पहले, चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया रंजन गोगोई और फिर जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ के सदस्य जस्टिस बीआर गवई ने नवलखा की याचिका पर सुनवाई से ख़ुद को अलग कर लिया था। पीठ को जब नवलखा के वकील ने यह बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा उन्हें दिए गए तीन सप्ताह के संरक्षण की अवधि शुक्रवार (4 अक्टूबर) को समाप्त हो रही है तो पीठ ने कहा कि इस मामले में शुक्रवार को नई पीठ विचार करेगी। इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने कैविएट दाखिल कर रखी है ताकि उसका पक्ष सुने बगैर कोई आदेश पारित न किया जाए।

दरअसल, हितों के टकराव की स्थिति में या फिर वैसे मामले में जब जज बतौर वकील उस पार्टी की तरफ से कोर्ट में पेश हुए हों और बाद में जज बन गए हों, तो वो ऐसा करते हैं। इसके कई उदाहरण देखने को मिल चुके हैं। हाल ही में, जस्टिस यू यू ललित ने अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था क्योंकि वह बाबरी मस्जिद का ढाँचा गिराने के आरोपित की तरफ से बतौर वकील कोर्ट में पेश हुए थे।

पाकिस्तानी सेना ने की 370 पर LOC तक मार्च की अपील: भारतीय सेना हाई अलर्ट, देगी मुँहतोड़ जवाब

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 निष्क्रिय हुए लगभग 60 दिन हो चुके हैं मगर पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे पर अपनी खिसियाहट सीमा और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर निकाल रहा है। पाकिस्तान की ओर से इस साल जहाँ 2000 से अधिक बार सीजफायर उल्लंघन किया गया है, वहीं लगातार भारतीय सीमा में घुसपैठ के लिए आतंकी एलओसी पर फिराक में बैठे हैं। एक बार फिर शुक्रवार (अक्टूबर 4, 2019) को अनुच्छेद 370 को लेकर प्रदर्शन के लिए लोगों को तैयार कर रहा है। इस बार पाकिस्तान एलओसी तक कश्मीरी लोगों से मार्च करने की अपील की है। 

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने अनुच्छेद 370 पर कश्मीर में अशांति फैलाने के मकसद से यह तैयारी की है। इसके लिए पूरे गुलाम कश्मीर में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर नारा लिखा है, ‘एलओसी तोड़ दो, बिखरा कश्मीर जोड़ दो।’ गुलाम कश्मीर के लोगों को आगे कर सीमा पर बड़े पैमाने पर हिंसा की रची गई साजिश को देखते हुए भारत ने सीमा पर सुरक्षा के काफी पुख्ता प्रबंध किए हैं। भारतीय सेना भी हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना द्वारा प्रचारित किए जा रहे इस मार्च को असफल करने के लिए कमर कस ली है।

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन हर जगह से उसके हाथ असफलता लग रही है। इसके साथ पाकिस्तान सीमा पर भारत में अशांति पैदा करने के लिए घुसपैठ कराने की कोशिश में लगा हुआ है। लेकिन यहाँ भी भारत के सुरक्षाबल पटखनी दे रहे हैं।

उन्नाव रेप मामला: कुलदीप सिंह सेंगर के बाद 3 और लोग दुष्कर्म के आरोपित, CBI ने दाखिल की चार्जशीट

उन्नाव रेप केस मामले में आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें बढ़ना तय मानी जा रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गैंगरेप के एक दूसरे मामले में एक और चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में कुलदीप सिंह सेंगर की क़रीबी शशि सिंह के बेटे शुभम सिंह का भी नाम शामिल है। 

CBI ने पीड़िता से गैंगरेप मामले में तीस हज़ारी कोर्ट में एक और चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट 11 जून 2017 को हुए गैंगरेप की घटना की जाँच को लेकर दाखिल की गई है। उस समय पीड़िता नाबालिग थी। CBI ने दाखिल की गई चार्जशीट में नरेश तिवारी, ब्रजेश यादव और शुभम सिंह का नाम बतौर आरोपित शामिल किया है। बता दें कि फ़िलहाल, ये तीनों आरोपित ज़मानत पर बाहर हैं। 

चार्जशीट के मुताबिक़, तीनों आरोपितों ने 4 जून की घटना के एक सप्ताह बाद कथित रूप से पीड़िता का अपहरण और सामूहिक बलात्कार किया था। तीस हज़ारी कोर्ट 10 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई करेगा। इससे पहले जाँच एजेंसी ने अतिरिक्त दस्तावेज़ दाखिल करने और अभियोजन पक्ष के समर्थन में बयान देने वाले गवाहों की सूची जमा करने के लिए समय माँगा था।

मीडिया में आई ख़बर के अनुसार, शुभम सिंह की माँ शशि सिंह कथित तौर पर पीड़िता को बहला-फुसलाकर 4 जून को विधायक के आवास पर ले गई थी।

ख़बर के अनुसार, दिल्ली की अदालत ने गुरुवार (3 अक्टूबर) को उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में हुई कथित हत्या मामले में उसकी माँ का बयान दर्ज किया। इस मामले से जुड़े वकील ने बताया कि ज़िला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के सामने दुष्कर्म पीड़िता की माँ और बहन ने बंद कमरे में अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार (4 अक्टूबर) को भी आगे की कार्यवाही जारी रहेगी। वकील ने बताया कि अदालत के समक्ष बयान दर्ज कराते समय दुष्कर्म पीड़िता की माँ मृत पति के कपड़ों को देखकर भावुक हो गईं और रो पड़ीं जिसे देखते हुए अदालत ने शांत होने के लिए उन्हें कुछ समय दिया।

ग़ौरतलब है कि 4 जून 2017 को आरोपित कुलदीप सिंह सेंगर पर एक नाबालिग ने रेप का आरोप लगाया था और 11 जून को पीड़िता अचानक गायब हो गई। पुलिस ने नाबालिग को 20 जून को ओरैया से बरामद किया और अगले दिन उसे उन्नाव लाया गया। इस मामले की पूरी A से Z तक की कहानी जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।